फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला खन्ना ने यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिवारों को हौसला बनाए रखने की अपील की भाजपा हिमाचल प्रदेश प्रभारी वह पंजाब के पूर्व राज्यसभा सांसद अविनाश राय खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए सभी प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि रोमानियाई सीमाओं तक पहुंचने वाले छात्रों के साथ यहां पहले से ही 5 उड़ानें उतर चुकी हैं। पोलैंड और स्लोवेकिया की सीमाओं में भी सुविधाएं बनाई जा रही हैं। खन्ना ने बताया कि मंत्री हरदीप पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, क्रिएन रिजेजू, जनरल वीके सिंह व्यक्तिगत रूप से निकासी और एयरलिफ्टिंग प्रक्रिया की निगरानी के लिए वहां जा रहे हैं। इस मौके पर यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिवारों को खन्ना ने अपील की कि वे हौसला बनाए रखें। भारत सरकार निरंतर अपने लोगों को यूक्रेन से निकालने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के साथ-साथ भाजपा का हर नेता व कार्यकर्ता यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिवारों के साथ खड़ा है खन्ना ने कहा की निसंदेह जल्द ही भारत सरकार यूक्रेन में फंसे छात्रों को वहां से सकुशल निकाल लेगी।
उद्यांश सूद। लडभड़ोल आईपीएच मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह सीएसडी कैंटीन भड़ोल में पहुंचे। इस अवसर विधायक प्रकाश राणा विशेष तौर पर उपस्थित रहे। ठाकुर महेंद्र सिंह ने कैंटीन परिसर का जायजा लिया। विधायक वहां पर मौजूद जनसमूह को संबाेधित करते हुए कहा कि आज तक मंत्री व मुख्यमंत्री के समक्ष जो मांग रखी, उसे उन्होंने पूरा किया। उन्होंने कहा कि लडभड़ोल कैंटीन की मांग अभी की नहीं थी। इसकी पिछले 30-35 वर्षाें से इसकी मांग रख कर रहे थे, अब जाकर यह मांग पूरी हुई। इसके लिए क्षेत्र की जनता की तरफ से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह के विशेष रूप से धन्यवादी हैं। ठाकुर महेंद्र सिंह ने वहां पर मौजूद जनसमूह को बताया कि क्षेत्र में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं, यह सब विधायक प्रकाश राणा की दूरगामी सोच का नतीजा है। विधायक प्रकाश राणा जब भी शिमला आते हैं, कुछ न कुछ सौगात क्षेत्र की जनता के लिए वहां से लेकर ही लौटते हैं। मंत्री ने कहा की आज व्यास नदी के ऊपर एक नहीं 3-3 ब्रिज बन रहे हैं। भड़ोल और चौंतड़ा क्षेत्र के लिए सिंचाई हेतु 80-80 करोड़ की स्कीम की सौगात दी है। उन्होंने कहा क्षेत्र की जनता शिवा प्रोजेक्ट की तरफ ध्यान दें। होक्ट्रिकलचर विभाग वाले स्वयं जमीनों में बगीचा लगाकर देंगे। उन्होंने कहा कि विकास के प्रति विधायक प्रकाश राणा के अंदर जो जनून है, वह आज तक किसी नेता में नहीं देखा। वह अपनी जनता के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने कहा कि जनता को आश्वासत करते हैं कि लडभड़ोल सीएसडी कैंटीन के लिए एक आलीशान भवन भी बनाया जाएगा। इस अवसर पर बीजेपी महिला मोर्चा कार्यकारिणी की सदस्य रीमा राणा, आर्मी लीग के अध्यक्ष परवीन शर्मा, बीडीसी चेयरमैन रम्मा देवी व अन्य बीडीसी सदस्य, पंचायतों के प्रधान व उप प्रधान व क्षेत्र के सेवानिवृत्त व सेवारत व वीर नारियां राणा बूथ प्रधान व कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शाहपुर रैत शिक्षा खंड के दो अध्यापक ओम प्रकाश केंद्र मुख्य शिक्षक केंद्र सलावना व पवन धीमान मुख्य शिक्षक राजकीय प्राथमिक पाठशाला अंनसुई से सेवानिवृत्त हुए हैं। पवन धीमान ने कुल 26 वर्ष 6 महीने शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दी। ओम प्रकाश ने कुल सेवा 33 वर्ष 10 महीने शिक्षा विभाग में सेवाएं दी। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश पठानिया, प्रीतम ठाकुर ने दोनों अध्यापको को शुभकामनाएं दी। प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा आयोजित विदाई समारोह में शिक्षक संघ द्वारा दोनों अध्यापकों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर खंड प्रधान राजीव शर्मा और महासचिव पंकज मनकोटिया ने दोनों अध्यापकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक का देश निर्माण में बहुमूल्य योगदान रहता है और शिक्षक संघ ने दोनों अध्यापकों के योगदान को खूब सराहा। इस अवसर पर बीआरसीसी सुनील धीमान, केंद्र मुख्य शिक्षक अरविंद धीमान, विजय कुमार, मिंटो देवी, निशा कुमारी, उर्मिला देवी, जगीर सिंह व सतनाम कौर और अलग सेंटर के अध्यापक शामिल रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों और उनके माता-पिता तथा यूक्रेन से भारत लौटे विद्यार्थियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को यूक्रेन में भारतीय दूतावास के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि छात्र दूतावास के अधिकारियों और अपने-अपने संस्थानों के प्रबंधन से परामर्श के उपरान्त ही स्थान छोड़ंें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और उनकी सकुशल वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार सेे लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार स्थिति से पूरी तरह अवगत है और सुरक्षित वापसी प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय के लिए यूक्रेन के विभिन्न पड़ोसी देशों में चार केंद्रीय मंत्रियों को तैनात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूक्रेन में फंसे लोगों से समुचित समन्वय के लिए राज्य सरकार ने एक हेल्पलाइन भी स्थापित की है। उन्होंने कहा कि इस हेल्पलाइन पर अब तक 218 लोगों ने पंजीकरण करवाया है और अब तक हिमाचल प्रदेश के 102 विद्यार्थी भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के 317 विद्यार्थी अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र को सकुशल घर वापिस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों के माता-पिता से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी स्थिति की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भारत आने वाले सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क घर लाने के लिए व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने यूक्रेन से सुरक्षित वापस लौटे विद्यार्थियों का भी स्वागत किया। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, महासचिव बाल कल्याण परिषद पायल वैद्य, प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन विभाग भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डॉ. आर.एन. बत्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शाहपुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल बोह में वोकेशनल विषय टूरिज़्म में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियाें को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें स्थानीय निजी ट्रेवल एजेंसी और होमस्टे को शामिल किया गया। प्रशिक्षण में 9वीं से 12वीं तक के लगभग 70 छात्र व छात्राओं में भाग लिया। स्थानीय ट्रेवल एजेंसी इंडियन माउंटेन डायरीज की टीम ने विद्यार्थीओं को कैंपिंग, लीडरशिप डेवलोपमेन्ट ट्रेकिंग एकपमेंट के बारे में प्रशिक्षण दिया। होटल व फ्लाइट बुकिंग सहित ट्रेवल पैकेज के बारे में प्रशिक्षण दिया। ट्रेवल ट्रेल व इंडियन माउंटेन डायरीज की टीम ने मोरछ में विद्यार्थीओं को रोक क्लाइबमिंग, रैपलिंग, रिवर क्रॉसिंग का प्रशिक्षण दिया। साथ में हर विद्यार्थी को सभी एडवेंचर एक्टिविटी का अनुभव दिया। गगन होमस्टे में विद्यार्थियाें को होमस्टे के बारे में बताते हुए पर्यटकों का किस तरह से स्वागत व व्यवहार किया जाना चाहिए। इसके बारे में टिप्स बताए गए। स्थानीय निवासी टूरिज़्म प्रोफेसनल तरसेम जरियाल ने बताया कि बोह वैली में पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र दिन-प्रतिदिन विकसित हो रहा है। युवाओं को कई तरह का रोजगार मिल सकता हैं। ग्रामीण पर्यटन के तौर पर इस क्षेत्र में देश विदेश में अपनी अलग पहचान बना सकता हैं। इंडियन मौउटेंन डायरीज ट्रेवल एजेंसी की सहायक निदेशक दर्शना जरियाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण से बच्चों का उत्साह बढ़ा है। साथ मे कई नई तरीके के साथ गुर भी इन्हें सिखाए गए। माउंटेनरिंग इंस्टिट्यूट मैक्लोडगंज में कार्यरत राजेश राणा ने बच्चों को एडवेंचर का प्रशिक्षण दिया। वोकेशनल प्रशिक्षक पूनम शर्मा व स्कूल प्रिंसिपल निशा डोगरा ने बताया कि विद्यार्थीओं ने बड़े उत्साह से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया हैं और बेहद खूबसूरत तरीक़े के साथ गुर सीखे।
सुनील समियाल। धर्मशाला तिब्बती वाटर टाईगर वर्ष-2149, तिब्बती नव वर्ष के अवसर पर तिब्बती मुख्य मंदिर मैक्लोडगंज 3 मार्च से खुल जाएगा। इस दौरान कोविड-19 मामलों को देखते हुए मंदिर आने वाले आगंतुक कोविड नियमों का पालन करते हुए मंदिर परिसर में आ सकेंगे। यह जानकारी देते हुए थेखचेन चोयलिंग चैरिटेबल सोसायटी ने बताया कि मंदिर आने वाले आगंतुकों को मंदिर परिसर में आपकी यात्रा के दौरान मास्क पहनना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना तथा मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपने हाथ को सैनिटाइज करना आवश्यक होगा।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित व प्रेरित करना तथा जनसाधारण को विज्ञान एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति सजग बनाना है। नेशनल साइंस इनोवेशन फाउंडेशन इंडिया द्वारा आयोजित राष्ट्रिय विज्ञान प्रदर्शनी प्रतियोगिता 2022 में परमार इंटरनेशनल स्कूल के दसवीं कक्षा के अमूल्य जस्वाल और इशिता परमार ने तीसरा स्थान हासिल कर स्कूल,अध्यापकों और अभिभावकों का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में छात्रों को "स्मार्ट कोवीड डिटेक्शन कार्ड अलोंग विद टेम्परेचर रीडर कार्ड" विषय दिया गया था। इस प्रतियोगिता में भारत के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 643 जिलों के 9456 विद्यार्थिओं ने भाग लिया था। जिसमे विभिन्न राज्यों के कुल 25 छात्र विजय रहे। परमार इंटरनेशनल स्कूल के दोनों छात्रों को और उनके अभिभावकों को स्कूल के निदेशक भूपिंदर सिंह राणा ने हार्दिक शुभकामनाएं दी और भविष्य में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सोलन शहर से लगभग पांच किलोमीटर स्थित जटोली में ना केवल हिमाचल और भारत बल्कि एशिया का सबसे ऊँचा शिव मंदिर है। कोरोना काल के दो साल बाद इस साल जटोली शिव मंदिर में धूमधाम से शिवरात्रि हर वर्ष के भांति मनाई जाएगी। एक मार्च को हर साल के भांति रात्रि भजन संध्या होगी तथा अगले दिन बुधवार को विशाल भंडारा आयोजित किया जायेगा। भंडारा सुबह 9 बजे से शुरू होकर रात्रि तक चलता है। जटोली शिव मंदिर में इस बार शिवरात्रि पर्व पर हिमाचल पुलिस विभाग के महानिदेशक संजय कुंडू मुख्य तिथि के तौर पर उपस्थित होंगे। जानकारी देते हुए मंदिर के सचिव डॉ उपेंद्र कॉल ने कहा कि दो साल के बाद अब त्योहारों को मानाने की अनुमति सरकार ने दी है। मंदिर कमेटी ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हिमाचल के बेह्तरीन भजन मण्डली को शिवरात्रि पर्व पर मंदिर बुलाया गया है। उन्होंने बताया की पहले दिन जागरण व् दूसरे दिन शिव भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा जो सुबह से रात्रि तक चलता रहेगा। इस दौरान उन्होंने सोलन तथा सोलन के आस -पास की जनता को भगवान शिव के मंदिर में लोगो को हाज़री लगाने के लिए आमंत्रित किया।
प्रतिमा राणा। पालमपुर उपायुक्त, डा. निपुण जिंदल ने पालमपुर अस्पताल के निर्माणाधीन भवन के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ताकि इस भवन के निर्माण से ज्यादा से ज्यादा रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा सकें। आज उपायुक्त डा. निपुण जिंदल ने पालमपुर सिविल अस्पताल के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि रोगियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तारीकरण भी किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि जिला के सभी सरकारी अस्पतालों में रोगी कल्याण समितियों का गठन भी किया गया है। रोगी कल्याण समितियों के माध्यम से रोगियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नियमित तौर पर कदम उठाएं जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में गरीब तथा जरूरतमंद रोगियों के लिए दवाइयां तथा आवश्यक टैस्ट नि:शुल्क करवाए जा रहे हैं। उपायुक्त, डा. निपुण जिंदल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में उपचाराधीन रोगियों तथा उनके तीमारदारों के बैठने की भी व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। बायो मेडिकल कचरा के उचित निष्पादन के लिए भी उचित कदम उठाएं जाएं। इसके लिए जिला के सभी चिकित्सा संस्थानों, पशु औषधालयों तथा आयुर्वेदिक विभाग के चिकित्सा संस्थानों में बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन के लिए पहले से ही दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले बीएमओ डा. जयदेश राणा ने उपायुक्त का स्वागत करते हुए अस्पताल के निर्माणाधीन भवन के निर्माण को लेकर आवश्यक जानकारी दी। इस मौके पर उपमंडलाधिकारी डा. अमित गुलेरिया और एमएस विनय महाजन भी मौजूद रहे।
