जब काग़ज़ों में करोड़ों का विकास हो, और ज़मीन पर सिर्फ़ धूल उड़ती मिले तो समझिए कि भ्रष्टाचार ने विकास की बुनियाद ही हड़प ली है। हिमाचल प्रदेश की मंडी ज़िला स्थित करसोग उपमंडल की ठाकुरठाणा पंचायत से ऐसी ही एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई है , जहां पंचायत प्रधान माला मेहता को लाखों के गबन और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में पद से निलंबित कर दिया गया है। काग़ज़ी दावों में ठाकुरठाणा पंचायत में नालियां बनीं, रास्ते पक्के हुए, सड़कों की मरम्मत हुईलेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि गांव वालों ने किसी निर्माण कार्य का नामोनिशान तक नहीं देखा। लाखों के बिल पास हुए, यहां तक कि मशीनों की एंट्री भी दर्ज कर दी गई। लेकिन जब ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर शिकायत की, तो परत-दर-परत घोटाला सामने आया। करसोग बीडीओ सुरेंद्र कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच के दौरान सबसे हैरान करने वाला तथ्य यह सामने आया कि एक स्कूटी के नंबर को जेसीबी मशीन का नंबर बताकर भुगतान कर दिया गया था। यानी सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली जेसीबी असल में एक दोपहिया वाहन निकली। यह तथ्य RTI से मिली जानकारी के बाद सामने आया, जिसे ग्रामीणों ने सटीक दस्तावेजों के साथ पेश किया था। सरकारी धन के गबन की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिस पर जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने प्रधान माला मेहता को 20 जून को कारण बताओ नोटिस जारी किया। मगर जवाब संतोषजनक नहीं रहा। आखिरकार पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 145(1)(ग) और नियमावली 1997 के नियम 142(1)(क) के तहत कार्रवाई करते हुए माला मेहता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
कुल्लू में नशे के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ए.एन.टी.एफ.) की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गश्त के दौरान लेफ्ट बैंक सेऊबाग क्षेत्र में टीम ने दो युवकों को हेरोइन के साथ रंगे हाथों पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमन शर्मा पुत्र स्व. ओम प्रकाश शर्मा, निवासी फतहपुर छबाला रोड, सतनाम नगर कॉलोनी, थाना हकीमा गेट, अमृतसर (पंजाब) और कुलदीप सिंह पुत्र संतोष सिंह, निवासी माला बली, पोस्ट ऑफिस जुज़र सिंह, थाना कैंट, अमृतसर (पंजाब) के रूप में हुई है। टीम ने इनके कब्जे से 11 ग्राम हेरोइन और 31,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले को लेकर पुलिस थाना कुल्लू में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली ANTF टीम में मुख्य हेड कांस्टेबल राजेश रोपा, हेड कांस्टेबल समीर कुमार, एचएचसी नितेश कुमार और कांस्टेबल अशोक कुमार शामिल थे। कार्रवाई की पुष्टि एएनटीएफ डीएसपी हेमराज शर्मा ने की है।
डाडा सिबा से पठानकोट तक चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस पिछले दो दिनों से रूट से गायब है। यह बस रोज सुबह 6:30 बजे डाडा सिबा से स्यूलखड्ड, मेहड़ा, घाटी होते हुए तलवाड़ा और फिर पठानकोट तक जाती है। लेकिन गुरुवार और शुक्रवार को यह बस नहीं चली, जिससे नौकरीपेशा मजदूरों और कॉलेज-आईटीआई छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह बस न सिर्फ आम यात्रियों, बल्कि संसारपुर टेरेस स्थित उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों और दूर-दराज़ से आने वाले विद्यार्थियों के लिए 'लाइफलाइन' मानी जाती है। दो दिनों तक इसके न चलने से लोगों को महंगे निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बस ही उनके दिन की पहली और आखिरी उम्मीद होती है। रविवार जैसे दिनों में जब फैक्ट्रियों में काम होता है, तब यही एक मात्र साधन होता है। ऐसे में बिना सूचना के बस का बंद हो जाना सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, पठानकोट डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक विजय कुमार ने बताया कि बस तकनीकी खराबी के कारण दो दिन सेवा से बाहर थी, लेकिन शुक्रवार को इसे दोबारा रूट पर बहाल कर दिया गया है।
मणिमहेश यात्रा नजदीक है और भरमौर बस स्टैंड पर सफाई और सुविधाओं को लेकर विभागीय तैयारियों की पोल खुलने लगी है। भरमौर बस स्टैंड में आमजन और यात्रियों के लिए बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों में से एक पर किसी ने ताला जड़ दिया है, जिससे स्थानीय लोग और तीर्थयात्री परेशान हैं। समाजसेवी सोनू ठाकरे भरमोरी ने इस पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह शौचालय आम जनता के लिए बनाए गए हैं, न कि किसी एक व्यक्ति की निजी सुविधा के लिए। ऐसे में किसी का इस पर कब्जा जमाना न केवल अनुचित है, बल्कि यात्रियों की मूलभूत सुविधा से भी खिलवाड़ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मेला शुरू होने ही वाला है तो प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसी लापरवाहियों पर सख्त कदम उठाए।
जकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी में शुक्रवार के दिन आईक्यूएसी सेल के द्वारा भूकंप पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसके लिए परागपुर के निकटवर्ती गांव बलेहड़ा निवासी डॉ अरविंद कुमार (रिसर्चर) व एसोसिएट प्रोफेसर जो नेशनल सेंटर फॉर रिसर्च ऑन अर्थक्वेक इंजीनियरिंग ताइपे (ताइवान) में कार्यरत है और दौरान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ अजय कुमार ने की। उन्होंने बताया कि डॉ अरविंद कुमार ने 50 से ज्यादा रिसर्च पेपर पब्लिश किए हैं। वहीं उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (रूस, जापान ) कांफ्रेंस में भी भाग लिया है। वही मुख्य वक्ता डॉ अरविन्द कुमार ने छात्रों को भूकंप के कारण प्रभाव और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने भूकंप की प्राइमरी और सेकेंडरी वेब्ज के बारे में बताते हुए कहा कि प्राइमरी वेव्ज से एहसास हो जाता है कि द्वितीय वेज आने वाली है। उन्होंने बताया कि भूकंप के केंद्र को मापने के लिए सीस्मोग्राफ का प्रयोग किया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी है। उन्होंने बताया कि पांच की तीव्रता से ऊपर वाले भूकंप ज्यादा खतरनाक होते है। वही कार्यक्रम के अंत में डॉ विनोद कुमार द्वारा मुख्य वक्ता का धन्यवाद किया गया।
दयानंद आदर्श विद्यालय की पेमा ठाकुर ने कूडो चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर देश और स्कूल का नाम रोशन किया है। पेमा ठाकुर का स्कूल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। प्रिंसिपल उषा मित्तल ने बताया कि अंडर 16 वर्ग में बुल्गेरिआ में कुडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत कर पेमा ठाकुर ने भारत का नाम रोशन किया है। सर्वप्रथम प्रिंसिपल उषा मित्तल ने तिलक लगाकर पेमा और उनके कोच संजय का स्वागत किया गया। साथ ही पेमा के शानदार प्रदर्शन के लिए प्रिंसिपल द्वारा मेडल पहनlकर व स्वामी दयानंद का स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।
कभी देश के टॉप 30 स्वच्छ शहरों में गिना जाने वाला शिमला… आज 300 में भी नहीं है। करोड़ों की हाईटेक मशीनें, सफाई के तमाम दावे और योजनाएं…सब धरा का धरा रह गया और इस बार शिमला 347वें स्थान पर आ गया है। 2024 के स्वच्छता सर्वेक्षण में शिमला को 347वां स्थान मिला है, जो अब तक की सबसे निचली रैंकिंग है। इससे पहले 2023 में शहर 188वें और 2022 में 56वें पायदान पर था। 2016 में जब सर्वे में कम शहर शामिल थे, तब शिमला देश में 27वें स्थान पर था। करोड़ों रुपये की मशीनें और संसाधन झोंकने के बावजूद सफाई के मोर्चे पर यह गिरावट नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। कभी मिसाल था शिमला, अब चिंता का विषय 2016 में शिमला ने स्वच्छता रैंकिंग में 27वां स्थान हासिल कर देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसे सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और नागरिक सहभागिता के लिए एक आदर्श मॉडल माना गया। मगर बीते कुछ वर्षों में नगर निगम की सुस्त कार्यप्रणाली, राजनीतिक अस्थिरता और अभियानात्मक ढिलाई ने शिमला को इस गर्त में धकेल दिया है। वर्ष शिमला की रैंक 2016 27 2017 47 2018 144 2019 127 2020 65 2023 56 2024 188 2025 347 रिपोर्ट में किन बिंदुओं पर फेल हुआ शिमला? स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, शिमला डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कचरा निपटान और स्रोत स्तर पर कचरे की छंटाई जैसे मूलभूत मानकों पर बेहद कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण: सिर्फ 42% कचरे का निपटान: 44% स्रोत स्तर पर कचरे की छंटाई: मात्र 2% डंपिंग साइट की स्थिति: 0% (पूर्ण असंतोषजनक) सार्वजनिक शौचालयों की सफाई: 67% जबकि आवासीय और बाजार क्षेत्रों की सफाई रिपोर्ट में 100% अंक दिए गए हैं, लेकिन असल तस्वीर इससे अलग प्रतीत होती है। नगर निगम ने बताया सर्वे को 'त्रुटिपूर्ण' हाई कोर्ट के निर्देशों और राज्य सरकार की निगरानी के बावजूद जब यह रिपोर्ट सामने आई, तो नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "इस सर्वे में कई तथ्यों को गलत दर्शाया गया है। शिमला में डोर-टू-डोर कूड़ा नियमित रूप से उठ रहा है, लेकिन आंकड़ों में सिर्फ 42% दिखाया गया है। हम इस रिपोर्ट को चुनौती देंगे।"
