राज सोनी, करसोग पंडार में मंगलवार देर शाम एक कार के खाई में गिरने से पति पत्नी की मौत हो गई। जबकि इस हादसे में अन्य तीन घायलों का उपचार सिविल अस्पताल सुन्दरनगर में चल रहा है। जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को निहरी क्षेत्र के पंडार में कार के खाई में गिरने पाँच लोग घायल हो गए थे जिन्हे तुरंत उपचार के लिए सीएचसी रोहांड़ा लाया गया। लेकिन 33 वर्षीय इंद्र सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। वहीं अन्य लोगों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें सुंदरनगर स्थित नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। लेकिन उपचार के दौरान देर रात इंद्र सिंह की 27 वर्षीय पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। वहीं डीएसपी सुंदरनगर दिनेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में पति पत्नी की मौत हो गई है और अन्य तीन घायलों का नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरु कर दी है। वहीं आज मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों के हवाले कर दिया जायेगा। वहीं इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
प्रेम ठाकुर, धर्मपुर सहारा संस्था के प्रमुख धर्मपुर के युवा नेता युवराज रजत ठाकुर द्वारा महिला मंडलों को सम्मानित करने का सिलसिला जारी है। संधोल क्षेत्र में हुए महिला सम्मान समारोह के बाद बुधवार को सयोह में आयोजित महिला सम्मान समारोह में सयोह , खनोड,सकलाना पंचायतों के 27 महिला मंडलों को समानित करते हुए रजत ठाकुर ने कहा कि सहारा संस्था का ये सम्मान समारोह कार्यक्रम तब तक चलता रहेगा जब तक हम अपने इस धर्मपुर क्षेत्र की उन सभी माताओं बहनों तक नहीं पहुंच जाते जिन्होंने समाज के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया है हमारे इन महिला मंडलों की माताओं बहनों ने वर्षो से कष्टों में रहते हुए अपना योगदान दिया कारोना काल में भी हमारी इन माताओं बहनों ने अपने घरों में बैठकर मास्क बनाकर निःषुल्क बांटने में समाज की मदत की है साथ ही कारोना काल में ही जब सभी तरह की आमदनी बन्द हो गई थी तो इन्ही महिला मंडलो की सदश्यो ने अपने अपने गांव में लोगों की सहायता की है जो सराहनीय है। रजत ठाकुर ने मातृ शक्ति से आह्वान किया कि समाज के निर्माण में मातृशक्ति का अहम रोल है जिसे निभाने के लिए आगे भी तैयार रहना होगा आने वाली पीढ़ी को बचपन से ही ऐसे शिक्षित करने की जरूरत है ताकि हमारे समाज के बच्चे नसे से दूर रह सके और हमारी बेटियां भी अछि शिक्षा ग्रहण करके अपना भविष्य निर्माण करके समाज में नाम रोशन करने में कामयाब हो ।ये तभी हो सकता है जब हमारी मातृशक्ति आगे आकर पहल करे। रजत ठाकुर ने तीनों पंचायतों के 27 महिला मंडलो को पांच पांच गद्दे बतौर सम्मान दिए ताकि अपने अपने मण्डल की बैठकों के दौरान आराम से बैठकें कर सकें। इस अवशर पर नन्हे नौनिहालों ने रंगारंग कार्यक्रम भी किए गए जिससे नई प्रतिभाएं भी देखने को मिली। रजत ठाकुर ने अपने संबोधन में कार्यक्रम की सफलता के लिए सयोह सकलाना व खनोड पंचायत के महिला मंडलों व लोगों का धन्यवाद किया। इस मौके पर खनोड पंचायत की प्रधान आशा देवी, समौड के प्रधान प्रताप सकलानी, सकलाना पचायत प्रधान सुरेन्द्र ठाकुर सयोह के प्रधान प्रीति देवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
युवा क्रिकेट कमेटी भयूँखरि द्वारा क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसमें भयूंखरी में पलोन और महाकाल इलेवन के बिच मुकाबला हुआ, जिसमे मुख्यातिथि के रूप में अशोक भारद्धाज अध्यक्ष युवा कांग्रेस अर्की व् साथ में बीडीसी सदस्य शशि कांत मौजूद रहे। इस मोके पर अध्यक्ष द्वारा क्रिकेट प्रेमिओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी और खेल को खेल की भावना से खेलने का आग्रह किया व समय आने पर अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने का भी आवाहन किया। इस मैच में महाकाल एलेवेन ने जीत हासिल की वही पलोन टीम 3 रन से हारी जिसमे की111 रनो का टारगेट रखा गया था था। युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कमेटी को अपनी और से 5100 की राशि दी। इस मोके पर हंसराज विक्रम प्रशांत ज्ञानचंद ताराचंद नीमचन्द संतराम अनु आदि मौजूद रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत पॉलीथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ अभियान चलाया गया। यह अभियान प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर की अध्यक्षता में चला। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारियों जय प्रकाश मिश्रा और अनिता कौंडल के दिशानिर्देशों द्वारा स्वयंसेवियों ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यालय परिसर की साफ सफाई की।इस अभियान के अन्तर्गत विद्यालय परिसर से पॉलिथीन को हटाया गया।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारियों व स्वयंसेवियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली।इस मौके पर विद्यालय के स्वयंसेवकों सहित समस्त अध्यापक मौजूद रहे।
राजकीय माध्यमिक पाठशाला पंजपीपलू के दो होनहार विद्यार्थियों को प्राथमिक उप शिक्षा निदेशक दीवान चंदेल द्वारा सम्मानित किया गया। बता दें की जिला स्तरीय समारोह सम्मान समारोह में विज्ञान प्रश्नोत्तरी में द्वितीय स्थान प्राप्त करने के लिए आठवीं कक्षा के छात्र जतिन गौतम व विश्वेश कौंडल को यह सम्मान दिया गया है। इस मोके पर बच्चों को सम्मान स्वरूप मेडल व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। बच्चों की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर पाठशाला की मुख्य अध्यापिका ने अपने संबोधन में बच्चों की इस उपलब्धि के लिए बधाई दी व अन्य बच्चों को भी इनसे प्रेरणा लेने का आव्हान किया। इस अवसर पर विशेष रूप से विज्ञान स्नातक के सुरेंद्र कुमार को इनके कार्य के लिए सराहना की यह कार्यक्रम राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अर्की में आयोजित किया गया।
अब वह दिन दूर नहीं है, जब हिमाचल प्रदेश के छोटे से जिला हमीरपुर में उत्पादित फलों की खुशबू देश की बड़ी मंडियों, छोटे से लेकर बड़े शहरों तक पहुंचेगी। यह संभव होने जा रहा है हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी 'शिवा परियोजना से। प्रदेश के सात जिलों के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागबानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आरंभ की गई यह परियोजना जिला हमीरपुर में एक नई क्रांति का सूत्रपात कर रही है। इस परियोजना के शुरुआती दौर के लिए चयनित गांव भलेहू और कैहडरू के क्लस्टरों में इसकी एक खूबसूरत बानगी देखने को मिल रही है। आज गांव भलेहू में जहां अमरूद के लगभग 21 हजार पौधे हैं, वहीं गांव कैहडरू भी संतरे और नींबू प्रजाति के अन्य फलदार पौधों से महक उठा है। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डा. आरएल संधू ने बताया कि हमीरपुर जिला की जलवायु उपोष्ण फलदार पौधों आम, लिची, अमरूद, आंबला व नींबू प्रजाति के फलों के लिए काफी उपयुक्त है। जिला हमीरपुर में एशियन विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित एचपी 'शिवा परियोजनाÓ के अंतर्गत पीआरएफ कलस्टर भलेहू में 38 बागबानों की 10 हैक्टेयर भूमि पर अमरूद के 21 हजार पौधे रोपित किए जा चुके हैं, जिन पर अगले वर्ष से फल लगने शुरू हो जाएंगे। उधर, गांव कैहडरू के 54 बागबानों को लाभान्वित करते हुए मौसम्मी के 8892 पौधे लगाए गए हैं। योजना के प्रथम चरण में जिला में 900 हैक्टेयर भूमि पर क्लस्टर स्तर पर पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक जिला में 65 क्लस्टर चिह्नित कर 843 हैक्टेयर एरिया का चयन किया जा चुका है। टाटा कंसलटिंग इंजीनियरिंग ने 54 क्लस्टर में ड्रोन सर्वे का कार्य पूरा करके लगभग 660 हैक्टेयर एरिया चिह्नित कर दिया है। उपनिदेशक ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा जिला में बागबानी विकास मिशन के अंतर्गत भी 27 अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन स्थल विकसित किए गए हैं। इनमें 16 में स्वीट ऑरेंज, नौ अनार और दो में अमरूद के पौधों सहित कुल 30121 पौधे रोपित किए गए हैं। अब इन्हें भी एचपी 'शिवा परियोजनाÓ के क्लस्टरों में परिवर्तित किया जा रहा है। एचपी 'शिवा परियोजना यानी उपोष्णकटिबंधीय बागबानी सिंचाई एवं मूल्य संवद्र्धन परियोजना अपने आपमें एक वृहद एवं संपूर्ण परियोजना है। इस परियोजना में बीज से लेकर बाजार तक की एक पूरी शृंखला की संकल्पना के आधार पर बागबानी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। बागबानी के लिए उपयुक्त भूमि का चयन, उस भूमि का विकास, फलों का चयन, मिट्टी की गुणवत्ता, पानी एवं आधुनिक सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता, कंपोजिट सौर बाड़बंदी, ग्रेडिंग, पैकिंग, कोल्ड स्टोर और प्रसंस्करण जैसे सभी पहलुओं को इस परियोजना में समाहित किया गया है। किसानों-बागबानों की आय बढ़ाने, युवाओं को खेती-बागबानी के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर सृजित करने तथा हिमाचल के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागबानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ की गई। खेती छोड़ चुके किसानों के लिए भी यह परियोजना वरदान साबित हो सकती है। शुरुआती दौर के अच्छे परिणामों को देखते हुए कहा जा सकता है कि एचपी 'शिवा परियोजना के कारण जिला हमीरपुर आने वाले समय में फल उत्पादन में भी अपनी एक अलग पहचान बनाएगा और जिला के किसानों-बागबानों की आर्थिकी मजबूत होगी तथा युवाओं के लिए घर में ही बागबानी के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।
जोगिंदरनगर/ क्रान्ति सूद ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ ठाकुर ने जारी ब्यान में कहा कि कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर कोरोना काल में गरीब व जरूरतमंद परिवारों के लिए मसीहा बनकर उभरे हैं। हाल ही में वह खुद भी कोरोना से संक्रमित हुए थे। मगर जैसे ही स्वस्थ हुए, वैसे ही एक बार फिर कोरोना पीडि़त, गरीब, असहाय व जरूरतमंद परिवारों की सेवा जुट गए। जीवन ठाकुर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हैं व 2017 में जोगिंदरनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रह चुके हैं। इससे पहले वह जिला परिषद सदस्य व पंचायत प्रधान भी रहे हैं। वह 'एक पहल माउंटेनÓ सेवा समिति संस्था के चेयरमैन भी हैं। कोरोना की पहली लहर से ही लगातार कर रहे हैं मदद दो सालों में जीवन ठाकुर ने कई कोरोना पीडि़त परिवारों की मास्क, सैनिटाइजर जैसी छोटी चीजों से लेकर ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर मुहैया करवाने जैसी मदद की है। इस दौरान इन्होंनेे दर्जनों गरीब परिवारों के राशन का खर्चा भी उठाया। इन परिवारों को हर महीने मुफ्त राशन मुहैया करवाया जा रहा है। उठा रहे गरीब व अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च सौरभ ने कहा कि इसके अलावा जीवन ठाकुर कुछ अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठा रहे हैं। जिन बच्चों ने कोरोना के कारण अपने माता-पिता को खोया है। जीवन ठाकुर उनकी किताबों से लेकर स्कूल की फीस, ट्रेनिंग का खर्च उठा रहे हैं, ताकि उनकी पढ़ाई में किसी भी तरह की कोई बाधा न आए और उन्हें बीच में पढ़ाई न छोडऩी पड़े। 'लीगल कामों के लिए दिए हैं अपने पर्सनल नंबर सौरभ का कहना है कि गरीब व सामान्य परिवार को अपने कानूनी कार्यों के लिए न्यायालय व तहसील के चक्कर न काटने पड़े, इसके लिए भी मुहिम छेड़ रखी है। इस मुहिम के तहत उन्होंने अपने पर्सनल नंबर जारी कर कहा है कि जिस किसी सामान्य या गरीब इंसान का जोगिंदरनगर कोर्ट और तहसील में कोई भी कानूनी काम हो या कोई अपनी जमीन और घर के बारे में कानूनी सलाह की जरूरत हो, वह उनके पास जब मर्जी बेझिझक आकर मिल सकता है। इतना ही नहीं वह और उनकी टीम उनका काम बिना कोई पैसा लिए फ्री में करेंगे।
