मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को आई.जी.एम.सी कैंसर अस्पताल के निकट रोटरी आश्रय (सराय भवन) का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण शिमला रोटरी चेरिटेबल ट्रस्ट और तुलसीराम भागीरथ राम मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट चंडीगढ़ द्वारा कैंसर रोगियों और उनके सहायकों की सुविधा के लिए किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रोटरी ट्रस्ट ने मानवता की सेवा में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सराय में दो और तीन बिस्तरों की सुविधा वाले 13 कमरे हैं तथा दस बिस्तरों की क्षमता वाले दो शयनकक्ष हैं। इस सराय में 50 लोगों की ठहरने तथा दो मंजिलों में लगभग 35 कारों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी कैंसर अस्पताल की संस्तुति पर रोगियों और उनके तिमारदारों को कमरे उपलब्ध करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सराय गैर-लाभकारी आधार पर संचालित की जाएगी और जरूरतमंद लोगों को बहुत कम दरों पर यह कमरे उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने रोटरी क्लब और अन्य संगठनों का इस परोपकारी कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा कैंसर मरीजों के सहायकों को आवश्यक राहत प्रदान करेगी। रोटरी कलब, तुलसी राम भागीरथ राम मेमोरियल ट्रस्ट और एस.जे.वी.एन.एल. के सामूहिक प्रयास कैंसर मरीजों और उनके तिमारदारों के लिए लाभदायक सिद्ध होंगे। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए यह सुविधा आवश्यक राहत प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। रोटरी क्लब प्रदेश में जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने वाले अग्रणी क्लबों में से एक है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत शिमला में बुक कैफे विकसित किया जाएगा जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को बैठने के लिए अलग से स्थान दिया जाएगा। नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल ने सराय भवन के निर्माण के लिए रोटरी क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस भवन के माध्यम से कैंसर मरीजों को आवश्यक सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के संकट काल में एस.जे.वी.एन.एल. ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एस.जे.वी.एन.एल की निदेशक और एस.जे.वी.एन.एल फाउंडेशन की अध्यक्ष गीता कपूर ने कहा कि व्यवसायिक सामाजिक दायित्व (सीएसआर) एस.जे.वी.एन.एल के महत्त्वपूर्ण सामाजिक घटकों में से एक हैं। इस परियोजना के अध्यक्ष वी.पी. कालटा ने कहा कि इस महत्त्वकांक्षी परियोजना की परिकल्पना वर्ष-2009 में की गई थी और अब इसे पूर्ण करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण परियोजना के कार्य में विलम्ब हुआ है। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब शिमला शहर के बुजुर्गों के लिए एक मनोरंजन केंद्र बनाना चाहता है। इस अवसर पर पूर्व महापौर, पूर्व विधायक एवं तुलसी राम भागीरथ राम मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी आदर्श सूद ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस सराय का निर्माण कैंसर रोगियों के तिमारदारों को रहने की सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया है। रोटरी ने इस भवन के निर्माण में 1.60 लाख रुपये का योगदान दिया है। उप महापौर शैलेंद्र चैहान, अध्यक्ष रोटरी क्लब के.के. खन्ना, डिस्ट्रिक गवर्नर अजय मदान, सचिव कमल बुटेल, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डाॅ. सुरिन्द्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक आईजीएमसी डाॅ. जनक राज, तुलसी राम भागीरथ मैमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी सहित अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
उपमंडल इन्दौरा के गाँव भपू के रहने वाले युवा सामाजसेवी भानू पराशर गौ सेवा के कार्यो के प्रति मूलतः जमीनी स्तर से जुड़े हुए हैं। इनके द्वारा जनता को दिन प्रति दिन गौ सेवा करने के लिए प्रेरित किया जाता है। अपने आसपास के तमाम मंदिरों में सफाई अभियान चलाना भी इनके विशेष कार्यो में से एक है। इंदौरा क्षेत्र में घूम रहे बेसहारा गौधन को इनके द्वारा पकड़ कर उन्हें सही सलामत डमटाल गौशाला में पहुंचाया जा रहा है। उनके द्वारा किए जा रहे इस विशेष कार्य की अकेले इंदौरा ही नही बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में सराहना हो रही है। इस संबंध में जब गौरक्षक एवं कार्यवाहक अध्य्क्ष प्रखंड इन्दौरा विहिप भानू पराशर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गाय हमारी माता है और माता कि सेवा करना हर बच्चे का धर्म है। इस दौरान एसडीएम इंदौरा सोमिल गौतम से कहा कि भानू पराशर व युवाओं द्वारा बेसहारा गौधन को पकड़ कर गौशाला में छोड़े जाने का कार्य बहुत ही सरहानीय है।
जुब्बल और कोटखाई में उपमंडलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी की प्रदेश सरकार स्थाई नियुक्ति करें। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने नावर की कड़ीवन, कुठाड़ी, पुजारली पंचायतों में आयोजित जनआभार कार्यक्रम के दौरान कही। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल-कोटखाई में उपचुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने दो उपमंडल सहित विकास खंड व उपतहसील की घोषणा की थी। जिसके लिए सरकार ने पदों को अधिसूचित नहीं किया था। आगामी विधानसभा सत्र में उठाएं गए सवालों के जवाब देने से पहले सरकार को पद सृजित करने के लिए बाध्य होना पड़ा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई की प्रबुद्ध जनता पूरे हिमाचल प्रदेश में सूझ-बूझ और राजनीतिक परिपक्वता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जुब्बल और कोटखाई में उपमंडलाधिकारी, कोटखाई में खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग की स्थाई नियुक्ति करने की मांग की हैं। जन आभार कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, कड़ीवन पंचायत की प्रधान रेवती देवी, उपप्रधान रविंस सलाकटा, कुठाड़ी पंचायत के प्रधान ललित संग्रैल, उपप्रधान कृष्ण सपटा, पुजारली न०3 की प्रधान आशा शर्मा व उप प्रधान कपिल चौहान भी मौजूद रहें।
जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग हमीरपुर द्वारा मंगलवार को जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें सभी खंड स्तर से चयनित टीमों ने भाग लिया। सुजानपुर खंड से राजकीय महाविद्यालय सुजानपुर टिहरा के प्रतिभागी चार प्रतियोगिताओं के लिए चयनित हुए थे जिन्होंने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में संगीत प्राध्यापक डॉ मनोहर शर्मा के निर्देशन और प्रो सुनीता कुमारी के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लिया और जिला स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जिला स्तर पर भाषण प्रतियोगिता में ईशु ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शास्त्रीय गायन में दीपक ने राग भैरवी गाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। लोक नृत्य में भी महाविद्यालय की छात्राओं ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही ईशु ठाकुर का चयन राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए भी हो गया। महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ अजायब सिंह बनियाल ने सभी विजेताओं का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। साथ ही उन्होंने इस जीत का श्रेय डॉ मनोहर शर्मा को दिया जिनके अथक प्रयास व लगन से विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के काबिल बन पाए।
खण्ड चिकित्सा अधिकारी ड़ॉ.अजय देओल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए 2 दिसम्बर को 30 स्थानों पर कोविड टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों से अपील भी की कि वह कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित करें, ताकि वह इस महामारी से अपने आपको, अपने परिवार को व अपने समाज को बचाकर अपना दायित्व निभा सके। उन्होंने बताया कि 2 दिसम्बर को राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड के सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, ज्ञान चंद धर्मशाला, मोबाइल टीम पांवटा साहिब, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, ईएसआई मालवा कोटन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजपुरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कफोटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरोग बनेडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर भारापुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माजरा, उपस्वास्थ्य केंद्र मिस्रवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाखणा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतौन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोलर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरखुवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगानी, आरबीएस के टीम, आरबीएस के टीम 1, आरबीएस के टीम 2, उपस्वास्थ्य केंद्र तारूवाला, उपस्वास्थ्य केंद्र शिवपुर, उपस्वास्थ्य केन्द्र अजोली, ग्राम पंचायत मत्रालियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमरगढ़, उपस्वास्थ्य केन्द्र बहराल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमरऊ, उपस्वास्थ्य केंद्र गोज्जर, उपस्वास्थ्य केंद्र धौलाकुआं, मोबाइल टीम पांवटा साहिब 1 इन सभी स्थानों पर कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी क्षेत्रवासी तथा बाहर से आए प्रवासी इन केन्द्रों पर जाकर टीका लगवा सकते हैं। ड़ॉ.अजय देओल ने कहा कि टीका लगवाने के लिए आधार कार्ड या अन्य कोई भी फोटोयुक्त पहचान पत्र अपने साथ ज़रुर लाएं।
मंडलायुक्त शिमला प्रियतु मंडल की अध्यक्षता में उपमंडलाधिकारी कार्यलय पांवटा साहिब में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी पांवटा साहिब विवेक महाजन तथा अन्य निर्वाचन अधिकारीयों/कर्मचारियों व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनःनिरिक्षण कार्य पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रियतु मंडल ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 58-पांवटा साहिब विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की लोक सभा और विधान सभा के निर्वाचनों हेतू प्रयोग में आने वाली फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का 1 जनवरी की अहर्ता तिथि के अनुसार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जा रहा है। बैठक में भाजपा मण्डल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, आईएनसी के मण्डल अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा निर्मल कौर उपस्थित रहे।
एड्स महामारी के बारे में जागरूकता फैलाने, बीमारी से पीड़ित लोगों को समर्थन दिखाने और इस बीमारी से जान गंवाने वालों को याद करने लिए हर वर्ष 1दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय एड्स डे मनाया जाता है। इसी के तहत राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगणा में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए वर्ल्ड एड्स डे मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा वर्ल्ड एड्स डे पर एचआईवी या एड्स के बारे में जागरुकता का प्रतीक "रेड रिबन" को लाइन में खड़े होकर प्रदर्शित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार व अन्य अध्यापको के द्वारा विद्यार्थियों को महामारी के फैलने व रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों का हौसला बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही इस महामारी को लेकर समाज में फैली हुई भ्रांतियों को ना मानने के बारे में भी अवगत करवाया गया।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग सोलन द्वारा वस्तु एवं सेवा कर के विषय में राजकीय महाविद्यालय सोलन में जिला स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में सोलन जिला के 06 महाविद्यालयों ने भाग लिया। यह जानकारी उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी जिला सोलन हिमांशु आर.पंवर ने दी। हिमांशु पंवर ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रत्येक महाविद्यालय की टीम में 02-02 छात्र उपस्थित रहे। प्रथम स्थान पर रहने वाली टीम को 05 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाली टीम को 04 हजार रुपए तथा तृतीय स्थान पर रहने वाली टीम को 03 हजार रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में राजकीय डिग्री काॅलेज कण्डाघाट के भावेश बिष्ट तथा वरूण शर्मा प्रथम स्थान पर रहे। राजकीय डिग्री काॅलेज सोलन के आयुष शर्मा एवं माणिक शर्मा द्वितीय स्थान पर रहे। राजकीय डिग्री काॅलेज धर्मपुर की पूजा मालरा तथा रूमानी चैहान तृतीय स्थान पर रहीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं की वस्तु एवं सेवा कर के विषय में रूचि और बढ़ी है। इसके माध्यम से युवा पीढ़ी इस विषय के सम्बन्ध में अधिक जागरूक बनेगी। सोलन के उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी हिमांशु आर. पंवर तथा राजकीय डिग्री काॅलेज सोलन के उप प्रधानचार्य डाॅ. ओपी चैहान ने विजेताओं को स्मृति चिन्ह व पुरस्कार आवंटित किए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी आवंटित किए गए। प्रतियोगिता में राजकीय डिग्री काॅलेज कण्डाघाट, गोस्वामी गणेश दत्त एसडी काॅलेज सुबाथू, राजकीय डिग्री काॅलेज, राजकीय डिग्री काॅलेज अर्की, राजकीय डिग्री काॅलेज धर्मपुर तथा राजकीय डिग्री काॅलेज दाड़लाघाट की टीमों ने भाग लिया। इस अवसर पर राजकीय डिग्री काॅलेज सोलन के वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष राजेश भट्ट, इसी विषय की प्रवक्ता एवं समन्वयक गीतिका ठाकुर, सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी जिला सोलन रविन्द्र कुमार, पदमा छोदोन एवं अपूर्व चंदेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्राध्यापक उपस्थित थे।