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की विक्रमबाग पंचायत के डाडूवाला गांव में एक किसान ने आम की दुनिया की सबसे महंगी किस्म उगाने में सफलता पाई है। किसान नवीन कुमार ने अपने बगीचे में मियाजाकी नस्ल का आम उगाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 2,70,000 रुपये से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक है। जानकारी के अनुसार नवीन कुमार ने दो साल पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित नर्सरी से मियाजाकी नस्ल के आम के पौधों को कूरियर के माध्यम से मंगवाया था। पौधे आने के बाद इसे बगीचे में लगाया। दो साल में ही इन पौधों ने फल दे दिए हैं। नवीन कुमार ने विदेशी नस्ल के इस महंगे मियाजाकी आम के अलावा अकेरिकन रेड पामर, रेड आइवरी आम, रेड बनाना आम, येलो बनाना आम, चकापात आम, नामडोकमाई आम भी सफलतापूर्वक उगाए हैं। अब उनका मकसद इन आम के बगीचे तैयार करने का है।
प्लासी नाबार्ड वित्तपोषित प्लासी-मैड भगेटू संपर्क मार्ग (लंबाई: 2.5 किमी, लागत ₹1.85 करोड़) के निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और डंगे के निर्माण में भारी धांधली की गई, और लगभग 100 फीट लंबे डंगे को केवल मिट्टी भरकर ढक दिया गया, जो भविष्य में जानलेवा साबित हो सकता है। मुख्य शिकायतकर्ता रवि कुमार उर्फ मोनू ठाकुर ने बताया कि उन्होंने और अन्य ग्रामीणों ने कई बार लोक निर्माण विभाग से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार सौरभ पठानिया के पिता राम चंद पठानिया, जो कांगड़ा एग्रीकल्चर बैंक के चेयरमैन हैं, और स्थानीय विधायक सुरेश कुमार के दबाव में विभाग ने चुप्पी साध ली। इतना ही नहीं, एक लाख रुपये की रिश्वत देकर मामला दबाने की भी कोशिश की गई। प्रकाश चंद, सुरेंद्र कुमार, पवन ठाकुर, जसबीर सिंह, सुशील कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने भी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है और ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और बिजलेंस इन्क्वायरी कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री,लोक निर्माण मंत्री एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ रजिस्टर एफआईआर की जाए। पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी ऑडिट करवाई जाए तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए। वही ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में संस्कृत भारती-हिमाचल प्रदेश न्यास के संयुक्त तत्त्वावधान में 12 जुलाई से 21 जुलाई तक आयोजित दश दिवसीय अखिल भारतीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठे दिन का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। कलोहा निवासी दिनेश शर्मा ने कहा कि बलाहर में निर्मित इस विद्यापीठ का होना क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है।केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के इस परिसर में सम्पूर्ण देश से छात्र अध्ययन हेतु आते हैं जिससे हम क्षेत्रवासियों का मस्तक गर्व से ऊँचा होता है। विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव एवं समस्त प्रशासनिक व शैक्षणिक अधिकारियों एवं वेदव्यास परिसर के समस्त आचार्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल में स्थापित यह परिसर ऐसे ही समुन्नति करता रहे एवं राज्य के साथ-साथ देश के विविध राज्यों से अध्ययन हेतु आए छात्र इसका नाम रोशन करते रहें ।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने यूनाइटेड किंगडम (यूके) के साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है। साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें इसके अध्यक्ष और कुलपति प्रो. मार्क ई. स्मिथ और उपाध्यक्ष (अंतर्राष्ट्रीय और सहभागिता) प्रो. एंड्रयू एथरटन शामिल थे, ने शूलिनी विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के कार्यालय (ओआईए) द्वारा समन्वित दो दिवसीय सहभागिता के लिए विश्वविद्यालय का दौरा किया। प्रतिनिधियों ने वर्धमान अनुसंधान प्रयोगशाला, नैनो प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, आईपीआर सेल और एआई एवं भविष्य केंद्र सहित प्रमुख अनुसंधान और नवाचार सुविधाओं का दौरा किया। उन्होंने शूलिनी के अधिकारियों के साथ रचनात्मक प्रौद्योगिकी केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्हें विश्वविद्यालय की स्थिरता पहलों और पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढाँचे के बारे में भी जानकारी दी गई। शूलिनी सेंटर ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी एक ऐसा स्थान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जहाँ रचनात्मकता और तकनीक का मिलन होता है। इस केंद्र की शुरुआत एक शैक्षणिक और रचनात्मक पहल के रूप में हुई है। इसका उद्देश्य उत्पाद डिज़ाइन, डिजिटल मीडिया, एनीमेशन, उपयोगकर्ता अनुभव और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में छात्रों, शिक्षकों और पेशेवरों का समर्थन करना है। इस केंद्र का उद्देश्य मजबूत शैक्षणिक और उद्योग-आधारित शिक्षा के माध्यम से प्रौद्योगिकीविदों, उद्यमियों और मीडिया पेशेवरों की एक नई पीढ़ी का विकास करके भारत को रचनात्मक उत्कृष्टता में वैश्विक नेता बनने में मदद करना है। प्रो. मार्क ई. स्मिथ ने कहा कि दोनों संस्थानों का लक्ष्य अनुसंधान, नवाचार और शिक्षण में मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा, "एआई वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को नया रूप दे रहा है। प्रो. एंड्रयू एथरटन ने नवाचार और स्थिरता के प्रति शूलिनी के दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा, "हम शिक्षा और अनुसंधान पहलों पर सहयोग करने में महत्वपूर्ण संभावना देखते हैं। कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक शैक्षणिक परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा, "संस्थानों को बदलाव के प्रति चुस्त और उत्तरदायी होने की आवश्यकता है।" कुलपति प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि शोध शूलिनी के शैक्षणिक मिशन का केंद्रबिंदु बना हुआ है। यह समझौता ज्ञापन छात्र और संकाय आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान, दोहरी डिग्री कार्यक्रम, ग्रीष्मकालीन स्कूल और शैक्षणिक सम्मेलनों जैसे क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। विश्वविद्यालय के नेतृत्व की उपस्थिति में प्रो. अतुल खोसला और प्रो. मार्क ई. स्मिथ ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में आज से बारिश का यलो अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला में तेज वर्षा होगी। साथ ही आने वाले दो दिनों (18 व 19 जुलाई) में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में यलो अलर्ट की स्थिति बनी रहेगी। प्रदेश में इस मानसून सीजन (20 जून से 16 जुलाई) की भारी बारिश व बादल फटने से 820 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह हो चुकी है। इसी तरह 106 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से लैंडस्लाइड, बाढ़ व बादल फटने से 24 लोगों की जान गई है, जबकि 34 लोग लापता है। 44 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई है।
हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में आज से बारिश का यलो अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला में तेज वर्षा होगी। साथ ही आने वाले दो दिनों (18 व 19 जुलाई) में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में यलो अलर्ट की स्थिति बनी रहेगी। 20 जुलाई को सिरमौर जिला में बारिश का पूर्वानुमान है। अन्य जिलों में मौसम साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। मगर 21 व 22 जुलाई को फिर से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। वहीं बीते 24 घंटे के दौरान सिरमौर जिला के कई भागों में तेज बारिश हुई है। नाहन में सबसे ज्यादा 22.9 मिलीमीटर, धौलाकुंआ में 17 मिलीमीटर बादल बरसे है। धर्मशाला में भी 17.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 9 से 16 जुलाई के बीच 59.7 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन 44.3 मिलीमीटर बादल बरसे हैं। इस अवधि में कुल्लू में सामान्य से 125 प्रतिशत ज्यादा बारिश, शिमला में 59 प्रतिशत और मंडी में 38 प्रतिशत ज्यादा बादल बरसे हैं। वहीं चंबा में सामान्य की तुलना में 68 प्रतिशत कम बारिश हुई है। चंबा में इस अवधि में 70.8 मिलीमीटर बारिश होती है। मगर इस बार 22.4 मिलीमीटर बादल बरसे हैं। कांगड़ा जिला में भी सामान्य से 134.3 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश की तुलना में इस बार 52.6 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो कि सामान्य से 61 प्रतिशत कम है। वहीं ऊना में सामान्य से 84 प्रतिशत कम, चंबा 72, हमीरपुर 18, सिरमौर 23, सोलन 40, हमीरपुर 18 और कांगड़ा जिला में नॉर्मल से 69 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
