राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 2555 एसएमसी शिक्षकों को स्थायी नीति बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। दो दिसंबर को मुख्य सचिव राम सुभग सिंह की अध्यक्षता में होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक में इस मसले पर चर्चा की जाएगी । विभाग की ओर से बैठक के लिए तैयार किए गए एजेंडे में इस मामले को शामिल किया गया है। बैठक से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने निदेशक उच्चतर व प्रारंभिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा स्कूलों में एसएमसी शिक्षक पिछले आठ व इससे ज्यादा समय से विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा इनके लिए स्थायी पालिसी बनाई जाए। धूमल जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे उस वक्त इनकी नियुक्तियां की गई थी। एसएमसी शिक्षकों के मसले पर चर्चा के लिए विभाग ने इसके लिए पूरी कसरत कर दी है। विभाग ने विधि विभाग से भी राय ले ली है। वर्ष 2012 से एक-एक साल का सेवा विस्तार देकर दुर्गम क्षेत्रों में एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। एसएमसी के तहत पीजीटी, डीपीई, टीजीटी, सीएंडवी और जेबीटी लगाए गए हैं। शिक्षकों की लंबी सेवाओं को देखते हुए सरकार ने अब इस बाबत सकारात्मक रुख अपनाते हुए आगामी फैसला लेने की कवायद शुरू की है। बीते अप्रैल में हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों के मामले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सुलझाने के लिए 11 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा सचिव को सदस्य बनाया है। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य सचिव बनाए गए हैं। कमेटी में विशेष/अतिरिक्त और संयुक्त सचिव स्तर के वित्त और शिक्षा विभाग की ए, बी और सी शाखा के अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। शिक्षकों से जुड़े पदोन्नति, तबादलों, नियुक्तियों और नियमितीकरण से संबंधित मामलों की सुनवाई इस कमेटी में होनी है। कमेटी की सिफारिश पर ही कैबिनेट मंजूरी को मामले भेजे जाएंगे
सोमवार को शहरी विकास मंत्री द्वारा हिपा में नगर निगमों के महापौरों और उप महापौरों, प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण से क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने लंबे समय से स्थापित रूढि़यों को संशोधित करने के लिए निर्वाचित सदस्यों के बीच पूरी तरह से व्यवहार और व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होेंने सभी सदस्यों को शहरी स्थानीय निकायों के प्रभावी कामकाज के लिए अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम बनाने के लिए कौशल प्रदान करने और ज्ञान बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। सुरेश भरद्वाज ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के सतारूढ़ होने पर पूर्व में शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। वर्तमान में इन निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक महिला प्रतिनिधि चुनी जाती हैं। यह बदलाव का संकेत है और हमें इसे सुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक अवसर में बदलना होगा। उन्होंने बेहतर प्रशासन के लिए शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया और कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि सरकारी परियोजनाओं, योजनाओं, नियमों की जानकारी प्राप्त करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शहरी जीवन को बदलने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि शहरीकरण अपने आप में एक चुनौती है और अब समय आ गया है कि इसे एक अवसर के रूप में लिया जाए। इसके लिए बेघरों के लिए घर, बेरोजगारों के लिए नौकरी, चैबीसों घंटे जलापूर्ति, स्वच्छता, शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हिमाचल ने अच्छा प्रदर्शन किया और स्वच्छ सर्वेक्षण (स्वच्छता सर्वेक्षण) में शीर्ष पांच राज्यों में जगह बनाई। नवाचार और प्रभावी प्रशासन के माध्यम से इसमें और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने पहली बार शहरी भारत के लिए एसडीजी इंडेक्स शुरू किया है और शिमला शहर इसमें शीर्ष पर है। प्रशिक्षण कार्यक्रम शहरी विकास विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस अवसर पर निदेशक शहरी विकास मनमोहन शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने धर्मपुर में लोक निर्माण विभाग का वृत कार्यालय खोलने व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मण्डप को स्तरोन्नत कर 50 बिस्तर का अस्पताल बनाने की घोषणा की। उन्होंने ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और राज्य के प्रत्येक क्षेत्र का चहुँमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीँ उन्होंने मंडी जिला के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में 381 करोड़ रुपये की 96 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के अवसर पर लोगों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मपुर क्षेत्र के लोग भाग्यशाली हैं कि उन्हें प्रदेश विधानसभा में प्रतिनिधित्व के लिए एक करिश्माई और समर्पित नेतृत्व प्राप्त है।धर्मपुर क्षेत्र के लिए आज एक ऐतिहासिक अवसर है जब 381 करोड़ रुपये की 96 विकास परियोजनाएं लोगों को समर्पित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने विश्व अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से झकझोर दिया है और हिमाचल भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व और राज्य सरकार के सामयिक निर्णयों तथा लोगों की सक्रिय सहभागिता से देश और प्रदेश इस स्थिति से बेहतरीन ढंग से निपटने में सफल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के बावजूद उन्होंने राज्य के 42 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 4500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस आपदा के दौरान कुछ नहीं किया और वे इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने में ही व्यस्त रहे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को याद दिलाते हुए कहा कि महामारी के प्रसार के दौरान प्रदेश में केवल 50 वेंटिलेटर ही उपलब्ध थे जबकि आज एक हजार से अधिक वेंटिलेटर राज्य में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रदेश के लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है और प्रदेश सरकार अगले वर्ष के मध्य तक राज्य के प्रत्येक घर तक नल से जल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गंभीर रूप से बीमार लोगों को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करने के लिए सहारा योजना प्रारम्भ की है जिसके अन्तर्गत प्रतिमाह तीन हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। गृहिणी सुविधा योजना के अन्तर्गत 3.25 लाख परिवारों को निःशुल्क गैस कनैक्शन उपलब्ध करवाए गए हैं। हिमकेयर योजना के तहत पात्र परिवारों को 5.25 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जा रहा है और योजना के अन्तर्गत 2 लाख सात हजार परिवारों को लाभ पहुंचा है। वृद्धजनों, विधवा, परित्यक्त और विशेष रूप से सक्षम लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। बी.पी.एल. परिवारों से संबंधित बेटियों के विवाह पर उन्हें शगुन योजना के अन्तर्गत 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 50 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने कभी ऐसी कल्याणकारी योजनाओं पर विचार नहीं किया और वे केवल अपने विकास में ही व्यस्त रहे।
एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन ने सोमवार को आईटीआई पांवटा साहिब में जीर्णोद्धार के उद्देश्य से सामूहिक निरीक्षण किया। इस दौरान आईटीआई में उपस्थित अधकारियों के साथ अन्य नई श्रेणियों को भी चालू करने के विषय में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के दिशा निर्देशानुसार ही आईटीआई पांवटा साहिब का निरीक्षण किया गया। उपमंडल अधिकारी द्वारा मिस्रवाला पंचायत का भी दौरा किया गया। इस दौरान वह पंचायत के प्रधान व पूर्व प्रधान सहित स्थानीय लोगों तथा बाहर से आए अन्य प्रवासियों से मिले। उन्होंने सभी को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के लिए प्रेरित किया। विवेक महाजन ने पांवटासाहिब उपमंडल में स्थापित कंपनियों तथा धान ख़रीद केंद्र पीपलीवाला का दौरा भी किया। जहाँ वह कम्पनियों में कार्यरत बाहर से आए मज़दूरों एवं कर्मचारियों से मिले तथा उन्हें कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान पीओ डीआरडीए कल्याणी गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग केएल चौधरी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी ड़ॉ अजय देओल, कार्यकारी अधिकारी खण्ड विकास अधिकारी रवि प्रकाश जोशी, अध्यक्ष चैम्बर ऑफ कॉमर्स सतीश गोयल उपस्थित रहे।
राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने सोमवार को ऊना जिला के अपने प्रवास के तीसरे व अन्तिम दिन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभागार में आयोजित बैठक में ऊना जिला में संचालित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और फ्लैगशिप परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने और इन योजनाओं के शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को किसी न किसी रूप में समाज को अपना योगदान अवश्य देना चाहिए। राज्यपाल ने बंगाणा उप-मंडल के अन्दरौली में क्रियान्वित की जा रही नृवंशविज्ञान (एथनो-बोटेनिकल गार्डन) बाग परियोजना में गहन रूचि दिखाते हुए निम्न शिवालिक पर्वत श्रृंखला में उपलब्ध जैव-विविधता के महत्त्व और इसके दस्तावेजीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके बेहतर दस्तावेजीकरण, वेटलैंड की पहचान इत्यादि के लिए पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने जिला में स्थित विभिन्न वेटलैंड क्षेत्रों में आने वाले प्रवासी पक्षियों के बारे में भी जानकरी प्राप्त की और वन विभाग के अधिकारियों को बर्ड फोटोग्राफर और बर्ड वाॅचर को सुविधाएं प्रदान करते हुए इस क्षेत्र में पर्यटन विकास को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत यहां वार्षिक आधार पर बर्ड वाॅचर के लिए समारोह आयोजित करने का भी सुझाव दिया। प्राकृतिक खेती पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह पद्धति वाणिज्यिक तौर पर भी व्यवहारिक है और कृषि विभाग को किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि रसायनों, उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों और विभिन्न गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पूर्व में बेहतर प्रयास हुए हैं और इसमें और गति लाने की आवश्यकता है। बैठक में राज्यपाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना, कोविड टीकाकरण, समग्र शिक्षा अभियान और दौलतपुर चैक से तलवाड़ा रेलमार्ग के प्रस्तावित विस्तार कार्यों की भी समीक्षा की। राज्यपाल विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों से और अधिक लग्न से कार्य करने का आग्रह किया ताकि जिला को राज्य में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हो सके। इससे पूर्व उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए जिला में विभिन्न फ्लैगशिप परियोजनाओं जैसे पीजीआई सैटेलाइट केंद्र, आईआईआईटी, नेशनल सर्विस कैरियर सेंटर, मातृ-शिशु अस्पताल इत्यादि की अद्यतन स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन और वन विभाग संयुक्त रूप से बर्ड वाॅचर समारोह के आयोजन की दिशा में कार्य कर रहे हैं और शीघ्र ही इसे मूर्त रूप प्रदान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अन्दरौली में एथनो-बोटेनिकल गार्डन, जलक्रीड़ा परिसर और ग्रामीण सेनेटरी मार्ट के निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और यह परियोजना वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित की जा रही है। बैठक में पुलिस अधीक्षक अर्जित सिंह ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. अमित कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सोमवार को ऊना जिला के देहलां में स्थित विशेष रूप से सक्षम बच्चों के स्कूल एवं डे केयर सेंटर आश्रय का दौरा किया और विशेष रूप से सक्षम बच्चों से भेंट की। राज्यपाल ने विशेष रूप से सक्षम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आश्रय स्कूल के संचालकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज को जागरूक व प्रोत्साहित करने में आश्रय इस बहुत ही महत्त्वपूर्ण विषय पर प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने संचालकों को इसके लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं। आश्रय के अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश ऐरी ने राज्यपाल का स्वागत किया और यहां छात्रों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी प्रदान की। इसके उपरान्त राज्यपाल ने देहलां में विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के स्वयं सहायता समूह अराधना के सदस्यों से भी भेंट की। यह समूह दीये के लिए कपास की बत्तियां और धूप का उत्पादन कर स्वावलम्बन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि जिला प्रशासन विशेष रूप से सक्षम लोगों के उत्थान की दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहा है। इस अवसर पर उपायुक्त राघव शर्मा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग सर्दियों में सड़कों पर ठिठुरने को मजबूर बेसहारा लोगों की सुध लेगा। आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी ने मानवाधिकार जागरूकता पर उमंग फाउंडेशन के सप्ताहिक वेबिनार में कहा कि इस मामले में सरकार को निर्देश जारी किए जाएंगे। उनका कहना था कि आयोग स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से मानवाधिकार जागरूकता का अभियान भी चलाएगा। कार्यक्रम में लगभग 70 युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के संयोजक और उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी और दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरेन्दर कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज़ादी के अमृत महोत्सव और हिमाचल के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष में उमंग फाउंडेशन द्वारा शुरू किए गए साप्ताहिक वेबीनार की श्रृंखला के 11वें कार्यक्रम में "मानवाधिकार संरक्षण में राज्य मानवाधिकार आयोग की भूमिका" पर आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी मुख्य वक्ता थे। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रो.अजय श्रीवास्तव ने प्रदेश में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं पर प्रकाश डाला।
मनाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कटराईं में सोमवार को मंत्री जनता के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा, कला, भाषा एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने की। यह कार्यक्रम कटराईं तथा दवाड़ा ग्राम पंचायत के लोगों की समस्याओं की सुनवाई करने के लिए रखा गया था। कार्यक्रम में इन पंचायतों के विभिन्न गांव के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और लगभग 110 आवेदन व समस्याएं मंत्री के समक्ष लोगों ने प्रस्तुत की। शिक्षा मंत्री ने हर एक शिकायत पर संबंधित विभाग के अधिकारी के साथ चर्चा करके उसके समाधान अथवा शीघ्र निपटारे के लिए कहा। लोगों ने बहुत सारी मांगे भी मंत्री के समक्ष रखी। जिन्हें अगली कार्रवाई के लिए मंत्री ने संबंधित विभागों को दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए गोविंद ठाकुर ने कहा कि उनका प्रयास मनाली विधानसभा क्षेत्र को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ विधानसभा क्षेत्र बनाना है।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन जिला के 54-कसौली विधानसभा क्षेत्र में पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करवाने तथा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं तहसीलदार कसौली मनमोहन जिस्टू ने आज प्रचार एवं जागरूकता वाहन को रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करवाने तथा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए इस प्रचार वाहन के माध्यम से कसौली विधानसभा क्षेत्र में स्थित विद्यालयों, महाविद्यालयों, बस अड्डे तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों में आम लोगों को मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करवाने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2022 को 18 वर्ष या उससे अधिक की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। पात्र मतदाता 9 दिसम्बर तक मतदाता सूचियों में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। इस कार्य के लिए सभी मतदान केन्द्रों पर अभिहित अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता हेल्पलाइन मोबाइल ऐप, वेबसाईट https://voterportal.eci.gov.in/ तथा https://nvsp.in/ के माध्यम से ऑनलाइन नाम दर्ज करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। उन्होंने सभी नागरिकों विशेषकर 18 से 19 वर्ष पूर्ण कर चुके युवाओं से आग्रह किया कि वह मतदाता सूचियों में अपना नाम दर्ज करें ताकि मतदाता सूची को नवीनतम व त्रुटिरहित बनाया जा सके और कोई भी योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रोबेशन अवधि को कम ना करने के सरकार के फ़ैसले का हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है । युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी और मुख्य प्रवक्ता डॉ चंदन राणा ने जारी प्रेस विज्ञापन में बताया कि 27 नवम्बर को हिमाचल प्रदेश सरकार ने JCC मीटिंग के दौरान कई अहम फैसले लिए जिनसे कर्मचारी वर्ग में काफ़ी रोष है। प्रदेश सरकार द्वारा JCC की बैठक में लिए गए फ़ैसले जयराम सरकार की प्रशासनिक विफलता का जीता जागता सबूत है। इसमें सबसे ज़्यादा नाराज़गी पुलिस विभाग के कर्मचारियों में है। पुलिस कर्मियों की लम्बे समय से ये माँग रही है कि उनके प्रोबेशन अवधि जोकि अभी तक 8 वर्ष है, उसे भी अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह कम किया जाए। जहाँ सभी विभागों का अनुबंध कार्यकाल 3 वर्ष से घटा कर 2 वर्ष किया गया वहीं पुलिस का प्रोबेशन पीरियड अभी भी 8 वर्ष ही रखा गया। अभी पिछले 2 दिन से विभिन्न जगहों और बटालियनों में तैनात 2000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी मेस के खाने का बहिष्कार कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने बताया कि JCC बैठक के फ़ैसले केवल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अनुभवहीनता को दर्शाते हैं और चारों सीटें हारने के बाद भौखलाहट में लिये गये निर्णय लगते हैं। आने वाले विधानसभा के सेशन में युवा कांग्रेस विधानसभा का घेराव करके अन्य माँगों के साथ पुलिसकर्मियों को न्याय दिलवाने की माँग को ज़ोर, जोश और शोर के साथ उठाएगी ।
हिमाचल पथ परिवहन निगम में कार्यरत पीस मील वर्कर टूल डाउन हड़ताल पर बैठ गए हैं। परवाणू में भी कर्मचारियों ने वर्कशाप में काम बंद कर दिया है। पीसमिल कर्मचारियों ने मांग की है कि जब तक उन्हें अनुबंध पर नही लिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश पीसमील वर्कर कर्मचारी मंच परवाणू के प्रधान सुनील पुंडीर ने बताया कि अगस्त में भी कर्मचारियों को अनुबंध पर करने की मांग को लेकर टूल डाउन हड़ताल की गई थी। 17 अगस्त से 24 अगस्त तक चली हड़ताल को परिवहन मंत्री और निगम प्रबंधन के आश्वासन के बाद वापस लिया गया था। लेकिन मंत्री और प्रबंधन का आश्वासन झूठा निकला है। ऐसे में पीस मील वर्कर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज से पूरे प्रदेश में पीसमील वर्कर अनिश्चितकालीन टूल डाउन स्ट्राइक बैठेंगे।
खण्ड चिकित्सा अधिकारी ड़ॉ.अजय देओल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए 30 नवम्बर को 30 स्थानों पर कोविड टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों से अपील भी की कि वह कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित करें, ताकि वह इस महामारी से अपने आपको, अपने परिवार को व अपने समाज को बचाकर अपना दायित्व निभा सके। उन्होंने बताया कि 30 नवम्बर को राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड के सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, ज्ञान चंद धर्मशाला, मोबाइल टीम पांवटा साहिब, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, ईएसआई मालवा कोटन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजपुरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कफोटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरोग बनेडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर भारापुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माजरा, उपस्वास्थ्य केंद्र मिस्रवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाखणा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतौन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोलर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरखुवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगानी, आरबीएस के टीम, आरबीएस के टीम 1, आरबीएस के टीम 2, उपस्वास्थ्य केंद्र तारूवाला, उपस्वास्थ्य केंद्र शिवपुर, उपस्वास्थ्य केन्द्र अजोली, ग्राम पंचायत मत्रालियों, उपस्वास्थ्य केन्द्र बहराल, उपस्वास्थ्य केंद्र मानपुर देवड़ा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमरऊ, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांटी मास्वा, उपस्वास्थ्य केंद्र सेनवाला, उपस्वास्थ्य केंद्र धौलाकुआं इन सभी स्थानों पर कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी क्षेत्रवासी तथा बाहर से आए प्रवासी इन केन्द्रों पर जाकर टीका लगवा सकते हैं। ड़ॉ.अजय देओल ने कहा कि टीका लगवाने के लिए आधार कार्ड या अन्य कोई भी फोटोयुक्त पहचान पत्र अपने साथ ज़रुर लाएं।
नादौन के दोहाग के धेनेटा में स्वर्गीय राहुल सोंखला की याद में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट का आयोजन अजय, सिद्धू व शुभम द्वारा करवाया गया। इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के ओबीसी विंग के राज्य मंत्री एवं ठुकराल फाउंडेशन के अध्यक्ष शैकी ठुकराल विशेष तौर से मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर शैकी ठुकराल ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में खेल के महत्व को बढ़ावा देते है। इन आयोजनों से युवक नशे से दूर रहते है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट में विजेता टीम को 11000 एवम उपविजेता टीम को 7100 रूपए की राशि ईनाम स्वरूप भेंट की गई। बता दें कि इस टूर्नामेंट में 15 टीमों ने हिस्सा लिया।
उपचुनाव में मिली शानदार जीत के बाद प्रदेश कांग्रेस में नई ऊर्जा दिख रही है। निसंदेह कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है और पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत और संगठित दिखने लगी है। इस जीत के साथ ही बदली राजनैतिक फिजा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के सियासी वजन में भी इजाफा हुआ है। उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आये है तो राठौर को भी जीत का क्रेडिट मिलना जायज है। कुलदीप सिंह राठौर पार्टी की बड़ी ताकत बनकर उभरे है, दरअसल उनका किसी गुट में न होना पार्टी को एकजुट रखने में कारगर सिद्ध हुआ है। उपचुनाव में मिली जीत, संगठन को लेकर आगे की रणनीति, 2022 में खुद चुनाव लड़ने जैसे कई अहम मसलों पर फर्स्ट वर्डिक्ट ने राठौर से विशेष बातचीत की। राठौर ने तमाम विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। पेश है बातचीत के मुख्य अंश सवाल : सत्ता के सेमीफाइनल में कांग्रेस ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर क्या रणनीति रहने वाली है ? जवाब : हाल ही में जो प्रदेश में उपचुनाव हुए है वो बेहद ही महत्त्वपूर्ण चुनाव थे। हमारी लड़ाई न केवल केंद्र व प्रदेश सरकार से थी बल्कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से भी थी। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमने और हमारे संगठन ने लगातार प्रदर्शन किए, आंदोलन किए। हम हमेशा लोगों के साथ खड़े रहे और यही कारण है कि हमें चुनाव के दौरान जनता का भरपूर समर्थन मिला। चुनाव की जीत कभी भी एक दिन में तय नहीं होती है, संगठन को हमेशा सक्रिय रहना पड़ता है और पिछले 3 वर्षों से हमारा संगठन लगातार सक्रिय रहा है। उपचुनाव के बाद अब हमारा लक्ष्य उन सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करना है जहाँ कांग्रेस की स्तिथि सहज नहीं है। हमारी क्या कमियां रही है और क्या सुधार किया जा सकता है, इन सभी चीज़ों पर विचार किया जा रहा है। उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत का असर पूरे हिंदुस्तान में हुआ है। हमारी पार्टी ने सेमीफाइनल जीता है और हम उत्साहित भी है, लेकिन अति उत्साहित नहीं। संगठन को किस तरह से और मजबूत किया जाए इस पर हम लगातार मंथन कर रहे है। सवाल : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जारी एक ब्यान में कहा है कि कांग्रेस श्रद्धांजलि से चुनाव जीती है, इस पर आपका क्या विचार है ? जवाब : इस ब्यान पर तो मैं ये ही कहूंगा ये मुख्यमंत्री का विरोधाभास है। एक तरफ तो उनका कहना है कि चुनाव में हार उनके आंतरिक कारणों की वजह से हुई है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कहते है कि कांग्रेस को श्रद्धांजलि के वोट मिले है। सबसे पहले तो मुख्यमंत्री खुद ही स्पष्ट करें कि आखिर उपचुनाव में वो क्यों हारे है। मुख्यमंत्री खुद हार के कारण को ढूंढ़ने में उलझ गए और वास्तविकता तक नहीं पहुँच पाए। मैं उन्हें ये बताना चाहता हूँ कि भाजपा इसलिए चुनाव हारी है क्योंकि पिछले चार वर्षों में प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। प्रदेश में लगातार महंगाई व बेरोज़गारी बढ़ी है, कानून व्यवस्था भी ठीक नहीं है और ऐसे कई कारण रहे जिनकी वजह से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और इन सभी मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में हम सफल रहे। मुझे लगता नहीं है कि मुख्यमंत्री को इस हार से कुछ सबक मिला है। वही श्रृद्धांजलि की बात करे तो मुख्यमंत्री क्या कहना चाहते है। किसकी श्रद्धांजलि की बात वो कर रहे है वीरभद्र सिंह जी ने प्रदेश के लिए काम किया है और यदि हम उनके द्वारा किये गए कार्यों का ज़िक्र करते भी है तो वो हमारा अधिकार है। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल को बनाया है और निश्चित तौर पर जब हम चुनाव प्रचार करेंगे तो अपनी पार्टी की बड़ी हस्तियों का उल्लेख जरूर करेंगे। सवाल : मुख्यमंत्री का ये भी कहना है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री के16 चेहरे हैं, इस बात को आप किस तरह देखते है ? जवाब : देखिये मुख्यमंत्री जी अपना क्रोध शांत करने के लिए कुछ भी कह सकते हैं। अब कौन से वो 16 चेहरे है वो ही बताएं। मुख्यमंत्री जी अगर बोल रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री के 16 चेहरे है तो इसका मतलब ये है कि कांग्रेस पार्टी इतनी सक्षम है कि हमारे पास इतने मुख्यमंत्री के चेहरे है। मुख्यमंत्री का चेहरा तो वही होगा जो सक्षम होगा। अगर कोई मुख्यमंत्री का दावेदार है भी तो इसमें कोई बुराई नहीं है। अगर कोई भी संगठन में काम कर रहा है तो उसका पूरा हक़ बनता है लेकिन लक्ष्मण रेखा के अंदर रह कर। यदि कोई सोचता है कि उसे आगे बढ़ना है तो इसमें क्या गलत है। बाकी जो मुख्यमंत्री कहते हैं मैं उनकी बातों पर अधिक गौर करना जरूरी नहीं समझता हूँ। सवाल : आपकी लीडरशिप में कांग्रेस ने जीत हासिल की है और लोगो के मन में ये सवाल है कि क्या कुलदीप राठौर आगामी चुनाव लड़ेंगे ? जवाब : देखिये अभी फ़िलहाल तो मैं चुनाव लड़वा रहा हूँ और प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मेरा ये फ़र्ज़ है कि मैं पार्टी के हर उम्मीदवार के साथ खड़ा रहूं। मुझे इस बात की ख़ुशी है की पार्टी का जो जिम्मा मुझे दिया है मैं उसे पूर्ण रूप से निभाने का प्रयास भी कर रहा हूँ और निश्चित तौर पर मैं सफल भी रहा हूँ। रही बात चुनाव लड़ने की तो निश्चित तौर पर मेरे गृह क्षेत्र के लोग मुझे हमेशा क्षेत्र का दौरा करने व चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित करते आएं है। लेकिन मेरा मानना है कि जिस पद पर मैं अभी हूँ मेरा पहला दायित्व संगठन को मजबूत करना है, बाकी सभी बाते सेकेंडरी है। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को मुझसे अपेक्षा है और मैं पूरा प्रयास करूंगा की उनकी उम्मीदों पर खरा उतरूं। सवाल : प्रदेशवासियों के लिए क्या सन्देश देना चाहेंगे ? जवाब : मैं यही कहना चाहता हूँ कि पक्ष हो या विपक्ष हो हमें देश के विकास के लिए ही कार्य करना है। मैं प्रदेश की जनता को भी यही कहना चाहता हूँ कि अपना नेता वही चुने जो आपकी सभी तकलीफों को समझे और आपके लिए दिन रात खड़ा रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयास से भारतीय खाद्य निगम ने धान खरीद को लेकर दो लाख क्विंटल का आंकड़ा पार कर लिया है। प्रदेश में एफसीआई द्वारा 9 खरीद केंद्रों पर कृषि उपज विपणन समिति के माध्यम से किसानों का धान खरीदा जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रदेश के किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान भी 24 घंटे के भीतर ही करवाया जा रहा है। प्रदेश के करीब चार हजार किसानों को सीधे-सीधे लाभ पहुंचाते हुए उनके खातों में लगभग 38 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। बता दें कि 15 अक्तूबर, 2021 से धान खरीद का कार्य सिरमौर, ऊना, कांगड़ा और सोलन जिला के विभिन्न खरीद केंद्रों पर प्रारंभ किया गया है। सिरमौर जिला में हरिपुर-टोहाना, काला अंब व पीपलीवाला, ऊना जिला में टकराला मंडी और टाहलीवाल, कांगड़ा जिला में फतेहपुर मंडी व इंदौरा स्थित त्योराह तथा सोलन जिला में नालागढ़ मंडी और मालपुर में यह खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 24 नवम्बर, 2021 तक लगभग 2,14,311.95 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है और इससे लगभग 4,474 किसानों को लाभ पहुंचा है। आंकड़ों के अनुसार सिरमौर जिला में अभी तक लगभग 1,01,808.78 क्विंटल, ऊना जिला में लगभग 19,612.16 क्विंटल, कांगड़ा जिला में लगभग 51,685.50 क्विंटल और सोलन जिला में लगभग 41205.52 क्विंटल धान की खरीद की गई है।
छोटी काशी मंडी में विकास को नये आयाम देने वाले भव्य-दिव्य शिव धाम का काम जोरों पर चल रहा है। मंडी के कांगणीधार में साढ़े नौ हेक्टेयर क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये से बन रहा दिव्य शिवधाम भव्यता में किसी अजूबे से कम नहीं होगा। पहले चरण के काम पर 40 करोड़ रुपये खर्चे जा रहे हैं। इसमें पहाड़ी की कटिंग और जमीन को समतल बनाने के अलावा मंदिरों के स्तंभ खड़े का काम तेजी से चल रहा है। शिवधाम के प्रथम चरण का कार्य सितंबर 2022 से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से देश-दुनिया में मंडी धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा और दुनियाभर के पर्यटकों के लिए मंडी में पर्यटन गंतव्य का नया स्वरूप देखने को मिलेगा। बता दें, मुख्यमंत्री ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट शिवधाम का 27 फरवरी, 2021 को मंडी में शिलान्यास किया था। उन्होंने इस सौगात से छोटी काशी मंडी को धार्मिक पर्यटन के आकर्षण का केंद्र बनाने का सपना साकार किया है। मंडी में शिव धाम से विकास को नए आयाम मिलेंगे। इस परियोजना से लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। भव्य दिव्य शिव धाम, बेजोड़ होगा स्वरूप पर्यटन विभाग मंडी के उपनिदेशक एस.के.पराशर शिवधाम के स्वरूप की जानकारी देते हुए बताते हैं कि शिवधाम में प्रवेश के लिए कैलाश द्वार होगा। यहां श्रीगणेश मंडल के भी दर्शन होंगे, जिसमें भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित होगी। इसके अलावा गंगा कुंड होगा, शिव वंदना के नाम से ओरिएंटेशन सेंटर होगा। रुद्रा मंडल और डमरू मंडल होगा, जहां भगवान शिव के डमरू के दर्शन और डमरू मंडल के पास खाने पीने की वस्तुएं भी मिलेंगी। मानसरोवर कुंड, मोक्ष पथ, बिल्वपत्र कुंड, शिवस्मृति म्यूजियम तथा एक बड़ा शिवलिंग भी स्थापित होगा जिसे चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग से ही पर्यटक दूर से देख कर आकर्षित होंगे। वहीं शिवधाम में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी करवाए जाएंगे और भगवान शिव के साथ माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश भगवान की प्रतिमाएं भी होंगी। इसके अलावा यहां हर्बल गार्डन, नक्षत्र वाटिका, एमफी थियेटर होगा और सैकड़ों गाड़ियों के लिए पार्किंग सुविधा होगी। भोले की नगरी में शिव धाम की सार्थकता शैव मत से प्रभावित इस पहाड़ी रियासत की आधुनिक राजधानी की स्थापना बाबा भूतनाथ के मंदिर के निर्माण के साथ ही हुई है। इसके अलावा शिव नगरी मंडी में त्रिलोकीनाथ, महामृत्युंजय, पंचवक्त्र, अर्धनारीश्वर, नीलकंठ, शिव शंभू महादेव, एकादश रुद्र महादेव, रुद्र महादेव आदि अनेक शिव मंदिर हैं, जो बाबा भूतनाथ की नगरी को छोटीकाशी के रूप में पहचान दिलाते हैं। अब 12 ज्योतिर्लिंगों वाले शिवराम की स्थापना से छोटी काशी पर्यटन के मानचित्र पर नए आयाम स्थापित करेगी।
हिमाचल सरकार द्वारा बेटियों के विवाह पर प्रदान खुशियों के शगुन से प्रदेश के गरीब परिवारों में खुशहाली की मधुर धुन बज रही है। हिमाचल सरकार शगुन योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 31 हजार रुपये दे रही है। इसी कड़ी में मंडी जिले की सैंकड़ों लाभार्थियों ने भी गरीबों की मदद को चलाई शगुन योजना के लिए मुख्यमंत्री का तहेदिल से धन्यवाद किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा चलाई शगुन योजना से गरीब परिवारों की मदद हो रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग मंडी की जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजु बाला ने बताया कि सरकार ने शगुन योजना इसी साल अप्रैल में शुरू की है। पहले साल में मंडी जिला के लिए 2 करोड़ का बजट दिया गया है। जिले में अब तक 361 लाभार्थियों को लगभग 1.12 करोड़ रुपये आबंटित किए जा चुके हैं। शगुन योजना से हमारी चिंताएं हुई खत्म:अभिभावक शगुन योजना की लाभार्थी पधर की चैहड़ गलू पंचायत के समखेतर गांव की दिशा कुमारी की शादी जुलाई 2021 में कोटरोपी में हुई है। उनके पिता ड्राइवरी करते हैं। दिशा की मां देवकी देवी का कहना है कि गरीबों की बेटियों को शादी पर 31 हजार का शगुन देकर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर बड़े पुण्य का काम कर रहे हैं। बकौल देवकी ‘हम बड़े गरीब परिवार के हैं, बेटी की शादी के लिए पाई-पाई करके पैसे जोड़े थे, पर मन में चिंता थी कि गरीब मां बाप बेटी को शगुन में क्या दे पाते। सरकार ने 31 हजार का शगुन देकर हमारी वो चिंता हर ली।‘ शगुन योजना की एक और लाभार्थी पधर की डलाह पंचायत के रोहाना गांव की नैना देवी कहती हैं कि शगुन योजना में मिले 31 हजार से उनके परिवार को बड़ी मदद हुई है। साल 2021 के अप्रैल में उनकी शादी गडू्हीं गांव में हुई है। पति नालागढ़ में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। नैना के पिता रमेश कुमार मिस्त्री का काम करते हैं। घर में माता-पिता,नैना और उनकी एक बहन और एक भाई हैं। रमेश कुमार बताते हैं कि रोहाना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना देवी ने उन्हें शगुन योजना के बारे में बताया। बेटी की शादी के तुरंत बाद सीडीपीओ कार्यालय में आवेदन किया था और अब उनके खाते में 31 हजार रुपये आ गए हैं। पधर के ही शिंगार गांव की अंकिता की शादी जुलाई, 2021 में हुई है। उनके पिता दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं। अंकिता की मां जैवंती देवी बताती हैं बेटी की शादी के बाद उन्होंने शगुन योजना में मदद के लिए अप्लाई किया। इसमें 31 हजार सीधे बैंक खाते में आए। इसे उन्हें बड़ा सहारा मिला है। ये शगुन बेटी के भविष्य के लिए काम आएगा। ऐसे करें आवेदन हिमाचल सरकार ने पहली अप्रैल, 2021 सेे शगुन योजना शुरू की है। इसमें प्रदेश के गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 31 हजार रुपये का शगुन सरकार की ओर से प्रदान किया जाता है। शगुन की यह राशि बेटी की हिमाचल से बाहर शादी करने पर भी दी जाती है। योजना का लाभ लेने को शादी से दोे महीने पहले से लेकर शादी के बाद 6 महीने के भीतर आवेदन किया जा सकता है। धनराशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में डाली जाती है। योजना के लाभ के लिए लड़की की उम्र 18 साल या इससे अधिक एवं वर की 21 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए। योजना का लाभ लेने को नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बाल विकास परियोजना कार्यालय अथवा जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन किया जा सकता है। क्या कहते हैं जिलाधीश जिलाधीश मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि हिमाचल सरकार की शगुन योजना जिले में गरीब परिवारों की बेटियों के लिए बड़ी मददगार बनी है। हमारा प्रयास है कि योजना का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग जिले में पूरे समर्पण से काम कर रहा है।
भविष्य में चीड़ की पेड़ों से गिरी हुई पत्तियाँ परेशानी नहीं बनेगी बल्कि इसे ईंधन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्याल, नौणी के बेसिक साइन्स विभाग के वैज्ञानिक पिछले करीब दो वर्षों से इस विषय पर अनुसंधान कर रहे है। अब तक गन्ना व चावल से इथनॉल तैयार होता है। विश्वविद्यालय के विज्ञानियों का कहना है कि इस तकनीक को भविष्य में पराली पर भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के विकसित होने से एथनाल बनाने के लिए खाद्य पदार्थों पर निर्भरता कम हो जाएगी। विवि के पीआरओ सुचेत अत्री ने बताया कि वर्तमान में एथानॉल गन्ना, चावल आदि जैसे खाद्य प्रदार्थों से बनाया जाता है। जबकि इस परियोजना में जैविक अपशिष्ट का इस्तेमाल कर इथनॉल बनाने पर महत्वपूर्व कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में अब तक इस अप्रयुक्त वन अपशिष्ट से ईंधन ग्रेड इथेनॉल का उत्पादन करने के लिए एक नई तकनीक विकसित करने का काम पूरा किया जा चुका है। यह है इथनोल बनाने की प्रक्रिया इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से विशेष माइक्रोब का इस्तेमाल कर प्रतिरोधी पत्तियों को घोल दिया जाता है और इसका किण्वन(जैव-रासायनिक क्रिया) का मानकीकरण कर इथेनॉल में बदल दिया जाता है। भारत सरकार की वर्ष 2025 तक वाहनों को चलाने के लिए पेट्रोल में 20% इथेनॉल का सम्मिश्रण पर स्विच करने के लक्ष्य से इस परियोजना को आने वाले भविष्य में अधिक मांग वाली नवीन प्रौद्योगिकी के रूप में देखा जाएगा। हिमाचल सरकार ने भी अभी हाल ही में एक इथनॉल प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। विवि के इस अनुसंधान से चीड़ की पत्तियों का पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन का मार्ग मिलेगा और यह न केवल इस जैविक अपशिष्ट के उचित निपटान में मदद करेगा बल्कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी योगदान देगा क्योंकि एथानॉल बनाने के लिए खाद्य पदार्थों पर निर्भरता कम हो जाएगी। कोविड -19 महामारी के कारण इस परियोजना की प्रगति पर असर पड़ा है। बावजूद इसके जीबीपंत राष्ट्रीय संस्थान के निदेशक द्वारा इस प्रोजेक्ट में किए जा रहे कार्य की सराहना की गई है। परियोजना के अंतिम वर्ष में इस नवीन प्रौद्योगिकी को सफलतापूर्वक उद्योग में स्थानांतरित करने के लिए वित्त पोषण एजेंसी के साथ प्रौद्योगिकी के सत्यापन पर कार्य किया जाएगा। दो चरण की है प्रक्रिया इस माध्यम से एथनाल प्राप्त करने के लिए दो चरणों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। पहले चरण में पत्तियों को सूक्ष्मजीवों की मदद से तोड़कर सेल्यूलोज (कार्बोहाइड्रेट) अलग किया जाता है और शुगर की फार्म में लाया जाता है। दूसरे चरण में शुगर से इथनॉल बनाया जाता है। यह इथेनाल