मंगलवार को रिस्सा के महादेव मंदिर में भव्य जागरण का आयोजन किया जा रहा है। जिसका आयोजन त्रिवेणी जागरण मंच रिस्सा की ओर से किया जा रहा है। बुधवार को मंदिर कमेटी की ओर से भंडारे का आयोजन भी है। जागरण मंच पिछले लगातार तीन वर्षों से इस जागरण का आयोजन करता आ रहा है। मंदिर कमेटी प्रधान सुरेश राणा, तथा कोषाध्यक्ष रोशन गुप्ता ने सभी शिवभक्तों से अपील की है कि इस पर्व पर अपना-अपना सहयोग तथा समय जरूर देने की कृपा करें, ताकि इस कार्य को सुचारू रूप से किया जा सके। इस जागरण को जगदीश चंदेल आर्केस्ट्रा एवं उनके साथी चार चांद लगाएंगे।
- सतपाल सिंह सत्ती ने किया शिलान्यास छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने ऊना शहर की महत्वाकांक्षी वर्षा जल निकासी योजना के तहत 1.85 करोड़ से बनने वाले सब्जी मंडी नाला का शिलान्यास किया। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि शहर की ड्रेनेज परियोजना के तहत 5 प्रमुख नालों का चैनलाइजेशन किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 22.48 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि बरसाती पानी की उचित निकासी न होने के चलते बरसात शहर में जनजीवन प्रभावित होता है। मिनी सचिवालय सहित कई सरकारी कार्यालय, स्थानीय लोगों के आवास सहित आसपास का काफी क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। उन्होंने कहा कि इन पांचों नालों का तटीकरण करके शहर का सारा बरसाती पानी लालसिंगी खड्ड और ऊना खड्ड में मिलाया जाएगा। नगर परिषद के पुराने भवन के स्थान पर बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर तैयार करके जनता को समर्पित किया जाएगा। जिसकी धरातल मंजिल पर पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त पुराना बस अड्डे के स्थान पर अंडरग्राउंड पार्किंग के साथ शॉपिंग मॉल तैयार किया जाएगा। सतपाल सिंह सत्ती ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके अलावा हड्डी रोग से पीड़ित रोगियों की सुविधा के लिए 28 लाख रुपये लागत की सीआरएम मशीन, 22 लाख रुपये से लेप्रोस्काॅपी मशीन और 28 लाख रुपये से आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थाापित की गई है। इससे लोगो को काफी राहत मिली हैं। सत्ती ने बताया कि 2ं0 करोड़ रुपये से मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा 75 लाख रुपये की लागत से अस्पताल परिसर में आॅक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया जिससे 200 बैड को आॅक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। अस्पताल परिसर में लोगों की सुविधा के लिए 10 लाख रुपये खर्च करके भव्य पार्क जनता को समर्पित किया गया है। सत्ती बताया कि नगर परिषद के पुराने भवन के स्थान पर बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर तैयार करके जनता को समर्पित किया जाएगा जिसकी धरातल मंजिल पर पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त पुराना बस अड्डा के स्थान पर अंडरग्राउंड पार्किंग के साथ शाॅपिंग माॅल तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र की सड़कों को 90 करोड़ रुपये व्यय करके डबल किया गया है।
- डेढ़ लाख पेंशनरों की 2.57 फीसदी बढ़ेगी पेंशन हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम पेंशन व पारिवारिक पेंशन को बढ़ाकर पेंशनभोगिओं को बड़ी राहत प्रदान की है। सरकार ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। अब पहली जनवरी, 2016 से न्यूनतम पेंशन व पारिवारिक पेंशन को 3,500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त पहली जुलाई 2021 से पेंशनभोगियों को 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रदान करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार वर्ष 2016 के पेंशनरों की नई पेंशन को अब 31 दिसंबर 2015 की बेसिक पेंशन या पारिवारिक पेंशन की तर्ज पर तय किया जाएगा। राज्य में एक जुलाई 2016 से न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये प्रति माह होगी। संशोधित पेंशन या पारिवारिक पेंशन को अगले उच्चतम रुपये पर संशोधित किया जाएगा। समय-समय पर अंतरिम राहत दी जाती रही है, जो 21 फीसदी दी गई है। इसे पेंशन या पारिवारिक पेंशन के एरियर में समायोजित किया जाएगा। संशोधित पेंशन मार्च में फरवरी के देय वेतन में दी जाएगी। राज्य में एक जुलाई 2016 से न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये प्रति माह होगी। इसमें ओल्ड पेंशनर को दी जाने वाली अतिरिक्त पेंशन शामिल नहीं होगी। पेंशन और पारिवारिक पेंशन के लिए ऊपरी सीलिंग उच्चतम वेतनमान यानी 2,24,100 रुपये की 50 से 30 फीसदी होगी। इसके अनुसार अब पहली जनवरी 2016 से ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया गया है। राज्य के 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को संशोधित पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर देय अतिरिक्त पेंशन लाभ प्रदान किए जाएंगे। इस निर्णय से 1.73 लाख पेंशनभोगियों को पहली फरवरी, 2022 से संशोधित पेंशन व पारिवारिक पेंशन मिलेगी। इसके साथ ही 1.30 लाख पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को पहली जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन व पारिवारिक पेंशन मिलेगी।
भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि भाजपा की प्रदेश शाखा नगर निगम शिमला चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी रोड मैप तैयार कर रही है। टंडन ने कहा कि कल की बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के साथ मिलकर नगर निगम शिमला को लेकर रणनीति तय कर ली है और तीन सीनियर लीडर की ड्यूटी नगर निगम को लेकर लगा दी गई है। चुनावों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, मंत्री सुरेश भारद्वाज एवं विधायक डा. राजीव बिंदल की एक समिति का गठन कर दिया गया है और इनके सहयोग में प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, सचिव बिहारी लाल शर्मा और महेंद्र धर्माणी सहयोगी के रूप में काम करेंगे। टंडन ने कहा की आने वाले समय में इन नगर निगम चुनावों के 41 वार्डों के प्रभारियों की नियुक्ति भी जल्द हो जाएगी । नगर निगम में लोकल मुद्दों का एक खाखा तैयार किया जाएगा, भाजपा ने शिमला शहर के लिए अच्छे काम किए हैं और इनको लेकर हम घर-घर जाने के लिए तैयार हैं। अगले 15 दिन में भाजपा नगर निगम शिमला के चुनावों को लेकर पूरा रोड मैप बना लेगी। हिमाचल प्रदेश में भाजपा के पास मजबूत संगठन है और जल्द ही हमारी पन्ना समितियों का भी गठन हो जाएगा , इससे सभी वोटर पर नजर बनी रहेगी। कांग्रेस के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है और साथ ही कांग्रेस में नेतृत्व की लड़ाई चल रही है, ऐसे में भाजपा का मिशन रिपीट तय है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज करने से कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल इनकार नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मौलिक अधिकार घोषित किया है। इसी तरह गरिमा पूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार मृतक के मौलिक अधिकारों में शामिल है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर ललित डढवाल ने यह जानकारी "मौलिक अधिकारों के संरक्षण में न्यायपालिका की भूमिका" विषय पर उमंग फाउंडेशन के वेबिनार में दी। उन्होंने बताया कि मौलिक अधिकारों के विस्तार और उनके संरक्षण में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय है। कार्यक्रम की संयोजक एवं प्रदेश विश्वविद्यालय से बॉटनी में पीएचडी कर रही अंजना ठाकुर ने कहा कि वेबिनार में हिमाचल प्रदेश के साथ ही पड़ोसी राज्यों और छत्तीसगढ़, बिहार तथा झारखंड के लगभग 70 युवाओं ने भाग लिया। विशेषज्ञ वक्ता प्रो. डढवाल ने युवाओं के सवालों के जवाब भी दिए। मानवाधिकार जागरूकता पर उमंग फाउंडेशन का यह 24वां साप्ताहिक वेबिनार था। प्रो. ललित डढवाल ने भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों की विस्तृत व्याख्या करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1989 में परमानंद कटारा बनाम भारत सरकार केस में फैसला दिया था कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को बिना कोई औपचारिकताएं पूरी किए नजदीक के सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज कराने का मौलिक अधिकार है। इससे पहले आमतौर पर अस्पताल मरीजों का इलाज करने से इंकार कर देते थे। उन्होंने कहा कि संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों के आधार पर न्यायपालिका ने अपने फैसलों के माध्यम से उन्हें काफी विस्तार दिया। न्यायपालिका द्वारा दिए गए अधिकारों को मानवाधिकार भी कहा जाता है। इनमें वयस्क महिला एवं पुरुष को अपनी पसंद से विवाह का अधिकार, निजता का अधिकार, मैला ढोने की कुप्रथा से मुक्ति का अधिकार, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं को सुरक्षा का अधिकार, समलैंगिक एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार, विकलांगजनों को नौकरी में पदोन्नति में आरक्षण का आधिकार और इंटरनेट तक पहुंच का अधिकार प्रमुख रूप से शामिल है। उन्होंने कहा कि छुआछूत को छोड़कर मौलिक अधिकारों के मामले आमतौर पर राज्य के विरुद्ध दर्ज होते हैं। मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होने पर पहले पीड़ित को मुआवजा देने की व्यवस्था नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी भी शुरुआत की। अनेक मामलों में पीड़ित व्यक्तियों को सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी विभागों अथवा अन्य एजेंसियों से मुआवजा भी दिलवाया। कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद पर उन्होंने कहा की अंतिम फैसला तो कर्नाटक हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट यही करेगा। कर्नाटक हाई कोर्ट मुख्य रूप से दो प्रश्नों पर विचार कर रहा है। पहला, क्या इस्लाम में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है। दूसरा, क्या हिजाब धार्मिक चिन्ह है? उन्होंने बताया कि 2018 में केरल हाईकोर्ट ने फातिमा बनाम केरल सरकार मामले में निर्णय दिया था कि विद्यार्थी कोई विशेष स्कूल यूनिफार्म पहनने पर जोर नहीं दे सकते। इसी प्रकार का एक निर्णय मुंबई हाईकोर्ट ने भी दिया था। उन्होंने कहा वर्तमान विवाद पर न्यायपालिका का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी होगा। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए प्रो. ललित डढवाल ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों, बेसहारा महिलाओं, बेघर बुजुर्गों, अनाथ बच्चों एवं अन्य कमजोर वर्गों के मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए उनकी जनहित याचिकाओं पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय दिए। इससे प्रदेश सरकार की नीतियों में बड़ा बदलाव आया। वेबिनार के संचालन में संजीव शर्मा, मुकेश कुमार, अभिषेक भागड़ा, विनोद योगाचार्य और उदय वर्मा ने सहयोग दिया।
प्रदेश के कॉलेजों में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले वोकेशनल शिक्षक भी सरकार से पॉलिसी बनाने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि हरियाणा व असम की तर्ज पर इन शिक्षकों के लिए भी हिमाचल में पॉलिसी तैयार की जाए, ताकि वोकेशनल शिक्षकों को भविष्य में नियमित किया जा सके और इन शिक्षकों को पदोन्नति के अवसर मिले। शिक्षकों का कहना है कि इस बजट सत्र में उन्हें उम्मीद ही नहीं बल्कि भरोसा है कि गठित कमेटी उनके भविष्य के बारे में सोचकर स्थायी नीति बनाएगी। हिमाचल प्रदेश बी. वॉक वोकेशनल संघ के अध्यक्ष कुश भारद्वाज ने आउटसोर्स पर कार्यरत हजारों वोकेशनल प्रशिक्षकों के लिए स्थायी नीति बनाने हेतु कमेटी का गठन करने हेतु सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्थायी नीति बनाने से प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार भी लाभान्वित होंगे जिससे बढ़ती हुई महंगाई के दौर में आसानी से गुजारा कर पाएंगे। उन्होंने मांग की है की इस बजट सत्र के दौरान उनके लिए स्थाई नीति की घोषणा की जाए।
