हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट ने शिमला के कुपवी क्षेत्र के 21 वर्षीय युवक को 6.33 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार , हेड कॉन्स्टेबल दिनेश SIU की टीम के साथ गुरुवार रात को गश्त पर थी गश्त के दौरान देर रात सोलन शहर के शमलेच के पास एक युवक आ रहा था युवक की तलाशी के दौरान उसके बैग से 6.33 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। पूछताश के दौरान युवक ने अपना नाम संदीप कुमार निवासी गांव डिम्मी, तहसील कुपवी जिला शिमला बताया। वहीं SP सोलन वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि बीती रात गश्त के दौरान SIU की टीम ने शमलेच के पास एक युवक को चिट्टा के साथ पकड़ा है। युवक से पूछताछ की जा रही है। और नशा माफिया की धरपकड़ के लिए पुलिस आगे भी अभियान जारी रखेगी।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना एक बार फिर से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। 31 जनवरी को प्रदेश कोरोना मुक्त हो गया था, लेकिन बीते कल शाम तक प्रदेश में कोरोना के 40 नए मामले सामने आए है। बीते 24 घंटे में 12 नए मरीज कोरोना के एक्टिव पाए है। वहीं प्रदेश के बिलासपुर जिले में सबसे ज्यादा 11 एक्टिव मरीज, शिमला जिले में 7 कोरोना , चंबा में 2, हमीरपुर में 4, कांगड़ा में 4, सोलन 9, कुल्लू में 3 एक्टिव मरीज हैं। प्रदेश में अब तक कोरोना से 3,12,774 लोग संक्रमित हुए हैं। राज्य के सबसे बड़े कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 70,717 लोग कोरोना से संक्रमित हुए। इनमें से 1,266 लोगों की कोरोना से मौत हुई है।
हिमाचल प्रदेश में गर्मी का तापमान बढ़ रहा है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में वीरवार को मौसम साफ रहा। शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। बीते दिनों बारिश और बर्फबारी से मौसम में बढ़ी ठंडक में धूप खिलने से कमी दर्ज हुई है। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 32.4, बिलासपुर में 29.0, हमीरपुर में 28.5, मंडी में 27.8, सुंदरनगर में 27.0, कांगड़ा में 26.9, सोलन-नाहन में 26.5, धर्मशाला में 25.2, चंबा में 24.9, भुंतर में 22.9, शिमला में 18.2, मनाली में 13.0, कल्पा में 12.4 और केलांग में 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। शिमला में जनवरी के बाद फरवरी में भी नहीं हुई बर्फबारी इस वर्ष राजधानी शिमला में जनवरी के बाद फरवरी में भी बर्फबारी नहीं हुई। फरवरी 2022 में शिमला में 59.3, 2021 में 54, 2000 में 5.4 और 2019 में 51.3 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई थी। इस वर्ष मनाली में भी फरवरी के दौरान मात्र चार और पूह में नौ सेंटीमीटर बर्फबारी ही हुई। उधर, फरवरी के दौरान इस वर्ष सामान्य से 71 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। फरवरी 2022 में सामान्य से 24, 2021 में 81 और 2000 में 87 फीसदी कम बारिश हुई थी। फरवरी 2019 में सामान्य से 91 फीसदी अधिक बादल बरसे थे।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर कोरोना के मामलों हल्की तेज़ी देखने को मिली है। 31 जनवरी को प्रदेश कोरोना मुक्त हो गया था, लेकिन आज एक बार कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कोरोना के छह नए मरीज सामने आए हैं। बता दें कि पिछले तीन दिनों यानि 27 फरवरी से 1 मार्च तक 1357 लोगों की कोरोना जांच की गई थी, जिसमें से 25 लोगों में कोरोना पाया गया है। शिमला और सोलन जिला में इस समय सबसे अधिक 7 कोरोना मरीज सक्रिय हैं। बिलासपुर में एक्टिव मरीज पांच हैं; चंबा में 2, हमीरपुर कांगड़ा और कुल्लू में 3 कोरोना के एक्टिव मामलें है। वहीं जिला किन्नौर, लाहौल स्पीति, मंडी और सिरमौर में कोरोना के एक भी मामला नहीं हैं।गौरतलब है कि राज्य में अब तक 3,12,762 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। राज्य के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में सबसे ज्यादा 70,717 लोग कोरोना संक्रमित हुए। जिला में संक्रमण से 1,266 लोगों ने जान गंवाई है।
प्रदेश में फरवरी माह में 25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 377 करोड़ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह किया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह में 21 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। विभाग ने फरवरी, 2023 तक 4933 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित किया है। इस बात की जानकारी राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस ने दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह में यह वृद्धि सशक्त प्रवर्तन और करदाता अनुपालन में सुधार के परिणामस्वरूप दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग के कर अधिकारियों की क्षमता निर्माण के लिए उन्हें निरंतर प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षणों के फलस्वरूप प्रभावी प्रवर्तन गतिविधियां सुनिश्चित हो रही हैं। विभाग द्वारा हाल ही में 450 कर अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। यूनुस ने कहा कि विभाग द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष में 12 लाख ई-वे बिल सत्यापित किए गए हैं और नियमित आधार पर की गई जांचों में ई-वे बिलों की अवमानना पर 8.18 करोड़ रुपये एकत्र किए गए हैं। विभाग स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार तथा हितधारकों के विभिन्न मुद्दों के समयबद्ध निवारण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रिटर्न फाइलिंग में निरंतर सुधार, रिटर्न की तीव्र छंटनी, जीएसटी ऑडिट को समयबद्ध पूर्ण करने तथा सशक्त सतर्कता पर विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग वर्तमान वित्त वर्ष में सरकार द्वारा निर्धारित 5130 करोड़ रुपये के लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
1 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद भारी बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटों में स्थिति बदलने का अनुमान है। आईएमडी ने भविष्यवाणी की है कि अगले दिन दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में उच्च तीव्रता वाली बारिश होगी। मौसम विभाग ने आगामी समय में उत्तर-पश्चिम दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली और दिल्ली-एनसीआर के सीमावर्ती जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है। दिल्ली के आसपास का मौसम सुबह के समय सामान्य रहा है। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान भवन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, बुधवार (1 मार्च) को दिल्ली-एनसीआर और इसकी सीमा से लगे यूपी और हरियाणा बंद रहेंगे। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली, एनसीआर (हिंडन एएफ स्टेशन, गाजियाबाद, इंदिरापुरम), करनाल, महम, रोहतक, भिवानी (हरियाणा), हस्तिनापुर, चांदपुर, अमरोहा (यूपी) में कुछ ही जगहों पर मध्यम से हल्की बारिश की भविष्यवाणी की गई है। हवा की गति 30 से 50 किमी/घंटा रहने की संभावना है। फरवरी में शहर के तापमान ने 72 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 1951 से 2023 तक, तीसरे सीज़न के लिए फरवरी सबसे गर्म महीना था, हालांकि बुधवार की बारिश के बाद तापमान कम होने की संभावना है। आईएमडी ने अगले दो महीनों के लिए गर्मी का अनुमान भी तैयार किया है। आईएमडी के अनुसार, मार्च से मई तक पूरे उत्तर-पूर्व, और मध्य भारत के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश के एक युवक की हरियाणा में सड़क हादसे में मौत हो गई है। यह हादसा पंचकूला-यमुनानगर नेशनल हाईवे पर मौली गांव के पास बीते कल पेश आया। मृतक की पहचान सिरमौर के पांवटा साहिब निवासी अभिनव परमार के तौर पर हुई है। जानकारी के मुताबिक अभिनव डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 चंडीगढ़ से एमबीए कर रहा था और सुबह करीब 6 बजे पंचकूला आ रहा था। जैसे ही वह मौली गांव के नजदीक स्थित ग्लोबल इंडस्ट्री और सैनी ढाबे के सामने से गुजरा तो उसके आगे जा रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दी। उसकी कार ट्रक के नीचे आ गई और कार ट्रक के पीछे फंसकर काफी दूरी तक घसीटते चली गई। कुछ दूर जाने के बाद चालक ने ट्रक रोका तो देखा कि ट्रक के नीचे कार फंसी हुई है। आसपास के लोगों ने इस हादसे की सूचना तुरंत मौली पुलिस चौकी को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार चलन अभिनव परमार को कड़ी मशक्कत के बाद कार से बाहर निकाला और युवक को अस्पताल पंचकूला पहुँचाया। जहां डॉक्टर्स ने अभिनव को मृत घोषित किया।
हिमाचल में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने के बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। इसके चलते दोपहर के वक्त मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी व नारकंडा में हल्की बर्फबारी भी हुई। शिमला में भी आज हल्की बारिश हुई है । इससे तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मौसम विभाग ने कल अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान किया है। कम ऊंचे व मैदानी इलाकों में आंधी तूफान आने व आसमानी बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों-बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ओलावृष्टि से किसानों की फसलों और स्टोन फ्रूट व सेब की फ्लावरिंग को नुकसान होने का डर है। किसान और बागवान सूखे की मार से भी त्रस्त है। बेशक प्रदेश के अधिकांश शहरों में अभी भी तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा है, लेकिन बीते 24 घंटे के दौरान कई शहरों के तापमान में एक से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शिमला का अधिकतम तापमान 2 दिन में 19 डिग्री से गिरकर 16.9 डिग्री तक लुढ़क गया है। इसी तरह कई अन्य शहरों का पारा भी गिरा है।
हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एक घर में आग लगने से बुजुर्ग महिला जिंदा जल गई। मिली जानकारी के मुताबिक खलटी गांव में यह घटना हुई है। सराहन उपतहसील की शाहधार पंचायत के खलटी गांव में रविवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। भीषण अग्निकांड में एक बुर्जुग महिला जिंदा जल गई और दो मंजिला मकान भी आग के भेंट चढ़ गया। घटना की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका क्यूंकि यह क्षेत्र सड़क से दूर है, इसलिए फायर इंजन की गाड़ियां भी मौके पर नहीं पहुंच पाई है। आग की इस घटना में लाखों का नुकसान हो गया है। महिला की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पूरे गांव में मातम मच गया ह। प्रशासन की टीम मौके की ओर रवाना हो गई है।
ऊना के कांगडा कोओपरेटिव बैंक से लॉन के एक मामले को लेकर जिला पुलिस को आरोपी की लम्बे समय से तलाश थी। जहां सर्तकता विभाग को आरोपी अब तक चकमा देते आ रहा था, वहीं सर्तकता विभाग निरीक्षक हरीश गुलेरिया, मु.आरक्षी सुभाष चंद, आरक्षी मनोज कुमार के द्वारा लगाातार छापेमारी व दबदिश देते हुए इस आरोपी दिनेश डेविड़ सेलजा बिहार तह.व जिला ऊना को मुम्बई में गिरफ्तार कर बडी सफलता हासिल की है। आरोपी को मुम्बई की स्थानीय अदालत में पेश कर चार दिन का ट्रांजिट रिमांड लिया गया है। इस व्यक्ति के खिलाफ पजींकृत संख्यां 4/21 7 अप्रैल 2021 से मुक्कदमा दर्ज था। आरोपी को 24 फरवरी को ऊना सत्र न्यायलय में पेश कर पुलिस हिरासत में लिया जायेगा।
Former Chief Minister Prem Kumar Dhumal urged the government to review its decision to disband the Himachal Pradesh Staff Selection Commission (HPSSC). He said that instead of disbanding the HPSSC, the government should have improved its working. He said that his government had set up the commission in 1998 to decentralise and speed up the selection process for class III and IV public services. He added that dissolving this prestigious institution would cause inconvenience to candidates, who would have to travel longer distances.
