सुबाथू छावनी में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन का आयोजन किया गया l इस मौके पर सुबाथू छावनी परिषद के उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की व नगर कीर्तन का शुभारंभ किया। नगर कीर्तन श्री गुरुद्वारा साहिब से होते हुए चौक बाज़ार, अप्पर बाज़ार, बस स्टैंड, कश्मीरी मोहल्ला, रविदास पूरा होते हुए वापिस गुरुद्वारा साहिब पहुंचा। कीर्तन का आयोजन कोरोना महामरी को मद्देनज़र रखते हुए व सरकार द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करते हुए सूक्ष्म रूप में किया गया। श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान परमजीत सिंह ने बताया कि श्री गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व ह्षोल्लास के साथ मनाया गया l
चौधरी कॉम्प्लेक्स दाड़लाघाट में जादूगर सम्राट बादल राजकुमार का मैजिकल शो शुरू हो चूका है l जादू के मुरीद लोग उनका करतब देखने कार्यक्रम स्थल पहुंचे l सम्राट बादल ने कहा कि दाड़लाघाट में रविवार से शुरू किए जादू का शो में अगर लोगों की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो यह शो आगे भी बढ़ाया जा सकता है। रोज़ाना दोपहर बारह बजे तथा शाम को छह बजे चौधरी कॉम्प्लेक्स दाड़लाघाट में वह अपने करतब दिखांएगे तथा रविवार को वह 3 शो में लोगों को जादू के जलवे दिखाते हुए नज़र आयेंगे। इस शो में सम्राट के आलावा अन्य कलाकार भी भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान वैश्विक माहमारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते पर्याप्त सामाजिक दूरी बनाए रखने तथा इस संदर्भ में सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत शो का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर सम्राट बादल राजकुमार,मनी लाल,सुरेन्द्र कुमार,भावना देवी,अनु देवी मौजूद रहे।
प्रदेश संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव डॉ मस्त राम शर्मा ने कहा है कि दाड़लाघाट उपतहसील के तहत 2 सीमेंट कारखाने लगे हुए हैं। लोगों को लोक निर्माण विभाग, जल सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग व राजस्व विभाग के कार्यों के लिए दाड़लाघाट और अर्की जाना पड़ता है। मांगल क्षेत्र दाड़लाघाट से लगभग 25 किलोमीटर दूर पड़ता है, जिस कारण सारे काम एक दिन में संपन्न नहीं हो सकते।उन्होंने कहा कि दाड़ला में करीब 50 बीघा भूमि पशुपालन विभाग को पशु अस्पताल, दुग्ध संयंत्र तथा भेड़ों आदि को पालने के लिए दी गई थी। वर्तमान में इस भूमि पर ऐसा कोई भी कार्य नहीं हो रहा है,जिससे लोगों को लाभ मिल सके। दूध संयंत्र आदि को यहां स्थानांतरित कर रामपुर व शिमला आदि क्षेत्र में भेज दिया गया है। यह भूमि 3 दशकों से बेकार पड़ी है।उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि इस भूमि पर एक मिनी सचिवालय बनाया जाए, जिसमें सभी विभागों को स्थानांतरित किया जाए ताकि लोगों को एक स्थान में सभी सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
जिला सोलन के शिक्षा खंड धुन्दन की शिक्षा खंड अधिकारी रक्षा गुप्ता 37 वर्ष सेवाकाल पूर्ण करने के उपरांत सेवानिवृत्त हो गई। इस क्षण को यादगार बनाने के लिए कोविड-19 के दौरान सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए प्राथमिक शिक्षा संघ धुन्दन के पदाधिकारी, मुख्य शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारी एवं बीआरसी कार्यालय के कर्मचारियों ने विदाई समारोह में जलपान का आयोजन कर उन्हें विदाई दी ।रक्षा गुप्ता ने 2 मार्च 1984 को बतौर जेबीटी के पद से अपनी सेवा नालागढ़ शिक्षा खंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला डोली से आरंभ की थी। 7 मार्च 2019 को खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नत होकर शिक्षा खंड धुन्दन में निष्ठा व सक्रियता से कार्य किया। पीटीएफ़ प्रधान एवं बीआरसी नरेंद्र शर्मा एवं महासचिव ज्ञान ठाकुर तथा समस्त कर्मचारियों ने खंड शिक्षा अधिकारी के उज्जवल भविष्य एवं दीर्घायु की कामना की।इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धुन्दन के अधीक्षक ग्रेड दो रामलाल,हुकमचंद,सीएचटी चंपा देवी,सुनीता,जयमाला,मोहिंद्र लाल,प्रेमलाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरोना माहामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों के तहत रविवार को जहां एक तरफ कुनिहार बाजार पूरी तरह बंद रहा, तो वहीँ दूसरी तरफ शराब के ठेके खुले रहे । शराब के ठेके खुले रखने पर लोगो में प्रशासन व सरकार के प्रति रोष रहा। कर्मचन्द, दलिप,विजय,संजीव,मोहन लाल,रामलाल सहित अन्य लोगों ने कहा कि जब सरकार ने अन्य दुकाने रविवार को बन्द रखने के आदेश दिए हैं तो शराब के ठेके खोलने का क्या मतलब है।कुनिहार वासियों ने सरकार से मांग कि है की रविवार को अन्य दुकानों की तरह शराब के ठेकों को भी बंद रखा जाये l
दाड़लाघाट पुलिस ने एसएचओ जीत सिंह की अगुवाई में बढ़ते कोरोना मामले तथा लोगों की इसके प्रति ढिलाई को देखते हुए बिना मास्क पहने लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बाजार में बिना मास्क के लोगों को रोक कर उनके चालान काटे जा रहे हैं। पिछले 2 दिनों में पुलिस ने लगभग 16000 रुपए के चालान काट कर लोगों को मास्क पहनने की नसीहत दी है। पुलिस का मानना है कि बाजार में देखें तो यही लगता है कि लोगों को कोरोना का बिलकुल भी भय नहीं है। लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने कुछ दिन पहले अंबुजा के सौजन्य से बिना मास्क वालों को रोको और टोको कार्यक्रम भी चलाया था ताकि लोग इस संक्रमण से होने वाली परेशानियों को समझ सके। लेकिन बाजार की भीड़ हो या किसी शादी में लोगों का जमघट हो लोग मास्क पहनने में बिल्कुल भी रुचि नहीं ले रहे हैं। एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने बताया कि बाजार की भीड़ में बिना मास्क पहने लोगों का 1000 रुपए का चालान काटा जा रहा है, जबकि शादी समारोह में बिना मास्क पहने लोगों का 1000 रुपए का चालान तथा जिसके घर में शादी समारोह है। यह सारी जिम्मेवारी उसकी होगी कि वह सुनिश्चित करें की समारोह में आए मेहमानों द्वारा सरकार द्वारा दी गई हिदायतों का पालन किया जा रहा है। वरना उसका भी 5000 रुपए तक का चालान काटा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग इस संक्रमण की भयावहता को समझें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में सरकार की हिदायतों का पालन करते हुए मास्क अवश्य पहनें। उनका ध्येय चालान काटना नहीं है उनका ध्येय तो केवल लोगों को कोविड-19 के संक्रमण के प्रति लोगों को सचेत करना है।उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में बिना मास्क पहने लोगों को कतई भी बख्शा नहीं जाएगा। डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि बिना मास्क वाले लोगों के चालान भविष्य में भी काटे जाएंगे।
कुनिहार विकास सभा ने कहा की उप तहसील भवन का निर्माण मुख्य सड़क पर होना चाहिए। सभा ने कहा कि जनहित मे बनाए जाने वाले इस कार्यालय से लोगों को काफी सुविधाएं मिलने की आस है। कुछ समय से एक संस्था जनहित के विरुद्ध बयान बाजी कर रही है, जो अनैतिक है। सभा ने कहा कि क्षेत्र के चुहुँमुखी विकास और बेहतरीन सुविधाओं के लिए आवाज उठाना सभी का कर्तव्य है किंतु हर जगह राजनीति के मकसद से बयानबाजी करना समाजिक हित के विरुद्ध है। विकास सभा ने मांग की है कि भवन का निर्माण खुली व पर्याप्त जगह पर ही होनी चाहिए। इससे न केवल सभी को पार्किंग की सुविधा मिलेगी बल्कि दूरदराज क्षेत्र के ग्रमीणों को भी आने जाने में दिक्कत नहीं होगी। इस मौके पर विकास सभा के प्रधान धनीराम तनवर, दिपराम ठाकुर, जगदीश, भागमल तनवर, गोपाल पंवर, ज्ञान ठाकुर, हेम राज, बाबु राम तनवर, बलबीर, मोहन, सुंदर, राजेन्द्र, संत राम आदि।
पुलिस थाना दाड़लाघाट में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। केशव राम, पुत्र सहियाराम, गांव घुमारी, डाकखाना शालाघाट, तहसील अर्की ने चार व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत करवाई है। उसने अपनी शिकायत में बताया की इसने परविंदर पुत्र बाबूराम गांव घोरनू के बहकावे में आ कर 2009 में जोगिंदरा बैंक शाखा चंडी से इसके नाम से 3 लाख के ऋण के लिए अर्जी दी थी। इसका ऋण स्वीकृत तो हुआ था पर उसका पैसा इसे आज तक नहीं मिला। पर केशव को बार-बार जोगिंदर बैंक से ऋण की वसूली हेतु नोटिस आ रहे हैं। उसने आरोप लगाया की परविंदर पुत्र बाबूराम गांव घोरनू; रामपाल, जोगिंदरा बैंक शाखा चंडी का प्रबंधक; गारंटर राकेश कुमार, पुत्र बालक राम, गांव सूरजपुर व धर्मपाल, पुत्र सीताराम, गांव बहल ने आपसी मिलीभगत करके व इसके साथ धोखाधड़ी करके सारे पैसे हड़प लिए तथा अब परविंदर पैसे वापस मांगने पर इसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। केशव राम ने शिकायत में कहा कि इन 4 लोगों से मेरे पैसे ब्याज सहित दिलवाए जाए तथा इन चारों के खिलाफ इसके साथ की गई। धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी बारे कानूनी कार्रवाई की जाए। इस बारे में एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शिकायत मिली है तथा मामले की छानबीन करने हेतु संबंधित बैंक से इस बारे जानकारी ली जा रही है।
ग्राम पंचायत मांगल में जल की शुद्धता तथा गुणवत्ता जांचने हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता पंचायत प्रधान दीप चंद शर्मा ने की। इस जागरूकता शिविर में पीडब्ल्यूएसएस के सदस्यों व स्थानीय ग्रामीणों को जलीय गुणवत्ता बारे जागरूक किया। कुनिहार ब्लॉक के बीआरसी सुशील कुमार ने एक टेस्टिंग किट के माध्यम से लोगों को जल की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया। सुशील कुमार ने बताया कि इस टेस्टिंग किट के अंदर उचित मात्रा में जल डालकर 24 घण्टे के बाद जांचना चाहिए, यदि पानी का रंग काला हो जाए, तो वह जल पीने योग्य नही होता। इस दौरान पीडब्ल्यूएसएस पाइप पेयजल प्रदान योजना तथा इसके अतिरिक्त उपस्थित सदस्यों को फील्ड टेस्ट किट एफटिके के माध्यम से पेयजल गुणवत्ता के जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर पंचायत प्रधान दीप चंद शर्मा, उपप्रधान श्याम लाल, नानक चंद, कौशल्या देवी, सुमित्रा देवी, सुरेंद्रा देवी, लालमन, सुहारु देवी, लता देवी, लीला देवी, सुखदेई चौहान, बाबू राम, श्याम लाल, रामपाल, नानक चंद, कृष्णा चौहान मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरती और मनमोहक दृश्यों के लिए पुरे विश्व में विख्यात है l ख़ूबसूरत वादियों और घाटियों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश को रहस्यों का प्रदेश भी माना जाता है। ऐसे ही रोमांचक इतिहास और रहस्यों से परिपूर्ण एक शहर हिमाचल के सोलन जिलें में भी है। सोलन से 11 किमी दूर, समुद्र तल से 5,600 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित, दगशाई एक ऐसा शहर है जो आज भी अपने अचंभित कर देने वाले इतिहास और कहानियों के लिए जाना जाता है। दगशाई भारत का एक बहुत पुराना छावनी शहर है । शहर को कैसे मिला ये नाम इस शहर के नाम में ही एक अलग कहानी छिपी है , कहते है कि अतीत में ये शहर मुग़ल शासकों की छावनी भी था और मुग़ल शासक इस क्षेत्र में अपराधियों को मृत्युदंड के लिए भेजते थे। दंड के साथ साथ राज्य से गद्दारी करने वाले लोगों को गर्म लोहे से जला कर उनके शरीर पर दाग (निशान) दिया जाता था जिसे "दाग-ए-शाही" कहा जाता था और इसी कारण से शहर को इसका नाम "दाग-ए-शाही" मिला । समय के साथ नाम का उच्चारण दगशाई में बदल गया। बाद में, ब्रिटिश शासकों ने इसे एक सेना छावनी में बदल दिया। वो जेल जहाँ ठहरे थे महात्मा गाँधी अंडमान द्वीप समूह भारत में सबसे लोकप्रिय सेलुलर जेल हो सकता है, लेकिन दगशाई में भी एक ऐसा ही सेलुलर जेल स्थित है जो खुद में अंग्रेज़ों के अत्याचार का दर्दनाक इतिहास समेटे है। इस जेल का हर कोना अंग्रेज़ों की क्रूरता को बयां करता है। दगशाई जेल का निर्माण 1849 में 72,873 रुपये की लागत से किया गया था। इसमें 54 कोठरियां हैं। 