पुलिस थाना बागा के अंर्तगत शटरिंग की लोहे की प्लेटें गुम होने का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राजेन्द्र पाल शर्मा पुत्र कृष्ण दास, गांव बरड़, डा.सुनाहणी तह.घुमारवीं, जिला बिलासपुर ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह लोक निर्माण विभाग में बतौर ठेकेदार काम करता है। उसने कंधर-समत्याड़ी सड़क पर पुल निर्माण का ठेका ले रखा है। 28 नवंबर को वह दिन में स्वयं काम की देखरेख करने गया था, सामान की देखरेख व काम पर लगे व्यक्ति छांगुराम व राजकुमार ने सुबह उसे फोन करके बताया कि काम की साईट पर जो शटरिंग के लिए लोहे की 156 प्लेटे रखी थी, उनमें से करीब 97 प्लेटस गायब हो गयी तथा वहां पर केवल 59 प्लेटे ही बची हैं। इन प्लेटस को रात को कोई चोरी करके गाड़ी में भरकर ले गया है। छांगुराम व राजकुमार ने नजदीक के लोगों से भी पूछताछ की परन्तु चोरों का कोई सुराग न मिला जिस कारण इसे लाखों रुपये का नुक्सान हो गया है। पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए आईपीसी की धारा 379 के अंर्तगत मामला दर्ज किया है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने की है।
जल शक्ति, राजस्व, बागवानी एवं सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कृषि एवं बागवानी वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे हिमाचल की जलवायुगत परिस्थितियों के अनुसार शोध करें ताकि प्रदेश के किसान-बागवान इससे और अधिक लाभान्वित हों। महेन्द्र सिंह ठाकुर ने बुधवार को डाॅ. यशवन्त सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को स्थानीय स्तर पर पौधों में पनपने वाले रोगों की रोकथाम पर गहन अनुसन्धान करना होगा। हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में कृषि एवं बागवानी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है और नौणी स्थित बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप यह आवश्यक है कि वैज्ञानिक कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में नवाचार एवं तकनीकी नवाचार के लिए प्रयासरत रहें और इसे खेत तक पहुंचाएं। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य करें। जल का पुनः चक्रण एवं एक-एक बून्द का संरक्षण भविष्य में कृषि क्षेत्र के लिए संजीवनी सिद्ध होगा। महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कहा कि हिमाचल प्रदेश की पूरे देश में फल राज्य के रूप में विशेष पहचान है तथा इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा सत्त प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के निचले क्षेत्रों में बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1688 करोड़ रुपए की परियोजना स्वीकृत की गई है। केन्द्र तथा राज्य सरकार किन्नौर जिला के सेब को विश्वस्तरीय ब्राण्ड बनाने के लिए कृतसंकल्प है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारत सरकार द्वारा किन्नौर जिला के सेब के लिए 50 करोड़ रुपए की परियोजना आरम्भ की गई है। शिमला जिला के चैपाल क्षेत्र में अखरोट के लिए भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना भी आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के निचले जिलों में अमरूद, मौसम्मी, लीची, अनार इत्यादि के उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने के लिए वैज्ञानिकों से अनुसन्धान करने का आग्रह भी किया गया। उन्होंने कहा कि खुम्भ के अपशिष्ट को बागवानी में प्रयोग करने की दिशा में भी कार्य किया जाना आवश्यक है। उन्होंने आशा जताई कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी देश को श्रेष्ठ वैज्ञानिक प्रदान करता रहेगा। वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने इस अवसर पर कहा कि बागवानी वैज्ञानिकों को हिमाचल प्रदेश को देश का सर्वोत्तम फल उत्पादक क्षेत्र बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। इससे जहां किसानों एवं बागवानों की आय में आशातीत बढ़ोत्तरी होगी वहीं प्रदेश की आर्थिकी को भी संबल मिलेगा। उन्होंने आग्रह किया कि मांग और जलवायु के अनुरूप फलों की नई किस्में एवं रूट स्टाॅक विकसित करें। अनुसन्धान को खेत तक पहुंचा कर ही किसान एवं बागवान को लाभान्वित किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के 06 प्रकाशनों का विमोचन किया और 14 प्रगतिशील किसानों सहित विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट छात्रों को भी सम्मानित किया। सोलन के विधायक डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने छात्रों को विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस की बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज में विश्व एड्स दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में कोरोना नियमों का पालन करते हुए संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षित स्नातक विज्ञान हेमराज ठाकुर ने कार्यक्रम का संचालन किया और सभी छात्रों को एड्स जैसी लाइलाज बीमारी के कारण, लक्षण एवं बचाव की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर प्रवक्ता अर्थशास्त्र प्रकाश बट्टू ने सभी छात्रों को नैतिकता का पालन करते हुए आचरण करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य प्रेमलाल नेगी ने भी उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को इस घातक बीमारी के विश्वव्यापी प्रभावों की जानकारी दी। प्रधानाचार्य प्रेम लाल नेगी ने सभी छात्रों से आह्वान किया कि सभी छात्र जाकरूक हो कर इस बीमारी से बचाव के लिए समाज में जागरूकता पैदा कर राष्ट्र हित में सहयोग करें। उन्होंने छात्रों को कोरोना वायरस महामारी के समय सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए अपनी पढ़ाई को सुचारू रूप से करने और दुर्व्यसनों से दूर रहने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में कृत्रिम अंग प्रदान करने की सुविधा आरम्भ करने के लिए कदम उठाएगी, इसके लिए चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों को प्रर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि राज्य में जरूरतमंद इस सुविधा से वंचित न रहें। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राज्य सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति-जयपुर-फुट के सहयोग से कृत्रिम अंगों के प्रत्यारोपण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का शुभारम्भ करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति पीड़ित मानवता की मदद कर बहुत सराहनीय सेवा कर रही है। किसी दुर्घटना के कारण विकलांग हुए लोगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए जा रहे हैं ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सकें। इससे उनके जीवन में आशा की एक नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महावीर विकलांगता सहायता समिति की स्थापना डी.आर. मेहता ने 1975 में दिव्यांगों के कल्याण के लिए की और तब से यह समिति लगातार दिव्यांगों की सेवा और कल्याण के लिए कार्यरत है। यह समिति दिव्यांगों के कल्याण के लिए कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी संस्था के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि जन्म से जुड़ी दिव्यांगता से बचने के लिए आज विज्ञान ने काफी प्रगति की है लेकिन कई बार यह दिव्यांगता किसी तरह की बीमारी या दुर्घटना के कारण भी हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक अक्षमता से ग्रसित कई लोगों ने कठिन परिश्रम और प्रतिबद्धता से जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है। विशेष ओलम्पिक में शारीरिक रूप से दिव्यांग देश व राज्य के युवाओं ने न केवल स्वयं बल्कि देश के लिए भी गौरव हासिल किया है। उन्होंने कहा कि ऊना जिला के निषाद कुमार ने ओलम्पिक में रजत पदक जीता है। उत्तर प्रदेश राज्य की अरूणिमा सिन्हा ने एक दुर्घटना में अपनी टांग खोने के बावजूद माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छा शक्ति और प्रतिबद्धता के साथ जीवन में कुछ भी हासिल करने का यह सबसे उपयुक्त उदाहरण है। प्रदेश सरकार विशेष रूप से सक्षम लोगों और दिव्यांगों को हर सम्भव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज के परिवार को सहारा योजना के तहत तीन हजार रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बीस हजार लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के चिकित्सकों और तकनीकी कर्मियों को सम्मानित किया। अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण विभाग के निदेशक विवेक भाटिया इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। पूर्व सांसद और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेन्द्र कश्यप, महापौर सत्या कौंडल, उप महापौर शैलेन्द्र चैहान, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और भगवान महावीर सेवा समिति के डाॅ. विजय भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सेवानिवृत अधिकारियों को सेवा विस्तार देने के मामले में भाजपा सरकार रिटायर्ड और टायर्ड फॉर्मूले पर कार्य कर रही है। यह बात युवा कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अनिल कुमार ने जारी ब्यान में कही। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने शिमला जिले के प्रारंभिक उपशिक्षा निदेशक को चौथी बार सेवा विस्तार दिया है जो कि समझ से परे है। युवा कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अनिल कुमार ने जारी ब्यान में कहा कि सरकार उपशिक्षा निदेशक भाग चंद चौहान पर खासी मेहरबान है। इस बावत शिक्षा सचिव की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं, जिसका युवा कांग्रेस विरोध करती है। कुमार ने कहा कि युवा कांग्रेस सरकार के इस फैसले जिसमें कर्मचारियों और अधिकारियों को सेवा विस्तार रोजगार दिया जा रहा है उसका विरोध करती है। अनिल ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार युवा व बेरोजगारों की विरोधी है।
राजगढ़ की नेरीपूल सड़क सलेच कैंची के पास एक पिकअप जीप दुर्घटनाग्रस्त होकर नदी में जा गिरी। दुर्घटना में तीन लोगो की मौके पर ही मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि यह हादसा वीरवार सुबह करीब 8 बजे पेश आया है। इस हादसे में मृतकों की पहचान यशपाल आयु करीब 30 वर्ष गांव खनार तहसील ठियोग, सन्दीप गांव व डाकघर बलग, खजान सिंह ग्राम व डाकघर शरली तहसील कमरउ जिला सिरमौर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार यह गाड़ी यशवंतनगर से नेरिपूल की ओर जा रही थी। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल राजगढ़ लाया जा रहा है।
नगर परिषद के उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई कर्मचारी संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक को ड्रामा करार दिया है। धरवाल कहा कि जयराम सरकार ने चार साल के पश्चात पहली बार संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई और कर्मचारियों को लालीपॉप पकड़ा दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को पंजाब वेतन आयोग के अनुसार हर दस वर्षों के पश्चात संशोधित वेतनमान दिया जाता है जोकि पंजाब सरकार के लागू करने के पश्चात स्वभाविक रूप से हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों को मिलना ही होता है। इस मुद्दे को संयुक्त सलाहकार समिति में लाने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता जिसका सरकार क्रडिट ले रही है। धरवाल ने कहा कि नया वेतनमान फरवरी में देने की बात तो कही लेकिन एरियर और डीए का जिक्र भी नहीं किया। दूसरा जिस फैमिली पेन्शन की बात की जा रही है उस फैमिली पेंशन घोषणा तत्कालीन धूमल सरकार ने 2009 में की हुई थी। जिसका क्रियान्वयन करने के लिए बारह वर्ष लग गए। अनुबन्ध अवधि को तीन साल से घटाकर दो साल किया गया है जोकि भारतीय जनता पार्टी के दृष्टि दस्तावेज में था कि हम सरकार में आते ही अनुबंध अवधि को तीन साल से घटाकर दो साल कर देंगे। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार पुलिस के कर्मचारियों को बावर्दी अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा, हिमाचल परिवहन के कर्मचारी टूल डाऊन हड़ताल कर रहे हैं और आशा वर्करज अपनी मांगों के लिए भटक रही हैं।
