हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 केवी बड़ोग फीडर के कार्य के दृष्टिगत 250 केवीए आंजी ट्रान्सफार्मर की विद्युत आपूर्ति 13 अक्तूबर को बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। दिनेश ठाकुर ने कहा कि इसके दृष्टिगत 13 अक्तूबर को प्रातः 10.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक आंजी गांव, सूद फर्नीचर्स के आसपास का क्षेत्र तथा निगम विहार एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में विद्युत आपूर्ति अगले दिन बाधित की जाएगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
सोलन जिला के 50-अर्की निर्वाचन क्षेत्र के उप निर्वाचन में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचन सहभागिता कार्यक्रम (स्वीप) के तहत आज अर्की उपमण्डल के अन्तर्गत दाड़लाघाट महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वीप कार्यक्रम के तहत स्वीप के नोडल अधिकारी शिव कुमार ने उपस्थित लोगों को लोकतन्त्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित बनाने की अपील की। शिव कुमार ने कहा कि वोट का महत्व समझाने के लिए ‘इन्वीटेशन कार्ड मेकिंग फाॅर कास्टिंग वोट’ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया तथा महाविद्यालय के प्रध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों ने भी प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोग किया। प्रतियोगिता के 03 विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। शिव कुमार ने कहा कि स्वीप के अन्तर्गत आयोजित की जा रही गतिविधियों का उद्देश्य मतदाताओं को जागरूक बनाकर मतदान की प्रतिशतता में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि लोकतन्त्र में एक-एक वोट का महत्व है। इसके लिए आवश्यक है कि युवा पीढ़ी इस दिशा में जागरूक हो। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि लोकतन्त्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि 50-अर्की विधानसभा क्षेत्र में 950 से अधिक मतदाताओं वाली संख्या वाले मतदान केन्द्रों के साथ लोगों की सुविधा के लिए सहायक 22 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए हैं ताकि कोविड-19 के दृष्टिगत भीड़ एकत्र न हो। मतदाता जागरूकता वाहन के माध्यम से शालाघाट, दानोघाट, कराड़ाघाट, दाड़लाघाट में लोगों को वोट के महत्व की जानकारी प्रदान की गई। स्वीप टीम द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट में भी बच्चों को वोट के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। तथा बच्चों का आह्वान किया गया कि वे अपने अभिभावकों को वोट डालने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर दाड़लाघाट महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डाॅ. जनेश कपूर, पुनीत ठाकुर एवं काफी संख्या में छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा आज विश्व मानसिकता दिवस पर सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत सलोगड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. अजय सिंह ने आज यहां दी। यह कार्यक्रम नई दिशा केन्द्र सोलन एवं हेल्पऐज इंडिया स्वयंसेवी संगठन के सहयोग से आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सलोगड़ा के लगभग 35 लोगों ने भाग लिया। डाॅ.अजय सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में नई दिशा केन्द्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा निवारण जगरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों के बाद लोग नशा निवारण व मानसिक स्वास्थ्य के उपचार के लिए नई दिशा केन्द्र में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में नई दिशा केन्द्र की तीन सदस्यी टीम बनाई गई है। इस टीम में क्लीनिकल साइकाॅलोजिस्ट वैशाली शर्मा, बीसीसी समन्वयक राधा चैहान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नशा निवारण एवं मानिसक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में क्लीनिकल साइकाॅलोजिस्ट वैशाली शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि शारीरिक विकारों की तरह बहुत से मानसिक विकार भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इन विकारों को पहचनाना और उपयुक्त उपचार उपलब्ध करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश में 75 से 95 प्रतिशत मानिसक रोगी को सही उपचार नहीं मिल पाता है। इस अवसर पर काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
चैंपियन युवा क्लब खैरा छेछडी द्वारा वॉलीबॉल प्रतियोगिता का 11वें सीजन का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पहाडा की टीम ने दगोह की टीम को हरा कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। प्रतियोगिता के समापन समारोह में भाजपा जिला युवा मोर्चा के महामंत्री ठाकुर अमन राणा ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लेकर विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी व इनाम देकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। साथ ही राजीव राणा व युवा क्लब के अन्य सदस्यों ने भी वॉलीबॉल प्रतियोगिता करवाने में पूर्ण सहयोग दिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य सम्बन्धी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य डॉ प्रदीप शर्मा ने की। इस दौरान आठवीं से प्लस टू के विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से सम्बंधित विस्तृत जानकारी स्वास्थ्य खण्ड अर्की के स्वास्थ्य शिक्षक अश्वनी शर्मा द्वारा दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी तरह की मानसिक समस्या होने पर अपने शिक्षकों से बात करे व जरूरत होने पर चिकित्सक की सलाह भी ले, ताकि समय पर तनाव जैसी समस्या को रोका जा सके। 