54 कोठरियों में से 16 एकान्त कारावास के लिए थीं। इन जेल कोठरियों में कोई वेंटिलेशन नहीं था और प्राकृतिक प्रकाश तक कोई पहुंच नहीं थी। ये गंभीर अनुशासनहीनता के दोषी कैदियों के लिए थे, जिन्हें कठोर सजा दी जाती थी। यहां दी जाने वाली सज़ा काला पानी की सज़ा से कम नहीं थी। इस विशेष सेल में दो दरवाजे हैं जो मुश्किल से तीन फीट अलग हैं। इस छोटी जेल में कैदी केवल खड़े हो सकते थे। ये बेहत दर्दनाक सज़ा हुआ करती थी और घंटो तक कैदी सिर्फ खड़ा ही रह सकता था। जेल में बनी कालकोठरियां आज भी भयावह हैं। यहां पर अंधकूप अंधेरा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता था कि अंग्रेजों के समय में इस जेल में किस कदर कैदियों को यातनाएं दी जाती थीं। यहां कैदियों को ऐसी-ऐसी यातनाएं दी जाती थीं, जिनके बारे में सुन कर ही रूह कांप जाती है। इस जेल के पहले महत्वपूर्ण निवासी 1857 में आए थे। ये नसीरी रेजिमेंट के गोरखा सैनिक थे जिन्होंने विद्रोह के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था। उन्हें दगशाई जेल में कैद किया गया था। ये व्ही जेल है जहां 1920 में, कनॉट रेंजरों की पहली बटालियन के आयरिश कैथोलिक सैनिकों को लाया गया था। वो आयरिश सैनिक जिन्होंने अपने अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह किया था । विद्रोहियों को उनके नेता, जेम्स डेली सहित, डगशाई जेल में लाया गया था। 2 नवंबर, 1920 की सुबह, 22 वर्षीय निजी जेम्स डेली को जेल यार्ड में ले जाया गया और फायरिंग दस्ते द्वारा उनकी हत्या कर दी गयी। अपने देश के लिए मरने के अलावा, डेली ने सैन्य अपराध के लिए मारे जाने वाले ब्रिटिश सेना के अंतिम सदस्य बनकर इतिहास भी बनाया। 1970 तक उन्हें दगशाई कब्रिस्तान में दफनाया गया, जब उनके अवशेषों को आयरलैंड वापस ले जाया गया और पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आयरिश सैनिको के सहानुभूति ही देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को दगशाई खींच लायी । गांधी आयरिश नेता ईमोन डे वलेरा के मित्र और प्रशंसक थे। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आयरिश संघर्ष से प्रेरणा ली। नैतिक समर्थन प्रदान करने और आयरिश के प्रति अपनी एकजुटता दिखाने के लिए, गांधीजी ने स्वेच्छा से जेल में एक रात बिताई। महात्मा गांधी जिस कक्ष में ठहरे थे उसकी दीवार पर चरखा चलाते हुए उनकी एक बड़ी सी तस्वीर लगाई गई है। कहा तो ये भी जाता है की महात्मा गाँधी के कातिल नाथू राम गोडसे ने भी कुछ समय दगशाई जेल में बिताया था, हालाँकि वो ब्रिटिश रिकार्ड्स कुछ धुंधले है तो स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड परवाणू से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 दिसम्बर, 2020 को 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र गढ़खल एवं गान्धीग्राम में मुरम्मत एवं रखरखाव कार्य किया जाना है। यह जानकारी वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता राहुल वर्मा ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 02 दिसम्बर, 2020 को प्रातः 10.00 बजे से सांय 04.30 बजे तक धर्मपुर, कनहो, सनवारा, सनावर, सुजी, आंजी, बथोल, सिहारड़ी, कुम्हारहट्टी, पट्टे का मोड़, हरिपुर, उदेपुर एवं खील, गढ़खल के कुछ क्षेत्र, घड़सी, कुकाना, नालवा, ईएसडी कसौली, पुलिस थाना कसौली, मुख्य बाजार कसौली, तहसील एवं न्यायालय कसौली, लोअर एवं अप्पर माल का भाग, मशोबरा, छटियां, स्लाटर हाउस, किमुघाट, जाबली, गढ़खल गांव, गढ़खल बाजार, नड़ोह, गुसैन, दोची, शिली सलोई, पानवा, खील गांव, बड़गई, काफल का हाड़ा, राॅस काॅमन, डाक बंगला, कसौली क्लब, दूरदर्शन, एमईएस क्षेत्र, कसौली गांव, ब्रूरी, सैंट मेरी स्कूल, आरएंड टी विंग, खच्चर खाना, गारा गांव, मधियाना, नारी, गोरथी, थापल, कलहेच, टोहाना, कोटबेजा, पाथरू, झांगड़, ओडा, चड़ियार, ऐयर फोर्स यूनिट-1 एवं 2, सीआरआई क्षेत्र यूनिट-1 व 2 तथा इसके आसपास के क्षेत्र एवं बोहली, गान्धीग्राम, कथार, कुम्हारहट्टी, हिम्मतपुर, खील, परगियानी, उदेपुर, डगशाई, अन्हेच, सुलतानपुर, रामपुर, भोजनगर, नारायणी, गडयार, काबाकलां एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। खराब मौसम एवं अन्य कारणों से उक्त तिथि में परिवर्तन किया जा सकता है। उन्होंने इस दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
कुनिहार। शनिवार को विकास खण्ड कुनिहार के निरीक्षक खाद्य अरविन्द पदम् ने कुनिहार बाजार में व्यापारियों की दुकानों पर जाकर मूल्य सूची का निरीक्षण किया और व्यापारियों को वस्तुओं की रेट लिस्ट सामने लगाने को कहा ताकि ग्राहक उसे आसानी से देख सके। उन्होंने व्यापारियों को कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित मूल्यों के आधार पर ही सामान बेचें। उन्होंने 3-4 व्यापारियों को चेतावनी देते हुए भविष्य में कोताही न करने की हिदायत भी दी। निरीक्षक की आलू व प्याज की कीमतों पर विशेष नजर रही। निरीक्षक अरविन्द पदम् ने बताया कि आज कुनिहार बाजार की सब्जियों, होटलों व कुछ किरयाना की दुकानों का निरीक्षण कर व्यापारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि समय समय पर दुकानों का निरीक्षण होता रहेगा अगर कोई दुकानदार मनमानी करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर शहीद हुए सिरमौर के 23 वर्षीय लाल अंचित कुमार का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव धार पंजेहरा पहुंचा। शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुँचते ही हज़ारों की संख्या में जनसैलाब उनके आखिरी दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। हर तरफ केवल "भारत माता की जय","अंचित शर्मा अमर रहे" के नारे ही सुनाई पड़ रहे थे। माँ-बाप का इकलौता लाल तिरंगे में लिपटा हुआ जब अपने घर पहुंचा तो उनकी परिवार वालों की आंसुओं से भरी आँखे उनके दर्द बयां कर रहीं थी। माँ और बहन के रो-रो कर बुरे हाल थे जबकि पिता की नम आँखे और उनका चौड़ा सीना उनके गर्व को दर्शा रहा था। दोपहर के समय अंचित शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिमसंस्कार किया गया।
कोरोना वैक्सीन का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है इसके लिए विश्व भर में प्रयास चल रहे हैं। वहीं अब इन प्रयासों में हिमाचल भी अपना योगदान देगा। बता दें कि खबर आ रही है कि रूस की कोरोना वैक्सीन हिमाचल के बद्दी में तैयार की जाएगी। इसके लिए बद्दी की एक कंपनी पनेशिया से करार हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में यह कंपनी स्पूतनिक टीके का उत्पादन शुरू करेगी। बताया जा रहा है कि सिरमौर जिले के पांवटा में स्थापित मैनकाइंड कंपनी के साथ भी दवा की मार्केटिंग को लेकर बातचीत चल रही है। जानकारी के अनुसार पनेशिया से करार से पहले बद्दी की दो और कंपनियों डा. रेड्डी और हेट्रो से वैक्सीन तैयार करने के लिए रूस की ओर से बातचीत चल रही थी। लेकिन उत्तर भारत में वैक्सीन बनाने वाली पनेशिया ही एकमात्र कंपनी है इसलिए रूस ने इसी कंपनी के साथ करार किया है। बताया जा रहा है कि इसकी वैक्सीन बनाने के लिए कंपनी को तकनीक ट्रांसफर हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोगताओं को हाई कोर्ट ने बड़ी राहत प्रदान की है। हिमाचल में अब बिजली के नये कनेक्शन पुरानी सिक्योरिटी राशि पर ही मिलेंगे। बता दें बिजली के मीटर लगाने के लिए उपभोगताओं से ली जाने वाली राशि कई गुना बढ़ा दी गई थी। पर अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य बिजली बोर्ड ने इस सिक्योरिटी राशि के आदेश स्थगित कर दिए हैं। एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट की नई दरें तय करने के लिए जल्द विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। आयोग द्वारा नई दरें तय करने तक प्रदेश में पुरानी सिक्योरिटी राशि पर ही नए बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। शुक्रवार को बोर्ड प्रबंधन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सिक्योरिटी राशि की नई दरों पर स्टे दे दिया है। इससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल गई है। बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आरके शर्मा ने बताया कि सिक्योरिटी की नई दरें तय होने तक प्रदेश में पुरानी दरें लागू रहेंगी। बिजली बोर्ड ने घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों पर एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट में भारी बढ़ोतरी कर दी थी। प्रदेश भर में विरोध के बाद सरकार ने बढ़ाई दरें वापस लेने का एलान किया था। शुक्रवार को बोर्ड प्रबंधन ने नई दरों के आदेश को स्थगित करते हुए पुरानी सिक्योरिटी राशि के मुताबिक ही नया बिजली कनेक्शन देने का फैसला लिया है।
कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार के आदेशों अनुसार प्रदेश के सभी छोटे बड़े बाजार 15 दिसम्बर तक रविवार को ही बंद रहेंगे। प्रदेश के कुछ बाजारों की तरह जिला सोलन का उभरता कुनिहार बाजार भी सोमवार को बन्द रहता है क्यूंकि रविवार को बाजार में ग्राहकों की काफी भीड़ रहती है। लेकिन अब सरकार व जिला प्रशासन के रविवार को बाजार बंद रखने के आदेशों का कुनिहार व्यापार मण्डल पूरा पालन करेगा व आगामी आदेशो तक कुनिहार बाजार भी सोमवार की बजाय रविवार को बन्द रहेगा। व्यापार मन्डल प्रधान सुमित मित्तल ने बताया कि सभी व्यापारी भाई पहले भी सरकार व प्रसासन के दिशा निर्देशों का पूरा पालन करते रहे है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कुनिहार व्यापार मण्डल किसी भी सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहता है। उन्होंने सभी व्यापारी भाइयों से अपील की है कि सभी व्यापारी भाई प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें व मास्क, सैनिटाइजर व उचित दूरी का विशेष ध्यान रखे।
दाड़लाघाट। नायब तहसीलदार दाड़लाघाट द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने को लेकर गांव स्यार के निवासी को अवैध रूप से डंगा लगाने को लेकर नोटिस जारी किया है। नायब तहसीलदार बंसत लाल राजटा ने कहा कि मदन लाल, धर्मेन्द्र व देवी चंद आदि निवासी गाँव स्यार ने 23 नवंबर 2020 को उप मंडल अधिकारी (नागरिक) के समक्ष एक पत्र प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने कहा की देवी चंद पुत्र गोपाला, नीरज कुमार पुत्र देवी चंद, गोदवारी पुत्री देवी चंद व सुशील कुमार पुत्र देवी चंद निवासी स्यार ने सरकारी भूमि खसरा नम्बर 124 रकवा 0-02-07 पर डंगा लगा कर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया है, जिससे आम रास्ता-सड़क जो गांव को जाता है को वह जानबूझ कर संकरा कर रहा है। इस बाबत पटवारी हल्का दाड़लाघाट से छानबीन करवाई गई थी जिसमे मामला सही साबित हुआ। इस बाबत जब उन्हें काम को बंद करने की हिदायत सलाह दी गई तो उन्होंने काम को बंद करने से मना कर दिया। इस सम्बन्ध में उप मंडल अधिकारी अर्की द्वारा 27 नवंबर 2020 को दिए आदेश जिसकी मूल प्रति इस पत्र के साथ सलंग्न कर नायब तहसीलदार दाड़लाघाट को कहा है कि वह स्वयं मौका पर जाकर सरकारी भूमि निशानदेही देकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस मामला में यदि पुलिस सहायता की आवश्यकता समझते हों तो स्थानीय पुलिस थाना दाड़लाघाट से संपर्क कर सकते हैं। नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंतलाल लाल राजटा ने इस मामले की पुष्टि की है।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने जिला में आवश्यक वस्तुओं का अधिकतम परचून मूल्य निर्धारित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश 1977 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार बकरा अथवा भेडे का मीट 400 रुपये प्रति किलोग्राम, सूअर का मीट 250 रुपये प्रति किलोग्राम, ड्रेस्ड चिकन तथा डेªस्ड ब्राॅयलर 180 रुपये प्रति किलोग्राम, बिना तली मछली 250 रुपये प्रति किलोग्राम, तली हुई मछली 300 रुपये प्रति किलोग्राम तथा जीवित मुर्गे का मूल्य 110 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यह सभी करों एवं अन्य शुल्क सहित अधिकतम परचून मूल्य है। जिला के ढाबों तथा प्रतिष्ठानों में तंदूरी चपाती 07 रुपये प्रति चपाती, तवा चपाती 05 रुपये प्रति चपाती, भरा हुआ परांठा 20 रुपये प्रति परांठा, फुल डाईट ( चावल चपाती एवं दाल तथा सब्जी) 60 रुपये, एक प्लेट चावल 50 रुपये प्रति प्लेट, दाल फ्राईड 50 रुपये प्रति प्लेट, मीट करी 110 रुपये प्रति प्लेट, चिकन करी 90 रुपये प्रति प्लेट, वेजीटेबल स्पेशल 70 रुपये प्रति प्लेट, मटर अथवा पालक पनीर 80 रुपये प्रति प्लेट, सब्जी अथवा चना एवं दही के साथ 02 पूरी 35 रुपये प्रति प्लेट तथा रायता 30 रुपये प्रति प्लेट निर्धारित किया गया है। यह अधिकतम परचून मूल्य है। स्थानीय दूध की दर 40 रुपये प्रति लीटर, सभी ब्रान्ड के पैकेट वाले दूध की दर मुद्रित मूल्य के अनुसार, पनीर 250 रुपये प्रति किलोग्राम तथा दही का मूल्य 55 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यह अधिकतम परचून मूल्य है। सभी ब्रान्ड के शीतल पेय मुद्रित दर के अनुसार विक्रय किए जा सकते हैं। आदेशों के अनुसार उक्त सभी विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान के द्वार पर हस्ताक्षरित मूल्य सूची प्रदर्शित करनी होगी। उपभोक्ता की मांग पर कैश मेमो जारी करना आवश्यक होगा।