कालीबाड़ी हाल मे आयोजित मशहूर नृत्य प्रतियोगिता “बैटल ऑफ सुपर स्टार" के ग्रांड फ़िनाले मे हिमालयन पब्लिक स्कूल रोहरु के छात्र-छात्राओ ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता मे टर्म-1 डांस के जूनियर वर्ग मे हिमालयन पब्लिक स्कूल रोहडू की महक जिल्टा ने बेहतर प्रदर्शन कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। महक बचपन से ही नृत्य में रूचि रखती है और वो वो काफी लम्बे समय से प्रतियोगिता की तैयारी भी कर रही थी। महक ने बताया की उन्हें डांस करना बहुत पसंद है और वे आगे भी इसी फेल्ड में रहकर कामयाबी के नए आयाम छूना चाहती है। महक की इस तरक्की से उनके माता पिता बेहद खुश है।
बैजनाथ ग्राम पंचायत कन्दराल से उप प्रधान रविंदर ने कहा की हाल ही में हुए ग्राम पंचायत कन्दराल के गांव महेशगढ़ के स्थायी निवासी शहीद राकेश कुमार अरुणाचल प्रदेश में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं। राव ने कहा की शहीद राकेश कुमार के गाँव महेशगढ़ की मौजूदा समय में हालत बिल्कुल दयनीय बनी हुई है। राव ने उपमंडल नागरिक अधिकारी बैजनाथ के माध्यम से गाँव को जोड़ने वाली सड़क ग्वाल टिक्कर, महेशगढ़ के निर्माण कार्य का आह्वान किया। राव ने कहा की सड़क मार्ग का नाम शहीद राकेश कुमार के नाम पर रखा जाए व शहीद के नाम पर गेट बनाने के लिए मंजूरी दी जाए। इसके साथ राव ने गाँव मे श्मशान घाट की हालत दयनीय होने के चलते श्मशान घाट के पुनः निर्माण हेतु सहकारी भूमि को श्मशान घाट बनवाने के नाम पर पंजीकृत करवाया जाए। राव ने कहा की अगर इन विषयों पर सरकार या प्रशासन द्वारा कोई उचित कार्यवाही नहीं की जाती है तो पंचायत वासियों के साथ सरकार व प्रसाशन के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। इस अवसर पर नीरज कुमार, आर्यन कपूर, अजय कुमार, अंकुश, अनिकेत, विशाल, सचिन, अजय कुमार, अमन कुमार, अखिल, शाहिल कुमार, राहुल आदि मौजूद रहे।
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखा कांगड़ा द्वारा समेला में वित्तीय साक्षरता पर एक शिविर लगाया गया। जिसमें समेला पंचायत के विभिन्न महिला मंडल व संगठनों ने भाग लिया। शिविर का संचालन कांगड़ा शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक परमिंदर सिंह पटियाल, कर्मचारी बलविंदर सिंह, अजीत कुमार और नरेश कुमार द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में नाबार्ड और सरकार की ओर से चलाई गई बैंक योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी और साथ ही ऑनलाइन हो रही धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक भी किया। इस अवसर पर शिविर में पंचायत प्रधान सुदर्शना देवी, उपप्रधान राजेश कुमार और पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
तकीपुर महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई तकीपुर की नव कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस कार्यकारिणी में शगुन को इकाई अध्यक्ष और आंचल को इकाई सचिव का दायित्व दिया गया। वहीं तकीपुर इकाई की नव कार्यकारिणी में सदस्य इकाई अध्यक्ष शगुन, इकाई सचिव आंचल,उपाध्यक्ष रिया, हरनेश, आकांक्षा और साहिल को बनाया गया हैं। इसी तरह सह सचिव रिद्धि, कल्पना, आर्यन, मुस्कान, कोषाध्यक्ष सपना, सोशल मीडिया साहिल ,सह सोशल मीडिया मुस्कान, एस एफ डी प्रमुख नितीश, तनुष, आर के एम प्रमुख तमन्ना, खेल कार्य प्रमुख मोहित, ब्लड डोनेशन प्रमुख आकृति, बीए प्रमुख अक्षित, बी कॉम प्रमुख प्रिया, बी एस सी प्रमुख निशिता को नियुक्त किया गया है। इस दौरान नव कार्यक्रम में चुनाव अधिकारी प्रांत, सह मंत्री अभिषेक व मुख्य वक्ता कांगड़ा विभाग संगठन मंत्री प्रशांत कश्यप सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहें।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुटियारा के एनसीसी कैडेट और एनएसएस स्वयंसेवियों ने विद्यालय परिसर और गुगा मंदिर परिसर को संवारा। इन छात्रों ने विद्यालय परिसर की क्यारियों एवं कमरों की साफ सफाई की। एनसीसी कैडेट्स ने भारत चीन युद्ध में शहीद रसीला राम की याद में निर्मित मुख्य द्धार के आसपास स्वच्छता अभियान चलाया। इस अवसर पर कुटियारा स्कूल के प्रधानाचार्य मनोहर लाल ने एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवकों को स्वच्छता के महत्व पर जागरूक किया। उन्होंने छात्रों को साफ सफाई एवं जल के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। प्रधानाचार्य ने बताया कि स्वच्छता से अनेक बीमारियों को दूर भगाया जा सकता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि स्वच्छता को अपनाकर स्वस्थ एवं जागरूक समाज का निर्माण करें। इस स्वच्छता अभियान में एनसीसी ऑफिसर नरेश ठाकुर, एनएसएस प्रभारी प्रभात चन्द, अजय सिंह, सुरेंद्र कुमार, अनिल कुमार ,सुशील कुमार, शिखा सहित अन्य अध्यापकों ने भाग लिया।
Massive fire broke out in the fire cracker packing factory in Una's Gurpalah in the Tahliwal Industrial Area. In the incident, 6 workers were caught on fire and charred to death. Also, according to the SP reports, around 12 people were injured and immediately rushed to the Una regional hospital. SP Una Arjit Sen along with the fire department officials were present on the spot soon after the incident took place. He said the cause of the fire is being investigated.
केंद्रीय विद्यालय नलेटी में स्काउट एंड गाइड विश्व चिंतन दिवस धूमधाम से मनाया गया | इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या स्वाति अग्रवाल मुख्य अतिथि रही। सबसे पूर्व प्राथमिक विभाग की लड़कियों ने बुलबुल घेरा बनाकर तथा गीत गाकर मुख्य अतिथि महोदया का स्वागत किया। इसके पश्चात् विद्यालय की संगीत शिक्षिका रीना कुमारी ने स्कार्फ़ पहनाकर मुख्य अतिथि का स्काउट - गाइड मुहिम में स्वागत किया। प्रधानाचार्या ने स्काउट - गाइड के संस्थापक लॉर्ड बेडन पावेल की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए तथा बच्चों को स्काउट - गाइड मुहिम में शामिल होने और समाज में भलाई के कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद सर्वधर्म प्रार्थना की गई, जिससे बच्चों को सभी धर्मों का सम्मान करने की प्रेरणा मिली।
डाडा सीबा के 25 वर्षीय आशीष भाटिया ने यूजीसी नेट परीक्षा पास करके क्षेत्र में अपने रिजल्ट का लोहा मनवाया है। आशीष भाटिया ने बताया कि हाल ही में उनका यह रिजल्ट आया जिसमें वह पास हुए हैं। आशीष भाटिया ने अपनी 10वीं एवं 12वीं की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाडा सीबा से की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई ढलियारा कॉलेज से की है। इस परीक्षा को पास करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की जिसकी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता धर्म चन्द और माता चम्पा देवी को दिया है। 25 वर्षीय आशीष की इस सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ उठी है।
उपमंडल सरकाघाट की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कशमैला, मंडी में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर मंगलवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान लता ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं, वहीं स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान राकेश कुमार इस अवसर पर उपस्थित रहे। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी राकेश कुमार गुलेरिया (प्रवक्ता इतिहास) ने बताया कि इस शिविर में पाठशाला के 24 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया तथा इस सात दिवसीय शिविर में एनएसएस स्वयंसेवकों ने पाठशाला परिसर की साफ-सफाई की तथा पाठशाला भवन के पीछे भूस्खलन के कारण गिरे मलबे को उठाया और पाठशाला की इको क्लब वाटिका का निर्माण किया। कैंप के दौरान स्थानीय ग्राम खल्याणा के रास्तों और जल स्रोतों की साफ सफाई भी की गई। पाठशाला प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि इस शिविर के सफल आयोजन में स्थानीय ग्राम वासियों और स्कूल प्रबंधन समिति का भरपूर सहयोग रहा उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए मुख्य अतिथि महोदय ने इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों को इनाम वितरित किए और इस शिविर के सफल आयोजन के लिए स्कूल प्रबंधन और एनएसएस स्वयंसेवकों को बधाई दी। इस समारोह में कार्यक्रम अधिकारी मीना देवी प्रवक्ता हिंदी एवं समस्त अध्यापक सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से मीडिया प्रभारी व ब्लॉक युवा कांग्रेस के महासचिव राहुल शान्टा को जिला कांग्रेस कमेटी शिमला (ग्रामीण) अनुसूचित जाति विभाग का जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव यशपाल तनैईक ने आधिकारिक तौर पर राहुल शान्टा की नियुक्ति के आदेश जारी किए। राहुल शान्टा कोटखाई की दरकोटी पंचायत से संबंध रखते हैं और समाज सेवा के साथ कई वर्षों से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय रूप से कई पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।
नरेंद्र। जयसिंहपुर उपमंडल के तहत हारसी में वॉलीबॉल टूर्नामेंट प्रतियोगिता का आज समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में 10 टीमों ने अपनी भाग्यदारी सुनिश्चित की। प्रतियोगिता का फ़ाइनल मुकाबला त्रिवेणी महादेव और उटपुर की बीच खेला गया।फ़ाइनल मुकाबला बहुत ही रोमांटिक भरा रहा, जिसमें त्रिवेणी महादेव फ़ाइनल मुकाबले में विजय रही। विजेता टीम को 5100 रूपए ट्रॉफी और उप विजेता टीम को 3100 रूपए ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर में तीन घंटे के लिए बैठे और जनता की समस्याओं को सुना। ऊर्जा मंत्री से प्रदेश के 78 लोग और चार प्रतिनिधिमंडल भी मिले। इस अवसर पर कई प्रकार की समस्याएं मंत्री के समक्ष आईं, जिसको उन्होंने उसी समय निपटाया। कसुंपटी मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने ट्रांसफार्मर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदले जाने की मांग रखी, जिसको मंत्री ने स्वीकारा। इसी प्रकार से प्रदेश भर में बिजली की लाइन शिफ्ट करने की भी सिफारिश सामने आई और प्रमोशन व ट्रांसफर की भी कई मांगे सुखराम चौधरी के समक्ष उठाई गईं। सुखराम चौधरी ने कहा की मंत्रियों के प्रदेश कार्यालय में बैठने से कार्यकर्ताओं और जनता के बीच संवाद बढ़ता है। इस प्रयास से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचालन हो रहा है।