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू 17 मार्च को बजट पेश करेंगे। हिमाचल के गवर्नर शिव प्रताप शुक्ल द्वारा सुक्खू सरकार को बजट सत्र बुलाने की मंजूरी देकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री सुक्खू का यह पहला बजट होगा। बता दें कि हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा। इसमें कुल 18 सीटिंग होगी। बजट सत्र की शुरुआत 14 मार्च को सुबह 11 बजे विधानसभा के 2 पूर्व सदस्यों के शोकोद्गार से होगी। इसके बाद वित्त वर्ष 2022-23 के सप्लीमेंटरी बजट पास होगा। 14 मार्च को 11:00 बजे इस सत्र की शुरुआत प्रदेश विधानसभा के किन्हीं पूर्व सदस्यों के देहांत की स्थिति में शोकोद्गार से होगी। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 के अनुपूरक बजट की प्रथम और अंतिम किस्त पारित होगी। 15 मार्च को शासकीय और विधायी कार्यों के अलावा सामान्य चर्चा व विनियोग विधेयक का पारण होगा। 16 मार्च को गैर सरकारी सदस्य दिवस होगा। 17 मार्च को वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट अनुमानों को प्रस्तुत किया जाएगा। दो दिन के अवकाश के बाद फिर 20 मार्च को शासकीय और विधायी कार्यों के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट अनुमानों पर चर्चा शुरू होगी। यह चर्चा 23 मार्च तक चलेगी। 27 और 28 मार्च को 2023-24 की मांगों पर चर्चा और मतदान होगा। 29 मार्च को बजट अनुमानों को पारित किया जाएगा। 30 मार्च को अवकाश रहेगा। 31 मार्च और 1 अप्रैल को शासकीय और विधायी कार्य होंगे। 2 अप्रैल को अवकाश होगा। इसके बाद 6 अप्रैल तक विधायी और शासकीय कार्य चलेंगे।
सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में इनकम टैक्स का छापा पड़ा है। बद्दी में यूफ़्लेक्स कंपनी के ठिकानों पर इनकम टैक्स की टीम ने मंगलवार सुबह दबिश दी। इनकम टैक्स की टीम कंपनी के आय व व्यय से जुड़े दस्तावेज़ों को खंगाल रही है। टीम ने अंदर व बाहर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। यह कार्रवाई कंपनी की ओर से टैक्स चोरी के मामले में की गई है। बता दें कि देशभर में कंपनी के ठिकानों पर छापा मारा गया है। आयकर विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, वेस्ट बंगाल, जम्मू कश्मीर,हरियाणा, तमिलनाडु, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 64 जगहों पर यूफ्लेक्स लिमिटेड कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। एसपी बद्दी मोहित चावला ने बताया कि आयकर विभाग की टीम पुलिस प्रशासन की ओर से सेवाएं दी जा रही हैं। कंपनी पैकेजिंग और कंटेनर्स का काम करती है। यह कंपनी पान मसाला के पैकेट बनाती है।
राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को निलंबन के बाद भंग कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में जब तक नई चयन एजेंसी की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन भर्तियों का प्रोसेस शुरू करेगा। मुख्यमंत्री का कहना है की SSC में पिछले तीन साल से पेपर बिक रहे थे। पेपर कुछ लोगों की ही बेचे जा रहे थे। यह धंधा तीन साल से चल रहा था। इस काम में टॉप टू बॉटम तक लोग शामिल थे। इसलिए युवाओं के भविष्य को देखते हुए सरकार ने SSC को भंग किया है। अब SSC ने जो लिखित परीक्षाएं ले ली है, लेकिन अभी रिजल्ट नहीं निकला, उनके पेपर का मूल्यांकन HPPSC करेगा। इसी तरह जिन पेपर के बच्चों को रोल नंबर दे दिए गए थे और जिन परीक्षाओं के डॉक्युमेंट भी चेक होने हैं, यह काम भी HPPSC करेगा।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदली है। मंगलवार को अटल टनल रोहतांग सहित ऊंचाई वाले भागों में बर्फबारी दर्ज की गई है। शिमला में भी बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि से कुछ ही मिनटों में राजधानी की सड़कें ओलों से सफेद हो गईं। उधर, लाहौल घाटी के ऊंचाई वाले भागों ने फिर से बर्फ की चादर ओढ़ ली है। बर्फबारी को प्रशासन ने स्थानीय लोगों व पर्यटकों को हिदायत दी है कि खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें। वहीं, मनाली के अटल टनल के साउथ और नॉर्थ पोर्टल के पास कल शाम से ही रुक-रुककर हिमपात हो रहा है। पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद मनाली में पर्यटक काफी तादाद में आए, लेकिन पिछले तीन दिनों से पर्यटकों की संख्या में काफी कमी दर्ज की गई है।
केंद्रीय दवा नियंत्रक मानक संगठन द्वारा जनवरी माह में देशभर से 1348 दवाओं के सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 67 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। फ़ैल हुए सैंपल में हिमाचल प्रदेश में बनी 16 दवाइयां शमिल है, जो मानकों पर खरी नहीं उतर पाई हैं। ये सैंपल हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी, नालागढ़, ऊना और जिला सिरमौर के कालाअंब से भरे गए थे। इनमें एलर्जी, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, विटामिन, कैल्शियम, बदन में सूजन को खत्म करने वाली, दमा समेत एंटीबायोटिक दवा के सैंपल फेल हुए हैं। वहीं, राज्य दवा नियंत्रक द्वारा सभी कंपनियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उद्योगों को मार्केट से दवाओं का पूरा स्टॉक रिकॉल के आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने कहा है कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गौरतलब है कि सोमवार देर शाम को CDSCO की ओर से जारी ड्रग अलर्ट में हिमाचल के कई उद्योगों ऐसे शामिल रहे, जिनके एक व दो से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। वहीं इसके अलावा कई उद्योग ऐसे हैं, जिनके सैंपल बार-बार फेल पाए जा रहे हैं। अब विभाग उन उद्योगों की सूची भी तैयार कर रहा है।
" ....हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों ने प्रदेश के चारों सांसदों को भी आईना दिखाने का काम किया है। कोई भी सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में अपनी पार्टी को इक्कीस साबित नहीं कर पाया। कांगड़ा, हमीरपुर और शिमला संसदीय क्षेत्र में भाजपा पिछड़ी, तो मंडी में कांग्रेस। अब जाहिर है लोकसभा चुनाव से पहले दोनों ही राजनैतिक दलों के सांसदों पर बेहतर करने का दबाव होगा। हालांकि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में मुद्दे भी अलग होते है और चेहरे भी, फिर भी इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता कि विधानसभा चुनाव के नतीजे हवा बनाने - बिगाड़ने में बड़ा किरदार निभा सकते है। " कांगड़ा वो संसदीय क्षेत्र है जहाँ भाजपा अपनी स्थापना के बाद से ही मजबूत रही है। भाजपा की स्थापना के बाद से हुए दस लोकसभा चुनावों में से यहाँ सात में भाजपा को जीत मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार खुद इस क्षेत्र से चार बार सांसद रहे है। वहीं बीते तीन लोकसभा चुनाव भाजपा लगातार जीत चुकी है। बावजूद इसके, इस बार कांगड़ा में भाजपा की राह आसान नहीं दिखती। दरअसल कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा का ग्राफ लगातार गिरा है, कम से कम हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे तो ये ही बयां करते है। 2019 में सांसद बने किशन कपूर हिमाचल में तो सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीते ही थे, साथ ही पूरे देश में भी सबसे अधिक मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड भी उन्होंने अपने नाम किया था। मोदी लहर में किशन कपूर ने कुल 72.02 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। तब कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में पड़े कुल 10 लाख 6 हजार 989 मतों में से कपूर की झोली में 7 लाख 25 हजार 218 मत आए। शानदार जीत हासिल करके किशन कपूर लोकसभा पहुंचे और इसके बाद धर्मशाला विधानसभा उपचुनाव में भी भाजपा ने जीत दर्ज की। पर 2022 का चुनाव आते -आते भाजपा का जादू फीका पड़ गया और पार्टी इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही जीत पाई, जो जयराम सरकार की विदाई का एक अहम कारण है। इससे पहले वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 13 सीटें भाजपा की झोली में गई थी। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र की जो पांच सीटें भाजपा जीती है उनमे से दो जिला चम्बा की है और तीन जिला कांगड़ा की। सिर्फ डलहौज़ी, चुराह, सुलह, नूरपुर और कांगड़ा सीट पर भाजपा अपनी साख बचाने में कामयाब हुई है। वहीं हारने वाले 12 की लिस्ट में जयराम कैबिनेट के दो मंत्री, राकेश पठानिया और सरवीण चौधरी भी शामिल है। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश महासचिव त्रिलोक कपूर को भी पालमपुर की जनता ने नकार दिया। वहीं सांसद किशन कपूर की परम्परागत सीट धर्मशाला में भी पार्टी को शिकस्त मिली। जाहिर है कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की हार सांसद के रिपोर्ट कार्ड में भी जुड़ेगी। क्या नए चेहरे पर दांव खेलेगी भाजपा ? कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में रिकॉर्ड जीत दर्ज करने वाले सांसद किशन कपूर पर क्या पार्टी 2024 में फिर दांव खेलेगी, इसे लेकर भी कयासबाजी अभी से जारी है। माहिर मान रहे ही कि विधानसभा चुनाव में भाजपा के लचर प्रदर्शन का खामियाजा किशन कपूर को उठाना पड़ सकता है और पार्टी यहाँ किसी नए चेहरे को भी मैदान में उतार सकती है। कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आएं पवन काजल और धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया के नाम भी यहाँ से चर्चा में है। उधर, विधानसभा चुनाव में कांगड़ा संसदीय क्षेत्र की 12 सीटें जीतने वाली कांग्रेस की राह भी उतनी आसान नहीं है, जितना माना जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण तो ये है कि लोकसभा चुनाव प्रदेश नहीं बल्कि देश के मुद्दों पर होगा और देश में कांग्रेस की स्थिति मजबूत नहीं है। दूसरा बड़ा कारण है सुक्खू सरकार पर लग रहे जिला कांगड़ा की उपेक्षा के आरोप। जिला कांगड़ा की दस सीटों पर कांग्रेस की जीत मिली है लेकिन सुक्खू कैबिनेट में अब तक महज एक मंत्री पद मिला है और दो सीपीएस बनाये गए है। वहीँ संसदीय क्षेत्र के लिहाज से बात करें तो भटियात विधायक कुलदीप सिंह पठानिया को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि सुक्खू कैबिनेट में अभी तीन पद रिक्त है और जानकार मान रहे है कि इनमें से दो स्थान जिला कांगड़ा को देकर कांग्रेस क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित करेगी। माहिर मान रहे है कि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी लोकसभा चुनाव में दमदार चेहरा उतारना। पिछले चुनाव में पार्टी ने ओबीसी समुदाय में बड़ी पैठ रखने वाले पवन काजल को उम्मीदवार बनाया था लेकिन काजल रिकॉर्ड अंतर से हारे थे। अब काजल भी भाजपा में चले गए है। कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों में पूर्व सांसद और मंत्री चंद्र कुमार चौधरी और पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा के नाम को लेकर कयास जरूर लग रहे है। वहीँ युवा चेहरों में सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल निसंदेह एक दमदार विकल्प हो सकते है। दमदार विकल्प हो सकते है गोकुल बुटेल सुक्खू सरकार में आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते है। प्रदेश और कांगड़ा की सियासत में बुटेल परिवार के वर्चस्व पर कोई संशय नहीं है। वहीँ गोकुल निजी तौर पर पार्टी आलाकमान की भी पसंद माने जाते है। उन्हें कई राज्यों में पार्टी के प्रचार संभालने का अनुभव भी है जो उनके पक्ष में जा सकता है। प्रदेश में भी गोकुल बुटेल एक ऐसा नाम है जिसे लेकर संभवतः किसी को कोई ऐतराज नहीं होगा। यानी गोकुल के नाम पर कांग्रेस एकजुट होकर मैदान में उतर सकती है।
** प्रतिभा सिंह और सुरेश कश्यप, दोनों है वर्तमान में सांसद हिमाचल में दोनों मुख्य राजनीतिक दलों के अध्यक्षों में एक बात समान है, दोनों ही लोकसभा सांसद भी है। कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह मंडी से सांसद है, तो भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप शिमला से। मौजूदा राजनैतिक परिवेश में इन दोनों में एक समानता और है, वो ये है कि बीते विधानसभा चुनाव में ये दोनों ही अपने -अपने संसदीय क्षेत्रों में अपने दलों को बढ़त नहीं दिला पाएं। ये बेहद दिलचस्प आंकड़ा है कि प्रदेश के सभी सांसदों के क्षेत्रों में उनके दल पिछड़ गए और दोनों राजनैतिक दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी इसमें शामिल है। जाहिर है ऐसे में 2024 की राह इन दोनों ही नेताओं के लिए आसान नहीं होने वाली। पहले बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की करते है। दो बार विधायक रह चुके कश्यप वर्तमान में शिमला से सांसद है और करीब पौने तीन साल से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी। पर विधानसभा चुनाव में जिन सुरेश कश्यप के कन्धों पर पार्टी के मिशन रिपीट का बोझथा वो अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में फीके रहे। शिमला संसदीय क्षेत्र की 17 सीटों में से भाजपा को महज तीन पर जीत नसीब हुई। संसदीय क्षेत्रवार देखे तो शिमला में भाजपा सबसे ज्यादा कमजोर रही। ऐसे में 2024 में क्या भाजपा लगातार चौथी बार इस संसदीय सीट पर जीत दर्ज करेगी, ये बड़ा सवाल है। वैसे माहिर मान रहे है कि इससे भी बड़ा सवाल ये है कि क्या भाजपा फिर सुरेश कश्यप पर दांव खेलेगी ? संभवतः पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में सुरेश कश्यप की जगह अन्य विकल्पों पर भी विचार करें। अब बात प्रतिभा सिंह की करते है। विधानसभा चुनाव में मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली 17 में से सिर्फ पांच सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। ये एकमात्र ऐसा संसदीय हलका है जहाँ कांग्रेस पिछड़ी। ऐसे में जाहिर है प्रतिभा सिंह के जादू पर भी सवाल उठे है। बावजूद इसके इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि प्रतिभा सिंह ही हिमाचल कांग्रेस का वो एकमात्र चेहरा है जो मोदी दौर में भी लोकसभा पहुंचने में कामयाब रही है। माहिर मान रहे है कि प्रतिभा सिंह की स्थिति अब भी ठीक ठाक है। 2024 में उनकी राह कितनी आसान होती है और कितनी कठिन, ये दरअसल दो बातों पर निर्भर करेगा। पहला, क्या मोदी लहर का कितना असर होता है और दूसरा उनके सामने चेहरा कौन होता है। सुक्खू राज में छाया शिमला संसदीय क्षेत्र शिमला संसदीय क्षेत्र को सुक्खू सरकार में दिल खोलकर मिला है। शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के 13 विधायक है और इनमें से पांच को मंत्री पद मिला है। इसके अलावा तीन विधायकों को सीपीएस बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का भी शिमला में ख़ासा प्रभाव है और कार्यकारी अध्यक्ष विनय कुमार भी इसी क्षेत्र से आते है। जाहिर है ऐसे में भाजपा को यहाँ खूब जोर लगाना होगा। जिला मंडी में जयराम फैक्टर असरदार मंडी संसदीय क्षेत्र की अगर बात करें तो इसमें जिला मंडी के 9 विधानसभा क्षेत्र आते है और इन सभी पर विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली है। इस जीत का सबसे बड़ा कारण है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर। माहिर मानते है कि अगर जयराम ठाकुर खुद मंडी से मैदान में उतारते है तो इसका बड़ा लाभ भाजपा को हो सकता है।
विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट भी इस वर्ष 27 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर टिहरी में नरेंद्रनगर के राजमहल में धाम के कपाट खुलने की तिथि तय की गई। समारोह में पंचांग गणना के बाद विधि विधान के साथ कपाट खुलने की तिथि तय की गई। वहीं, गाडू घड़ा की तेल कलश यात्रा 12 अप्रैल को निकाली जाएगी। इस अवसर पर टिहरी राजपरिवार सहित बदरी-केदार मंदिर समिति, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
महाशिवरात्रि पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय कर दी गई है। 25 अप्रैल को प्रातः 6 बजकर 20 मिनट पर बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 9:30 बजे पंचांग गणना के आधार पर केदारनाथ के कपाट खुलने का दिन तय कर उसे घोषित किया गया। इससे पहले ओंकारेश्वर मंदिर में सुबह चार बजे से महाभिषेक पूजा शुरू हो हुई। मंदिर के पुजारी शिव शंकर लिंग, बागेश लिंग, गंगाधर लिंग और शिव लिंग द्वारा गर्भगृह में धार्मिक परंपराओं के तहत सभी पूजा-अर्चना की गई। सुबह 8:30 बजे भगवान केदारनाथ की आरती की गई और भोग लगाया गया। इसके बाद सुबह नौ बजे से पंचकेदार गद्दीस्थल में मंदिर समिति के आचार्यों की पंचांग गणना के लिए बैठे।
नगर निगम शिमला के चुनाव जल्द करवाए जा सकते है। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग ने तैयारी तेज कर दी है। चुनाव के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चार मार्च को जारी कर दी जाएगी और बीते दिनों राज्य चुनाव आयोग की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में बीते सोमवार को इस मामले पर सुनवाई होनी थी। पर सुनवाई से पहले राज्य चुनाव आयोग की ओर से केस वापस लेने की अर्जी कोर्ट में दायर कर दी गई थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। शिमला नगर निगम का कार्यकाल 18 जून, 2022 को समाप्त हो चुका है। वार्डों के पुनर्सीमांकन के विरोध में एक पूर्व पार्षद व निवर्तमान पार्षद ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें जिला प्रशासन को दोबारा इस मामले में सुनवाई करने के निर्देश दिए थे। दूसरी बार भी जब प्रशासन के निर्देश याचिकाकर्ताओं ने नहीं माने तो राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। अब राज्य चुनाव आयोग की ओर से केस वापस लेने के बाद नगर निगम चुनाव का रास्ता प्रशस्त हो चुका है। बता दें कि पूर्व सरकार ने शिमला नगर निगम में वार्डों की संख्या बढाकर 41 कर दी थी। पर वर्तमान सरकार ने अध्यादेश लाकर ने फिर से वार्डों की संख्या को 34 कर दिया है। 28 फरवरी तक होगा मतदाताओं का सत्यापन : पोलिंग स्टेशन मैपिंग का पूरा काम 22 फरवरी तक कर लिया जाएगा। 