पूर्व संस्कृत अकादमी सचिव हिमाचल प्रदेश डॉ मस्तराम शर्मा ने सांसद डॉ गौरव शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की है।उन्होंने कहा की हमीरपुर के विद्वान डॉ गौरव शर्मा बधाई के पात्र है, जो न्यूजीलैंड के नवनिर्वाचित सांसद होते हुए संविधान की रक्षा के लिए जिन्होंने हाल ही में शपथ ग्रहण की, इससे हिमाचल प्रदेश और भारतवर्ष का गौरव बढ़ा है। न्यूजीलैंड की माओरी भाषा में तथा भारत की प्राचीनतम भाषा संस्कृत में शपथ लेकर डॉ गौरव शर्मा ने दोनों देशों का मान सम्मान बढ़ाया है। मस्त राम ने कहा कि डॉक्टर गौरव शर्मा सांसद ने भारत और न्यूजीलैंड दोनों देशों की सांस्कृतिक भाषाओं परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान दिखाया है, जिसके लिए यह बधाई के पात्र हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा कसौली विधानसभा क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित बनाया जा रहा है। डाॅ. सैजल आज कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत आंजी मातला में 24 लाख रुपए की योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने ग्राम पंचायत आंजी मातला के बेहड़े का खेच में 07 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले आंगनबाड़ी केन्द्र तथा सिहाड़ी ब्राहम्णा में 02 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले सामुदायिक भवन की आधारशिला रखी। उन्होंने आंजी मातला में 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित ग्राम सभा हाॅल का लोकार्पण भी किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कसौली विधानसभा क्षेत्र में समग्र एवं संतुलित विकास के लिए अनेक पग उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही कसौली विधानसभा क्षेत्र के लिए उपमण्डलाधिकारी कार्यालय स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही कसौली विधानसभा क्षेत्र में उपमण्डलाधिकारी कार्यालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मपुर में 50 बिस्तरों का अस्पताल भी स्वीकृत किया गया है। इसके निर्माण के लिए भूमि चयनित कर ली गई है और एक वर्ष के भीतर यह बनकर तैयार हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस कार्य के लिए प्रथम किस्त के रूप में 3.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। डाॅ. सैजल ने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के निवासी केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में क्रान्तिकारी सिद्ध हुई है। देश के लगभग 50 करोड़ परिवार योजना के दायरे में लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वस्थ रखने और पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा आरम्भ की गई हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना को देशभर में सराहा जा रहा है। प्रदेश में लगभग 02.67 लाख पात्र परिवार योजना से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र में भी 3000 से अधिक पात्र परिवारों को इस योजना के दायरे में लाया गया है। आयुर्वेद मन्त्री ने कहा कि आमजन के सहयोग से ही प्रदेश में कोविड-19 महामारी पर नियन्त्रण पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सावधानी ही इस रोग का उपचार है और सभी को अनुशासित होकर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए 03 सूत्रों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि विशेष रूप से सार्वजनिक स्थानों पर सभी उचित तरीके से मास्क पहनें, 02 व्यक्तियों के मध्य कम से कम 02 गज की दूरी रखें और बार-बार अपने हाथ साबुन से धोते रहें। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि कसौली विधानसभा क्षेत्र की विकास सम्बन्धी सभी आवश्यकताओं को चरणबद्ध आधार पर पूरा किया जाएगा। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर कोविड-19 महामारी के समय में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया। भाजपा मंडल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी के प्रधान राज्य परिवहन प्राधिकरण के सदस्य मदन मोहन मेहता, बघाट बैंक के निदेशक कृपाल सिंह, ग्राम पंचायत आंजी मातला के प्रधान खुशी राम, ग्राम पंचायत धर्मपुर के प्रधान ओपी पंवर, उप प्रधान सुशील शर्मा, बीडीसी सदस्य दीक्षा शर्मा, भाजपा किसान मोर्चा के जगदीश ठाकुर, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष वीरेंद्र, भारतीय जनता युवा मोर्चा के रोहित ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र तेगटा, लोक निर्माण, जल शक्ति एवं पंचायती राज विभाग, प्रदेश विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा तथा भाजयुमो के पदाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सविधान दिवस के अवसर पर 1 एचपी बीएन एनसीसी सोलन के तत्वावधान में पाइनग्रोव स्कूल द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया गया था। इस वेबिनार का संचालन क्रमशः एएनओ सुनील कुमार वर्मा और एएनओ विनीता ठाकुर ने धर्मपुर और सुबाथू शाखाओं में किया। इस अवसर पर पाइनग्रोव स्कूल के विशाल गौरी जो कि सामाजिक विज्ञान विभाग के अध्यापक और संसाधन व्यक्ति सांस्कृतिक मामलों के प्रभारी उपस्थित थे। उन्होंने वेबीनार के लिए एजेंडा एनसीसी कैडेटों को संविधान, संविधान के क्यूरेटर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और कोरोना प्रभावित समय के दौरान जीवन के बारे में बच्चों को शिक्षित किया। गौरी ने छात्रों को संविधान बनाने, इसकी मुख्य विशेषताओं और बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जीवन के बारे में बताया। अनिल कुमार वर्मा ने इस दौरान कैडेटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे जीवन पर एनओएन के योगदान और एनसीसी के योगदान पर विशेष चर्चा की। भारतीय संविधान पर एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई थी। स्कूल के कार्यकारी निदेशक, कैप्टन ए जे सिंह ने छात्रों के बीच हमारे संस्थापक सिद्धांतों की अधिक समझ को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के और अधिक विभिन्ना करने की आवश्यकता व्यक्त की। इस वेबिनार में 300 से अधिक कैडेट्स ने भाग लिया।
दाड़लाघाट। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्ज यूनियन एवं मिड डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू अर्की द्वारा एरिया प्रभारी सीटू अर्की अमर चंद गजपति की अध्यक्षता में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंत लाल राजटा के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्ज यूनियन एवं मिड डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू अर्की द्वारा अपनी मांगों को लेकर आज रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अपनी कुछ मांगो में आंगनवाड़ी वर्कज एवं हेल्पर्ज को एवं मिड डे मील वर्कर को 45वे श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुसार पक्का किया जाए। जबकि आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्ज को हरियाणा के तर्ज पर मानदेय दिया जाए। वही आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स और मिड डे मील वर्कर को कर्मचारी बनाया जाए व पेंशन के लाभ दिया जाए। मांगो में आंगनवाड़ी केंद्र को प्री नर्सरी का दर्जा दिया जाए। मिड डे मील वर्कज को 275 रुपये दिहाड़ी प्रतिदिन व 8250 रुपये मासिक वेतन दिया जाए और मिड डे मील वर्कज को शिक्षा विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स भर्ती में प्राथमिकता दी जाए। स्कूलों में मिड डे मील वर्कर की छंटनी रोकी जाए व 25 बच्चों की प्राथमिकता हटाई जाए। आंगनवाड़ी वर्कज एवं हेल्पर्ज यूनियन एवं मिड डे मील वर्कर यूनियन की समस्त कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अनुरोध किया कि आप इन सभी मांगों पर गौर करके इसे पूरे करने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर एरिया प्रभारी सीटू अर्की अमर चंद गजपति, बिमला, पार्वती, कांता, गोपाल चंद, उर्मिला, सुषमा, कुसम सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सोलन। सिर्फ ग्यारह साल पहले स्थापित शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज, जो कि हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित है, ने साइटेशन इंडेक्स की 2021 क्यूएस रैंकिंग में पूरे भारत में शीर्ष स्थान हासिल किया है। साइटेशन इंडेक्स की क्यूएस रैंकिंग है, जो संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का एक संकेतक है। संस्थाइन को इसी क्षेत्र में पूरे एशिया में 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। कुआक्आरेली साइमंड्स (क्यूएस) शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक स्वतंत्र और एक अत्यधिक प्रतिष्ठित विश्वसनीय वैश्विक रैंकिंग संगठन है और इसकी एशिया रैंकिंग आज एक ऑनलाइन समारोह में घोषित की गई। सूची में शीर्ष रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों में शूलिनी यूनिवर्सिटी सबसे युवा है। शूलिनी यूनिवर्सिटी, को देश के सभी निजी विश्वविद्यालयों में सातवें और सभी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच संयुक्त तौर पर 38वें स्थान पर रखा गया है। इसमें अधिकांश आईआईटी, पंजाब यूनिवर्सिटी और कई अन्य स्थापित संस्थानों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन शामिल है। सूची में स्थान पाने वाला यह हिमाचल प्रदेश का एकमात्र संस्थान है। क्यूएस एशिया रैंकिंग ने शूलिनी यूनिवर्सिटी को एशिया के शीर्ष 300 विश्वविद्यालयों में भी रखा है। गौरतलब है कि यह पहली बार है कि यूनिवर्सिटी को क्यूएस रैंकिंग में शामिल किया गया है। इसने 2021 में 43.4 प्रतिशत के प्रतिशत एवोल्यूशन के साथ शानदार शुरूआत की है। युवा, ट्रस्ट संचालित यूनिवर्सिटी, जो रिसर्च और इनोवेशन में लगातार सफलता हासिल कर रही है, को हाल ही में देश में पेटेंट दाखिल करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की सूची में तीसरा स्थान दिया गया था, जो देश में सभी 23 आईआईटी संस्थानों के संयुक्त आउटपुट में सबसे ऊपर था। शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो.पी.के.खोसला ने कहा कि ‘‘हमारी यूनिवर्सिटी ने क्यूएस रैंकिंग ने अर्जित की है और यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं की ईमानदारी और कड़ी मेहनत को सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और ऊंचे नए शिखरों पर पहुंचने के लिए तैयार है और इसका मिशन शीर्ष वैश्विक विश्वविद्यालयों में शामिल होना है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिल चुकी है।’’ यह उपलब्धि इस तथ्य के मद्देनजर और अधिक महत्वपूर्ण है कि यूनिवर्सिटी ने ये रैंकिंग 1000 से अधिक संस्थानों में हासिल की है, जिनमें आईआईटी, आईआईएम और केंद्रीय अनुसंधान संस्थान और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च आदि प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। रिपोर्ट का एक और मुख्य आकर्षण यह है कि यूनिवर्सिटी को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स के शीर्ष 44 संस्थानों में से एक है। क्यूएस रैंकिंग प्रमुख वैश्विक संकेतकों पर आधारित है जैसे शैक्षणिक प्रतिष्ठा, कर्मचारी प्रतिष्ठा, संकाय-छात्र अनुपात, पीएचडी कर चुके स्टाफ सदस्य, साइटेशन प्रति पेपर, इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क, रिसर्च पेपर्स प्रति फैकेल्टी, इंटरनेशनल फैकेल्टी और स्टूडेंट्स, इनबाउंड एक्सचेंज स्टूडेंट्स और आउटगोइंग एक्सचेंज स्टूडेंट्स आदि। क्यूएस एशिया रैंकिंग्स में एशिया के अनुमानित 20,000 संस्थानों में से 634 संस्थान प्रमुख रैकिंग प्राप्त करने में सफल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बजहोल गांव में स्थित शूलिनी यूनिवर्सिटी, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग्स फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के 101-150 दायरे में पिछले चार वर्षों से अपनी जगह बनाए हुए है। देश की सबसे युवा यूनिवर्सिटी ने अब तक लगभग 450 पेटेंट दाखिल किए हैं और इसके कम से कम सात फैकेल्टी सदस्यों को हाल ही में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत चुनिंदा वैज्ञानिकों के बीच रखा गया है। हाल ही में इसे हाल ही में अखिल भारतीय स्तर पर नवाचारों और उपलब्धियों (एआरआईआईए) पर निजी संस्थानों की अटल रैंकिंग में 6 से 25 तक के दायरे में रखा गया था। यूनिवर्सिटी को अकादमिक डिजिटलाइजेशन में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित क्यूएस इंटरनेशनल सर्टीफिकेशन भी मिली है और यूनिवर्सिटी को एशिया अवॉर्ड्स 2020 के लिए ‘आउटस्टैंडिंग स्टूडेंट सपोर्ट’ की श्रेणी में टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) के लिए चुना गया है। प्रकाशन के अनुसार प्राप्त किए गए साइटेशंस की औसत संख्या से रिसर्च पेपर्स को मापा जाता है, और यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए वैज्ञानिक कार्यों के प्रभाव और 10 प्रतिशत गुणवत्ता की एक प्रॉक्सी है। स्कोपस द्वारा पेपर्स और साइटेशंस को भी सूची में शामिल किया गया है। पांच व्यापक फैकेल्टी क्षेत्रों में साइटेशंस के प्रभाव को बराबर करने के प्रयास में पेपर और साइटेशंस को सामान्यीकृत किया जाता है। इससे पहले, शूलिनी यूनिवर्सिटी एक लाख संस्थानों में से केवल 35 में से एक था, जिसमें देश भर के 900 से अधिक विश्वविद्यालय शामिल थे, जिन्हें एकेडमिक डिजिटलाइजेशन में एक्सीलेंस के लिए सर्टीफिकेशन प्रदान की गई है। यूनिवर्सिटी को अपने स्किल प्रोग्ररेशन थ्रू रैपिड इंटेसिव एंड इनोवेटिव ट्रेनिंग (स्प्रिंट) प्रोग्राम को सिकंदर.एआई को लागू करने के लिए ‘‘आउटस्टैंडिंग सपोर्ट फॉर स्टूडेंट्स’’ कैटेगरी में भी चुना गया है। इस सॉफ्टवेयर को सॉफ्ट स्किल्स और इंटरव्यू के लिए छात्रों का आकलन और मार्गदर्शन करने के लिए विकसित किया गया है।
