हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला की शिवालिक पहाड़ियों की आद्रभूमि में मानव निर्मित पौंग बांध जलाशय प्रवासी पक्षियों, विशेष रूप से साइबेरियाई क्रेन और रूस एवं ट्रांस अंटार्कटिक क्षेत्रों से सैकड़ों प्रजातियों की निवास स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। प्रदेश सरकार इसे पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाह के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह महाराणा प्रताप सागर के नाम से भी विख्यात है। यह वन्यजीव अभयारण्य, रामसर कन्वेंशन द्वारा घोषित 25 अंतर्राष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्थलों में से एक है। पौंग बांध झील को नवंबर, 2002 में राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (रामसर साइट) के रूप में घोषित किया गया है। इस पर्यटन स्थल में वर्ष भर सैलानियों को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में राज्य सरकार झील के आस-पास पर्याप्त अधोसंरचना बनाने और जल क्रीड़ा एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों शुरू करने की संभावनाएं तलाश रही है। सरकार यहां आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए प्रयासरत है। यहां पर्यटकों को शिकारे के साथ-साथ अनेक साहसिक गतिविधियां आरम्भ करने की योजना तैयार की जा रही है। राज्य सरकार इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से युवाओं को शिकारा खरीदने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। वर्तमान राज्य सरकार ने अधोसंरचना विकास के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों की सुविधा के लिए पौंग बांध में एक फ्लोटिंग होटल खोलने पर विचार कर रही है। इसके अलावा, साहसिक गतिविधियों में रूचि रखने वाले पर्यटकों के लिए हॉट एयर बैलूनिंग गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। पौंग जलाशय 24,529 हेक्टेयर क्षेत्र तक फैला हुआ है। पौंग जलाशय बड़े पैमाने पर मछुआरों की आवश्यकताओं की पूर्ति भी करता है और क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आर्थिकी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। प्रकृति से प्राप्त अपार संसाधनों के बावजूद, झील की पर्यटन क्षमता का पूरी तरह से दोहन नहीं किया जा सका है। सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त आर्द्रभूमि के रूप में और पक्षियों प्रेमियों के लिए विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है। पौंग बांध में प्रवास पर आने वाले पक्षी, पक्षीविज्ञानियों और पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं की क्षेत्र के विकास में सहभागिता को बढ़ाने तथा उन्हें पर्यटन संबंधी गतिविधियों में शामिल करने पर बल दिया जाएगा।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत उम्मर पंचायत के डोल गांव में नरेश ठाकुर की भूमि से 7 चंदन के पेड़ काटने का मामला सामने आया है। यहां से 1 साल पहले 2 चंदन के पेड़ काटे गए थे और अब फिर वन काटुओं ने 7 पेड़ काटे हैं। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची ज्वालामुखी पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने कहा कि पुलिस वन काटुओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य संसदीय सचिव, शहरी विकास एवं शिक्षा आशीष बुटेल ने पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्रोगणु में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा 5 लाख से निर्मित सीएससी भवन का लोकार्पण किया। द्रोगणु में लोगों को संबोधित करते हुए आशीष बुटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार प्रदेश में राज के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के हित के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता से प्रदेश निरंतर आत्मनिर्भरता की और आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों दी गई सभी गारंटियों पर सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है और सरकार प्रदेश के 1 लाख 34 हजार अधिकारियों, कर्मचारियों को ओपीएस देकर पहली गारंटी को पूर्ण कर दिया है। सीपीएस ने कहा कि पालमपुर विधानसभा क्षेत्र का योजनात्मक और सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में लोगों की मांग और जरूरतों के अनुरूप जनसहभागिता से विकास को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान और उसे मुख्य धारा में लाने के ध्येय से कार्य कर रही है। बुटेल ने कहा कि पालमपुर विधानसभा क्षेत्र विकास और सुविधाओं की दृष्टि में बेहतर है। उन्होंने कहा कि धौलाधार के साथ लगते कुछ ऊंचे क्षेत्रों में विकास कार्यों को लोगों के सहयोग से तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पालमपुर विधान सभा क्षेत्र के सकैडी और नानाहर पंचायतों में मोबाइल सिग्नल की समस्या को दूर करने के लिये मोबाइल टावर स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने सकैडी गिरी क्लब को मैदान की चारदीवारी के लिये डेढ़ लाख, धरेहड और द्रोगणु शमशान घाट में शेड निर्माण के लिये 2-2 लाख, द्रोगणु शमशान घाट रास्ते मे टाइल कार्य के लिये 2 लाख, थला में प्राकृतिक स्त्रोत से पंचायत द्वारा पेयजल उपलब्ध करवाने के लिये तीन लाख तथा महिला मण्डलों द्वारा भवन के लिये जमीन उपलब्ध होने पर भवन के लिये धनराशी उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने इस क्षेत्र में बंद पड़ी सरकारी बस सेवा को भी एक सप्ताह में बहाल करने की घोषण की। कार्यक्रम में द्रोगणु पंचायत के प्रधान बीना देवी, थला पंचायत प्रधान अंजू देवी, डॉक्टर मदन दीक्षित, पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, ओंकार ठाकुर, कुलदीप कुमार, विजय कुमार, जगदीश, शशि कपूर, डीएफओ नितिन पाटिल, अधिशासी अभियंता अंकुर शर्मा, तहसीलदार सार्थक शर्मा, डॉ वनीता शर्मा, बीडीओ भानु प्रताप, एसडीओ अनिल धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आखिरकार धर्मशाला के जदरांगल में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने करीब 57.10 हेक्टयर वन भूमि में भवन निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी है। केंद्र सरकार की ओर से दी गई इस मंजूरी पर जन चेतना मंच धर्मशाला ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। जन चेतना मंच धर्मशाला के पदाधिकारी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी कैप्टन जेएम पठानिया ने प्रेस वार्ता कर इस बाबत जानकारी साझा की है। जेएम पठानिया ने कहा कि उनका संघर्ष रंग लाया है, दरअसल उन्होंने जदरांगल में चिन्हित वन भूमि पर पेंच फंसने से धर्मशाला से देहरा शिफ्ट होते केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस निर्माण का कार्य इसी भूमि पर करवाने के लिए भारत की केंद्र सरकार को वन भूमि क्लियरेंस के लिये प्रस्ताव भेजा था जिसे विधिवत मंजूरी मिल गई है। उन्होंने ने कहा कि अब इसके बाद एक और बड़ी कि चुनौती उनके सामने है और वो यह है कि यहां न केवल स्थायी कैंपस का निर्माण हो बल्कि जो धर्मशाला की लिहाज़ से केंद्रीय विश्वविद्यालय के जो प्रासांगिक (relevant) विभाग हैं वो यहीं से चलें और जिनकी प्रासांगिकता देहरा में है वो वहां से चलाए जाएं, ताकि इसका विश्वविद्यालय फैकल्टी और छात्रों को लाभ मिल सके, ख़ास तौर पर वो विभाग जो पहले से ही यहां चल रहे हैं, उन्हें तो बिल्कुल भी शिफ्ट न किया जाए, जिससे कि छात्र और फैकल्टी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्लाय की मेडिकल सांइस विभाग को तो धर्मशाला से ही चलाया जाना चाहिए, इसलिये क्योंकि इसका विश्वविद्यालय दोहरा लाभ भी उठा सकता है क्योंकि जहां एक ओर धर्मशाला के नजदीक मेडिकल कॉलेज टांटा है तो वहीं दूसरी ओर जोनल हस्पताल धर्मशाला भी है जिसका लाभ छात्र और फैकल्टी दोनों ही उठा सकते हैं। जेएम पठानिया ने कहा कि जन चेतना मंच अपने संघर्षशील कार्यों से अपना स्तर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना चाहते हैं इसके लिये उन्हें जो करना पड़ा वो निश्चित तौर पर करेंगे।
केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की एडवाइजरी कमेटी द्वारा धर्मशाला के निकट जदरांगल में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के लिए 57.0 हेक्टेयर भूमि के आवंटन की घोषणा की गई है। भूमि आवंटन के बाद जल्द ही विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। परिषद के प्रांत सह मंत्री अभिषेक ने बताया कि जद्रांगल में सीयूएचपी को भूमि मंजूरी मिलना विद्यार्थी परिषद के लंबे संघर्षों का परिणाम है। गौरतलब है कि 15 अगस्त, 2007 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा, 16 राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की गई थी। इसी के अंतर्गत वर्ष 2009 में संसद अधिनियमित केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के तहत हिमाचल प्रदेश को भी केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात प्राप्त हुई थी। किंतु दुर्भाग्यवश 2009 से वर्ष 20023 तक 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर का निर्माण नहीं हो पाया। 14 वर्षों में इस विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर के निर्माण के नाम पर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपना उल्लू सीधा करने का प्रयास किया। प्रदेश या देश में चुनाव प्रचार के समय सभी पार्टियों द्वारा विश्वविद्यालय निर्माण का वादा किया गया पोस्टर लगाया गया किंतु धरातल पर वास्तविकता कुछ और ही रही। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र हित को ध्यान में रखते हुए पिछले 14 वर्षों से ही लगातार इस विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर निर्माण के लिए आंदोलनरत है। वर्ष 2009 से विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन व केंद्र तथा राज्य सरकारों के खिलाफ न जाने कितने ही आंदोलन किए हैं। इसी कड़ी में वर्ष 2020 में भी विद्यार्थी परिषद ने 48 दिन का अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन व 44 दिन की भूख हड़ताल भी की। इसी दौरान परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा शव प्रदर्शन, मूक प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक जैसे अलग अलग प्रदर्शन कर सरकार को चेताने का प्रयास किया गया। इसी के साथ 2020 में परिषद का एक प्रतिनिधि दल तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से भी मिलता है और विश्वविद्यालय की समस्याओं को सामने लाता है। मंत्री द्वारा विद्यार्थी परिषद को जल्द ही इस मामले का समाधान करने का विश्वास भी दिलाया गया किंतु उसका भी कोई परिणाम नहीं निकला। कुछ समय पहले विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लाई व देहरा में विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर निर्माण की अनुमति मिलने के बाद 115 हेक्टेयर भूमि पर भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा है। किंतु बारिश व कम जमीन का हवाला देते हुए जद्रांगल में भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी गई। आज विद्यार्थी परिषद के लंबे संघर्ष के बाद जद्रांगल में भी 57 हेक्टेयर भूमि को मंजूरी दे दी गई है। यह विद्यार्थी परिषद की यह जीत कार्यकर्ताओं, अन्य छात्र व छात्राओं सहित पूरे राज्य के वासियों के लिए हर्ष का विषय है। विश्वविद्यालय में छात्र हितों के लिए विद्यार्थी परिषद पिछले 14 वर्षों से संघर्ष करती आई है और आगे भी विद्यार्थियों को यदि कोई भी समस्या आती है तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता उन समस्याओं को समाप्त करने के लिए कार्य करता रहेगा।
*कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward * कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुनैना कश्यप। फर्स्ट वर्डिक्ट सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward
वो लोग जो बेहतर की उम्मीद में साथ छोड़ कर गए थे, शायद आज वापस हाथ पकड़ने की सोचते होंगे। हम बात कर रहे है कांग्रेस के उन तमाम नेताओं की, जिनका पूर्वानुमान एक दम गलत साबित हुआ। वो नेता जो चुनाव से पहले सत्ता में आती हुई कांग्रेस का साथ छोड़ सत्ता से बाहर होती हुई भाजपा के खेमे में जा मिले थे। इस फेहरिस्त में काँगड़ा से विधायक पवन काजल, नालागढ़ से पूर्व विधायक लखविंदर राणा और हर्ष महाजन मुख्य तौर पर शामिल है। ये वो नेता है जिनका कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, मगर परिणाम सामने आए तो झटका इन्हें ही लग गया। सर्विदित है कि अगर ऐसा न हुआ होता तो निजी तौर पर आज इनके लिए सियासी परिस्थितियां बेहतर हो सकती थी। हिमाचल प्रदेश में सत्ता की चाबी रखने वाले कांगड़ा जिले के ओबीसी नेता पवन काजल किसी समय कांग्रेस पार्टी की आंखों का 'काजल' माने जाते थे। मगर विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले भाजपा ने कांग्रेस के इस 'काजल' को अपनी आंखों का 'नूर' बना लिया था। यूँ तो काजल भाजपा से ही कांग्रेस में आए थे, मगर काजल की ऐसे भाजपा में वापसी होगी ये किसी ने नहीं सोचा था। दरअसल पवन काजल ने वर्ष 2012 में भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर बगावत करते हुए बतौर निर्दलीय कैंडिडेट चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। विधानसभा चुनाव में तब पवन काजल पहली बार जीते थे। पवन काजल के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उन्हें कांग्रेस में ले आए। वीरभद्र सिंह ने ही वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पवन काजल को कांगड़ा से कांग्रेस का टिकट दिया। पवन काजल भी वीरभद्र सिंह के भरोसे पर खरा उतरे और लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। काजल अक्सर ये कहा भी करते थे कि वे कांग्रेस के साथ नहीं वीरभद्र सिंह के साथ है। कांग्रेस ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाया, मगर काजल ने कांग्रेस को छोड़ जाना सही समझा। काजल तो चुनाव जीत गए, मगर भाजपा चुनाव हार गई। माना जाता है कि अगर काजल पार्टी न छोड़ते तो उनका मंत्री पद तय था। बात लखविंदर राणा की करें तो राणा तीन बार कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ विधानसभा पहुंचे थे । वर्ष 2010-11 में नालागढ़ के तत्कालीन विधायक हरिनारायण सैणी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में लखविंद्र राणा कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे और पहली बार विधायक चुने गए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में राणा हार गए। वर्ष 2017 में उन्होंने एक बार फिर नालागढ़ सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। मगर 2022 के विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए। भाजपा ने उन्हें टिकट दिया मगर भाजपा में बगावत के चलते राणा चुनाव हार गए। इन दो विधायकों के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहे जाने वाले हर्ष महाजन भी चुनाव से पहले भाजपा के हो गए थे। शायद ही किसी ने सोचा हो कि वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले हर्ष महाजन और कांग्रेस की राह अलग भी हो सकती है। हर्ष महाजन होलीलॉज के करीबी थे और वे कई बार वीरभद्र सिंह के चुनाव प्रभारी भी रह चुके थे। कहते है कि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाने में हर्ष महाजन का सबसे बड़ा योगदान रहा था। इस चुनाव से पहले भी कांग्रेस द्वारा इन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, मगर कांग्रेस पर नज़रअंदाज़गी का आरोप लगाते हुए महाजन भाजपा में शामिल हो गए थे। हालंकि अब भाजपा में हर्ष महाजन को कितनी तवज्जो मिल रही है, ये वे ही जानते होंगे। अगर महाजन कांग्रेस में रहते तो शायद बात कुछ और होती।
प्रदर्शन और आभार कार्यक्रम तो बहुत हुए मगर इस तरह पहले कभी सरकार का आभार व्यक्त करने को कर्मचारियों का हुजूम नहीं उमड़ा। लाखों की संख्या में कर्मचारी सीएम सुक्खू का दिल की गहराईयों से आभार करने को पहुंचे और धर्मशाला का पुलिस ग्राउंड जय सुक्खू के नारो से गूँज उठा। ऐसा स्वागत या स्नेह, सरकार को कर्मचारियों से शायद ही पहले कभी मिला हो, और हो भी क्यों न सीएम सुक्खू के नेतृत्व की इस कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों की उस मांग को पूरा किया है जिसके लिए प्रदेश के लाखों कर्मचारी सालों तक नेताओं की दरों पर दस्तक देते रहे। सीएम सुक्खू ने कर्मचारियों के इस अनंत संघर्ष पर पूर्ण विराम लगाया है, जिसके लिए कर्मचारियों ने सीएम सुक्खू को सर माथे लगा लिया। कभी उन्हें नायक बताया तो कभी पेंशन पुरुष। आभार के जवाब में सीएम सुक्खू भी कह गए कि मैं आपका सेनापति हूँ और आप मेरी सेना हो। 11 दिसंबर को कर्मचारियों के आशीर्वाद से कांग्रेस सरकार बनी और आगे भी ऐसे ही हमारा साथ देते रहना। कर्मचारियों की ये मांग कोई आम मांग नहीं थी। ये वो मसला था जिससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों का भविष्य जुड़ा था, वो कर्मचारी जो एनपीएस के अंतर्गत आते थे और जिन्हें शायद सेवानिवृत होने के बाद अपने बुढ़ापे में किसी और का सहारा लेना पड़ता। एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के ऐसे कई मामले सामने आए है, जब इन कर्मचारियों को सेवानिवृत होने के बाद नाम मात्र पेंशन मिली। पूरे जीवन सरकार की सेवा करने के बाद ये कर्मचारी बुढ़ापे में इतने लाचार हो गए की जीवन व्यापन कठिन हो गया। इसी के बाद से पुरानी पेंशन बहाली के लिए महासंघर्ष का आरम्भ हुआ। न जाने कितनी ही हड़तालें, प्रदर्शन, अनशन इन कर्मचारियों ने किये मगर एक लम्बे समय तक इनकी नहीं सुनी गई। अपने बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए संघर्षरत इन कर्मचारियों पर एफआईआर भी हुई, इन पर वाटर कैनन्स भी दागी गई और इनकी आवाज़ दबाने की कोशीश भी की गई, मगर संघर्ष थमने के बजाए और उग्र होता गया। आखिर जिस सरकार ने कर्मचारियों की नहीं सुनी वो सरकार सत्ता से बाहर हुई और सीएम सुक्खू के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार कर्मचारियों के लिए मसीहा बन गई। वादे अनुसार पहली कैबिनेट की बैठक में ही पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया गया। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में केसा उत्साह है ये एक बार फिर धर्मशाला के पुलिस ग्राउंड में देखने को मिल गया।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ फाउंडेशन के संस्थापक प्रमोद कुमार भारद्वाज के दिशा-निर्देश में इंदौरा में एक विशेष बैठक फाउंडेशन की प्रदेश की अध्यक्ष सुमन कौशल की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में 40 वर्ष से ऊपर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने व गरीब व जरूरतमंद परिवारों का हर तरह से सहयोग करने का भी प्रण लिया। इस मौके पर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमोहन उर्फ गोल्डी लंबरदार, प्रदेश के महासचिव नरेंद्र सिंह, प्रदेश प्रेस सचिब गगन ललगोत्रा,जिला से महासचिव मीनाक्षी नंदा, जिला सचिव मंजू देवी, रैक सोना, मीना कुमारी, आरती शर्मा, सुरेश बाला सहित 43 सदस्य मौजूद थे।
घगवां में बाबा कयालू महाराज का मेला बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मेले में श्रद्धालुओं ने बाबा कयालू महाराज के दरवार में शीश नवाकर बाबा कयालू जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले में पंजाब से गायक रामू मज्जी, रानी अरमान, मिस अनु ने बाबा कयालू महाराज के दरबार में माथा टेका, उसके उपरांत अपने गायकी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया हुआ था। इस मौके पर जिला कांगड़ा के कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष ठाकुर जर्म सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उन मेले में पहुंचे यहां मेला कमेटी द्वारा उनका जोरदार फूल मालाएं पहना कर स्वागत किया गया। मेले में बाबा कयालू महाराज मेला कमेटी घगवां के प्रधान जगन कुमार, गोपाल शर्मा,बंटी, तारा चंद, गणेश, रोहित, तिलक, वृज मोहन सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संकल्प को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। इसी कड़ी में जिले में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार गंभीर प्रयास करेगी। वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन इंडिया की हिमाचल प्रदेश इकाई द्वारा आज शाहपुर में आयोजित बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आरएस बाली ने यह बात कही। ईस्ट जोन की इस बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में कांगड़ा, चंबा और उना जिलों के पुरुष और महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया। उपस्थित प्रतिभागियों और आयोजकों को संबोधित करते हुए रघुबीर सिंह बाली ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की दूरगामी सोच टूरिज्म के क्षेत्र में कांगड़ा जिला सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में एक नवक्रांति लाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें टूरिज्म क्षेत्र में जो अहम जिम्मेदारी दी है उसको वे बड़ी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने को लेकर उनके पास कईं आइडियाज़ हैं, जिन्हें वे योजनाबद्ध ढंग से लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा को पर्यटन जिले के रूप में विकसित करने के लिए चिड़ियाघर, आइस स्केटिंग रिंक, गोल्फ मैदान, नगरोटा बगवां में भारत का सबसे बड़ा फाउंटेन, एडवेंचर टूरिज्म तथा साहसिक गतिविधियों और खेलों सहित अनेक कार्य जिला कांगड़ा में शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं से निश्चित ही जिला कांगड़ा पर्यटन जिला के रूप में विकसित होगा। उन्होंने वर्ल्ड फिटनेस फेडरेशन अधिकारियों की इस बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता करवाने के लिए प्रशंसा करते हुए आयोजन समिति को 21000 रुपये देन की घोषणा की। उन्होंने प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर युवाओं को नशे से दूर रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलकूद तथा बॉडीबिल्डिंग जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए रचनात्मक गतिविधियों में रूचि दिखानी चाहिए। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय जीएस बाली को याद करते हुए उनके पद चिन्हों पर चलने की बात दोहरायी। उन्होंने कहा कि वे हमेशा लोगों के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे। इस अवसर में पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, रामा जिम रैत के सचिव अंकुश राठौर, आयोजन सचिव सुमित शर्मा, युवा नेता पंकू, एनएसयूआई सचिव विशाल शर्मा सहित प्रतिभागी उपस्थित रहे।
