अम्बुजा सीमेंट की खनन इकाई कश्लोग में ब्लास्टिंग के धमाके से एक परिवार की जान पर बन आई। कश्लोग निवासी रमेश गांधी ने कहा कि अंबुजा सीमेंट कंपनी द्वारा कश्लोग गांव में ऐसी ब्लास्टिंग की गई कि बड़े-बड़े पथरों की बौछारें लगभग 300 मीटर तक पहुंची, जिस कारण मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया तथा जानमाल के भारी हादसे से वह बाल-बाल बचे। बड़े-बड़े पत्थरों की बौछार रमेश कुमार गांधी के मकान के दरवाजे के पास पड़ी,जिस कारण उसकी बहू व बच्चे एक बड़े हादसे के शिकार से बच गए,क्योंकि बच्चे उस दौरान मकान के आंगन में ही खेल रहे थे,व बहू कपड़े धो रही थी,ब्लास्टिंग के पत्थर उसके तीन-चार इंच दूर पड़े पत्थर इतनी तेजी से पड़े की जमीन में गड्ढे पड़ गए। मकान मे थोड़ी देर के लिए ऐसा लग रहा था कि मकान पूरी तरह गिर गया और मकान के अंदर ही दब गए। बच्चे जोर जोर से रोने बच्चों को अंदर इतना डर बैठ गया कि बच्चे अब यहां रहने से भी इंकार कर रहे हैं। रमेश कुमार ने कहा कि कई बार सरकार प्रशासन व कंपनी प्रबंधन को इस बारे में अवगत करा चुका हूं, मगर सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम लेने के कारण कंपनी अपनी मनमर्जी करके खनन कानून का उल्लंघन कर रही है और प्रशासन को ठेंगा दिखा रही है। कंपनी ब्लास्टिंग नियमों का सरेआम उल्लंघन कर रही है,जबकि सरकार को पूछना चाहिए कि कंपनी ने कुल एक्वायर जमीन का 25% एरिया कौन सा सेफ्टी जोन को छोड़ा है,जो कि अवार्ड में दर्शाया गया है। इस तरह से स्वयं कंपनी नियमों का उल्लंघन कर रही है और यहां कभी भी कोई जान माल का हादसा हो सकता है,जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् नौणी इकाई द्वारा विश्विद्यालय में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। जानकारी देते हुए विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमेश शर्मा ने बताया की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगातार छात्र हितों के मुद्दों को विभिन्न माध्यमों से प्रशासन के समक्ष रखता है। उन्होंने कहा की कोरोना के समय भी लगातार छात्रहितों से जुड़े मुद्दों को ईमेल के माध्यम से विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन के समक्ष रखा।नौनी इकाई के इकाई अध्यक्ष विपुल शर्मा ने कहा की हाल ही में लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया के माध्यम से वि.वि के कुलपति जो की पूर्व में बिरसा अग्रीकलचर विश्वविद्यालय के कुलपति चुके हैं जहाँ पर उनके ऊपर अनेक प्रकार के आरोपों को लेकर जांच चल रही है इसी संदर्भ में विद्यार्थी परिषद ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा है और जांच की मांग भी की है। विश्वविद्यालय की और मांगो को लेकर भी विद्यार्थी परिषद यह हस्ताक्षर अभियान चला रही है। जिसमें की हमारी प्रमुख मांगे हैं - 1) कोरोना की स्थिति को देखते हुए लगभग 50% फीस कम की जाए। 2) RAWE व BSc लास्ट ईयर के छात्रों से ली जाने वाली ट्यूशन फीस बंद की जाए। 3) वि.वि कुलपति पर लगे अनीयमितताओं के आरोपों की सरकार जांच करें। 4) वि.वि परिसर के रोडों की ख़स्ताहालत को ठीक किया जाए। 5) रिसर्च करने वाले सभी शोधार्थियों को वि.वि कुछ ग्रांट का प्रावधान करे। 6) हॉस्टल में सभी मैस वर्करों की सैलरी का बोझ छात्रों के सिर पर ना डालकर विवि प्रशासन अदा करें। 7) विश्वविद्यालय में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए व जगह जगह पर कूड़ेदान लगायें जाएं। विद्यार्थी परिषद् मांग करती है इन मांगो को जल्द पूरा किया जाए अन्यथा विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने से भी परहेज नहीं करेगा। जिसका जिम्मेवार विश्विद्यालय प्रशासन होगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेन्सिग के माध्यम से कृषि उपज मण्डी समिति सोलन के अन्तर्गत 28.22 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। सोलन का यह कार्यक्रम टर्मिनल मण्डी परवाणू में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेन्सिग के माध्यम से 24.96 करोड़ रुपए की लागत से टर्मिनल मण्डी परवाणू यार्ड के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, 2.74 करोड़ रुपए की लागत से टर्मिनल मण्डी परवाणू में निकासी मार्ग, पार्सल, पार्किंग, संरक्षण कार्य तथा सम्पर्क सड़क के सुदृढ़ीकरण और सुधार तथा 52.33 लाख रुपए की लागत से मुख्य मण्डी सोलन के नीलामी मंच-01 में कोटा स्टोन फ्लोरिंग तथा दीवारों के संरक्षण कार्य की आधारशिला रखी। जयराम ठाकुर ने शिमला स्थित ढल्ली सब्जी मण्डी से वीडियो काॅन्फ्रेन्सिग के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर लगभग 198 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने इस अवसर पर एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप से वर्चुअल माध्यम से जिला सोलन की कृषि एवं बागवानी गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मंत्री डाॅ. राजीव सैजल इस अवसर पर विशेष रुप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. डेजी ठाकुर, सोलन से भाजपा उम्मीदवार रहे डाॅ. राजेश कश्यप, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, भाजयुमो के जिला अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, भाजपा तथा भाजयुमो के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं किसान, बागवान उपस्थित थे।
बाघल विकास परिषद ग्याणा की एक आम बैठक बुलाई गई। बैठक में माइनिंग एरियाज के पांच पंचायतों (ग्याणा,चंडी,कशलोग,सघोई व मांगू) के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। बाघल विकास परिषद के प्रधान परस राम (पिंकु) ने बताया कि नव गठित दि माइनिंग एरियाज लैंड लूजर्स ट्रांसपोर्ट को ऑपरेटिव सोसायटी ग्याणा को लैंड के आधार पर ट्रांसपोर्ट का कार्य आबंटित किया जाए।6000 बीघा भूमि अधिग्रहण के आधार पर आबंटन हो। वर्ष 1992 में जो करार अंबुजा सीमेंट और सरकार के बीच जो लिखित समझौते हुए हैं उनको पूरी तरह से निष्पक्ष रूप से लागू किया जाए। बैठक में माइनिंग एरियाज के बेरोजगार युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नियमित रोज़गार दिया जाए। रेगुलेट्री कमेटी को वर्ष 2010 में गठित की गई थी। उसमे कुछ शर्तों को संशोधित किया जाए। बैठक के दौरान नंदलाल चौहान को दि माइनिंग एरियाज लैंड लूजर्स ट्रांसपोर्ट को ऑपरेटिव सोसायटी का कानूनी सलाहकार नियुक्त किया। बैठक में सामाजिक दूरी व फेस मास्क व सैनिटाइजर आदि का इस्तेमाल किया गया। इस मौके पर कृष्णलाल,रूपलाल,धनीराम,बलदेव राज,जयदेव,विक्रम,मदनलाल,वेद प्रकाश,भगीरथ,नागेश्वर,छोटू सहित बाघल विकास परिषद के सदस्य मौजूद रहे।
अगर मन मे कुछ करने की चाह हो तो किसी भी उम्र में मुकाम हासिल किया जा सकता है,ऐसा ही कर दिखाया है उपतहसील दाड़लाघाट के अंतर्गत सेवानिवृत्त अध्यापक केशव वशिष्ठ ने ग्राम पंचायत पारनु के गांव कंसवाला से सम्बंध रखने वाले संगीतकार केशव वशिष्ठ द्वारा सुंदर शब्दों में लिखा तथा मधुर आवाज में गाया गया भजन तेरी जय हो बाडुबाडेया का बुधवार सांय पंचायत घर दाड़ला में डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर के कर कमलों द्वारा लोकापर्ण किया। तेरी जय हो बाडुबाडेया भजन को स्वयं केशव वशिष्ठ ने लिखा व कम्पोज किया है व एसएम रिकार्ड्स शिमला सुरेंद्र नेगी ने इस भजन को रिकॉर्ड किया है। भजन का वीडियो यशस्वी स्टूडियो दाड़लाघाट निवासी पंकज गुप्ता ने निर्देशित किया है। केशव वशिष्ठ ने बताया कि यह उनका पहला भजन है। वे हिमाचली देव संस्कृति को इस भजन के माध्यम से लोगों व खासकर युवा पीढ़ी में प्रसारित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसकेे बाद जल्द ही उनके 9 और गीत आ रहे हैं, जिसके लिए उनको क्षेत्र के लोगों से प्यार की अपेक्षा है। डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने कहा कि मुझे इस क्षेत्र के लोगों की आस्था के प्रतीक बाडुबाड़ा देव के भक्ति गीत की वीडियो का शुभारंभ करने का मौका मिला। केशव वशिष्ठ द्वारा इस भक्ति गीत को लिखा व स्वयं संगीतबद्ध कर गाया गया है। केशव वशिष्ठ द्वारा स्थानीय परम्पराओं को तरजीह देकर यहां की संस्कृति को जिंदा रखने का एक सराहनीय प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आज हमारी पीढ़ी अपनी संस्कृति से दूर जा रही है,इसलिए उन्हें अपनी पारंपरिक संस्कृति से लगाव हेतु ऐसे प्रयास प्रंशसा योग्य है। साथ ही यशस्वी स्टूडियो दाड़लाघाट के पंकज गुप्ता ने भी वीडियो ग्राफ़ी में अच्छी प्रस्तुति दी है। डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने अपनी ओर से पूरी टीम को बधाई देते हुए केशव वशिष्ठ को सफलता की कामना बाडुबाड़ा से की है। संगीतकार केशव वशिष्ठ ने बताया कि तेरी जय हो बाडुबाडेया भजन को यु ट्यूब पर यशस्वी स्टूडियो दाड़लाघाट के माध्यम से देखा जा सकता है। इस मौके पर डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर,पंचायत दाड़लाघाट के पूर्व उपप्रधान राजेश गुप्ता,केशव वशिष्ठ,पंकज गुप्ता,आयुष वशिष्ठ मौजूद रहे।