Eleven-year-old Shoolini University of Biotechnology and Management Sciences, based out of Solan district of Himachal Pradesh, has topped India in the 2021 QS rankings for citation index, an indicator of quality research in institutions. It has been ranked at number 14 across Asia in the same field. Quacquarelli Symonds (QS) is an independent and highly prestigious credible global ranking organization for educational institutions and its Asia rankings were declared on Wednesday night at an online function. Shoolini University, the youngest to be among top-ranked, has been ranked joint seventh among all private universities in the country and 38th all universities and educational institutions. This includes better performance than most IITs, Panjab University and several other established institutions. It is the only institution in Himachal Pradesh to be ranked on the list. The QS Asia rankings also placed Shoolini University among the top 300 Universities of Asia. Significantly, it is for the first time that the University has been included in the QS rankings. It has debuted in the 2021 edition with a percentile evolution of 43.4 percent. The young, Trust-run university, which has been making waves in the field of research and innovation, was recently placed third in the Education Ministry’s list for filing patents in the country which was topped by the combined output of all the 23 IITs of the country. Vice-Chancellor Prof PK Khosla said the QS rankings the University has earned reflected the sincerity and hard work of the researchers at the University. He said the University was poised to reach greater heights and added that its mission was to be among the top global universities. The achievement is all the more significant in view of the fact that the ranking is among over 1,000 institutions, including IITs, IIMs and central research institutes and the Indian Institute of Science Education and Research, in India. Another highlight of the report is that the University has figured among the top 44 percent of the QS World University Rankings. The QS rankings are based on key global indicators such as academic reputation, employee reputation, faculty-student ratio, staff with Ph.D., citations per Paper, international research network, Papers per faculty, international faculty and students, inbound exchange students and outgoing exchange students. The QS Asia rankings have included 634 institutions from among estimated 20,000 institutions in Asia. The University, located at Bajhol village in Solan district of Himachal Pradesh, has been retaining its place in the 101-150 band of the National Institutional Rankings Framework (NIRF) by the government of India’s education ministry for the last four years in a row. The young University has so far filed nearly 450 patents and at least seven of its faculty members were recently placed among the top two percent of scientists of the world as per a study done by Stanford University. It was recently placed in the band from six to 25 in the Atal Rankings of private Institutions on Innovations and Achievements (ARIIA) at the all-India level recently. The University had also got the prestigious QS international certification for excellence in Academic digitalization and was shortlisted for Times Higher Education (THE) in the category of “Outstanding Student Support” for the Asia Awards 2020. Citations per paper are measured by the average number of citations obtained per publication and is a proxy of the impact and 10 percent quality of the scientific work done by the universities. Underlying data of paper and citations is indexed by Scopus. The paper and citation counts are normalized in an attempt to equalize the influence of citations across five broad faculty areas. Earlier, Shoolini University was among only 35 of the one lakh institutions, including over 900 universities, across the country to be awarded certification for Excellence in Academic Digitisation. It was also shortlisted for the category of “Outstanding Support for Students” for the implementation of its Skill Progression Through Rapid Intensive and Innovative Training (SPRINT) Programme with SIQANDAR.AI, a software developed for assessing and guiding students for soft skills and interviews.
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट का शमेली गांव स्वतंत्रता प्राप्ति से अभी तक सड़क की मूलभूत सुविधा से वंचित है। प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट फेडरेशन लिमिटेड के चेयरमैन रतन सिंह पाल ने लोगों की इस समस्या को देखते हुए इस गांव के लिए एंबुलेंस रोड के निर्माण हेतु उपायुक्त सोलन के माध्यम से ढाई लाख रुपए का प्रावधान करवा कर इस रोड के निर्माण के कार्य का शुभारंभ करवाया। शुभारंभ के मौके पर उन्होंने कहा कि इस राशि से 300 मीटर बनने वाले इस एंबुलेंस रोड का निर्माण जहां तक भी पूरा होगा उसे किया जाएगा, उससे आगे और राशि का प्रावधान करवाया जाएगा और इस एंबुलेंस रोड को शीघ्र ही तैयार कर लोगों की मूलभूत जरूरत को पूरा किया जाएगा। गांव के समस्त लोगों ने एंबुलेंस रोड के निर्माण कार्य को शुरू करने तथा धनराशि उपलब्ध करवाने हेतु अपने नेता रत्न सिंह पाल का हार्दिक आभार जताया है। ज्ञात रहे कि यह गांव मुख्य सड़क मार्ग से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर है और इसे निर्माणाधीन बरायली-शिवनगर सड़क मार्ग से जोड़ा जा रहा है जिससे इसकी दूरी 300 मीटर ही बनती है। इस मौके पर भाजपा सोलन जिला के सचिव राकेश गौतम, अर्की किसान मोर्चा के अध्यक्ष जगदीश्वर शुक्ला, बंटू शुक्ला, कृष्ण भट्टी, नरेश ठाकुर, अरुण गौतम, पवन कुमार, ओम प्रकाश गौतम, ठेकेदार रूपराम इत्यादि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व राष्ट्रीय फेडरेशनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर कर्मचारी किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अल्ट्राटेक बागा में लाल झंडा सीमेंट प्लांट वर्कर्स यूनियन ने 3 घंटे का जबरदस्त प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सीटू यूनियन बागा के अध्यक्ष बलवीर की अध्यक्षता में हुआ। इस दौरान सीटू राज्य उपाध्यक्ष जगतराम विशेष रूप से मौजूद रहे। सीटू अध्यक्ष बलवीर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी हाल ही में सभी 44 श्रम कानूनों को खत्म करके चार श्रम सहिंताओ में बदलने का जो मजदूर विरोधी कार्य किया है उससे मजदूरों में भारी रोष है। इन श्रम सहिंताओ को बनाने से 29 श्रम कानूनों को पूर्ण रूप से खत्म करने तथा कमजोर करने की कोशिश की गई है तथा यह सब कुछ मालिकों के पक्ष में किया गया है।मालिकों को मजदूरों का शोषण करने की पूर्ण छूट दी गई है। सरकार ने कोरोना काल का फायदा उठाकर फैक्ट्री मजदूरों के काम के घण्टे 8 से 12 कर दिए। इसी दौरान ईपीएस में मालिकों के शेयर को 12 से घटाकर 10% कर दिया गया। मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा फंड का 24 हजार करोड रुपए और ईएसआई का 75 हजार करोड रुपए उद्योगपतियों को दे दिया गया। इन सभी प्रकार के हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। सीटू राज्य उपाध्यक्ष जगतराम ने कहा कि जो नीतियां मजदूरों के पक्ष में किसानों के पक्ष में होनी चाहिए।भाजपा सरकार उन सभी नीतियों को उद्योगपतियों के पक्ष में बना रही है। महंगाई को लेकर पूरे देश में रोष है। आवश्यक वस्तु और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की जा रही है, जिससे आम जनता को जीवन पर बहुत बुरा असर हो रहा है। इन सब मुद्दों के खिलाफ आंदोलन है। केंद्र सरकार इन सभी मजदूर विरोधी किसान विरोधी कानूनों वापस ले अन्यथा यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शन में अध्यक्ष बलवीर, सचिव बृजलाल, संजय कुमार, बालक राम, तिलक राज, गणपत राम सहित अन्य मजदूर मौजूद रहे।
क्षेत्र में 108 एंबुलेंस में तैनात कर्मचारियों ने एम्बुलेंस में बुधवार को एक महिला का सफलतापूर्वक प्रसव करवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार दिन के समय 2:36 बजे के करीब 108 एंबुलेंस पर सूचना प्राप्त हुई कि गांव छामला की एक महिला शकुंतला पत्नी बलदेव राज का प्रसव समय नजदीक है। महिला को प्रसव के लिए दाड़लाघाट से 108 एंबुलेंस लेकर ईएमटी सुशील स्याल और चालक रविन्द्र कुमार मौके पर पहुंचे। महिला की तबीयत अधिक खराब होने के कारण उच्च चिकित्सक के साथ संपर्क करके उन्होंने उसे प्राथमिक उपचार दिया लेकिन महिला की हालत में सुधार न होने पर उन्होंने महिला का प्रसव वाहन में ही करवाने का निर्णय लिया। जिसके बाद उसका सफलतापूर्वक प्रसव शालाघाट से आगे करवाया गया जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित व स्वस्थ है। प्रसव के बाद उन्हें एफआरयू अर्की में भर्ती करवाया गया है।