प्रतिमा राणा। पालमपुर विकास खंड भवारना की ग्राम पंचायत अरला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जागृति ग्राम संगठन कस्टम हायरिंग सेंटर का शुभारंभ सहायक आयुक्त विकास एवं खंड विकास अधिकारी संकल्प गौतम ने किया। संकल्प गौतम ने बताया कि इस सेंटर के लिए जागृति ग्राम संगठन को विभाग की तरफ से चार लाख रुपए का अनुदान कृषि उपकरणों के खरीद हेतु मुहैया करवाया गया है। इसमें पावर बीडर, ब्रश कटर, बीट थ्रेशर, पैड़ी थ्रेशर, स्प्रे पंप जैसे कृषि उपकरण खरीद किए गए हैं। संगठन द्वारा इन उपकरणों को ग्रामीण महिलाओं/किसानों को सस्ती दरों पर किराए पर दिया जाएगा और यहां से अर्जित आय को महिलाओं के उत्थान हेतु व्यय किया जाएगा। इस अवसर पर बीडीओ ने महिलाओं को एनआरएलएम के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह के फायदे बताए। इस मौके पर प्रधान ग्राम पंचायत अरला सुनीता देवी, उपप्रधान विजय कुमार, एलएसईओ रमा सूद, ग्राम संगठन के प्रधान पुण्य देवी, सचिव पूनम कुमारी, एलवीटीसी भवारना ममता वर्मा, सुमन, शशि बाला, गुड्डी देवी सहित आठ स्वयं सहायता समूह के लगभग 60 सदस्य ने भाग लिया।
मनीष ठाकुर : इंदाैरा शिव मंदिर काठगढ़ में तीन दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व का शुभारंभ एसडीएम इंदौरा सोमिल गौतम द्वारा किया गया। उनके शिव मंदिर पहुंचने पर शिव मंदिर काठगढ़ सुधार सभा के अध्यक्ष ओम प्रकाश कटोच ने सभा के पदाधिकारियों व मंदिर के महंत कालिदास ने भव्य स्वागत कर शिवरात्रि पर्व का शुभारंभ किया। वहीं, हज़ारों की तादाद में शिव भक्तों की मंदिर में लगी लंबी-लंबी कतारों और बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर गूंज उठा। एसडीएम ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर मां सरस्वती के समक्ष दीव प्रजवलित कर शिवरात्रि पर्व का शुभारंभ करते हुए मंदिर प्रबंधन व श्रद्धालुओं को शिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दी। काठगढ़ मंदिर में तीन दिवसीय शिवरात्रि मेले के दौरान काठगढ़ मेधावी प्रतियोगिता में मेधावी बच्चों को मंदिर प्रबंधन की तरफ से एसडीएम इंदौरा ने छात्रों को स्मृति चिन्ह एवं अन्य पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। एसड़ीएम ने मेले को सफल बनाने के लिए काठगढ़ मेले के दाैरान समस्त विभागों के अधिकारियों को अपनी-अपनी ड्यूटी निभाने के निर्देश जारी किए। खासकर कानून व्यवस्था और ट्रैफिक समस्या पर खास ध्यान देने पर बल दिया, ताकि मेले में उमड़ने वाली लाखों कि तादाद में भीड़ को नियंत्रित ओर भोले बाबा के दर्शनों में कोई समस्या पेश ने आए। वहीं, शिव मंदिर में जगह-जगह लगे भंडारे और मेले में लगे झूले और हज़ारों की तादाद में शिव भक्तों की मौजूदगी काठगढ़ शिवरात्रि पर्व को ओर अधिक भव्य बना रही थी। वहीं, देश सेवा युवा क्लब के सदस्यों ने मेले के दौरान अपनी सेवाएं देते हुए सैंकड़ो युवा मेले के सफल आयोजन के लिए दिन-रात शिव भक्तों की सेवा में लगे हुए हैं। इस अवसर पर काठगढ़ मेला अधिकारी नायब तहसीलदार इंदौरा मदन कुमार, काठगढ़ पंचायत के प्रधान जगमोहन सिंह, लंबरदार युद्धवीर सिंह, सुभाष शर्मा, जोगिंदर शर्मा, गोपाल कृष्ण, प्रेस सचिव सुरिंद्र शर्मा, राजिंदर पटाका, रमेश पठानिया, रमेश शर्मा, थाना इंदौरा के प्रभारी सुरेश शर्मा सहित दर्ज़नों गणमान्य लोग मेले के शुभारंभ पर उपस्थित रहे। शिव मंदिर काठगढ़ के मुख्य पुजारी महंत कालिदास ने महा शिवरात्रि पर्व एसडीएम इंदौरा की उपस्थिति में शिव मंदिर काठगढ़ सुधार सभा को मेले के सफल आयोजन हेतु 1 लाख 51 हज़ार रुपए की राशि का चेक भेंट किया गया।
राज्यपाल ने आज कांगड़ा जिले के सीएसआईआर-हिमालय जैव-संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि विश्व ने इस दिन सीवी रमन के वैज्ञानिक आविष्कार को मान्यता प्रदान की थी। उनके द्वारा दिए गए रमन इफैक्ट पर देश को गर्व है। उन्होंने कहा कि विज्ञान जीवन का एक अभिन्न अंग है और कई वैज्ञानिक आविष्कार हमारे पूर्वजों के विचारों से प्रेरित हैं। हमारी मानसिक सोच की कमी कहीं न कहीं हमें सोचने पर मजबूर कर देती है कि यह आज का ही शोध है। हमारे ऋषि-मुनियों का शोध आज भी प्रासंगिक है और दुनिया में इसे अब स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह देश के अग्रणी संगठन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला है। इस वर्ष के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का विषय सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण है। उन्होंने सन्तोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्थान देश के साथ-साथ हिमाचल और अन्य पहाड़ी लोगों के लिए प्रासंगिक प्रौद्योगिकी के विकास और प्रसार के लिए कार्यरत है। सीएसआईआर-आईएचबीटी में अनुसंधान कार्य समाज के हित में किया जा रहा है और अधिकांश शोध कृषक कल्याण के लिए समर्पित हैं। वैज्ञानिक खोज से समाज को लाभ होना चाहिए और यही हर वैज्ञानिक का लक्ष्य होना चाहिए। इस अवसर पर सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक संजय कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया और कहा कि संस्थान राष्ट्रहित में कार्य करना निरंतर जारी रखेगा। संस्थान का उद्देश्य सामाजिक, औद्योगिक और पर्यावरणीय लाभ के लिए हिमालयी जैव संसाधनों के उपयोग के माध्यम से जैव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करना है। उन्होंने कहा कि संस्थान के पास इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए एग्रोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, केमिकल टेक्नोलॉजी, डायटेटिक्स एवं न्यूट्रिशन टेक्नोलॉजी और पर्यावरण प्रौद्योगिकी सहित पांच प्रमुख तकनीकी प्लेटफार्म हैं। एससीआईमैगो इंटरनेशनल ने देश के 37 सीएसआईआर संस्थानों में सीएसआईआर-आईएचबीटी को 9वें स्थान पर और नेचर रेंकिंग इण्डेक्स-2020 द्वारा सीएसआईआर को देश में शीर्ष वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान के रूप में स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर-आईएचबीटी ने जून 2015 से 62 तकनीक विकसित की है और पिछले छह वर्षों के दौरान कुल 481 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षरित किए हैं। राज्यपाल ने संस्थान के नए प्रयोगशाला ब्लॉक की आधारशिला रखी। उन्होंने परिसर में एक यलो बेल का पौधरोपण भी किया। इसके पश्चात उन्होंने ट्यूलिप गार्डन का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर किसानों को बीज, औषधीय पौधे और पौधों की उन्नत किस्मों का भी वितरण किया।
महाशिवरात्री के शुभ अवसर पर शिव भजन तेरा डमरू बाबा जी आज रिलीज हो गया। इस भजन को आईसुर स्टूडियो के यूट्यूब चैनल पर लांच किया गया। भजन की लांचिंग संगीत निर्देशक परमजीत पम्मी ने की। भजन के पोस्टर व टीजर को दर्शकों ने सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया था। इस भजन को दूरदराज की पंचायत बागा के म्यूजिक गिटारिस्ट व गायक कलाकार अरुण चौहान ने अपनी सुरीली आवाज से सजाया है। भजन को परमजीत पम्मी ने संगीतबद्ध किया है। देवेंद्र चौहान द्वारा लिखे इस भजन के वीडियो का निर्देशक अनमोल स्टूडियो ने किया है। वहीं, भजन में नीटू शर्मा, दिनेश राजपूत व हनी भारद्वाज ने महत्त्वपूर्ण किरदार निभाया है। अजय राजपूत ने इस वीडियो को निर्देशित किया है। अनमोल स्टूडियो, वेदस स्टूडियो ओर डीएस फोटोग्राफी ने वीडियो ड्रोन के रूप में कार्य किया है। गायक अरुण चौहान ने बताया कि इस भजन को अर्की के लुटरू व हरसंग धार पर शूट किया गया है। अरुण ने कहा कि सफलता को हासिल करने के लिए पूरी जनता के साथ की जरूरत होती है। 'डमरू बाबा जी' भजन के बाद भविष्य में गीतों को लेकर योजना बन रही है। इस भजन को यूट्यूब पर आईसुर स्टूडियो के माध्यम से देखा जा सकता है।
उद्यांश सूद। लडभड़ोल हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक सीमित शाखा कार्यालय खददर ने वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के तहत् ग्राम पंचायत पंजालग में एक दिवसीय शिविर आयोजन किया गया। जिसमें बैंक अधिकारीयों ने बैंक में चल रही विभिन्न बचत तथा ऋण संबंधित योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम में गांव के लगभग 40 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक सीमित शाखा कार्यालय खददर की तरफ से बैंक अधिकारी अनिल राणा ग्राम पंचायत प्रधान मधु देवी आदि उपस्थित रहीं। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शाखा के प्रबंधक अनिल राणा ने बैंक में चल रही विभिन्न बचत तथा ऋण संबंधी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, स्वयं सहायता समूह डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने हेतू बैंक की ऐप हिमपैसा, अटल पेंशन योजना व पीवाईजीएमवाई की विस्तृत जानकारी दी
फाल्गुन उम्मीद, उल्लास और उत्साह का माह है। चार मार्च को हिमाचल प्रदेश का बजट आना है, चार उपचुनाव हारने के बाद प्रदेश सरकार उल्लास की स्थिति में तो नहीं दिख रही किन्तु निसंदेह जयराम सरकार इस बजट को उत्साह का जरिया जरूर बनाना चाहेगी। योजना एक ऐसा सबरंग और फाल्गुनी बजट पेश करने की होगी, जिससे हर वर्ग, हर तबके को साधा जा सके। ये इस सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट है सो लाजमी है कि चुनावी वर्ष में सरकार किसी भी वर्ग की अनदेखी का जोखिम नहीं उठायें। पर कर्ज के बोझ से झुकते कंधे अपेक्षाओं का बोझ कहाँ तक संभाल पाएंगे, ये देखना दिलचस्प होगा। इस बजट में जल, परिवहन, एडवेंचर पर्यटन, प्राकृतिक खेती और रोपवे को विशेष तरजीह मिल सकती है। उम्मीद है कि भाजपा के स्वर्णिम दृष्टिपत्र में बची कई घोषणाएं भी इस बजट के माध्यम से साधी जाएं। पर्यटन कारोबारी, किसान, बागवान, उद्यमी, कर्मचारी और आम आदमी भी सरकार की तरफ टुकटुकी लगाएं बैठे है, मानों कह रहे हो कि कर्मचारी ही नहीं हमारा साथ भी जरूरी है सरकार। उधर, कर्मचारी भी आशावान है। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति का प्रावधान हो, ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग, एसएमसी शिक्षकों की नीति में बदलाव का मसला, या पंचायत तकनीकी सहायकों, मिड-डे मील, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, सिलाई-कढ़ाई अध्यापकों के मानदेय में बढ़ोतरी का मामला, सब जयराम ठाकुर की तरफ देख रहे है। मसले और भी है, उम्मीदें बेतहाशा है, सिमित संसाधनों के साथ जयराम ठाकुर के फाल्गुनी बजट पर कई निगाहें टिकी है।