विकास खण्ड कुनिहार के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रो श्यांवा, नमोल, खनोल, हरिपुर, टूकाड, डूमेहर, पपलोटा, आदि गांवों में बन्दर , सुअरों, राल आदि जंगली जानवरों ने किसानों के मक्की के पूरे पूरे खेत तबाह कर दिए है। क्षेत्र में अधिकतर किसानों की आजीविका इन फसलों पर ही निर्भर है। किसान अपनी मेहनत को इस तरह तबाह होते देखने को मजबूर है यंहा बंदरों व अन्य जंगली जानवरों की संख्या बहुत अधिक हो चुकी है। आजकल मक्की की फसल लगभग तैयार होने को है लेकिन किसानों को दिन में जँहा बंदरों व पक्षियों से अपनी फसल बचानी पड़ रही है तो वन्ही रात को सुअर, रॉल व अन्य जंगली जानवर फसलों को तबाह कर रहे हैं। किसानों गोपाल वर्मा, विकास वर्मा, राजेश, प्रेम, प्रताप, शेरसिंह, कर्मचन्द, अजय, सुधीर आदि ने बताया कि इस बार समय समय पर बारिश होने के कारण मक्की की फसल अच्छी थी लेकिन बंदरों ,सूअरों व अन्य जंगली जानवरों ने सारी फसल बर्बाद कर दी है। जिससे हमारी मेहनत पर पानी फिर गया है व हमे भारी आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। इस बार फसल तबाह होने की वजह से किसानों को अपने परिवार के पालन पोषण की चिंता सता रही है। कई किसानों ने कृषि ऋण भी ले रखा है जिसे लौटाने की चिंता भी किसानों को है। किसानों ने सरकार से जंगली जानवरों से हुए फसल के नुकसान का उचित मुवावजा देने की मांग की है। इस बारे वन मण्डलाधिकारी कुनिहार सतीश नेगी ने बताया कि समय समय पर बंदरों को पकड़ कर इनकी नशबंदी की जाती है ताकि इनकी तादात न बढ़े। इस बार भी हर डिवीजन को बन्दर पकड़ने के टारगेट दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सुअरों आदि जानवरों से अपनी फसल बचाने के लिए किसानों को सरकार से सबसिडी पर नेट व अन्य सामग्री का लाभ लेना चाहिए।विकास खण्ड कुनिहार के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रो श्यांवा, नमोल, खनोल, हरिपुर, टूकाड, डूमेहर, पपलोटा, आदि गांवों में बन्दर , सुअरों, राल आदि जंगली जानवरों ने किसानों के मक्की के पूरे पूरे खेत तबाह कर दिए है। क्षेत्र में अधिकतर किसानों की आजीविका इन फसलों पर ही निर्भर है। किसान अपनी मेहनत को इस तरह तबाह होते देखने को मजबूर है यंहा बंदरों व अन्य जंगली जानवरों की संख्या बहुत अधिक हो चुकी है। आजकल मक्की की फसल लगभग तैयार होने को है लेकिन किसानों को दिन में जँहा बंदरों व पक्षियों से अपनी फसल बचानी पड़ रही है तो वन्ही रात को सुअर, रॉल व अन्य जंगली जानवर फसलों को तबाह कर रहे हैं। किसानों गोपाल वर्मा, विकास वर्मा, राजेश, प्रेम, प्रताप, शेरसिंह, कर्मचन्द, अजय, सुधीर आदि ने बताया कि इस बार समय समय पर बारिश होने के कारण मक्की की फसल अच्छी थी लेकिन बंदरों ,सूअरों व अन्य जंगली जानवरों ने सारी फसल बर्बाद कर दी है। जिससे हमारी मेहनत पर पानी फिर गया है व हमे भारी आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। इस बार फसल तबाह होने की वजह से किसानों को अपने परिवार के पालन पोषण की चिंता सता रही है। कई किसानों ने कृषि ऋण भी ले रखा है जिसे लौटाने की चिंता भी किसानों को है। किसानों ने सरकार से जंगली जानवरों से हुए फसल के नुकसान का उचित मुवावजा देने की मांग की है। इस बारे वन मण्डलाधिकारी कुनिहार सतीश नेगी ने बताया कि समय समय पर बंदरों को पकड़ कर इनकी नशबंदी की जाती है ताकि इनकी तादात न बढ़े। इस बार भी हर डिवीजन को बन्दर पकड़ने के टारगेट दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सुअरों आदि जानवरों से अपनी फसल बचाने के लिए किसानों को सरकार से सबसिडी पर नेट व अन्य सामग्री का लाभ लेना चाहिए।
दाड़लाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत मांगू के गांव सोरिया के मंदिर में हुई चोरी की वारदात में थाना दाड़लाघाट ने सफलता हासिल की है। जानकारी के मुताबिक गांव सोरिया मंदिर के पुजारी दिनेश कुमार सुपुत्र राम दितू ने बताया कि जब मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए 24 अगस्त को गए तो वहां पर मंदिर के गेट का ताला टूटा पाया गया व मंदिर में रखे दानपात्र का ताला टूटा मिला। तुरंत स्थानीय लोगों व कमेटी सदस्य को बुलाकर 25 अगस्त को थाना दाड़लाघाट मे शिकायत दर्ज करवाई। शिकायतकर्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में हुई चोरी की घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई। पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी कैमरे की मदद से उक्त आरोपी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। उक्त व्यक्ति की पहचान हितेश कुमार गांव घलोत (ओखरू) के ररूप में हुई है। इस कामयाबी में राजेश पाल ने अपनी टीम के साथ मंगलवार देर सांय उक्त व्यक्ति को हिरासत में लेकर थाना अर्की में रखकर उक्त व्यक्ति को अर्की न्यायालय में पेश किया। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया की सोरिया में हुई चोरी की वारदात में आरोपी व्यक्ति को तीन दिनों के रिमांड में रखकर छानबीन शुरू कर दी है।
-पंचायत ने बहुमत से विभाजन का सरकार को भेजा प्रस्ताव -कसौली विधानसभा क्षेत्र से सटी है दून की यह आखिरी पंचायत कसौली विधानसभा क्षेत्र से सटी और दून विधानसभा क्षेत्र की अंतिम ग्राम पंचायत जाडला के विभाजन के लिए पंचायत ने बहुमत से प्रस्ताव पारित कर सरकार को मंजूरी के लिए प्रेषित किया है। जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रफल की दृष्टि से इस पंचायत को नदी से आर व पार दो हिस्सों में विभाजित करने की मांग की है। दो पंचायतें बनने पर भी यह पंचायत सरकार द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों को पूरा करती है। दून विधानसभा क्षेत्र मैदानी और पहाड़ी पंचायतों को मिला कर बना हुआ है और इस विस क्षेत्र की सबसे आखिरी छोर पर बसी ग्राम पंचायत जाडला है, जिसकी सीमा सुबाथू छावनी और कसौली विधानसभा क्षेत्र से सटी हुई है। इस पंचायत का कुल क्षेत्रफल 958 हेक्टेयर है, जिसमें कुल 23 गांव और करीब 35 सौ की आबादी आती है। पंचायत के एक छोर पर बसे आरला गांव से दूसरे छोर पर बसे बधोल गांव की सड़क मार्ग से दूरी करीब 20 किलोमीटर बनती है। पंचायत का मुख्यालय जाडला गांव में है जो कि पंचायत के लोगों के लिए काफी दूर है। बरसात के दिनों में नदी पार के लोगों को पंचायत मुख्यालय पहुंचना काफी कठिन होता है और वह कुठाड़ होते हुए यहां पहुंचते हैं, जिससे उनके धन व समय की बार्बदी होती है। हालांकि पिछले कई वर्षों से पंचायत के लोग जाडला को दो पंचायतों में विभाजित करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। वर्तमान भाजपा सरकार ने प्रदेश भर की ऐसी बड़ी पंचायतों के पुनर्निधारण की प्रक्रिया शुरू की है और इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव भी मांगे जा चुके हैं, हालांकि सरकार ने कई नई पंचायतें गठित करने की कवायद भी शुरू कर दी है, लेकिन इसके बावजूद अभी अन्य पंचायतों से भी प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर ग्राम पंचायत जाडला ने भी पंचायती राज विभाग के निदेशक को प्रस्ताव भेज कर जाडला पंचायत को दो भागों में बांटने का प्रस्ताव प्रेषित किया है। पंचायत प्रधान रामकू देवी के अलावा उपप्रधान प्रेम चंद ठाकुर वार्ड सदस्य आशा देवी, कमला देवी, मीना कंवर, बाबू राम, पदम देव शर्मा व संगीता देवी सहित पंचायत सचिव जयवेंद्र ने बताया कि पंचायत के कुल 23 गांवों की जनसंख्या 3594 है और इस पंचायत को दो भागों में बांटे जाने के बाद दोनों ही पंचायतें सरकार के निर्धारित मापदंड को पूरा करेंगी। नदी से इस ओर 10 गांव और 2061 की जनसंख्या और नदी के दूसरी ओर 13 गांव और 1533 की जनसंख्या से दो पंचायतें अस्तित्व में आ सकेंगी। विकास खंड धर्मपुर के बीडीओ रवि बैंस ने बताया कि सरकार ने पहली सूची में धर्मपुर विकास खंड में कोई नई पंचायत बनाने की घोषणा नहीं की है। उन्होंने बताया कि धर्मपुर विकास खंड कार्यालय से जाडला के अलावा पट्टा-नाली, बनासर, कसौली-गढख़ल और रौड़ी पंचायतों को विभाजित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। उनका कहना है कि अगली सूची में सरकार इन पंचायतों के विभाजन की अधिसूचना जारी कर सकती है।
विद्युत उपमंडल दाड़लाघाट के अंतर्गत कंसवाला, नौणी, फुगाना, सेरा, समाना, जाबलू ट्रांसफार्मर जो दाड़लाघाट अनुभाग में आते है उन क्षेत्रों मे 27 व 28 अगस्त को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी देते हुए सहायक अभियंता दाड़लाघाट ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि लाइन के आवश्यक रख रखाव व मुरम्मत हेतु दोपहर 2:00 बजे से सांय 5:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने सभी संबंधित लोगों से असुविधा हेतु सहयोग की अपील की है।
डीएवी अम्बुजा विद्या निकेतन दाड़लाघाट में विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन विषय संवर्धन गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए किसी भी विषय को रुचिकर तथा महत्वपूर्ण बनाना था। विषय संवर्धन गतिविधियों में बच्चों ने अपने घर के किसी सदस्य से परस्पर संवाद करके कुछ रोचक तथ्यों को सामने रखा। इन गतिविधियों में अभिभावकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया तथा वीडियो के माध्यम से अपने विचार सांझा किए। प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, वहीं इससे किसी भी विषय को रुचिकर तथा अर्थपूर्ण बनाया जा सकता है।
ग्राम पंचायत दानोघाट के कराड़ा गांव की कुरुगण ग्राम सुधार समिति ने ग्राम पंचायत दानोघाट में गांव की सीवरेज निकासी तथा सड़क के डंगे के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने हेतु एक ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा है कि गांव कराड़ाघाट से सीवरेज की निकासी तथा सड़क मार्ग के डंगे का कार्य तीन-चार वर्षों से लंबित पड़ा है, उसकी ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है इसलिए सुधार समिति मांग करती है कि इस कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। इस मौके पर दुनी चंद शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, योगराज शर्मा, राकेश शर्मा, हरीश शर्मा, प्रकाश शर्मा, पंकज शर्मा, मुकेश शर्मा उपस्थित रहे।
सरकारी योजनाओ में ऑडिट की व्यवस्था मजबूत न होने से भ्रष्टाचार पनप रहा है तथा कई घोटाले सामने आ रहे हैं। इन योजनाओं के वैधानिक ऑडिट के लिए स्वतंत्र ऑडिटर नियुक्त किया जाना चाहिए। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टड अकाउंटेंटस ऑफ़ इंडिया की हिमाचल ब्रांच के पूर्व चेयरमैन योगेश वर्मा और वरिष्ठ चार्टड अकाउंटेंट राजेश सक्सेना ने यह बात कही है। उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के ऑडिट के लिए ऑडिटर चुनने का अधिकार संबंधित विभागों को ही प्राप्त है, जिससे कि भ्रष्टाचार को बल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सरकारी योजनाओं के खर्चे का ऑडिट करने की व्यवस्था ऐसी है कि जिस विभाग, प्राधिकरण, विश्वविद्यालय, काॅलेज, स्कूल इत्यादि को खर्च करने के लिए राशि भेजी जाती है तथा वे जो खर्च करते हैं। उन खर्चों के ऑडिट के लिए ऑडिटर भी वे स्वयं ही नियुक्त करते हैं तथा ऑडिटर को नियंत्रित कर अपनी इच्छानुसार ऑडिट संबंधी प्रमाण पत्र तैयार कर लेते हैं। इस व्यवस्था से सरकारी स्कीमों में भ्रष्टाचार पनप रहा है। वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी परीक्षार्थी को ही अपने लिए परीक्षक नियुक्त करने का अधिकार दे दिया जाए। उन्होंने मांग की है कि सरकारी स्कीमों में ऑडिटर नियुक्त करने का अधिकार कैग या इंस्टिच्यूट आफ चार्टड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया को दिया जाना चाहिए। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में किए जाने वाले खर्चाें का जहां स्वतंत्र ऑडिट होगा, वहीं भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। योगेश व राजेश ने यह भी कहा कि सरकारी स्कीमों में ऑडिटरों की नियुक्ति के लिए सरकार को स्वतंत्र प्राधिकरण गठित करने पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि अगर ऑडिटर नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था जारी रही तो सरकारी विभागों व प्राधिकारणों के प्रबंधकों और चयनित ऑडिटर के बीच सांठगांठ हो सकती है। जब तक राशि व्यय करने वाले विभागों के पास ऑडिटरों की नियुक्ति का अधिकार रहेगा, तब तक निष्पक्ष ऑडिट की उम्मीद नहीं लगाई जा सकती।