संविधान दिवस के अवसर पर आज सोलन जिला में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की अनुपालना के लिए शपथ दिलाई गई। जिला स्तर पर उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने उपायुक्त कार्यालय सोलन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की अनुपालना की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, जिला राजस्व अधिकारी केशव राम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव ने अपने कार्यालय के कर्मियों को संविधान दिवस पर शपथ दिलाई। उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. संजीव धीमान ने भी अपने कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान दिवस की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत जारी निर्देशों का पूर्ण पालन किया गया।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला परिषद सोलन के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) संख्या 1 से 17 को अंतिम रूप से अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 1- दाड़ला में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत बेरल, चाखड़, दाड़ला, रौड़ी, बरायली, दसेरन, क्यारड़, ग्याणा, कशलोग, कोटलू, मांगल, बागा, मांगु, नवगांव, पारनु, संघोई, सनयाड़ी मोड़ तथा सेवड़ा चंडी को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 2- धुन्धन में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग, बखालग, बलेरा, सांई, बड़ोग, बसन्तपुर, धुन्धन, कुंहर, जघून, मटेरनी, पट्टा, घनागुघाट, सारमा, सरयांज, शहरोल, सूरजपुर तथा दावंटी को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 3- डुमैहर में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत सरली, भूमती, सानण, चम्यावल, दानोघाट, समोग, डुमैहर, बनोह, मान, पलानियां, चईयां धार, रोहांज जलाना, देवरा, कोटली, पलोग, खनलग, दधोगी तथा बातल को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 4-कुनिहार में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत हाटकोट, कुनिहार, कोठी, काहला, कनैर, ममलीग, सतडोल, सायरी, जधाणा तथा विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत हरिपुर, भारती, जाबल जमरोट, जाडली, कक्ड़हट्टी तथा पट्टाबरावरी को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 5-सिरिनगर में कण्डाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत बांजणी, बाशा, बिशा, सैंज, चायल, छावशा, देलगी, दंघील, हिन्नर, रेहड़, झाझा, क्वारग, नगाली, सकौड़ी, सिरिनगर, मही, तुन्दल, वाकना, कोट तथा पौधना को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 6- सलोगड़ा में सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत बसाल, धरोट, जौणाजी, कोठों, मशीवर, ओच्छघाट, पड़ग, सलोगड़ा, सन्होल, सेरबनेड़ा, सेरी, शामती, नौणी मझगांव तथा शमरोड़ को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 7- सपरून में सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत अन्हेच, बड़ोग, सुल्तानपुर, भोजनगर, बोहली, चामत भड़ेच, चेवा, डांगरी, आंजी, सपरून, देवठी, रणो, काबाकलां, नेरी कलां, शडियाणा, तोप की बेड़ तथा कोरों को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 8- धर्मपुर में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत आंजी मातला, बनासर, मेहलों, चम्मो, धर्मपुर, गुल्हाड़ी, हुड़ंग, जाबली, कोटी नाम्ब, जंगेशु, प्राथा, रौड़ी, कोटला, टकसाल तथा नरायणी को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 9- कसौली गढ़खल में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत चामियां, गनोल, गढ़खल सनावर, कालुझिंडा, कसौली गढ़खल, सनवारा, कोट, कोटबेजा, कृष्णगढ़, मंधाला, नाहरी, निचली गांगुड़ी, पट्टा नाली तथा कैंडोल को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 10- दाड़वां में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बढलग, बाड़ियां, भावगुड़ी, बुघार कनैता, चंडी, दाड़वां, ढकरियाणा, घड़सी, गोयला, जाडला, मन्ढेसर, नालका तथा जगजीत नगर को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 11- बरोटीवाला में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बरोटीवाला तथा सूरजपुर एवं नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत हरिपुर संढोली, गुल्लरवाला, भटोली कलां, ठाणा तथा लेही को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 12- खेड़ा में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत ढेला, खेड़ा, किरपालपुर, किशनपुरा, नन्दपुर, मलपुर, मानपुरा, सुनेहड़ तथा लोधीमाजरा को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 13- मंझोली में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत भाटियां, ढांगनिहली, मंझोली, गागुवाल, माजरा, प्लासीकलां, रडियाली, राजपुरा तथा बारियां को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 14- दभोटा में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बरूणा, भोगपुर, रेडु उपरला, गोलजमाला, कश्मीरपुर, रिया, दभोटा, नवागांव तथा पंजैहरा को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 15- बवासनी में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बधोखरी, बेहड़ी, बायला, चमदार, छियाछी, दिग्गल, सौड़ी, मनलोगकलां, चिल्लड़, मटूली, बवासनी, रामशहर तथा साईं को शामिल किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 16- रतवाड़ी में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत लूनस, नंड, भियुंखरी, धरमाणा, डोली, क्यार कनैतां, कोइडी, लग, जयनगर, मितियां, मलौण, कोहू, पोले दा खाला, रतवाड़ी, सरौर, सौर तथा चड़ोग को सम्मिलत किया गया है। जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 17- कुण्डलू(जुखाड़ी) में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बेरछा, घोलोंवाल, जगतपुर, जोघों, जुखाड़ी, करसौली, खिल्लियां, कुण्डलु, बाहा, मस्तानपुर, मलैहणी, घड़याच, बघेरी, जगनी तथा बगलैहड़ को सम्मिलत किया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि कोविड-19 महामारी के संकट समय में बहुमूल्य श्रम शक्ति को सुरक्षित रखते हुए विकास को गति प्रदान की जा सके। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। डाॅ. सैजल आज सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत बड़ोग के रूंदन घोड़ों में 4.50 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी केन्द्र का लोकार्पण करने के उपरान्त रूंदन घोड़ों और मंझोली में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने तदोपरांत ग्राम पंचायत बोहली के अन्तर्गत मंझोली से निचली मंझोली, उपरली मंझोली तथा दोची बझोल्टी सम्पर्क मार्गों का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूंदन घोड़ों में आंगनबाड़ी केन्द्र के अतिरिक्त कार्य के लिए शीघ्र ही धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि क्षेत्र में विकास के लिए विभिन्न कार्यों के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री ने कहा कि कोविड-19 के संकट समय में हिमाचल प्रदेश में न केवल श्रम शक्ति को सुरक्षित रखने का कार्य किया गया है अपितु यह भी सुनिश्चित बनाया गया कि विभिन्न विकास कार्यों के लिए धन आबंटन समय पर हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में समयबद्ध उत्पादन कार्य हो रहे हैं। सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ सहित सिरमौर, कांगड़ा तथा ऊना जिला के औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक कार्य सुचारू गति से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में गत वर्ष आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट के माध्यम से प्रदेश को 97 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह विकसित एवं सम्पन्न हिमाचल की नींव रखने में सहायक सिद्ध होंगे। डाॅ. सैजल ने सभी आग्रह किया कि कोविड-19 महामारी से बचने के लिए लोगों को स्वयं सतर्क रहें। विवाह सहित विभिन्न सामूहिक कार्यक्रमों में विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सही प्रकार से मास्क पहने, 02 गज की दूरी के सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोते रहें। उन्होंने कहा कि दवा आने तक ढिलाई बरतना सभी के लिए नुकसानदेह सिद्ध हो सकता है। आयुर्वेद मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतांे को सशक्त इकाई बनाने के लिए कृत संकल्प है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रशासनिक एवं विकास आवश्यकताओं के अनुसार प्रदेश एवं जिला में नई ग्राम पंचायतांे का गठन किया गया है। उन्होंने नई ग्राम पंचायत सुलतानपुर के सृजन के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बड़ोग की 02 कन्याओं हर्शिता तथा इशिता के अभिभावकों को बधाई पत्र व उपहार प्रदान कर सम्मानित किया। बेटी है अनमोल योजना के तहत 02 कन्याओं रावि तथा दिव्या को 12000-12000 रुपए की एफडी प्रदान की। आयुर्वेद मंत्री ने इस अवसर पर एक बूटा बेटी के नाम योजना के अन्तर्गत आंवले का पौधा भी रोपित किया। इस अवसर पर भाजपा मंडल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य राजकुमार सिंगला, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष यशपाल ठाकुर, ग्राम पंचायत बड़ोग की प्रधान वीना पराशर, वार्ड सदस्य सत्या देवी, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, उपाध्यक्ष सुनील कश्यप, भाजयुमो कसौली के अध्यक्ष वरूण शर्मा, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव कपिल ठाकुर, छावनी परिषद डगशाई के निर्वाचित सदस्य राकेश कुमार, भाजपा मंडल कसौली के पूर्व महामंत्री हीरानंद शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र तेगटा, खण्ड विकास अधिकारी सोलन ललित दुल्टा, सीडीपीओ पदम देव शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, भाजपा तथा भाजयुमो के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि व ग्रामीण इस अवसर पर उपस्थित थे।
आज पूरे केंद्र के साथ प्रदेश की भी कई ट्रेड यूनियनें राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। आज देश भर में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ करोड़ों लोग गरजेंगे। इस हड़ताल का असर प्रदेश में भी दिख रहा है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के सभी जिलों में कुछ प्राइवेट बस यूनियनें हड़ताल पर हैं। इस कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। लोग घंटो से बसों का इंतज़ार कर रहे हैं। अगर बात की जाए राजधानी शिमला की तो शिमला में आज बसों से भरा लक्कड़ बाजार बस स्टैंड खाली नज़र आया। हालांकि वहां इक्का दुक्का सरकारी बसें नज़र आईं पर केवल 50% ऑक्यूपेंसी होने के कारण कई यात्रियों को अगली बस के लिए लम्बा इंतज़ार करना पड़ रहा है। वहीँ सीमेंट प्लांट में कार्यरत ट्रक ऑपरेटर यूनियनें भी इस हड़ताल का हिस्सा बन सकती हैं। इससे सीमेंट ढुलाई प्रभावित होगी। साथ ही कुछ टैक्सी ऑपरेटर्स भी हड़ताल पर रहेंगे। ये संगठन हड़ताल पर... हिमाचल में मजदूर संगठन सीटू, इंटक, एटक, केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति, पोस्टल कर्मचारी यूनियन, नॉर्थ जोन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया ऑडिट एंड अकाउंट्स पेंशनर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन, प्रदेश प्राइवेट बस ड्राइवर कंडक्टर यूनियन, हिमाचल किसान सभा, जनवादी महिला समिति, डीवाईएफआई, एसएफआई, दलित शोषण मुक्ति मंच हड़ताल करेंगे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 24 नवम्बर, 2020 को जारी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों के अनुसार पूर्व में जारी आदेशों में जनहित में कुछ संशोधन किए गए हैं। आदेशों के अनुसार 15 दिसम्बर, 2020 तक राज्य के भीतर एवं राज्य से बाहर जाने वाली सभी बसों में कुल क्षमता के 50 प्रतिशत यात्रियों को ही लाया-ले जाया जा सकेगा। जिला में 15 दिसम्बर, 2020 तक सभी बाजारों एवं दुकानों को साप्ताहिक आधार पर रविवार को बन्द रखा जाएगा। करियाना, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, मीट, मछली तथा दवा की दुकानों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। सामाजिक, अकादमिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समारोहों में एकत्रित लोगों की संख्या के सम्बन्ध में आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार कन्टेनमेंट जोन के बाहर खुले स्थानों में मैदान तथा स्थान के आकार के अनुसार कुल क्षमता के 50 प्रतिशत तक लोगों को एकत्र होने की अनुमति होगी। अधिकतम 200 लोग ही एकत्र हो सकेंगे। सभी को सोशल डिस्टेन्सिग, मास्क पहनना, बार-बार साबुन अथवा सेनिटाइजर से हाथ साफ करना और थर्मल स्केनिंग के प्रावधानों का अनुसरण करना होगा। कन्टेनमेंट जोन के बाहर बन्द स्थानों पर कक्ष की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत तक लोगों को एकत्र होने की अनुमति होगी। ऐसे स्थानों पर अधिकतम 100 लोग ही एकत्र हो सकेंगे। सभी को सोशल डिस्टेन्सिग, मास्क पहनना, बार-बार साबुन अथवा सेनिटाइजर से हाथ साफ करना और थर्मल स्केनिंग के प्रावधानों का अनुसरण करना होगा। यदि जनसमूह का कार्यक्रम खुले एवं बन्द दोनों स्थान पर है तो मैदान, स्थान एवं हाॅल के आकार के अनुसार अधिकतम 200 लोग ही एकत्र हो सकेंगे। सामुदायिक भोज अथवा धाम या व्यावसायिक कैटरिंग की स्थिति में यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि केवल जैविक रूप से नष्ट होने वाले प्लेट एवं गिलास इत्यादि का उपयोग किया जाए। ऐसे