- संगठित और मजबूत होता दिख रहा गिरिपार को जनजातीय दर्जा देने का मुद्दा मौसम का मिजाज बेशक खराब था लेकिन हाटी समुदाय का इरादा मजबूत। तेज बारिश के बावजूद भी बीते दिनों शिलाई में आयोजित हाटी महाखुमली में हज़ारों लोग जुटे। 144 पंचायतों के युवा, महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे खासी तादाद में पहुंचे और एक स्वर में जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा दिलाने के लिए हुंकार भरी। राजनैतिक निष्ठाओं से इतर सबने एक आवाज में आह्वान किया कि जब तक हमें हमारा हक नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। सन्देश स्पष्ट था कि महाखुमली तो महज झांकी है और पिक्चर अभी बाकी है। इस खुमली में शिमला लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान, श्री रेणुका जी के विधायक विनय कुमार, शिलाई के पूर्व विधायक एवं राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर और पूर्व जिला परिषद सिरमौर के अध्यक्ष दलीप चौहान सहित कई नेता भी पहुंचे थे। आश्वासनों से तंग आ चुके हाटी समुदाय के तेवर इसी बात से समझ लीजिये कि करीब तीन घंटे ये नेता अपने बोलने की बारी का इंतजार करते रहे, फिर जाकर इन्हें मंच मिला। हजारों की भीड़ के सामने इन तमाम नेताओं ने गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा दिलवाने के लिए अपना समर्थन दिया। उधर, हाटी समुदाय ने भी दो टूक सन्देश दिया कि अगर जुलाई तक उन्हें न्याय नहीं मिला तो बड़े स्तर पर आंदोलन होगा। हाटी समुदाय का नेतृत्व कर रहे वक्ताओं ने मंच से खुलकर चेताया कि हाटी समाज अब आर -पार की लड़ाई को तैयार है। बहरहाल इतना तय है कि हाटी समुदाय का आंदोलन फिलहाल संगठित भी दिख रहा है और मजबूत भी, और समाधान न निकला तो इनकी नारजगी का खामियाजा सियासतगरों को भुगतना पड़ सकता है। कई सरकारें आई और गई, लेकिन हाटी समुदाय को कोई भी सरकार जनजातीय दर्जा नहीं दिला पाई। पहले मनमोहन सिंह और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से सिरमौर जिले के गिरिपार को जनजातीय दर्जा दिलाने की फरियाद लगाई गई, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद नतीजा सिफर रहा। पर क्षेत्र के लोगों को नेताओं का हर वादा, हर आश्वासन याद है। महाखुमली में हाटी समुदाय ने ये याद दिलाने से भी गुरेज नहीं किया कि हाटियों का खूब नरम भी है और गरम भी। किसी ने कहा 'अब तक समुदाय खूब बेवकूफ बन चूका है पर अब नहीं बनेगा', तो किसी ने 'हक़ नहीं तो वोट नहीं' का उद्घोष कर नेताओं की धुकधुकी बढ़ा दी। तो भाजपा को भुगतना होगा खामियाजा ... महाखुमली में जुटे हाटी समुदाय के लोगों ने स्पष्ट कहा कि 2014 में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाहन के चौगान मैदान में गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने का वादा किया था। तदोपरांत 2019 में तत्कालीन केंद्रीय जनजातीय मंत्री ने हरिपुरधार में इस क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की बात कही थी। वर्तमान में शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप भाजपाई है और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है। ऐसे में यदि प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र का दर्ज नहीं मिलता है, तो उसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में भाजपा को भुगतना होगा। दरअसल गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने का मसला 144 पंचायतों से सीधे जुड़ा है और इसके दायरे में चार विधानसभा क्षेत्र आते है। शिलाई के अतिरिक्त, श्रीरेणुकाजी, पच्छाद व पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्रों में भी ये मुद्दा निर्णायक भूमिका निभा सकता है। जाहिर है फिलवक्त भाजपा सत्ता में है तो नाराजगी का कोप भी भाजपा को भुगतना पड़ा सकता है। ऐसे में निसंदेह सत्तारूढ़ भाजपा अब इस मुद्दे पर कोई सार्थक पहल कर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो पार्टी को इसका लाभ भी मिलना तय है। हाटी नेताओं की दो टूक : केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष डा अमीचंद कमल व महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री का कहना है कि हाटी समुदाय ने दस्तावेजों सहित सभी औपचारिकताएं पूरी कर प्रदेश व केंद्र सरकार को कई बार दी है। अब हाटी समुदाय को केवल अपना हक चाहिए। अब वादों और आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। जरुरत पड़ी तो आंदोलन को प्रखर किया जाएगा। वहीं केंद्रीय हाटी समिति के सलाहकार जेलदार प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि जो भी चुने हुए जन प्रतिनिधि है वो इस मुद्दे को उठाये और डबल इंजन की भाजपा सरकार में ये कार्य पूरा होना चाहिए। अब कोई भी बहाना नहीं चलेगा। सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा ने कहा कि यह मांग पांच दशक पुरानी है और अब केंद्र में और प्रदेश में दोनों ही भाजपा की सरकार है। ऐसे में उम्मीद है जल्द से जल्द इसे पूरा किया जायेगा। जुलाई तक यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र किया जायेगा। विडम्बना : उत्तराखंड में एसटी, हिमाचल में नहीं इसे विडंबना ही कहेंगे कि दूरदराज क्षेत्र से होने के बावजूद भी गिरिपार के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति के दर्जे के साथ आने वाली प्रतिष्ठित सरकारी परिलब्धियां नहीं मिल पाई है। इस समुदाय के प्रतिनिधि कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है। मगर हुक्मरानों को शायद हाटी समुदाय का मुद्दा सिर्फ चुनाव के दौरान ही याद आता है। गिरिपार का हाटी समुदाय उत्तराखंड के जौनसार बाबर क्षेत्र के जोंसारी समुदाय की तर्ज पर जनजातीय दर्जे की मांग कर रहा है। बता दें कि पूर्व में उत्तराखंड का जौनसार बाबर क्षेत्र सिरमौर रियासत का ही एक भाग था। जौनसार बाबर को 1967 में केंद्र सरकार ने जनजाति का दर्जा दिया था। जौनसार बाबर और सिरमौर के गिरिपार की लोक संस्कृति, लोक परंपरा, रहन-सहन एक समान है। इनके गांवों के नामों और भाषा में भी समानता है। बावजूद इसके जिला सिरमौर की 144 पंचायतों को आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।
- अधिसूचना जारी होने के बाद भी असंतुष्ट, अधिनियम बनाने की मांग विलियम शेक्स्पीयर ने कहा था कि 'नाम में क्या रखा है'। पर देवभूमि क्षत्रिय संगठन का मानना है कि 'सब कुछ नाम में ही रखा है', शायद इसीलिए प्रदेश सरकार द्वारा सामान्य वर्ग आयोग के गठन के बावजूद प्रदेश का सवर्ण समाज संतुष्ट नज़र नहीं आ रहा। हिमाचल प्रदेश में सामान्य वर्ग आयोग के गठन के बाद अब उसका संविधान और पूरी कार्यप्रणाली निर्धारित कर दी गई है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। सामान्य वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना के बावजूद क्षत्रिय संगठनों का गुस्सा शांत होता नहीं दिखाई दे रहा। देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं देवभूमि सवर्ण मोर्चा के पदाधिकारियों का मानना है कि सरकार ने ये अधिसूचना जारी कर प्रदेश के सबसे बड़े समाज को धोखा दिया है। सवर्ण आयोग के नाम पर सामान्य वर्ग आयोग गठित किया गया है। उनका कहना है कि सवर्ण आयोग गठित किया जाना चाहिए था लेकिन सरकार ने सामान्य वर्ग आयोग गठित किया है, जिसका सवर्ण वर्ग विरोध करता है। विरोध कर रहे संगठनों को नाम के अलावा एक अन्य आपत्ति भी है। देवभूमि क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रुमीत सिंह ठाकुर का मानना है कि सरकार द्वारा सामान्य वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की गई है जबकि प्रदेश भर के लोग इसे अधिनियम बनाने की मांग कर रहे हैं। रुमीत ने कहा की शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने तपोवन में इस बात की घोषणा की थी। इसमें सामान्य वर्ग आयोग को अधिनियम के दायरे में लाने का आश्वासन दिया गया था। इसके लिए सरकार ने तीन माह की मोहलत मांगी थी और अब तीन माह का समय पूरा होने वाला है तो सरकार ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना में एक अध्यक्ष और दो सदस्यों की बात कही गई है। अध्यक्ष की मर्जी से आयोग की बैठक होगी। आयोग का अध्यक्ष यदि पूरा साल बैठक नहीं करता है तो प्रदेश भर के सामान्य वर्ग के लोगों को इस आयोग का कोई लाभ नहीं होगा। उनका मानना है की प्रदेश सरकार ने यह अधिसूचना 16 मार्च से प्रस्तावित आंदोलन को टालने के लिए की है। पर मांग अब भी बरकरार है और चेतावनी भी दी गई है कि यदि सरकार सामान्य वर्ग आयोग ( सवर्ण आयोग ) को अधिनियम के दायरे में नहीं लाती है तो 16 मार्च को उग्र प्रदर्शन होगा।
मनोज कुमार। कांगड़ा राजकीय महाविद्यालय तकीपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर एनएनएन शर्मा ने भारत के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान के प्रचार-प्रसार ने जहां देश की कार्यकुशल छवि को सक्षम बनाया है, वहीं दूसरी ओर नए भारत के निर्माण में इस का अहम योगदान है। उन्होंने छात्रों तथा विज्ञान विभाग के अध्यापकों की अल्प समय में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। महाविद्यालय में विज्ञान कक्षों का सफल आरंभ तथा विभिन्न सुविधाओं से लैस प्रयोगशालाओं का निर्माण छात्रों को रचनात्मक तथा प्रायोगिक ज्ञानार्जन हेतु अहम योगदान दे रहा है। विभाग के अध्यक्ष डाक्टर सुरेंद्र सोनी ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक डाक्टर सीवी रमन के योगदान को प्रेरणा बताया तथा छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने वैज्ञानिक ज्ञान के क्षेत्र को विस्तृत करें तथा राष्ट्र विकास में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। इस अवसर पर प्रोफेसर श्रुति शर्मा ने अपने संबोधन में छात्रों में ऊर्जा भरी। छात्रों ने बढ़ चढ़ कर अपनी सहभागिता निभाई। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाक्टर भगवान दास ,डाक्टर प्रीति, प्रयोगशाला सहायक योगेश्वर एवं ओमकार चंद विशेष रूप से उपस्थित रहें।
तिलक राज को भाजपा प्रदेश सचिव के रूप में नियुक्त किया गया। तिलक राज गांव सौर किलाड पांगी जिला चंबा के रहने वाले हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने बताया कि उनकी इस नियुक्ति से संगठन को बल मिलेगा। इसके साथ-साथ तिलक राज को भाजपा के सभी मोर्चों एवं प्रकोष्ठ के कार्यक्रम एवं बूथ प्रबंधन का समन्वयक भी बनाया गया है। सुरेश कश्यप ने बताया की भाजपा प्रदेश सचिव पायल वैद्य को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है।
राजकीय उच्च विद्यालय टिप में आज तीसरा शिक्षा संवाद मुख्याध्यापक अजय कुमार आचार्य की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें सभी बच्चों के माता-पिता ने भाग लिया। इसमें बच्चों के एफए फाइव के रिजल्ट को बात की। मुख्याध्यापक अजय कुमार आचार्य ने आगामी सत्र 2022-23 में कक्षा छठी से अंग्रेजी माध्यम शुरू करने हेतु, बच्चों के लिए स्टूडेंट्स डायरी शुरू करने हेतु तथा बच्चों को रोज पानी की बोतल और लंच बॉक्स लाने हेतु प्रेरित किया, जिसे सभा ने सहर्ष स्वीकार किया। इस शिक्षा संवाद में बिशंबर दास, प्रधान स्कूल प्रबंधन समिति, विक्रम राणा, संदीप राणा, अनिता कुमारी, रेणू बाला, राकेश कुमार, रशमा राणा आदि मौजूद रहे
मनोज कुमार। कांगड़ा ग्राम पंचायत रजियाणा खास में रविवार को पवन काजल 'आपका विधायक आपके घर द्वार' कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के धरना रोष प्रदर्शन पर पाबंदी लगाकर कर्मचारियों से अन्याय व तानाशाही का प्रमाण दिया है। लोकतंत्र में समाज के हर वर्ग को अपने हक व न्याय की लड़ाई लडऩे का अधिकार है। ऐसे में कर्मचारी वर्ग पर यह तुगलकी फरमान थोप कर भाजपा सरकार ने दर्शा दिया कि वह सत्ता के नशे में चूर है। काजल ने कहा प्रदेश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से तंग आ चुकी है। पहले सरकारी कर्मचारियों को अपने वेतन विसंगतियां दूर करवाने के लिए संघर्ष करना पड़ा और अब सरकार अपनी फजीहत को छिपाने के लिए समाज के हर वर्ग पर दबाव बना रही है। ग्राम पंचायत रजियाणा खास में ग्रामीणों को 24 घंटे पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश की भाजपा सरकार कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में विकास करवाने में नाकाम रही है। पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में शुरू विकास कार्यों को पूरा करने में अड़ंगे अटकाए जा रहे हैं। उन्होंने गांव के चार महिला मंडलों को दस-दस हजार रुपए की राशि भी स्वीकृत की। इस मौके पर पंचायत के बाशिंदों ने विधायक काजल को तलवार भेंट कर सम्मानित किया। पूर्व प्रधान राजीव कुमार, रंजू ,राज कुमार, बार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य अनीता देवी, सुनीता देवी, ममता भंडारी प्रधान कुल्थी, नवल कुमार उप प्रधान तकीपुर, रतन मल्होत्रा, प्रेमलता, संतोष कुमारी, जसवंत भंडारी, रविंद्र कुमार, त्रिलोक चंद, राम चंद, हेम राज, सरदार गुरदियाल सिंह, गुरदेव, रविंद्र कुमार, सतीश कुमार, नरेश सलारिया, प्रकाश चंद, सीमा देवी, सुरजीत कुमार, सतीश कुमार, अनिल कुमार, विपन राणा, पुष्पा देवी, कुंता देवी, नीलम कुमारी,अनीता कुमारी, भी उपस्थित रहे।
हिमांशु पंवर उपायुक्त राज्यकर एवं आबकारी सोलन के नेतृत्व में आज जिला सोलन, बिलासपुर व बीबीएन बद्दी के राज्यकर एवं आबकारी अधिकारियों की टीम द्वारा संदिग्ध स्थान, गांव बलेचढ़ी, नजदीक गांव लोहारघाट, तहसील राम शहर, ग्राम पंचायत सौर, जिला सोलन में अवैध शराब के निर्माण के बारे में सूचना मिलने पर तफ्तीश शुरू की गई। तफ्तीश में स्थानीय प्रधान व स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्ध इमारत की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कई प्रकार की ऐसी सामग्री पाई गईं, इससे यह अंदेशा होता है कि इस इमारत में अवैध देसी शराब का विनिर्माण किया जाता है। जांच के दौरान उक्त इमारत से वीआरवी फूल्स लिमिटेड के संतरा नामक ब्रांड के लेबल, खाली बोतलें, वीआरवी फुड्स लिमिटिड के खाली डब्बे, व ढक्कन, टेप रोल और वीआरवी फूड्स लिमिटेड मार्का फ्लेवरिंग एजेंट, जो कि देसी शराब बनाने में इस्तेमाल होते हैं, बैच पंचिंग मशीन ,होलोग्राम प्लास्टिक ड्रम आदि बरामद किए गए। यह सब सामग्री सामान्य रूप से देसी शराब बनाने में प्रयोग होने का अंदेशा है। इस संदर्भ में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 39,47 व 56 के उलंघन की शिकायत पुलिस थाना राम शहर में दर्ज करवाई गई है। उक्त कार्रवाई राज्य कर एवं आबकारी विभाग एवं पुलिस दल राम शहर थाना द्वारा गवाहों की मौजूदगी में संयुक्त रूप से पूरी की गई।