राजकीय महाविद्यालय जोगिन्दरनगर में महाविद्यालय की एनएसएस, एनसीसी यूनिट रोवर्स रेंजर्स व रेड रिबन क्लब के सहयोग से विश्व एड्स दिवस के मौके कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में व्याख्यान, पोस्टर, नारा लेखन, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता समेत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान प्रभारी डॉ पवन कुमार, डॉ संजीत सिंह और उत्तम भरद्वाज ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स दिवस मनाया जाता है। वर्ल्ड एड्स दिवस 2021 की थीम "असमानताओं और एड्स को समाप्त करें" रखी गई है। वैश्विक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व एड्स दिवस मनाने की शुरुआत 1 दिसंबर 1988 को में की गई थी। कार्यक्रम में सिविल हॉस्पिटल जोगिन्दरनगर की चिकित्सक डॉ आंचल ठाकुर को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। उन्होंने छात्रों को एड्स एवं एचआइवी के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी और स्वयं सेवकों को समाज में फैली एड्स संबंधित भ्रांतियोंं के निवारण व बचाव के लिए जन जागरूकता लाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को शिमला से डाॅ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया। उन्होंने अपने सम्बोधन मे कहा कि हिमाचल प्रदेश ने बागवानी क्षेत्र मेें आशातीत प्रगति की है और यह क्षेत्र कृषि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने में महत्त्वपूर्ण घटक बनकर उभरा है। कृषि उत्पादन में बागवानी क्षेत्र का योगदान लगभग 33 प्रतिशत है और केवल सेब का ही वार्षिक कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र रोजगार सृजन, पोषण सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों मेें निरन्तर अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विश्वविद्यालय अधिक से अधिक कृषकों को खाद्य प्रसंस्करण में प्रशिक्षित कर नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि डाॅ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय जैसे उच्चतर शैक्षणिक संस्थान नवीनतम ज्ञान और तकनीक विकसित करने और कृषि समुदाय तक इनकी पहुँच बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना में हिमाचल प्रदेश के संस्थापक एवं प्रथम मुख्यमंत्री डाॅ. वाई.एस. परमार के अमूल्य योगदान को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र ने बहुत महत्त्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अटल नवाचार सूची में विश्वविद्यालय को ए-ग्रेड दिया गया है और भारतीय कृषि अनुसंधान द्वारा मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय की सूची में इसे 11वां स्थान प्राप्त हुआ है। अब तक इस विश्वविद्यालय से 7,376 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं और वर्तमान में विश्वविद्यालय के विभिन्न डिग्री कार्यक्रमों के अन्तर्गत 2,627 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने जिला मंडी के थुनाग में बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय भी स्थापित किया है। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, वन मंत्री राकेश पठानिया और विधायक कर्नल धनीराम शांडिल नौणी विश्वविद्यालय परिसर से और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा मुख्यमंत्री के साथ शिमला से इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बुधवार को कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लिए एशियन विकास बैंक की 2095 करोड़ रुपये की अधोसंरचना विकास परियोजना के लिए सैद्धान्तिक रूप से स्वीकृति प्राप्त करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि इसमें से 90 प्रतिशत ऋण राशि होगी, जो भारत सरकार द्वारा समर्थित होगी जबकि 10 प्रतिशत राज्य का हिस्सा होगा, क्योंकि हिमाचल प्रदेश एक विशेष श्रेणी का राज्य है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में नये पर्यटन स्थलों को विकसित करने के अतिरिक्त मौजूदा पर्यटन स्थलों का रख-रखाव, सुधारीकरण और सांस्कृतिक धरोहर का सरंक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत मौजूदा पर्यटन स्थलों से भीड़भाड़ व पर्यटकों के भारी दबाव को कम करने के लिए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर राज्य के अनछुए गंतव्यों का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष इस मामले को उठाया था और पर्यटन मंत्रालय, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुति दी है। उन्होंने कहा कि एशियन विकास बैंक (एडीबी) से फंडिंग के लिए वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को दो वित्तांश में क्रियान्वित किया जाएगा। पहले वित्त भाग में 900 करोड़ रुपये से अधिक जबकि दूसरा वित्त भाग 1100 करोड़ रुपये से अधिक का होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शीघ्र आरम्भ किया जाएगा और यह परियोजना अगले वर्ष मार्च से तेजी पकड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा, जिससे यहां विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा और विश्व के कोने-कोने से पर्यटकों को हिमाचल आने के लिए आकर्षित किया जा सकेगा।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि हिमाचल इम्पोरियम शिमला के जीर्णोंद्धार का कार्य जनवरी, 2022 में आरम्भ कर दिया जाएगा और हिमाचल इम्पोरियम नई दिल्ली के जीर्णोंद्धार कार्य के लिए भी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। यह जानकारी उन्होंने मंगलवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के निदेशक मण्डल की 187वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उद्योग मंत्री द्वारा अधिकारियों को निगम के उत्पादों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के दृष्टिगत विभिन्न दिशा निर्देश भी दिए गए। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने कहा कि कारीगरों व बुनकरों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। बैठक में निगम के कर्मचारियों को एक जुलाई, 2021 से छह फीसदी महंगाई भत्ता प्रदान करने को भी मंजूरी प्रदान की गई है। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति, प्रबन्ध निदेशक कुमुद सिंह, महाप्रबन्धक योगेश गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम सीमित के निदेशक मण्डल की 220वीं बैठक की अध्यक्षता उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि निगम ने वित्त वर्ष 2020-21 के लाभांश का पांच प्रतिशत अपने शेयरधारकों को देने की सिफारिश की गई है। इसका अनुमोदन वार्षिक सामान्य बैठक में किया जाएगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि निगम द्वारा इस वर्ष 31 अक्तूबर तक 3.50 करोड़ रुपये का अनुमानित लाभ और वित्त वर्ष 2019-20 में 5.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया है। निगम के सभी कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अनुग्रह राशि प्रदान करने का अनुमोदन भी किया गया। बैठक में निगम के उपाध्यक्ष मनोहर धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. धीमान, निदेशक उद्योग एवं निगम के प्रबन्ध निदेशक राकेश कुमार प्रजापति, विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर, गैर सरकारी सदस्य डी.के. शर्मा और मीरा आनंद तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के स्थान पर लिपिक के 100 पद भरने तथा वर्ष 2022 और 2023 में संभावित रिक्तियों के दृष्टिगत लिपिक के 50 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्रिमण्डल ने राज्य में स्वर्ण जयन्ती परम्परागत बीज सुरक्षा एवं संवर्द्धन योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य पारम्परिक फसलों के उत्पादन व उत्पादक क्षमता में वृद्धि, पारंपरिक फसलों की पोषण सुरक्षा में सुधार और किसानों की आय दोगुनी करना है। मंत्रिमण्डल ने वर्ष 2020-21 के लिए अटल स्कूल वर्दी योजना के अन्तर्गत कक्षा पहली, तीसरी, छठी और नवीं कक्षा के बच्चों को स्कूल बैग प्रदान करने के उद्देश्य से इनकी खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा ई-निविदा के एल-1 निविदादाता मैसर्ज हाई स्पिरिट कमर्शियल वैंचर्ज प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृति प्रदान की। इससे प्रदेश की विभिन्न राजकीय पाठशालाओं में अध्ययनरत लगभग तीन लाख विद्यार्थियों को लाभ होगा और इस पर लगभग नौ करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए पथ कर (टाॅल) इकाइयों की टाॅल फीस को कम करने/इसमें छूट देने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय पिछले वर्ष जून, 2020 से सितम्बर, 2020 के मध्य राज्य में केवल आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में लगे वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति प्रदान करने के कारण इन इकाइयों को हुए घाटे विशेष तौर पर ऐसी टाॅल इकाइयां, जिन्होंने अपने नवीनीकरण के लिए पूरी राशि का भुगतान किया था, उनकी ओर से पथ कर फीस में छूट अथवा इसे कम करने तथा मासिक किस्त के भुगतान के सम्बन्ध में प्रस्तुत की गई मांग के आधार पर लिया गया। मंत्रिमण्डल में मैसर्ज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का अनुबंध 6.18 करोड़ रुपये के बिना किसी कर भुगतान के साथ 1 मई, 2021 से 30 अप्रैल, 2022 तक बढ़ाने का निर्णय लिया बशर्ते आबकारी विभाग ये सेवाएं आंतरिक स्तर पर अपने अधीन लाने के लिए तंत्र विकसित करेगा। मंत्रिमंडल ने मंडी में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए दि सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, मंडी, हिमाचल प्रदेश (स्थापना एवं विनिमयन) बिल, 2021 प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है। बैठक में प्रदेश में सतत् परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बिजली चालित वाहनों के विकास और विद्युत चालित वाहनों के निर्माण में वैश्विक केन्द्र बनाने और सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र में इन वाहनों के लिए चार्जिंग अधोसंरचना विकसित करने तथा विद्युत चालित वाहनों के विनिर्माण में लगे उद्योगों को अनुदान और अन्य प्रोत्साहन प्रदान करने के दृष्टिगत इलैक्ट्रिक व्हीकल पाॅलिसी के ड्राफ्ट को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिला की फतेहपुर तहसील के अन्तर्गत रे में उप- तहसील खोलने और इसके लिए विभिन्न श्रेणी के 12 पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में शिमला जिला की जुन्गा उप-तहसील को स्तरोन्नत कर तहसील का दर्जा प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। कुल्लू जिला की भुंतर तहसील के अन्तर्गत जरी में उप-तहसील खोलने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। बैठक में शहरी क्षेत्रों में लागू प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के अन्तर्गत स्ट्रीट वेंडर्ज व रेहड़ी वालों इत्यादि के लिए स्वीकृत ऋण के लिए हाइपौथिकेशन अनुबंध पर स्टाम्प ड्यूटी घटाकर न्यूनतम 10 रुपये करने और कुल्लू जिला के आनी विधानसभा क्षेत्र के सवाड़ में जल शक्ति विभाग का नया उप-मण्डल स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला के करसोग क्षेत्र के अंतर्गत चुराग में जल शक्ति विभाग का उपमण्डल और माहुनाग स्थित सवामहूं में जल शक्ति विभाग का सेक्शन कार्यालय खोलने तथा विभिन्न श्रेणियों के चार पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में चम्बा जिला के पांगी क्षेत्र के किलाड़ में जल शक्ति विभाग का मण्डल तथा भरमौर क्षेत्र के साच (पांगी) में जल शक्ति विभाग का उप मण्डल खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्रिमण्डल ने चम्बा जिला के भरमौर विधानसभा के अन्तर्गत शिक्षा खण्ड मैहला की ग्राम पंचायत सुनारा के ततारी गांव, शिक्षा खण्ड गैहरा के अन्तर्गत ग्राम पंचायत फट्टी गैहरा के अटाला गांव, शिक्षा खण्ड पांगी स्थित किलाड़ की ग्राम पंचायत शूण के गांव टांवा और ग्राम पंचायत सेचू के गांव पुष्वाश चास्क राजकीय प्राथमिक पाठशालाएं खोलने को स्वीकृति प्रदान की है। मण्डी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत रैंस गांव तथा सुन्दरनगर विधानसभा क्षेत्र के चिराल में प्राथमिक पाठशालाएं खोलने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। कुल्लू जिला के आनी खण्ड में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला देवरी को स्तरोन्नत कर राजकीय माध्यमिक पाठशाला बनाने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के पदों को सृजन करने की स्वीकृति दी गई। सोलन जिला के राजकीय महाविद्यालय कंडाघाट में गणित विषय की कक्षाएं प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल द्वारा मेडस्वान फाउंडेशन को पूर्व में जारी लैटर ऑफ अवार्ड को कार्याेत्तर स्वीकृति देने तथा चार वर्षों के