पुलिस पेपर लीक ने लाखों युवाओं की उम्मीदों पर फेरा पानी पेपर लीक कर भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को लगाना चाह रही नौकरी फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व स्क्रीनिंग समिति सदस्य सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले साढ़े चार के शासन में माफिया राज पनपा है। चाहे वह ड्रग, खनन या फिर पेपर लीक माफिया हो। पुलिस पेपर लीक ने लाखों युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेरा है। पौने दो लाख युवा पुलिस भर्ती में शामिल हुए। हमीरपुर जिला में तो भर्ती का परिणाम भी निकल गया। माफिया ने भाजपा सरकार की नाक के नीचे इसे अंजाम दिया है। वह यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारोंं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने ही भर्ती परीक्षा ली, पुलिस के पास से ही पेपर लीक हुआ और अब पुलिस की एसआईटी ही इसकी जांच कर रही है। स्थिति मैं ही चोर, मैं ही कोतवाल वाली है। 2019 में हुई पुलिस भर्ती भी विवादों मेंं रह चुकी है। प्रदेश सरकार ने बावजूद इसके पुलिस भर्ती को फुलप्रूफ बनाने के लिए कोई कदम नहींं उठाए। प्रदेश में 11 लाख बेरोजगार है, उनके लिए सरकार के पास रोजगार की कोई नीति नहीं है। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को किसी न किसी तरीके से सरकारी नौकरी में लगाना चाहती है। पुलिस भर्ती का पेपर लीक भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने सिर्फ सिराज में या फिर अपने, मंत्रियों के रिश्तेदारों, करीबियों को नौकरी देने का काम किया है। बैकडोर से भर्तियां हो रही हैं। कांग्रेस आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बड़े खुलासे करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बताएं कि प्रदेश में साढ़े चार वर्षाें में आम आदमी को कितनी नौकरियां दीं। भाजपा सरकार सभी मोर्चों पर फेल हुई है। चाहे कानून एवं व्यवस्था हो, महंगाई, बेरोजगारी, नशाखोरी व अपराध या फिर विकास का मुद्दा हो। मुख्यमंत्री बताएं कि धर्मशाला विधानसभा के मुख्य गेट पर खालिस्तान के झंडे कैसे लग गए। पुलिस कहां सो रही थी। विधानसभा भवन के बाहर सीसीटीवी कैमरे क्योंं नहीं लगाए गए हैं। चुनाव के समय ही इस तरह की गतिविधियां क्यों होती हैं। सरकार स्पष्टï करे कि सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर किस स्तर पर चूक हुई और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
फर्स्ट वर्डिक्ट।शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए शीघ्र आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए उन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने के लिए जारी किया गया अपना प्रवेश पत्र ही दिखाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में कांस्टेबल पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा रद्द कर दी थी।
दी सुजानपुर टीरा कृषि सहकारी सभा समिति की बैठक और साधारण अधिवेशन सभा के अध्यक्ष रिंकू कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सभा को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के बारे में विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा सभा के किरायेदारों से किराया वसूली करने के लिए शक्ति बरतने के लिए बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया अध्यक्ष रिंकू कुमार ने बताया कि सभा में आय व्यय लाभ हानि को बताए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। असके अलावा सभा के नियमित ऑडिट कराने हेतु ऑडिटर की नियुक्ति करने वाले भी प्रस्ताव पारित किया गया बैठक में वर्ष 2020, 2021 और 2022 के ऑडिट कराने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई।
ब्लॉक कांग्रेस बैजनाथ एवं अग्रणी संगठनों ने पूर्व विधायक किशोरी लाल जी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस भर्ती में हुईधांधली एवं हिमाचल प्रदेश विधानसभा के धर्मशाला परिसर के बाहर खालिस्तान लगाने का विरोध किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार आए दिन युवाओं को रोजगार के नाम पर छल रही है। हाल ही में हुई पुलिस भर्ती में युवाओं के साथ धोखा किया गया है। इससे युवाओं के हाथ निराशा लगी है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आए दिन भाजपा के नेता बताएं कि उनकी मौजूदगी में कैसे विधानसभा परिसर धर्मशाला के बाहर खालिस्तान के झंडे लगा दिए गए। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र जमवाल, मोहिंदर दोहरी, हरी सिंह, रविंद्र राव, रजनीश राधे, टेक चंद कटोच, पृथी करोटी, सुरेश ठाकुर, विकास राणा, सचिन अवस्थी, ईशान पांडव, यशपाल, देश राज, नानक चंद कटोच, लाल चंद, राज कुमार, तेजसव अवस्थी, अर्पित अवस्थी,अमित शर्मा, राजीव राणा, रविंद्र बिट्टू, शशि राणा, महिंदर राणा, अशोक सुगा, प्रह्लाद कटोच, अशोक अवस्थी, अनुज शर्मा, जमना गोयल, चंद्रा, सुमन सयाल आदि मौजूद रहे।
दाड़लाघाट पंचायत से अलग हटकर बनी पंचायत रौडी में इन दिनों जगह जगह सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई है। प्रदेश और केंद्र सरकार स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं।लेकिन इसका असर अभी तक जमीनी स्तर पर देखने को नहीं मिल रहा है।आलम यह है कि पंचायत के गांव रौडी, बटेड के फ्लाई ओवर के समीप,सुल्ली गेट के समीप, ट्रक यार्ड,खाता गांव के रास्ते के समीप में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।बताया कि जगह-जगह गंदगी के ढेर के कारण क्षेत्र में बीमारी फैलने का भी अंदेशा बना है।उन्होंने कहा कि गांव में लगे कूड़े के ढेरों से साफ पता चलता है कि पंचायत सफाई व्यवस्था सुधारने में विफल हो गई है। स्थानीय लोगों में अनूप शर्मा, सुनील, हरीश, दिनेश, करन, मनोज, अमित सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि कूड़े के ढेर ने समस्या का हल करने की मांग उठाई है। जब इस बारे में पंचायत प्रधान रौड़ी रीना शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों के अंदर जल्द ही लोगों को कचरे से राहत मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में आयुष विभाग में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों के 200 पद भरने का निर्णय लिया गया। इनमें से 100 पद सीधी भर्ती के माध्यम से और शेष 100 पद बैचवार आधार पर भरे जाएंगे। बैठक में आयुष विभाग में अनुबंध आधार पर आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के 100 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। इन 100 पदों में से 52 पद सीधी भर्ती के माध्यम से और शेष 48 पदों को बैचवार आधार पर भरा जाएगा। मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिला के खुंडियां में नया विकास खण्ड कार्यालय खोलने और इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर उन्हें भरने का निर्णय लिया। इस विकास खण्ड के अधीन 20 पंचायतें होंगी। मंत्रिमंडल ने पंचायती राज विभाग के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 32 पदों को भरने का निर्णय लिया। बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग में हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के छह पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीण विकास कार्यालय के परियोजना निदेशक के कार्यालय को सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण विकास में विभिन्न श्रेणियों के 25 पदों को भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक पदों के सृजन के साथ मण्डी जिले के धर्मपुर में श्रम मण्डल कार्यालय एवं उप रोजगार कार्यालय खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने उद्यमियों को उद्योग अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए राज्य की बड़ी औद्योगिक इकाइयों को विद्युत शुल्क में रियायत देने का निर्णय लिया है। मंत्रिमण्डल ने अनुबंध पर नियुक्त व्यक्ति, दिहाड़ी श्रमिक/कंटींजेंट वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने और अंशकालिक कामगारों की सेवाओं को दिहाड़ीदार में बदलने के लिए मौजूदा कट ऑफ तिथि 31.03.2022 और 30.09.2022 को तय करने के लिए अपनी कार्योत्तर मंजूरी दी। बैठक में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए कांगड़ा जिले की उप तहसील सुलह में पटवार वृत्त वोडा का पुनर्गठन करते हुए नया पटवार वृत्त सिहोटू बनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सोलन जिले के कंडाघाट, धर्मपुर और कुठाड़ के प्रारंभिक शिक्षा खण्डों से निकालकर नया खंड शिक्षा कार्यालय खोलने का भी निर्णय लिया गया। इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन के साथ उन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंड ने शिक्षा खण्ड औट के गांव रैहन में नया प्राथमिक विद्यालय खोलने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में सिरमौर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर भरापुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इस केंद्र के प्रबंधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के पांच पदों के सृजन और भरने को भी मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए लाहौल-स्पीति जिला के केमो में स्वास्थ्य उप केंद्र और बिलासपुर जिला के जबालियां में स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने का भी निर्णय लिया गया। सिरमौर जिले में पशु औषधालय चाडऩा को पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की गई। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों के सृजन के साथ उन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की। इससे क्षेत्र की पांच से अधिक पंचायतों के लोगों को लाभ होगा। बैठक में कुल्लू जिला के हरिपुर पशु औषधालय को तीन पदों के सृजन के साथ पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। इससे क्षेत्र की आठ पंचायतों को लाभ होगा। बैठक में सिरमौर जिला की नाहन विधानसभा क्षेत्र के देवका पुडल्ला, कियारी और संभालका गांवों में आवश्यक पदों के सृजन के साथ पशु औषधालय खोलने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में शिमला जिला में पशु औषधालय पुलवाहल को पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने का भी निर्णय लिया गया। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों के सृजन व इन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। इससे क्षेत्र की तीन से अधिक पंचायतों के लोगों को सुविधा प्राप्त होगी। मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला के केओलीेधार एवं सहज, कुल्लू जिला के गांव कराड़सू में नये आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रत्येक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र में विभिन्न श्रेणियों के तीन-तीन पदों के सृजन के साथ उन्हें भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में प्रदेश में हिमाचली लोक संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लता मंगेशकर स्मृति पुरस्कार आरम्भ करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने चम्बा जिले के चुवाड़ी में नया लोक निर्माण विभाग का मण्डल खोलने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग में डेजिगनेटड शास्त्री शिक्षकों को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (संस्कृत) के रूप में नामित करने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में क्षेत्र की छात्राओं की सुविधा के लिए मंडी जिला के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू में विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ करने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने जिला सिरमौर के राजकीय उच्च पाठशाला बोहोलियन, नेहरस्वर, टोक्यां, जगला-भूद और बड़थल मधाना और कुल्लू जिला की राजकीय उच्च पाठशाला मलाणा को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला और सिरमौर जिले के राजकीय माध्यमिक पाठशाला, देवका, नालका, कोडेवाला, पन्याली और सत्तार भदोन को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। नव स्तरोन्नत पाठशालाओं के सुचारू प्रबंधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 56 पदों के सृजन और भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने मण्डी जिला के राजकीय उच्च पाठशाला खौली को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, राजकीय माध्यमिक पाठशाला चुलाथाच व योरना और कुल्लू जिला के राजकीय माध्यमिक पाठशाला पिपलेज और सरसारी को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला बिहार और सुजैणी को माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने के साथ विभिन्न श्रेणियों के 27 पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने जिला सिरमौर के नौहराधार में नया राजकीय स्नातक महाविद्यालय खोलने के साथ-साथ इसमें संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 18 पद सृजित कर भरने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने हाल ही में खोले गए सरदार पटेल विश्वविद्यालय मण्डी और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के क्षेत्राधिकार के निर्धारण को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंडी, कांगड़ा, चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिले के 137 महाविद्यालय सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के अन्तर्गत, जबकि शिमला, सिरमौर, सोलन, किन्नौर, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों के 165 महाविद्यालय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के अंतर्गत आएंगे। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुलेहड़ा और धबीड़ी में विज्ञान की कक्षाएं और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोहारली में वाणिज्य कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया ताकि इन क्षेत्रों के छात्रों की सुविधा हो सके। मंत्रिमंडल ने गौ अभ्यारण्य/गौसदनों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को प्रति गाय प्रति माह 500 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये करने का निर्णय लिया।
The juicy and scrumptious watermelon is truly one of summertime’s sweetest treats. With a name like ‘watermelon’, it’s no wonder that eating it on a hot and exhausting day leads to refreshing and hydrating our bodies. Today tiny tots of Sai International school celebrated ‘Watermelon Day’.They communicated the health benefits and were made familiar with the extended vocabulary around the theme. In addition, hygienic ways to consume it were inculcated. It was also quite a sensory experience as they explored the texture, color, seeds, and taste of the fruit. It was all a fun-filled and learning experience for the children. This was a wonderful way of encouraging children to include fruits in their diet that are so essential for growth and health.