28 फरवरी तक मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। जो वोटर कहीं शिफ्ट हुए हैं या किसी अन्य कारण से शामिल नहीं हो सके हैं, इसके मिलान के लिए ही ईआरएमएस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगम चुनाव के लिए वे लोग ही वोटर बन सकेंगे, जो मतदाता शिमला शहरी, कसुम्पटी या शिमला ग्रामीण के वोटर होंगे। इनके अलावा अन्य सभी के नाम वोटर के सॉफ्टवेयर में ही कट जाएंगे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से ड्राफ्ट वोटर को चार मार्च को जारी किया जाएगा। इसके बाद लोग अपना वोट बनाने के दावे और वोटर लिस्ट में शामिल गलत वोटों को कटवाने का दावा कर सकेंगे। जारी सिस्टम में ईआरओ की अनुमति के बगैर किसी का नाम नहीं काटा जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश में जब भी कर्ज की बात होती है तो शांता सरकार का जिक्र जरूर होता है। बेशक बतौर मुख्यमंत्री शांता कुमार अपनी दोनों पारियां पूरी न कर सके हो लेकिन उनके कई निर्णय काबिल -ए -तारीफ़ रहे है। ख़ास बात ये है कि शांता कुमार ने दोनों दफे जब सीएम पद छोड़ा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर थी। क्या था शांता कुमार का इकोनॉमी विज़न और सुक्खू सरकार को उनकी क्या नसीहत है, इसे लेकर फर्स्ट वर्डिक्ट ने शांता कुमार से बात की। शांता कुमार बताते है कि आपातकाल के दौरान 19 महीने तक जेल में रहने के बाद जब 1977 में वे पहली बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो प्रदेश पर लभग 50 करोड़ का ओवर ड्राफ्ट था, मगर जब तक शांता ने कुर्सी छोड़ी तो प्रदेश कर्ज मुक्त हो चुका था। शांता कहते है कि प्रदेश को कर्ज मुक्त करने की शुरुआत उन्होंने खुद से की। फिजूल खर्च कम किये, अपने दफ्तर में टेबल पर रखे चार फोन में से दो फोन कटवा दिए। प्रदेश भर के दफ्तरों में अधिकारियों के अनावश्यक टेलीफोन कटवाए। मुख्यमंत्री के साथ चलने वाला गाड़ियों का काफिला बंद कर करवा दिया। अफसरों को आदेश दिए गए कि मुख्यमंत्री की अगवानी करने के लिए दूसरे जिलों में डीसी और एसपी नहीं आएंगे। शनिवार और रविवार को अफसरों की ओर से सरकारी गाड़ियों का प्रयोग बंद करवाया गया। ये छोटे -छोटे खर्च कम करके बतौर मुख्यमंत्री पहले ही साल उन्होंने 40 करोड़ बचाए। ये समय ये बड़ी राशी थी। ये पैसा बचा कर पीने के पानी पर लगाया गया। हर घर नल पहुंचाए गए। शांता कुमार कहते है कि 1992 में जब वे सीएम पद से हटे तब हिमाचल सरकार पर एक रुपये भी कर्ज नहीं था। हिमाचल में साधन बढ़ाने के लिए पन बिजली योजना को निजी भागीदारी में लाया गया। सभी योजनाओं में सरकार को 12 प्रतिशत रॉयल्टी दिलाई गई। कभी विरोधी उनकी इस सोच पर हंसते थे लेकिन अब हर साल इससे सरकार को हजारों करोड़ रुपये की आय होती है। सुक्खू सरकार को नसीहत : शांता कुमार कहते है कि हवा में उड़ने से ज्यादा अगर सड़कों पर चला जाए तो प्रदेश पर कर्ज कम हो सकता है। शांता का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री सरकार को अपना घर समझ कर चलाएंगे तो बचत होगी ही।
** बढ़ते कर्ज की बाधा को खुलकर स्वीकार कर रही सुक्खू सरकार ** कर्ज का कारण, आमदनी कम और खर्च ज्यादा हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर कांग्रेस के काबिज होने के बाद से ही प्रदेश पर बढ़ते कर्ज का मसला चर्चा में बना हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुलकर बढ़ते कर्ज पर बोल भी रहे है, इसे प्रदेश के विकास में रोड़ा भी मान रहे है और कड़े फैसले लेने की बात भी दोहरा रहे है। कर्ज के मसले पर सियासत भी खूब हो रही है। सीएम सुक्खू पूर्व की जयराम सरकार द्वारा विरासत में छोड़ा गया 75 हज़ार करोड़ का कर्ज भी बार-बार गिना रहे है और करीब 11 हज़ार करोड़ की देनदारियां भी। उधर, भाजपा भी कर्ज के बावजूद 6 सीपीएस की तैनाती सहित कई खर्चों पर सुक्खू सरकार को घेर रही है। बहरहाल राजनीति अपनी जगह है पर बढ़ता कर्ज हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी चिंता है, इसमें कोई दो राय नहीं है। अच्छी बात ये है कि सरकार खुलकर इसे स्वीकार भी कर रही है और आम आदमी को इससे लगातार अवगत भी करवा रही है। सीएम सुक्खू के बयानों पर निगाह डाले तो सरकार की मंशा साफ है, सरकार कर्ज की बैसाखियों पर आगे नहीं बढ़ाना चाहती। पर ये होगा कैसे, ये फिलवक्त स्पष्ट नहीं है। कड़े फैसलों से सीएम का क्या तात्पर्य है, ये भी स्पष्ट नहीं है। बहरहाल, निगाहें आगामी बजट पर टिकी है और संभवतः सुक्खू सरकार का पहला बजट सरकार की नीति और नियत, दोनों को पूरी तरह स्पष्ट कर देगा। 14 मार्च से हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है और इस बजट में कर्ज घटाने को लेकर सरकार की दूरदर्शी सोच क्या है, इस पर सबकी निगाह रहेगी। साधारण अर्थशास्त्र के लिहाज से बात करें तो कर्ज लेने की नौबत तब आती है जब आय से अधिक खर्च होता है। हिमाचल प्रदेश की स्थिति भी ऐसी ही है, आमदनी कम है और खर्चा ज्यादा। लिहाजा सरकार के पास एक ही चारा बचता है और वो है कर्ज लेना। बीते करीब दो दशक में हिमाचल प्रदेश पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ा है। 2007 तक प्रदेश पर करीब 20 हज़ार करोड़ का कर्जा था जो 2012 तक करीब 27500 करोड़ जा पंहुचा। 2017 के अंत तक प्रदेश पर करीब 46000 करोड़ का कर्ज था। वहीँ सीएम सुक्खू का कहना है कि जयराम सरकार ने प्रदेश पर करीब 75 हज़ार करोड़ का कर्ज छोड़ा है। निसंदेह ये बढ़ता कर्ज प्रदेश के लिए बड़ी चिंता है। अब सुक्खू सरकार के पास दो उपाय दिखाई देते है, एक गैर जरूरी खर्च कम करें और दूसरा आय बढ़ाई जाएं। आगामी बजट में इन दोनों पर सरकार कितना गौर करती है, ये देखना रोचक होगा। माना जा रहा है कि सरकार आम आदमी पर बोझ बढ़ाने के साथ -साथ कई सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में आगे बढ़ सकती है। संभवतः नेताओं को मिलने वाली सुविधाओं पर भी कुछ कैंची चलाई जा सकती है ताकि आम आदमी पर यदि बोझ बढ़े तो मुखालफत की स्थिति न आएं। वहीँ माना जा रहा है कि पन बिजली योजनाओं से आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन पर सरकार का मुख्य फोकस होगा। फिर कर्ज ले रही है सरकार : सुक्खू सरकार प्रदेश में आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की बातें तो कह रही है मगर कर्ज लेने का सिलसिला भी बदस्तूर बरकरार है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की नई कांग्रेस सरकार 2,000 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए दो अधिसूचनाएं भी जारी की गई है। 700 करोड़ रुपये का कर्ज 9 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा और 1,300 करोड़ रुपये का दूसरा कर्ज 15 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश सरकार इससे पहले 1,500 करोड़ रुपये का ऋण ले चुकी है। कर्ज लेने का कारण हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल करना बताया गया है। शांता ने बताया, कैसे कर्ज मुक्त हुआ था हिमाचल हिमाचल प्रदेश में जब भी कर्ज की बात होती है तो शांता सरकार का जिक्र जरूर होता है। बेशक बतौर मुख्यमंत्री शांता कुमार अपनी दोनों पारियां पूरी न कर सके हो लेकिन उनके कई निर्णय काबिल -ए -तारीफ़ रहे है। ख़ास बात ये है कि शांता कुमार ने दोनों दफे जब सीएम पद छोड़ा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर थी। क्या था शांता कुमार का इकोनॉमी विज़न और सुक्खू सरकार को उनकी क्या नसीहत है, इसे लेकर फर्स्ट वर्डिक्ट ने शांता कुमार से बात की। शांता कुमार बताते है कि आपातकाल के दौरान 19 महीने तक जेल में रहने के बाद जब 1977 में वे पहली बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो प्रदेश पर लभग 50 करोड़ का ओवर ड्राफ्ट था, मगर जब तक शांता ने कुर्सी छोड़ी तो प्रदेश कर्ज मुक्त हो चुका था। शांता कहते है कि प्रदेश को कर्ज मुक्त करने की शुरुआत उन्होंने खुद से की। फिजूल खर्च कम किये, अपने दफ्तर में टेबल पर रखे चार फोन में से दो फोन कटवा दिए। प्रदेश भर के दफ्तरों में अधिकारियों के अनावश्यक टेलीफोन कटवाए। मुख्यमंत्री के साथ चलने वाला गाड़ियों का काफिला बंद कर करवा दिया। अफसरों को आदेश दिए गए कि मुख्यमंत्री की अगवानी करने के लिए दूसरे जिलों में डीसी और एसपी नहीं आएंगे। शनिवार और रविवार को अफसरों की ओर से सरकारी गाड़ियों का प्रयोग बंद करवाया गया। ये छोटे -छोटे खर्च कम करके बतौर मुख्यमंत्री पहले ही साल उन्होंने 40 करोड़ बचाए। ये समय ये बड़ी राशी थी। ये पैसा बचा कर पीने के पानी पर लगाया गया। हर घर नल पहुंचाए गए। शांता कुमार कहते है कि 1992 में जब वे सीएम पद से हटे तब हिमाचल सरकार पर एक रुपये भी कर्ज नहीं था। हिमाचल में साधन बढ़ाने के लिए पन बिजली योजना को निजी भागीदारी में लाया गया। सभी योजनाओं में सरकार को 12 प्रतिशत रॉयल्टी दिलाई गई। कभी विरोधी उनकी इस सोच पर हंसते थे लेकिन अब हर साल इससे सरकार को हजारों करोड़ रुपये की आय होती है। सुक्खू सरकार को नसीहत : शांता कुमार कहते है कि हवा में उड़ने से ज्यादा अगर सड़कों पर चला जाए तो प्रदेश पर कर्ज कम हो सकता है। शांता का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री सरकार को अपना घर समझ कर चलाएंगे तो बचत होगी ही।