विश्व धरोहर माने जाने वाले कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर अब यात्रा और भी खास हो जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस ऐतिहासिक मार्ग पर नया आकर्षण जोड़ते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त लोंगेज रेल कार आरए-100 को लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। यह रेल मोटर कार यात्रियों के लिए न केवल एक आरामदायक अनुभव लेकर आएगी, बल्कि इसकी स्टाइलिश बनावट भी रोमांच बढ़ाएगी। इस नई रेल कार को खास लुक दिया गया है लाल रंग का बाहरी ढांचा और काले रंग की बड़ी शीशेदार खिड़कियां यात्रियों को सुंदर दृश्यों का बेहतर अनुभव देने के लिए तैयार की गई हैं। इसके अलावा, कार में एयर पावर ब्रेक सिस्टम, आरामदायक सीटें, और एसी की सुविधा भी दी गई है। सीटों के बीच पर्याप्त स्थान रखा गया है, जिससे सफर और भी सुकून भरा होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लोंगेज आरए-100 की सेवाएं बुकिंग के आधार पर ही उपलब्ध होंगी। एक बार में 14 यात्री इसमें सफर कर सकते हैं। खासतौर पर यह कार परिवारों और पर्यटक समूहों के लिए उपयोगी साबित होगी, जो शिमला की सैर को यादगार बनाना चाहते हैं। रेल मंडल अंबाला के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया कि, "कालका-शिमला ट्रैक पर जल्द ही लोंगेज आरए-100 का संचालन शुरू किया जाएगा। ट्रायल की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हमारा प्रयास है कि यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं मिलें और उनका अनुभव और भी खास बने।" इससे पहले रेलवे ने पैनोरमिक रेल कार की भी शुरुआत की थी, जिसे पर्यटकों से काफी सराहना मिली थी। अब नई रेल कार के जरिए रेलवे फिर से एक अनोखा अनुभव देने की तैयारी में है।
श्रीखंड महादेव यात्रा से लाैटते समय चंडीगढ़ के एक श्रद्धालु की रास्ते मे मौत हो गई है। मृतक की पहचान अभय(33) पुत्र कमल किशोर निवासी सेक्टर-15 डी चंडीगड़ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार अभय अपने चचेरे भाई के साथ श्रीखंड यात्रा पर निकला था और दोनों श्रीखंड से दर्शन कर वापस आ रहे थे। पार्वती बाग के समीप अभय की तबीयत बिगड़ गई। जहां से रेस्क्यू टीम की ओर से उसे भीम डवारी तक लाया गया। जहां प्राथमिक चिकित्सा के बाद अभय की तबीयत में सुधार हो गया था। इसके बाद बचाव टीम की ओर से अभय को भीम डवारी से बेस कैंप सिंहगाड होते हुए जाओं और फिर निरमंड के सिविल अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन अभय ने सिंहगाड और जाओं के बीच ही दम तोड़ दिया। डीएसपी आनी चंद्रशेखर कायथ ने इसकी पुष्टि की है। बता दें, 10 जुलाई को आधिकारिक तौर पर शुरू हुई श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान इस वर्ष यह पहली मौत हुई है। गौरतलब है कि हर साल इस कठिन यात्रा में खतरनाक रास्तों, ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक ठंड के कारण कई यात्री अपनी जान गंवा देते हैं।
जिला सोलन पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन की जिला संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं राज्य कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा की अध्यक्षता में आपातकालीन वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया। बैठक बारे जानकारी देते हुए संघ के मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि 11 जुलाई को पैंशनर्स कल्याण संघ हिमाचल प्रदेश के राज्य अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने मुख्यमंत्री से मिलने के उपरांत प्रेस को जारी बयान में प्रदेश के सभी पैंशनर्स अपनी पैंशन में से एक दिन की पेंशन प्रदेश में भारी वर्षा के कारण आई आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है। केडी शर्मा ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष आत्माराम शर्मा का एक दिन की पैंशन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निजी फैसला हो सकता है। उन्होंने कहा कि पैंशनर्स संघ की तरफ ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जो भयंकर आपदा आई है उसके लिए जिला पेंशनर्स संघ सोलन दुख व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में एक दिन की पैंशन देने का निर्णय संघ के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों से बातचीत करने के बाद ही लिया जाएगा। अपने सुझाव अनुसार हम पेंशनर मुख्यमंत्री राहत कोष में नहीं बल्कि खुद अपने स्तर पर आपदा पीड़ितों तक पहुचायेगे। जिलाध्यक्ष केडी शर्मा और महासचिव जगदीश पंवर ने संयुक्त बयान में यह भी कहा है कि जिला संघर्ष समिति के अनुसार 25 जुलाई को ग्यारह बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन परिसर में संघ अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे। साथ ही उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सुबाथू छावनी के साथ लगते कठनी स्थित माँ ज्वाला मंदिर की स्थापना व अखण्ड ज्योत को प्रजवल्लित हुए 7 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। जिसके उपलक्ष्य पर मंदिर में 21 जुलाई को अखण्ड ज्योति व स्थापना दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है । मंदिर की संस्थापक माँ साक्षी के सानिध्य में मंदिर प्रांगण में विशाल भण्डारा एवं माता की चौकी का आयोजन किया जा रहा है । माँ साक्षी ने सभी भगतजनो से आग्रह किया है की माता की दिव्य ज्योति एवं दिव्य चौकी में सम्मिलित होकर प्रभु प्रसाद ग्रहण करें व पुण्य के भागी बनना सुनिश्चित करें। सोमवार को सुबह साढ़े 9 बजे माता की विशेष पूजा व साढ़े 11 बजे हवन किया जायेगी । दोपहर 2 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जायेगा। रात साढ़े 8 बजे से माता कागुणगान किया जायेगा।
18 जुलाई को रिकांगपिओ में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। अधिशाषी अभियंता विद्युत टाशी छोडुप नेगी ने बताया कि 22 के.वी ओल्ड व न्यू सांगला फीडर तथा 22 के.वी एक्सप्रेस सांगला फीडर के तहत आने वाली विद्युत लाइनों में मरम्मत कार्य के चलते 18 जुलाई को रिशाल, जनकपुरी, ऊरनी, मीरू, यूला, चोलिंग, कनई, करछम, सापनी, ब्रुआ, बटुरी व समस्त सांगला वैली में प्रातः 09 बजे से सायं 05 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की असुविधा के चलते जनसाधारण से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने इस बार 1820 हेक्टेयर भूमि पर हरियाली लाने का संकल्प लिया है। वन विभाग खुद एक हजार हेक्टेयर भूमि पर पौधे रोपेगा, जबकि राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना के तहत 600 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में जल्द ही राज्य स्तरीय वन महोत्सव से पौधरोपण अभियान शुरू होगा। प्रदेश की बंजर जमीन पर हरियाली लाने के लिए वन विभाग ने यह लक्ष्य रखा है। इसके साथ-साथ जाइका वानिकी परियोजना ने 220 हेक्टेयर भूमि पर पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है, जो विभागीय और जन सहभागिता के माध्यम से पूरा होगा। बता दें कि पिछली बार जाइका वानिकी परियोजना ने 1296 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत प्रदेश में 100 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया गया। प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बीते दो जून को हमीरपुर में राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत प्रदेश की 600 हेक्टेयर जमीन पर पौधे रोपे जाएंगे। यह योजना न सिर्फ वन क्षेत्र बढ़ाने पर केंद्रित है, बल्कि स्थानीय समुदायों को आजीविका और रोजगार के नए अवसर भी देती है। बताया गया कि इस योजना के तहत बंजर भूमि पर फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण को लाभ मिलेगा और लोगों को फल उत्पादन के माध्यम से आर्थिक मदद भी मिलेगी। यह एक दोहरा लाभ देने वाली योजना है। इस योजना के तहत स्थानीय लोगों खासकर महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और युवक मंडलों को वनों की देखरेख में भागीदार बनाना भी है। महिला मंडल, युवक मंडल और स्वयं सहायता समूह इस पहल की रीढ़ हैं। वे केवल पौधरोपण के साथ-साथ पांच वर्षों तक पौधों की देखभाल भी करेंगे। इससे पौधों की दीर्घकालिक जीवंतता सुनिश्चित होगी और सामुदायिक सहभागिता भी मजबूत होगी। वन विभाग ने इस बार एक हजार हेक्टेयर भूमि पर पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है, इसके साथ-साथ राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना के तहत 600 हेक्टेयर और जाइका वानिकी परियोजना ने 220 हेक्टेयर भूमि पर पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है। कुल मिलाकर 1820 हेक्टेयर भूमि पर पौधे रोपे जाएंगे।