कुरियर द्वारा चरस की डिलीवरी के मामले में थाना सदर पुलिस द्वारा सरकाघाट वासी आरोपी दीपक को काबू किया गया था। उसके पास से 64 ग्राम चरस बरामद की गई थी। आरोपी को गिरफ्तार करके उससे गहनता से पूछताछ अमल में लाई गई। कुरियर पार्सलों को भिजवाने वाले मुख्य आरोपी की लोकेशन देहरादून की आ रही थी। इस पर विशेष टीम का गठन करके उपरोक्त व्यक्ति को काबू कर कुल्लू लाया गया। इसकी पहचान नाम व पता अभिषेक पुत्र रविंद्र नाथ वासी पुखराया जिला कानपुर उत्तर प्रदेश उम्र 28 साल के रूप में हुई है। आरोपी अभिषेक को आज अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है।
धर्मशाला स्थित विधानसभा गेट पर खालिस्तानी झंडे लगे मिलने पर प्रदेश की बीजेपी सरकार आम आदमी पार्टी के निशाने पर है। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा हमला करते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी ने कहा कि विधानसभा गेट के बाहर खालिस्तानी झंडे लगे मिलना जयराम की सुस्त और लाचार सरकार का नतीजा है जहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध न होने से देश विरोधी तत्वों ने विधानसभा जैसे महत्त्वपूर्ण और अति संवेदनशील जगह को अपना निशाना बनाया है। इस घटना के बाद प्रदेश के मुखिया जयराम का जो बयान है वह भी बड़ा निंदनीय है। प्रदेश प्रवक्ता आईडी भंडारी ने कहा कि धर्मशाला विधानसभा परिसर में खालिस्तान के पोस्टर लग रहा बहुत ही शर्मनाक और दुखद घटना है इस पर जो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बयान आया है कि दिन के उजाले में देख लेंगे तो यह बहुत ही बचकाना बयान है।
रेडक्रॉस के उद्देश्य के अनुरूप जिला स्तरीय मेले में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी एवं स्वैच्छिक संस्थाओं व खिलाडिय़ों को सम्मिलित कर व्यापकता प्रदान की है। यह विचार आज जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने रामपुर कॉलेज मैदान में आयोजित जिला स्तरीय रेडक्रॉस मेले के समापन अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि मेले में 100 दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित किए गए, जिसमें 32 व्हील चेयर, 38 वाकिंग स्टिक, 11 बैसाखियां, 17 श्रवण यंत्र तथा ब्रिल कैन 2 वितरित की गई। स्कूली छात्राओं को 200 स्वच्छता किट भी वितरित की गई। उन्होंने बताया कि मेले में रक्तदान सेवा परिवार सोसायटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में 40 लोगों ने रक्तदान किया, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में 200 लोगों के स्वास्थ्य जांच तथा 150 लोगों की एचबी जांच और 200 लोगों की शुगर जांच की गई। विभिन्न विकासात्मक, सांस्कृतिक तथा समाज को विभिन्न विषयों के प्रति जागृति को दर्शाती हुई 10 झांकियों में 500 से अधिक कलाकार एवं स्वयंसेवियों ने संदेश सम्प्रेषित किया। उन्होंने बताया कि रस्सा कशी, वॉलीबॉल, मटका फोड़ प्रतियोगिता के साथ-साथ दो दिन में आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों में लगभग 2000 से अधिक खिलाडिय़ों, कलाकारों, स्कूली बच्चों, महिला मण्डलों, स्वयं सहायता समूहों तथा युवक मण्डलों ने भाग लिया। विभिन्न विभागों व स्वयं सहायता समूहों द्वारा 41 स्टॉल मेला मैदान में स्थापित किए गए थे, जिसमें लोगों ने स्थानीय उत्पादों की खरीद के साथ-साथ विभिन्न विभागों की कल्याणकारी नीतियों की जानकारी प्राप्त की। एकीकृत बाल विकास परियोजना के तहत आयोजित बेबी शो, प्रश्नोत्तरी तथा नारा लेखन में बच्चों की भागीदारी भी काफी तादाद में रही। इसके अतिरिक्त हाफ मैराथन, फुल मैराथन तथा अन्य कार्यक्रम में लोगों की सहभागिता अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि रामपुर, रोहडू, चैपाल एवं डोडरा क्वार उपमण्डलों के दूर-दराज क्षेत्रों की स्कूली छात्राओं को स्वच्छता किटों का आबंटन किया गया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने रैफल ड्रॉ भी निकाले। इस अवसर पर हिमको फैड के अध्यक्ष कौल नेगी, हिमफैड निदेशक नरेश चौहान, जिला महासु महामंत्री विजय गुप्ता, महिला मोर्चा अध्यक्ष दिशना भंडारी, पार्षद स्वाति बंसल, कांता नेगी, मनीषा मितल, पंचायत समिति सदस्य नीरा शर्मा, वरिष्ठ नेत्री नीना शर्मा, जूही नायल जस्टिस बोर्ड के सदस्य मनमोहन, उपमण्डलाधिकारी सुरेन्द्र मोहन, जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने रिकांगपिओ बाजार से हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा चलाए गए कौशल रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होने बताया कि इस रथ का मुख्य उद्देश्य जिला किन्नौर के युवाओं को हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा हिमाचल प्रदेश स्किल डिवेल्पमेंट प्रोजेक्ट के तहत 56 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में शॉर्ट टर्मअप स्किलिंग और मल्टी स्किलिंग प्रशिक्षण जिसमें ऑटोमोटिव, कंस्ट्रक्शन, प्लंबिंग, आईटी-आईटीएस, कैपिटल गुड्स, परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर, सौंदर्य, लोहा और इस्पात, मीडिया और मनोरंजन आदि विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण बारे जागरूक करना है। इस अवसर पर ग्रामीण विकास अभिकरण एवं विकास खंड अधिकारी कल्पा के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।
भारत का इतिहास गौरवमयी रहा है। कालांतर में यहां कई शासकों ने शासन किया और अपनी कला, संस्कृति, संस्कारों और परिपाटी की छाप छोड़ी। भारत के इतिहास के संबंध में सभी को जानकारी होनी चाहिए। क्यूंकि इतिहास ही हमें भारत के गौरव के बारे में बता सकता है। इतिहास से ही शिक्षा लेकर हम अपना भविष्य संवार सकते हैं। इसी कड़ी में फर्स्ट वर्डिक्ट निरंतर प्रयासरत है कि पाठकों को लगातार ऐसे स्थानों के बारे में अवगत करवाता रहे जो भारत में स्थापित हैं और अपनी ऐतिहासिक आभा लिए हुए हैं। जैसा कि विदित है कि भारत में मुगलवंश का आरंभ 1526 ईस्वी में हुआ जब बाबर ने पानीपत की लड़ाई में इब्राहिम लोधी को हराया। उसके बाद भारत में मुगलकाल की नींव रखी गई। हालांकि बाबर निर्माण के क्षेत्र में इतना पुरोधा नहीं रहा। उसे एक साम्राज्यवादी की संज्ञा ही दी जाती है। वह अपने शासनकाल में साम्राज्य का ही विस्तार करता गया, मगर निर्माण के क्षेत्र में ज्यादा ध्यान नहीं दे पाया। मगर बाबर के बाद जो शासक आए वह बेहद कला प्रेमी रहे और उन्होंने भरपूर निर्माण भी करवाए। इनमें से अकबर, जहांगीर, शाहजहां का नाम विशेषकर लिया जाता है। आज फर्स्ट वर्डिक्ट अपने सुधी पाठकों को फतेहपुर सीकरी के संबंध में प्रकाश डालेगा। 1571 में अकबर ने बसाया था नगर : माना जाता है कि फतेहपुर सीकरी को मुगल सम्राट अकबर ने सन 1571 में बसाया था। वर्तमान में यह आगरा जिला का एक नगरपालिका बोर्ड है। यह भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है। यह यहां के मुगल साम्राज्य में अकबर के राज्य में 1571 से 1585 तक मुगल साम्राज्य की राजधानी रही फिर इसे खाली कर दिया गया, शायद पानी की कमी के कारण। यह सिकरवार राजपूत राजा की रियासत थी जो बाद में इसके आसपास खेरागढ़ और मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में बस गए। फतेहपुर सीकरी मुसलिम वास्तुकला का सबसे अच्छा उदाहरण है। 54 मीटर ऊंचा बुलंद दरवाजा : फतेहपुर सीकरी मस्जिद के बारे में कहा जाता है कि यह मक्का की मस्जिद की नकल है और इसके डिजाइन हिंदू और पारसी वास्तुशिल्प से लिए गए हैं। मस्जिद का प्रवेश द्वार 54 मीटर ऊंचा बुलंद दरवाजा है, जिसका निर्माण 1573 ईस्वी में किया गया था। मस्जिद के उत्तर में शेख सलीम चिश्ती की दरगाह है जहां नि:संतान महिलाएं दुआ मांगने आती हैं। आंख मिचौली, दीवान-ए-खास, बुलंद दरवाजा, पांच महल, ख्वाबगाह, जौधा बाई का महल,शेख सलीम चिश्ती के पुत्र की दरगाह, शाही मसजिद, अनूप तालाब फतेहपुर सीकरी के प्रमुख स्मारक हैं। बाबर ने हराया था राणा सांगा को : मुगल बादशाह बाबर ने राणा सांगा को सीकरी नामक स्थान पर हराया था, जो कि वर्तमान आगरा से 41 किलोमीटर है। फिर अकबर ने इसे मुख्यालय बनाने हेतु यहां किला बनवाया, परंतु पानी की कमी के कारण राजधानी को आगरा का किला में स्थानांतरित करना पड़ा। आगरा से 37 किलोमीटर दूर फतेहपुर सीकरी का निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने कराया था। एक सफल राजा होने के साथ-साथ वह कलाप्रेमी भी था। 1570-1585 तक फतेहपुर सीकरी मुगल साम्राज्य की राजधानी भी रहा। इस शहर का निर्माण अकबर ने स्वयं अपनी निगरानी में करवाया था। अकबर नि:संतान था। संतान प्राप्ति के सभी उपाय असफल होने पर उसने सूफी संत शेख सलीम चिश्?ती से प्रार्थना की। इसके बाद पुत्र जन्म से खुश और उत्साहित अकबर ने यहां अपनी राजधानी बनाने का निश्चय किया। लेकिन यहां पानी की बहुत कमी थी इसलिए केवल 15 साल बाद ही राजधानी को पुन: आगरा ले जाना पड़ा। फतेहपुर सीकरी में अकबर के समय के अनेक भवनों, प्रासादों तथा राजसभा के भव्य अवशेष आज भी वर्तमान हैं। यहां की सर्वोच्च इमारत बुलंद दरवाजा है, जिसकी ऊंचाई भूमि से 280 फुट है। 52 सीढिय़ों के पश्चात दर्शक दरवाजे के अंदर पहुंचता है। दरवाजे में पुराने जमाने के विशाल किवाड़ लगे हुए हैं। शेख सलीम की मान्यता के लिए अनेक यात्रियों द्वारा किवाड़ों पर लगवाई हुई घोड़े की नालें दिखाई देती हैं। बुलंद दरवाजे को, 1602 ई. में अकबर ने अपनी गुजरात-विजय के स्मारक के रूप में बनवाया था। इसी दरवाजे से होकर शेख की दरगाह में प्रवेश करना होता है। बाईं ओर जामा मस्जिद है और सामने शेख का मज़ार। मजार या समाधि के पास उनके संबंधियों की कब्रें हैं। मस्जिद और मजार के समीप एक घने वृक्ष की छाया में एक छोटा संगमरमर का सरोवर है। मस्जिद में एक स्थान पर एक विचित्र प्रकार का पत्थर लगा है जिसकों थपथपाने से नगाड़े की ध्वनि सी होती है। मस्जिद पर सुंदर नक्काशी है। शेख सलीम की समाधि संगमरमर की बनी है। इसके चतुर्दिक पत्थर के बहुत बारीक काम की सुंदर जाली लगी है जो अनेक आकार प्रकार की बड़ी ही मनमोहक दिखाई पड़ती है। यह जाली कुछ दूर से देखने पर जालीदार श्वेत रेशमी वस्त्र की भांति दिखाई देती है। समाधि के ऊपर मूल्यवान सीप, सींग तथा चंदन का अद्भुत शिल्प है जो 400 वर्ष प्राचीन होते हुए भी सर्वथा नया सा जान पड़ता है। श्वेत पत्थरों में खुदी विविध रंगोंवाली फूलपत्तियां नक्काशी की कला के सर्वोत्कृष्ट उदाहरणों में से हैं। समाधि में एक चंदन का और एक सीप का कटहरा है। इन्हें ढाका के सूबेदार और शेख सलीम के पौत्र नवाब इस्लामख़ाँ ने बनवाया था। जहांगीर ने समाधि की शोभा बढ़ाने के लिए उसे श्वेत संगमरमर का बनवा दिया था यद्यपि अकबर के समय में यह लाल पत्थर की थी। जहांगीर ने समाधि की दीवार पर चित्रकारी भी करवाई। समाधि के कटहरे का लगभग डेढ़ गज खंभा विकृत हो जाने पर 1905 में लॉर्ड कर्जन ने 12 सहस्त्र रुपए की लागत से पुन : बनवाया था। समाधि के किवाड़ आबनूस के बने है।