ग्राम सेरा में नवयुग देवता सुधार कमेटी की बैठक प्रधान अमर चंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई।बैठक में हाल ही में सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतों के गठन की घोषणा पर चर्चा की गई। बैठक में अमर चंद शर्मा ने कहा नई पंचायतों की घोषणा मे कोटलु पंचायत का नाम नहीं है, जबकि 17 दिसंबर 2019 में प्रस्ताव ग्राम पंचायत कशलोग के माध्यम से विकास खंड कुनिहार तथा संबंधित विभागों में भेजा गया था उस पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। कोटलु के नाम से नई प्रस्तावित पंचायत का गठन नहीं होने से सेरा, समाणा, फुगाना, बरसणु, कोटलू, बनोग, आदि गांव के ग्रामीणों में बहुत रोष है। ग्रामीणों ने सरकार से पहले भी गुहार लगाई थी कि वर्तमान पंचायत कशलोग का मुख्यालय इन गांव से सड़क मार्ग से 25 से 30 किलोमीटर दूर है,जिससे ग्राम वासियों को छोटे-छोटे काम कराने के लिए 25 से 30 किलोमीटर सड़क मार्ग पर जाना पड़ता है,जिससे उनका पूरा दिन भी बर्बाद होता है तथा पैसे भी लगते हैं और विकास भी नहीं होते।पंकज शर्मा तथा मस्तराम बंसल ने कहा की इतनी कोशिशों के बाद भी सरकार की तरफ से ग्राम वासियों को राहत नहीं दी गई है और नई पंचायत कोटलु के गठन की कोई उम्मीद नहीं लग रही है, इसलिए गांव के सभी ग्राम वासियों ने सरकार से पुनः अनुरोध किया है कि उनकी परेशानियों को देखते हुए सरकार पुनः अपने फैसले मैं संशोधन करते हुए ग्राम पंचायत कशलोग से इन 6 गांव को अलग कर प्रस्तावित कोटलु पंचायत का गठन कर दें जिससे संबंधित सभी कागजात संबंधित कार्यालय में दिसंबर माह में ही भेज दिए गए हैं। इन 6 गांव की कुल जनसंख्या 1321 के लगभग है और वर्तमान में ग्राम पंचायत कशलोग की कुल जनसंख्या लगभग 2820 है।समस्त ग्राम पंचायत वासी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कुमार से अनुरोध करते हैं कि ग्रामीणों की मुश्किलों को मद्देनजर रखते हुए कोटलु पंचायत के गठन के आदेश दिए जाएं तथा तमाम ग्रामीण मुख्यमंत्री एवं मंत्री के आभारी रहेंगे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के गांव गवाह के लोगों ने प्रस्तावित पंचायत बरायली में जोड़ने को लेकर उपायुक्त सोलन को लिखे एक पत्र के माध्यम से आपत्ति जताई है। स्थानीय लोगों में बालक राम शर्मा, रमेश कुमार, प्रदीप कुमार शर्मा, हीरा लाल, बनिता, अनिल शर्मा, जयदेई, ललित, राहुल शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार गांव गवाह को नवगठित किया जा रहा है, जो कि पंचायत बरायली में डाला जाएगा। इसको लेकर गांव गवाह के ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए कहा है कि गांव गवाह जो कि दाड़लाघाट के बिल्कुल साथ में है। इसकी राजस्व सीमा इस क्षेत्र के साथ लगती है व इस गांव के लोगों की आधी जमीन गांव दाड़लाघाट में भी पड़ती है तथा गांव गवाह से दाड़लाघाट पंचायत की दूरी मात्र 100 से 300 मीटर तक है और बरायली की दूरी 1500 से 1800 मीटर है। लोगों ने कहा है कि सुविधानुसार वह दूरी को देखते हुए दाड़लाघाट ही सर्वोत्तम स्थान है। यहां के लोगों का व्यवसाय व काम धंधा, स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, विभाग, कॉलेज, उप कोषागार, सब तहसील व बाजार भी यहां पर स्थित है इसलिए गांव गवाह के समस्त ग्रामीणों ने इस बारे 15 दिसंबर 2019 को भी आपत्ति दर्ज करवाई थी, जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पंचायती राज मंत्री, हिमाचल प्रदेश व निर्देशक पंचायती राज विभाग शिमला, उपायुक्त सोलन, जिला पंचायत राज अधिकारी, उप मंडल अधिकारी अर्की, खंड विकास अधिकारी, पंचायत प्रधान, सचिव को भी प्रेषित की गई थी। गांव गवाह के ग्रामीणों ने अनुरोध किया है कि गांव गवाह को ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में ही यथावत रखा जाए व इसे नव गठित की जा रही ग्राम पंचायत बरायली में न जोड़ा जाए।
पिछले काफी समय से चल रही दाड़लाघाट पंचायत की अलग पंचायतों के विभाजन के लिए मांग कर रहे लोगों में कहीं ख़ुशी कहीं गम का माहौल देखने को मिल रहा है। खंड कुनिहार की ग्राम पंचायत दाड़लाघाट भौगोलिक और आबादी के लिहाज से ग्राम पंचायत दाड़लाघाट से बरायली व रौडी नई ग्राम पंचायत बनाई गई है। गौर रहे पिछले कुछ समय पूर्व दाड़लाघाट के लोगों ने आयोजित ग्रामसभा मे भौगोलिक दृष्टि व आबादी लिहाज से पंचायत दाड़लाघाट की दो पंचायतें बनाने के बारे में प्रस्ताव पारित किया था। इसमें दाड़लाघाट पंचायत में रौडी (धार) पंचायत ओर बरायली पंचायत को नई पंचायत बनाने बारे सहमति बनी थी। इस दौरान सभा में काफी दिनों से आ रही स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए ग्राम पंचायत दाड़लाघाट ने पंचायत के विभाजन व पुनर्गठन को लेकर विशेष ग्राम सभा आयोजित कर पंचायतों को बनाने को लेकर प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन को ग्राम सभा में कोरम पूरा करवा कर प्रस्ताव पारित किया था कि ग्राम पंचायत दाड़लाघाट एक बड़ी पंचायत है, इस पंचायत की दो पंचायत बनाई जाए। इसको लेकर दाड़लाघाट पंचायत के धार क्षेत्र के लोगों ने खूब मेहनत की। इस दौरान धार क्षेत्र के लोगों ने धार पंचायत को अलग बनाने को लेकर रणनीति भी बनाई, उसके बाद ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित हुआ ओर बरायली व रौडी (धार) पंचायत बनाने को लेकर लोगों ने हामी भरी। इस दौरान कुछ लोगों ने चिंता भी जाहिर की कि ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में 2 पंचायतों का गठन नहीं किया जाए लेकिन धार क्षेत्र के लोगों ने एकजुटता से परिचय देते हुए ग्राम सभा का कोरम पूरा करवा कर पंचायतों के विभाजन के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा। इसी को लेकर पिछले कल यानि सोमवार को एक अधिसूचना जारी हुई इसमें दाड़लाघाट से रौडी और बरायली पंचायत का गठन किया गया है। अब पंचायती राज विभाग ने 7 दिनों के अंदर इस निर्णय को लेकर सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए कहा है। इस अधिसूचना के जारी होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। धार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि धार क्षेत्र के गांव में विकास न होने के कारण लोगों की डिमांड को देखते हुए नई पंचायत बनाने का फ़ैसला लिया। लोगों ने कहा कि पंचायत के प्रतिनिधि को अगर विकास को लेकर बात की जाए तो वह अम्बुजा से विकास करने के लिए टालमटोल करते थे, विकास न होने के कारण धार क्षेत्र के लोगों के साथ हर कार्यों में अनदेखी की जा रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायतों के विभाजन से धार के गांव में और विकास होगा।
ग्राम पंचायत मांगल में जल की शुद्धता तथा गुणवत्ता जांचने हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता पंचायत प्रधान दीप चंद शर्मा ने की। इस जागरूकता शिविर में वीडब्ल्यूएससी के सदस्यों व स्थानीय ग्रामीणों को जलीय गुणवत्ता बारे जागरूक किया। कुनिहार ब्लॉक के बीआरसी सुशील कुमार ने एक टेस्टिंग किट के माध्यम से लोगों को जल की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया। सुशील कुमार ने बताया कि इस टेस्टिंग किट के अंदर उचित मात्रा में जल डालकर 24 घण्टे के बाद जांचना चाहिए, यदि पानी का रंग काला हो जाए, तो वह जल पीने योग्य नहीं होता। इस दौरान पीडब्ल्यूएसएस पाइप पेयजल प्रदान योजना तथा इसके अतिरिक्त उपस्थित सदस्यों को फील्ड टेस्ट किट एफटिके के माध्यम से पेयजल गुणवत्ता के जांचने का प्रशिक्षण दिया गया।जिससे जल जनित रोगों से बचाव किया जा सके। इस मौके पर पंचायत प्रधान दीप चंद शर्मा, उपप्रधान श्याम लाल, कृष्णा चौहान, सुहारु देवी, भाग देई, सुरेंद्रा देवी, सरला देवी, सुखदेई चौहान, सुमित्रा, लीला देवी, कौशल्या देवी मौजूद रहे।
एसडीएम सोलन रोहित राठौर की पदोन्नति व स्थान्तरण के बाद, आईएएस अजय कुमार यादव ने एसडीएम सोलन का कार्यभार संभाला है। अजय यादव मूलतः यूपी के वाराणसी से सम्बंध रखते है। इससे पूर्व उन्होंने ट्रेनिंग अवधि में जिला मंडी में बीडीओ व एसडीएम के पद पर सेवाएँ दे चुके है। एसडीएम अजय ने कहा कि सबसे पहले वे क्षेत्र में चल रहे विकास कार्याें की समीक्षा करेंगे। बखास तौर पर इन्हें तय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करेंगे ताकि विकास कार्यों की गति तेज हो सके। उन्होंने कहा कि शहर व ग्रामीण क्षेत्र में विकास को लेकर अधिकारियों से नई योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्हे सिरे चढ़ाने पर प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी प्राथमिकता हकदार व्यक्तियों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ दिलवाने की रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा शहर के लोगों को मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से मिल सके इसके लिए वे पूरा प्रयास करेंगे। शहरवासी की सीवर, सफाई व पेयजल समस्याओं का समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उनकी कोशिश होगी कि शहरवासियों को उपरोक्त सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध करवाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी आपस में बेहतर तालमेल के साथ काम करेंगे। उन्होंने सोलन की जनता से अपील करते हुए कहा कि सोलन के विकासकार्यों को लेकर सुझाव आमंत्रित है।