लिए इस फाउंडेशन को लैटर ऑफ अवार्ड की स्वीकृति और प्रदेश में एनएए-108/जेएसएसके-102 एम्बुलेंस के संचालन और मरम्मत के लिए इसके साथ त्रिकोणीय समझौता करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में जिला मंडी के सरोआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा बस्सी में स्वास्थ्य उपकेंद्र आवश्यक पदों के सृजन सहित खोलने का निर्णय लिया गया । जिला कुल्लू की लग घाटी के दुंगधरी गड़ मे आवश्यक पदों के सृजन सहित स्वास्थ्य उप-केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया। जिला मंडी के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमनी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक पदों के सृजन के साथ स्तरोन्नत करने का निर्णय भी लिया गया है। कुल्लू जिला की कुल्लू तहसील के मोहाल रोपड़ी में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को भुट्टी में 33/11 केवी 2 गुणा 1.16 एमवीए उप मण्डल स्थापित करने के लिए 0-12-00 हेक्टेयर भूमि 99 वर्षों की लीज पर 1200 रुपये प्रति वर्ष के लीज मूल्य पर देने का निर्णय लिया लिया गया है। बैठक में वायु सेना केन्द्र डलहौजी के लिए भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को नियमों और निर्देशों में छूट प्रदान करते हुए एक विशेष मामले के तहत मोतीटिब्बा में 766 वर्गमीटर भूमि एक रुपये टोकन मूल्य पर स्थानान्तरित करने को स्वीकृति दी गई। कुल्लू जिला के मनाली में बहुमंजिला कार पार्किंग और बस अड्डे के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश बस अड्डा प्रबन्धन और विकास प्राधिकरण को मोहाल कस्वाती नसोगी, मनाली और मोहाल कस्वाती छियाल विहा, मनाली में 1-65-83 हेक्टेयर वन भूमि 99 वर्षों की लीज पर 16,583 रुपये प्रतिवर्ष के लीज मूल्य और इसमें प्रति पांच वर्ष पश्चात् पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी पर प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। कांगड़ा जिला की धर्मशाला तहसील और मौजा के अन्तर्गत 00-05-10 हेक्टेयर भूमि कांगड़ा आट्र्स प्रोमोशन सोसायटी (पंजीकृत), धर्मशाला को 99 वर्ष की लीज पर 13158 रुपये वार्षिक लीज मूल्य जिसमें कि प्रति पांच वर्ष पश्चात पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी पर प्रदान करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सिरमौर जिला में स्थानीय लोगों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत पटवार वृत्त चाड़ना को नौहराधार तहसील से उप-तहसील हरिपुरधार में स्थानान्तरित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। ऊना जिला में पुलिस चैकी मैहतपुर को स्तरोन्नत कर पुलिस थाना बनाने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 19 पदों के सृजन को अपनी स्वीकृति दी गई। कांगड़ा जिला के नूरपुर स्थित पुलिस उप अधीक्षक के कार्यालय को स्तरोन्नत कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करने को स्वीकृति दी। मण्डी जिला में ग्राम पंचायत धरोट को विकास खण्ड गौहर से स्थानान्तरित कर विकास खण्ड निहरी में शामिल करने को अपनी स्वीकृति दी। बैठक में कुल्लू जिला के दयोठा और कोट में आवश्यक पदों के सृजन के साथ स्वास्थ्य उप केन्द्र खोलने को मंजूरी दी गई है। मण्डी जिला के खन्यौल बगड़ा, चरखड़ी, सेरी और जयदेवी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने और इन केन्द्रों के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई। मंडी जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दवाड़ा को 50 बिस्तर वाले नागरिक अस्पताल में विभिन्न श्रेणियों के 11 पदों के सृजन सहित स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। जिला मंडी विशेषकर जंजैहली क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने जंजैहली स्थित पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक केंद्र के स्तरोन्नयन, संचालन तथा प्रबंधन का कार्य एकल बोली लगाने वाले मेसर्स गेबल्स प्रमोटर्स प्राईवेट लिमिटेड चंडीगढ़ को प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की है। मंडी में पर्यटन विभाग के पी.पी.पी मोड के तहत सुविधा केंद्र के स्तरोन्नयन, संचालन तथा प्रबंधन को सबसे अधिक बोली लगाने वाले मेसर्ज एग्री कन्सलटन्टस प्राईवेट लिमिटेड नई दिल्ली-मेसर्ज लाॅर्डस इन हाॅटल्स एवं डवेल्पर्स प्राईवेट लिमिटेड (कन्सोरटियम) को प्रदान करने का निर्णय लिया। बैठक में आयुर्वेदिक अस्पताल केलंग का नाम श्री टाशी छेरिंग आयुर्वेदिक अस्पताल केलंग रखने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय प्रसिद्ध चिकित्सक को सम्मान प्रदान करने के लिए लिया गया है। जिला सोलन के श्री गुग्गामाड़ी मेला सुबाथू को जिला स्तरीय मेला घोषित करने का निर्णय लिया। राज्य में कोविड-19 की स्थिति तथा तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर एक प्रस्तुति भी दी गई। राजस्व मामलों के सुचारू निस्तारण के लिए राज्य के उपमण्डलों में सी श्रेणी के कार्यालय कानूनगो के 41 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला शिमला की तहसील कोटखाई में नई सृजित उप-तहसील कलबोग के सुचारू कामकाज के लिए विभिन्न वर्गों के 12 पदों को भरने का निर्णय भी लिया गया है। वन विभाग में कनिष्ठ अभियन्ता (सिविल) के 12 पदों को भरने का निर्णय लिया गया। अभियोजन विभाग में डेलीवेज आधार पर सेवादार के 30 पदों को भरने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सफाई कर्मचारियों के 28 पद और हिमाचल प्रदेश ऊन संघ में ऊन निकालने वालों के दस पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। चैधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में अधिष्ठाता के पांच पद और निदेशक के दो पद भरने का निर्णय लिया गया है। मत्स्य पालन विभाग में मत्स्य अधिकारी के दो पदों और मत्स्य क्षेत्रीय सहायक के 20 पदों को सीधी भर्ती द्वारा अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय भी मंत्रिमंडल की बैठक मे लिया गया है। परिवहन विभाग में मोटर व्हीकल निरीक्षकों के सात पदों को अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने अटल बिहारी वाजपेयी अभियांत्रिक संस्थान प्रगतिनगर जिला शिमला के पाॅलिटेक्निक विंग में कंप्यूटर अभियांत्रिकी के वरिष्ठ लेक्चरर और इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी का एक-एक पद सृजित करने को अपनी सहमति प्रदान की है। अभियोजन विभाग में कनिष्ठ आशुलिपिक के दो पदों को सीधी भर्ती द्वारा अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय लिया है।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के मुख्य महाप्रबन्धक दिनेश रैना गत दिवस सोलन जिला के दाड़लाघाट में दी अमृतधारा मिल्क प्रोड्यूसर मार्केटिंग काॅओपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, दाड़लाघाट के रुरल मार्ट ऑन व्हील्स के रूप में स्वीकृत मोबाइल वैन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा इस वाहन के क्रय के लिए अमृतधारा कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) को 50 प्रतिशत की अनुदान सहायता के रूप में 4.77 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। इस वाहन के माध्यम से एफपीओपी के 300 से अधिक सदस्य लाभान्वित होंगे। एफपीओ द्वारा अब तक दूध के संग्रहण एवं विपणन के लिए किराए के वाहन का प्रयोग किया जाता था किन्तु अब अपना वाहन होने से एफपीओ के परिचालन लागत में कमी आएगी व अपने उत्पादों की यह सुगमता से विपणन किया जा सकेगा। दिनेश रैना ने कहा कि अमृतधारा का गठन वर्ष 2016 में नाबार्ड की कृषक उत्पादक संगठनों को संवर्धित करने की योजना के अंतर्गत अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन, दाड़लाघाट द्वारा किया गया था। यह पूर्णतः महिलाओं का संगठन है जिसे महिलाओं द्वारा स्वयं चलाया जा रहा है। वर्ष 2020-21 के दौरान इसके द्वारा 86 लाख रुपए का कारोबार किया गया था। इसके उत्पादों में दूध एवं दूध से बने उत्पाद हैं तथा अपने सदस्यों को यह पशुचारा व छोटे कृषि उपकरण भी उपलब्ध करवाता है। उन्होंने अमूल से प्रेरणा लेते हुए एफपीओ को नवाचार करते रहने का सुझाव दिया। एफपीओ की सफलता का मूल कारक उसके द्वारा अपने किसानों को बेहतर मूल्य दिया जाना है। इससे किसान अपने एफपीओ से लगातार जुड़ा रहेगा। उन्होने एफपीओ को वाहन के शुभारम्भ पर बधाई दी तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए ठोस व्यापारिक योजना बनाकर चलने की आवश्यकता पर बल दिया।
ज्वालामुखी विकास सभा के महासचिव राकेश चंद्र ने सरकार से मांग की है की एचआरटीसी की पालमपुर डिपो की बस पालमपुर से दिल्ली के लिए वाया पीहडी गलोटी ,नांहलियाॅ ,जरुंडी,मझीण ,गगडूही ,कोपडा ,नादौन चलाई जाए . इस रूट सरकार ने कुछ महीनो पहले बंद क्र दी थी . बस के न चलने के कारण अब लोगों को काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहे है . इस बस के न चलने से लोगों को अब दिल्ली या चण्डीगढ़ जाने के लिए सुजानपुर या ज्वालामुखी जाना पडता हैं । अब उक्त बस इतिहास बन के रह गई है, क्योकिं क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा के लिए किसी भी पंचायत प्रतिनिधि ने भी इस ओर धयान नहीं दिया । इस रूट को लॉकडाउन के बाद शुरू नहीं किया गया । ज्वालामुखी विकास सभा प्रदेश सरकार से से निवेदन करती है कि इस रूट की बस सेवा को बहाल किया जाए ताकि क्षेत्र की जनता को लाभ मिल सके । विकास सभा आशा करती कि सरकार व विभाग इस विषय को गंभीरता से लेते हुए बस सेवा को पुनः बहाल करेगी। जब इस सन्दर्भ में आरएम पालमपुर उत्तम कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह बस सुविधा कोरोना की वजह से बन्द कर दी गई है जिसे जल्द ही शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के संगठनात्मक जिला दाड़लाघाट की कार्यकारणी 2021-2024 के चुनाव हेतु सरस्वती विद्या मंदिर दाड़लाघाट में आम सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रान्त महामंत्री विनोद सूद मुख्यातिथि रहे जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष जिला शिमला सतविंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष जिला शिमला संजय झा बतौर चुनाव अधिकारी के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान आम सभा में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ जिला दाड़लाघाट के त्रिवर्षीय चुनाव पर्यवेक्षक व सोलन विभाग संगठन प्रमुख नरेन्द्र कपिल द्वारा चुनावी प्रक्रिया को संम्पन्न करवाया गया। सर्वसम्मति से संगठनात्मक जिला के अध्यक्ष के लिए शंकर देव शर्मा को चुना गया। जबकि ज़िला वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमारी सुमन बट्टू, जिला मंत्री प्रदीप चंदेल, संगठन मंत्री अमर देव शर्मा व कोषाध्यक्ष तेजेन्द्र शर्मा को दायित्व दिया गया। जबकि अन्य कार्यकारणी के लिए ज़िला अध्यक्ष को अधिकार दिया गया। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शंकर देव शर्मा ने कहा कि शिक्षक महासंघ हिमाचल के सभी शिक्षक वर्गों की मांगे सरकार के समक्ष उचित मंच पर उठाता रहा है। भविष्य में जिले का नेतृत्व करते हुए संगठन के प्रति निष्ठावान रहूंगा। आम सभा मे मुख्यातिथि विनोद सूद ने भी विचार रखे। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के विभिन्न स्थानों से आए सदस्य मौजूद रहे।
04 दिसम्बर, 2021 को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (आईजीएमसी) शिमला में ऐसे बच्चों के लिए निःशुल्क शिविर आयोजित किया जा रहा है जो जन्म से ही अन्दर या बाहर की तरफ मुडे़ हुए पैरों वाली जन्मजात विकृति क्लबफुट के साथ पैदा हुए हैं। यह जानकारी मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. राजन उप्पल ने कहा कि ऐसे दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों की तरह जीवन व्यतीत करने की दिशा में यह निःशुल्क शिविर महत्वपूर्ण है। उन्होंने क्लबफुट विकृति से पीड़ित सभी बच्चों के अभिभावकों से आग्रह किया है कि वह 04 दिसम्बर, 2021 को आईजीएमसी शिमला में आयोजित किए जा रहे शिविर में ऐसे बच्चों की निःशुल्क जांच व उपचार करवाएं। अधिक जानकारी के लिए क्योर इण्डिया के मनदीप से मोबाइल नम्बर 88000-20515 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल प्रथम दिसम्बर, 2021 को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। डाॅ. सैजल प्रथम दिसम्बर, 2021 को प्रातः 10.00 बजे डाॅ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विशेष अतिथि होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी ने सोलन जिला की उन ग्राम पंचायतों के लिए मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित करने के सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की है जहां पंचायती राज पदाधिकारियों के पद रिक्त हैं। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम 1994 के नियम-17 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है। इस सम्बन्ध में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण का कार्यक्रम सूचित किया गया है। इस कार्यक्रम के अनुसार प्रथम नवम्बर, 2021 की अर्हता तिथि के अनुसार पात्र नागरिक उन ग्राम पंचायतों में मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं जहां किसी कारणवश कोई पद रिक्त है। अधिसूचना के अनुसार इस कार्य के लिए खण्ड विकास अधिकारी कुनिहार, धर्मपुर तथा कण्डाघाट को पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। पुनरीक्षण प्राधिकारी अपने सम्बन्धित विकास खण्ड में मतदाता सूचियों से सम्बन्धित दावों तथा आक्षेपों पर निर्णय लेंगे। इस अधिसूचना के अनुसार मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 29 नवम्बर, 2021 को कर दिया गया है। 06 दिसम्बर, 2021 तक दावे तथा आक्षेप पुनरीक्षण प्राधिकारी के समक्ष दाखिल किए जा सकेंगे। 13 दिसम्बर, 2021 तक दावे व आक्षेपों का निपटारा किया जाएगा। अपील प्राधिकारी के समक्ष 20 दिसम्बर, 2021 तक अपील दाखिल की जा सकती है। 24 दिसम्बर, 2021 तक अपीलों का निपटारा किया जाएगा। 27 दिसम्बर, 2021 को मतदाता सूचियां अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी जाएंगी।