थाना क्षेत्र नादौन के अंतर्गत स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के निकट कोहला गांव में ब्यास नदी में नहाने उतरे पंजाब के तीन युवकों में से एक डूब गया, जबकि दो डूबने से बाल-बाल बचे। मृतक की पहचान 22 वर्षीय चेतन पुत्र दर्शन सिंह निवासी गांव कम्मोवाल माहलपुर होशियारपुर के तौर पर हुई है। मृतक के चचेरे भाई मनदीप पुत्र जरनैल सिंह ने बताया कि रविवार सुबह कम्मोवाल गांव से महिलाओं सहित करीब 25 लोगों का ग्रुप जिला के सीमावर्ती गांव भड़ोली क्षेत्र ज्वालामुखी थाना में स्थित अपनी जठेरी में माथा टेकने आए थे। इसी दौरान चेतन, उसका चचेरा भाई 28 वर्षीय मनदीप तथा 16 वर्षीय राहुल पुत्र गुरदयाल निवासी गांव कम्मोवाल व्यास नदी में नहाने उतर गए। तीनों को ही तैरना नहीं आता था और वे अनजाने में धीरे-धीरे गहरे पानी में पहुंच गए। तीनों पानी में करीब 2 किलोमीटर तक बहते हुए नदी के दूसरे किनारे नादौन की ओर बढ़ते गए। इनमें से राहुल और मनदीप कोहला गांव में जल शक्ति विभाग के स्टोर एवं पंप हाउस के निकट पानी के किनारे जैसे ही पहुंचे तो वहां उपस्थित कुछ स्थानीय लोगों ने इन्हें देख लिया और इन्हें बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। वहीं, चेतन जिसका हाथ मनदीप ने पकड़ा हुआ था वह पानी में ही उसे छूट गया और बहता हुआ आगे चला गया। उसे स्टोर से थोड़ा आगे की ओर स्थानीय लोगों ने जब बाहर निकाला तो इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कुलदीप पटियाल ने पुलिस टीम सहित मौका पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाली के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताने को 28 मई को धर्मशाला में प्रदेशभर से एनपीएस यूनियन से जुड़े कर्मचारी जुटेंगे। रैली में कर्मचारियों के साथ उनके परिजनों को भी आने का न्यौता दिया गया है। धर्मशाला के पुलिस मैदान में होने वाली इस आभार रैली में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत सभी कैबिनेट मंत्रियों और अन्य पदाधिकारियों के पहुंचने का कार्यक्रम है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल की सुक्खू सरकार के ओल्ड पेंशन बहाली के ऐतिहासिक निर्णय से प्रदेश के एक लाख 36 हजार सरकारी कर्मचारियों को सीधा पहुंचा है। सरकार के निर्णय से लाभान्वित सभी कर्मचारियों का एक स्वर में कहना है कि यह आभार रैली मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का धन्यवाद जताने के लिए आयोजित की जा रही है। सरकार के ओपीएस बहाली के निर्णय ने उनका वर्तमान और भविष्य सुरक्षित कर दिया है। वहीं पेंशन बहाली से गदगद कर्मचारियों के परिजन भी रैली को लेकर बेहद उत्सुक हैं। उनका कहना है कि के यह केवल पेंशन की बात नहीं है, ये हमारे बच्चों के सम्मान, स्वाभिमान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा फैसला है, इसके लिए वे जिंदगी भर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ऋणी रहेंगे। हर जिले से आएंगे कर्मचारी एनपीएस यूनियन के जिला कांगड़ा के अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास ने बताया कि आभार रैली में प्रदेश के हर जिले से एनपीएस कर्मचारी यूनियन से जुड़े लोग एवं उनके परिजन आएंगे। रैली प्रातः 11 बजे आरंभ होगी। इसमें 65 हजार के करीब लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। रैली में पधारने पर मुख्यमंत्री समेत उनकी पूरी कैबिनेट का आभार जताने तथा उनके भव्य स्वागत की तैयारी की गई है।
विधानसभा जवाली की भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष मधु बाला को पार्टी के प्रति ईमानदारी निष्ठता तथा वफादारी को देखते हुए महिला मोर्चा जिला नूरपुर की का सचिव बनाया गया है। संगठनात्मक जिला नूरपुर की जिलाध्यक्ष श्रेष्ठा ठाकुर ने मधु बाला को जिला सचिव नियुक्त किए जाने का पत्र जारी किया गया है। यह पत्र जिला अध्यक्षा ने महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष रश्मि धर सूद के साथ साथ प्रदेश व जिला के पार्टी पदाधिकारियों व भाजपा मंडल जवाली को भेजा है। वहीं मधु बाला ने अपनी इस कामयाबी के लिए जिला के सभी वरिष्ठ नेताओं तथा हाईकमान का धन्यवाद किया है साथ ही अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाने का भरोसा दिया है। गौर रहे विधानसभा चुनावों मे पार्टी हाईकमान ने उस समय के मौजूदा विधायक अर्जुन ठाकुर को टिकट न देकर संजय गुलेरिया को टिकट थमाया था, उस समय भाजपा मंडल जवाली की अध्यक्ष मधु बाला पर पार्टी विरोधी काम करने के आरोप लगे थे और उनका पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। अब अगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने निष्कासित कार्यकर्ताओं को पार्टी के भीतर जगह देना शुरू कर दी है।
प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी दसवीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम मे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरली का परिणाम हर वर्ष की तरह इस बार भी शत प्रतिशत रहा, जिसमें ज्यादातर छात्र-छात्राएं प्रथम व दूसरी श्रेणी में पास हुए हैं। जानकारी देते हुए स्कूल प्रधानाचार्य अनिरुद्ध शर्मा ने बताया कि आस्था शर्मा ने सबसे अधिक 676 अंक लेकर अपनी स्कूल मे टाप किया है,जबकि निखिल धीमान ने 656 अंक लेकर दूसरा व प्रिय शर्मा ने 644 अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रधानाचार्य ने बताया कि 20 स्टूडेंट्स ने 80 से 94 % अंक लेकर दसवीं कक्षा पास की है। उन्होंने सफलता का श्रेय मेहनती टीचर स्टाफ व बच्चों की मेहनत को दिया है।
कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला में आधुनिक बस स्टैंड निर्माण के चलते यदि ट्रक ऑपरेटर्स को उजाड़ा जाता है तो पहले उनके लिए उचित व्यवस्था की जाए। यह मांग धर्मशाला ट्रक एंड मिनी ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने प्रदेश सरकार से उठाई है। यूनियन के सचिव अजय गौतम, ट्रक ऑपरेटर चमन ठाकुर, अजय, राजेंद्र शर्मा व कुलदीप सोनी ने शनिवार को प्रेस वार्ता में कहा कि पूर्व कांग्रेस कार्यकाल के दौरान जब धर्मशाला में आधुनिक बस स्टैंड का शिलान्यास किया गया था तो तत्कालीन मंत्री जीएस बाली और सुधीर शर्मा ने ट्रक ऑपरेटर्स के हितों का ध्यान रखने की बात कही थी। ऑपरेटर्स का कहना है कि वर्ष 1971 से धर्मशाला में ट्रक यूनियन का संचालन किया जा रहा है, जबकि अब उन्हें उजाड़ा जा रहा है। पिछले 7 वर्षों में 10 ड्राइंग नए बस अडडे की बनाई जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक फाइनल ड्राइंग न बनने के चलते उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। ऑपरेटर्स का कहना है कि इस मसले को स्थानीय विधायक और जिलाधीश के समक्ष भी उठाकर उन्हें न उजाडऩे का आग्रह किया जाएगा।
नए संसद भवन (सेंट्रल विस्टा) के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति को न बुलाना लोकतंत्र की हत्या है। इसी को देखते हुए कांग्रेस और अन्य 20 सहयोगी दलों में सेंट्रल विस्टा की उद्घाटन में न जाने का निर्णय लिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में कहा कि राष्ट्रपति देश के पहले नागरिक होते हैं। इसलिए सभी को राष्ट्रपति पद का सम्मान करना चाहिए। अभी कुछ फोटो इंटरनेट मीडिया पर विधानसभा भवनों के उद्घाटन में राज्यपालों को न बुलाने को लेकर प्रसारित हो रहे हैं। राज्यपाल और राष्ट्रपति की चयन में भिन्नता है, क्योंकि राष्ट्रपति चुने हुए होते हैं और राज्यपाल केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त किए गए होते हैं। ऐसे में विधानसभा भवनों में उद्घाटन में राज्यपाल को न बुलाना कोई बड़ी बात नहीं है। इस लोकसभी चुनाव में जनता मुद्दों पर वोट देगी उन्होंने कहा कि इस तरह के काम करने पीएम नरेंद्र मोदी अपना कद खुद ही छोटा किए जा रहे हैं। यह बात स्वीकार है कि 2014 के चुनावों के दौरान देश की जनता में कांग्रेस को लेकर नफरत एवं रोष का भाव था, इस कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं 2019 में भारत पाकिस्तान के बीच विवाद को लेकर जनता में देशभक्ति में दूसरी बार भाजपा जीत गई थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा, जनता मुद्दों पर वोट देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही भाजपा की ओर से दावा किया गया था कि चीन को भारत लाल आंखें दिखाएगा। लेकिन सरकार चीन को लाल आंखें आज तक नहीं दिखा पाई, बल्कि चीन के लिए रेड कार्पेट जरूर बिछाती है और क्लीन चिट देती है। पीएम मोदी 18 बार चीन का दौरा कर आए, लेकिन एक बार भी सीमा विवाद को लेकर चीन से एक भी प्रश्न नहीं कर पाए। देश में स्थिति यह है कि विवाद के चलते मणिपुर जल रहा है, लेकिन पीएम मोदी का इस ओर कोई ध्यान नहीं है, वह तो आस्ट्रेलिया में अपने समर्थकों को जहाज में भरकर ले जाने में मस्त हैं। 26 मई को भाजपा का 9 साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। भाजपा के मंत्री, सांसद और विधायकों को अगले एक सप्ताह तक घर घर जाकर जनता से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने पिछले नौ सालों से जनता को गुमराह किया है। इस मौके पर धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के आइटी सलाहकार गोकुल बुटेल सहित अन्य मौजूद रहे।