** दो आह से अधिक समय बीता, नहीं सुलझा विवाद हिमाचल प्रदेश में अदाणी समूह के सीमेंट प्लांट को बंद हुए दो महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है लेकिन अब तक इस विवाद का समाधान नहीं निकला है। कई बैठकें, कई चर्चाएं अब तक हो चुकी है, मगर सब बेनतीजा रही। हिमाचल प्रदेश सरकार की तरफ से उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने की कोशिश कर चुके है, मगर अब तक गतिरोध थम नहीं पाया है। खुद सीएम सुक्खू लगातार अपडेट ले रहे है। यानी प्रयास तो खूब हुए है लेकिन नतीजा सिफर रहा है। सीमेंट प्लांट विवाद को लेकर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि अदाणी समूह अड़ियल रवैया अपनाए हुए है, तो वहीं अदाणी समूह का भी ट्रक ऑपरेटर्स के लिए कुछ ऐसा ही कहना है। इस विवाद के चलते प्रदेश के सैकड़ों ट्रक ऑपरेटरों की आमदनी बंद हो गई है। इस सीमेंट प्लांट से करीब एक लाख लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा बरमाणा का कहना है कि वर्तमान में ऑपरेटरों पर सरकारी बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों का 98 करोड़ रुपये का कर्ज है। हालात यह हैं कि ऑपरेटर जिन पेट्रोल पंपों से गाड़ियों में डीजल भरवाते थे, उनकी भी पांच करोड़ की देनदारी है। प्लांट बंद होने के बाद उम्मीद थी कि जल्द सरकार इसका समाधान करेगी, लेकिन दो माह बाद भी मुद्दे को सुलझाया नहीं गया। सरकार की मध्यस्थता के बाद भी अदाणी समूह अपनी शर्तों पर अड़ा है। सीमेंट प्लांट विवाद की वजह से न केवल ट्रक ऑपरेटर यूनियन को नुकसान हो रहा है, बल्कि अदाणी समूह और हिमाचल प्रदेश सरकार भी नुकसान झेल रही है। सीमेंट प्लांट बंद होने की वजह से हिमाचल प्रदेश सरकार को रोजाना दो करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। जाहिर है प्रोडक्शन बंद होने से अडानी समूह को भी आर्थिक घाटा तो हो ही रहा है। अदाणी समूह का इन प्लांटों में अरबों का निवेश है। बहरहाल सवाल ये ही है कि जब सबको नुक्सान है तो समाधान क्यों नहीं हो पा रहा। ये है मामला : अदाणी समूह ने बीते 14 दिसंबर, 2022 को सीमेंट ढुलाई दरें अधिक होने का तर्क देकर एसीसी बरमाणा व अंबुजा प्लांट दाड़लाघाट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था। अब तक दोनों पक्षों के बीच कई दौर की वार्ता निष्फल रही है। यहाँ अटका है पेंच : अदाणी समूह की ओर से माल ढुलाई दरों को साढ़े आठ रुपये से 10 रुपये प्रति किलोमीटर तक रखा जाने का प्रस्ताव है, जिसे मानने पर ट्रक आपरेटर तैयार नहीं है। अंबुजा सीमेंट दाड़लाघाट से जुड़े आपरेटरों का कहना है कि वह 10.71 रुपये प्रति किलोमीटर से कम दर पर ढुलाई नहीं करेंगे। वहीँ एसीसी प्लांट से जुड़े आपरेटरों ने 12.04 रुपये किराये की मांग रखी है। ऐसे में सहमति नहीं बन पा रही है। नोटिस थमा सकती है सरकार : जानकार मानते है कि नतीजा न निकलने पर हिमाचल प्रदेश सरकार कंपनी को कारपोरेट कानून के तहत नोटिस थमा सकती है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में सरकार ने कानूनी राय ली है।
कर्ज को लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष आमने-सामने है। विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर है, जिसको लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भाजपा नेताओं को सब्र रखने की राय दी है। इस को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा की शांता कुमार सुलझे हुए नेता है ऐसे में भाजपा को उनकी सलाह जरूर माननी चाहिए और जहां तक बात विकास की है तो खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद प्रदेश के विकास को रुकने नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल में सीमेंट फैक्ट्री विवाद को लेकर अडानी ग्रुप व ट्रक ऑपरेटरों के बीच बैठकों का दौर जारी हैं। शुक्रवार को भी DC बिलासपुर की अध्यक्षता में हुई अडानी ग्रुप व ट्रक ऑपरेटरों की बैठक बेनतीजा रही है। ACC फैक्ट्ररी विवाद को लेकर बचत भवन में करीब 3 घंटे तक बैठक चली। जानकारी के अनुसार ट्रक ऑपरेटर भाड़े की मांग को लेकर अड़े हैं। अडानी ग्रुप की बड़ी गाड़ियों के लिए 9 रुपए 30 पैसे और छोटी गाड़ियों का 10 रुपए 20 पैसे रेट देने की बात कही हैं। वहीं ट्रक ऑपरेटर 10 रुपए 71 पैसे का रेट मांग रहे है।
बद्दी के झाड़माजरी में एक निजी कंपनी के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर करीब 60 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर ने कंपनी के नाम पर बैंक में खाता खोल लिया। इसके बाद प्रॉपर्टी सेल के नाम पर लाखों रुपए खाते में जमा करा लिए, जिसकी जानकारी तब लगी, जब उनके खाते में 5-5 लाख के 2 चेक आए। बताया जा रहा है कि इस खाते में 50 से 60 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है। DSP बद्दी प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस छानबीन कर रही है। जानकारी के मुताबिक कंपनी संचालक ने अपने स्तर पर इसकी जांच कराई तो पता चला कि उनकी कंपनी के नाम पर एक फर्जी कंपनी खोली गई है, जो गूगल पर शो हो रही है। फर्जी कंपनी ने बैंक में खाता भी खोला है। इसके बाद कंपनी संचालकों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने फर्जी कंपनी के खाते को बंद करवा दिया है। बताया जा रहा है कि इस खाते में 50 से 60 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को आपस में जोड़ने के लिए शिंकुला दर्रे पर दुनिया की सबसे ऊंची टनल बनेगी। यह टनल समुद्रतल से 16580 फीट की ऊंचाई पर बनाई जाएगी। सड़क सीमा संगठन (BRO) इस टनल का निर्माण करेगा। वहीं इस टनल के लिए केंद्र सरकार ने 1,681.5 करोड बजट प्रावधान किया गया है। 4.1 किलोमीटर शिंकुला टनल का निर्माण जुलाई में शुरू हो जाएगा। लद्दाख के सांसद जमयांग छेरिंग नमज्ञाल ने बताया कि लाहौल के दारचा से लद्दाख के पदुम निमु तक टनल बनेगी और 2025 में बनकर तैयार हो जाएगी। टनल बनने से जांस्कर के अधिकतर क्षेत्र कारज्ञा, पुरने, पदुम, जंगला, कारश, मुने जैसे पर्यटन स्थल देश विदेश के पर्यटकों को निहारने को मिलेंगे।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक वीरवार को राज्य सचिवालय के शिखर सम्मेलन हॉल शिमला में हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की प्रदेश की नई सरकार की यह दूसरी कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में विधानसभा के बजट सत्र की तिथियों पर निर्णय लिया गया। विधानसभा का बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष स्थापित करने को भी कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। 101 करोड़ रुपये से कोष स्थापित होगा। सभी कांग्रेस विधायकों ने अपना पहला वेतन कोष में दान किया। कोष के माध्यम से अनाथ और बेसहारा बच्चों की मदद की जाएगी। इस योजना के तहत 3 करोड़ रुपए की राशि जमा हो गई है। इस योजना के तहत सभी विधायकों ने एक-एक लाख रुपए जमा किए है। प्रदेशवासी भी इस कोष में दान कर रहे हैं। इससे बेसहारा बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं की मदद की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखाश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ, विशेष रूप से सक्षम, निराश्रित महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को लाया गया है, जिसमें उन्हें हर संभव सहायता का प्रावधान किया गया है। योजना में प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों को अपने बच्चों (चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट) के रूप में अपनाया है। सीएम ने कहा कि आज की कैबिनेट में बेसहारा बच्चों व बुजुर्गों के रहने के लिए सुंदरनगर और ज्वालाजी में आवास बनाने को 80-80 करोड़ रुपए की मंजूरी प्रदान की गई। इससे दोनों जगह आधुनिक सुविधाओं से लेस कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आवासीय भवन में अटैच शौचालय वाले कमरे, मनोरंजन व गतिविधि कक्ष, कॉमन रूम, म्यूजिक रूम, स्मार्ट क्लास रूम, कोचिंग रूम, इनडोर व आउटडोर खेल सुविधाओं सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन संस्थानों के आवासियों को विवाह के लिए दो लाख रुपए प्रदान किया जाएंगे। इसके अतिरिक्त इन संस्थानों में रहने वाले प्रत्येक बच्चे, निराश्रित महिलाओं का आवर्ती जमा खाता खोला जाएगा, जिसमें सरकार द्वारा 0-14 वर्ष की आयु के बच्चों को एक हजार रुपए प्रति बच्चा प्रति माह, 15-18 वर्ष आयु के बच्चों व एकल महिलाओं को 2500 रुपए प्रति माह की सहायता राशि दी जाएगी।
बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए हिमाचल सरकार की ओर से हर विधानसभा क्षेत्रों में 1-1 राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे है। वहीं सोलन जिले में ऐसे 5 स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा सोलन जिला के 5 विधानसभा क्षेत्रों में राजीव गांधी माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने के लिए सोलन, अर्की, कसौली, दून व नालागढ़ विधानसभा क्षेत्रों में भूमि चयनित की जा चुकी है।सोलन में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण सोलन विधानसभा क्षेत्र के गलानग, अर्की विधानसभा क्षेत्र के जलाना, नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के नंगल, दून विधानसभा क्षेत्र के बद्दी की ग्राम पंचायत हरिपुर संडोली के कल्याणपुर और कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणू स्थित टकसाल में होना प्रस्तावित है। राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण लगभग 50-50 बीघा भूमि पर होना प्रस्तावित है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्ता-पूर्ण शिक्षा प्रदान करवाने के लिए मॉडर्न तकनीक और उपकरणों की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं नोडल अधिकारी व डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन डॉ. जगदीश चंद नेगी ने कहा कि जिला में स्थापित किए जा रहे माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल में विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास व शारीरिक विकास भी सुनिश्चित किया जाएगा। राजीव गांधी माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल में खेल मैदान और आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला सोलन को शिक्षा का हब माना जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किए जा रहे राजीव गांधी माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल से ज़िला सोलन के शिक्षा क्षेत्र का और अधिक सुदृढ़ीकरण होगा और ज़िले के बच्चों का सर्वागीण विकास सुनिश्चित होगा।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दाड़लाघाट-बरमाणा ट्रक यूनियन ऑपरेटरों से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर हमारे परिवार के सदस्य हैं। सीमेंट फैक्ट्री बंद होने से हिमाचल प्रदेश और ट्रक ऑपरेटर को बड़ा घाटा हुआ है जोकि गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम सुक्खू एवं उनके कैबिनेट मंत्री से बात की है, जल्द इस समस्या को समाप्त करने के लिए समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से स्थिति हिमाचल प्रदेश में उत्पन्न हुई है इससे हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है और जितनी जल्दी यह समस्या समाप्त होगी उतनी जल्दी ट्रक ऑपरेटरों को रोजगार वापिस मिलेगा। इस दौरान बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, नैना देवी के विधायक रणधीर शर्मा, मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी उपस्थित रहे।