रंजीत सिंह । कुनिहार कुनिहार के प्राचीन शिव तांडव गुफा में शिवरात्रि के उपलक्ष्य पर शिव महापुराण कथा का आयोजन शिव तांडव गुफा समिति व शंभु परिवार के द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कथा के चतुर्थ दिवस में कथावाचक नागेश कपिल ने अपनी मधुर एवं अमृत मई वाणी से प्रवचन रूपी अमृत की ज्ञान गंगा प्रवाहित करते हुए सभी से आह्वान किया की एक साधक को चाहिए वह अपने को शरीर, इंद्रिय, मन व बुद्धि का स्वामी मानकर उनके वश में न हो, बल्कि इंद्रियों को पतन कारक तथा अनावश्यक उनके मनमानी विषयों में जाने से रोक करके उसमें रहे हुए राग द्वेष से उन्हें छुड़ा करके मन को वश में करें और बुद्धि को एक मात्र परमात्मा निष्ठ निश्चय आत्मा बना करके परमात्मा में स्थिर कर दें। ऐसा हो जाने पर तो मन इंद्रियों के द्वारा होने वाले सभी कार्य सहज ही भगवत कार्य बन ही जाएंगे, परंतु इसके पहले साधन काल में भी इस आदर्श के अनुसार साधना करने से चित को प्रसन्नता एवं निर्मलता प्राप्त हो जाती है। उन्होंने अपने कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि संसार में कोई भी काम संपन्न करने के लिए मनुष्य को परमात्मा का सहारा और सहयोग चाहिए। नर और नारायण के संयुक्त प्रयासों से ही संसार का कारोबार चलता है और विकास होता है। मनुष्य और भगवान के बीच काम के बंटवारे का यही नियम है कि जिस काम की योग्यता मनुष्य में है, उसे मनुष्य को स्वयं ही करना चाहिए या किसी अन्य मनुष्य से करवाना चाहिए। भगवान को उसी काम के लिए कष्ट देना चाहिए, जो हम खुद ना कर सकें, जो हमारी सामर्थ्य से बाहर हो, मनुष्य जब अपनी भूमिका पूरी तरह निभा देता है, तो भगवान से यही उसकी मदद करता है। परमात्मा के रूप में सदा काम में लगे रहते हैं। यद्यपि इन तीनों लोकों में कुछ भी कर्तव्य नहीं है। वहीं, समिति के अध्यक्ष रामरतन तनवर ने बताया कि कथा के उपरांत हर रोज नारायण सेवा के रूप में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ पुरानी पेंशन योजना बहाली को लेकर 23 फरवरी से 'चलो शिमला पदयात्रा शुरू करने जा रहा है। यह पदयात्रा तीन मार्च को शिमला पहुंचेगी। इसके बाद विधानसभा में एक लाख कर्मी घेराव करेंगे। राज्य प्रैस सचिव अजय बन्याल ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली का मुददा अब जन आंदोलन बन चुका है। प्रदेश सरकार ने धर्मशाला विधानसभा सत्र के दौरान पुरानी पेंशन बहाली को लेकर एक कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन आज तक उस कमेटी का गठन प्रदेश सरकार नहीं कर पाई है। न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगा, जब तक प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती है। एक कर्मचारी 25 से 30 वर्ष तक सरकारी सेवाएं देता है, तो पुरानी पेंशन के योग्य नहीं रहता है, लेकिन एक चुना हुआ प्रतिनिधि कई पेंशन लेने के योग्य हो जाते हैं। अगर सरकारों को न्यू पेंशन स्कीम इतनी ही सही लगती है, तो स्वयं को भी न्यू पेंशन में शामिल करें। अन्यथा पुरानी पेंशन बहाली करके जन भावनाओं की कद्र करें। राज्य प्रैस सचिव अजय बन्याल ने बताया कि 'चलो शिमला घेराव में प्रदेश के हर कोने से कर्मचारी हिस्सा लेने वाले हैं। पदयात्रा और 'चलो शिमला की तैयारियों को लेकर ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर की ईकाईयों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पदयात्रा की अगुवाई न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर करेंगे। इसके साथ ही संबंधित ब्लॉक के पदाधिकारी इस पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। पदयात्रा का रूट 23 फरवरी को मंडी के सेरी मंच से शुरू होगी, जोकि पहले दिन जवाहर पार्क में पहुंचेगी और कुल 20 किलोमीटर की दूरी तक करने के बाद यहीं पर रात्रि ठहराव होगा। दूसरा दिन 24 फरवरी 2022 जवाहर पार्क से पदयात्रा दूसरे दिन चलेगी और 23 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद सलापड़ पहुंचेगी। रात्रि ठहराव सलापड़ में होगा। तीसरा दिन 25 फरवरी 2022 तीसरे दिन पदयात्रा सलापड़ से चलेगी और बिलासपुर के सुंगल में 20 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचेगी। रात्रि ठहराव सुंगल में होगा। चौथा दिन 26 फरवरी 2022 चौथे दिन सुंगल से पदयात्रा जिला बिलासपुर के नम्होल में 22 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद पहुंचेगी। रात्रि ठहराव नम्होल में ही होगा। पांचवे दिन 27 फरवरी 2022 नम्होल से पदयात्रा शुरू होते हुए जिला सोलन के दाड़लाघाट में 15 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद पहुंचेगी। रात्रि ठहराव दाड़लाघाट में होगा। छठे दिन 28 फरवरी 2022 छठे दिन पदयात्रा दाड़लाघाट से शुरू होते हुए जिला सोलन के गलोग में 18 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचेगी। रात्रि ठहराव गलोग में होगा। सातवां दिन 1 मार्च 2022 सातवें दिन पदयात्र गलोग से शुरू होकर जिला शिमला के घनाहटटी में 10 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचेगी। रात्रि ठहराव घनाहटटी में ही होगा। आठवें दिन 2 मार्च 2022 आठवें दिन पदयात्रा घनाहटटी से शुरू होते हुए 10 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद टूटू पहुंचेगी। और रात्रि ठहराव टूटू में ही होगा। नौवें दिन 3 मार्च 2022 पदयात्रा टूटू से शुरू होकर विधानसभा तक पहुंचेगी। जहां पर विधानसभा के बाहर प्रर्दशन किया जाएगा। सोशल मीडिया की मदद से जन जन तक पहुंचाएंगे पदयात्रा और घेराव न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के फैसला किया कि 23 फरवरी से शुरू होने वाली पदयात्रा को लाइव सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर दिखाया जाएगा। जिसमें फेसबुक, टवीटर, इंस्टाग्राम, यूटयूब मुख्य रूप से शामिल होंगे। न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ की आईटी टीम ने पदयात्रा और घेराव को लेकर अपनी बैठकें शुरू कर दी हैं। गूगल मीट के माध्यम से बैठकों को आयोजन हो रहा है। आईटी इंचार्ज पंकज शर्मा, आईटी इंचार्ज अल्का गिल और आईटी इंचार्ज पवन ठाकुर प्रचार-प्रसार की पूरी रणनीति बना रहे हैं। महासंघ के हर सदस्य पदयात्रा और घेराव से जड़ी पोस्टें सांझा करेगा। ताकि जन-जन तक आंदोलन पहुंच सके।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पलौहड़ा की वोकेशनल टीम का तीन दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हो गया। इसके तहत वोकेशनल विषय के विद्यार्थियों ने टूर गाइड बनने के अलावा, टेलीकॉम, फूड प्रेपरेशन और संचार प्रक्रिया की बारीकियां जानी। स्कूल प्रधानाचार्य मोहिंद्र पठानिया ने बताया कि वोकेशनल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूल में कंप्यूटर शिक्षा के साथ टूरिज्म एवं कम्युनिकेशन विषय की पढ़ाई भी करवाई जाती है। वहीं, टूरिज्म प्रवक्ता सुनील शर्मा और कम्युनिकेशन प्रवक्ता गोविंद लाबरा का कहना है कि स्कूल में बच्चों का स्किल डिवेल्पमेंट पर विशेष लेक्चर आयोजित करवाए जाते हैं। बच्चों को व्यवसायिक क्रम से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम से जोड़ा गया और इन बच्चों को जवाली के ही बीएम होटल ले जाकर खाना बनाने से लेकर परोसन तक की कला से अवगत करवाया गया। इसके अलावा ऑपटिकल फाइवर की जानकारी भी बच्चों को दी गई। इस मौके पर कंपनी संचालक अजय कुमार और नीरज गुलेरिया ने भी बच्चों को टूर प्रबंधन व कम्युनिकेशन की जानकारी दी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। रिकांगपिओ उड़ान समाज सेवा किन्नौर द्वारा नेहरू युवा केंद्र के सौजन्य से यूथ वैलनेस पॉजिटिव लाईफ स्टाईल एंड फिट इंडिया कार्यक्रम का आयोजन राजकीय उच्च विद्यालय बरी में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अध्यापक बलवीर सिंह नेगी बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से फूल कुमारी, पुलिस प्रशासन व सभी अध्यापक गण मौजूद रहे। इस दौरान उप प्रधान बिमला देवी ने टोपी व खतक पनाह कर मुख्यातिथियों का स्वागत किया। अध्यक्ष उड़ान समाजसेवा किन्नौर हरविंदर सिंह ने युवाओं व विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन, लक्ष्य के प्रति सकारात्मक विचार धारा व नशे जैसे ज़हर से दूर रहने का आह्वान किया, जबकि मुख्यातिथि बलवीर सिंह नेगी ने अपने जीवन के अनुभव को साझा कर युवाओं को लक्ष्य हासिल करने तक हार न मानने की प्रेरणा दी। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोरोना जैसे महामारी से स्वयं को बचाने व पुलिस विभाग के अधिकारियों ने लगातार बढ़ रहे नशे से दूर रहकर व समाज को जागरूक करने का आह्वान किया उड़ान समाज सेवा किन्नौर के उपप्रधान बिमला देवी, कुलदीप नेगी, भागी राम, संतराम व लक्ष्मी देवी ने नेहरू युवा केंद्र इस प्रकार के कार्यक्रम को करवाने के लिए धन्यवाद किया।
वाणिज्य एवं प्रबंधन समिति एवं अर्थशास्त्र विभाग द्वारा किया गया कार्यक्रम मनाेज कुमार। कांगड़ा अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय तकीपुर में 'केंद्रीय बजट 2022- 23' पर सेमिनार का आयोजन वाणिज्य एवं प्रबंधन समिति एवं अर्थशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। सेमिनार का शुभारंभ करते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एनएन शर्मा ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए छात्रों को इस प्रतियोगी युग में उनके सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन को मील पत्थर बताया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि डॉ मंजीत सिंह, सहायक प्रोफेसर गवर्नमेंट कॉलेज नगरोटा बगवां थे। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय बजट के सभी पक्षों सामाजिक, आर्थिक और विकास के लिए केंद्र सरकार की दूरदर्शिता से अभिहित करवाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्रणाली पर विस्तृत व्याख्यान दिया और बताया कि किन-किन तरीकों से सरकार को राजस्व आय होने की संभावना है। इस अवसर पर बी.कॉम के छात्र राहुल ने बजट के विभिन्न बिंदुओं पर अपने विचार रखे, प्राचार्य डॉ एनएन शर्मा ने छात्र की सराहना करते हुए राहुल को बेस्ट ओरेटर अवार्ड से सम्मानित कर प्रेरणा संदेश दिया तथा आह्वान किया की छात्र-छात्राओं को अपने संसाधनों के अनुरूप व्यावहारिक होते हुए पूर्ण लगन के साथ कृत संकल्प होकर अपने उद्देश्य की प्राप्ति हेतु कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। मंच संचालन एवं कार्यक्रम का संयोजन डॉ स्नेह लता ने किया। सेमिनार के मुख्य संयोजक डॉ. भगवान दास तथा सह संयोजक प्रोफेसर पवन धीमान तथा सभी प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी अर्की में सात दिवसीय एनएसएस शिविर के तीसरे दिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित हुईं। शिविर में स्वयंसेवकों ने परिसर की सफाई की तथा विद्यालय प्रांगण को सजाया। सत्र में एसएमसी अध्यक्ष टेकचंद शर्मा रहे। इस सत्र में एनएसएस प्रभारी हेमलता द्वारा मंच संचालन किया गया। प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता ने टेकचंद शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। भूपेंद्र गुप्ता ने कहा की हमें अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहना चाहिए। विद्यार्थी जीवन अमूल्य होता है। इस जीवन में मानव अपने इर्द-गिर्द के सभी अनुभवों को मिलाकर एक सफल जीवन की शुरुआत करता है। हमें सर्वदा निष्ठा एवं ईमानदारी से अपना कार्य करते रहना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में अपनी सूझबूझ से रास्ता निकाल कर अपनी मंजिल तक पहुंचना चाहिए। व्यक्तित्व विकास की ओर हमारा विशेष अवधान रहना चाहिए। उन्होंने बताया की कोविड-19 के कारण इस विशेष शिविर में बहुत सी सावधानियां बरती जा रही हंै। अत: सभी छात्रों को न केवल शैक्षणिक अपितु सामुदायिक कार्यों का अनुभव भी प्राप्त हो, ऐसा प्रयास किया जा रहा है। एसएमसी अध्यक्ष टेकचंद शर्मा का अभिवादन किया।टेकचंद शर्मा ने छात्रों को अध्ययन एवं जीवन की सभी विकट परिस्थितियों के लिए तैयार होना तथा दृढ़ संकल्प रखना सिखाया। उन्होंने बताया कि कोई भी कार्य सरलता से हो जाए, ऐसा आवश्यक नहीं है, परंतु कार्य करने की ललक, कार्य पूर्ति की योजना एवं मन का साहस अत्यंत आवश्यक होता है। व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए कुछ आवश्यक बिंदुओं को बच्चों के साथ साझा किया। एनएसएस प्रभारी दिनेश कुमार ने टेकचंद शर्मा का धन्यवाद किया। इस अवसर पर विद्यालय के अन्य अध्यापक एवं एसएमसी सदस्य उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी केंद्र नवगांव में गर्भवती महिला की गोदभराई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान खानपान का खास ख्याल रखने के बारे में बताया गया। रंगोली व पारंपरिक मंगलगीत के साथ गर्भवती महिला की गोद भराई की रस्म पूरी की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उषा ने बताया कि गर्भवती महिला को माला पहनाकर, गोद में नारियल रखकर और मंगलगीत के बीच महिला को मिष्ठान खिलाकर गोद भराई से संबंधित हर रस्म निभाई गई। गर्भवती महिला एवं उनके साथ आए रिश्तेदारों को सुरक्षित प्रसव के लिए बरती जाने वाली सावधानियां और सुरक्षित प्रसव अस्पताल में कराने के बारे में जानकारी दी। सहायिका दामोदरी, स्वास्थ्य सखी सीता व आशा कार्यकर्ता सरजमोनी ने भी अहम जानकारियां दीं। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऊषा, सहायिका दामोदरी, स्वास्थ्य सखी सीता,आशा कार्यकर्ता सरजमोनी,मीना,उषा,भावना, सुनीता, हरदेई, विमला, कमला, रीता, तनु, राधा, सावित्री,यामिनी व आरती सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