प्रशासन द्वारा 11 मई को प्रात: 11.00 बजे झरना हाल नजदीक दाड़लाघाट में युवा एवं महिला जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी कार्यकारी उपमण्डलाधिकारी अर्की रमन ठाकुर ने दी। उन्होंने बताया कि 13 मई को भी सामुदायिक भवन नजदीक तालाब कुनिहार में भी इसी प्रकार के जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिला मण्डलों व अन्य को स्वरोजगार सृजन को लेकर विस्तार से जानकारी प्रदान जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दाड़लाघाट में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए नायब तहसीलदार को नोडल अधिकारी जबकि कुनिहार में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए नायब तहसीलदार कुनिहार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल का एक दल वर्तमान में सोलन जिला में विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनिक आपदाओं के समय त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से मैसर्ज वर्धमान टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटिड बद्दी में अभिज्ञता अभ्यास किया। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन जफर इकबाल ने दी। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ का यह दल 2 मई से 16 मई तक सोलन जिला का सघन दौरा कर रहा है। इस दौरान जिला के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित उद्योगों, अस्पतालों, महत्वपूर्ण भवनों, सड़कों और पुलों इत्यादि की पहचान कर वहां आपदा के समय किए जाने वाले कार्यों, उपकरणों एवं भौगोलिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभिज्ञता अभ्यास का उद्देश्य जहां एक ओर सोलन जिला में आपदा के समय त्वरित सहायता का ढांचा तैयार करना है वहीं सभी सम्बन्धित अधिकारियों एवं अन्य को ऐसे समय में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि यह टीम 10 मई को नालागढ़ खरुणी स्थित मैसजऱ् मैकलियोड्स फार्मास्युटिकल लिमिटिड, 11 मई अवस्थी नर्सिंग कॉलेज नालागढ़ तथा नालागढ़ स्थित एचपीसीएल के तेल डिपो, 12 मई केप को फार्मा प्राईवेट लिमिटिड तथा माइक्रो टेक फार्मा प्राइवेट लिमिटिड, 13 मई को कंडाघाट नागरिक अस्पताल तथा इसी दिन एनडीआरएफ की टीम दोपहर बाद उपायुक्त कार्यालय सोलन में जिला प्रशासन के साथ संक्षिप्त रूप से चर्चा करेगी जबकि 16 मई शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटिड दभोटा, बद्दी का दौरा करेगी।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 10 मइ को 11 के.वी. सोलन नम्बर-3 फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी प्रदेश विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण प्रात: 9.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक चेस्टर हिल्स, चम्बा अपार्टमेंट, मोहन पार्क, कांगड़ा-हमीरपुर सभा, अम्बूशा रिज़ॉर्ट एवं आस पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। राहुल वर्मा ने बताया कि इसी प्रकार 11 मई को 11 केवी. सोलन नम्बर-2 फीडर की विद्युत आपूर्ति आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि इस कारण प्रात: 11.00 बजे से सायं 04.00 बजे तक फॉरेस्ट रोड़, नानक विला, भगत पैलेस एवं आस पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति या अन्य परिस्थितियों में निर्धारित समय तथा तिथि में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने इस दौरान असुविधा के लिए लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने विद्यार्थियों के फायदे के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता पत्र हस्ताक्षरित किया है। कुलपति प्रो. एचके चौधरी के मुताबिक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को कृषि में अपना करियर बनाने में सक्षम बनाने के लिए विभिन्न बैंकिंग योजनाओं का मार्गदर्शन और व्याख्या करने के लिए मान्यता कार्यक्रम में एक स्लॉट रखने के लिए बैंक की सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही कैरियर बनाने में मददगार हाइड्रोपोनिक, एक्वापोनिक, फार्म मशीनीकरण, संरक्षित खेती, प्रसंस्करण, मत्स्य पालन, मशरूम की खेती आदि में मददगार होगा। उन्होंने बताया कि बैंक योग्य विद्यार्थियों के लिए नियमों, निर्देशों व शर्तो के चलते वित्तिय मदद के लिए तैयार है जो कृषि के माध्यम से अपना नया कार्य आरंभ करना चाहते है। कुलपति ने कहा कि हिमाचल, हरियाणा और पंजाब जहां पर युवा वर्ग कृषि शिक्षा व्यापक तौर पर ग्रहण कर रहें है उनके लिए यह समझौता ज्ञापन कृषि के विकास में मील पत्थर साबित होगा। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक अनुकूल भटनागर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय और एसबीआई की यह पहल युवाओं को शिक्षा प्राप्त करने के एकदम बाद उनके नए जीवन को आरंभ करने में मददगार होगा। कृषि शिक्षा हासिल करने वाले स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को यह अवसर भी उपलब्ध करवाएगा जिससे वह नौकरी लेने वाले की बजाए नौकरी देने वाले बनेंगें। अगर बैंक आवश्यकता समझेगा तो युवाओं की विश्वविद्यालय प्रोजैक्ट तैयार करने में मदद करेगा। विश्वविद्यालय की तरफ से इस समझौता पत्र पर कृषि विज्ञान महाविद्यालय के डीन डाडीके वत्स और एसबीआई के उप महाप्रबंधक विपन गुप्ता ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान विश्वविद्यालय के संविधिक अधिकारी, बैंक के वरिष्ठ अधिकारी पवन गुप्ता, सतविंद्र सिंह और अंशुमन शर्मा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत परवाणू में लगभग 218 करोड़ रुपये लागत की 20 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।मुख्यमंत्री ने परवाणू में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में जल शक्ति मंडल खोलने, गडख़ल में 20 बिस्तरों की क्षमता वाले उपमंडल आयुर्वेदिक अस्पताल, गम्बरपुल (हरिपुर) में पशु औषधालय, भोजनगर में पशु औषधालय तथा परवाणू में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए 50 बिस्तरों वाले अस्पताल धर्मपुर में तीन चिकित्सक, दो पैरा मेडिकल स्टाफ और छह नर्स के पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही ईएसआई अस्पताल परवाणू में चिक्सिकों के 6 पद सृजित किए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने कोटिनाम्भ सेरी (नेरीकलां), रान, मेहलन गांवों में उप स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने पट्टाबरावरी तथा तिरडो में पटवार वृत्त तथा जाबल जमरोट में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय रौड़ी तथा राजकीय उच्च विद्यालय गनोल को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय माध्यमिक विद्यालय करोल, नेरीकलां, दतियार, गुनाई, चामत भड़ेच को राजकीय उच्च विद्यालयों में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने कसौली विधानसभा क्षेत्र के पांच राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में वाणिज्य संकाय की कक्षाएं आरम्भ करने तथा दो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राथा में अटल आदर्श स्कूल भी स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस चौकी भोजनगर को स्थायी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की सुविधा के लिए गांव क्यारड़ को पटवार वृत्त धर्मपुर में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की दो मुद्रिका बसें संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास के बावजूद कांग्रेस के नेता प्रदेश के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने कांग्रेस पार्टी को सिरे से नकार दिया है तथा आज कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह से पराजय का सामना करना पड़ा तथा उत्तर प्रदेश में पार्टी केवल दो सीटों पर ही सिमट कर रह गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब इस वर्ष नवंबर माह में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आप पार्टी के नेता भी प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके झूठे वादों के बहकावे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य भागों के साथ-साथ परवाणू क्षेत्र का भी समग्र विकास सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल हेल्थकेयर योजना (हिमकेयर) के तहत 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। यह योजना प्रदेश के लोगों विशेषकर गरीबों और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि शगुन योजना के अन्तर्गत बीपीएल परिवारों की बेटियों को शादी के समय 31,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अन्तर्गत राज्य के युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए एक करोड़ रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पात्र वर्गों को इस राशि पर 35 प्रतिशत तक उपदान भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि प्रति माह 125 यूनिट तक की बिजली खपत पर बिजली उपभोक्ताओं से जीरो बिल वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिला यात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत छूट देने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्व नेता के रूप में पहचान बनी है तथा यह भारत के लिए सौभाग्य की बात है कि उनके सशक्त नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के गतिशील नेतृत्व में भारत विश्व गुरू बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले परवाणू के सेक्टर-2 के गेब्रियल सड़क में 75 लाख रुपए की लागत सेस निर्मित पीआईए सदन, बरोटीवाला मंधाला-परवाणू सड़क मार्ग के 11.30 करोड़ रुपए के चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य तथा लोहांजी में 4.30 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित प्री-फेब्रिरीकेटिड क्षेत्रीय कुष्ठ अस्पताल का लोकार्पण किया। उन्होंने परवाणू में ईएसआई अस्पताल के लिए 55 लाख रुपये की लागत से निर्मित ऑक्सीजन संयंत्र, तहसील सोलन की ग्राम पंचायत नेरीकलां और इसके साथ लगते गांवों के लिए 1.27 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ जलापूर्ति योजना स्योथ-कमलोग के संवर्द्धन कार्य तथा बड़ोग में 48 लाख रुपये की लागत से निर्मित 'इन्सपेक्शन हटÓ के अतिरिक्त आवास का लोकार्पण किया। उन्होंने धर्मपुर में सहायक राज्य आबकारी एवं कराधान कार्यालय के लिए 56 लाख रुपये से निर्मित कार्यालय भवन एवं टाइप-2 क्वार्टर तथा तहसील कसौली में पुलिस चौकी गडख़ल में 84 लाख रुपये की लागत से निर्मित टाइप-2 क्वार्टर और 21.70 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होटल न्यू रोस कॉमन कसौली का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शालाघाट-अर्की-कुनिहार-बरोटीवाला सड़क पर गंभर खड्ड पर 5.