सभी पेंशनर जो हिमाचल सरकार से सेवा निवृति के उपरांत पेन्शन प्राप्त कर रहे है उनके जीवित प्रमाण पत्र जो प्रथम जुलाई से दिए जाने थे, अब वह कोरोना महामारी के कारण प्रथम सितम्बर 2020 से दिए जाएंगे जोकि वर्ष 2020-2021 के लिए जाएंगे। प्रेस सचिव हिमाचल प्रदेश नेशनल फेडरेशन संघ अर्की रोशन लाल वर्मा ने लोगों से आग्रह किया है कि वह अपना आधार कार्ड की कॉपी भी कोषाधिकारी कार्यालय में 1 सितंबर 2020 से जमा करवाना शुरू कर दें। उन्होंने बताया कि पपत्र कोषाधिकारी कार्यालय अर्की से प्राप्त होगा व इसे नेट द्वारा भी निकाला जा सकता है। पारिवारिक पेंशन धारक जिन्हें अभी तक 65 वर्ष, 70 वर्ष, 75 वर्ष व 80 वर्ष पर 5%,10%, 15% व 20% का लाभ नही मिल रहा है। वह अपनी आयु के प्रमाण के रूप में अपने पेन कार्ड की कॉपी व आयु का प्रमाण पत्र जो उनके पास है उन्हें सलग्न करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को जानकारी की आवश्यकता हो तो वह इस नम्बर 9418088859 पर सम्पर्क करें।
संगठन के शीर्ष नेतृत्व भाजपा मंडल अध्यक्ष और भाजयुमो जिला अध्यक्ष से चर्चा करने के बाद युवा मोर्चा अध्यक्ष रोहित भारद्वाज ने युवा मोर्चा सोलन मंडल कार्यकारिणी का विस्तार किया। सचिव पद : विमल शर्मा (क्यारी) गौरव साहनी (वार्ड नंबर 2) विनीत शर्मा (कण्डाघाट) आईटी सेल हेड : दिव्यांशु हंस (शक्तिनगर) सोशल मीडिया : कुशल शर्मा (छावशा) कार्यकारिणी मेंबर : सुनील ठाकुर (टकरेना) राकेश ठाकुर (मनलोग) पंकज ठाकुर (द्यूंघाट) लक्ष्य बनल (शमलेच) गौरव बनाल (शमलेच) मुकुल शर्मा (गलोग) विशाल ठाकुर (नंदल) विपिन अरोड़ा (वार्ड 5) ओम गुप्ता (वार्ड 12) यशपाल ठाकुर (हैप्पी) (बसाल) शशांक मेहता (सेरी) रोहित ठाकुर (मंजोल) सार्थक मेहता (सेरी) महेश शर्मा (वकना) हरनाम ठाकुर (पौदना) दक्ष भारद्वाज (महि) अमन शर्मा (श्रीनगर) जितेंद्र ठाकुर (नगाली) सचिव ठाकुर (जेठाना) गौतम ठाकुर (द्यूंघाट) राहुल मेहता (बसाल) सचिन ठाकुर (बर्गों) सचिन शर्मा (वार्ड 3) सुरेश कुमार (सहमति) संदीप कुमार(वार्ड 5)
-हर वर्ष बचेंगे करोड़ों, रुकेगा भूमि कटाव और सरकारी नलों पर निर्भरता भी होगी कम -छावनी बोर्ड सुबाथू, जतोग कैंट और एमसी सोलन बचा रहे लाखों लीटर पानी प्रदेश में हर वर्ष जल संकट बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार ने आज तक वर्षा जल संग्रहण के लिए कोई कारगर योजना तैयार नहीं की है। बारिश के दिनों में लाखों-करोड़ों लीटर पानी आकाश से बरसता है और यदि उसका सही तरीके से संग्रहण किया जाए तो न केवल हिमाचल में किसी भी मौसम में जल संकट समाप्त हो जाएगा, बल्कि सरकार का करोड़ों रुपये बचेगा, भूमि कटाव की समस्या कम होगी और लोगों की सरकारी पेयजल योजनाओं पर निर्भरता कम हो जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश के पारंपरिक प्राकृतिक जलस्त्रोत फिर से पुनर्जीवित हो उठेंगे। दिन-प्रतिदिन पानी की बढ़ रही समस्या को देखते हुए पिछले कई वर्षों से यह कहा जा रहा है कि अगला विश्वयुद्ध पानी के लिए होगा, लेकिन यदि इंसान प्रकृति से खिलवाड़ न करे और उसके विरुद्ध न चले तो इस कथित विश्वयुद्ध को टाला जा सकता है। इसके लिए सरकारों की इच्छाशक्ति का होना बेहद जरूरी है। कुछ दशकों पहले तक बरसात के मौसम में जोहड़ों और कच्चे तालाबों के माध्यम से बारिश के पानी का संग्रहण किया जाता था, जिससे साल भर तक प्राकृतिक जलस्त्रोत रिचार्ज रहते थे और उनमें पानी की कमी नहीं आती थी, लेकिन समय के बदलाव के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जोहड़ और तालाब मिट्टी से भर गए और लोगों की निर्भरता पूरी तरह से सरकारी नलों पर हो गई। शहरों की बात छोड़ दें तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग नलों के पानी पर ही निर्भर हो गए हैं, बहुत कम क्षेत्रों में लोग कुओं या बावडिय़ों से पानी ढोते हुए नजर आते हैं। केंद्र सरकार के जलशक्ति मिशन के तहत अब सरकार ने आने वाले समय में हर घर को नल देने की विस्तृत योजना तैयार की है और हर माह देश भर में लाखों पानी के कनेक्शन दिए भी जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने यह नहीं सोचा कि जब हमारी नदियों या बड़े जलाश्यों में ही पानी नहीं बचेगा तो अरबों रुपये की यह योजनाएं किस काम की रहेंगी। सरकार को चाहिए कि बारिश के पानी का संग्रहण करने की विस्तृत योजना तैयार करे और जिन लोगों के पास अपनी भूमि है, वहां पानी के बड़े भंडारण टैंकों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक निर्माणधीन भवन का नक्शा तभी पास किया जाए जब उसमें वर्षा के जल संग्रहण टैंक के निर्माण का प्रावधान हो। टीसीपी में हालांकि यह प्रावधान तो है, लेकिन इन टैंकों को सरकारी नलों में आने वाले पानी से भर कर रेन वाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। वर्षा के पानी को बनाया जा सकता है सौ प्रतिशत शुद्ध प्रदेश के सबसे पुराने छावनी क्षेत्र सुबाथू के अलावा शिमला के जतोग कैंट और नगर परिषद सोलन में हजारों लीटर वर्षा के पानी को संरक्षित किया जा रहा है। यह पानी मिनरल वॉटर की तरह शुद्ध हो कर हजारों लोगों की प्यास बुझा रहा है। लैबोरेटरी से इस पानी में शून्य प्रतिशत बेक्टीरिया होने की पुष्टि की गई है। हालांकि सुबाथू में तो छावनी बोर्ड ने पानी को और अधिक शुद्ध बनाने के लिए अतिरिक्त फिल्टर लगाए हैं, लेकिन मात्र 85 सौ रुपये लागत का फिल्टर लगा कर कर एक मध्यम वर्गीय परिवार भी एक वर्ष में कम से कम 100 दिनों का पानी बचा सकता है। प्रदेश में औसतन 70 से 120 सेंटीमीटर बारिश होती है और एक सेंटीमीटर बारिश होने पर एक हजार वर्ग मीटर छत से एक हजार लीटर पानी बर्बाद होता है या यूं कहें कि उसे बचाया जा सकता है। सीमित संसाधनों वाले स्वायत्त छावनी बोर्ड प्रशासन ने वर्षा जल संग्रहण में रुचि दिखाई और इसका नतीजा यह हुआ कि आज इन क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर हो गया है। छावनी बोर्ड कार्यालय की सभी छतों का पानी पाइप के माध्मय से फिल्टर होकर बड़े भंडारण टैंक में एकत्रित किया जाता है और उसके बाद उसे लोगों को सप्लाई किया जा रहा है। किसी भी मौसम में नहीं होगी पानी की किल्लत हिमाचल सरकार भी यदि पहल करे तो किसी भी मौसम में पानी की किल्लत नहीं होगी। गर्मियों में नदियों व जलस्त्रोतों का पानी सूख जाता है, वहीं, भारी बारिश होने पर गाद से पेयजल योजनाएं बंद हो जाती हैं, जिससे सरकार को मशीनरी बर्बाद होने पर करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। टैंकरों पर भी सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है। ऐसे में यदि हर स्कूल की छत, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक भवनों और हर घर की छत से वर्षा जल संग्रहण किया जाए तो हर वर्ष करोड़ों रुपये बच सकते हैं, बस आवश्यकता है तो सरकार के संकल्प व इच्छा शक्ति की, क्योंकि अभी तक प्रदेश सरकार ने छावनी परिषदों की भांति वर्षा के जल संग्रहण में कोई रुचि नहीं दिखाई है।
सोमवार को युवा मोर्चा सोलन मण्डल द्वारा नवनियुक्त खण्ड प्रभारी की बैठक युवा मोर्चा सोलन मण्डल के अध्यक्ष रोहित भारद्वाज की अध्यक्षता में कण्डाघाट में की गई। इस बैठक में नवनियुक्त प्रभारियों को उनके खण्ड में नए युवाओं को जोड़ने, पार्टी के कार्यों का विस्तार करने तथा आगामी पंचायत चुनाव में युवाओं की भूमिका के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में खंड सोलन के प्रभारी सचिन, श्रीकांत, अभिलाष, विशाल, गौरव और खण्ड कंडाघाट के प्रभारी पंकज, विमल शर्मा, अमित भारद्वाज के साथ साथ मण्डल महामन्त्री वैभव और अरुण मौजूद रहे।
प्रेस क्लब सोलन (रजि.) की आवश्यक बैठक सोमवार को प्रेस रूम में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता प्रेस क्लब के चीफ पैट्रन मुकेश कुमार ने की, जबकि प्रधान मनीष शारदा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में पत्रकार शशि भूषण पूरोहित और भूपेंद्र ठाकुर को प्रेस क्लब की सदस्यता प्रदान की गई जिसका उपस्थित सभी सदस्यों ने स्वागत किया। बैठक में आगामी कार्यों के लिए नई समितियों का गठन किया गया, जबकि कुछ सदस्यों को नई जिम्मेदारी भी दी गई। इसमें मोहिनी सूद को प्रवक्ता बनाया गया। शशि भूषण पूरोहित को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भूपेंद्र ठाकुर को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। बैठक में खेल गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए समिति का गठन किया गया जिसमें सुनील शर्मा, सुरेंद्र ममटा, मनमोहन और विशाल वर्मा को खेल गतिविधियों को करवाने का दायित्व सौंपा गया। बैठक में साहित्यक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया जिसके सफल आयोजन के लिए शशी भूषण पुरोहित, कीर्ति कौशल, संदीप शर्मा, मोहिनी सूद को कार्यक्रम प्रभारी बनाया गया है। बैठक में कोषाध्यक्ष द्वारा मार्च 2020 तक का ऑडिट भी करवाया गया। इस मौके पर मुकेश कुमार, मनीष शारदा, शशि भूषण पुरोहित, कीर्ति कौशल, सोम मेहता, सतीश बंसल, मदन हिमाचली, संदीप शर्मा, मोहिनी सूद, विशाल वर्मा, योगेश शर्मा, मनमोहन वशिष्ठ, दीपक शर्मा और राजन अरोड़ा मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 अगस्त, 2020 को सोलन नम्बर-3 फीडर के अन्तर्गत दुर्गा क्लब के समीप नए ट्रान्सफार्मर से सम्बन्धित कार्य किया जाना है। इसके दृष्टिगत 26 अगस्त, 2020 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण 26 अगस्त, 2020 को प्रातः 09.30 बजे से सांय 06.00 बजे तक सोलन शहर के चम्बा अपार्टमेंटस, मोहन पार्क, चेस्टर हिल्स, एसआईएलबी, जौणाजी, शूलिनी नगर, मोहन काॅलोनी, शूलिनी मंदिर, चैंक बाजार के हिस्सों, गन्ज बाजार, दुर्गा क्लब, क्षेत्रीय अस्पताल व इसके आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी चमन ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत जिला के कुम्हारहट्टी स्थित महर्षि मार्केण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के लिए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार महर्षि मार्केण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, कुम्हारहट्टी में अब कोविड-19 पाॅजिटिव महिलाओं के प्रसव भी किए जाएंगे। जिला दण्डाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि महर्षि मार्केण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, कुम्हारहट्टी में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को वह अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ सुविधाएं भी उपलब्ध करवाईं जाएंगी जो इस अस्पताल में उपलब्ध हैं। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि हृदय रोग, गुर्दा रोग एवं डायलिसिस, तन्त्रिका रोग, कर्क रोग इत्यादि जैसी सुपर विशेषज्ञ सुविधाएं जो इस अस्पताल में उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती, के लिए आग्रह नहीं किया जाएगा। आदेशों में कहा गया है कि उपरोक्त उपलब्ध सेवाएं निर्धारित शर्तों के अनुरूप प्रदान की जाएंगी। महर्षि मार्केण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, कुम्हारहट्टी में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी को आवश्यकतानुसार वेंटीलेटर सहायता 08 हजार रुपए प्रति बिस्तर प्रतिदिन की दर पर उपलब्ध होगी। वेंटीलेटर सहायता के बिना यह दर 800 रुपए प्रति बिस्तर प्रतिदिन होगी। सामान्य प्रसव अथवा लघु शल्य क्रिया की दर आयुष्मान एवं हिमकेयर दर के अनुरूप होगी। सिजेरियन के लिए दर आयुष्मान एवं हिमकेयर दर के अनुरूप होगी। पीपीई किट, एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क इत्यादि मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे। रोगियों को दी जाने वाली दवाएं महर्षि मार्केण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, कुम्हारहट्टी द्वारा उपलब्ध करवाई जाएंगी तथा इनका भुगतान प्रशासन द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन से सत्यापन उपरान्त किया जाएगा। कुल व्यय के लिए महर्षि मार्केण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, कुम्हारहट्टी द्वारा प्रदत्त बिल का भुगतान प्रशासन द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन से सत्यापन उपरान्त किया जाएगा। यह आदेश आगामी आदेशों तक तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं।
कुनिहार शिमला मार्ग पर श्यावां गावं के पास खाली पड़ी सैंकड़ो बीघा भूमी बड़े उद्योगों के लिए लंबे समय से राह ताक रही है। विदित रहे कि 1983 से इस भूमी पर उद्योग लगवाने के लिए कई बार प्रस्ताव पारित करके उद्योग विभाग व सरकार को पंचायत व कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा भेजे गए, परन्तु लगभग 37 वर्ष बाद भी आज तक उद्योग विभाग व सरकार द्वारा इन प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं नव चेतना, कुनिहार विकास सभा, सम्भव चेरिटेबल सोसायटी सहित कई संस्थाओं ने सरकार से इस खाली पड़ी जमीन पर उद्योग लगवाने की मांग की है। जिला सोलन में बीबीएन, परवाणू के बाद कुनिहार क्षेत्र के साथ लगती कसौली विधान सभा क्षेत्र व जिला सोलन की करीब 1800 बीघा जमीन जोकि वीरान पड़ी है, इस जमीन पर बड़े उद्योग लग सकते है। 7 व 8 नवंबर 2019 को धर्मशाला में सरकार द्वारा आयोजित इन्वेस्टर मीट में देश के बड़े उद्योगपतियों ने भाग लिया था व सरकार ने उद्योगपतियों के साथ एक एमओयू साइन किया था, जिसके तहत हिमाचल में करोड़ो रु की लागत से उद्योग लगने थे। जिला सोलन व प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर कुनिहार के श्यावां की सैंकड़ो बीघा भूमि पर कई बड़े उद्योग लग सकते है। आज जंहा प्रदेश व जिला के युवा बाहरी राज्यो में कार्य कर रहे है, जिला में उद्योग लगने से जिला सहित स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। कुनिहार क्षेत्र के समाजसेवी मोहन लाल भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने 1983 में इस जमीन पर उद्योग लगवाने के लिए प्रस्ताव पारित करवाकर उद्योग विभाग व सरकार को भेजा था। इस लंबे समय की अवधि में उद्योग विभाग को कई बार अवगत करवाया गया कि यंहा पर उद्योग लगवाने के लिए उपयुक्त पर्यावरण है। यंहा पर होमगार्ड के नाम 5 बीघा जमीन स्थानांतरित की गई थी,परन्तु राजनैतिक लड़ाई में होमगार्ड का कार्यालय भी अर्की शिफ्ट हो गया। नालागढ़ शिमला स्टेट हाइवे पर यह जमीन होने के कारण यंहा पर कोई भी बड़ा उद्योग लगाया जा सकता है व जो युवा बाहरी राज्यो में आजीविका के लिए जा रहे है, उन्हें यहीं रोजगार मिल सकता है। वहीँ जब इस बारे में डीआईसी सोलन कार्यालय में बात की गई तो आईपीओ जय श्री राम ने बताया कि उक्त भूमि को उद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के लिए वन्य विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। भविष्य में यहाँ पर उद्योग लगने की संभावनाएं है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लाभार्थियों को सम्बोधित व बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नीतियां, कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाएं लक्षित समूह तक पहुंचे ताकि राज्य में गरीबों का सामाजिक, आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित किया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की वर्चुअल रैलियों का आयोजन करने से राज्य सरकार को लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करने में मदद मिलती है और उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में प्रतिक्रिया भी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान सरकार को कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी बेहतर सुझाव मिलते हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि कई बार यह महसूस किया गया है कि विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी के अभाव में लोग कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद से लोगों को इन योजनाओं के बारे में जागरूक करने में सहायक सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का पहला निर्णय बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त की आयु सीमा को 80 से घटाकर 70 वर्ष किया है। उन्होंने कहा कि इससे परिणामस्वरूप 200 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय बोझ पड़ा है, लेकिन साथ ही राज्य के 2.90 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित भी हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन देने के लिए उज्ज्वला योजना शुरू की है, लेकिन राज्य की लाखों महिलाएं इस योजना के अन्तर्गत शामिल नहीं थी, इसलिए राज्य सरकार ने हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना शुरू की और लगभग 2.76 लाख घरों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही राज्य देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां हर घर में गैस कनेक्शन है। जय राम ठाकुर ने कहा कि वह स्वयं ग्रामीण क्षेत्र से होने के नाते, वे विभिन्न समस्याओं के समाधान में आम आदमी को होने वाली कठिनाई को समझते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने जनमंच कार्यक्रम शुरू किया है और राज्य में अब तक लगभग 190 जनमंच आयोजित किए जा चुके हैं और 91 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निवारण किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 के माध्यम से भी जनता की शिकायतों के निवारण में मदद की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत लगभग 22 लाख लोगों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से बाहर रह गई राज्य की आबादी को कवर करने के लिए, राज्य सरकार ने राज्य में हिमकेयर योजना शुरू की और 90 करोड़ रुपये खर्च करके अब तक लगभग 90,000 लोगों का इस योजना के अन्र्तगत उपचार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में क्रोनिक बीमार मरीजों के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए, सहारा योजना भी चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत, ऐसे रोगियों को प्रति माह 3000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं और अब तक लगभग 7000 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार राज्य में विभिन्न आवास योजनाओं के तहत बेघर गरीबों को 10,000 घर देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत, युवाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए 13 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए। उन्होंने युवाओं से इस योजना का लाभ उठाने के लिए आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि नौकरी चाहने वालों के स्थान पर नौकरी प्रदाता बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने समाज के हर वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत लगभग 8.75 लाख किसानों के खाते में लगभग 180 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च से जून माह तक प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 1000 रुपये प्रति माह की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। उन्होंने कहा कि जुलाई और अगस्त माह के लिए प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को प्रति माह 2 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
2020 का वर्ष राहु का है जिसका योग 4 बनता है। ज्योतिष में राहु अस्थिरता, आक्समिकता, रहस्यात्मक, अप्रत्याशित घटनाओं,धोखा, अस्त्विहीन, अपराध, संक्रमण, अचानक मृत्यु, ऐसी बीमारी जिसका सिरा न हो, गलत प्रवृतियां, विदेश यात्रा, कंप्यूटर, संचार क्रांति , एकाएक परिवर्तन आदि का परिचायक है। आपने देखा कि 2020 लगते ही कोरोना ने पूरे विश्व को डस लिया, ऐसी रहस्यात्मक बीमारी जिसका पता न लगे, ऐसे अपराध जो रहस्यों की गुत्थी बनकर उलझते जाएं, मानव की जीवन शैली में एकाएक परिवर्तन, खाने से लेकर पढ़ाई तक सब कुछ ऑनलाइन हो जाना, भारतीयों का विदेश से उल्टे वापस लौटना अर्थात सब कुछ उल्टा पुल्टा। यहां तक कि मनुष्य मंदिर तक में भगवान के न दर्शन कर सके न पूजा अर्चना। बात यहीं नहीं रुकती, इस बार चतुर्मास पूरे पांच मास का हो गया। लीप वर्ष के कारण अधिक मास दो मास का हो गया। जहां श्राद्ध समाप्ति के अगले दिन नवरात्र आरंभ हो जाते थे , इस बार लगभग एक मास के अंतराल के बाद होंगे। हालांकि यह 160 साल बाद ऐसा हो रहा है यानी 2020 में सब कुछ बदला बदला। श्राद्ध 1 सितंबर से 17 सितंबर इस साल श्राद्ध 1 सितंबर से शुरू होंगे और 17 सितंबर को समाप्त होंगे। इसके अगले दिन 18 सितंबर से अधिकमास शुरू हो जाएगा, जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। वहीं नवरात्रि का पावन पर्व 17 अक्टूबर से शुरू होगा और 25 अक्टूबर को समाप्त होगा। वहीं चतुर्मास देवउठनी के दिन 25 नवंबर को समाप्त होंगे। पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके तर्पण के निमित्त