अमृतधारा दुग्ध उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति दाड़लाघाट ने दुग्ध एकत्रीकरण तथा वितरण हेतु अपना नया वाहन का शुभारम्भ किया।नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर दिनेश राणा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। सर्वप्रथम नाबार्ड से आए सीजेएम दिनेश राणा, डीजे एमबीआर प्रेमी, डीडीएम अशोक कुमार ने पूजा अर्चना की। तत्पश्चात दिनेश राणा ने हरी झंडी दिखाकर दुग्ध वितरण वाहन का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह वाहन अमृतधारा दुग्ध उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति इस वाहन की सहायता से अपना वार्षिक टर्नओवर निश्चित रूप से बढ़ा सकती हैं। बता दें की इस वाहन की खरीद हेतु 50% अमृतधारा दुग्ध समिति द्वारा वहन किया गया और 50% की सहयोग राशि नाबार्ड ने अदा की। अमृतधारा दूध उत्पादन समिति के प्रधान शांता शर्मा ने बताया कि उनकी इस समिति के साथ 320 परिवार जुड़ चुके हैं जिन्होंने दुग्ध उत्पादन को अपना आजीविका का साधन बनाया है। उन्होंने बताया कि समिति का वार्षिक टर्नओवर लगभग 86 लाख का हो गया है। समिति के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रेनू ठाकुर ने बताया कि अभी तक वह 800 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन कर रही हैं, उनका लक्ष्य इसे तीन गुना बढ़ाने का है। उन्होंने बताया कि वह घर घर फीड पशु चारा साइलेज पहुंचा रहे हैं जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो रही है। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र गांधी ने महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर समिति के संचालक एवं प्रधान शांता शर्मा,चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रेनू ठाकुर, सदस्य सुलोचना, सुमन, कांता ठाकुर, कृष्णा, रूपा ठाकुर इत्यादि शामिल रही।
देहरा: आईटीआई नैहरनपुखर में एक बार फिर युवाओं को रोजगार में कुशल होने का अवसर मिलेगा। आगामी 02 दिसम्बर 2021 को हीरो मोटो कोर्प द्वारा आई.टी.आई. नैहरनपुखर में नेप्स के लिए कैम्पस इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। कंपनी के एच आर विभाग के अधिकारी ने बताया कि 02 दिसम्बर 2021 को होने वाली साक्षात्कार के लिए आई.टी.आई. से 2019, 2020, 2021 में फिटर, मैकेनिक मोटर विहकेल, वेल्डर, मशीनिस्ट, टर्नर, पेंटर आदि व्यवसाय में कोर्स पूरा कर चुके 18 से 23 साल के अभ्यर्थी पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी चयनित युवाओं को 12750/- रुपये मासिक मानदेय दिया जायेगा। कैम्पस इंटरव्यू में पात्र युवा 02 दिसम्बर 2021 को सुबह दस बजे अपने मूल प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, आधार कार्ड, पैन कार्ड की प्रतिलिपियों के साथ आई.टी.आई. नैहरनपुखर कैम्पस में पहुँच जाने चाहिए। इस विषय बारे संस्थान प्रधानाचार्य श्री. ललित मोहन जमवाल जी ने बताया की युवाओं की चयन प्रक्रिया साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। उन्होने बताया कि इस कैम्पस इंटरव्यू में प्रदेश भर के सरकारी व निजी आई.टी.आई. के छात्र हिस्सा ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संस्थान के ट्रेनिंग व प्लेसमेंट अधिकारी प्रदीप कुमार से दूरभाष 01970-268139 व 9418479816 पर संपर्क करें।
ज्वालामुखी: उपमंडल ज्वालामुखी के तहत पड़ते खुंडिया में पूर्व सैनिक संग़ठन के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को पत्र लिखकर मांग की है कि ज्वालामुखी के तहत खुंडिया में बीडीओ ऑफिस खोला जाए। अध्यक्ष कर्नल एम एस राणा ने प्रमुखता के साथ मांग की है कि खुंडिया में बीडीओ ऑफिस खोलकर राहत प्रदान की जाए वहीं उनका कहना है कि खुंडिया पहाड़ी एवम दुर्गम इलाका है वहीं इस में कुल 20 पंचायतें हैं। अध्यक्ष का कहना है कि इतना बड़ा इलाका होने के बावजूद यहां बी डी ओ ऑफिस न होने के कारण इलाका वासी उन्नत किस्म के बीजों, खाद व उपकरणों से वंचित रह जाते हैं। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने मुख्य मंत्री को पत्र लिख कर गुहार लगाई है कि खुंडिया तहसील में बी डी ओ ऑफिस खोला जाए। इस इलाके में लगभग 2000 पूर्व सैनिक परिवार हैं और यह मांग पूर्व सैनिकों के अतिरिक्त सारे इलाके की है।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला योजना विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला के सभी विकास खण्ड अधिकारियों, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग तथा स्थानीय शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजना शीर्षों के अन्तर्गत योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बैठक में वर्ष 2019-20, वर्ष 2020-21 के दौरान स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करके उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न लम्बित विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए अधिकारी जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर उचित कदम उठाएं। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ज़फ़र इकबाल, जिला योजना अधिकारी नरेश शर्मा, साख योजना अधिकारी देश राज, खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी धर्मपुर सुभाष अत्री, खण्ड विकास अधिकारी कुनिहार तारा शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी कण्डाघाट एचसी शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी नालागढ़ ओम पाल, लोक निर्माण विभाग अर्की के अधिशाषी अभियन्ता रवि कपूर, सोलन के अरविंद शर्मा, नालागढ़ के अजय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरा :देहरा मे मंगलवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री विप्लव ठाकुर एवम ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरिओम शर्मा की अध्यक्षता में कांग्रेस सदस्यता अभियान का शुभारम्भ हुआ वर्ष 2022 मार्च तक चलने वाले इस कांग्रेस सदस्यता के पहले दिन मंगलवार को बहुत से लोगो ने सदस्यता ग्रहण कर इस मुहिम की शुरूवात की जानकारी देते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री विप्लव ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2022 मार्च तक आठ से दस हजार तक कांग्रेस सदस्यता का लक्ष्य है जो कि बड़ी आसानी से पूरा हो जाएगा। वहीं अधिक जानकारी देते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देहरा के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ने इस सदस्य अभियान के बारे में जानकारी साझा की यही नहीं लोगो को भी कांग्रेस द्वारा चलाई गई विभिन्न गतिविधियों का जिक्र वहां मौजूद जनता के साथ किया। हरिओम शर्मा ने कहा कि देहरा में दिन प्रतिदिन कांग्रेस संग़ठन मजबूती की ओर है रोजाना देहरा विधानसभा से तालुकात रखने वाले लोग कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं अब इस यह सदस्यता अभियान युद्धस्तरिय पर चलाया जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पुष्पिंदर शर्मा, प्रदेश सचिव ओबीसी विभाग सुनील कश्यप, पूर्व विधायक योगराज, मधु देवी, इंदिरा देवी, किरण, जेपी वालिया, स्माइल ठाकुर, निखिल भारद्वाज, रिम्पी ठाकुर, सपन सूद, कर्नल मनीष धीमान नरेश कुमार इत्यादि कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।
कुनिहार : ममलीग के गाँव सतडोल में चल रहे शिव महापुराण कथा के 9वे दिवस में आचार्य हरि महराज ने भगवान शिव पार्वती का गुणगान करते हुए कहा कि माँ पार्वती को हिमालय पहाड़ों की पुत्री कहा जाता है क्योकि माँ पार्वती के पिता पर्वतराज हिमालय के राजा थे और माँ पार्वती को पहले रूप में शेल पुत्री भी कहा जाता है। आचार्य हरि महराज ने कहा कि नवरात्रों के पहले तीन देवी दुर्गा के लिए समर्पित किये गए हैं जिसमे तीनों दिनों में नारी के तीन रूपों की पूजा की जाती है पहले दिन बालिका दूसरे दिन युवती व् तीसरे दिन महिला के रूप में पूजा की जाती है आचार्य ने शिव शक्ति माँ सती देवी जगतम्बा तथा जगन्नाथ पूरी मंदिर के प्रसंग से भी श्रधालुओ को अवगत करवाया हरी महराज ने कहा कि जो भी श्रोता सच्चे मन से शिव महापुराण कथा को सुनते है उनके जन्म जन्मान्तर के पाप दोष नष्ट हो जाते है व् भविष्य में कभी संकट नही आता है मिडिया प्रभारी बांके बिहारी विश्व मांगलिक सेवा धाम डी डी कश्यप ने बताया कि कथा की पूर्णाहुति 2 दिसम्बर को होगी इस मोके पर चन्द्रमोहन, गोदावरी देवी ,संतराम कोंडल, हरिराम ,सतीश कुमार वर्मा, प्रेमसिंह, रोशनलाल ,अश्वनी कुमार मेहता, मनमोहन शर्मा, लायक राम सहित काफी संख्या में श्रधालुओ ने कथा का आनंद उठाया।
राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 2555 एसएमसी शिक्षकों को स्थायी नीति बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। दो दिसंबर को मुख्य सचिव राम सुभग सिंह की अध्यक्षता में होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक में इस मसले पर चर्चा की जाएगी । विभाग की ओर से बैठक के लिए तैयार किए गए एजेंडे में इस मामले को शामिल किया गया है। बैठक से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने निदेशक उच्चतर व प्रारंभिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा स्कूलों में एसएमसी शिक्षक पिछले आठ व इससे ज्यादा समय से विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा इनके लिए स्थायी पालिसी बनाई जाए। धूमल जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे उस वक्त इनकी नियुक्तियां की गई थी। एसएमसी शिक्षकों के मसले पर चर्चा के लिए विभाग ने इसके लिए पूरी कसरत कर दी है। विभाग ने विधि विभाग से भी राय ले ली है। वर्ष 2012 से एक-एक साल का सेवा विस्तार देकर दुर्गम क्षेत्रों में एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। एसएमसी के तहत पीजीटी, डीपीई, टीजीटी, सीएंडवी और जेबीटी लगाए गए हैं। शिक्षकों की लंबी सेवाओं को देखते हुए सरकार ने अब इस बाबत सकारात्मक रुख अपनाते हुए आगामी फैसला लेने की कवायद शुरू की है। बीते अप्रैल में हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों के मामले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सुलझाने के लिए 11 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा सचिव को सदस्य बनाया है। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य सचिव बनाए गए हैं। कमेटी में विशेष/अतिरिक्त और संयुक्त सचिव स्तर के वित्त और शिक्षा विभाग की ए, बी और सी शाखा के अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। शिक्षकों से जुड़े पदोन्नति, तबादलों, नियुक्तियों और नियमितीकरण से संबंधित मामलों की सुनवाई इस कमेटी में होनी है। कमेटी की सिफारिश पर ही कैबिनेट मंजूरी को मामले भेजे जाएंगे
