प्रतिमा राणा / पालमपुर हिमानी क्लव चचियां में कबड्डी की प्रतियोगिता करवाई गई, जिसके समापन पर मुख्यातिथि के रूप में पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल पहुंचे। कबड्डी का फाइनल मैच बोधा और हिमानी युवा क्लव के बीच हुआ, जिसमें हिमानी युवा क्लव की टीम विजेता रही। विधायक आशीष बुटेल ने जितने वाली टीम को बधाई दी और संदेश दिया की युवा नशे से दूर रहकर पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अपनी रुचि बनाएं। हिमानी युवा क्लव के प्रधान और कबड्डी मैच के आयोजक शुखदेव को अपनी और से 15000 की धन राशि दी। इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष त्रिलोक चंद और अमित धीमान मौजूद रहे।
मनोज कुमार/कांगड़ा पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार ने मेरे समय काल की बनी नौ सड़कों को वन विभाग से 15 साल के बाद इजाजत दिलवाई। विकास के दिग्गज नेताओं ने कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के मजबूत कार्यकर्ताओं के साथ विकास की चर्चा व राजनीतिक रूप रेखा बनाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि दस साल के मौजूदा विधायक का कार्यकाल, काला अध्याय है, विधायक को जनता बदलना चाहती है। इस मौके पर रजियाणा खास के प्रधान हंसराज, उप प्रधान राजेश कुमार, डा. साहिब सिंह दबकू, कांगड़ा भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष राजेश कुमार, भाजयुमो मोर्चा के अध्यक्ष राकेश कुमार, प्रदीप कोंडल, शमशेर सिंह, मेहर चंद, शामिल रहे। जिन सड़कों को मुख्यमंत्री ने वन विभाग से इजाजत दिलवाई है,जैसे : लिंक रोड बंदला से रसूह चौंक, लिंक रोड कालका माता से कपाडय़िा बाई चिलबई, भारथा द्रोबिया सड़क, ग्राम पंचायत गाहलियां राढ बस्ती पंतेहड़ सड़क, लिंक रोड पंचायत पलेरा विल गलूआ नगई टल्ला हरिजन बस्ती, लिंक रोड रुहालकड़ भाटी से मोहाल रुहालकड, फ्रीडम फाइटर सूरम सिंह पड्डा के घर से लेकर संध से बोहडक्वालू, जलाड़ी जन्यानकड़ से जटैहड़ संगम तक, जन्यानकड़ से ओल्ड डिस्पेंसरी तक, यह सब सड़कें मेरे समय काल में निकली हुई हैं।
मनाली-लेह मार्ग पर अब आधुनिक तकनीक से बर्फ को हटाया जाएगा। इसके लिए बीआरओ ने अब अमेरिकन स्नो कटर कोडिएक को सड़कों पर उतार दिया है। इस कटर की ख़ास बात यह है की यह बर्फ को दोगुनी स्पीड से बर्फ को साफ़ करेगा। बता दें की मनाली -लेह मार्ग पर अधिक बर्फ गिरने से मार्ग को खोलने में बीआरओ को काफी मुशकत करनी पड़ी है , लेकिन अब बीआरओ ने आधुनिक मशीनों से बर्फ को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार अमेरिकन स्नो कटर एक घंटे में पांच हजार टन बर्फ हटाने की क्षमता रखता है। जानकारी के अनुसार जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में करीब 300 किलोमीटर सड़क का दायरा बीआरओ के अधीन है। इसे समय-समय पर बहाल करना पड़ता है। इसमें सामरिक महत्व का 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह मार्ग और ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग भी शामिल है। सीमा सड़क संगठन ने इस बार मार्च के बजाए फरवरी में लाहौल के अंतिम गांव दारचा से आगे बारालाचा और सरचू की तरफ बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। इस बार अधिक बर्फ गिरने के चलते बीआरओ को बर्फ हटाने के लिए काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है की यातायात के लिए मनाली-लेह मार्ग मई तक बहाल हो सकता है। 15 दिसंबर 2021 से बंद है मार्ग -- मनाली-लेह मार्ग यह मार्ग 15 दिसंबर 2021 से बंद है। अब मौसम खुलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने दारचा से लेह मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है। दारचा से बारालाचा की तरफ बर्फ हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मनाली-लेह मार्ग के अलावा लाहौल घाटी के भीतर सड़कों के किनारे लगे बर्फ के ढेरों को भी हटाया जा रहा है।
मनोज कुमार/कांगड़ा विधायक पवन काजल ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई, बेरोजगारी और क्षेत्र के विकास में भेदभाव को लेकर वह विधानसभा चुनाव में जनता से समर्थन मांगेंगे। आपका विधायक आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधायक पवन काजल ने ग्राम पंचायत मेहरना, खडियाड़ा, त्रेबलां में जनता की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में स्वीकृत 25 करोड़ रुपए की पेयजल योजना का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और इससे लगभग एक दर्जन गांवों के बाशिंदों जिसमें मेहरना, खडियाड़ा व त्रैबलां के लोगों को 24 घंटे पीने का पानी मुहैया करवाया जाएगा। पूर्व कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए गगल में 12 करोड़ और भूमि आईटी पार्क के निर्माण को मंजूर की है, लेकिन मौजूदा डबल इंजन सरकार इस आईटी पार्क का निर्माण न करवाकर क्षेत्र के बेरोजगारों से अन्याय कर रही है। आईटी पार्क के निर्माण से लगभग पांच हजार बेरोजगारों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। क्षेत्र के भाजपा नेताओं को इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़कर जनहित में आईटी पार्क का निर्माण करवाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत में विधायक निधि से 20 लाख के विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं और गांव के श्मशान घाट तक सड़क निर्माण करवाया जा रहा है। काजल ने गांव के पांच महिला मंडलों को दस-दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की। इस मौके पर पंचायत के राजेन्द्र कुमार प्रधान, बाबू राम उप प्रधान, निशा देवी पंच, रेखा कुमारी पंच, अनिल कुमार पंच, मोनिका पंच, विक्रमा देवी, लज्या देवी, उषा देवी, राधा देवी, रविन्द्र कुमार प्रधान भडियाडा, मनोहर लाल उप प्रधान भडियाडा, कल्याण सिंह, मंगत राम, बिहारी लाल, सुभाष चंद, मेहर सिंह व अंजना देवी भी उपस्थित रहे।
40 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने की तैयारी कर रहा हमीरपुर डिपो फर्स्ट वर्डिक्ट , हमीरपुर हिमाचल में प्रदूषण न फैले इसके लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने योजना तैयार की है । इसके लिए एचआरटीसी के हमीरपुर डिपो ने सरकार से 40 रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलने की मांग की है। बताया जा रहा है की डिपो ने इन बसों को चलाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है। बता दें की प्रदेश के कुछ ज़िलों में अभी ये इलेक्ट्रिक बसें चल रही है। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो ने जिले के 40 विभिन्न रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना तैयार की है। इस बारे में हमीरपुर एचआरटीसी प्रबंधन ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है। यदि सरकार से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो शीघ्र ही जिले की सड़कों पर धुआं और ध्वनि रहित इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती हुई नजर आएंगी। इन इलेक्ट्रिक बसों की सबसे खास बात यह है की इन बसों को चलने से प्रदूषण नहीं फैलेगा व डीजल वाहनों की तुलना में एचआरटीसी को भी मुनाफा होगा। इसके लिए हमीरपुर में चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाने की योजना है । बता दें वर्तमान में हमीरपुर डिपो के पास कुल 149 बसें हैं। जो 186 विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। इसमें 49 बसें जेएनयूआरएम की भी शामिल हैं। इसके अलावा दो इलेक्ट्रिक मैक्सी कैब हैं, जो लोकल रूटों पर सेवाएं दे रही हैं।
देश विदेश से पर्यटन नगरी मनाली घूमने आने वाले पर्यटकों को अब ग्रीन टैक्स बैरियर पर कई घंटों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब मनाली पर्यटन विकास परिषद के साथ मिलकर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने फास्टैग से ग्रीन टैक्स भुगताने की सुविधा शुरू कर दी है। इससे इस बैरियर पर लंबे जाम से राहत मिलेगी और वाहन चालकों और पर्यटकों का समय भी बचेगा। खास बात यह है की फास्टैग का उपयोग करके ग्रीन टैक्स का भुगतान सुविधा शुरू करने वाला मनाली देश का पहला शहर है। देश में अब तक फास्टैग बैलेंस का इस्तेमाल टोल, ईंधन और पार्किंग शुल्क के भुगतान के लिए किया जाता रहा है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को पर्यटन विकास परिषद मनाली ने अधिग्रहणकर्ता बैंक के रूप में चुना है।बता दें कि हिमाचल प्रदेश में हर महीने 50 लाख पर्यटक देश विदेश से घूमने के लिए आते है, यह सुविधा मिलने के बाद अब पर्यटकों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जाम से मिलेगी राहत -- ग्रीन टैक्स बैरियर पर फास्टैग से ग्रीन टैक्स का भुगतान होने से अब लोगों को जाम से निजात मिलेगी। बता दें की अभी तक मनाली आने वाले अन्य राज्यों में रजिसट्रर्ड वाहनों से ग्रीन टैक्स लिया जाता है। पर्ची सिस्टम होने से पहले इसमें काफी समय लगता था। इससे इस ग्रीन टैक्स बैरियर पर जाम लग जाता था। दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड मोटरसाइकिल पर 100 रुपये, कार पर 200, स्कॉर्पियो पर 300 और बसों पर 500 रुपये ग्रीन टैक्स लगता है। 60 लाख फास्टैग जारी -- आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 400 से अधिक टोल प्लाजा को सेवा देने वाला सबसे बड़ा अधिग्रहणकर्ता है और उसने करीब 60 लाख फास्टैग जारी किए हैं। इनकी मदद से प्रतिदिन औसतन लगभग 20 लाख का लेन-देन किया जाता है। फास्टैग प्रोग्राम को संयुक्त रूप से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा सभी राष्ट्रीय राजमार्ग प्लाजा पर टोल किराया स्वीकार करने के माध्यम के रूप में लॉन्च किया गया था।
प्रदेश में विलुप्त होती जड़ी बूटियों की पहचान करना अब आसान होगा , इसके लिए मंडी के जंजैहली घाटी के भूलाह में एक करोड़ की लागत से राज्य का पहला जैव विविधता पार्क तैयार किया गया है। ख़ास बात यह है की वादी-ए-भूलाह में प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश के शोधकर्ताओं, पर्यटकों और हिमालय की विलुप्त होती जड़ी-बूटियों के संरक्षण में अपना योगदान देंगे । प्रदेश का पहला बायोडायवर्सिटी पार्क (जैव विविधता उद्यान) हिमालय की विलुप्त होती जड़ी-बूटियों के संरक्षण के साथ-साथ शोधकर्ताओं व पर्यटकों के लिए भी वरदान साबित होगा। बता दें की राज्य के इस पहले जैव विविधता पार्क को हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा नेशनल मिशन आन हिमालयन स्टडीज प्रोजेक्ट के अन्तर्गत बनाया गया है। यह राज्य का पहला पार्क है जिसमें विलुप्त होती जड़ी-बूटियों को संरक्षित करने पर बल दिया गया है। पार्क को पयर्टन गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ शोधकर्ताओं के लिए हिमालय में पाई जाने वाली विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों (हर्बल प्लांट्स) पर शोध करने के नए मौके देने के लिए भी तैयार किया गया है जो विलुप्त होने के कगार पर है। पार्क में प्रदर्शन के लिए पहाड़ों में विलुप्त हो रही जड़ी-बूटियों की हर्बल नर्सरी तैयार की गई है। इस नर्सरी में नाग छतरी, धूप, कडू, सर्पगंधा, चिरायता, टैक्स, बर्बरी, चैरा, पठानबेल, पत्थर चटा, भूतकेसी, न्यार, मुश्कवाला, वण, अजवायण, कूठ व वर्रे, संसरपाली, डोरी घास, रतन जोत, अतीश पतीश, वन ककड़ी, शिंगली मिगली, जगली लहसुन, डुंगतली, इत्यादि जड़ी बूटियां प्रदर्शित की गई है। यहां देश-विदेश का कोई भी शोधकर्ता इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर अपना शोध कार्य कर सकता है। इसके अतिरिक्त हर उस जड़ी बूटी पर भी खोज कार्य किया जा सकेगी, जिनकी अभी तक कोई पहचान नहीं हो पाई है। इस हर्बल नर्सरी में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 1200 पौधे शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र में स्थापित गए राज्य के पहले इस अनूठे पार्क को 5 हेक्टेयर यानि 60 बीघा से अधिक भूमि पर तैयार किया गया है। यहां शोधकर्ताओं के लिए विभिन्न मूलभूत सुविधाएं भी जुटाई गई हैं। भूलाह की सुंदर वादियों में स्थापित इस पार्क को चारों ओर से बाड़बंदी कर सुरक्षित बनाया गया है। एनएमएचएस प्रोजेक्ट के विभिन्न कार्य लगभग 15 हेक्टेयर भूमि पर किए गए है। शोधकर्ताओं व पर्यटकों के लिए एम्फी थियेटर--- यहां आने वाले शोधकर्ताओं व पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क में एम्फी थियेटर भी बनाया गया है, जहां पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाली जड़ी बूटियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। पार्क में देश-विदेश से आने वाले शोधकर्ताओं के लिए रहने खाने की व्यवस्था के लिए दो लाॅग हट भी निर्मित किए गए है। इसके अलावा दो लाॅग्स हट, वाॅटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, इंटरनल टैंक, 5 किलो वाट बिजली तैयार करने वाला प्रोजेक्ट, एम्फी थिएटर, पक्षियों के घोंसले, हर्बल नर्सरी, फूट ब्रिज व बिक्री केंद्र इत्यादि तैयार किया गया है। पर्यटकों के लिए पार्क में दो ट्री-हट भी तैयार किए गए हैं, जहां से वे पार्क सहित अन्य रमणीक स्थलों को निहार सकते हैं। इसके अलावा लगभग 2 किमी की दूरी तक नेचर ट्रेल्स बनाई गई हंै। 