गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हर वर्ष की तरह स्वर्गीय सविता गर्ग की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाला रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर की शुरूआत विद्यालय की प्रबंधन कमेटी के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा श्रद्धा सुमन अर्पित करके की गई। स्वर्गीय सविता गर्ग के पुत्र समीर गर्ग तथा पुत्रवधू अदिति गर्ग ने सबसे पहले रक्त देकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉक्टर रूप प्रीत कौर, लैब टेक्नीशियन संजय कश्यप, स्टाफ नर्स सुषमा कटोच, प्रमोद तथा कैलाश की निगरानी में कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
विद्युत उपमंडल-1 हमीरपुर में लाईनों की आवश्यक मरम्मत के चलते 8 सितंबर को दुलेहड़ा, बजूरी, मसियाणा, बाड़ी, फरनोल, बाडला, कुसवाड़ी, बकराटी और साथ लगते गांवों में सुबह 9 से सायं 5 बजे तक बिजली बंद रहेगी। सहायक अधिशाषी अभियंता सुनील भाटिया ने बताया कि पहले यह मरम्मत कार्य 7 सितंबर को किया जाना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा। अब इस क्षेत्र में लाईनों की मरम्मत का कार्य 8 सितंबर को होगा और यह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेशवासियों के साथ संवाद स्थापित किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण की पहली खुराक प्राप्त करने का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण होने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए बधाई दी। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लाईव प्रसारण किया गया। ग्राम पंचायतों में भी प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम के लाईव प्रसारण को देखा और सुना गया। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की पंचायत टौणी देवी में कार्यक्रम देखा और अपने संदेश में हिमाचल प्रदेश के लोगों को 100% वेक्सीनेट करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयास और केंद्र सरकार द्वारा भरपूर दवाई हिमाचल प्रदेश को भेजी गई थी इसके साथ-साथ इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रयास सार्थक हुए जिसकी बदौलत आज प्रदेश पूरे भारत में 100% वैक्सीन लगाने वाला पहला राज्य बन पाया है जिसके लिए सभी को बधाई है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए नियमों का पालन करें और अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार के किसानों के साथ अड़ियल रवैये पर दुःख जताया है। उन्होंने कहा है कि देश में पहली बार एक ऐसी निरकुंश सरकार बेठी है, जिसे न तो लोगों की कोई परवाह है और न ही देश की। आज देश जिन गम्भीर परिस्थितियों से गुज़र रहा है, वह सब इसके जनविरोधी नीतियों का ही परिणाम है। राठौर ने उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित किसानों की महापंचायत को सरकार के प्रति एक बड़ा जन आक्रोश बताते हुए कहा कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसान इस देश का अन्नदाता है और उसकी आवाज पूरे देश की आवाज है।इनकी आवाज को दबाया नही जा सकता। राठौर ने कहा कि प्रदेश में सेब बागवानों के साथ भी सरकार का कमोबेश यही रवैया है। प्रदेश के बागवानो की कोई आवाज नही सुनी जा रही। उनकी उपेक्षा के चलते सरकार की ओर से उन्हें कोई भी मदद नही मिल रही है। बागवानो को पूरी तरह से निजी कंपनियों के हाथों में सौंप दिया है और वह अपनी मनमर्जी के चलते सेब के मूल्यों को तय कर रहें है। बागवानो को उनकी फसल का वाजिब दाम भी नही मिल रहा है। राठौर ने कहा कि केंद्र सरकार के काले तीन नए कृषि कानूनों ने देश की कृषि व बागवानी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से अस्त व्यस्त कर दिया है।उन्होंने कहा कि किसानों व बागवानो को पूरी तरह से निजी कंपनियों व विचौलियों को सौंप दिया है,जहां वह इनकी मनमर्जी व शोषण का शिकार हो रहें है। सरकार ने अपनी आंखे मूंद रखी है। राठौर ने कहा कि कांग्रेस किसानों बागवानो के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अभी तो उत्तरप्रदेश से ही भाजपा के खिलाफ जंग का एलान हुआ है। अब प्रदेश के बागवान भी इस जंग में उतरेंगे और भाजपा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस भाजपा की जनविरोधी नीतियों व निर्णयों के खिलाफ लोगों के साथ खड़ी है और उसे इस कुशासन से मुक्ति दिलाने के प्रति कृत संकल्प है।
कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सराहन की जनसभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व देश के पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्व.पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम पर हंसी उपहास करने की आलोचना करते हुए कहा है भाजपा नेताओं ने भारतीय संस्कृति व परम्पराओं को तिलांजलि दे दी है। देश की स्वतंत्रता में अपना प्रमुख योगदान देने वाले नेताओं के नामों का मज़ाक उड़ाना और उन पर हंसना राष्ट्र भक्तों का घोर अपमान है, जिसे किसी भी स्तर पर सहन नही किया जा सकता। हिमराल ने अपने बयान में कहा कि गांधी व नेहरू का किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा उनके नाम का उपहास करना यह उनका नही देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस प्रकार से कांग्रेस के नेताओं का अपमान कर रही है, उससे इनकी संकीर्ण मानसिकता का साफ पता चलता है।उन्होंने कहा कि गांधी व नहेरु की तुलना किसी आम व्यक्ति से कदापि नही की जा सकती, इसलिए मुख्यमंत्री को अपने शब्द वापिस लेते हुए माफी मांगनी चाहिए।
भुंतर पुलिस को जिया संगम के समीप व्यास नदी में एक युवक का शव मिला है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव की शिनाख्त फिलहाल नहीं हो सकी है। शव युवक का है, जिसकी आयु 32 से 33 वर्ष की लग रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर अगामी जांच शुरू कर दी है।
जिला परिषद सदस्य मुनीष शर्मा की अगुवाई में सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के युवाओं ने हिमाचल पथ परिवहन सरकाघाट डिपो के क्षेत्रीय व लंबे रूटों को बसों व स्टाफ सहित धर्मपुर डिपो में स्थानांतरित करने के विरोध में सरकाघाट डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक का घेराव किया और मांग पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री व एमडी एचआरटीसी से इस फैसले को वापिस लेने की मांग की। गौरतलब है कि मुनीष शर्मा की अगुवाई में इससे पहले पंचायत प्रतिनिधि, सरकाघाट नगर परिषद के प्रतिनिधि, महिला मंडल व युवक मंडल इस निर्णय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर चुके हैं। मुनीष शर्मा ने कहा कि इस फैसले से सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त हो चुका है व लोग अपने आप को अनदेखी का शिकार महसूस कर रहे हैं। इस फैसले से सरकाघाट डिपो कमजोर होगा क्योंकि अच्छी आमदन वाले क्षेत्रीय रूट व लम्बे रूट जोकि सरकाघाट से चलते थे, उनको जानबूझकर धर्मपुर डिपो में स्थानांतरित किया गया है। मुनीष शर्मा ने कहा कि अगर विधायक को सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र की चिंता है तो इन बस रूटों को धर्मपुर स्थानांतरित करने से रोकें। उन्होंने आगाह किया है कि सरकाघाट विधानसभा की अनदेखी और विधायक के नकारेपन के खिलाफ बड़े स्तर का अभियान शीघ्र ही छेड़ दिया जाएगा।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आज हिमाचल प्रदेश में 18 प्लस की शत-प्रतिशत आबादी को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज प्रदान करने पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन में उत्कृष्ट योगदान करने वाले अनेक व्यक्तियों के साथ प्रधानमंत्री ने सीधा संवाद किया। इसी कड़ी में कुल्लू जिला के ऐतिहासिक गांव मलाणा की आशा वर्कर निरमा देवी के साथ प्रधानमंत्री ने काफी देर तक संवाद किया और मलाणा जैसे देवास्था के केन्द्र में लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने के बारे में निरमा देवी से जाना। निरमा देवी ने प्रधानमंत्री को अवगत करवाया कि मलाणा में स्थानीय आराध्य देवता जमलू के आदेश के बिना कोई कार्य नहीं किया जा सकता। देवता की अनुमति से लोग अपनी परम्पराओं, रीति-रिवाजों और दिनचर्या के कार्यों को करते हैं। निरमा ने बताया कि मलाणा के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार करना बहुत बड़ी चुनौती थी। निरमा देवी ने स्थानीय बोली में देव कार्यों से जुड़े लोगों तथा स्थानीय ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को वैक्सीन की उपयोगिता के बारे में बताया। निरमा देवी ने प्रधानमंत्री को अवगत करवाया कि मलाणा का अपना लोकतंत्र है और यहां का शासन और प्रशासन स्थानीय देवता की अनुमति से चलता ह। प्रधानमंत्री ने कहा कि मलाणा कुल्लू जिला का दूरदराज का एक ऐतिहासिक गांव है और वह स्वयं भी इस गांव में जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मलाणा ने लोकतंत्र मार्गदर्शन की दिशा में अलग भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मलाणा में स्पैन के माध्यम से वैक्सीन पहुंचाना कठिन काम था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वैक्सीनेशन के लक्ष्य को हासिल करने पर यहां के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि उपायुक्त आशुतोष गर्ग लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने के लिए वैक्सीन सहित व स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित स्वयं मलाणा पहुंचे तो लोगों में एक नई आस जगी और अलग सी खुशी लोगों के चेहरों पर दिखाई दी। निरमा देवी ने भी उपायुक्त का संदेश स्थानीय बोली में लोगों तक पहुंचाया और अंततः सभी लोग वैक्सीन लगवाने के लिए राजी हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो दिन मलाणा रूककर सभी 701 लोगों का वैक्सीनेशन किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से वैक्सीन संवाद कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली में उपस्थित रहे और वहीं से वर्चुअल संवाद सुना। गोविंद ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश की 18 प्लस आयु की शत-प्रतिशत आबादी को कोरोना की प्रथम डोज देने के लक्ष्य को हासिल किया है जिसके लिए प्रधानमंत्री संवाद कार्यक्रम रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और प्रदेशवासियों को अपनी शुभकामनाए दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर ने वैक्सीनेशन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जो व्यवस्था बनाई, उसके लिए वह प्रशंसा के पात्र हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां हैं, जहां अनेक जगहों पर लंबी पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुल्लू जिला के दूरदराज के गांवों शाक्टी-मरौड़ तथा मलाणा जैसे क्षेत्रों में प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन लगाना बहुत बड़ी चुनौती थी। शाक्टी मरौड़ के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम 21 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके पहुंची और हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाई। इसी प्रकार, मलाणा गांव जिसका अनुपम इतिहास है, अपना लोकतंत्र है, में लोगों को वैक्सीन के लिए प्रेरित करना बहुत बड़ा काम था और जिला के उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने स्थानीय ग्राम पंचायत के चुने हुए प्रतिनिधियों व देवकारज से जुड़े लोगों को विश्वास में लेकर उन्हें वैक्सीन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय आशा वर्कर निरमा देवी का योगदान वैक्सीनेशन में महत्वपूर्ण रहा है जिन्होंने स्थानीय बोली में गांव के एक-एक व्यक्ति को वैक्सीन के बारे में समझाया। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम के उपरांत पर्वतारोहण संस्थान में मनाली विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है और उनके क्षेत्र के लोग कभी भी उनसे अपनी समस्याओं के बारे में बात कर सकते हैं। गोविंद ठाकुर ने कहा कि वह हर समय मनाली विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं और जब भी समय मिलता है वह लोगों के बीच स्वंय जाते हैं और उनकी समस्याओं को सुनते हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कूहना में "राष्ट्रनिर्माता शिक्षक समारोह-2021का आयोजन कोविड नियमानुसार किया गया। जिसमें शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्राचार्या उर्मिल सागर को शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्राचार्या उर्मिल सागर ने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत सम्मान नही बल्कि सभी शिक्षकों का सम्मान है। उन्होंने जो भी इस शैक्षिक जीवन मे प्राप्त किया है वह टीम वर्क से ही प्राप्त किया है। इस अवसर पर प्रवक्ता श्याम कुमार ने कहा कि जिस समाज मे शिक्षकों का सम्मान किया जाता है उस समाज को सभ्य समाज माना जाता है। उन्होंने कहा कि जब भी देश में रचनात्मक परिवर्तन आये है, उसमें शिक्षक की भूमिका अग्रणी रही है। इस अवसर पर जगदेव परमार ने कहा कि शिक्षक समाज को सिखाता भी है और समाज को सिखाता भी है। सीखने सिखाने की इसी श्रृंखला से समाज का निर्माण होता है। कार्यक्रम में सभी को जलपान व मिष्ठान भी वितरित किए गए।