15 से 24 वर्ष की आयु में आत्महत्या करने की दर विश्व मे बहुत अधिक है। 100 में से 20 बच्चे तनाव के शिकार होते है, जिनका अभिवावकों को भी पत्ता नही होता। बीएमओ अर्की राधा शर्मा के अनुसार परिवार के सभी सदस्यों को घर का वातावरण ऐसा रखना चाहिए, ताकि बच्चे तनाव से दूर रहे। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य सम्बंधित सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम के पश्चात सभी छात्र-छात्राओं को फ्रूट भी बांटे गए। इस दौरान विद्यालय के अध्यापक वर्ग में दुर्गानन्द शास्त्री, केशव, सुधीर, कमलेश, उमा, कविता सहित अश्वनी शर्मा स्वास्थ्य शिक्षक व पम्मी व निशा शर्मा आशावर्कर भी मौजूद रही।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने शिमला में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा की भाजपा चुनावी मोड में पूरी तरह से आ चुकी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप राष्ट्रीवादी व देशभक्त पार्टी भाजपा के लिए जन समर्थन की जनता से अपील कर रहे है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता व नेता एकजुट होकर पार्टी को चुनावों में विजयश्री दिलवाने के लिए कार्य कर रहे है और भाजपा सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीर भूमि है और सैनिकों की भूमि है भाजपा इनका अपमान सहन नहीं करेगी। आश्चर्य होता है जब कांग्रेस की मंडी संसदीय क्षेत्र प्रत्याशी प्रतिभा सिंह कहती है कि कारगिल युद्ध, युद्ध नही था। इस व्यख्या से हम आश्चर्यचकित है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में 527 वीर जवान शहीद हुए थे। जिसमें 52 हिमाचल प्रदेश के जवान थे। वोटों के लिए कांग्रेस पार्टी इतना गिर गईं कि उनकी शहादत का ही अपमान कर दिया? कप्तान विक्रम बत्रा, मेजर सोमनाथ शर्मा, मेजर धन सिंह थापा और रिफिलमैन संजय कुमार को परमवीर चक्र मिले हम इन विजेताओं को नमन करते है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता देशद्रोहियों से घिरे नेताओं के आरोपों से गुमराह नहीं होने वाली।
उपमंडल जोगिन्दरनगर में 25 वर्षीय ज्योति की संदिग्ध हालात में मौत होने की दुखद खबर प्रकाश में आई है। उक्त युवती विधानसभा देहरा की रहने वाली बताई जा रही है। पुलिस की सूचना के अनुसार उक्त युवती एक बैंक की कर्मचारी है। युवती जोगेंद्रनगर के तहत मकडैना गांव में एक किराये के कमरे में रहती थी। बताया जा रहा है कि उक्त युवती की करंट लगने से मौत हुई है। रविवार को छुट्टी होने की वजह से ज्योति कमरे से बाहर नहीं निकली, तो देर सायें स्थानीय वाशिंदों ने इसकी सूचना पंचायत प्रधान को दी। वहीं उन्होंने पुलिस को भी इसके बारे में सूचित किया गया। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस टीम ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो युवती का शव बरामद हुआ। डीएसपी जोगिन्दरनगर लोकिन्द्र नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ज्योति के घरवालों को उसकी मृत्यु की सूचना दे दी गयी है। ज्योति के पिता विनोद शर्मा भी जोगेंद्रनगर पहुंच गए हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
कैप्टन संजय ने कहा है कि रामायण भोग नहीं, त्याग की गाथा है। रामायण में त्याग की प्रतियोगिता चल रही है और बड़ी बात यह भी है कि इसमें सभी प्रथम स्थान पर हैं। बलिदान के मामले में कोई पीछे नहीं है। भगवान श्रीराम और उनके भाईयों का प्रेम व समपर्ण आज के स्वार्थी होते जा रहे युग में भी मिल-जुल कर रहने की शिक्षा देता है। श्रीराम सेवा समिति, रक्कड़ द्वारा करवाई जा रही रामलीला में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पराशर ने कहा कि रामायण के हर पात्र में कोई न कोई विशेषता जरूर है। अगर प्रभु श्रीराम के साथ माता सीता और लक्ष्मण वनवास के लिए गए थे, तो उर्मिला का वनवास भी तो गजब का था। हनुमान की सेवा भावना का कोई मुकाबला नहीं हो सकता है। उनका विनम्र आचरण और अपने से बड़ों और छोटों सबको सम्मान देना हम सबको एक सीख देता है। संजय ने कहा कि रामायण से सबसे बड़ी सीख हमें मिलती है कि बुराई से सदैव दूर रहना चाहिए। हर कार्य को सच्चे और अच्छे मन से करना चाहिए। कैप्टन संजय ने रामलीला के सफल संचालन के लिए आयोजकों पविन्द्र सिंह बबली, सतवीर सिंह ठाकुर, स्वामी जी, सुखदेव और प्रभात सिंह को बधाई दी और श्रीरामलीला कमेटी को 41 हजार रूपए का योगदान दिया। इस मौके पर रक्कड़ के पूर्व प्रधान संजय धीमान और संदीप कुमार चेला भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अर्की से बीजेपी प्रत्याशी रतन सिंह पाल के पक्ष में दाड़लाघाट में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान जयराम ठाकुर विपक्ष पर खूब हमलावर रहे। उन्होंने विपक्ष पर कई तीर साधे और कांग्रेस के स्टार प्रचारकों, खास तौर पर कन्हैया कुमार को आड़े हाथों लिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल में उस व्यक्ति को स्टार प्रचाकर बनाया गया है जो सेना के जवानों को रेपिस्ट कहता है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों को दूसरे प्रदेशों से बुलाया है। उन्हें हिमाचल के नेताओं पर भरोसा ही नहीं है। कांग्रेस में भविष्य देख कर कन्हैया और सिद्धू उस पार्टी में गए थे, लेकिन कांग्रेस की हालत और खराब हो गई।इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंच से दिवंगत विधायकों और सांसद रामस्वरूप शर्मा को याद किया। जयराम ठाकुर ने कहा इस साल हमने बहुत से वरिष्ठ नेतृत्व को खोया। उन्होंने पूर्व सांसद स्वर्गीय पंडित रामस्वरूप शर्मा, जुब्बल कोटखाई से पूर्व विधायक नरेंद्र बरागटा, फतेहपुर से कांग्रेस विधायक रहे स्वर्गीय सुजान सिंह पठानिया और अर्की से विधायक रहे वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अर्की से बीजेपी प्रत्याशी रतन सिंह पाल की तारीफ भी की। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार के अब तक के कार्य और योजनाएं भी गिनवाईं। उन्होंने हिमकेयर, गृहिणी सुविधा योजना, शगुन योजना का जिक्र किया। सीएम ने कहा, कोविड के कारण हम आप लोगों के बीच नहीं आ सके तो वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास किए। हिमाचल में हमने कहीं भी कुछ कहा है तो सब पूरा किया गया है। एक-एक वादा पूरा किया जाएगा। उस वादे को पूरा करने का आनंद तब आएगा जब यहां विधायक सरकार के साथ चलने वाला विधायक हो।'