बुधवार सुबह कुनिहार पुलिस ने सिरमौर के दो युवकों से 210 ग्राम चरस बरामद किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जब पुलिस थाना कुनिहार की एक टीम थाना क्षेत्र में गश्त पर थी तो उक्त टीम को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि अर्की की तरफ से एक मोटर साईकिल नम्बर एच०पी-64सी-1436 आ रही है। जिस पर दो युवक सवार है। इस सूचना पर उक्त टीम द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए पुराना बस स्टैंड कुनिहार के समीप नाकाबन्दी करके उक्त मोटर साईकिल को रोककर चैक किया गया तथा उक्त मोटर साईकिल पर बैठे दोनों युवक जिनके नाम मुकेश निवासी गांव काण्डी डा०खा० हरलोग तह० शिलाई कोटा जिला सिरमौर उम्र 21 वर्ष व माधव खिदडी निवासी छोटा चौक नाहन जिला सिरमौर उम्र 22 वर्ष से 210 ग्राम चरस सहित गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस पर पुलिस थाना कुनिहार में मामला दर्ज किया गया। डी एस पी सोलन अशोक चौहान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों के पूर्व अपराधिक रिकार्ड की पड़ताल की जा रही है।
बरसात के मौसम में एसीसी गोल्ड सीमेंट के दामों में इजाफा देखने को मिला है। पहले जहां एक बैग की कीमत 490 रुपये थी, अब वह बढ़कर 500 रुपये हो गई है। हालांकि, सामान्य सीमेंट की कीमत 440 रुपये प्रति बैग पर स्थिर बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार बरसात में छत डालने और प्लास्टर जैसे कार्यों में एसीसी गोल्ड सीमेंट की मांग बढ़ जाती है, जिसके चलते दामों में यह बढ़ोतरी की गई है। वहीं सरिए की कीमतें भी ऊपर गई हैं। जिले में 8 एमएम सरिया 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, 12 एमएम 5,850 रुपये, 10 एमएम 6,090 रुपये और 16 एमएम सरिया 5,970 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध है। बढ़ती कीमतों ने निर्माण कार्यों पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है, जिससे आम लोगों और ठेकेदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है।
हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में बुधवार और वीरवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 20 जुलाई तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है। इस मानसून सीजन में 20 जून से 14 जुलाई तक राज्य में बादल फटने, बाढ़, भूस्खलन सहित अन्य कारणों से 105 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 184 लोग घायल हुए हैं। अभी भी 35 लोग लापता हैं। 44 लोगों की सड़क हादसे में माैत हुई है। मानसून सीजन में अब तक करीब 1235 कच्चे-पक्के मकानों, दुकानों को क्षति पहुंची है। 798 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 953 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 786 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में बुधवार और वीरवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 20 जुलाई तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है। मंगलवार शाम तक प्रदेश में 199 सड़कें, 68 बिजली ट्रांसफार्मर और 171 जल आपूर्ति योजनाएं ठप रहीं। आपदा की मार झेल रहा जिला मंडी सबसे अधिक प्रभावित है। चंबा के 50 गांवों में बिजली सप्लाई बंद हो गई है। कुल्लू में भूस्खलन से 35 सड़कें बंद होने से आवाजाही ठप है। मंगलवार को राजधानी शिमला में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। कांगड़ा में बादल छाए रहे। मैदानी जिलों में उमस भरी गर्मी से लोगों के खूब पसीने छूट रहे हैं। प्रदेश में सोमवार रात को हुई बारिश के बाद मंगलवार को मौसम भले ही खुल गया, लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। चंबा जिले में 10 ट्रांसफार्मर बंद होने से 50 गांवों में अंधेरा पसरा है। डलहौजी परिक्षेत्र की दो सड़कें भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद हैं। मंगलवार को भुंतर से हवाई सेवा बहाल रही। ऊना जिले में मंगलवार सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर के समय बूंदाबांदी हुई। हमीरपुर जिले में मंगलवार को दिनभर मौसम साफ रहा।
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र संसारपुर टैरेस में मंगलवार को नकली दवाओं के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने एक निजी फैक्ट्री में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद कीं। जानकारी के मुताबिक, एक पंजीकृत दवा कंपनी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके उत्पाद ‘कामराज कैप्सूल’ की नकल कर संसारपुर टैरेस स्थित फैक्ट्री में अवैध रूप से निर्माण और बिक्री की जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया कि यह कार्य बिना किसी अनुमति और कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा है। थाना प्रभारी संजय शर्मा की अगुवाई में औषधि निरीक्षक, पंचायत प्रतिनिधि और कंपनी प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली ‘कामराज कैप्सूल’ और अन्य दवा सामग्री बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री के पास एलोपैथिक दवाओं का लाइसेंस था, लेकिन वहां चोरी-छिपे रात को आयुर्वेदिक दवाओं का भी निर्माण किया जा रहा था, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। डीएसपी डाडासीबा राज कुमार ने बताया कि कॉपीराइट उल्लंघन, ट्रेडमार्क की नकल और नकली दवा निर्माण के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है। जब्त की गई दवाओं को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भू-स्खलन से हुए भारी नुकसान से अवगत करवाया। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में सहयोग तथा प्रदेश की कुछ सड़कों को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने का आग्रह किया। सुक्खू ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोनाओं में विभिन्न कारणों से हो रहे विलंब के बारे में भी केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी और इन परियोजनाओं की सभी औपचारिकताएं पूरी करवाने का आग्रह किया ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में सुरंग निर्माण को प्राथमिकता देने पर भी बल दिया। इसके अलावा उन्होंने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कों के संबंध में भी चर्चा की जिनका मामला रक्षा मंत्रालय से उठाया गया है। उन्होंने इन सड़कों पर भी शीर्घ कार्यवाही करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अधिक संख्या में रोप-वे परियोजनाओं को स्वीकृति देने का अनुरोध किया ताकि यातायात की समस्या का समाधान कर लोगों को लाभान्वित किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने राज्य को हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, सचिव लोक निर्माण अभिषेक जैन, प्रधान आवासीय आयुक्त सुशील कुमार सिंगला और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
श्री मणिमहेश यात्रा 2025 के सफल आयोजन को लेकर उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आज हडसर से दुनाली तक यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा से पहले सफाई, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की। यात्रा मार्ग पर 15 जुलाई से 30 जुलाई तक चलने वाले स्वच्छता अभियान का शुभारंभ भी उपायुक्त द्वारा किया गया। इस अभियान के तहत 15 टन कचरा हटाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर उपायुक्त ने मणिमहेश कैलाश की छवि को स्मृति चिन्ह के रूप में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर कुलबीर राणा को भेंट किया। निरीक्षण में पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, एसडीएम भरमौर अभिषेक मित्तल, बीडीओ भरमौर रमनवीर सिंह, विभिन्न विभागीय अधिकारी, हीलिंग हिमालय, धौलाधार क्लीनर्स, विश्व मानव रूहानी केंद्र, शाभं, स्वयं सहायता समूह, राजकीय महाविद्यालय भरमौर के विद्यार्थी और स्थानीय लोग शामिल रहे। उपायुक्त ने यात्रा मार्ग की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल आपूर्ति, ठहराव स्थल, शौचालय और कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न बरती जाए।
कुनिहार (सोलन): बरसात के मौसम में कुनिहार कस्बे की मुख्य सड़क पर जलभराव लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। शिमला मार्ग पर पुराने बस स्टैंड से लेकर तालाब तक दोनों ओर की नालियाँ पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। परिणामस्वरूप हर बारिश में सड़क पर पानी भर जाता है जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हिंदुस्तान जन सेवा समिति के अध्यक्ष और समाजसेवी आर.पी. जोशी ने कहा कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पैदल चलने वालों पर वाहन चालकों के द्वारा पानी के छींटे पड़ते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। यही नहीं, बारिश का पानी कई बार दुकानों और घरों के अंदर भी घुस जाता है, जिससे व्यापार और घरेलू जीवन दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने चेताया कि अगर समय रहते सफाई नहीं की गई तो यह गंदा पानी बीमारियों का कारण बन सकता है। खासकर डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। आर.पी. जोशी ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि वे शीघ्र ही इन बंद पड़ी नालियों को साफ करवाएं और दुरुस्त करें, ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके और स्थानीय लोगों को राहत मिले।
