हिमाचल प्रदेश में बुधवार को बारिश से कुछ राहत मिली। सिर्फ शिमला और सोलन में ही बूंदाबांदी हुई। वही मौसम विभाग द्वारा आज और कल के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पांच से सात जुलाई तक अधिकांश जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। राजधानी शिमला में कई दिनों बाद बुधवार सुबह धूप खिली। दोपहर तक शहर में मौसम साफ रहा। शाम के समय कुछ देर बूंदाबांदी हुई। मंगलवार रात को शिमला में 25, सुंदरनगर में 22, धर्मशाला में 15, सोलन में 27, मंडी 36, बिलासपुर में 10, कसौली में 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। वही हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक जल शक्ति विभाग की 3,698 परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें 2,786 जलापूर्ति, 733 सिंचाई और 41 सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं। विभाग की ओर से अब तक लगभग 240 करोड़ रुपये की क्षति का आकलन किया गया है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि हालात की गंभीरता को देखते हुए जल शक्ति विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग ने युद्धस्तर पर बहाली का कार्य आरंभ कर दिया है। विभाग को प्राथमिकता के आधार पर पेयजल और सीवरेज सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। अब तक 1,591 जलापूर्ति परियोजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान खराब मौसम के चलते बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे। शिक्षकों को स्कूलों में आकर ऑनलाइन पढ़ाई करवानी होगी। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने जारी पत्र में कहा कि जिला उपायुक्तों को भारी बारिश के दौरान स्कूल बंद करने का फैसला लेने के निर्देश दिए। शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत उपायुक्तों को स्कूल बंद करने का अधिकार है, लेकिन शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अभी भी स्कूल जाना होगा और अपनी ड्यूटी जारी रखनी होगी। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। शिक्षकों को इस दौरान लंबित मिड-डे मील रिकॉर्ड, पाठ योजनाएं, रचनात्मक और सारांश मूल्यांकन, किसी भी लंबित स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के काम और समग्र शिक्षा और डाइट से संबंधित असाइनमेंट पूरे करने होंगे। स्कूल परिसर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करनी होंगी। पीएमआईएस और यू डाइस पोर्टल पर डेटा भी अपडेट करना होगा। मंडी जिले में 29 जून से एक जुलाई तक हुई बारिश ने 84 से अधिक स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचाया है। अधिकतर शिक्षा खंडों से नुकसान की रिपोर्ट अभी विभाग के पास नहीं पहुंची है। इसलिए क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों का यह आंकड़ा बढ़ने का अनुमान है। जिले के 81 प्राथमिक स्कूलों को 2.26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को जिला मंडी के धर्मपुर में लौंगणी पंचायत के आपदा प्रभावित स्याठी गांव का दौरा किया। उन्होंने बादल फटने से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया और जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। बादल फटने की घटना से 61 लोग प्रभावित हुए हैं तथा घरों, गौशालाओं और पशुओं को काफी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन मंडी ने प्रभावितों को 1.70 लाख रुपये की वित्तीय सहायता, राशन आपूर्ति, तिरपाल और अन्य राहत सामग्री सहित तत्काल सहायता प्रदान की है। प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है तथा आपदा के इस मुश्किल दौर में व्यक्तिगत रूप से आपका दुख साझा करने आया हूं। उन्होंने प्रशासन को प्रभावितों को हर संभव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज तथा गाय, बकरी, भेड़ सहित पशुधन के नुकसान के साथ-साथ नष्ट हुए गौशालाओं के लिए भी बढ़ा हुआ मुआवजा प्रदान किया जाएगा। प्रभावित परिवारों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि इस आपदा में पूरा गांव बह गया तथा अब उनके पास तंबू लगाने के लिए भी जमीन नहीं बची है। कई लोगों ने मुश्किल से अपनी जान बचाई है। प्रभावितों द्वारा जमीन उपलब्ध करवाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि क्षेत्र में सरकारी भूमि उपलब्ध होगी तो उन्हें आवंटित की जाएगी। वन भूमि क्षेत्र में यदि जमीन है तो यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंडी-कोटली सड़क को हुए नुकसान का भी निरीक्षण किया। बाद में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी जिला में मूसलाधार बारिश के कारण भारी तबाही हुई है। स्याठी गांव में भूस्खलन से 20 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 61 लोगों को समय रहते सुरक्षित राहत शिविरों में आश्रय दिया गया है। उन्होंने चट्टानी सतह के खिसकने के कारणों का पता लगाने तथा अध्ययन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बादल फटने की आठ से दस घटनाएं घटित हुई हैं। जलवायु परिवर्तन भी इसका एक कारण हो सकता है। केंद्र और राज्य सरकारों को सामूहिक रूप से ऐसी घटनाओं के कारणों का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडी जिला के थुनाग, जंजैहली और बगस्याड़ क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को बहाली के लिए कर्मचारी समर्पित भाव से काम में जुटे हुए हैं। कर्मचारियों की तत्परता से बगस्याड़ में सड़क को बहाल कर दिया गया है। मंडी जिला में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 अन्य लापता हैं। गोहर उपमंडल में पांच, थुनाग में तीन और जोगिंद्रनगर व करसोग में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि हुई है तथा प्रशासन द्वारा मृतकों की पहचान की जा रही है।
बुधवार को जिला मंडी के धर्मपुर क्षेत्र के दौरे के उपरांत सरकाघाट के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने क्षेत्र में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने उपायुक्त को बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री शीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकाघाट में कन्या खेल छात्रावास का दौरा भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों से बातचीत की और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने के लिए सरकाघाट में शीघ्र ही सीबीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालय की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि खेल आयोजनों में भाग लेने वाले छात्रों को अनुपस्थित के बजाय ‘विशेष अवकाश’ पर चिह्नित करें जैसा स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) प्रतियोगिताओं के लिए किया जाता है।
2 जुलाई को दयानंद आदर्श विद्यालय में विद्यार्थियों के अभिभावकों की आम सभा का आयोजन किया गया। बैठक विद्यालय प्रबंधन समिति की गठन हेतु बुलाई गई थी। बैठक के आरंभ में प्रधानाचार्य ऊषा मित्तल ने विद्यालय प्रबंधन समिति के स्वरूप गठन की प्रक्रिया तथा उद्देश्य को विस्तृत किया गया। आम सभा में उपस्थित अभिभावकों ने विभिन्न पदों के लिए नामांकन भरे जिसमें अध्यक्ष नितिन चोपड़ा, उपाध्यक्ष आरती शर्मा, सचिव उमेद चंदेल, कोषाध्यक्ष सुखदर्शन ठाकुर, सदस्य पूजा शर्मा, सदस्य भूपेन्द्रा भारद्वाज ,सदस्य पूजा चौहान, सदस्य मोनिका बिंदल, सदस्य नितिन चंदेल और सदस्य सोनी व्यास को कार्यकारिणी में शामिल किया गया।