भारत-तिब्बत समन्वय संघ की कोर कमेटी की बैठक में प्रथम राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिनाम वैज्ञानिक प्रो प्रयाग दत्त जुयाल को सर्वसम्मति से चुना गया। प्रो जुयाल प्रसिद्ध पशु विज्ञानी हैं और गत वर्ष जबलपुर (मध्य प्रदेश) के नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी के कुलपति के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रो जुयाल के नाम का प्रस्ताव केंद्रीय संयोजक हेमेन्द्र तोमर ने रखा, जिसे सभी सदस्यों ने पूर्ण सहमति से पारित कर दिया। उत्तराखंड के मूल निवासी प्रो जुयाल वर्तमान में देहरादून में निवास कर रहे हैं और अब तक बीटीएसएस की केंद्रीय परामर्शदात्री समिति (सीएसी) के माननीय सदस्य के रूप में नियुक्त थे। इनके बारे में केंद्रीय संयोजक तोमर ने बताया कि प्रो जुयाल की तिब्बती मामलों में सक्रियता और सूझबूझ के साथ काम करने की उनकी आक्रामक कार्यशैली के कारण संघ के कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह दिखने लगा था। इस नाते उनके इस ऊर्जा से संघ को एक अच्छे, कुशल और परिणाममूलक नेतृत्व मिलने के विश्वास पर उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष दायित्व पर चुना गया। तोमर ने कहा कि इसी वर्ष मकर संक्रांति के दिन संघ की स्थापना और मार्च में सरकारी स्तर पर पंजीकरण के बाद यह नियुक्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। उधर, इसके बाद संघ के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो जुयाल ने अपने अधिकारिक बयान में कहा कि इस निर्णय को शिरोधार्य करते हुए अब तिब्बत-स्वातंत्र्य और कैलाश मुक्ति साधना में इस प्रकार लगना है कि विश्व समुदाय को इन उद्देश्यों में प्रभावी रुप से बीटीएसएस का ही कार्य दिखेगा। उन्होंने कहा कि तिब्बत की आज़ादी अब हम भारत वासियों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। चीन को अब समझना होगा कि हम आध्यात्मिक शक्ति के केंद्र भारत में जिस दिन पूर्ण जन जागरण हो जाएगा, उस दिन चीन न केवल तिब्बत छोड़ भाग खड़ा होगा बल्कि खुद भी कई भागों में विखंडित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि तिब्बती समाज को शत्रु-संघर्ष में अपना मुखर योगदान देने की आवश्यकता है क्योंकि चीन पूरी तरह से कपटी और धूर्त देश है।
वीएसएलएम कॉलेज ऑफ एजुकेशन चंडी के सभागार में B.Ed के प्रशिक्षुओं द्वारा शिक्षकों के सम्मान में भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर उनकी शिक्षा जगत में अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए एवं स्वास्थ्य विभाग एवं हिमाचल प्रदेश सरकार की कोरोना महामारी के दृष्टिगत जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए सादगी पूर्ण तरीके से शिक्षक दिवस मनाया गया l इस अवसर पर B.Ed के प्रशिक्षुओं ने शिक्षकों के सम्मान में कविता पाठ एवं शिक्षकों की आधुनिक संदर्भ में भूमिका एवं उसके महत्व पर अपने विचार रखेंl इस अवसर पर कॉलेज विभागाध्यक्ष राजमणि शर्मा ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि हमें हमेशा शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए और उनके बताए हुए मार्ग दर्शन का अनुकरण एवं अनुसरण करना चाहिए। इस अवसर पर कॉलेज प्रवक्ता हीरा दत्त शर्मा, संजीव चौहान, सपना चौहान, कुसुम लता शर्मा, आभा ठाकुर, प्रीति शर्मा, सुमेधा ठाकुर, रितिका शर्मा, सुमन एवं B.Ed के प्रशिक्षु रागी, विशाल, श्रवण, आरती सुरभि, अंजना, नीरू, मन्नत, कमल, अमूल, सजना एवं सुमन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ की रेड रिबन क्लब की 2 सदस्य टीम ने हिमाचल प्रदेश स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी द्वारा आयोजित जिला स्तरीय ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में जिला सिरमौर के अठारह शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया। राजगढ़ महाविद्यालय की टीम में बीएससी फाइनल ईयर के साहिल कुमार और महक ठाकुर शामिल है। इस प्रतियोगिता को जीत कर यह टीम जिला सिरमौर का प्रतिनिधित्व प्रादेशिक स्तर पर होने वाली क्विज प्रतियोगिता में करेगी। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर निवेदिता पाठक ने महाविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए रेड रिबन क्लब के प्रयत्ननों तथा छात्रों के प्रदर्शन की प्रशंसा की। गौरतलब है कि इस महाविद्यालय की रेड रिबन क्लब का नेतृत्व डॉ मंजू ठाकुर, डॉ नीति गुप्ता तथा डॉ रमेश कुमार कर रहे हैं।
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश द्वारा 18 वर्ष से अधिक की आयुवर्ग का शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण करने की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व प्रदेश की जनता को बधाई दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कार्यकुशलता में हिमाचल का 18 वर्ष से अधिक की आयुवर्ग का शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण करने वाला देश का पहला राज्य बनना सभी को गौरवान्वित करने वाला है। यह उपलब्धि हिमाचल की जनता की जागरूकता, गम्भीरता और निजी ज़िम्मेदारी के पूर्ण निर्वहन का परिणाम है। सभी प्रशासनिक अधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों ने हर चुनौतियों का सामना करते हुए पूरी दृढ़ता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया जिसके लिए वो बधाई के पात्र हैं। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पूरे देश के सामने वैक्सिनेशन को लेकर एक रोडमैप सामने रखा है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है। पिछले महीने यानी अगस्त में भारत ने 18 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए जो जी-7 देशों में लगाए गए कुल टीके से भी अधिक है। यह देखना उत्साहजनक है कि हिमाचल में टीकाकरण अभियान ने उम्र की अधिकता, ख़राब मौसम व जटिल भौगोलिक परिस्थियों को मात देते हुए देश के सामने कर्तव्यपरायणता की सशक्त मिसाल पेश की है। वंही भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया का सबसे तेज कोविड टीकाकरण भारत में हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का विशेष प्रेम और सानिध्य हमेशा हिमाचल को मिला है।
विद्यालय प्रबन्धन समिति, एसएमसी राजकीय प्राथमिक पाठशाला लाना मोही शिक्षा खण्ड राजगढ़, जिला सिरमौर का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने उनके निजी निवास शिमला में मिला। प्रतिनिधमंडल की अध्यक्षता नीरज चौधरी द्वारा की गई। प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिए गए धन्यवाद पत्र में कहा गया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला लाना मोही शिक्षा खण्ड राजगढ़ पिहले साठ वर्षों से प्राथमिक प्राध्यमिक पाठशाला के रूप में कार्य कर रही थी जो आज सांसद सुरेश कश्यप एवं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों से माध्यमिक पाठशाला का दर्जा प्राप्त कर पाई है। इसके लिए स्कूल प्रबन्धन लाना मोही तथा स्थानीय जनता ने उनका आभार प्रकट किया। उन्होने कहा कि इस पाठशाला की यथा नोटिफिकेशन की जाए ताकि इस पाठशाला में जल्दी से माध्यमिक पाठशाला की कक्षाएं शुरू की जा सके। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सुरेश कश्यप ने उनको आश्वासन दिया कि जिस प्रकार से यह घोषणा की गई है उसी प्रकार से इसकी नोटिफिकेशन भी जल्द जारी की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष नीरज चौधरी ने कहा कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला लाना मोही 1952 से आज तक अपग्रेड नही हुई, कांग्रेस सरकारों ने कभी भी इस विषय को गंभीरता से नही लिया।
विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त किसान मंच की बैठक आज रोहड़ू में आयोजित की गई। इस बैठक में रोहड़ू क्षेत्र के किसानों व बागवानों के 8 संगठनों जिसमें हिमालयन सोसाइटी फ़ॉर डेवलोपमेन्ट ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड एग्रीकल्चर, पीजीए, फल उत्पादक संघ रोहड़ू, छवारा वैली एप्पल ग्रोवर एसोसिएशन, हिमाचल किसान सभा, नावर वैली ग्रोवर्स एसोसिएशन, मंढोल सारी ग्रोवर्स एसोसिएशन, बुशहर ग्रोवर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिसमे संयुक्त किसान मंच के हरीश चौहान, संजय चौहान इनके साथ भगत सिंह ठाकुर, जय सिंह जेहटा, संजीव ठाकुर, सुखदेव चौहान, डिम्पल पांजटा, संजीव ठाकुर, सूंदर नैन्टा, बिहारी लाल, गोपाल चौहान, विभोर सिंह चौहान, भगवान सिंह के साथ ही इनके संगठन के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसमे संयुक्त किसान मंच की 20 सदस्यीय क्षेत्रीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें संयोजक सुखदेव चौहान व सह संयोजक संजीव ठाकुर को चुना गया। इनके अतिरिक्त डिंपल पांजटा, सुंदर नैंटा, गोपाल चौहान, भगत सिंह ठाकुर, बिहारी लाल चौहान, भगवान सिंह , विभोर सिंह, गोपाल चौहान, प्रेम रमतयान, रितेश कुमार, रवि रावत, वीर सिंह ठाकुर, सुशील चौहान, सुधीर कपटा, राजन हारटा, कुलदीप तेगटा, शमशेर सिंह को सदस्य चुना गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि मंच 13 सिंतबर को रोहड़ू व चड़गांव में प्रदर्शन करंगे। इस बैठक में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सेब की खेती गंभीर संकट आ गया है। आज सरकार द्वारा बागवानी में दी जा रही सब्सिडी बन्द कर दी गई है। जिससे सेब की खेती की लागत बहुत अधिक बढ़ गई है। मौसम की मार से भी कृषि व सेब की खेती पर असर पड़ रहा है। एक ओर लागत निरन्तर बढ़ रही है, वहीं उत्पादन व उत्पादकता घट रही है। इसके साथ सरकार व APMC की लचर कार्यप्रणाली से किसानों का मण्डियों में शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 3 सिंतबर को बागवानी मंत्री ने ठियोग में किसानों को आश्वासन दिया था कि सरकार APMC कानून, 2005 को मण्डियों में सख्ती से लागू करेगी, कंपनियों को उनके CA स्टोर में कम से कम 20 प्रतिशत किसानों को उनका सेब रखने के आदेश जारी किये जायेंगे और संयुक्त किसान मंच से सरकार तुरंत बात कर इनकी मांगो पर अमल के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। परन्तु बागवानी मंत्री द्वारा मानी मांगो पर आज तक कोई भी अमल नहीं किया गया है। इससे बागवानी मंत्री व सरकार की मंशा पर सवालिया निशान उठता है।
प्रदेशभर के छात्रों की मांगों को लेकर के एबीवीपी ने आज यानि सोमवार को कुलपति को ज्ञापन सौंपा। मीडिया को जानकारी देते हुए इकाई मंत्री आकाश नेगी ने कहा कि छात्र समुदाय महामारी से पिछले लंबे समय से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में ऐसे अनेकों छात्र है जो महामारी के दौर के बीच में अनेकों कारणों से अपना प्रवेश परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए है। उन छात्रों के लिए प्रवेश परीक्षा फॉर्म भरने के लिए विश्वविद्यालय पोर्टल जल्दी खोला जाए।उन्होंने कहा की प्रदेश भर के यूजी और पीजी के अनेकों ऐसे भी छात्र है, जिनका किसी कारणवश असेसमेंट और असाइनमेंट के अंक परिणाम के साथ नहीं जुड़ पाए है, इसलिए उनके परिणामों के साथ असाइनमेंट और असेसमेंट के अंक जोड़ करके उनके परिणामों को जल्द घोषित किया जाए। यूजी के छात्रों की विशेष मांगों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कुलपति के सामने ये मांग उठाते हुए कहा कि अभी प्रदेश विश्वविद्यालय में नए प्रवेश परीक्षा कराने की प्रक्रिया विश्वविद्यालय में पूरी कर ली है। लेकिन प्रदेशभर के वह छात्र जो अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेना चाहते हैं, उनका अधूरे परिणाम के कारण प्रवेश नहीं हो पा रहा है। ऐसे में प्रदेश भर के यूजी के अंतिम वर्ष के छात्रों का परीक्षा परिणाम जल्द घोषित किया जाए। उन्होंने कहा की पूरे प्रदेश भर के महाविद्यालयों में अलग-अलग विषयों में बहुत सीटें खाली पड़ी है, उन सीटों को भरने का एक मौका आवश्य दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए ,जल्द इन सभी मांगो को पूरा किया जाए ।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 10 दिन के योगा कैंप का शुभारंभ किया गया। यह शुभारम्भ सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा किया गया। मीडिया को जानकारी देते हुए ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट अपने शुरुआत से ही समाज सेवा के पथ पर बढ़ता आ रहा है। इसी क्रम में कोरोना महामारी के समय में सुनील उपाध्याय ने पूरे प्रदेश भर में लोगों को भोजन किट, आवश्यक दवाइयां, और अन्य आवश्यक सामग्रियों को मरीजों तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट अपने ध्येय मार्ग में निरन्तर बढ़ते हुए देश समाज हित में कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में आज ट्रस्ट ने एक स्वास्थ्य मुहिम को लेकर विश्वविद्यालय में योग शिविर का शुभारम्भ किया है। उन्होंने कहा कि ये योग शिविर पूरे 10 दिनों के बाद 16 सितम्बर को समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि शिविर का समय प्रात: 6:30 से 7:30 तक रहता है। उन्होंने स्थानीय लोगों से आग्रह करते हुए भी कहा की वो भी इस शिविर में जरूर भाग लें। शिविर में योग आचार्य रिंकू जो विश्वविद्यालय में योग विभाग में शोधार्थी है, व्यायाम की अनेकों स्थितियों को नियमित करने की सही और सामान्य प्रक्रिया बताएंगे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला की स्वीकृति से कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश की चारों संसदीय क्षेत्र शिमला, मंडी, कांगड़ा व हमीरपुर के लिए बूथ स्तर की कमेटियों की कार्य निगरानी व कार्य आवंटन करने के लिए पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्तियां कर दी है। कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने बताया कि शिमला ससंदीय क्षेत्र का प्रभार प्रदेश कांग्रेस महासचिव विनोद सुल्तानपुरी व कांग्रेस सचिव वेद प्रकाश ठाकुर को दिया गया है। मंडी संसदीय क्षेत्र का प्रभार कांग्रेस महासचिव चेतराम ठाकुर व कांग्रेस सचिव केशव नाईक को दिया गया है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र का प्रभार कांग्रेस महासचिव केवल पठानिया व कांग्रेस सचिव नवनीत शर्मा को दिया गया है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का प्रभार कांग्रेस महासचिव विधायक इंद्रदत्त लखनपाल व कांग्रेस सचिव कमल पठानिया को दिया गया है। यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से प्रभावी मानी गई है।
हमीरपुर: कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमवार को प्रदेशवासियों के साथ वर्चुअल माध्यम से किए गए संवाद का हमीरपुर जिला में भी सीधा प्रसारण किया गया। इस वैक्सीन संवाद कार्यक्रम के सीधे प्रसारण के लिए जिला हमीरपुर के पांचों विधानसभा क्षेत्रों के कुल 10 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं। हमीरपुर शहर के टाउन हॉल, ग्राम पंचायत चंगर के पंचायतघर, नादौन के गीता भवन, ग्राम पंचायत पनसाई के कार्यालय परिसर, तहसील परिसर सुजानपुर, तहसील परिसर टौणी देवी, मिनी सचिवालय भोरंज, पंचायत कार्यालय परिसर टिक्करी मिन्हासा, बीडीओ कार्यालय परिसर बिझड़ी और एसडीएम कार्यालय परिसर बड़सर में लगाई गई इन स्क्रीनों पर लोगों ने बड़ी संख्या में वैक्सीन संवाद कार्यक्रम का प्रसारण देखा। टौणी देवी में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, भोरंज में विधायक एवं उप मुख्य सचेतक कमलेश कुमारी, टाउन हॉल हमीरपुर में विधायक नरेंद्र ठाकुर और अन्य स्थानों पर भी गणमान्य लोगों ने वैक्सीन संवाद कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। इसके अलावा जिलाधीश कार्यालय, सभी एसडीएम कार्यालय, बीडीओ कार्यालय, ग्राम पंचायत एवं शहरी निकाय कार्यालय और बड़ी संख्या में आम लोग भी वर्चुअल माध्यम से वैक्सीन संवाद कार्यक्रम से जुड़े। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कोरोना रोधी वैक्सीन की दोनों खुराक लगवा चुकीं वार्ड नंबर-2 कृष्णानगर की 84 वर्षीय बुजुर्ग महिला निर्मला देवी से बातचीत की तथा उनका हाल-चाल पूछा।निर्मला देवी ने कोरोना संकट के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना की तथा आम लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक लगवाने की अपील भी की।