विधानसभा इंदौरा के अंतर्गत आने वाली पंचायत डैक्वां में बीती रात रामलीला देखने गए एक युवक की मोटरसाइकिल को शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे मोटरसाइकिल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पीड़ित दिलावर सिंह के पुत्र प्रकाश सिंह ने बताया कि बीती रात वे अपने बच्चों के साथ रामलीला देखने गया और अपनी मोटरसाइकिल को दुकान के पास खड़ी करके चला गया। लेकिन जब वे रामलीला देखने के बाद घर जाने लगा तो उसकी बाइक धू धू कर जल चूंकि थी। स्थानीय निवासी प्रशांत सिंह बंदराल ने बताया कि जहां इस मोटरसाइकिल को आग लगी है, वहां अवैध तरीके से देसी शराब बेची जाती है। हो सकता है किसी शराबी ने इस कार्य को अंजाम दिया हो, पुलिस को भी कई बार इस विषय में शिकायत दी गयी है कि इस जगह पर शराब की बिक्री की जाती है। लेकिन शराब बेचने वालों पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वही इस घटना के चलते पुलिस मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारणों का पता लगा रही है।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में आस्था व श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। इसी के चलते बड़े बड़े अधिकारी भी ज्वाला माता के दिव्य दर्शनों के लिए माता के दरबार में हजारी लगा रहे हैं। इसी के चलते शक्तिपीठ ज्वालामुखी में पटना बिहार प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश संजय करोल ने दिव्य ज्योतियों के दर्शन किये और माता ज्वाला का आशीर्वाद लिया। पुजारी व न्यास सदस्य प्रशांत शर्मा ने उनसे विधिवत पूजा अर्चना करवाई। मन्दिर प्रसाशन द्वारा उन्हें माता की चुनरी व तस्वीर भी भेंट की गई।
प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त हि प्र अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ व हि प्र विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन द्वारा सुंदर नगर में शहीदी स्मारक चौक पर 'शहीदी दिवस' का आयोजन किया गया। इसमें विशेष अतिथि के रुप में महासंघ के प्रदेश महामंत्री राजेश शर्मा उपस्थित रहे। उनके साथ जिला महासचिव लाल सिंह ठाकुर, संयुक्त सचिव मुरारी लाल शर्मा व सदर ब्लाक के प्रधान योगेन्द्र पाल सरोच ने भी शिरकत की तथा पूर्व कर्मचारी नेता हरीश शर्मा और लाल सिंह चावला भी उपस्थित रहे। इस मौके पर प्रदेश महासचिव ने कहा कि 10 अक्टूबर 1980 को कर्मचारी हितों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री राम लाल ठाकुर के शासनकाल में फायरिंग में कर्मचारी भाई अमर सिंह विद्युत विभाग एवं भाई रत्नु तकनीकी शिक्षा शहीद हो गए थे। ऐसे ही संघर्ष के दौरान प्रदेश के कई स्थानों पर विभिन्न घटनाओं में शहीद हुए कर्मचारी नेताओं की याद में हर वर्ष 10 अक्टूबर को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ शहीदी दिवस के रूप में मनाता आया है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के बाद शीघ्र ही जेसीसी बैठक का आयोजन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा। जिसमें सभी विभागों के कर्मचारियों की जायज मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। इस हेतु 62 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को भेजा जा चुका है। उन्होंने अगले साल बेहतर व योजनाबद्ध तरीके से शहीदी दिवस मनाने की बात कही। शहीदों की स्मृति में सुंदर नगर अस्पताल में निर्मित सराय को सुचारू रूप से चलाने का मामला भी प्रशासन से उठाने का भरोसा दिलाया।
भाजपा का वॉर रूम अभी से नहीं बल्कि पहले से ही सुदृढ़ रूप से चल रहा है। लेकिन अब चुनावों की दृष्टि से वॉर रूम की भूमिका बढ़ गई है। इन उप चुनावों में वॉर रूम की अहम भूमिका रहने वाली है। वॉर रूम भाजपा की आँखों का काम करता है, धरातल की रिपोर्ट नेतृत्व तक पहुचाने का काम यह रूम करेंगे। भाजपा के वॉर रूम में 20 लोग काम कर रहे है, जो पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं को सूचना एवं संपर्क पंहुचा रहे है। चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख गणेश दत्त ने आज वॉर रूम में काम करने वाले लोगों के साथ बैठक की। उनके साथ प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सुशील राठौर, शुभंकर सूद और हिमांशु जसरोटिया उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओ के लाभार्थियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सभी लाभार्थियों की सूची तय करने के उपरांत उनसे संपर्क किया जाएगा। गणेश दत्त ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों का हमेशा से सम्मान किया है और उनकी सरकार ने ही सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन का तोफा भी दिया था। भाजपा सभी वन रैंक वन पेंशन प्राप्त करने वाले फौजियों से सीधा संवाद करेगी। फौजियों के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंडी संसदीय क्षेत्र से ब्रिगेडियर खुशाल सिंह को भाजपा का उम्मीदवार बनाया है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का भी जनता को बड़ा लाभ हो रहा है। कोविड संकटकाल के समय प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को मुफ्त राशन मिला है। हिमाचल में 356 करोड़ की सब्सिडी राशन वितरण प्रणाली के लिए मुहैया करवाई है।