शारीरिक शिक्षा अध्यापक प्रदेश के स्कूलों में 100 विद्यार्थियों वाली शर्त को हटाने की मांग कर रहे है। अपनी मांगों को लेकर बीते दिनों राजकीय शारीरिक शिक्षा अध्यापक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर भी मिला। प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के पदों को भरा जाये तथा 100 विद्यार्थियों वाली शर्त को हटाया जाए। संघ के अनुसार प्रदेश में शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के 380 पद खाली चल रहे है जिन्हें अतिशीघ्र भरा जाना चाहिए। शारीरिक शिक्षा अध्यापक संघ के राज्य कोषाध्यक मनोहर लाल ठाकुर एवं जिला महासचिव गिरधारी शर्मा के बताया कि इसके अतिरिक्त संघ की मांग है की वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में डीपीई के पदों को सृजित किया जाए, जिससे फिट इंडिया प्रोग्राम को सफल बनाया जा सके। संघ चाहता है कि जिला सहायक शिक्षा अधिकारी एपीडीएओ के पदों को स्थाई किया जाए तथा एडीपीईओ के पदनाम बदल कर डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर रखा जाए। इन सभी मांगों पर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। संघ के पदाधिकारियों का कहना है की मंत्री ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें पूरा करने का भी आश्वासन दिया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टा बराबरी भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चूका है। जिसका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह द्वारा 18 जुलाई 2014 को ऑनलाइन किया गया था। यह जानकारी पूर्व पंचायत समिति सदस्य व कल्याण संगठन इकाई के प्रधान डीडी कश्यप ने दी। उन्होंने बताया कि उस समय इसे प्राइवेट बिल्डिंग में इसे शुरू किया गया था। पूर्व की सरकार के दौरान इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन को 78 लाख 91 हजार 900 रुपए स्वीकृत किए गए थे। इस स्वास्थ्य केंद्र भवन का कार्य नवंबर 2018 को कमलकांत ठाकुर ठेकेदार द्वारा आरंभ किया था और आज कमल कांत ठेकेदार से हुई टेलीफोन वार्ता से पता चला की बिल्डिंग का कार्य पूर्ण हो चूका है। सरकार चाहे तो कभी भी इस प्राथमिक स्वास्थय केंद्र का उदघाटन कर सकती है। डीडी कश्यप ने सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग सब डिवीजन सुबाथू से आग्रह किया है कि 24 मई 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास की पट्टिका इस नव निर्मित भवन के समीप लगाई जाए। बाउंड्रीवाल, उचित मूल्य की दुकान के लिए एक कमरा तथा कन्टिन के लिए कमरा। निर्माण अधियाशी अभियंता लोक निर्माण उप मंडल कसौली के विचाराधीन है। इसके लिए शीघ्र अतिशीघ्र बजट के प्रावधान की अपील की गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन सम्बन्धित सीटू के बैनर तले हिमाचल प्रदेश के सैंकड़ों आंगनबाड़ी कर्मियों ने विधानसभा शिमला के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर के आंगनबाड़ी कर्मी पंचायत भवन शिमला में एकत्रित हुए व एक जुलूस के रूप में विधानसभा की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में कर्मियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। यूनियन ने चेताया है कि अगर बजट में मांगें पूर्ण न हुईं तो 28-29 मार्च को आंगनबाड़ी कर्मी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होकर आंदोलन तेज करेंगे। विदित रहे कि प्रदेशव्यापी हड़ताल के दौरान प्रदेश के अठारह हजार आंगनबाड़ी केंद्र बन्द रहे व लगभग सैंतीस हजार आंगनबाड़ी योजना कर्मी प्रदेशव्यापी हड़ताल पर रहे। ये है मुख्य मांगे : आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन कि मांग है कि प्री प्राइमरी में तीस के बजाए सौ प्रतिशत नियुक्ति दी जाए। नियुक्ति प्रक्रिया में 45 वर्ष की शर्त को खत्म किया जाए। साथ ही प्री प्राइमरी कक्षाओं में छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को दिया जाए क्योंकि वे पहले से ही काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इसके अलावा मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कर्मियों को पूर्ण कर्मी का दर्ज़ा दिया जाए व उन्हें आंगनबाड़ी कर्मियों के बराबर वेतन दिया जाए। आंगनबाड़ी कर्मियों को नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत वर्ष 2013 की बकाया राशि का भुगतान तुरन्त किया जाए। सुपरवाइजर नियुक्ति में आंगनबाड़ी कर्मियों की नब्बे प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित की जाए व इसकी पात्रता के लिए भारतवर्ष के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्विद्यालय की डिग्री को मान्य किया जाए। वरिष्ठता के आधार पर मेट्रिक व ग्रेजुएशन पास तथा दस साल का कार्यकाल पूर्ण करने वाले कर्मियों की सुपरवाइजर श्रेणी में तुरन्त भर्ती की जाए। आंगनबाड़ी कर्मियों को अन्य राज्यों की तर्ज़ पर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्हें वर्ष 2013 व 2014 में हुए 45वें व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार नियमित कर्मी का दर्ज़ा दिया जाए व श्रम कानूनों के दायरे में लाया जाए। उन्हें हरियाणा की तर्ज़ पर साढ़े ग्यारह हजार रुपये वेतन दिया जाए। उनकी रिटायरमेंट की आयु अन्य राज्यों की तर्ज़ पर 65 वर्ष की जाए। अन्य राज्यों की तर्ज़ पर उन्हें दो लाख रुपये ग्रेच्युटी,तीन हज़ार रुपये पेंशन,मेडिकल व छुट्टियों आदि की सुविधा लागू की जाए। आईसीडीएस का निजीकरण मंजूर नहीं : यूनियन अध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव वीना शर्मा ने कहा कि नन्द घर बनाने की आड़ में आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करके निजीकरण की साजिश तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, पोषण ट्रैकर ऐप व बजट कटौती आदि मुद्दों पर अगर ज़रूरत हुई तो हरियाणा, दिल्ली, पंजाब,आंध्र प्रदेश आदि की तर्ज़ पर हिमाचल प्रदेश के आंगनबाड़ी कर्मी अनिश्चितकालीन आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आईसीडीएस का निजीकरण किया गया व आंगनबाड़ी वर्कर्स को नियमित कर्मचारी घोषित न किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति को भी वापिस लेने की मांग की है क्योंकि यह आइसीडीएस विरोधी है। इनके अनुसार नई शिक्षा नीति में आईसीडीएस के निजीकरण का एजेंडा छिपा हुआ है। आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करने के लिए नंदघर की आड़ में निजीकरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि इस से भविष्य में कर्मियों को रोज़गार से हाथ धोना पड़ेगा।
डॉक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक रंग लाई है और सरकार ने डॉक्टरों की लंबित मांगें मान ली है। अब हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों की नियमित भर्तियां साल में दो बार कमीशन के तहत होगी और हर वर्ष डॉक्टरों के लिए पर्याप्त भर्तियां निकाली जाएंगी। डॉक्टर एसोसिएशन की विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ दो घंटे तक बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल, मुख्य सचिव, वित्त सचिव, स्वास्थ्य सचिव भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों की मांगों को तसाली से सुना भी और अधिकारियों को उनको पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। खुद मुख्यमंत्री से सकरात्मक आश्वासन मिला तो डॉक्टरों ने भी पेन डाउन हड़ताल स्थगित कर दी। अब जल्द अनुबंध पर लगे डॉक्टरों के लिए नॉन प्रैक्टिस एलाउंस (एनपीए) की अधिसूचना भी जल्द जारी की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टरों की मांगों पर एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई है। इस कमेटी में 12 लोग है, मेडिकल ऑफिसर संघ के पांच प्रतिनिधि भी शामिल है। कमेटी को दो महीने के अंदर रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इसके बाद सरकार की ओर से अगला कदम उठाया जाएगा। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. राजेश सूद ने कहा कि दो महीने के भीतर मांगें पूरी नहीं होती हैं तो संघर्ष दोबारा शुरू होगा। एसोसिएशन महासचिव पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि वेतन की सीलिंग को 2.18 लाख से बढ़ाकर 2,24,100 रुपये करने पर सहमति बन गई है। 20 फीसदी नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस भी 1 जनवरी 2022 से लागू होगा और इसे एनपीए को बेसिक का हिस्सा मानने पर सहमति बनी है। 4-9-14 पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी। चिकित्सकों का विशेषज्ञ भत्ता बढ़ाने, मेडिकल कॉलेज में काम कर रहे डॉक्टरों के लिए एकेडमिक भत्ते पर भी सहमति बनी है। कमेटी अपनी सिफारिशें आठ सप्ताह में पेश करेगी।
प्रदेश में 2009 की अधिसूचना को लागू भी किया गया और कर्मचारियों के साथ बैठकर कर वार्ता भी हुई लेकिन फिर भी पुरानी पेंशन बहाली के लिए शुरू हुई पदयात्रा को रोका नहीं जा सका। प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए कई फरमान भी जारी हुए, वेतन काटने और प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने के फरमान भी जारी किये गए, मगर पदयात्रा पर निकले कर्मचारियों के इरादे नहीं बदले। जाहिर है कर्मचारी अब रुकने वाले नहीं है और आर पार की लड़ाई के मूड में है। प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए पदयात्रा की जा रही है। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात सभी वर्ग के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के लिए राजधानी शिमला तक पैदल यात्रा पर निकल गए हैं। पदयात्रा की शुरुआत मंडी शहर के ऐतिहासिक सेरी मंच से हुई। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शुरू हुई इस पदयात्रा को कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिलता हुआ दिखाई दे रहा है और जहां भी कर्मचारी पहुँच रहे है वहां उनका स्वागत किया जा रहा है। कर्मचारी बिलासपुर जिला मुख्यालय होते हुए 3 मार्च को शिमला पहुचेंगे और वहां पर विधानसभा का घेराव कर पुरानी पेंशन बहाली के लिए धरना प्रदर्शन किया जाएगा। स्पष्ट है ये मांग अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है। उधर मुख्यमंत्री कर्मचारियों की हड़तालों और प्रदर्शनों से नाराज़ है और कई तरह की चेतावनियां भी दी जा रही है। मगर कर्मचारी मानने को तैयार नहीं है। इस पदयात्रा को रोकने के लिए कई प्रयास भी किये गए। पत्र जारी कर कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया गया, कर्मचारी वार्ता के लिए पहुंचे भी परन्तु कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों के धरने प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने फरमान जारी किया की सूबे के कर्मचारी अगर हड़ताल पर गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सिविल सर्विस रूल्स 3 और 7 का हवाला देते हुए आदेश जारी किए हैं कि प्रदर्शन, बहिष्कार, पेन डाउन स्ट्राइक और इस तरह की अन्य गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा और साथ ही कर्मचारियों पर अपराधिक मामला भी दर्ज होगा। पर सरकार की इस चेतावनी के बाद भी पदयात्रा जारी रही। हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी सरकार से तुरंत पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग कर रहे है। विधानसभा के शीत सत्र के दौरान पेंशन बहाली के लिए कमेटी के गठन की घोषणा की गई थी जो की अब तक पूरी नहीं हुई। कमेटी का गठन नहीं किया गया और अब कर्मचारी चाहते है की बिना कमेटी के गठन के सीधे पेंशन बहाली की घोषणा की जाए। इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष है की वर्तमान वित्तीय परिस्थितियों के अनुसार फिलवक्त पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जा सकती। हालांकि पेंशन बहाली से सरकार पूरी तरह इंकार भी नहीं कर रही। सरकार का कहना है की पहले कर्मचारी अपनी पदयात्रा समाप्त करे और फिर चर्चा के माध्यम से इस मसले का हल निकलने की कोशिश की जाएगी, परन्तु कर्मचारी अब चर्चा नहीं एक्शन चाह रहे है। कर्मचारियों को मिला विपक्ष का साथ : पुरानी पेंशन के मुद्दे को विपक्ष भी खूब भुनाने में लगा है। हर विधायक की जुबान पर पुरानी पेंशन का मुद्दा है। कांग्रेस अब कर्मचारियों को यकीन दिला रही है कि सत्ता वापसी की स्थिति में पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी। दरअसल राजस्थान में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली के बाद हिमाचल कांग्रेस के हौसले भी बुलंद हुए है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री कह चुके है की कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई तो पुरानी पेंशन योजना बहाल करेगी। राजस्थान से कांग्रेस सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी है। अन्य राज्यों को भी इसे लागू करना पड़ेगा। पदयात्रा के समर्थन में शिमला पहुंचेगे राजन सुशांत : पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत भी पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग सरकार से कर रहे है। सुशांत का कहना है कि राजस्थान में 1 जनवरी 2004 से बंद पड़ी कर्मचारियों की ओपीएस को लागू करने की घोषणा की है, इसका वे स्वागत करते हैं और उम्मीद करते है की हिमाचल सरकार भी पेंशन बहाल करेगी। राजन सुशांत पूरी तरह कर्मचारियों के समर्थन है और पदयात्रा के समर्थन में वे शिमला भी पहुंचेंगे। चर्चा का वक्त गया, अब फैसले की घड़ी : प्रदीप नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर का कहना है कि अब चर्चा के लिए कुछ शेष नहीं रहा है और फैसला लेने का वक्त है। वे कई बार मुख्यमंत्री, मंत्रियों व विधायकों तक अपनी मांग चर्चा के माध्यम से पहुंचा चुके है। पुरानी पेंशन की बहाली पर प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैये से परेशान सरकारी कर्मचारी भारी रोष के चलते राजधानी शिमला के लिए पैदल मार्च करने को मजबूर हैं। कर्मचारी बिलासपुर जिला मुख्यालय होते हुए 3 मार्च को शिमला पहुंचेंगे और वहां पर विधानसभा का घेराव कर पुरानी पेंशन बहाली के लिए धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों की पदयात्रा नेशनल हाईवे होकर ही जाएगी। इस दौरान उनके साथ कर्मचारी संगठन व अन्य संगठन भी जुड़ते जाएंगे। यह एक ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन रहेगा।