25 फीट ऊंची व 160 मीटर लंबी ट्री-वाॅक तैयार की गई है। इसके अलावा सात फुट ब्रिज बनाए गए हैं। पार्क के साथ लगते टैक्सस के जंगल में शोधकर्ताओं के लिए इंटरनल ट्रैक बनाया गया है, जिसमें वे आसानी से घूम कर अपना रिसर्च कार्य कर सकते हैं।
भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन पर्व महाशिवरात्रि विश्व भर में मनाया जाता है, मगर छोटी काशी मंडी शहर की शिवरात्रि का अंदाज ही अनूठा है। यहां सात दिवसीय महाशिवरात्रि उत्सव मनाया जाता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मेले का तमगा प्राप्त है। ये सात दिन श्रद्धा और भक्ति से सराबोर होते है और लाखों श्रद्धालु इस उत्सव में भाग लेने पहुँचते है। शिवरात्रि के साथ ही हिमाचल प्रदेश में साल भर चलने वाले मेलों की शुरुआत होती है। मंडी नगरी में पावन शिवरात्रि पर्व से जुड़ी एक कथा भी है। इसके अनुसार पर्वतराज हिमालय की पुत्री माता पार्वती को विदा कर ले जाते समय भगवान शिव को संसार का ध्यान आया तो वे बारातियों के साथ ही नई नवेली दुलहन को वहीं छोड़ कर तपस्या में लीन हो गए। शिव के न लौटने पर माता पार्वती विलाप करने लगी, जिसे सुनकर एक पुरोहित आगे आया। फिर भगवान शिव का आह्वान करने के लिए मंडप की स्थापना कराई गई। मंडप में प्रकट होकर भगवान शिव ने पूछा कि उन्हें क्यों बुलाया गया है, तो पुरोहित ने कहा कि आपकी याद में रोते-रोते पार्वती सो गई हैं। तभी से इस स्थान का नाम मंडप से मांडव्य और फिर मंडी पड़ा। माना जाता है कि पंद्रहवीं शताब्दी में राजा अजबर सेन ने बटोहली से अपनी राजधानी ब्यास नदी के उस पार स्थापित की थी। संभवत: इसी दौरान महाशिवरात्रि के पर्व का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में इसे दो दिन के लोकोत्सव के रूप में मनाया जाता था, जिसमें मंडी जनपद के लोक देवताओं की भागीदारी रहती थी। फिर सोलहवीं सदी के दौरान राजा सूरज सेन ने मंडी शिवरात्रि में जनपद के देवी-देवताओं को आमंत्रित करने और एक सप्ताह तक मेहमान बनाकर रखने की परंपरा भी डाली। तब से ये परंपरा चली आ रही है। सुकेत रियासत की सातवीं पीढ़ी से जुड़ा है मंडी का इतिहास : मंडी रियासत का इतिहास सुकेत रियासत की सातवीं पीढ़ी से प्रारंभ होता है, जब राजा साहूसेन के छोटे भाई बाहूसेन ने अपने भाई से रूष्ट होकर कुछ विश्वास पात्र सैनिकों को साथ लेकर लोहारा को छोड़कर बल्ह के हाट में अपनी राजधानी बसाई थी। इसी के साथ मंडी रियासत की स्थापना हुई थी। बाहूसेन ने ही हाटेश्वरी माता के मंदिर की स्थापना की थी। इसके बाद वे मंगलौर में जा बसे थे। 1280 ई.में बाणसेन ने मंडी शहर के भियूली में मंडी रियासत की राजधानी स्थपित की, जो बटोहली होते हुए 1527 ई. में अजबर सेन ने बाबा भूतनाथ के मंदिर के साथ ही आधुनिक मंडी शहर की स्थापना की थी। राज देवता माधोराय, बड़ादेव कमरुनाग और बाबा भूतनाथ से है नाता : मंडी शिवरात्रि में शैव मत का प्रतिनिधित्व जहां शहर के अधिष्ठदाता बाबा भूतनाथ करते हैं, तो वैष्णव का प्रतिनिधित्व राज देवता माधोराय और लोक देवताओं की अगुआई बड़ादेव कमरूनाग और देव पराशर करते हैं। इस लोकोत्सव में देवी देवताओं के साथ जनपद के लोगों की भागीदारी भी रहती थी, जो मंडी नगर में माधोराय के अलावा अपने राजा के दर्शन भी करते थे। मेले के दौरान जनपद के देवी-देवता राजदेवता माधोराय के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। यह परंपरा भी राजा सूरज सेन के समय से ही है। शिवरात्रि का शुभारंभ बाबा भूतनाथ और माधोराय के मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ होता है। इसमें सबसे पहले बड़ा देव कमरूनाग मंडी नगर में पहुंचते हैं। इसके पश्चात ही शिवरात्रि के कार्य शुरू होते हैं। राजतंत्र के जमाने से ही राजदेवता माधोराय की जलेब निकलती है। देखने को मिलता है देवी-देवताओं का अनूठा देव समागम : शिवरात्रि मेले के दौरान जनपद के सौ से अधिक देवी-देवता एक सप्ताह तक मंडी नगर में मेहमान बनकर रहते हैं। इस वर्ष 2 से 8 मार्च तक मनाए जाने वाले इस अन्तर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के लिए भी 210 देवी-देवताओं को न्योता प्रशासन के माध्यम से भेजा जा रहा है। इसमें 190 के शिरकत करने की उम्मीद है। मंडी शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवताओं का अनूठा देव समागम अन्यत्र कहीं भी देखने को नहीं मिलता है। इस देव समागम में हिमाचल में पाई जाने वाली देव रथ शैलियों का अवलोकन करने को मिलता है। देव समागम में बैठने वाले देवताओं की वरिष्ठता का विशेष ध्यान रखा जाता है। लोक विश्वास के अनुसार जिस देवता की पालकी पहले बनी है वही वरिष्ठ होता है। राजा हाथी पर सवार होकर जलेब में होता था शामिल : राजशाही के जमाने में राजा हाथी पर सवार होकर जलेब में शामिल होता था। शिवरात्रि की जलेब के कुछ चित्र प्राचीन हवेलियों में देखने को मिलते हैं। सेरी चानणी और घंटाघर के आसपास लगे मेले के दृश्य चित्रित हैं। वहीं पर जलेब देखने उमड़ी भीड़ और रनिवास के झरोखों से रानियों और राजपरिवार से जुड़ी महिलाओं के उत्सुकता से इस भव्य जलेब को देखने के दृश्य भी चित्रित हैं। वहीं इस बार 2 से 8 मार्च तक मनाए जाने वाले इस मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे। वे 2 मार्च को प्रथम जलेब की अगवानी करेंगे। मध्य जलेब 5 मार्च को निकाली जाएगी। तीसरी और अंतिम जलेब में 8 मार्च को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर शामिल होंगे। 50 साल के सफर को दिखाया जायेगा : दो मार्च से आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी का स्वरूप इस वर्ष कुछ अलग देखने को मिलेगा। शिवरात्रि मेले में आने वाले लाखों लोग शिवरात्रि मेले के सफर से भी रूबरू होंगे। फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से जहां शिवरात्रि मेले के 50 साल के सफर को प्राचीन चित्रों से दिखाया जाएगा। इस वर्ष जत्थों में निकलेगी जलेब : इस वर्ष शिवरात्रि महोत्सव में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों की टीमें भाग लेंगी। वहीं, सांस्कृतिक संध्याएं बहुत ही सीमित होंगी। इनमें केवल स्थानीय कलाकार बुलाए जाएंगे। बॉलीवुड या पंजाब से इस बार कलाकारों को नहीं बुलाया जाएगा। मेले के दौरान लगने वाली देश-विदेश की प्रदर्शनियां और स्टॉल भी नहीं लगेंगे। यहां पर केवल हिमाचली प्रदर्शनियां और स्टॉल ही लगाए जाएंगे। इस वर्ष शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवताओं की पहचान पगड़ियों के रंगों से हो सकेगी। हर देवी-देवता के 10 कारदारों को विशेष रंग की पगड़ियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही पड्डल में देवी-देवताओं के बैठने के लिए विशेष प्रबंध किया जाएगा। कोविड नियमों की पालना के लिए इस वर्ष जलेब जत्थों (टुकड़ियों) में अलग-अलग चलेंगी। तारा रात्रि से होता है शिवरात्रि का आगाज : पुरातन काल से चली आ रही परंपराओं के अनुसार तारारात्रि से शिवरात्रि का आगाज माना जाता है। तारा रात्रि की रात को मंडी शहर के प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर के शिवलिंग पर माखन का लेप चढ़ाने की परंपरा रही है। शिवरात्रि वाले दिन माखन को उतारकर इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। इस वर्ष के शिवरात्रि महोत्सव में तारा रात्रि 29 जनवरी को मनाई गई। बाबा भूतनाथ को 40 किलो मक्खन का लेप लगाया गया। पहले दिन माखन के लेप पर गसोता महादेव की आकृति बनाई गई। यह प्रसिद्ध मंदिर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में स्थित है।
आगामी बजट सत्र से हिमाचल प्रदेश में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को काफी उम्मीदें है। ये कर्मचारी एक लम्बे समय से स्थाई नीति की मांग कर रहे है, मगर अब तक आश्वासनों के सिवा कुछ खास हाथ नहीं आया। अब बजट सत्र इनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आया है। ये बजट इस सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट है और इसीलिए कर्मचारियों को इससे खूब उम्मीदें है। बीते 18 सालों से आउटसोर्स कर्मचारी प्रदेश के विभिन्न विभागों में ड्यूटी दे रहे हैं लेकिन उन्हें सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली कोई भी सुविधाएं नहीं मिलती। हालांकि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कैबिनेट की सब कमेटी का गठन जरूर किया गया परन्तु इस कमेटी की बैठक के बाद भी कर्मचारियों को बजट तक इंतजार करने का आश्वासन दिया गया। दरससल लम्बे समय से इन कर्मचारियों का ब्यौरा सरकार एकत्र करने का प्रयास कर रही है और इसी को विलम्ब का बड़ा कारण भी बताया जा रहा है। अब उम्मीद तो है परन्तु कर्मचारी पूरी तरह आश्वस्त हो ऐसा नहीं कहा जा सकता। इसीलिए सरकार के आश्वासन के बाद भी आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने राज्य स्तरीय बैठक कर प्रदेश के 40 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग फिर दोहराई है। शिमला में आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधि जुटे और समस्याओं पर मंथन किया। हिमाचल आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ की मांग है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बजट सत्र में किसी ठोस नीति का प्रावधान किया जाए। इन कर्मचारियों का कहना है कि यदि इस दफे भी इन कर्मचारियों को लटकाया गया तो ये सब मिलकर सरकार के खिलाफ संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे। महासंघ का कहना है कि प्रदेश में विभिन्न कंपनियों व ठेकेदारों द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई फैसला नहीं लिया है । हर बार आश्वासन ही दिए गए। आउटसोर्स कर्मचारी सोसाइटी और कंपनियों के माध्यम से लगे हैं। ये कर्मी पिछले 18 साल से सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इन्हें स्थायी करने के बारे में सोचा नहीं जा रहा है। महासंघ का कहना है कि सोसाइटी या कंपनी विभाग की मांग के अनुसार पैनल बनाकर विभाग के पास नाम भेजती है। इसके बाद विभागीय कमेटी इंटरव्यू लेकर आउटसोर्स पर रखती है। पर इसके बाद भी इनको नियमित नहीं किया जा रहा। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में हजारों कर्मचारियों को आउटसोर्स पर रखा गया है लेकिन सरकार द्वारा इनके नियमितीकरण के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है और न ही इनके शोषण को कम करने के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं। इनका कहना हैं कि कोरोना काल जैसी विकट परिस्थिति में भी सरकार इनकी सेवाएं लेती रही, मगर जब बात इनकी मांगो को पूरी करने की आती हैं तो ये ही कर्मचारी सरकार की आंखों में चुभने लगते हैं। मुश्किल में कोई साथ नहीं देता : शैलेन्द्र हिमाचल आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा के अनुसार कुछ दिन पहले ही एक मामला सामने आया था जिसमें बिजली विभाग में नियुक्त एक आउटसोर्स कर्मचारी की करंट लगने से हालत गंभीर हो गई। उसे आईजीएमसी तक रेफर कर दिया गया मगर न तो ठेकेदार ने उसकी कोई सहायता की और न ही सरकार ने। इसी तरह आउटसोर्स पर तैनात नर्सेज, अध्यापक और जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों के शोषण की खबर भी आये दिन सामने आती रहती है। कमीशन काटकर वेतन देते हैं ठेकदार : आउटसोर्स कर्मचारी वे कर्मचारी हैं जिनको सरकारी विभागों में अनुबंध आधार पर रखा जाता है। यानी कि ये सरकारी विभाग में तो हैं पर सरकारी नौकरी में नहीं हैं। इनकी नियुक्तियां या तो ठेकेदारों के माध्यम से की जाती है या किसी निजी कंपनी के माध्यम से। ये कर्मचारी काम तो सरकार का करते है मगर इन्हें वेतन ठेकेदार या कंपनी द्वारा मिलता है। न तो इन्हें सरकारी कर्मचारी होने का कोई लाभ प्राप्त होता है न ही एक स्थिर नौकरी। इन्हें जब चाहे नौकरी से निकाला जा सकता है। सरकार द्वारा वेतन तो दिया जाता है मगर ठेकेदार की कमिशन के बाद ही इन तक तक पहुंच पाता है। .......................................................................... मांग : वेतनमान में विसंगतियां दूर हो - हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने की सरकार से मांग फर्स्ट वर्डिक्ट. शिमला हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ (एचपीएसएलए) ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि नए वेतनमान में विसंगतियों को दूर किया जाएं। संघ का कहना है कि हिमाचल सरकार का 1972 से कर्मचारियों से करार है कि पंजाब पे कमीशन को हिमाचल के कर्मचारियों पर यथावत रूप में लागू किया जाएगा, उसे सरकार पूरा करे। साथ ही संघ ने चेताया है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी जाती तो जल्द ही एसोसिएशन जनरल हाउस बुलाकर सबकी सहमति से अगली रणनीति तैयार करेगी और सरकार को इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ का कहना है कि पंजाब में 2016 के बाद जितने भी नियमित कर्मचारी हैं उन सबको नियुक्ति की तिथि से गुणांक 2.59 और 2.25 दिए जा रहे हैं, जिनसे क्रमश: उनकी इनिशियल स्टार्ट 43000 और 47000 रुपए बनती है। इनकी मांग है कि जिस प्रकार पंजाब में बढ़े हुए ग्रेड पे 5400 के साथ 2016 में नियुक्त हुए नए प्रवक्ताओं को 47000 से इनिशियल स्टार्ट दिया है, इसी तरह हिमाचल में भी दिया जाए। संघ के प्रदेश महासचिव संजीव ठाकुर ने कहा कि पंजाब पे कमीशन को हिमाचल के कर्मचारियों पर यथावत रूप में लागू किया जाएं। ........................................................................................ पदोन्नति में समय अवधि कम करने पर जताया आभार फर्स्ट वर्डिक्ट . शिमला हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुनी चंद ठाकुर एवं प्रदेश महामंत्री नेकराम ठाकुर ने बिजली बोर्ड में कार्यरत जूनियर टी मेट एवं जूनियर हेल्पर की पदोन्नति के लिए समय अवधि 4 वर्ष से 3 वर्ष करने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। उन्हें 14 फरवरी 2022 की बिजली बोर्ड की बीओडी की बैठक में स्वीकृति दी गई है जिसकी पुष्टि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने अपने प्रेस संबोधन में की है। तकनीकी कर्मचारी संघ ने भारतीय मजदूर संघ का भी धन्यवाद प्रकट किया है क्योंकि 8 फरवरी 2022 को भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में ये मुद्दा उजागर किया था। इस बैठक में तकनीकी कर्मचारी संघ ने भी जूनियर टी मेट और जूनियर हेल्पर के विषय को बड़ी गंभीरता से रखा था जिस पर मुख्यमंत्री ने बिजली बोर्ड को उनकी घोषणा के अनुरूप आदेश करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष ने हिमाचल सरकार वह बिजली बोर्ड प्रबंधन से यह भी मांग की है कि बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को भी संशोधित वेतनमान तुरंत प्रभाव से दिए जाएं क्योंकि हिमाचल सरकार ने अन्य विभागों के कर्मचारियों को इस माह के वेतन को संशोधित वेतनमान के अनुसार वेतन देने के आदेश किए हैं जिस पर बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी स्वभाविक तौर पर नए वेतन की आस लगाए हुए हैं। ............................................................................ पुरानी पेंशन : इंतजार की इन्तेहां हो गई, फिर विधानसभा घेराव की तैयारी फर्स्ट वर्डिक्ट. शिमला इंतजार की इन्तेहां हो गई है और अब कर्मचारी बात मानने के मूड में बिलकुल भी नजर नहीं आ रहे। पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों की अनगिनत याचनाएं धरी की धरी है पर सुनवाई होती नहीं दिख रही। सुनवाई होती भी है तो कच्चे पक्के आश्वासन कर्मचारियों को थमा दिए जाते है, पर मांग को पूरी तरह मानने से सरकार बचती हुई दिखाई दे रही है। प्रदेश के हर विधायक, हर मंत्री के दर पर दस्तक देने के बावजूद कुछ ठोस होता नहीं दिख रहा। इसी बीच विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा हैं और संभवतः एक बार फिर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन देखने को मिले। बस धर्मशाला के तपोवन की जगह कर्मचारी शिमला के चौड़ा मैदान में डेरा डालेंगे और पुरानी पेंशन के लिए विधानसभा का घेराव होगा। पुरानी पेंशन बहाली के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहा न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ अब प्रदेश सरकार से आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए महासंघ ने प्रदेश के बजट सत्र के दौरान 3 मार्च को सरकार का घेराव करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मंडी में आयोजित न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ की राज्य स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में महासंघ के साथ जुड़े प्रदेश भर के पदाधिकारी व कर्मचारी पहुंचे और तय किया गया कि अब याचना नहीं रण होगा। रणनीति विधानसभा के घेराव की बनाई गई है। प्रदेश के हज़ारों कर्मचारियों से शिमला आने की दरख्वास्त की जा रही और महासंघ की माने तो अधिकतर की सहमति मिलती भी दिखाई देने लगी है। यानि एक बार फिर विधानसभा के शीतसत्र के दौरान दिखा दृश्य शिमला में बजट सत्र के दौरान देखने को मिल सकता हैं। अब तक गठित नहीं हुई कमेटी : 10 दिसंबर को धर्मशाला के दाड़ी मैदान में भी कर्मचारियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन सरकार के सामने किया था। एक नहीं अनेक संगठन पेंशन की मांग के लिए एकत्र हुए थे और अंत में सरकार को झुकना पड़ा और पुरानी पेंशन बहाली के लिए एक कमेटी गठन करने का आश्वासन दिया गया। अलबत्ता कमेटी अब तक गठित नहीं हो पाई है जिससे कर्मचारियों में नाराज़गी है। महासंघ का कहना है कि सरकार अब कमेटी के गठन को छोड़ पुरानी पेंशन बहाल करें। 2009 की अधिसूचना लागू ,पर कर्मचारी मांगे पुरानी पेंशन : हाल ही में सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक के दौरान 2009 की अधिसूचना लागू करने को मंजूरी दी गई है। मगर उससे भी कर्मचारी पिघलते हुए नजर नहीं आ रहे। कैबिनेट के अप्रूवल के बाद एनपीएस के तहत आने वाले सभी कर्मचारियों के लिए मृत्यु व अपंगता पर फैमिली पेंशन का प्रावधान किया गया है, मगर कर्मचारी अपनी एक मात्र मांग पुरानी पेंशन बहाली पर अटके हुए है। सरकार को कोई वित्तीय घाटा नहीं होगा : प्रदीप न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर का कहना हैं कि बजट सत्र के दौरान शिमला में प्रदेश भर से एक लाख से अधिक कर्मचारी एकत्रित होंगे। पुरानी पेंशन के लिए मंडी से शिमला तक पैदल यात्रा निकाली जाएगी और फिर विधानसभा पहुंचकर बजट सत्र के दौरान सरकार का घेराव किया जाएगा। ठाकुर का कहना है कि धर्मशाला में रैली के बाद महासंघ की प्रदेश के सरकार के साथ बैठक भी हुई थी। बैठक में प्रदेश सरकार को सुझाव दिया गया था कि यदि सरकार पुरानी पेंशन बहाल करती है, तो सरकार को 2009 की अधिसूचना लागू की वृद्धि होगी। परन्तु 2 महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने अभी तक कमेटी तक का गठन नहीं किया है नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन का 10 प्रतिशत पैसा जबरदस्ती कंपनी को दिया जा रहा है और सरकार अपना 14 प्रतिशत पैसा भी कंपनी को दे रही है जिससे सरकार और कर्मचारी दोनों को नुकसान हो रहा है। नई पेंशन स्कीम से सिर्फ और सिर्फ कंपनी को ही फायदा हो रहा है जो सही नहीं है l पुरानी पेंशन पर सियासत भी भरपूर : पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर सियासत भी तेज है। विपक्ष कर्मचारियों को आश्वासन देकर सत्ता वापसी की स्थिति में पेंशन बहाल करने के सपने दिखा रहा है और भाजपा कर्मचारियों को याद दिला रही है कि प्रदेश में एनपीएस लाने वाली कांग्रेस ही थी जो आज इसे कर्मचारियों के अधिकारों का हनन बता रही है। पेंशन के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि इस वक्त कोई भी प्रदेश पुरानी पेंशन देने की स्थिति में नहीं है। जहां कांग्रेस की सरकार है वहां भी पुरानी पेंशन कर्मचारियों को नहीं मिल रही। ऐसे में पहले से वित्तीय घाटे में चल रहे हिमाचल प्रदेश के लिए भी पुरानी पेंशन की वापसी करवाना आसान नहीं होगा।
मीनाक्षी/ हमीरपुर राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के दो छात्रों का चयन नॉर्थ जोन अंतर- विश्वविद्यालय खो-खो प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह जानकारी राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के शारीरिक शिक्षा प्राध्यापक डा. पवन कुमार वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की खो-खो टीम के चयन हेतु राजकीय महाविद्यालय अर्की में 20 फरवरी को ट्रायल हुए हैं। इसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के लगभग 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। डा. वर्मा ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के दो छात्रों का चयन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला की खो-खो की टीम के लिए हुआ है। यह नॉर्थ जोन अंतर- विश्वविद्यालय खो-खो प्रतियोगिता 23 फरवरी से डीएवी यूनिवर्सिटी जलंधर में होगी। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर की प्रचार्या डा. अंजू बत्ता सहगल ने हिमाचल प्रदेश विवि खो-खो टीम में चयनित खिलाडिय़ों, उनके प्रशिक्षक स्वरूप राणा तथा डा. पवन कुमार वर्मा को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
प्रेम ठाकुर/ धर्मपुर यूजीसी नेट की राष्ट्रीय परीक्षा में धर्मपुर के गांव तड़ा सरसकान की छात्रा सिमरन ठाकुर ने बाजी मारी है। सिमरन ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। इस परीक्षा के लिए प्रत्येक विषय में पूरे देश में केवल 5-6 प्रतिशत छात्रों को मेरिट के आधार पर चुना जाता है। वरिष्ठ पत्रकार उमेश ठाकुर की बेटी सिमरन ने माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्विद्यालय, भोपाल से एमएससी मीडिया रिसर्च प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के पश्चात, एक प्रतिष्ठित कंपनी में करीब 2 वर्ष तक असिस्टेंट मैनेजर के रूप में सेवाएं दीं। वह एक मीडिया रिसर्चर भी हैं तथा एक वर्ष के भीतर रिकार्ड सात विश्वविद्यालयोंं की पीएचडी परीक्षा उत्तीर्ण की। असिस्टेंट प्रोफेसर एवं रिसर्च स्कॉलर के रूप में काम करने का मौका मिलेगा। सिमरन ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिजनों व अपने शिक्षकों को देते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति तक कड़ी मेहनत बेहद आवश्यक है।