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित डबललेन फुटपाथयुक्त आर्क पुल, भोजनगर से चक्की का मोड़ सड़क पर कौशल्या खड्ड पर 2.80 करोड़ रुपए की लागत वाले पुल, परवाणू-खडीन-बनासर-भोजनगर सड़क पर कमली खड्ड पर 6 करोड़ रुपये लागत से फुटपाथयुक्त डबललेन पुल, पुलिस थाना धर्मपुर के लिए 90 लाख रुपये लागत से निर्मित होने वाले टाईप-3 आवास, 17.50 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धर्मपुर में 50 बिस्तर क्षमता वाले अतिरिक्त खण्ड, 104.03 करोड़ रुपये की लागत से कसौली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए गिरी नदी से उठाऊ पेयजल योजना, 37.03 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ जलापूर्ति योजना सातियां शिवा, उठाऊ जलापूर्ति योजना गडख़ल लड़ाह, उठाऊ जलापूर्ति योजना सुनाड़ी-आंजी, उठाऊ जलापूर्ति योजना गोरथी, उठाऊ जलापूर्ति योजना सेरी थाना, ग्रेविटी जलापूर्ति योजना कसौली, ग्रेविटी जलापूर्ति योजना जंगेशु, ग्रेविटी जलापूर्ति योजना झंगेड़, उठाऊ जलापूर्ति योजना हुड़ंग कोटला, उठाऊ जलापूर्ति योजना भावगुड़ी, 90 लाख रुपए की लागत से उठाऊ जलापूर्ति योजना उप-मोहाल नरयाला और उप-मोहाल चंदरैणी, 91 लाख रुपये की लागत से उठाऊ जलापूर्ति योजना तरोल और कियारवा सिहारदी के रिमॉडलिंग कार्य का शिलान्यास किया। शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल द्वारा उठाई गई क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र की डबल इंजन सरकारों ने वैश्विक महामारी कोराना के बावजूद राज्य का निर्बाध विकास सुनिश्चित किया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने अपने गृह क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने कोविड महामारी की स्थिति का सफलतापूर्वक सामना किया है और हिमाचल प्रदेश इस महामारी की रोकथाम तथा कोविड टीकाकरण अभियान में देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि कसौली निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए गिरी नदी से 104.03 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली जलापूर्ति योजना, जिसका आज मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया वह क्षेत्र की पानी की समस्या को हल करने में मील पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि कसौली में उपमण्डलाधिकारी कार्यालय भी मुख्यमंत्री की उदारता के कारण ही संभव हुआ है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा डॉ. डेजी ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें पिछले चार वर्षों के दौरान विधानसभा क्षेत्र में चलाए गए विभिन्न विकासात्मक कार्यों के संबंध में जानकारी दी। दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, नालागढ़ के पूर्व विधायक के.एल. ठाकुर, कालका की पूर्व विधायक लतिका शर्मा, एपीएमसी के अध्यक्ष संजीव कश्यप, जल प्रबन्धन बोर्ड के अध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. राजेश कश्यप, भाजपा मण्डलाध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, उपायुक्त कृतिका कुल्हरी सहित अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अतिरिक्त उपायुक्त गन्धर्वा राठौर ने बताया कि समर फेस्टिवल-2022 पुलिस ग्राउंड धर्मशाला में दो जून से चार जून तक करवाया जा रहा है। इस महोत्सव के दौरान शाम दो जून से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें विभिन्न कलाकार जैसे पाश्र्व गायक, हास्य कलाकार, पंजाबी गायक, कव्वाली/सूफी गायन प्रदर्शन आदि आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर एसडीएम शिल्पी वेकता, जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरी सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
कुल्लू मनाली में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। कोरोनाकाल के बाद भी यहां पर्यटन की असीम संभानाएं तराशी जा रही थीं। मगर इस वर्ष घाटी में पर्यटकों की आमद कम आंकी जा रही है। माना यह जा रहा है कि इस साल मई में पर्यटकों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी है। बात स्पष्ट है कि मनाली में पर्यटकों की रूचि घटी है और पर्यटक फिर जम्मू-कश्मीर की ओर रुख करने लगे हैं। लंबे अरसे बाद श्रीनगर में पर्यटकों के लिए हरी झंडी है। इससे साफ जाहिर है मनाली में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है। मगर माना यह जा रहा है कि शायद 15 मई के बाद मनाली में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो। वर्ष 2020 और 2021 में कोरोना संकट के कारण मनाली का पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है। कोरोना के चलते लगी बंदिशों में यहां के पर्यटन कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। इस वर्ष मनाली में अच्छा पर्यटन सीजन होने की उम्मीद की जा रही है। मई से शुरू होने वाला पर्यटन सीजन फिलहाल फीका चल रहा है। इस वर्ष अपेक्षा के अनुरूप पर्यटक मनाली नहीं पहुंच पा रहे। पर्यटन कारोबारियों की मानें तो इस वर्ष लेह-लद्दाख और श्रीनगर के लिए अच्छी बुकिंग है। पर्यटक हवाई सेवा के माध्यम से सीधा श्रीनगर जा रहे हैं, जिससे मनाली में पर्यटकों की संख्या कम दर्ज की जा रही है। होटलियरों की मानें तो मई 2019 के मुकाबले इस बार अप्रैल और मई के प्रथम सप्ताह यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी आई है। होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर का कहना है कि इन दिनों बड़े होटलों की ऑक्यूूपेंसी बहुत कम है। पर्यटक जम्मू-कश्मीर की ओर जा रहे हैं। मई के दूसरे सप्ताह के बाद मनाली के पर्यटन कारोबार में इजाफा होने की उम्मीद है। मनाली के लिए बुकिंग चल रही है। हाई एडवेंचर ट्रेवल कंपनी के संचालक राकेश रावत ने बताया कि इस बार पर्यटक श्रीनगर को तवज्जो दे रहे हैं। बीएस ओक्टा, एजीएम, हिमाचल पर्यटन विकास निगम ने इस संबंध में कहा की फिलहाल मनाली में पर्यटन सीजन यौवन पर नहीं पहुंच पाया है। होटलों की ऑक्यूपेंसी 50 से 60 प्रतिशत तक ही चल रही है। आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार में इजाफा होने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेल्फेयर एसो. दाड़लाघाट एवं नम्होल यूनिट की मासिक बैठक मुख्य सलाहकार कमल ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। यूनिट अध्य्क्ष प्रेम केशव ने बताया कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने बताया पंजाब पे कमीशन के अलावा 5,10,15 प्रतिशत भत्ते को बेसिक पेंशन में सम्मिलित करने बारे सरकार से आग्रह किया गया। इस मांग की आनाकानी से विद्युत परिषद के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी है। प्रेम केशव ने बताया कि बिलासपुर डिवीजन में मेडिकल बिलों का भुगतान न होना आदि केबारे में चर्चा की गई। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा बोर्ड मैनेजमेंट से आग्रह किया गया कि आज तक बोर्ड मैनेजमेंट जो पंजाब पे-कमीशन के तहत जो सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सुविध मिलनी है वह वेबजह रोकी गई है। इस दौरान बैठक में अन्य पहलुओं पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर कमल ठाकुर, प्रेम केशव, जगत ठाकुर, जगन्नाथ, परस राम, सुखराम नड्डा, रमेश,जय राम, जगत, सुहारु राम, जोगिंदर आदि मौजूद रहे।
जंगल में आग बुझाते समय एक व्यक्ति आग की चपेट में आ गया। इस कारण उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार सुभाष चंद पुत्र स्व. बली राम गांव कानो डाकघर नगाली तहसील कंडाघाट जिला सोलन अपने परिवार संग जंगल में लगी आग को बुझा रहा था। अचानक तेज हवा का झौंका आने से वह आग की चपेट में आ गया। उसे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल चायल व आईजीएमसी शिमला व उसके बाद चण्डागढ रैफर कर दिया। मगर उसकी मौत हो गई। इस सन्दर्भ में पुलिस थाना कण्डाघाट में मामला दर्ज किया गया है।
एक व्यक्ति की जहरीला पदार्थ खाने से इलाज के दौरान मौत होने का समाचार प्राप्त हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार थाना अर्की में इस संबंध में सूचना प्राप्त हुई है। मुख्य आरक्षी परमेश कुमार ने बताया कि विनोद कुमार पुत्र स्व. मनसा राम वासी गांव सेरी डाकघर घनागुघाट तहसील अर्की जिला सोलन ने किसी जहरीली चीज का सेवन कर लिया। उसे इलाज के लिए अर्की अस्पताल से आईजीएमसी रैफर कर दिया, मगर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने आज डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयनिकी और वानिकी विश्वविद्यालय (यूएचएफ), नौणी के कुलपति के पद का कार्यभार संभाला। प्रोफेसर चंदेल एक प्रसिद्ध कीटविज्ञानी है और शिक्षा और अनुसंधान में दो दशकों से अधिक समय से कार्य कर रहें हैं। प्रो. चंदेल नौणी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं और इससे पहले विश्वविद्यालय में संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) और वरिष्ठ वैज्ञानिक कीट विज्ञान के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इससे पूर्व, प्रोफेसर चंदेल हिमाचल प्रदेश सरकार की प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक थे। उन्होंने प्राकृतिक खेती को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसे अब राज्य में 1.7 लाख से अधिक किसान अपना चुके हैं। प्रो. चंदेल का विश्वविद्यालय पहुंचने पर शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और समस्त मंत्रिमंडल का कृषि समुदाय की सेवा करने का सुनहरा अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया।
प्रदेश में सरकारी भर्तियों में मिलीभगत से पेपर लीक होना भाजपा सरकार की नाकामी को दिखाता हैं जिसका खामियाजा बेरोजगार युवाओं को भुगतना पड़ रहा हैं। यह बात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने कोटखाई में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले जेओआईटी पेपर लीक का मामला प्रकाश में आया था और अब पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा का पेपर भी लीक हो गया। मोतीलाल डेरटा ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले चार सालों में बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते प्रदेश में 14 लाख से अधिक पंजीकृत बेरोजगार युवाओं की फौज खड़ी हो गई हैं। मोतीलाल डेरटा ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के मामलें देखने को मिल रहे थे जिसमें अब जयराम सरकार भी शामिल हो गई हैं।