- मंडी आईआईटी के शोधकर्ताओं ने किया कमाल आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने संतरे के सूखे छिलकों से बायो डीजल बनाने में सफलता हासिल की है। खास बात यह है की भविष्य में इसका उपयोग कारखाने चलाने वाली उर्जा से लेकर वाहनों दौड़ने के लिए इस्तेमाल होने ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के शोधकर्ताओं ने यह कमाल कर दिखाया है। आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वेंकट कृष्णन, उनकी छात्रा तृप्ति छाबड़ा और प्राची द्विवेदी शामिल हैं। शोध के बारे में डॉ. वेंकट कृष्णन का कहना है कि पानी के साथ बायोमास, संतरे के छिलकों को गर्म करके प्राप्त होता है. इसे हाइड्रो थर्मल कार्बोनाइजेशन प्रक्रिया कहा जाता है। शोधकर्ताओं ने बायोमास से प्राप्त रसायनों को बायोफ्यूल प्रीकर्सर में बदलने के लिए बतौर उत्प्रेरित संतरे के छिलके से प्राप्त हाइड्रोचार का उपयोग किया है. इसमें सूखे संतरे के छिलके के पाउडर को साइट्रिक एसिड के साथ हाइड्रोथर्मल रिएक्टर में कई घंटों तक गर्म किया। इससे उत्पन्न हाइड्रोचार को अन्य रसायनों के साथ ट्रीट किया गया ताकि इसमें एसिडिक सल्फोनिक, फॉस्फेट और नाइट्रेट फंक्शनल ग्रुप आ जाएं. इसी प्रकार से इन्होंने बायो डीजल का निर्माण किया है जो कि ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जैव ईंधन ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। जिसका देश के कुल ईंधन उपयोग में एक-तिहाई का योगदान है और ग्रामीण परिवारों में इसकी खपत लगभग 90 प्रतिशत है। जैव ईंधन का व्यापक उपयोग खाना बनाने और उष्णता प्राप्त करने में किया जाता है। उपयोग किए जाने वाले जैव ईंधन में कृषि अवशेष, लकड़ी, कोयला और सूखे गोबर आदि शामिल हैं। भारत में जैव ईंधन की वर्तमान उपलब्धता लगभग 120-150 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। गौरतलब है कि आईआईटी मंडी का यह शोध देश में जैव ईंधन उद्योग के लिए शुभ संकेत है। यहां यह भी उल्लेख करना होगा कि हाल के वर्षों में भारत बायोमास से बिजली बनाने में अग्रणी देश बन गया है. 2015 में भारत ने बायोमास, छोटे जल विद्युत संयंत्र और कचरे से ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से 15 जीडब्ल्यू बिजली पैदा करने के लक्ष्य की घोषणा की। बता दें कि पांच वर्षों के अंदर हमारे देश ने 10 जीडब्ल्यू बायोमास बिजली उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट, कुल्लू दिल्ली से भुंतर और शिमला के बीच अब पर्यटकों को अधिक पैसे ख़र्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब सैलानियों और अन्य लोगों को सस्ती हवाई सेवा मिलेगी। मई-जून माह में दिल्ली से भुंतर के लिए 72 सीटर की जगह 48 सीटर विमान उड़ान भरेगा। छोटा जहाज चलने से सवारियों को भारी भरकम किराये से राहत मिलेगी और एलायंस कंपनी को भी फायदा होगा। दिल्ली से कुल्लू-मनाली स्थित भुंतर हवाई अड्डे पर दस साल बाद एटीआर-42 की वापसी होगी। इससे पहले दिल्ली से भुंतर के लिए 2009 से 2012 तक 48 सीटर जहाज ही उड़ान भरता था। बताया जा रहा है कि देश में जो भी छोटे रनवे हैं, उनमें एटीआर-42 को चलाने की योजना है। ऐसे में सूबे के दो हवाई अड्डों को भी इसमें शामिल किया गया है। उड़ानों को जल्द आरंभ करने के लिए एलायंस एयर ने नए जहाजों की खरीद के लिए ऑर्डर जारी कर दिए हैं।यह जहाज न केवल नए होंगे, बल्कि आधुनिक तकनीक से लेस होंगे। इसे लेकर डीजीसीए ने पहल तेज कर दी है और संबंधित हवाई अड्डों में तैनात एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से जानकारी हासिल की जा रही है। वहीं, पिछले साल नवंबर माह में कुल्लू दौरे पर आए केंद्रीय परिवहन एवं सड़क राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने भी दिल्ली से भुंतर के लिए 48 सीटर जहाज चलाने की बात कही थी। भुंतर एयरपोर्ट के निदेशक नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि एटीआर-42 जहाज को चलाने की प्रक्रिया चल रही है।
सुनिल समियाल। धर्मशाला हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में दूसरे दिन हुए T-20 मैच के दौरान दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिला। वन-टू-वन हुए दो मैच के दौरान हिमाचल के व्यापारियों से लेकर होटिलियर्स को काफी फायदा मिला है। आपको बता दें कि ये 2019 के बाद पहला ऐसा मौका है, जब HPCA के स्टेडियम में मैच सफल हो सकें हो। 2017 के बाद इस स्टेडियम में दो टीमें भिड़ी है। लोगों का मानना है कि धर्मशाला जैसे खूबसूरत स्टेडियम में मैच देखना उत्साह भरा है। क्योंकि इस छोटे स्टेडियम से मैच देखने में अलग मजा है। साथ ही लोगों में क्रिकेटर को देखने का भी काफी उत्साह रहा। लोगों ने माना कि स्टेडियम में हर तरफ से अच्छी व्यस्था की गई और आने-जाने के लिए जिस तरह के निर्देश थे, उनकी मदद से किसी को भी काेई दिक्कत पेश नहीं आई। यहां कुछ लोगों ने ये भी कहा की हिमाचल के इस स्टेडियम को बार-बार ऐसे मैच मिलने चाहिए। आईपीएल को लेकर लोगों में उत्साह है। उनका कहना है कि यदि इस स्टेडियम को मैच मिलते हैं, तो इससे लोगों के व्यवसाय में काफी तरक्की होगी और हिमाचल आगे बढ़ता जाएगा।
- धारटीधार क्षेत्र को जयराम सरकार की बड़ी सौगात प्रदेश की जय राम सरकार ने नाहन विधानसभा क्षेत्र के धारटीधार क्षेत्र को पेजयल योजना की बड़ी सौगात दी है। धारटी क्षेत्र की दूसरे चरण की पेयजल योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। नाहन के विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने बताया कि धारटीधार क्षेत्र की दूसरे चरण की पेयजल योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। डा. बिंदल ने कहा कि भाजपा सरकार में धारटीधार क्षेत्र के पेयजल संकट को दूर करने के प्रथम प्रयास के कामयाब होने के बाद अब दूसरा प्रयास शुरू किया गया है। पहले प्रयास में गिरि नदी में एक बोरवैल लगार कर चार इंच पानी उठाया गया। इस पानी को नैहली धीड़ा, पंजाहल, धगेड़ा, नवनी व देवका पुडला पंचायतों के सभी टैंकों में डाला गया व सेन की सेर और बनेठी के कुछ हिस्से को भी इसमें शामिल किया गया। दूसरे चरण में 25 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना के तहत 2 टयूबवैल गिरि नदी में लगाए जा रहे है। साथ ही आठ इंच पानी इन टयूबवैल से उठाया जाएगा। इस पानी को नेहली धीड़ा, धगेड़ा, पंजाहल, नवनी देवका पुड़ला, के अलावा रामा धौण का कुछ भाग और बनेठी के कुछ भागों को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। डा. बिंदल ने बताया कि इस योजना में लगभग 10 किमी की राइजिंग मैन बनेगी, 27 नये वाटर सप्लाई टैंक बनेंगे व लगभग 150 किमी की लाईन बिछाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ रुपये की लागत से यह योजना तैयार होने पर धारटी के क्षेत्र को लंबे समय तक पानी की तंगी नहीं झेलनी पड़ेगी। कभी सूखी धारटी के नाम जाने जाने वाली हमारी धारटी पेयजल किल्लत से पूरी तरह मुक्त हो जाएगी। डा. बिंदल ने कहा 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस पेयजल योजना के टैंडर हो गए हैं। धारटी क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण पेयजल योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया है।
- 19.50 लाख से निर्मित राजकीय उच्च पाठशाला नेरटी के अतिरिक्त भवन का किया उद्घाटन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने सरवीन चौधरी नेरटी में 19.50 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय उच्च पाठशाला नेरटी के अतिरिक्त भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिये निरन्तर प्रयासरत है। प्रदेश में शिक्षण संस्थानों के मूलभूत ढांचे को विकसित करने पर बल दिया गया है। सरकार ने राज्य के ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में बच्चों को घर-द्वार पर बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। सरवीन ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि पहले बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए लम्बा सफर तय करना पड़ता था लेकिन आज विद्यार्थियों को उनके घर-द्वार के समीप बुनियादी एवं उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में नये स्कूल व कॉलेज खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान दूरदराज के क्षेत्रों में नये कालेज खोले गये हैं और आज लड़कियां उच्च शिक्षा के मामले में अधिकांश संस्थानों में लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वह जीवन में आगे बढने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें तथा उसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, इसलिए छात्रों को चाहिए कि वह शिक्षा के साथ-साथ हर प्रकार की स्कूली गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर भाग लें। उन्होंने अध्यापकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की बहुमूल्य सम्पदा है और युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा एवं क्षमता का सदुपयोग कर एवं उनमें अनुशासन की भावना का विकास कर सुदृढ़ समाज, विकसित प्रदेश व सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। इस अवसर पर मुख्याध्यापक संजय कुमार जांवला ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और स्कूल द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। सरवीन चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत रजोल में नया 33 के वी विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो चुका है जिसको बनाने में लगभग 3.50 करोड़ की लागत आई है। आने वाले कुछ दिनों में ग्राम पंचायत नेरटी व इसके साथ लगती सभी पंचायतों को 33 केवी विद्युत उपकेंद्र रजोल के साथ जोड़ा जाएगा जिस पर 15 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। गांव नेरटी में 100 केवीए ट्रांसफार्मर को 250 केवीए ट्रांसफार्मर में अपग्रेड किया जाएगा जिस पर पांच लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी ने नादौन में सक्रियता बढ़ा दी है। विधानसभा क्षेत्र नादौन के चिल्लियां में आम आदमी पार्टी की विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया और सदस्यता अभियान चलाया। इस पर जानकारी देते हुए पार्टी प्रदेश प्रवक्ता सुनील कुमार गोल्डी और ओबीसी संगठन मंत्री शैंकी ठुकराल ने कहा कि पार्टी ने रविवार के दिन घर-घर जाकर लोगों को पार्टी की विचारधारा से अवगत करवाया तथा दिल्ली मॉडल पर चर्चा की। इस दौरान लोगों ने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि लोग दिल्ली की केजरीवाल सरकार के काम से खुश हैं तथा हिमाचल प्रदेश में भी बदलाव चाहते हैं। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विकास, उपाध्यक्ष सेठी कुमार, संगठन मंत्री मनोज, मुल्खराज, अनिल इत्यादि पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