वैसा ही होगा जैसा चावल व गन्ने से तैयार किया जाता है। विश्वविद्यालय के निदेशक, अनुसंधान डा. रविंद्र शर्मा ने बताया कि आने वाले वर्षों में इथनॉल का ईंधन के तौर पर उपयोग महत्वपूर्ण होता जाएगा। यह प्रदूषण कम करने मे भी सहायक होगा। प्रदूषण नियंत्रण में सहायक है इथनॉल इथनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है। इथनॉल के इस्तेमाल से वाहन से कार्बन मोनोआक्साइड उत्सर्जन 35 फीसद कम होता है। यह सल्फर डाइआक्साइड को भी कम करता है। इसमें 35 फीसद आक्सीजन होती है और इससे नाइट्रोजन आक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है। इथनॉल को पेट्रोल में मिलाकर गाडिय़ों में ईंधन की तरह प्रयोग किया जा सकता है। इथेनॉल के लिए तीन प्लांट मंजूर बाईट कुछ माह पूर्व केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश के लिए इथेनॉल के 3 प्लांट मंजूर हुए हैं। इससे प्रदेश में 600 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश की 3 कंपनियों को शॉर्ट लिस्ट किया है। इस प्लांट को लगाए जाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत कंपनी को 5 फीसदी का शेयर ही लगाना होगा, जबकि शेष 95 फीसदी की फंडिंग बैंक से लिए जाने वाले ऋण से होगी। केंद्र सरकार की ओर से देश के 4 राज्यों के लिए इस तरह के पलांट मंजूर किए गए हैं, जिनमें से हिमाचल भी शामिल है। हिमाचल प्रदेश में 2 प्लांट कांगड़ा जबकि 1 प्लांट सोलन जिले में स्थापित किया जाएगा। इसमें से पहले प्लांट की क्षमता 1250 किलोलीटर, दूसरे की 150 किलोलीटर और तीसरे की क्षमता 200 किलोलीटर प्रतिदिन होगी। इससे प्रदेश में युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सुलगते जंगलों से मिली शोध की प्रेरणा विश्वविद्यालय के बेसिक साइंस विभाग की अध्यक्ष डा. निवेदिता शर्मा इस परियोजना की मुख्य अन्वेषक हैं। अनुसंधान कार्य में रिसर्च एसोसिएट डा. निशा शर्मा ने भी साथ दिया। डा. निवेदिता ने बताया कि वह दो साल से इस पर शोध कर रही हैं। वनों की आग की घटनाओं से चिंतित होकर उन्हेंं शोध की प्रेरणा मिली, क्योंकि वनों की आग का एक बड़ा कारण नीचे गिरी चीड़ की पत्तियां भी हैं। उनका कहना है कि वह पेट्रोलियम पदार्थों के दोहन विषय पर भी कई कार्यशालाओं में भाग ले चुकी हैं, वहां से भी काफी प्रेरणा मिली।
चोखणा धार में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है जिसका लगभग 90 कार्य पूरा हो चुका है तथा शीघ्र इसका लोकार्पण कर दिया जाएगा। इस योजना पर 10 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च किये जा रहे है। इस योजना से डंगार, दधोल, पडयालग, सेऊ तथा कसारू पंचायतों के हजारों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना के लिए सीर खड्ड से पानी उठाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस योजना के अंतर्गत चोखणा, छंदोह, छंजयार, मरयानी, पन्याली व जसवानी गांवों को भी जोड़ा जा रहा है ताकि योजना से लोगों को इसका लाभ शीघ्र मिल सके। इससे लोगों को गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से भी राहत मिलेगी। कैबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि शुद्ध व पर्याप्त जल उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि इन पंचायतों के लोगों को पीने के पानी के लिए माकन खड्ड सहित अन्य पानी के स्रोतों से पेयजल योजनाएं बनाई गई थी जो गर्मियों के मौसम में सूख जाती थी। इससे लोगों को गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत बढ़ जाती थी। इस योजना के तहत सीर खड्ड से अलग-अलग स्थानों पर टैंको में पानी डाला जाएगा। जबकि पुराने स्रोतों से भी पानी की बहाली पहले की भांति बनी रहेगी। जिससे लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहे। उन्होंने बताया कि छंजयार गांव के पुराने तालाब का शीघ्र ही जीर्णोद्धार किया जाएगा ताकि यहां के किसानों व पशुओं के लिए पानी की सुविधा बनी रहे। उन्होंने बताया कि छंजयार में 4 लाख रुपये की राशि से सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। भवन के निर्माण को पूर्ण करने के लिए आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवा दी जाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा 8 जिला मुख्यालयों में सड़क व अन्य ढांचागत विकास परियोजना आरम्भ की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर शहर को विकसित किया जाएगा। बीते दिनों यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने इस सम्बन्ध में 449 करोड़ रुपये की परियोजना की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए दी। इस हेतु हिमाचल प्रदेश सड़क व ढांचागत विकास काॅपरेशन द्वारा एलएनटी इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग कम्पनी को अधिकृत किया गया है तथा अंतिम कार्यसूची रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। कम्पनी द्वारा इस सम्बन्ध में कार्यसूची रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसमें परियोजना के अंतर्गत लिए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में चर्चा की गई। बैठक में कम्पनी के अधिकारियों ने परियोजना की विस्तृत कार्यसूची के बारे में प्रस्तुति दी। बैठक में नगर निगम बिलासपुर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षद तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा इस सम्बन्ध में दिए गए सुझावों को अंतिम ड्राफ्ट रिपोर्ट में सम्मिलित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत शहर के अंदर विभिन्न सड़कें, एम्बुलैंस रोड़, ईको पार्क रोड़, नालों का तटीयकरण, पार्किंग, मूलभूत जन सुविधाओं आदि को विकसित किया जाएगा। परियोजना में बिलासपुर शहर व एम्स में ई-बस व ई-वैन सुविधा, विद्युत व संचार के केबल के लिए डक्टिंग का प्रस्ताव, चैक के सुधार आदि को शामिल किया जाएगा। विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए नए विकास के लिए पांच प्रमुख ऑफ स्ट्रीट पार्किंग सुविधाएं प्रस्तावित हैं। परियोजना के अंतर्गत शहर में लुहणू क्रिकेट ग्राउंड के समीप, चेतना चौक के समीप, गुरुद्वारा चौक के समीप, धौलरा मंदिर के समीप नई पार्किंग विकसित की जाएगी। शहर में स्ट्रीट लाईटों के लिए पोल के स्थान पर ब्रेकिट का प्रयोग किया जाएगा जिसे लोगों की सहमति से उनके घरों में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरूद्वारा चैक, वाॅर मैमोरियल, पूर्णम माॅल, नाला का नौण सड़क आदि क्षेत्रों के साथ-साथ विभिन्न पैदल रास्तों को भी परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना में जन सुविधाएं, अग्नि हाइड्रेंट प्वाइट, पार्क, प्ले ग्राउंड, फुट ओवर ब्रिज तथा व्यवसायिक माल डुलाई वाहनों की पार्किंग आदि को विकसित किया जाएगा।
जनजातीय क्षेत्र में विकास की गति धीमी न हो इसके लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीत दिनों जिला किन्नौर प्रवास के दौरान किन्नौर वासियों को करोड़ो की सौगात दी। उन्होंने 77 करोड़ रुपये लागत की 31 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय ठाकुर सेन नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह न केवल एक महान प्रशासक और नेता थे, बल्कि जनजातीय संस्कृति के प्रमुख संवाहक भी थे। उन्होंने कहा कि यहां स्थापित संग्रहालय को और सुदृढ़ करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासनिक कार्य प्रणाली को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी का एक पद सृजित करने की घोषणा की। किन्नौर में शोब्रांग में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की गई है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भावानगर का दर्जा बढ़ाकर इसे नागरिक अस्पताल करने और राजकीय उच्च पाठशाला पानवी का दर्जा बढ़ाकर इसे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करने की घोषणा की गई है। पटवार वृत्त कनम को तहसील पूह से हटाकर तहसील मुरंग के अधीन लाया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सांगला तहसील की ग्राम पंचायत सपनी में 1.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना सापनी के चरण 1 से 4 के संवर्धन कार्य का शुभारंभ, बटसेरी सम्पर्क सड़क पर बस्पा खड्ड पर 1.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 170 फीट लंबे बेलीपुल, शांगों गांव की सम्पर्क सड़क पर भाबा खड्ड पर 5.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 160 फीट लंबे बेली पुल, 3.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित टापरी (छोल्टू) पुनंग सड़क, 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित उप-स्वास्थ्य केंद्र रूनाग, क्षेत्रीय अस्पताल रिकांपिओं में सामुदायिक सामाजिक जिम्मेवारी (सीएसआर) के अंतर्गत 92 लाख रुपये की लागत से स्थापित 250 एलएमपी क्षमता के पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट, ग्राम पंचायत रिस्पा में 63 लाख रुपये की लागत से निर्मित पेयजल योजना स्किबा, मुरंग तहसील की ग्राम पंचायत रारंग में रारंग, खादरा स्वादेन और शिलापुर गांव के लिए 68 लाख रुपये की लागत से निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने निचार तहसील की ग्राम पंचायत रमनी में 83 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति योजना सोलब्रे से फ्राचीतंग के री-माॅडलिंग कार्य, एकलव्य आदर्श आवासीय पाठशाला निचार के लिए 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली पेयजल आपूर्ति योजना, निचार एवं एकलव्य आदर्श पाठशाला निचार के लिए 11.46 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली मल निकासी योजना, निचार तहसील की छूटी हुई बस्ती मीरू के लिए 53 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली पेयजल आपूर्ति योजना, निचार तहसील की ग्राम पंचायत बाड़ी में पेयजल आपूर्ति योजना बाड़ी के 1.47 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले री-माॅडलिंग कार्य, निचार तहसील की ग्राम पंचायत रूपी में 1.17 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना रूपी, ग्राम पंचायत रूपी में 1.23 करोड़ रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना गुरगुरी (मझगांव), ग्राम पंचायत मीरू में पेयजल आपूर्ति योजना चाओलिंग के 1.11 करोड़ रुपये के री-माॅडलिंग कार्य, निचार तहसील ग्राम पंचायत यांगपा में पेयजल आपूर्ति योजना भाबा घाटी के 2.38 करोड़ रुपये के री-माॅडलिंग कार्य, निचार तहसील की ग्राम पंचायत चगौन में पेयजल आपूर्ति योजना चगौन के 1.02 करोड़ रुपये के संवर्द्धन कार्य एवं एफएचटीसी के शेष घरों को पेयजल कनेक्शन प्रदान करने, कल्पा तहसील की ग्राम पंचायत खवांगी में खवांगी, उद्योग केंद्र से नीचे की ओर स्थित बस्ती और शारबो के लिए 1.68 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना, कल्पा तहसील की ग्राम पंचायत कोठी में छूटी हुई बस्ती कोठी और चुंगलिंग के लिए 1.37 करोड़ रुपये की पाईप पेयजल आपूर्ति योजना, ग्राम पंचायत किलबा में किलबा और लिंगे गांव के लिए 86 लाख रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना और सांगला तहसील की ग्राम पंचायत युला में 86 लाख रुपये की प्रवाह सिंचाई योजना रिसूरो से कुनिंदे का शिलान्यास किया। जयराम ठाकुर ने रिकांगपिओ में 2 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सतर्कता पुलिस थाना, रिकांगपिओ में 1.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजस्व सदन, रिकांगपिओ में 1.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ई.वी.एम. भंडारण गृह, भाबानगर में 7.22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले स्टेडियम, पूह तहसील की ग्राम पंचायत रोपा में प्रवाह सिंचाई योजना रकेन के 74 लाख रुपये के री-माॅडलिंग कार्य, पूह तहसील में 94 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अकपा उप-मंडल के सहायक अभियन्ता कार्यालय एवं आवास, मुरंग तहसील की ग्राम पंचायत चारंग में 86 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली प्रवाह सिंचाई योजना निचला बेबग्या, रिकांगपिओ में 6.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सीए स्टोर तथा ग्याबोंग में 14.51 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पैकिंग एवं ग्रेडिंग गृह की भी आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय अस्पताल, रिकांगपिओ में दो पीएसए 250 एलपीएम ऑक्सीजन संयंत्रों का लोकार्पण भी किया।