राजकीय स्नातक महाविद्यालय मझीन में रेड रिबन क्लब के तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए स्क्रब टाइफस, हेपेटाइटस और टीबी जैसे संक्रामक रोगों पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन भारद्वाज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। रेड रिबन क्लब की नोडल अधिकारी आरती गुप्ता ने जानकारी दी कि इस सत्र में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर कुमारी स्मृति और नंदिका चौधरी ने विद्यार्थियों को इन बीमारियों के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी दी।नंदिका चौधरी ने बताया कि स्क्रब टाइफस एक प्रकार का जीवाणुजनित संक्रमण है, जो चूहों पर पाए जाने वाले छोटे कीटों के काटने से फैलता है। खासकर बरसात के मौसम में खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कुमारी स्मृति ने हेपेटाइटस बी और टीबी जैसे गंभीर रोगों से जुड़ी अहम जानकारी देते हुए बताया कि बरसात के मौसम में साफ पानी और स्वच्छ, घर का बना भोजन ही सेवन करना चाहिए, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। उन्होंने टीबी की पहचान, इसके लक्षण और समय पर उपचार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में हेल्थ ऑफिसर्स ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। इस अवसर पर डॉ. सारिका, प्रो. मुक्ता मनी, डॉ. नीलम, प्रो. मोहिनी और प्रो. लक्की भी उपस्थित रहे।
हमीरपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने सिर्फ एक तोला चिट्टा खरीदने के लिए अपने पिता की लाखों की कार महज 90 हजार रुपये में बेच डाली। महिला की उम्र करीब 30 साल है और वह चार साल की बच्ची की मां है। कुछ साल पहले उसकी शादी शिमला में हुई थी, लेकिन अब वो मायके में रह रही थी। 28 जून को उसके पिता ने सदर थाना हमीरपुर में कार चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने हमीरपुर शहर के एक युवक के साथ मिलकर कार को जालंधर में एक व्यक्ति को बेच दिया। दोनों आरोपी नशे के आदी पाए गए। ड्रग टेस्ट में दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जांच के दौरान पुलिस ने युवक को हमीरपुर से गिरफ्तार किया। वह इस समय न्यायिक हिरासत में है। कार को जालंधर से बरामद कर लिया गया है। जिस व्यक्ति को कार बेची गई थी, उसे मैक्लोडगंज से गाड़ी सहित पकड़ा गया, लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। महिला को भी पहले हिरासत में लिया गया, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद अब वह फिर से फरार हो गई है। उसके पिता ने कहा कि उनकी बेटी पहले भी नादौन थाना से चिट्टे के केस में पकड़ी जा चुकी है। अब वह दोबारा लापता हो गई है। चार साल का मासूम नाती अब अपने नाना के सहारे है। बेटी की हालत ने पिता को तोड़ कर रख दिया है। एसपी हमीरपुर ने बताया कि हर एंगल से जांच जारी है।
सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की बैरी पंचायत के गांव चपटेड से धर्मपुर और गोहर के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री रवाना की गई। इस राहत सामग्री को स्थानीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम पूर्व सैनिक अनिरुद्ध सिंह के सानिध्य में आयोजित हुआ। विधायक रणजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश इस समय भयंकर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है और ऐसे में हर गांव, हर संस्था को मिलकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समय हाथ से हाथ पकड़ कर एकजुटता से आगे बढ़ने का है। जिनके सिर पर कभी छत थी, आज वे खुले आसमान तले हैं। जिनके पास खाना, कपड़े और पीने का पानी तक नहीं है, उनके लिए हमारी एक छोटी सी मदद भी बड़ी राहत बन सकती है। विधायक ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से भी हरसंभव सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदाग्रस्त परिवारों को 5,000 की फौरी राहत राशि दी है और नया घर बनाने के लिए ₹7 लाख तक की सहायता का ऐलान किया गया है। कैप्टन रणजीत सिंह ने लोगों से अपील की कि इस मुश्किल घड़ी में एकजुट होकर जरूरतमंदों की मदद करें। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से आपदाग्रस्त लोगों के साथ खड़ी है और हर संभव राहत पहुंचाई जा रही है।
सुजानपुर तहसील में एक गंभीर जालसाजी का मामला सामने आया है, जहां एक मृत व्यक्ति को कागजों में ‘जिंदा’ दिखाकर फर्जी शपथपत्र तैयार किया गया। इस मामले को लेकर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 2 के एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) हमीरपुर के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, नोटरी पब्लिक सुजानपुर के राज कुमार और गांव सोड डॉ घर जोललमवरी निवासी वरिंदर डोगरा पुत्र चंदू राम पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर जानबूझ कर जालसाजी की। उन्होंने मृत व्यक्ति प्रकाश चंद धीमान पुत्र इन्द्र राम, निवासी गांव चुनाहल झनियारा तहसील व जिला हमीरपुर को जीवित दर्शाते हुए फर्जी शपथपत्र तैयार किया और एक वाहन (HP22.5762) अपने नाम पर करवाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि प्रकाश चंद धीमान की मृत्यु करीब छह महीने पहले हो चुकी थी। बावजूद इसके, उनके नाम से शपथपत्र तैयार कराकर कथित तौर पर दस्तावेजों में हेराफेरी की गई। हालांकि, इस मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, लेकिन शिकायत SP हमीरपुर को प्राप्त हो चुकी है और मामले की प्राथमिक जांच की तैयारी है। SHO सुजानपुर के अनुसार, दस्तावेजों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
बीसीसीआई क्लब बतबाड़ द्वारा आयोजित क्रिकेट क्रेजी ट्रॉफी का भव्य शुभारंभ सोमवार को डाडा सीबा क्षेत्र के अंतर्गत गांव बतबाड़ में किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे स्थानीय व्यवसायी रितेश शर्मा ने सिक्का उछाल कर टूर्नामेंट का औपचारिक आगाज़ किया। इस अवसर पर रितेश शर्मा ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “आज के समय में युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करना बहुत जरूरी है। जिस तरह से आज की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आती जा रही है, ऐसे आयोजनों से उन्हें एक सही दिशा मिल सकती है। यह प्रयास सराहनीय है और मैं इसके लिए आयोजन समिति का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि, खुद पर विश्वास रखना ही सफलता की कुंजी है। अगर हम अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं, तो हर मंजिल पाई जा सकती है। टूर्नामेंट के आयोजक और बीसीसीआई क्लब बतबाड़ के प्रबंधक विवेक सपेहिया ने जानकारी दी कि यह टूर्नामेंट कुल 3 दिन तक चलेगा। विजेता टीम को ₹8888 और उपविजेता टीम को ₹4444 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला डाडा सीबा और बतबाड़ की टीमों के बीच खेला जा रहा है।
शूलिनी विश्वविद्यालय में डायरेक्ट सेलिंग पर चौथे सीईडीएसए कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। यह एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम था, जिसमें भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग के उभरते भविष्य पर चर्चा करने के लिए उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं, शिक्षाविदों, उद्यमियों और नीति निर्माताओं ने एक साथ भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन कुलाधिपति प्रो. पी.के. खोसला और कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने किया, जिन्होंने नेतृत्व, दूरदर्शिता और अखंडता के उन मूल्यों पर बात की जिन्होंने शूलिनी विश्वविद्यालय को आकार दिया। प्रो. अतुल खोसला ने युवा पेशेवरों से शांत, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। इस कॉन्क्लेव का आयोजन भारत के डायरेक्ट सेलिंग में पहले पीएचडी धारकों में से एक, प्रोफेसर कमल कांत वशिष्ठ ने किया था, जिन्हें व्यापक रूप से उद्योग का अकादमिक चेहरा माना जाता है। अपने मुख्य भाषण में, प्रोफेसर वशिष्ठ ने डायरेक्ट सेलिंग में औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और "जुनून को पेशे में बदलने" के महत्व पर बल दिया। दो दिनों में डिजिटल परिवर्तन, नैतिक शासन, महिला सशक्तिकरण और उद्योग के दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर केंद्रित चार प्रभावशाली पैनल चर्चाएँ हुईं। दीपक बजाज, गौतम बाली, ए.पी. रेड्डी, राजीव गुप्ता, रफीक अहमद, राहुल, डॉ. गोपालम सुल्तानिया, विशाल वत्स और राजेश अग्रवाल सहित उद्योग विशेषज्ञों ने एक पेशेवर और भरोसेमंद डायरेक्ट सेलिंग इकोसिस्टम के निर्माण पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन उद्योग के गौतम बाली, प्रबंध निदेशक, वेस्टीज मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, ए.पी. रेड्डी, अध्यक्ष, एफडीएसए, और राजेश अग्रवाल, प्रसिद्ध प्रबंधन संरक्षक और प्रशिक्षक, को भारत में डायरेक्ट सेलिंग के विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए गोल्डन रुद्राक्ष पुरस्कार प्रदान करने के साथ हुआ।