मीनाक्षी /हमीरपुर 15 से 18 मार्च तक आयोजित किए जाने वाले राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव-2022 के दौरान डोम और झूलों इत्यादि हेतु आवंटित किए जाने वाले स्थानों के लिए पंजीकृत फर्मों और इवेंट मैनेजरों से 28 फरवरी तक निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। एसडीएम सुजानपुर एवं होली उत्सव मेला अधिकारी हरीश गज्जू ने बताया कि आवेदक का पिछले तीन वर्षों के दौरान वार्षिक टर्नओवर 15 लाख रुपए से कम नहीं होना चाहिए। पात्र एवं इच्छुक कारोबारी उक्त निविदाओं से संबंधित दस्तावेज एसडीएम कार्यालय सुजानपुर में एक हजार रुपए की फीस जमा करके प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ये निविदाएं 28 फरवरी सुबह साढे 11 बजे तक एसडीएम कार्यालय सुजानपुर में पहुंच जानी चाहिए। निर्धारित अवधि में प्राप्त निविदाएं 28 फरवरी को ही दोपहर 12:15 बजे संबंधित समिति के समक्ष खोल दी जाएंगी। अधिक जानकारी के लिए एसडीएम कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-273100 पर संपर्क किया जा सकता है।
हिमाचल सरकार प्रदेश के किसानों व् बागवानों को अब कृषि करने की नयी सुविधा प्रदान करने जा रही है । प्रदेश के खेतों और बगीचों में जल्द ही ड्रोन खाद और दवाओं का स्प्रे करते नजर आएंगे। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने ड्रोन की खरीद और किराये पर सुविधा देने के लिए नौ कंपनियों का चयन किया है।अब कोई भी विभाग या व्यक्ति शुल्क चुका कर यह सेवा ले सकेगा। ड्रोन को कृषि, बागवानी, मेलों, दवाइयां पहुंचाने, सुरक्षा दृष्टि के साथ अन्य आयोजनों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। सुविधा लेने के लिए आईटी विभाग से संपर्क करना होगा। विभाग की ओर से चयनित कंपनियों की सेवा लेने के लिए दाम तय किए गए हैं। दाम चुकाने के बाद इसकी सुविधा ले सकेंगे। विभाग के माध्यम से ड्रोन की खरीद भी की जा सकेगी। इस नई सुविधा से किसानों व बागवानों का समय भी बचेगा व किसानों को नई तकनीक से खेती करने का मौका भी मिलेगा। ख़ास बात यह है की प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के शाहपुर आईटीआई में ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल खोलने का फैसला लिया है। यहां किसानों व् बागवानों को ड्रोन चलने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शाहपुर आईटीआई में शुरू होने वाले ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल में दसवीं पास कोई भी व्यक्ति सात दिनों के कोर्स के लिए प्रवेश ले सकेगा। तमिलनाडु और तेलंगाना में हुआ ट्रायल -- केंद्र सरकार द्वारा आम बजट में फसलों पर दवा स्प्रे करने के लिए भी ड्रोन के इस्तेमाल करने का ज़िक्र किया गया था। बता दें की इस के चलते अब प्रदेश सरकार ने भी इस ओर कदम बढ़ाया है। अभी तक देश में तमिलनाडु और तेलंगाना में ड्रोन से खाद व स्प्रे करने का सफल ट्रायल किया गया है , जिसके बाद अब देश के अन्य प्रदेशों में भी इस नई सुविधा को शुरू करने की कवायद तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते दिनों कुटलेहड़ और हरोली विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 67 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किए । मुख्यमंत्री ने समूर कलां में 16.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कला केंद्र ऊना का लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने थानाकलां में. राज्य विद्युत बोर्ड मंडल, बंगाणा में ग्रामीण विकास मंडल, बसाल में कृषि विभाग का एसएमएस कार्यालय, टयूरी बडोली और कियारियां में पटवार वृत्त, बीहरू में फील्ड कानूनगो कार्यालय खोलने, हरोट, चारड़ा, बल्ह खालसा और बोहरू में पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोलने की भी घोषणा की।जयराम ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धमांदरी एवं रैंसरी में वाणिज्य कक्षाएं आरंभ करने तथा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समूर कलां में विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित करने की भी घोषणा की। मुख्य मंत्री ने कहा कि शीघ्र हि नाबार्ड के अन्तर्गत जिले की तीन प्रमुख सड़कों के क्रियान्वयन के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऊना जिला पिछले चार वर्षों में चहुंमुखी विकास का गवाह बना है। जिले के विभिन्न भागों में 1600 करोड़ रुपये के विकासात्मक कार्यों को समर्पित व पूरा किया जा रहा है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। सिरमाैर रेणुका चुनाव क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव विनय कुमार ने नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ को आश्वस्त किया कि इस बजट सत्र में पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे। आज संघ का प्रतिनिधि मंडल "आखिरी बार विधायक के द्वार" कार्यक्रम के अंतर्गत खंड अध्यक्ष जितेंद्र चौहान के नेतृत्व में नौहरा धार प्रवास के दौरान विधायक से मिला प्रतिनिधिमंडल में मधु पुंडीर, राम लाल ठाकुर, अशोक कुमार, अनिता कुमारी, उदेश चौहान, राकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, परवींद्र कुमार, सुनिल कुमार, मुकेश दत्त एवं शशी पाल शामिल थे। विधायक विनय कुमार ने कहा की यदि यह सरकार पुरानी पेंशन बहाल नही करती तो कांग्रेस पार्टी इसे अपने घोषणा पत्र में प्रमुख स्थान देगी। पूर्व संसदीय सचिव ने स्वीकार किया कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों एवं सरकार की अपेक्षा पर खरी नहीं उतरी। अतः इसे बदल कर पुरानी पेंशन व्यव्स्था को लागू करना अनिवार्य हो गया है। क्योंकि दशको समाज एवं राज्य की सेवा करने वाले कर्मचारियों को सेवा उपरांत सामजिक सुरक्षा देना सरकार का नेतिक दायित्व है। विनय कुमार प्रदेश के विकास में कर्मचारियों के योगदान की भरपुर प्रशंशा की। गौरतलब है की हिमाचल प्रदेश नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ रहा हैं। जिसके तहत 23 फरवरी से मुख्यमंत्री के जिला मंडी से शिमला की पदयात्रा कर रहे हें तथा 3मार्च को 1 लाख को संख्या में शिमला विधानसभा का घेराव करने की तेयारी कर रहा है, जिसके लिए कर्मचारियों को हर खंड पर बैठकें आयोजित कर प्रेरित किया जा रहा है।
नरेंद्र/ जयसिंहपुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लंबागांव में सात दिवसीय एनएसएस शिविर का सोमवार को समापन स्कूल प्रबंंधक समिति के अध्यक्ष व ग्राम पंचायत के उप प्रधान हरि दास ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने छात्रों को एनएसएस के महत्व व गतिविधियों के प्रति जागरूक किया। एनएसएस महिला प्रभारी डा. वनिता राणा व पुरुष प्रभारी राजेश शर्मा ने स्वयंसेवियों को एनएसएस के उद्देश्य व महत्व को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। पलक व निखल को सर्वश्रेष्ठ स्वयं सेवक चुना गया।
हिमाचल का ग्लैडियोलस फूल अब विदेशों में भी अपनी खुशबु बिखेरेगा। जिला मंडी के थुनाग स्थित उद्यानिकी, वानिकी महाविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर ने फूलों की पांच अंतरराष्ट्रीय प्रजातियां मंगला, एचबी 15-11, एचबी 1-27, एचबी 9-16 और एचबी 2-52 को तैयार करने में कामयाबी मिली है। तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद वैज्ञानिको को इस प्रोजेक्ट में सफलता मिली है व फूलों की प्रजातियां इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के पूरे मानकों पर खरी उतरी हैं। बता दें की ग्लैडियोलस प्रजाति मूलतया अफ्रीका की है। इस फूल की जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात में भारी मांग है, इसके साथ ही देश में भी इस फूल की काफी डिमांड रहती है। ग्लैडियोलस फूल की ज्यादा मांग पांच सितारा होटलों और बड़े आयोजनों में रहती है। इसके साथ ही डिमांड आने पर इसे विदेशों में भी भेजा जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार मंडी जिला की सराजघाटी की आबोहवा, जलवायु, उपजाऊ मिट्टी, कम तापक्रम, अधिक जल, गुणवत्ता और प्रवर्धन अंतरराष्ट्रीय स्तर की ग्लैडियोलस किस्मों के लिए उपयुक्त है। सरकार ने भी इस संस्थान के वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाई है। ग्लैडियोलस की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है। इसके लिए मृदा जिसका पीएच मान 5.5 से 6.5 के बीच हो। भूमि के जल निकास का उचित प्रबंध हो, वह सर्वोत्तम मानी जाती है। खुले स्थान जहां सूरज की रोशनी सुबह से शाम तक रहती हो, ऐसे स्थान पर ग्लैडियोलस की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 1685 हजार टन खुले फूल और 472 हजार टन कट फ्लावर का उत्पादन हुआ। क्या है ग्लैडियोलस फूल -- ग्लैडियोलस एक प्रमुख कट फ्लावर है। यह छोटे फूल बाली पर क्रम से एवं धीरे-धीरे खिलते हैं, जिससे कटे हुए फूलों को ज्यादा समय तक रख सकते हैं। ग्लैडियोलस विभिन्न रंगों में पाए जाते हैं। एक फूल स्टिक की कीमत 25 से 30 रुपये तक होती है।
विनायक ठाकुर/देहरा शिक्षा खंड रक्कड़ की कार्यकारिणी महासचिव मनोहर लाल गांधी की अध्यक्षता में रविवार के दिन मंत्री विक्रम ठाकुर से शांतला में मिले। 2020 में प्राथमिक सहायक अध्यापकों से नियमित हुए कनिष्ठ बुनियादी अध्यापकों की वेतन विसंगति के मुद्दे को जोरदार और सौहार्दपूर्ण माहौल में तर्कसंगत ढंग से उठाया। खंड कार्यकारिणी के लगभग 20 पदाधिकारियों ने भाग लिया। विक्रम ठाकुर ने फाईल लेने के बाद आश्वासन दिया कि जल्दी ही प्रदेश सरकार प्रोबेशन में सेवाएं दे रहे पैट से नियमित हुए जेबीटी अध्यापकों की वेतन विसंगति को दूर किया जाएगा। वेतन विसंगति पर बात रखते हुए खंड महासचिव गांधी जी ने कहा कि प्रोबेशन पर सेवारत होने के चलते जेबीटी वर्ग में इस वर्ग को पे रिवीजन का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वित्त विभाग द्वारा सुझाए गए तीनों विकल्पों से जहां प्रदेश के सभी कर्मचारियों को पे कमीशन से फायदा हो रहा है, तो वहीं दूसरी ओर एक माह पूर्व प्रोबेशन पूरा कर चुके अध्यापकों के मूल वेतन में 5000 रुपए का अंतर आने से भारी वेतन विसंगति का खामियाजा इस वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश में पंजाब की वेतनमान की सिफारिशें लागू करने के बावजूद वेतनमान में इतना अंतर इसलिए आ रहा है, क्योंकि पंजाब में प्रोबेशन जैसी व्यवस्था नहीं है तथा अक्तूबर 2011 से उनके समकक्ष अध्यापकों को हायर ग्रेड पे मिलता है, जबकि हिमाचल में दो साल की नियमित सेवा के बाद ही ऐसी व्यवस्था की जाती है। अगस्त 2022 में 15 परसेंट के विकल्प मिलने से जहां इन अध्यापकों का मूल वेतन 36500 हो जाएगा, तो वहीं वर्तमान में उनके लिए उपलब्ध मात्र 2.59 के विकल्प से इनका मूलवेतन 31500 रुपए ही होगा। 17 सालों तक अस्थायी सेवाएं देने के बाद नियमित हुए इन अध्यापकों की सेवाएं अब बहुत ही सीमित बची हुई हैं। संघ ने सरकार व वित्त विभाग से मांग की है कि इन्हें नियुक्ति के समय से हायर ग्रेड पे पर 2.25 का विकल्प या फिर प्रोबेशन पूर्ण हो जाने के उपरांत 15 प्रतिशत का विकल्प मुहैया करवाया जाए, ताकि इन अध्यापकों को भी पे कमीशन का फायदा मिल सके। डैलागेशन में संघ के महासचिव मनोहर लाल गांधी ,कोषाध्यक्ष दीपक शर्मा, वित्तीय मामलों के जानकार प्रदीप सिंह ,एनपीएस से जुड़े मुकेश, जगजीवन, भगवान दास, भूतपूर्व प्राथमिक सहायक अध्यापक खंड प्रधान अजीव सिंह , मुख्य सलाहकार अक्षय कुमार, जीवन लाल, सुमन तथा शमा राणा आदि भी उपस्थित रहे ।