श्राद्ध किया जाता है। यहां श्राद्ध का अर्थ श्रद्धा पूर्वक अपने पितरों के प्रति सम्मान प्रगट करने से है। श्राद्ध पक्ष अपने पूर्वजों को जो इस धरती पर नहीं है एक विशेष समय में 15 दिनों की अवधि तक सम्मान दिया जाता है, इस अवधि को पितृ पक्ष अर्थात श्राद्ध पक्ष कहते हैं। हिंदू धर्म में श्राद्ध का विशेष महत्व होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य का प्रवेश कन्या राशि में होता है तो, उसी दौरान पितृ पक्ष मनाया जाता है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष में तर्पण और पिंडदान को सर्वोत्तम माना गया है। पितृ पक्ष 2020 प्रारंभ और समाप्ति तिथि पितृ पक्ष प्रारंभ तिथि- 1 सितंबर 2020 पितृ पक्ष समाप्ति तिथि -17 सितंबर 2020 पहला श्राद्ध (पूर्णिमा श्राद्ध) – 1 सितंबर दूसरा श्राद्ध -2 सितंबर तीसरा श्राद्ध -3 सितंबर चौथा श्राद्ध -4 सितंबर पांचवा श्राद्ध -5 सितंबर छठा श्राद्ध - 6 सितंबर सांतवा श्राद्ध -7 सितंबर आंठवा श्राद्ध -8 सितंबर नवां श्राद्ध- 9 सितंबर दसवां श्राद्ध -10 सितंबर ग्यारहवां श्राद्ध -11 सितंबर बारहवां श्राद्ध-12 सितंबर तेरहवां श्राद्ध -13 सितंबर चौदहवां श्राद्ध -14 सितंबर पंद्रहवां श्राद्ध –15 सितंबर सौलवां श्राद्ध - 16 सितंबर सत्रहवां श्राद्ध -17 सितंबर (सर्वपितृ अमावस्या) नवरात्र, इस साल पूरे एक मास बाद आरंभ होंगे नवरात्र, ये तिथियां आप अपनी सुविधा और प्लानिंग के लिए नोट कर सकते हैं। नवरात्रि दिन 1: प्रतिपदा माँ शैलपुत्री पूजा घटस्थापना 17 अक्टूबर (शनिवार) नवरात्रि दिन 2: द्वितीया माँ ब्रह्मचारिणी पूजा 18 अक्टूबर (रविवार) नवरात्रि दिन 3: तृतीय माँ चंद्रघंटा पूजा 19 अक्टूबर (सोमवार) नवरात्रि दिन 4: चतुर्थी माँ कुष्मांडा पूजा 20 अक्टूबर (मंगलवार) नवरात्रि दिन 5: पंचमी माँ स्कंदमाता पूजा 21 अक्टूबर (बुधवार) नवरात्रि दिन 6: षष्ठी माँ कात्यायनी पूजा 22 अक्टूबर (गुरुवार) नवरात्रि दिन 7: सप्तमी माँ कालरात्रि पूजा 23 अक्टूबर (शुक्रवार) नवरात्रि दिन 8: अष्टमी माँ महागौरी दुर्गा महा नवमी पूजा दुर्गा महा अष्टमी पूजा 24 अक्टूबर (शनिवार) नवरात्रि दिन 9: नवमी माँ सिद्धिदात्री नवरात्रि पारणा विजय दशमी 25 अक्टूबर (रविवार) नवरात्रि दिन 10: दशमी दुर्गा विसर्जन 26 अक्टूबर (सोमवार)
अर्की पुलिस ने दस वर्ष पूर्व के एक मामले में दोषी पाए गए तथा दो वर्ष पूर्व अर्की न्यायालय द्वारा उदघोषित अपराधी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि ग्राम पंचायत पलोग के मानण गांव में स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति को घेर रखा है जोकि अकसर चोरी की वारदातों में संलिप्त रहता है। मुख्य आरक्षी परमेश कुमार अपनी टीम के सदस्यों रमेश शर्मा व रविन्द्र कंवर के साथ जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि उक्त व्यक्ति को लोगों ने पकड़ रखा था। उस व्यक्ति की टांगों में चोट लगी थी तथा खून निकल रहा था। डीएसपी प्रताप सिंह ठाकुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी हेमंत उर्फ राजू पुत्र जगदीश गांव नेर डा.मांजू को गिरफतार कर आगे की कारवाई शुर कर दी गई है।
बारहवीं बोर्ड की परीक्षाओं में हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की लापरवाही सामने आई है। बोर्ड की गलती का खमियाजा मेधावी परीक्षार्थियों को उठाना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत कंधर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांगल में सामने आया है। यहां बारहवीं की परीक्षा देने वाली पूनम के पिता प्रेम लाल ने बताया कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड की लापरवाही की वजह से उनकी होनहार बेटी को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पूनम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांगल से बाहरवीं की परीक्षा दी थी जिसका परीक्षा परिणाम निकलने पर उसने 474 अंक प्राप्त किए। पूनम इन अंकों पर संतुष्ट नही हुई और सभी पेपरों में मूल्यांकन के लिए आवदेन किया। अब उसका परिणाम आने पर अर्थशास्त्र में 2, अंगेजी में 5, बिज़नेस स्टडी में 2 अंक बढ़ाए गए हैं। अब पूनम प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुँच गई। प्रदेश में पूनम ने तीसरे स्थान पर आने पर विद्यालय प्रधानाचार्य मांगल सुरेन्द्र कुमार, पंचायत प्रधान मांगल दीप चंद शर्मा, उपप्रधान श्याम लाल, प्रेम लाल, चौहान कृष्णा, पूनम के अभिभावकों, विद्यालय परिवार सहित ग्रामीणों ने बधाई दी है।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2020-21 शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। एमएससी/ एमबीए (एग्रीबिजनेस), एमबीए जनरल और पीएचडी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। एमएससी औद्यानिकी में एंटोमोलॉजी, फ्लोरिकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर, फूड टेक्नोलॉजी, फ्रूट साइंस, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्पाइस, प्लांटेशन और ऍरोमैटिक प्लांट्स और सब्जी विज्ञान जैसे विषयों में एसएससी की जा सकती हैं। वानिकी में छात्र कृषि अर्थशास्त्र, एग्रोफोरेस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण प्रबंधन, वन आनुवंशिक संसाधन, औषधीय और सुगंधित पौधे, माइक्रोबायोलॉजी, सिल्विकल्चर, मिट्टी विज्ञान, सांख्यिकी और लकड़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एमएससी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कोरोना संक्रमण के मामलों में अर्की क्षेत्र के कुछ इलाकों व सबसे ज्यादा मामले दाड़लाघाट में आए हैं। एक साथ ही 15 कोरोना पॉजिटिव के मामले आने के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया है। कोरोना के संक्रमणों में दाड़लाघाट से तीन, दसेरन से एक, कंसवाला से एक, सेर गलोटिया से एक, चंडी कशलोग से पांच, भूमती से एक व शालाघाट कोठी से तीन मामले आए हैं। जानकारी के मुताबिक दाड़लाघाट से आए मामलों में तीन व्यक्ति थाना दाड़लाघाट में कार्यरत है। इन व्यक्तियों में दो व्यक्ति गृह रक्षक व एक सफाई कर्मचारी है। उक्त तीनों व्यक्तियों की कोई हिस्ट्री नही है। इन व्यक्तियों के टेस्ट एहतियात के तौर में करवाये गए थे, लेकिन रिपार्ट आने के बाद इन व्यक्तियों की रिपार्ट पॉजिटिव आई है। इसी के साथ कंसवाला से भी एक मामला सामने आया है, ये मामला कंसवाला गांव के दो व्यक्तियों का एक सप्ताह पूर्व कोरोना पॉजिटिव आया था जिनकी ट्रेवल हिस्ट्री पीजीआई चंडीगढ़ थी, इनके परिवार का एक व्यक्ति पॉजिटिव आया है। वहीं 5 पांच मामले चंडी कशलोग के है, इन पांचो व्यक्तियों की ट्रेवल हिस्ट्री बिहार से बताई जा रही है और यह पांचों व्यक्ति होम क्वारंटाइन थे। एक अन्य मामलो में सेर गलोटिया से भी एक व्यक्ति पॉजिटिव आया है इसकी ट्रेवल हिस्ट्री जम्मू बताई जा रही है। उक्त व्यक्ति अपने घर मे होम क्वारंटाइन था।शालाघाट कोठी से भी एक ही परिवार के तीन सदस्य पॉजिटिव आए है, इनकी ट्रेवल हिस्ट्री चेन्नई बताई जा रही है, उक्त परिवार के सदस्य अपने घर मे होम क्वारंटाइन थे। अन्य दो मामलो में दसेरन व भूमती से भी सामने आया है। इस प्रकार 15 लोगों के एक साथ कोरोना पॉजिटिव आने पर स्वभाविक है कि लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। उधर एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने बताया कि थाने में 3 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव के आये है इसको लेकर थाने को सील कर दिया है जब तक थाने में कार्यरत स्टाफ के टेस्ट नही होते व थाने को सेनिटाइज करने के बाद थाने में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल लोगों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े इसलिए अर्की थाने से दो कर्मचारियों को पंचायत दाड़लाघाट में लगा दिया गया है। लोगों के थाने से सम्बंधित कार्य पंचायत में होते रहेंगे। उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि कोरोना पॉजिटव आए लोगों को कोविड केयर सेंटर बाहवां शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं दाड़लाघाट थाने को बंद कर दिया गया व वहां का कार्यभार बागा थाने को दे दिया गया है। जल्द ही कोरोना संक्रमित क्षेत्रो को सेनेटाइज करवा दिया जाएगा।
प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सोलन के बद्दी से एक और कोरोना संक्रमित की मौत का मामला सामने आया है। बद्दी की रहने वाली 75 साल की एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी जिसे गुरुवार रात आईजीएमसी शिमला में गंभीर हालत में लाया गया था और शनिवार सुबह उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया है। आईजीएमसी के प्रिंसिपल रजनीश पठानिया ने महिला की मौत की पुष्टि की है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 25 हो गई है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने जिला के नालागढ़ उपमण्डल में कोविड-19 के दृष्टिगत कुछ क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी निर्देशों तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के अनुरूप लिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल की बद्दी तहसील के भुड के गांव मलकुमाजरा में कोविड-19 पाॅजिटिव मृतक के आवास एवं इसकी परिधि के सौ मीटर के दायरे को एवं मलकूमाजरा गांव में अन्नपूर्णा होटल के सामने मैसर्ज मार्टिन एण्ड ब्राउन बाॅयो साइंसिज को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। उक्त कन्टेनमेंट जोन को पूर्ण रूप से सील करने के आदेश दिए गए हैं। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ ने सूचित किया है कि नालागढ़ उपमण्डल की बद्दी तहसील के भुड के गांव मलकूमाजरा में कोविड-19 लक्षण युक्त पाॅजिटिव रोगी की मृत्यु हो गई है। उक्त मृतक मलकूमाजरा में अन्नपूर्णा होटल के सामने मैसर्ज मार्टिन एण्ड ब्राउन बाॅयो साइंसिज में कार्यरत था। कोविड-19 के संक्रमण को रोकने की दृष्टि से कन्टेनमेंट जोन के सम्बन्ध में आदेश जारी किए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। आदेशों के अनुसार उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार नालागढ़ एवं बद्दी उनके सहायक होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा उक्त क्षेत्र की सैम्पलिंग एवं सभी सैम्पल की परीक्षण रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे। .