सोमवार को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश न्यास के संयुक्त तत्त्वावधान में 12 जुलाई से 21 जुलाई तक दस दिवसीय अखिल भारतीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन सुबह एकात्मतास्तोत्र पारायण के उपरांत आचार्य डॉ.जयकृष्ण ने सभी प्रतिभागियों को योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाया। उसके पश्चात जसवां प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के मण्डल प्रवक्ता रूपेन्द्र सिंह डैनी द्वारा दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया । वंदनासत्र के उपरांत सम्पूर्ण दिन विविध वर्गों में व्याकरणाभ्यास, वर्गशिबिर, रटनाभ्यास, श्लोक-स्तोत्रोच्चारण, कालपरिवर्तनाभ्यास, लेखनकार्य, विभक्तीपाठन, भाषाक्रीडा, बौद्धिकसत्र, बिन्दुविमर्श, क्रीडाप्रशिक्षण, रूपशुद्धिपाठन एवं अनौपचारिक सत्रों में हास्यकणिका, कथाकथन, बिन्दुपाठन आदि गतिविधियाँ आयोजित की गई ।
ऐतिहासिक शिव तांडव गुफा कुनिहार में आज सावन के पहले सोमवार के उपलक्ष्य पर सुबह से सैकड़ो श्रद्धालुओं ने शिवलिंग के दर्शन किए। गुफा में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। इस गुफा में बड़ी दूर-दूर से दर्शनों के लिए लोग आते हैं। प्राचीन शिव गुफा समिति के अध्यक्ष राम रतन तंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि सावन माह उपलक्ष्य पर शिवगुफा में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन किया जाएगा व अगले सोमवार से यह भंडारा शुरू किया जाएगा । राम रतन तंवर ने बताया कि शिव गुफा में बन रहे भंडारे को भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मांनक प्राधिकरण द्वारा 'इट राइट भोग' का भी सर्टिफिकेट मिल चुका है। यह सर्टिफिकेट मंदिर में प्रसाद एवं भंडारे की शुद्धता और सफाई व्यवस्था का ऑडिट करने के बाद जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह शिव मंदिर अनेकों लोगों की आस्था का प्रतीक है,और हर सोमवार सैकड़ो श्रद्धालु शिव भगवान के आशीर्वाद लेने मंदिर परिसर पहुंचते हैं। इसलिए मंदिर कमेटी का भी दायित्व है कि श्रद्धालुओं को भंडारे में शुद्ध प्रसाद वितरित किया जाए।
पूर्व उद्योग मंत्री एवं जसवां प्रागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर ने कहा है कि क्षेत्र में माफिया संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक ऐसे नेता को आगे कर रखा है जिसे जनता दो बार नकार चुकी है। उन्होंने कहा कि अब यह हारा हुआ नेता खुद को मुख्यमंत्री का साला बताकर राजनीतिक प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहा है, जो न केवल हास्यास्पद है, बल्कि क्षेत्र की जनता का अपमान भी है। बिक्रम ठाकुर ने तीखे शब्दों में कहा कि अब कांग्रेस में जनसेवा की जगह पारिवारिक रिश्ते राजनीति का आधार बन चुके हैं। चुनाव हारने के बाद भी यदि कोई केवल मुख्यमंत्री से संबंध दिखाकर ठेके और ट्रांसफर बांट रहा हो, तो यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और सत्ता की दलाली है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के संरक्षण में जसवां प्रागपुर में ट्रांसफर माफिया और ठेकेदार लॉबी को खुली छूट दी जा रही है। यहां अब योग्यता नहीं, नजदीकियों का बोलबाला है। और जो खुद को सत्ता का रिश्तेदार बताकर ठेके दिलवा रहा है, वो असल में क्षेत्र का सौदा कर रहा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि जब वे सरकार में थे, तब जसवां प्रागपुर जैसे पिछड़े क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया गया। BDO कार्यालय, SDM कार्यालय, सड़कें, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य सेवाएं— ये सब भाजपा शासन की देन हैं। लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही द्वेष की राजनीति के तहत इन्हें डी-नोटिफाई कर दिया, जिससे यह साफ हो गया कि उन्हें जनता की सुविधा से नहीं, अपनी राजनीतिक कुंठा से मतलब है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि उन पर बार-बार बेबुनियाद आरोप लगाने वाले खुद को पहले जनता की अदालत में साबित करें। जो व्यक्ति चुनाव हारकर घर बैठना चाहिए, वो अब सरकारी गलियारों में माफिया राज चला रहा है। मुख्यमंत्री से संबंध होना क्या अब कांग्रेस में अघोषित योग्यता बन गया है? उन्होंने साफ कहा कि जसवां प्रागपुर किसी के बाप की जागीर नहीं है। यहां की जनता ने मुझे लगातार समर्थन दिया है और मैं हर उस ताकत से टकराऊंगा जो क्षेत्र के विकास में बाधा बनती है।
अखिल भारतीय बाल्मीकि महासभा हिमाचल प्रदेश ने हिसार (हरियाणा) में एक दलित परिवार के साथ हुई मारपीट और 14 वर्षीय बालक गणेश की मौत की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। महासभा ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक लहोरवी की अगुवाई में उपायुक्त कांगड़ा के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि बीते दिनों हिसार के 12 क्वार्टर क्षेत्र में बालक गणेश का जन्मदिन परिवार और रिश्तेदारों द्वारा मनाया जा रहा था। घर के अंदर सीमित आवाज़ में बुफर से गीत बजाए जा रहे थे। यह कोई डीजे नहीं था, जिसे लेकर अनुमति आवश्यक हो। रात करीब 11 बजे पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बुफर बंद करने को कहा। जब परिवार ने स्थिति स्पष्ट की, तो पुलिसकर्मी आक्रोशित हो गए और अभद्रता करने लगे। आरोप है कि नशे में धुत पुलिसकर्मियों ने परिवार की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों पर लाठियों से हमला किया। बचाव में दो बच्चे छत पर चले गए। वहां भी पुलिसकर्मी पहुंच गए और उन्हें बेरहमी से पीटते हुए छत से नीचे धक्का दे दिया, जिससे गणेश की मौके पर ही मौत हो गई। महासभा ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में कहा गया कि अब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, उल्टा पीड़ित परिवार को ही आरोपी बनाने की कोशिश की जा रही है। राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा और राष्ट्रीय महासचिव राकेश गिल ने संयुक्त बयान में कहा कि वाल्मीकि समाज इस अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों पर IPC की धारा 102, 103 और सेक्शन 109 के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक लहोरवी, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदेश काका, प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल कुमार, विकास गिल, संगठन सचिव विक्रम मल्होत्रा, कार्यकारिणी सदस्य अनूप सहोंतरा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष कुमार, प्रमुख महासचिव तिलक चौहान, अजय हंस, किसान मोर्चा योल से प्रताप सिंह, रविदास संगठन से दलजीत और सुरेश कुमार सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
बी बी एन: अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय कोर समिति बैठक गत दिवस श्री अग्रसेन संस्थान जोधपुर (राजस्थान ) में आयोजित की गई। जिसमें देश भर के 22 राज्यों और केंद्रीय साशित राज्यों से संगठन राज्य प्रधान और सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक का शुभारम्भ राजस्थान के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग ने द्वीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष लघु उद्योग भारती घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशिल गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष आर.एन.गुप्ता, सहित अन्य पदाधिकरी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर राजस्थान हाई कोर्ट जज मनोज कुमार गर्ग ने अदालतों में अग्रवाल समाज के बढ़ते जा रहे केस जिनमें तलाक़, लिव इन रिलेशन्स के कारण टूट रहे परिवारों के मुद्दे पर गहन चिंता व्यक्त की। उन्होंने पर्यावरण के संरक्षण हेतु पौधा रोपण और जल संरक्षण पर बल दिया। इस बैठक में अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल ने समाज को व्यापार के साथ साथ पर्यावरण और जल के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि आगामी पीढ़ी को यह धरोहर भी देनी होगी जिसके लिए अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन ने देश के प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए "एक पेड़ मां के नाम" आह्वान के अधीन संगठन देश भर में आगामी एक वर्ष के दौरान 50 लाख वृक्षों का रोपण करने जा रहा है। उन्होंने देश भर के संगठनों पदाधिकारियों को इस संकल्प में हिस्सा लेने का आह्वान किया। प्रदीप मित्तल ने कोर कार्यकारिणी बैठक में बताया कि अग्रवाल समाज को अपने गौरवमयी इतिहास की जानकारी देने हेतु समाज से संबंधित क्रांतिकारियों का इतिहास बताया जायेगा। जिनमें अमर शहीद लाला लाजपत राय जैसे महान विभूतियों की गाथा बताई जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता लाने हेतु देश भर में विशेष दिनों का आयोजन किया जायेगा।जिनमें महालक्ष्मी पूर्णिमा (4 दिसंबर) , नागरिक दिवस (21 अगस्त) को मनाए जाएंगे। इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में भलाई हेतु जो अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए उनमें समाज में युवाओं की शादी 25 वर्ष तक की आयु तक कर दी जाये, समाज के माता पिता अपने बच्चों के साथ समय बिताएं, अग्रवाल समाज के युवाओं में खेलकूद की रूचि बढ़ाने हेतु देश भर में ऑय.पी.