प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल से जल उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पेयजल योजनाओं के सुदृढ़ीकरण और जल स्रोतों को लम्बे समय तक कार्यशील बनाए रखने के लिए इस स्त्रोतों को मजबूती प्रदान करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इसके लिए एक विशेष योजना तैयार की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राज्य में सबसे पहले इस योजना को मंडी व कुल्लू जिला में कार्यान्वित किया जाएगा और इसके सार्थक परिणाम आने के पश्चात इसे प्रदेश के बाकि सभी जिलों में लागू किया जाएगा। योजना के अंतर्गत कुल्लू और मंडी जिले के दूर-दराज क्षेत्रों में बहाव पेयजल योजनाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इस योजना के तहत लगभग तीन माह के लिए बहाव पेयजल योजनाओं के जल को एकत्रित किया जाएगा, जिसका उपयोग उस समय किया जाएगा, जब स्रोत में जल की उलब्धता कम होगी। इसमें बिजली का कोई प्रयोग नहीं किया जाएगा। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएलएसएससी) द्वारा 353.57 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना के तहत मंडी जिले के 9 खण्डों की 147 योजनाओं व कुल्लू जिले के 5 खण्डों की 110 योजनाओं में बफर स्टोरेज बना कर सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। मंडी व कुल्लू जिला में योजना की सफलता के पश्चात राज्य के अन्य जिलों में भी इस योजना को कार्यान्वित किया जाएगा, जिससे पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। जल जीवन मिशन के तहत मार्च, 2022 तक भारत सरकार द्वारा राज्य को कुल 2990.10 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई गई है और मिशन के तहत राज्य में 8.42 लाख घरों को नल सेे जल उपलब्ध करवाया गया है। जबकि स्वतंत्रता के बाद पिछले 72 वर्षो में कुल 7.63 लाख घरों को नल प्रदान किए गए। राज्य में कुल 17.28 लाख घरों या परिवारों को नल उपलब्ध करवाए जा चुके है। जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में कुल कवरेज और कार्यक्षमता के संबंध में भारत सरकार द्वारा राज्य के प्रदर्शन की सराहना की गई है। वर्ष 2019-20 में प्रदेश को 57.15 करोड़ और वर्ष 2020-21 में 221.28 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। योजना के कार्यान्वयन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को 750 करोड़ की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी जल शक्ति विभाग प्रयासरत है, जिसके लिए राज्य में 60 प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। जिला स्तर पर स्थापित सभी 14 प्रयोगशालाओं को राष्ट्रीय प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड से (एनएबीएल) मान्यता मिल चुकी है। इसके अलावा 36 उप-मण्डल स्तरीय प्रयोगशालाओं को भी एनएबीएल से मान्यता मिल गई है। प्रदेश की 83 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को एनएबीएल से मान्यता प्राप्त हो चुकी हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। प्रत्येक गांव से पांच महिलाओं का चयन करके उनको फील्ड टैस्ट किट सेे पेयजल जांच का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभी तक 40,090 महिलाओं को यह प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पिछले दो वर्षों के दौरान 61,901 लोगों को जल गुणवत्ता के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। वित्त वर्ष 2020-21 में प्रदेश की सभी 3,615 पंचायतों को एक-एक फील्ड टैस्ट किट प्रदान की गई। वित्त वर्ष 2021-22 में प्रदेश के सभी 18,150 गांव को यह फील्ड टैस्ट किट दी गई। इसके अतिरिक्त जल गुणवत्ता में पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश की सभी प्रयोगशालाओं को आम जनमानस के लिए खोल दिया गया है, जिनमें न्यूनतम दरों पर जल नमूनों का परीक्षण किया जा सकता है। प्रदेश में पिछले दो वर्षों के दौरान कुल 4,47,820 जल नमूनों की जांच की गई जबकि गत वर्ष 2,93,245 पेयजल नमूने प्रयोगशालाओं और 1,37,865 जल सैंपलों का फील्ड टैस्ट किट द्वारा परीक्षण किया गया है। विभाग द्वारा चालू वित्त वर्ष में भी 3,00,606 जल सैंपलों की जांच प्रयोगशाला और 1,42,734 जल सैंपलों का परीक्षण फील्ड टैस्ट किट के माध्यम से करने का लक्ष्य रखा गया है।
शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्रों का एक समूह अंडरस्टैंडिंग हेरिटेज पर पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम की सहायता के रूप में शिमला विरासत के शैक्षिक दौरे पर गया। टूर का संचालन लिबरल आर्ट्स संकाय की डीन डॉ मंजू जैदका और इतिहास विभाग की डॉ एकता सिंह द्वारा किया गया। इस दौरे में दो मुख्य शैक्षिक केंद्र, हिमाचल राज्य संग्रहालय आदि शामिल थे। राजकीय संग्रहालय में छात्रों को संग्रहालय के क्यूरेटर डॉ हरि चौहान के साथ बातचीत करने का मौका मिला, जिन्होंने संग्रहालय और क्यूरेटर की जिम्मेदारियों का संक्षिप्त विवरण दिया। डॉ. एकता सिंह ने छात्रों को कलाकृतियों से संबंधित ऐतिहासिक और पुरातात्विक घटनाओं के बारे में मार्गदर्शन और जानकारी दी। छात्रों को हिमाचल प्रदेश के उच्च हिमालयी भागों में हाल के पुरातात्विक अध्ययनों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी का दौरा किया, जहां छात्रों को प्रतिष्ठित इमारत के स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला मंडी के गोहर उप मंडल की ग्राम पंचायत सरोआ में विद्युत अनुभाग तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ किया। उन्होंने सरोआ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इससे पूर्व यह क्षेत्र विद्युत उप मंडल गोहर के विद्युत अनुभाग सैंज से जुड़ा हुआ था और इस क्षेत्र की जनता को संबंधित कार्यों के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब सरोआ विद्युत अनुभाग के शुरू हो जाने से क्षेत्र की तीन पंचायतें सरोआ, कांडी और अनाह विद्युत उप मंडल पंडोह से जुड़ गई हैं, जिससे लगभग 3000 लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि गोहर विद्युत उप मंडल में वर्ष 2017 तक 106.4 किलोमीटर 33 केवी एचटी लाइन थी, जो अब बढ़ कर 123.4 किलोमीटर हो गई है, 22 केवी की 387 किलोमीटर एचटी लाइन अब 485 किलोमीटर हो गई है, 11 केवी एचटी लाइन 119 किलोमीटर थी, जो बढ़कर 138 किलोमीटर हो गई है, जबकि 1980 किलोमीटर एलटी लाइन वर्तमान में बढ़ कर 2440 किलोमीटर हो गई है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार गोहर विद्युत उप मंडल में वर्ष 2017 में 561 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर थे, जिनकी संख्या वर्तमान में बढ़कर 674 हो गई है जबकि 33/22/11 केवी सब स्टेशन की संख्या चार से बढ़ कर पांच हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणात्मकता और विस्तारीकरण को प्राथमिकता प्रदान करते हुए इन सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सरोआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आरंभ हो जाने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, जो यहां के लोगों की एक लंबित व वांछित मांग थी। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से करीब 10 हजार की जनसंख्या लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत लगभग साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में महिलाओं, बुजुर्गों व अन्य कमजोर वर्गों सहित सभी को समान रूप से लाभ पहुंचा है। सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। राज्य की समृद्धि और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए यह अवधि अभूतपूर्व रही है। इस अवसर पर जिला परिषद के अध्यक्ष पाल वर्मा, मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी, मुख्य अभियंता विद्युत मंडी क्षेत्र यशवन्त ठाकुर, अधीक्षण अभियंता विद्युत वृत्त मंडी प्रवीन धीमान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, भाजपा मंडल के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
शहर के आनंद विहार स्थित जीनियस ग्लोबल स्कूल में बच्चों के लिए गुड टच-बैड टच और पॉवर ऑफ सेइंग नो पर दो दिवसीय कार्यक्रम करवाया। कार्यक्रम के अंतिम दिन पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्कूल की अध्यापिकाओं ने प्ले के जरिए बच्चों को समाज में फैलती बुराइयों और उनसे बचने के तरीके समझाए। बच्चों को समझाया कि पब्लिक प्लेस जैसे बस स्टॉप, पार्क, बस, कार, पार्टी या स्कूलों में कोई उन्हें टच करता है तो उसके टच की फीलिंग को समझना जरूरी है। सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि बच्चे गुड और बैड टच का मतलब समझे। खासकर कोई भी किस नीयत के साथ उनके शरीर को टच कर रहा है। ये जरूर गौर करना चाहिए। कुछ भी अटपटा लगने की स्थिति में ऐसे एक्सपीरियंस अपने माता-पिता से हर रोज़ ज़रूर शेयर करने चाहिए। बच्चों को यह भी समझाया गया की जब कभी वे किसी परिस्थिति में कम्फर्टेबल महसूस न करें तो उनकी नो यानी न कितनी महत्वपूर्ण होती है। कार्यक्रम में बच्चों को उदाहरण के तौर पर कई ऐसी एक्टिविटी करवाई गई, जिससे बच्चे जल्दी समझ सके की खुद को ऐसी विकट परिस्थितियों में कैसे बचाव करना है। बच्चों से बकायदा रिवर्ट भी लिया गया कि उन्हें समझ आया या नहीं।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पताल परिसरों में स्थापित निजी लैबों में 233 टेस्ट निशुल्क होंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुणे की कंपनी को टेंडर देने के बाद एग्रीमेंट साइन कर लिया गया है। करार के मुताबिक कंपनी को डेढ़ माह बाद सेवाएं देनी शुरू करनी होगी, वहीं तीन माह के भीतर अस्पतालों में अपना आधारभूत ढांचा विकसित करना होगा। प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों, जोनल अस्पतालों, सिविल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब स्थापित हैं। इनमें सरकारी रेट पर हर तरह के टेस्ट होते हैं। स्वास्थ्य विभाग की अपनी लैब भी हैं। इनमें 12 बजे तक टेस्ट होते हैं। उसके बाद इनकी जांच की जाती है। ऐसे में लोग निजी लैब में टेस्ट करवाते हैं। पहले अस्पतालों में 11 तरह की श्रेणियों में आने वाले मरीजों को ही यह सुविधा मिलती थी, लेकिन अब सभी मरीजों को निशुल्क टेस्ट सुविधा का लाभ मिलेगा। इसमें अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन भी शामिल हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि निशुल्क टेस्ट की संख्या बढ़ाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक रमेश चंद ने कहा कि एग्रीमेंट साइन कर लिया गया है। नई कंपनी सरकार को 41 फ ीसदी तक टेस्ट में छूट देगी। मरीजों के टेस्ट की यह राशि सरकार वहन करेगी। मरीजों से टेस्ट से पैसे नहीं लिए जाएंगे।