अनुप। सुजानपुर जैन महिला मंडल के 11 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर जैन मोहल्ले में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों के सुंदर प्रदर्शन ने इस कार्यक्रम में चार-चांद लगाए। कार्यक्रम में नगर परिषद के प्रधान वीना धीमान, उपप्रधान पवन कुमार, वार्ड पार्षद मनीष गुप्ता व पार्षद सुनीता कुमारी मौजूद रहे। महिला मंडल की प्रधान कोमल जैन ने कहा कि सदस्यों ने इस महिला मंडल को एक साथ बांधे रखा है। मंडल ने करोना काल के मुश्किल समय में समाज सेवा में भी मदद देने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ा रखा। उन्होंने बताया कि इस महिला मंडल में जैन समुदाय के साथ-साथ सभी समुदाय की महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सब की एकता और प्रेम के साथ इसे आगे लेकर जाएंगे तथा मुश्किल के वक्त में सभी का साथ देंगे। उन्होंने कहा की किसी को भी अगर कोई मुश्किल या परेशानी आती है, तो वह उनसे संपर्क कर सकते हैं। मंडल की यही कोशिश रहेगी की जरूरत पड़ने पर किसी की भी यथासंभव सहायता की जा सके। इस दौरान रीना शर्मा, सुजाता महाजन, गीतिका गुप्ता, शिल्पा अग्रवाल, सविता वर्मा, अनामिका वर्मा, स्वतंत्रता गुप्ता, गीता सोनी, अनीशा जैन, दीपाली जैन, प्रियंका जैन, प्रेरणा जैन, सिल्की जैन, नीतू जैन, चेतना जैन, अंजू जैन, अलका जैन व अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान वार्ड पार्षद मनीष गुप्ता ने महिला मंडल को 15000 देने की घोषणा की तथा यह कहा कि इस महिला मंडल द्वारा सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं, जो भी काबिले तारीफ है। उन्होंने महिला मंडल के 11 वर्ष पूरे होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी।
प्रदेश सरकार हर विभाग को हाईटैक करने के प्रयास में जुटी हुई है । इसी के चलते अब सरकार पंचायती राज विभाग में कुछ बदलाव करने जा रही है । जानकारी के अनुसार सरकार ने परिवार रजिस्टर को ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। इस सन्दर्भ में मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने परिवार रजिस्टर ऑनलाइन करने के निर्देश विभाग को जारी किये है। बताया जा रहा है की ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर आईटी विभाग सॉफ्टवेयर बनाएगा। तीन महीने में इसका डाटा बेस तैयार किया जाएगा। खास बात यह है की परिवार रजिस्टर ऑनलाइन होने से विभिन्न कार्यों के लिए पंचायत सचिव के कार्यालय से नकल लेने के लिए लोगों को चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रदेश सचिवालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने परिवार रजिस्टर ऑनलाइन करने के निर्देश दिए । इस कार्य के लिए मुख्य सचिव रामसुभग ने ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की है। बता दें की रजिस्टर में परिवार के सभी सदस्यों की एक पंजीकृत इकाई होती है। इसमें परिवार के सभी लोगों का विवरण दर्ज होता है। यह पंचायत सचिव के कार्यालय में होता है। इसमें उस ब्लॉक के तहत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के परिवारों की जानकारी और सदस्यों का विवरण होता है। परिवार रजिस्टर की नकल की जरूरत सरकार की ओर से दी जा रही विभिन्न सुविधाओं को प्राप्त करने में पड़ती है। इसकी नकल लेने के लिए ब्लॉक सेक्रेटरी के पास आवेदन देना पड़ता है। इस दस्तावेज के माध्यम से कोई भी सरकारी कागजात आसानी से बनवा सकते हैं। यह सुविधा शुरू होने से अब लोगों को पंचायत के चक्कर नहीं काटने होंगे। अभी पंचायतों में सेक्टरी द्वारा यह दस्तावेज लोगों को दिया जाता है।
देवभूमि की प्राकृतिक फिजा में जल्द ही विदेशी नस्ल के बुल्गारिया गुलाब की खुशबू महकेगी । कश्मीर के बाद बुल्गारिया गुलाब अब चंबा जिले के सेईकोठी में तैयार होगा । पुष्प उत्पादक लोभीराम ने ट्रायल के तौर पर एक बीघा जमीन में इसकी नर्सरी तैयार की है। ख़ास बात ये है कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बुल्गारिया गुलाब कि अधिक मांग है इस कारण एक किलोग्राम इत्र का मूल्य करीब आठ लाख रुपए है। बुल्गारिया गुलाब को इत्र बनाने वाली कंपनियां अच्छे दामों पर खरीदती हैं। चम्बा जिले में बुल्गारिया गुलाब के उत्पादन से यहाँ के लोगों की तकदीर बदल जाएगी। अब ग्रामीण कृषि और बागवानी के साथ पुष्प उत्पादन कर भी अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकेंगे। चुराह के सेईकोठी निवासी लोभीराम ने भी इस दिशा में प्रयास शुरू किए हैं। हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर से कलमें लेकर उन्होंने एक बीघा जमीन में नर्सरी में 25 हजार पौध तैयार की है। इसे बाद में एक हेक्टेयर जमीन में रोपित किया जाएगा। लोभी राम का कहना है कि हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर से बुल्गारिया गुलाब से कलमें लेकर एक बीघा जमीन में ट्रायल पर 25 हजार पौध तैयार की है। इसे एक हेक्टेयर में रोपित किया जाएगा। लोभी राम का कहना है कि महाराष्ट्र व दिल्ली से मांग आनी शुरू हो चुकी है इसके अलावा दुबई से भी ऑर्डर आया है। एक्सपोर्ट संबंधी लंबी औपचारिकताओं के चलते उसे फिलहाल टाल दिया गया है। बुल्गारिया गुलाब की विशेषता बुल्गारिया गुलाब की विशेषता है कि इसकी स्टिक, पौधे, फूल और ड्राई फ्लावर तक बिक जाते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो एक आम गुलाब के पौधे पर एक फूल तोड़ने पर दूसरा फूल आने में कई दिन लगते हैं, जबकि बुल्गारिया गुलाब के एक पौधे से फूल तोड़ने पर दूसरे ही दिन अन्य फूल अंकुरित होने शुरू हो जाते हैं। एक पौधा 100 से 150 फूल देता है। बुल्गारिया गुलाब में अन्य गुलाब कि किस्मों की अपेक्षा तेल और इत्र ज्यादा मात्रा में मिलता है। इससे गुलाब जल भी तैयार किया जाता है। इत्र, क्रीम और तेल बनाने में होता है उपयोग बुल्गारिया गुलाब से इत्र, क्रीम और तेल बनाया जाता है। इसकी मांग अरब के देशों, दुबई सहित भारत के विभिन्न राज्यों में अधिक है। बुल्गारिया गुलाब की पौध 70 से 80 रुपये में मिलती है। इसकी कलमें 15 से 20 रुपये में मिल जाती हैं। इसे नर्सरी, पी-बैग में तैयार किया जा सकता है। डॉ. राजीव चंद्रा, उद्यान विभाग उपनिदेशक उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजीव चंद्रा का कहना है कि प्रगतिशील पुष्प उत्पादक लोभी राम का ट्रायल सफल होने पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा और विभाग अपने स्तर पर भी पुष्प उत्पादकों के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित कर रहा है।
उपमंडल संगड़ाह की गेहल पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव हडय़ोट में रविवार को बीमार युवती को संकरे व बर्फीले रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचाए जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा 108 पर कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई। 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर, हरिपुरधार, गत्ताधार व नौहराधार की एंबुलेंस भी उस समय न होने के चलते युवती को प्राईवेट गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। स्वास्थ्य अधिकारी अनुप्रिया ने बताया कि, पेट दर्द से पीडि़त युवती की हालत अब सामान्य है। ग्रामीणों ने पांजड़ी कहलाने वाले स्टेचर पर जिस बर्फीले दुर्गम रास्ते से युवती को सड़क तक पहुंचाया, उस रास्ते पर आम आदमी के लिए पैदल चलना भी आसान नहीं है। 22 जनवरी, तथा तीन फरवरी, को क्षेत्र में हुए भारी हिमपात के बाद हालांकि लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह की सभी सड़कों से बर्फ हटाई जा चुकी है, मगर ऊपरी इलाके में रास्तों से बर्फ पिघलना शेष है। जिस कारण रास्ते में चलना मुश्किल है। पिछले एक दशक से भाजपा व कांग्रेस नेताओं द्वारा यहां सड़क निर्माण के कई दावे व घोषणाएं की गईं, मगर अभी तक छह किलोमीटर में से केवल डेढ़ किलोमीटर ही सड़क बनाई गई है। पंचायत प्रधान उपासना के अनुसार उनके कार्यकाल में सिरमौर जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल के माध्यम से इस सड़क को एक लाख का बजट मिला था और पूर्व प्रधान के समय में भी 10 लाख से इस सड़क का निर्माण किया गया था। उन्होंने कहा कि, स्थानीय भाजपा व कांग्रेस नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री को भी 25 परिवारों वाली अनुसुचित बस्ती अथवा गांव हडय़ोट के लिए पंचायत का प्रस्ताव भेज बजट उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं। प्रधान ने कहा कि, ग्रामीण पंचायत के लोग विभाग को जमीन देने को तैयार हैं। भलाड़ पंचायत के चुइनाधार संपर्क मार्ग से भी इस गांव के लिए सड़क बन सकती है। जिसकी दूरी महज तीन किलोमीटर तक होगी। हडय़ोट गांव की सड़क के शेष निर्माण कार्य को लेकर भी लोक निर्माण विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों से बात की जाएगी। अब मार्च माह के बाद ही बजट मिलने की उम्मीद है।
राजेश कतनौरिय/ जवाली एनपीएसईए ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जवाली में हुई। जिसमें प्रदेश सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया गया। इस मौके पर जिला मुख्य प्रवक्ता जोगिंदर सिंह, प्रदेश सचिव जितेंद्र, नूरपुर जिला प्रधान अजय प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष डा. विकास नंदा, जिला उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह ,ब्लॉक अध्यक्ष अनिल शर्मा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, उपाध्यक्षपवन धीमान , उपाध्यक्ष संजीव खट्टा, उपाध्यक्ष पायल आयुष ,उपाध्यक्ष सुनीता रानी उपाध्यक्ष मनीष कुमार, उपाध्यक्ष समरजीत, कार्यकारिणी सदस्य सतीश कुमार जेई आईपीएच, अमित कुमार शिक्षा विभाग, जीवन कुमार, राजेश कुमार, राकेश कुमारए रछपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
राजेश कतनौरिय। जवाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सिद्धपुरगाड़ में सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर शुरू हो गया। प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर में 22 स्वयंसेवी भाग ले रहे हैं। इस मौके पर स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने कहा कि ऐसे शिविरों में भाग लेने से छात्रों में देशभक्ति व समाजसेवा की भावना जागृत होती है व साथ ही में अनुशासन में रहने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को पढ़ाई व खेलों के साथ साथ ऐसे शिविरों में भी भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवी समाज को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण व नशों को लेकर जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस मौके पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी वीरता शर्मा व राकेश कुमार सहित संतोष राज, सतीश शर्मा, सुरखा रानी, पंकज, रविंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, शशी वाला, मिनू, दिणा नाथ, पूजा चौधरी, रजनी व कमलेश सहित अन्य स्टॉफ मौजूद रहा। शिविर के दौरान प्रधानाचार्य प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान हैदराबाद के सहयोग समिति के माध्यम से आत्मा कांगड़ा द्वारा यह डिप्लोमा कार्यक्रम 2019-20 में चलाया गया था। यह पठायक्रम एक वर्ष चला, जिसमें उन्हें कृषि की गतिविधियों के बारे में बारीकी से पढ़ाया गया। इस डिप्लोमा कार्यक्रम की वार्षिक परीक्षा 18 व 19 फरवरी 2022 को संपन्न हुइ थी। वार्षिक परीक्षा का संचालन बाहरी प्रशिक्षक डा. अजीत शर्मा द्वारा किया गया था। पहले दिन के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई तथा सारे दस्तावेज सही पाए गए। 19 फरवरी, 2022 को सवेरे के सत्र में वार्षिक लिखित परीक्षा हुई तथा शाम में प्रैक्टिकल परीक्षा हुई। इस परीक्षा में 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रैक्टिकल प्रशिक्षण का संचालन चौधरी सरवान कुमार कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डा. संदीप मनुजा ने किया। डॉक्टर राजेश सूद ने निदेशक समिति में चल रही परीक्षा का निरीक्षण किया तथा सभी प्रतिभागियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी
क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन पर बोले बीजेपी प्रदेश सचिव वीरेंद्र चौधरी मनाेज कुमार। कांगड़ा भारतीय जनता पार्टी प्रदेश सचिव वीरेंद्र चौधरी गोल्डन क्लब कोटक्वाला द्वारा आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन करते कहा कि युवाओं को सकारात्मक कामों की ओर अपना ध्यान देना चाहिए तथा नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने युवाओं से हर 3 महीने बाद रक्तदान के लिए आवाहन किया तथा उन्होंने कहा कि रक्तदान से शरीर में कोई भी नुकसान नहीं होता है। अपितु इससे कई बीमारियां दूर होती हैं। उन्होंने अपनी ओर से क्लब को 5100 रुपए भेंट दिए। इस आयोजन में करीब क्षेत्र की 20 टीमाें ने भाग लिया तथा फाइनल में ढुगयारि तथा मंगलोटी के बीच खेला गया, जिसमें की मंगलोटी की टीम विजयी रही। यहां पर आए सुदेश कक्का ने भी क्लब को 4100 भेंट किया गया। इस कार्यक्रम में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष विशाल भारतीय, युवा मोर्चा आईटी अध्यक्ष सौरभ चौधरी, बीजेपी आईटी सचिव मनीष बाड़ी, साहिल चौधरी, अतुल चौधरी, सुदेश सेहोता व सुदेश काका आदि मौजूद रहे। गोल्डन क्लब कोटक्वाला के अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, अभी चौधरी,रि तिक चौधरी, अतुल सैनी, तरुण सैन व मनु आदि ने वीरेंद्र चौधरी का इस कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद किया।
लडभड़ोल/ उद्यांश सूद एनएसएस इकाई के विद्यार्थियों द्वारा शिविर के तीसरे दिन लडभड़ोल के प्राकृतिक पेयजल स्त्रोतों की सफाई की, जिसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लडभड़ोल के प्रवक्ता व प्रभारी राकेश भरवाल तथा संजय राणा उपस्थित रहे। स्वयंसेवियों ने गांव के दोनों पेयजल स्त्रोतों तथा आसपास में उगी कंटीली झाडिय़ोंं की साफ-सफाई की इस कार्य को करने के लिए महामाया सभा के सदस्य विकास उपाध्याय और नागेश्वर युवक मंडल द्वारा स्वयंसेवियों के लिए जलपान का आयोजन किया गया तथा लोगों ने इनके इस काम की सराहना की।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट ग्राम पंचायत ग्याना में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रमादित्य सिंह एक दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने ग्याना में चल रही भागवत महापुराण कथा में शिरकत की। इस दौरान विधायक विक्रमादित्य सिंह ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की, जबकि यहां पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने विधायक विक्रमादित्य सिंह का स्वागत व अभिनंदन किया। इस दौरान विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कथा का श्रवण किया और आचार्य जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। बीते रोज अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने भी कथा को श्रवण किया। इस अवसर पर विधायक विक्रमादित्य सिंह, सेवादल अध्यक्ष अर्की जय प्रकाश, चमन ठाकुर, नागेश ठकुर व नरेश ठाकुर सहित गांव ग्याना के स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी अर्की में एनएसएस के विशेष शिविर के दूसरे दिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित हुई। शिविर का शुभारंभ 19 फरवरी को हुआ। शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों ने अपने प्रतिदिन के क्रियाकलापों को करने में एवं नए अनुभवों को सीखने में तत्पर हो गए हैं। पहले दिन प्रातः काल जागरण से लेकर नियमित तौर पर अपनी दिनचर्या का पालन हुआ, जिसमें अल्पाहार के पश्चात एनएसएस स्वयंसेवकों ने विद्यालय में स्वच्छता की तथा एनएसएस वाटिका का निर्माण किया। स्वयंसेवकों ने मिल-जुलकर अपनी अपनी टीम के साथ यह कार्य किया। एनएसएस प्रभारी दिनेश कुमार एवं हेमलता बच्चों के साथ उपस्थित रहे। साथ ही प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता प्रातःकाल से ही सभी बच्चों के साथ विभिन्न कार्यों में उनका मार्गदर्शन करते रहे। मध्याह्न भोजन के पश्चात स्रोत व्यक्ति द्वारा बौद्धिक के प्रथम दिन भास्करानंद ठाकुर स्रोत व्यक्ति रहे। जिनका अभिवादन प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता एवं एनएसएस प्रभारियों द्वारा किया गया। भास्करानंद ने बच्चों को जीवन में अनुशासन का महत्व बतलाया। उन्होंने कहा कि हमें प्रतिदिन योग प्राणायाम एवं व्यायाम करने चाहिए। इसके साथ ही कुछ पारिश्रमिक कार्य भी करते रहना चाहिए। आजकल यह देखा जा रहा है कि बच्चों में भी गंभीर बीमारियां घर बना लेती हैं।इसका सबसे बड़ा कारण कहीं न कहीं हमारी टेक्नोलॉजी ही है, जहां यह टेक्नोलॉजी पढ़ाई में वरदान साबित होती है। वहीं, इस का अधिक प्रयोग हमारे स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव भी डालता है। अतः हमें वातावरण के साथ घुलना मिलना चाहिए। प्रतिदिन का हमारा यह नियम रहना चाहिए कि हम प्रकृति के साथ भी समय बिताएं। साथ ही उन्होंने बताया कि किस प्रकार से घर में भी अनुशासन का पालन करते रहना चाहिए। सामाजिक अनुशासन क्या होता है, इस विषय पर विस्तार पूर्वक स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया गया। इस दौरान चंडी विद्यालय की पूर्व छात्रा भावना जो कि बीटेक कंप्यूटर कर रही है उपस्थित रही। प्रथम वर्ष में स्वर्ण पदक भी अर्जित किया है। भावना ने अपने विद्यालय जीवन को याद करते हुए कहा कि आज वह जिस मुकाम पर है, उसका श्रेय माता-पिता एवं समस्त गुरुजनों को जाता है। इसी विद्यालय में रहकर उसने जीवन के लक्ष्य को पहचाना था तथा अनुशासित रहकर निरंतर परिश्रम किया। इसी प्रकार सभी को सभी अध्यापकों तथा अभिभावकों की बातों को गंभीरता से लेना चाहिए। हमारे जीवन में उन्नति के लिए सबसे बड़ा आधार यही होता है। प्रधानाचार्य को भूपेंद्र गुप्ता ने बताया की अनुशासन तथा परिश्रम यह जीवन में सतत चलने वाली प्रक्रिया है। आजीवन हमें इसका पालन करते रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने भावना को उसके उज्जवल भविष्य के लिए मां सरस्वती से प्रार्थना की तथा उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वह आज के पथ पर अग्रसर है। वैसे ही चंडी विद्यालय का प्रत्येक छात्र अपने-अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सक्षम बने इसके लिए विद्यालय परिवार अहर्निशं प्रयासरत है। वहीं, हेमलता एवं दिनेश कुमार ने बताया कि एनएसएस विशेष शिविर सुचारू रूप से चल रहा है। पूर्णतया इस शिविर में कोविड-19 का पालन किया जा रहा है। छात्रों में अत्यंत उत्साह है तथा सभी कार्य बड़ी लग्न से किए जा रहे हैं।
मनीष ठाकुर/भरमौर न्यू पैंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ शिक्षा खंड गरोला की और से वन विभाग विश्राम गृह होली में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता शिक्षा खंड गरोला के अध्यक्ष अश्वनी कुमार ने की। बैठक में नई कार्यकारणी का विस्तार किया गया। बैठक में न्यू पैंशन स्कीम कर्मचारियों को सदस्यता भी दिलवाई गई। कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए योगेंद्र कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष का कार्यभार दिया गया। इसके अलावा रत्न चंद व मोहन लाल उप प्रधान, तेज सिंह राणा सह सचिव, श्याम लाल को मीडिया प्रभारी, अनिल कुमार को मीडिया सह प्रभारी, मनीष कुमार और देवेंद्र कुमार को आईटी प्रभारी, शिव चंद को सह कोषाध्यक्ष, कंचन सिंह मुख्य सलाहकार, अरविंद कुमार, रंजीत, रमेश व विक्रम को सलाहकार बनाया गया। इस बैठक में न्यू पैंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने 3 मार्च को ओपीएस को लागू करवाने हेतु विधानसभा के घेराव के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।
मनोज कुमार/ कांगड़ा विधायक पवन काजल ग्राम पंचायत दौलतपुर में सात लाख रुपए की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने जन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांगड़ा नगर के साथ जुड़ती सभी पंचायतों को सीवरेज व्यवस्था के साथ जोड़ा जाएगा। हलेडकलां,जोगीपुर, ललेह,वीरता, कछियारी, घुरकड़ी और साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज लाइन के विस्तार के लिए 32 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गई है। विधानसभा के बजट सत्र में प्राथमिकताएं योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार से इस योजना की स्वीकृति के लिए बजट की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जहां विकास को नई दिशा मिलेगी,वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था भी चाक-चौबंद होगी। काजल ने कहा दौलतपुर से हार जलाडी, नंदरुल को जोडऩे के लिए बनेर खड्ड पर पुल का निर्माण कार्य शुरू है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह द्वारा साढ़े तीन करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस पुल का शिलान्यास करने के बावजूद भाजपा शासन में कछुआ चाल निर्माण कार्य होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व कांग्रेस शासन में दौलतपुर पंचायत में राजकीय आईटीआई का निर्माण करवाया गया, साथ ही गांव के विकास पर लगभग 50 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। काजल ने गांव के 9 महिला मंडलों को दस -दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी जारी की। इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य सुनीता देवी, जसवंत भण्डारी, सतीश सोनी पूर्व उप प्रधान, संतोष कुमारी पूर्व प्रधान आदि सदस्य उपस्थित रहे।
कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव तांडव गुफा में चल रही 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन ब्यास पंडित आचार्य नागेश कपिल ने कथा को आगे बढाते हुए भगवान शिव के प्राकट्य की व्याख्या की। शिवलिंग उत्पत्ति व शिवलिंग की पूजा अर्चना के बारे श्रोताओं को बताते हुए कहा कि शिव भगवान सभी देवों में सबसे भोले हैं तभी उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है, वह भाव के भूखे हैं। उनका थोड़ा गुणगान करने मात्र से वह खुश हो जाते हैं और अपने भगत को मनचाहा वरदान देते हैं। आचार्य ने कथा के दौरान गौरक्षा का उपदेश भी श्रोताओं को दिया। हर मनुष्य का फर्ज है कि वह गौरक्षा के लिए हर समय सजग व तत्पर रहे और गौवंश की रक्षा करे। इस अवसर पर गुफा विकास समिति के अध्यक्ष राम रतन तनवर, उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर, गुमान कंवर, लायक राम, हेमन्त, दलीप, दीपक, मनु, मनी झांझी, मुकेश, रवि सहित समिति व शम्भू परिवार के सभी सदस्य व सेंकड़ों श्रोता मौजूद रहे।
आज नेहरू युवा क्लब द्वारा महाराजा पदमसिंह मैमोरियल स्टडियम कुनिहार में आशीष मैमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारम्भ बीडीसी अध्यक्ष सोमा कौंडल द्वारा किया गया। सोमा कौंडल ने आयोजकों को प्रतियोगिता के आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं को भाग लेना चाहिए। आज इन्हीं छोटे-छोटे प्लेटफॉर्मों से खेल कर प्लेयर निकले हैं, जो देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इस अवसर पर बीडीसी उपाध्यक्ष मनोहर, सदस्य शशिकांत, कुनिहार पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर विशेष तौर पर उपस्थित रहे। आयोजक सदस्य कमल ठाकुर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में स्थानीय टीमों के अलावा, अन्य जिलों की लगभग 30 टीमें भाग ले रही हैं। हर मैच में मैंन ऑफ द मैच पुरस्कार के अलावा फाइनल विजेता टीम को 51 हजार व ट्राफी तथा उप-विजेता टीम को 31 हजार व ट्राफी से नवाजा जाएगा। आज प्रतियोगिता का पहला मैच युवा क्लब बिलासपुर व ऑल स्टार कैथू शिमला के मध्य खेला गया।