पालमपुर: एसडीएम पालमपुर अमित गुलेरिया ने राष्ट्रीय पोषण अभियान के उपमण्डल स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण अभियान की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाखर रवाना किया ल एसडीएम ने पहली से 30 सितंबर तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पोषण अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की ताकि देश का हर नागरिक पोषित रहे। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह को प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के रूप में भी आयोजित किया जा रहा ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके। इस अवसर पर सीडीपीओ अनिल कॉल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना व स्वर्ण जयंती नारी संबल योजना के अंतर्गत प्रागपुर विकास खण्ड की घियोरी पंचायत में पंजीकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। पंचायत प्रधान पूनम कुमारी ने बताया कि घियोरी पंचायत में अगर किसी पात्र व्यक्ति ने 70 वर्ष की आयु पूरी कर ली है तो वह सभी पात्र है। साथ ही जो माहिएँ 65 से 69 वर्ष की आयु वर्ग में आती है और उन्हें अगर किसी भी प्रकार की पेंशन नही मिलती है तो वह सभी महिलाएं स्वर्ण जयंती नारी संबल योजना के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन की पात्र होगी। प्रधान पूनम कुमारी ने कहा कि ऐसे पात्र महिला पुरूष पंचायत कार्यालय में अपना पंजीकरण करवायें। पूनम कुमारी ने बताया कि कल्याणकारी योजनाओं को आम जनमानस तक पंहुचाने के लिए इस प्रकार के पंजीकरण शिविर समय-समय पर आयोजित करवाये जाएंगे।
अपनी मांगों को लेकर करुणामूलक संघ का क्रमिक अनशन अभी भी जारी है। आज यानि सोमवार को करुणामूलक आश्रितों को क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुए 39 दिन हो गए है, लेकिन प्रदेश सरकार के कानों पर जूं तक नही रेंगी। ये परिवार भरी बरसात में बारिश में कैसे जीवन व्यतीत कर रहे है ये सिर्फ यही परिवार जान सकते है,लेकिन 39 दिनों से सरकार को इन परिवारों की पीड़ा नजर नही आई है। प्रदेशाअध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि जब चुनाव का समय आता है तो करुणामूलक आश्रितों के लिए बड़े-बड़े वायदे किये जाते है पर सता में आने के बाद सरकार अपने वादे भूल जाती है। अजय कुमार का कहना है कि क्रमिक अनशन का 39 वां दिन है पर सरकार की तरफ से कोई भी हमसे मिलने नही आया, न ही किसी ने सुध उनकी ली, और न ही सरकार ने उनका हाल जानने की कोशीश की। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही सरकार करुणामूलक आश्रितों को नकारति रही तो क्रमिक अनशन अनिश्चितकाल तक चलेगा और आंदोलन तीव्र गति पकड़ लेगा। संघ का कहना है कि जल्द करुणामूलक संघ की मांगे मानी जाए व सब परिवारों को एक साथ नियुक्तियां दी जाए।
काँगड़ा : केन्द्रीय विद्यालय नलेटी में ऑनलाइन माध्यम से शिक्षक दिवस समारोह मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन 12वीं कक्षा की मनस्वी ने किया। कार्यक्र्म के आरंभ में चंद्र प्रकाश मीना, स्नातकोत्तर शिक्षक (हिन्दी) ने समाज मे शिक्षक की भूमिका के विषय मे बताते हुए कहा कि शिक्षक का समाज के निर्माण में अत्यंत महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। कार्यक्रम में बच्चों ने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे कविता, विचार, भाषण तथा शायरी के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में आठवीं कक्षा की जानवी ठाकुर ने विचार, 12वीं कक्षा की अनन्या तथा 11वीं कक्षा के आयुष शर्मा ने भाषण, छठी कक्षा की नियति ने गीत, आठवीं कक्षा की वंशिका मिन्हास ने शायरी के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की है। प्राथमिक विभाग के विद्यार्थियों ने अभिनय प्रदर्शन के माध्यम से अपने शिक्षकों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में कक्षा 10 तथा 12 के विद्यार्थियों ने भी एक वीडियो के माध्यम से कोविड महामारी के दौर में भी ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाने तथा नई-नई तकनीकों के इस्तेमाल करने के लिए अध्यापकों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम के अंत में स्नातकोत्तर शिक्षक (अंग्रेजी) नरेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
हिमालय साहित्य संस्कृति और पर्यावरण मंच के अध्यक्ष और लेखक एसआर हरनोट ने जहां शिमला नगर निगम द्वारा शिमला के हर वार्ड में बुक कैफे खोलने का स्वागत किया है वहीं रिज मैदान पर टका बैंच में स्थित बुक कैफे को निजी हाथों सौंपने का पहले की तरफ कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस बुक कैफे को निजी हाथों सौंपने के बाद इसका मूल उद्देश्य ही समाप्त हो गया और यह एक ढाबे में बदल दिया गया है। हरनोट ने स्मरण करवाया कि शिमला बुक कैफे की लोकप्रियता में हिमालय मंच ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और देश भर से लगभग पांच सौ किताबे यहां के लिए उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से जो भी लेखक शिमला आते थे, उनके साथ बैठकें यहीं पर होती थी। इन बैठकों से देश भर में इसकी लोकप्रियता बढ़ी है। दूसरा कारण इसकी लोकप्रियता का जेल के कारावासी थे जो बिलकुल नया कॉन्सेप्ट था और लोग हैरान होते है कि उम्र कैदी भी इस तरह स्वतंत्र कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जेल के पास यह रहता तो कभी भी बंद न होता और यह शिमला का एक लैंडमार्क बन जाता। उन्होंने बताया कि शिमला के वार्डों में बुक कैफे खोलने का लिखित सुझाव हिमालय साहित्य मंच ने तत्कालीन आयुक्त पंकज राय को उनके साथ हुई बैठक में दिया था। जिसमें उनके साथ मंच के सदस्य लेखक प्रो मीनाक्षी एफ पॉल, डॉ विद्यानिधि, डॉ कुलराजीव पंत, आत्मा रंजन, सीता राम शर्मा, मधु शर्मा कात्यायनी, भारती कुठियाला, स्नेह नेगी, गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय, वंदना राणा, सतीश रत्न आदि कई लेखक शामिल थे। उन्होंने इस सुझाव की प्रशंसा करते हुए उसे तत्काल माना ही नहीं बल्कि हमारे साथ छोटा शिमला, संजौली और टूटी कंडी विजिट भी किया और इन्हें खोलने के लिए सारी औपचारिकताएं पूर्ण की। परंतु हमारी पहल को निगम और मीडिया ने भुला दिया।हिमालय मंच ने प्रदेश सरकार और नगर निगम से अनुरोध किया है कि शिमला रिज टका बेंच पर स्थित बुक कैफे को पहले की तरह जेल के कारावासियोंं को संचालन के लिए दें। उसका निजी करण न करें। साथ सभी बुक कैफे में लेखकों की साहित्यिक भागीदारी भी सुनिश्चित करें।
उपमण्डल ज्वालामुखी के अंतर्गत पड़ते राजोल में रविवार देर शाम ज्वालामुखी ने सूचना के आधार पर एक व्यक्ति के घर से 95 बोतल देसी शराब जब्त कर बड़ी सफलता हासिल की है । मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने रजोल निवासी व्यक्ति के घर से यह शराब बरामद की है। मामले की पुष्टि करते हुए एसएचओ ज्वालामुखी जीत सिंह ने बताया पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस मामले की तफ़्तीष कर रही है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने बीत दिनों लाहौल- स्पीति का रुख किया जिनमें खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी शामिल है। अपने लाहौल दौरे पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई विकासात्मक योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान जिले के केलांग तथा उदयपुर में लगभग 66.50 करोड़ रुपये की लागत की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। उन्होंने उदयपुर में लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत की 16 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास किए। लाहौल स्पीति मंडी संसदीय क्षेत्र के अधीन आता है जहाँ उप चुनाव होने है और क्षेत्र के विधायक डॉ रामलाल मार्कंडेय जयराम कैबिनेट में मंत्री भी है। जाहिर है ऐसे में उपचुनाव से पहले सरकार व मंत्री लाहौल को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। बेशक उपचुनाव मंडी संसदीय क्षेत्र का है लेकिन रिपोर्ट कार्ड सभी समबन्धित 17 विधानसभा हलकों का बनेगा। मुख्यमंत्री ने दी दिल खोल कर सौगातें प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत जिला लाहौल-स्पीति के लिए 136 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से लाहौल क्षेत्र में 72 करोड़ रुपये तथा स्पीति क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे पर 1.45 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जाहलमा के आवासीय भवन, 5 करोड़ रुपये की लागत से मॉडल कैरियर सेंटर उदयपुर के भवन, 8.10 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उदयपुर के भवन, 45 लाख रुपये की लागत से जाहलमा में वन निरीक्षण कुटीर, 64 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति योजना त्रिलोकीनाथ के संवर्धन कार्य तथा 55 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति योजना मडग्रां के संवर्धन कार्य का शिलान्यास किया। इसके अलावा 2.86 करोड़ रुपये की लागत की बहाव सिंचाई योजना शांशा, 1.01 करोड़ रुपये की लागत की बहाव सिंचाई योजना हिन्सा, 77 लाख रुपये की लागत की बहाव सिंचाई योजना बड़ा अगार, 57 लाख रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना बलगोट के विशेष मरम्मत तथा निर्माण कार्य, 1.03 करोड़ रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना शकोली वरदंग के कमान क्षेत्र विकास के निर्माण कार्य, 53 लाख रुपये की लागत से राशील क्षेत्र के लिए बहाव सिंचाई योजना, 78 लाख रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना किशोरी के कमान क्षेत्र विकास के निर्माण कार्य, 66 लाख रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना नालडा के कमान क्षेत्र विकास के निर्माण कार्य और 39 लाख रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना अरसेडी नाला के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया। उन्होंने 93 लाख रुपये की लागत से उदयपुर में हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के उपभोक्ता सेवा केन्द्र एवं उप-मण्डलीय कार्यालय के निर्माण का शिलान्यास भी किया। इस वर्ष लाहौल घाटी अप्रत्याशित बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस दौरान 10 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है तथा प्रदेश सरकार ने तुरन्त क्षेत्र में राहत तथा बचाव कार्य किए है। उदयपुर में हाल ही में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने 10 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज प्रदान किया है। लाहौल स्पीति में वर्चस्व की लड़ाई मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बीते दिनों लाहौल दौरे पर थे। मकसद बेशक क्षेत्र को विकास की सौगात देना और पार्टी को मजबूत करना हो लेकिन इस दौरे ने जिला भाजपा के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई को हवा दे दी। दरअसल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के सामने ही तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा और भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर शर्मा के बीच आपस में कहासुनी हो गई। दोनों नेताओं के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जिला भाजपा में हावी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई जिसके बाद जिला में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सोशल मीडिया पर भी ये वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में दोनों नेता एक-दूसरे से बहस करते नजर आ रहे हैं। सीएम भी तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा और जवाहर शर्मा के साथ-साथ चलते नजर आ रहे हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर सीएम ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कौल सिंह और अग्निहोत्री भी पहुंचे लाहौल वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर बीते दिनों लाहौल के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में सरकार को घेर। ठाकुर कौल सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लाहौल स्पीति का विकास करवाने में विफल रही है। वहीँ ठाकुर कौल सिंह से पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं हराेली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने भी लाहौल का दौरा किया था। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों से मिलकर उनका दुख दर्द जाना था। इस दौरान मुकेश ने सरकार पर खूब निशाना साधा था।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला ऐतिहासिक गोथिक वास्तुकला भवनों के लिए विख्यात है। अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला अथाह इतिहास समेटे हुए है। शिमला शहर में अंग्रेजी शासनकाल में जो निर्माण कार्य हुए हैं वह आज भी अपनी अद्भुत कला शैली के लिए विश्व भर में विख्यात हैं। शिमला में कई स्मारक और इमारतें हैं जिन्हें भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वश्रेष्ठ वास्तुकारों द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। इन्हीं विशाल इमारतों में से एक हैं शिमला की प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारत टाउन हॉल। ये इमारत शिमला के गौरवशाली अतीत का प्रमाण हैं जिसे उस युग के बेहतरीन कारीगरों द्वारा बनाया गया। टाउन हॉल शिमला का निर्माण 1910 में भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान किया गया था। तब शिमला ब्रिटिश हुकूमत की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। शिमला टाउन हॉल शहर के केंद्र में माल रोड पर स्थित है। शिमला के किसी भी हिस्से से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। 