15 विधानसभा क्षेत्रों वाला जिला कांगड़ा हिमाचल में सत्ता का रुख तय करता है। जिसने कांगड़ा जीता प्रदेश की सत्ता भी उसी को मिलती है और ये सिलसिला 1985 से चला आ रहा हैं। विधानसभा चुनाव में अभी एक वर्ष का समय है पर जिला कांगड़ा की फतेहपुर सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। ऐसे में दोनों दल कांगड़ा के सियासी समीकरण साधकर चलने का प्रयास करते दिख रहे है। कांग्रेस की बात करें तो 2017 केविधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी का लोकसभा चुनाव में भी सफाया हो गया था। फिर जिला परिषद में भी स्थिति कुछ खास नहीं थी। हालांकि नगर निगम चुनाव में जरूर पार्टी ठीक करने में कामयाब रही। ऐसे में फतेहपुर सीट बरकरार रखना कांग्रेस के लिए बेहद जरूरी है। वहीँ यदि भाजपा फतेहपुर उपचुनाव जीत जाती है तो निसंदेह ये पार्टी की बड़ी कामयाबी होगी। ऐसे में 2022 के लिहाज से ये उपचुनाव जिला में हवा बनाने बिगाड़ने का काम कर सकता है। पिछला उपचुनाव जीती थी कांग्रेस करीब 12 साल बाद एक बार फिर फतेहपुर में उप चुनाव होने जा रहा हैं। इससे पहले 2009 में तत्कालीन विधायक डॉ राजन सिंह सुशांत के सांसद बनने के चलते उप चुनाव हुआ था। तब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और प्रो प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री थे। बावजूद इसके भाजपा उप चुनाव हार गई थी और सुजान सिंह पठानिया के दम पर कांग्रेस ने कमाल कर दिखाया था। पीएम मोदी की रैली भी रही थी बेअसर 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने फतेहपुर से कृपाल परमार को टिकट दिया था, पर तब बागी हुए बलदेव ठाकुर और राजन सुशांत ने पुरा खेल बिगाड़ दिया था। तब खुद पीएम मोदी ने फतेहपुर में जनसभा की थी लेकिन बाजी कांग्रेस मार ले गई। अब फिर भाजपा पर दबाव है। 2007 का विधानसभा चुनाव छोड़ दे तो फतेहपुर का वोटर अर्से से भाजपा पर मेहरबान नहीं दिखा है।
जुब्बल कोटखाई में भाजपा का एक धड़ा अब भी नीलम सरैक के साथ है। ये वो लोग है जो या तो पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्त्ता है जिनके लिए पार्टी हाईकमान का निर्णय सर्वोपरि है या वो लोग जो शुरुआत से लेकर ही नीलम सरैक को टिकट मिलने की पैरवी कर रहे थे। भाजपा में अंतर्कलह की स्थिति कितनी प्रखर है ये इस बात से समझा जा सकता है की नीलम के समर्थक भाजपाई चेतन समर्थकों पर मारपीट के आरोप लगा रहे है। जान को खतरे की बात भी कही गई है। इस मुद्दे को भुनाया भी जा रहा है। हालांकि नीलम स्वयं अब भी चेतन को अपना छोटा भाई ही करार दे रही है। नीलम का चुनावी उद्धघोष भी स्वर्गीय नरेंद्र ब्रागटा द्वारा किये गए कार्यों को पूरा करने के आसपास ही घूम रहा है। नीलम इस क्षेत्र से तीन बार जिला परिषद की सदस्य रह चुकी है और 1997 से पार्टी के साथ जुड़ी हुई है। उन्हें चुनावी राजनीति का अनुभव भी है और हाईकमान का आशीर्वाद भी, बस दो धड़ों में बट चुकी भाजपा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। नीलम की योगयता पर भी कोई संदेह नहीं है, बस चूक यहां भाजपा आलाकमान से हुई लगती है क्यों कि अगर शुरू से चेतन को टिकट के लिए आश्वस्त नहीं किया जाता तो शायद कि इस तरह का विद्रोह होता। बहरहाल स्थिति जो भी हो पर भाजपा के चुनाव मैनेजमेंट पर कोई संशय नहीं है। जमीनी स्तर पर पार्टी बेहद बारीकी से डैमेज कण्ट्रोल में जुटी है और निसंदेह चेतन को मनाने के प्रयास हो रहे है। नीलम को चुनाव लड़ने का ख़ासा अनुभव भी है जो इस चुनाव में उनके काम आ सकता है।
भाजपा की लड़ाई से इतर जुब्बल-कोटखाई निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा सरकार पर ताबड़तोड़ हमले कर रही और बेरोज़गारी, महंगाई जैसे मुद्दे लेकर जनता के बीच है। यहां कांग्रेस एकजुट है और रोहित ठाकुर एक मजबूत उम्मीदवार दिख रहे। रोहित 2003 और 2012 में जुब्बल कोटखाई से विधायक रहे है। रोहित ठाकुर ही वो नेता जिन्होंने साल 2003 में पूर्व विधायक स्व नरेंद्र बरागटा को हराया था। 2017 में भी रोहित ठाकुर मात्र 1062 वोटो से हारे थे। ऐसे में टिकट के लिए उन्हें किसी अन्य चेहरे से ज्यादा चुनौती नहीं मिली और अब पूरी कांग्रेस एक जुट होकर उन्हें जीत दिलाने में लगी है। 2017 में हारने के बाद भी रोहित लगातार क्षेत्र में सक्रीय रहे है, उनकी जमीनी पकड़ भी क्षेत्र में स्पष्ट देखने को मिलती है। पर अति आत्मविश्वास की स्थिति हमेशा कांग्रेस के लिए बड़ी परेशानी रही है, इससे कांग्रेस को बचना होगा। 2017 के चुनाव में भी कांग्रेस जीत को लेकर आश्वस्त थी और नतीजा सबके सामने है। वीरभद्र सरकार ने दी थी सीए स्टोर को मंजूरी पराला मंडी में सीए स्टोर स्थापित करने के मुद्दे पर श्रेय लेने की होड़ लगी है। भाजपाई इसे अपनी उपलब्धि बता रहे है तो कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर का कहना है कि किसी भी बड़ी परियोजना के लिए मंजूरी मिलना मुश्किल कार्य होता है, जबकि घोषणाएं करना आसान। वीरभद्र सरकार में प्रदेश को मिले सबसे बड़े 1134 करोड़ के बागवानी प्रोजेक्ट के तहत सीए स्टोर को पराला में बनाने की मंजूरी मिली थी। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी सीए स्टोर निर्माण की मंजूरी दी गई थी। भाजपा सरकार का इस प्रोजेक्ट से कोई लेना देना नहीं है, यह सरकार केवल श्रेय लेने की होड़ में लगी है। जयराम सरकार ने तो प्रदेश के बागवानों को मिलने वाली निशुल्क कीटनाशक दवाइयों पर भी रोक लगा दी है। इससे पता लगता है कि यह सरकार बागवानों की कितनी हितेषी है? इस प्रोजेक्ट को मंजूर करवाने में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व पूर्व बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स का योगदान रहा है। रोहित कहते है कि वर्तमान बागवानी मंत्री के ब्यान तो साफ दर्शाते हैं कि उन्हें बागवानी की कोई समझ ही नहीं है। कांग्रेस सरकार ने एपीडा के तहत हिमाचल में सात सीए स्टोर स्थापित करने का प्लान तैयार किया था। इनमें से 3 सीए स्टोर जुब्बल कोटखाई में ही स्थापित करने का प्रावधान रखा गया था, चूंकि यह क्षेत्र सेब बाहुल्य के लिए जाना जाता है।