सोमवार को शहरी विकास मंत्री द्वारा हिपा में नगर निगमों के महापौरों और उप महापौरों, प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण से क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने लंबे समय से स्थापित रूढि़यों को संशोधित करने के लिए निर्वाचित सदस्यों के बीच पूरी तरह से व्यवहार और व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होेंने सभी सदस्यों को शहरी स्थानीय निकायों के प्रभावी कामकाज के लिए अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम बनाने के लिए कौशल प्रदान करने और ज्ञान बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। सुरेश भरद्वाज ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के सतारूढ़ होने पर पूर्व में शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। वर्तमान में इन निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक महिला प्रतिनिधि चुनी जाती हैं। यह बदलाव का संकेत है और हमें इसे सुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक अवसर में बदलना होगा। उन्होंने बेहतर प्रशासन के लिए शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया और कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि सरकारी परियोजनाओं, योजनाओं, नियमों की जानकारी प्राप्त करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शहरी जीवन को बदलने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि शहरीकरण अपने आप में एक चुनौती है और अब समय आ गया है कि इसे एक अवसर के रूप में लिया जाए। इसके लिए बेघरों के लिए घर, बेरोजगारों के लिए नौकरी, चैबीसों घंटे जलापूर्ति, स्वच्छता, शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हिमाचल ने अच्छा प्रदर्शन किया और स्वच्छ सर्वेक्षण (स्वच्छता सर्वेक्षण) में शीर्ष पांच राज्यों में जगह बनाई। नवाचार और प्रभावी प्रशासन के माध्यम से इसमें और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने पहली बार शहरी भारत के लिए एसडीजी इंडेक्स शुरू किया है और शिमला शहर इसमें शीर्ष पर है। प्रशिक्षण कार्यक्रम शहरी विकास विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस अवसर पर निदेशक शहरी विकास मनमोहन शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने धर्मपुर में लोक निर्माण विभाग का वृत कार्यालय खोलने व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मण्डप को स्तरोन्नत कर 50 बिस्तर का अस्पताल बनाने की घोषणा की। उन्होंने ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और राज्य के प्रत्येक क्षेत्र का चहुँमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीँ उन्होंने मंडी जिला के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में 381 करोड़ रुपये की 96 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के अवसर पर लोगों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मपुर क्षेत्र के लोग भाग्यशाली हैं कि उन्हें प्रदेश विधानसभा में प्रतिनिधित्व के लिए एक करिश्माई और समर्पित नेतृत्व प्राप्त है।धर्मपुर क्षेत्र के लिए आज एक ऐतिहासिक अवसर है जब 381 करोड़ रुपये की 96 विकास परियोजनाएं लोगों को समर्पित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने विश्व अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से झकझोर दिया है और हिमाचल भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व और राज्य सरकार के सामयिक निर्णयों तथा लोगों की सक्रिय सहभागिता से देश और प्रदेश इस स्थिति से बेहतरीन ढंग से निपटने में सफल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के बावजूद उन्होंने राज्य के 42 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 4500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस आपदा के दौरान कुछ नहीं किया और वे इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने में ही व्यस्त रहे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को याद दिलाते हुए कहा कि महामारी के प्रसार के दौरान प्रदेश में केवल 50 वेंटिलेटर ही उपलब्ध थे जबकि आज एक हजार से अधिक वेंटिलेटर राज्य में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रदेश के लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है और प्रदेश सरकार अगले वर्ष के मध्य तक राज्य के प्रत्येक घर तक नल से जल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गंभीर रूप से बीमार लोगों को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करने के लिए सहारा योजना प्रारम्भ की है जिसके अन्तर्गत प्रतिमाह तीन हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 3.25 लाख परिवारों को निःशुल्क गैस कनैक्शन उपलब्ध करवाए गए हैं। हिमकेयर योजना के तहत पात्र परिवारों को 5.25 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जा रहा है और योजना के अन्तर्गत 2 लाख सात हजार परिवारों को लाभ पहुंचा है। वृद्धजनों, विधवा, परित्यक्त और विशेष रूप से सक्षम लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। बी.पी.एल. परिवारों से संबंधित बेटियों के विवाह पर उन्हें शगुन योजना के अन्तर्गत 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 50 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने कभी ऐसी कल्याणकारी योजनाओं पर विचार नहीं किया और वे केवल अपने विकास में ही व्यस्त रहे।
एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन ने सोमवार को आईटीआई पांवटा साहिब में जीर्णोद्धार के उद्देश्य से सामूहिक निरीक्षण किया। इस दौरान आईटीआई में उपस्थित अधकारियों के साथ अन्य नई श्रेणियों को भी चालू करने के विषय में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के दिशा निर्देशानुसार ही आईटीआई पांवटा साहिब का निरीक्षण किया गया। उपमंडल अधिकारी द्वारा मिस्रवाला पंचायत का भी दौरा किया गया। इस दौरान वह पंचायत के प्रधान व पूर्व प्रधान सहित स्थानीय लोगों तथा बाहर से आए अन्य प्रवासियों से मिले। उन्होंने सभी को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के लिए प्रेरित किया। विवेक महाजन ने पांवटासाहिब उपमंडल में स्थापित कंपनियों तथा धान ख़रीद केंद्र पीपलीवाला का दौरा भी किया। जहाँ वह कम्पनियों में कार्यरत बाहर से आए मज़दूरों एवं कर्मचारियों से मिले तथा उन्हें कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान पीओ डीआरडीए कल्याणी गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग केएल चौधरी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी ड़ॉ अजय देओल, कार्यकारी अधिकारी खण्ड विकास अधिकारी रवि प्रकाश जोशी, अध्यक्ष चैम्बर ऑफ कॉमर्स सतीश गोयल उपस्थित रहे।
राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने सोमवार को ऊना जिला के अपने प्रवास के तीसरे व अन्तिम दिन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभागार में आयोजित बैठक में ऊना जिला में संचालित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और फ्लैगशिप परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने और इन योजनाओं के शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को किसी न किसी रूप में समाज को अपना योगदान अवश्य देना चाहिए। राज्यपाल ने बंगाणा उप-मंडल के अन्दरौली में क्रियान्वित की जा रही नृवंशविज्ञान (एथनो-बोटेनिकल गार्डन) बाग परियोजना में गहन रूचि दिखाते हुए निम्न शिवालिक पर्वत श्रृंखला में उपलब्ध जैव-विविधता के महत्त्व और इसके दस्तावेजीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके बेहतर दस्तावेजीकरण, वेटलैंड की पहचान इत्यादि के लिए पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने जिला में स्थित विभिन्न वेटलैंड क्षेत्रों में आने वाले प्रवासी पक्षियों के बारे में भी जानकरी प्राप्त की और वन विभाग के अधिकारियों को बर्ड फोटोग्राफर और बर्ड वाॅचर को सुविधाएं प्रदान करते हुए इस क्षेत्र में पर्यटन विकास को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत यहां वार्षिक आधार पर बर्ड वाॅचर के लिए समारोह आयोजित करने का भी सुझाव दिया। प्राकृतिक खेती पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह पद्धति वाणिज्यिक तौर पर भी व्यवहारिक है और कृषि विभाग को किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि रसायनों, उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों और विभिन्न गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पूर्व में बेहतर प्रयास हुए हैं और इसमें और गति लाने की आवश्यकता है। बैठक में राज्यपाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना, कोविड टीकाकरण, समग्र शिक्षा अभियान और दौलतपुर चैक से तलवाड़ा रेलमार्ग के प्रस्तावित विस्तार कार्यों की भी समीक्षा की। राज्यपाल विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों से और अधिक लग्न से कार्य करने का आग्रह किया ताकि जिला को राज्य में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हो सके। इससे पूर्व उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए जिला में विभिन्न फ्लैगशिप परियोजनाओं जैसे पीजीआई सैटेलाइट केंद्र, आईआईआईटी, नेशनल सर्विस कैरियर सेंटर, मातृ-शिशु अस्पताल इत्यादि की अद्यतन स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन और वन विभाग संयुक्त रूप से बर्ड वाॅचर समारोह के आयोजन की दिशा में कार्य कर रहे हैं और शीघ्र ही इसे मूर्त रूप प्रदान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अन्दरौली में एथनो-बोटेनिकल गार्डन, जलक्रीड़ा परिसर और ग्रामीण सेनेटरी मार्ट के निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और यह परियोजना वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित की जा रही है। बैठक में पुलिस अधीक्षक अर्जित सिंह ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. अमित कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सोमवार को ऊना जिला के देहलां में स्थित विशेष रूप से सक्षम बच्चों के स्कूल एवं डे केयर सेंटर आश्रय का दौरा किया और विशेष रूप से सक्षम बच्चों से भेंट की। राज्यपाल ने विशेष रूप से सक्षम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आश्रय स्कूल के संचालकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज को जागरूक व प्रोत्साहित करने में आश्रय इस बहुत ही महत्त्वपूर्ण विषय पर प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने संचालकों को इसके लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं। आश्रय के अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश ऐरी ने राज्यपाल का स्वागत किया और यहां छात्रों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी प्रदान की। इसके उपरान्त राज्यपाल ने देहलां में विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के स्वयं सहायता समूह अराधना के सदस्यों से भी भेंट की। यह समूह दीये के लिए कपास की बत्तियां और धूप का उत्पादन कर स्वावलम्बन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि जिला प्रशासन विशेष रूप से सक्षम लोगों के उत्थान की दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहा है। इस अवसर पर उपायुक्त राघव शर्मा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग सर्दियों में सड़कों पर ठिठुरने को मजबूर बेसहारा लोगों की सुध लेगा। आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी ने मानवाधिकार जागरूकता पर उमंग फाउंडेशन के सप्ताहिक वेबिनार में कहा कि इस मामले में सरकार को निर्देश जारी किए जाएंगे। उनका कहना था कि आयोग स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से मानवाधिकार जागरूकता का अभियान भी चलाएगा। कार्यक्रम में लगभग 70 युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के संयोजक और उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी और दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरेन्दर कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज़ादी के अमृत महोत्सव और हिमाचल के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष में उमंग फाउंडेशन द्वारा शुरू किए गए साप्ताहिक वेबीनार की श्रृंखला के 11वें कार्यक्रम में "मानवाधिकार संरक्षण में राज्य मानवाधिकार आयोग की भूमिका" पर आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी मुख्य वक्ता थे। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रो.अजय श्रीवास्तव ने प्रदेश में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं पर प्रकाश डाला।
मनाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कटराईं में सोमवार को मंत्री जनता के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा, कला, भाषा एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने की। यह कार्यक्रम कटराईं तथा दवाड़ा ग्राम पंचायत के लोगों की समस्याओं की सुनवाई करने के लिए रखा गया था। कार्यक्रम में इन पंचायतों के विभिन्न गांव के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और लगभग 110 आवेदन व समस्याएं मंत्री के समक्ष लोगों ने प्रस्तुत की। शिक्षा मंत्री ने हर एक शिकायत पर संबंधित विभाग के अधिकारी के साथ चर्चा करके उसके समाधान अथवा शीघ्र निपटारे के लिए कहा। लोगों ने बहुत सारी मांगे भी मंत्री के समक्ष रखी। जिन्हें अगली कार्रवाई के लिए मंत्री ने संबंधित विभागों को दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए गोविंद ठाकुर ने कहा कि उनका प्रयास मनाली विधानसभा क्षेत्र को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ विधानसभा क्षेत्र बनाना है।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन जिला के 54-कसौली विधानसभा क्षेत्र में पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करवाने तथा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं तहसीलदार कसौली मनमोहन जिस्टू ने आज प्रचार एवं जागरूकता वाहन को रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करवाने तथा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए इस प्रचार वाहन के माध्यम से कसौली विधानसभा क्षेत्र में स्थित विद्यालयों, महाविद्यालयों, बस अड्डे तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों में आम लोगों को मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करवाने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2022 को 18 वर्ष या उससे अधिक की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। पात्र मतदाता 9 दिसम्बर तक मतदाता सूचियों में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। इस कार्य के लिए सभी मतदान केन्द्रों पर अभिहित अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता हेल्पलाइन मोबाइल ऐप, वेबसाईट https://voterportal.eci.gov.in/ तथा https://nvsp.in/ के माध्यम से ऑनलाइन नाम दर्ज करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। उन्होंने सभी नागरिकों विशेषकर 18 से 19 वर्ष पूर्ण कर चुके युवाओं से आग्रह किया कि वह मतदाता सूचियों में अपना नाम दर्ज करें ताकि मतदाता सूची को नवीनतम व त्रुटिरहित बनाया जा सके और कोई भी योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रोबेशन अवधि को कम ना करने के सरकार के फ़ैसले का हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है । युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी और मुख्य प्रवक्ता डॉ चंदन राणा ने जारी प्रेस विज्ञापन में बताया कि 27 नवम्बर को हिमाचल प्रदेश सरकार ने JCC मीटिंग के दौरान कई अहम फैसले लिए जिनसे कर्मचारी वर्ग में काफ़ी रोष है। प्रदेश सरकार द्वारा JCC की बैठक में लिए गए फ़ैसले जयराम सरकार की प्रशासनिक विफलता का जीता जागता सबूत है। इसमें सबसे ज़्यादा नाराज़गी पुलिस विभाग के कर्मचारियों में है। पुलिस कर्मियों की लम्बे समय से ये माँग रही है कि उनके प्रोबेशन अवधि जोकि अभी तक 8 वर्ष है, उसे भी अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह कम किया जाए। जहाँ सभी विभागों का अनुबंध कार्यकाल 3 वर्ष से घटा कर 2 वर्ष किया गया वहीं पुलिस का प्रोबेशन पीरियड अभी भी 8 वर्ष ही रखा गया। अभी पिछले 2 दिन से विभिन्न जगहों और बटालियनों में तैनात 2000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी मेस के खाने का बहिष्कार कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने बताया कि JCC बैठक के फ़ैसले केवल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अनुभवहीनता को दर्शाते हैं और चारों सीटें हारने के बाद भौखलाहट में लिये गये निर्णय लगते हैं। आने वाले विधानसभा के सेशन में युवा कांग्रेस विधानसभा का घेराव करके अन्य माँगों के साथ पुलिसकर्मियों को न्याय दिलवाने की माँग को ज़ोर, जोश और शोर के साथ उठाएगी ।
हिमाचल पथ परिवहन निगम में कार्यरत पीस मील वर्कर टूल डाउन हड़ताल पर बैठ गए हैं। परवाणू में भी कर्मचारियों ने वर्कशाप में काम बंद कर दिया है। पीसमिल कर्मचारियों ने मांग की है कि जब तक उन्हें अनुबंध पर नही लिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश पीसमील वर्कर कर्मचारी मंच परवाणू के प्रधान सुनील पुंडीर ने बताया कि अगस्त में भी कर्मचारियों को अनुबंध पर करने की मांग को लेकर टूल डाउन हड़ताल की गई थी। 17 अगस्त से 24 अगस्त तक चली हड़ताल को परिवहन मंत्री और निगम प्रबंधन के आश्वासन के बाद वापस लिया गया था। लेकिन मंत्री और प्रबंधन का आश्वासन झूठा निकला है। ऐसे में पीस मील वर्कर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज से पूरे प्रदेश में पीसमील वर्कर अनिश्चितकालीन टूल डाउन स्ट्राइक बैठेंगे।
खण्ड चिकित्सा अधिकारी ड़ॉ.अजय देओल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए 30 नवम्बर को 30 स्थानों पर कोविड टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों से अपील भी की कि वह कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित करें, ताकि वह इस महामारी से अपने आपको, अपने परिवार को व अपने समाज को बचाकर अपना दायित्व निभा सके। उन्होंने बताया कि 30 नवम्बर को राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड के सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, ज्ञान चंद धर्मशाला, मोबाइल टीम पांवटा साहिब, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, ईएसआई मालवा कोटन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजपुरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कफोटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरोग बनेडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर भारापुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माजरा, उपस्वास्थ्य केंद्र मिस्रवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाखणा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतौन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोलर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरखुवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगानी, आरबीएस के टीम, आरबीएस के टीम 1, आरबीएस के टीम 2, उपस्वास्थ्य केंद्र तारूवाला, उपस्वास्थ्य केंद्र शिवपुर, उपस्वास्थ्य केन्द्र अजोली, ग्राम पंचायत मत्रालियों, उपस्वास्थ्य केन्द्र बहराल, उपस्वास्थ्य केंद्र मानपुर देवड़ा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमरऊ, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांटी मास्वा, उपस्वास्थ्य केंद्र सेनवाला, उपस्वास्थ्य केंद्र धौलाकुआं इन सभी स्थानों पर कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी क्षेत्रवासी तथा बाहर से आए प्रवासी इन केन्द्रों पर जाकर टीका लगवा सकते हैं। ड़ॉ.अजय देओल ने कहा कि टीका लगवाने के लिए आधार कार्ड या अन्य कोई भी फोटोयुक्त पहचान पत्र अपने साथ ज़रुर लाएं।
नादौन के दोहाग के धेनेटा में स्वर्गीय राहुल सोंखला की याद में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट का आयोजन अजय, सिद्धू व शुभम द्वारा करवाया गया। इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के ओबीसी विंग के राज्य मंत्री एवं ठुकराल फाउंडेशन के अध्यक्ष शैकी ठुकराल विशेष तौर से मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर शैकी ठुकराल ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में खेल के महत्व को बढ़ावा देते है। इन आयोजनों से युवक नशे से दूर रहते है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट में विजेता टीम को 11000 एवम उपविजेता टीम को 7100 रूपए की राशि ईनाम स्वरूप भेंट की गई। बता दें कि इस टूर्नामेंट में 15 टीमों ने हिस्सा लिया।
उपचुनाव में मिली शानदार जीत के बाद प्रदेश कांग्रेस में नई ऊर्जा दिख रही है। निसंदेह कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है और पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत और संगठित दिखने लगी है। इस जीत के साथ ही बदली राजनैतिक फिजा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के सियासी वजन में भी इजाफा हुआ है। उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आये है तो राठौर को भी जीत का क्रेडिट मिलना जायज है। कुलदीप सिंह राठौर पार्टी की बड़ी ताकत बनकर उभरे है, दरअसल उनका किसी गुट में न होना पार्टी को एकजुट रखने में कारगर सिद्ध हुआ है। उपचुनाव में मिली जीत, संगठन को लेकर आगे की रणनीति, 2022 में खुद चुनाव लड़ने जैसे कई अहम मसलों पर फर्स्ट वर्डिक्ट ने राठौर से विशेष बातचीत की। राठौर ने तमाम विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। पेश है बातचीत के मुख्य अंश सवाल : सत्ता के सेमीफाइनल में कांग्रेस ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर क्या रणनीति रहने वाली है ? जवाब : हाल ही में जो प्रदेश में उपचुनाव हुए है वो बेहद ही महत्त्वपूर्ण चुनाव थे। हमारी लड़ाई न केवल केंद्र व प्रदेश सरकार से थी बल्कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से भी थी। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमने और हमारे संगठन ने लगातार प्रदर्शन किए, आंदोलन किए। हम हमेशा लोगों के साथ खड़े रहे और यही कारण है कि हमें चुनाव के दौरान जनता का भरपूर समर्थन मिला। चुनाव की जीत कभी भी एक दिन में तय नहीं होती है, संगठन को हमेशा सक्रिय रहना पड़ता है और पिछले 3 वर्षों से हमारा संगठन लगातार सक्रिय रहा है। उपचुनाव के बाद अब हमारा लक्ष्य उन सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करना है जहाँ कांग्रेस की स्तिथि सहज नहीं है। हमारी क्या कमियां रही है और क्या सुधार किया जा सकता है, इन सभी चीज़ों पर विचार किया जा रहा है। उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत का असर पूरे हिंदुस्तान में हुआ है। हमारी पार्टी ने सेमीफाइनल जीता है और हम उत्साहित भी है, लेकिन अति उत्साहित नहीं। संगठन को किस तरह से और मजबूत किया जाए इस पर हम लगातार मंथन कर रहे है। सवाल : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जारी एक ब्यान में कहा है कि कांग्रेस श्रद्धांजलि से चुनाव जीती है, इस पर आपका क्या विचार है ? जवाब : इस ब्यान पर तो मैं ये ही कहूंगा ये मुख्यमंत्री का विरोधाभास है। एक तरफ तो उनका कहना है कि चुनाव में हार उनके आंतरिक कारणों की वजह से हुई है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कहते है कि कांग्रेस को श्रद्धांजलि के वोट मिले है। सबसे पहले तो मुख्यमंत्री खुद ही स्पष्ट करें कि आखिर उपचुनाव में वो क्यों हारे है। मुख्यमंत्री खुद हार के कारण को ढूंढ़ने में उलझ गए और वास्तविकता तक नहीं पहुँच पाए। मैं उन्हें ये बताना चाहता हूँ कि भाजपा इसलिए चुनाव हारी है क्योंकि पिछले चार वर्षों में प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। प्रदेश में लगातार महंगाई व बेरोज़गारी बढ़ी है, कानून व्यवस्था भी ठीक नहीं है और ऐसे कई कारण रहे जिनकी वजह से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और इन सभी मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में हम सफल रहे। मुझे लगता नहीं है कि मुख्यमंत्री को इस हार से कुछ सबक मिला है। वही श्रृद्धांजलि की बात करे तो मुख्यमंत्री क्या कहना चाहते है। किसकी श्रद्धांजलि की बात वो कर रहे है वीरभद्र सिंह जी ने प्रदेश के लिए काम किया है और यदि हम उनके द्वारा किये गए कार्यों का ज़िक्र करते भी है तो वो हमारा अधिकार है। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल को बनाया है और निश्चित तौर पर जब हम चुनाव प्रचार करेंगे तो अपनी पार्टी की बड़ी हस्तियों का उल्लेख जरूर करेंगे। सवाल : मुख्यमंत्री का ये भी कहना है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री के16 चेहरे हैं, इस बात को आप किस तरह देखते है ? जवाब : देखिये मुख्यमंत्री जी अपना क्रोध शांत करने के लिए कुछ भी कह सकते हैं। अब कौन से वो 16 चेहरे है वो ही बताएं। मुख्यमंत्री जी अगर बोल रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री के 16 चेहरे है तो इसका मतलब ये है कि कांग्रेस पार्टी इतनी सक्षम है कि हमारे पास इतने मुख्यमंत्री के चेहरे है। मुख्यमंत्री का चेहरा तो वही होगा जो सक्षम होगा। अगर कोई मुख्यमंत्री का दावेदार है भी तो इसमें कोई बुराई नहीं है। अगर कोई भी संगठन में काम कर रहा है तो उसका पूरा हक़ बनता है लेकिन लक्ष्मण रेखा के अंदर रह कर। यदि कोई सोचता है कि उसे आगे बढ़ना है तो इसमें क्या गलत है। बाकी जो मुख्यमंत्री कहते हैं मैं उनकी बातों पर अधिक गौर करना जरूरी नहीं समझता हूँ। सवाल : आपकी लीडरशिप में कांग्रेस ने जीत हासिल की है और लोगो के मन में ये सवाल है कि क्या कुलदीप राठौर आगामी चुनाव लड़ेंगे ? जवाब : देखिये अभी फ़िलहाल तो मैं चुनाव लड़वा रहा हूँ और प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मेरा ये फ़र्ज़ है कि मैं पार्टी के हर उम्मीदवार के साथ खड़ा रहूं। मुझे इस बात की ख़ुशी है की पार्टी का जो जिम्मा मुझे दिया है मैं उसे पूर्ण रूप से निभाने का प्रयास भी कर रहा हूँ और निश्चित तौर पर मैं सफल भी रहा हूँ। रही बात चुनाव लड़ने की तो निश्चित तौर पर मेरे गृह क्षेत्र के लोग मुझे हमेशा क्षेत्र का दौरा करने व चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित करते आएं है। लेकिन मेरा मानना है कि जिस पद पर मैं अभी हूँ मेरा पहला दायित्व संगठन को मजबूत करना है, बाकी सभी बाते सेकेंडरी है। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को मुझसे अपेक्षा है और मैं पूरा प्रयास करूंगा की उनकी उम्मीदों पर खरा उतरूं। सवाल : प्रदेशवासियों के लिए क्या सन्देश देना चाहेंगे ? जवाब : मैं यही कहना चाहता हूँ कि पक्ष हो या विपक्ष हो हमें देश के विकास के लिए ही कार्य करना है। मैं प्रदेश की जनता को भी यही कहना चाहता हूँ कि अपना नेता वही चुने जो आपकी सभी तकलीफों को समझे और आपके लिए दिन रात खड़ा रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयास से भारतीय खाद्य निगम ने धान खरीद को लेकर दो लाख क्विंटल का आंकड़ा पार कर लिया है। प्रदेश में एफसीआई द्वारा 9 खरीद केंद्रों पर कृषि उपज विपणन समिति के माध्यम से किसानों का धान खरीदा जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रदेश के किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान भी 24 घंटे के भीतर ही करवाया जा रहा है। प्रदेश के करीब चार हजार किसानों को सीधे-सीधे लाभ पहुंचाते हुए उनके खातों में लगभग 38 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। बता दें कि 15 अक्तूबर, 2021 से धान खरीद का कार्य सिरमौर, ऊना, कांगड़ा और सोलन जिला के विभिन्न खरीद केंद्रों पर प्रारंभ किया गया है। सिरमौर जिला में हरिपुर-टोहाना, काला अंब व पीपलीवाला, ऊना जिला में टकराला मंडी और टाहलीवाल, कांगड़ा जिला में फतेहपुर मंडी व इंदौरा स्थित त्योराह तथा सोलन जिला में नालागढ़ मंडी और मालपुर में यह खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 24 नवम्बर, 2021 तक लगभग 2,14,311.95 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है और इससे लगभग 4,474 किसानों को लाभ पहुंचा है। आंकड़ों के अनुसार सिरमौर जिला में अभी तक लगभग 1,01,808.78 क्विंटल, ऊना जिला में लगभग 19,612.16 क्विंटल, कांगड़ा जिला में लगभग 51,685.50 क्विंटल और सोलन जिला में लगभग 41205.52 क्विंटल धान की खरीद की गई है।