कुनिहार नंबरदार यूनियन की एक अहम बैठक अर्की विधान सभा क्षेत्र के जयनगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ नंबरदार बलदेव ठाकुर ने की। वहीं बैठक में जिला प्रधान राजेन्द्र ठाकुर व जिला सचिव प्रताप सिंह ठाकुर विशेष रूप से उपस्थिति रहे। अर्की के प्रधान जगत राम ने नमबरदारों की समस्या बारे बैठक में विशेष चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से अनेक विषय पास किए गए। जिसमें नंबरदारो का मामला ट्रेज़री में जमा होना चाहिए। नमबरदारो को समय पर फर्द वाच मिलनी चाहिए, सेटलमेंट का कार्य अतिशीघ्र होना निश्चिंत किया जाए, नमबरदारों के खाली पद जल्द से जल्द भरे जाए। वहीं बैठक में नमबरदार राकेश कुमार,चमनलाल,मदन सिंह, प्रदीप ठाकुर, पदम, मनोहर लाल, आशा राम, नीम चन्द व होशियार सिंह सहित अनेक नंबरदारो ने भाग लिया।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज तपोवन स्थित हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर को पर्यटकों के लिए औपचारिक रूप से खोलने की घोषणा की। धौलाधार की गोद में स्थित इस रमणीय परिसर को जिला प्रशासन कांगड़ा द्वारा आयोजित एक सादे समारोह में आम जन के भ्रमण हेतु खोल दिया गया। इस अवसर पर पठानिया ने कहा कि तपोवन न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल है, बल्कि चिन्मयानंद स्वामी के तपोस्थल के निकट होने के कारण यह स्थान आध्यात्मिक महत्व भी रखता है। उन्होंने कहा कि परिसर में स्थित विधान भवन एक आधुनिक स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है और यहां से धौलाधार एवं मैक्लोडगंज के अद्भुत दृश्य भी देखे जा सकते हैं। अब पर्यटक निर्धारित शुल्क पर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे, विधान भवन और दर्शक दीर्घा का अवलोकन कर सकेंगे। इससे प्राप्त धनराशि परिसर के रखरखाव में उपयोग की जाएगी। साथ ही, आगंतुकों की सुविधा के लिए परिसर के समीप मोबाइल फूड वैन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी, धर्मशाला ने जिला कांगड़ा के समस्त आवेदकों को सूचित किया है कि कुछ निजी कंपनियां विदेशों में नौकरी दिलवाने के नाम पर बिना किसी अधिकृत अनुमति के साक्षात्कार आयोजित कर रही हैं और आवेदकों से भारी शुल्क वसूल रही हैं। ऐसी कंपनियां फर्जी हो सकती हैं, जिससे आवेदकों को विदेशों में गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया है कि रोजगार कार्यालयों के माध्यम से विदेशी नियोजन की वैध व्यवस्था उपलब्ध है, जिसका लाभ उठाकर आवेदक सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से विदेशों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। फर्जी कंपनियों के झांसे में आने पर भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी या धोखाधड़ी के लिए संबंधित आवेदक स्वयं उत्तरदायी होंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कंपनी द्वारा साक्षात्कार आयोजित करने की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा रोजगार कार्यालय को दें, ताकि समय रहते उचित कार्यवाही की जा सके। वही उन्होंने कहा कि इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सभी कंपनियों को भी चेतावनी दी जाती है कि वे श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही विदेशों में रोजगार हेतु साक्षात्कार आयोजित करें। अनुमति के बिना कार्यवाही करने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं कंपनी की होगी।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार रात को 17 जगह बादल फटे है। इस तबाही के बाद 33 लोग लापता हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की ओर से लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मंडी जिले में 15, जबकि कुल्लू और किन्नौर जिले में एक-एक जगह बादल फटा है। बादल फटने, बारिश और भूस्खलन से सबसे ज्यादा नुकसान जिला मंडी में पंहुचा। अभी तक मंडी में 16 लोगों समेत पूरे प्रदेश में 18 की जान जा चुकी है। वही दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। प्रदेश में इस आपदा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हमीपुर से धर्मपुर रवाना होने से पहले नादौन में जनसमस्याएं सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीते 24 घंटे में प्रदेश को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा में कई लोग लापता हुए है जिसके लिए वायुसेना से मदद मांगी गई हैं। उन्होंने कहा कि आज मौसम साफ है और रेस्क्यू कार्य को गति देने के निर्देश दे दिए गए हैं। बिजली बोर्ड और जलशक्ति विभाग के कर्मियों के अवकाश रद्द किए गए हैं। बिजली बहाली का कार्य युद्वस्तर पर किया जा रहा है। अभी तक इतने लोगों को किया गया रेस्क्यू, इतना हुआ नुकसान 332 से अधिक लोगों को जगह-जगह से रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई गई है। अकेले मंडी जिले में 24 घर और 12 गोशालाएं जमींदोज हो गई हैं। 30 पशुओं की मौत हो गई है। कुकलाह के समीप पटीकरी प्रोजेक्ट बह गया है। कई पुल ध्वस्त हो गए हैं। बादल फटने के बाद क्षेत्र में संचार सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हैं, जिससे संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। इस बार मानसून सीजन बादल फटने, बाढ़ व भूस्खलन से 20 जून से 1 जुलाई तक 51 लोगों की माैत हो चुकी हैं। 103 घायल हुए हैं और 22 लापता हैं। अब 28,339.81 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
हिमाचल में छह दिनों तक लगातार बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। इनमें चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दो दिन येलो अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को सोलन, सिरमौर और कांगड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। तीन और चार जुलाई को पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पांच से सात जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वही विजिबिलिटी कम होने के कारण कांगड़ा की चार फ्लाइटें रद्द हो गईं। केवल दिल्ली से फ्लाइट गगल हवाई अड्डा पहुंची। इंडिगो की दिल्ली से दो और एक चंडीगढ़ से एक फ्लाइट रद्द हुई। स्पाइट जेट की दिल्ली से एक उड़ान आई और दूसरी रद्द रही। बारिश के कारण भुंतर हवाई अड्डे के लिए भी हवाई सेवा ठप रही।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार रात को 17 जगह बादल फटे हैं। मंडी जिले में 15, जबकि कुल्लू और किन्नौर जिले में एक-एक जगह बादल फटा है। मंडी जिले में बारिश, बादल फटने और ब्यास नदी व नालों के रौद्र रूप से भारी तबाही हुई है। मंडी में 16 लोगों समेत पूरे प्रदेश में 18 की जान चली गई है। 33 लोग अभी लापता हैं। दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। 332 लोगों को जगह-जगह से रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई गई है। अकेले मंडी जिले में 24 घर और 12 गोशालाएं जमींदोज हो गई हैं। 30 पशुओं की मौत हो गई है। कुकलाह के समीप पटीकरी प्रोजेक्ट बह गया है। कई पुल ध्वस्त हो गए हैं। थुनाग उपमंडल में कुकलाह में भी रात को बादल फटने से आई बाढ़ में करीब आठ घरों के साथ 24 लोग बह गए। मंगलवार शाम को 9 शव मिले हैं, जबकि 21 लोग लापता है। गोहर उपमंडल के स्यांज में सोमवार रात को बादल फटने से नौ लोगों के साथ दो घर बह गए। इनमें दो के शव मिले हैं। बाड़ा में एक घर के ढहने से छह लोग दब गए। इनमें से चार को रेस्क्यू कर लिया गया, जबकि दो के शव बरामद हुए हैं। बस्सी में फंसे दो लोगों को रेस्क्यू किया गया, जबकि परवाड़ा में मकान बहने के कारण एक ही परिवार के दो सदस्य लापता हैं। एक शव बरामद कर लिया गया है। करसोग में बादल फटने से पुराना बाजार नेगली पुल से चार लोग लापता हैं, जबकि एक शव बरामद कर लिया गया है। यहां छह घरों को नुकसान पहुंचा है। वही मंडी में करसोग के रिक्की, कुट्टी, ओल्ड बाजार, गोहर के स्यांज, बाड़ा, बस्सी, परवाड़ा, तलवाड़ा, कैलोधार, धर्मपुर के त्रियंबला, भडराना, थुनाग के कुटाह, लस्सी मोड़, रेल चौक, पट्टीकारी में बादल फटे है।
हिमाचल में छह दिनों तक लगातार बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। इनमें चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दो दिन येलो अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को सोलन, सिरमौर और कांगड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। तीन और चार जुलाई को पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पांच से सात जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के कुछ क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान बाढ़ की आशंका है। वहीं, राज्य के कुछ हिस्सों में सामान्य और कुछ में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। हिमाचल में प्राकृतिक आपदा के चलते 406 सड़कें बंद हो गई हैं। पानी की 171 स्कीमें पूरी तरह से ठप हो गई हैं। जिला मंडी में सबसे ज्यादा 248 सड़कें, कांगड़ा में 55, कुल्लू में 37, शिमला में 32, सिरमौर में 21, चंबा में 6, हमीरपुर, ऊना में 4 सोलन में 2, हमीरपुर और किन्नौर में एक-एक सड़क बंद है। हिमाचल में 1515 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट है।
धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने मंगलवार को धर्मपुर के स्याठी में बारिश और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान वह पीड़ित लोगों से मिले, उनसे बातचीत की तथा प्रशासन द्वारा कार्यान्वित राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने लौंगणी पंचायत के स्याठी, ततोहली बरडाणा, बनाल, हवाणी रियूर, सिद्धपुर और शिवद्वाला आदि क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों के घर जाकर बातचीत की और उनका दुख दर्द बांटा। विधायक ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में हिमाचल सरकार हर कदम पर उनके साथ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन तत्परता से राहत व पुनर्वास कार्यों में जुटा है। उन्होंने कहा कि राहत मैनुअल के अनुसार फौरी राहत राशि प्रदान कर के पीड़ित परिवारों की मदद की जा रही है। चन्द्रशेखर ने कहा कि इस आपदा से प्रदेश को बहुत नुकसान हुआ है। लोगों की गाढ़ी कमाई पानी में बह गई या मलबे में दब गई। उन्होंने कहा कि वह उनकी पीड़ा को समझते हैं और इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ हैं। इस दौरान