सत्ता में हो या फिर विपक्ष में, स्व. बरागटा प्रदेश के बागवानों के हर मसले की आवाज बने। विधानसभा सदन से लेकर केंद्र सरकार तक बागवानों की आवाज बुलंद करने में उन्होंने कोई कमी नहीं छाेड़ी। वर्तमान जयराम सरकार में वे मुख्य सचेतक थे और विधानसभा के हर सत्र में वो बागवानों के हितों की बात करते दिखते थे। सेब पर कमीशन हो या फिर फसल बीमा कंपनियों की ओर से भ्रष्टाचार का मसला, इन सभी एजेंडों पर स्व. बरागटा ने सरकार के समक्ष ठोक-बजा कर बागवानों का पक्ष रखा। यहां तक की देश की विभिन्न मंडियों में बिकने वाले विदेशी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का मुद्दा भी स्व. बरागटा उठाते रहे। 1998 की धूमल सरकार में बागवानी मंत्री रहते हुए नरेंद्र बरागटा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी के समक्ष भी ये मामला उठाया था, ताकि प्रदेश के बागवानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इसके बाद अगली धूमल सरकार में भी वे बागवानी मंत्री थे और यूपीए सरकार के सामने ये विषय रखा। जब भी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते बागवानों की फसल नष्ट होती, तो उस समय एक ही नेता सामने आता रहा, वह थे नरेंद्र बरागटा। हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद स्व. बरागटा ने प्रदेश सरकार से मांग की थी कि वह तुरंत सेब क्षेत्रों में टीमें भेजे और बागवानों किसानों को तुरंत मुआवजा प्रदान करे। अपनी ही सरकार को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा था कि केवल आकलन करने से कुछ नहीं होगा क्योंकि पिछले साल हुए नुकसान पर भी सरकार केवल आकलन ही करती रह गई थी। जयराम राज में नहीं मिला मंत्री पद भारतीय जनता पार्टी में स्व नरेंद्र बरागटा के कद का अंदाजा इसी बात से पता चलता है कि 1998 में पहली बार विधायक बनते ही उन्हें धूमल सरकार में बागवानी राज्य मंत्री बनाकर स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया। इसके बाद प्रेम कुमार धूमल की सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें कैबिनेट दर्जा दिया गया। बागवानी विभाग के अलावा तकनीकी शिक्षा विभाग का जिम्मा दिया गया था। 2012 में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर राजीव बिंदल के त्यागपत्र देने के बाद स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा भी उन्हें सौंपा गया था। 2017 में नरेंद्र बरागटा तीसरी बार विधायक बने और प्रदेश में जयराम सरकार बनी। भाजपा की बदली हुई सियासत ने उन्हें मंत्रिपद से तो वंचित रखा गया, लेकिन उन्हें पूरी तरह दरकिनार करना भी मुमकिन नहीं था, सो उन्हें मुख्य सचेतक बनाकर कैबिनेट दर्जा दिया गया।
बरसात का मौसम खत्म हुआ और उपचुनाव आ गए, साथ ही शुरू हो गई कच्चे -पक्के वादों की बरसात और इस बरसात में उठ रही बगावत की गंध ने सियासी तौर पर माहौल और भी रोचक बना दिया है। जुब्बल कोटखाई में भाजपा दो धड़ों में बंट गई गई है। एक तरफ बरागटा को श्रद्धांजलि देने वाले लोग जमा हो गए है तो दूसरी तरफ भाजपा के निष्ठावान सिपाही बचे है। दो गुटों में बंटें ये भाजपाई पहले आपस में लड़ेंगे और फिर कांग्रेस से मुकाबले पर बात होगी। वहीं जुब्बल कोटखाई कांग्रेस एकजुट होकर भजपाईओं के इस तमाशे का आनंद ले रही है। पर कांग्रेस की राह इतनी भी आसान नहीं होगी जितना कुछ समर्थक सोच कर चल रहे है। विशेषकर बरागटा के प्रति दिख रही सहानुभूति कुछ भी गुल खिला सकती है, बशर्ते वे मैदान में डटे रहे। बहरहाल यदि बरागटा डटे रहे तो ये सहानुभूति कितनी वोट में तब्दील होती है और किस किसको नुकसान पहुंचाएगी, ये ही विश्लेषण का विषय होगा। जुब्बल कोटखाई की राजनीति समझने वाले मानते है कि इसे सीधे तौर पर सिर्फ भाजपा का नुक्सान नहीं समझना चाहिए, जब सहानुभूति प्रखर होती है तो राजनैतिक सीमायें नहीं देखती। जो माहौल और जन सैलाब चेतन बरागटा को टिकट न मिलने पर आहत हुए लोगों ने खड़ा किया उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और न ही अनदेखा किया जा सकता है भाजपा की सुनियोजित रणनीतियों को। खैर आगे जो भी हो इतना स्पष्ट है की जुब्बल कोटखाई का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। ये उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भाजपा के सामने सीट बचाने की चुनौती है तो कांग्रेस के सामने अपनी परंपरागत सीट को फिर कब्जाने की, वहीँ चेतन बरागटा ने इसे मान सम्मान की जंग बना लिया है। कांग्रेस ने जुब्बल कोटखाई से पूर्व विधायक रोहित ठाकुर को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने गहन मंथन और जोड़ तोड़ के बाद चेतन बरागटा का टिकट काट कर नीलम सरैक को टिकट दिया है। नीलम सरैक को टिकट देकर पार्टी एक मापदंड स्थापित करना चाहती थी कि भाजपा वंशवाद और परिवारवाद के खिलाफ है। हालाँकि ये पोलिटिकल स्टंट पार्टी को उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। भाजपा ने शायद कभी नहीं सोचा होगा की चेतन के समर्थन में इतने लोग मैदान में उतर भाजपा के खिलाफ बगावत कर देंगे। चेतन पूरी तैयारी कर चुके