रेडक्रॉस कार्यालय परिसर धर्मशाला में रेड क्रॉस डे मनाया गया। इस दौरान जिला रेडक्रॉस सोसायटी, कांगड़ा एवं भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम, मोहाली के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व फंड के सहयोग से दिव्यांगजनों की सहायतार्थ सहायक उपकरण मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 80 दिव्यांगों को सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए पंजीकरण किया गया है। सचिव जिला रेडक्रॉस सोसायटी, ओपी शर्मा ने बताया कि अक्सर इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जाता रहता है। इस अवसर पर दिव्यांग व्यक्तियों को एक स्मार्ट केन, एक वाकर एवं एक सीपी चेयर जिला रेडक्रॉस सोसायटी, कांगड़ा द्वारा प्रदान की गई। इसी के साथ, एजुकेयर इण्डिया के सहयोग से शिविर में लोगों की सुविधा के लिए एक नि:शुल्क जांच शिविर का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर कुमारी कुसुम, अमित मौर्य एवं रमेश कुमार, विशेषज्ञ, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम, मोहाली, श्रेष्ठा राणा, आजीवन सदस्य, रेडक्रॉस तथा अशोक कुमार, सन्दीप भारद्वाज, सपना देवी, लियाकत अली, विकास कुमार, देव राज, पूनम भारद्वाज, सोहन सिंह एवं आरती देवी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने सोमवार को तपोवन विधानसभा परिसर का दौरा किया तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक तथा उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल के साथ विधानसभा में पिछले दिन की घटना को लेकर विस्तार से चर्चा की गई तथा इस घटना में संलिप्त लोगों को पहचान कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश भी दिए गए। विधानसभा अध्यक्ष विपन परमार ने कहा कि हिमाचल को देवभूमि तथा शांतिप्रिय राज्य के रूप में पूरे देशभर में जाना जाता है, राज्य में जनता के बीच आपसी सौहार्द तथा भाईचारा कायम है और अगर इस भाईचारे और शांति को नुक्सान पहुंचाने की कोशिशें कभी भी कामयाब नहीं हो सकती हैं। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने विधानसभा परिसर में सुरक्षा के इंतजामों का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर उपायुक्त डा निपुण जिंदल तथा पुलिस अधीक्षक खुशाल शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष को घटना की जांच को लेकर अब तक की अपडेट जानकारी दी तथा विधानसभा परिसर के सुरक्षा प्लान के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विकास में प्रशासनिक अधिकारियों का सदैव ही सराहनीय योगदान रहा है। उनकी कड़ी मेहनत और व्यवसायिकता के फलस्वरुप प्रदेश को मॉडल राज्य के रूप में अपनी अलग पहचान कायम करने में मदद मिली है। वह गत सायं यहां हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा अधिकारी संघ के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसडीएम की सुरक्षा के दृष्टिगत उनके साथ पीएसओ तैनात करने और जिन स्थानों पर एसडीएम के लिए सरकारी आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां रेंट फ्री आवास उपलब्ध करवाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों के समर्थन और ईमानदारी से राज्य सरकार ने अनेक सुधार सुनिश्चित किए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों में बहुत विपरीत परिस्थितियों में कार्य कर निष्ठा से अपने कर्तव्य का निर्वहन सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किये जा रहे नवोमेश प्रयासों और प्रतिबद्धता के कारण ही राज्य के सूचकांक कई बड़े राज्यों के मुकाबले बेहतरीन हैं। उन्होंने अधिकारियों से समर्पण के साथ कार्य करने को कहा ताकि सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित किया जाए और अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में प्रशासनिक अधिकारियों को न केवल पारदर्शिता व कर्मठता से कार्य करने की आवश्यकता है बल्कि उन्हें अधिक संवेदनशील भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी का बढऩा भी बहुत ही सकारात्मक संकेत है। जय राम ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों से सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने का आहृवान किया। इससे कार्यो के निष्पादन और प्रभावी निगरानी में भी मदद मिलती है। उन्होंने अधिकारियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन की स्मारिका अभिव्यक्ति का विमोचन भी किया। इस अवसर पर एसोसिएशन ने जय राम ठाकुर को हिमाचल की राजनीति के भद्रपुरुष की उपमा दी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और एसोसिएशन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की तथा विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। एसोसिएशन के महासचिव श्रवण मांटा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पंडा, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क हरबंस सिंह ब्रस्कोन और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
देवभूमी हिमाचल पावन और पवित्र मानी गई है। इसलिए ये देवी-देवताओं के प्रिय स्थानों में से एक है। हिमाचल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और मनोहरी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बहुत ही अच्छे पर्यटन स्थान हैं, जिनकी सुंदरता पर्यटकों के मन को मोह लेती है। तभी तो हिमाचल को प्रकृति का खजाना भी कहा जाता है। आज भी हिमाचल की भूमी यहां के धार्मिक स्थानों की वजह से ही पूरे भारत वर्ष में माननीय है। इनमें से एक है जयसिंहपुर विधानसभा का मां आशापुरी मंदिर। रोपड़ी नागवन के सबसे ऊंचे धौलाधार शृंखला के शिखर पर पंचरुखी के पास चंगर की वादियों में एक पहाड़ की चोटी पर मां आशापुरी विराजमान हैं। यहां के लोगों का मानना है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से दर्शन के लिए आते हैं, मां उनकी मनोकामनाएं जरूर पूर्ण करती हैं। कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों में से एक मां आशापुरी मंदिर का निर्माण पांडवों ने उस समय करवाया जब वे आज्ञातवास के दौरान हिमाचल प्रदेश आए थे। 16वीं सदी में इस मंदिर का निर्माण कटोच वंशज के सुप्रसिद्ध राजा मान सिंह ने करवाया था। मंदिर में पहुंचने वाले भक्तों को यहां आकर स्वर्ग जैसे आनंद का अनुभव होता है। माता आशापुरी का यह मंदिर हमेशा से ही अपनी बेजोड़ कलाकृति के लिए हिमाचल प्रदेश में चर्चित मे रहा है। आशापूरी मंदिर एक ऐतिहासिक स्थान भी है, जिस वजह से इस मंदिर को पुरातत्व विभाग की देख-रेख में रखा गया है। मंदिर के अंदर मां तीन पिंडियों के रूप में विराजमान हैं। मां आशापुरी को माता वैष्णो देवी का रुप माना जाता है। जिसके साथ ही यहां और देवी-देवताओं की भी पुरानी पत्थर से बन मंदिर के आस-पास बहुत ही मनमोहक दृश्य देखने को मिलते हैं।
विख्यात चिकित्सा विज्ञानी पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग ढाई लाख लोग घातक रोग थैलेसीमिया से ग्रस्त । विवाह पूर्व थैलेसीमिया की जांच करने से इस अनुवांशिक रक्त विकार का फैलाव रोका जा सकता है। देश में हिमाचल ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां इस रोग को लेकर सर्वेक्षण किया गया। लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। कार्यक्रम की संयोजक एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर रही दृष्टिबाधित छात्रा प्रतिभा ठाकुर ने बताया कि डॉ. भारती अंतरराष्ट्री थैलेसीमिया दिवस पर उमंग फाउंडेशन के वेबिनार में थैलेसीमिया पीडि़त बच्चों के अधिकार और रक्तदान का महत्व विषय पर बोल रहे थे।
हिमाचल प्रदेश देव भूमि है। जाहिर है यहां चप्पे-चप्पे पर देव स्थल हैं। कई देव स्थल तो चर्चित हैं। उनके बारे में लोग भलिभांति जानते हैं, मगर कई ऐसे मंदिर और देवस्थान भी हैं जो न ज्यादा चर्चा में हैं और न ही उनके बारे में कोई ज्यादा जानता है। हालांकि ये मंदिर चमत्कारों से परिपूर्ण हैं और यहां आस्था भी बहुत ज्यादा है। जरूरत सिर्फ इनकी पहचान को उजागर करने की है। फस्र्ट वर्डिक्ट अपने प्रयासों से ऐसे देवस्थलों से लोगों को मशरूफ करने जा रहा है। आज आपको कांगड़ा जिले में स्थित तत्वानी मंदिर के बारे में बताया जाएगा। यह मंदिर धर्मशाला से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर सलोल से चार किलोमीटर की दूरी पर बिलकुल गज खड्ड के किनारे स्थापित है। यहां खासियत यह है कि यहां गर्म पानी का चश्मा है। हालांकि कुल्लू के मणिकर्ण में भी गर्म पानी का चश्मा है। मगर यहां भी गर्म पानी का चश्मा है। मगर यहां का पानी कुल्लू के मणिकर्ण चश्मे के पानी से कम गर्म है। फव्वारे की नीचे खड़े होकर आसानी से स्नान किया जा सकता है। मंदिर भोलेनाथ को समर्पित है। यहां शिव भोले की पूजा-अर्चना होती है। इस मंदिर के पुजारी शिव गोस्वामी हैं। उन्होंने मंदिर के इतिहास के बारे में बताया कि प्राचीन समय में यहां घना जंगल हुआ करता था। इसी स्थान पर तीन महात्माओं ने घोर तपस्सया की थी। उनमें से एक महात्मा का नाम गोपाल गिरि था, जबकि दो अन्य महात्माओं का नाम पता नहीं है। जब उनकी तपस्या पूर्ण हुई और प्रभु ने उन्हें अपने साक्षात दर्शन दिए तो इन महात्माओं से कुछ मांगने के लिए कहा। इस पर तीनों महात्माओं ने भगवान से पानी की मांग की। इस भगवान ने उन्हें गर्म पानी दिया। इसी कारण यहां गर्म पानी का चश्मा फूट निकला। इसी स्थान पर उन तीन महात्माओं के मंदिर बने हैं जिनकी आज भी पूजा की जाती है। कालांतर में गुलेर के राजा ने अपनी बेटी की शादी चंबा के राजा के बेटे के साथ कर दी। उस समय यातायात नहीं था तो पैदल ही यात्रा की जाती थी। उस समय गुलेर और चंबा के लिए जाने का यही रास्ता शार्टकट था। अत: एक बार रानी चंबा से पालकी में अपने मायके गुलेर रियासत जा रही थी। इसी स्थान पर कहारों ने उनकी पालकी को विश्राम दिया। तब महारानी की नजर इस चश्मे पर पड़ी। उन्होंने राजा से कह कर इसे बावड़ी के रूप में निर्माण करवा दिया। वहीं रानी ने इसी रास्ते में कई अन्य बावडिय़ों का भी निर्माण करवाया ताकि राहगीर पानी पी सकें। कुछ साल पहले यहां एक बावा सोमगिरि ने भी अपनी कुटिया बनाई थी। वह यहां लगभग 25 वर्ष तक रहे। सोमगिरि बावा ने यहां फलों का बागीचा भी लगाया था। मगर अब यहां कोई नहीं रहता है। वहीं मंदिर के पुजारी शिवदत गोस्वामी ने बताया कि यहां गर्म पानी के चश्में में स्नान करने के बाद अगर कोई शीश नवाकर मन्नत मांगता है तो वह अवश्य पूर्ण होती है। वहीं यहां गणमान्य देवेंद्र गुलेरिया ने डीसी से मंदिर के लिए सोलर लाइट की मंजूरी भी दिलवाई है। मंदिर कब का बना है इसकी सटीक जानकारी नहीं है, मगर मंदिर प्राचीन शैली में बना हुआ है। ऐसा माना जाता है कि यह पुराने राजाओं और महाराजाओं द्वारा ही निर्मित किया गया होगा। यहां प्राचीन शैली में निर्मित कुछ बावडिय़ां भी बनी हुई हैं। माना जाता है कि ये बावडिय़ां भी राजाओं और महाराजाओं के समय की ही बनी हुई हैं। यहां आने पर आदमी स्वत: ही भोलेनाथ की भक्ति में रम जाता है और एक असीम मानसिक सुकून की अनुभूति होती