पिछले छह वर्ष से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित अमनदीप, अपने इलाज व डायलिसिस के खर्च के लिए हमेशा चिंतित रहते थे। छोटी सी दुकान चलाने वाले अमनदीप के घर में इलाज का खर्च हमेशा चर्चा विषय बनता था क्योंकि प्राइवेट अस्पताल का खर्च जेब पर भारी पड़ता था। इसी पशोपेश के बीच दो साल पहले अमनदीप को हिमाचल प्रदेश सरकार की हिमकेयर योजना की जानकारी मिली। आसानी से उन्होंने अपने परिवार का कार्ड बनाया और अब वह क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में आकर फ्री डायलिसिस करवा रहे हैं। अमनदीप ने कहा कि हम गरीबों के लिए हिमकेयर जैसी योजना सही मायनों में संजीवनी का काम कर रही है, जिसमें इलाज का खर्च सरकार देती है। हिमकेयर का कार्ड बनवाकर इलाज के लिए पैसों की चिंता खत्म हो गई है। अब हफ्ते में दो बार डायलिसिस फ्री में होता है और दवाई भी निशुल्क मिलती है। अमनदीप की ही तरह जिला ऊना में हजारों गरीब परिवारों के लिए हिमकेयर योजना वरदान बन गई है। बीपीएल परिवारों के लिए कोई प्रीमियम नहीं हिमकेयर योजना के बारे में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख रूपए के निःशुल्क इलाज की सुविधा का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत प्रीमियम की दरें विभिन्न श्रेणियों के आधार पर तय की गई है। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और पंजीकृत रेहड़ी फड़ी वालों से प्रीमियम नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, मिड डे-मील वर्कर, दिहाड़ीदार (सरकारी, स्वायत संस्थानों, सोसाइटी, बोर्ड एवं निगम के कर्मचारी), अंशकालिक कार्यकर्ता (सरकारी, स्वायत संस्थानों, सोसाइटी, बोर्ड एवं निगम के कर्मचारी) संस्थानों, एवं अनुबंध कर्मचारी से केवल 365 रूपए और इनके अतिरिक्त जो व्यक्ति नियमित सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत कर्मचारी नहीं हैं, वे 1000 रूपए देकर योजना के अंतर्गत कार्ड बनवा सकते हैं। योजना में सभी तरह की आम बीमारियों को शामिल किया गया है, जिसमें लगभग 1800 उपचार प्रक्रियाएं हैं, जिसकी शुरुआत 1 जनवरी 2019 को हुई थी। एक जनवरी 2022 से फिर शुरू होगा पंजीकरण सीएमओ ऊना डॉ. रमण कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की हेल्थ केयर योजना हिमकेयर के कार्ड का पंजीकरण पहली जनवरी, 2022 से दोबारा शुरू होने जा रहा है, जो 31 मार्च तक चलेगा। उन्होंने सभी से इस योजना के लाभ उठाने की अपील की है। सीएमओ ने कहा कि लाभार्थी विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी स्वयं पंजीकरण-नवीनीकरण कर सकते हैं। 13,897 मरीजों को मिला नया जीवन योजना के बारे में छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने बताया कि हिमकेयर योजना के तहत जिला ऊना में अब तक 38,831 परिवारों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से 13,897 मरीजों का इलाज सरकार ने अपने खर्च पर कर उन्हें नया जीवन दिया है, जिस पर 7.86 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। सत्ती ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना के माध्यम से गरीब व बीमार व्यक्ति को निशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की है, ताकि धन के अभाव को कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे। इस योजना से न सिर्फ जिला ऊना के बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के मरीज़ लाभ उठाकर अपना फ्री इलाज करा रहे हैं।
भाजपा में अपने पद से इस्तीफा देने पर कृपाल परमार ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। कृपाल परमार का कहना है कि पिछले 4 साल से लगातार पार्टी व सरकार द्वारा अनदेखा व प्रताड़ित किया जा रहा था जिसकी वजह से वह पूरी तरह आहत थे। इसकी शिकायत हाईकमान से भी की गई है। कृपाल परमार का ये भी कहना है कि वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और पार्टी छोड़ कर कभी नहीं जाएंगे। सरकार व संगठन की प्रताड़ना से परेशान होकर ही उन्हें अपना इस्तीफा देना पड़ा। पार्टी में जलालत कुछ इस कदर बढ़ गई थी कि पद छोड़ना ही उचित समझा। कृपाल का कहना है कि प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र हो रहा है और षड्यंत्र रच कर ही वरिष्ठ नेताओं को जलील करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं को नजर अंदाज करने की परंपरा शुरू हो गई है जो बहुत गलत है। कृपाल परमार का कहना है कि पार्टी में इस बारे में बोला जाता है तो कोई भी सुनता नहीं है। अंत में पद से इस्तीफा देना ही एक तरीका बच जाता है। अब न मुख्यमंत्री सुनते हैं, न ही संगठन मंत्री हमारी बात सुनते हैं और न ही प्रदेश में कोई और। उपचुनाव में टिकट आबंटन को लेकर कृपाल परमार ने संगठन व सरकार का भी घेराव किया है। परमार का कहना है कि सरकार व संगठन ने वोग्स सर्वे करके पार्टी हाईकमान को गलत सूचना दी, जिसके चलते पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे नेताओं की ड्यूटी उपचुनाव में लगा दी जिन्होंने पार्टी को नुक्सान पहुंचाया। हार के कारणों की जांच की जिम्मेदारी ऐसे लोगों को दे दी जो खुद हार का कारण थे। जो नेता खुद चुनाव के प्रभारी थे वे अपनी गलती हाईकमान को कहां बताएंगे। अपराधी को ही जांच का जिम्मा दे दिया जाएगा तो चोर कैसे पकड़ा जाएगा।
प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ी से चल रहा है। प्रदेश के हर नेता बेबाकी से अपना विचार व्यक्त कर रहे है। ऐसे में शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य सिंह भी लगातार सरकर को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। हाल ही में विधायक विक्रमादित्य सिंह ने उपचुनाव में बीजेपी की हुई हार को लेकर सरकार पर तंज कसा है। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि प्रदेश में उपचुनाव के बाद सरकार की आंख और कान खुलने शुरू हो गए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और अगले साल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि उपचुनाव परिणाम से साफ है कि प्रदेश में लोग भाजपा की नीतियों से परेशान हैं। बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी चिंता की बात है। सरकार ने किसी भी वर्ग के लिए कोई भी राहत नहीं दी है। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने किसानों के संघर्ष के बाद मजबूरी में कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया है। यह जीत किसानों की है।
किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने जयराम सरकार पर आरोप लगाए है। जगत सिंह नेगी का कहना है कि जयराम सरकार द्वारा पिछले चार सालों में प्रदेश में ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया गया है जिससे कि प्रदेश के लोग इस सरकार को याद करे। जगत सिंह नेगी का कहना है कि इससे पहले जो भी प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं उनको लोग कुछ अच्छे कार्यों के लिए याद करते हैं और ये एक ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रदेश के साथ साथ जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए कुछ भी कार्य नहीं किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का नाम काले अक्षरों में लिखा जाएगा, उन्होंने जब भी किन्नौर जिले का दौरा किया तो वो हेलीकाॅप्टर से किया। ऐसे में उन्हें हेलीकाॅप्टर वाले मुख्यमंत्री के नाम से जाना जाएगा। ये भी एक रिकॉर्ड रहेगा कि ये पहले एक ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो सड़क के रास्ते से जनजातीय क्षेत्रों में नहीं आए हैं। ऐसे मुख्यमंत्री जनजातीय क्षेत्रों का क्या विकास करेंगे जिनके पास जनजातीय क्षेत्र के लोगों के लिए समय ही नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव के बाद से ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई है। आने वाले 2022 के चुनाव भी नजदीक है और विपक्ष लगातार सरकार का घेराव कर रही है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर डलहौजी से कांग्रेस विधायक आशा कुमारी भाजपा सरकार पर खूब हमला बोला है। आशा कुमारी का कहना है कि उपचुनाव में हिमाचल प्रदेश की चार सीटों पर कांग्रेस को जीत मिलने से भाजपा को पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने पड़े हैं। इसका मतलब है कि भाजपा जानबूझकर लोगों को परेशान कर रही है। आशा कुमारी का कहना है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी। आशा कुमारी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा है। आशा कुमारी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी में सीएम कौन होगा, यह पार्टी हाईकमान तय करेगा। अगर कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बनने की बात हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की ओर से कर रहा है तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा को किस बात की चिंता हो रही है। मुख्यमंत्री अपने कुनबे को संभाले जो बिखरा पड़ा है। आशा कुमारी का कहना है कि जो योजनाएं स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने चलाई थी, उनके शिलान्यास और उद्घाटन करने के बाद प्रदेश सरकार उन योजनाओं को अपनी योजनाएं गिना रहे हैं, जो अपने आप में शर्मनाक है। आशा कुमारी का कहना है कि 2022 में प्रचंड बहुमत के साथ कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी यह तय हो गया है। साथ ही उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री के सपने देखने वाले लोग पार्टी के ही हैं और पार्टी की नीति, नीयत और विचारधारा साफ है। आशा कुमारी ने मुख्यमंत्री को अपने बिखरे कुनबे को संभालने की नसीहत भी दी है।
मंडी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार प्रचार में जुटे हुए थे। अब उपचुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सिर ले ली है। सीएम का कहना है कि मंडी उपचुनाव में जीत-हार का अब तक का सबसे कम एक प्रतिशत का अंतर रहा है। ज्यादा दुख इस बात का है कि मंजिल तक पहुंचकर हार हो गई। विकास के जो काम बड़े स्तर पर मंडी संसदीय क्षेत्र के हर विधानसभा क्षेत्र में किए गए थे, उस पर ज्यादा फोकस नहीं हो पाया। मंडी हमारी है हमारी रहेगी को लेकर उनका मत पूरे संसदीय क्षेत्र से था, इसका कांग्रेस ने गलत प्रचार किया। सीएम का कहना है कि मंडी चुनाव सहानुभूति के कारण हारा है। कांग्रेस ने श्रद्धांजलि के नाम पर वोट मांगे, मगर हर बार श्रद्धांजलि का कार्ड नहीं चलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि सराज में अपेक्षा से कम वोट मिले हैं। नोटा, कम वोटिंग और वामपंथियों का 25 हजार वोट एक मुश्त कांग्रेस को चला जाना भी बड़ा कारण बना। महंगाई भी बड़ा कारण रहा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि यह परिणाम किसी भी सूरत में विधानसभा चुनाव 2022 को प्रभावित नहीं करेगा। आगामी 2022 को लेकर अभी हमारे पास समय है और निश्चित तौर पर 2022 में हम सरकार बनाने के उस आंकड़े को फिर से पार करेंगे।
प्रदेश में उपचुनाव में मिली जीत के बाद मुकेश अग्निहोत्री सरकार पर जमकर निशाना साध रहे है। मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि राज्य सरकार की कांगड़ा में कोई दिलचस्पी नहीं है और इस सरकार में कांगड़ा उपेक्षा का शिकार हुआ है। विकास का कोई भी बड़ा कार्य प्रदेश में नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि वह प्रदेश में उनके कार्यकाल में हुए कोई चार बड़े कार्य बता दें। महंगाई चरम सीमा पर है। सरकारी कर्मचारियों से संबंधित करुणामूलक आधार पर नौकरियां, पुरानी पेंशन बहाली के अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर सरकार विफल रही है। कांग्रेस सरकार इन मुद्दों पर काम करेगी। मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि प्रदेश सरकार का डबल इंजन अब हांफ चुका है और यह अब रिपेयर के काबिल भी नहीं बचा है। उनका कहना है की जनता ने उपचुनावों में चारों सीटें कांग्रेस की झोली में डाल दी हैं। जयराम सरकार से अब लोग तंग आ चुके हैं। पहले टीके ने ही पेट्रोल-डीजल सस्ता कर दिया नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहाेत्री का कहना है कि सेमीफाइनल हारने वाली टीम फाइनल में नहीं पहुंच सकती ताे भाजपा फाइनल कैसे जीत सकती है। उपचुनावों में कांग्रेस पार्टी की बंपर जीत के बाद अब भाजपा का जाना तय है। मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि कई दिनाें से हार पर मंथन के नाम बौखलाए प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रतिदिन नई बात रख रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि कांग्रेस के पहले टीके ने ही पेट्रोल-डीजल सस्ता कर दिया है। अब दूसरा टीका लगते ही 2022 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने का भाजपाई अहंकार भी टूट जाएगा। चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की चरमराई हालत पर भी मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार को आड़े हाथो लिया है। मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि टांडा में 10 माह व हमीरपुर जिला में सवा साल से सीटी-स्कैन मशीन खराब है। चिकित्सालयाें में चिकित्सक तैनात नहीं किए जा रहे हैं। शिमला में कांग्रेस कार्यकाल की 400 कराेड़ की परियाेजना प्रभावित हैं। मनरेगा मजदूर दिहाड़ी को तरस रहे हैं। 15वें वेतन आयोग का पैसा नहीं मिल रहा है, इसे प्रधान व सचिव के डिजिटेल हस्ताक्षर के नाम पर राेका गया है। प्रदेश में बेरोजगारी 14.1 प्रतिशत पहुंच चुकी है और हिमाचल देशभर में बेरोजगारी के मामले में पांचवें स्थान पर है। चोर दरवाजे से भर्तियां जारी करके युवाओं का हक छीना जा रहा है।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हर घर तक महासंपर्क अभियान चलाने का फैसला भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने कई काम किए हैं। इन्हें जनता तक पहुंचाने का काम कार्यकर्ता का था, लेकिन इसमें ही सफलता नहीं मिल सकी है। अब इसके लिए हर घर में दस्तक देने की मुहिम चलाई जाएगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा है कि उपचुनाव हारने का कारण अति आत्मविश्वास व कांग्रेस का संवेदनाओं का सहारा लेना रहा है। किन्तु उपचुनाव का नतीजा भाजपा के लिए आंखें खोलने वाला है।