-13 बीघा भूमि पर पिछले 4 वर्षों से कर रहे प्राकृतिक खेती नाहन विधानसभा क्षेत्र के प्रगतिशील किसान नरोत्तम सिंह ने बिना उर्वरक और रसायनिक दवाइयों के इस्तेमाल किए बिना प्राकृतिक खेती के माध्यम से अच्छा उत्पादन कर अपने आसपास के लोगों के लिए एक मिसाल कायम की है। सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जिला सिरमौर जहर मुक्त उत्पादन करने में प्रदेश का अग्रणी जिला बनने जा रहा है। नाहन विधानसभा क्षेत्र के गांव डाक वाला के रहने वाले किसान नरोत्तम सिंह अपनी 13 बीघा जमीन में पूर्ण रूप से प्राकृतिक खेती करके अच्छा उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में उन्होंने शिमला के कुफरी से प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। तब से वह अपने परिवार के साथ प्राकृतिक खेती कर रहे हैं हालांकि शुरुआती वर्ष में गेहूं के उत्पादन में थोड़ी कमी आई थी परंतु वर्तमान समय में उन्हें अच्छा उत्पादन मिल रहा है। नरोत्तम सिंह का कहना है कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती करने से जहां उनके उत्पादन में वृद्धि हुई है वही भूमि की उर्वरा शक्ति में भी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि वह अपनी फसलों में प्रत्येक 21 दिन के बाद जीवामृत घनजीवामृत का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी भूमि से विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उनकी भूमि की उर्वरक शक्ति में भी आश्चर्यजनक वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि वह गेहूं, लहसुन, प्याज, आलू, सरसों, मेथी, मटर, धनिया, अलसी तथा मूली इत्यादि फसलों की मिश्रित रूप से खेएती करते हैं। इसके साथ-साथ उन्होंने आम, नींबू, कटहल व चीकू का बगीचा भी लगाया है। उन्होंने अपनी एक बीघा भूमि पर 100 चन्दन के पौधे भी रोपित किए हुए हैं। उन्होंने बताया की जहां पहले एक क्विंटल लहसुन का उत्पादन होता था। अब वहीं उतनी ही जमीन से वह 5 क्विंटल तक लहसुन का उत्पादन ले रहे हैं। उनके द्वारा उगाई जा रही फल तथा सब्जियों की बाजार में अच्छी मांग है। जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलता है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रत्येक फसल के बाद उन्हें खेतो की जुताई करनी पड़ती थी। वहीं अब जमीन की उर्वरक शक्ति बढ़ने से वह साल में केवल एक बार ही जुताई करते हैं जिससे धन तथा समय दोनों की बचत होती है। नरोत्तम सिंह सरकार का धन्यवाद करते हुए कहते हैं कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती योजना किसानों तथा उपभोक्ताओं के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। इसमें किसानों को किसी प्रकार के खाद व दवाइयों पर कोई व्यय नहीं करना पडता और उपभोक्ताओं को भी जहर मुक्त उत्पाद मिल रहे हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी प्राकृतिक खेती द्वारा उत्पादन करने का आह्वान किया है। परियोजना निदेशक कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण सिरमौर डा साहिब सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सुभाष पालेकर द्वारा इजाद प्राकृतिक खेती प्रणाली से चाहे कोई भी खाद्यान्न, सब्जियां, बागवानी की फसल हो उसका लागत मूल्य लगभग शून्य होगा।
धर्मशाला से करीब 20 किलोमीटर दूर और धौलीधार की तलहटी में बसे खनियारा गांव में स्थित महादेव मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था है। अघंजर महादेव के नाम से मशहूर इस प्राचीन मंदिर में शिव भक्तों की टोलियां निरंतर पहुंचती हैं। इस स्थान पर 500 वर्षों से बाबा श्री गंगा भारती जी महाराज का अखंड धूणा जल रहा है। माना जाता है कि इस स्थान पर ही बाबा ने तपस्या की थी। यूँ तो इस मंदिर में साल भर श्रद्धालु आते रहते हैं, लेकिन विशेषकर सावन माह और शिवरात्रि पर्व पर यहाँ अधिक भीड़ देखने को मिलती है। माना जाता है कि मंदिर की स्थापना महाभारतकालीन है। दंत कथाओं के मुताबिक खनियारा गांव में महाभारत के बराह पर्व में अर्जुन ने भगवान शिव से जहां पशुपति अस्त्र प्राप्त किया था। इस स्थान पर ही पांडु पुत्र अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने भोले की उपासना करने को कहा। अर्जुन ने इसी स्थान पर बैठकर घोर तप करके भोलेनाथ को प्रसन्न किया और उनसे दिव्य शक्तियां प्राप्त कीं। कहा जाता है कि भोले नाथ कैलाश पर्वत के लिए इसी रास्ते से होकर जाया करते थे और अर्जुन की तपस्या से खुश होकर भोले नाथ ने उन्हें विजयश्री का आशीर्वाद दिया और दिव्य शक्तियां प्रदान करके अर्जुन को शक्तिशाली बना दिया। चट्टान के नीचे मौजूद है प्राचीन शिवलिंग : मंदिर की बगल में बहने वाली मांझी खड्ड के पास एक चट्टान के नीचे प्राचीन शिवलिंग भी मौजूद है, जिसे गुप्तेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। यहां पर मेला लगता है और श्रद्धालु दूरदराज क्षेत्रों से यहां पर पूजा-अर्चना व जलाभिषेक करने आते हैं। धौलाधार की पहाड़ियों से घिरा यह मंदिर दूर से मनमोहक प्रतीत होता है। मंदिर परिसर में देवी दुर्गा व हनुमान की मूर्तियां और शिवलिंग स्थापित किए गए हैं, जहां पर आकर लोग पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं व साधु-संतों के लिए लंगर व ठहरने की भी व्यवस्था है। इसके लिए एक सराय का निर्माण भी मंदिर के पास करवाया गया है। पांडवों ने की थी स्थापना : बराह पर्व के दौरान अज्ञातवास के वक्त अर्जुन ने तत्कालीन जंगल और आज के खनियारा गांव में पशुपति अस्त्र प्राप्त करने के लिए गुप्तेश्वर महादेव की स्थापना की थी। तदोपरान्त अर्जुन ने राज पाट भोगने के बाद वन पर्व के समय हिमालय पर्वत की यात्रा करते हुए इसी स्थान पर दोबारा गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन किए और तब इसी स्थान पर पांडवों ने दोबारा भगवान महादेव का अघंजर नाम से मंदिर तैयार किया। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक अघंजर महादेव का मतलब है पाप को नष्ट करने वाला, आघन का अर्थ है पाप और अंजर का अर्थ होता है नष्ट हो जाना। पांडवों ने महाभारत के युद्ध में अपने गुरुओं, भाइयों और पूर्वजों का संहार किया था और पांडव इसी पाप से मुक्त होना चाहते थे। इस स्थान पर उस वक्त अर्जुन के कहने पर महादेव के एक और मंदिर की स्थापना की गई इसे अघंजर महादेव का नाम दिया। इस वजह से इस मंदिर का निर्माण हुआ था। इस मंदिर के साथ यहां के एक गुफा में गुप्तेश्वर महादेव के भी दर्शन होते हैं, जिसका वर्णन 300 वर्ष पुराने शिलालेखों में मिलता है। बाबा गंगा भारती जी का इतिहास : प्राचीन ऐतिहासिक अघंजर महादेव का इतिहास बाबा गंगा भारती जी, महाराजा रणजीत सिंह और पांडु पुत्र धनुर्धर अर्जुन से जुड़ा है। इस मंदिर के संदर्भ में विभिन्न दंत कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह उदर रोग से ग्रस्त थे। एक दिन जब महाराजा रणजीत सिंह ने अपनी पीड़ा बाबा गंगा भारती जी को बताई और उन्होंने उनका इलाज किया, जिससे महाराजा पूरी तरह से ठीक हो गए। कहा जाता है कि बाबा ने यहां पर पानी की तीन चूलियां पिलाकर महाराजा का उदर रोग ठीक किया था। इससे खुश होकर महाराजा रणजीत सिंह ने बाबा जी को अपना दुशाला भेंट किया। बाबा गंगा भारती ने इस दुशाले को अपने हवन कुंड में डाल दिया। इस पर महाराजा रणजीत सिंह हैरान हुए और थोड़ी ही देर बाद बाबा ने सैकड़ों दुशाले उस धूणे से एक जैसे निकाल दिए और कहा कि इनमें पहचान कर अपना दुशाला उठा लो। बाबा का यह चमत्कार देखकर महाराजा रणजीत सिंह अचंभित रह गए और बाबा जी की शरण में गिर गए। इसके बाद महाराजा रणजीत सिंह ने कुछ भूमि बाबा जी को मंदिर बनवाने के लिए दे दी। यह भी कहा जाता है कि इसी स्थान पर बाबा गंगा भारती जी ने जीवित समाधि ली थी। मंदिर परिसर में ही बाबा जी का समाधि स्थल भी मौजूद है।
जोगिंदरनगर। क्रांति सूद इंडेन गैस एजेंसी जोगिंदरनगर का माह मार्च-2022 का रूट चार्ट जारी कर दिया गया है जिसके तहत उपभोक्ताओं को गैस का वितरण किया जाएगा। एसडीएम जोगिंदरनगर डा. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि दो मार्च को दरुब्बल, लडवाण, जोन, कुनकर, चडोंझ, नागण, बनवार, लोअर चड़ोंझ, लोअर द्रुब्बल, सलेरा व फोगला जबकि तीन मार्च को कुराटी, पिपली, कुठेहड़ा, सुंआ, बैला, रोहटा सपैडू, सरमाणा, अलमरा, खड़ीहार व नेरी लांगणा में एलपीजी गैस का वितरण किया जाएगा। इसी तरह चार मार्च को झमेहड़, चक्का, चक्का से कढेरनू, बसाही, बसाही स्कूल, पाबो बनौण, त्रंैबली, गोंथला, लखनोट, मकरीड़ी, नागचला व द्राहल में एलपीजी गैस का वितरण किया जाएगा। इसी तरह पांच मार्च को कमेहड़, चल्हारग, बल्ह, बनौण, जोल, जगैहड़ा, जौली, मच्छयाल, कुफरू, बल्ही व दरकोटी। सात मार्च को नगर परिषद जोगिंदरनगर, 8 मार्च को मोहनघाटी, रड़ा भखेड़, ऐहजु, सूकाबाग, चौंतड़ा, बीड ऱोड़, मटरू, सूजा, काथला व लोअर सेरी तथा नौ मार्च को अपरोच रोड, कूपड़, शानन, हरनाला, हार, आरठी, निचला गरोडू सामुदायिक भवन, छपरोट में रसोई गैस (एलपीजी) का वितरण किया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि 10 मार्च को जिमजिमा, बृजमंडी, हराबाग, छानग, दुल, बनाड़ व गलू पटट, 11 मार्च को बालकरूपी, घमरेड़, मझवाड़, दारट बगला, भरोलू वाया जालपा रोड़, अपर घमरेहड़ व मकड़ैना, 12 मार्च को सेरू, जलपेहड़, बनाई हार, झलवाण, पहलून, भटठा, मसौली, धरूं लिंक रोड़, खुदर व छतर, 14 मार्च को मझारनू, कुफरू, स्यूरी, नेर, बस्सी, मनोह, मच्छयालु भलैंदरा, भुझडू, बडौण, कुंडूनी व बनेहड़, 15 मार्च को भराडू, बिहूं, टिक्कर, छाम्ब, गडूही, कस, लोअर कस, कोठी, आलगावाड़ी व सरस्वती स्कूल। 16 मार्च को नगर परिषद जोगिंदरनगर, टटानका व डूहकी। 17 मार्च को सैंथल, लोअर चौंतड़ा, चौंतड़ा, राजा चौकी, द्रौबड़ी, सगनेहड़ व कोहरा में एलपीजी गैस का वितरण होगा। इसी तरह जहां 19 मार्च को घटटा, मोहनघाटी, रड़ा भखेड़, ऐहजू, रोपड़ कलैहडू, गाहरू, लकरेहड़, द्रुब्बल,, लडवाण, चक्का, बसाही, चलारग, मकरीड़ी, द्राहल व मोर डूहग, 21 मार्च को मटरू, सूजा, भजराला, खौली, भटवाड़ा, संद्राहल, कुराटी, पिपली, कुठेहड़ा, सुआ व रोहटा सपैडू, 22 मार्च को सिउन, बदैहड़, ठारू, भैरू, चांजड़ास्तेन, अपर मचकेहड़, अपरोच रोड शानन, बृजमंडी, हराबाग, गलू, जिमजिमा, 23 मार्च को बीड़ रोड़, मचकेहड़, सुकाबाग, पसल, बीड़ कालोनी, टिकरी मुशैहरा, खज चौगान में तो वहीं 24 मार्च को चौंतड़ा, तिब्बती कालोनी, सगनेहड़ हार वाया चौंतड़ा, बालकरूपी, मझवाड, दारट बगला, सेरू व बनाई, 25 मार्च को बजगर, लदरूंही, भडयाड़ा, बरनाहूं, धनैतर, पातकू, अपर ढ़ेलू, खलेही, हरड़ बेहडू, डकबगड़ा, भगेहड़, गदयाड़ा व घोडऩ, 26 मार्च को नगर परिषद् जोगिन्दर नगर, झलवाण, भटठा, मसौली, छतर लिंकरोड, मकड़ैना, 28 मार्च को लोअर ढ़ेलू, ढ़ेलू वार्ड नम्बर-चार, योरा,ख्टिकरू, भचकेहड़ा, भालारिड़ा, आडू, सांलग, चांदनी, ठठरी व बलोहल, 29 मार्च को डोहग, सारली, सैंथल, पड़ैन, कोहरा द्रौबड़ी, मझारनू, नेर, बस्सी, मनोह, भराडू, बिंहू, कस व बडोण तथा 30 मार्च को लोअर चौंतड़ा, राजा चौकी, त्रामट, सगनेहड़ हार, सरौली तथा नगर परिषद जोगिंदर नगर में घरेलु रसोई गैस का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रूट चार्ट के अनुसार निर्धारित तिथि पर किसी कारणवश गाड़ी नहीं पहुंच पाती है, तो अगले दिन घरेलु एलपीजी गैस की सप्लाई दी जाएगी। इसके अलावा कच्ची सड़कों में गैस की सप्लाई मौसम पर निर्भर करेगी।
जोगिंदरनगर। क्रांति सूद रोटरी क्लब जोगिंदरनगर के रोटेरियन अजय ठाकुर ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय बाल जोगिंदरनगर के गेट के बाहर सूखा पेड़ हादसों को न्योता देता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि तेज बारिश और आंधी के चलते यह पेड़ कभी भी गिर सकता है, जिस कारण यहां पर कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यहां पर सूखे पेड़ को न काटने से एक और प्राथमिक विद्यालय बाल और दूसरी ओर इस रास्ते से रोजाना गुजरने वाले स्कूल व कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों एवं आम लोगों की जिंदगी को खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन व विभाग से यह मांग की है कि जल्द इस सूखे पेड़ को कटवाया जाए, ताकि यहां पर किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो।
धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में हुए तीसरे टी-20 मैच के दौरान श्रीलंका टीम के कप्तान दासुन शनाका फील्डिंग करते चोटिल हो गए। बायो बबल के नियमानुसार ,अविलम्ब ग्रीन कॉरिडोर बनाकर, कांगड़ा पुलिस के स्कोर्ट द्वारा रात 11 बजे श्री बालाजी हॉस्पिटल कांगड़ा लाया गया। डॉक्टर राजेश शर्मा, निदेशक श्री बालाजी हॉस्पिटल के निर्देशानुसार, डॉक्टर प्रतीक रेडियोलॉजिस्ट की देखरेख में एक्स-रे टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ का तुरंत रेपिड कोविड टेस्ट कराया गया और इसकी जानकारी भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख डॉक्टर चार्ल्स मिंज को अविलंब दी गई। श्रीलंका क्रिकेट के कप्तान दासुन शनाका के एक्स-रे रिपोर्ट को डॉक्टर प्रतीक ने श्रीलंका क्रिकेट टीम के आधिकारिक चिकित्सक डॉक्टर प्रदीप को दी। रिपोर्ट के अनुसार दासुन के दाएं हाथ की छोटी अंंगुली में लीनियर फ्रैक्चर पाया गया, जो चिंता की बात नहीं है। आवश्यक उपचार कर 72 घंटे के आराम की सलाह दी गई। श्री बालाजी हॉस्पिटल के निदेशक ने जानकारी देते हुए कहा कि यह कांगड़ा जनपद के लिए गर्व का विषय है। हमने 'अतिथि देवो भव के सिद्धांतों का पालन करते हुए, श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान का सफल इलाज किया।