थे, टिकट न मिलने पर उन्होंने ये तक कह डाला कि उन्हें बर्बाद कर दिया, उन्हें धोखा दिया गया। चेतन समर्थकों के बीच आकर रो दिए और पूरा माहौल बदल दिया। भाजपा के कई समर्थक भी चेतन को टिकट न मिलने से खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है। दरअसल जुब्बल कोटखाई ऐसा उपचुनाव क्षेत्र है जहां चुनाव की घोषणा से पहले ही प्रचार प्रसार शुरू हो गया था। भाजपाई पिछले तीन महीनों से चेतन के साथ गांव -गांव घूम प्रचार प्रसार कर रहे थे परंतु टिकट बदल पार्टी ने उस पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। ये समर्थक पार्टी के वंशवाद के तर्क को भी सिरे से खारिज कर रहे है। इनका कहना है की चेतन पिछले 14 सालों से पार्टी के लिए काम कर रहे है। वे भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष भी है। उन्होंने पिछले कई सालों से पार्टी को मज़बूत करने का काम किया है। उन्हें टिकट देना वंशवाद नहीं कहला सकता। यहां नीलम सरैक पर भी तरह - तरह के आरोप लगाए जा रहे है। कुछ का कहना है की नीलम ने कांग्रेस के साथ मिलकर पार्टी को कमज़ोर करने का काम किया है तो कुछ उनपर पार्टी कार्यकर्ताओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगा रहे है। हाल फिलहाल चेतन ने मैदान में उतर कर यहां के समीकरण बदल दिए है। दो बार खिला कमल, दोनों बार बरागटा थे मैदान में जुब्बल-कोटखाई वो विधानसभा क्षेत्र है जहां कमल खिलाना भजपा के लिए कभी आसान नहीं रहा। इस विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस का गढ़ तो कहा ही जाता है मगर जुब्बल - कोटखाई को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ठाकुर रामलाल का गढ़ कहना भी गलत नहीं होगा। ठाकुर रामलाल कुल नौ मर्तबा जुब्बल कोटखाई से विधायक रहे है। उनके निधन के बाद दो बार इस विधानसभा क्षेत्र की कमान उनके पोते रोहित ठाकुर भी संभाल चुके है। अब तक भाजपा को यहां केवल दो ही बार जीत मिल पाई है। कांग्रेस के इस गढ़ में कमल खिलाने वाले नेता थे पूर्व विधायक नरेंद्र बरागटा। वर्ष 2003 में बरागटा ने इस विस क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा मगर वे जीत नहीं पाए। इसके बाद विपक्ष में रहते हुए वे पांच साल जुब्बल - कोटखाई की आवाज बने रहे। नतीजन 2007 में उन्हें जुब्बल - कोटखाई की जनता ने वोट रुपी आशीर्वाद दिया और पहली बार इस सीट पर भाजपा विजयी हुई। 2017 में भी इस विधानसभा क्षेत्र से नरेंद्र बरागटा ही जीते। 2003 से सत्ता के साथ जुब्बल-कोटखाई जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की जनता 2003 से ही सत्ता के साथ चलती आ रही है। वर्तमान में भाजपा की सरकार है तो भाजपा के नरेंद्र बरागटा जीते, 2012 में कांग्रेस की सरकार में कांग्रेस के रोहित ठाकुर और उससे पहले 2007 में भाजपा की सरकार थी तो भाजपा के नरेंद्र बरागटा जीते थे। इसी तरह 2003 के चुनाव में रोहित ठाकुर को जनता का आशीर्वाद मिला। यहां वीरभद्र सिंह भी हारे है 1990 में वीरभद्र सिंह हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतरे। उस चुनाव में वीरभद्र दो सीटों से लड़े, रोहड़ू और जुब्बल कोटखाई। रोहड़ू में तो वीरभद्र जीत गए लेकिन जुब्बल कोटखाई में करीब पंद्रह सौ वोट से हार गए। दिलचस्प बात ये है की वीरभद्र सिंह को हराने वाले थे वहीं ठाकुर रामलाल जिन्हें कुर्सी से हटाकर वीरभद्र सिंह पहली बार सीएम बने थे। दरअसल मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद ठाकुर रामलाल को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया था और प्रदेश की राजनीति से एक किस्म से वे दूर हो गए थे। धीरे -धीरे ठाकुर रामलाल और कांग्रेस के बीच भी खाई बनती गई और ठाकुर रामलाल जनता दल में शामिल हो गए। 1990 के विधानसभा चुनाव में ठाकुर रामलाल ने जनता दल से टिकट पर जुब्बल कोटखाई से चुनाव लड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को परास्त करके अपनी पकड़ का लोहा मनवाया। दो मुख्यमंत्री देने वाल इकलौता क्षेत्र जुब्बल कोटखाई, हिमाचल प्रदेश का इकलौता ऐसा निर्वाचन क्षेत्र जिसने दो मुख्यमंत्री दिए है, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह। नौ बार के विधायक और तीन बार मुख्यमंत्री रहे ठाकुर रामलाल की कर्मभूमि रहे जुब्बल कोटखाई की सियासत हमेशा से ही रोचक रही है। 1977 में ठाकुर रामलाल जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब वे इसी सीट से विधायक थे। फिर 1980 में जब शांता सरकार को गिराकर ठाकुर रामलाल दूसरी बार मुख्यमंत्री बने तब भी वे इसी सीट से विधायक थे। 1982 में विधानसभा चुनाव हुए और कांग्रेस ने रिपीट किया और जुब्बल कोटखाई से विधायक ठाकुर रामलाल तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। फिर 1983 में हिमाचल की सियासत में टिम्बर घोटाले के चलते बवाल मच गया। तब इसी बवाल में मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल की कुर्सी चली गई और वीरभद्र सिंह पहली बार सीएम बने थे। सियासत के जादूगर वीरभद्र सिंह ने जनता की नब्ज को भांपते हुए विधानसभा जल्दी भंग करवा दी और 1985 में ही विधानसभा चुनाव करवा दिए। दिलचस्प बात ये है कि 1985 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह ने अपना चुनाव क्षेत्र बनाया जुब्बल कोटखाई को। उसी जुब्बल कोटखाई क्षेत्र को ठाकुर रामलाल का गढ़ था। वीरभद्र सिंह जीत गए और दूसरी बार मुख्यमंत्री भी बन गए। यानी जुब्बल कोटखाई को दूसरा मुख्यमंत्री मिल गया।