प्रतिमा राणा / पालमपुर हिमानी क्लव चचियां में कबड्डी की प्रतियोगिता करवाई गई, जिसके समापन पर मुख्यातिथि के रूप में पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल पहुंचे। कबड्डी का फाइनल मैच बोधा और हिमानी युवा क्लव के बीच हुआ, जिसमें हिमानी युवा क्लव की टीम विजेता रही। विधायक आशीष बुटेल ने जितने वाली टीम को बधाई दी और संदेश दिया की युवा नशे से दूर रहकर पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अपनी रुचि बनाएं। हिमानी युवा क्लव के प्रधान और कबड्डी मैच के आयोजक शुखदेव को अपनी और से 15000 की धन राशि दी। इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष त्रिलोक चंद और अमित धीमान मौजूद रहे।
मनोज कुमार/कांगड़ा पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार ने मेरे समय काल की बनी नौ सड़कों को वन विभाग से 15 साल के बाद इजाजत दिलवाई। विकास के दिग्गज नेताओं ने कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के मजबूत कार्यकर्ताओं के साथ विकास की चर्चा व राजनीतिक रूप रेखा बनाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि दस साल के मौजूदा विधायक का कार्यकाल, काला अध्याय है, विधायक को जनता बदलना चाहती है। इस मौके पर रजियाणा खास के प्रधान हंसराज, उप प्रधान राजेश कुमार, डा. साहिब सिंह दबकू, कांगड़ा भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष राजेश कुमार, भाजयुमो मोर्चा के अध्यक्ष राकेश कुमार, प्रदीप कोंडल, शमशेर सिंह, मेहर चंद, शामिल रहे। जिन सड़कों को मुख्यमंत्री ने वन विभाग से इजाजत दिलवाई है,जैसे : लिंक रोड बंदला से रसूह चौंक, लिंक रोड कालका माता से कपाडय़िा बाई चिलबई, भारथा द्रोबिया सड़क, ग्राम पंचायत गाहलियां राढ बस्ती पंतेहड़ सड़क, लिंक रोड पंचायत पलेरा विल गलूआ नगई टल्ला हरिजन बस्ती, लिंक रोड रुहालकड़ भाटी से मोहाल रुहालकड, फ्रीडम फाइटर सूरम सिंह पड्डा के घर से लेकर संध से बोहडक्वालू, जलाड़ी जन्यानकड़ से जटैहड़ संगम तक, जन्यानकड़ से ओल्ड डिस्पेंसरी तक, यह सब सड़कें मेरे समय काल में निकली हुई हैं।
मनाली-लेह मार्ग पर अब आधुनिक तकनीक से बर्फ को हटाया जाएगा। इसके लिए बीआरओ ने अब अमेरिकन स्नो कटर कोडिएक को सड़कों पर उतार दिया है। इस कटर की ख़ास बात यह है की यह बर्फ को दोगुनी स्पीड से बर्फ को साफ़ करेगा। बता दें की मनाली -लेह मार्ग पर अधिक बर्फ गिरने से मार्ग को खोलने में बीआरओ को काफी मुशकत करनी पड़ी है , लेकिन अब बीआरओ ने आधुनिक मशीनों से बर्फ को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार अमेरिकन स्नो कटर एक घंटे में पांच हजार टन बर्फ हटाने की क्षमता रखता है। जानकारी के अनुसार जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में करीब 300 किलोमीटर सड़क का दायरा बीआरओ के अधीन है। इसे समय-समय पर बहाल करना पड़ता है। इसमें सामरिक महत्व का 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह मार्ग और ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग भी शामिल है। सीमा सड़क संगठन ने इस बार मार्च के बजाए फरवरी में लाहौल के अंतिम गांव दारचा से आगे बारालाचा और सरचू की तरफ बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। इस बार अधिक बर्फ गिरने के चलते बीआरओ को बर्फ हटाने के लिए काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है की यातायात के लिए मनाली-लेह मार्ग मई तक बहाल हो सकता है। 15 दिसंबर 2021 से बंद है मार्ग -- मनाली-लेह मार्ग यह मार्ग 15 दिसंबर 2021 से बंद है। अब मौसम खुलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने दारचा से लेह मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है। दारचा से बारालाचा की तरफ बर्फ हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मनाली-लेह मार्ग के अलावा लाहौल घाटी के भीतर सड़कों के किनारे लगे बर्फ के ढेरों को भी हटाया जा रहा है।
मनोज कुमार/कांगड़ा विधायक पवन काजल ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई, बेरोजगारी और क्षेत्र के विकास में भेदभाव को लेकर वह विधानसभा चुनाव में जनता से समर्थन मांगेंगे। आपका विधायक आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधायक पवन काजल ने ग्राम पंचायत मेहरना, खडियाड़ा, त्रेबलां में जनता की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में स्वीकृत 25 करोड़ रुपए की पेयजल योजना का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और इससे लगभग एक दर्जन गांवों के बाशिंदों जिसमें मेहरना, खडियाड़ा व त्रैबलां के लोगों को 24 घंटे पीने का पानी मुहैया करवाया जाएगा। पूर्व कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए गगल में 12 करोड़ और भूमि आईटी पार्क के निर्माण को मंजूर की है, लेकिन मौजूदा डबल इंजन सरकार इस आईटी पार्क का निर्माण न करवाकर क्षेत्र के बेरोजगारों से अन्याय कर रही है। आईटी पार्क के निर्माण से लगभग पांच हजार बेरोजगारों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। क्षेत्र के भाजपा नेताओं को इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़कर जनहित में आईटी पार्क का निर्माण करवाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत में विधायक निधि से 20 लाख के विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं और गांव के श्मशान घाट तक सड़क निर्माण करवाया जा रहा है। काजल ने गांव के पांच महिला मंडलों को दस-दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की। इस मौके पर पंचायत के राजेन्द्र कुमार प्रधान, बाबू राम उप प्रधान, निशा देवी पंच, रेखा कुमारी पंच, अनिल कुमार पंच, मोनिका पंच, विक्रमा देवी, लज्या देवी, उषा देवी, राधा देवी, रविन्द्र कुमार प्रधान भडियाडा, मनोहर लाल उप प्रधान भडियाडा, कल्याण सिंह, मंगत राम, बिहारी लाल, सुभाष चंद, मेहर सिंह व अंजना देवी भी उपस्थित रहे।
40 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने की तैयारी कर रहा हमीरपुर डिपो फर्स्ट वर्डिक्ट , हमीरपुर हिमाचल में प्रदूषण न फैले इसके लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने योजना तैयार की है । इसके लिए एचआरटीसी के हमीरपुर डिपो ने सरकार से 40 रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलने की मांग की है। बताया जा रहा है की डिपो ने इन बसों को चलाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है। बता दें की प्रदेश के कुछ ज़िलों में अभी ये इलेक्ट्रिक बसें चल रही है। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो ने जिले के 40 विभिन्न रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना तैयार की है। इस बारे में हमीरपुर एचआरटीसी प्रबंधन ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यदि सरकार से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो शीघ्र ही जिले की सड़कों पर धुआं और ध्वनि रहित इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती हुई नजर आएंगी। इन इलेक्ट्रिक बसों की सबसे खास बात यह है की इन बसों को चलने से प्रदूषण नहीं फैलेगा व डीजल वाहनों की तुलना में एचआरटीसी को भी मुनाफा होगा। इसके लिए हमीरपुर में चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाने की योजना है । बता दें वर्तमान में हमीरपुर डिपो के पास कुल 149 बसें हैं। जो 186 विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। इसमें 49 बसें जेएनयूआरएम की भी शामिल हैं। इसके अलावा दो इलेक्ट्रिक मैक्सी कैब हैं, जो लोकल रूटों पर सेवाएं दे रही हैं।
देश विदेश से पर्यटन नगरी मनाली घूमने आने वाले पर्यटकों को अब ग्रीन टैक्स बैरियर पर कई घंटों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब मनाली पर्यटन विकास परिषद के साथ मिलकर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने फास्टैग से ग्रीन टैक्स भुगताने की सुविधा शुरू कर दी है। इससे इस बैरियर पर लंबे जाम से राहत मिलेगी और वाहन चालकों और पर्यटकों का समय भी बचेगा। खास बात यह है की फास्टैग का उपयोग करके ग्रीन टैक्स का भुगतान सुविधा शुरू करने वाला मनाली देश का पहला शहर है। देश में अब तक फास्टैग बैलेंस का इस्तेमाल टोल, ईंधन और पार्किंग शुल्क के भुगतान के लिए किया जाता रहा है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को पर्यटन विकास परिषद मनाली ने अधिग्रहणकर्ता बैंक के रूप में चुना है।बता दें कि हिमाचल प्रदेश में हर महीने 50 लाख पर्यटक देश विदेश से घूमने के लिए आते है, यह सुविधा मिलने के बाद अब पर्यटकों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जाम से मिलेगी राहत -- ग्रीन टैक्स बैरियर पर फास्टैग से ग्रीन टैक्स का भुगतान होने से अब लोगों को जाम से निजात मिलेगी। बता दें की अभी तक मनाली आने वाले अन्य राज्यों में रजिसट्रर्ड वाहनों से ग्रीन टैक्स लिया जाता है। पर्ची सिस्टम होने से पहले इसमें काफी समय लगता था। इससे इस ग्रीन टैक्स बैरियर पर जाम लग जाता था। दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड मोटरसाइकिल पर 100 रुपये, कार पर 200, स्कॉर्पियो पर 300 और बसों पर 500 रुपये ग्रीन टैक्स लगता है। 60 लाख फास्टैग जारी -- आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 400 से अधिक टोल प्लाजा को सेवा देने वाला सबसे बड़ा अधिग्रहणकर्ता है और उसने करीब 60 लाख फास्टैग जारी किए हैं। इनकी मदद से प्रतिदिन औसतन लगभग 20 लाख का लेन-देन किया जाता है। फास्टैग प्रोग्राम को संयुक्त रूप से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा सभी राष्ट्रीय राजमार्ग प्लाजा पर टोल किराया स्वीकार करने के माध्यम के रूप में लॉन्च किया गया था।