About 65 students of Govt Sr. Sec School Chanawag, Shimla visited JUIT on 14th Feb 2023. They visited various departments including Computer Science Engineering, Information Technology, Biotechnology and Bioinformatics, Civil Engineering, Electronics and Communication Engineering, Department of Mathematics, Department of Physics and Materials Science, Department of Humanities and Social Sciences, etc. They interacted with the faculties and Lab staff and learned about various tests done in these labs. The Head of the Civil Engineering Department, Dr. Ashish Kumar encouraged having similar frequent visits in the near future so that students must develop an interest in science, engineering, and technology. This visit was coordinated by Dr. Saurav from the Civil Engineering department while other faculty members from various other departments helped in the overall organization of this important visit to the students.
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शिमला में हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। इस अवसर पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को टोपी शॉल पहनाकर सम्मानित किया और उनका हिमाचल आगमन पर स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप भी उनके साथ उपस्थित रहे। सभी नेताओं की हिमाचल को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई और हिमाचल की प्रगति को लेकर किस प्रकार से आगे बढ़ना है उसको लेकर भी कई विषयों पर चर्चा की गई।
आईस हॉकी एसोसिएशन ऑफ लाहौल-स्पीति के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज शिमला में राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व मंत्री को एसोसिएशन की गतिविधियों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की आईस हॉकी टीम ने आईस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा लेह-लद्दाख में आयोजित नेशनल आईस हॉकी चैंपियनशिप-2023 में अंडर-18 व्बॉयज व वरिष्ठ महिला वर्ग में कांस्य पदक जीते हैं। राजस्व मंत्री ने एसोसिएशन को बधाई देते हुए दोनों टीमों को अपनी ऐच्छिक निधि से एक-एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा इससे जुड़े आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा नवोदित खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि वे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ कर देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नेक निर्माण विभाग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए भू-अधिग्रहण के मुआवज़े से संबंधित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के लिए संबंधित जिला प्रशासनों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुआवज़ा राशि प्रदान करने में अनावश्यक देरी से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन सड़कों का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करें और सुरंगों तथा पुलों के निर्माण पर विशेष ध्यान केन्द्रित करें। सीएम ने सुचारू यातायात संचालन के लिए इन मार्गों में तंग गलियारों व मोड़ों में सुधार के भी निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरण को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने तथा निविदा प्रक्रिया की समय सीमा घटाने के भी निर्देश दिए ताकि परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि सड़कें हिमाचल प्रदेश के लोगों की जीवन रेखाएं हैं क्योंकि यहां रेल तथा हवाई संपर्क सीमित स्तर पर ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रियों को विश्व स्तरीय सड़क ढांचा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है और इससे राज्य में आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने शिमला-मटौर, कीरतपुर-नेरचौक और मण्डी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन मार्गों में स्तरोन्नत करने के कार्य को गति प्रदान करने के भी निर्देश दिए। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ऊना जिला में बिढ़ू से लठियाणी को जोड़ने के लिए गोविंद सागर झील पर 900 करोड़ रुपये अनुमानित लागत से एक पुल का निर्माण किया जाएगा जिसके लिए उन्होंने 25 फरवरी, 2023 तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालागढ़ से स्वारघाट फोरलेन के विस्तारीकरण पर 600 करोड़ रुपये, कालाअम्ब-पावंटा साहिब-देहरादून फोरलेन के विस्तारीकरण पर 1200 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय राजमार्ग-503 अम्ब से ऊना और पंजाब सीमा से नादौन तक राष्ट्रीय राजमार्ग-03 के फोरलेन विस्तारीकरण पर 1500 करोड़ रुपये तथा ऊना बाईपास के निर्माण पर अनुमानित 500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 4700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रदेश में शीघ्र ही 178 किलोमीटर लंबी फोरलेनिंग परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर केलिए राजभवन में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर अनघा आर्लेकर भी उपस्थित थीं। इस अवसर पर, राज्यपाल ने प्रदेशवासियों के अपार स्नेह के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश में अपने कार्यकाल की मधुर स्मृतियां संजोकर ले जा रहे हैं और यहां उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों में अपनेपन की भावना है और वे प्यार बांटने में विश्वास रखते हैं। प्रदेशवासियों के आतिथ्य सत्कार को वह कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ प्रेम व अपनत्व की भूमि भी है और वे यहां की समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति, रीति रिवाजों की अमूल्य निधि अपने साथ ले जा रहे हैं। प्रदेश हित में किए गए प्रयासों में उन्हें सभी वर्गों का सहयोग प्राप्त हुआ और टीम वर्क की भावना ने उन्हें सदैव प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव बिहार के राज्यपाल के तौर पर उनकी नई जिम्मेदारी के निर्वहन में सहायक होगा। आर्लेकर ने कहा कि वह एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं और यहां आकर जो कुछ नया सीखने को मिला, सीखा और जो सम्मान उन्हें प्राप्त हुआ, वह अतुलनीय है। इस अवसर पर, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने राज्यपाल एवं लेडी गवर्नर को सम्मानित किया और राज्य में उनके द्वारा शुरू की गई विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं की स्मृतियों को साझा करते हुए उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रदेश में विद्युत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा ताकि निर्धारित समय अवधि में इन परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। प्रदेश में देश के सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख उपक्रम सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड पांच सोलर पॉवर परियोजनाएं स्थापित करने जा रहा है। ऊना जिला के थपलान में 112.5 मेगावाट क्षमता, भंजाल और कध में 20 मेगावाट, कांगड़ा जिला के फतेहपुर में 20 मेगावाट, सिरमौर जिला के कोलर में 30 मेगावाटऔर कांगड़ा जिला के राजगीर में 12.5 मेगावाट क्षमता की सौर पॉवर परियोजनाएं पूर्वनिर्माण चरण में हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए सरकार निष्पादन एजेंसी को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। कंपनी को सुविधा प्रदान करने के लिए फ्री-होल्ड निजी भूमि की खरीद के लिए नीति में संशोधन के लिए आवश्यक कदम भी उठाएगी। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में सौर ऊर्जा उत्पादन के नवोन्मेषी प्रयासों से बढ़ावा दे रही है। प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करवाने के साथ कार्बन उत्सर्जन को भी कम करने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा में विजिलेंस ने नायब तहसीलदार को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार ने भूमि की म्यूटेशन के बदले यह रिश्वत मांगी थी। जानकारी के अनुसार विजिलेंस में भगत सिंह पुत्र स्व कन्हैया राम निवासी गांव काहलो उपतहसील पुखरी जिला चंबा ने शिकायत की कि उसके भूमि के कार्य को करने में नायब तहसीलदार पुखरी आनाकानी कर रहा है। इसके बदले रिश्वत मांग रहा है। इस पर विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर नायब तहसीलदार को पकड़ने के लिए योजना बनाई। योजना के अनुरूप शिकायतकर्ता अपने काम के बदले उक्त अधिकारी को रिश्वत देने के लिए उसके कार्यालय गया। जहां अधिकारी ने पैसे लेने से मना करते हुए, उसे कार्यालय से बाहर पैसे देने को कहा। कार्यालय से छुट्टी करके जब नायब तहसीलदार करीब 50 मीटर दूरी पर पुखरी-माणी रोड पर पहुंचा तो उसने शिकायतकर्ता को बुलाकर उससे रिश्वत ली। विजिलेंस ने अपनी योजना के अनुसार आरोपी को रिश्वत के पैसे लेते रंगे हाथों धर लिया। यह पूरी कार्रवाई विजिलेंस के एएसपी चंबा अभिमन्यु वर्मा की अगुवाई में की गई। विजिलेंस ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत के पैसे भी बरामद किए और आगामी तफ्तीश शुरू कर दी है।