" यह सत्य है कि हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने देहरा वासियों को पक्ष में बिठाया। बीते चार वर्ष में लगभग 400 करोड़ रुपये की सौगातें देहरा विधानसभा क्षेत्र को मिली है। पिछले 70 वर्ष देहरा के इतिहास में देहरा को इतनी सौगातें कभी नहीं मिली। " ये कहना है देहरा के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह का। फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया के साथ विशेष साक्षात्कार में होशियार सिंह ने क्षेत्र के विकास का सारा श्रेय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ - साथ देहरा की जनता को दिया। होशियार सिंह ने कहा कि जनता ने उन्हें जिताया, उन पर विश्वास जताया और उन्होंने भी हर अपेक्षा पर खरा उतरने का प्रयास किया। उन्होंने कभी भी विरोध की राजनीति नहीं की, केवल विकास की राजनीति की है। इस दौरान चाहे सेंट्रल यूनिवर्सिटी का मसला हो, पांग डेम विस्थापितों का मुद्दा या भविष्य की राजनीति को लेकर उनकी योजना, होशियार सिंह ने सभी प्रश्नों पर खुलकर अपनी बात रखी। पेश है बातचीत के मुख्य अंश ... माना, सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने में विलंब हुआ विधायक होशियार सिंह ने वार्तालाप में माना कि देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण में कहीं न कहीं विलंब हुआ है, परन्तु इसका जिम्मेदार उन्होंने पिछली सरकार को ठहराया। उन्होंने कहा की पिछले 5 वर्ष में जो कैम्पा फंड जमा करना था वो उन्होंने नहीं किया, इसी के साथ 5 साल फारेस्ट क्लीयरेंस के लिए चले गये। विधायक ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए बहुत प्रयत्न किए और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा भी इसके लिए प्रयत्न किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार आई, उसके उपरांत जो पैसा भरना था वो भरा भी गया, लेकिन फिर जमीन की समस्या आ गई। पहले उक्त जमीन हायर शिक्षा के नाम थी फिर उसे सीयू के नाम किया गया। होशियार सिंह ने कहा कि कुछ शरारती तत्व हैं जिन्होंने इसे रोकने का कार्य किया गया। पर अब सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। विधायक ने कहा उनके पास भी हाई कोर्ट का एक निर्णय है जिसमें यह साफ है कि बिना धर्मशाला की लेंड क्लियरेंस के देहरा में कार्य शुरू किया जाए, पर वाइस चांसलर ने इन ऑर्डर को इम्प्लीमेंट नही किया। अब वह हाई कोर्ट में अगले महीने वायस चांसलर के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट खिलाफ लगाने जा रहे हैं, जिसकी पार्टी वह खुद होंगे। सीयू प्रशासन जानबूझ कर सभी को गुमराह कर रहा हैं जो कदापि बर्दाश्त नहीं है। पोंग विस्थापितों के मामले में दोनों सरकारें फेल- होशियार सिंह पोंग विस्थापितों के सवाल पर विधायक ने कहा कि सच यही है कि दोनों सरकारें इस मामले पर फेल हो गई। कोई सी भी सरकार इनके लिए उचित रणनीति नहीं बना पाई। विधानसभा में उन्होंने बार - बार इस प्रश्न को उठाया। सरकारों ने पांग डेम विस्थापितों को दर-दर भटकने के लिए छोड़ा। 1970 का जो एग्रीमेंट था उसकी धज्जियां उड़ा दी गई और किसी भी सरकार ने पांग डेम विस्थापितों के बारे में नहीं सोचा। होशियार सिंह कहते है कि " लगभग पांच लाख डेम विस्थापित हैं, कौन सा विधायक या मंत्री उनके लिए खड़ा हुआ सिर्फ अकेला यह इंडिपेंडेंट एमएलए कितनी लड़ाई लड़ेगा।" होशियार सिंह कहते है कि कई लोग ताना मारते है की बाल मुंडवाए है। हाँ, हमने बाल मुंडवाए, अपने दादा, पड़ दादाओं के लिए जिन्होंने कुर्बानियां दी, जिनके कारण पंजाब हरियाणा,राजस्थान हरा भरा हुआ। होशियार सिंह ने इस विषय पर मंत्री बिक्रम ठाकुर, सरवीन चौधरी और राकेश पठानिया सहित सांसद पर भी सवाल उठाये और पूछा कि किसने कितनी बार ये मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हम अपने प्रदेश में रिफ्यूजी बन गए और किसी ने यह मुद्दा नहीं उठाया। मैं मुद्दा उठता हूँ तो कोई साथ नहीं देता। अफसर डरते हैं कि हिमाचल एक छोटा राज्य और राजस्थान एक बड़ा प्रदेश है। पोंग डेम विस्थापितों की जमीन लूटी गई है। यह प्रदेश सरकारों की विफलता है। मंत्री बनने की चाहत पर बोले होशियार सिंह यूँ तो होशियार सिंह निर्दलीय विधायक है लेकिन मुख्यमंत्री जयराम के प्रति उनकी विशेष निष्ठा दिखती रही है। माना जाता है कि मुमकिन हुआ तो वे भाजपा में शामिल हो सकते है। भविष्य में मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा के सवाल पर विधायक होशियार सिंह ने कहा कि वह अपने कार्य और जनता में विश्वास रखते हैं। वह अपने आप को एमएलए कम और सेवक ज्यादा मानते हैं। वह केवल जनता की सेवा करने के लिए आये हैं और पूरे भाव से सेवा कर रहे हैं। उन्हें न मंत्री बनने का शोक है और न इस कुर्सी का, बस जनता की सेवा करना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। जो जनता बोलेगी वहीं होगा, जनता कहेगी कि चुनाव मत लड़ो तो वह नहीं लड़ेंगे। बेहसरा मवेशियों के सवाल पर ये बोले विधायक कुछ समय पहले विधायक होशियार सिंह ने दो टूक चेतावनी दी थी कि देहरा में सड़क पर घूम रहे बेसहारा मवेशियों के बारे में कोई समाधान नहीं हुआ तो एक महीने में इन्हें इक्कठा करके डीसी कार्यालय कांगड़ा छोड़ आएंगे। इस सवाल पर होशियार सिंह ने कहा कि बनखंडी से देहरा अब बेसहारा पशुओं की आबादी कम हो चुकी है। नेशनल हाइवे पर यह पशु बैठे रहते थे, इन्हें गौसदनो में भेज दिया गया था। परन्तु सवाल यह है कि स्थिति सामान्य होने के उपरांत इतने ज्यादा मवेशी सड़को पर फिर कैसे आ गए, क्या कोई इन्हें अन्य राज्यों से देहरा में छोड़ कर चला जाता है। जब तक इन पर बंदिशें नहीं लगाई जाएंगी, तब तक हम कुछ नहीं कर पाएंगे। हम जितने मवेशी पहुँचा सकते थे ,वह गौसदनो में पहुंचा दिए गए।
बच्चों मेें आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक योग्यता विकसित करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत निपुण हिमाचल मिशन का शुभारम्भ किया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर ने कहा कि निपुण भारत योजना, केन्द्र सरकार की शिक्षा के क्षेत्र में एक नवाचार पहल है। हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए निपुण हिमाचल मिशन का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। आधारभूत साक्षरता भविष्य में शिक्षा प्राप्त करने का आधार बनती है। इस मिशन के माध्यम से छोटे बच्चों को भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन के अन्तर्गत कक्षा एक से तीन के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय में सक्षम वातावरण का निर्माण किया जाएगा तथा उन्हें आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता का ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इस मिशन के अन्तर्गत कक्षा एक से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने तथा अंक गणित की शिक्षा का विकास किया जाएगा। यह योजना बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत कारगर सिद्ध होगी। इससे बच्चे समय पर आधारभूत साक्षरता तथा संख्यात्मक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनका मानसिक एवं शारीरिक विकास होगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों की स्कूली शिक्षा, शिक्षक क्षमता निर्माण, उच्च गुणवत्ता तथा विद्यार्थी की आधारभूत आवश्यकतानुसार शिक्षण सामग्री को भी तैयार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मिशन के अन्तर्गत निपुण लक्ष्य भी रखे जाएंगे, जिन्हें प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे। मिशन के अन्तर्गत बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों को निपुण विद्यालय घोषित कर उस विद्यालय के मुख्याध्यापक और अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा। निष्ठा कार्यक्रम के अन्तर्गत अध्यापकों की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियांें के लिए पाठ्य पुस्तकें तैयार की गई हैं और बच्चों की पाठ्य कुशलता को जॉंचने के लिए शीघ्र ही ओरल रिडिंग फल्यूएंसी ऐप भी तैयार किया जाएगा।
मंगलवार को रिस्सा के महादेव मंदिर में भव्य जागरण का आयोजन किया जा रहा है। जिसका आयोजन त्रिवेणी जागरण मंच रिस्सा की ओर से किया जा रहा है। बुधवार को मंदिर कमेटी की ओर से भंडारे का आयोजन भी है। जागरण मंच पिछले लगातार तीन वर्षों से इस जागरण का आयोजन करता आ रहा है। मंदिर कमेटी प्रधान सुरेश राणा, तथा कोषाध्यक्ष रोशन गुप्ता ने सभी शिवभक्तों से अपील की है कि इस पर्व पर अपना-अपना सहयोग तथा समय जरूर देने की कृपा करें, ताकि इस कार्य को सुचारू रूप से किया जा सके। इस जागरण को जगदीश चंदेल आर्केस्ट्रा एवं उनके साथी चार चांद लगाएंगे।
- सतपाल सिंह सत्ती ने किया शिलान्यास छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने ऊना शहर की महत्वाकांक्षी वर्षा जल निकासी योजना के तहत 1.85 करोड़ से बनने वाले सब्जी मंडी नाला का शिलान्यास किया। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि शहर की ड्रेनेज परियोजना के तहत 5 प्रमुख नालों का चैनलाइजेशन किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 22.48 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि बरसाती पानी की उचित निकासी न होने के चलते बरसात शहर में जनजीवन प्रभावित होता है। मिनी सचिवालय सहित कई सरकारी कार्यालय, स्थानीय लोगों के आवास सहित आसपास का काफी क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। उन्होंने कहा कि इन पांचों नालों का तटीकरण करके शहर का सारा बरसाती पानी लालसिंगी खड्ड और ऊना खड्ड में मिलाया जाएगा। नगर परिषद के पुराने भवन के स्थान पर बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर तैयार करके जनता को समर्पित किया जाएगा। जिसकी धरातल मंजिल पर पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त पुराना बस अड्डे के स्थान पर अंडरग्राउंड पार्किंग के साथ शॉपिंग मॉल तैयार किया जाएगा। सतपाल सिंह सत्ती ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके अलावा हड्डी रोग से पीड़ित रोगियों की सुविधा के लिए 28 लाख रुपये लागत की सीआरएम मशीन, 22 लाख रुपये से लेप्रोस्काॅपी मशीन और 28 लाख रुपये से आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थाापित की गई है। इससे लोगो को काफी राहत मिली हैं। सत्ती ने बताया कि 2ं0 करोड़ रुपये से मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा 75 लाख रुपये की लागत से अस्पताल परिसर में आॅक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया जिससे 200 बैड को आॅक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। अस्पताल परिसर में लोगों की सुविधा के लिए 10 लाख रुपये खर्च करके भव्य पार्क जनता को समर्पित किया गया है। सत्ती बताया कि नगर परिषद के पुराने भवन के स्थान पर बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर तैयार करके जनता को समर्पित किया जाएगा जिसकी धरातल मंजिल पर पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त पुराना बस अड्डा के स्थान पर अंडरग्राउंड पार्किंग के साथ शाॅपिंग माॅल तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र की सड़कों को 90 करोड़ रुपये व्यय करके डबल किया गया है।
- डेढ़ लाख पेंशनरों की 2.57 फीसदी बढ़ेगी पेंशन हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम पेंशन व पारिवारिक पेंशन को बढ़ाकर पेंशनभोगिओं को बड़ी राहत प्रदान की है। सरकार ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। अब पहली जनवरी, 2016 से न्यूनतम पेंशन व पारिवारिक पेंशन को 3,500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त पहली जुलाई 2021 से पेंशनभोगियों को 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रदान करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार वर्ष 2016 के पेंशनरों की नई पेंशन को अब 31 दिसंबर 2015 की बेसिक पेंशन या पारिवारिक पेंशन की तर्ज पर तय किया जाएगा। राज्य में एक जुलाई 2016 से न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये प्रति माह होगी। संशोधित पेंशन या पारिवारिक पेंशन को अगले उच्चतम रुपये पर संशोधित किया जाएगा। समय-समय पर अंतरिम राहत दी जाती रही है, जो 21 फीसदी दी गई है। इसे पेंशन या पारिवारिक पेंशन के एरियर में समायोजित किया जाएगा। संशोधित पेंशन मार्च में फरवरी के देय वेतन में दी जाएगी। राज्य में एक जुलाई 2016 से न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये प्रति माह होगी। इसमें ओल्ड पेंशनर को दी जाने वाली अतिरिक्त पेंशन शामिल नहीं होगी। पेंशन और पारिवारिक पेंशन के लिए ऊपरी सीलिंग उच्चतम वेतनमान यानी 2,24,100 रुपये की 50 से 30 फीसदी होगी। इसके अनुसार अब पहली जनवरी 2016 से ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया गया है। राज्य के 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को संशोधित पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर देय अतिरिक्त पेंशन लाभ प्रदान किए जाएंगे। इस निर्णय से 1.73 लाख पेंशनभोगियों को पहली फरवरी, 2022 से संशोधित पेंशन व पारिवारिक पेंशन मिलेगी। इसके साथ ही 1.30 लाख पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को पहली जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन व पारिवारिक पेंशन मिलेगी।
भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि भाजपा की प्रदेश शाखा नगर निगम शिमला चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी रोड मैप तैयार कर रही है। टंडन ने कहा कि कल की बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के साथ मिलकर नगर निगम शिमला को लेकर रणनीति तय कर ली है और तीन सीनियर लीडर की ड्यूटी नगर निगम को लेकर लगा दी गई है। चुनावों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, मंत्री सुरेश भारद्वाज एवं विधायक डा. राजीव बिंदल की एक समिति का गठन कर दिया गया है और इनके सहयोग में प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, सचिव बिहारी लाल शर्मा और महेंद्र धर्माणी सहयोगी के रूप में काम करेंगे। टंडन ने कहा की आने वाले समय में इन नगर निगम चुनावों के 41 वार्डों के प्रभारियों की नियुक्ति भी जल्द हो जाएगी । नगर निगम में लोकल मुद्दों का एक खाखा तैयार किया जाएगा, भाजपा ने शिमला शहर के लिए अच्छे काम किए हैं और इनको लेकर हम घर-घर जाने के लिए तैयार हैं। अगले 15 दिन में भाजपा नगर निगम शिमला के चुनावों को लेकर पूरा रोड मैप बना लेगी। हिमाचल प्रदेश में भाजपा के पास मजबूत संगठन है और जल्द ही हमारी पन्ना समितियों का भी गठन हो जाएगा , इससे सभी वोटर पर नजर बनी रहेगी। कांग्रेस के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है और साथ ही कांग्रेस में नेतृत्व की लड़ाई चल रही है, ऐसे में भाजपा का मिशन रिपीट तय है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज करने से कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल इनकार नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मौलिक अधिकार घोषित किया है। इसी तरह गरिमा पूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार मृतक के मौलिक अधिकारों में शामिल है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर ललित डढवाल ने यह जानकारी "मौलिक अधिकारों के संरक्षण में न्यायपालिका की भूमिका" विषय पर उमंग फाउंडेशन के वेबिनार में दी। उन्होंने बताया कि मौलिक अधिकारों के विस्तार और उनके संरक्षण में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय है। कार्यक्रम की संयोजक एवं प्रदेश विश्वविद्यालय से बॉटनी में पीएचडी कर रही अंजना ठाकुर ने कहा कि वेबिनार में हिमाचल प्रदेश के साथ ही पड़ोसी राज्यों और छत्तीसगढ़, बिहार तथा झारखंड के लगभग 70 युवाओं ने भाग लिया। विशेषज्ञ वक्ता प्रो. डढवाल ने युवाओं के सवालों के जवाब भी दिए। मानवाधिकार जागरूकता पर उमंग फाउंडेशन का यह 24वां साप्ताहिक वेबिनार था। प्रो. ललित डढवाल ने भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों की विस्तृत व्याख्या करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1989 में परमानंद कटारा बनाम भारत सरकार केस में फैसला दिया था कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को बिना कोई औपचारिकताएं पूरी किए नजदीक के सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज कराने का मौलिक अधिकार है। इससे पहले आमतौर पर अस्पताल मरीजों का इलाज करने से इंकार कर देते थे। उन्होंने कहा कि संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों के आधार पर न्यायपालिका ने अपने फैसलों के माध्यम से उन्हें काफी विस्तार दिया। न्यायपालिका द्वारा दिए गए अधिकारों को मानवाधिकार भी कहा जाता है। इनमें वयस्क महिला एवं पुरुष को अपनी पसंद से विवाह का अधिकार, निजता का अधिकार, मैला ढोने की कुप्रथा से मुक्ति का अधिकार, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं को सुरक्षा का अधिकार, समलैंगिक एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार, विकलांगजनों को नौकरी में पदोन्नति में आरक्षण का आधिकार और इंटरनेट तक पहुंच का अधिकार प्रमुख रूप से शामिल है। उन्होंने कहा कि छुआछूत को छोड़कर मौलिक अधिकारों के मामले आमतौर पर राज्य के विरुद्ध दर्ज होते हैं। मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होने पर पहले पीड़ित को मुआवजा देने की व्यवस्था नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी भी शुरुआत की। अनेक मामलों में पीड़ित व्यक्तियों को सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी विभागों अथवा अन्य एजेंसियों से मुआवजा भी दिलवाया। कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद पर उन्होंने कहा की अंतिम फैसला तो कर्नाटक हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट यही करेगा। कर्नाटक हाई कोर्ट मुख्य रूप से दो प्रश्नों पर विचार कर रहा है। पहला, क्या इस्लाम में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है। दूसरा, क्या हिजाब धार्मिक चिन्ह है? उन्होंने बताया कि 2018 में केरल हाईकोर्ट ने फातिमा बनाम केरल सरकार मामले में निर्णय दिया था कि विद्यार्थी कोई विशेष स्कूल यूनिफार्म पहनने पर जोर नहीं दे सकते। इसी प्रकार का एक निर्णय मुंबई हाईकोर्ट ने भी दिया था। उन्होंने कहा वर्तमान विवाद पर न्यायपालिका का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी होगा। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए प्रो. ललित डढवाल ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों, बेसहारा महिलाओं, बेघर बुजुर्गों, अनाथ बच्चों एवं अन्य कमजोर वर्गों के मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए उनकी जनहित याचिकाओं पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय दिए। इससे प्रदेश सरकार की नीतियों में बड़ा बदलाव आया। वेबिनार के संचालन में संजीव शर्मा, मुकेश कुमार, अभिषेक भागड़ा, विनोद योगाचार्य और उदय वर्मा ने सहयोग दिया।
प्रदेश के कॉलेजों में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले वोकेशनल शिक्षक भी सरकार से पॉलिसी बनाने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि हरियाणा व असम की तर्ज पर इन शिक्षकों के लिए भी हिमाचल में पॉलिसी तैयार की जाए, ताकि वोकेशनल शिक्षकों को भविष्य में नियमित किया जा सके और इन शिक्षकों को पदोन्नति के अवसर मिले। शिक्षकों का कहना है कि इस बजट सत्र में उन्हें उम्मीद ही नहीं बल्कि भरोसा है कि गठित कमेटी उनके भविष्य के बारे में सोचकर स्थायी नीति बनाएगी। हिमाचल प्रदेश बी. वॉक वोकेशनल संघ के अध्यक्ष कुश भारद्वाज ने आउटसोर्स पर कार्यरत हजारों वोकेशनल प्रशिक्षकों के लिए स्थायी नीति बनाने हेतु कमेटी का गठन करने हेतु सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्थायी नीति बनाने से प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार भी लाभान्वित होंगे जिससे बढ़ती हुई महंगाई के दौर में आसानी से गुजारा कर पाएंगे। उन्होंने मांग की है की इस बजट सत्र के दौरान उनके लिए स्थाई नीति की घोषणा की जाए।
शारीरिक शिक्षा अध्यापक प्रदेश के स्कूलों में 100 विद्यार्थियों वाली शर्त को हटाने की मांग कर रहे है। अपनी मांगों को लेकर बीते दिनों राजकीय शारीरिक शिक्षा अध्यापक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर भी मिला। प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के पदों को भरा जाये तथा 100 विद्यार्थियों वाली शर्त को हटाया जाए। संघ के अनुसार प्रदेश में शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के 380 पद खाली चल रहे है जिन्हें अतिशीघ्र भरा जाना चाहिए। शारीरिक शिक्षा अध्यापक संघ के राज्य कोषाध्यक मनोहर लाल ठाकुर एवं जिला महासचिव गिरधारी शर्मा के बताया कि इसके अतिरिक्त संघ की मांग है की वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में डीपीई के पदों को सृजित किया जाए, जिससे फिट इंडिया प्रोग्राम को सफल बनाया जा सके। संघ चाहता है कि जिला सहायक शिक्षा अधिकारी एपीडीएओ के पदों को स्थाई किया जाए तथा एडीपीईओ के पदनाम बदल कर डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर रखा जाए। इन सभी मांगों पर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। संघ के पदाधिकारियों का कहना है की मंत्री ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें पूरा करने का भी आश्वासन दिया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टा बराबरी भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चूका है। जिसका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह द्वारा 18 जुलाई 2014 को ऑनलाइन किया गया था। यह जानकारी पूर्व पंचायत समिति सदस्य व कल्याण संगठन इकाई के प्रधान डीडी कश्यप ने दी। उन्होंने बताया कि उस समय इसे प्राइवेट बिल्डिंग में इसे शुरू किया गया था। पूर्व की सरकार के दौरान इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन को 78 लाख 91 हजार 900 रुपए स्वीकृत किए गए थे। इस स्वास्थ्य केंद्र भवन का कार्य नवंबर 2018 को कमलकांत ठाकुर ठेकेदार द्वारा आरंभ किया था और आज कमल कांत ठेकेदार से हुई टेलीफोन वार्ता से पता चला की बिल्डिंग का कार्य पूर्ण हो चूका है। सरकार चाहे तो कभी भी इस प्राथमिक स्वास्थय केंद्र का उदघाटन कर सकती है। डीडी कश्यप ने सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग सब डिवीजन सुबाथू से आग्रह किया है कि 24 मई 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास की पट्टिका इस नव निर्मित भवन के समीप लगाई जाए। बाउंड्रीवाल, उचित मूल्य की दुकान के लिए एक कमरा तथा कन्टिन के लिए कमरा। निर्माण अधियाशी अभियंता लोक निर्माण उप मंडल कसौली के विचाराधीन है। इसके लिए शीघ्र अतिशीघ्र बजट के प्रावधान की अपील की गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन सम्बन्धित सीटू के बैनर तले हिमाचल प्रदेश के सैंकड़ों आंगनबाड़ी कर्मियों ने विधानसभा शिमला के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर के आंगनबाड़ी कर्मी पंचायत भवन शिमला में एकत्रित हुए व एक जुलूस के रूप में विधानसभा की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में कर्मियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। यूनियन ने चेताया है कि अगर बजट में मांगें पूर्ण न हुईं तो 28-29 मार्च को आंगनबाड़ी कर्मी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होकर आंदोलन तेज करेंगे। विदित रहे कि प्रदेशव्यापी हड़ताल के दौरान प्रदेश के अठारह हजार आंगनबाड़ी केंद्र बन्द रहे व लगभग सैंतीस हजार आंगनबाड़ी योजना कर्मी प्रदेशव्यापी हड़ताल पर रहे। ये है मुख्य मांगे : आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन कि मांग है कि प्री प्राइमरी में तीस के बजाए सौ प्रतिशत नियुक्ति दी जाए। नियुक्ति प्रक्रिया में 45 वर्ष की शर्त को खत्म किया जाए। साथ ही प्री प्राइमरी कक्षाओं में छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को दिया जाए क्योंकि वे पहले से ही काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इसके अलावा मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कर्मियों को पूर्ण कर्मी का दर्ज़ा दिया जाए व उन्हें आंगनबाड़ी कर्मियों के बराबर वेतन दिया जाए। आंगनबाड़ी कर्मियों को नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत वर्ष 2013 की बकाया राशि का भुगतान तुरन्त किया जाए। सुपरवाइजर नियुक्ति में आंगनबाड़ी कर्मियों की नब्बे प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित की जाए व इसकी पात्रता के लिए भारतवर्ष के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्विद्यालय की डिग्री को मान्य किया जाए। वरिष्ठता के आधार पर मेट्रिक व ग्रेजुएशन पास तथा दस साल का कार्यकाल पूर्ण करने वाले कर्मियों की सुपरवाइजर श्रेणी में तुरन्त भर्ती की जाए। आंगनबाड़ी कर्मियों को अन्य राज्यों की तर्ज़ पर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्हें वर्ष 2013 व 2014 में हुए 45वें व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार नियमित कर्मी का दर्ज़ा दिया जाए व श्रम कानूनों के दायरे में लाया जाए। उन्हें हरियाणा की तर्ज़ पर साढ़े ग्यारह हजार रुपये वेतन दिया जाए। उनकी रिटायरमेंट की आयु अन्य राज्यों की तर्ज़ पर 65 वर्ष की जाए। अन्य राज्यों की तर्ज़ पर उन्हें दो लाख रुपये ग्रेच्युटी,तीन हज़ार रुपये पेंशन,मेडिकल व छुट्टियों आदि की सुविधा लागू की जाए। आईसीडीएस का निजीकरण मंजूर नहीं : यूनियन अध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव वीना शर्मा ने कहा कि नन्द घर बनाने की आड़ में आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करके निजीकरण की साजिश तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, पोषण ट्रैकर ऐप व बजट कटौती आदि मुद्दों पर अगर ज़रूरत हुई तो हरियाणा, दिल्ली, पंजाब,आंध्र प्रदेश आदि की तर्ज़ पर हिमाचल प्रदेश के आंगनबाड़ी कर्मी अनिश्चितकालीन आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आईसीडीएस का निजीकरण किया गया व आंगनबाड़ी वर्कर्स को नियमित कर्मचारी घोषित न किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति को भी वापिस लेने की मांग की है क्योंकि यह आइसीडीएस विरोधी है। इनके अनुसार नई शिक्षा नीति में आईसीडीएस के निजीकरण का एजेंडा छिपा हुआ है। आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करने के लिए नंदघर की आड़ में निजीकरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि इस से भविष्य में कर्मियों को रोज़गार से हाथ धोना पड़ेगा।