प्रदेश में विलुप्त होती जड़ी बूटियों की पहचान करना अब आसान होगा , इसके लिए मंडी के जंजैहली घाटी के भूलाह में एक करोड़ की लागत से राज्य का पहला जैव विविधता पार्क तैयार किया गया है। ख़ास बात यह है की वादी-ए-भूलाह में प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश के शोधकर्ताओं, पर्यटकों और हिमालय की विलुप्त होती जड़ी-बूटियों के संरक्षण में अपना योगदान देंगे । प्रदेश का पहला बायोडायवर्सिटी पार्क (जैव विविधता उद्यान) हिमालय की विलुप्त होती जड़ी-बूटियों के संरक्षण के साथ-साथ शोधकर्ताओं व पर्यटकों के लिए भी वरदान साबित होगा। बता दें की राज्य के इस पहले जैव विविधता पार्क को हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा नेशनल मिशन आन हिमालयन स्टडीज प्रोजेक्ट के अन्तर्गत बनाया गया है। यह राज्य का पहला पार्क है जिसमें विलुप्त होती जड़ी-बूटियों को संरक्षित करने पर बल दिया गया है। पार्क को पयर्टन गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ शोधकर्ताओं के लिए हिमालय में पाई जाने वाली विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों (हर्बल प्लांट्स) पर शोध करने के नए मौके देने के लिए भी तैयार किया गया है जो विलुप्त होने के कगार पर है। पार्क में प्रदर्शन के लिए पहाड़ों में विलुप्त हो रही जड़ी-बूटियों की हर्बल नर्सरी तैयार की गई है। इस नर्सरी में नाग छतरी, धूप, कडू, सर्पगंधा, चिरायता, टैक्स, बर्बरी, चैरा, पठानबेल, पत्थर चटा, भूतकेसी, न्यार, मुश्कवाला, वण, अजवायण, कूठ व वर्रे, संसरपाली, डोरी घास, रतन जोत, अतीश पतीश, वन ककड़ी, शिंगली मिगली, जगली लहसुन, डुंगतली, इत्यादि जड़ी बूटियां प्रदर्शित की गई है। यहां देश-विदेश का कोई भी शोधकर्ता इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर अपना शोध कार्य कर सकता है। इसके अतिरिक्त हर उस जड़ी बूटी पर भी खोज कार्य किया जा सकेगी, जिनकी अभी तक कोई पहचान नहीं हो पाई है। इस हर्बल नर्सरी में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 1200 पौधे शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र में स्थापित गए राज्य के पहले इस अनूठे पार्क को 5 हेक्टेयर यानि 60 बीघा से अधिक भूमि पर तैयार किया गया है। यहां शोधकर्ताओं के लिए विभिन्न मूलभूत सुविधाएं भी जुटाई गई हैं। भूलाह की सुंदर वादियों में स्थापित इस पार्क को चारों ओर से बाड़बंदी कर सुरक्षित बनाया गया है। एनएमएचएस प्रोजेक्ट के विभिन्न कार्य लगभग 15 हेक्टेयर भूमि पर किए गए है। शोधकर्ताओं व पर्यटकों के लिए एम्फी थियेटर--- यहां आने वाले शोधकर्ताओं व पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क में एम्फी थियेटर भी बनाया गया है, जहां पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाली जड़ी बूटियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। पार्क में देश-विदेश से आने वाले शोधकर्ताओं के लिए रहने खाने की व्यवस्था के लिए दो लाॅग हट भी निर्मित किए गए है। इसके अलावा दो लाॅग्स हट, वाॅटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, इंटरनल टैंक, 5 किलो वाट बिजली तैयार करने वाला प्रोजेक्ट, एम्फी थिएटर, पक्षियों के घोंसले, हर्बल नर्सरी, फूट ब्रिज व बिक्री केंद्र इत्यादि तैयार किया गया है। पर्यटकों के लिए पार्क में दो ट्री-हट भी तैयार किए गए हैं, जहां से वे पार्क सहित अन्य रमणीक स्थलों को निहार सकते हैं। इसके अलावा लगभग 2 किमी की दूरी तक नेचर ट्रेल्स बनाई गई हंै। 25 फीट ऊंची व 160 मीटर लंबी ट्री-वाॅक तैयार की गई है। इसके अलावा सात फुट ब्रिज बनाए गए हैं। पार्क के साथ लगते टैक्सस के जंगल में शोधकर्ताओं के लिए इंटरनल ट्रैक बनाया गया है, जिसमें वे आसानी से घूम कर अपना रिसर्च कार्य कर सकते हैं।
भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन पर्व महाशिवरात्रि विश्व भर में मनाया जाता है, मगर छोटी काशी मंडी शहर की शिवरात्रि का अंदाज ही अनूठा है। यहां सात दिवसीय महाशिवरात्रि उत्सव मनाया जाता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मेले का तमगा प्राप्त है। ये सात दिन श्रद्धा और भक्ति से सराबोर होते है और लाखों श्रद्धालु इस उत्सव में भाग लेने पहुँचते है। शिवरात्रि के साथ ही हिमाचल प्रदेश में साल भर चलने वाले मेलों की शुरुआत होती है। मंडी नगरी में पावन शिवरात्रि पर्व से जुड़ी एक कथा भी है। इसके अनुसार पर्वतराज हिमालय की पुत्री माता पार्वती को विदा कर ले जाते समय भगवान शिव को संसार का ध्यान आया तो वे बारातियों के साथ ही नई नवेली दुलहन को वहीं छोड़ कर तपस्या में लीन हो गए। शिव के न लौटने पर माता पार्वती विलाप करने लगी, जिसे सुनकर एक पुरोहित आगे आया। फिर भगवान शिव का आह्वान करने के लिए मंडप की स्थापना कराई गई। मंडप में प्रकट होकर भगवान शिव ने पूछा कि उन्हें क्यों बुलाया गया है, तो पुरोहित ने कहा कि आपकी याद में रोते-रोते पार्वती सो गई हैं। तभी से इस स्थान का नाम मंडप से मांडव्य और फिर मंडी पड़ा। माना जाता है कि पंद्रहवीं शताब्दी में राजा अजबर सेन ने बटोहली से अपनी राजधानी ब्यास नदी के उस पार स्थापित की थी। संभवत: इसी दौरान महाशिवरात्रि के पर्व का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में इसे दो दिन के लोकोत्सव के रूप में मनाया जाता था, जिसमें मंडी जनपद के लोक देवताओं की भागीदारी रहती थी। फिर सोलहवीं सदी के दौरान राजा सूरज सेन ने मंडी शिवरात्रि में जनपद के देवी-देवताओं को आमंत्रित करने और एक सप्ताह तक मेहमान बनाकर रखने की परंपरा भी डाली। तब से ये परंपरा चली आ रही है। सुकेत रियासत की सातवीं पीढ़ी से जुड़ा है मंडी का इतिहास : मंडी रियासत का इतिहास सुकेत रियासत की सातवीं पीढ़ी से प्रारंभ होता है, जब राजा साहूसेन के छोटे भाई बाहूसेन ने अपने भाई से रूष्ट होकर कुछ विश्वास पात्र सैनिकों को साथ लेकर लोहारा को छोड़कर बल्ह के हाट में अपनी राजधानी बसाई थी। इसी के साथ मंडी रियासत की स्थापना हुई थी। बाहूसेन ने ही हाटेश्वरी माता के मंदिर की स्थापना की थी। इसके बाद वे मंगलौर में जा बसे थे। 1280 ई.में बाणसेन ने मंडी शहर के भियूली में मंडी रियासत की राजधानी स्थपित की, जो बटोहली होते हुए 1527 ई. में अजबर सेन ने बाबा भूतनाथ के मंदिर के साथ ही आधुनिक मंडी शहर की स्थापना की थी। राज देवता माधोराय, बड़ादेव कमरुनाग और बाबा भूतनाथ से है नाता : मंडी शिवरात्रि में शैव मत का प्रतिनिधित्व जहां शहर के अधिष्ठदाता बाबा भूतनाथ करते हैं, तो वैष्णव का प्रतिनिधित्व राज देवता माधोराय और लोक देवताओं की अगुआई बड़ादेव कमरूनाग और देव पराशर करते हैं। इस लोकोत्सव में देवी देवताओं के साथ जनपद के लोगों की भागीदारी भी रहती थी, जो मंडी नगर में माधोराय के अलावा अपने राजा के दर्शन भी करते थे। मेले के दौरान जनपद के देवी-देवता राजदेवता माधोराय के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। यह परंपरा भी राजा सूरज सेन के समय से ही है। शिवरात्रि का शुभारंभ बाबा भूतनाथ और माधोराय के मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ होता है। इसमें सबसे पहले बड़ा देव कमरूनाग मंडी नगर में पहुंचते हैं। इसके पश्चात ही शिवरात्रि के कार्य शुरू होते हैं। राजतंत्र के जमाने से ही राजदेवता माधोराय की जलेब निकलती है। देखने को मिलता है देवी-देवताओं का अनूठा देव समागम : शिवरात्रि मेले के दौरान जनपद के सौ से अधिक देवी-देवता एक सप्ताह तक मंडी नगर में मेहमान बनकर रहते हैं। इस वर्ष 2 से 8 मार्च तक मनाए जाने वाले इस अन्तर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के लिए भी 210 देवी-देवताओं को न्योता प्रशासन के माध्यम से भेजा जा रहा है। इसमें 190 के शिरकत करने की उम्मीद है। मंडी शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवताओं का अनूठा देव समागम अन्यत्र कहीं भी देखने को नहीं मिलता है। इस देव समागम में हिमाचल में पाई जाने वाली देव रथ शैलियों का अवलोकन करने को मिलता है। देव समागम में बैठने वाले देवताओं की वरिष्ठता का विशेष ध्यान रखा जाता है। लोक विश्वास के अनुसार जिस देवता की पालकी पहले बनी है वही वरिष्ठ होता है। राजा हाथी पर सवार होकर जलेब में होता था शामिल : राजशाही के जमाने में राजा हाथी पर सवार होकर जलेब में शामिल होता था। शिवरात्रि की जलेब के कुछ चित्र प्राचीन हवेलियों में देखने को मिलते हैं। सेरी चानणी और घंटाघर के आसपास लगे मेले के दृश्य चित्रित हैं। वहीं पर जलेब देखने उमड़ी भीड़ और रनिवास के झरोखों से रानियों और राजपरिवार से जुड़ी महिलाओं के उत्सुकता से इस भव्य जलेब को देखने के दृश्य भी चित्रित हैं। वहीं इस बार 2 से 8 मार्च तक मनाए जाने वाले इस मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे। वे 2 मार्च को प्रथम जलेब की अगवानी करेंगे। मध्य जलेब 5 मार्च को निकाली जाएगी। तीसरी और अंतिम जलेब में 8 मार्च को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर शामिल होंगे। 50 साल के सफर को दिखाया जायेगा : दो मार्च से आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी का स्वरूप इस वर्ष कुछ अलग देखने को मिलेगा। शिवरात्रि मेले में आने वाले लाखों लोग शिवरात्रि मेले के सफर से भी रूबरू होंगे। फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से जहां शिवरात्रि मेले के 50 साल के सफर को प्राचीन चित्रों से दिखाया जाएगा। इस वर्ष जत्थों में निकलेगी जलेब : इस वर्ष शिवरात्रि महोत्सव में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों की टीमें भाग लेंगी। वहीं, सांस्कृतिक संध्याएं बहुत ही सीमित होंगी। इनमें केवल स्थानीय कलाकार बुलाए जाएंगे। बॉलीवुड या पंजाब से इस बार कलाकारों को नहीं बुलाया जाएगा। मेले के दौरान लगने वाली देश-विदेश की प्रदर्शनियां और स्टॉल भी नहीं लगेंगे। यहां पर केवल हिमाचली प्रदर्शनियां और स्टॉल ही लगाए जाएंगे। इस वर्ष शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवताओं की पहचान पगड़ियों के रंगों से हो सकेगी। हर देवी-देवता के 10 कारदारों को विशेष रंग की पगड़ियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही पड्डल में देवी-देवताओं के बैठने के लिए विशेष प्रबंध किया जाएगा। कोविड नियमों की पालना के लिए इस वर्ष जलेब जत्थों (टुकड़ियों) में अलग-अलग चलेंगी। तारा रात्रि से होता है शिवरात्रि का आगाज : पुरातन काल से चली आ रही परंपराओं के अनुसार तारारात्रि से शिवरात्रि का आगाज माना जाता है। तारा रात्रि की रात को मंडी शहर के प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर के शिवलिंग पर माखन का लेप चढ़ाने की परंपरा रही है। शिवरात्रि वाले दिन माखन को उतारकर इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। इस वर्ष के शिवरात्रि महोत्सव में तारा रात्रि 29 जनवरी को मनाई गई। बाबा भूतनाथ को 40 किलो मक्खन का लेप लगाया गया। पहले दिन माखन के लेप पर गसोता महादेव की आकृति बनाई गई। यह प्रसिद्ध मंदिर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में स्थित है।
आगामी बजट सत्र से हिमाचल प्रदेश में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को काफी उम्मीदें है। ये कर्मचारी एक लम्बे समय से स्थाई नीति की मांग कर रहे है, मगर अब तक आश्वासनों के सिवा कुछ खास हाथ नहीं आया। अब बजट सत्र इनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आया है। ये बजट इस सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट है और इसीलिए कर्मचारियों को इससे खूब उम्मीदें है। बीते 18 सालों से आउटसोर्स कर्मचारी प्रदेश के विभिन्न विभागों में ड्यूटी दे रहे हैं लेकिन उन्हें सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली कोई भी सुविधाएं नहीं मिलती। हालांकि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कैबिनेट की सब कमेटी का गठन जरूर किया गया परन्तु इस कमेटी की बैठक के बाद भी कर्मचारियों को बजट तक इंतजार करने का आश्वासन दिया गया। दरससल लम्बे समय से इन कर्मचारियों का ब्यौरा सरकार एकत्र करने का प्रयास कर रही है और इसी को विलम्ब का बड़ा कारण भी बताया जा रहा है। अब उम्मीद तो है परन्तु कर्मचारी पूरी तरह आश्वस्त हो ऐसा नहीं कहा जा सकता। इसीलिए सरकार के आश्वासन के बाद भी आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने राज्य स्तरीय बैठक कर प्रदेश के 40 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग फिर दोहराई है। शिमला में आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधि जुटे और समस्याओं पर मंथन किया। हिमाचल आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ की मांग है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बजट सत्र में किसी ठोस नीति का प्रावधान किया जाए। इन कर्मचारियों का कहना है कि यदि इस दफे भी इन कर्मचारियों को लटकाया गया तो ये सब मिलकर सरकार के खिलाफ संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे। महासंघ का कहना है कि प्रदेश में विभिन्न कंपनियों व ठेकेदारों द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई फैसला नहीं लिया है । हर बार आश्वासन ही दिए गए। आउटसोर्स कर्मचारी सोसाइटी और कंपनियों के माध्यम से लगे हैं। ये कर्मी पिछले 18 साल से सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इन्हें स्थायी करने के बारे में सोचा नहीं जा रहा है। महासंघ का कहना है कि सोसाइटी या कंपनी विभाग की मांग के अनुसार पैनल बनाकर विभाग के पास नाम भेजती है। इसके बाद विभागीय कमेटी इंटरव्यू लेकर आउटसोर्स पर रखती है। पर इसके बाद भी इनको नियमित नहीं किया जा रहा। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में हजारों कर्मचारियों को आउटसोर्स पर रखा गया है लेकिन सरकार द्वारा इनके नियमितीकरण के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है और न ही इनके शोषण को कम करने के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं। इनका कहना हैं कि कोरोना काल जैसी विकट परिस्थिति में भी सरकार इनकी सेवाएं लेती रही, मगर जब बात इनकी मांगो को पूरी करने की आती हैं तो ये ही कर्मचारी सरकार की आंखों में चुभने लगते हैं। मुश्किल में कोई साथ नहीं देता : शैलेन्द्र हिमाचल आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा के अनुसार कुछ दिन पहले ही एक मामला सामने आया था जिसमें बिजली विभाग में नियुक्त एक आउटसोर्स कर्मचारी की करंट लगने से हालत गंभीर हो गई। उसे आईजीएमसी तक रेफर कर दिया गया मगर न तो ठेकेदार ने उसकी कोई सहायता की और न ही सरकार ने। इसी तरह आउटसोर्स पर तैनात नर्सेज, अध्यापक और जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों के शोषण की खबर भी आये दिन सामने आती रहती है। कमीशन काटकर वेतन देते हैं ठेकदार : आउटसोर्स कर्मचारी वे कर्मचारी हैं जिनको सरकारी विभागों में अनुबंध आधार पर रखा जाता है। यानी कि ये सरकारी विभाग में तो हैं पर सरकारी नौकरी में नहीं हैं। इनकी नियुक्तियां या तो ठेकेदारों के माध्यम से की जाती है या किसी निजी कंपनी के माध्यम से। ये कर्मचारी काम तो सरकार का करते है मगर इन्हें वेतन ठेकेदार या कंपनी द्वारा मिलता है। न तो इन्हें सरकारी कर्मचारी होने का कोई लाभ प्राप्त होता है न ही एक स्थिर नौकरी। इन्हें जब चाहे नौकरी से निकाला जा सकता है। सरकार द्वारा वेतन तो दिया जाता है मगर ठेकेदार की कमिशन के बाद ही इन तक तक पहुंच पाता है। .......................................................................... मांग : वेतनमान में विसंगतियां दूर हो - हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने की सरकार से मांग फर्स्ट वर्डिक्ट. शिमला हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ (एचपीएसएलए) ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि नए वेतनमान में विसंगतियों को दूर किया जाएं। संघ का कहना है कि हिमाचल सरकार का 1972 से कर्मचारियों से करार है कि पंजाब पे कमीशन को हिमाचल के कर्मचारियों पर यथावत रूप में लागू किया जाएगा, उसे सरकार पूरा करे। साथ ही संघ ने चेताया है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी जाती तो जल्द ही एसोसिएशन जनरल हाउस बुलाकर सबकी सहमति से अगली रणनीति तैयार करेगी और सरकार को इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ का कहना है कि पंजाब में 2016 के बाद जितने भी नियमित कर्मचारी हैं उन सबको नियुक्ति की तिथि से गुणांक 2.59 और 2.25 दिए जा रहे हैं, जिनसे क्रमश: उनकी इनिशियल स्टार्ट 43000 और 47000 रुपए बनती है। इनकी मांग है कि जिस प्रकार पंजाब में बढ़े हुए ग्रेड पे 5400 के साथ 2016 में नियुक्त हुए नए प्रवक्ताओं को 47000 से इनिशियल स्टार्ट दिया है, इसी तरह हिमाचल में भी दिया जाए। संघ के प्रदेश महासचिव संजीव ठाकुर ने कहा कि पंजाब पे कमीशन को हिमाचल के कर्मचारियों पर यथावत रूप में लागू किया जाएं। ........................................................................................ पदोन्नति में समय अवधि कम करने पर जताया आभार फर्स्ट वर्डिक्ट . शिमला हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुनी चंद ठाकुर एवं प्रदेश महामंत्री नेकराम ठाकुर ने बिजली बोर्ड में कार्यरत जूनियर टी मेट एवं जूनियर हेल्पर की पदोन्नति के लिए समय अवधि 4 वर्ष से 3 वर्ष करने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। उन्हें 14 फरवरी 2022 की बिजली बोर्ड की बीओडी की बैठक में स्वीकृति दी गई है जिसकी पुष्टि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने अपने प्रेस संबोधन में की है। तकनीकी कर्मचारी संघ ने भारतीय मजदूर संघ का भी धन्यवाद प्रकट किया है क्योंकि 8 फरवरी 2022 को भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में ये मुद्दा उजागर किया था। इस बैठक में तकनीकी कर्मचारी संघ ने भी जूनियर टी मेट और जूनियर हेल्पर के विषय को बड़ी गंभीरता से रखा था जिस पर मुख्यमंत्री ने बिजली बोर्ड को उनकी घोषणा के अनुरूप आदेश करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष ने हिमाचल सरकार वह बिजली बोर्ड प्रबंधन से यह भी मांग की है कि बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को भी संशोधित वेतनमान तुरंत प्रभाव से दिए जाएं क्योंकि हिमाचल सरकार ने अन्य विभागों के कर्मचारियों को इस माह के वेतन को संशोधित वेतनमान के अनुसार वेतन देने के आदेश किए हैं जिस पर बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी स्वभाविक तौर पर नए वेतन की आस लगाए हुए हैं। ............................................................................ पुरानी पेंशन : इंतजार की इन्तेहां हो गई, फिर विधानसभा घेराव की तैयारी फर्स्ट वर्डिक्ट. शिमला इंतजार की इन्तेहां हो गई है और अब कर्मचारी बात मानने के मूड में बिलकुल भी नजर नहीं आ रहे। पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों की अनगिनत याचनाएं धरी की धरी है पर सुनवाई होती नहीं दिख रही। सुनवाई होती भी है तो कच्चे पक्के आश्वासन कर्मचारियों को थमा दिए जाते है, पर मांग को पूरी तरह मानने से सरकार बचती हुई दिखाई दे रही है। प्रदेश के हर विधायक, हर मंत्री के दर पर दस्तक देने के बावजूद कुछ ठोस होता नहीं दिख रहा। इसी बीच विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा हैं और संभवतः एक बार फिर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन देखने को मिले। बस धर्मशाला के तपोवन की जगह कर्मचारी शिमला के चौड़ा मैदान में डेरा डालेंगे और पुरानी पेंशन के लिए विधानसभा का घेराव होगा। पुरानी पेंशन बहाली के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहा न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ अब प्रदेश सरकार से आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए महासंघ ने प्रदेश के बजट सत्र के दौरान 3 मार्च को सरकार का घेराव करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मंडी में आयोजित न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ की राज्य स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में महासंघ के साथ जुड़े प्रदेश भर के पदाधिकारी व कर्मचारी पहुंचे और तय किया गया कि अब याचना नहीं रण होगा। रणनीति विधानसभा के घेराव की बनाई गई है। प्रदेश के हज़ारों कर्मचारियों से शिमला आने की दरख्वास्त की जा रही और महासंघ की माने तो अधिकतर की सहमति मिलती भी दिखाई देने लगी है। यानि एक बार फिर विधानसभा के शीतसत्र के दौरान दिखा दृश्य शिमला में बजट सत्र के दौरान देखने को मिल सकता हैं। अब तक गठित नहीं हुई कमेटी : 10 दिसंबर को धर्मशाला के दाड़ी मैदान में भी कर्मचारियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन सरकार के सामने किया था। एक नहीं अनेक संगठन पेंशन की मांग के लिए एकत्र हुए थे और अंत में सरकार को झुकना पड़ा और पुरानी पेंशन बहाली के लिए एक कमेटी गठन करने का आश्वासन दिया गया। अलबत्ता कमेटी अब तक गठित नहीं हो पाई है जिससे कर्मचारियों में नाराज़गी है। महासंघ का कहना है कि सरकार अब कमेटी के गठन को छोड़ पुरानी पेंशन बहाल करें। 2009 की अधिसूचना लागू ,पर कर्मचारी मांगे पुरानी पेंशन : हाल ही में सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक के दौरान 2009 की अधिसूचना लागू करने को मंजूरी दी गई है। मगर उससे भी कर्मचारी पिघलते हुए नजर नहीं आ रहे। कैबिनेट के अप्रूवल के बाद एनपीएस के तहत आने वाले सभी कर्मचारियों के लिए मृत्यु व अपंगता पर फैमिली पेंशन का प्रावधान किया गया है, मगर कर्मचारी अपनी एक मात्र मांग पुरानी पेंशन बहाली पर अटके हुए है। सरकार को कोई वित्तीय घाटा नहीं होगा : प्रदीप न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर का कहना हैं कि बजट सत्र के दौरान शिमला में प्रदेश भर से एक लाख से अधिक कर्मचारी एकत्रित होंगे। पुरानी पेंशन के लिए मंडी से शिमला तक पैदल यात्रा निकाली जाएगी और फिर विधानसभा पहुंचकर बजट सत्र के दौरान सरकार का घेराव किया जाएगा। ठाकुर का कहना है कि धर्मशाला में रैली के बाद महासंघ की प्रदेश के सरकार के साथ बैठक भी हुई थी। बैठक में प्रदेश सरकार को सुझाव दिया गया था कि यदि सरकार पुरानी पेंशन बहाल करती है, तो सरकार को 2009 की अधिसूचना लागू की वृद्धि होगी। परन्तु 2 महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने अभी तक कमेटी तक का गठन नहीं किया है नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन का 10 प्रतिशत पैसा जबरदस्ती कंपनी को दिया जा रहा है और सरकार अपना 14 प्रतिशत पैसा भी कंपनी को दे रही है जिससे सरकार और कर्मचारी दोनों को नुकसान हो रहा है। नई पेंशन स्कीम से सिर्फ और सिर्फ कंपनी को ही फायदा हो रहा है जो सही नहीं है l पुरानी पेंशन पर सियासत भी भरपूर : पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर सियासत भी तेज है। विपक्ष कर्मचारियों को आश्वासन देकर सत्ता वापसी की स्थिति में पेंशन बहाल करने के सपने दिखा रहा है और भाजपा कर्मचारियों को याद दिला रही है कि प्रदेश में एनपीएस लाने वाली कांग्रेस ही थी जो आज इसे कर्मचारियों के अधिकारों का हनन बता रही है। पेंशन के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि इस वक्त कोई भी प्रदेश पुरानी पेंशन देने की स्थिति में नहीं है। जहां कांग्रेस की सरकार है वहां भी पुरानी पेंशन कर्मचारियों को नहीं मिल रही। ऐसे में पहले से वित्तीय घाटे में चल रहे हिमाचल प्रदेश के लिए भी पुरानी पेंशन की वापसी करवाना आसान नहीं होगा।
मीनाक्षी/ हमीरपुर राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के दो छात्रों का चयन नॉर्थ जोन अंतर- विश्वविद्यालय खो-खो प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह जानकारी राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के शारीरिक शिक्षा प्राध्यापक डा. पवन कुमार वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की खो-खो टीम के चयन हेतु राजकीय महाविद्यालय अर्की में 20 फरवरी को ट्रायल हुए हैं। इसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के लगभग 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। डा. वर्मा ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के दो छात्रों का चयन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला की खो-खो की टीम के लिए हुआ है। यह नॉर्थ जोन अंतर- विश्वविद्यालय खो-खो प्रतियोगिता 23 फरवरी से डीएवी यूनिवर्सिटी जलंधर में होगी। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर की प्रचार्या डा. अंजू बत्ता सहगल ने हिमाचल प्रदेश विवि खो-खो टीम में चयनित खिलाडिय़ों, उनके प्रशिक्षक स्वरूप राणा तथा डा. पवन कुमार वर्मा को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