धर्मशाला में स्थित डल झील के रिसाव को राजस्थान की बालू मिट्टी रोकेगी। इसके लिए जल शक्ति विभाग ने झील के सुराख को भरने के लिए ट्रायल किया है। राजस्थान की बालू मिट्टी एक-दो दिन में फूल जाती है, ऐसे में रिसाव कम होने से पानी भर सकता है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी मात्र किचड़ की बजाय कुछ पानी भी देखने को मिलेगा। आस्था का केंद्र एवं छोटे मणिमहेश के रूप में जाने वाली जाने वाली डल झील का वैभव को लौटाने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों ने राजस्थान से लाई गई बालू मिट्टी को डल झील के रिसाव को रोकने के लिए डाला है। जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता संदीप चौधरी ने बताया कि डल झील के रिसाव को रोकने के लिए राजस्थान से बालू मिट्टी मंगवाई गई है। डल झील के रिसाव को रोकने के लिए राजस्थान से बालू मिटटी का ट्रायल किया जाएगा। अगर ट्रायल सफल रहा तो डल झील के रिसाव को रोकने के लिए राजस्थान से बालू मिटटी मंगवाई जाएगी। इस मिटटी को अधिकतर डैम क दीवारों से हो रहे रिसाव को रोकने इस्तेमाल किया जाता है। नड्डी के स्थानीय लोगों ने बताया कि झील में साल भर पानी रहता था। कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने झील को गहरा करने और गाद निकालने के लिए जेसीबी से इसके आधार को खोद दिया। तब से झील ने पानी बनाए रखने की अपनी क्षमता खो दी थी और अब इसकी सूरत और ज्यादा खराब हो गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पुश्तैनी गांव बैह धौंटा के निवासी बड़ी संख्या में आज उनकी देहरा विधानसभा क्षेत्र के हरिपुर रैली में उत्साह के साथ शामिल होने के लिए पहुंचे। बैह धौंटा देहरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और गांव के निवासी विशेष रूप से मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे थे। बैह धौंटा के निवासी जगदीश चौहान ने बताया कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू रिश्ते में उनके भाई लगते हैं और उनके दादा तक की पीढ़ी इसी गांव में रहती थी। लगभग 90 साल पहले ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का परिवार बैह धौंटा गांव से शिफ्ट होकर नादौन के भवड़ां चला गया था। ग्राम पंचायत बैह के प्रधान गंधर्व सिंह ने बताया कि आज भी ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के परिजन सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बैह धौंटा आते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग इस बात से बेहद खुश हैं कि उनका एक पारिवारिक सदस्य आज प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर विराजमान है और उनके इलाके का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने देहरा विधानसभा क्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का जूलॉजिकल पार्क दिया है और केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी शुरू करवाया है। पौंग झील में भी उन्होंने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं, जिससे देहरा के युवाओं को भी लाभ होगा। धौंटा पचायत के प्रधान होशियार सिंह ने बताया कि वह 26 मई को धर्मशाला में मुख्यमंत्री से भेंट कर चुके हैं। इस दौरान ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के परिवार के कई सदस्य भी साथ रहे और क्षेत्र के विकास कार्यों के बारे में मुख्यमंत्री ने उनसे जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही दोबारा मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें उनके पुश्तैनी गांव बैह धौंटा आने का निमंत्रण देंगे और उनके सम्मान में नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम का भी आयोजन करेंगे। कांग्रेस देहरा जिला के पूर्व अध्यक्ष नरदेव कंवर ने बताया कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू देहरा के पुत्र हैं और जसवां परागपुर के दामाद हैं। उनका कांगड़ा के साथ गहरा रिश्ता है और इस क्षेत्र के विकास को लेकर वह बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कांगड़ा जिला को टूरिज़्म कैपिटल के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जिला के विकास के लिए वह बड़ी-बड़ी परियोजनाएं आरम्भ करेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कई अवसरों पर कहा है कि कांगड़ा उनका घर है और कांगड़ा के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला की छात्राओं ने ब्लॉक स्तर वित्तीय साक्षरता पर अखिल भारतीय क्विज में जीता 5000 रुपये का प्रथम इनाम। इस संदर्भ में स्कूल प्रधानाचार्य मोहन शर्मा ने बताया कि इसमें स्कूल की दो छात्राओं पलक कक्षा 10वीं व सानवी कक्षा आठवीं ने राजकीय मॉडल एसएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल इंदौरा में हुए ब्लॉक स्तर क्विज में प्रथम स्थान लेकर स्कूल की अन्य छात्राओं को भी प्रेरित किया। यह क्विज क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की गई थी ।इन होनहार छात्राओं आज स्कूल में सम्मानित किया गया। यह छात्राएं अब जिला स्तर क्विज में भाग लेंगी
जिला रेडक्रास सोसाइटी कांगड़ा के तत्वावधान में 29 मई को जयसिंहपुर के तलवाड़ स्थित बहुतकनीकी संस्थान में एक दिवसीय निशुल्क एकीकृत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के आयोजन को सफल बनाने हेतू आज दिनांक २६ को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपमंडल अधिकारी (ना) जयसिंहपुर संजीव ठाकुर ने बताया कि शिविर का आयोजन बहुतकनीकी संस्थान, तलवाड़ के प्रागण में किया जाएगा। जयसिंहपुर के विधायक यादविंद्र गोमा 29 मई को प्रातः 10 बजे शिविर का शुभारभ करेंगे तथा शिविर में उपायुक्त महोदय कांगड़ा डॉ निपुण जिन्दल भी उपस्थित रहेंगे। शिविर में स्वास्थ्य, आयुष, पशुपालन, कृषि, बागवानी, उद्योग, ग्रामीण विकास, तहसील कल्याण अधिकारी व अन्य विभागों की तरफ से प्रदर्शनिय लगाई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क चिकित्सा जांच, दिव्यांग जनों के लिए सहायता उपकरणें का वितरण व निशुल्क दवा वितरित की जाएगी।
ऐम एकेडमी बागकुंजा का दसवीं कक्षा का वार्षिक परिणाम शत-प्रतिशत रहा। इसमें अपर लंबागांव के हर्षित चौहान ने 700/ 688 , 98.2℅ अंक लेकर प्रदेश भर में सातवां स्थान हासिल किया। शुक्रवार सुबह स्कूल में मॉर्निग असेंबली में बुलाकर हर्षित चौहान को स्कूल के अध्यक्ष राकेश स्रोच ने हर्षित चौहान और उसके माता को मिठाई खिलाकर बधाई दी तथा सम्मानित किया। हर्षित चौहान ने बताया कि उसे उम्मीद थी कि वह टॉप 5 में आएगा, लेकिन सातवें रैंक पर आया। हर्षित ने बताया कि वह बड़ा होकर कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहता है। उसने इसका सारा श्रेह अपने माता-पिता और अध्यापकों को दिया।
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा कल 10वीं का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें उपमंडल इंदौरा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोग्रवां की बेटियों ने अपने स्कूल का नाम रोशन किया। स्कूल में अंजू बाला ने प्रथम स्थान, अंजली कुमारी द्वितीय व तीसरे स्थान पर रुचि व तनवी रहीं। अंजू ने 666 अंक, अंजली कुमारी ने 651 और रुचि व तनवी ने 633 अंक हासिल किये, वहीं रोहित ने 89 % अंक हासिल किये हैं। अंजु से बातचीत की तो उसने बताया कि वह भविष्य में अध्यापक बनना चाहती है। अंजु के पापा किसान हैं व माता गृहणी। वहीं तनवी ने बताया कि वह अध्यापक बनना चाहती है। तनवी के पिता कंपनी में कार्यरत हैं व माता गृहणी हैं। रुचि ने बताया कि वह स्टाफ नर्स बनना चाहती है। रुचि के पिता कंपनी व माता गृहणी हैं। वहीं स्कूल के प्रधानाचार्य राम कृष्ण शर्मा ने बताया कि स्कूल का परिणाम सराहनीय रहा है। इस सफलता का श्रेय उन्होंने स्कूल के स्टाफ, माता- पिता व बच्चों को दिया। प्रधानाचार्य ने बच्चों व उनके माता - पिता व समस्त स्कूल के स्टाफ को शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड दसवीं परीक्षा परिणाम आज घोषित हुए, जिसमें लॉट्स सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल इंदौरा से 10वीं कक्षा की छात्रा दीपाली ने 98 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में 9वां स्थान हासिल कर स्कूल व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दीपाली ने बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहती है। दीपाली के पिता का नाम सुनील दत्त पराशर हिमाचल पुलिस में बतौर कांस्टेबल हैं तथा sp आफिस नूरपुर में कार्यरत हैं व माता बीना देवी गृहणी हैं। स्कूल प्रवन्धक अभिषेक चिब्ब प्रधानाचार्य मधु चिब्ब व स्कूल स्टाफ ने दीपाली व उसके माता पिता को बधाई दी व दीपाली के उज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दीं तथा उसे हर सम्भव सहयोग करने की बात कही है।
प्रख्यात प्रेरणात्मक साहित्यकार रवि शर्मा आज किसान नेता व समाजसेवी मनजीत डोगरा से उनके निवास स्थान पर मिले तथा अपनी विश्व प्रसिद्ध पुस्तक सक्सेस एंड यू भेंट की तथा अपनी अनेक साहित्यिक रचनाओं पर विस्तृत चर्चा की। गौरतलब रहे कि रवि शर्मा पंचरुखी क्षेत्र के गांव टिक्कर खास के रहने वाले हैं तथा उनकी पुस्तक सक्सेस एंड यू, तथा जर्नी फ्रॉम मीडियोक्रिटी टू एक्सीलेंस ना केवल भारत के अंदर बल्कि यूरोप के बहुत से देशों में अच्छी खासी प्रसिद्ध हुई है। इसके अतिरिक्त इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम में भी रवि शर्मा जी विशेष तौर पर काम कर रहे हैं। मंजीत डोगरा ने प्रेरणात्मक साहित्य में विशेष काम करने पर रवि शर्मा को शुभकामनाएं दी तथा कहा कि निश्चित तौर पर रवि शर्मा जी की रचनाएं युवाओं को उनके भविष्य के संकल्प के प्रति प्रेरणा देंगी, तथा युवा अपने संकल्प में सफलता हासिल कर के राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। साहित्यकार रवि शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में निशुल्क मोटिवेशनल शिविर लगा रहे हैं, ताकि युवा अपने जीवन में सही निर्णय लेकर, निर्णय के प्रति संकल्पित होकर मेहनत करके अपने जीवन में सफलता हासिल करें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड सीमित के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत शामिल करने का भरोसा दिया है। इससे बिजली बोर्ड के लगभग 6500 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास तथा उन्नति में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक मंे ही पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का निर्णय लिया, जिससे 1.36 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिला है। प्रदेश सरकार इस योजना के तहत बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को शामिल कर उनके लाभ सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का कल्याण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हिमाचल प्रदेश की निरन्तर प्रगति के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के कल्याण तथा सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित भविष्य प्रदान कर उन्हें प्रदेश के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देने के लिए सक्षम बनाना है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तीन प्रतिशत मंहगाई भत्ते की किस्त भी जारी कर दी गई है। प्रदेश की चुनौतीपूर्ण आर्थिक परिस्थितयों के बावजूद राज्य सरकार ने दूरदर्शी सोच के साथ प्रदेश के विकास में कोई बाधा नहीं आने दी है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बिना किसी बजट के प्रावधान के घोषणाएं की लेकिन उनके लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पाए, जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ ही सभी बकाया देनदारियां चुकाने के लिए प्रतिबद्ध है।