18 वीं शताब्दी के बाद के वर्षों में टाउन हॉल शिमला शहर का केंद्र हुआ करता था। टाउन हॉल की इमारत आधी लकड़ी की ट्यूडर शैली की इमारत हैं। सभी लकड़ी की फ्रेम और खिड़कियां रोशनीदार कांच के बने हैं। इसे स्कॉटिश वास्तुकार जेम्स रैनसम द्वारा एक पुस्तकालय के रूप में डिजाइन किया गया था। भारत के विभाजन के बाद नगर निगम के कुछ कार्यालय इसमें रखे गए थे। वैसे टाउन हॉल की मूल इमारत हेनरी इरविन द्वारा डिज़ाइन की गई थी जिन्होंने औपनिवेशिक भारत में कई अन्य इमारतों को डिजाइन किया था। मूल टाउन हॉल भवन 1860 में बनाया गया था और इसका निर्माण 1888 में पूरा हुआ था। पर बाद में अंग्रेजी हुकूमत ने इसका स्वरूप बदला। आपको बता दें कि प्रसिद्ध गेयटी थिएटर टाउन हॉल के भीतर था और इसके साथ ही टाउन हॉल में एक पुस्तकालय, एक विशाल हॉल, एक ड्राइंग रूम, कार्ड-रूम, बॉलरूम, शस्त्रागार, पुलिस स्टेशन और एक रिटायरिंग रूम भी था। इमारत में एक गिरजाघर का बाहरी रूप था, लेकिन इमारत के अंदर मनोरंजन के सभी घटक थे। उस समय इमारत के निर्माण के लिए इस्तेमाल किए गए पत्थर "बरोग स्टोन्स" के थे। पत्थरों के साथ-साथ लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था और छतों को स्लेटी स्लेट से बनाया जाता था। छतें झुकी हुई थीं ताकि बर्फ या पानी जमा न हो सके। खिड़कियां चौड़ी थीं और शीशों से बनी थीं, जिससे इमारत में प्राकृतिक प्रकाश का पर्याप्त प्रावधान था और अत्यधिक सर्दियों के महीनों के दौरान, इमारत गर्म और आरामदायक रहती थी। पर कुछ समय बाद टाउन हॉल की ऊपरी मंजिलें इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं कि उसे तोड़ा गया और फिर से बनाना पड़ा। यह कार्य 1910-11 में स्कॉटिश वास्तुकार जेम्स रैनसम द्वारा किया गया था। ब्रिटिश शासन में गर्मियों के दिनों में सरकारी अधिकारी शिमला में आकर रुकते थे और शिमला में बहुत सारे प्रशासनिक कार्य किए जाते थे। उन कार्यों को पूरा करने के लिए और सरकारी अधिकारियों को आवास प्रदान करने के लिए कई निर्माण किए गए थे। टाउन हॉल बिल्डिंग शुरू से ही नगरपालिका गतिविधियों का केंद्र रही और वर्तमान में इसमें शिमला नगर निगम के महापौर व उपमहापौर बैठते है। इमारत आसपास की वास्तुकला को जोड़ती है, जो स्वतंत्रता पूर्व युग की याद दिलाती है। शिमला नगर बोर्ड का गठन 1851 में हुआ था और नगर पालिका के विभिन्न कार्य जैसे सड़क, स्वच्छता, जल आपूर्ति, जल निकासी, कर संग्रह शिमला नगर निगम द्वारा नियंत्रित किया जाता था। टाउन हॉल की आधारशिला शिमला नगर बोर्ड द्वारा रखी गई थी। उल्लेखनीय हैं कि कुछ साल पहले टाउन हॉल की इमारत में शिमला नगर निगम के विभिन्न कार्यालय चल रहे थे और इसमें एक पुस्तकालय भी था। बता दें कि टाउन हॉल के भीतर पुस्तकालय ब्रिटिश राज के बाद से ही है। पर अब इसका औपनिवेशिक ढाँचे में जीर्णोद्धार हुआ है, लेकिन इस संरचना की मौलिकता व इसके ऐतिहासिक जुड़ाव को यथावत बनाए रखा गया है। इमारत को उसके मूल रूप में बहाल करने के लिए 2014 में एक परियोजना शुरू की गई थी और इस औपनिवेशिक वास्तुशिल्प चमत्कार के नवीनीकरण में 8 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। हालांकि यह बात और हैं कि उस समय इस इमारत के जीर्णोद्धार का कार्य खूब सुर्खियों में रहा था। ट्यूडर शैली के टाउन हॉल की इमारत को एडीबी द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत 2 साल 11 महीने के भीतर अपने मूल स्वरूप में राज्य पर्यटन विभाग द्वारा बहाल किया गया था। एक विरासत संरचना होने के कारण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मानदंडों के अनुसार किया गया। भवन के बेहतर जीवन के लिए सीमेंट की जगह चूना सुरखी का उपयोग किया गया है। इसके बाहरी और अंदरूनी हिस्से को पॉलिश और स्टोन वर्क की मरम्मत करके नए सिरे से तैयार किया गया है। माल रोड और रिज़ मैदान के दीवाने थे अंग्रेज अंग्रेज शिमला के माल रोड और रिज की खूबसूरती के बहुत कायल थे। उन्होंने इस बात को सुनिश्चित किया कि रिज के आसपास ऊंची-ऊंची ऐसी इमारतें न बनें, जिससे यहां से नजर आने वाली खूबसूरत पर्वतशृंखलाओं का दृश्य ही ओझल हो जाए। इसी तरह माल रोड की खूबसूरती और साफ -सफाई को बनाए रखने की तरफ भी वे विशेष ध्यान देते थे। अंग्रेजों के समय में माल रोड को दिन में दो बार पानी से धोया जाता था। इसके लिए चमड़े की मश्क लेकर विशेष सफाई कर्मचारी यहां हमेशा तैनात रहते थे। माल रोड पर थूकने या कूड़ा फेंकने के लिए लोगों पर जुर्माना किया जाता था। यह व्यवस्था आज तक कायम है। शिमला के माल रोड पर थूकने या कूड़ा फेंकने पर आज भी पांच सौ रुपए तक का जुर्माना किया जा सकता है। इस संबंध में चेतावनी देने वाले साइन बोर्डों को माल रोड पर प्रमुखतापूर्वक लगाया गया है। पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र टाउन हॉल न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हैं। यह रिज मैदान के बीचों बीच स्थित है जिस वजह से यह हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस इमारत को बनाया ही कुछ इस तरह गया है कि हर कोई इस इमारत की खूबसूरती का कायल हो जाए। पर्यटक शहर शिमला के टाउन हॉल को रात की रोशनी में देखने पर एक अलग और शानदार नजारा मिलता है। टाउन हॉल शिमला के सबसे महत्वपूर्ण स्थल माल रोड पर स्थित है। इमारत के प्रवेश द्वार पर बड़ी सीढ़ियाँ हैं। इन चरणों का उपयोग न केवल आगंतुक बैठने और गपशप करने और विश्राम के कुछ क्षणों के लिए करते हैं, बल्कि इमारत का भव्य प्रवेश द्वार आगंतुकों के लिए तस्वीर लेने का पसंदीदा स्थान है। चूंकि टाउन हॉल का स्थान ठीक उसी स्थान पर है जहां द माल रोड रिज से मिलता है, आगंतुकों को इसके आसपास कई अन्य महत्वपूर्ण इमारतें और स्मारक देखने को मिलते हैं। टाउन हॉल के ठीक बगल में प्रसिद्ध गेयटी थियेटर है। इसके पास एक और लोकप्रिय विरासत स्थल है, क्राइस्ट चर्च, ब्रिटिश शिमला का एक भवन। इन सबको देखकर शिमला आने वाले सैलानी बार बार यहाँ आना पसन्द करते हैं। स्केटिंग शुरू होने की जानकारी देता था लाल गुब्बारा ऐतिहासिक टाउनहाल भवन की छत पर लाल गुब्बारा टांगा जाता था। जी हां आपको सुन कर हैरानी जरूर होगी लेकिन यह बिल्कुल सत्य है। अंग्रेजों के समय से सर्दियां शुरू होते ही टाउनहाल की छत पर लाल रंग का गुब्बारा दिख जाता था। सुबह और शाम के समय ये गुब्बारा टाउनहाल की छत पर टंगा दिखता था। 2014 में जब टाउनहाल की मरम्मत का काम शुरू हुआ तो ये गुब्बारा दिखना भी बंद हो गया। यह गुब्बारा 1920 से टाउनहाल की छत पर लगता आया है। गुब्बारे द्वारा बताया जाता था कि आइस स्केटिंग रिंक में स्केटिंग शुरू हो चुकी है। ये गुब्बारा उतनी देर ही टंगा रहता था, जितनी देर स्केटिंग होती थी। सुबह और शाम के सेशन के वक्त ये गुब्बारा टाउनहाल पर टंगा होता था। जिस दिन टाउनहाल पर ये गुब्बारा नहीं दिखता था तो उसका मतलब था कि मौसम की वजह से स्केटिंग नहीं हो रही है। अंग्रेजों के जमाने में टाउनहाल के दूसरी तरफ रिवॉली सिनेमा के ऊपर के हिस्से में घना जंगल था। पेड़ों की वजह से रिंक नजर नहीं आता था। तभी अंग्रेजों ने स्केटिंग रिंग के शौकीनों की सुविधा के लिए ये गुब्बारा लगाना शुरू किया ताकि माल रोड पर टहलते हुए स्केटिंग के शौकीनों को पता चल जाए कि स्केटिंग हो रही है या नहीं। गुब्बारा लटकता देख शिमला घूमने आए शौकिया पर्यटक और स्थानीय लोग भी स्केटिंग का लुत्फ उठाने के लिए स्केटिंग रिंक में पहुंच जाते थे। पर अब यह रिवाज या अंग्रेजों की बनी हुई परम्परा काफी सालों से बंद है। यादों को खोजते-खोजते शिमला पहुँचते है ब्रिटिश अंग्रेजों को उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्र शिमला में अपने देश की तस्वीर दिखती थी। उन्हें यह जगह इतनी पसंद आई की उन्होंने इसे हू-ब-हू इंग्लैंड के शहर की शक्ल देने की कोशिश की। खास बात तो यह है कि वे साल के ज्यादातर माह शिमला में ही गुजारते थे। आज ब्रिटिश काल के ये ऐतिहासिक भवन पर्यटकों के लिए आकर्षण बने हुए हैं। साथ ही शिमला की अस्तित्व की गवाह भी हैं। शिमला में अंग्रेज अपने देश की छवि ढूंढ़ते थे। शिमला से उन्हें बेहद प्यार था। आज भी इंग्लैंड की नई पीढ़ी के लोग अपने बाप-दादाओं की यादों को खोजते-खोजते शिमला आ पहुंचते हैं। इस शहर के चप्पे-चप्पे में इतिहास छिपा है। यहां के देवदार के वृक्ष न जाने कितनी कही-अनकही बातों और घटनाओं के गवाह हैं। इन्होंने एक लम्बा वक्त देखा है। शिमला की अहमियत इसकी खूबसूरत वादियों की वजह से ही नहीं रही बल्कि यहां से चलने वाले ताकतवर अंग्रेजी शासन ने भी इसे पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वर्तमान में नगर निगम महापौर और उपमहापौर का कार्यालय शिमला की खूबसूरती को चार चांद लगाने वाली ऐतिहासिक इमारत टाउन हॉल एक तरफ जहां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं वहीं दूसरी तरफ इस इमारत में इन दिनों नगर निगम के महापौर और उपमहापौर का कार्यालय हैं। बता दे कि इस इमारत के जीर्णोद्धार के बाद हाईकोर्ट ने केवल महापौर व उपमहापौर के कार्यालय खोलने की ही अनुमति दी है। हालांकि निगम प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि इस इमारत में पहले की तरह नगर निगम का कार्यालय हो।
पहले मौसम की मार ने सेब की गुणवत्ता पर असर डाला, फिर रही सही कसर निजी कंपनियों ने सेब खरीद के कम दाम तय कर पूरी कर दी। इस पर कम दामों पर आयात हो रहे सेब से तो बाजार के सेंटीमेंट ही बिगड़ गए। निराश बागवानों को सरकार से हौंसला चाहिए था, पर मिले हताश करने वाले बयान। आखिर समस्या कहां है, कोई चूक हुई है, या खामी व्यवस्था की है ? इससे भी बड़ा सवाल ये है कि ये सिर्फ आज का मसला है या भविष्य के लिए एक चेतावनी है। गिरे सेब के दामों के मसले को फर्स्ट वर्डिक्ट ने हर पहलु से जानने-समझने का प्रयास किया, ताकि सही तस्वीर सामने आ सके। पेश है विशेष रिपोर्ट ..... हिमाचल सेब के दाम बाजार में गिर गए हैं जो बागवानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार सेब के दामों में करीब तीस फीसद की गिरावट दर्ज की जा रही है जिसका एक बड़ा कारण निजी कंपनियों द्वारा गिराए गए सेब के दाम बताया जा रहा है। अडानी कंपनी ने पिछले साल की तुलना में सेब के दाम प्रति किलो 16 रुपए कम तय किए है। बागवान मानते है कि कंपनी ने जैसे ही सेब खरीद मूल्य सार्वजनिक किये पूरे बाजार में सेब के दाम गिर गए। कंपनी 80 से 100 फीसदी रंग वाला एक्स्ट्रा लार्ज सेब 52 रुपए प्रति किलो जबकि लार्ज, मीडियम और स्मॉल सेब 72 रुपए प्रति किलो की दर पर खरीद रही है। बीते साल एक्स्ट्रा लार्ज सेब 68 जबकि लार्ज, मीडियम और स्मॉल सेब 88 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया था। अडानी के बाद मंडियों के रेट भी कम होने से बागवान नाराज हैं। इस सीजन में 60 से 80 फीसदी रंग वाला एक्स्ट्रा लार्ज सेब 37 रुपए किलो जबकि लार्ज, मीडियम और स्मॉल आकार का सेब 57 रुपए प्रति किलो की कीमत पर खरीदा गया। 60 फीसदी से कम रंग वाले सेब की खरीद 15 रुपए प्रति किलो की कीमत पर हो रही है, जबकि पिछले साल ऐसा सेब 20 रुपए किलो खरीदा गया था। बागवानों के अनुसार अडानी कंपनी ने इस साल 10 साल पुराने रेट खोले हैं। 2011 में अडानी ने 65 रुपये प्रति किलो रेट पर सेब खरीद की थी। बागवान लगातार ये आरोप लगा रहे है कि अडानी ने हिमाचल आकर पहले सेब के दाम बढ़ाए जिससे छोटे कारोबारी खत्म हो गए और अब जब कम्पटीशन कम हो गया और बागवानों के पास बहुत कम अन्य विकल्प बचे है, तो दाम घटा दिए गए। अडानी के बाद सेब खरीद करने आई देवभूमि कोल्ड चेन प्राइवेट लिमिटेड ने भी बागवानों को झटका दिया है। इस कंपनी ने भी बीते साल के मुकाबले सेब के रेट 14 रुपये तक कम किए हैं। प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट सेब की मौजूदा मार्केट, किसान के हालात और अदानी एग्री फ्रेश द्वारा खोले गए रेट का असर बताते हुए कहते है कि अगर कोई बागवान 1000 पेटी सेब पैदा करता है तो उसमें 300 पेटी सेब प्रीमियम होता है बाकी 400-500 अच्छी क्वालिटी का और बाकी सेब कटा फटा बोरी में बेचने वाला होता है। बिष्ट कहते हैं, "सबसे अच्छी क्वालिटी का रेट 72 रुपए और सबसे निचली क्वालिटी के सेब का रेट सिर्फ 12 रुपए किलो ही है। बाग में तो हर तरह का सेब निकलता है, ऐसे में पूरी फसल का औसत रेट 30-50 रुपए किलो का बैठता है।" वो आगे कहते हैं, "किसान से 50 रुपए औसत में खरीदे गए इसी सेब को अदानी 3-4 महीने बाद 150 से 200 रुपए में बेचता है। अगर प्रति किलो पर कोल्ड स्टोरेज का 20-25 रुपए किलो का खर्च भी मान ले तो कंपनी को दोगुना-तिगुना मुनाफा होता है। अडानी की कंपनी अगर सेब की खरीद के वक्त 4-5 रुपए का अच्छा रेट दे देती तो उसके मुनाफे पर फर्क नहीं पड़ता लेकिन बागवान के लिए ये रकम बड़ी हो जाती।" वैसे इसमें भी कोई संशय नहीं है कि इस बार सेब की कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण मौसम की मार भी है। सालभर सेब की फसल पर मौसम के विपरीत प्रभावों के बाद अब जब बाजार में बेचने का समय आया तो सीजन की शुरुआत तो अच्छे दामों से हुई, लेकिन फिर प्रति पेटी सेब के दामों में पांच सौ से हजार रुपये की कमी आ गई है। पहले सूखा और फिर अप्रैल में हुई बेमौसमी बर्फबारी व मई माह में हुई ओलावृष्टि व तूफान ने ऊपरी शिमला के अधिकतर स्थानों में सेब की फसल पर विपरीत असर डाला है, जिससे सेब की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ा है। वहीं इस साल ज्यादा फसल होने के साथ सेब का साइज भी छोटा है, जिससे मंडी में आ रही फसल में हर बागवान की खेप में अच्छी दर नहीं होने से सेब के दाम कम मिल रहे हैं। बागवान ये तो मानते है कि ओलावृष्टि से काफी फसल खराब हुई है, पर उनके अनुसार इसकी आड़ में आढ़तियों, व्यापारियों और कॉरपोरेट घरानों ने गुणवत्तापूर्ण सेब के भी रेट गिरा दिए। उधर, आढ़तियों का कहना है कि इस बार रेट कम मिलने का मुख्य कारण ओलावृष्टि से फसल का बहुत ज्यादा प्रभावित होना है। खराब सेब आ रहा है, ओलों का दागी सेब जो एचपीएमसी को बोरियों में जाना चाहिए, वह भी पेटियों में जा रहा है, जिस वजह से दाम गिरे है। ईरान और टर्की का सेब भी बना आफत हिमाचल की करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की सेब की आर्थिकी के लिए ईरान और तुर्की का सेब चुनौती बन गया है। पिछले साल की अपेक्षा सेब के दाम करीब तीस फीसदी तक कम मिलने का एक कारण ये भी है। बाजार में इस बार ईरान का सेब हिमाचली सेब को पछाड़ रहा