प्रेम ठाकुर/ धर्मपुर यूजीसी नेट की राष्ट्रीय परीक्षा में धर्मपुर के गांव तड़ा सरसकान की छात्रा सिमरन ठाकुर ने बाजी मारी है। सिमरन ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। इस परीक्षा के लिए प्रत्येक विषय में पूरे देश में केवल 5-6 प्रतिशत छात्रों को मेरिट के आधार पर चुना जाता है। वरिष्ठ पत्रकार उमेश ठाकुर की बेटी सिमरन ने माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्विद्यालय, भोपाल से एमएससी मीडिया रिसर्च प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के पश्चात, एक प्रतिष्ठित कंपनी में करीब 2 वर्ष तक असिस्टेंट मैनेजर के रूप में सेवाएं दीं। वह एक मीडिया रिसर्चर भी हैं तथा एक वर्ष के भीतर रिकार्ड सात विश्वविद्यालयोंं की पीएचडी परीक्षा उत्तीर्ण की। असिस्टेंट प्रोफेसर एवं रिसर्च स्कॉलर के रूप में काम करने का मौका मिलेगा। सिमरन ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिजनों व अपने शिक्षकों को देते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति तक कड़ी मेहनत बेहद आवश्यक है।
मीनाक्षी /हमीरपुर 15 से 18 मार्च तक आयोजित किए जाने वाले राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव-2022 के दौरान डोम और झूलों इत्यादि हेतु आवंटित किए जाने वाले स्थानों के लिए पंजीकृत फर्मों और इवेंट मैनेजरों से 28 फरवरी तक निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। एसडीएम सुजानपुर एवं होली उत्सव मेला अधिकारी हरीश गज्जू ने बताया कि आवेदक का पिछले तीन वर्षों के दौरान वार्षिक टर्नओवर 15 लाख रुपए से कम नहीं होना चाहिए। पात्र एवं इच्छुक कारोबारी उक्त निविदाओं से संबंधित दस्तावेज एसडीएम कार्यालय सुजानपुर में एक हजार रुपए की फीस जमा करके प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ये निविदाएं 28 फरवरी सुबह साढे 11 बजे तक एसडीएम कार्यालय सुजानपुर में पहुंच जानी चाहिए। निर्धारित अवधि में प्राप्त निविदाएं 28 फरवरी को ही दोपहर 12:15 बजे संबंधित समिति के समक्ष खोल दी जाएंगी। अधिक जानकारी के लिए एसडीएम कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-273100 पर संपर्क किया जा सकता है।
हिमाचल सरकार प्रदेश के किसानों व् बागवानों को अब कृषि करने की नयी सुविधा प्रदान करने जा रही है । प्रदेश के खेतों और बगीचों में जल्द ही ड्रोन खाद और दवाओं का स्प्रे करते नजर आएंगे। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने ड्रोन की खरीद और किराये पर सुविधा देने के लिए नौ कंपनियों का चयन किया है।अब कोई भी विभाग या व्यक्ति शुल्क चुका कर यह सेवा ले सकेगा। ड्रोन को कृषि, बागवानी, मेलों, दवाइयां पहुंचाने, सुरक्षा दृष्टि के साथ अन्य आयोजनों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। सुविधा लेने के लिए आईटी विभाग से संपर्क करना होगा। विभाग की ओर से चयनित कंपनियों की सेवा लेने के लिए दाम तय किए गए हैं। दाम चुकाने के बाद इसकी सुविधा ले सकेंगे। विभाग के माध्यम से ड्रोन की खरीद भी की जा सकेगी। इस नई सुविधा से किसानों व बागवानों का समय भी बचेगा व किसानों को नई तकनीक से खेती करने का मौका भी मिलेगा। ख़ास बात यह है की प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के शाहपुर आईटीआई में ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल खोलने का फैसला लिया है। यहां किसानों व् बागवानों को ड्रोन चलने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शाहपुर आईटीआई में शुरू होने वाले ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल में दसवीं पास कोई भी व्यक्ति सात दिनों के कोर्स के लिए प्रवेश ले सकेगा। तमिलनाडु और तेलंगाना में हुआ ट्रायल -- केंद्र सरकार द्वारा आम बजट में फसलों पर दवा स्प्रे करने के लिए भी ड्रोन के इस्तेमाल करने का ज़िक्र किया गया था। बता दें की इस के चलते अब प्रदेश सरकार ने भी इस ओर कदम बढ़ाया है। अभी तक देश में तमिलनाडु और तेलंगाना में ड्रोन से खाद व स्प्रे करने का सफल ट्रायल किया गया है , जिसके बाद अब देश के अन्य प्रदेशों में भी इस नई सुविधा को शुरू करने की कवायद तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते दिनों कुटलेहड़ और हरोली विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 67 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किए । मुख्यमंत्री ने समूर कलां में 16.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कला केंद्र ऊना का लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने थानाकलां में. राज्य विद्युत बोर्ड मंडल, बंगाणा में ग्रामीण विकास मंडल, बसाल में कृषि विभाग का एसएमएस कार्यालय, टयूरी बडोली और कियारियां में पटवार वृत्त, बीहरू में फील्ड कानूनगो कार्यालय खोलने, हरोट, चारड़ा, बल्ह खालसा और बोहरू में पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोलने की भी घोषणा की।जयराम ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धमांदरी एवं रैंसरी में वाणिज्य कक्षाएं आरंभ करने तथा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समूर कलां में विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित करने की भी घोषणा की। मुख्य मंत्री ने कहा कि शीघ्र हि नाबार्ड के अन्तर्गत जिले की तीन प्रमुख सड़कों के क्रियान्वयन के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऊना जिला पिछले चार वर्षों में चहुंमुखी विकास का गवाह बना है। जिले के विभिन्न भागों में 1600 करोड़ रुपये के विकासात्मक कार्यों को समर्पित व पूरा किया जा रहा है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। सिरमाैर रेणुका चुनाव क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव विनय कुमार ने नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ को आश्वस्त किया कि इस बजट सत्र में पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे। आज संघ का प्रतिनिधि मंडल "आखिरी बार विधायक के द्वार" कार्यक्रम के अंतर्गत खंड अध्यक्ष जितेंद्र चौहान के नेतृत्व में नौहरा धार प्रवास के दौरान विधायक से मिला प्रतिनिधिमंडल में मधु पुंडीर, राम लाल ठाकुर, अशोक कुमार, अनिता कुमारी, उदेश चौहान, राकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, परवींद्र कुमार, सुनिल कुमार, मुकेश दत्त एवं शशी पाल शामिल थे। विधायक विनय कुमार ने कहा की यदि यह सरकार पुरानी पेंशन बहाल नही करती तो कांग्रेस पार्टी इसे अपने घोषणा पत्र में प्रमुख स्थान देगी। पूर्व संसदीय सचिव ने स्वीकार किया कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों एवं सरकार की अपेक्षा पर खरी नहीं उतरी। अतः इसे बदल कर पुरानी पेंशन व्यव्स्था को लागू करना अनिवार्य हो गया है। क्योंकि दशको समाज एवं राज्य की सेवा करने वाले कर्मचारियों को सेवा उपरांत सामजिक सुरक्षा देना सरकार का नेतिक दायित्व है। विनय कुमार प्रदेश के विकास में कर्मचारियों के योगदान की भरपुर प्रशंशा की। गौरतलब है की हिमाचल प्रदेश नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ रहा हैं। जिसके तहत 23 फरवरी से मुख्यमंत्री के जिला मंडी से शिमला की पदयात्रा कर रहे हें तथा 3मार्च को 1 लाख को संख्या में शिमला विधानसभा का घेराव करने की तेयारी कर रहा है, जिसके लिए कर्मचारियों को हर खंड पर बैठकें आयोजित कर प्रेरित किया जा रहा है।
नरेंद्र/ जयसिंहपुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लंबागांव में सात दिवसीय एनएसएस शिविर का सोमवार को समापन स्कूल प्रबंंधक समिति के अध्यक्ष व ग्राम पंचायत के उप प्रधान हरि दास ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने छात्रों को एनएसएस के महत्व व गतिविधियों के प्रति जागरूक किया। एनएसएस महिला प्रभारी डा. वनिता राणा व पुरुष प्रभारी राजेश शर्मा ने स्वयंसेवियों को एनएसएस के उद्देश्य व महत्व को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। पलक व निखल को सर्वश्रेष्ठ स्वयं सेवक चुना गया।
हिमाचल का ग्लैडियोलस फूल अब विदेशों में भी अपनी खुशबु बिखेरेगा। जिला मंडी के थुनाग स्थित उद्यानिकी, वानिकी महाविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर ने फूलों की पांच अंतरराष्ट्रीय प्रजातियां मंगला, एचबी 15-11, एचबी 1-27, एचबी 9-16 और एचबी 2-52 को तैयार करने में कामयाबी मिली है। तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद वैज्ञानिको को इस प्रोजेक्ट में सफलता मिली है व फूलों की प्रजातियां इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के पूरे मानकों पर खरी उतरी हैं। बता दें की ग्लैडियोलस प्रजाति मूलतया अफ्रीका की है। इस फूल की जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात में भारी मांग है, इसके साथ ही देश में भी इस फूल की काफी डिमांड रहती है। ग्लैडियोलस फूल की ज्यादा मांग पांच सितारा होटलों और बड़े आयोजनों में रहती है। इसके साथ ही डिमांड आने पर इसे विदेशों में भी भेजा जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार मंडी जिला की सराजघाटी की आबोहवा, जलवायु, उपजाऊ मिट्टी, कम तापक्रम, अधिक जल, गुणवत्ता और प्रवर्धन अंतरराष्ट्रीय स्तर की ग्लैडियोलस किस्मों के लिए उपयुक्त है। सरकार ने भी इस संस्थान के वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाई है। ग्लैडियोलस की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है। इसके लिए मृदा जिसका पीएच मान 5.5 से 6.5 के बीच हो। भूमि के जल निकास का उचित प्रबंध हो, वह सर्वोत्तम मानी जाती है। खुले स्थान जहां सूरज की रोशनी सुबह से शाम तक रहती हो, ऐसे स्थान पर ग्लैडियोलस की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 1685 हजार टन खुले फूल और 472 हजार टन कट फ्लावर का उत्पादन हुआ। क्या है ग्लैडियोलस फूल -- ग्लैडियोलस एक प्रमुख कट फ्लावर है। यह छोटे फूल बाली पर क्रम से एवं धीरे-धीरे खिलते हैं, जिससे कटे हुए फूलों को ज्यादा समय तक रख सकते हैं। ग्लैडियोलस विभिन्न रंगों में पाए जाते हैं। एक फूल स्टिक की कीमत 25 से 30 रुपये तक होती है।
विनायक ठाकुर/देहरा शिक्षा खंड रक्कड़ की कार्यकारिणी महासचिव मनोहर लाल गांधी की अध्यक्षता में रविवार के दिन मंत्री विक्रम ठाकुर से शांतला में मिले। 2020 में प्राथमिक सहायक अध्यापकों से नियमित हुए कनिष्ठ बुनियादी अध्यापकों की वेतन विसंगति के मुद्दे को जोरदार और सौहार्दपूर्ण माहौल में तर्कसंगत ढंग से उठाया। खंड कार्यकारिणी के लगभग 20 पदाधिकारियों ने भाग लिया। विक्रम ठाकुर ने फाईल लेने के बाद आश्वासन दिया कि जल्दी ही प्रदेश सरकार प्रोबेशन में सेवाएं दे रहे पैट से नियमित हुए जेबीटी अध्यापकों की वेतन विसंगति को दूर किया जाएगा। वेतन विसंगति पर बात रखते हुए खंड महासचिव गांधी जी ने कहा कि प्रोबेशन पर सेवारत होने के चलते जेबीटी वर्ग में इस वर्ग को पे रिवीजन का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वित्त विभाग द्वारा सुझाए गए तीनों विकल्पों से जहां प्रदेश के सभी कर्मचारियों को पे कमीशन से फायदा हो रहा है, तो वहीं दूसरी ओर एक माह पूर्व प्रोबेशन पूरा कर चुके अध्यापकों के मूल वेतन में 5000 रुपए का अंतर आने से भारी वेतन विसंगति का खामियाजा इस वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश में पंजाब की वेतनमान की सिफारिशें लागू करने के बावजूद वेतनमान में इतना अंतर इसलिए आ रहा है, क्योंकि पंजाब में प्रोबेशन जैसी व्यवस्था नहीं है तथा अक्तूबर 2011 से उनके समकक्ष अध्यापकों को हायर ग्रेड पे मिलता है, जबकि हिमाचल में दो साल की नियमित सेवा के बाद ही ऐसी व्यवस्था की जाती है। अगस्त 2022 में 15 परसेंट के विकल्प मिलने से जहां इन अध्यापकों का मूल वेतन 36500 हो जाएगा, तो वहीं वर्तमान में उनके लिए उपलब्ध मात्र 2.59 के विकल्प से इनका मूलवेतन 31500 रुपए ही होगा। 17 सालों तक अस्थायी सेवाएं देने के बाद नियमित हुए इन अध्यापकों की सेवाएं अब बहुत ही सीमित बची हुई हैं। संघ ने सरकार व वित्त विभाग से मांग की है कि इन्हें नियुक्ति के समय से हायर ग्रेड पे पर 2.25 का विकल्प या फिर प्रोबेशन पूर्ण हो जाने के उपरांत 15 प्रतिशत का विकल्प मुहैया करवाया जाए, ताकि इन अध्यापकों को भी पे कमीशन का फायदा मिल सके। डैलागेशन में संघ के महासचिव मनोहर लाल गांधी ,कोषाध्यक्ष दीपक शर्मा, वित्तीय मामलों के जानकार प्रदीप सिंह ,एनपीएस से जुड़े मुकेश, जगजीवन, भगवान दास, भूतपूर्व प्राथमिक सहायक अध्यापक खंड प्रधान अजीव सिंह , मुख्य सलाहकार अक्षय कुमार, जीवन लाल, सुमन तथा शमा राणा आदि भी उपस्थित रहे ।