सभी कार्यक्रमों में उच्चतम व्यक्तिगत एवं आवश्यक साफ-सफाई सुनिश्चित बनानी होगी। भोजन पकाने, वितरण, खाने एवं बर्तन इत्यादि के निपटारे के समय कोविड-19 नियमों एवं साफ-सफाई का पूर्ण ध्यान रखना होगा। ऐसे आयोजनों की पूर्व सूचना सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी अथवा तहसीलदार को देनी अनिवार्य होगी। उक्त अधिकारी यदि चाहें तो आयोजन की वीडियोग्राफी करवा सकेंगे। कोविड-19 के सम्बन्ध में प्रदेश सरकार एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों एवं मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना का उत्तरदायित्व कार्यक्रम आयोजक का होगा। ऐसा न होने की स्थिति में कार्यक्रम आयोजक पर जुर्माना लगाया जाएगा और विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इन निर्देशों तथा कोविड-19 के सम्बन्ध में 16 अक्तूबर, 2020 को जारी आदेशों एवं मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना का कार्य सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन का होगा। आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188, 269 तथा 270 के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत सोलन जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में जून 2021 तक नल के माध्यम से शुद्ध जल उपलब्ध होगा। केसी चमन जलजीवन मिशन के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासों को नल के माध्यम से शुद्ध जल उपलब्ध करवाने के लिए एक जल समिति गठित की जाएगी। ग्राम पंचायतों में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों को इस समिति के साथ जोड़ा जाएगा। केसी चमन ने कहा कि आरम्भ में जिला में 27 ग्राम पंचायतों को पायलट आधार पर चयनित किया गया है। जल मिशन के अन्तर्गत पायलट आधार पर चिन्हित इन ग्राम पंचायतांे में नल के माध्यम से शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पायलट आधार पर सर्वप्रथम सोलन जल शक्ति मण्डल के अन्तर्गत ग्राम पंचायत जधाणा, कनैर, वाकना, छावशा, कोट, देलगी, पोधना, ममलीग, सायरी तथा सतडोल को चिन्हित किया गया है। मिशन के अन्तर्गत जल शक्ति मण्डल अर्की के तहत ग्राम पंचायत पलानियां, पलोग, रोहांज जलाणा, दधोगी, डूमेहर, सानन, भूमती, बलेरा, बड़ोग तथा मटेरनी को सम्मिलत किया गया है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मण्डल नालागढ़ के तहत ग्राम पंचायत किरपालपुर, रतवाड़ी, डोली, धरमाणा, बुघार कनैता, चण्डी तथा सनेड़ को सम्मिलत किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि मिशन के तहत जल के समान वितरण के लिए पेयजल पाइपों की अलग-अलग लाइन बिछाई जाएगी ताकि सभी को गुणवत्ता के साथ प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि मिशन को जून 2021 तक पूर्ण किया जाएगा। इसके माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अन्तर्गत अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिशन की प्रगति के सम्बन्ध में प्रतिमाह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मिशन के तहत विभिन्न कार्यों को समयबद्ध पूरा किया जाए ताकि सभी को नल के माध्यम से शुद्ध जल उपलब्ध हो। इससे पूर्व जलशक्ति वृत्त सोलन के अधीक्षण अभियन्ता मुकेश हीरा ने जल जीवन मिशन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, जल शक्ति मण्डल सोलन के अधिशाषी अभियन्ता सुमित सूद, जल शक्ति मण्डल अर्की की अधिशाषी अभियन्ता कंचन शर्मा, जल शक्ति मण्डल नालागढ़ के अधिशाषी अभियन्ता पुनीत शर्मा, उपनिदेशक कृषि राजेश कौशिक सहित सम्बद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अर्की में अभी हाल ही में निरीक्षक के पद का कार्यभार अरविंद कुमार ने संभाल लिया है। अरविंद ने दाड़लाघाट से अपने निरीक्षण कार्य की शुरुआत की। उन्होंने दाड़ला में उचित मूल्य की दुकान, गैस एजेंसी तथा अन्य दुकानों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सब्जी की दुकानों पर दुकानों पर जाकर विभिन्न प्रकार की सब्जियों के भाव जाने और मूल्य सूची का विशेष तौर पर निरीक्षण किया। जिन दुकानदारों ने रेट लिस्ट दुकान के बाहर नहीं लगाई थी उन्हें रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सब्जी विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे रेट लिस्ट पर लगे दामों से अधिक दाम पर सब्जी न बेचें व भविष्य में सभी दुकानों पर रेट लिस्ट लगी होनी चाहिए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी से बचाव का एकमात्र उपाय सावधानी है। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना न भूलें, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और अपने हाथों को स्वच्छ रखें। डाॅ. सैजल आज यहां सोलन जिला के लिए हिम सुरक्षा अभियान का शुभारम्भ करने के उपरान्त उपस्थित जिला प्रशासन, चिकित्सकों, आशा कार्यकर्ताओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर सभी को शपथ भी दिलाई और आग्रह किया कि शपथ का स्वयं भी पालन करें और अन्य को भी इस दिशा में जागरूक बनाएं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को सुरक्षा किट भी वितरित की। डाॅ. सैजल ने कहा कि आज से 27 दिसम्बर, 2020 तक कार्यान्वित किए जाने वाले हिम सुरक्षा अभियान का उद्देश्य कोरोना संक्रमण के साथ-साथ तपेदिक, कुष्ठ रोग, मधुमेह एवं रक्तचाप जैसी बीमारियों का पता लगाना है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री ने उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए कि हिम सुरक्षा अभियान को उचित तरीके से कार्यान्वित किया जाए ताकि सोलन जिला के जन-जन तक अभियान के तहत टीमें पहुंचे। उन्हांेने कहा कि जिला में कार्यरत विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों को अभियान के साथ जोड़ा जाए ताकि कोई भी अभियान की पहुंच से बाहर न रहे। प्रदेश सरकार का उद्देश्य सभी को स्वस्थ रखना है ताकि देश एवं राज्य के विकास में सभी नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश में नवम्बर माह में कोविड-19 रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रदेश सरकार इस वृद्धि को न्यून करने एवं कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी की दवा अथवा टीका न आने तक सावधानी ही बचाव का एकमात्र उपाय है। हिम सुरक्षा अभियान के तहत लोगों को कोविड-19 से बचने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। आयुर्वेद मन्त्री ने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि सावधानी अपनाकर न केवल अपना अपितु अपने परिवार का बचाव भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभी भी लोग सही प्रकार से मास्क पहनने एवं सोशल डिस्टेन्सिग के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इन नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएं। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश में इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग के कार्यकर्ताओं की 8000 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम को प्रतिदिन के अनुरूप लक्ष्य प्रदान किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि सोलन जिला की लगभग 7 लाख 68 हजार की जनसंख्या तक पहुंच सुनिश्चित बनाने के लिए 518 टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में अभी तक कोविड-19 जांच के तहत लगभग 50 हजार परीक्षण किए गए हैं। जिला में कोविड-19 पाॅजिटिव दर 9.1 प्रतिशत, जबकि मृत्युदर 1.06 प्रतिशत है। जिला में कोविड-19 से ग्रसित रोगियों के ठीक होने का प्रतिशत 83 है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, विधानसभा चुनावों में सोलन से भाजपा के उम्मीदवार रहे डाॅ. राजेश कश्यप, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, दुग्ध पशु सुधार सभा समिति सोलन के अध्यक्ष रविन्द्र परिहार, जिला परिषद सदस्य शीला, उपायुक्त सोलन केसी चमन, पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, ग्राम पंचायत शामती के प्रधान संजीव सूद, जिला भाजपा महामंत्री भरत साहनी, भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रोहित भारद्वाज, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके गुप्ता, भाजपा तथा भाजयुमो के अन्य पदाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति तथा आशा कार्यकर्ता इस अवसर पर उपस्थित थीं।
सोलन जिला में पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत विभिन्न रबी फसलों का बीमा किया जा रहा है। यह जानकारी कृषि उपनिदेशक सोलन डाॅ. राजेश कौशिक ने दी। राजेश कौशिक ने कहा कि पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी मौसम में गेहूं व जौ की फसलों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2020 निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रबी मौसम में टमाटर व जिला के धर्मपुर विकास खंड के लिए शिमला मिर्च की फसल को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत बीमा करवाने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2020 निर्धारित की गई है। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि किसान इन फसलों का बीमा अपने नजदीकी लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से करवा सकते हैं। किसान अपने दस्तावेज जैसे जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बिजाई प्रमाण पत्र इत्यादि लेकर लोकमित्र केंद्रों में जाएं अथवा आॅनलाइन पोर्टल पर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि ऋणधारक किसान यदि इन योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहते तो वह संबंधित बैंक को इस बारे अंतिम तिथि से 7 दिन पूर्व अवश्य सूचित करें अन्यथा उनकी फसल का बीमा स्वतः हो जाएगा। राजेश कौशिक ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए कुल बीमित राशि 2400 रुपए तथा जौ की फसल के लिए बीमित राशि 2000 रुपए प्रति बीघा निर्धारित की गई है। किसानों को गेहूं की फसल के लिए 36 रुपए प्रति बीघा तथा जौ की फसल के लिए 30 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। टमाटर की फसल के लिए कुल बीमित राशि 8000 रुपए प्रति बीघा तथा शिमला मिर्च की फसल के लिए कुल बीमित राशि 3200 रुपए प्रति बीघा निर्धारित की गई है। किसानों को टमाटर की फसल के लिए 400 रुपए प्रति बीघा तथा शिमला मिर्च की फसल के लिए 160 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरांत 02 सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीय आपदाओं को कवर किया जाता है। उन्होंने जिला के किसानांे से आग्रह किया है कि इन योजनाओं के अन्तर्गत अपनी फसलों का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने पर बीमा कंपनियों से मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि बीमा करवाने के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को चयनित किया गया है। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
कुनिहार। कुनिहार ब्लॉक में बनाए जाने वाली उप तहसील कार्यालय भवन को लेकर कुछ लोगों द्वारा इसके निर्माण पर उठाए गए सवाल निराधार है। यह बात आज कुनिहार लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में हाटकोट तथा कोठी पंचायत के जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों की आयोजित बैठक में कही गई। बैठक में इसका पुरजोर विरोध किया गया। बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि बीडीओ कार्यालय में भूमि का चयन जिला प्रशासन ने खुद किया है। यहां पर 11 बीघा भूमि है जिसमे से 2-5 बीघा भूमि इसके लिए चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा की उपरोक्त 5 बिस्वा में भवन बनेगा और बाकी पर पार्किंग की सुविधा होगी। मुख्य सड़क से विश्राम गृह के रास्ते को खोल कर सड़क को 12 फुट चौड़ा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डुमेंहर साइड से आने वाले मुख्य बाज़ार वाली सड़क को भी पक्का किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह जगह तीनो पंचायतो का केंद्र बिन्दु है। बैठक में बीडीसी सीमा महंत, प्रधान हाटकोट पंचायत सुनीता ठाकुर, वार्ड मेम्बर नवनीत शर्मा, भूपेंदर कालिया, कमला देवी, पैन्शनर चेत राम तंवर, हेमचन्द ठाकुर, राजिंदर धीमान, ओम प्रकाश गर्ग, सुशिल शर्मा, गोपाल कृष्ण, जन कल्याण समित हाटकोट के प्रधान हंस राज ठाकुर सहित अन्य उपस्थित रहे।