प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में बिजली बोर्ड का कार्यालय बिना एसडीओ के चल रहा है। बीते पांच माह से बिजली बोर्ड के कार्यालय में एसडीओ का पद खाली पड़ा है। विदित रहे कि है कि यहां पर तैनात एसडीओ का अक्तूबर माह में तबादला हो गया था और उसके तुरंत बाद आचार संहिता लग गई थी। दो माह आचार सहिंता में निकल गए और लोगों को उम्मीद थी कि चुनाव खत्म होने के बाद यहाँ पर एसडीओ को तैनात किया जायेगा, लेकिन करीबन पांच माह से अधिक का समय बीत चुका है और स्थानीय लोगों की आस बरकरार है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश में नई सरकार के सत्ता में काबिज़ हुए भी ढाई महीने का समय बीत गया है लेकिन बद्दी स्थित बिजली बोर्ड के कार्यालय में अभी तक एसडीओ की तैनाती नहीं हुई, जो बिजली बोर्ड की लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें हर छोटे-बड़े काम करवाने के लिए अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे बरोटीवाला के एसडीओ के पास 6 किमी दूर जाना पड़ता है। इस कारण कई बार बिना काम करवाए निराश भी लौटना पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बद्दी स्थित बिजली बोर्ड कार्यालय अब सिर्फ दिखावे का दफ्तर बनकर रह गया है। उन्होंने बोर्ड व सरकार से मांग की है कि जल्द यहाँ एसडीओ तैनाती कर समस्या से निजात दिलवाई जाए। काम निर्बाध जारी, जल्द एसडीओ को करेंगे तैनात: पंकज डडवाल बद्दी में एसडीओ का पद खाली है। पदोन्नति के बाद एसडीओ को जल्द तैनात किया जायेगा। फिलहाल कार्य में कोई रुकावट न आये इसके लिए एसडीओ बरोटीवाला को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। जल्द बद्दी में स्थायी रूप से एसडीओ को तैनात किया जायेगा।
विश्व के सबसे ऊंचे स्नो मैराथन ट्रैक सिस्सू में मैराथन 2023 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले में सिस्सू में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बने इस स्नो ट्रैक पर 12 मार्च को मैराथन होगी। इस मैराथन ट्रैक पर 300 धावक के करीब धावक दौड़ेंगे। बता दिन कि रिच इंडिया के सहयोग से इस स्नो मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। रिच इंडिया के सदस्य आश्विन सिंह ने बताया कि माइनस डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ शुष्क मौसम के बीच 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्नो मैराथन रोचक और एडवेंचरस गेम है, जिसमें लोग बड़े शौक से हिस्सा लेते हैं। उन्होंने बताया कि मैराथन के आयोजन को लेकर हाल ही में लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर से महत्वपूर्ण बैठक हुई है। वहीं मैराथन में बतौर चीफ गेस्ट लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर शिरकत करेंगे।
सोलन जिला में कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज का स्टॉक खत्म हो गया है। पिछले माह सोलन को 5000 डोज मिली थी, जो सभी लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग से और स्टॉक भेजने की डिमांड की गई है। पहली और दूसरी डोज लगाने में जिला के लोगों की काफी दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन बूस्टर डोज लगवाने में सोलन अभी भी पिछड़ा हुआ है। अभी तक सोलन जिले में सिर्फ 1,65,428 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। 8 लाख लोगों ने पहली और 7.28 लाख लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है। अब कोरोना के नए वैरिएंट के सामने आने से लोग बूस्टर लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि दिसंबर में पूरे हिमाचल प्रदेश में कोरोना वैक्सीन खत्म हो गई थी, जिससे अस्पतालों में वैक्सीनेशन का काम रुक गया था। जनवरी में केंद्र से हिमाचल को 60 हजार डोज मिली। जिसमें से सोलन जिला कि झोली में 6500 डोज आई, लेकिन यह स्टॉक करीब 2 सप्ताह में ही खत्म हो गया । वहीं CMO सोलन डॉ. राजन उप्पल ने कहा कि जिले को मिली सभी कोरोना बूस्टर डोज लगा दी गई हैं। जल्द ही नया स्टॉक आ जाएगा। उन्होंने लोगी हिदायत दी है कि बेशक कोरोना कंट्रोल में है, लेकिन अभी एहतियात बरतना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सोलन जिला में इस समय कोरोना का कोई भी एक्टिव केस नहीं है। कोरोना के नए वैरिएंट आने की आशंका के कारण जिला के सभी अस्पतालों में आने वालों को मास्क पहनना जरूरी किया गया है। हालांकि इन दिनों सैंपलिंग बहुत कम हो रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बीते रविवार को बड़ा उलटफेर करते हुए 13 राज्यों के राज्यपाल व एलजी में फेरबदल किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर करते हुए रमेश बैस को नया राज्यपाल नियुक्त किया है। इसके अलावा लद्दाख के एलजी राधा कृष्णन माथुर का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया गया है। उनकी जगह अरुणाचल के ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा को लद्दाख का एलजी बनाया गया है। इसके अलावा राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया है। लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सिक्किम, सीपी राधाकृष्णन को झारखंड, गुलाब चंद कटारिया को असम, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया। वहीं, राष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके को मणिपुर का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन को नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। बिहार के राज्यपाल फागू चौहान को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया। हिमाचल प्रदेश में भी नए राज्यपाल की तैनाती हुई है। शिव प्रताप शुक्ला हिमाचल के नए राज्यपाल होंगे। शिव प्रताप सिंह 2014-19 तक रही मोदी सरकार में मंत्री रहे हैं। शिव प्रताप शुक्ला मौजूदा समय में राज्यसभा से सांसद हैं। शिव प्रताप शुक्ला उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने एबीवीपी से जुड़ने के बाद छात्र राजनीति शुरू की थी। साल 1989 में उत्तर प्रदेश में वह विधानसभा चुनाव लड़े थे। वह चार बार विधायक रहे। इस दौरान वह उत्तर प्रदेश में मंत्री भी रहे। शिव प्रताप शुक्ला ने 1989 में आम चुनावों में प्रचार किया और कांग्रेस के सुनील शास्त्री को हराकर उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य चुने गए। वे 1989, 1991, 1993 और 1996 में विधानसभा सदस्य चुने गए थे। शिव प्रताप शुक्ला उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों में राज्य मंत्री भी रहे हें। भारतीय जनता पार्टी-बहुजन समाज पार्टी सरकार में 1996-1998 में वह जेल मंत्री थे। साथ ही 1998-2002 में राजनाथ सिंह की भाजपा सरकार के तहत बाद में ग्रामीण विकास मंत्री रहे हैं। अब शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल का 22वां राज्यपाल बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने आज और कल प्रदेश के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में भारी बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में शनिवार को भी बारिश-बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले व मैदानी इलाकों में शनिवार मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में बीते दिनों हुई बर्फबारी से 134 सड़कें अभी भी बंद हैं। इनमें ज्यादातर सड़कें एक महीने से भी अधिक समय से बंद हैं। लाहौल स्पीति में सबसे ज्यादा 120 सड़कें, चंबा में 7, कांगड़ा, शिमला व किन्नौर में 2-2 और कुल्लू में 4 सड़कें अवरुद्ध पड़ी हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। केलोंग का न्यूनतम तापमान गिरकर माइनस 12 डिग्री पहुंच गया है। वहीं लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान माइनस 8.8 डिग्री, कल्पा का माइनस 2.2 डिग्री, मनाली 0 डिग्री, शिमला का 4.3 डिग्री, धर्मशाला 6.2 डिग्री, ऊना में 5.8 डिग्री और सोलन न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री तक लुढ़क गया है।
हिमाचल की 5 महिला क्रिकेटर पहली वुमन आईपीएल लीग में खेलती नजर आएंगी। पहली बार होने वाले वूमन आईपीएल के लिए 13 फरवरी को मुंबई में खिलाड़ियों की ऑक्शन होगी। इसके लिए हिमाचल की 22 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिसमें से 5 शॉर्टलिस्ट हुई हैं।शॉर्टलिस्ट होने वाली खिलाड़ियों में हरलीन दयोल, सुषमा वर्मा, रेणुका ठाकुर, वसुवी फिस्टा और चित्रा जमवाल शामिला हैं। आईपीएल के लिए कुल 1,525 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिसमें से 409 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें 246 भारतीय और 163 विदेशी खिलाड़ी हैं। बता दें कि शिमला की रहने वाली तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर ने रेलवे की ओर से रजिस्ट्रेशन किया। HPCA से हरलीन दयोल ने 40 लाख रुपये के बेस प्राइज के साथ रजिस्ट्रेशन किया। हरलीन अभी भारतीय टीम का हिस्सा हैं। सुषमा वर्मा ने 30 लाख रुपये के बेस प्राइज में रजिस्ट्रेशन किया। वह भी टीम का हिस्सा हैं। इसके अलावा अनकैप्ड खिलाड़ियों में रोहडू की वसुवी फिस्टा, जम्मू की चित्रा सिंह जमवाल और किन्नौर की सुष्मिता कुमारी ने 10 लाख के बेस प्राइज से रजिस्ट्रेशन करवाया है।