नरेंद्र। लंबागांव पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को पूरे देश मे 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को पूरे देश मे 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई गई। इस अभियान के अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र आलमपुर साई में जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र धीमान ने बच्चों को पहली खुराख पिलाई, जंहा लोगों ने अपने छोटे-छोटे बच्चों को यह खुराक पिलाई। इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य कर्मचारियों सहित आंगनबाड़ी व आशा वर्करों ने अपना सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि रविवार को जो बच्चे बूथों तक नहीं पहुंच पाए उन्हें अगले दो दिनों तक घर-घर जाकर यह खुराक पिलाई जाएगी।
नरेंद्र । लंबागांव कांग्रेस नेता संजय राणा समय-समय पर समाज सेवा के क्षेत्र में आगे रहते हैं, जो सामाजिक तौर पर अति निर्धन परिवार होते हैं, उनके लिए वह हमेशा तत्पर रहते हैं संजय राणा को गरीबों का मसीहा यूं ही नहीं कहा जाता। इसका ताजा उदाहरण अपला पंचायत में आज देखने को मिला संजय राणा को एक परिवार ने अपनी बेटी शादी का न्योता दिया था, लेकिन निजी काम की वजह से वह दूसरे राज्य में थे बाप बेटी की शादी में शिरकत नहीं कर सके, लेकिन जैसे ही संजय राणा हिमाचल प्रदेश लौटे, तो वह सीधा उस परिवार से मिले और अपनी तरफ परिवार की आर्थिक मदद भी की। यही कारण है कि संजय उस राणा की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। दौलतपुर चौक गगरेट विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी मनीष शारदा ने जन संपर्क अभियान के तहत बैठकें कीं और लोगों के साथ विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों बार-बार टीसीपी से बाहर निकालने के वादे किए जा रहे हैं। कभी कैबिनेट, तो कभी मंत्री जी जनता को झूठे आश्वासन दे रहे हैं, परंतु जनता अपनी जमीन पर अपना मकान बनाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने सरकार इस इस विषय पर शीघ्र अतिशीघ्र निर्णय लें और गांवों को टीसीपी से बाहर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज़ दबाने प्रलोभन देकर उनकी आवाज़ दबाई जा रही है, परंतु जनता अब इन ढकोसलों में नहीं आने वाली और आने वाले समय में इसका जवाब देगी, जहां क्षेत्र में अधिकारी सरकार के दवाब में काम कर रहे हैं और आम जनता की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा की कुछ छुटभैया नेताओं को जनता की सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है और आम आदमी तथा किसान अपने हित की लड़ाई लड़ने को मजबूर है, परंतु अधिकारीयों द्वारा जनता की आवाज़ को दबाया जा रहा है, जिसका जवाब आने वाले समय में दिया जाएगा। उन्होंने निजीकरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि केंद्र सरकार निजीकरण के नाम पर केंद्र सरकार जनता को गुमराह कर रही है। यह सब, कुछ कंपनियों का एकाधिकार (मोनोपॉली) बनाने के लिए किया जा रहा है। जैसे ही इनका एकाधिकार बढ़ेगा। वैसे ही रोजगार कम होगा और डिग्रीधारक बेरोजगारों की तादाद बढ़ेगी।
मनोज कुमार। कांगड़ा त्रिगर्त दिव्य योग समिति के तत्वाधान में पुराना कांगड़ा के सभी गणमान्य व समाजसेवी सामूहिक रुद्र अभिषेक पूजा कर विश्व के सभी नागरिकों की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे। योगी रणजीत सिंह चौबिस घंटे से ज्यादा लगातार महामृत्युंजय मंत्र का वाचिक जाप करते हुए यज्ञ कर विश्व किर्तिमान स्थापित करेंगे। जिसमें 21 किग्रा. से ज्यादा औषधीय सामग्रीयों की आहुत की जाएगी, जिससे आसपास के क्षेत्र में फैले हुए कोरोना जैसे अनगिनत विषाणुओं से प्राणियों की स्वास्थ्य रक्षा होगी। विश्व किर्तिमान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्लड रिकॉर्ड के भारतीय अध्यक्ष डा. आलोक ऑनलाइन माध्यम से आब्जर्वर रहेंगे। योग गुरू रणजीत सिंह ने बताया कि जो आश्रम में नहीं आ सकते हैं वहIGART WORRLD YOGA Facebook page https://www.facebook.com/trigartyoga/ पर जाकर 108 बार महामृत्युंजय मंत्र कोमेट बाक्स में लिखकर अपनी हाजरी शिव के दरबार में लगवाकर पुण्य के भागी बन सकते हैं। क्योंकि यह कार्यक्रम लगातार चौबिस घंटे लाइव प्रसारित होगा। विश्व किर्तिमान कार्यक्रम का उद्देश्य घर- घर योग व यज्ञ की ज्योति जलाएंगे, वैदिक युग फिर से दोहराएंगे तथा युवाओं को अपनी वैज्ञानिक सनातन संस्कृति से पुन: जोड़कर पर्यावरण को शुद्ध पवित्र करना है ताकि सभी प्राणी इस पृथ्वी पर अपने जीवन को आनंददायक बना सकें। जो चाहते हों रोगों से छुटकारा, तो योग-यज्ञ (हवन) को बनाओ नियमित सहारा योगी रणजीत सिंह इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश के नाम योग के क्षेत्र में 59 विश्व किर्तिमान स्थापित करवा कर हिमाचल की योग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके हैं और युवाओं को नशामुक्त रोजगार युक्त बनाकर, असंख्य लोगों को शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्त करवा चुके हैं।
मनोज कुमार। कांगड़ा भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के हथकरघा निर्यात संवर्धन परिषद ने निर्यात जागरूकता, विपणन और हथकरघा उत्पादों के व्यापार आदि विषयों पर चर्चा करने के लिए 24 फरवरी 2022 को कुल्लू में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। यह कार्यक्रम विकास आयुक्त वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया था। यह संगोष्ठी हितधारकों, जैसे कि एचईपीसी, उद्योग विभाग, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, बुनकर सेवा केंद्र, राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम, और कुल्लू क्षेत्र के कारीगरों/बुनकरों और शिल्पकारों के बीच विचारों और सुझावों का एक अद्भुत संगम बनकर उभरी है। डा. परमिता सरकार, सहायक प्रोफेसर फैशन डिजाइन विभाग, और कृति श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर और पाठ्यक्रम समन्वयक फैशन प्रबंधन अध्ययन विभाग, ने इस कार्यक्रम में निफ्ट कांगड़ा का प्रतिनिधित्व किया और इन प्रतिनिधियों ने एक संयुक्त प्रस्तुति के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों में डिजाइन के महत्व से उपस्थित दर्शकों को अवगत करवाया। डिजाइन छात्र कार्य, जिसमें कुल्लू हथकरघा कपड़े शामिल हैं, और वर्तमान उत्तम विपणन रणनीतियां, जो अधिक डिजिटल रूप से देशी दर्शकों के लिए अपील करती है, दोनों मिल कर हथकरघा उत्पादों की व्यापक पहुंच को सक्षम करती हैं, जो हमारी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने और उन्हें और सुदृढ़ करने लिए बहुत आवश्यक हैं। डिजाइन और विपणन हस्तक्षेप से हिमाचल प्रदेश के हथकरघा निर्यात के विकास में और तेजी आएगी। हिमाचल प्रदेश में निफ्ट की उपस्थिति का उद्देश्य कारीगर/बुनकर अर्थव्यवस्था के विकास को भी बढ़ावा देना है। आकाश देवांगन, आईआरएस के नेतृत्व में संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञान-भागीदार और प्रमुख अग्रणी संस्थान के रूप में भाग लिया। निफ्ट कांगड़ा अपने पाठ्यक्रम के एक भाग के रूप में शिल्प आधारित शिक्षा पर भी बहुत जोर देता है। संगोष्ठी में निफ्ट कांगड़ा के प्रतिनिधियों ने अपने संस्थान में कारीगर/बुनकर परिवारों के बच्चों के लिए राज्य अधिवास आरक्षण और प्रवेश के विशेष प्रावधानों के बारे में सूचित करते हुए, कई शिल्पकारों के साथ सीधे बातचीत भी की।
मनोज कुमार। कांगड़ा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि हिमाचल के किसान प्राकृतिक खेती में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक खेती देश में व्यापक स्तर पर बढ़ रही है। लोगों में इसके प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। राज्यपाल ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि हिमाचल देश में प्राकृतिक खेती करने वाला अग्रणी राज्य बन कर उभरा है। अन्य राज्यों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1.68 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और इस संख्या को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को कर्मयोगी की संज्ञा देते हुए कहा कि आज उन्हें प्राकृतिक खेती प्रणाली के बारे में युवा किसान उद्यमियों से बहुमूल्य जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 45 हजार एक भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। प्राकृतिक खेती प्रणाली को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि इस दिशा में युवा किसान उद्यमी प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। भावी पीढ़ी की सुरक्षा के लिए इस प्रणाली को सभी किसानों द्वारा अपनाने की आवश्यकता है। प्राकृतिक खेती को लोगों के अनुभवों से ही आगे बढ़ाया जा सकता है, जिससे अन्य किसानों को भी इसे अपनाने की प्रेरणा मिले। इससे पूर्व, प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक डा. राजेश्वर चंदेल ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस वर्ष के मार्च तक राज्य में 12000 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाया जाएगा। लगभग 20 हजार हेक्टेयर भूमि को इस पद्धति के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अवगत करवाया कि इस पद्धति के तहत 3590 पंचायतों को लाया गया है और युवाओं को इस पद्धति से सीधे जोडऩे के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 62 युवाओं को छह माह से इस पद्धति को अपनाने वाले किसानों के साथ सीधे जोड़ा गया है। किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।
प्रतिमा राणा । पालमपुर राष्ट्रीय विधिक सेवा मिशन के तहत एक जनवरी से 31 मार्च, 2022 तक पूरे देश में उपमंडलीय स्तर पर रक्तदान शिविरों के आयोजन का कार्यक्रम बनाया गया है। उसी के अंतर्गत पालमपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। रक्तदान शिविर का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश जसवाल ने किया। शिविर में 35 रक्त दाताओं ने रक्तदान किया। पालमपुर सीनियर जज एवं उपमंडल विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष विशाल वमनोत्रा ने अपनी पत्नी सहित रक्तदान किया। कई अधिवक्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने रक्तदान किया। इस मौके पर जहां डा. अनिल मिन्हास ने मेडिकल टीम का नेतृत्व किया, वहीं सिविल जज ऋतू सिन्हा, आयोजन के संयोजक अरविंद, वशिष्ठ मनीष कटोच एवं मृदुल नाग गगन कटोच आदि उपस्थित रहे।
प्रतिमा राणा । पालमपुर राष्ट्रीय विधिक सेवा मिशन के तहत एक जनवरी से 31 मार्च, 2022 तक पूरे देश में उपमंडलीय स्तर पर रक्तदान शिविरों के आयोजन का कार्यक्रम बनाया गया है। उसी के अंतर्गत पालमपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। रक्तदान शिविर का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश जसवाल ने किया। शिविर में 35 रक्त दाताओं ने रक्तदान किया। पालमपुर सीनियर जज एवं उपमंडल विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष विशाल वमनोत्रा ने अपनी पत्नी सहित रक्तदान किया। कई अधिवक्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने रक्तदान किया। इस मौके पर जहां डा. अनिल मिन्हास ने मेडिकल टीम का नेतृत्व किया, वहीं सिविल जज ऋतू सिन्हा, आयोजन के संयोजक अरविंद, वशिष्ठ मनीष कटोच एवं मृदुल नाग गगन कटोच आदि उपस्थित रहे।
प्रतिमा राणा। पालमपुर इनर व्हील क्लब पालमपुर की अध्यक्षा नितिका जम्वाल सहित क्लब के सदस्यों ने प्रयास किया कि अधिक से अधिक बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा सके। पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत लगभग छह से, सात बूथों पर जाकर पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चो का रिफ्रेशमेंट बांटा। इस अवसर पर नितिका जम्बाल ने डीईसीसी रजनी नेमी तथा पीडीसी चंदर कंवलजीत का विशेष रूप से धन्यावाद किया की वो समय-समय पर क्लब की गतिविधियों में अपना मार्ग दर्शन उन्हें देती रहती हैं, जिसके चलते इनर व्हील क्लब पालमपुर जनता की सेवा में जुटा है। इस अवसर पर सेक्रेटरी शम्मा शाहनी भी उपस्थित रही तथा अन्य सदस्यों में अनिता कपूर, विपना शर्मा तथा कविता मिन्हास उपस्थित रहीं।