पुलिस लाईन में सिफरा इंफ्राटेक कर रही है सड़क का निर्माण - कोविड जंग के बीच कोरोना योद्धाओं के लिए कंपनी ने बढ़ाया हाथ - 5 मीटर चौड़ी, 240 मीटर लंबी कर्व स्टोन जीएसवी गे्रड-2 मैटल रोड़ का होगा निर्माण - समाजिक गतिविधियों के तहत विभिन्न पंचायतों में सिफरा ने किए हैं विकास कार्य बीबीएन, 21 अगस्त जिला पुलिस बद्दी के तहत किशनपुरा में निर्माणाधीन पुलिस लाईन में सड़क निर्माण के लिए बीबीएन में कार्यरत सिफरा इंफ्राटेक मिनिरलस प्राईवेट लिमिटेड ने कदम बढ़ाया है। सिफरा इंफ्राटेक सीएसआर एक्टिविटी के तहत पुलिस लाईन में 5 मीटर चौड़ी और 240 मीटर लंबी कर्व स्टोन जीएसवी ग्रेड-2 सड़क का निर्माण कर रही है जिसका 70 फिसदी कार्य पूरा हो चुका है। लाखों की लागत से बनने वाली इस सड़क काम निरंजन दास कांट्रेक्टर द्वारा किया जा रहा है। गौरतलब है कि जिला पुलिस बद्दी के तहत किशनपुरा में पुलिस लाईन का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है, जहां एक प्रशासनिक भवन के साथ साथ पुलिस जवानों के रहने के लिए रिहायशी भवनों का निर्माण किया जा रहा है। प्रशासनिक भवन और रिहायशी मकानों के साथ साथ पुलिस लाईन में एक स्टेडियम भी तैयार किया गया है। इस भव्य पुलिस लाईन में 5 मीटर चौड़ी और 240 मीटर लंबी कर्व स्टोन जीएसवी गे्रड-2 मैटल रोड़ का निर्माण सिफरा इंफ्राटेक द्वारा करवाया जा रहा है। सिफरा इंफ्राटेक मिनिरलस प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मनप्रीत सिंह ने बताया कि करोना की इस मुश्किल जंग में जहां हर वर्ग समस्या से जूझ रहा है वहीं सरकार भी परेशान है। ऐसे में सरकार और पुलिस की मदद के लिए सिफरा इंफ्राटेक ने अपनी समाजिक जिम्मेदारी के तहत सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। सिफरा इंफ्राटेक सदैव अपनी समाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करती है और दून व नालागढ़ के विभिन्न पंचायतों में कंपनी ने अपना समाजिक दायित्व निभाया है। सिफरा इंफ्राटेक आगे भी क्षेत्र के विकास में अपना योगदान देती रहेगी। मनप्रीत सिंह ने बताया कि सड़क का 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और मौसम साफ होते ही तारकोल डालने का काम पूरा करवा दिया जाएगा। ---- ब्यान : पुलिस लाईन किशनपुरा में सिफरा इंफ्राटेक मिनिरलस प्राईवेट लिमिटेड ने निशुल्क सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। सिफरा इंफ्राटेक ने अपनी समाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए पुलिस विभाग का सहयोग किया है। जिला पुलिस अन्य संस्थाओं से भी अपील करती है कि वह अपनी सीएसआर गतिविधियों के तहत क्षेत्र के विकास में योगदान दें। जिला पुलिस बद्दी सड़क निर्माण में सहयोग के लिए सिफरा इंफ्राटेक को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित करेगी। ---- रोहित मालपानी, एसपी, पुलिस जिला बद्दी। फोटो कैप्शन: 31 बद्दी 1 : पुलिस लाईन किशनपुरा में निर्माणाधीन सड़क जिसका निर्माण सिफरा इंफ्राटेक द्वारा करवाया जा रहा है।
जवाहर नवोदय विद्यालय बनिया देवी, कुनिहार, जिला सोलन, के लिए कक्ष ग्यारहवीं के एचटी (hospitality and tourism) वर्ग में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र नि-शुल्क भरे जा रहे हैं। आवेदन पत्र www.navodaya.gov.in एवं nvsadmissionclasseleven.in पर दिनांक 13.08.2020 से 31.08.2020 तक भेज सकते हैं। सोलन जिला के दसवीं उत्तीर्ण कर चुके छात्र छात्राएं आवेदन कर सकते हैं।
इंदिरा गांधी महिला कल्याण समिति बागा (मांगल) की उपाध्यक्ष लता चौहान की अध्यक्षता में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर पुष्पांजलि श्रद्धा सुमन अर्पित की। समिति महासचिव सुरेंद्रा पंवर ने स्वर्गीय राजीव गांधी कि पुण्यतिथि पर कहा कि राजीव गांधी ने भारत को मजबूत स्वरूप आत्मनिर्भर और दुनिया के सभी देशों में से प्रथम में लाना और मानव जाति की सेवा करना व राजीव गांधी ने देश में कई सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके कार्यकाल में हुए विकास के लिए सदैव कृतज्ञ रहेगा। इस मौके पर समिति महासचिव सुरेंद्रा पंवर,सचिव सरला चौहान,कोषाध्यक्ष सुमित्रा चौहान,रीना पंवर ने पुष्पांजलि अर्पित की।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 76वीं जयंती पर पर्वतीय महिला मंडल सरयांज ने उन्हें याद कर पौधरोपण कार्यक्रम किया। महिला मण्डल व स्थानीय कांग्रेसियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर प्रदेश कॉंग्रेस कमेटी के महासचिव व पूर्व में रहे पार्टी प्रत्याशी संजय अवस्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर संजय अवस्थी ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश के युवाओं को 18 वर्ष की उम्र में मतदान का अधिकार व पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार देने, महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण काम किए। भारत में संचार क्रांति के जनक के रूप में उनको जाना जाता है। इस अवसर पर संजय अवस्थी द्वारा उपस्थित सभी महिला मंडल सदस्यों, स्थानीय लोगों व मार्केट में जाकर मास्क व सेनिटाइजर बांटे।इस अवसर पर 50 पौधे सरयांज में गार्ड हट के नजदीक रोपे गए। पर्वतीय महिला मंडल प्रधान नीलम सोनी,सचिव गीता,उप प्रधान सावित्री,लता गुप्ता,अनिता, निशा,रीता,पंचायत समिति कुनिहार के पूर्व उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर,विजय ठाकुर,शंकर,प्रकाश, जगदीश,प्रेम केशव,जय सिंह,नरेश,हेमंत वर्मा,रोशन वर्मा,मुकुल पाल,दिनेश,दाड़लाघाट पंचायत के पूर्व उप प्रधान राजेश गुप्ता सहित अन्य इस दौरान मौजूद रहे।
भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए "प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना" चलाई गई है। इससे प्रदेश के किसानों को बहुत लाभ होगा और किसान अपनी आय दुगनी करने में सक्षम होंगे। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 80 फीसदी लोग कृषि व बागवानी से जुड़े है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से किसानों और कृषि सम्बन्धी जो योजनाएं है उन्हें ग्रामीण स्तर पर पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। किसान मोर्चों के जो भी प्रहरी होंगे, इसके लिये उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। सरकार कृषि को ध्यान में रखकर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। आत्मनिर्भर भारत योजना में भी कृषि और किसानों को प्राथमिकता दी गयी है। प्रदेश में कृषि को मनरेगा से भी जोड़ा गया है। किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिये अलग से बजट का प्रावधान रखा गया है। कृषि को बढ़ावा देने के लिए जहां सरकार कार्य कर रही है, वहीं किसान मोर्चा किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने के लिये कार्य करेगा। प्राकृतिक खेती करने के लिए जो योजना हिमाचल सरकार द्वारा चलाई गई है , उसके लिये जिला किसान मोर्चा सोलन प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बहुत बहुत आभार व धन्यवाद करता है। प्रदेश में जो भी कृषि क्षेत्र में शोधकार्य चल रहे है उसका लाभ भी किसानों को मिले , यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।
कुनिहार जनपद सहित आसपास की पंचायतों के अधिकांश लोगों का कृषि व पशुपालन मुख्य पेशा है। ज्यादातर किसान टमाटर,शिमला मिर्च,करेला,तोरी,घीया,बैंगन व धनियां आदि नगदी फसलें उगा कर परिवार का पालन पोषण करते है।जाबल झमरोट,देलगी ,आंजी सहित कई गांवों में इस बार बरसात के दौरान होने वाली टमाटर की फसल खराब हो रही है। टमाटर में सड़न रोग बहुत ज्यादा हो रहा है व इस वर्ष किसानों को एक नई बीमारी से झूझना पड़ रहा है। वीरेंद्र वर्मा,तेग राम वर्मा,हेमराज,विक्रम सिंह,मानक चन्द,रमेश आदि किसानों ने बताया कि पहले टमाटर का पूरा गुच्छा पीला हो रहा है व उसपे जलने का दाग पड़ रहा है।तीन चार महीनों की कड़ी मेहनत के बाद आज जब टमाटर की फसल तैयार थी तो इस बीमारी के कारण अधिकतर टमाटर को नाले में फेंकना पड़ रहा है। किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार एक ऐसी किसान ऐप बनाए जिससे किसान सीधे विशषज्ञों से जुड़े व अपनी समस्या का हल कर सके। वन्ही, जब किसानों की इस समस्या के बारे में कृषि विभाग कुनिहार कार्यालय के विषयवाद विशेषज्ञ मनोज शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी टमाटर की फसल को इस बीमारी से बचाने के लिए कुछ सावधानियां अपनानी होगी।किसान टमाटर के पौधे से करीब 1 फुट तक के सभी पतियों को निकाल ले व उन्हें अपने खेतों से दूर ले जाकर दबा दे।साथ ही खेतो में पानी की निकासी करे व एटोमिल की स्प्रे करे।किसान इस तरह की सावधानियां अपना कर टमाटर की फसल को इस रोग से बचा सकते है।
सोशल मीडिया प्रभारी ब्लॉक कांग्रेस अर्की चौहान कृष्णा की अध्यक्षता में बागा में आधुनिक भारत के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर पुष्पांजलि और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान चौहान कृष्णा ने कहा कि एक ऐसे जननायक जिन्होंने नागरिकों के बीच एक आशा का संचार किया और विश्व के अग्रणी देशों में स्थापित किया। आज भारत के आईटी सेक्टर में सबसे आगे होने में स्वर्गीय राजीव गांधी का अतुलनीय योगदान रहा है। इस विशेष मौके पर एससी एसटी शैल अर्की के उपाध्यक्ष राकेश चौहान,मांगल युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह चौहान,मांगल युवा कांग्रेस मीडिया प्रभारी सुनील चौहान,युवा कांग्रेस सदस्य रूप लाल,बालकराम बिट्टू और चेतराम शर्मा उपस्थित रहे।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आज यहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सद्भावना दिवस के अवसर पर शपथ दिलवाई। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की आज 76वीं जयन्ती है। इस दिवस को सद्भावना दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है। सद्भावना दिवस का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रोत्साहित करना है। केसी चमन ने इस अवसर पर देश की भावनात्मक एकता तथा सद्भावना के लिए कार्य करने एवं सभी प्रकार के मतभेद बातचीत और संवैधानिक माध्यमों से सुलझाने की शपथ दिलवाई।कोविड-19 के दृष्टिगत सोशल डिस्टेन्सिग बनाए रखने के लिए उपायुक्त कार्यालय की समस्त शाखाओं में पृथक रूप से सद्भावना दिवस के अवसर पर कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, जिला सूचना अधिकारी संजीव शर्मा सहित जिला के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने जिला के नालागढ़ उपमण्डल में कोविड-19 के दृष्टिगत कुछ क्षेत्रों को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी निर्देशों तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के अनुरूप लिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल के शिवालिक नालागढ़, झाड़माजरी बद्दी में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी का आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जिला दण्डाधिकारी ने बद्दी स्थित हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी फेज-1 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी स्थित हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी फेज-2 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी तहसील के गांव मलकूमाजरा में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी तहसील के कडूआणा गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी तहसील के थाना गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, बद्दी तहसील के गुल्लरवाला गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों तथा बद्दी तहसील के चक्कां गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। इन आदेशों के अनुसार तहसील बद्दी के गांव बरोटीवाला के वार्ड नम्बर 3 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, नालागढ़ तहसील के गांव ढांग उपरली में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, ग्राम पंचायत खेड़ा के निचला खेड़ा एवं खेड़ा नेनोवाल में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों के आवासों तथा इन आवासों के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, नालागढ़ तहसील के राजपुरा के गांव रगुवाल में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों, न्यू नालागढ़ (गांव घोघड़वाल) में शनिदेव मंदिर के समीप फेज-2 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों तथा नालागढ़ के वार्ड नम्बर 7 में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास एवं इस आवास के दोनों ओर स्थित 02 आवासों को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जिला दण्डाधिकारी ने खेड़ा गांव में मैसर्ज म्यूनिक्स(इंडिया) प्राईवेट लिमिटिड के पूर्ण फैक्टरी परिसर को भी सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। उक्त सभी सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन की सीमाओं को पूर्ण रूप से सील करने के आदेश दिए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा।आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। आदेशों के अनुसार उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार नालागढ़ एवं बद्दी उनके सहायक होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा उक्त क्षेत्र की सैम्पलिंग एवं सभी सैम्पल की परीक्षण रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।