हिमाचल प्रदेश श्री गुरु रविदास महासभा हिमाचल प्रदेश जिला कांगड़ा के प्रेस सचिव बाबू राम ने हिमाचल प्रदेश सरकार में नवनियुक्त हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर राजेश शर्मा के धर्मशाला स्थित कार्यालय में पदभार संभालने पर शुभकामनाएं दीं। बाबू राम ने कहा कि उनकी नियुक्ति से न केवल क्षेत्रवासियों को गौरव की अनुभूति हुई है, बल्कि इससे शिक्षा क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी।
मंगलवार सुबह करीब 4.45 बजे खैरी पंचायत प्रधान किशोर चंद ने थाना सुजानपुर में सूचना दी कि खैरी गांव के 7-8 मकान ब्यास नदी में बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सूचना मिलने पर थाना सुजानपुर से थाना प्रभारी राकेश धीमान एक टीम लेकर घटनास्थल की तरफ निकले, लेकिन सुजानपुर-संधोल मुख्य सड़क मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन होने से सड़क के बाधित होने से उनका घटनास्थल पर समय पर पहुंचना नामुमकिन था। इसके चलते उन्होंने फोर्थ बटालियन जाखू जंगल के कमांडैंट दिवाकर शर्मा से बात की, जिस पर उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाखू जंगल बटालियन से 2 डीएसपी की अगुवाई में बटालियन के 25 जवानों को घटनास्थल पर भेजा। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने बाढ़ में फंसे स्थानीय व प्रवासी लोगों को निकालने के लिए रैस्क्यू ऑप्रेशन शुरू किया तथा रस्सी के सहारे बाढ़ में फंसे करीब 51 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने हिमाचल प्रदेश के लिए अगले सात दिनों तक लगातार बारिश की भविष्यवाणी की है। इनमें से पांच दिन भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दो दिन येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 1, 2, 3, 6 और 7 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, 4 और 5 जुलाई को हिमाचल प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि इन जिलों में भारी बारिश हो सकती है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है। हालांकि, इसके बाद अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। न्यूनतम तापमान में अगले 4-5 दिनों तक कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। इसका मतलब है कि दिन के समय थोड़ी गर्मी बढ़ सकती है, लेकिन रातें सामान्य रहेंगी।
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने धर्मशाला में पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर देहरा विधानसभा क्षेत्र के हार से पूर्व बीडीसी सदस्य एवं पंचायती राज संगठन देहरा के अध्यक्ष सुनील चौहान, उपाध्यक्ष रिम्पी ठाकुर और महासचिव अमित शर्मा ने शिक्षा बोर्ड कार्यालय पहुंचकर डॉ. शर्मा से औपचारिक मुलाकात की। संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें माता बगलामुखी की चुनरी पहनाकर शुभकामनाएं दीं और सम्मानित किया। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. राजेश शर्मा को शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए वे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस हाईकमान के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. शर्मा कांग्रेस पार्टी के "सच्चे व समर्पित सिपाही" हैं, जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए निरंतर सेवाएं दी हैं। उनकी नियुक्ति से न केवल क्षेत्रवासियों को गौरव की अनुभूति हुई है, बल्कि इससे शिक्षा क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी।
पुलिस थाना भून्तर की टीम ने सोमवार को गश्त के दौरान एयरपोर्ट गेट भून्तर के समीप एक संदिग्ध युवक से 24 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान प्रथम गुप्ता (25 वर्ष) निवासी फ्लैट नंबर 1-डी, टॉवर नंबर 2, एपी वॉनडर्स, रिठाला, डाकघर रोहिणी, सेक्टर-7, जिला उत्तर पश्चिमी दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने उक्त व्यक्ति के विरुद्ध मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नशे की खेप कहां से लाई गई थी और इसकी आपूर्ति किन-किन लोगों तक की जानी थी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में नशा तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है और आगामी अन्वेषण जारी है
ग्राम पंचायत पट्टाराबवरी के श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण कथा एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव 5 जुलाई से 10 जुलाई तक आयोजित होगा। श्री बांके बिहारी सेवा धाम ट्रस्ट व स्थानीय लोगों के संयुक्त तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुराण कथा वाचक आचार्य हरिजी महाराज अपनी मधुर वाणी से श्रीकृष्णा ज्ञान कथामृत एवं पुराण की व्याख्या कर भक्तजनों को दुर्लभज्ञान प्रदान करेंगे। यह जानकारी हरि सेवाधाम के मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने प्रेस को जारी बयान में दी है। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई, 2025 को सर्वप्रथम मंत्रोच्चारण द्वारा आचार्य हरिजी महाराज के कर कमलों से कलश की स्थापना की जाएगी। इस दिन कथा का समय सायं 4 बजे से 6 बजे तक रहेगा। रविवार 6 जुलाई से 9 जुलाई, 2025 तक मूल पाठ व दैनिक पूजन प्रातः आठ बजे से दस बजे तक व कथा प्रवचन का समय दोपहर 1 बजे से सांय 4 बजे तक होगा। इसके उपरांत श्रद्धालुओं में भंडारे का प्रशाद वितरित किया जाएगा। मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने बताया कि 10 जुलाई को प्रातःदस बजे यज्ञ पूर्णाहुति होगी। इसके बाद गुरू और शिष्य का पावन मिलन कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि गुरु से आशीर्वाद प्राप्त करने का समय आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक रहेगा। इसके बाद भंडारे का प्रशाद वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री बांके बिहारी मंदिर पट्टाबरावरी के सक्रिय सदस्य ख्याली राम, अमर सिंह कॉंडल, देविंद्र शर्मा, संतराम कौंडल तथा कन्हैया लाल ने क्षेत्रवासियों और सुप्रसिद्ध आचार्य श्री हरिजी महाराज के शिष्यों से आह्वान किया है कि वह श्रीकृष्ण कथा और गुरु महोत्सव कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर भाग लें। कश्यप ने बताया कि इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों से काफी संख्या में श्री हरिजी महाराज के शिष्यों के पट्टाबरावरी स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में पहुंचने की संभावना है। कश्यप ने कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए इन दिनों तैयारियां जोरों पर चल रही है।
साईं इंटरनेशनल स्कूल में सोमवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस गर्व और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज को निःस्वार्थ सेवा देने वाले चिकित्सकों का अभिनंदन कर उनके योगदान को सराहा गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल प्रबंधन द्वारा डॉक्टरों के स्वागत से हुई, जहां उन्हें प्लांटर, ग्रीटिंग कार्ड और चॉकलेट्स भेंट कर सम्मानित किया गया। बच्चों को डॉक्टरों के कार्य और समर्पण के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. संजय ग्रोवर, डॉ. रोहित सबलोक, डॉ. विनय पाटियाल, डॉ. रविकांत सूद, डॉ. भारद्वाज, डॉ. अनुभा एवं डॉ. विनोद सूरी को सम्मानित किया गया। विद्यालय के चेयरमैन रमिंदर बावा एवं प्राचार्या मीरा गुप्ता ने सभी डॉक्टरों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और कहा कि डॉक्टर समाज के सच्चे रक्षक हैं, जो मानवता के लिए दिन-रात समर्पित रहते हैं। विद्यालय परिवार की ओर से सभी डॉक्टरों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया गया।