है। ईरान का सेब रंग और स्वाद में श्रीनगर और किन्नौर की सेब की बराबरी करता है, जबकि वह एक हजार से 1500 रुपये प्रति पेटी तक उपलब्ध है। यह सेब मई से आना शुरू हो जाता है। वही मौसम की मार के चलते हिमाचल से आ रहा करीब 65 से 70 फीसदी सेब दागी और छोटे आकार का है। बड़े प्रदेशों और प्रमुख शहरों में बड़े आकार के सेब की मांग रहती है, इसलिए कम मांग के कारण भी दाम प्रभावित हुए हैं। बागवानों के अनुसार भारत में अफगानिस्तान के रास्ते ईरान और तुर्की से सेब का अनियंत्रित और अनियमित आयात हो रहा है जो बागवानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बागवान वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखकर ईरान और तुर्की से सेब आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी कर चुके है। इनका मानना है कि भारी मात्रा में इन देशों से सेब का आयात होने के बाद मार्केट में हिमाचली सेब की मांग कम हुई है। चिंता की बात यह है कि ईरान और तुर्की से आयात होने वाले सेब पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं है, जिसके चलते हिमाचल के सेब कारोबार पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है। दरअसल अफगानिस्तान साफ्टा (SAFTA) दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र का हिस्सा है और यहां से सेब के आयात पर कोई शुल्क नहीं लगता है। ईरान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और माना जा रहा है कि इसलिए ईरान अपना सेब अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते अटारी बॉर्डर से भारत भेजता हैं। ऐसा हो रहा है तो एक कंटेनर पर आठ लाख के करीब आयात शुल्क की चोरी हो रही है। इसके कारण ईरान का सेब सस्ता बिकता है। यदि ये सेब ईरान के रास्ते आए तो इसमें पंद्रह प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और 35 प्रतिशत सेस लगेगा। नैफेड से खरीद क्यों नहीं ? हिमाचल के बागवानों का मानना है की उनकी स्थिति इतनी बुरी नहीं होती अगर हिमाचल में भी कश्मीर की तरह नैफेड जैसी कोई केंद्रीय संस्था बागवानों का सेब खरीदती। दरअसल कश्मीर में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा जम्मू कश्मीर के सेब उत्पादकों और व्यापारियों की मदद के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआइएस) को मंजूरी दी गई है। एमआइएस के तहत नेशनल एग्रीकल्चर कोआपरेटिव मार्केटिग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नैफेड) किसानों और व्यापारियों से सीधे सेब खरीदती है। सेब की कीमत उसकी ग्रेडिंग के आधार पर होती है। इसका भुगतान सीधे बागवानों के बैंक खाते में होता है। इस योजना के तहत तीनों ग्रेड का सेब बागवानों से खरीदा जाता है। एमआइएस के तहत सेब खरीद की प्रक्रिया में ग्रामीण आबादी के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होते है। सेबों की पैकिंग, गाड़ियों में उनकी लदाई-ढुलाई और मंडियों तक पहुंचाने के काम में कई लोगों को रोजगार मिलता है और बागवानों को सेब के अच्छे दाम मिलते है। परन्तु हिमाचल में अब तक ऐसा कुछ भी नहीं है। इसीलिए हिमाचल के बागवान मांग कर रहे है कि जम्मू कश्मीर की तर्ज पर हिमाचल में भी सेब की खरीद की जाए। बागवानों ने सरकार काे तीन अलग अलग श्रेणियों में बांट कर अलग-अलग रेट भी सुझाएं है। बागवानों की मांग के बाद सरकार भी एक्शन में है। बागवानी विभाग ने नैफेड और जम्मू-कश्मीर के बागवानी विभाग से ग्रेड सिस्टम काे लेकर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। विभाग यह जानने में जुट गया है कि बाजार में सेब के दामों गिरावट आने के बाद कैसे उसे स्थिर किया जाए साथ ताकि बागवानाें काे नुकसान न हाे। साथ ही ग्रेड के आधार किस तरह से सेब की खरीद की जाए। मंडी मध्यस्थता योजना में सुधार की दरकार हिमाचल में एचपीएमसी द्वारा भी 'सी' कैटेगरी के सेब को पूरी तरह से बाजार से बाहर नहीं किया जा रहा। मार्किट इंटरवेंशन स्कीम के तहत जो 'सी' कैटेगरी का सेब उठाया जाता है उसे भी एचपीएमसी पूरी तरह इस्तेमाल करने के बजाए उसका ऑक्शन कर देता है। ऑक्शन के बाद जो लोग इस सेब को खरीद रहे है वो इसे फिर मार्किट में ले आते है जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। मौजूदा समय में 'सी' ग्रेड सेब भी मार्केट में पहुंच रहा है। इस कारण अच्छे सेब को भी बढ़िया रेट नहीं मिल पा रहे । बागवानों के अनुसार 'सी' ग्रेड सेब को मार्केट में जाने से रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। जब मार्केट में ‘ए' और 'बी’ ग्रेड सेब ही पहुंचेगा तो रेट में सुधार आएगा। मंडी मध्यस्थता योजना में सरकार 9.50 पैसे प्रति किलो की दर से सेब खरीद रही है। पर बागवानों की माने तो निम्न गुणवत्ता वाले इस सेब को परवाणू में बोली के बाद डेढ़ से ढाई रुपये प्रति किलो के दाम पर बेचा जाता है, जिसके बाद यह सेब दोबारा मार्केट में पहुंच जाता है। ऐसे में अच्छे सेब की मार्केट भी गिर रही है। बागवानों का सुझाव है कि इस सेब को बागवानों से खरीदने के बाद नष्ट कर दिया जाए और सी ग्रेड के सेब को बोरी के स्थान पर पेटी में पैक कर जूस और जैम बनाने के लिए प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाए तो फायदेमंद रहेगा। मौजूदा समय में बागवान सी ग्रेड सेब को पेटियों में पैक कर मंडियों में भेज रहे हैं। गुणवत्ता सही न होने के कारण मंडियों में ऐसे सेब को सही दाम नहीं मिल रहे साथ ही अच्छे सेब के रेट भी प्रभावित हो रहे हैं। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो सरकार का सी ग्रेड सेब स्टोर करने और ऑक्शन का खर्च भी बचेगा। अडानी और लदानी के बीच नेक्सस, तय हो दाम : विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य सिंह खुद एक बागवान भी है। विक्रमादित्य सिंह कहते है कि " सेब के दाम लगातार गिरने से प्रदेश के बागवान परेशान है। सरकार को इन बागवानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। सेब के दामों को नियंत्रित करने के लिए और बागवानों की मदद के लिए एक कमिटी का गठन किया जाना चाहिए। अडानी और लदानी के बीच में जो नेक्सस बना हुआ है, और जो बड़े निजी घराने है जो सेब को जमा करने में लगे है, इनके लिए भी दाम तय किये जाने चाहिए। इसके साथ सेब की विभिन्न ग्रेड की उचित तरीके से श्रेणियां बनाई जानी चाहिए। सेब हिमाचल की आर्थिकी का बड़ा हिस्सा है और हम इस मुसीबत के समय में किसानों बागवानों के साथ खड़े है।" लॉन्ग टर्म प्लानिंग की जरूरत : बरागटा भाजपा नेता चेतन बरागटा भी एक बागवान है और इनका कहना है कि इस बार हिमाचल का सेब ओलावृष्टि के कारण काफी अधिक प्रभावित हुआ है, जिसकी वजह से सेब की कीमतों में गिरावट आई है। परन्तु जो अच्छी गुणवत्ता का सेब है वो अब भी 2000 से अधिक कीमत पर बिक रहा है। बरागटा मानते है कि सेब के दामों पर नियंत्रण के लिए एक लॉन्ग टर्म प्लानिंग चाहिए, एक रात में कुछ भी नहीं बदलने वाला है। फ़ूड प्रोसेसेसिंग यूनिट्स चाहिए, सीए स्टोर्स चाहिए, सेब की प्रोडक्शन में गुणवत्ता का ध्यान रखने की ज़रूरत है, ऐसी बहुत सी चीज़ें है जिनके लिए किसी ने तैयारी नहीं की। अगर इन पर काम नहीं किया गया तो ये समस्या आने वाले कई सालों तक सामने आती रहेगी। तीन अलग क्षेत्र है जिन पर ध्यान देने की ज़रूरत है। पहला है सेब की प्रोडक्शन, दूसरा है सप्लाई चेन और तीसरा है मार्केटिंग। इन तीनों में ही बहुत सी खामियां है जिन्हें दूर करने की ज़रूरत है। बागवानों और सरकार को मिलकर काम करना होगा। कांग्रेस बार -बार कह रही है की सरकार की नाकामियों की वजह से दाम कम हो गए, पिछले साल जब सेब के दाम अच्छे थे तब क्या उन्होंने सरकार की सराहना की थी। अडानी के दाम गिराने से प्रभावित हुए दाम : मुंगटा बागवान एवं जिला परिषद् सदस्य कौशल मुंगटा मानते है कि हिमाचल में सेब के दाम गिरने का सबसे बड़ा कारण अडानी द्वारा कम किये गए सेब के दाम है। बीते साल के मुकाबले इस बार प्रति किलो के हिसाब से 16 रुपए कम रेट तय किए गए हैं। अडानी हिमाचल के सेब का सिर्फ 2 प्रतिशत ही खरीदता है, परन्तु फिर भी उनके दाम गिराने से हिमाचल में सेब के दाम प्रभावित हुए है। इनका आरोप है कि सेब मंडी में अडानी के इंटरफेरेंस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। हिमाचल में सेब पर एमएसपी भी नहीं है। कश्मीर में जिस तरह नैफेड के तहत सरकार सेब खरीदती है अगर ऐसी कोई व्यवस्था हिमाचल में भी हो तो बेहतर होगा। अफगानिस्तान के रास्ते बिना ड्यूटी भारत आ रहा सेब : बिष्ट प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकिन्दर सिंह बिष्ट के अनुसार इस बार सिर्फ बाजार के कारणों की वजह से ही सेब के दाम कम नहीं हुए है, बल्कि मौसम ने भी काफी काम बिगाड़ा है। इस साल शुरुआत में काफी सूखा पड़ा और बाद में ओला वृष्टि हुई ,जिसके कारण सेब की क्वालिटी प्रभावित हुई है। इस बार काफी छोटा सेब आया है। इसी का फायदा उठा कर आढ़तियों ने और बड़े कॉर्पोरेट्स ने सेब का दाम गिरा दिए। जहां दाम 400 से 500 तक गिराया जाना था वहां दाम 1000 रूपए तक गिरा दिया गया। इसके अलावा पिछले तीन सालों से तुर्की और ईरान का सेब भी भारत आ रहा है ये सेब उसी सीजन में आता है जब हिमाचल के सेब का पीक सीजन होता है। अफगानिस्तान के रास्ते ये सेब बिना ड्यूटी के भारत आ रहा है। ये सेब बहुत सस्ते दामों पर यहां आता है तो लदानी इसे खरीदते है जो हमारे सेब के दामों को प्रभावित करता है। बागवानों का खून चूस रही है निजी कंपनियां : पांजटा हिमालयन सोसाइटी फॉर हॉर्टिकल्चर एंड एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के अध्यक्ष डिंपल पांजटा मानते है कि जो दूसरे और तीसरे ग्रेड का सेब बाजार में जा रहा है वो सेब के दाम कम होने का बड़ा कारण है। सरकार या एपीएमसी को चाहिए कि वो इस सेब को खरीद कर फ़ूड प्रोसेसेसिंग यूनिट्स में या किसी भी तरह बाजार से बाहर भिजवा दे। पांजटा मानते है कि इसके अलावा जो निजी कंपनियां जैसे अडानी या कोई अन्य भी यदि अपने रेट्स कम निकालते है तो भी दाम गिरते है। इस बार भी अडानी ने दाम बहुत कम किये है। मंडियों में जिस तरह सेब के रेट गिरे हैं, यह पूरी तरह सरकारी तंत्र की विफलता है। बागवान भी जागरूक नहीं है। निजी कंपनियां बागवानों का खून चूस रही है, इनपर लगाम होनी चाहिए। इन पर भी एमएसपी लागू की जानी चाहिए। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बागवानों को निजी कंपनियों का बहिष्कार करना चाहिए। नैफेड के तहत हिमाचल का सेब भी खरीदा जाना चाहिए जिसकी कवायद हिमाचल सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है। मंडियों में रेट गिरे, रिटेल में जस के तस : सुरेंद्र सिंह यंग एंड यूनाइटेड ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह का कहना है कि संकट के समय में सेब बागवानों को राहत देने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। मंडियों में रेट गिर रहे हैं लेकिन रिटेल में रेट जस के तस हैं। एपीएमसी को बाहरी राज्यों की एपीएमसी के साथ तालमेल बैठा कर सेब के लिए सही मार्केट उपलब्ध कराना चाहिए। बागवानों को सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं है, कारण है बागवानी मंत्री का बेतुका बयान। मंत्री जी कहते है बोरियों में सेब ले जाओ, जिस मंत्री की ये मानसिकता हो उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। दूसरा सुरेश भारद्वाज जी के पास अगर किसान जाते है तो वे कहते है की मैं कुछ नहीं कर सकता, मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूँ। इन मंत्रियों को मार्किट इंटरवेंशन स्कीम का ही पता नहीं है। इन हालातों में मुझे नहीं पता कि क्या होगा। अच्छे माल को दाम मिलेंगे : हरीश ठाकुर पराला, ढली और भट्ठाकुफर आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं हरीश फ्रूट एजेंसी (एचएफए) के मालिक हरीश ठाकुर बिट्टू ने कहा कि रेट कम मिलने का मुख्य कारण ओलावृष्टि से फसल का बहुत ज्यादा प्रभावित होना है। खराब सेब आ रहा है। ओलों का दागी जो सेब एचपीएमसी को बोरियों में जाना चाहिए, वह भी पेटियों में जा रहा है। सेब के दाम मांग और आपूर्ति पर निर्भर करते हैं। रेट गिरे हैं, लेकिन अब लोग तुड़ान भी कम कर रहे हैं। लोग आढ़ती पर आरोप लगाते हैं। अडानी की बड़ी बातें हुईं, वह तो बढ़िया माल की पेटी भी 1400 रुपये ले रहे हैं, हम तो अच्छे माल के उससे भी ज्यादा दे रहे हैं। अच्छे माल को दाम मिलेंगे। आढ़ती और लदानी की सांठगांठ के आरोप गलत लगते हैं। पराला और भट्टाकुफर मंडियों की बात करें तो यहां ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर कोई आढ़ती ऐसा करता भी है तो किसान उसके पास नहीं जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों के सूचना बोर्ड पर पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की सूची होगी। इसके साथ ही प्रदेश राजस्व विभाग ने जिले के सभी पटवारियों, पंचायत सचिवों और नंबरदारों की कमेटी बनाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की वेरिफिकेशन के निर्देश दिए हैं। संबंधित क्षेत्र का पटवारी यह लिखकर देगा कि लाभार्थी के पास इस योजना का लाभ उठाने के लिए नियमों के तहत जोताई योग्य भूमि है या नहीं। इसके साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव भी लाभार्थियों का सत्यापन करेंगे। इन दोनों कर्मचारियों की ओर से तैयार रिपोर्ट तहसीलदार और उसके बाद जिला राजस्व विभाग के पास पहुंचेगी। ज़मीनी स्तर पर वेरिफिकेशन होने से इस योजना में हो रहे भ्रष्टाचार पर विराम लगेगा। जिला हमीरपुर में कुछ अपात्र लोगों ने भी पूर्व में इस योजना के तहत आवेदन कर दिया था। जांच हुई तो पाया कि ये लोग इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं थे। अपात्र लोगों के पास सरकार का 98.40 लाख रुपये फंसा हुआ है। इसमें से अभी करीब 42 लाख रुपये रिकवर हुए हैं। उधर, जिला राजस्व अधिकारी देवराज भाटिया ने बताया कि जिले के सभी पटवारियों और पंचायत सचिवों को फील्ड स्तर पर प्रधानमंत्री किसान योजना के लाभार्थियों की जांच के निर्देश दिए हैं। पंचायतों में पात्र लाभार्थियों की सूची भी लगेगी।