छोटी काशी मंडी में विकास को नये आयाम देने वाले भव्य-दिव्य शिव धाम का काम जोरों पर चल रहा है। मंडी के कांगणीधार में साढ़े नौ हेक्टेयर क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये से बन रहा दिव्य शिवधाम भव्यता में किसी अजूबे से कम नहीं होगा। पहले चरण के काम पर 40 करोड़ रुपये खर्चे जा रहे हैं। इसमें पहाड़ी की कटिंग और जमीन को समतल बनाने के अलावा मंदिरों के स्तंभ खड़े का काम तेजी से चल रहा है। शिवधाम के प्रथम चरण का कार्य सितंबर 2022 से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से देश-दुनिया में मंडी धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा और दुनियाभर के पर्यटकों के लिए मंडी में पर्यटन गंतव्य का नया स्वरूप देखने को मिलेगा। बता दें, मुख्यमंत्री ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट शिवधाम का 27 फरवरी, 2021 को मंडी में शिलान्यास किया था। उन्होंने इस सौगात से छोटी काशी मंडी को धार्मिक पर्यटन के आकर्षण का केंद्र बनाने का सपना साकार किया है। मंडी में शिव धाम से विकास को नए आयाम मिलेंगे। इस परियोजना से लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। भव्य दिव्य शिव धाम, बेजोड़ होगा स्वरूप पर्यटन विभाग मंडी के उपनिदेशक एस.के.पराशर शिवधाम के स्वरूप की जानकारी देते हुए बताते हैं कि शिवधाम में प्रवेश के लिए कैलाश द्वार होगा। यहां श्रीगणेश मंडल के भी दर्शन होंगे, जिसमें भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित होगी। इसके अलावा गंगा कुंड होगा, शिव वंदना के नाम से ओरिएंटेशन सेंटर होगा। रुद्रा मंडल और डमरू मंडल होगा, जहां भगवान शिव के डमरू के दर्शन और डमरू मंडल के पास खाने पीने की वस्तुएं भी मिलेंगी। मानसरोवर कुंड, मोक्ष पथ, बिल्वपत्र कुंड, शिवस्मृति म्यूजियम तथा एक बड़ा शिवलिंग भी स्थापित होगा जिसे चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग से ही पर्यटक दूर से देख कर आकर्षित होंगे। वहीं शिवधाम में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी करवाए जाएंगे और भगवान शिव के साथ माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश भगवान की प्रतिमाएं भी होंगी। इसके अलावा यहां हर्बल गार्डन, नक्षत्र वाटिका, एमफी थियेटर होगा और सैकड़ों गाड़ियों के लिए पार्किंग सुविधा होगी। भोले की नगरी में शिव धाम की सार्थकता शैव मत से प्रभावित इस पहाड़ी रियासत की आधुनिक राजधानी की स्थापना बाबा भूतनाथ के मंदिर के निर्माण के साथ ही हुई है। इसके अलावा शिव नगरी मंडी में त्रिलोकीनाथ, महामृत्युंजय, पंचवक्त्र, अर्धनारीश्वर, नीलकंठ, शिव शंभू महादेव, एकादश रुद्र महादेव, रुद्र महादेव आदि अनेक शिव मंदिर हैं, जो बाबा भूतनाथ की नगरी को छोटीकाशी के रूप में पहचान दिलाते हैं। अब 12 ज्योतिर्लिंगों वाले शिवराम की स्थापना से छोटी काशी पर्यटन के मानचित्र पर नए आयाम स्थापित करेगी।
हिमाचल सरकार द्वारा बेटियों के विवाह पर प्रदान खुशियों के शगुन से प्रदेश के गरीब परिवारों में खुशहाली की मधुर धुन बज रही है। हिमाचल सरकार शगुन योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 31 हजार रुपये दे रही है। इसी कड़ी में मंडी जिले की सैंकड़ों लाभार्थियों ने भी गरीबों की मदद को चलाई शगुन योजना के लिए मुख्यमंत्री का तहेदिल से धन्यवाद किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा चलाई शगुन योजना से गरीब परिवारों की मदद हो रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग मंडी की जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजु बाला ने बताया कि सरकार ने शगुन योजना इसी साल अप्रैल में शुरू की है। पहले साल में मंडी जिला के लिए 2 करोड़ का बजट दिया गया है। जिले में अब तक 361 लाभार्थियों को लगभग 1.12 करोड़ रुपये आबंटित किए जा चुके हैं। शगुन योजना से हमारी चिंताएं हुई खत्म:अभिभावक शगुन योजना की लाभार्थी पधर की चैहड़ गलू पंचायत के समखेतर गांव की दिशा कुमारी की शादी जुलाई 2021 में कोटरोपी में हुई है। उनके पिता ड्राइवरी करते हैं। दिशा की मां देवकी देवी का कहना है कि गरीबों की बेटियों को शादी पर 31 हजार का शगुन देकर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर बड़े पुण्य का काम कर रहे हैं। बकौल देवकी ‘हम बड़े गरीब परिवार के हैं, बेटी की शादी के लिए पाई-पाई करके पैसे जोड़े थे, पर मन में चिंता थी कि गरीब मां बाप बेटी को शगुन में क्या दे पाते। सरकार ने 31 हजार का शगुन देकर हमारी वो चिंता हर ली।‘ शगुन योजना की एक और लाभार्थी पधर की डलाह पंचायत के रोहाना गांव की नैना देवी कहती हैं कि शगुन योजना में मिले 31 हजार से उनके परिवार को बड़ी मदद हुई है। साल 2021 के अप्रैल में उनकी शादी गडू्हीं गांव में हुई है। पति नालागढ़ में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। नैना के पिता रमेश कुमार मिस्त्री का काम करते हैं। घर में माता-पिता,नैना और उनकी एक बहन और एक भाई हैं। रमेश कुमार बताते हैं कि रोहाना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना देवी ने उन्हें शगुन योजना के बारे में बताया। बेटी की शादी के तुरंत बाद सीडीपीओ कार्यालय में आवेदन किया था और अब उनके खाते में 31 हजार रुपये आ गए हैं। पधर के ही शिंगार गांव की अंकिता की शादी जुलाई, 2021 में हुई है। उनके पिता दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं। अंकिता की मां जैवंती देवी बताती हैं बेटी की शादी के बाद उन्होंने शगुन योजना में मदद के लिए अप्लाई किया। इसमें 31 हजार सीधे बैंक खाते में आए। इसे उन्हें बड़ा सहारा मिला है। ये शगुन बेटी के भविष्य के लिए काम आएगा। ऐसे करें आवेदन हिमाचल सरकार ने पहली अप्रैल, 2021 सेे शगुन योजना शुरू की है। इसमें प्रदेश के गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 31 हजार रुपये का शगुन सरकार की ओर से प्रदान किया जाता है। शगुन की यह राशि बेटी की हिमाचल से बाहर शादी करने पर भी दी जाती है। योजना का लाभ लेने को शादी से दोे महीने पहले से लेकर शादी के बाद 6 महीने के भीतर आवेदन किया जा सकता है। धनराशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में डाली जाती है। योजना के लाभ के लिए लड़की की उम्र 18 साल या इससे अधिक एवं वर की 21 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए। योजना का लाभ लेने को नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बाल विकास परियोजना कार्यालय अथवा जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन किया जा सकता है। क्या कहते हैं जिलाधीश जिलाधीश मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि हिमाचल सरकार की शगुन योजना जिले में गरीब परिवारों की बेटियों के लिए बड़ी मददगार बनी है। हमारा प्रयास है कि योजना का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग जिले में पूरे समर्पण से काम कर रहा है।
भविष्य में चीड़ की पेड़ों से गिरी हुई पत्तियाँ परेशानी नहीं बनेगी बल्कि इसे ईंधन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्याल, नौणी के बेसिक साइन्स विभाग के वैज्ञानिक पिछले करीब दो वर्षों से इस विषय पर अनुसंधान कर रहे है। अब तक गन्ना व चावल से इथनॉल तैयार होता है। विश्वविद्यालय के विज्ञानियों का कहना है कि इस तकनीक को भविष्य में पराली पर भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के विकसित होने से एथनाल बनाने के लिए खाद्य पदार्थों पर निर्भरता कम हो जाएगी। विवि के पीआरओ सुचेत अत्री ने बताया कि वर्तमान में एथानॉल गन्ना, चावल आदि जैसे खाद्य प्रदार्थों से बनाया जाता है। जबकि इस परियोजना में जैविक अपशिष्ट का इस्तेमाल कर इथनॉल बनाने पर महत्वपूर्व कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में अब तक इस अप्रयुक्त वन अपशिष्ट से ईंधन ग्रेड इथेनॉल का उत्पादन करने के लिए एक नई तकनीक विकसित करने का काम पूरा किया जा चुका है। यह है इथनोल बनाने की प्रक्रिया इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से विशेष माइक्रोब का इस्तेमाल कर प्रतिरोधी पत्तियों को घोल दिया जाता है और इसका किण्वन(जैव-रासायनिक क्रिया) का मानकीकरण कर इथेनॉल में बदल दिया जाता है। भारत सरकार की वर्ष 2025 तक वाहनों को चलाने के लिए पेट्रोल में 20% इथेनॉल का सम्मिश्रण पर स्विच करने के लक्ष्य से इस परियोजना को आने वाले भविष्य में अधिक मांग वाली नवीन प्रौद्योगिकी के रूप में देखा जाएगा। हिमाचल सरकार ने भी अभी हाल ही में एक इथनॉल प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। विवि के इस अनुसंधान से चीड़ की पत्तियों का पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन का मार्ग मिलेगा और यह न केवल इस जैविक अपशिष्ट के उचित निपटान में मदद करेगा बल्कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी योगदान देगा क्योंकि एथानॉल बनाने के लिए खाद्य पदार्थों पर निर्भरता कम हो जाएगी। कोविड -19 महामारी के कारण इस परियोजना की प्रगति पर असर पड़ा है। बावजूद इसके जीबीपंत राष्ट्रीय संस्थान के निदेशक द्वारा इस प्रोजेक्ट में किए जा रहे कार्य की सराहना की गई है। परियोजना के अंतिम वर्ष में इस नवीन प्रौद्योगिकी को सफलतापूर्वक उद्योग में स्थानांतरित करने के लिए वित्त पोषण एजेंसी के साथ प्रौद्योगिकी के सत्यापन पर कार्य किया जाएगा। दो चरण की है प्रक्रिया इस माध्यम से एथनाल प्राप्त करने के लिए दो चरणों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। पहले चरण में पत्तियों को सूक्ष्मजीवों की मदद से तोड़कर सेल्यूलोज (कार्बोहाइड्रेट) अलग किया जाता है और शुगर की फार्म में लाया जाता है। दूसरे चरण में शुगर से इथनॉल बनाया जाता है। यह इथेनाल वैसा ही होगा जैसा चावल व गन्ने से तैयार किया जाता है। विश्वविद्यालय के निदेशक, अनुसंधान डा. रविंद्र शर्मा ने बताया कि आने वाले वर्षों में इथनॉल का ईंधन के तौर पर उपयोग महत्वपूर्ण होता जाएगा। यह प्रदूषण कम करने मे भी सहायक होगा। प्रदूषण नियंत्रण में सहायक है इथनॉल इथनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है। इथनॉल के इस्तेमाल से वाहन से कार्बन मोनोआक्साइड उत्सर्जन 35 फीसद कम होता है। यह सल्फर डाइआक्साइड को भी कम करता है। इसमें 35 फीसद आक्सीजन होती है और इससे नाइट्रोजन आक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है। इथनॉल को पेट्रोल में मिलाकर गाडिय़ों में ईंधन की तरह प्रयोग किया जा सकता है। इथेनॉल के लिए तीन प्लांट मंजूर बाईट कुछ माह पूर्व केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश के लिए इथेनॉल के 3 प्लांट मंजूर हुए हैं। इससे प्रदेश में 600 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश की 3 कंपनियों को शॉर्ट लिस्ट किया है। इस प्लांट को लगाए जाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत कंपनी को 5 फीसदी का शेयर ही लगाना होगा, जबकि शेष 95 फीसदी की फंडिंग बैंक से लिए जाने वाले ऋण से होगी। केंद्र सरकार की ओर से देश के 4 राज्यों के लिए इस तरह के पलांट मंजूर किए गए हैं, जिनमें से हिमाचल भी शामिल है। हिमाचल प्रदेश में 2 प्लांट कांगड़ा जबकि 1 प्लांट सोलन जिले में स्थापित किया जाएगा। इसमें से पहले प्लांट की क्षमता 1250 किलोलीटर, दूसरे की 150 किलोलीटर और तीसरे की क्षमता 200 किलोलीटर प्रतिदिन होगी। इससे प्रदेश में युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सुलगते जंगलों से मिली शोध की प्रेरणा विश्वविद्यालय के बेसिक साइंस विभाग की अध्यक्ष डा. निवेदिता शर्मा इस परियोजना की मुख्य अन्वेषक हैं। अनुसंधान कार्य में रिसर्च एसोसिएट डा. निशा शर्मा ने भी साथ दिया। डा. निवेदिता ने बताया कि वह दो साल से इस पर शोध कर रही हैं। वनों की आग की घटनाओं से चिंतित होकर उन्हेंं शोध की प्रेरणा मिली, क्योंकि वनों की आग का एक बड़ा कारण नीचे गिरी चीड़ की पत्तियां भी हैं। उनका कहना है कि वह पेट्रोलियम पदार्थों के दोहन विषय पर भी कई कार्यशालाओं में भाग ले चुकी हैं, वहां से भी काफी प्रेरणा मिली।


















