सेंट्रल ड्रग्स लेबाेरेटरी (CDL) कसौली ने अहमदाबाद की एक कंपनी का रेबीज वैक्सीन का सैंपल फेल किया है। CDL में सैंपल फेल होने के बाद अब यह कंपनी उस बैच को बाजार में नहीं भेज सकेगी। जानकारी के अनुसार अहमदाबाद की कैडिला हेल्थ केयर कंपनी का रेबीज वैक्सीन का सैंपल सीडीएल में जांच के लिए आया था। तमाम टेस्टिंग से गुजरने के बाद यह वैक्सीन सीडीएल के गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतर पाया। इसे सीडीएल द्वारा नॉट ऑफ स्टेंडर्ड क्वालिटी घोषित किया गया है। सीडीएल ने कंपनी को इस वैक्सीन को बाजार में न भेजने के निर्देश जारी किए है।
ग्राम पंचायत घनागुघाट के प्रधान धनीराम रघुवंशी ने पशु डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने हेतु सरकार से अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि ग्राम पंचायत घनागुघाट में एक पशु डिस्पेंसरी वर्तमान में कार्यरत है,क्योंकि इस क्षेत्र के लोगों का मुख्य व्यवसाय दुग्ध उत्पादन पर निर्भर है,इस कारण पंचायत में पशुओं की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है,जिसमें दुधारू पशुओं की तादाद ज्यादा हो रही है। पंचायत प्रधान ने कहा है कि ऐसे में क्षेत्रवासियों को महसूस हो रहा है कि उक्त पशु डिस्पेंसरी का पशु चिकित्सालय के रूप में अपग्रेड होना अति आवश्यक है।पशु चिकित्सालय के होने से पंचायत वासियों को अपने पशुओं का इलाज करवाने के लिए यहां नजदीकी सुविधा भी मिलेगी व यह कार्य जनहित में भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को अंजाम देने के लिए उन्होंने पंचायत द्वारा प्रस्ताव विभाग को भेजा था जिसमें सरकारी जमीन की उपलब्धता के कागज भी लगाए गए थे लेकिन अभी तक वन विभाग की ओर से एनओसी न मिलने के कारण यह कार्य लटका हुआ है।उन्होंने कहा कि जिस भूमि का चयन चिकित्सालय हेतु किया गया है उसमें कोई भी पेड़ मौजूद नहीं है,अतः वन विभाग को उसमें एनओसी देने हेतु कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।पंचायत प्रधान ने सरकार से निवेदन किया है कि यहां के लोगों की कठिनाई को देखते हुए यहां शीघ्र ही पशु चिकित्सालय अपग्रेड किया जाए।ताकि लोगों को अपने पशु का इलाज करवाने या टीका लगवाने कई कई किलोमीटर दूर न ले जाना पड़े।
एसएचओ दाड़लाघाट ने मानवता का परिचय देकर मिसाल कायम की है। कश्यालु गांव के एक व्यक्ति को उस समय मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा जब उसकी मां को गैंगरिंग हो गई, इस वजह से अपनी मां की टांग कटवानी पड़ी। यही नहीं उसकी मां का कोरोनावायरस टैस्ट करने पर वह कोरोना पॉजिटिव भी आ गई। जब वह व्यक्ति अपनी मां को हॉस्पिटल से घर लाया तो गांव के लोग उनसे दूर-दूर रहने लगे। इस कारण उसे आत्मग्लानि महसूस हुई। अपनी मां को दवाई का प्रबंध होता न देख उसे पुलिस प्रशासन से सहायता लेनी पड़ी। उस व्यक्ति ने पहले तो समीप के स्वास्थ्य कर्मियों तथा सामाजिक बंधुओं से सहायता हेतु गुहार लगाई लेकिन जब उसने देखा कि सभी कोरोना वायरस पॉजिटिव आने के कारण उसकी सहायता करने में आनाकानी कर रहे हैं तो उसने अंत में पुलिस प्रशासन को फोन कर अपनी मां को दवाई का इंतजाम करने की गुहार लगाई और दाड़लाघाट पुलिस के एसएचओ जीत सिंह ने मुश्किल की इस घड़ी में उसकी सहायता करने हेतु स्वयं तुरंत दवाई,फलों तथा अन्य खाद्य सामग्री का इंतजाम कर उसके घर पहुंचे और उस व्यक्ति तथा उसकी मां को जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए सांत्वना दी। एसएचओ जीत सिंह ने तो मानवता का परिचय देते हुए या अपने कर्तव्य का पालन करते हुए उस पीड़ित महिला की सहायता की और भविष्य में भी किसी भी प्रकार की सहायता करने हेतु कहा। उन्होंने कम से कम समाज को यह संदेश तो दिया ही है कि मानवता के नाते सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए समाज का कोई भी व्यक्ति स्वयंसेवी भावना से इस प्रकार की सहायता कर सकता है।ताकि उस समाज में रहने वाला पीड़ित व्यक्ति आत्मग्लानि महसूस न करे। एसएचओ जीत सिंह ने कहा कि इसी तरह अन्य लोग भी कोविड-19 से बचाव के लिए सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें और कोरोना पीड़ित व्यक्तियों को उनकी पीड़ा में शरीक होकर उनकी सहायता के लिए आगे आकर पुण्य कमाएं। एसएचओ जीत सिंह की टीम में उनके साथ पवन ठाकुर,कर्मचंद,चेतन भी मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशु पालन एवं मत्स्य पालन मन्त्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने एवं भारतीय तथा पहाड़ी नस्ल की गाय के संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए कृतसंकल्प है। वीरेन्द्र कंवर आज सब्जी मण्डी सोलन के समीप स्थित आश्रय गौ सदन में गौशाला के लिए नए भवन का शिलान्यास करने के उपरान्त उपस्थित जन समूह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने गौशाला भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। वीरेन्द्र कंवर ने सभी को गोपाष्टमि की बधाई देते हुए आशा जताई कि यह दिवस जनमानस को गाय की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। पशु पालन मन्त्री ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का आधार है और भारतीय नस्ल की गाय का संरक्षण तथा संवर्द्धन प्राकृतिक खेती, पर्यावरण एवं मानवीय जीवन के लिए अमृत है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं भारतीय गाय का सम्बन्ध हम सभी जानते हैं और उत्तम स्वास्थ्य तथा भावी पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक कृषि एवं भारतीय गाय को बढ़ावा देने का सभी को प्रण लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ का पंचगव्य अमृत तुल्य है और भारतीय चिकित्सा पद्धति में अनेक जटिल रोगों के निवारण के लिए गौ मूत्र का प्रयोग किया जा रहा है। वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का प्रथम प्राकृतिक कृषि राज्य बनाने के लिए कार्यरत है और इस दिशा में भारतीय एवं पहाड़ी नस्ल की गाय का उपयोग आवश्यक है। प्रदेश के ऊना जिला में 47 करोड़ रुपए की लागत से एक उत्कृष्ट केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। इस केन्द्र में भारतीय नस्ल की रेड सिन्धी, साहीवाल एवं थार पारकर नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए अनुसन्धान एवं अन्य कार्य किए जाएंगे। साहीवाल व गिर नस्ल की गाय के लिए वीर्य प्रयोगशाला की स्थापना कांगड़ा जिला के पालमपुर में की जाएगी। इससे प्रदेश के गौ पालकों को लाभ होगा। उन्होने कहा कि भारतीय नस्ल की गाय का क्रय करने के लिए प्रदेश सरकार 30,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश की पहाड़ी नस्ल की गाय की अच्छी नस्ल तैयार करने के लिए कार्य प्रगति पर है। इस गाय को ‘गौरी’ ब्राण्ड नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए 10 करोड़ रुपए की परियोजना को केन्द्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी गाय के दूध को मिल्कफेड द्वारा ‘गौरी मिल्क’ के नाम से बाजार में उतारा गया है। वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि गौ वंश के संरक्षण के लिए राज्य में गौ अरण्य क्षेत्र निर्मित किए जा रहे हैं। प्रदेश का प्रथम गौ अरण्य क्षेत्र सिरमौर जिला के कोटला पंजोला में निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आगामी एक से डेढ वर्ष में गौ वंश सड़क पर बेसहारा न रहे। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पशुओं को डिजीटल टैग लगाया जा रहा है और गौशालाओं को सहायता प्रदान की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 180 गौ शालाएं पंजीकृत हैं। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ सोलन के सह विभाग कार्यवाह कश्मार सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की। आश्रय गौ सदन के अध्यक्ष अविनाश ने धन्यावाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। नगर परिषद सोलन के अध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर, प्रदेश गौ संवर्द्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, भाजपा नेता डाॅ. राजेश कश्यप, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, भाजपा जिला महामन्त्री नन्द राम कश्यप, मनोनीत पार्षद एवं भाजपा महामन्त्री भरत साहनी, ग्राम पंचायत शामती के प्रधान संजीव सूद, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य नरेन्द्र ठाकुर, जोगेन्द्रा बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय ठाकुर, स्वामी आंनद गिरि महाराज, स्वामी कल्याण गिरि महाराज, स्वामी अमर देव, उपमण्डलाधिकारी सोलन एच.एस राणा, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा तथा भाजयुमो के अन्य पदाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति एवं गौ पालक इस अवसर पर उपसिथत थे।
हमें कपटी व दुर्जन लोगों से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए नहीं तो यह लोग पूरे परिवार पूरे समाज को संकट में डाल देते है। जैसे दासी मन्थरा ने कैकेई को बहकाकर श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिलवाकर पूरी अयोध्या वासियों को गमगीन कर दिया था। यह बात कुनिहार के गाँव नमोल मंगला माता मंदिर प्रांगण में चल रही श्री राम कथा के चौथे दिन आचार्य भगत राम नड्डा ने अपने प्रवचनों के दौरान श्रोताओं से कही। आचार्य ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कथा के चौथे दिन भगवान श्री राम व भाईयो की शिक्षा दीक्षा से लौटने के बाद जब भगवान श्री राम को अयोध्या का राजा बनाए जाने का निर्णय लिया गया तो किस तरह दासी मन्थरा के बहकावे में आकर रानी कैकेई ने राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगे जिसमे भरत के लिए राज्य व श्री राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। भगवान राम को 14 वर्ष वनवास की बात सुनते ही पूरी अयोध्या गमगीन हो गई। कथा वाचक द्वारा अपनी मधुर व ह्रदय विदारक वाणी से इस प्रषंग को सुनाकर पूरे पंडाल में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के उपरांत आयोजकों द्वारा भण्डारे का आयोजन किया जा रहा है। इस कथा को 24 नवम्बर को विराम दिया जाएगा। आज इस अवसर पर कृष्ण लाल, मेहर चंद, ओमप्रकाश, राजेन्द्र, जयपाल, पुनित, पीयूष, रूबल, नरेश, मान सिंह, रिखीराम, नवीन, दीपक, पूनम, निर्मला, इंद्रादेवी, रमा, संगीता आदि मौजूद रहे।
नगर निगम सोलन के सभी वार्डों की मतदाता सूचियां हिमाचल प्रदेश नगर निगम निर्वाचन नियम-2012 के अनुसार तैयार कर ली गई हैं। यह जानकारी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी सोलन हरि सिंह राणा ने दी। हरि सिंह राणा ने कहा कि नगर निगम सोलन के वार्ड संख्या 01 से 17 की मतदाता सूचियों की प्रति उपमण्डलाधिकारी कार्यालय सोलन, नगर निगम कार्यालय सोलन तथा तहसीलदार कार्यालय सोलन में निरीक्षण के लिए उपलब्ध है। मतदाता सूचियों का निरीक्षण किसी भी कार्यदिवस पर कार्यालय समय में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी नाम को सम्मिलत किए जाने के सम्बन्ध में दावा, प्रविष्टि अथवा किन्हीं प्रविष्टियों के सम्बन्ध में आक्षेप 28 नवम्बर, 2020 को अथवा उससे पूर्व दाखिल किए जा सकते हैं। यह दावा अथवा आक्षेप प्रारूप 04, 05 अथवा 06 में दाखिल किए जा सकते हैं। दावे एवं आक्षेप पुनरीक्षण अधिकारी, आयुक्त, नगर निगम सोलन को सम्बोधित होने चाहिएं। इन्हें व्यक्तिगत रूप से अथवा अभिकर्ता द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा या पंजीकृत डाक द्वारा इस प्रकार भेजा जाएगा कि यह निर्धारित तिथि के भीतर पुनरीक्षण प्राधिकारी के समक्ष पहुंच जाएं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा राष्ट्रीय नवजात शिशु जागरूकता सप्ताह के अन्तर्गत गत दिवस एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा नवजात शिशुओं की माताओं को नवजात शिशु की सुरक्षा तथा उनकी देखभाल के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। राष्ट्रीय नवजात शिशु जागरूकता सप्ताह 15 नवम्बर से 21 नवम्बर, 2020 तक आयोजित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नवजात शिशुओं में बीमारी के जोखिम को कम करने, उनके संतुलित शारीरिक विकास के लिए नवजात शिशु देखभाल की संपूर्ण जानकारी की आवश्यकता होती है। जन्म के समय नवजात शिशु की मूलभूत जरूरत माँ का साथ, सामान्य श्वास तथा मां का दूध होता है। इससे नवजात को संक्रमण से बचाया जा सकता है। कार्यशाला में शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. धर्मेन्द्र ने नवजात शिशु सुरक्षा पर जानकारी देते हुए कहा कि शिशु की सुरक्षा के लिए माताओं को सजग रहने की आवश्यकता है। नवजात शिशु की त्वचा और प्रतिरक्षा तंत्र संवेदनशील होता है। शिशु का पीठ के बल सोना सबसे सुरक्षित माना जाता है। बच्चे को इस स्थिति में नींद अच्छी आती ही हैै। उन्हांेने कहा कि नवजात शिशुओं को गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य जांच के लिए जिला स्तर पर स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एस.एन.सी.यू), प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर न्यू बोर्न केयर काॅर्नर (एन.बी.सी.सी.) तथा खण्ड स्तर पर न्यू बोर्न स्टेबिलाइजेशन यूनिट (एन.बी.एस.यू.) स्थापित किए गए हैं। सभी स्तरों पर नवजात की माताओं को शिशुओं की देखभाल के बारे में जरूरी जानकारी प्रदान की जा रही है। डाॅ. धर्मेन्द्र ने कहा कि राष्ट्रीय नवजात शिशु जागरूकता सप्ताह के अन्तर्गत हर दिन नवजात शिशुओं की उचित जांच तथा नवजात शिशुओं की माताओं को उनकी घर पर देखभाल के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है। इस सप्ताह का उद्देश्य नवजात शिशुओं की देखभाल के बारे में माताओं को जागरूक बनाना और भविष्य में उनका सर्वांगीण शारीरिक एवं मानसिक विकास सुनिश्चित करना है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एन.के. गुप्ता, डाॅ. मुक्ता रस्तोगी, डाॅ. पूनम, बीसीसी समन्वयक राधा चैहान, किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता ममता, आहार विशेषज्ञ प्रेरणा इस अवसर पर उपस्थित थे।