शनिवार को ग्राम पंचायत पारनु के गांव कंसवाला में पत्थर गिरने से एक व्यक्ति के मृतक होने के कारण नायब तहसीलदार के आदेशानुसार कार्यालय कानूनगो द्वारा मृतक के परिवार को 20 हजार की फौरी तौर पर राहत राशि दी गयी। जबकि एक गम्भीर रूप से घायल होने वाले व्यक्ति को 2 हजार की राशि दी गयी। ज्ञात हो कि पिछले कल दाड़लाघाट थाने के अंतर्गत गांव कंसवाला में पत्थर गिरने से एक व्यक्ति की मौत तथा एक गम्भीर रूप से घायल हो गया था। दिन में जब वे तीनों आराम कर रहे थे उसी समय अचानक पत्थर गिरने से दो व्यक्तियों दिलीप तथा धर्मेंद्र को चोटे आई। जिन्हें स्थानीय व्यक्तियों द्वारा हॉस्पिटल लाया गया जहां पर दिलीप कुमार इलाज करते समय डॉक्टरों द्वारा बचाया न जा सका और उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरे व्यक्ति धर्मेंद्र को गंभीर घायल अवस्था में आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। प्रशासन की ओर से दाड़लाघाट नायब तहसीलदार के आदेशानुसार कार्यालय कानूनगो कृष्ण लाल व कानूनगो विजय द्वारा मौके पर जाकर उक्त मृतक व्यक्ति के परिवार को 20 हजार की राशि दी गयी व जबकि गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति के परिवार को 2 हजार की फौरी राशि दी गयी। इस मौके पर पंचायत सदस्य वन्दना भी मौजूद रही।
विद्युत उपमंडल दाड़लाघाट के अंतर्गत दाड़लाघाट फीडर, धुन्दन फीडर, नवगांव फीडर व भराड़ीघाट फीडर के सभी अनुभागों में 7 सितंबर 2021 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी देते हुए सहायक अभियंता दाड़लाघाट ई.तृप्त राज शर्मा ने बताया कि बिजली के आवश्यक रखरखाव हेतु दोपहर 12:00 बजे से 4:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने सभी संबंधित लोगों से असुविधा हेतु सहयोग की अपील की है।
डीएवी अंबुजा विद्या निकेतन दाड़लाघाट में शिक्षक दिवस बड़ी धूम धाम से मनाया गया। इस अवसर पर मनोरमा श्रीवास्तव तथा स्कूल प्रबंधन समिति के चेयरमेन मनोज श्रीवास्तव मुख्य अतिथि रहे। जबकि विशेष अतिथि के रूप में मीनाक्षी ठाकुर ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षा के क्षेत्र में दिये गए योगदान को याद किया गया। अध्यापक दिवस के इस शुभ अवसर पर विभिन्न श्रेणी के विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन सांस्कृतिक गतिविधियां प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त अध्यापकों के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमे अध्यापकों ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए खूब मनोरंजन किया। मुख्य अतिथि मनोरमा श्रीवास्तव ने अपने विचार शिक्षकों से सांझा करते हुए कहा कि शिक्षा एक श्रेष्ठ प्रॉफ़ेशन है तथा शिक्षक एक दीपक कि भांति है जो स्वयं जलते हुए दूसरों को उजाला प्रदान करता है। स्कूल प्रबंधन समिति के चेयरमेन मनोज श्रीवास्तव ने शिक्षकों कि भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाते है और उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा सभी अध्यापकों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। अंत में स्कूल प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद करते हुए सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस कि शुभकामनाएँ दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 06 सितम्बर, 2021 को प्रातः 11.00 बजे वर्चुअल माध्यम से प्रदेशवासियों के साथ संवाद स्थापित करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के जन-जन द्वारा कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण की प्रथम खुराक प्राप्त करने का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण होने पर बधाई देंगे। यह जानकारी रविवार को उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हरी ने दी। कृतिका कुल्हरी ने कहा कि इस संवाद कार्यक्रम का जिला में 11 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लाईव प्रसारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों में भी प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम के लाईव प्रसारण को देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिला के सभी पांचों विधानसभा क्षेत्रों में लाईव प्रसारण के लिए उचित व्यवस्था की गई है।उन्होंने कहा कि डीडी न्यूज़ तथा डीडी हिमाचल द्वारा प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम को लाईव प्रसारित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में राधा स्वामी सत्संग रबौण तथा नगर पंचायत हाॅल कण्डाघाट में संवाद कार्यक्रम का लाईव प्रसारण सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र में खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय धर्मपुर, नगर परिषद हाॅल परवाणू तथा तहसील कार्यालय कसौली का चयन लाईव प्रसारण के लिए किया गया है। अर्की विधानसभा क्षेत्र में अर्की स्थित सामुदायिक हाॅल तथा दाड़लाघाट स्थित झरना होटल में लोग प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम का लाईव प्रसारण देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में ट्रक यूनियन नालागढ़ के हाॅल तथा रामशहर स्थित पंचायत हाॅल में लाईव प्रसारण देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि दून विधानसभा क्षेत्र में बद्दी में सन सिटी के समीप स्थित निमन्त्रण हाॅल तथा ग्राम पंचायत चण्डी में बीएड महाविद्यालय हाॅल में लोग संवाद कार्यक्रम का लाईव प्रसारण देख सकेंगे।उन्होंने कहा कि जिला की सभी 240 ग्राम पंचायतों में इस कार्यक्रम का वर्चुअल माध्यम से प्रसारण होगा। ज़िला के सभी उपमंडलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी कार्यालयों में भी प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। लाईव प्रसारण के लिए चिन्हित सभी स्थानों पर कोविड-19 से बचाव के लिए निर्देशित विभिन्न नियमों का पूर्ण पालन किया जाएगा। कृतिका कुल्हरी ने कहा कि सोलन जिला कोविड-19 टीकाकरण की प्रथम खुराक के शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार पात्र व्यक्तियों को दवा की दूसरी खुराक दी जा रही है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए नियमों का पालन करें और अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरयाँज में प्रधानाचार्य प्रेम लाल नेगी की अध्यक्षता में बड़े उत्साह से अध्यापक दिवस मनाया गया। कोविड-19 के कारण अध्यापक दिवस का आयोजन गूगल मीट का उपयोग करते हुए वर्चुअल माध्यम से किया गया। विद्यार्थियों ने ग्रीटिंग कार्ड, पोस्टर मेकिंग, भाषण व कविता पाठ के माध्यम से अध्यापकों के प्रति अपना प्रेम व सम्मान व्यक्त किया। सर्वप्रथम डा.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचारों व आदर्शों पर मन्थन करते हुए उनका स्मरण किया गया। इस आयोजन में एनएसएस स्वयंसेवकों व अन्य विद्याथियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस अवसर पर कक्षा छठवीं से मन्जु, दीशिता, कक्षा सातवीं से जाग्रति, यशिता, मनिषा, कक्षा ग्यारहवीं से नीलम ने कविता पाठ द्वारा गुरुजनों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कक्षा आठवीं से वंशिका, मनिषा, कक्षा दसवीं से वनिता, कक्षा ग्यारहवीं से मनिषा व दिक्षा ने भाषण के माध्यम से अध्यापकों के प्रति अपने उद्गगार वयक्त किये। प्रधानाचार्य प्रेम लाल नेगी ने विद्यार्थियों को सुविचारो व संस्कारों को आत्मसात करते हुए अनुशासन व परिश्रम से सदैव नई ऊंचाइयां छूने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एनएसएस स्वयं सेवियों द्वारा अपने घरों के आसपास पौधरोपण भी किया गया। इस अवसर पर भीम सिंह, दीपक ठाकुर, अमरदेव शर्मा, अनूप शर्मा, जय प्रकाश मिश्रा, देवी सिंह, अजय त्यागी, रमेश ठाकुर, हेमराज, विरेन्द्र कुमार, पुष्पेन्द्र, प्रवीण, डॉ मुक्तेश कुमार गौतम, सरोज, केशव सहित सभी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं व शुभआशीष दिया।
ऊना जनहित मोर्चा के अध्यक्ष राजीव भनोट ने आईजीएमसी शिमला से जबरन पुलिस की सहायता से अवैध कब्जा बताकर ऑलमाइटी संस्था के अध्यक्ष सर्वजीत बॉबी द्वारा लगाए जा रहे लंगर को बंद करवाने व उनके समान को बाहर फेंकने पर कड़ा एतराज जताते हुए निंदा की है। ऊना जनहित मोर्चा के अध्यक्ष राजीव भनोट ने कहा कि सेवा के कार्य में इस प्रकार की तानाशाही सहन नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कोई समस्या रहीं होगी तो बैठ कर बात की जा सकती है, लेकिन इस प्रकार से बल प्रयोग करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सर्वजीत बॉबी एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान बना चुके हैं और बहुत से लोग इस सेवा कार्य से जुड़े हैं ,जिनकी भावनाएं आहत हुई हैं, ऐसे में आईजीएमसी के प्रशासन को एक जगह चिन्हित करके दी जानी चाहिए जिसमें लंगर चलता रहे । उन्होंने कहा कि आईजीएमसी प्रशासन ने जो हरकत की है वह निंदनीय है और सही नहीं है। भनोट ने कहा कि हम मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग करते हैं कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और पुनः लँगर की स्थापना करवाने के लिए निर्देश जारी करें ,ऐसी उम्मीद मुख्यमंत्री से है कि वे इस मामले में उदारता से कार्रवाई करेंगे। मोर्चे के अध्यक्ष राजीव भनोट ने कहा कि इस मामले को लेकर के प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री व जिलाधीश शिमला को भी एक पत्र मोर्चे की ओर से लिखा गया है जिसमें अपनी मांग को दोहराया गया है कि लंगर आईजीएमसी में शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इसके लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ा तो उससे भी पीछे नहीं हटेंगे शिमला में रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से सर्वजीत बॉबी व उनकी टीम के साथ हैं और ऐसे समय में जब सर्वजीत बॉबी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं उस समय की गई यह कार्यवाही अति निंदनीय है।
शिक्षा, भाषा कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर 6 सितम्बर से जिला कुल्लू के तीन दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने देते हुए बताया कि शिक्षा मंत्री 6 सितम्बर को प्रातः 10ः30 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वैक्सीनेशन को लेकर वर्चुअल वीडियो कॉन्फ्रेंस में कटराई स्थित शुभम होटल में उपस्थित रहेंगे। इसके बाद इसी दिन वह गांव भटग्रा में भटग्रां से खड़ीहार सड़क का भूमि पूजन भी करेंगे। इसी प्रकार अपने प्रवास के दूसरे दिन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर 7 सितम्बर को प्रातः 10ः15 बजे बजे कुल्लू में एनईपी - 2020 सेमीनार की अध्यक्षता करेंगे। 8 सितम्बर को शिक्षा मंत्री प्रातः 10ः15 बजे कल्याण विभाग तथा नगर परिषद कुल्लू की बैठकों की अध्यक्षता करने के बाद सायं 4 बजे मंडी के लिए रवाना होंगे।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश द्वारा कोरोना वैक्सीनेशन की प्रथम डोज का शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर प्रधानमंत्री का लाईव कार्यक्रम 6 सितम्बर को प्रातः 11 बजे से 12 बजे तक होगा। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की तैयारियों को पूर्ण कर लीया गया है। इस कार्यक्रम के लाईव प्रसारण को लेकर जिला कुल्लू में आठ स्थानों पर डीटीएच सहित एलईडी सक्रीनें स्थापित की की गई हैं। उपायुक्त ने बताया कि कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री के लाईव कार्यक्रम के लिए अटल सदन के अंदर तथा बाहर, सीराॅक होटल हाथी थान, (आउटडोर), बंजार विधानसभा क्षेत्र में एचपीएसईबीएल हाॅल शाड़ाबाई (इंडोर), अंबेडकर भवन बंजार (इंडोर), आनी विधानसभा क्षेत्र के तहत राम लीला मैदान निरमंड (आउटडोर), लवी मेला ग्राउंड आनी (आउटडोर) तथा मनाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शुभम रैस्टोरैंट कटराईं (इंडोर) तथा ऑडिटोरियम हाॅल माॅनटेनिरिंग संस्थान मनाली (इंडोर) में एलईडी सक्रीन डीटीएच सहित स्थापित की गई हैं जहां लोग प्रधानमंत्री के लाईव कार्यक्रम को देख सकते हैं। इन स्थानों पर प्रशासन की ओर से लोगों के बैठने की उचित व्यवस्था की गई है ताकि प्रधानमंत्री के लाईव कार्यक्रम को लोग बिना किसी परेशानी के देख सकें। उन्होंने बताया कि दिल्ली दूरदर्शन तथा शिमला दूरदर्शन पर भी लोग इस कार्यक्रम को देख सकते हैं। यू-टयूब पर भी विशेष लिंक प्रदान किया गया है जिसके माध्यम से भी लोग प्रधानमंत्री के लाईव कार्यक्रम को देख सकते हैं।अन्य सोशल माध्यमों से भी लोग इस कार्यक्रम को देख सकते हैं। यह कार्यक्रम 6 सितम्बर, 2021 को प्रातः 11 बजे से 12 बजे तक प्रसारित होगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे कार्यक्रम के दौरान कोविड संक्रमण से बचाव को लेकर अच्छे ढंग से मास्क का प्रयोग करें तथा कोविड उपयुक्त व्यवहार को ध्यान में रखते हुए उचित सामाजिक दूरी बनाए रखें तथा सेनेटाईजर का प्रयोग करें। कोविड के प्रति सावधानी तथा सुरक्षा रखकर ही हम कोरोना के संक्रमण से स्वयं भी तथा अन्य लोगों को भी बचा सकते हैं। प्रधानमंत्री के वैक्सीन पर संवाद का कार्यक्रम विभिन्न चैनलों के माध्यम से भी प्रसारित किया जाएगा जिसे लोग अपने घरों में बैठकर भी देख सकेंगे। उन्होंने जिला के सभी लोगों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम के साथ जुड़कर माननीय प्रधानमंत्री के विचारों को सुनें। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर स्थित एनआईसी रूम में भी लाईव कार्यक्रम होगा जिसमें कोराना काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य क्षेत्र के लोग कोराना वाॅरियर्स प्रधानमंत्री के साथ जुड़कर सीधे संवाद से अपने अनुभवों को सांझा करेंगे।
उपमण्डल ज्वालामुखी के अंतर्गत पड़ते लोअर घलोर पंजलेहड़ वार्ड नम्बर 4 में पँचायत समिति सदस्य अधवानी-घलोड़ा आरती राणा द्वारा महिला मण्डल की सदस्यों के साथ मिली एवम उनकी तमाम समस्याओं को सुना वहीं उनका निपटारा करने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान पँचायत समिति सदस्य आरती राणा ने अपने सम्बोधन में कहा कि सरकार द्वारा बहुत सी नीतियां महिला मंडलों के लिए बनी है। आरती राणा ने कहा कि महिला मंडल की तमाम सदस्य को जो भी समस्या आ रही है वह उनसे सीधा संपर्क कर सकती हैं और समस्याओं का जल्द से जल्द से निपटारा भी किया जाएगा।
भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश) द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 01सितम्बर,2021 से 14सितम्बर,2021 तक प्रदेश स्तर पर राजभाषा हिंदी पखवाड़े का आयोजन करवाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला स्तर पर आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों के अन्तर्गत इस जिला के स्कूली छात्र-छात्राओं/युवाओं में राजभाषा हिंदी के प्रति रुचि पैदा करने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार तथा स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से ऑनलाइन (गुगल मीट ऐप) के माध्यम से कक्षा 9वीं से 10+2 कक्षा के लिए : 1. भाषण प्रतियोगिता विषय: स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी की भूमिका कुल अंक: 50, समय सीमा 3-5 मिनट ऑनलाइन आयोजन 08 सितंबर,2021, प्रातः 11:00 बजे से 2. निबंध लेखन विषय: राष्ट्र के निर्माण में हिंदी भाषा का योगदान कुल अंक: 50, समय सीमा: एक घंटा, शब्द सीमा 250 से 500 शब्द 3. प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (हिंदी साहित्य, हिंदी व्याकरण पर आधारित) दिनांक 08 सितम्बर,2021को 2:00 बजे के बाद दोपहर से आयोजित की जाएगी 4. नारा लेखन प्रतियोगिता (स्वर्णिम हिमाचल ) थीम पर आधारित होगी। सभी प्रतियोगिताओं में -प्रथम, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र सभी प्रतिभागियों को प्रदान किए जाएंगे नियम व शर्तें:- 1.एक वर्ग की प्रतियोगिता में एक विद्यालय से केवल एक ही छात्र/छात्रा ले सकते है। यानि एक विद्यालय से केवल चार प्रतिभागी भाग ले सकते हैं। 2. निबंध लेखन तथा नारा लेखन में प्रतिभागी द्वारा तैयार किए गए निबंध/ नारे की फोटो को उसके नाम, कक्षा, विद्यालय का नाम, संपर्क सूत्र सहित JPEG फार्मेट में भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला की ईमेल dloshimlahp@gmailcomपर 06सितम्बर,2021 सांय 5.00तक भेजा जाना अनिवार्य है। 3. भाषण व प्रश्नोतरी प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के नाम, कक्षा, विद्यालय का नाम, संपर्क सूत्र आदि की जानकारी विद्यालय के मुख्याध्यापक/प्रधानाचार्य/भाषा अध्यापक के माध्यम से दिनांक 06 सितंबर, 2021 सांय 5.00 तक भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला के ईमेल dloshimlahp@gmail.com पर अनिवार्य रूप से भेजें जाए। अधिक जानकारी के लिए जिला भाषा अधिकारी शिमला के मो०नं० 9816756785 पर संपर्क करें
इटर्नल यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबिलिटी पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन की शुरुआत आईबी स्कूल, बडू साहिब के विद्यार्थियों द्वारा एक छोटे से स्वागत कार्यक्रम के साथ हुई I स्वागत कार्यक्रम के पश्चात डॉ जीतेन्द्र शर्मा प्रिंसिपल चीफ कन्सेर्वटोर, पंजाब ने सम्मेलन पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि कैसे पेपर इंडस्ट्री ने लकड़ी के अलावा कच्चे माल का इस्तेमाल करने के लिए खुद को बदल लिया है और अब इंडस्ट्री इस्तेमाल किए गए पेपर को रॉ मैटेरियल के तौर पर रीसाइक्लिंग कर रही है। तीन तकनीकी सत्रों में पहले सत्र की अध्यक्षता चंडीगढ़ के डॉ. सुच्चा सिंह गिल एक्स एसजी-सीआरआरडी, जितेंद्र शर्मा आईएफएस (रिटायर्ड) प्रिंसिपल चीफ फॉरेस्टर ऑफ फॉरेस्ट एंड हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स, पंजाब एवं प्रदीप रामकृष्ण जीएम सेबी ने कीI दूसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ.डीके शर्मा फॉर्मर प्रिंसिपल एडवाइजर गवर्नमेंट ऑफ़ हिमाचल प्रदेश, डॉ अमिता जोसेफ निदेशक बीसीएफ फाउंडेशन और डॉ आर एस घ्यूमन प्रो सीआरआरिड, चंडीगढ़ ने कीI तीसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ मनोज कुमार, एमआर जीत गुप्ता, पूर्णिमा चौहान सेवानिवृत्त आईएएस (एचपी) के साथ हुई। डॉ सिमी मेहता सीईओ आईएमआरआई और साक्षी सिंह पंवार सहायक संपादक आईएमआरआई ने भी सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करवाईI अंत में सभी गणमान्य लोगों को एक सोविन्यूर, एक छोटा सा पौधा और एक सरोपा से सम्मानित किया गयाI डॉ दविंदर सिंह, कुलपति इटर्नल यूनिवर्सिटी और सहायक वीसी डॉ अमरीक सिंह आहलूवालिया, पूर्व इटर्नल यूनिवर्सिटी पूर्व वीसी डॉ हरचरण सिंह धालीवाल ने आयोजन को सफल बनाने और अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय के वक्ताओं, विद्वानों, युवा वैज्ञानिकों, डीन, छात्रों और स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन के दौरान हिमाचल प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ आर के प्रुथी भी मौजूद थे। अंत में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया और इटर्नल यूनिवर्सिटी के छात्रों को पोस्टर बनाने और परियोजनाओं को प्रदर्शित करने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सहायक वीसी डॉ.अमरीक सिंह अहलूवालिया ने धन्यवाद देते हुए सम्मेलन को सकारात्मक उत्साह के साथ समाप्त किया I
कैप्टन संजय पराशर ने कहा है कि आज वो जो कुछ भी हैं, उसके पीछे उनके शिक्षकों का ही सबसे बड़ा योगदान रहा है। रविवार को सरस्वती विद्या मंदिर, परागपुर के प्रांगण में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पराशर ने कहा कि शिक्षक ही हमें जीवन के कठिन संघर्षों के रास्तों पर चलने के लिए तैयार करते हैं। जीवन और अपने परिवेश को सुंदर और उपयोगी बनाने का मार्ग के पथ-प्रदर्शक भी शिक्षक ही हाेते हैं। वही हमारे जीवन को सजाते व संवारते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी दृष्टि में जीवन को सही अर्थों में जीने और इस संसार को खूबसूरत बनाने की कला सिखाने वाले शिक्षक ही वरेण्य हैं, सम्माननीय है। इस अवसर पर कैप्टन संजय ने जसवां-परागपुर क्षेत्र के 372 शिक्षकों को भी सम्मानित किया। पराशर ने कहा कि शिक्षक का ज्ञान जीवन को उज्जवलित करता है तो आज शिक्षकों को दिया जा रहा सम्मान सही मायनों में उन्हें गर्वित कर रहा है। उन्होंने अपने जीवन को सफल बनाने के लिए अपने गुरूओं का आभार जताते हुए कहा कि गुरू-शिष्य परंपरा भारती की सनातन संस्कृति का अहम और पवित्र हिस्सा रही है। शिक्षक उस माली के समान होते हैं, जो एक ही बागीचे को अलग-अलग रूप-रंग के फूलाें को सजा देते हैं। इतना ही नहीं शिक्षक ही अपने विद्यार्थियों में राष्ट्र चरित्र का भी निर्माण करते हैं। कहा कि गुरू की महिमा का वर्णन करना बहुत मुश्किल काम है। गुरू बिना ज्ञान नहीं मिलता है क्योंकि शिक्षक ही जीवन में अंधकार को मिटाकर प्रकाश फैलाते हैं और जीवन को जीने की राह दिखाते हैं। शिक्षक दिवस को मनाने का भी उद्देश्य शिक्षकों का सम्मान और विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना रहा है। संजय ने कहा कि शिक्षक का हर किसी के जीवन में बहुत महत्व होता है और सच यही है कि आज वह जिस मुकाम पर भी पहुंचे है, अपने गुरूजनों की बदौलत ही यह सब संभव हो पाया है। बड़ी बात यह भी रही कि कैप्टन संजय ने शिक्षकों को सम्मानित करने से पहले उनके चरण भी छुए। वहीं, एसवीएम के प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि संजय पराशर द्वारा शिक्षकों के सम्मान के लिए पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजन करना शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों के लिए भी गर्व की बात है। कार्यक्रम में पहुंचे सलेटी से सेवानिववृत शिक्षक बिशन लाल, सेहरी से बालक राम, हार बाग से नानक शर्मा और परागपुर से जगन्नाथ शर्मा ने कहा कि पराशर सामाजिक सरोकारों के लिए लंबे समय से काफी कुछ कर रहे हैं और समाज के हर वर्ग को लेकर साथ चलते हैं। शिक्षकों के लिए ऐसा सम्मान समारोह इस क्षेत्र में पहली बार हुआ है और इसके लिए वे भी पराशर की सोच व विजन काे सलाम करते हैं। कार्यक्रम में हिमाचल शिक्षा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष खेमराज शर्मा, पूर्व बीडीसी चेयरमैन गुरचरण सिंह, कैप्टन संजय की धर्मपत्नी सोनिका पराशर, संस्कृत विद्या पीठ ब्लाहर से शिक्षक मुकेश शर्मा और एसवीएम कटोहड़ खुर्द की प्रधानाचार्य मीनाक्षी शर्मा भी मौजूद रहीं।
भाजपा प्रभारी एवं चीफ पैट्रन भारतीय पैरालंपिक संघ अविनाश राय खन्ना ने रविवार को दिल्ली में पैरालंपिक 2020 के खिलाड़ियों का वापिस भारत पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने पैरालंपिक मेडलिस्ट सुरेंद्र सिंह गुज्जर व भारत की भाविनाबेन पटेल जिन्होंने टेबल टेंनिस मुखाबले में रजत पदक जीत। उनके साथ इस अवसर पर भाजपा के कांगड़ा से सांसद कृष्ण कपूर भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पैरालंपिक 2020 में भारत का जोरदार प्रदर्शन रहा है अभी तक भारत ने कुल 19 पदक जीत आपने नाम किए है , हमारे सभी खिलाड़ियों ने इस प्रदर्शन के लिए कड़ी महेनत की है जिसके कारण भारत का यह प्रदर्शन रहा है। उन्होंने कहा हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी खिलाड़ियों के मनोबल बढ़ाने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी है। मैं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने भी पैरालंपिक 2020 में जीते खिलाड़ी के लिए 1 करोड़ की राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों एवं विभूतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
राजा ह्यूमन राइट ने रविवार को तीज के त्योहार का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन शिमला के गंज स्थित एसडी स्कूल के सभागार में किया गया। मुख्यातिथि के तौर पर शिमला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनिला कश्यप सूद, सूद सभा की पूर्व सदस्य वीरमति सूद और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय सदस्य भारती सूद ने शिरकत की। एनजीओ की प्रदेशाध्यक्ष संगीता सूद ने कहा कि एनजीओ अपनी भारतीय परम्पराओं के निर्वहन के साथ साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन कर रहा है। आज के कार्यक्रम में एनजीओ ने अध्यापक दिवस के उपलक्ष्य में अपना जीवन शिक्षा को समर्पित कर चुके अध्यापकों को भी सम्मानित किया गया। इसी के साथ कोरोना महामारी को मात देने वाली महिलाओं को तीज पर्व पर सम्मानित किया गया। आज एनजीओ ने कोरोना से ठीक होने वाली एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला सहित पांच अन्य महिलाओं और सात अध्यापकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले एनजीओ ने रक्तदान शिविर भी पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया है। तीज के कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। यहां महिलाओं के लिए मेहंदी, तंबोला, नाच गाने के साथ साथ अन्य मनोरंजक कार्यक्रम रखे गए थे। जिलाध्यक्ष मीना वर्मा, रीटा, लक्ष्मी, निशा, कमलेश राणा उप प्रधान, पुनीता, अनिला, कृष्णा, सुनंदा, रश्मि, स्नेहलता, सुविधा, आकांशा, शालिनी, रूपा शर्मा, बृजमोहन, मुकेश, कमला, कुमा, सिम्मी, गीतांजलि भागड़ा, शिप्रा कुठियाला, अनु व अन्य महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह रविवार को चंडीगढ़ में 26 औद्योगिक घरानों के साथ वन टू वन रूबरू हुए और इस दौरान हिमाचल प्रदेश में इन औद्योगिक घरानों द्वारा 3307 करोड रुपए निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें करीब 15, 000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है । इस अवसर पर उद्योग निदेशक राकेश प्रजापति, उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, महाप्रबंधक ऊना एवम सिरमौर भी उपस्थित थे। जिन बड़ी कंपनियों के साथ आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, उनमें लुधियाना स्थित ट्राइडेंट कम्पनी द्वारा प्रदेश में टैक्सटाइल पार्क बनाने का प्रस्ताव दिया गया जिसमें करीब 800 करोड़ का निवेश होगा। उद्योग मंत्री द्वारा द्वारा टैक्सटाइल पार्क की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करने के लिए विभाग के अधिकारियों को शीघ्र समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए। भारत सरकार के आत्मनिर्भर अभियान के अंतर्गत पेट्रोल के आयात का खर्चा कम करने के लिए एथनॉल आधारित उद्योग स्थापित किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में लगभग एक हजार करोड़ निवेश के 6 एमओयू साइन किए गए। "बेटर टुमारो इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड" द्वारा प्रदेश में प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 490 करोड रुपए का निवेश किया जाएगा जिसमें करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा "माधव एग्रो " कंपनी द्वारा प्रदेश में 400 करोड रुपए की लागत से प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाना प्रस्तावित है जिसमें 2,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। हिमालयन ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा 150 करोड रुपए लागत की निजी क्षेत्र में हिमालयन स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी जिसमें 450 लोगों को रोजगार मिलेगा। मैटेफिजिकल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नालागढ़ क्षेत्र में डेढ़ सौ करोड रुपए की लागत से 250 बिस्तर का प्राइवेट हॉस्पिटल स्थापित किया जाना प्रस्तावित है जिसमें 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने इस अवसर पर उद्यमियों को हिमाचल प्रदेश में अधिकाधिक निवेश करने का खुला निमंत्रण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उद्यमियों को प्रदेश में निवेश के लिए हर संभव सुविधाएं, प्रोत्साहन व रियायते प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा 2 साल पहले राज्य सरकार द्वारा राज्य की पहली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया जिसकी बदौलत हमारा प्रदेश दूसरी औद्योगिक क्रांति का अग्रदूत बना। इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में दुनियाभर के निवेशकों ने भाग लिया और इस आयोजन के दौरान सरकार द्वारा 96 हजार करोड़ के प्रस्तावित निवेश के साथ सात सौ से अधिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए ।।इसके बाद 14500 करोड के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया जिसमें 28000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा इन्वेस्टर मीट के बाद किसी भी राज्य द्वारा आयोजित यह अब तक का सबसे तेज ग्राउंड ब्रेकिंग था। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अब दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी है ताकि बड़े औद्योगिक घराने प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने भविष्य के लिए प्रस्तावित औद्योगिक विकास व औद्योगिक पार्कों के लिए पिछले वर्ष के दौरान 3000 एकड़ से अधिक का भूमि बैंक बनाया है। उन्होंने कहा जल्दी ही प्रदेश को संभावित 8000 करोड निवेश का बल्क ड्रग पार्क मिलने की भी आशा है जिसमें 15000 लोगों को रोजगार देने की क्षमता होगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में दो नई पेपर मिल स्थापित होना भी प्रस्तावित है।