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में आजकल शारदीय नवरात्रों में भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में प्रशासन द्वारा पूर्णतया व्यवस्था बनाई गई है। इसी के चलते सोमवार को एसपी कांगड़ा खुशहाल सिंह ने ज्वालाजी मन्दिर पहुंचकर श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओ व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों व सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। एसपी कांगड़ा ने शक्तिपीठ ज्वालामुखी में परिवार सहित पूजा अर्चना की और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। मन्दिर प्रशासन की तरफ से उन्हें माता का सिरोपा व तस्वीर भेंट की गई। एसपी कांगड़ा खुशहाल सिंह ने बताया कि शक्तिपीठों में जिला प्रसाशन की तरफ से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी शक्तिपीठों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और कोविड प्रोटोकाल का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने नवरात्रों की सभी को बधाई दी और कोरोना महामारी के नाश की माता से प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी अभी खत्म नही हुई है इसलिए स्वयं को बचाना ज्यादा जरूरी है और इसके लिए हम सभी को कोरोना नियमों का पालन करना चाहिए, मास्क जरूर लगाना चाहिए क्योंकि मास्क लगाकर ही आप सुरक्षित रह सकते हैं और स्वयं और परिवार की भी रक्षा कर सकते हैं।
उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत पड़ते पठा चोंक नेशनल हाइवे पर इन दिनों बड़े-बड़े खड्डे हादसों को न्योता दे रहे हैं। वहीं इन गहरे खड्डों को भरने का बीड़ा स्थानीय कोचिंग सेंटर पाइसा के युवकों ने उठाया है। यही नहीं शनिवार व रविवार को उक्त युवकों ने सड़क पर पड़े खड्डों को मिट्टी डालकर भरा। जिस सड़क के खड्डों की तरफ एनएच विभाग का ध्यान तक नहीं गया। आपको बता दें कि सड़क के बीचों-बीच पड़े उक्त खड्डे आये दिन बड़े हादसों को न्योता दे रहे थे। जिसे विभाग द्वारा भी भरना मुनासिफ नहीं समझा गया। परन्तु यह कार्य युवकों द्वारा कर दिखाया, जिसकी तारिफ समस्त क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही है। इस दौरान निशांत, रितेश राजेश, सचिन, अरुण, रोहित, पंकज, विंकन, आकाश, रोहित इत्यादि युवकों मौजूद रहे।
दी कृषि सहकारी सभा नंगल चौक की प्रबंधक कार्यकारिणी का गठन किया गया। संचालक बलराज सिंह की अध्यक्षता में हुए इस चुनावी समारोह मे सर्वसम्मति से प्रधान राजेंद्र कुमार व उप प्रधान रविचंद्र कुमार को चुना गया। इसी तरह कोषाध्यक्ष कमल देव, रवि वीरेंद्र नाथ तथा राजेश कुमार को सदस्य चुना गया। यह जानकारी सभा के सचिव नपिंदर कुमार ने दी।
फतेहपुर उपचुनाव के लिए गरली परागपुर के बिजली बोर्ड मे एक्सन रिटायर प्रेम चन्द कटोच ने फतेहपुर से बतौर आजाद उम्मीदवार अपना नामंकन भरते हुए जीत का दावा किया है। नामांकन पत्र भरने के बाद गरली में पत्रकारों से रुबरु होते हुए उन्होंने कहा कि मैने करीब 35 वर्षो तक बिजली बोर्ड मे अपनी सेवाएं दी। हिमाचल मे बारी-बारी सत्ता सम्भाल चुकी भाजपा व कांग्रेस राजनीति दलो ने आम जनता को महंगाई के दलदल मे डूबो कर एक दूसरे पर अनाप शनाप बयानबाजी करके आम जनता को लूटा है। प्रेम चन्द कटोच ने कहा कि उन्होंने बिजली बोर्ड भिन्न भिन्न पदो पर रहकर समूचे हिमाचल भर में लोगो की लगातार 24 घण्टे सेवा की है और अब फतेहपुर से अगर लोगो ने चाहा और उन्हें विधायक चुना तो वह रात दिन लोगो की सेवा मे कोई कसर बाकी नही छोड़ेंगे।
अनुराग ठाकुर अर्की पहुंचे और गोविन्द राम शर्मा के तेवर ढीले पड़ गए। पार्टी से दशकों पुराना नाता भी याद आ गया और कमल के फूल के प्रति निष्ठा भी बगावत में आड़े आ गई। नामांकन के अंतिम दिन तक बना सस्पेंस खत्म हुआ और भाजपा संभावित बगावत साधने में कामयाब रही। किन आश्वासनों के भरोसे गोविन्द राम शर्मा चुनावी मैदान से हटे, ये पार्टी के अंदर की बात है लेकिन इतना तय है कि कम से कम बाहरी तौर पर तो भाजपा अब अर्की में सशक्त और संगठित दिख रही है। मोटे तौर पर अब भाजपा के रतन सिंह पाल और कांग्रेस के संजय अवस्थी के बीच टक्कर होनी है।उधर कांग्रेस की सियासत फिर दिलचस्प हो गई है। पिछले कई चुनावों की तरह इस बार फिर पार्टी में विद्रोह - भीतरघात की स्थिति है। नतीजन जो कांग्रेस कुछ दिन पहले मजबूत लग रही थी उसे डर जरूर होगा कि कहीं विद्रोह उसे मजबूर न बना दे। कारण साफ है, खुला विद्रोह भीतरघात से अधिक नुकसान करता है। चलिए मान भी लेते है कि भाजपा को भीतरघात का 'फ्लू' हो सकता है पर कांग्रेस को तो विद्रोह का 'डेंगू' होता दिख रहा है। ऐसे में अर्की का संग्राम रोचक होना तय है। अर्की निर्वाचन क्षेत्र की सियासत बेहद रोचक रही है। अतीत पर नजर डाले तो यहां कांग्रेस -भाजपा दोनों को बराबर प्यार मिलता रहा है। वर्ष 1980 में भाजपा की स्थापना हुई थी और उसके बाद से अब तक हुए 9 विधानसभा चुनाव हुए है। इनमें कांग्रेस पांच मर्तबा तो भाजपा ने चार मर्तबा बाजी मारी है। पहले करीब ढाई दशक तक अर्की की सियासत हीरा सिंह पाल और नगीन चंद्र पाल के बीच घूमती रही, तो 1993 में कांग्रेस नेता धर्मपाल ठाकुर के विधायक बनने के बाद अर्की वालों ने उन पर लगातार तीन बार भरोसा जताया। फिर कर्मचारी राजनीति से सियासत में कदम रखने वाले गोविंद राम शर्मा दो बार जीते। पर 2017 के विधानसभा चुनाव में खुद सूबे के मुख्यमंत्री ( तत्कालीन ) वीरभद्र सिंह ने अर्की से मैदान में उतरने का निर्णय लिया और अर्की के विधायक बने। अब उनके निधन के बाद उपचुनाव होने जा रहा है, पर असंतोष और अंदरूनी खींचतान की आग दोनों ही राजनीतिक दलों को झुलसा सकती है। अवस्थी को टिकट, ठाकुर नाराज वीरभद्र सिंह के निधन के बाद अर्की उपचुनाव जीतना कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल होगा। बहरहाल, कांग्रेस ने फिर संजय अवस्थी को मैदान में उतारा है। जमीनी बात करें तो संजय अवस्थी शुरू से मजबूत दावेदार लग रहे थे। हालांकि राजेंद्र ठाकुर भी स्व. वीरभद्र सिंह से नजदीकी के बुते टिकट की दौड़ में रहें लेकिन अवस्थी के रहते पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। नाराज़ होकर राजेंद्र ठाकुर सहित ब्लॉक कांग्रेस अर्की के कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। यानी पार्टी में बगावत की स्थिति है और ऐसे में संजय अवस्थी की राह भी आसान नहीं होगी। दूसरा पक्ष ये भी है कि राजेंद्र ठाकुर और उनके समर्थकों के इस्तीफे के बाद पार्टी संगठन में नई नियुक्तियां संजय अवस्थी के मन मुताबिक हो गई। एक किस्म से अवस्थी फ्री हैंड होकर अपने निर्णय लेंगे। 