ग्राम पंचायत गेहल डीमाइना के पूर्व प्रधान वेद प्रकाश ठाकुर ने बीजेपी छोड़कर, कांग्रेस पार्टी का दामन थामा तथा विधायक विनय कुमार के नेतृत्व में आस्था जताई। गेहल डीमाइना का प्रतिनिधिमंडल रेणुका विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व सीपीएस विनय कुमार से आज उनके निवास स्थान पर मिला। ग्राम पंचायत के गेहल के प्रतिनिधिमंडल में स्थानीय पंचायत प्रधान उपासना ठाकुर, उप प्रधान विनय ठाकुर, पूर्व प्रधान वेद प्रकाश ठाकुर, एसएमसी अध्यक्ष नारायण सिंह के नेतृत्व में दो दर्जन लोगों ने हडय़ोट गांव व रतवा गांव के लिए सड़कों के बजट के लिए मांग की। ग्राम पंचायत गेहल डीमाइना के प्रतिनिमंडल ने पंचायत की विभिन्न समस्याओं से विधायक को अवगत करवाया तथा विधायक ने रतवा गांव की सड़क के लिए तीन लाख रुपए दिए तथा हडय़ोट के लिए सड़क बनाने का आश्वासन दिया । उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत हडय़ोट को सड़क बनाना उनकी प्राथमिकता है तथा इस गांव को सड़क से जोडऩे के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान जिला सिरमौर युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष ओपी ठाकुर, यशपाल ठाकुर, हीरा सिंह, बस्ती राम शर्मा, कल्याण सिंह, दलीप सिंह, हरदेव सिंह, बहादुर सिंह, कपिल बचराण, बलबीर चौहान, विक्की, सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
छात्र अभिभावक मंच हिमाचल प्रदेश ने निजी स्कूलों में भारी फीसों, मनमानी लूट, फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाने की मांग की है। मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर वर्तमान सत्र में कानून न बना, तो मंच आंदोलन तेज करेगा व विधानसभा पर प्रदर्शन भी करेगा। मंच के राज्य संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है। प्रदेश सरकार की नाकामी व उसकी निजी स्कूलों से मिलीभगत के कारण निजी स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं। कोरोना काल में भी निजी स्कूल टयूशन फीस के अलावा एनुअल चार्ज, कम्प्यूटर फीस, स्मार्ट क्लास रूम, मिसलेनियस, केयर, स्पोर्ट्स, मेंटेनेंस, बिल्डिंग फंड, ट्रांसपोर्ट व अन्य सभी प्रकार के फंड वसूलते रहे हैं। निजी स्कूलों ने बड़ी चतुराई से वर्ष 2021 में कुल फीस के अस्सी प्रतिशत से ज्यादा हिस्से को टयूशन फीस में बदल कर लूट को बदस्तूर जारी रखा है,जो अभिभावक कोरोना काल में रोजगार छिनने पर मनमानी फीस नहीं दे पाए हैं, उन्हें प्रताडि़त करने के लिए उनके बच्चों को या तो ऑनलाइन कक्षाओं व परीक्षाओं से वंचित किया गया या फिर उनके रिजल्ट रोक दिए गए। प्रदेश सरकार पर निजी स्कूलों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। कानून का प्रारूप तैयार करने में ही इस सरकार ने तीन वर्ष का समय लगा दिया। जबकि महीनों पहले अभिभावकों ने दर्जनों सुझाव दिए हैं तब भी जान बूझकर यह सरकार कानून बनाने में आनाकानी कर रही है। इस बजट सत्र में कानून हर हाल में बनना चाहिए था, परंतु सरकार की संवेदनहीनता के कारण कानून अभी तक भी नहीं बन पाया है। सरकार की नाकामी के कारण ही बिना एक दिन भी स्कूल गए बच्चों की फीस में पिछले दो वर्षों में पंद्रह से पचास प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। स्कूल न चलने से स्कूलों का बिजली, पानी, स्पोर्ट्स, कम्प्यूटर, स्मार्ट क्लास रूम, मेंटेनेंस व सफाई आदि का खर्चा लगभग शून्य हो गया है, तो फिर इन निजी स्कूलों ने किस बात की पंद्रह से पचास प्रतिशत फीस बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी पर सरकार मौन है। उन्होंने कहा है कि फीस वसूली के मामले पर वर्ष 2014 के मानव संसाधन विकास मंत्रालय व पांच दिसंबर 2019 के शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशों का निजी स्कूल खुला उल्लंघन कर रहे हैं व इसको तय करने में अभिभावकों की आम सभा की भूमिका को दरकिनार कर रहे हैं। निजी स्कल अभी भी एनुअल चार्जे? की वसूली करके एडमिशन फीस को पिछले दरवाजे से वसूलू रहे हैं व हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के वर्ष 2016 के निर्णय की अवहेलना कर रहे हैं।उच्च न्यायालय ने सभी तरह के चार्ज की वसूली पर रोक लगाई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजी स्कूलों में फीस, पाठयक्रम व प्रवेश प्रक्रिया को संचालित करने के लिए तुरंत कानून बनाए व रेगुलेटरी कमीशन का गठन करे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। हमीरपुर हिमाचल प्रदेश सयुंक्त कर्मचारी महासंघ ने जिला हमीरपुर टाउन हॉल में आज जिला के सभी विभागों के कर्मचारियों का महासम्मेलन का आयोजन किया। इसमें सभी विभागों के कर्मचारी नेताओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस महासम्मेलन में हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी के 10 पदाधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, महासचिव हीरालाल वर्मा, मुख्य संगठन सचिव कुलदीप खरवाड़ा, विनोद ठाकुर मुख्य सलाहगार, वित्त सचिव खेमेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष अरविंद मेहता, संगठन सचिव शमशेर सिंह ठाकुर, तिलक नायक, मनोज शर्मा, जागमेल ठाकुर, अरूण कानूनगो, समर चौहान, पंकज, राजेश गौतम व हाकम राणा आदि प्रमुख रहे। इस दौरान हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ की जिला हमीरपुर की कार्यकारिणी का चयन किया गया, जिसमें जिला हमीरपुर का नेतृत्व बिजली विभाग के केडी शर्मा, महासचिव राजेश गौतम व उपप्रधान राजू राम, उपप्रधान सुरेश कुमार, अनिल महाजन, सतीश राणा, वित सचिव बलवंत ठाकुर, मनीष चौहान, रविचंदेल, संजीव कुमार, राजेश कुमार, राजेंद्र,पंकज, रिपन परमार, नरेश शर्मा, कुलदीप कुमार, हाकम राणा व पवन राणा का दायितव दिया गया और जिला कार्यकारिणी का बाकी का विस्तार करने के लिए प्रधान और महासचिव को अधिकृत किया गया, उसके उपरांत महा सम्मेलन में आए हुए सभी कर्मचारी नेताओं ने अपने अपने विचार रखे। हाउस में सर्वसहमती से एनपीएसईए का पुरजोर सहयोग करने का फैसला पारित किया गया व 3 मार्च को हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ शिमला में पूरा सहयोग करेगाऔर छठे वेतन आयोग की त्रुटियों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी सभी कर्मचारी नेताओं ने एक स्वर में प्रस्ताव पारित किया कि हिमाचल सरकार पंजाब के वेतन आयोग को शत-प्रतिशत मूल रूप से हिमाचल में लागू करें, जिससे कर्मचारियों का मूल वेतन 1-1- 2016 को पंजाब के साथियों के समरूप हो सके, उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता के द्वारा छठे वेतन आयोग की त्रुटियों को उजागर किया और 15 प्रतिशत वृद्धि वाले विकल्प से होने वाले नफा नुकसान के बारे में कर्मचारियों को जागरूक करने का प्रयास किया और जिसमें पूरे तथ्यों सहित आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं कि कितने कर्मचारियों को किस किस तरह से इस 15 प्रतिशत के विकल्प से फायदा होगा या नहीं होगा। उस सब के बारे में जानकारी देते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि 15 पर्सेंट वाला विकल्प केवल 2000 के बाद लगे 5910 के पे बैंड वाले कर्मचारी ही ऑप्ट कर पाएंगे और यही वह वर्ग है, जिसे रिकवरी लग रही थी, लेकिन इस नोटिफिकेशन के माध्यम से सरकार ने यह तो साफ कर दिया कि किसी तरह का एरियर कर्मचारियों को नहीं दिया जाएगा, लेकिन इस संदर्भ में कुछ भी नहीं बताया गया कि क्या इनकी रिकवरी भी माफ कर दी जाएगी, जो कि एक बहुत बड़ा चिंतनीय विषय है। इस पर महासंघ ने अपनी चिंता व्यक्त की और सरकार से मांग की कि रिकवरी के बारे में सरकार स्पष्ट करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इस 15 प्रतिशत के विकल्प से कौन सा कर्मचारी पंजाब से कितना पीछे अभी भी चल रहा है। बहुत से वर्गों को तो 15 प्रतिशत की कैलकुलेशन से सरकार द्वारा अपने 3 जनवरी के नोटिफाइड वेतन आयोग अनुसार 4000 से 5000 तक इनिशियल में और पीछे जा रहा है। इसका मतलब हुआ कि इससे फायदा के बजाय नुकसान ज्यादा हो रहा है। उदाहरण के लिए अगर एक लेक्चरर की बात की जाए, जिसका पंजाब में 15 प्रतिशत के साथ इनिशियल वेतनमान 1-1-16 की तिथि में 49900 बनता है। वहीं, हिमाचल में जो इनिशियल रखा गया है, वह 43000 है, जब यह गणना 15 प्रतिशत के अनुसार की जाए, तो केवल मात्र 35517 ही बन रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि इस स्थिति में कर्मचारियों को फायदे के बजाय नुकसान हो रहा है, तो हम कह सकते हैं कि कर्मचारी इस 15 प्रतिशत के विकल्प को नहीं चुन पाएंगे। कारण यह है कि जब तक कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर 1-10-2011 से इनिशियल स्टार्ट और 2 साल का राइडर खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक इसका फायदा नहीं होने वाला है। साथ ही जब तक 4-9-14 टाइम स्केल की अनियमित्ताएं खत्म कर उसके लाभ की गणना जनवरी 2022 तक नहीं की जाएगी और 2012 के ग्रेड पे रिवीजन के कारण कर्मचारियों का 4-9-14 का एक लाभ खत्म कर इस टाइम स्केल में जोड़ दिया गया था और अब जिन कर्मचारियों द्वारा 2 पॉइंट 5 9 फेक्टर चुना गया है, उनके लिए 4-9-14 टाइम स्केल के एक लाभ की गढ़ना को वेतनमान निर्धारण में जब तक नहीं लिया जाएगा तब तक हिमाचल के कर्मचारी पंजाब के समरूप नहीं हो सकते हैं। यदि वेतनमान को पंजाब के संदर्भ में लागू करना है, तो हमें बराबरी करनी आवश्यक है, यही नियम और नीति बताती है। महासंघ ने वित्त विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे हिमाचल प्रदेश में सबोर्डिनेट ज्यूडिशरी को छठा वेतन आयोग लागू करना ही भूल गया। लगभग जुडिशरी के 3200 कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का अभी भी इंतजार है व 15 प्रतिशत जो सरकार ने दिया है। इसके लिए हम सरकार का धन्यवाद करते हैं, लेकिन जिस रूप में हम सरकार से मांग कर रहे थे, ये बिलकुल उसके विपरीत है। साथ ही प्रदेश के कर्मचारियों को पंजाब के अनुरूप भत्तों की अदायगी की अधिसूचना के बारे में भी सरकार को घेरने के लिए महासंघ ने आज 27 तारीख को हमीरपुर टाउन हॉल से जिलाधीश कार्यालय तक एक विरोध रैली का आयोजन किया। जिसमें एक रैली की शक्ल में महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन किया और जिलाधीश हमीरपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपना ज्ञापन सौंपा, ताकि कर्मचारियों की नाराजगी का एहसास सरकार तक पहुंचाया जा सके और शीघ्र ही कर्मचारियों की वित्तीय अनियमितताओं को समाप्त कर पंजाब के बराबर वेतनमान हिमाचल के कर्मचारियों को दिलाया जा सके, जिससे आने वाले समय में हिमाचल का कर्मचारी पंजाब की तुलना में मूल वेतनमान में बराबर हो सके। हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक हिमाचल प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को उनके लाभ नहीं दिलाए जा सके। यदि जरूरत हुई तो विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा और इसी कड़ी के साथ 6 मार्च से सिरमौर, बिलासपुर व कुल्लू में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मनीष ठाकुर। इंदाैरा स्वास्थ्य खंड इंदाैरा के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पल्स पोलियो अभियान की दो बूंद जिंदगी पिलाई गई। स्वास्थ्य खंड इंदाैरा के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया खंड इंदाैरा के अंतर्गत 57 बूथ लगाए गए, जिसमें एक स्पेशल बूथ बस स्टैंड इंदाैरा में क्ष लगाया गया। 210 स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस अभियान को सफल बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान में गांव में रहने वाले बच्चों को भी दो बूंद जिंदगी की पिलाई जाएगी। अधिकारी ने आह्वान किया कि इस अभियान को सफल बनाएं एवं बच्चों को इस अभियान में शामिल करके इस अभियान को कामयाब बनाएं। इससे पहले रविवार को इस अभियान को शुरू किया गया, जिसमें जीरो से 5 वर्ष तक के बच्चों ने भाग लेकर इस अभियान को सफल बनाया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। राजगढ़ देव प्रकोष्ठ मंडल पच्छाद की बैठक रविवार को मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में पच्छाद भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अरुण चौहान, वरिष्ठ नेता शमशेर शर्म व अभिनंदन चौहान मौजूद रहे। देव प्रकोष्ठ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रकाेष्ठ जनता और सरकार के बीच एक कड़ी का काम करेगा और भाजपा व संगठन को मजबूत बनाने के लिए हर संभव कार्य करेगा। मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह ने सभी का इस बैठक में आगमन पर धन्यवाद किया और संगठन को मजबूत बनाने का सभी कार्यकर्ताओं को मूल मंत्र दिया। इस माैके पर पच्छाद भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अरुण चौहान ने देव प्रकोष्ठ मंडल की सराहना करते हुए कहा की देव प्रकोष्ट व इसके कार्यकर्ता बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा की इसी तरह एक साथ चलकर कार्यों को अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है। अरुण चौहान ने कहा की प्रदेश में इस बार मजबूती के साथ भाजपा की सरकार रिपीट करेगी। उन्होंने कहा की भाजपा सबका साथ सबका विकास कर एक बार फिर हिमाचल में सत्ता में बैठेगी।