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश व शिमला नगर के विकास को गति प्रदान करने के लिए सक्रियता से कार्य किया जा रहा है। यह विचार रविवार को शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, संसदीय कार्य एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने समरहिल में 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला नगर में विकास के अनेक कार्य शिमला स्मार्ट सिटी व अमरूत योजना के माध्यम से किए जा रहे है। शिमला नगर के विस्तारीकरण के कारण उत्पन्न समस्याओं के निवारण के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश व केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि के माध्यम से जहां शिमला शहर को 24X7 निरंतर पेयजल आपूर्ति, लोगों को पार्किंग स्थलों की व्यवस्थाएं, सड़कों को चौड़ा करना इसके साथ-साथ शिमला शहर के सौंदर्यीकरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है ताकि जहां स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिले वहीं पर्यटक शिमला नगर की ओर आकर्षित हो सके। उन्होंने बताया कि सामुदायिक भवन के निर्माण से जहां लोगों को सामाजिक, राजनीतिक अथवा पारिवारिक समारोह के लिए हॉल सुविधा मिलेगी वहीं समरहिल व आसपास के क्षेत्र के लोगों को पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसी बहुमंजिला भव्य भवन में वार्ड पार्षद कार्यालय भी निर्मित किया गया है, जिससे नगर निगम के संबंध में कार्य करवाने के लिए लोगों को वार्ड पार्षद की उपलब्धता इस भवन के माध्यम से सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर शिमला नगर निगम महापौर सत्या कौंडल ने बताया कि नगर निगम द्वारा प्रत्येक वार्ड में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि सभी वार्डों का समान विकास सुनिश्चित कर वहां सड़क, पानी, स्वास्थ्य व अन्य निगम के अधीन आने वाले क्षेत्रों को सुविधा प्रदान की जा रही है। समरहिल क्षेत्र की पार्षद शैली ने भवन निर्माण के लिए मंत्री व विभाग का आभार व्यक्त किया तथा विभिन्न चुनौतियों से उभरते हुए इस भवन निर्माण को पूर्ण करने में सहयोग करने वाले सभी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर पार्षद अर्चना धवन, डॉ. किमी सूद, विदुषी शर्मा, आशा शर्मा, पूर्ण मल, जगदीश सिंह बग्गा, सीमी नंदा, मीरा शर्मा, विवेक शर्मा, आनंद कौशल, तनुजा चौधरी, दीपक शर्मा, पूर्व पार्षद प्रदीप कश्यप, सांगटी पंचायत के उप-प्रधान हेमन्त, महामंत्री गगन लखनपाल, राजेश भण्डारी, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली तथा संयुक्त आयुक्त नगर निगम अजीत भारद्वाज उपस्थित थे।
प्रदेश के हर परिवार को उसके घर पर आसानी से पेयजल मिले और लोगों को पानी के लिए परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए राज्य सरकार के प्रयास अब जल जीवन मिशन के तहत फलीभूत होनेे लगे हैं। मिशन के अन्तर्गत जिला लाहौल- स्पीति में 15 हजार 256 फुट की ऊंचाई पर स्थित देश के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र टशीगंग गांव के घर-घर में भी राज्य सरकार ने नल से जल पहुंचाने में कामयाबी हासिल की है। कोविड-19 की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भी राज्य सरकार प्रदेश में जल जीवन मिशन को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित कर रही है। हर घर, नल से पेयजल पहुंचाने की राज्य सरकार की योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते यह पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में देशभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों में अग्रणी स्थान पर है। प्रदेश में लगभग 17 लाख घरों में नल लगाए जाने है, जिनमें से अब तक 14 लाख 50 हजार घरों में नल उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। जल जीवन मिशन के शुरू होने के बाद लगभग 18 माह की छोटी-सी अवधि में राज्य में 6 लाख 5 हजार नल लगाए गए हैं। हर घर, नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार के जल शक्ति विभाग द्वारा 15 अगस्त, 2022 तक की समय सीमा निर्धारित की गई है, जिसके दृष्टिगत विभाग कार्य योजना तैयार कर उसे अमली जामा पहनाने में जुटा हुआ है। वर्ष 2019 में शुरू हुए जल जीवन मिशन के अन्तर्गत राज्य को जल जीवन मिशन के तहत किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के लिए 2260 करोड़ की धनराशि आवंटित हुई है, जिसमें से जल शक्ति विभाग द्वारा तैयार की गई विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन पर अब तक 1107 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। जल जीवन मिशन के तहत राज्य में किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की परफाॅरमेंस के आधार पर राज्य को 283 करोड़ का इंसेन्टिव भी प्राप्त हुआ है जो प्रदेश के कर्मचारियों विशेष कर जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों के लिए भी गर्व की बात है। प्रदेश को मिला यह इंसेन्टिव जल शक्ति विभाग की बेहतर नीतियों व कार्य प्रबन्धन के साथ-साथ कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के बदौलत ही मिल पाया है। राज्य में जल जीवन मिशन के तहत प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर की दर से पानी उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किया जा रहा है। राज्य में विभिन्न पेयजल योजनाओं में सुधार व अनेक नई योजनाओं को बना कर लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य में 283 पेयजल योजनाओं के संवर्धन और सुधार के लिए 1120.24 करोड़ रुपये की योजनाओं के प्राकलन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। इन परियोजनाओं पर अब तक 288.11 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। राज्य में वर्ष 2021-22 के लिए विभिन्न योजनाओं के संवर्धन और सुधार के लिए 764 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार द्वारा 888 करोड़ रुपये की लागत की 107 परियोजनाएं और तैयार मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई है। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जल जीवन मिशन की विभिन्न गतिविधियों के मामले में हिमाचल प्रदेश देशभर में शीर्ष स्थान पर है। मिशन के अन्तर्गत जिला लाहौल-स्पीति में 15 हजार 256 फुट की ऊंचाई पर स्थित देश के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र टशीगंग गांव के घरों में भी नल से जल पहंुचाया जा चुका है। मिशन की गतिविधियों को बिना किसी रूकावट के निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि 15 अगस्त, 2022 तक राज्य के हर घर में नल हो।
आजादी के अमृत महोत्सव और शिक्षक दिवस के उपलक्ष में क्यार कोटी गांव में उमंग फाउंडेशन ने युवक मंडल क्यार कोटी के साथ मिलकर रक्तदान शिविर लगाया। इसमें 42 लोगों ने खून दान किया। शिविर का उद्घाटन कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने स्वयं रक्तदान करके किया। उन्होंने रक्तदाताओं को फूल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। शिविर के संयोजक और उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद योगाचार्य ने बताया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी की छात्रा एवं जानी मानी दृष्टिबाधित गायिका भारतीय चुनाव आयोग की ब्रांड एम्बेसडर मुस्कान ने भी रक्तदान कर समाज को संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत प्रधान भुवनेश्वर शर्मा ने की। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने लोगों को रक्तदान जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। मुस्कान ने सुरीली आवाज़ में एक गीत सुनाया और कहा कि दृष्टिबाधित एवं अन्य दिव्यांग व्यक्ति भी रक्तदान कर दूसरों का जीवन बचा सकते हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में हुए रक्तदान शिविर में प्रिंसिपल नविता गुप्ता और उनकी बेटी रिद्धिमा गुप्ता ने एक साथ खून दान किया। स्थानीय दंपत्ति जितेंद्र शर्मा और चंद्र प्रभा शर्मा ने भी रक्तदान किया। शिविर में कई शिक्षकों - बाल मुकंद शास्त्री, भुवन दत्त शास्त्री, ललित मोहन शास्त्री, नंदलाल शर्मा एवं ईश्वरी शर्मा ने रक्तदान कर शिक्षक दिवस मनाया। युवक मंडल क्यार कोटी के तोशित शर्मा, विकास, देवेश शर्मा, देवेन्दर शर्मा, अजय, रोहन और सौरभ शर्मा ने भी रक्तदान किया। क्यार कोटी गांव में हुए पहले रक्तदान कैंप में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पीएचडी के विद्यार्थियों- मुस्कान, मुकेश कुमार, वैशाली, अभिषेक भागड़ा, रोहित दुगलेट, रमेश कुमार एवं दिनेश के अलावा तेजू नेगी, एवं पल्लवी गौतम ने भी रक्तदान कर शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। आईजीएमसी ब्लड बैंक की टीम ने रक्त संग्रह किया। शिविर के संचालन में सोहन लाल वर्मा, गुलाब चंद्र शास्त्री, प्यारा सिंह कंवर, सानवी शर्मा, संजीव शर्मा, कार्तिक, हितेश, सुमन, ज्योति, कोमल, पल्लवी शर्मा, जितेंद्र, किशोर, पंकज धीमान, नीलम कंवर, ऊषा ठाकुर, प्रतिभा ठाकुर, रिया ठाकुर एवं प्रो.अजय श्रीवास्तव ने सहयोग दिया।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाने के लिए, सीएसआईआर-आईएचबीटी रिसर्च स्कॉलर्स ने शिक्षक दिवस के अवसर पर "छात्र संगोष्ठी श्रृंखला 2021-5वें संस्करण" का आयोजन किया। समारोह की अध्यक्षता माननीय डीजी सीएसआईआर, डॉ शेखर सी मंडे ने संस्थान के निदेशक डॉ संजय कुमार और मुख्य वक्ता डॉ आशीष के लेले, निदेशक सीएसआईआर-एनसीएल, पुणे की गरिमामय उपस्थिति में की। अपने उद्घाटन भाषण में डॉ संजय कुमार ने दिन के महत्व पर प्रकाश डाला और वर्तमान परिदृश्य में "वैज्ञानिक नवाचार और डिजिटल परिवर्तन: ब्रिजिंग इंटरडिसिप्लिनरी परिप्रेक्ष्य" पर संगोष्ठी विषय के गतिशील परिवर्तन और प्रासंगिकता का उल्लेख किया। यह छात्रों के लाभ के लिए छात्रों द्वारा आयोजित समारोह था। समारोह में सीएसआईआर-आईएचबीटी के पूर्व छात्रों द्वारा विश्व स्तर पर किए गए विभिन्न कार्यों ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला। इस वर्ष यूनिवर्सिटी ऑफ ल्यूवेन, बेल्जियम, इंस्टीट्यूट ऑफ बायोऑर्गेनिक केमिस्ट्री, पोलिश एकेडमी साइंस, पोलैंड, टी रिसर्च इंस्टीट्यूट, केन्या, श्रीलंका के चाय अनुसंधान संस्थान, सीएसआईआर-आईआईआईएम, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, शूलिनी विश्वविद्यालय, पशुपालन विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार,रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शताब्दी कॉलेज, पश्चिम बंगाल, पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन कॉलेज, नागालैंड सहित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से मौखिक, ई-पोस्टर, स्वर, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी सहित विभिन्न आयोजनों में जबरदस्त प्रतिभागिता की। इस कार्यक्रम को व्यापक रूप से एमएस टीम और यूट्यूब चैनल के माध्यम से वैश्विक उपस्थिति के साथ व्यापक रूप से प्रसारित किया गया।
हिमाचल प्रदेश ओबीसी कमिशन के चेयरमैन रामलोक धनोटिया ने द्रंग विधानसभा क्षेत्र की चौहारघाटी का दौरा किया और ओबीसी वर्ग के लोगों की समस्याओं को सुना। ओबीसी मोर्चा मंडी के जिला अध्यक्ष कपूरचंद ने सबसे पहले ओबीसी वर्ग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि मोदी ने ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करके सबसे पहले अपने मंत्रिमंडल में ओबीसी के सांसदों को शामिल करके यह बता दिया कि भारतीय जनता पार्टी ओबीसी वर्ग की कितनी हितेषी है। साथ ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी धन्यवाद किया कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश को ओबीसी कमिशन के चेयरमैन बनाकर ओबीसी को बड़ा तोहफा दिया है। जिस कारण ओबीसी वर्ग को अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने में आसानी होगी। कपूरचंद ने रामलोक धनोटिया के समक्ष मांग की है कि ओबीसी सर्टिफिकेट एक वर्ष की समय अवधि से 5 वर्ष की जाए जिससे हमारे लोगों को वर्ष की प्रक्रिया से ना गुजरना पड़े । क्योंकि हमारे बच्चों को इतनी छात्रवृत्ति नहीं मिल पाती जितनी कि इसे बनाने में समय और पैसा बर्बाद होता है। कपूर ने यह भी कहा कि ओबीसी वित्त निगम निचले क्षेत्र यानी कि कांगड़ा में होने के कारण ऊपर के क्षेत्र को इसका लाभ नहीं मिल पाता है अतः ओबीसी वित्त निगम की एक शाखा ऊपर वाले क्षेत्र जिला मंडी में खोलने की कृपा की जाए। जिससे ऊपर वाले क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। साथ ही कहा कि चौहारघाटी क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावना है और चौहारघाटी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करके यहां की बेरोजगारी को भी खत्म किया जा सकता है। जिससे सरकार को भी आमदनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अंग्रेजों के समय बनी ट्राली कई सालों से बंद पड़ी है उसको भी दोबारा बहाल किया जाए। जिससे चौहारघाटी के पर्यटक को चार चांद लग सकते हैं। साथ ही लोगों का सामान लाने और ले जाने में कम लागत और कम समय लगेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में समान विकास करवा रही है और सभी विधानसभा क्षेत्र में यानी कि हिमाचल में नए नए आयाम स्थापित किए हैं। वही द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर के मार्गदर्शन से द्रंग विधानसभा के विकास की नई गाथा लिखी है। चाहे सड़कों की बात हो, पानी की बात हो या बिजली की बात हो । उन्होंने कहा कि ओबीसी मोर्चा हर समय काम कर रहा है और आने वाले चुनावों में भी ओबीसी मोर्चा कोई कमी नहीं छोड़ेगा और दोबारा 2022 में हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने में दोगुने उत्साह के साथ काम करेगा। इन सभी बातों को सुनने के बाद ओबीसी कमिशन के चेयरमैन रामलोक धनोटिया ने बताया कि उपरोक्त सभी बातों को जयराम ठाकुर के समक्ष रखा जाएगा और तुरंत ही समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर मोर्चा द्रंग मंडल के अध्यक्ष प्रकाश चंद, उपाध्यक्ष खूब सिंगज, महामंत्री खेख राम, भोखी राम, दीवान चंद, पवन कुमार, सुभाष चंद, रामदास, रोशन लाल, गंगी देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहें ।


















