***कुल्लू जिले के स्नॉवर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा की छात्रा मानवी ने 99.14 प्रतिशत (694) अंक लेकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। हमीरपुर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल चूबतरा की छात्रा दीक्षा कथयाल ने (693) 99 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं हमीरपुर जिले के ही दो छात्रों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। न्यू इरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल परोल के छात्र अक्षित शर्मा और सीनियर सेकेंडरी स्कूल बदारान के छात्र आकर्षक ठाकुर ने 98.86 प्रतिशत (692) अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि 91440 विद्यार्थियों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी जिसमें से 81732 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं और 7534 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। उन्होंने ने बताया कि इस बार का परिणाम 89.7 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2022 में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर परिणाम चेक कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि परिणाम 89.7 प्रतिशत रहा है। 91440 विद्यार्थियों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। 81732 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं। 7534 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। वर्ष 2022 में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर परिणाम चेक कर सकते हैं।
उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत बिजली बोर्ड में अप्रेंटशिप कर रहा सिलह गांव का सौरभ जम्वाल मझीन में एक बिजली के खंभे पर रिपेयरिंग करने चढ़ा था कि अचानक करंट लगने की वजह से नीचे गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई है। जानकारी मिलते ही सब डिवीजन मझीन के एसडीओ भी मौके पर पहुंचे। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ज्वालामुखी अस्पताल लेकर जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे टांडा रेफर कर दिया। वहीं इस संदर्भ में एसडीओ बिजली विभाग सब डिवीजन मझीन सुमित कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग युवक की हरसंभव मदद कर रहा है और आगे जो भी जरूरत होगी सहायता की जाएगी। सौरभ के पिता अजय कुमार सिलह पोस्ट ऑफिस में कार्यरत हैं।
बुधवार को बरोह के पास एक गाड़ी नंबर एचपी 54 सी 9976 से 42750 मिलीलीटर अवैध देशी शराब बरामद की गई है। पुलिस चौकी प्रभारी सचित कालिया की अगुवाई में एएसआई सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल संजीव कुमार, कांस्टेबल लेख राज व एचएचसी राजेश कुमार की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बरोह की तरफ आती एक गाड़ी को जांच के लिए रोका गया। जांच के दौरान गाड़ी में पांच पेटी देसी शराब की बरमाद की गई। पुलिस प्रभारी सचित कालिया ने बताया कि अवैध शराब के साथ गाड़ी को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, एसपी नूरपुर अशोक रत्तन ने बताया कि आरोपी की पहचान नरेश कुमार पुत्र केहर सिंह निवासी गांव बट्ट बहलूँ डाकघर खरोटा तहसील ज्वाली जिला कांगड़ा की गई है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड पेंशनर कल्याण संघ की बैठक बुधवार को जोधामल सराय धर्मशाला में संपन्न हुई। सभा के प्रधान कर्मचंद राठौर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बतौर मुख्यातिथि स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव मेजर विशाल शर्मा ने शिरकत की। वहीं सेवानिवृत संयुक्त सचिव जगदीश पुरी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान संघ की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें कर्मचंद राठौर को पुनः प्रधान पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं कश्मीर सिंह को उपप्रधान, कुलदीप वालिया को महासचिव, लालमन को वरिष्ठ उपप्रधान, सुरेंद्र चौधरी को मुख्य संरक्षक, चुनीलाल धीमान को संयुक्त सचिव और मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया। अरूण चौधरी को सहायक सचिव, सुखदेव शर्मा को कोषाध्यक्ष, मोना कुमारी को महिला प्रधान तथा आशा शर्मा को महिला सचिव के पद पर नियुक्त किया गया।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत खरीदी गई 15 इलेक्ट्रिक बसों में लोग सफर कर पाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अंतरराज्यीय बस अड्डा धर्मशाला से बसों को हरी झंडी दिखाई है। सभी बसें हिमाचल पथ परिवहन निगम के निर्धारित रूट पर दौड़ेंगी। बसों को कुछ दिन पुर्व ट्रायल के तौर पर चलाया गया था। 45 से 50 मिनट में होंगी चार्ज इलेक्ट्रिक बसें 45 से 50 मिनट में चार्ज हो जाएंगी और 180 किलोमीटर चलेंगी। हालांकि चालकों को ये निर्देश दिए हैं कि जब बैटरी 20 प्रतिशत रह जाए तो बसें न चलाएं और इन्हें चार्जिंग स्टेशनों में चार्ज करें। होगा पर्यावरण संरक्षण इलेक्ट्रिक बसों के चलने से हरित परिवहन को बल मिलेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण होगा। डीजल व पेट्रोल से चलने वाले वाहनों के कारण पर्यावरण दूषित होता है। इसके तहत ही स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की दिशा में कदम उठाया है। स्मार्ट सिटी के तहत परिवहन विभाग के माध्यम से 18.50 करोड़ रुपये से बसों की खरीद की गई है, जबकि 2.50 करोड़ रुपये से चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। सीएम ने बस टर्मिनल का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने के साथ बस टर्मिनल धर्मशाला का भूमिपूजन भी किया । करीब 20 कनाल भूमि में बस टर्मिनल का निर्माण पीपीपी मोड यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत किया जाना है।
भारतीय डाक विभाग के मंडलीय कार्यालय देहरा में नव निर्मित डाक प्रशिक्षण केंद्र डब्ल्यूटीसी देहरा का उद्घाटन वंदिता कोल चीफ पोस्टमास्टर जनरल, शिमला के द्वारा किया गया। यह डाक प्रशिक्षण केंद्र लगभग 11.50 लाख की लागत से तैयार किया गया है, जिसमें सभी आधुनिक कंपूटरीकृत उपकरण उपलब्ध है। इस डाक प्रशिक्षण केंद्र के बनने से देहरा मंडल के अंतर्गत लगभग 700 से 800 विभागीय कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। मुख्य अतिथि वंदिता कौल ने बताया कि देहरा में डाक प्रशिक्षण केंद्र खुलने से स्थानीय कर्मचारियों को विभागीय व व्यवसायिक प्रशिक्षण देहरा में ही दिया जा सकेगा जिससे भारतीय डाक के उत्पादों और सेवाओं को उच्चतम गुणवत्ता के साथ आम ग्राहकों को प्रदान करने में कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने बताया की देहरा डाक मंडल हमेशा ही परिमंडल स्तर पर अच्छा कार्य करता रहा है और इस वितीय वर्ष में भी बहुत सारी विभागीय सेवाओं में देहरा प्रथम स्थान पर बना हुआ है, जिसकी उन्होंने प्रसंशा की है। इस मौके पर डाक अधीक्षक देहरा बलबीर चंद ने बताया कि जिन प्रशिक्षणों के लिये विभागीय कर्मचरियों को पहले शिमला, ऊना व धर्मशाला जाना पड़ता था, अब वह प्रशिक्षण स्तर इस प्रशिक्षण केंद्र के खुलने से देहरा में उपलब्ध हो जाएगा, जो कि विभागीय कर्मचारियों के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होगा। इसके अलावा वंदिता कौल, चीफ पोस्टमास्टर जनरल, शिमला द्वारा पौधारोपन भी देहरा डाकघर के परिसर में किया गया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला में आयोजित जाईका की वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन परियोजनाओं (एनआरएम) की तीन दिवसीय 12वीं वार्षिक कार्यशाला को धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में, राज्य में लगभग 28 प्रतिशत हरित आवरण है और प्रदेश सरकार ने वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए लिए जाईका द्वारा वित्त पोषित वानिकी और एनआरएम परियोजनाओं ने राज्य में हरित क्षेत्र को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले दो वर्षों में, उन्नत तकनीकों की मदद से 4 हजार 600 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर पौधारोपण किया गया है। सामुदायिक और वानिकी उद्देश्यों के लिए परियोजनाओं के माध्यम से उच्च गुणवता वाली पौध तैयार करने तथा 60 लाख से अधिक महत्वपूर्ण गुणवतापूर्ण प्रजातियों के पौधे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में 72 नर्सरी का नवीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे कृषि प्रधान राज्य में वन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेश की अधिकांश आबादी अपनी आजीविका और अन्य रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए वन संसाधनों पर अधिक निर्भर है। जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्हांेने पर्यावरण हितैषी संसाधनों और समाधानों की खोज तथा वन संपदा को संरक्षित एवं बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने सात जिलों में 460 ग्राम वन विकास समितियों (वीएफडीएस) और 900 से अधिक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के गठन के माध्यम से संयुक्त वन प्रबंधन गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण के लिए परियोजना के प्रयासों की सराहना की। परियोजना में वन आधारित समुदायों और वन विभाग के कर्मचारियों के लिए कौशल उन्नयन और क्षमता निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है। जलवायु परिवर्तन और अन्य आपदाओं से उत्पन्न जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से 15 हजार से अधिक व्यक्तियों को आजीविका गतिविधियों और वनों के सुधार के दृष्टिगत प्रशिक्षित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर ब्लॉक के रियाली तहसील के अंतर्गत स्थति राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के बच्चों ने तंबाकू की रोकथाम से जुड़े कोटपा कानून के बारे जागरूकता रैली निकाली। यह रैली नाडा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में निकाली गई। रियाली विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं स्काउट एंड गाइड यूनिट के सहयोग से यह रैली आयोजित की गई। रैली के माध्यम से तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को आगाह किया गया। विद्यार्थियों को तंबाकू मुक्त होने की शपथ दिलाई गई। विद्यालय के शिक्षक एवं स्टाफ ने जीवन में तंबाकू का प्रयोग नहीं करने का वचन लिया। इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल कमल किशोर शर्मा ने कहा कि हर साल तंबाकू के इस्तेमाल से 13 लाख लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं, जो कि चिंता का विषय है। तंबाकू उद्योग का लक्ष्य युवा वर्ग एवम बच्चे होते हैं। इस कारण तंबाकू से दूर रहने के लिए जागरूकता कार्यकर्मो का महत्व है। संस्कृत के अध्यापक शास्त्री राजनय तिवारी ने जानकरी देते हुए कहा कि स्कूल के 100 गज क्षेत्र में तंबाकू उपयोग को लेकर वैधानिक चेतावनी बोर्ड लगे हैं। सामयिक मीटिंग में स्थानीय दुकानदारों को शामिल किया जाता है। पंचायत को इसकी साथ जानकारी दी जाती है। स्कूल के स्काउट गाइड के साथ तंबाकू उत्पादों के ऊपर निकाली गई रैली में 'युवा जागेगा तंबाकू भागेगा' नारे का महत्व रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों की भागीदारी से तंबाकू की रोकथाम की दिशा में एक सराहनीय पहल ली गई। जागरुकता रैली में कुल 200 विद्यार्थियों समेत समस्त स्कूल स्टाफ ने भाग लिया। नाडा इंडिया युवा नेटवर्क के सदस्यों ने इसमें बढ़ चढ़कर साथ दिया। कोटपा अधिनियम 2003 एवम विश्व तंबाकू निषेध दिवस के तहत नाडा इंडिया फाउंडेशन ने युवाओं के माध्यम से प्रदेश स्तरीय इस कैंपेन की शुरुआत शिक्षा विभाग के सहयोग से की है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंपस में स्वास्थ को सुनिश्चित करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के संदेश जन जन में ले जाने का काम हो रहा है। स्वास्थ मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आगामी 31 मई विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल के निर्माण से पूरे देश में उत्कृष्ट सरकारी स्कूलों का एक सफल मॉडल विकसित होगा। जिला कांगड़ा के दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज जिले के विभिन्न क्षेत्रों में डे-बोर्डिंग स्कूलों के लिए चिन्हित जमीन का निरीक्षण करते हुए यह शब्द कहे। इस दौरान कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, विधायक फतेहपुर भवानी पठानिया, विधायक शाहपुर केवल सिंह पठानिया और विधायक इंदौरा मलेंद्र राजन भी साथ रहे। रोहित ठाकुर ने आज जवाली विधानसभा के ठंगर, शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के डोहब और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के मंजार में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सुक्खू के निर्देशानुसार वे जिला कांगड़ा में डे-बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण के लिए चयनित भूमि के निरीक्षण के लिए दौरे पर आए हैं। उन्होंने बताया कि जवाली विधानसभा के अन्तर्गत ठंगर में लगभग 53 कनाल और शाहपुर के डोहब में लगभग 76 कनाल भूमि डे-बोर्डिंग स्कूल के निर्माण के लिए चिन्हित कर ली गई है। उन्होंने बताया कि इन दोनों स्थानों में बहुत जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। वहीं फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के मंजार में डे-बोर्डिंग स्कूल के निर्माण के लिए लगभग 80 कनाल भूमि उन्होंने आज देखी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के नाम होने के बाद यहां भी डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण शुरु कर दिया जाएगा। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंगे डे-बोर्डिंग स्कूल रोहित ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के बच्चों के लिए शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र विकसित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा में बनने वाला डे-बोर्डिंग स्कूल विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं से लैस होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार लगभग 100 कनाल भूमि पर लगभग 70 करोड़ की लागत से इन स्कूलों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में इन स्कूलों में पांचवी कक्षा तक पढ़ाई करवाई जाएगी। उसके बाद चरणबद्ध तरीके से इन्हें बारहवीं कक्षा तक स्तरोन्नयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हर सुविधा उपलब्ध हो इसलिए इनका निर्माण जिला या उपमंडल मुख्यालय के 5 किलोमीटर रेडियस में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विकास को गति देने के लिए कर्मचारियों और आम आदमी से सहयोग का आग्रह किया जिला कांगड़ा दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। धर्मशाला स्थित मिनी सचिवालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिला की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के बारे में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को विकास परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने से यहां पर पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी जिससे राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगेे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सभी प्रयासों के परिणाम आगामी तीन वर्षों के भीतर सामने आएंगे। बैठक के दौरान ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य की ऋण सीमा को 5,500 करोड़ रुपये कम करने के बावजूद प्रदेश सरकार ने कांग्रेस पार्टी के प्रतिज्ञा-पत्र को अक्षरशः पूरा करते हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन को बहाल किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के अनुरूप जल-उपकर लगाने का निर्णय लिया गया है और राज्य की 87 परियोजनाओं को इस अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों की नीलामी के निर्णय के परिणामस्वरूप राजस्व में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश को विकास पथ पर आगे ले जाने के लिए राज्य सरकार के दृढ़ निश्चय पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की। उन्होंने हरित ऊर्जा, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में राज्य सरकार के महत्त्वपूर्ण सुधारों के बारे में भी चर्चा की। राज्य के लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें, इसके लिए प्रशासनिक सुधार भी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनका इरादा केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन सुनिश्चित करना है ।
इंदौरा-पठानकोट वाया डाह कुलाड़ा मुख्य सड़क मार्ग पर पिछले कुछ दिनों से रात के समय अज्ञात लोगों द्वारा पोल्ट्री फार्म के मृत मुर्गे व अन्य गंदगी जगह-जगह फेंके जाने से लोगों को कई जगह पर गंदगी व बदबू की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे जहां बीमारी भी फैलने का डर है तथा अराजकता भी फैल रही है। आज ग्राम पंचायत राजाखासा के गांव चंगराड़ा में मुख्य मार्ग पर बड़ी बंद बोरी से फैली बदबू ने कुछ बड़ा मृत होने से यहां दहशत पैदा कर दी तो गांव के सुशील कुमार, अमृत लाल, सर्वजीत कटोच, नितिन ठाकुर, कुलविंदर शर्मा आदि लोगों ने पुलिस को सूचित किया तब पुलिस टीम ने बोरी को काट कर देखा तो उसमें भी मृत मुर्गे ही पाए गए, जिन्हें जे सी बी से गड्डा निकाल कर दबाया गया। इस संदर्भ में थाना प्रभारी इन्दौरा कुलदीप शर्मा ने बताया कि सभी निकतबर्टी पंचायतों में चल रहे पोल्ट्री फार्म की जानकारी मांगी है व इधर उधर मृत मुर्गे आदी गंदगी फैला रहे शरारती तत्वों को चेताया है कि सुधर जाएं वर्ना ऐसा करने पर अगर जो भी पकड़ा जाता है उसे बक्श नहीं जाएगा व उसके खिलाफ बनती कड़ी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिले में तीन ग्रीन कॉरिडोर के विकास के दृष्टिगत आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। प्रस्तावित गलियारों में परवाणु-नालागढ़-ऊना-हमीरपुर-संसारपुर टैरेस, बिलासपुर-हमीरपुर-कांगड़ा और मंडी-धर्मशाला-कांगड़ा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन कॉरिडोरों पर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने और विद्युत चालित वाहनों के लिए चार्जिंग संबंधी बुनियादी ढांचे तक सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने ईवी उपयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए शहरों के भीतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के महत्त्व पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इलेक्ट्रिक वाहनोें की इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल ने हाल ही में राजीव गांधी स्वरोजगार योजना-2023 को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत ई-टैक्सियों, ई-बसों और ई-ट्रकों की खरीद पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को अगले 10 दिनों के भीतर हितधारकों के साथ एक बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इलेक्ट्रिक वाहनों केे पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर धीरे-धीरे सभी सरकारी वाहनों को ईवी में परिवर्तित करना सरकार का लक्ष्य है। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना, स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के नवीन अवसर प्रदान करने के साथ-साथ सरकारी विभागों को इलेक्ट्रिक वाहन सेवा प्रदाताओं की सेवाएं लेने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ई-वाहनों को बढ़ावा देकर सुलभ व सशक्त परिवहन सुविधा प्रदान करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाकर हिमाचल हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नेतृत्व और धरती के स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य में योगदान देना चाहता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज धर्मशाला में जिला कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए कार्यान्वित की जा रही पर्यटन और अन्य प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा जिला में जल, साहसिक, धार्मिक और स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे रही है और इससे संबंधित आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए लगभग 3000 करोड़ व्यय किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए हवाई संपर्क आवश्यक है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार और रक्कड़ तथा पालमपुर में हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक पर्यटन स्थलों के जीर्णोंद्धार पर दृढ़ता से कार्य कर रही है और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ट्रैकिंग रूट्स की पहचान करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने परियोजना को समय सीमा के भीतर पूरा करने और एफसीए (वन संरक्षण अधिनियम) और एफआरए (वन अधिकार अधिनियम) की मंजूरियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के रनवे की लंबाई पहले चरण में कुल 1900 मीटर और दूसरे चरण में 3010 मीटर तक बढ़ाने की योजना है, जोकि ए-320 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त होगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण के लिए अधिग्रहण की कुल लागत 572.07 करोड़ रुपये है और एसआईए रिपोर्ट 9 मई, 2023 को प्राप्त की गई है। उन्होंने कहा कि रक्कड़ और पालमपुर में हेलीपोर्ट के विकास के लिए साइटों की पहचान कर ली गई है। रक्कड़ हेलीपोर्ट की अनुमानित लागत 6.66 करोड़ रुपये और पालमपुर हेलीपोर्ट की 9 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ज्वालाजी में हेलीपोर्ट के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मटौर-शिमला और पठानकोट-मंडी राजमार्गों को सुविधाजनक बनाने के लिए 5 मीटर की मध्यम चौड़ाई के साथ चार लेन तक विस्तारित किया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि धर्मशाला में 130 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर प्रस्तावित है और यह जिला कांगड़ा में सम्मेलन पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए 2.19 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरोटा में प्रस्तावित वेलनेस रिजॉर्ट और हाई एंड इंटरनेशनल फाउंटेन के लिए 5.75 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है और यहां एक कृत्रिम झील का निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विरासत गांव गरली में एक गोल्फ कोर्स का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो लगभग 318 कनाल भूमि में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सकोह में आइस स्केटिंग रिंक और रोलर स्केटिंग रिंक के लिए दो हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। परियोजना को व्यवहार्य बनाने के लिए 12 कनाल अतिरिक्त भूमि की पहचान की गई है और एशियाई विकास बैंक द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि नरघोटा में पर्यटन गांव बनाने का प्रस्ताव है और इसके लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। जिस स्थान पर पर्यटक गांव का निर्माण प्रस्तावित है, वहां हिमुडा के पास 25 हेक्टेयर भूमि है। हिमुडा की भूमि के समीप निजी भूमि का भी अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिसकी पहचान भी कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पालमपुर