है। मंदिर में प्राचीन शैली में नंदी, शिव भोले नाथ और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां बनी हुई हैं। जहां गर्म पानी का चश्मा है वहां एक बावड़ी बनाई गई है और जिस जगह से गर्म पानी निकलता है वहां शेर का मुंह बनाया गया है। यह आकृति बहुत ही सुंदर ढंग से बनाई गई है। इसे देखने पर भक्त स्वत: ही कला के सौंदर्य की दाद देने को मजबूर हो जाता है। यह एक ऐतिहासिक स्थान है, मगर इसे हमेशा ही नजरअंदाज किया गया है। यहां आने के लिए सलोल के तहत परेई नामक स्थान पर बस से उतरना पड़ता है और उसके बाद गज खड्ड को पार करना पड़ता है। हालांकि गर्मियों में पानी का बहाव इतना ज्यादा नहीं होता, मगर बरसात में यहां बहुत ज्यादा पानी आता है। शिवरात्रि वाले दिन यहां बहुत बड़ा मेला लगता है और यहां स्थानीय भक्तों के अलावा अन्य स्थानों से भी भक्त शीश नवाने आते हैं। मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने पर हाल में पूरी होती है और शिवभोलेनाथ अपना आशीर्वाद अवश्य देते हैं। गज खड्ड में पुल न होने के कारण स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए कई बार मांग भी उठाई गई कालांतर में सरकारों ने कोई ध्यान नहीं दिया। मंदिर के ठीक ऊपर लंघाणा गांव भी है जहां के वाशिंदे बहुत टफ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यहां सुविधाओं का अभाव है। विकास नाममात्र हुआ है। यहां के लोग बहुत मेहनती और मिलनसार हैं। विकास की बयार न होने पर भी उनके माथे पर कभी शिकन तक नहीं देखी गई। हालांकि लोगों को रंझ जरूर है कि इस गांव के विकास की ओर सरकारें ध्यान नहीं देती। यदि गज खड्ड पर पुल का निर्माण हो जाए तो इन लोगों को बहुत सुविधा होगी। बरसात के दिनों में खड्ड में पानी बहुत ज्यादा होने से इन लोगों को मीलों पैदल सफर कर अपने घरों तक पहुंचना पड़ता है। कई लोग तो इन्हीं असुविधाओं की वजह से अपने आशियाने कहीं और जगह बना रहे हैं। वहीं मंदिर के साथ एक पक्का रोड बनाया गया है जो झीरबल्ला से मिलता है। यहीं से एक रोड सलोल के लिए जाता है तो दूसरा रैत-शाहुपर के लिए निकलता है।
अब राजधानी में शोर मचाया तो खैर नहीं। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच कर कार्रवाई करेगी। हिमाचल में पहली बार शिमला पुलिस ने 'शोर नहींÓ ऐप लांच किया है। इससे तुरंत अपने आसपास शोर मचाने वालों की शिकायत की जा सकती। गूगल प्ले स्टोर में जाकर यह ऐप डाउनलोड करनी होगी। इसके बाद चाहे दिन हो या रात, ऊंची आवाज से हो रही असुविधा की शिकायत पुलिस में दर्ज करवा सकते हैं। एप की खासियत है कि इसको लॉग इन करते ही शिकायतकर्ता की लोकेशन आटोमैटिक दर्ज हो जाएगी। गांव, मुहल्लों में भी अधिक शोर मचाने को अपराध की श्रेणी में रखा है। पर्यावरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने यह एप विकसित की है। शिकायतकर्ता खुद इस एप पर शोर की ध्वनि का स्तर जांच सकते हैं। यदि शोर तय मानकों से ज्यादा हुआ तो इसकी शिकायत दे सकते हैं। यही नहीं, शिकायतकर्ता संबंधित जगह की फोटो भी एप पर भेज सकेंगे। इसके बाद शिकायत ऑनलाइन संबंधित थाने में जाएगी। इसके अलावा एप में शिकायत का ऑनलाइन रियल टाइम स्टेटस जानने की सुविधा भी दी गई है। 55 से 60 डेसीबल से ज्यादा आवाज बहरा कर सकती है। एसपी डॉ. मोनिका भुटूंगरु ने बताया कि रात के समय आसपास के क्षेत्र में ऊंची आवाज में संगीत बजता है तो असुविधा की शिकायत 'शोर नहींÓ एप पर दर्ज करवा सकते हैं। जिलावासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पुलिस प्रशासन प्रयासरत है। इसके साथ पुलिस नंबर 0177-2812344 एवं 112 पर भी सूचना दे सकते हैं।
धर्मशाला विधानसभा परिसर में खालिस्तानी झंडा मामले पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने जयराम सरकार को प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर राजनीति न करने की सलाह दी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के मंत्री मौज मस्ती छोड़कर प्रदेश हित में कार्य करे। गौरव शर्मा ने कहा कि प्रदेश की सुरक्षा के मामले में भाजपा को राजनीति नहीं करनी चाहिए अपितु उन्हे सरकार के आला अधिकारियों को तुरंत आरोपियों को पकडऩे के लिए नकेल कसनी चाहिए।प्रदेश सरकार को अधिकारीयों की जनता के प्रति जवाबदेही को सुनिश्चित करना चाहिए। गौरव शर्मा ने कहा कि प्रदेश के मंत्री जश्न मनाने और नाच गानों में व्यस्त है और हास्यस्पद बयान दे रहे की आम जनता उन्हें बताएं की क्या हो रहा है, कौन कर रहा है। वे जरूर एक्शन लेंगे। ऐसा लगता है जैसे मंत्री महोदय को प्रदेश में घट रही घटनाओं का बोध नहीं है।
भारतीय वैदिक ज्योतिष संस्थान वाराणसी द्वारा नवम अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन एवं दीक्षांत समारोह करवाया गया। इस दौरान संस्थान के प्रबधंक पुरुषोत्तम दास गुप्ता सम्मेलन में बतौर मुख्यतिथि मौजूद रहे। इस सम्मेलन में वास्तु, टैरो कार्ड, वैदिक ज्योतिष, लाल किताब आदि पर विचार रखे गए। ज्योतिषचार्य मनोज सेमवाल विवाहिक जीवन, कुंडली मिलान तथा हस्त रेखा पर अपने विचार रखे। ज्योतिषचार्य मनोज सेमवाल के वक्तव्य की सभी विद्वान जनों ने प्रशंसा की। जोतिष्चार्य मनोज सेमवाल को शोध कार्यों के लिए ज्योतिष विज्ञान शिरोमणि उपाधि व ट्राफी से नवाजा गया।
कांगड़ा जिला के विभिन्न औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्किल हब बनाए जाएंगे ताकि युवाओं को स्वरोजगार के लिए दक्ष बनाया जा सके। यह जानकारी उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने धर्मशाला के बगली में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत अंत्योदय अभियान का शुभारंभ करने के उपरांत दी। इससे पहले स्वतंत्रता सेनानी पहाड़ी गांधी बाबा कांशी राम के चित्र पर माल्यर्पण भी किया गया। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश के 75 जिलों में आरंभ किया गया है, जिसमें स्वतंत्रता सेनानी पहाड़ी गांधी बाबा कांशी राम की जन्म भूमि होने के कारण कांगड़ा जिला को भी शामिल किया है। उन्होंने कहा कि अकम अभियान नब्बे दिन तक चलेगा। इस अभियान के तहत विभिन्न विभागों की नौ स्कीमों के तहत शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। इसमें प्रमुख तौर पर प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, किसान क्रेडिट कार्ड तथा दिव्यांगों के कार्ड, कुपोषित बच्चों के उपचार तथा स्वयं सहायता समूहों को बैकिंग योजनाओं से जोडऩा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को विभिन्न स्कीमों के बारे में जागरूक करने के लिए उपमंडल तथा ब्लॉक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का प्लान भी तैयार किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र लोगों की पहचान कर स्पाट पर ही योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए सूचीबद्व किया जाएगा, ताकि कोई पात्र व्यक्ति कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय आधिकारिता विभाग के जिला कल्याण अधिकारी राम प्रकाश ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। वहीं पर अग्रणी बैंक के मुख्य प्रबंधक केके कौशल ने प्रधानमंत्री जनधन योजनाओं सहित विभिन्न बीमा योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई। समेकित बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अश्वनी कुमार, श्रम कल्याण विभाग की योजनाओं के बारे में इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बूस्टर डोज के लिए कैंप भी लगाया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने गीत नाटिका के माध्यम से सरकार की कल्याणकारी नीतियों से लोगों को अवगत करवाया। इससे पहले पंचायत प्रधान शालिनी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर बगली के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय भगत राम की पौत्री पुष्पा को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एडीसी गंधर्वा राठौड़, एसडीएम शिल्पी बेक्टा, विकास खंड अधिकारी तथा मंडलाध्यक्ष अनिल चौधरी सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।
दिल्ली में अपने किसी रिश्तेदार के यहां मातम मनाने जा रही महिला की बस एक्सीडेंट में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उक्त महिला परिवार संग दिल्ली जा रही थी कि हादसा हो गया। उसकी मौत से मारंड में शोक की लहर है। इस परिवार में करीब 9 लोग शामिल थे। चंडीगढ़ कुराली के नजदीक हरियाणा रोडवेज बस की भिड़ंत एक अन्य बस से हो गई। इसमें परिवार की रंजू अरोड़ा (35) की मौत हो गई। परिवार के कुछ अन्य लोग जख्मी भी हैं। यह जानकारी पार्षद नीलम मलिक ने दी। परिवार सब्जी व्यवसाय से जुड़ा है और मृतका का एक लड़का भी है। शव आज रात तक मारंडा पहुंच जाएगा।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां शिमला स्मार्ट सिटी की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सुविधाएं प्राप्त करने में सहायता मिलेंगी। इस वेबसाइट में पानी के बिल का गणक, भवन योजना अनुमोदन, पानी के बिल, गारबेज बिल अदायगी, पट्टा किराया भुगतान, सम्पत्ति कर अदायगी, बिजली के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन, पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन, सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन और कैनोपी के लिए अनुमति सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से शिमला स्मार्ट सिटी द्वारा विभिन्न घटकों के तहत कार्यान्वित की जा रही परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रयासों की सराहना करते हुए विभिन्न कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और सेवाओं के एकीकरण करने के निर्देश दिए। शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबन्ध निदेशक मनमोहन शर्मा, नगर निगम शिमला के अतिरिक्त आयुक्त व शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटेड के महा-प्रबंधक अजीत भारद्वाज, महा-प्रबन्धक तकनीकी ब्रह्म प्रकाश और आईटी प्रबंधक प्रेम ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुकम्मल मुलाकातें हो रही है, बकायदा योजना तैयार की जा रही है। नए गठबंधन बन रहे है और हालात बदलने की तैयारी जोरो पर है। विधानसभा चुनाव से पहले सोलन निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के कुछ चेहरे एकसाथ आते दिख रहे है। मकसद साफ है कि टिकट के लिए जानदार तरीके से दावा ठोका जाएं। दरअसल, पिछले चुनाव में पार्टी ने चुनाव से ठीक पहले वीआरएस लेकर सियासत में आएं डॉ राजेश कश्यप को टिकट दिया था। तब टिकट के कई दावेदार थे लेकिन पार्टी के निर्णय ने सबको चौंका दिया। तब मुख्य तौर पर कुमारी शीला, तरसेम भारती और एच एन कश्यप टिकट की दौड़ में थे, पर सबके हाथ निराशा लगी। पार्टी के इस निर्णय से असंतोष भी उपजा और नतीजन डॉ राजेश