सोलन: साईं संजीवनी हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, सोलन में आज दिनांक 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (Doctors' Day) के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। भारत में प्रतिवर्ष 1 जुलाई को "राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस" मनाया जाता है, जो चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों के योगदान, सेवा, समर्पण और बलिदान को सम्मानित करने हेतु समर्पित है। यह दिन महान चिकित्सक डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि दोनों का प्रतीक है, जो पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित चिकित्सक थे। इस अवसर पर संस्थान द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में वरिष्ठ एवं युवा चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट कार्य और मानवीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मरीजों, चिकित्सा कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रही। डॉक्टर्स डे के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि "चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा का सर्वोच्च रूप है।" इस गरिमामयी समारोह में डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. सविता अग्रवाल, डॉ. रवि वर्मा, डॉ. अक्षय, डॉ. लवलेश सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की प्रधानाचार्या डॉ. दिव्या वर्मा के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षिकाएं मनीषा तंवर, वैशाली शर्मा, सुमन शर्मा, करिश्मा, इशिता शर्मा, चेतना कौशिक सहित सभी विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह एवं उल्लास के साथ भाग लिया। समारोह के दौरान केक कटिंग कर डॉक्टर्स डे का स्वागत किया गया एवं सभी डॉक्टरों को सम्मानित कर उनके अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को अपने भविष्य में उत्कृष्टता प्राप्त करने एवं करुणा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ मरीजों की सेवा करने हेतु प्रेरित किया गया।
सोलन: साईं संजीवनी हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, सोलन में आज दिनांक 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (Doctors' Day) के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। भारत में प्रतिवर्ष 1 जुलाई को "राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस" मनाया जाता है, जो चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों के योगदान, सेवा, समर्पण और बलिदान को सम्मानित करने हेतु समर्पित है। यह दिन महान चिकित्सक डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि दोनों का प्रतीक है, जो पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित चिकित्सक थे। इस अवसर पर संस्थान द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में वरिष्ठ एवं युवा चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट कार्य और मानवीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मरीजों, चिकित्सा कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रही। डॉक्टर्स डे के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि "चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा का सर्वोच्च रूप है।" इस गरिमामयी समारोह में डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. सविता अग्रवाल, डॉ. रवि वर्मा, डॉ. अक्षय, डॉ. लवलेश सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की प्रधानाचार्या डॉ. दिव्या वर्मा के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षिकाएं मनीषा तंवर, वैशाली शर्मा, सुमन शर्मा, करिश्मा, इशिता शर्मा, चेतना कौशिक सहित सभी विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह एवं उल्लास के साथ भाग लिया। समारोह के दौरान केक कटिंग कर डॉक्टर्स डे का स्वागत किया गया एवं सभी डॉक्टरों को सम्मानित कर उनके अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को अपने भविष्य में उत्कृष्टता प्राप्त करने एवं करुणा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ मरीजों की सेवा करने हेतु प्रेरित किया गया।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश के चलते उप मंडल गोहर की ग्राम पंचायत स्यांज के पंगलियुअर गांव में दो मकान बह गए है। इसमें 9 लोगों के बहने की सुचना है। वहीं, ग्राम पंचायत बाड़ा में एक मकान ढहने से 6 लोग दब गए हैं। ग्राम पंचायत अनाह में जल स्तर बढ़ने से उप स्वस्थ केंद्र, दो गौशालाएं समेत कई मवेशियों के बहने की सूचना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पटिकरी में स्थित हाइड्रो प्रोजेक्ट के बांध टूटने का भी समाचार है। हालांकि अभी इसकी अधिकारीकारिक तौर पर पुष्टि प्राप्त नहीं है। जिससे बाखली खड्ड के जल स्तर में वृद्धि होने से बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बिजली रात से गुल पड़ी है तथा सराज में संचार व्यवस्था पूरी तरह से चरमाई है। कार्यकारी एसडीएम गोहर कृष्ण कुमार ने बताया कि पंगलियुअर गांव में दो मकान बहने की घटना हुई है, जिसमें 9 लोगों के बहने की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है और बचाव कार्य जारी है। जबकि ग्राम पंचायत बाड़ा में एक मकान ढहने से 6 लोग दब गए हैं। इनमें से 4 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मलवे में दबे अन्य एक बुजुर्ग महिला और एक लड़के का रेस्क्यू जारी है। प्रशासन ने बताया कि बचाव कार्य में तेजी लाई जा रही है और जल्द ही सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। दोनों घटनाओं में बचाव कार्य के लिए टीमें तैनात की हैं। कार्यकारी एसडीएम कृष्ण कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जा रही है और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने लोगों से अनुरोध है कि वे प्रशासन की सलाह का पालन करें और सुरक्षित रहें। बचाव कार्य में प्रशासन की मदद करें और अफवाहों से बचें।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में जंगलबैरी में 25 लोग नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण फंस गए। यह घटना तब हुई जब वे सभी नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे और अचानक भारी बारिश के कारण पानी का बहाव तेज़ हो गया और वे लोग नदी में फंस गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पंहुचा। पुलिस ने बताया कि सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान नदियों और खड्डों के पास न जाएं और सावधानी बरतें। प्रशासन ने आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने आउटरीच छात्रों के लिए एक विशेष खेल कार्यक्रम आयोजित करके ओलंपिक दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया। यह समारोह विश्वविद्यालय परिसर में हुआ और इसका उद्देश्य युवा शिक्षार्थियों के बीच ओलंपिक भावना, फिटनेस और टीम वर्क को बढ़ावा देना था। ओलंपिक दिवस एक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक आंदोलन गतिविधि है जो हर साल जून में राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों द्वारा आयोजित खेलों में बड़े पैमाने पर भागीदारी को बढ़ावा देती है। इस कार्यक्रम में लड़कों के एकल, लड़कियों के एकल, युगल और मिश्रित युगल सहित विभिन्न श्रेणियों में रोमांचक बैडमिंटन और टेबल टेनिस मैच शामिल थे। आउटरीच छात्रों ने पूरी ऊर्जा के साथ भाग लिया और मैत्रीपूर्ण और उत्साहजनक माहौल में अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. नीरज गंडोत्रा, एसोसिएट डीन, छात्र कल्याण और विक्रांत चौहान, सहायक प्रोफेसर, शारीरिक शिक्षा के मार्गदर्शन में किया गया था। दोनों संकाय सदस्यों ने छात्रों को सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया और आत्मविश्वास, अनुशासन और समावेश के निर्माण में खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटी से सेवानिवृत हुए प्रवक्ता गोपाल शर्मा के लिए विद्दाई समारोह आयोजित किया गया I जानकारी देते हुए विद्यालय प्रधानाचार्य उपासना सूद ने बताया कि आज अर्थशास्त्र प्रवक्ता गोपाल शर्मा शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश में 24 वर्षो का कार्यकाल समाप्त कर सेवानिवृत हुए हैं I उन्होंने बताया कि गोपाल शर्मा ने 10 वर्ष प्राइवेट सेक्टर में और 24 वर्ष सरकारी क्षेत्र में अपनी सेवाएँ दी हैं I विदाई समारोह में गोपाल शर्मा को विद्यालय प्रधानाचार्य उपासना सूद , एस एम सी अध्यक्षा राधा देवी और सभी अध्यापक वर्ग ने भेंट देकर सम्मानित किया I प्रारम्भिक उप शिक्षा निदेशक सोलन , विद्यालय प्रधानाचार्य उपासना सूद , एस एम सी अध्यक्ष राधा देवी व् सभी अध्यापक वर्ग ने गोपाल शर्मा को सेवानिवृत होने पर बधाई दी व आगामी सफर के लिए शुभकामनाएं दीI उसके उपरान्त बी एल स्कूल कुनिहार पहुँचने पर भी विद्यालय स्टाफ ने स्कूल बैंड पार्टी के साथ गोपाल शर्मा व् राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटी के समस्त स्टाफ का भव्य स्वागत किया I