डॉक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक रंग लाई है और सरकार ने डॉक्टरों की लंबित मांगें मान ली है। अब हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों की नियमित भर्तियां साल में दो बार कमीशन के तहत होगी और हर वर्ष डॉक्टरों के लिए पर्याप्त भर्तियां निकाली जाएंगी। डॉक्टर एसोसिएशन की विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ दो घंटे तक बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल, मुख्य सचिव, वित्त सचिव, स्वास्थ्य सचिव भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों की मांगों को तसाली से सुना भी और अधिकारियों को उनको पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। खुद मुख्यमंत्री से सकरात्मक आश्वासन मिला तो डॉक्टरों ने भी पेन डाउन हड़ताल स्थगित कर दी। अब जल्द अनुबंध पर लगे डॉक्टरों के लिए नॉन प्रैक्टिस एलाउंस (एनपीए) की अधिसूचना भी जल्द जारी की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टरों की मांगों पर एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई है। इस कमेटी में 12 लोग है, मेडिकल ऑफिसर संघ के पांच प्रतिनिधि भी शामिल है। कमेटी को दो महीने के अंदर रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इसके बाद सरकार की ओर से अगला कदम उठाया जाएगा। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. राजेश सूद ने कहा कि दो महीने के भीतर मांगें पूरी नहीं होती हैं तो संघर्ष दोबारा शुरू होगा। एसोसिएशन महासचिव पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि वेतन की सीलिंग को 2.18 लाख से बढ़ाकर 2,24,100 रुपये करने पर सहमति बन गई है। 20 फीसदी नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस भी 1 जनवरी 2022 से लागू होगा और इसे एनपीए को बेसिक का हिस्सा मानने पर सहमति बनी है। 4-9-14 पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी। चिकित्सकों का विशेषज्ञ भत्ता बढ़ाने, मेडिकल कॉलेज में काम कर रहे डॉक्टरों के लिए एकेडमिक भत्ते पर भी सहमति बनी है। कमेटी अपनी सिफारिशें आठ सप्ताह में पेश करेगी।
प्रदेश में 2009 की अधिसूचना को लागू भी किया गया और कर्मचारियों के साथ बैठकर कर वार्ता भी हुई लेकिन फिर भी पुरानी पेंशन बहाली के लिए शुरू हुई पदयात्रा को रोका नहीं जा सका। प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए कई फरमान भी जारी हुए, वेतन काटने और प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने के फरमान भी जारी किये गए, मगर पदयात्रा पर निकले कर्मचारियों के इरादे नहीं बदले। जाहिर है कर्मचारी अब रुकने वाले नहीं है और आर पार की लड़ाई के मूड में है। प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए पदयात्रा की जा रही है। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात सभी वर्ग के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के लिए राजधानी शिमला तक पैदल यात्रा पर निकल गए हैं। पदयात्रा की शुरुआत मंडी शहर के ऐतिहासिक सेरी मंच से हुई। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शुरू हुई इस पदयात्रा को कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिलता हुआ दिखाई दे रहा है और जहां भी कर्मचारी पहुँच रहे है वहां उनका स्वागत किया जा रहा है। कर्मचारी बिलासपुर जिला मुख्यालय होते हुए 3 मार्च को शिमला पहुचेंगे और वहां पर विधानसभा का घेराव कर पुरानी पेंशन बहाली के लिए धरना प्रदर्शन किया जाएगा। स्पष्ट है ये मांग अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है। उधर मुख्यमंत्री कर्मचारियों की हड़तालों और प्रदर्शनों से नाराज़ है और कई तरह की चेतावनियां भी दी जा रही है। मगर कर्मचारी मानने को तैयार नहीं है। इस पदयात्रा को रोकने के लिए कई प्रयास भी किये गए। पत्र जारी कर कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया गया, कर्मचारी वार्ता के लिए पहुंचे भी परन्तु कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों के धरने प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने फरमान जारी किया की सूबे के कर्मचारी अगर हड़ताल पर गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सिविल सर्विस रूल्स 3 और 7 का हवाला देते हुए आदेश जारी किए हैं कि प्रदर्शन, बहिष्कार, पेन डाउन स्ट्राइक और इस तरह की अन्य गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा और साथ ही कर्मचारियों पर अपराधिक मामला भी दर्ज होगा। पर सरकार की इस चेतावनी के बाद भी पदयात्रा जारी रही। हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी सरकार से तुरंत पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग कर रहे है। विधानसभा के शीत सत्र के दौरान पेंशन बहाली के लिए कमेटी के गठन की घोषणा की गई थी जो की अब तक पूरी नहीं हुई। कमेटी का गठन नहीं किया गया और अब कर्मचारी चाहते है की बिना कमेटी के गठन के सीधे पेंशन बहाली की घोषणा की जाए। इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष है की वर्तमान वित्तीय परिस्थितियों के अनुसार फिलवक्त पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जा सकती। हालांकि पेंशन बहाली से सरकार पूरी तरह इंकार भी नहीं कर रही। सरकार का कहना है की पहले कर्मचारी अपनी पदयात्रा समाप्त करे और फिर चर्चा के माध्यम से इस मसले का हल निकलने की कोशिश की जाएगी, परन्तु कर्मचारी अब चर्चा नहीं एक्शन चाह रहे है। कर्मचारियों को मिला विपक्ष का साथ : पुरानी पेंशन के मुद्दे को विपक्ष भी खूब भुनाने में लगा है। हर विधायक की जुबान पर पुरानी पेंशन का मुद्दा है। कांग्रेस अब कर्मचारियों को यकीन दिला रही है कि सत्ता वापसी की स्थिति में पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी। दरअसल राजस्थान में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली के बाद हिमाचल कांग्रेस के हौसले भी बुलंद हुए है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री कह चुके है की कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई तो पुरानी पेंशन योजना बहाल करेगी। राजस्थान से कांग्रेस सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी है। अन्य राज्यों को भी इसे लागू करना पड़ेगा। पदयात्रा के समर्थन में शिमला पहुंचेगे राजन सुशांत : पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत भी पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग सरकार से कर रहे है। सुशांत का कहना है कि राजस्थान में 1 जनवरी 2004 से बंद पड़ी कर्मचारियों की ओपीएस को लागू करने की घोषणा की है, इसका वे स्वागत करते हैं और उम्मीद करते है की हिमाचल सरकार भी पेंशन बहाल करेगी। राजन सुशांत पूरी तरह कर्मचारियों के समर्थन है और पदयात्रा के समर्थन में वे शिमला भी पहुंचेंगे। चर्चा का वक्त गया, अब फैसले की घड़ी : प्रदीप नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर का कहना है कि अब चर्चा के लिए कुछ शेष नहीं रहा है और फैसला लेने का वक्त है। वे कई बार मुख्यमंत्री, मंत्रियों व विधायकों तक अपनी मांग चर्चा के माध्यम से पहुंचा चुके है। पुरानी पेंशन की बहाली पर प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैये से परेशान सरकारी कर्मचारी भारी रोष के चलते राजधानी शिमला के लिए पैदल मार्च करने को मजबूर हैं। कर्मचारी बिलासपुर जिला मुख्यालय होते हुए 3 मार्च को शिमला पहुंचेंगे और वहां पर विधानसभा का घेराव कर पुरानी पेंशन बहाली के लिए धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों की पदयात्रा नेशनल हाईवे होकर ही जाएगी। इस दौरान उनके साथ कर्मचारी संगठन व अन्य संगठन भी जुड़ते जाएंगे। यह एक ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन रहेगा।
- मंडी आईआईटी के शोधकर्ताओं ने किया कमाल आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने संतरे के सूखे छिलकों से बायो डीजल बनाने में सफलता हासिल की है। खास बात यह है की भविष्य में इसका उपयोग कारखाने चलाने वाली उर्जा से लेकर वाहनों दौड़ने के लिए इस्तेमाल होने ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के शोधकर्ताओं ने यह कमाल कर दिखाया है। आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वेंकट कृष्णन, उनकी छात्रा तृप्ति छाबड़ा और प्राची द्विवेदी शामिल हैं। शोध के बारे में डॉ. वेंकट कृष्णन का कहना है कि पानी के साथ बायोमास, संतरे के छिलकों को गर्म करके प्राप्त होता है. इसे हाइड्रो थर्मल कार्बोनाइजेशन प्रक्रिया कहा जाता है। शोधकर्ताओं ने बायोमास से प्राप्त रसायनों को बायोफ्यूल प्रीकर्सर में बदलने के लिए बतौर उत्प्रेरित संतरे के छिलके से प्राप्त हाइड्रोचार का उपयोग किया है. इसमें सूखे संतरे के छिलके के पाउडर को साइट्रिक एसिड के साथ हाइड्रोथर्मल रिएक्टर में कई घंटों तक गर्म किया। इससे उत्पन्न हाइड्रोचार को अन्य रसायनों के साथ ट्रीट किया गया ताकि इसमें एसिडिक सल्फोनिक, फॉस्फेट और नाइट्रेट फंक्शनल ग्रुप आ जाएं. इसी प्रकार से इन्होंने बायो डीजल का निर्माण किया है जो कि ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जैव ईंधन ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। जिसका देश के कुल ईंधन उपयोग में एक-तिहाई का योगदान है और ग्रामीण परिवारों में इसकी खपत लगभग 90 प्रतिशत है। जैव ईंधन का व्यापक उपयोग खाना बनाने और उष्णता प्राप्त करने में किया जाता है। उपयोग किए जाने वाले जैव ईंधन में कृषि अवशेष, लकड़ी, कोयला और सूखे गोबर आदि शामिल हैं। भारत में जैव ईंधन की वर्तमान उपलब्धता लगभग 120-150 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। गौरतलब है कि आईआईटी मंडी का यह शोध देश में जैव ईंधन उद्योग के लिए शुभ संकेत है। यहां यह भी उल्लेख करना होगा कि हाल के वर्षों में भारत बायोमास से बिजली बनाने में अग्रणी देश बन गया है. 2015 में भारत ने बायोमास, छोटे जल विद्युत संयंत्र और कचरे से ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से 15 जीडब्ल्यू बिजली पैदा करने के लक्ष्य की घोषणा की। बता दें कि पांच वर्षों के अंदर हमारे देश ने 10 जीडब्ल्यू बायोमास बिजली उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट, कुल्लू दिल्ली से भुंतर और शिमला के बीच अब पर्यटकों को अधिक पैसे ख़र्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब सैलानियों और अन्य लोगों को सस्ती हवाई सेवा मिलेगी। मई-जून माह में दिल्ली से भुंतर के लिए 72 सीटर की जगह 48 सीटर विमान उड़ान भरेगा। छोटा जहाज चलने से सवारियों को भारी भरकम किराये से राहत मिलेगी और एलायंस कंपनी को भी फायदा होगा। दिल्ली से कुल्लू-मनाली स्थित भुंतर हवाई अड्डे पर दस साल बाद एटीआर-42 की वापसी होगी। इससे पहले दिल्ली से भुंतर के लिए 2009 से 2012 तक 48 सीटर जहाज ही उड़ान भरता था। बताया जा रहा है कि देश में जो भी छोटे रनवे हैं, उनमें एटीआर-42 को चलाने की योजना है। ऐसे में सूबे के दो हवाई अड्डों को भी इसमें शामिल किया गया है। उड़ानों को जल्द आरंभ करने के लिए एलायंस एयर ने नए जहाजों की खरीद के लिए ऑर्डर जारी कर दिए हैं।यह जहाज न केवल नए होंगे, बल्कि आधुनिक तकनीक से लेस होंगे। इसे लेकर डीजीसीए ने पहल तेज कर दी है और संबंधित हवाई अड्डों में तैनात एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से जानकारी हासिल की जा रही है। वहीं, पिछले साल नवंबर माह में कुल्लू दौरे पर आए केंद्रीय परिवहन एवं सड़क राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने भी दिल्ली से भुंतर के लिए 48 सीटर जहाज चलाने की बात कही थी। भुंतर एयरपोर्ट के निदेशक नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि एटीआर-42 जहाज को चलाने की प्रक्रिया चल रही है।