के समीप डेस्टिनेशन रिजॉर्ट का निर्माण करने के लिए मैंझा में भूमि चिन्हित कर पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। पालमपुर और नगरोटा बगवां नगरों में विकास के दृष्टिगत सौंदर्यीकरण की परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। पालमपुर शहर के सौंदर्यीकरण के तहत 58 करोड़ रुपये की कुल लागत से एचआरटीसी बस स्टैंड के पास एक बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण, पुरानी सब्जी मंडी के पास एक पार्किंग, भंडारण एवं वर्षा जल संचयन सुविधाएं, एक पर्यटक स्वागत केंद्र, सड़कों और गलियों का सौंदर्यीकरण व उन्नयन, न्यूगल कैफे का जीर्णोद्धार, तथा लैंडस्केप संवर्धन कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नगरोटा बगवां सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत पुराने बस स्टैंड, गांधी मैदान, नारदा शारदा मंदिर, मटौर गार्डन और बरोह का सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौंग बांध में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। अपेक्षाकृत उथले पानी के लिए जाना जाने वाला नंगल चौक क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के विकास के दृष्टिगत वन्यजीव अभयारण्य से बाहर रखा जाएगा। इस हब में गर्म हवा के गुब्बारे, जेटी, एंगलिंग केन्द्र, एंगलर हट्स, पैडल बोट और पेंटबॉल और रॉक क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों के साथ एक मनोरंजन पार्क जैसी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डाडासीबा में नंगल चौक क्षेत्र पंजाब की ओर से सुलभ है। यह पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य क्षेत्र है। धमेटा क्षेत्र से सटे मथियाल और कठरा खास, जल साहसिक खेलों और प्रशिक्षण सुविधाओं के लिए उपयुक्त स्थान हैं। इन क्षेत्रों को मोटरबोट की सवारी, क्रूज़, नौका अनुभव और रोमांचकारी राइड के लिए विकसित किया जा सकता हैै। उन्होंने एक बारहमासी नाले के साथ-साथ 1.2 किलोमीटर तक फैली एक कृत्रिम झील बनाने के लिए एक उपयुक्त स्थान की पहचान करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के बनखंडी क्षेत्र में प्राणी उद्यान की योजना पर भी चर्चा की। 195 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले इस पार्क का उद्देश्य आगंतुकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करना है। यह उम्मीद है कि मोनोरेल से जंगली प्राणी दिखाई देंगे और उन्हें खुले बाड़ों में रखा जाएगा। पार्क के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से जून माह तक अनुमति प्राप्त होने की उम्मीद है। इसके प्रथम चरण के विकास में लगभग 260 करोड़ रुपये व्यय होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत संस्थागत देखभाल की आवश्यकता वाले लोगों के लिए एकीकृत केंद्र का निर्माण भी प्रस्तावित है। यह ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की लूथन पंचायत में लगभग 120 कनाल भूमि पर बनाया जाएगा। इसको स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने सलाहकार नियुक्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण की भी समीक्षा की। मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर, पालमपुर, शाहपुर, नगरोटा बगवां, जवाली और जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में इन स्कूलों के निर्माण को मंजूरी दी है। बैठक में उपस्थित विधायकों ने कांगड़ा जिला को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित के लिए बहुमूल्य सुझाव भी दिए। कृषि मंत्री चंद्र कुमार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल, विधायक सुधीर शर्मा, भवानी सिंह पठानिया, केवल सिंह पठानिया, संजय रत्न, यादवेंद्र गोमा और मलेंद्र राजन, प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय महाजन, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, जिला के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
एम अकैडमी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल बागकुलजां (जयसिंहपुर) ने स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। 20 मई को हिमाचल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला द्वारा निकाले गए 12वीं के परिणाम में एम अकैडमी जयसिंहपुर की छात्रा प्रिया ने साइंस स्ट्रीम में 11वां रैंक हासिल किया है। आज स्कूल संचालक राकेश स्रोच ने प्रिया के साथ सभी उत्कृष्ट छत्रों को स्कूल की मॉर्निग असेंबली में बुलाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूल के संचालक राकेश स्रोच के साथ स्कूल के प्रधानाचार्य आशु व उनके साथ स्कूल का स्टाफ भी उपस्थित रहा। संचालक राकेश स्रोच और प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद दिया और उज्जवल भविष्य की कामना की।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के राज्य चेयरमैन व जिला कांगड़ा प्रभारी सचिन जसवाल व फतेहपुर खंड की समस्त कार्यकरिणी ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर व स्थानीय विधयाक भवानी सिंह पठानिया का पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर आभार व्यक्त किया। संघ ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक भवानी पठानिया, उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान सचिन जसवाल ने स्थानीय विधायक के माध्यम से रोहित ठाकुर को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें विभिन्न वर्गों के अध्यपकों की चिर लंबित मांगों के उचित निर्धारण के लिए मांग की। इस दौरान जसवाल ने हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के साथ बैठक के आयोजन के बारे में चर्चा की। संघ की तरफ से फतेहपुर से नरदेव पठानिया, प्रकाश पठानिया,प्रमोद राणा, सुरिंदर कुमार, मदन लाल, रमन भारती, रशपाल, शौकत अली, अर्जुन सलारिया आदि माजूद रहे।
कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा को कैसे विकास की पटरी पर आगे ले जाया जाए, इस दिशा में काम करने के लिए वह कांगड़ा आए हैं और दो दिन तक यहां तमाम विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके रिव्यू करने का प्रयास करेंगे कि कैसे कांगड़ा को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाए। सीएम सुक्खू ने शीतकालीन प्रवास की बजाय गर्मियों में कांगड़ा प्रवास को व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा बताया और कहा कि यही व्यवस्था परिवर्तन है, मगर हां प्रवास कुछ नहीं होता, जनता की तहेदिल से सेवा करना ही सबसे बड़ा प्रवास है, चाहे वह शीतकाल में हो या गृष्मकाल में। उन्होंने कहा कि वह कई मर्तबा इस वाक्या को दोहरा चुके हैं कि वो सत्ता सत्ता सुखभोगने के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए आए हैं। कांगड़ा में ऑल ओवर विकास कैसे हो इसके लिए वह बाकायदा तीन हजार करोड़ रुपए का भी प्रावधान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह जनता की कसौटी पर खरा उतरने की पूरी-पूरी कोशिश करेंगे, वह पहले ही कह चुके हैं कि प्रदेश की जनता कर्ज के बोझ तले दबी हुई है। बावजूद इसके महज चार साल के अंतराल में ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी और दस साल में हिमाचल देश का सबसे समृद्ध और अमीर राज्य बनेगा, ये उनका दावा है, वहीं उन्होंने धर्मशाला को प्रदेश की दूसरी राजधानी के दर्जे पर कहा कि वह सिर्फ कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के तौर पर विकसित करना चाहते हैं और उसी दिशा में काम भी कर रहे हैं। लोकसभा के चुनावों पर उन्होंने कहा कि अभी लोकसभा के चुनाव साल 2024 में हैं, मगर अभी उन्हें जनता की सेवा करनी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार सुबह कांगड़ा दौरे पर पहुंचे। कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सीपीएस आशीष बुटेल, विधायक सुधीर शर्मा, रघुवीर बाली, केवल सिंह पठानिया, यादविंद्र गोमा, भवानी सिंह पठानिया इत्यादि ने गगल एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री 11 बजे उपायुक्त कार्यालय सभागार में जिले के लिए प्रस्तावित तथा चल रही पर्यटन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उनका रात्रि ठहराव सर्किट हाउस धर्मशाला में रहेगा। मुख्यमंत्री 24 मई को प्रातः साढ़े 10 बजे उपायुक्त कार्यालय सभागार में ग्रामीण विकास, राजस्व, सामाजिक कल्याण, कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य एवं रेशम पालन विभागों की परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। वे उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग, जल शाक्ति, वन,ऊर्जा एवं बहुउद्देशीय परियोजना सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 23 से 31 मई तक कांगड़ा जिला के प्रवास पर रहेंगे। इस अवधि के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे, परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा जन जनसमस्याएं सुनेंगे। मुख्यमंत्री 23 मई को शिमला से रवाना होंगे और प्रातः 9.30 बजे गग्गल हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके उपरांत वह धर्मशाला में पर्यटन विकास से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री 24 मई को धर्मशाला में विभिन्न विभागों तथा पर्यटन से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। सीएम सुक्खू 25 मई को धर्मशाला में सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाएंगे तथा मैक्लोडगंज बस अड्डे का भूमि पूजन भी करेंगे। वह ढगवार दुग्ध संयंत्र तथा धौलाधार जैव विविधता पार्क का दौरा करने के उपरांत जनसमस्याएं सुनेंगे। मुख्यमंत्री 26 मई को देहरा में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। वह 27 मई को नई दिल्ली में नीति आयोग के शासी निकाय की बैठक में भी शामिल होंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 28 मई को धर्मशाला में एन.पी.एस. संघ द्वारा आयोजित आभार रैली में शिरकत करेंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 31 मई को कांगड़ा जिला के फतेहपुर में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री के कांगड़ा जिला के प्रवास से क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। वह प्रवास के दौरान आम लोगों से भेंट भी करेंगे। इससे आम लोगों को अपनी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। वह निःसंकोच अपनी समस्याओं व मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर पाएंगे।
लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश भर में 2800 करोड़ रुपये की लागत से कुल 2400 किमी ग्रामीण सड़कों का सुधार किया जाएगा। उन्होंने बताया इसके तहत ज़िला कांगड़ा के दो मंडलों में 647 करोड़ की लागत से 500 किमी ग्रामीण सड़कों का सुधारीकरण किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री ने यह जानकारी आज धर्मशाला के होटल धौलाधार में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी। अपने विभागों से संबंधित योजनाओं को सबके समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के कांगड़ा जोन के अंतर्गत इस साल कुल 315 करोड़ के कार्य किए जाएंगे, जिसमें से 178 करोड़ के कार्य शुरू कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि कांगड़ा मंडल में 120 किमी वाहन योग्य सड़क, 173 किमी नालियां और पुल्लियां, 166 किमी टारिंग और 6 ब्रिज इसके तहत बनाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति सुधारने पर फोकस कर रही है। वे जल्द ही ज़िला कांगड़ा में ग्रामीण क्षेत्रों का व्यापक दौरा करेंगे । इस दौरान वे गांव -गांव जाकर लोक निर्माण विभाग संबंधित कार्यों का निरीक्षण करेंगे और जनसमस्याओं का निराकरण करेंगे। उन्होंने कहा इस दौरान पूरा प्रशासनिक अमला और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उनके साथ रहेंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ज़िला कांगड़ा में उनके विभागों से संबंधित विकास कार्यों को गति दी जायेगी। इसके लिए विभाग के साथ बैठकर पूर्ण योजना बनायी जा रही है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए केंद्र सरकार का पूरा सहयोग लेगी,ताकि विकास योजनाएं समय पर पूरी की जा सकें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एनएचएआई के पठानकोट-मंडी, शिमला-मटौर, कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग निर्माण के तीन बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवेज़ के निर्माण में प्रदेश सरकार कि ओर से पूरा सहयोग किया जायेगा।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि केंद्र में एक बार फिर मोदी सरकार का बनना तय है आज भारतीय जनता पार्टी पूरे हिमाचल प्रदेश में और देश में मोदी जी की सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है, इसको लेकर शिमला में प्रदेश कार्यसमिति की एक विशेष बैठक हुई थी जिसमें यह तय हुआ था कि पूरे प्रदेश भर में सभी जिलों में इस कार्यक्रम को लेकर बैठकों का आयोजन किया जाएगा और इसके उपरांत मंडलों की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता लोकसभा अनुसार प्रवास करेंगे और उन में महत्वपूर्ण नागरिकों के साथ मुलाकात करेंगे। ऐसे हिमाचल प्रदेश में 4 संसदीय क्षेत्र है जिसके अंतर्गत प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में भाजपा नेता 250 लोगों से भेंट करेंगे जो कि पूरे हिमाचल प्रदेश में कुल 1000 होंगे। यह वरिष्ठ नागरिक ऐसे होंगे जो सामाजिक क्षेत्र के आइकॉन होंगे, जिन्होंने किसी भी प्रकार से समाज के उत्थानकार्य या अन्य किसी भूमिका में अग्रिम भूमिका निभाई है ऐसे प्रत्येक मंडल में हम 60 से 65 लोगों से मिलने का प्रयास करेंगे। खन्ना ने बल देते हुए कहा देश के लिए एक बार फिर मोदी का प्रधानमंत्री बनना जरूरी है, आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली पांचवी अर्थव्यवस्था बन गया है और आने वाले समय में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा संपर्क से समर्थन अभियान चलाएगी जिसके अंतर्गत हम हिमाचल प्रदेश के सभी लोगों से मिलेंगे और केंद्र सरकार में नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बने उसका समर्थन मांगेंगे, भाजपा पूरे प्रदेश भर में महा जनसंपर्क अभियान का आयोजन करेगी जो कि 20 जून से 30 जून तक चलेगा इसके अंतर्गत हम पूरे प्रदेश भर में घर-घर जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने का प्रयास करेंगे उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के बीच जाकर एक बार फिर जनसमर्थन मांगेगी और जिस प्रकार आपको याद ही है कि कोविड संकट काल के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस प्रकार से प्रत्येक व्यक्ति को कोरोना की वैक्सीन मुफ्त में उपलब्ध करवाई थी जो को एक बहुत बड़ी उपलब्धि रही और ना ही देश के नागरिकों को प्रधानमंत्री ने सुरक्षा कवच प्रदान किया अपितु विदेशों में भी मुफ्त वैक्सीन प्रदान कर भारतवर्ष की साख पूरे विश्व में बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के जो भी विचार जनसंघ के समय थे उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है और जो हमारे कार्य रह गए हैं उन्हें आने वाले समय में हम पूरे करेंगे। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है जिन्होंने देश से धारा 370 हटाने का कार्य किया है इससे पहले कई सरकारी आई पर उन्होंने इसको हटाने में कभी भी उचित प्रयास नहीं किया।
कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के पठियार में राजपूत कल्याण सभा तथा राजपूत कल्याण ट्रस्ट द्वारा संयुक्त तौर पर आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह में लोक निर्माण एवं युवा सेवाएं व खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने महाराणा प्रताप के विराट व्यक्तित्व को सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत बताते हुए उनके आदर्शों व सिद्धांतों को रोजमर्रा के जीवन में अपनाने व अमल में लाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे सिद्धांत ही हमारी ताकत होते हैं, जिनपर मुश्किल समय में अडिग रहना जरूरी है। इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है कि आज के समय में महाराणा प्रताप के आदर्शों को जीवन में किस तरह अमल में लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा क्षेत्रवाद व जातिवाद में विश्वास नहीं है, सबका विकास सर्वत्र विकास ही हमारा ध्येय है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में प्रदेश के लिए 2400 करोड़ की स्वीकृति लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि सरकार सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में प्रदेश को केंद्र से 2400 करोड़ की स्वीकृति मिली है। यह धनराशि प्रदेश के दुर्गम व दूरदराज क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत तथा रखरखाव पर खर्ची जाएगी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के माध्यम से प्रदेश के भौगोलिक रूप से कठिन तथा दूरदराज इलाकों में ढांचागत विकास को बल दिया जाएगा। वहां की जरूरत के हिसाब से सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण तथा भवनों के निर्माण पर जोर दिया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश का एक समान नजर से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले को आईटी हब, और पर्यटन राजधानी के विकसित करने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निर्णायक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इसमें सभी से सहयोग का आह्वान किया। विक्रमादित्य सिंह ने महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में खेल अधोसंरचना विकास तथा अन्य कार्यों के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने महाराणा प्रताप जी की 484वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को सभी के लिए शाश्वत प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का पराक्रम, साहस और स्वाभिमान हर भारतवासी की पूंजी है। उनके संघर्ष में उन्हें विविध वर्गों का साथ मिला, जो उनमें लोगों के अगाध विश्वास का प्रकटीकरण है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह विचार सोमवार को कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के पठियार में राजपूत कल्याण सभा तथा राजपूत कल्याण ट्रस्ट द्वारा संयुक्त तौर पर आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने पठियार में महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित इस समारोह में सभी को महाराणा प्रताप जयंती की बधाई देते हुए देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाली हर महान विभूति को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश को जब भी जरूरत पड़ी यहां शूरवीरों ने हंसते हुए स्वयं को बलिदान किया है। उन्होंने वजीर राम सिंह पठानिया के महान बलिदान को भी स्मरण किया और कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से भी 10 साल पहले नूरपुर के वजीर राम सिंह पठानिया ने अंग्रेजों से लोहा लिया था। ऐसे तमाम महान बलिदानियों के त्याग के बूते ही आज हमारा देश एक है। कुलदीप सिंह पठानिया ने राजपूत कल्याण सभा की विविध विकास एवं कल्याण कार्य के लिए एक करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मांग पर सरकार की ओर से समुचित धनराशि मुहैया कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कांगड़ा हवाई अड्डे का नामकरण महाराजा संसार चंद कटोच के नाम पर करने की राजपूत सभा की मांग का भी समर्थन दिया। उन्होंने सभा के जनकल्याण कार्यों की सराहना करते हुए आगे भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। इस मौके शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने राजपूत कल्याण ट्रस्ट व सभा के कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने अपनी विधायक निधि से महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के मैदान के सुधार कार्य के लिए 5 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीएम प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के दृष्टिकोण से काम कर रहे हैं, इसमें सभी का साथ व सहयोग अपेक्षित है।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के त्रिगर्त सभागार में आयोजित हिमपन 2.0 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने यह शब्द कहे। उन्होंने कहा कि आज प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हिमाचल प्रदेश में सभी महत्वपूर्ण संस्थान कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो राज्य विश्वविद्यालय के अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी, एनआईटी, एम्स, एनआईएफटी जैसे अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में आज विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्थानों और शिक्षार्थियों के लिए हिमाचल का शांत वातावरण सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बनी सरकार प्रदेश में शिक्षा और नवाचार के लिए ओर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बहुत से निजी संस्थान भी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बहुत बहुमूल्य विषय है, इससे जुड़े व्यवसाय में नैतिकता और पारदर्शिता को अपनाना बहुत जरूरी है। जन कल्याण और देश कल्याण के उद्देश्य से ही शिक्षण संस्थानों को कार्य करना चाहिए। कृषि कुमार प्रो. चन्द्र कुमार ने इस अवसर पर सामाजिक कार्याें और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। सीटी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में समाज कार्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विद्वत जनों ने सहभागिता कर भारत द्वारा जी20 अध्यक्षता, राष्ट्र शिक्षा नीति, नवाचार और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। इस दौरान धर्मशाला महाविद्यालय से प्रो. नरेश शर्मा और सी.टी विश्वविद्यालय के डॉ. महेंद्र सिंह अशावत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में धर्मशाला नगर निगम के महापौर ओंकार नेहरिया, एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा, सीटी ग्रुप के चेयरमैन सरदार चरणजीत सिंह चन्नी, उप चेयरमैन हरप्रीत सिंह सहित प्रदेश भर से आए शिक्षाविद् और विद्यार्थी उपस्थित रहे।


















