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी शिक्षा खंड कंडाघाट में पिछले सत्र में दसवीं की बोर्ड परीक्षा में संस्कृत विषय में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया मोहन शर्मा के सौजन्य से विद्यालय प्रधानाचार्या इंदु शर्मा के द्वारा पुरस्कृत किया गया। स्कूल की छात्रा स्नेहा ने प्रथम, मुस्कान ने द्वितीय तथा राधिका ने संस्कृत विषय में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। प्रधानाचार्य ने सभी पुरस्कृत छात्रों को बधाई दी तथा संस्कृत के महत्व और महानता को बताते हुए उन्हें संस्कृत विषय के प्रति रुचि लेने का संदेश दिया।
जिला सोलन कोली समाज (रजि) की कार्यकारिणी ने उप तहसील कृष्णगढ़ की ग्राम पंचायत दाड़वा के उप गांव बनलग में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश सिंह की अध्यक्षता में एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने अधिक से अधिक लोगों को संगठन के साथ जोड़ने तथा पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करने के बारे में विस्तार से बताया। संगठन के जिला महासचिव जगदेव गर्ग ने बैठक में मौजूद स्वजातीय बंधुओं को जिला कोली समाज का स्वरूप, संविधान तथा संगठन द्वारा समाज के हित व कल्याण हेतु किए गए कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष रामनाथ कश्यप ने कहा कि जिला कोली समाज एक गैर राजनैतिक संगठन है। इसकी स्थापना वर्ष 2022 में की गई थी। इसका उद्देश्य समाज के लोगों को संगठित व जागरूक कर उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु प्रयास करना है। उन्होंने बताया कि जिला कोली समाज जरूरत मंद, बेसहारा व असहाय लोगों के कल्याण हेतु निरंतर प्रयत्नशील है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगठन अपने सदस्यों से सदस्यता शुल्क व विशेष निधि के इलावा सेवानिवृत सदस्यों व वर्तमान स्वजातीय कर्मचारियों से स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग जुटाकर समाज के कल्याण हेतु कार्य कर रहा है। संगठन के वित सचिव भूपेंद्र कौशल ने बताया कि इसी कड़ी में संगठन ने पिछले दो वर्षों में दो लाख 27 हजार रु की राशि एकत्रित कर समाज के विभिन्न जरूरत मंद लोगों के कल्याण हेतु वितरित की गई है। सभी के सहयोग से एकत्रित की गई यह राशि स्वास्थ्य व चिकित्सा ,विवाह ,अकस्मात अनहोनी घटना पर समाज के लोगों को उनके घर द्वार पर जाकर आबंटित की गई है। इसके इलावा संगठन द्वारा नशाखोरी,सामाजिक कुरीतियों सहित सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाती है।उन्होंने बताया कि बैठक के इस क्रम में कुठाड़,बनलग,ममलिग, प्लास्टा,पंजरोल व सतरोल गांव से 45 लोगों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण कर इसमें विश्वास जताया। बैठक में संगठन के लेखा परीक्षक रमेश नाथ कश्यप ने कहा कि संगठन का हमेशा प्रयास रहता है कि वित्तीय मामलों में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए रसीद बुक सहित लेनदेन का समस्त वित्तीय अभिलेख मेंटेन कर बैठक में सभी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संगठन को सरकार की ओर से कोई भी आर्थिक सहायता नहीं मिली है।फिर भी संगठन के सदस्य आपस में यथासंभव राशि एकत्रित कर स्वजातीय बंधुओं की सहायता करने के लिए वचनबद्ध है।इसका बड़ा श्रेय संगठन के सेवानिवृत व वर्तमान कर्मचारी वर्ग को जाता है। इस बैठक में दाड़वा पंचायत के उप प्रधान हीरालाल,कृष्णगढ़ पंचायत के उप प्रधान पुष्पेंद्र कुमार, युंका अध्यक्ष संदीप तनवर,मनोज कश्यप,विनोद रनोत,दिलराम,गीताराम,महेंद्र कुमार,भूमेश कुमार,विशाल,धर्मेंद्र कुमार, भरत राम,लेखराम,मदन लाल,किरण बाला,मधुबाला, कमलेश,हेमलता, भरिता,रूपराम,तारादत्त,श्यामलाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया के अंतर्गत पार्टी प्रदेश मुख्यालय दीप कमल चक्कर में पार्टी की नामांकन प्रक्रिया 12:00 बजे प्रारंभ हुई और 2:00 बजे संपन्न हुई। यह जानकारी भाजपा के चुनाव अधिकारी डॉ राजीव भारद्वाज द्वारा दी गई। डॉ राजीव भारद्वाज ने बताया कि इस नामांकन प्रक्रिया के दौरान पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा एवं सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप में उपस्थित रहे। राजीव भारद्वाज ने कहा कि हमारे पास भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नामांकन हेतु डॉ राजीव बिंदल के एक ही नाम के तीन सेट प्राप्त हुए। जिसका अनुमोदन क्रमशः जयराम ठाकुर नेता प्रतिपक्ष और समस्त विधायक दल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर समस्त लोकसभा और राज्यसभा के सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गोविंद ठाकुर एवं भाजपा प्रदेश पदाधिकारी ने किया। वही डॉ राजीव भारद्वाज ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सभी सांसद जिसमें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, सुरेश कश्यप, कंगना रनौत, राजीव भारद्वाज, इंदु गोस्वामी, डॉ सिकंदर कुमार और हर्ष महाजन राष्ट्रीय परिषद के पदेन सदस्य निर्वाचित किए गए हैं। भाजपा के चुनाव अधिकारी डॉ राजीव भारद्वाज ने बताया कि इस नामांकन प्रक्रिया के दौरान हमें राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हेतु आठ नामांकन प्राप्त हुए जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता गोविंद ठाकुर, महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, महामंत्री त्रिलोक कपूर, पवन काजल, रश्मिधर सूद, पायल वैद्य, डॉ राजीव सहजल एवं संजीव कटवाल रहे।
हिमाचल में सोमवार को चार जिलों कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और मंडी में रेड और अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रामपुर उपमंडल के अंतर्गत सरपारा पंचायत में रात करीब दो बजे अचानक बादल फटने से सिकासेरी गटूला जगह पर काफी नुकसान हुआ है। बादल फटने से राजेंद्र कुमार पुत्र पलस राम का दो कुटार, एक कमरा, एक किचन सहित अन्य सारा सामान मलबा आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, विनोद कुमार का एक खूड एक गाय और गोपाल सिंह का एक खूड और गाय बह गई है। रेड अलर्ट के बीच शनिवार रात से रविवार तक बारिश से तीन नेशनल हाईवे और 129 से अधिक सड़कें बाधित रहीं। रविवार को कांगड़ा, शिमला और कुल्लू एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द रहीं। प्रदेश में 612 से अधिक ट्रांसफार्मर बंद हो गए और 6 पेयजल योजनाएं हांफ गईं। उधर, पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक बाधित रहा। इससे अप व डाउन की चार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा और छह की आवाजाही हुई। सिरमौर के चिलोन के पास पांच घंटे पांवटा-शिलाई एनएच बंद रहा। नाहन-कुमारहट्टी के अलावा कालका-शिमला नेशनल हाईवे चक्कीमोड़ में पहाड़ियों से पत्थर गिरने से प्रभावित रहा।
हिमाचल प्रदेश के चार जिलों कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर में मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डीसी को निर्देश जारी करते हुए कहा कि रेड अलर्ट वाले जिलों में स्कूल बंद रखें। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। मौसम विभाग ने जिला सोलन, सिरमौर, कांगड़ा एवं मंडी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से नदी नालों से दूर रहने की अपील की है। वही लगातार बारिश से शिमला में चमियाना अस्पताल जाने वाली सड़क मलबा गिरने से बंद हो गई है। वहीं, भट्टाकुफर में भी गाड़ियों पर पत्थर गिरे हैं। इसके साथ ही संजौली वार्ड के बॉथवेल इलाके में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक मकान पर मलबा गिर गया है। इसके चलते इस घर में रह रहे मां बेटी अंदर फंस गए हैं। मेयर पार्षद समेत प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे भी कांगड़ा जिले में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वही 30 जून को ऑरेंज अलर्ट का अनुमान जताया है। जिस सन्दर्भ में उपायुक्त हेमराज बैरवा ने आम जनमानस को सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सभी नागरिकों व पर्यटकों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। उन्होंने आग्रह किया कि भारी बारिश को देखते हुए अनावश्यक यात्रा न करें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि भारी बारिश के चलते ब्यास नदी में जल स्तर की नियमित माॅनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है इस बाबत आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत बीबीएमबी को बांध में जलस्तर को लेकर प्रतिदिन प्रातः छह बजे तथा सांय चार बजे जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को रिपोर्ट भेजना जरूरी होगा। इसके साथ ही जल स्तर 1350 फीट तक पहुंचने पर पानी छोड़ना होगा ताकि बांध में जल स्तर डेंजर लेवल तक नहीं पहुंच पाए। इसके साथ ही पानी छोड़ने से पहले नीचे की तरफ बसे लोगों को अलर्ट करना भी जरूरी होगा ताकि गत वर्ष की तरह किसी भी तरह नुक्सान लोगों को नहीं झेलना पड़े। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि जिला प्रशासन राहत तथा पुनर्वास कार्य के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है तथा तमाम अधिकारी मशीनरी के साथ फील्ड में डटे हैं। जिले में जहां मार्गों पर भूस्खलन इत्यादि हो रहा है वहां पर जेसीबी जैसी मशीनरी भी तैनात की गई है। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिला वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के टोल फ्री 1077 नम्बर पर संपर्क करें। जिला मुख्यालय समेत सभी उपमंडलों में आपदा प्रबन्धन केन्द्र चैबीसों घंटे चालू हैं। जिला मुख्यालय समेत सभी उपमंडलों में आपदा प्रबन्धन केन्द्र खुले रहेंगे।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन हिमाचल प्रदेश ब्लाक कार्यकारिणी देहरा की बैठक का आयोजन पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुआ। जिसमें संगठन के अध्यक्ष सुनील चौहान ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए आने वाले चुनाव में पंचायत के बारे में विस्तृत चर्चा के साथ ही हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के अध्यक्ष के तौर पर डॉक्टर राजेश शर्मा को नियुक्ति मिलने पर बधाई दी। इस दौरान उपाध्यक्ष रिंपी ठाकुर, उपाध्यक्ष नीरज, कार्यकारिणी सदस्य जोगिंदर सिंह, मदन डोगरा ,पुष्प रैना , गोल्डी, रवि,विजय कुमार थोबा,विजय सेठी इत्यादि उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन तथा गणपति एजुकेशनल सोसाइटी कुनिहार ने दिव्यांगजनों के अधिकारों के विषय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जिला न्यायिक प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता नीलम शर्मा तथा PLV रोशन लाल बंसल ने भाग लिया। सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत किया गया ,उसके बाद संस्था के डायरेक्टर रोशन लाल शर्मा ने उपस्थित लोगों को संस्था द्वारा दिव्यांगता के क्षेत्र में विभिन्न शिवरों की विस्तृत जानकारी दी। PLV रोशन लाल बंसल ने दिव्यांग परिवारों के लिए मुक्त न्यायिक सहायता के बारे में जानकारी दी। अंत में नीलम शर्मा अधिवक्ता ने दिव्यांगों के लिए विभिन्न कानून के तहत विभिन्न अधिकारों की जानकारी दी। जिसमें मुख्यतः जीने का अधिकार ,चिकित्सा ,इलाज, सामाजिक सुरक्षा, गुड टच बेड टच ,कानूनी विधिक सहायता इत्यादि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी इस अवसर पर लगभग 80 लोगों ने भाग लिया इनमें मुख्यतः दिव्यांगजन ,उनके परिजन ,समुदाय सदस्य, समाजसेवी ,संस्था का स्टाफ उपस्थित थे।
रविवार 29 जून को बंसल हड्डी रोग एवं जनरल अस्पताल सोलन द्वारा कुनिहार में मुफ्त हड्डी एवं जनरल रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 100 से ऊपर लोगो ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। शिविर में जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा लोगो की मुफ्त जांच की गई तो वहीं रोगियों के मुफ्त टैस्ट के साथ मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गई। डॉ कुणाल बंसल व डॉ रित्विजा बंसल ने शिविर में आए लोगों की जांच कर स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ कुणाल बंसल ने बताया कि शिविर में अधिकतर घुटनों का दर्द,कमर दर्द व सर्वाइकल रोग से ग्रसित रोगी पहुंचे । जिनकी मुफ्त जांच व टैस्ट कर उन्हें मुफ्त दवाइयां वितरित कर स्वास्थ्य संबंधी उचित परामर्श दिया गया।उन्होंने बताया कि शिविर का मुख्य उद्वेश्य वह बुजुर्ग व ऐसे लोग जो अपने स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए प्रोपर सुविधा से वंचित रह जाते है उन्हें घर के नजदीक सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों का आगे भी आयोजन किया जाता रहेगा। ताकि लोग अपने स्वास्थ्य संबंधी जांच का लाभ उठा सके।
देहरा के संसारपुर टैरस थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो युवकों को 3.58 ग्राम चिट्टे सहित गिरफ्तार किया है। डीएसपी डाडासीबा राजकुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए जानकारी दी कि थाना प्रभारी संजय शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम बीबीएमबी रोड से वर्कशॉप रोड की ओर नियमित गश्त पर थी। इस दौरान 2 युवक बाइक पर आते दिखाई दिए, लेकिन पुलिस को देखकर घबरा गए और बाइक मोड़कर भागने लगे। भागने के दौरान उन्होंने रास्ते में झाड़ियों की ओर कुछ फैंक दिया, जिससे पुलिस को उनकी गतिविधि पर और अधिक संदेह हुआ। पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए पीछा कर दोनों युवकों को मौके पर ही दबोच लिया। झाड़ियों की तलाशी लेने पर पुलिस को वहां से चिट्टा बरामद हुआ। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान गौरव निवासी संसारपुर टैरस और प्रिंस निवासी तलवाड़ा (जिला होशियारपुर, पंजाब) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि गौरव के खिलाफ पंजाब में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से एक मामला दर्ज है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।
चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर रविवार को भारी बारिश के कारण एक बार फिर भूस्खलन की स्थिति बन गई। परवाणू थाना क्षेत्र के तहत आने वाले चक्की मोड़ के समीप पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक इस मुख्य राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प रही। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की टीमों और पुलिस विभाग ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मशीनों की मदद से मलबा हटाकर एक लेन को साफ किया गया, जिसके बाद यातायात आंशिक रूप से बहाल हो सका। गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में पिछले साल भी बारिश के चलते सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और नैशनल हाईवे कई दिनों तक बंद रहा था। इस बार भी मानसून की पहली ही बारिश में चक्की मोड़ ने फिर से खतरे की घंटी बजा दी है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में इस घटनाक्रम के बाद चिंता का माहौल है। उधर, प्रशासन द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक मार्ग जंगेशू रोड पर भी भूस्खलन हुआ है, जिसके चलते वह रास्ता भी फिलहाल बंद है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन इस मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास में जुटे हैं। जंगेशू रोड के खुलते ही कसौली और धर्मपुर की ओर से चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को उसी रास्ते से डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और खतरे वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें। साथ ही, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की टीमें आगामी बारिश के मद्देनजर हाईवे की लगातार निगरानी कर रही हैं।
भारी बारिश के कारण कालका-शिमला रेल मार्ग पर दो जगहों पर हुए भूस्खलन से ट्रेनों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। पहला भूस्खलन किलोमीटर 16/18-19 पर कोटी टनल नंबर 10 के पास हुआ है, जिससे मार्ग बाधित हो गया। दूसरा भूस्खलन कोटी और सानवाड़ा रेलवे स्टेशनों के बीच किलोमीटर 25/5-6 पर हुआ, जिसने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। इन भूस्खलनों के चलते, कालका से शिमला जा रही ट्रेन संख्या 52457 को कोटी रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा है। वहीं, ट्रेन संख्या 52452 को गुम्मान रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया है। इन घटनाओं की वजह से सभी ट्रेनें लगभग तीन घंटे की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, दोनों स्थानों से मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। टीमें दिन-रात काम कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द मार्ग को साफ किया जा सके और ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो सके। यात्रियों से अपील की गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और रेलवे अधिकारियों द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ध्यान दें। उम्मीद है कि जल्द ही मार्ग को सुरक्षित रूप से बहाल कर दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार और सोमवार के लिए सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रविवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि सोमवार को सिरमौर, सोलन, शिमला और बिलासपुर जिलों के लिए यह चेतावनी जारी रहेगी। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। शिमला में चमियाना अस्पताल जाने वाला मार्ग मलबा गिरने से बंद हो गया है, वहीं भट्टाकुफर क्षेत्र में चलती गाड़ियों पर चट्टानें गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। मौसम विभाग ने 1 जुलाई से 4 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया है। सोलन, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका जताई गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