कुनिहार विकास सभा की एक अहम बैठक प्रधान धनीराम तनवर की अध्यक्षता में कुनिहार पँचायत के तालाब सभागार में आयोजित हुई। बैठक में कार्यकारिणी के सदस्य गोपाल पंवर ,दिपराम ठाकुर ,ज्ञान ठाकुर, राजिंदर कंवर ,विनोद जोशी, बलबीर चौधरी, ओमप्रकाश, इंद्र ठाकुर बाबूराम तनवर, प्रेम चौधरी व तीनो पंचायतों कोठी,कुनिहार व हाटकोट के लोग मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने कुनिहार की तीनो पंचायतों के विकास बारे चर्चा की, जिसमें कुनिहार को नगर पंचायत बनाने की मांग पर सभी ने विरोध कर अपनी असहमति जताई। इस बैठक मे प्रस्ताव पारित करके कुछ दिनों पहले प्रधान धनीराम तनवर व सभा के सदस्यों ने प्रैस द्वारा मांग उठाई थी कि कुनिहार को नगर पंचायत नहीं बनाया जाए क्यूंकि गांव निवासियों के अधिकार समाप्त हो जायेंगे व हर प्रकार से नुकसान होगा जैसे बिना इजाजत के किसी मकान का निर्माण कार्य व किसी भी मकान में बदलाव नहीं कर सकते। जनता को भारी टैक्स देने पड़ेंगे। सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त नहीं होंगे जबकि पंचायतों को हर विकास कार्य के लिए सरकार से पैसा मिलता है। इन कारणों से सोलन की 8 पंचायतों के लोग और बद्दी ,नालागढ़ के सभी पंचायतों के हजारों लोगों द्वारा अपने इलाके को नगर निगम बनाने का भारी विरोध कर रहे हैं। सभा ने पहले के प्रैस नोट में भी लिखा था कि अगर हाटकोट के लोगों की मांग हो तो उस पंचायत को नगर पंचायत बनाने में हमारा कोई ऐतराज नहीं है मगर हाटकोट पचयात के सदस्यों ने भी नगर पंचायत बनाने का विरोध किया की वह 3,4 लोगों के कहने से नगर पंचायत नहीं बनने देंगे। कार्यकारिणी की सहमति से संजय राघव को सभा का प्रचार सचिव एवं ओमप्रकाश ठाकुर को सभा का सलाहकार नियुक्त किया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट में डॉ वाई एस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, हिमाचल प्रदेश में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाला सरकारी विश्वविद्यालय बन गया है। इस रैंकिंग में नौणी विश्वविद्यालय को देश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों की श्रेणी में ’बैंड ए’ (6 से 25 रैंक) में रखा गया है। राज्य के किसी अन्य सरकारी विश्वविद्यालय को इस सूची में जगह नहीं मिली है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने मुख्य रूप से नवाचार से संबंधित संकेतकों पर शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों को व्यवस्थित रूप से रैंक करने के लिए अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट शुरू की है। पहली रैंकिंग वर्ष 2019 में जारी की गई थी। अटल रैंकिंग उन सभी प्रमुख संकेतकों के आधार पर रैंकिंग करता है जो आमतौर पर दुनिया में सबसे नवीन शिक्षा संस्थानों / विश्वविद्यालयों को रैंक करने के लिए विश्व स्तर पर उपयोग किए जाते हैं। इस साल रैंकिंग छह श्रेणियों में की गई है। अटल रैंकिंग मुख्य रूप से छह मुख्य मापदंडों पर केंद्रित है जिसमें आईपीआर, नवाचार, स्टार्ट-अप और उद्यमिता पर कार्यक्रम और गतिविधियां; प्री इन्क्यूबेशन, इन्क्यूबेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं का समर्थन; गतिविधियों को बढ़ावा देने और समर्थन करने पर वार्षिक बजट खर्च; नवाचार, आईपीआर और उद्यमिता विकास पर पाठ्यक्रम; बौद्धिक संपदा (आईपी), प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण; सफल नवाचार और स्टार्ट-अप और फंडिंग नवाचार और स्टार्ट-अप जैसे संकेतक शामिल है। इस अवसर पर है विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने कहा कि देश के शीर्ष 25 (बैंड ए) सरकारी विश्वविद्यालयों में स्थान पाना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। विश्वविद्यालय ने छात्रों और किसानों के कौशल विकास और उद्यमशीलता को विकसित करने, और कृषि-बागवानी क्षेत्र में स्टार्टअप की दिशा में कई पहल की हैं। विश्वविद्यालय, विकसित प्रौद्योगिकी को राज्य के उद्यमियों को हस्तांतरण करने में भी सफल रहा है। विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को इस रैंक का श्रेय देते हुए डॉ कौशल ने कहा कि विवि के लिए बैंड ए में रैंकिंग आना अत्यधिक उत्साहजनक है। विश्वविद्यालय भविष्य में रैंकिंग में सुधार करने के लिए सभी मापदंडों में सुधार करने के लिए इस वर्ष की रैंकिंग एक प्रेरणा है।
वर्ष 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अनुराग चन्द्र शर्मा ने आज अतिरिक्त उपायुक्त उपायुक्त सोलन का कार्यभार सम्भाला। अनुराग चन्द्र शर्मा ने पदभार सम्भालने के उपरान्त कहा कि प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे सोलन जिला में उपायुक्त के निर्देशानुसार कार्य करना और विकास की गति में आशातीत वृद्धि करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि वे कोविड-19 के दौरान जिला में किए जा रहे विभिन्न कार्यों को गति प्रदान करने के लिए कार्यरत रहेंगे। अनुराग चन्द्र शर्मा ने तमिलनाडु स्थित वैल्लोर इन्स्टीच्यूट आॅफ टैक्नोलाॅजी से इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटैक किया है। वर्ष 2016 बैच के युवा अधिकारी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के औषध विभाग में सहायक सचिव के रूप में कार्य आरम्भ किया। उन्होंने अपनी परिवीक्षाधीन अवधि जिला चम्बा में पूर्ण की। वे चम्बा जिला के भटियात में सहायक आयुक्त विकास के पद पर कार्यरत रहे। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन के पद पर आने से पूर्व वे कुल्लू में उपमण्डलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। इस अवधि में उन्होंने 40 दिनों तक अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कुल्लू का कार्यभार भी सम्भाला।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 के दृष्टिगत केन्द्र एवं प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का पालन करें और पूर्ण एहतियात बरतें ताकि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव रहे। केसी चमन ने कहा कि गत दिवस जिला के दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी की कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्हांेने लोगों से आग्रह किया कि गत 05 दिवस में दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी से मिलने वाले अथवा उनके सम्पर्क में आए सभी व्यक्ति कोविड-19 प्रोटोकाॅल के दृष्टिगत बचाव सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में दून के विधायक के सम्पर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को खांसी, जुखाम, बुखार अथवा आईएलआई जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो वे स्वतः क्वारेन्टीन हो जाएं और तुरंत समीप के स्वास्थ्य संस्थान अथवा हेल्पलाइन नम्बर 104 तथा दूरभाष नम्बर 221234 पर सम्पर्क करें ताकि उनका कोविड-19 परीक्षण करवाया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि दून के विधायक से मिलने अथवा सम्पर्क में आए जिन व्यक्तियों में बीमारी का कोई लक्षण नहीं है वे भी तुरंत अपने घर पर ही क्वारेन्टीन हो जाएं। केसी चमन ने कहा कि जिला प्रशासन कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए त्वरित कार्यवाही कर रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस संक्रमण के सम्बन्ध में किसी भी तरह के बहकावे में न आएं और सरकार एवं प्रशासन द्वारा उचित माध्यम से जारी की जा रही सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उन्होंने आग्रह किया कि बीमारी के लक्षण पाए जाने पर घबराएं नहीं और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में जारी किए गए निर्देशों का पालन करें।
अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल को आज यहां जिला के विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विदाई दी। विवेक चंदेल को निदेशक तकनीकी शिक्षा के पद पर तैनाती दी गई है। वे लगभग अढ़ाई वर्ष तक सोलन में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त के पद पर तैनात रहे। विवेक चंदेल ने इससे पूर्व उनके स्थान पर नियुक्त सोलन के अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा से भेंट कर उनका स्वागत किया एवं उन्हें सोलन जिला के विषय में प्रशासनिक एवं अन्य जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, खण्ड विकास अधिकारी सोलन ललित दुल्टा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने जिला के नालागढ़ उपमण्डल में कोविड-19 के दृष्टिगत सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी निर्देशों तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के अनुरूप लिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल की बद्दी तहसील के लेही गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास तथा इस आवास तक जाने वाले सम्पर्क मार्ग को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन की सीमाओं को पूर्ण रूप से सील करने के आदेश दिए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।आदेशों के अनुसार उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार बद्दी उनके सहायक होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा उक्त क्षेत्र की सैम्पलिंग एवं सभी सैम्पल की परीक्षण रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।
विवेक चन्देल का कार्य के प्रति समर्पण सभी अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक- के.सी. चमन उपायुक्त सोलन तथा अन्य अधिकारियों ने आज यहां अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चन्देल के स्थानांतरण पर उन्हें विदाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। वर्ष 2004 बैच के प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विवेक चन्देल को निदेशक तकनीकी शिक्षा के पद पर तैनाती दी गई है। विवेक चन्देल ने अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सोलन के रूप में 03 जनवरी, 2018 को कार्यभार सम्भाला था। वे इससे पूर्व प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सेवारत रहे हैं। उपायुक्त के.सी. चमन ने इस अवसर पर कहा कि सोलन में विशेष रूप से कोविड-19 के समय में समाज के गरीब एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए विवेक चन्देल द्वारा कर्मठता के साथ किए गए कार्य को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विवेक चन्देल का कार्य के प्रति समपर्ण सभी अधिकारियों के लिए प्रेेरणादायक रहेगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रितिका, पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. संजीव धीमान, सहायक आयुक्त सोलन भानु गुप्ता, सहायक आयुक्त परवाणु डाॅ. विक्रम नेगी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, जिला राजस्व अधिकारी केशव राम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सनातन धर्म सभा रबौण के संरक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता और ज्योतिष शास्त्र विशेषज्ञ स्वाधीन चन्द्र गौड के अभिनँदन ग्रँथ का विमोचन मंगलवार को डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति डा. परविंदर कौशल द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। इस कार्यक्रम में स्वाधीन चंद्र गौड़, सनातन धर्म सभा रबौण के अध्यक्ष डा. शँकर वशिष्ठ और उपाध्यक्ष डा. प्रेमलाल गौतम, केसी बारिया, पूजा ढिल्लों, मंजुला गौड़, जीएस नेगी, सुरेश शर्मा, प्रवीण ठाकुर एवं आकर्षित उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ कौशल ने स्वाधीन चंद्र गौड़ को उनके सहयोगियों को बधाई दी। सनातन धर्म सभा द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी उन्होनें प्रशंसा की। उन्होनें कहा कि साहित्य समाज में नई प्रेरणा लाता है और इस तरह की साहित्यक रचनाएँ सभी के ज्ञान में वृद्धि करती हैं। स्वाधीन चन्द्र गौड ने पुस्तक के विमोचन पर विश्वविद्यालय एवं कुलपति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डा. शँकर वशिष्ठ और डा. प्रेमलाल गौतम का सम्पादन सहयोग के लिए भी हार्दिक आभार जताया। उन्होंने कहा कि अभिनँदन ग्रँथ छपना एक सपना जिसे उनके सहयोगियों ने साकार कर दिया।


















