सुनिल समियाल। धर्मशाला हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में दूसरे दिन हुए T-20 मैच के दौरान दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिला। वन-टू-वन हुए दो मैच के दौरान हिमाचल के व्यापारियों से लेकर होटिलियर्स को काफी फायदा मिला है। आपको बता दें कि ये 2019 के बाद पहला ऐसा मौका है, जब HPCA के स्टेडियम में मैच सफल हो सकें हो। 2017 के बाद इस स्टेडियम में दो टीमें भिड़ी है। लोगों का मानना है कि धर्मशाला जैसे खूबसूरत स्टेडियम में मैच देखना उत्साह भरा है। क्योंकि इस छोटे स्टेडियम से मैच देखने में अलग मजा है। साथ ही लोगों में क्रिकेटर को देखने का भी काफी उत्साह रहा। लोगों ने माना कि स्टेडियम में हर तरफ से अच्छी व्यस्था की गई और आने-जाने के लिए जिस तरह के निर्देश थे, उनकी मदद से किसी को भी काेई दिक्कत पेश नहीं आई। यहां कुछ लोगों ने ये भी कहा की हिमाचल के इस स्टेडियम को बार-बार ऐसे मैच मिलने चाहिए। आईपीएल को लेकर लोगों में उत्साह है। उनका कहना है कि यदि इस स्टेडियम को मैच मिलते हैं, तो इससे लोगों के व्यवसाय में काफी तरक्की होगी और हिमाचल आगे बढ़ता जाएगा।
- धारटीधार क्षेत्र को जयराम सरकार की बड़ी सौगात प्रदेश की जय राम सरकार ने नाहन विधानसभा क्षेत्र के धारटीधार क्षेत्र को पेजयल योजना की बड़ी सौगात दी है। धारटी क्षेत्र की दूसरे चरण की पेयजल योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। नाहन के विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने बताया कि धारटीधार क्षेत्र की दूसरे चरण की पेयजल योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। डा. बिंदल ने कहा कि भाजपा सरकार में धारटीधार क्षेत्र के पेयजल संकट को दूर करने के प्रथम प्रयास के कामयाब होने के बाद अब दूसरा प्रयास शुरू किया गया है। पहले प्रयास में गिरि नदी में एक बोरवैल लगार कर चार इंच पानी उठाया गया। इस पानी को नैहली धीड़ा, पंजाहल, धगेड़ा, नवनी व देवका पुडला पंचायतों के सभी टैंकों में डाला गया व सेन की सेर और बनेठी के कुछ हिस्से को भी इसमें शामिल किया गया। दूसरे चरण में 25 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना के तहत 2 टयूबवैल गिरि नदी में लगाए जा रहे है। साथ ही आठ इंच पानी इन टयूबवैल से उठाया जाएगा। इस पानी को नेहली धीड़ा, धगेड़ा, पंजाहल, नवनी देवका पुड़ला, के अलावा रामा धौण का कुछ भाग और बनेठी के कुछ भागों को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। डा. बिंदल ने बताया कि इस योजना में लगभग 10 किमी की राइजिंग मैन बनेगी, 27 नये वाटर सप्लाई टैंक बनेंगे व लगभग 150 किमी की लाईन बिछाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ रुपये की लागत से यह योजना तैयार होने पर धारटी के क्षेत्र को लंबे समय तक पानी की तंगी नहीं झेलनी पड़ेगी। कभी सूखी धारटी के नाम जाने जाने वाली हमारी धारटी पेयजल किल्लत से पूरी तरह मुक्त हो जाएगी। डा. बिंदल ने कहा 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस पेयजल योजना के टैंडर हो गए हैं। धारटी क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण पेयजल योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया है।
- 19.50 लाख से निर्मित राजकीय उच्च पाठशाला नेरटी के अतिरिक्त भवन का किया उद्घाटन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने सरवीन चौधरी नेरटी में 19.50 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय उच्च पाठशाला नेरटी के अतिरिक्त भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिये निरन्तर प्रयासरत है। प्रदेश में शिक्षण संस्थानों के मूलभूत ढांचे को विकसित करने पर बल दिया गया है। सरकार ने राज्य के ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में बच्चों को घर-द्वार पर बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। सरवीन ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि पहले बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए लम्बा सफर तय करना पड़ता था लेकिन आज विद्यार्थियों को उनके घर-द्वार के समीप बुनियादी एवं उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में नये स्कूल व कॉलेज खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान दूरदराज के क्षेत्रों में नये कालेज खोले गये हैं और आज लड़कियां उच्च शिक्षा के मामले में अधिकांश संस्थानों में लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वह जीवन में आगे बढने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें तथा उसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, इसलिए छात्रों को चाहिए कि वह शिक्षा के साथ-साथ हर प्रकार की स्कूली गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर भाग लें। उन्होंने अध्यापकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की बहुमूल्य सम्पदा है और युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा एवं क्षमता का सदुपयोग कर एवं उनमें अनुशासन की भावना का विकास कर सुदृढ़ समाज, विकसित प्रदेश व सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। इस अवसर पर मुख्याध्यापक संजय कुमार जांवला ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और स्कूल द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। सरवीन चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत रजोल में नया 33 के वी विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो चुका है जिसको बनाने में लगभग 3.50 करोड़ की लागत आई है। आने वाले कुछ दिनों में ग्राम पंचायत नेरटी व इसके साथ लगती सभी पंचायतों को 33 केवी विद्युत उपकेंद्र रजोल के साथ जोड़ा जाएगा जिस पर 15 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। गांव नेरटी में 100 केवीए ट्रांसफार्मर को 250 केवीए ट्रांसफार्मर में अपग्रेड किया जाएगा जिस पर पांच लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी ने नादौन में सक्रियता बढ़ा दी है। विधानसभा क्षेत्र नादौन के चिल्लियां में आम आदमी पार्टी की विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया और सदस्यता अभियान चलाया। इस पर जानकारी देते हुए पार्टी प्रदेश प्रवक्ता सुनील कुमार गोल्डी और ओबीसी संगठन मंत्री शैंकी ठुकराल ने कहा कि पार्टी ने रविवार के दिन घर-घर जाकर लोगों को पार्टी की विचारधारा से अवगत करवाया तथा दिल्ली मॉडल पर चर्चा की। इस दौरान लोगों ने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि लोग दिल्ली की केजरीवाल सरकार के काम से खुश हैं तथा हिमाचल प्रदेश में भी बदलाव चाहते हैं। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विकास, उपाध्यक्ष सेठी कुमार, संगठन मंत्री मनोज, मुल्खराज, अनिल इत्यादि पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
-13 बीघा भूमि पर पिछले 4 वर्षों से कर रहे प्राकृतिक खेती नाहन विधानसभा क्षेत्र के प्रगतिशील किसान नरोत्तम सिंह ने बिना उर्वरक और रसायनिक दवाइयों के इस्तेमाल किए बिना प्राकृतिक खेती के माध्यम से अच्छा उत्पादन कर अपने आसपास के लोगों के लिए एक मिसाल कायम की है। सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जिला सिरमौर जहर मुक्त उत्पादन करने में प्रदेश का अग्रणी जिला बनने जा रहा है। नाहन विधानसभा क्षेत्र के गांव डाक वाला के रहने वाले किसान नरोत्तम सिंह अपनी 13 बीघा जमीन में पूर्ण रूप से प्राकृतिक खेती करके अच्छा उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में उन्होंने शिमला के कुफरी से प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। तब से वह अपने परिवार के साथ प्राकृतिक खेती कर रहे हैं हालांकि शुरुआती वर्ष में गेहूं के उत्पादन में थोड़ी कमी आई थी परंतु वर्तमान समय में उन्हें अच्छा उत्पादन मिल रहा है। नरोत्तम सिंह का कहना है कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती करने से जहां उनके उत्पादन में वृद्धि हुई है वही भूमि की उर्वरा शक्ति में भी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि वह अपनी फसलों में प्रत्येक 21 दिन के बाद जीवामृत घनजीवामृत का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी भूमि से विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उनकी भूमि की उर्वरक शक्ति में भी आश्चर्यजनक वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि वह गेहूं, लहसुन, प्याज, आलू, सरसों, मेथी, मटर, धनिया, अलसी तथा मूली इत्यादि फसलों की मिश्रित रूप से खेएती करते हैं। इसके साथ-साथ उन्होंने आम, नींबू, कटहल व चीकू का बगीचा भी लगाया है। उन्होंने अपनी एक बीघा भूमि पर 100 चन्दन के पौधे भी रोपित किए हुए हैं। उन्होंने बताया की जहां पहले एक क्विंटल लहसुन का उत्पादन होता था। अब वहीं उतनी ही जमीन से वह 5 क्विंटल तक लहसुन का उत्पादन ले रहे हैं। उनके द्वारा उगाई जा रही फल तथा सब्जियों की बाजार में अच्छी मांग है। जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलता है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रत्येक फसल के बाद उन्हें खेतो की जुताई करनी पड़ती थी। वहीं अब जमीन की उर्वरक शक्ति बढ़ने से वह साल में केवल एक बार ही जुताई करते हैं जिससे धन तथा समय दोनों की बचत होती है। नरोत्तम सिंह सरकार का धन्यवाद करते हुए कहते हैं कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती योजना किसानों तथा उपभोक्ताओं के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। इसमें किसानों को किसी प्रकार के खाद व दवाइयों पर कोई व्यय नहीं करना पडता और उपभोक्ताओं को भी जहर मुक्त उत्पाद मिल रहे हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी प्राकृतिक खेती द्वारा उत्पादन करने का आह्वान किया है। परियोजना निदेशक कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण सिरमौर डा साहिब सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सुभाष पालेकर द्वारा इजाद प्राकृतिक खेती प्रणाली से चाहे कोई भी खाद्यान्न, सब्जियां, बागवानी की फसल हो उसका लागत मूल्य लगभग शून्य होगा।
धर्मशाला से करीब 20 किलोमीटर दूर और धौलीधार की तलहटी में बसे खनियारा गांव में स्थित महादेव मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था है। अघंजर महादेव के नाम से मशहूर इस प्राचीन मंदिर में शिव भक्तों की टोलियां निरंतर पहुंचती हैं। इस स्थान पर 500 वर्षों से बाबा श्री गंगा भारती जी महाराज का अखंड धूणा जल रहा है। माना जाता है कि इस स्थान पर ही बाबा ने तपस्या की थी। यूँ तो इस मंदिर में साल भर श्रद्धालु आते रहते हैं, लेकिन विशेषकर सावन माह और शिवरात्रि पर्व पर यहाँ अधिक भीड़ देखने को मिलती है। माना जाता है कि मंदिर की स्थापना महाभारतकालीन है। दंत कथाओं के मुताबिक खनियारा गांव में महाभारत के बराह पर्व में अर्जुन ने भगवान शिव से जहां पशुपति अस्त्र प्राप्त किया था। इस स्थान पर ही पांडु पुत्र अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने भोले की उपासना करने को कहा। अर्जुन ने इसी स्थान पर बैठकर घोर तप करके भोलेनाथ को प्रसन्न किया और उनसे दिव्य शक्तियां प्राप्त कीं। कहा जाता है कि भोले नाथ कैलाश पर्वत के लिए इसी रास्ते से होकर जाया करते थे और अर्जुन की तपस्या से खुश होकर भोले नाथ ने उन्हें विजयश्री का आशीर्वाद दिया और दिव्य शक्तियां प्रदान करके अर्जुन को शक्तिशाली बना दिया। चट्टान के नीचे मौजूद है प्राचीन शिवलिंग : मंदिर की बगल में बहने वाली मांझी खड्ड के पास एक चट्टान के नीचे प्राचीन शिवलिंग भी मौजूद है, जिसे गुप्तेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। यहां पर मेला लगता है और श्रद्धालु दूरदराज क्षेत्रों से यहां पर पूजा-अर्चना व जलाभिषेक करने आते हैं। धौलाधार की पहाड़ियों से घिरा यह मंदिर दूर से मनमोहक प्रतीत होता है। मंदिर परिसर में देवी दुर्गा व हनुमान की मूर्तियां और शिवलिंग स्थापित किए गए हैं, जहां पर आकर लोग पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं व साधु-संतों के लिए लंगर व ठहरने की भी व्यवस्था है। इसके लिए एक सराय का निर्माण भी मंदिर के पास करवाया गया है। पांडवों ने की थी स्थापना : बराह पर्व के दौरान अज्ञातवास के वक्त अर्जुन ने तत्कालीन जंगल और आज के खनियारा गांव में पशुपति अस्त्र प्राप्त करने के लिए गुप्तेश्वर महादेव की स्थापना की थी। तदोपरान्त अर्जुन ने राज पाट भोगने के बाद वन पर्व के समय हिमालय पर्वत की यात्रा करते हुए इसी स्थान पर दोबारा गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन किए और तब इसी स्थान पर पांडवों ने दोबारा भगवान महादेव का अघंजर नाम से मंदिर तैयार किया। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक अघंजर महादेव का मतलब है पाप को नष्ट करने वाला, आघन का अर्थ है पाप और अंजर का अर्थ होता है नष्ट हो जाना। पांडवों ने महाभारत के युद्ध में अपने गुरुओं, भाइयों और पूर्वजों का संहार किया था और पांडव इसी पाप से मुक्त होना चाहते थे। इस स्थान पर उस वक्त अर्जुन के कहने पर महादेव के एक और मंदिर की स्थापना की गई इसे अघंजर महादेव का नाम दिया। इस वजह से इस मंदिर का निर्माण हुआ था। इस मंदिर के साथ यहां के एक गुफा में गुप्तेश्वर महादेव के भी दर्शन होते हैं, जिसका वर्णन 300 वर्ष पुराने शिलालेखों में मिलता है। बाबा गंगा भारती जी का इतिहास : प्राचीन ऐतिहासिक अघंजर महादेव का इतिहास बाबा गंगा भारती जी, महाराजा रणजीत सिंह और पांडु पुत्र धनुर्धर अर्जुन से जुड़ा है। इस मंदिर के संदर्भ में विभिन्न दंत कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह उदर रोग से ग्रस्त थे। एक दिन जब महाराजा रणजीत सिंह ने अपनी पीड़ा बाबा गंगा भारती जी को बताई और उन्होंने उनका इलाज किया, जिससे महाराजा पूरी तरह से ठीक हो गए। कहा जाता है कि बाबा ने यहां पर पानी की तीन चूलियां पिलाकर महाराजा का उदर रोग ठीक किया था। इससे खुश होकर महाराजा रणजीत सिंह ने बाबा जी को अपना दुशाला भेंट किया। बाबा गंगा भारती ने इस दुशाले को अपने हवन कुंड में डाल दिया। इस पर महाराजा रणजीत सिंह हैरान हुए और थोड़ी ही देर बाद बाबा ने सैकड़ों दुशाले उस धूणे से एक जैसे निकाल दिए और कहा कि इनमें पहचान कर अपना दुशाला उठा लो। बाबा का यह चमत्कार देखकर महाराजा रणजीत सिंह अचंभित रह गए और बाबा जी की शरण में गिर गए। इसके बाद महाराजा रणजीत सिंह ने कुछ भूमि बाबा जी को मंदिर बनवाने के लिए दे दी। यह भी कहा जाता है कि इसी स्थान पर बाबा गंगा भारती जी ने जीवित समाधि ली थी। मंदिर परिसर में ही बाबा जी का समाधि स्थल भी मौजूद है।