शुक्रवार को कुनिहार के महाराजा पदम सिंह मेमोरियल स्टेडियम में एक भव्य निरंकारी संत समागम का सफल आयोजन किया गया। निरंकारी राजपिता रमित जी की छत्रछाया में आयोजित इस समागम में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और प्रेम, शांति तथा एकत्व का दिव्य संदेश ग्रहण किया। जोनल इंचार्ज विवेक कालिया, क्षेत्रीय संचालक भजन सिंह, विद्यासागर ठाकुर और कुनिहार ब्रांच मुखी उषा अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस संत समागम में सोलन, शिमला, बिलासपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली, जीरकपुर के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने संत राजपिता निरंकारी रमित जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके प्रवचनों से ज्ञान प्राप्त कर जीवन में पुण्य कर्म करने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं ने इस दिव्य संत समागम का भरपूर आनंद लिया और सतगुरु के आशीषों से लाभान्वित हुए। कुनिहार ब्रांच की मुखी उषा अरोड़ा ने समागम में पधारे सभी नगरवासियों और अन्य क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने समागम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों का भी धन्यवाद किया। उषा अरोड़ा ने बताया कि सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इस विशाल संत समागम में शामिल होकर निरंकारी राजपिता के दिव्य दर्शन किए और उनके प्रेरक प्रवचनों से प्रेरणा प्राप्त की।
कुनिहार: विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले 33/11 केवी सबस्टेशन कुनिहार से निकलने वाले 11 केवी कुनिहार फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। 28 जून, 2025 (शनिवार) को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक या जब तक कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह शटडाउन 11 केवी कुनिहार फीडर के आसपास के पेड़ों/झाड़ियों/टहनियों की कटाई-छंटाई और मरम्मत एवं रख-रखाव कार्यों के कारण किया जा रहा है। प्रभावित होने वाले क्षेत्र/गांव: खण्ड पट्टाबरारी के अंतर्गत आने वाले 11 केवी कुनिहार फीडर से विद्युतीकृत क्षेत्र/गांव, जिनमें कोटी, डुगरी, पट्टाबरारी, देहल, कनयारा, हरिपुर, फगवाया, कठार, रावपुल कामल्याड़, दोछी, छियाछी, भोला आदि शामिल हैं, यहां बिजली नहीं आएगी। इसके साथ लगते क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल एचपीएसईबीएल कुनिहार, इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश शनिवार को कार्य पूरा नहीं हो पाता है, तो इसे अगले दिन किया जाएगा। उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग का अनुरोध किया है।
धर्मपुर,मंडी/डिंपल शर्मा: हिमाचल पथ परिवहन निगम सरकाघाट डिपो की ओर से संचालित सरकाघाट-जोगिंदरनगर-पालमपुर बस रूट पिछले चार महीने से बंद पड़ा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह बस सुबह 6:00 बजे सरकाघाट से चलकर 9:00 बजे जोगिंदरनगर पहुंचती थी। इस रूट के बंद होने से हुक्कल, लोगणी, धर्मपुर, कांडपतन, नेरी और धार्मिक स्थल चतुर्भुजा माता मंदिर जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को जोगिंदरनगर की ओर जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है और परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। सरकाघाट-धर्मपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि यह उनके लिए जोगिंदरनगर और पालमपुर जाने का एकमात्र सीधी बस सेवा थी। इस संबंध में जब सरकाघाट के क्षेत्रीय प्रबंधक मेहर चंद से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सरकाघाट डिपो ड्राइवरों की भारी कमी से जूझ रहा है। डिपो में लगभग 40 ड्राइवरों की कमी है, जिसके कारण क्षेत्र के पांच रूट पूरी तरह से बंद पड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ड्राइवर मिलते ही सरकाघाट-जोगिंदरनगर-पालमपुर बस रूट को फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
जयसिंहपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले लोअर लंबागांव की अलीशा ने हिमाचल प्रदेश एलाइड सर्विसेज की परीक्षा पास कर प्रदेश का नाम रोशन किया है । अलीशा का चयन ऑडिट इंस्पेक्टर के पद हुआ है। अलीशा ने बाहरवीं ऐम अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जयसिंहपुर से की है। उसके बाद अलीशा ने गवर्नमेंट डिग्री कालेज धर्मशाला से ग्रेजुएशन की । अलीशा के पिता सुमन कुमार हिमाचल पुलिस में कार्यरत हैं और माता स्नेहलता गृहिणी हैं। अलीशा के पिता सुमन कुमार ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह परिवार के लिए गौरव का क्षण है। वही अलीशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को दिया है।
घुमारवीं नगर परिषद क्षेत्र के साथ लगते घुमारवीं सरकाघाट सुपर हाइवे पर सिल्ह के ट्रक और बाइक की टक्कर में आईटीआई छात्र की मौत हो गई। जबकि बाइक पर सवार दूसरा आईटीआई छात्र घायल हो गया। मृतक युवक की पहचान अक्षय कुमार (18) धार टटोह के तौर पर हुई है। जबकि सड़क दुर्घटना में घायल दूसरा युवक चुवाड़ी गांव का ऋषभ कुमार (19) को इलाज के लिए सिविल अस्पताल घुमारवीं लाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने मृतक युवक के परिजनों को फौरी राहत के 25 हज़ार रुपये तथा घायल को पांच हजार रुपये दिए हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों छात्र घुमारवीं में सरकारी संस्थान में आईटीआई कर रहे थे।जानकारी के मुताबिक गुरुवार दोपहर को घुमारवीं-सरकाघाट सुपर हाइवे पर एक ट्रक जाहू की ओर जा रहा था, जबकि बाइक घुमारवीं की ओर आ रही थी।सिल्ह के समीप ट्रक और बाइक में टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया।घायल को स्थानीय लोगों के द्धारा घुमारवीं अस्पताल लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार देने के बाद एम्स अस्पताल रैफर कर दिया गया है जहां पर उपचाराधीन है। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है तथा शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। डीएसपी मदन धीमान ने मामले की पुष्टि की है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पैलिएटिव देखभाल की आवश्यकता वाले गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र लाभार्थियों विशेषकर वृद्धजनों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में शीघ्र पैलिएटिव देखभाल अभियान शुरू करेगी। इस अभियान का उद्देश्य वृद्धजनों एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को घर-द्वार पर ही चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ता एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) पात्र लाभार्थियों की पहचान करेंगे और इसके उपरांत आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के चिकित्सा अधिकारी, फिजियोथेरेपिस्ट और सीएचओ की टीम घर जाकर चयनित लाभार्थियों की उपचार योजना तैयार करेंगे। यह पहचान एवं योजना प्रक्रिया अभियान के आरम्भ से तीन माह के भीतर पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में पैलिएटिव देखभाल के लिए विशेष केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, जहां दो चिकित्सक, दो नर्सें, एक फिजियोथेरेपिस्ट तथा एक परामर्शदाता स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। यह टीम हर तीमाही में लाभार्थियों के घरों का दौरा कर उनकी निगरानी एवं आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में हिमकेयर तथा आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए लाभार्थियों को हिम परिवार नंबर से जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए हिमकेयर आवेदक तिमाही आधार पर योजना के तहत नामांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे जिसके पश्चात उन्हें हिमकेयर कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को अपने-अपने अस्पतालों में 100 गंभीर रोगियों के लिए हिमकेयर कार्ड जारी करने की सिफारिश करने का अधिकार भी दिया जाएगा। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में 41.62 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 49 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित करेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, विशेष सचिव नीरज कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के अस्पताल कल्याण अनुभाग के सदस्यों ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की और आईएएस वाइव्स एसोसिएशन द्वारा एकत्रित 1.11 लाख रुपये का चेक रेडक्रॉस को सहयोग के रूप में भेंट किया। राज्यपाल, जो राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं, ने एसोसिएशन के इस उदार सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग चिकित्सा और मानवीय सहायता की आवश्यकता वाले वंचित और जरूरतमंदों की सहायता के लिए किया जाएगा। राज्यपाल ने इस उदार सहयोग के लिए एसोसिएशन की सराहना करते हुए कहा कि रेडक्रॉस सदैव समाज के पीड़ित एवं वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक व्यक्तियों और संगठनों को रेडक्रॉस से जुड़ने का आह्वान किया। राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा और आईएएस वाइव्स एसोसिएशन की सदस्य रितिका जिंदल, मीता पंत, जुम्पा जम्वाल और पूनम शर्मा इस अवसर पर उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में मानसून के दौरान मौसम की विपरीत परिस्थितियों के दृष्टिगत सभी उपायुक्तों को सतर्क रहने और आमजन के लिए 24ग7 उपलब्ध रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने वीरवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश में मौसम की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी उपायुक्तों से आपदा प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नदी-नालों के निकट रह रहे लोगों विशेषकर प्रवासी मज़दूरों की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर पुनर्वास करने को कहा। उन्होंने उपायुक्तों को पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बारिश के मौसम में नदी-नालों के समीप नहीं जाने को लेकर एडवायज़री जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना सरकार को शीघ्र उपलब्ध करवाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष मॉनसून के कराण जल विद्युत परियोजनाओं को बार-बार नुकसान उठाना पड़ता है। इनकी सुरक्षा के लिए एक समग्र रणनीति बनाई जाए, जिससे इन परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश में तीन स्थानों पर बादल फटने, बाढ़ की नौ और भू-स्खलन की तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पांच लोगों की मृत्यु होने और एक व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि की गई है। ज़िला कुल्लू में तीन और ज़िला कांगड़ा में पांच से छह लोग अभी भी लापता हैं जबकि फसे हुए 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-505 और एनए-3 पर भूस्खलन पर अभी भी कई स्थानों पर मार्ग अवरूद्ध है। कुल्लू ज़िले में सैंज घाटी के मझान नाला में बादल फटने की घटना के बाद सैंज, पार्वती और लारजी जल विद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान के दृष्टिगत इन परियोजनाओं को बंद कर दिया गया है और गेट खोल दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटीं हैं। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा और आशीष बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, विशेष सचिव राजस्व डीसी राणा और मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा भी इस बैठक में उपस्थित थे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी (जिला सोलन) में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देकर जागरूक किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या इंदु शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर छात्रों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे ऐसे गैर-कानूनी कार्यों से दूर रहें और समाज को नशा मुक्त बनाने में योगदान दें। प्रधानाचार्या ने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर सफल उड़ान भरने वाले भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 40 साल पहले राकेश शर्मा पहले भारतीय थे जिन्होंने सोवियत अंतरिक्ष मिशन के तहत अंतरिक्ष में 8 दिन बिताए थे। अब शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय हैं जो 14 दिन के मिशन के दौरान लगभग 60 वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। प्रधानाचार्या इंदु शर्मा ने यह भी बताया कि हाल ही में घोषित राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS-2025) के परिणामों के अनुसार हिमाचल प्रदेश ने स्कूली शिक्षा में देशभर में 5वां स्थान प्राप्त किया है। यह राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि निरंतर प्रयासों से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।
लंबागांव में समीक्षा बैठक आयोजित, हिम ईरा दुकान का भी हुआ शुभारंभ आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे लंबित विकासात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए ताकि जनता को समय पर लाभ मिल सके। वे वीरवार को लंबागांव विकासखंड में विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मनरेगा, 15वें वित्त आयोग और अन्य योजनाओं के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को 5 दिनों के भीतर सभी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा देने के निर्देश दिए और समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने को कहा। खंड विकास अधिकारी सिकंदर कुमार ने जानकारी दी कि इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत ₹97 लाख खर्च किए जा चुके हैं और अब तक 27,232 कार्य दिवस सृजित किए गए हैं। बैठक से पहले मंत्री गोमा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत निर्मित हिम ईरा दुकान का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह दुकान स्वयं सहायता समूहों को अपने स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि विकासखंड लंबागांव में 609 स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं जो अब हिम ईरा के ज़रिए अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त बना सकेंगे। इस अवसर पर पंचायत समिति अध्यक्ष कुलवंत राणा, जसवंत डढ़वाल, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के सरकाघाट डिपो से संचालित सरकाघाट-जोगिंदरनगर-पालमपुर बस रूट पिछले चार महीनों से बंद पड़ा है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह बस प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे सरकाघाट से रवाना होकर सुबह 9:00 बजे जोगिंदरनगर पहुंचती थी। इस रूट के बंद होने से हुक्कल, लोगणी, धर्मपुर, कांडपतन, नेरी सहित चतुर्भुजा माता मंदिर जैसे धार्मिक स्थल की ओर जाने वाले यात्रियों को खासा नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों को मजबूरी में महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह रूट जोगिंदरनगर और पालमपुर के लिए एकमात्र सीधी बस सेवा थी, जो अब बंद होने से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बाज़ार जाने वाले लोगों को भी असुविधा हो रही है। सरकाघाट-धर्मपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने HRTC से अनुरोध किया है कि इस रूट को शीघ्र चालू किया जाए, ताकि उन्हें रोज़ाना के सफर में राहत मिल सके। इस विषय में जब HRTC सरकाघाट डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक मेहर चंद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ड्राइवरों की भारी कमी के कारण फिलहाल डिपो के पांच रूट पूरी तरह से बंद हैं। सरकाघाट डिपो में लगभग 40 ड्राइवरों की कमी चल रही है, जिससे कई रूट प्रभावित हुए हैं। जैसे ही ड्राइवरों की तैनाती होती है, सरकाघाट-जोगिंदरनगर-पालमपुर बस सेवा को फिर से शुरू कर दिया जाएगा।” ड्राइवरों की कमी जैसी प्रशासनिक समस्याओं का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। यात्रियों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द आवश्यक कदम उठाकर बस सेवा बहाल करेगा, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।


















