एल. के स्तर पर खेलों का आयोजन करने और श्रेष्ठ खिलाडियों को अग्रवाल रतन पुरूस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में देश भर के अग्रवाल संगठनों को 11 सूत्रीय कार्यक्रमों जिनमें महालक्ष्मी वरदान दिवस, महाराजा अग्रसेन जयंती, अग्रवाल समाज के महापुरुषों की जयंती, अग्गर सम्मान समारोह, वरिष्ठ नागरिक दिवस, महिला दिवस, परिचय समारोह, सदस्य्ता अभियान, प्रदेश संगठनों द्वारा प्रदेश इकाई, कार्यकारिणी, जिला संगठन, संरक्षक सदस्यों, ब्लॉक और मंडल इकाई, प्रांतीय अधिवेशनों का आयोजन, अग्रवाल समाज के केंद्रीय मंत्रियों, प्रमुख उद्योगपतियों, प्रसाशनिक अधिकारी, मंत्री, सांसद, विधायकों और पार्षदों को उनके कार्यों पर सम्मानित करने, पडोसी राज्यों के समाज समारोहों में हिस्सा लेना, हॉस्पिटल में उपचाराधीन समाज के परिवारों की मदद और भोजन की व्यवस्था, आश्रम में प्रभुजनों, दृष्टि हीन, दिव्यांगों की सेवा के साथ साथ गोसेवा कार्य, रक्तदान शिविर आयोजन करना और आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चों की शिक्षा में सहयोग देना शामिल हैं, का लक्ष्य रखा गया। बैठक में आगामी जनगणना में अग्रवाल समाज को विशेष रूप से नाम दर्ज करवाने की भी अपील की गई। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की कोर समिति में हिस्सा लेने पहुंचे देश भर के संगठन पदाधिकारियों में पवन अग्रवाल, सुरेंदर गोयल (बूंदी) बजरंग अग्रवाल , गायत्री मित्तल, राजेश मित्तल, राम विलास जैन, रीना मित्तल (कोटा), अर्चना सहगल, नवीन तायल, परवीन बंसल, सुशिल गुप्ता (दिल्ली) अलका अग्रवाल (जयपुर) अजय अग्रवाल , बनवारी लाल अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, रमाकांत खेतान, विनोद अग्रवाल (महाराष्ट्र) राजेश गुप्ता, राकेश गोयल (दिल्ली) संत गोपाल (फरीदाबाद) अशोक सियाराम, राजेंदर आग, राजकुमार आग, उमेश कुमार (छत्तीसगढ़) चंद करन, सुरेश चंद (अजमेर) अशोक सिंघानिया (अलवर) विनोद अग्रवाल (चंडीगढ़) अशोक गर्ग, दीन दयाल, ममता गुप्ता, मोहित अग्रवाल , पंकज गुप्ता, पुनीत गुप्ता, पुष्प गर्ग, राम बाबू सिंघल, संजय सिंघल, सतीश गोयल, विजय गुप्ता, योगेंदर अग्रवाल (दिल्ली) सुरेंदर अग्रवाल (फरीदाबाद) राकेश अग्रवाल (ग्वालियर) संजय गुप्ता (हापुड़) जितेंदर सिंघल, शिव कुमार गुप्ता (खेकड़ा) सुरेश गर्ग (पंचकूला) अशोक गर्ग (शिमला), अजय गुप्ता (फरीदाबाद) अशोक, राजेश भारूका, रतन लाल, रवि अग्रवाल (सूरत), मनीष अग्रवाल, श्रीकांत मुरारका, ताराचंद गुप्ता (झुंझनू) आर.एन. गुप्ता (हैदराबाद) कुलभूषण मित्तल (इंदौर) मोहित (भटिंडा) बृजेश (भोपाल) सुशिल बंसल (बीकानेर) नितेश बाज़ारी (डीडवाना) विजय अग्रवाल (श्रीगंगा नगर) सुनील गर्ग (भोपाल) रेशु सिंगला सुमित सिंगला (दिल्ली) प्रदीप मित्तल (फरीदाबाद) शामिल थे।
हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। आज 14 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश होने की सम्भावना है , जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद, 15 जुलाई को भी राज्य में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। इन चेतावनियों को देखते हुए, खासकर कुछ जिलों के लोगों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। आज हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ-साथ हल्की गरज और बिजली गिरने की भी आशंका है। राज्य के बाकी जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कुल्लू जिले के जिया गांव के पास रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। ब्यास नदी को पार करते समय एक मां की गोद से उसकी पांच वर्षीय मासूम बेटी छिटक कर बह गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना घरूरू के अस्थायी झूला पुल पर उस समय हुई जब मां अपनी दोनों बेटियों के साथ नदी पार कर रही थी। जानकारी के अनुसार, रजनी नामक महिला अपनी दो बेटियों, पांच साल की परी और चौदह वर्षीय वंशिका के साथ जिया से शमशी वर्कशॉप स्थित अपने घर लौट रही थी। दोपहर करीब दो बजे जब वे ब्यास नदी पार कर रही थीं, तो अचानक घरूरू में तेज झटका लगा। इससे परी मां की गोद से छिटककर नदी में जा गिरी और तेज बहाव में बह गई। वंशिका भी गिरते-गिरते बची, लेकिन किसी तरह झूले की रस्सी पकड़ ली और लगभग दस मिनट तक उसी से लटकती रही। रजनी खुद भी झूले पर बुरी तरह फंस गई थीं और चाहकर भी अपनी बेटी की मदद नहीं कर पा रही थीं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मां और बेटी को सुरक्षित नीचे उतारा। परी का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर नदी किनारे बरामद किया गया। बच्ची की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। कुल्लू के एसपी डॉ. कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि घरूरू की स्थिति असुरक्षित पाई गई, तो भविष्य में इस पुल का उपयोग प्रतिबंधित किया जाएगा। जिया पंचायत के प्रधान संजू पंडित ने इसे एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली घटना बताया और प्रशासन से ऐसे अस्थायी पुलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
उप मंडल ज्वालामुखी के तहत शिक्षा खंड खुंडियां में राजकीय केंद्र पाठशाला मे तीन वर्षीय 2025 से 2028 राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का चुनाव 12 जुलाई को संपन्न हुआ। इसमें चुनाव पर्यवेक्षक शिक्षा खंड रक्कड़ से संजीव कुमार शर्मा, मनोहर लाल गांधी, मदनजीत शिक्षा खंड थुरल से महेंद्र जमाल, रतन चंद, इशांन शर्मा आदि अध्यापक साथी रहे। शिक्षा खंड खुंडिया मे सर्व सहमति से तीसरी बार कार्यकारिणी का चुनाव हुआ इसमें भीम सिंह राणा( राजकीय प्राथमिक पाठशाला महादेव अध्यक्ष अंकज डोगरा , वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार महासचिव, रितु राम कैशियर बनाया गया। वहीं महिला विंग से सपना कुमारी प्रधान, नीलम कुमारी ,उप प्रधान सीमा कुमारी, सचिव मीनाक्षी शर्मा कैशियर बनाया गया। इस चुनाव में विशेष जिम्मेदारी निभाने में सीएचटी करनैल सिंह, सुरजीत कुमार रमेश कुमार ,अजवीर सिंह देशराज, विजय कुमार, जीवन कुमार सुरेश कुमार गुरजीत सिंह आदि। विशेष अतिथि मे राज्य कार्यकारिणी के महासचिव संजय पीसी जिला कार्यकारिणी कुलदीप पठानिया ,खंड धीरा से महासचिव सुमित कुमार, खंड नूरपुर से प्रधान मुल्तान सिंह खंड भवारना से प्रधान कुलदीप चंद महासचिव अनिल शशि व खंड रक्कड़ से शिव कुमार, प्रदीप कुमार, रमेश कुमार, संजय कुमार संजीव कुमार बिशन दास थुरल से अमित वालिया, होशियार सिंह आदि सेवानिवृत् अध्यापकों में से पुर्नचंद पूर्व महासचिव दविंदर राणा, प्रकाश चंद, गुरु बक्श विनोद धीमान आदि अंत में अध्यक्ष ने सभी अध्यापक साथियों के सहयोग के लिए धन्यवाद किया ।
कसौली निर्वाचन क्षेत्र के वर्तमान विधायक के गृह क्षेत्र कुमारहट्टी में रहने वाला 24 वर्षीय विक्रम एक सड़क दुर्घटना का शिकार होने के बाद पिछले करीब 10 सालों से पीड़ित अवस्था में अपने माता पिता पर निर्भर हो चुके है। लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार को न तो सरकार से मदद मिल सकी ओर न ही किसी सरकारी योजना का लाभ मिला। जिसके कारण विक्रम आज भी अपने साथियों की तरह घर से बाहर जाने में सक्षम नहीं है। विक्रम के पिता सोनू कुमार ने बताया कि 10 वर्ष पहले विक्रम का एक्सीडेंट हो गया था। पीजीआई में इलाज तो करवाया लेकिन इसके बाद भी दिमाग में चोट के कारण दौरे आते रहे। लेकिन अब पिछले कई वर्षों से विक्रम बिस्तर पर ही है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों मदद की गुहार के लिए उन्होंने कसौली विधायक विनोद सुल्तानपूरी से भी मुलाकात की है। इस दौरान विधायक ने मदद का पूरा आश्वासन भी दिया है। लेकिन सोशल मीडिया पर विक्रम का दर्द शेयर होने के बाद सुबाथू की संस्थानों में शाहिद मेजर दुर्गा मल्ल, पूर्व सैनिक लीग सुबाथू यूनिट, सहित अन्य लोगों की मदद से कुछ धन राशि मिली है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले महीने तक विक्रम का ऑपरेशन होने के बाद उसे नया जीवन मिलेगा। पूर्व सैनिक लीग सुबाथू यूनिट के अध्यक्ष सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर दीपक तमांग ने बताया की विक्रम के ईलाज के लिए उनकी टीम अपने लोगो के पास जाकर धन इकठ्ठा करने प्रयास जारी है । उन्होंने बताया की जिस प्रकार से लोगों का सहयोग मिल रहा । उमीद है की अगले माह विक्रम का ऑपशन अवश्य हो जायेगा ।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बीच लाहौल की ऊंची चोटियों में करीब डेढ़ माह बाद शनिवार को बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रा के साथ कुंजुम और बारालाचा सहित ऊंची चोटियां बर्फ से सफेद हो गई हैं। 15 जुलाई तक हिमाचल के कुछेक और 16 जुलाई से अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। उधर, सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से अब तक बादल फटने, भूस्खलन व बाढ़ में 95 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 175 लोग घायल हुए हैं और 33 अभी लापता हैं। 1,193 से अधिक कच्चे-पक्के घर, दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। 