ममता भनोट । ऊना हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के उपमंडल गग्रेट में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। बुधवार रात थाना गग्रेट के बणे दी हट्टी में झुग्गी में भीषण अग्निकांड में दो किशोर और दो बच्चे जिंदा जल गए। मरने वालों की उम्र 6,7,14 व 17 साल थी। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसे में दो भाई और एक बहन समेत चार बच्चों की जान गई है। एसएचओ आशीष पठानिया ने बताया कि बुधवार देर रात बिहार के गांव नंदा पुरी जिला दरभंगा निवासी भदेश्वर दास और रमेश दास की झुग्गी में भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसकर दो किशोर औऱ दो बच्चों की जान चली गई। हादसा रात करीब 12 बजे पेश आया है। इस दर्दनाक हादसे में नीतू कुमारी (14) पुत्री रमेश दास भोलू कुमार (7) पुत्र रमेश दास, शिवम कुमार (6) पुत्र रमेश दास निवासी निवासी नंदापट्टी बेनीपुर डाकघर अंटार थाना बेहरा जिला दरभंगा बिहार और सोनू कुमार (17) पुत्र काली दास निवासी पौड़ी डाकराम जिला दरभंगा बिहार की मौके पर जलने से मौत हो गई। आग में जलकर 30 हजार रुपए भी राख हो गए। आग लगाने की सूचना मिलते ही फायर स्टेशन अंब से फायरमैन लकी कुमार, होमगार्ड शमीन कुमार, ड्राइवर तरसेम लाल फायर ब्रिगेड मोके पर पंहुचे, आग पर काबू पाया,पर दर्दनाक हादसा टल नही सका। सीएम सुक्खू ने हादसे पर जताया दुख प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दर्दनाक हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन से परिवार की हर संभव मदद करने को भी निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ने जताया शोक प्रशासन को दिए मदद के निर्देश दिए है। उपमुख्यमंत्री मुकेश ने जताया शोक हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बने दी हट्टी में प्रवासी बिहार के दरभंगा निवासी के अस्थाई आशियाने में लगी आग की घटना में चार बच्चों की दर्दनाक मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह दिल को दहलाने वाली घटना है। इस घटना में 6 से 17 वर्ष के बच्चों को जान गवानी पड़ी है। उन्होंने ने कहा कि प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि हर संभव मदद की जाए। यह दुखद हादसा निश्चित रूप से आंखों को नम करता है, विचलित करता है परिवार को सहनशक्ति प्रभु प्रदान करें।
हिमाचल में एक बार फिर से लॉटरी के नाम पर लाखों रुपए कि ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के बार-बार जागरूक करने के बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। चंबा के रहने वाले एक व्यक्ति को जालसाजों ने अपने जाल में फंसाकर करीब 72 लाख रुपए पर हाथ साफ कर लिए। इस मामले में साइबर थाना शिमला में केस दर्ज हुआ है। साइबर थाना शिमला से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता छंगा राम चंबा का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि उसे 2.50 करोड़ रुपए की लॉटरी लगने का मैसेज और कॉल आया। जालसाजों ने उससे कहा कि इस लॉटरी को लेने के लिए उसे कुछ पैसे उनके अकाउंट में डालने होंगे। हैरानी की बात यह है कि शिकायतकर्ता ने लगभग 200 से ज्यादा बार आरोपियों के खाते में खुद बैंक जाकर और गूगल पे के माध्यम से पैसे जमा करवाए। करीब 72 लाख रुपए शिकायतकर्ता आरोपियों के खाते में डाल चुका था। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और पुलिस में मामला दर्ज करवाया। मामले कि पुष्टि करते हुए साइबर पुलिस के ASP भूपेंद्र नेगी का कहा है कि लोगों ऐसे जालसाजों से सावधान रहने की जरुरत है। इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए लोगों को जागरूक और सतर्क होने की जरूरी है।
कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कोटबेजा में प्रशासन ने एडिशनल कार्यभार पर दूसरी पंचायत से सचिव को तो भेज दिया है, लेकिन सचिव का कार्य दिवस तय करना भूल गया है। नतीजन ग्रामीणों को सचिव के कार्य दिवस का पता न होने के चलते बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी पंचायत होने के चलते लोग दूर-दूर से अपने कार्य करवाने पंचायत कार्यालय पहुँच रहे है, लेकिन पंचायत कार्यालय पहुँच कर लोगों को पता चलता है कि सचिव उपस्थित नहीं है। ग्रामीणों ने पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी से मांग की है कि जब तक ग्राम पंचयात कोटबेजा में रेगुलर सचिव की तैनाती नहीं हो जाती तब तक अतिरिक्त कार्यभार चला रहे सचिव के कार्य दिवस तय करने के लिये खंड विकास अधिकारी कार्यलय को आदेश दिये जायें। ताकि क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े। उधर, इस विषय में खंड विकास अधिकारी धर्मपुर मुकेश कुमार ने बताया कि आज ही सचिव के कार्यदिवस तय कर पंचायत नोटिस बोर्ड पर अंकित करने के लिए आदेश दे दिए जाएंगे। वहीं इस विषय में पंचायत प्रधान किरण ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सचिव को सप्ताह में तीन दिन पंचायत में सेवाएं देने के लिए कहा गया है, लेकिन वो तीन दिन कौन से होंगे, इसकी सूचना नहीं है। जबकि इस बारे में पंचायत सचिव सुरेश कुमार ने बताया कि कार्य दिवस तय नहीं किये गए है। पंचायत में जाने पर लोगो के काम किये जा रहे है।
हिमाचल प्रदेश में आगामी दिनों में फिर मौसम खराब होनेकि संभावना है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित अन्य भागों में आज मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार से लेकर शनिवार तक प्रदेश के कई भागों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने निचले व मैदानी भागों के लिए 8 व 9 फरवरी को अंधड़ चलने का अलर्ट जारी किया है। गौरतलब है कि ताजा बर्फबारी के बाद बंद हुई अटल टनल रोहतांग मंगलवार को फोर बाई वाई वाहनों के लिए मनाली से जिस्पा तक खुल गई है। वहीं पांगी-किलाड़ को जोड़ने वाला मार्ग भी उदयपुर से तिंदी तक खुल गया है। मौसम खुलने के बाद बीआरओ, एनएच और लोक निर्माण विभाग ने बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं बीते दिनों हुई बर्फबारी से राज्य में 138 सड़कों पर अभी भी आवाजाही ठप है। प्रदेश में 46 बिजली ट्रांसफार्मर व सात पेयजल योजनाएं भी बाधित हैं। लाहौल-स्पीति में सबसे अधिक 121 और चंबा में नौ सड़कें बाधित हैं। उपमंडल पांगी में 36 बिजली टांसफार्मर बंद पड़े हैं।
हिमाचल प्रदेश की बागवानों के बगीचों में अब यूएसए के गुठलीदार फलों के पौधे उग सकेंगे। हिमाचल उद्यान विभाग पहली बार यूएसए से प्लम आडू, खुमानी व बादाम के 56,000 पौधे आयात करने जा रहा है। इन पौधों की खेप इसी माह हिमाचल पहुंच जाएगी। शिमला जिले के ठियाेग, कोटखाई, रामपुर, कुमारसैन और रोहड़ू सहित कुल्लू, मंडी, कांगड़ा जैसे अन्य क्षेत्रों में गुठलीदार फलों का उत्पादन होता है। वहीं इस बारे में जानकारी देते हुए बागवानी मंत्री जगत नेगी ने बताया कि पौधों को एक साल के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा ताकि, यह सुनिश्चित हो सके की पौधों में कोई बीमारी तो नहीं है। अगले साल उद्यान विभाग बागवानों को यूएसए से आयातित पौधे का आवंटन करेगा। पौधों के आयात से पहले उद्यान विभाग के अधिकारी आपूर्ति पूर्व निरीक्षण भी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक साल क्वारंटीन अवधि के बाद अगले साल बागवानों को यह पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि इसमें कोई समस्या न आए। अभी हार के गम में है जयराम-जगत सिंह नेगी जगत नेगी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अभी गम में हैं। इसलिए इस तरह की बयानबाजी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार कर्ज लेते रही और संसाधन जुटाने में नाकामयाब रही। नेगी ने कहा कि कांग्रेस का काम करने का तरीका अलग है हम संसाधन जुटाएंगे, कर्ज भी लेंगे, लेकिन सभी काम एक दायरे में करेंगे। विपक्ष द्वारा विधायक निधि न दिए जाने के आरोप पर जगत नेगी ने कहा' "विधायक निधि दें कहाँ से, पिछली सरकार ने कुछ नहीं छोड़ा, कर्ज तले दबा दिया है। प्रदेश की आर्थिकी डगमगा गई है।"
देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई का एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत खराब श्रेणी में है। मुंबई का नवंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स 'बहुत खराब' से अधिक दर्ज किया गया। यह 2021-2022 और 2020 के समय से लगभग दोगुना है और 2019-2020 से तीन गुना अधिक है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्ट एंड रिसर्च की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, 1 नवंबर 2022 से 31 जनवरी 2023 के बीच 92 दिनों में, मुंबई ने 66 दिनों में 'खराब' और 'बहुत खराब' AQI दर्ज किया है। डेटा यह भी बताता है कि कुल 92 दिनों में मुंबई ने केवल एक दिन 'अच्छा' और 'संतोषजनक' एक्यूआई दर्ज किया है। आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2021 और जनवरी 2022 के बीच मुंबई ने 30 दिनों में 'खराब' और 'बहुत खराब' एक्यूआई दर्ज किया था, जबकि नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच, शहर में 39 दिनों का 'खराब' और 'बहुत खराब' एक्यूआई दर्ज किया गया था। वहीं नवंबर 2019 और जनवरी 2020 के बीच, मुंबई ने केवल 17 दिनों में 'खराब' और 'बहुत खराब' एक्यूआई दर्ज किया था।


















