उपायुक्त कार्यालय सोलन में चालक के 01 पद के लिए ड्राईविंग टैस्ट 25 नवम्बर, 2020 को बसाल हेलीपेड सोलन में प्रातः 11.00 बजे से आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी। केसी चमन ने कहा कि इस ड्राईविंग टैस्ट के लिए सहायक आयुक्त भानु गुप्ता की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति में हिमाचल राज्य पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबन्धक सुरेश धीमान, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, उपमण्डल धर्मपुर के सहायक अभियन्ता (यान्त्रिक) अबनेश कुमार तथा सोलन के कार्यकारी एमवीआई जतिन मेहता सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि समिति को निर्देश दिए गए हैं कि ड्राईविंग टैस्ट की प्रक्रिया के दौरान कोविड-19 महामारी के सम्बन्ध में जारी विभिन्न निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जाए।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दिशा-निर्देशानुसार मिनी सचिवालय सोलन में स्थापित वेयरहाउस में भण्डारण की गई एम-1 इलैक्ट्राॅनिक वोटिंग मशीन के 60 बैलेट यूनिट तथा 68 कन्ट्रोल यूनिट को आज हरियाणा के पंचकूला स्थित बीईएल फैक्टरी के लिए भेज दिया गया। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय सोलन तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कार्य पूरा किया गया। इन ईवीएम मशीनों को पुलिस सुरक्षा के साथ बीईएल फैक्टरी पंचकूला के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर भाजपा मंडल सोलन के उपाध्यक्ष चन्द्रकांत शर्मा, कांग्रेस जिला महासचिव शिवदत्त ठाकुर, कार्यकारी उपमण्डलाधिकारी सोलन हरि सिंह राणा, तहसीलदार निर्वाचन राजेन्द्र शर्मा तथा नायब तहसीलदार महेन्द्र ठाकुर उपस्थित थे।
वर्तमान समय में अनेक युवा केन्द्र तथा प्रदेश सरकार की रोज़गारपरक योजनाओं को अपनाकर समाज के समक्ष अपने परिश्रम तथा कौशल के माध्यम से अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। ये युवा शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को सफलतापूर्वक यह समझा रहे हैं कि यदि लगन के साथ कार्य किया जाए तो पूरे समाज को एक नई राह दिखाई जा सकती है। ऐसे ही एक युवा हैं सोलन जिला के ओच्छघाट के तरूण शर्मा। तरूण प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम की सफलता की जीती-जागती मिसाल हैं। वर्तमान में तरूण को पूरे सोलन विकास खण्ड में युवाओं के जीवन को संवारने वाला माना जाता है। तरूण सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत ओच्छघाट के जीरो प्वाइंट में स्थापित अपने गत्ता उद्योग ‘देव्यांशी पैकर्ज़’ के माध्यम से हुनर से स्वरोज़गार और स्वरोज़गार से रोज़गार की नई इबारत लिख रहे हैं। केन्द्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम को हिमाचल प्रदेश में हाथों-हाथ लिया जा रहा है। इसका प्रमुख कारण है केन्द्र सरकार एवं वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा गांव-गांव तक योजना का समुचित प्रचार-प्रसार सुनिश्चित बनाना। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना से प्रदेश के युवाओं को लाभान्वित करने के लिए सम्बन्धित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा ज़िला उद्योग केन्द्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम की पूरी जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं ताकि शिक्षित युवा इसका लाभ उठा सकें। इसके प्रत्यक्ष लाभ भी दृष्टिगोचर हो रहे हैं। केन्द्र सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के बारे में तरूण शर्मा को प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों से जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने जानकारी मिलने पर ज़िला उद्योग केन्द्र तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड से सम्पर्क किया। उन्हें अवगत करवाया गया कि वे प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण तथा उपदान के लिए आवेदन कर सकते हैं। तरूण शर्मा ने गत्ता आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपए का ऋण लिया। उन्होंने वर्ष 2017-18 में ओच्छघाट के जीरो प्वाइंट में देव्यांशी पैकर्ज़ के नाम से अपना व्यवसाय आरम्भ किया। काम के प्रति लगन और केन्द्र एवं प्रदेश सरकार तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड से प्राप्त मार्गदर्शन के माध्यम से तरूण ने आज अपने स्वरोज़गार को सफलता का प्रतीक बना लिया है। गत 03 वर्षों में उनका यह प्रयास स्थापित आकार ले चुका है। तरूण शर्मा ने देव्यांशी पैकर्ज़ के माध्यम से क्षेत्र के 08-10 युवाओं को रोज़गार भी प्रदान किया है। तरूण शर्मा ने इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत प्राप्त ऋण ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी है। आज वो न केवल अपना सफल व्यवसाय चला रहे हैं अपितु बेरोज़गार शिक्षित युवाओं को रोज़गार भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक वे कुल ऋण का 50 प्रतिशत से अधिक लौटा चुके हैं। वे व्यवसाय के विभिन्न कार्यों को पूरा करने के उपरांत 04 से 05 लाख रुपए वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने गत्ता उद्योग में वे सेब सहित विभिन्न फलों के कार्टन बाॅक्स और दवाईयों के लिए पैकेजिंग सामग्री तैयार करते हैं। उनके तैयार उत्पाद अपनी गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। तरूण शर्मा ने यह सिद्ध किया है कि केन्द्र तथा प्रदेश सरकार की रोज़गार एवं स्वरोज़गार प्रदान करने वाली योजनाएं आज के शिक्षित युवाओं का ऐसा सहारा है जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अन्य को राह दिखाने का जरिया भी बन सकती हैं। आवश्यकता है तो इन योजनाओं की सही जानकारी प्राप्त कर उचित मार्गदर्शन में इन्हें अपनाने की।
दाड़लाघाट। ग्राम पंचायत मांगल के गांव कोल से संबंध रखने वाली रमा धीमान का भजन जय बाड़ू बाड़ा देव लांच हुआ। यह भजन सत श्री देव बाडू बाड़ा मंदिर प्रांगण शालुघाट में पंचायत उपप्रधान श्यामलाल चौहान और कृष्णा चौहान की देखरेख में लांच किया गया। रमा धीमान ने कई वर्षों से गीत संगीत की दुनिया में कदम रखा है, मगर उनको बड़े-बड़े मंच मिले, सुर संगम जिला सोलन साहित्य कला मंच द्वारा करवाए गए संगीत कंपटीशन 2016 के बाद जिसमें उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया। गरीब परिवार से संबंध रखने वाली रमा धीमान के पति सुनील कुमार द्वारा उन्हें पुरजोर समर्थन रहता है, वो हर कंपटीशन में भाग लेती है। जागरण और स्टेज शो भी करती है। इनके कंठ में मां सरस्वती का वास है। उप प्रधान श्यामलाल चौहान ने उन्हें आशीर्वाद दिया व हमेशा सफलता की सीढ़ियां चढ़ने की कामना की। चौहान कृष्णा ने कहा कि मांगल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो बस बड़े मंच प्रदान करने की जिसके लिए हम सदैव दृढ़ संकल्पित है। कृष्णा चौहान ने बताया कि रमा धीमान की सफलता का श्रय मोहनलाल चौहान को जाता है। इन्होंने सबसे पहले जागरण मंडली में हवाणी में सत श्री देवता बाडू बाड़ा मंदिर से इन्हें मां का गायन का मौका दिया और आज यही कारण है कि रमा धीमान का सबसे पहला भजन भी देवता जी के नाम रहा। इनकी कामयाबी के पीछे मोहन लाल चौहान का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इस विशेष मौके पर मोहनलाल चौहान, मनोहर लाल, प्रेमी देवी, पवना देवी, प्रधान महिला मंडल कोल शानू, बृजलाल, पवन ठाकुर, पवन चौहान, गुलशन, सोनू, निशांत और एससीएसटी सेल उपाध्यक्ष अर्की राकेश चौहान, मोहनलाल चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।
दाड़लाघाट। जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक दाड़लाघाट में मंगलवार सुबह प्रातः 6 बजे के करीब आग लग गई जिसमे बैंक में सिर्फ पुराने रखे गए दस्तावेज जले। बैंक के साथ एक दुकानदार ने बैंक से धुआं उठता हुए देखा तभी बैंक प्रबंधक को सूचित किया गया और बैंक में ज्यादा आग लगने से बचाव हो गया। वही अगर समय रहते आग लगने का पता नही लगता तो बैंक में रखे गए जरूरी दस्तावेज राख हो जाते। बैंक में आग लगने का कारण शॉट शर्किट बताया जा रहा है। सूचना पर स्थानीय पुलिस, अम्बुजा फायर ब्रिगेड, बैंक कर्मचारी और स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए, साथ ही आग बुझाने का कार्य शुरू हो गया। बैंक प्रबंधक बी आर कौशल ने बताया कि मुझे बैंक में आग लगने का पता प्रातः लगा। उन्होंने बताया कि बैंक में लगी आग का स्थानीय लोगों के सहयोग से काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि अम्बुजा फायर भी मौके पर पहुँच गई थी लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने भी बैंक में आकर मौके का जायजा लिया। इस दौरान बैंक प्रबंधक उनकी पूरी टीम व स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाकर बैंक में रखे गए जरूरी कागजो को समय रखते बचा लिया।
Dr. YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni has invited applications for its one-year Vocational Training Course on Horticulture Management (Self-Employment) for the session 2020-21. The objective of the course is to train the youth from agricultural backgrounds to become self-employed in the production of fruits, vegetables, flowers, mushrooms, and beekeeping. The training course will be run at the Regional Horticulture Research and Training Stations and the Krishi Vigyan Kendras (KVK) of the University from January 4. The total seats in the program are 130, which will be offered at seven regional stations of the university. The Regional Horticulture Research and Training Stations at Jachh in Kangra, Bajaura in Kullu, Sharbo in Kinnaur, Mashobra in Shimla and College of Horticulture and Forestry, Neri in Hamirpur will offer 20 seats each. The Regional Horticulture Research and Training Station at Dhaulakaun in Sirmaur district and KVK in Chamba will be offering 15 seats each in this program. Candidates between the age of 17 to 30 years belonging to an agricultural background and possessing a minimum qualification of Class 10 are eligible to apply for this program. Interested candidates can submit their application on a simple paper to the respective Associate Directors/ KVK Coordinators on or before December 1. The interviews will be conducted on December 15 at the office of the Associate Directors/ KVK Coordinators. The candidates will have to submit an affidavit that they will be taking up this as a vocation. Candidates will have to bring all the essential certificates along with photocopies including any category certificates (if applicable) at the time of the interview. No stipend will be paid during the course.


















