785 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। जबकि नुकसान का आंकड़ा 75,195.89 लाख रुपये पहुंच गया है। इनमें से अधिकतर नुकसान आपदा प्रभावित मंडी जिले में ही हुआ है। शुक्रवार रात को मुरारी देवी में 126.0, पंडोह में 79.0, सलापड़ में 67.7, कोठी में 60.4, मंडी में 53.2, जोगिंद्रनगर में 53.0, भुंतर में 47.6, भराड़ी में 40.0 और सराहन में 35.0 एमएम बारिश दर्ज की गई। वही प्रदेश में दो एनएच सहित 252 सड़कें, 327 बिजली ट्रांसफार्मर और 787 जल आपूर्ति योजनाएं अभी भी बंद पड़ी है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बीच लाहौल की ऊंची चोटियों में करीब डेढ़ माह बाद शनिवार को बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रा के साथ कुंजुम और बारालाचा सहित ऊंची चोटियां बर्फ से सफेद हो गई हैं। शिमला में शनिवार दोपहर को झमाझम बारिश हुई। शहर में 13 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। 15 जुलाई तक हिमाचल के कुछेक और 16 जुलाई से अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुल्लू से लेकर लाहौल तक शुक्रवार रात को जमकर बारिश हुई। चंबा में शनिवार को तेज धूप खिली। ऊना में शनिवार को सुबह के समय कुछ स्थानों पर बारिश हुई। बारिश के बीच ब्यास के साथ कुल्लू जिला के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार को समर्पित 10 दिवसीय शिविर में देशभर से 350 प्रतिभागी केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेदव्यास परिसर बलाहर में शनिवार से अखिल भारतीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह 10 दिवसीय कार्यक्रम संस्कृतभारती हिमाचल प्रदेश न्यास और विश्वविद्यालय परिसर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में देहरा उपमंडलाधिकारी कुलवंत सिंह पोटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशिका प्रो. सत्यम कुमारी ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि संस्कृतभारती हिमाचल प्रदेश के प्रान्ताध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा और मुख्य वक्ता उत्तर क्षेत्र प्रशिक्षण प्रमुख संजीव पाठक थे। सह निदेशक प्रो. मञ्जुनाथ भट्ट सारस्वत अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सत्यदेव ने जानकारी दी कि शिविर में कुल 350 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें विव्यास परिसर के छात्र, शिक्षाशास्त्री एवं प्राक्शास्त्री शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य भाषा बोधन, प्रबोधन, प्रशिक्षण और प्रगत प्रशिक्षण के माध्यम से संस्कृत भाषा को व्यवहार में लाना है। मुख्य अतिथि कुलवंत सिंह पोटन ने इस प्रयास की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने समाज में संस्कृत के प्रचार-प्रसार और शिक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस अवसर पर उत्तर क्षेत्र बाल केंद्र प्रमुख विनायक हेगड़े, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. ओंकार चंद, डॉ. जयकृष्ण, अरविंद डोगरा, हीरा सिंह, डॉ. सन्नी कुमार, अभिषेक शर्मा सहित कई व्यक्ति एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुरुषोत्तम ने किया जबकि अंत में डॉ. विनोद शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनलोग कला में तंबाकू मुक्त पीढ़ी स्कूल चैलेंज अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने तंबाकू निषेध पर पोस्टर और स्लोगन बनाए तथा गांव और विद्यालय परिसर के आसपास नारे लगाकर रैली निकाली। इस रैली का उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना था। बच्चों ने मनलोग कला गांव के एक सार्वजनिक स्थान पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से तंबाकू के प्रयोग से होने वाली हानियों को दर्शाया। इस नाटक को स्थानीय लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य मोहन कुमार चौहान और विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने सभी को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक और ग्रामवासी भी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान व महंगाई भत्ता देने के निर्णय ने प्रदेशभर में सहकारी क्षेत्र के कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। वर्षों से लंबित मांग पूरी होने पर देहरा सहकारी कर्मचारी संघ ने इस फैसले को ऐतिहासिक और संवेदनशील करार दिया है। इसी क्रम में संघ का एक प्रतिनिधिमंडल देहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश ठाकुर से भेंट करने पहुंचा और उन्हें इस निर्णय में समर्थन देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल में संघ अध्यक्ष विजय शर्मा, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ठाकुर, महामंत्री रजनीश गुलेरिया व संगठन मंत्री धीरेज शर्मा शामिल रहे। उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच, प्रगतिशील दृष्टिकोण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रभावशाली पैरवी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार आगे भी कर्मचारियों से जुड़े ऐसे सकारात्मक निर्णय लेकर सहयोगियों का मनोबल बढ़ाती रहेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज बिलासपुर ज़िले के नम्होल के पास हुई दर्दनाक बस दुर्घटना में घायल यात्रियों का कुशलक्षेम जानने के लिए एम्स बिलासपुर का दौरा किया। उन्होंने घायलों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार की ओर से सभी घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी घायलों का त्वरित और उच्च स्तर पर उपचार सुनिश्चित किया जाए। इस हादसे में घायल हुए 32 यात्रियों का इलाज एम्स बिलासपुर में चल रहा है, जबकि बस चालक को मार्कंड के नागरिक अस्पताल में भर्ती किया गया है। ज़िला प्रशासन ने हादसे के तुरंत बाद पीड़ितों को चिकित्सीय सहायता और फौरी राहत राशि उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री के साथ इस मौके पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, पवन ठाकुर, संजीव गुलेरिया और गौरव शर्मा, उपायुक्त राहुल कुमार तथा पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला की जयसिंहपुर तहसील के लिए ‘माई डीड’ एनजीडीआरएस (नेशनल जेनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम) पायलट प्रोजेक्ट का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। अब इस क्षेत्र के नागरिकों को अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए केवल एक बार कार्यालय जाना होगा। वे किसी भी समय और कहीं से भी भूमि पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे उनका समय और श्रम बचेगा। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्व विभाग के कार्यों को और बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ई-रोजनामचा वाक्याती से पटवारियों को प्रतिदिन की गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में सुविधा मिलेगी, जबकि कारगुजारी प्रणाली से वे अपनी दैनिक हाजिरी ऑनलाइन लगा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से अब तहसीलदार भी अपने कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पारदर्शी और जवाबदेह शासन के लिए प्रतिबद्ध है और सरकारी कामकाज में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए गए हैं। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि राजस्व विभाग के तहत भूमि से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निपटाने के लिए भी सभी उपमंडलाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही नियमित तौर पर राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक भी आयोजित की जा रही है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि ये डिजिटल सुधार लोगों की सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता को कम करेंगे। इन प्रयासों से जन समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और लोगों को राहत मिलेगी।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की जिला स्तरीय बैठक वीरवार को सोलन में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मनोज ने की। इस बैठक में विशेष रूप से प्रांत स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को परिषद वर्ग में भेजने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे संगठन की विचारधारा और गतिविधियों को अधिक सशक्त किया जा सके। बैठक में हिमाचल प्रदेश में हो रहे धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसे गंभीर विषयों पर भी गहन चर्चा की गई। प्रांत अधिकारियों के आदेशानुसार राजेंद्र राणा को विश्व हिंदू परिषद, सोलन जिला उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। यह घोषणा बैठक के दौरान औपचारिक रूप से की गई। बैठक में जिला मंत्री, विश्व हिंदू परिषद बलवंत सिंह भट्टी, मोहन सिंह जिला सह मंत्री, चंपा ठाकुर मातृशक्ति जिला संयोजिका, रंजना ठाकुर दुर्गा वाहिनी सह संयोजिका मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की ओर से तारा कुमारी, प्रीति चौहान, सविता शर्मा, नीलम देवी, कुकी, शकुंतला मेहता, अवतार कौर, कृष्णा ठाकुर, सरिता ठाकुर और मंजू रघुवंशी उपस्थित रही। वही बजरंग दल की ओर से मोहन सिंह मेहता, अमर सिंह, मुकुल शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे । इसके अतिरिक्त, नगर सोलन से बजरंग दल संयोजक प्रगति शर्मा एवं नगर अध्यक्ष रतन लाल गोयल विशेष रूप से उपस्थित रहे। वही प्रखंड कसौली की से विक्रांत घामटा भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।

















