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मन की बात कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक संजीव कटवाल ने बताया की प्रदेश भर में सभी बूथों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम को कार्यकर्ताओं द्वारा सुना गया। कार्यक्रम में कामधेनु, बिलासपुर नम्होल का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। यह हिमाचल के लिए सौभाग्य की बात है। कटवाल ने कहा की प्रधानमंत्री मोदी मन की बात के मध्यम से पूरे देश भर में हो रहे, कार्यों से अवगत करवाते हैं। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात में माध्यम से बताया की हजारों वर्षों के हमारे इतिहास में, देश के कोने-कोने में एक-से-बढ़कर एक मूर्तियां हमेशा बनती रहीं। श्रद्धा भी थी, सामथ्र्य भी था, कौशल्य भी था और विवधताओं से भरा हुआ था और हमारे हर मूर्तियों के इतिहास में तत्कालीन समय का प्रभाव भी नजर आता है। आज जब भारत अपनी आजादी के 75वां वर्ष का महत्त्वपूर्ण पर्व मना रहा है, तो देशभक्ति के गीतों को लेकर भी ऐसे प्रयोग किए जा सकते हैं। जहां विदेशी नागरिकों को, वहां के प्रसिद्ध गायकों को, भारतीय देशभक्ति के गीत गाने के लिए आमंत्रित करें। आजादी के 75 साल बाद भी कुछ लोग ऐसे मानसिक द्वंद में जी रहे हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी भाषा, अपने पहनावे, अपने खान-पान को लेकर एक संकोच होता है, जबकि, विश्व में कहीं और ऐसा नहीं है। ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स भी आयुर्वेद के बहुत बड़े प्रशंसकों में से एक हैं। जब भी मेरी उनसे मुलाकात होती है, वह आयुर्वेद का जिक्र जरूर करते हैं। उन्हें भारत के कई आयुर्वेदिक संस्थाओं की जानकारी भी है। इस कड़ी में पदेश कार्यालय दीपकमल शिमला में प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद, सचिव पायल वैद्या, प्यार सिंह कंवर एवं सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा उपस्थित रहें।
सुनिल समियाल। धर्मशाला भारत बनाम श्रीलंका के मैच से 3 दिन पहले लागातार मौसम खराब रहा, जिसके चलते संशय ये बना था कि मैच के दौरान पिच कैसी रहेगी। अगर मैच से पहले बारिश हो जाती है, तो कैसे मैदान को सुखाया जाएगा। इसके लिए सुनील चौहान, बीसीसीआई क्रयूरेटर ने बताया कि HPCA के पास वर्ल्ड क्लास टेक्नोलोजी है, जिसके चलते HPCA की पिच पर जबरदस्त काम किया गया है। उनका मानना है कि HPCA के कर्मियों ने लगातार काम किया और जिसके कारण ये मैच सफल हो पाया है। पिछले कल हुए मैच में पिच की स्थिति बिल्कुल ठीक रही। 40 ओवर के दौरान पिच की स्थिति सामान्य रही थी। इसके अलावा उनका कहना है कि धर्मशाला में मौसम किसी भी समय खराब होने के कारण मैदान पर काम करना आसान न था। दिन के समय 12 डिग्री और रात के समय 4 डिग्री के आस-पास तापमान रहने से भी पिच पर प्रभाव पड़ रहा था, लेकिन लगातार कर्मियों की मेहनत और वर्ल्ड क्लास टेक्नोलोजी से सब संभव हो पाया है। आपको बता दें कि धर्मशाला क्रिकेट एसोशिएशन ने तीन नए सुपर सोपर मंगवाए हैं, जिसके कारण अगर बारिश होती भी तो ग्राउंड को 30 से 40 मिनट में पूरी तरह से सुखा दिया जाता। पिछले कल टीम भारत और श्रीलंका के खिलाड़ियों ने भी धर्मशाला पिच की तारीफ की थी।
फर्स्ट वर्डिक्ट\ सिरमौर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को स्वरोगार प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ की गई 'मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजनाÓ कई युवाओं के सपनों को साकार करने में सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना के अंतर्गत 18 से 45 वर्ष तक के युवाओं तथा 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 25 प्रतिशत से लेकर 35 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है व तीन वर्ष तक पांच प्रतिशत के हिसाब से ब्याज दर में भी छूट प्रदान की जाती है। ऐसे ही गांव हिरपुर, पांवटा साहिब जिला सिरमौर के निवासी 36 वर्षीय युवा राकेश कुमार का कहना है कि उनका सपना शुरू से ही अपना स्वयं का कार्य करने का था, परंतु उनके पास पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध नहीं थी, जिससे वह अपना कार्य शुरू कर पाते। नॉन मेडिकल से बारहवीं करने के उपरांत अपनी घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए, क्षेत्र की ही एक निजी कंपनी में कई वर्षों तक कार्य किया, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें पूरी होने लगीं। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण देश भर में लॉकडाउन लगाया गया तथा कंपनी द्वारा उनका वेतन आधा कर दिया गया। धन के अभाव के कारण यह नौकरी करना उनके लिए कठिन हो गया, जिस कारण उन्होंने स्वयं का कार्य करने का निर्णय लिया। जिसके मद्देनजर उन्होंने प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के विषय में पता चला। इस योजना के संबंध में उन्होंने एकल खिड़की समाधान कार्यालय (उद्योग विभाग) पांवटा साहिब में जाकर मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राकेश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के तहत आवश्यकतानुसार ऋण प्राप्त करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के अंतर्गत प्राप्त 25 लाख रुपए की राशि से उन्होंने पांवटा साहिब में माजरा के निकट राजबी सॉल्वेंटस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से अक्तूबर 2020 से कार्य आरंभ किया तथा टॉयलेट क्लीनर, वॉशिंग पाउडर, फिनायल, डिशवॉश, हैंडवॉश आदि उत्पाद बनाने आरंभ किए। राकेश कुमार का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा न था, कि उन्हें इस प्रकार आर्थिक रूप से सहायता मिल पाएगी और उनका स्वरोजगार का सपना कभी पूरा हो पाएगा, परंतु मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना ने उनका सपना साकार कर दिखाया। इस योजना ने उनके स्वयं का कार्य करने के सपने को तो साकार किया ही है, साथ ही वह इससे आत्मनिर्भर भी बने हैं। इस कार्य के आरंभ होने से वह बहुत खुश हैं। इससे जहां उन्हें आजीविका का साधन मिला ही है, वहीं उन्होंने क्षेत्र के छह अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है। ये लोग उनके साथ नियमित तौर से उत्पादों को बनाने का कार्य कर रहे हैं तथा उनके उत्पादों को आसपास के क्षेत्र व उत्तराखंड के नजदीकी गावों में निर्यात कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रकार की जनहितैषी योजनाओं के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का अपनी व अपनी टीम की ओर से तहे दिल से धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में इस योजना में 18 नई गतिविधियों को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त, महिलाओं की आयु सीमा 45 से बढ़ाकर अब 50 वर्ष कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक प्रदेशवासी इस योजना का लाभ उठा सकें। प्रोजेक्ट लागत की सीमा भी अब 60 लाख रुपए से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दी गई है। कैपिटल सब्सिडी की अधिकतम सीमा पुरुषों के लिए 15 लाख तथा महिलाओं के लिए 18 लाख की गई है।
विनायक ठाकुर/देहरा जसवां परागपुर के तहत पड़ती मनियाला पंचायत के अंतर्गत अलोह चंबियाला में 22 वर्षीय युवती ने घर पर फंदा लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। मामले की जानकारी देते हुए मनियाला पंचायत के उप प्रधान विकेश कुमार ने बताया कि मृतिका की पहचान शमा ठाकुर, पुत्री रणबीर सिंह निवासी अलोह चंबियाला पंचायत मनियला तहसील रक्कड़ के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी चंद्रपाल ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कारवाई शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम होते ही उक्त युवती के परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट \ जयसिंहपुर रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध को देखते हुए हिमाचल से पढ़ाई करने यूक्रेन गए बच्चों के परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। माता-पिता बच्चों की वापसी की मांग कर रहे हैं। यूक्रेन में फंसे लंबागांव के शिवालिक के पिता ओम प्रकाश ने बताया कि बेटा यूक्रेन के खारकीव में पिछले पांच साल से एमबीबीएस कर रहा है। डिग्री पूरी होने में कुछ महीने शेष हैं। वह लगातार संपर्क में हैं। उसने बताया कि पिछले दो दिनों से यूक्रेन में हालात खराब हैं। उन्हें न्यूज चैनलों से इतना खौफ लग रहा है कि घर के सदस्यों ने टीवी देखना भी छोड़ दिया है। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से मांग की है कि बच्चों की जल्द वापसी कराई जाए।
प्रतिमा राणा। पालमपुर पालमपुर के लोहना से संबंध रखने वाली प्रिया बुटेल ने जेआरएफ एनईटी की परीक्षा पास करके अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। जानकारी देते हुए उसके पिता किशोरी लाल ने बताया कि यह क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी बेटी ने उनका तथा क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रिया स्कूल टाइम से ही पढ़ाई में हमेशा मेरिट पर रहती थी। गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म महाविद्यालय में भी प्रिया तीन साल तक पहले स्थान पर रहीं। प्रिया ने लगातार तीन साल तक अपना वर्चस्व बनाया रखा। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में गोल्ड मेडलिस्ट होने के बाद उन्होंने एमबीए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से किया है। कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करने का चार साल का अनुभव है। 2021 में पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रिया पीएचडी एंट्रेंस में 5वीं रैंक पर रही हैं। प्रिया दिन में आठ घंटे पढ़ाई करती हंै। पढ़ाई के साथ- साथ प्रिया स्कूल व कॉलेज में सामाजिक, सांस्कृतिक व वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भी आगे रहीं। प्रिया को एफएम सुनने का शोक है और उसको सुनने के साथ ही वह पढ़ाई करती हंै। प्रिया ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पति, माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिनकी बदौलत आज प्रिया ने यह कामयाबी हासिल की है।
फर्स्ट वर्डिक्ट | जयसिंहपुर कुंज्जेश्वर महादेव मंदिर लंबागांव शिवरात्रि के महापर्व पर होने वाला मेला एक मार्च को शुरू होगा और चार मार्च को इस मेले का समापन होगा। ग्राम पंचायत लंबागांव के प्रधान सुमन मेहरा ने बताया कि मेले में हर वर्ष की भांति इस बार भी दंगल का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विजेता को 11000 रुपए और उप विजेता को 7100 रुपए दे कर सम्मानित किया जाएगा। मेले का समापन लंबागांव के ब्लॉक चेयरमैन कुलवंत राणा द्वारा किया जाएगा।