अनुप। सुजानपुर जैन महिला मंडल के 11 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर जैन मोहल्ले में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों के सुंदर प्रदर्शन ने इस कार्यक्रम में चार-चांद लगाए। कार्यक्रम में नगर परिषद के प्रधान वीना धीमान, उपप्रधान पवन कुमार, वार्ड पार्षद मनीष गुप्ता व पार्षद सुनीता कुमारी मौजूद रहे। महिला मंडल की प्रधान कोमल जैन ने कहा कि सदस्यों ने इस महिला मंडल को एक साथ बांधे रखा है। मंडल ने करोना काल के मुश्किल समय में समाज सेवा में भी मदद देने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ा रखा। उन्होंने बताया कि इस महिला मंडल में जैन समुदाय के साथ-साथ सभी समुदाय की महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सब की एकता और प्रेम के साथ इसे आगे लेकर जाएंगे तथा मुश्किल के वक्त में सभी का साथ देंगे। उन्होंने कहा की किसी को भी अगर कोई मुश्किल या परेशानी आती है, तो वह उनसे संपर्क कर सकते हैं। मंडल की यही कोशिश रहेगी की जरूरत पड़ने पर किसी की भी यथासंभव सहायता की जा सके। इस दौरान रीना शर्मा, सुजाता महाजन, गीतिका गुप्ता, शिल्पा अग्रवाल, सविता वर्मा, अनामिका वर्मा, स्वतंत्रता गुप्ता, गीता सोनी, अनीशा जैन, दीपाली जैन, प्रियंका जैन, प्रेरणा जैन, सिल्की जैन, नीतू जैन, चेतना जैन, अंजू जैन, अलका जैन व अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान वार्ड पार्षद मनीष गुप्ता ने महिला मंडल को 15000 देने की घोषणा की तथा यह कहा कि इस महिला मंडल द्वारा सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं, जो भी काबिले तारीफ है। उन्होंने महिला मंडल के 11 वर्ष पूरे होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी।
प्रदेश सरकार हर विभाग को हाईटैक करने के प्रयास में जुटी हुई है । इसी के चलते अब सरकार पंचायती राज विभाग में कुछ बदलाव करने जा रही है । जानकारी के अनुसार सरकार ने परिवार रजिस्टर को ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। इस सन्दर्भ में मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने परिवार रजिस्टर ऑनलाइन करने के निर्देश विभाग को जारी किये है। बताया जा रहा है की ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर आईटी विभाग सॉफ्टवेयर बनाएगा। तीन महीने में इसका डाटा बेस तैयार किया जाएगा। खास बात यह है की परिवार रजिस्टर ऑनलाइन होने से विभिन्न कार्यों के लिए पंचायत सचिव के कार्यालय से नकल लेने के लिए लोगों को चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रदेश सचिवालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने परिवार रजिस्टर ऑनलाइन करने के निर्देश दिए । इस कार्य के लिए मुख्य सचिव रामसुभग ने ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की है। बता दें की रजिस्टर में परिवार के सभी सदस्यों की एक पंजीकृत इकाई होती है। इसमें परिवार के सभी लोगों का विवरण दर्ज होता है। यह पंचायत सचिव के कार्यालय में होता है। इसमें उस ब्लॉक के तहत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के परिवारों की जानकारी और सदस्यों का विवरण होता है। परिवार रजिस्टर की नकल की जरूरत सरकार की ओर से दी जा रही विभिन्न सुविधाओं को प्राप्त करने में पड़ती है। इसकी नकल लेने के लिए ब्लॉक सेक्रेटरी के पास आवेदन देना पड़ता है। इस दस्तावेज के माध्यम से कोई भी सरकारी कागजात आसानी से बनवा सकते हैं। यह सुविधा शुरू होने से अब लोगों को पंचायत के चक्कर नहीं काटने होंगे। अभी पंचायतों में सेक्टरी द्वारा यह दस्तावेज लोगों को दिया जाता है।
देवभूमि की प्राकृतिक फिजा में जल्द ही विदेशी नस्ल के बुल्गारिया गुलाब की खुशबू महकेगी । कश्मीर के बाद बुल्गारिया गुलाब अब चंबा जिले के सेईकोठी में तैयार होगा । पुष्प उत्पादक लोभीराम ने ट्रायल के तौर पर एक बीघा जमीन में इसकी नर्सरी तैयार की है। ख़ास बात ये है कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बुल्गारिया गुलाब कि अधिक मांग है इस कारण एक किलोग्राम इत्र का मूल्य करीब आठ लाख रुपए है। बुल्गारिया गुलाब को इत्र बनाने वाली कंपनियां अच्छे दामों पर खरीदती हैं। चम्बा जिले में बुल्गारिया गुलाब के उत्पादन से यहाँ के लोगों की तकदीर बदल जाएगी। अब ग्रामीण कृषि और बागवानी के साथ पुष्प उत्पादन कर भी अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकेंगे। चुराह के सेईकोठी निवासी लोभीराम ने भी इस दिशा में प्रयास शुरू किए हैं। हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर से कलमें लेकर उन्होंने एक बीघा जमीन में नर्सरी में 25 हजार पौध तैयार की है। इसे बाद में एक हेक्टेयर जमीन में रोपित किया जाएगा। लोभी राम का कहना है कि हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर से बुल्गारिया गुलाब से कलमें लेकर एक बीघा जमीन में ट्रायल पर 25 हजार पौध तैयार की है। इसे एक हेक्टेयर में रोपित किया जाएगा। लोभी राम का कहना है कि महाराष्ट्र व दिल्ली से मांग आनी शुरू हो चुकी है इसके अलावा दुबई से भी ऑर्डर आया है। एक्सपोर्ट संबंधी लंबी औपचारिकताओं के चलते उसे फिलहाल टाल दिया गया है। बुल्गारिया गुलाब की विशेषता बुल्गारिया गुलाब की विशेषता है कि इसकी स्टिक, पौधे, फूल और ड्राई फ्लावर तक बिक जाते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो एक आम गुलाब के पौधे पर एक फूल तोड़ने पर दूसरा फूल आने में कई दिन लगते हैं, जबकि बुल्गारिया गुलाब के एक पौधे से फूल तोड़ने पर दूसरे ही दिन अन्य फूल अंकुरित होने शुरू हो जाते हैं। एक पौधा 100 से 150 फूल देता है। बुल्गारिया गुलाब में अन्य गुलाब कि किस्मों की अपेक्षा तेल और इत्र ज्यादा मात्रा में मिलता है। इससे गुलाब जल भी तैयार किया जाता है। इत्र, क्रीम और तेल बनाने में होता है उपयोग बुल्गारिया गुलाब से इत्र, क्रीम और तेल बनाया जाता है। इसकी मांग अरब के देशों, दुबई सहित भारत के विभिन्न राज्यों में अधिक है। बुल्गारिया गुलाब की पौध 70 से 80 रुपये में मिलती है। इसकी कलमें 15 से 20 रुपये में मिल जाती हैं। इसे नर्सरी, पी-बैग में तैयार किया जा सकता है। डॉ. राजीव चंद्रा, उद्यान विभाग उपनिदेशक उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजीव चंद्रा का कहना है कि प्रगतिशील पुष्प उत्पादक लोभी राम का ट्रायल सफल होने पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा और विभाग अपने स्तर पर भी पुष्प उत्पादकों के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित कर रहा है।
उपमंडल संगड़ाह की गेहल पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव हडय़ोट में रविवार को बीमार युवती को संकरे व बर्फीले रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचाए जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा 108 पर कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई। 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर, हरिपुरधार, गत्ताधार व नौहराधार की एंबुलेंस भी उस समय न होने के चलते युवती को प्राईवेट गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। स्वास्थ्य अधिकारी अनुप्रिया ने बताया कि, पेट दर्द से पीडि़त युवती की हालत अब सामान्य है। ग्रामीणों ने पांजड़ी कहलाने वाले स्टेचर पर जिस बर्फीले दुर्गम रास्ते से युवती को सड़क तक पहुंचाया, उस रास्ते पर आम आदमी के लिए पैदल चलना भी आसान नहीं है। 22 जनवरी, तथा तीन फरवरी, को क्षेत्र में हुए भारी हिमपात के बाद हालांकि लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह की सभी सड़कों से बर्फ हटाई जा चुकी है, मगर ऊपरी इलाके में रास्तों से बर्फ पिघलना शेष है। जिस कारण रास्ते में चलना मुश्किल है। पिछले एक दशक से भाजपा व कांग्रेस नेताओं द्वारा यहां सड़क निर्माण के कई दावे व घोषणाएं की गईं, मगर अभी तक छह किलोमीटर में से केवल डेढ़ किलोमीटर ही सड़क बनाई गई है। पंचायत प्रधान उपासना के अनुसार उनके कार्यकाल में सिरमौर जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल के माध्यम से इस सड़क को एक लाख का बजट मिला था और पूर्व प्रधान के समय में भी 10 लाख से इस सड़क का निर्माण किया गया था। उन्होंने कहा कि, स्थानीय भाजपा व कांग्रेस नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री को भी 25 परिवारों वाली अनुसुचित बस्ती अथवा गांव हडय़ोट के लिए पंचायत का प्रस्ताव भेज बजट उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं। प्रधान ने कहा कि, ग्रामीण पंचायत के लोग विभाग को जमीन देने को तैयार हैं। भलाड़ पंचायत के चुइनाधार संपर्क मार्ग से भी इस गांव के लिए सड़क बन सकती है। जिसकी दूरी महज तीन किलोमीटर तक होगी। हडय़ोट गांव की सड़क के शेष निर्माण कार्य को लेकर भी लोक निर्माण विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों से बात की जाएगी। अब मार्च माह के बाद ही बजट मिलने की उम्मीद है।
राजेश कतनौरिय/ जवाली एनपीएसईए ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जवाली में हुई। जिसमें प्रदेश सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया गया। इस मौके पर जिला मुख्य प्रवक्ता जोगिंदर सिंह, प्रदेश सचिव जितेंद्र, नूरपुर जिला प्रधान अजय प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष डा. विकास नंदा, जिला उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह ,ब्लॉक अध्यक्ष अनिल शर्मा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, उपाध्यक्षपवन धीमान , उपाध्यक्ष संजीव खट्टा, उपाध्यक्ष पायल आयुष ,उपाध्यक्ष सुनीता रानी उपाध्यक्ष मनीष कुमार, उपाध्यक्ष समरजीत, कार्यकारिणी सदस्य सतीश कुमार जेई आईपीएच, अमित कुमार शिक्षा विभाग, जीवन कुमार, राजेश कुमार, राकेश कुमारए रछपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
राजेश कतनौरिय। जवाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सिद्धपुरगाड़ में सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर शुरू हो गया। प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर में 22 स्वयंसेवी भाग ले रहे हैं। इस मौके पर स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने कहा कि ऐसे शिविरों में भाग लेने से छात्रों में देशभक्ति व समाजसेवा की भावना जागृत होती है व साथ ही में अनुशासन में रहने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को पढ़ाई व खेलों के साथ साथ ऐसे शिविरों में भी भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवी समाज को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण व नशों को लेकर जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस मौके पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी वीरता शर्मा व राकेश कुमार सहित संतोष राज, सतीश शर्मा, सुरखा रानी, पंकज, रविंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, शशी वाला, मिनू, दिणा नाथ, पूजा चौधरी, रजनी व कमलेश सहित अन्य स्टॉफ मौजूद रहा। शिविर के दौरान प्रधानाचार्य प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा को सम्मानित किया गया।


















