इससे हमें लाभ हुआ है, और इस हार से सीखकर अब पार्टी 2022 की तैयारी करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पन्ना कमेटी बनाई जा रही है जिसका 80 फीसद काम पूरा हो चुका है, दिसंबर तक इसका 100 फीसद काम पूरा कर लिया जाएगा। सुरेश कश्यप ने कहा कि 27 दिसंबर को प्रदेश सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिमाचल आ सकते हैं। उनका दौरा तय होने के बाद स्थान तय किया जाएगा। सुरेश कश्यप ने कहा कि सरकार व संगठन दोनों ही समन्वय के साथ काम करते रहेंगे। संगठन को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने की दृष्टि से भाजपा ने प्रदेश में विस्तारक योजना चलाकर कार्यकर्ताओं के डाटा को डिजिटल किया जा रहा है। पार्टी अपनी कमियों को दूर कर मिशन रिपीट के लिए प्रतिबद्ध है। सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। कई संस्थान प्रदेश में खुले हैं। गृहिणी सुविधा योजना के तहत महिलाओं को धुएं से निजात दिलाई है। जनमंच कार्यक्रम के तहत लोगों की अधिकतर समस्याओं का मौके पर निपटारा कर कार्यालयों के चक्कर काटने में राहत प्रदान की है। पार्टी के कार्यकर्ता अब घर -घर जाकर सरकार की उपलब्धियों से आमजन को अवगत करवाएंगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से हिमालच प्रदेश शिक्षक महासंघ के एक प्रतिनिधिमण्डल ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर की अध्यक्षता में भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमण्डल ने शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर से भी भेंट की।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए आज जीवनशैली में बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में बहुत से गंभीर रोग जीवन शैली की विकृति के कारण हो रहे हैं, जिनसे सही जीवनशैली व खान-पान के जरिए ही बचा जा सकता है। यह बात राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज ऊना में आयोजित आरोग्य भारती संस्था के प्रांत अधिवेशन में कही। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पाए जाने वाले औषधीय पौधों का दस्तावेजीकरण आवश्यक है, ताकि लोगों को उन औषधीय पौधों के उपयोग के बारे में जानकारी मिल सके और यह ज्ञान घर-घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए स्कूलों में औषधीय पौधों की वाटिकाओं का निर्माण होना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी भी इन सेे अवगत हो सके। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने ऐसे अनेक पौधे प्रदान किए हैं, जिनकी उपचार में उपयोगिता होती है। औषधीय पौधों की वाटिकाओं से आने वाली पीढ़ी को इन पौधों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। इन सभी कार्यों से आयुर्वेद तथा औषधीय पौधों के प्रति समाज के नजरिये में बदलाव आएगा। आरोग्य भारती के कार्यों की सराहना करते हुए राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उम्मीद जताई की संस्था के प्रांत अधिवेशन में मनुष्य की दीर्घ आयु के साथ-साथ स्वस्थ जीवन पर सकारात्मक चर्चा होगी, जिसके निष्कर्ष समाज को लाभान्वित करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बने इसके लिए भी सभी को प्रयास करने चाहिए क्योंकि यह देश के भविष्य का सवाल है तथा देश का भविष्य वर्तमान पर निर्भर करता है। राज्यपाल ने कहा कि बीमारी के इलाज से अधिक बचाव पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में आयुर्वेद व योग के प्रति रूचि बढ़ी है। कार्यक्रम में आरोग्य भारती संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. राकेश पंडित ने आरोग्य भारती संस्था के कार्यों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए कहा कि मनुष्य के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को बेहतर बनाना ही आरोग्य भारती के गठन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, एलोपेथी, होम्योपेथी जैसी सभी चिकित्सा पद्धतियों को एक साथ लाकर एक नई चिकित्सा प्रणाली शुरू करने की आवश्यकता है, ताकि मनुष्य को आवश्यकतानुसार उपचार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में आगे बढ़कर काम कर रही है। केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक नीति आयोग के माध्यम से नया हेल्थकेयर सिस्टम लाने के लिए प्रयास कर रही है, जिस पर बढ़-चढ़ कर कार्य किया जा रहा है। इससे पूर्व आरोग्य भारती अध्यक्ष ऊना डाॅ. रितेश सोनी ने राज्यपाल का कार्यक्रम में स्वागत किया। प्रांत अधिवेशन में विभिन्न चिकित्सा पद्धति पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल ने अग्निहोत्र यज्ञ के साथ की। इस अवसर पर राज्यपाल ने पपरोला आयुर्वेदिक काॅलेज की प्रोफेसर डाॅ. सोनी कपिल की किताब आयुर्वेद प्रसूति तंत्र का विमोचन भी किया। छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. अमित कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्य सरकार प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमाचल के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा 12वीं कक्षा के पश्चात राष्ट्र स्तरीय प्रतिस्पर्धा परीक्षाओं के लिए कोचिंग उपलब्ध करवाने हेतू मेधावी विद्यार्थियों के लिए मेधा प्रोत्साहन योजना क्रियान्वित की जा रही है। इसी क्रम में छोटी उम्र में प्रतिभा को चिन्हित कर उभारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय पाठशाला के विद्यार्थियों के लिए एक नई हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती मिडल मेरिट छात्रवृत्ति योजना लागू की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत राजकीय विद्यालय के छठी से आठवीं कक्षा के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करवाई जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन एससीईआरटी सोलन द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को कक्षा छठी में चार हजार रुपये प्रतिमाह, कक्षा सातवीं में पांच हजार रुपये प्रतिमाह तथा कक्षा आठवीं में छः हजार रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा में राज्य भर में अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले शीर्ष 100 विद्यार्थियों को, विभिन्न जिलों की औसत छात्र के आधार पर जिलावार आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। योजना के तहत जिला बिलासपुर के पांच लाभार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिला चम्बा के 12 विद्यार्थियों, जिला हमीरपुर के पांच विद्यार्थियों, जिला कांगड़ा के 14 विद्यार्थियों, जिला किन्नौर के एक विद्यार्थी, जिला कुल्लू के आठ विद्यार्थियों, जिला लाहौल-स्पीति के एक विद्यार्थी, जिला मंडी के 14 विद्यार्थियों, जिला ऊना के सात विद्यार्थियों तथा जिला शिमला, सिरमौर व सोलन प्रत्येक के 11-11 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए चयनित विद्यार्थी को निरंतर तीन वर्षों तक कक्षा आठवीं तक सरकारी पाठशाला में ही अध्ययनरत रहना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त संबंधित शैक्षणिक स्तर में उसे पाठशाला में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति भी सुनिश्चित करनी होगी। केवल गंभीर चिकित्सीय कारणों की स्थिति में ही इस शर्त में छूट प्रदान की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश वित्त और लेखा सेवा ने अपना स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर सचिव वित्त एवं योजना अक्षय सूद, विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर और निदेशक कोष लेखा एवं लाॅटरीज विभाग अमरजीत सिंह भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्य के विकास और प्रगति में इस सेवा के अधिकारियों के योगदान और विशेष रूप से संबंधित विभागों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वित्त एवं लेखा सेवा के अधिकारी विभिन्न कार्यों में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से और दृढ़ता और समर्पण भाव से कार्य करने का आग्रह किया। वित्त और लेखा सेवाएं वर्ष 1971 में अस्तित्व में आईं और राज्य में अपनी सेवाओं के योगदान के माध्यम से अपनी शानदार यात्रा के 50 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए। संघ के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेने के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वित्त एवं लेखा सेवा के वर्ष 2020-2021 के सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त अधिकारियों संवर्ग में सेवा करते हुए अपने अनुभव भी सांझा किए। स्वर्ण जयंती समारोह के बाद एसोसिएशन की वार्षिक आम बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी चुनी गई। राजेश शर्मा नियंत्रक को अध्यक्ष, श्रवण कुमार नेगी उप नियंत्रक को मुख्य सलाहकार, बलबीर कुमार उप नियंत्रक को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राकेश कुमार सिंह उपनियंत्रक को उपाध्यक्ष मुख्यालय, प्रवीण शर्मा उप नियंत्रक को उपाध्यक्ष , भारत भूषण, सहायक नियंत्रक को महासचिव, कर्म चंद वर्मा सहायक नियंत्रक को संयुक्त सचिव-1, नरेश कुमार सहायक नियंत्रक को संयुक्त सचिव-2, विनोद कुमार गौतम अनुभाग अधिकारी को कोषाध्यक्ष, राकेश वर्मा अनुभाग अधिकारी को सहायक कोषाध्यक्ष, प्रणव नेगी सहायक नियंत्रक को आयोजन सचिव, संदीप शर्मा सहायक नियंत्रक को प्रेस सचिव, रमन कुमार सांजटा अनुभाग अधिकारी को कार्यकारी सदस्य और विनोद शर्मा अनुभाग अधिकारी को कार्यकारी सदस्य चुना गया।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर में माथा टेका और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर माता चिंतपूर्णी की संध्या आरती में भी शामिल हुए और मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि माता चिंतपूर्णी मंदिर में करोड़ों भक्तों की आस्था है तथा यहां विश्व भर से श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। राज्यपाल ने श्रद्धालुओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश सरकार चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। अतिरिक्त उपायुक्त ऊना डाॅ.अमित कुमार शर्मा ने इस अवसर पर राज्यपाल को माता चिंतपूर्णी की चुनरी तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया। इससे पूर्व राज्यपाल ने चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और यहां ट्रेन से मां चिंतपूर्णी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। राज्यपाल ने कहा कि चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं के लिए अच्छी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं तथा प्रदेश सरकार सुविधाएं बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन से चिंतपूर्णी मंदिर के लिए एक सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिस पर कुछ कार्य होना बाकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस सड़क के निर्माण के लिए प्रयासरत है, जिससे चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन से चिंतपूर्णी मंदिर की दूरी 12 किमी रह जाएगी। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द इस प्रस्तावित सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जिससे श्रद्धालु लाभान्वित होंगे। राज्यपाल ने चिंतपूर्णी में अपने पारिवारिक मित्र मलकीयत सिंह से भी घर जाकर मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर विधायक चिंतपूर्णी बलबीर सिंह, उप-मंडलाधिकारी मनेश कुमार यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज अन्तरराष्ट्रीय फि ल्म फेस्टिवल, शिमला के पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भाषा, कला एवं संस्कृति के संरक्षण पर निरन्तर बल दे रही है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए फिल्में श्रेष्ठ विकल्पों में एक हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी फिल्म नीति तैयार की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन तैयार किया है ताकि फिल्म निर्माताओं को उनकी फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके। फिल्म सिटी की स्थापना से देश व विश्व के फिल्म निर्माता प्रदेश में ही पूरी फिल्म की शूटिंग तथा निर्माण कर सकेंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के खूबसूरत स्थानों तथा प्राकृतिक सौन्दर्य के फलस्वरूप देश तथा विदेश के अनेक फिल्म निर्माताओं ने हिमाचल प्रदेश में अपनी फिल्मों की शूटिंग की है लेकिन हिमाचल प्रदेश अपना फिल्म उद्योग विकसित नहीं कर पाया। उन्होंने आशा जताई कि ऐसे फिल्म फेस्टिवल प्रदेश के फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ने में अवश्य प्रेरित करंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला फिल्म फेस्टिवल जैसे आयेाजन प्रदेश में फिल्म निर्माण से संबंधित सकारात्मक वातावरण सृजित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेश सरकार ऐसे आयोजनों को आयोजित करने के लिए सम्पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि फिल्म फेस्टिवल के दौरान माॅडल सेन्ट्रल जेल कंडा के बंदियों के लिए भी एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई। जयराम ठाकुर ने फिल्म फेस्टिवल के प्रतिभागियों, आयोजक हिमालयन विलोसिटी, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग, फिल्म निर्देशकों, निर्माताओं तथा कलाकारों को अन्तरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के सातवें संस्करण को सफल बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग के लिए निर्माताओं को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर श्रेष्ठ फिल्मों, लघु फिल्मों तथा वृत्तचित्र को पुरस्कार भी प्रदान किए। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला शहर भारतीय सिनेमा के आरम्भ से फिल्म निर्माताओं की प्रथम पंसद है। भारतीय सिनेमा देश के समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को सुदृढ़ करने के लिए श्रेष्ठ विकल्पों में से एक है। भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डाॅ. पंकज ललित ने कहा कि इस तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल के दौरान 16 देशों की फिल्में प्रदर्शित की जाएगी। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं निर्देशक विजय ने कहा कि फिल्म निर्माताओं के लिए हिमाचल प्रदेश हमेशा ही पसंदीदा गंतव्य रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण फिल्म उद्योग पर विपरीत प्रभाव पड़ा था और अब सिनेमा जगत ने पुनः कार्य आरम्भ कर दिया है। भारतीय सिनेमा अब पुनः गतिविधियों का केन्द्र बन रहा है। 7वें शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के फेस्टिवल निर्देशक पुष्प राज ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि तीन दिवसीय फेस्टिवल के दौरान अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की 58 फिल्में प्रदर्शित की गईं, जिसमें से 6 फिल्में हिमाचल प्रदेश से थीं। नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, सचिव भाषा कला एवं संस्कृति अकादमी डाॅ. कर्म सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला के चौपाल की तहसील कुपवी के दुरदराज पंचायत घारचांदना के गांव शराड में चार मकान जलकर राख हो गए है। सूचना के अनुसार इस आगजनी से कोई भी जानी नुकसान नही हुआ है। जानकारी के अनुसार रात करीब 8 बजे के करीब पहले दुला राम के मकान में आग लगनी शुरू हुई थी, जिसके चलते साथ में बने अन्य मकान भी आग की चपेट में आ गए। सभी मकान काफी पुराने बताए जा रहें हैं। पुलिस व अग्निशमन दल रात को ही मौके पर पहुंच गए थे। लेकिन जब तक चौपाल से अग्निशमन दल घारचांदना पहुंचा तब तक सभी मकान लगभग जल कर नष्ट हो गए थे। इस आगजनी की घटना में लाखों रूपयों का नुक़सान हुआ है। फिलहाल आग लगने का कारण शॉट सर्किट बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में एक दिसंबर को बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश के अन्य भागों में 30 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। उधर, रविवार को केलांग का न्यूनतम तापमान-4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य तक पहुंच गया है। इससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लाहौल-स्पीति जिले में पानी के स्रोत जमने लगे हैं। वहीं, रविवार को राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही।
शिमला :प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के साथ हुई संयुक्त सलाहकार समिति जेसीसी की बैठक में प्रदेश के कर्मचारिओं व पेंशनरों को कोविड जैसी महामारी से प्रदेश की आर्थिक स्थिति को ध्वस्त होने के बावजूद 7500करोड़ रुपये के वित्तिय लाभ देकर प्रदेश की सरकार ने इतिहास रच दिया। प्रदेश के कर्मचारिओं व पेंशनरों को इस सौगात के लिए जिला सोलन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करता है। जिला शिमला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष गोपाल झीलटl, जिला महासचिव विनोद शर्मा ने संयुक्त ब्यान में कहा है कि 1 जनवारी 2016 से दिए पंजाब के छटे वेतन आयोग को प्रदेश में 1 जनवरी 2022 से लागू करना, अनुबंध कार्यकाल 3वर्ष से घटा कर 2 वर्ष करने, केंद्र की 2009 कि न्यू पेंशन योजना के अंतर्गत अपंगता व पारिवारिक पेंशन को लागू करना, दैनिक वेतन भगीयो का एक वर्ष का कार्यकाल कम करना, चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 10 करोड़ की राशि जारी एनपीएस कर्मचारी की पेंशन निधि चुनने की स्वतंत्रता और भी कई लाभ इस जेसीसी में दिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने घोषणाएं की है। हालांकि बहुत सी मांगो पर कमेटी गठन की घोषणा की गई है कुछ अन्य मांगो पर विभागीय स्तर पर कार्य जारी है जिसका निपटारा शीघ्र किया जायेगा। राजधानी भत्ता, सीए, एचआरए पर नए वेतनमान लागू होने पर निर्णय लिया जायेगा इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। गोपाल झीलटl और विनोद शर्मा ने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कर्मचारी हितैषी है इसका अंदाजा जेसीसी बैठक में कोविड काल मे फ्रंटलाइन वर्कर व कोविड में जुटे कर्मचारिओं व जेसीसी बैठक अपरिहार्य कारणों से बिलम्भ से होने पर कर्मचारिओं ने धैर्य रखा व सहयोग के लिए प्रदेश के कर्मचारिओं का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा है कि सत्ता परिवर्तन पर कर्मचारिओं को स्थान्तरण कर प्रताड़ित किया जाता रहा है किंतु वर्तमान सरकार ने किसी भी कर्मचारी नेता को प्रताड़ित नही किया ।
जुब्बल-नावर-कोटखाई में विकास के ठप्प पड़े कार्य को गति दी जाएगी। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने नावर की खारला, धराड़ा और पुजारली न० 4 पंचायतों में आयोजित जन आभार कार्यक्रम के दौरान जनसम्बोधन में कही। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई की प्रबुद्ध जनता परिपक्वता के लिए पूरे हिमाचल में अलग पहचान रखती हैं। उन्होंने खारला, धराड़ा और पुजारली न० 4 की जनता का उप चुनाव में आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद किया। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में नावर क्षेत्र की हर पंचायत में बाग़वानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है।उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल (2012-17) में नावर क्षेत्र के पुजारली नं 4 मे 22 KVA विद्युत नियंत्रण केंद्र, सिंचाई योजनाओं के लिए लगभग ₹20 करोड़ और विभिन्न सड़कों के निर्माण के लिए ₹52 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा कि टुटूपानी में ₹6.69 करोड़ की लागत से सेब ग्रेडिंग व पैकेजिंग केंद्र का निर्माण पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ₹1134 करोड़ के बाग़वानी विकास प्रोजेक्ट के तहत हो रहा हैं जिसके निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी । उन्होंने कहा कि कांग्रेस समग्र और एक समान दृष्टिकोण के साथ विकास करवाने के लिए वचनबद्ध हैं। सड़कों के निर्माण के लिए गत्त चार वर्षों से लम्बित पड़ी डीपीआर को स्वीकृति प्रदान करने और कछुआ चाल से चले हुए सड़को के कार्य को गति प्रदान की जाएगी। रोहित ठाकुर ने कहा सेमीफ़ाइनल में जनता ने भाजपा को कड़ी शिकस्त देकर साफ़ संदेश दे दिया हैं कि 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापिसी करेंगी। रोहित ठाकुर ने आभार व्यक्त करते हुए कांग्रेस पार्टी की जीत को सभी कार्यकर्ता के संघर्ष और परिश्रम फल बताया। विधायक रोहित ठाकुर ने जनता की सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत सहित अनेक समस्याओं को सुना और सम्बंधित विभाग के चर्चा कर जल्द ही सुलझाने का आश्वासन दिया। जन आभार कार्यक्रम के दौरान खारला पंचायत के प्रधान बलबीर द्रागटा, उप प्रधान राजीव धारटा, धराड़ा पंचायत की प्रधान गीता जरेट, उप प्रधान सतीश राठौर, पुजारली न०4 से बीडीसी सदस्या ज्ञानपति भी मौजूद रहीं।
शिमला: सीटू से सबन्धित हिमाचल प्रदेश मनरेगा व निर्माण मज़दूर फेडरेशन अपनी मांगों को लेकर दो दिसम्बर को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। इस दिन प्रदेशभर में निर्माणाधीन बिजली परियोजनाओं, फोरलेन, दीपक प्रोजेक्ट,मनरेगा व निर्माण क्षेत्र के हज़ारों मजदूर हड़ताल करके काम ठप्प करेंगे। इस दौरान यूनियन शिमला में श्रमिक कल्याण बोर्ड कार्यालय खलीनी में विशाल रैली करेगी जिसमें प्रदेशभर से हज़ारों मनरेगा व निर्माण कर्मी भाग लेंगे। सीटू ने चेताया है कि अगर प्रदेश सरकार व श्रमिक कल्याण बोर्ड ने मजदूरों की मांगों को पूर्ण न किया तो आंदोलन तेज होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, यूनियन अध्यक्ष जोगिंदर कुमार व महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि केंद्र व प्रदेश सरकारें लगातार मज़दूर विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों को निरस्त करना भी इसी का एक हिस्सा है। चार लेबर कोडों में निरस्त किये जाने वाले कानूनों में वर्ष 1996 में बना भवन एवम अन्य सन्निर्माण कामगार कानून भी शामिल है। इस कानून के खत्म होने से देश के करोड़ों मनरेगा व निर्माण मजदूर सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हो जाएंगे व श्रमिक कल्याण बोर्डों के अस्तित्व पर खतरा मंडराएगा। केंद्र व प्रदेश सरकार पहले ही मार्च 2021 में श्रमिक कल्याण बोर्डों के तहत मनरेगा व निर्माण मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं में भारी कटौती कर दी गयी है। इसमें वाशिंग मशीन,सोलर लैम्प,इंडक्शन चूल्हा,टिफिन इत्यादि शामिल है। श्रमिक कल्याण बोर्डों की धनराशि को प्रधानमंत्री कोष में शिफ्ट करने की साज़िश चल रही है जिसका दुरुपयोग होना तय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार की लापरवाही के कारण मनरेगा व निर्माण मजदूरों सहित लगभग इक्कीस लाख असंगठित व प्रवासी मजदूरों का माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश पर ई श्रम पोर्टल में पंजीकरण भी अधर में लटका हुआ है। इस से ही स्पष्ट है कि सरकार मजदूरों के प्रति संवेदनहीन है। मनरेगा मजदूरों को प्रदेश सरकार द्वारा तय तीन सौ रुपये न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है व यह कई राज्यों के मुकाबले में बेहद कम है। उनके वेतन का भुगतान तय समय पर नहीं किया जा रहा है। उन्हें निर्धारित एक सौ बीस दिन का काम भी नहीं दिया जा रहा है। महंगाई चरम पर है जिसके कारण मज़दूरों को और ज़्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तथा उन्हें अपना दैनिक खर्चा करना बहुत मुशिकल हो गया है। इस प्रकार सरकार मनरेगा मजदूरों के साथ घोर अन्याय व भेदभाव कर रही है। हिमाचल प्रदेश राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड पंजीकृत मजदूरों के लाभ समय पर जारी नहीं कर रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश श्रमिक कल्याण बोर्ड पर मजदूरों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी तीन सौ रुपये करने,एक सौ बीस दिन का काम सुनिश्चित करने,मजदूरों का पंजीकरण सरल व एक समान करने,मजदूरों को स्वीकृत सामग्री तुरन्त जारी करने,बोर्ड से मिलने वाली सहायता सामग्री बहाल करने, शिक्षण छात्रवृत्ति, विवाह, चिकित्सा इत्यादि की लंबित सहायता राशि जारी करने, मजदूरों की पेंशन दो हज़ार रुपये करने, जिलों में मजदूरों के पंजीकरण हेतु अतिरिक्त स्टाफ व श्रम कल्याण अधिकारी नियुक्त करने व लॉक डाउन अवधि की राशि सभी को तुरन्त जारी करने की मांग की।
खण्ड चिकित्सा अधिकारी ड़ॉ. अजय देओल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए 29 नवम्बर को 30 स्थानों पर कॉविड -19 टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों से भी अपील की है कि वह कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित करें, ताकि वह इस महामारी से अपने आपको, अपने परिवार को व अपने समाज को बचाकर अपना दायित्व निभा सके। उन्होंने बताया कि 29 नवम्बर को राजपुरा स्वास्थ्य खण्ड के सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, ज्ञान चंद धर्मशाला, मोबाइल टीम पांवटा साहिब, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, ई.एस.आई. मालवा कोटन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजपुरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कफोटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरोग बनेडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर भारापुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माजरा, उप स्वास्थ्य केंद्र मिस्रवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाखणा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतौन, उप स्वास्थ्य केंद्र हरिपुर खोल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरखूवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगानी, आर बी एस के टीम, आर बी एस के टीम 1, आर बी एस के टीम 2, उप स्वास्थ्य केंद्र तारूवाला, उप स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर, उप स्वास्थ्य केन्द्र अजोली, ग्राम पंचायत मत्रालियों, उप स्वास्थ्य केन्द्र बहराल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमरगढ़, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमरऊ, मोबाइल टीम पांवटा साहिब-1, उप स्वास्थ्य केंद्र चांदनी, उप स्वास्थ्य केंद्र गिरिनगर इन सभी स्थानों पर कॉविड -19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी क्षेत्रवासी तथा बाहर से आए प्रवासी इन केन्द्रों पर जाकर टीका लगवा सकते हैं। ड़ॉ. अजय देओल ने कहा कि टीका लगवाने के लिए आधार कार्ड या अन्य कोई भी फोटोयुक्त पहचान पत्र अपने साथ ज़रुर लाएं।