सुनील समियाल। धर्मशाला भारत बनाम श्रीलंका के बीच होने वाला T-20 मैच के लिए बस चंद लम्हें ही बचे है। टीम इंडिया ने हिमाचल की देवभूमि पर टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। शाम सात बजे से मैच शुरू होने जा रहा है। भारत के कप्तान और उनकी टीम HPCA में प्रेक्टिस करते हुए भी नजर आए। प्रशंसक उनकी एक झलक के लिए तरसे। आपको बता दें कि श्रीलंका और भारत टीम इस मैच के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रशंसक 50 प्रतिशत की कपैस्टी के साथ स्टेडियम में पहुंच चुके हैं और थोड़ी ही देर में इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली है। आपको बता दें कि 2020 के बाद प्रदेश के ये मैच मिला है जिसको लेकर हिमाचल के लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। रिकांगपिओ किन्नौर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आज पूह विकास खंड की आकपा ग्राम पंचायत कार्यालय में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर निशांत वर्मा ने की। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि विधिक साक्षरता शिविरों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके अधिकारों व कर्त्तव्यों के साथ-साथ कानूनी तौर पर साक्षर बनाना है। निशांत वर्मा ने अधिकतर मामलों को पंचायत स्तर, मध्यस्थता व लोक अदालत के माध्यम से निपटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 12 मार्च, 2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लोग अपने न्यायिक मामले अदालत में दर्ज कर सकते हैं, जिसकी 12 मार्च, 2022 को ही सुनवाई होगी। उन्होंने प्राधिकरण के सौजन्य से समाज के विभिन्न वर्गों को प्रदान की जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस जागरूकता शिविर का उद्देश्य दूर-दराज क्षेत्र के ऐसे व्यक्ति जो आर्थिक दृष्टि से गरीब, पिछड़े व कमजोर वर्ग (अनुसूचित जातिध्जनजाति), महिलाएं, असहाय, नाबालिग बच्चे, ऐसी महिलाएं व बुजुर्ग व्यक्ति जिनका कोई सहारा नहीं है तथा जिन्हें बुढ़ापे में अकेला छोड़ दिया जाता है को कानूनी अधिकारों से अवगत करवाना है, ताकि वे निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता, कानूनी सलाह व कानूनी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि नालस की ऐप https://nalsa.gov.in व पत्राचार के माध्यम से व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज कर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।
फर्स्ट वर्डिक्ट । दाड़लाघाट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी अर्की में चल रहे 7 दिवसीय एनएसएस शिविर का शनिवार को समापन हुआ। समापन समारोह में ग्राम पंचायत सेवड़ा चंडी के प्रधान नोख राम मुख्यातिथि रहे, जबकि पूर्व प्रधान कश्लोग वेद ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस मौके पर अतिथियों के पहुंचने पर स्कूल प्रशासन द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलित कर व सरस्वती वंदना कर किया गया। एनएसएस प्रभारी दिनेश ने सात दिवसीय शिविर की रिपोर्ट मुख्यातिथि व अन्य अथितियों के समक्ष रखी। इस दौरान प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता द्वारा उनका यथोचित स्वागत किया गया व समृति चिन्ह प्रदान कर सभी को सम्मानित किया गया। उन्होंने इस अभियान की महत्ता को बतलाया कि यह अभियान कब से शुरू हुआ तथा इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है। सभी छात्र किस प्रकार इससे लाभांवित हो सकते हैं। इस विषय पर प्रकाश डाला। इस मौके पर एसएमसी प्रधान टेक चंद शर्मा ने कहा कि अध्ययन को और मनोरंजक बनाने हेतु अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए हर प्रकार से सहायता एवं प्रशिक्षण आदि का आयोजन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को छात्रों की स्वास्थ्य को देखते हुए कोरोना काल के समय मे स्वयंसेवियों को रात को घर जाने की अनुमति होनी चाहिए और हमने एसएमसी के विशेष निर्णय के तहत स्कूल से दो रात बच्चों को घर भी भेज दिया था, ताकि वे कोरोना से सुरक्षित रह सके। इस मौके पर मुख्यातिथि नोख राम ने इस शिविर की बधाई दी और कहा कि ऐसे शिविर से बच्चों में आपसी मेल-जोल की भावना बढ़ती है और अपना कार्य स्वयं करना, साफ-सफाई का महत्व पता लगता है। इस दौरान एनएसएस प्रभारी हेमलता एवं दिनेश ठाकुर ने उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक व एनएसएस के स्वयंसेवक मौजूद रहे।
सुनिल समियाल। धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान मैदान में पूजा-अर्चना के बाद कन्या पूजन हुआ। 26 फरवरी को भारत-श्रीलंका के बीच टी-20 मैच से पहले कन्या पूजन करवाया गया है। एचपीसीए ने मैच से पहले बारिश के देवता इंद्रुनाग की विशेष पूजा और कन्या पूजन करवाया। आज एचपीसीए प्रबंधन ने मैदान में देवता इंद्रुनाग की पूजा-अर्चना करवाई। इसके बाद अब थोड़ी देर में भारत-श्रीलंका के बीच मैच शुरू होगा। एचपीसीए प्रबंधन ने इस बार पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की है। देवता इंद्रुनाग ने भी आशीर्वाद दिया है। पुजारी के माध्यम से भगवान ने कहा है कि हो सकता है कि मैं देखने आऊं, लेकिन उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।
सुनिल समियाल। धर्मशाला हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन होने वाली मैच को लेकर एंट्री शुरू हो चुकी है। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सभी प्रेमियों को एंट्री मिल रही है। मास्क पहनकर ही भीतर प्रवेश दिया जा रहा है। सोशल डिस्टेसिंग के साथ लोगों को कतारों में खड़े रहने को लेकर पुलिस टीम प्रोत्साहित कर रही है। आपको बता दें कि एचपीसीए में कोई भी इलेक्ट्रोनिक्स सामान, हेलमेट, लाइटर, इयरफोन, कॉयन्स, चार्जर, बैग, गन और पैनी चीजें लाना मना है। साथ ही एंट्री के लिए अलग-अलग गेट्स बनाए गए हैं। टिकट के पीछे इसकी पूरी जानकारी दी गई है। यदि किसी को मैप की जानकारी चाहिए, तो वो HPCA के वेबसाइट या फिर सोशल मीडिया हैंडल में जा कर देख सकते हैं। इसके अलावा पुलिस विभाग भी पैनी नजरें गाड़े हर जगह पर तैनात है। गलत जगह पर गाड़ी पार्क करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और साथ ही क्रेन की मदद से गाड़ियों को हटाया जाएगा। आने वाले क्रिकेट प्रेमियों से आग्रह है कि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ही स्टेडियम में एंट्री करें।
विनायक ठाकुर । देहरा यूक्रेन और रूस के बीच शुरू हुए युद्ध में हिमाचल से 200 से अधिक बच्चे फसे हुए हैं, जिसमें से दिव्यांशु शर्मा जो कि नेहरन पुखर के समीपवर्ती गांव धजाग का रहने वाला है। एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गया था। यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के बाद अब वह वहां फंस चुका है। उनके माता-पिता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनका बेटा वहां फंस हुआ है और वहां से आने का कोई प्रबंध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि वहां पर दहशत का माहौल बना हुआ है। एटीएम भी बंद हो गए हैं। दिव्यांशु के माता-पिता ने बताया कि उनका बेटा बुकोनिवियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी चेरनिवत्सी यूक्रेन में पढ़ाई कर रहा है। दिव्यांशु शर्मा की माता अंजू शर्मा एवं पिता राम कृष्ण शर्मा ने प्रदेश एवं केंद्र सरकार से गुजारिश है कि वह जल्द से जल्द सभी बच्चों की वापसी का कोई प्रबंध करें।
संगठित और मजबूत होता दिख रहा गिरिपार को जनजातीय दर्जा देने का मुद्दा फर्स्ट वर्डिक्ट। सिरमाैर मौसम का मिजाज बेशक खराब था, लेकिन हाटी समुदाय का इरादा मजबूत। तेज बारिश के बावजूद भी शिलाई में आयोजित हाटी महाखुमली में हज़ारों लोग जुटे। 144 पंचायतों के युवा, महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे खासी तादाद में पहुंचे और एक स्वर में जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा दिलाने के लिए हुंकार भरी। राजनैतिक निष्ठाओं से इतर सबने एक आवाज में आह्वान किया कि जब तक हमें हमारा हक नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। सन्देश स्पष्ट था कि महाखुमली तो महज झांकी है और पिक्चर अभी बाकी है। इस खुमली में शिमला लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान, श्री रेणुका जी के विधायक विनय कुमार, शिलाई के पूर्व विधायक एवं राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर और पूर्व जिला परिषद सिरमौर के अध्यक्ष दलीप चौहान सहित कई नेता भी पहुंचे थे। आश्वासनों से तंग आ चुके हाटी समुदाय के तेवर इसी बात से समझ लीजिये कि करीब तीन घंटे ये नेता अपने बोलने की बारी का इंतजार करते रहे, फिर जाकर इन्हें मंच मिला। हजारों की भीड़ के सामने इन तमाम नेताओं ने गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा दिलवाने के लिए अपना समर्थन दिया। उधर, हाटी समुदाय ने भी दो टूक सन्देश दिया कि अगर जुलाई तक उन्हें न्याय नहीं मिला तो बड़े स्तर पर आंदोलन होगा। हाटी समुदाय का नेतृत्व कर रहे वक्ताओं ने मंच से खुलकर चेताया कि हाटी समाज अब आर -पार की लड़ाई को तैयार है। बहरहाल इतना तय है कि हाटी समुदाय का आंदोलन फिलहाल संगठित भी दिख रहा है और मजबूत भी, और समाधान न निकला तो इनकी नारजगी का खामियाजा सियासतगरों को भुगतना पड़ सकता है। कई सरकारें आई और गई, लेकिन हाटी समुदाय को कोई भी सरकार जनजातीय दर्जा नहीं दिला पाई। पहले मनमोहन सिंह और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से सिरमौर जिले के गिरिपार को जनजातीय दर्जा दिलाने की फरियाद लगाई गई, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद नतीजा सिफर रहा। पर क्षेत्र के लोगों को नेताओं का हर वादा, हर आश्वासन याद है। महाखुमली में हाटी समुदाय ने ये याद दिलाने से भी गुरेज नहीं किया कि हाटियों का खूब नरम भी है और गरम भी। किसी ने कहा 'अब तक समुदाय खूब बेवकूफ बन चूका है पर अब नहीं बनेगा', तो किसी ने 'हक़ नहीं तो वोट नहीं' का उद्घोष कर नेताओं की धुकधुकी बढ़ा दी। तो भाजपा को भुगतना होगा खामियाजा महाखुमली में जुटे हाटी समुदाय के लोगों ने स्पष्ट कहा कि 2014 में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाहन के चौगान मैदान में गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने का वादा किया था। तदोपरांत 2019 में तत्कालीन केंद्रीय जनजातीय मंत्री ने हरिपुरधार में इस क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की बात कही थी। वर्तमान में शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप भाजपाई है और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है। ऐसे में यदि प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र का दर्ज नहीं मिलता है, तो उसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में भाजपा को भुगतना होगा। दरअसल गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने का मसला 144 पंचायतों से सीधे जुड़ा है और इसके दायरे में चार विधानसभा क्षेत्र आते है। शिलाई के अतिरिक्त, श्रीरेणुकाजी, पच्छाद व पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्रों में भी ये मुद्दा निर्णायक भूमिका निभा सकता है। जाहिर है फिलवक्त भाजपा सत्ता में है तो नाराजगी का कोप भी भाजपा को भुगतना पड़ा सकता है। ऐसे में निसंदेह सत्तारूढ़ भाजपा अब इस मुद्दे पर कोई सार्थक पहल कर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो पार्टी को इसका लाभ भी मिलना तय है। हाटी नेताओं की दो टूक केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष डा अमीचंद कमल व महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री का कहना है कि हाटी समुदाय ने दस्तावेजों सहित सभी औपचारिकताएं पूरी कर प्रदेश व केंद्र सरकार को कई बार दी है। अब हाटी समुदाय को केवल अपना हक चाहिए। अब वादों और आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। जरुरत पड़ी तो आंदोलन को प्रखर किया जाएगा। वहीं केंद्रीय हाटी समिति के सलाहकार जेलदार प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि जो भी चुने हुए जन प्रतिनिधि है वो इस मुद्दे को उठाये और डबल इंजन की भाजपा सरकार में ये कार्य पूरा होना चाहिए। अब कोई भी बहाना नहीं चलेगा। सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा ने कहा कि यह मांग पांच दशक पुरानी है और अब केंद्र में और प्रदेश में दोनों ही भाजपा की सरकार है। ऐसे में उम्मीद है जल्द से जल्द इसे पूरा किया जायेगा। जुलाई तक यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। विडंबना : उत्तराखंड में एसटी, हिमाचल में नहीं इसे विडंबना ही कहेंगे कि दूरदराज क्षेत्र से होने के बावजूद भी गिरिपार के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति के दर्जे के साथ आने वाली प्रतिष्ठित सरकारी परिलब्धियां नहीं मिल पाई है। इस समुदाय के प्रतिनिधि कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है। मगर हुक्मरानों को शायद हाटी समुदाय का मुद्दा सिर्फ चुनाव के दौरान ही याद आता है। गिरिपार का हाटी समुदाय उत्तराखंड के जौनसार बाबर क्षेत्र के जोंसारी समुदाय की तर्ज पर जनजातीय दर्जे की मांग कर रहा है। बता दें कि पूर्व में उत्तराखंड का जौनसार बाबर क्षेत्र सिरमौर रियासत का ही एक भाग था। जौनसार बाबर को 1967 में केंद्र सरकार ने जनजाति का दर्जा दिया था। जौनसार बाबर और सिरमौर के गिरिपार की लोक संस्कृति, लोक परंपरा, रहन-सहन एक समान है। इनके गांवों के नामों और भाषा में भी समानता है। बावजूद इसके जिला सिरमौर की 144 पंचायतों को आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।


















