जोगिंदरनगर। क्रांति सूद इंडेन गैस एजेंसी जोगिंदरनगर का माह मार्च-2022 का रूट चार्ट जारी कर दिया गया है जिसके तहत उपभोक्ताओं को गैस का वितरण किया जाएगा। एसडीएम जोगिंदरनगर डा. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि दो मार्च को दरुब्बल, लडवाण, जोन, कुनकर, चडोंझ, नागण, बनवार, लोअर चड़ोंझ, लोअर द्रुब्बल, सलेरा व फोगला जबकि तीन मार्च को कुराटी, पिपली, कुठेहड़ा, सुंआ, बैला, रोहटा सपैडू, सरमाणा, अलमरा, खड़ीहार व नेरी लांगणा में एलपीजी गैस का वितरण किया जाएगा। इसी तरह चार मार्च को झमेहड़, चक्का, चक्का से कढेरनू, बसाही, बसाही स्कूल, पाबो बनौण, त्रंैबली, गोंथला, लखनोट, मकरीड़ी, नागचला व द्राहल में एलपीजी गैस का वितरण किया जाएगा। इसी तरह पांच मार्च को कमेहड़, चल्हारग, बल्ह, बनौण, जोल, जगैहड़ा, जौली, मच्छयाल, कुफरू, बल्ही व दरकोटी। सात मार्च को नगर परिषद जोगिंदरनगर, 8 मार्च को मोहनघाटी, रड़ा भखेड़, ऐहजु, सूकाबाग, चौंतड़ा, बीड ऱोड़, मटरू, सूजा, काथला व लोअर सेरी तथा नौ मार्च को अपरोच रोड, कूपड़, शानन, हरनाला, हार, आरठी, निचला गरोडू सामुदायिक भवन, छपरोट में रसोई गैस (एलपीजी) का वितरण किया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि 10 मार्च को जिमजिमा, बृजमंडी, हराबाग, छानग, दुल, बनाड़ व गलू पटट, 11 मार्च को बालकरूपी, घमरेड़, मझवाड़, दारट बगला, भरोलू वाया जालपा रोड़, अपर घमरेहड़ व मकड़ैना, 12 मार्च को सेरू, जलपेहड़, बनाई हार, झलवाण, पहलून, भटठा, मसौली, धरूं लिंक रोड़, खुदर व छतर, 14 मार्च को मझारनू, कुफरू, स्यूरी, नेर, बस्सी, मनोह, मच्छयालु भलैंदरा, भुझडू, बडौण, कुंडूनी व बनेहड़, 15 मार्च को भराडू, बिहूं, टिक्कर, छाम्ब, गडूही, कस, लोअर कस, कोठी, आलगावाड़ी व सरस्वती स्कूल। 16 मार्च को नगर परिषद जोगिंदरनगर, टटानका व डूहकी। 17 मार्च को सैंथल, लोअर चौंतड़ा, चौंतड़ा, राजा चौकी, द्रौबड़ी, सगनेहड़ व कोहरा में एलपीजी गैस का वितरण होगा। इसी तरह जहां 19 मार्च को घटटा, मोहनघाटी, रड़ा भखेड़, ऐहजू, रोपड़ कलैहडू, गाहरू, लकरेहड़, द्रुब्बल,, लडवाण, चक्का, बसाही, चलारग, मकरीड़ी, द्राहल व मोर डूहग, 21 मार्च को मटरू, सूजा, भजराला, खौली, भटवाड़ा, संद्राहल, कुराटी, पिपली, कुठेहड़ा, सुआ व रोहटा सपैडू, 22 मार्च को सिउन, बदैहड़, ठारू, भैरू, चांजड़ास्तेन, अपर मचकेहड़, अपरोच रोड शानन, बृजमंडी, हराबाग, गलू, जिमजिमा, 23 मार्च को बीड़ रोड़, मचकेहड़, सुकाबाग, पसल, बीड़ कालोनी, टिकरी मुशैहरा, खज चौगान में तो वहीं 24 मार्च को चौंतड़ा, तिब्बती कालोनी, सगनेहड़ हार वाया चौंतड़ा, बालकरूपी, मझवाड, दारट बगला, सेरू व बनाई, 25 मार्च को बजगर, लदरूंही, भडयाड़ा, बरनाहूं, धनैतर, पातकू, अपर ढ़ेलू, खलेही, हरड़ बेहडू, डकबगड़ा, भगेहड़, गदयाड़ा व घोडऩ, 26 मार्च को नगर परिषद् जोगिन्दर नगर, झलवाण, भटठा, मसौली, छतर लिंकरोड, मकड़ैना, 28 मार्च को लोअर ढ़ेलू, ढ़ेलू वार्ड नम्बर-चार, योरा,ख्टिकरू, भचकेहड़ा, भालारिड़ा, आडू, सांलग, चांदनी, ठठरी व बलोहल, 29 मार्च को डोहग, सारली, सैंथल, पड़ैन, कोहरा द्रौबड़ी, मझारनू, नेर, बस्सी, मनोह, भराडू, बिंहू, कस व बडोण तथा 30 मार्च को लोअर चौंतड़ा, राजा चौकी, त्रामट, सगनेहड़ हार, सरौली तथा नगर परिषद जोगिंदर नगर में घरेलु रसोई गैस का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रूट चार्ट के अनुसार निर्धारित तिथि पर किसी कारणवश गाड़ी नहीं पहुंच पाती है, तो अगले दिन घरेलु एलपीजी गैस की सप्लाई दी जाएगी। इसके अलावा कच्ची सड़कों में गैस की सप्लाई मौसम पर निर्भर करेगी।
जोगिंदरनगर। क्रांति सूद रोटरी क्लब जोगिंदरनगर के रोटेरियन अजय ठाकुर ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय बाल जोगिंदरनगर के गेट के बाहर सूखा पेड़ हादसों को न्योता देता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि तेज बारिश और आंधी के चलते यह पेड़ कभी भी गिर सकता है, जिस कारण यहां पर कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यहां पर सूखे पेड़ को न काटने से एक और प्राथमिक विद्यालय बाल और दूसरी ओर इस रास्ते से रोजाना गुजरने वाले स्कूल व कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों एवं आम लोगों की जिंदगी को खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन व विभाग से यह मांग की है कि जल्द इस सूखे पेड़ को कटवाया जाए, ताकि यहां पर किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो।
धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में हुए तीसरे टी-20 मैच के दौरान श्रीलंका टीम के कप्तान दासुन शनाका फील्डिंग करते चोटिल हो गए। बायो बबल के नियमानुसार ,अविलम्ब ग्रीन कॉरिडोर बनाकर, कांगड़ा पुलिस के स्कोर्ट द्वारा रात 11 बजे श्री बालाजी हॉस्पिटल कांगड़ा लाया गया। डॉक्टर राजेश शर्मा, निदेशक श्री बालाजी हॉस्पिटल के निर्देशानुसार, डॉक्टर प्रतीक रेडियोलॉजिस्ट की देखरेख में एक्स-रे टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ का तुरंत रेपिड कोविड टेस्ट कराया गया और इसकी जानकारी भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख डॉक्टर चार्ल्स मिंज को अविलंब दी गई। श्रीलंका क्रिकेट के कप्तान दासुन शनाका के एक्स-रे रिपोर्ट को डॉक्टर प्रतीक ने श्रीलंका क्रिकेट टीम के आधिकारिक चिकित्सक डॉक्टर प्रदीप को दी। रिपोर्ट के अनुसार दासुन के दाएं हाथ की छोटी अंंगुली में लीनियर फ्रैक्चर पाया गया, जो चिंता की बात नहीं है। आवश्यक उपचार कर 72 घंटे के आराम की सलाह दी गई। श्री बालाजी हॉस्पिटल के निदेशक ने जानकारी देते हुए कहा कि यह कांगड़ा जनपद के लिए गर्व का विषय है। हमने 'अतिथि देवो भव के सिद्धांतों का पालन करते हुए, श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान का सफल इलाज किया।
नरेंद्र। लंबागांव पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को पूरे देश मे 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को पूरे देश मे 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई गई। इस अभियान के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र आलमपुर साई में जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र धीमान ने बच्चों को पहली खुराख पिलाई, जंहा लोगों ने अपने छोटे-छोटे बच्चों को यह खुराक पिलाई। इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य कर्मचारियों सहित आंगनबाड़ी व आशा वर्करों ने अपना सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि रविवार को जो बच्चे बूथों तक नहीं पहुंच पाए उन्हें अगले दो दिनों तक घर-घर जाकर यह खुराक पिलाई जाएगी।
नरेंद्र । लंबागांव कांग्रेस नेता संजय राणा समय-समय पर समाज सेवा के क्षेत्र में आगे रहते हैं, जो सामाजिक तौर पर अति निर्धन परिवार होते हैं, उनके लिए वह हमेशा तत्पर रहते हैं संजय राणा को गरीबों का मसीहा यूं ही नहीं कहा जाता। इसका ताजा उदाहरण अपला पंचायत में आज देखने को मिला संजय राणा को एक परिवार ने अपनी बेटी शादी का न्योता दिया था, लेकिन निजी काम की वजह से वह दूसरे राज्य में थे बाप बेटी की शादी में शिरकत नहीं कर सके, लेकिन जैसे ही संजय राणा हिमाचल प्रदेश लौटे, तो वह सीधा उस परिवार से मिले और अपनी तरफ परिवार की आर्थिक मदद भी की। यही कारण है कि संजय उस राणा की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। दौलतपुर चौक गगरेट विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी मनीष शारदा ने जन संपर्क अभियान के तहत बैठकें कीं और लोगों के साथ विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों बार-बार टीसीपी से बाहर निकालने के वादे किए जा रहे हैं। कभी कैबिनेट, तो कभी मंत्री जी जनता को झूठे आश्वासन दे रहे हैं, परंतु जनता अपनी जमीन पर अपना मकान बनाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने सरकार इस इस विषय पर शीघ्र अतिशीघ्र निर्णय लें और गांवों को टीसीपी से बाहर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज़ दबाने प्रलोभन देकर उनकी आवाज़ दबाई जा रही है, परंतु जनता अब इन ढकोसलों में नहीं आने वाली और आने वाले समय में इसका जवाब देगी, जहां क्षेत्र में अधिकारी सरकार के दवाब में काम कर रहे हैं और आम जनता की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा की कुछ छुटभैया नेताओं को जनता की सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है और आम आदमी तथा किसान अपने हित की लड़ाई लड़ने को मजबूर है, परंतु अधिकारीयों द्वारा जनता की आवाज़ को दबाया जा रहा है, जिसका जवाब आने वाले समय में दिया जाएगा। उन्होंने निजीकरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि केंद्र सरकार निजीकरण के नाम पर केंद्र सरकार जनता को गुमराह कर रही है। यह सब, कुछ कंपनियों का एकाधिकार (मोनोपॉली) बनाने के लिए किया जा रहा है। जैसे ही इनका एकाधिकार बढ़ेगा। वैसे ही रोजगार कम होगा और डिग्रीधारक बेरोजगारों की तादाद बढ़ेगी।
मनोज कुमार। कांगड़ा त्रिगर्त दिव्य योग समिति के तत्वाधान में पुराना कांगड़ा के सभी गणमान्य व समाजसेवी सामूहिक रुद्र अभिषेक पूजा कर विश्व के सभी नागरिकों की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे। योगी रणजीत सिंह चौबिस घंटे से ज्यादा लगातार महामृत्युंजय मंत्र का वाचिक जाप करते हुए यज्ञ कर विश्व किर्तिमान स्थापित करेंगे। जिसमें 21 किग्रा. से ज्यादा औषधीय सामग्रीयों की आहुत की जाएगी, जिससे आसपास के क्षेत्र में फैले हुए कोरोना जैसे अनगिनत विषाणुओं से प्राणियों की स्वास्थ्य रक्षा होगी। विश्व किर्तिमान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्लड रिकॉर्ड के भारतीय अध्यक्ष डा. आलोक ऑनलाइन माध्यम से आब्जर्वर रहेंगे। योग गुरू रणजीत सिंह ने बताया कि जो आश्रम में नहीं आ सकते हैं वहIGART WORRLD YOGA Facebook page https://www.facebook.com/trigartyoga/ पर जाकर 108 बार महामृत्युंजय मंत्र कोमेट बाक्स में लिखकर अपनी हाजरी शिव के दरबार में लगवाकर पुण्य के भागी बन सकते हैं। क्योंकि यह कार्यक्रम लगातार चौबिस घंटे लाइव प्रसारित होगा। विश्व किर्तिमान कार्यक्रम का उद्देश्य घर- घर योग व यज्ञ की ज्योति जलाएंगे, वैदिक युग फिर से दोहराएंगे तथा युवाओं को अपनी वैज्ञानिक सनातन संस्कृति से पुन: जोड़कर पर्यावरण को शुद्ध पवित्र करना है ताकि सभी प्राणी इस पृथ्वी पर अपने जीवन को आनंददायक बना सकें। जो चाहते हों रोगों से छुटकारा, तो योग-यज्ञ (हवन) को बनाओ नियमित सहारा योगी रणजीत सिंह इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश के नाम योग के क्षेत्र में 59 विश्व किर्तिमान स्थापित करवा कर हिमाचल की योग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके हैं और युवाओं को नशामुक्त रोजगार युक्त बनाकर, असंख्य लोगों को शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्त करवा चुके हैं।


















