कश्यप चुनाव नहीं जीत सके। पर तब से अब तक कश्यप निरंतर सक्रिय है और इस बार वे ही टिकट के प्रबल दावेदार है। अब ताजा खबर ये है कि कश्यप की राह रोकने को उनके विरोधियों ने हाथ मिला लिया है, मंशा साफ है कि उनमें से ही किसी एक को टिकट मिले। टिकट किसे मिलता है ये तो वक्त ही बताएगा, पर ऐसी स्थिति में भाजपा की राह निसंदेह मुश्किल जरूर होने वाली है। ताजा स्थिति की बात करें तो सर्वविदित है कि डॉ राजेश कश्यप ही पार्टी के प्राइम फेस है। कश्यप सक्रिय है पर अब तक सबको साथ लाने में कामयाब नहीं हो सके है। साढ़े चार साल का वक्त मिलने के बावजूद भी पार्टी का एक बड़ा तबका उनके साथ चलता नहीं दिख रहा। हालाँकि आलाकमान जरूर उन पर मेहरबान रहा है। उधर अन्य चेहरों की बात करें तो उनमें भी कोई ऐसा नहीं है जो अपनी कार्यशैली से पार्टी को टिकट देने के लिए विवश कर सके। तरसेम भारती पहले खराब स्वास्थ्य के चलते फील्ड से दूर थे और अब भी प्रो एक्टिव नहीं दिख रहे। कुमारी शीला की बात करें तो इस मर्तबा तो वे जिला परिषद् का चुनाव भी नहीं जीत पाई थी, ऐसे में पार्टी को जीत का भरोसा दिलाना उनके लिए भी मुश्किल होगा। हालांकि उनकी जमीनी पकड़ को कमतर नहीं आँका जा सकता। एच एन कश्यप भी सियासी सरगर्मियों से लगभग गायब ही है। कई अन्य चाहवान तो ऐसे भी है जो इच्छा तो विधायक बनने की रखते है लेकिन उनकी कार्यशैली पार्षद का चुनाव जीतने लायक भी नहीं दिख रही। पर यहाँ ये जहन में भी रखना होगा कि पूर्व सांसद और डॉ राजेश के बड़े भाई वीरेंद्र कश्यप भी टिकट मिलने पर चुनाव लड़ने को तैयार है। कांग्रेस में सिर्फ एक दावेदार : सोलन कांग्रेस की बात करें तो कर्नल धनीराम शांडिल ही फिलवक्त इकलौते उम्मीदवार है और संभवतः वे ही पार्टी प्रत्याशी होंगे। वैसे भी माना जाता है कि कर्नल का टिकट 10 जनपथ से फाइनल होता है। पार्टी का एक तबका उनके साथ बेशक न दिख रहा हो लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस की स्थिति अभी तो भाजपा से बेहतर है। कर्नल का सरल स्वभाव और ईमानदार छवि भी कांग्रेस के लिए लाभदायक सीड हो सकते है।
नए अध्यक्ष के साथ -साथ हिमाचल प्रदेश कांग्रेस को चार कार्यकारी अध्यक्ष भी मिले है। इन चार कार्यकारी अध्यक्षों में से एक नाम है पवन काजल का, जो अब कांग्रेस का नूर है। काजल कांगड़ा सीट से विधायक है और जिला कांगड़ा में बतौर ओबीसी नेता उनका अच्छा रसूख है। खास बात ये है कि अब काजल कांगड़ा में कांग्रेस का प्राइम फेस बनते दिख रहे है। थोड़ा फ्लैशबैक में चले तो वीरभद्र सरकार के समय जिला कांगड़ा ने दो कांग्रेसी नेताओं की तूती बोलती थी, सुधीर शर्मा और स्व जीएस बाली। दोनों मंत्री थे, दोनों ब्राह्मण और दोनों भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देखे जाते थे। पर बाली अब इस दुनिया में नहीं है और सुधीर के सियासी तारे गर्दिश में दिख रहे है। पार्टी का ही एक तबका खुलकर उनके खिलाफ मुखर है। इस बीच रफ्ता - रफ्ता पवन काजल विधायक का सियासी कद बढ़ता रहा और अब जब कांगड़ा से कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की बारी आई तो पार्टी आलाकमान ने उन्हें इस पद से नवाजा। स्वाभाविक है उनकी ये तरक्की कई नेताओं के अरमान कुचल सकती है। पवन काजल 2012 में पहली बार विधायक बने, तब वे आजाद उम्मीदवार थे। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और वीरभद्र सिंह ने उन्हें कांग्रेस में शामिल कर लिया। 2017 में काजल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और फिर जीत गए। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। तब भी खुद वीरभद्र सिंह ने उनके लिए प्रचार किया था। कहते है कांग्रेस में शामिल होते वक्त काजल दरअसल कांग्रेस में नहीं जुड़े थे, बल्कि वीरभद्र सिंह के साथ आये थे। अब उनका झुकाव होलीलॉज की तरफ ही रहता है या वे संतुलन बनाकर ही आगे बढ़ते है, ये देखना भी रोचक होने वाला है। ओबीसी वोट पर निगाहें : जिला कांगड़ा में ओबीसी वोट बैंक का अच्छा प्रभाव है। अमूमन हर सीट पर ओबीसी वोट जीत -हार का अंतर पैदा कर सकता है। काजल को मजबूत करके कांग्रेस की नज़र इसी वोट बैंक पर है। ओबीसी वर्ग की बात करें तो कांग्रेस के पास चौधरी चंद्र कुमार के रूप में भी एक मजबूत चेहरा हैं और पवन काजल भी उन नेताओं में शुमार है जिनके समर्थक हर क्षेत्र में है। ऐसे में पवन काजल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक सिद्ध हो सकता है। जब दिग्गज हारे तब भी जीते काजल : 2017 के विधानसभा चुनाव में जिला कांगड़ा की 15 सीटों में से सिर्फ तीन सीटें कांग्रेस ने जीती थी। खास बात ये है तब वीरभद्र कैबिनेट में मंत्री रहे जीएस बाली और सुधीर शर्मा सहित बड़े -बड़े दिग्गज धराशाई हो गए थे। पर पवन काजल ने 6 हज़ार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी। उनके अतिरिक्त सुजानपुर से स्व सुजान सिंह पठानिया और पालमपुर से आशीष बुटेल ही चुनाव जीत पाए थे।
नौहली और बिंहू पंचायत में पेयजल संकट गहरा गया है। लोग तंग हैं। जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने नौहली व बिहूं पंचायतों में फिर से पेयजल संकट उत्पन्न होने पर कन्यादेवी भंडारण टैंक का निरीक्षण किया। इस दौरान भंडारण टैंक खाली पाया गया और पचौंडी नाला व घट्टासनी का पानी टैंक में नहीं आ रहा है। बार-बार विभाग से शिकायत करने भी कुछ नहीं किया जा रहा है। पधर को तो पचौंडी नाले का पानी लगातार मिल रहा है, लेकिन नौहली, बिहूं व चुक्कू पंचायतों से भेदभाव हो रहा है। पचौंडी नाला के पानी की हर दिन कम से कम 6 घंटे नियमित आपूर्ति भंडारण टैंक में की जाए। लगभग 10 महीने पहले कन्यादेवी से सजेहड़ के लिए पाइप डाली थी, लेकिन अभी तक पानी नहीं आया। उन्होंने चेताया कि समस्या हल नहीं हुई तो एसडीएम कार्यालय व जल शक्ति विभाग के कार्यालय में जल सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी धर्मशाला शम्मी शर्मा ने बताया कि सिक्योरटी एंड इंटेलीजेंस सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड जहबोला, बिलासपुर हिमाचल प्रदेश द्वारा विभिन्न क्षेत्र में सिक्योरिटी गार्ड की सेवाओं हेतु 200 पद जिला कांगड़ा हेतु अधिसूचित किए गए हैं। इसके लिए शैक्षणिक योग्यता 10 वीं पास आयु सीमा 21 से 37 वर्ष, लंबाई 5 फुट, 7 इंच से अधिक रखी गई है। कंपनी द्वारा वेतनमान 8 घंटे के लिए 12500 रुपए तथा 12 घंटों के लिए 16000 प्रतिमाह दिया जाएगा। इसमें ईएसआई ईपीएफ व अन्य सुविधा भी प्रदान की जाएगी। कार्यस्थल हिमाचल व पंजाब रहेगा। इच्छुक उम्मीदवार अपने सभी मूल प्रमाण पत्रों सहित दिनांक 10 मई 2022 को सुबह 10:30 बजे उपरोजगार कार्यालय जवाली में उपस्थित होकर उक्त कंपनी के समक्ष साक्षात्कार दे सकते हैं। साक्षात्कार के लिए किसी प्रकार का यात्री भत्ता देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 8558062252 पर संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
बाबा क्यालु मंदिर ठाकुरद्वारा में वार्षिक भंडारा एवं मेला 17 मई को करवाया जा रहा है। यह जानकारी लंगर संचालक राणा प्रताप सिंह, कमेटी प्रधान गुरदीप सिंह व पंचायत प्रधान गणेश कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि 16 मई को रामायण का पाठ आरंभ किया जाएगा और 17 मई को सुबह 7 बजे रामायण पाठ का भोग व हवन डालकर सुबह 7 बजे से ही लंगर का शुभारंभ कर दिया जाएगा। लंगर कमेटी के प्रधान गुरदीप सिंह ने बताया कि 17 मई को दिन के समय पंजाब व हिमाचल से आई हुई धार्मिक भजन गायन पार्टियां बाबा जी का गुणगान करेंगी और रात को अजय कौशल एंड पार्टी गंगथ बाले व मिठू एंड पार्टी ठाकुरद्वारा वाले जागरण करेंगे। भंडारा संचालक राणा प्रताप सिंह ने बताया कि कोरोना के चलते दो साल तक भंडारा नहीं करवाया गया। पिछले भंडारे में कुल 80 क्विंटिल चावन बने थे अब 100 क्विंटिल बनाने का लक्ष्य है। राणा प्रताप सिंह ने बताया कि बाबा जी की कृपा से हर वर्ष आनाज पकाने में बढ़ोतरी ही हो रही है।
इंदौरा से पठानकोट रोड पर स्कूल के छात्र जरूरत से ज्यादा सवारियां बिठाकर तेज रफ्तार से वाहन दौड़ा रहे हैं। इस कारण हादसों का डर बना हुआ है। यूं भी नाबालिग वाहन नहीं चला सकता। कानूनन यह अपराध है। बावजूद इसके नाबालिग दनादन वाहन दौड़ा रहे हैं। इनके पास न तो लाइसेंस होता है और न ही इनको किसी का खौफ होता है। यही कारण है कि हादसों का डर बना हुआ है। शेखुपुर के रहने वाले सोमराज गुप्ता ने बताया कि सुबह स्कूल के समय व दोपहर छुट्टी के समय पुलिस को शेखुपुर चौक से नाबालिग बिना हेल्मेट तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाते हैं। माता-पिता को इन बच्चों को वाहन नहीं थमाने चाहिए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् जिला सिरमौर के जिला संयोजक अंकित शर्मा ने कहा कि धर्मशाला में कुछ लोगों ने खालिस्तान के झंडे लगाए हैं। यह एक शर्मनाक कृत्य और प्रदेश को अस्थिर करने की साजिश है। हिमाचल प्रदेश वीरों की भूमि है। प्रदेश के युवा सेना में अपनी सेवा देते हैं। देश विरोधी ताकतों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। ऐसे काम को प्रदेश का युवा कभी सहन नहीं करेगा। जबसे देश में किसान आंदोलन का संचलन हुआ है तभी से ऐसे लोग सक्रिय हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देश समाज में काम करने वाला छात्र संगठन है। विद्यार्थी परिषद ऐसे लोगों का कड़ा विरोध करती है और सरकार से मांग करता है कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।
आम आदम पार्टी ने सदस्यता अभियान शुरू कर दिया है। आज हारसी में सदस्यता अभियान चलाया गया जिसमें 50 लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह जानकारी पार्टी के कार्यकर्ता महिंद्र कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि लोग दिल्ली का विकास देखकर आप से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह जनसंपर्क अभियान आगे भी चलता रहेगा। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी जयसिंहपुर के मंडल अध्यक्ष विक्रम कौंडल के साथ महिंद्र कुमार, कुशल मरेना आदि मौजूद रहे।
विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि पिछली रात धर्मशाला विधानसभा परिसर के गेट पर खालिस्तान के झंडे और दीवार पर खालीस्तान लिखे जाने की वे घोर निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शांत और भोले -भाले लोगों देवी-देवताओं तथा शूरवीरों की धरा है। इसमे ऐसी चीजों का कोई स्थान नहीं है तथा इसे किसी सूरत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी के हिमाचल प्रदेश में सनसनी फैलाने का प्रयास हुआ है। इसकी वे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य बुजदिल लोगों ने किया है और बुजदिल लोग ही इस तरह के कार्यों को अंजाम दिया गया है।


















