सोलन में वार्ड 4 के बूथ नम्बर 2 बरूरी में "मन की बात" कार्यक्रम के बाद बूथ की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुरुषोत्तम गुलेरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विश्व की सबसे अग्रणी स्वास्थ्य योजना "आयुष्मान भारत योजना" के लाभार्थियों से बातचीत करते हुए इसका व्यापक प्रचार प्रसार करने का आग्रह किया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें,आज आयुष्मान भारत योजना गरीबों,मध्यमवर्ग के परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। गुलेरिया ने बूथ की बैठक में पन्ना प्रमुखों को आगामी योजनाओं के बारे में बताया वह किस तरह से हिमाचल पन्न प्रमुख आइडिया को पूरे देश भर में चलाया जा रहा है। इस बैठक में संगठन की योजनाओं को लेकर भी चर्चा की गई व् पन्ना समितियों को लेकर भी चर्चा की गई l इस बैठक में बूथ अध्यक्ष सुरेश शर्मा ,मनोनित पार्षद शकुंतला शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष रोहित भारद्वाज ,मनोज शर्मा ,मनीष गौतम ,राजेंद्र शर्मा ,लेखक राज राणा ,ज्ञान कवर ,कल्याण ठाकुर, जगत राम शर्मा ,रमेश धिमान आदि उपस्थित रहे l
कुनिहार : कुनिहार कुफ़्टू मार्ग पर 15 नवम्बर को बझोल नाले के पास कूड़े के ढेर में मिली महिला की लाश की गुथी पुलिस द्वारा 26 नवंबर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही 12 घण्टे के अंदर ही सुलझा ली। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर जिस तरह कुनिहार थाना के कर्मियों ने मृतक महिला का कुनिहार क्षेत्र सहित कंहा कंहा आना जाना था,26 नवम्बर को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आते ही हत्या का मामला दर्ज कर 12 घण्टे के अंदर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।27 नवंबर को अर्की कोर्ट में दोनों आरोपियों को पेश किया गया व दोनों आरोपी 2 दिसम्बर तक पुलिस रिमांड पर है।एएसआई पूर्ण चन्द की अगुवाई में हेड कांस्टेबल नरेंद्र,हेड कांस्टेबल रमन व आरक्षी दिनेश व राकेश ने जाठिया देवी से अशोक कुमार आरोपी को गिरफ्तार किया,जिसने बागी गावं में उक्त महिला के साथ निर्दयता पूर्वक मार पिटाई की थी।महिला की रीढ़ की हड्डी के मनके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में टूटे हुए थे।महिला की मौत के बाद अशोक ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए अपने जमाई रंजीत से सम्पर्क किया था व महिला का शव बझोल नाले के पास फेंक दिया था।15 नवम्बर को कम्बल में लिपटी लाश को वँहा पर पशुचारा ले रही महिलाओं ने देखा था व पंचायत प्रधान को सूचना दी थी।प्रधान द्वारा कुनिहार थाना को सूचना देते ही पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए महिला के स्थायी ठिकाने पता लगा कर बॉडी को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा था।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला का कुनिहार सहित कंहा कंहा आना जाना था खुफिया तौर पर अपनी कार्यवाही जारी रखी हुई थी व हत्या का मामला दर्ज होते ही हत्या मामले में दो लोगो को गिरफ्तार कर लिया। कुनिहार क्षेत्र की सम्भव चेरिटेबल संस्था कुनिहार,कुनिहार विकास सभा,नव चेतना,जनकल्याण समिति कुनिहार सहित कई सामाजिक संस्थाओं ने पुलिस द्वारा हत्या का मामला जल्द सुलझाने पर पुलिस प्रसासन की प्रसंशा की है।
शिमला में घने कोहरे के चलते व फिसलन से रविवार को दो स्थानों पर कई गाड़ियों में आमने सामने टक्कर हो गई। इन हादसों में कई लोगों को चोटे आई हैं और कई वाहनों को नुकसान हुआ है। राजधानी शिमला के निकट फागू और कुफरी के निकट होटल एप्पल ब्लॉसम के पास घने कोहरे के चलते सात गाड़ियों में टक्कर हो गई। इन में बस, ट्रक व कई छोटे वाहन शामिल है। इस हादसे में कई लोगों को चोटें भी आई है और गाड़ियों को खासा नुकसान हुआ है। उधर शिमला जिला के खड़ा पत्थर में दो गाड़ियों में टक्कर हो गई। इस टक्कर का कारण भी कोहरा बताया जा रहा है। हादसों के चलते रविवार सुबह दोनों तरफ जाम लगा हुआ है। गनीमत यह रही कि रविवार को अवकाश होने के कारण शिमला ठियोग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थोड़ी कम थी।
शिमला :हिमाचल प्रदेश में जेसीसी बैठक में सरकार द्वारा नए वेतनमान देने की घोषणा के साथ अनुबंध काल को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करने, दैनिक भोगी कर्मचारियों को 5 वर्ष की जगह 4 वर्ष में नियमित करने के साथ अन्य मांगों को जल्द पूरा करने के आश्वासन के लिए राज्य कार्यकारिणी ने सरकार का आभार व्यक्त किया है। यह जानकारी शिक्षक महासंघ के प्रांत मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने दी। इसके साथ उन्होंने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों से जुड़ी बहुत सी मांगों को सरकार द्वारा पूरा कर दिया गया है जबकि इसी कड़ी में शामिल बहुत सी मांगों को औपचारिकताएं पूरी करके पूरा करने का आश्वासन दिया है जिसे लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा, शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर,महामंत्री विनोद सूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर, कोषाध्यक्ष तीर्थ आनंद शर्मा ,अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम, मंडी के अध्यक्ष भगत चंदेल, सोलन अध्यक्ष नरेंद्र कपिला, किन्नौर के अध्यक्ष बलवीर नेगी, कुल्लू के अध्यक्ष चतर सिंह, कांगड़ा के अध्यक्ष जोगिंदर शर्मा, हमीरपुर के अध्यक्ष नरेश कुमार, बिलासपुर के अध्यक्ष ललित मोहन, सिरमौर के अध्यक्ष सुशील मल्होत्रा, उना के अध्यक्ष सुधीर गौतम, शिमला के अध्यक्ष बलबीर भगत, चंबा के अध्यक्ष बलदेव मिन्हास समेत सभी पदाधिकारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया। शनिवार को हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और शिक्षामंत्री गोविंद ठाकुर के साथ बैठक की, जिसमे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव व प्रान्त संगठन मंत्री पवन मिश्रा, प्रान्त अध्यक्ष पवन कुमार, प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर और प्रान्त महामंत्री विनोद सूद मौजूद रहे। बैठक में संगठन द्वारा 2 दिसम्बर को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षको की मांगों को हल करने का आग्रह किया गया।
शिमला :मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शनिवार को एक सफल और प्रख्यात हिंदी लेखक राजेंद्र राजन द्वारा रचित पुस्तक ‘अनसंग कम्पोजर ऑफ़ आईएनए कैप्टन राम सिंह ठाकुर जन गण धुन के जनक’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में आईएनए सोल्जर के क्रमबद्ध इतिहास को प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र के लिए राम सिंह के उल्लेखनीय और ऐतिहासिक योगदान को प्रकाश में लाने के लिए लेखक के प्रयासों की सराहना की। कैप्टन राम सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी और आईएनए तथा प्रोविंशियल आम्र्ड कांस्टेबुलरी, लखनऊ के प्रसिद्ध संगीत निर्देशक थे।राजेंद्र राजन हिंदी के एक प्रख्यात लेखक हैं और अब तक उनकी 12 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। पंचायत समिति संगड़ाह के अध्यक्ष मेला राम शर्मा और हिमाचल के प्रसिद्ध लेखक डाॅ. हेम राज कौशिक इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को शांता कुमार पर लिखित ‘साहित्यसेवी राजनेता शांता कुमार’ नामक पुस्तक भी भेंट की।
शिमला के सरस्वती नगर वार्ड से जिला परिषद सदस्य व हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता टीम में पैनलिस्ट कौशल मुंगटा ने भाजपा सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की रिज पर प्रस्तावित प्रतिमा को जल्द से जल्द स्थापित करने की माँग की है उनका कहना है कि स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की शान थे और उन्होंने आधुनिक हिमाचल की नींव रखी है तथा रिकार्ड छः बार प्रदेश की कमान थामी है उनके इस योगदान को हिमाचल सदैव दिलों में रखे हुए है तथा उनके यादों में रिज पर शिमला में एक मूर्ति का होना उनके प्रति हमारे सम्मान की निशानी होगा जो की हर हाल में होना ही चाहिए। मुंगटा का कहना है की अगर इस पर टाल मटोल किया गया तो वो शिमला में धरने पर बैठ कर अपना रोष प्रकट करेंगे और वादा खिलाफी करने वाली भाजपा को पर्दाफाश करने का काम करेंगे। कौशल मुंगटा ने कहा की वीरभद्र सिंह हिमाचलवासियों के दिलों में बसते हैं भाजपा जितना प्रयास कर ले उनकी छाप नहीं मिटा सकती और बात केवल एक प्रतिमा की नहीं है बल्कि वीरभद्र सिंह के प्रति लोगों के प्यार व सम्मान की है।
ज्वालामुखी: गऊ माता और गऊ वंश पर सियासत करने वाली बीजेपी ने करोड़ों रुपया खर्चा है, जो कि सीधे-सीधे टैक्सपेयर के पैसे का दुरुपयोग है। यह बात ज्वालामुखी के पूर्व विधायक एवम प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता संजय रत्न ने जारी प्रेस बयान में कही। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपए खर्चने के बावजूद हजारों बेसहारा गौवंश सड़कों पर भटकता हुआ हादसों का शिकार हो रहा है, वहीं कई दुर्घटनाएं इस बेसहारा गऊ वंश के कारण हो रही हैं। संजय रत्न ने कहा कि कर्जों के पहाड़ के नीचे दबे प्रदेश की सरकार ने गऊ वंश के नाम पर करोड़ों रुपए सरकार ने खर्चे हैं लेकिन इस करोड़ों रुपए से अधिकांश राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी है और जो थोड़ा बहुत बजट लगा भी है उसका गऊ वंश को कोई विशेष लाभ नहीं मिला है। हां यह दीगर है कि सरकार आंकड़ों की बाजीगिरी में इस बजट को जस्टिफाई करने में लगी है। संजय रत्न ने कहा कि जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी क्षेत्र के लुथान में साढ़े तीन करोड़ रुपए की लागत से कॉऊ सेंक्चुरी बनाई गई है लेकिन दिलचस्प यह है कि इस कॉऊ सेंक्चुरी को अधिकारिक एजेंसी से न बनवाकर फॉरेस्ट विभाग से बनवाया गया है। जिसकी निर्माण गुणवत्ता पर बनने से पहले ही सवाल खड़े हो रहे हैं। इतना ही नहीं इस कॉऊ सेंक्चुरी के टेंडर तक नहीं हुए हैं। स्वाभाविक तौर पर चेहतों को लाभ पहुंचाने के लिए यह करोड़ों रुपया गऊ वंश के नाम पर होम किया गया है। सवाल यह उठता है कि जब गऊ वंश के नाम पर प्रदेश में खर्चा गया करोड़ों रुपया गऊ वंश को कोई राहत नहीं दे पाया है तो इस फिजूलखर्ची की जिम्मेदारी व जवाबदेही किसकी है, सरकार को यह बताना होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी बजट की जितनी लूट भाजपा के इस कार्यकाल में हुई है शायद ही कभी हुई हो। यही कारण है कि बीजेपी से अब जनता का नहीं उसके अपने कार्यकर्ताओं का भरोसा खत्म हो रहा है और रही-सही कसर आगामी विधानसभा चुनावों में जनता पूरी कर देगी।
जसवां:परागपुर : ब्लॉक खन्ड परागपुर केे अन्तर्गत ग्राम पंचायत नलसुहा में प्रदेश उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर के प्रयासो से सड़क बनने का सपना साकार हो चुका है। बता दें नलसुहा, सुकेड के तहत 6 लोगो ने नायब तहसीलदार परागपुर नाजिर हुसैन की उपस्थिति में वार्ड पंच दीपक राणा के माध्यम से अपनी लाखो करोडों रुपये की क़ीमती ज़मीन लोक निर्माण विभाग को दान स्वरूप देकर इलाके भर मे मिसाल कायम की है। लोगो ने ज़मीन विभाग के नाम कर एक नया अध्याय लिखा है। उक्त भूमि दानवीरों की सीख उन लोगो को भी लेनी होगी जो अपनी एक इंच जमीन के लिए एक दूसरे पर मारपीट व जान लेने के लिए उतारु हो जाते है। वार्ड पंच दीपक राणा ने बताया लिंक रोड मंदवाड़ा वाया चनौरिया बस्ती - बाबा बलोटू सुकेड -डडारी सड़क के लिए उद्योग एवम परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने 6 करोड़ 43 लाख रुपये सेक्शन किये हुए थे वहीं गाँव सुकेड के समीप सड़क के लिए जमीन नहीं होने की वजह से लगभग 30 मीटर बिना बनाये उसे छोड़ दिया गया था । दीपक राणा ने बताया कि उक्त सड़क के लिए दानवीर जसवंत सिंह, मनोहर लाल, बलदेव सिंह, कुलदीप सिंह निवासी नलसूहा व कर्मवीर सिंह निवासी सुनहेत व प्रीतम चन्द निवासी सुकेड ने अपनी भूमि दान कर दी है अब विभाग उक्त स्थान पर सड़क बनाने का कार्य शुरू कर सकता है।
ज्वालामुखी के तहत पड़ते बग्गी के लोगों ने ज्वालामुखी के विधायक एवं योजना आयोग के उपाध्यक्ष रमेश धवाला से बग्गी स्थित मन्दली से नाहली , माहड़ ,बाग , कुलजलाहड़ सड़क को बनाने की मांग है । इलाके के लोगों का कहना है कि लगभग 20 साल पहले उक्त सड़क का सर्वे भी हो चुका है ,लेकिन आज दिन तक मात्र दो किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है । चार गांवों की लगभग 500 के करीब जनता आज भी सड़क सुबिधा से वंचित है । इसे प्रशासन की लापरवाही कहें या राजनेताओं की अनदेखी । उपरोक्त गांवों के लोग आज भी पैदल चलने पर मजबूर हैं । सड़क के अभाव में कई मरीज बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं । लोगों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन से उक्त सड़क बनबाने के लिए गुहार लगा चुके हैं ,लेकिन ना तो प्रशासन ने उनकी इस समस्या का हल करने की जहमत उठाई है और ना ही किसी राजनेता ने कोशिश की है । अजय कुमार ,शानू राणा , रोहित चौहान ,दीप कुमार, प्यार चन्द , पूर्ण चन्द, प्रकश चन्द , हरि चन्द,राकेश कुमार ,शनि ,विक्की कुमार , मुकेश कुमार , विकाश कुमार , प्रकाश चन्द ,किकर सिंह , मदन लाल , विधि चन्द , लाल चन्द , विशाल राणा ,देवराज बलदेव सिंह , नरेश कुमार ,रंजीत , गुरमीत सिंह ,अर्जून राणा , किरण कुमारी , इंद्रा देवी , सुनीता देवी , राजो देवी , कांता देवी , प्रीतो देवी ,प्रिमला देवी , ओम देवी ,मस्त राम , बन्नी सिंह आदि ने ज्वालामुखी के विधायक एवमं योजना आयोग के उपाध्यक्ष रमेश धवाला से मांग की है कि बग्गी स्थित मंदली से नाहली , माहड़ , बाग ,कुलजलाहड़ सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाए । इस सम्बंध में ज्वालामुखी के विधायक एवं योजना आयोग के उपाध्यक्ष रमेश का कहना है कि उक्त गांवों के लोगों की सड़क सम्बंधी समस्या का जल्द से जल्द हल कर दिया जाएगा । ताकि लोगों को सड़क सुबिधा मिल सके ।


















