उपमंडल सरकाघाट के गांव चेल के ज्ञान चंद 'द ग्रिनेडियरÓ रजिमैंट में एक नायक पद पर तैनात थे। सन् 1971 में भारत पाकिस्तान का युद्ध शकरगढ़ सैक्टर जम्मू-कश्मीर में युद्ध हुआ था, उस युद्ध में ज्ञान चन्द ने दुश्मनों के छक्के छुड़ाते हुए अहम भूमिका निभाई थीं। कर्नल आफ रजिमैंट व हवलदार सुरेश कुमार, हवलदार अनिल पालसरा तथा हवलदार टेक चन्द शर्मा ने इन्हें सम्मानित किया,वहीं सामाजिक कार्यकर्ता राजीव नेगी ने नायक ज्ञान चंद को सम्मानित होने पर बधाई दी है और कहा कि हम सभी नायक ज्ञान चन्द के बुलंद हौसले को सलाम करते हैं।
राजेश कतनौरिया। जवाली विकास खंड फतेहपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत लाडथ में ऐतिहासिक बाबा बल्ले दा पीर लाडथ के मंदिर में आज 107 वर्ष की गीता देवी गांव नगरोटु (दरकाटी) ने पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाया, 107 वर्ष की गीता देवी के परिवार के सदस्यों ने बताया की गीता देवी पहले पोंग डैम के डुहक जहां पर बाबाजी का पुराना दरबार था, वहां भी माथा टेकने जाते थे। गीता देवी के परिवार के सदस्यों ने बताया कि वृद्ध होने के बावजूद भी वह हर समय घर में भी बाबा बल्ले दा पीर की पूजा-अर्चना करती रहती है और बाबा की प्रति गहरी पुर्ण आस्था है।
जवाली / राजेश कतनौरिय शाईन यूथ क्लव भरमाड़ दआरा काली मिट्टी के मैदान में क्रिकेट का सेमीफाइनल मैच खेला गया। इसका शुभारंभ पूर्व जिला परिषद सदसय व युवा कांग्रेस नेता सुनिल कुमार ( डिमल) ने शाईन क्लव को 11000 रुपए कि राशि क्लव को भेंट की गई। जिसमें शिबोथान की टीम ने सेमीफाइनल में 113 रन का बनाए और भगवाल टीम 38 रन पर ही बनाए। इस मैच में शिबोथान की टीम विजय रही।
विनायक ठाकुर/जसवां परागपुर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग ने अध्यक्ष अशोक मेहरा की अध्यक्षता में (अशोका मैरिज पैलेस) नंगल चौक में महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती मनाई। इसमें काफी संख्या में आए लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्ष अशोक मेहरा ने सर्वप्रथम महात्माजी की प्रतिमा के सम्मुख पुष्प अर्पित करते हुए, उनके जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ज्योतिराव फुले ने किस तरह समाज के लोगों को शिक्षा की ओर अग्रसर किया और एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। आज से पहले अपने समय में उन्होंने बहुत कठिनाइयां झेलीं, उनके समय में शिक्षा का अभाव था। कुछ लोग उनका मजाक उड़ाते थे, परंतु उन्होंने कभी किसी का बुरा नहीं माना और लक्ष्य को निर्धारित कर सफलता प्राप्त करते हुए शिक्षित बने। उन्होंने समाज के युवक व युवतियों को शिक्षित बनकर देश व समाज का नाम रोशन करने की अपील की।
विनायक ठाकुर/जसवां परागपुर रैल पंचायत के अन्तर्गत साईं गोकुलम् बनूड़ी की गौशाला में रविवार को गोपूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में खण्ड विकास अधिकारी प्रागपुर कंवर सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने सहपरिवार गोशाला में गौपूजन किया तथा सरकार द्वारा किए जा रहे विविध विकासात्मक कार्यों का निरीक्षण भी किया। सरकार के द्वारा गौ रक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में भी अवगत करवाया और भविष्य में किए जाने वाले सुधारात्मक कार्यों के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। गौशाला में निरीक्षण के दौरान उन्होंने गऊओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। लक्ष्मीनारायण गौरक्षा सेवा समिति बनूड़ी की ओर से उनका विशेष आभार प्रकट किया गया। इस अवसर पर समिति के महासचिव अनिल वर्मा जी, उपाध्यक्ष अजय ठाकुर, उपाध्यक्ष डा. अमनदीप शर्मा, सह सचिव रोशन लाल, पंचायत उपप्रधान रमेश कुमार, पंचायत सचिव पवन किशोर, अनुराग सूद, जसबीर सिंह उपस्थित रहे।
मनीष ठाकुर। इंदौरा थाना डमटाल के अंतर्गत डमटाल बीच बाजार में संगम ढाबा के पास अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित डमटाल में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे संगम ढाबा के पास खून से लथपथ लाश राहगीरों द्वारा देखी गई। राहगीरों ने तुरंत थाना डमटाल में सूचना दी, जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। जब शव की तलाशी ली गई, तो उसके पास कोई भी आईडी प्रूफ नहीं पाया गया, जिससे सब की पहचान नहीं हो पाई। डीएसपी नूरपुर सुरेंद्र शर्मा सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला 1200 पुलिस जवान व 25 के करीब अधिकारी संभालेंगे धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा। बम निरोधक दस्ते भी निगरानी करेंगे। मैदान के भीतर व बाहर की सुरक्षा हिमाचल पुलिस के जवान संभालेंगे। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन 100 से अधिक निजी सिक्योरिटी गार्ड तैनात करेगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 26 व 27 फरवरी को होने वाले टी-20 मैचों के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। यहां आने वाले दर्शकों, खिलाड़ियों व महत्वपूर्ण लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हिमाचल पुलिस के कंधों पर है। मैदान के भीतर व बाहर की सुरक्षा हिमाचल पुलिस के जवान संभालेंगे। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन 100 से अधिक निजी सिक्योरिटी गार्ड तैनात करेगी। दर्शकों के वाहनों को पार्क करने के लिए दाड़ी मेला मैदान व पुलिस ग्राउंड में व्यवस्था की गई है। वीआईपी लोगों के वाहन धर्मशाला स्टेडियम के निकट साईं मैदान के पास पार्क हो सकेंगे। कुछ मार्गों को वन-वे भी किया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक प्लान पुलिस तैयार कर रही है और जल्द इसे लोगों के साथ शेयर किया जाएगा। दर्शकाें के लिए मास्क जरूरी मैच देखने वाले हर दर्शक को मास्क पहनना होगा और थर्मल स्कै¨नग भी करवानी होगी। टिकट के साथ-साथ स्टैंड तक पहुंचने के लिए मुख्य एंट्री व गेट नंबर भी साथ ही दिए जा रहे हैं। एचपीसीए धर्मशाला के निदेशक संजय शर्मा ने बताया कि पुलिस जवानों के साथ-साथ करीब 100 निजी सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात किए जाएंगे। मैदान के भीतर सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। आयोजन में कोविड-19 नियमों का पालन किया जाएगा। टिकट पेटीएम पर बिकने शुरू हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक कांगड़ा डॉ. खुशहाल शर्मा ने बताया कि मैचों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। 1200 पुलिस जवान सुरक्षा व यातायात व्यवस्था संभालेंगे। ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। कुछ रोड डायवर्ट करने की योजना है। दर्शक अपने वाहन दाड़ी व पुलिस मैदान में पार्क कर सकेंगे।
मनीष ठाकुर। इंदौरा काठगढ़ शिव मंदिर में हर वर्ष की तरह तीन दिवसीय महा शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, जिसके लिए इंदौरा एसडीएम सोमिल गौतम ने शिवरात्रि पर्व को लेकर काठगढ़ शिव मंदिर सुधार सभा व इंदौरा समस्त विभागों के अधिकारियों के साथ काठगढ़ मंदिर के प्रागण में विशेष बैठक कर शिवरात्रि महोत्सव को सफल बनाने के लिए विशेष बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर इंदौरा के तहसीलदार व मेला अधिकारी मदन कुमार शिव मंदिर काठगढ़ सुधार सभा के अध्यक्ष ओम प्रकाश कटोच विशेष तौर पर उपस्थित रहे। शिव मंदिर काठगढ़ सुधार सभा के अध्यक्ष व सभा के पदाधिकारियों व इंदाैरा के समस्त विभागों के अधिकारियों के साथ शिव मंदिर काठगढ़ में होने वाले तीन दिवसीय शिवरात्रि पर्व को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखकर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें विभागों के अधिकारियों व सभा ने एसडीएम के समक्ष कई अहम मुद्दों पर विचार करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए अपने-अपने विचार रखे खास तौर पर कोरोना महामारी का प्रभाव न हो इसके लिए मेले के दाैरान सफाई पर विशेष तौर पर विचार किया गया। वहीं, मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम के लेकर भी विचार किया गया, जिसमें भजन मंडली श्रद्धालुओं को शिव महिमा का गुणगान कर भक्ति रस में डुबोएगी। शिव मंदिर काठगढ़ मेले के दोरान मंदिर के प्रांगण में 16 सीसीटीवी लगाए गए हैं सुरक्षा के लिहाज से कैमरों की संख्या में ओर इजाफा किया जा सकता है। मेले को लेकर एचआरटीसी की 6 अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी, जो काठगढ़ से इंदौरा के मंड क्षेत्र के गांव पराल तक, बडुखर से लेकर काठगढ़, पठानकोट से लेकर काठगढ़ तक मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष तौर पर लगाई जाएंगी। वहीं, मेले के दौरान मिठाई की दुकानों व लंगरों में स्वास्थत विभाग व खाद्य निरीक्षक पूरी तरह से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट एसडीएम इंदौरा को प्रेषित करेंगे और प्रसाद कि दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों को व्हील चेयर पर मंदिर में माथा टेकने के लिए विशेष रास्ता बनाया गया है, जहां से मंदिर के सेवादार उन्हें दर्शन कराएंगे। मेले में अपनी अहम भूमिका और लोगों की सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने करीब 200 से अधिक पुलिस फोर्स की मंदिर में तैनाती करने की मांग रखी है। मेले के दौरान बिजली पानी की व्यवस्था के लिए विद्युत व जल शक्ति विभाग तीन दिन तक मेले में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। वहीं, शौचालयों की साफ-सफाई व मेले के दाैरान डस्टबीन का खास प्रबंध किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था को लेकर मंदिर के दोनों तरफ दो बड़ी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मेले के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या पेश न आए इसके लिए वाहनों की पार्किंग के लिए विशेष तौर पर मन्दिर सभा द्वारा कार्य किया गया है। सभा के अध्यक्ष ने सरकार के समक्ष रखी मांग शिव मंदिर काठगढ़ सभा के अध्यक्ष ओम प्रकाश कटोच ने एसडीएम के समक्ष मांग रखते हुए कहा कि मेले के दोरान लोगो की सुरक्षा व कानून व्यस्था बनाए रखने में तैनात किए जाने वाले पुलिस बल को मन्दिर प्रशासन से शुल्क न लेते हुए निशुल्क तोर पर मंदिर में तैनात किया जाए जिसके लिए एसडीएम ने उच्चाधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को रखने की बात सभा से कही। मेले के लिए मंदिर के महंत देंगे डेढ़ लाख शिव मंदिर काठगढ़ के मुख्य महंत कालिदास ने मेले के सफल आयोजन के लिए शिव मंदिर सुधार सभा को 1 लाख 50 हज़ार रुपए देने की घोषणा की।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला शिमला की तहसील कोटखाई के बाघी के समीप एक अल्टो कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जो गाड़ी (एचपी-63-8522) बताई जा रही है। एक्सीडेंट समय करीब 2:35 बजे बताया जा रहा है। गाड़ी में सवार दो व्यक्ति थे कांन चनद सन ऑफ लेट भागचंद गांव नालाबण डाकघर कडीवन की मौके पर मौत हो गई है तथा हरदयाल सन ऑफ अकलु राम को काफी चोटें आई हैं, इसको उपचार के लिए कोटखाई ले जाया गया है।
गगन शर्मा। पांवटा साहिब खंड विकास कार्यालय पंवटा साहिब के सभागार में आज बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुख राम चौधरी की अध्यक्षता में विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों को विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए। सुखराम चौधरी ने सभी विभागों के अधिकारियों से बैठक के दौरान कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का पांवटा साहिब दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान उनके करकमलों द्वारा विभिन्न विकास कार्यों तथा योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारीयों से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा होने वाले विभिन्न योजनाओं के उद्घाटनों व शिलान्यासों के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की। ऊर्जा मंत्री ने प्रत्येक विभाग से संबंधित विकास कार्यों का जायज़ा लिया तथा विकास कार्यों बारे अधिकारीयों को निर्देश देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इन कार्यों को पूरा किया जाए, ताकि योजनाओं को पूरा करके क्षेत्र के लोगों को इनका लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने अधिकारीयों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं के लिए बजट उपलब्ध है, उनके शीघ्र अति शीघ्र टेंडर लगाए जाएं, ताकि क्षेत्र में विकास कार्यों को और गति मिल सके। इससे पूर्व ऊर्जा मंत्री ने ग्राम पंचायत भुंगरनी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2 करोड़ 60 लाख की लागत से ग्राम बेहडेवाला, निहालगढ़, हरीपुर टोहाना, अकालगढ़ व कुंजा मंत्रालियों के लिए बनने वाली उठाऊ पेयजल योजना के नलकूप का भूमि पूजन किया। इस योजना के निर्माण से चार पंचायतों के लगभग 10000 लोगों को पेयजल की सुविधा का लाभ मिलेगा। समीक्षा बैठक में बीडीसी अध्यक्ष हितेंद्र कुमार, भाजपा मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, एसडीएम विवेक महाजन, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग अजय कपूर, अधीक्षण अभियंता विधुत बोर्ड मनदीप सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग पांवटा साहिब केएल चौधरी, डीएफओ कुनाल अंग्रिश, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग शिलाई पीके उपरेती, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग अरशद अहमद, कार्यकारी अधिकारी नगर पालिका परिषद अजमेर ठाकुर, कार्यकारी खंड विकास अधिकारी रवि प्रकाश जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में आज सिद्ध ज्वाला देवी स्वरूप माता की मूर्ति का जन्मोत्सव मनाया गया। आज ही के दिन ज्वाला माता के स्वरूप की स्थापना की गई थी। पुजारी वर्ग व मंदिर अधिकारी तहसीलदार दीनानाथ यादव ने ज्वाला माता मूर्ति की विधिवत पूजा-अर्चना कर भोग प्रसाद लगाया। पुजारी महासभा प्रधान अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि फाल्गुन मास कृष्ण चतुर्थी को ही माता ज्वाला के सिद्ध स्वरूप की स्थापना मंदिर परिसर में की गई थी। आज का दिन माता का बिशेष जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और माता का भव्य श्रृंगार किया जाता है और बिशेष पूजा-अर्चना व प्रसाद भोग लगाया जाता है। पुजारी द्वारा प्रतिदिन माता को भोग प्रसाद व पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने सभी को माता के जन्मदिवस की बधाई दी और माता से प्रार्थना की है कि सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हो और सभी के जीवन मे खुशियों के फूल खिलें। मंदिर अधिकारी दीनानाथ ने बताया कि आज माता ज्वाला के सिद्ध दुर्गा स्वरूप का जन्मोत्सव मनाया गया और माता से प्रार्थना की है कि सभी के जीवन में सुख शांति समृद्धि बनी रहे और कोरोना महामारी का हमेशा के लिए अंत हो और शांतिपूर्वक व्यवस्था निरंतर चलती रहे। आज फाल्गुन माह में भक्तों की भीड़ भी मंदिर में बढ़ रही है और श्रद्धालु सभी सुविधाओं से मंदिर में दर्शन कर रहे हैं।
मनाेज कुमार। कांगड़ा राजकीय महाविद्यालय मटौर में सड़क सुरक्षा एवं यातायात संकेतों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए महाविद्यालय के सड़क सुरक्षा क्लब ने आज महाविद्यालय में पोस्टर मेकिंग एवं नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया। सड़क सुरक्षा क्लब के संयोजक डॉक्टर प्रवेश गिल ने इस अवसर पर सड़क का प्रयोग करने वाले वाहन चालकों, पैदल यात्रियों व अन्य वाहनों के संबंध में विस्तार से बताया। राहगीरों चालक राहगीरों के कर्तव्य ओवर स्पीड, ओवरलोडिंग व टिप्पलिंग आदि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस गतिविधि में महाविद्यालय के लगभग 50 विद्यार्थियों ने पोस्टर मेकिंग और नारा लेखन में भाग लिया। इसमें पोस्टर मेकिंग में शालिनी बीए तृतीय ने प्रथम, अमृता बीकॉम द्वितीय, तुषार बीकॉम तृतीय स्थान पर रहे। वहीं, नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सूरज बीए दो, द्वितीय स्थान पायल बीकॉम दो व तृतीय स्थान सुरेंद्र बीकॉम तीन विजेता रहे।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी 5 राज्यों में बना चुनावी माहौल बता रहा है कि बीजेपी के दिन अब गिनती के बचे हैं। यह बात प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता एवम कांग्रेसी ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई की मारी जनता का आक्रोश बीजेपी के प्रति सातवें आसमान पर है। जनता अब जल्द से जल्द बीजेपी के कुशासन से निजात पाना चाह रही है। उन्होंने कहा कि जनता ही नहीं बीजेपी के अपने नेता व कार्यकर्ता बीजेपी की तानाशाही हुकूमत से तंग आ चुके हैं। संजय रत्न ने कहा कि बीजेपी को अब न अपने झेलना चाहते हैं न पराए झेल पा रहे हैं। ऐसे में बीजेपी का जाना तय है। उन्होंने कहा कि वास्तव में बीजेपी की दमनकारी नीतियों के कारण जनता बीजेपी से नाराज नहीं है, बल्कि नफरत पाल बैठी है। जिसके चलते लोकतंत्र से आम आदमी का विश्वास लगातार कम हुआ है।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी विशविख्यात माता ज्वालामुखी मंदिर में शनिवार को मंदिर परिसर में लंगर की सुविधा फिरसे शुरू कर दी गई है। कोरोना महामारी की वजह से मंदिर में चलने वाली लंगर सुविधा को बंद कर दिया गया था, जिसे अब फिर से सुचारू कर दिया गया है। अधिक जानकारी देते हुए मंदिर अधिकारी दीनानाथ यादव ने बताया कि माता ज्वालामुखी के पावन मंदिर में कोरोना एसओपी का पालन करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु लंगर की सुविधा को फिरसे शुरू कर दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना के बढ़ते केस को देखकर मंदिर में चलने वाले लंगर को बंद कर दिया गया था, जिससे दूर-दराज क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, अब एक बार फिर से लंगर सुविधा शुरू होने से श्रद्धालुओं ने राहत भरी सांस ली है। वहीं, ज्वालामुखी से समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद सूक्ष्म सूद द्वारा सरकार एवं मंदिर प्रबंधक द्वारा लिए इस फैसले के ऊपर खुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि मंदिर में लंगर एक बार फिर शुरू होने से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी।
काजल ने गांव के छह महिला मंडलों को दस-दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता मनाेज कुमार। कांगड़ा विधायक पवन काजल ने शनिवार को "आपका विधायक आपके घर द्वार" कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाकुरद्वारा जनता की समस्याएं सुनी। काजल ने कहा ठाकुरद्वारा पंचायत की पेयजल समस्या के समाधान के लिए 7 करोड़ 90 लाख रुपए की पेयजल योजना मंजूर हुई है। एक वर्ष के भीतर साथ लगती रानीताल और अन्य पांच पंचायतों की पेयजल समस्या का समाधान इस योजना का निर्माण कार्य पूरा करवा कर कर दिया जाएगा। काजल ने कहा मौजूदा भाजपा सरकार महंगाई और बेरोजगारी पर नियंत्रण करने में विफल रही है। काजल ने कहा मौजूदा सरकार राशन के डिपो में महंगे दामों पर घटिया राशन मुहैया करवा रही है। नया वेतन आयोग लागू करने से कर्मचारी वर्ग नाखुश है। कोरोना वारियर डॉक्टर अपने वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए जनसेवा के बजाय हड़ताल करने पर मजबूर हैं। जिला कांगड़ा से सरकारी कार्यालयों को दूसरे जिलों को शिफ्ट किया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री ने जिला कांगड़ा का शीतकालीन प्रवास बंद कर यहां के विकास पर ग्रहण लगा दिया है। काजल ने गांव के छह महिला मंडलों को दस-दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी जारी की। इस मौके पर ग्राम पंचायत ठाकुरद्वारा के प्रधान प्रकाश चंद, उप प्रधान प्रवीण कुमार, जोगिंद्र सिंह, ज्वाला देवी, सुमन देवी, पंचायत समिति सदस्य शेर सिंह, सीमा देवी पूर्व प्रधान, देश राज पूर्व उप प्रधान, अनूप सिंह, राम स्वरुप, देश राज, राकेश कुमार, गांधी राम, कुलदीप कुमार, चुनी लाल, महिला मंडल प्रधान सुमना देवी, सुमन वाला, रीता देवी, दया देवी, निर्मला देवी, सुनीता देवी, किशोरी लाल मेहता व रणजीत सिंह उप प्रधान सपडू भी उपस्थित रहे।
मनीष ठाकुर। इंदाैरा पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा के अंतर्गत नारकोटिक्स सैल की टीम ने तमोता गांव में एक घर मे सर्च के दौरान एक युवक को चिट्टे की खेप व ड्रग्स मनी सहित काबू किया है। जानकारी देते हुए डीएसपी नूरपुर सुरिंद्र शर्मा ने बताया कि आज पुलिस को सूचना मिली की मिलवां पंचायत के गांव तमोता में एक युवक अपने ही घर में नशा बेचने का कारोबार कर रहा है, जिस पर कार्रवाई करते हुए आज बाद दोपहर नारकोटिक्स सैल की टीम के प्रभारी हामिद मुहम्मद व मुख्य आरक्षी विपन शर्मा की अगवाही में टीम ने तमोता गांव में गुप्त सूचना के आधार पर बताए गए घर में दविश दी और स्थानीय लोंगो की मौजूदगी में घर में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान युवक के घर से चिट्टे की कुल 28 विट, जिसका कुल बजन 3.28 ग्राम व 8200 रुपए ड्रग्स मनी के रूप में बरामद हुए। पकड़े गए आरोपी की पहचान अजय कुमार पुत्र कंश राज निवासी तमोता डाकघर उलेहडिया तहसील व थाना इंदौरा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से पकड़ी गई नशे की खेप व ड्रग्स मनी को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डीएसपी नूरपुर सुरिंदर शर्मा ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की है।
फर्स्ट वर्डिक्ट । धर्मशाला फर्स्ट वर्डिक्ट (धर्मशाला) की ओर से एवीएस अकादमी के सभागार में शनिवार को रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें एवीएस अकादमी के पदाधिकारियों के सहयोग से 36 युवाओं ने रक्तदान किया। रक्तदान शिविर का शुभारंभ स्थानीय विधायक विशाल नेहरिया ने किया। इस मौके पर विधायक ने कहा कि अक्सर गंभीर घायलों और बीमारों की जान खून की कमी से चली जाती है। खून की कमी से लोगों की जान न जाए इसको लेकर फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया की ओर से रक्तदान शिवर का आयोजन सराहनीय कदम है। इस दौरान शिविर में रक्तदान को लेकर युवाओं में उत्साह देखने को मिला। 36 युवा रक्तदान कर महादानी बने। इनमें कई ऐसे युवा भी हैं, जो नियमित रक्तदाता हैं। इसमें कुछ युवा रक्तदान करने आए पर कोरोना टीकाकरण हाल ही में होने से खून नहीं लिया गया। इस दौरान फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया और एवीएस अकादमी की मुहिम से प्रभावित होकर भी कई युवा रक्तदान करने पहुंचे। रक्तदान करने वालों को फस्ट वर्डिक्ट मीडिया और अस्पताल की ओर से विधायक विशाल नेहरिया ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। फर्स्ट वर्डिक्ट द्वारा आयोजित यह तीसरा सफल रक्तदान शिविर था।


















