2007 में कांग्रेस को भारी पड़ी गलती वर्ष 1993, 1998 और 2003 में कांग्रेस के धर्मपाल ठाकुर लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके थे। 2003 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और धर्मपाल ठाकुर को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया गया था। वे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में थे। अर्की क्षेत्र में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। पर बावजूद इसके 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बड़ी चूक हो गई और धर्मपाल ठाकुर का टिकट काट दिया गया। कहते है वीरभद्र सिंह इसके पक्षधर नहीं थे, वे धर्मपाल ठाकुर को ही टिकट देने के हिमायती थे। पर कांग्रेस आलाकमान ने वीटो इस्तेमाल करते हुए प्रकाश चंद करड को टिकट थमा दिया। आखिरकार हुआ वही जिसका अंदेशा था, हवा - हवाई उम्मीदवार देने का खामियाजा कांग्रेस ने भुगता और पार्टी तीसरे स्थान पर रही। प्रकाश चंद बुरी तरह चुनाव हारे। वहीँ दूसरे स्थान पर रहने वाले थे धर्मपाल ठाकुर जो कांग्रेस से टिकट कटने के बाद बतौर निर्दलीय मैदान में थे। प्रकाश चंद को जहां करीब साढ़े सात हज़ार वोट ही मिले थे वहीँ धर्मपाल ठाकुर को निर्दलीय लड़ने के बावजूद करीब साढ़े चौदह हजार वोट मिले थे। जाहिर सी बात है कि कांग्रेस की इस अंदरूनी लड़ाई का फायदा तब भाजपा को मिला था। माहिर मानते है की अगर कांग्रेस ने धर्मपाल ठाकुर का टिकट नहीं काटा होता तो संभवतः कांग्रेस अर्की में जीत का चौका लगाती। 2012 में बगावत ने बिगाड़े अवस्थी के समीकरण 2012 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने संजय अवस्थी को उम्मीदवार बनाया था। दरअसल 2008 में धर्मपाल ठाकुर का देहांत हो चूका था और 2007 का चुनाव लड़ चुके प्रकाश चंद भी तब तक खुद को स्थापित नहीं कर पाए थे। ऐसे में पार्टी को एक दमदार चेहरा चाहिए था और संजय अवस्थी पर पार्टी ने भरोसा जताया। पर अंदरूनी खींचतान और बगावत पार्टी को भारी पड़ी। दरअसल उस चुनाव में पार्टी के ही अमर चंद पाल बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे और 10 हजार से ज्यादा वोट लेकर कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया। नतीजन संजय अवस्थी करीब दो हजार वोट से चुनाव हार गए, पर तब से संजय अवस्थी ही स्थानीय कांग्रेस का मुख्य चेहरा बने हुए है। 2017 में वीरभद्र ने करवाई वापसी 2017 विधानसभा चुनाव से कई माह पहले से ही अर्की में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की विशेष मेहरबानी दिखने लगी थी। वीरभद्र सिंह के लगातार दौर और कई सौगातों ने संकेत दे दिए थे कि खुद वीरभद्र सिंह अर्की से मैदान में उतर सकते है। दरअसल वीरभद्र सिंह शिमला ग्रामीण की अपनी सीट से अपने पुत्र विक्रमादित्य सिंह को विधानसभा भेजना चाहते थे। हुआ भी ऐसा ही। उन्होंने विक्रमादित्य के लिए शिमला ग्रामीण सीट छोड़ दी और खुद अर्की से मैदान में उतर गए। जब खुद वीरभद्र सिंह मैदान में थे तो जाहिर सी बात है खुलकर कोई विरोध नहीं हुआ। जैसा अपेक्षित था वीरभद्र सिंह चुनाव जीत गए और दस साल बाद अर्की सीट वापस कांग्रेस के कब्जे में आ गई। पर उनके आने से संजय अवस्थी का इंतज़ार बढ़ गया। 2012 के बाद से ही संजय अवस्थी तैयारी में जुटे थे लेकिन तब उन्हें चुनाव लड़ने का मौका ही नहीं मिला। वर्ष विधायक पार्टी 1967: हीरा सिंह पाल निर्दलीय 1972: हीरा सिंह पाल लोक राज पार्टी 1977: नगीन चंद्र पाल जनता पार्टी 1982: नगीन चंद्र पाल भारतीय जनता पार्टी 1985: हीरा सिंह पाल कांग्रेस 1990: नगीन चंद्र पाल भारतीय जनता पार्टी 1993: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 1998: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 2003: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 2007: गोविंद राम शर्मा भाजपा 2012: गोविंद राम शर्मा भाजपा 2017 : वीरभद्र सिंह कांग्रेस
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश संजय करोल रविवार देर सांय अचानक अपने पैतृक गांव धरोहर गांव गरली पहुंचे। उन्होंने गरली पहुंचते ही अपने पूर्वजों का मकान जो कई वर्षों से बन्द पडा है, उसकी दहलीज पर जाकर करीब पांच मिन्नट तक नमस्तक होकर घुटनो के बल माथा टेका। इस दौरान न्यायधीश संजय करोल ने गरली के लोगो से भी आम ग्रामीण की तरह मुलाकात की और इलाके भर का हाल चाल जाना। गरली पहुंचे चीफ जस्टिस संजय करोल की सादगी व मिलनसारी देखकर हर कोई दंग रह गया। वही इससे पहले न्यायधीश संजय करोल ने मां चामुंडा, कांगड़ा "बगलामुखी" मे पूजा करवाने के बाद वह अपनी कुलदेवी गुम्मर "ज्वालामुखी "कालीनाथ कालेश्रवर महादेव में दर्शनों के पश्चात अपनी मां जठेरी माता नारी वण्डा के दर्शन करने रक्कड़ पहुंचे। बताते चले सजंय करोल शिमला मे बतौर चीफ जस्टिस अपना सेवाएं देने के बाद उन्हें त्रिपुरा मे चीफ जस्टिस के रूप में भेजा गया। वही इन दिनो संजय करोल पटना हाईकोर्ट मे बतौर चीफ जस्टिस अपनी सेवाएं दे रहे है ।
अगामी विधानसभा चुनावो से पहले जसवां परागपुर में भाजपा के कार्यकर्ता रहे युवा अपनी पार्टी को अलविदा कहकर कांग्रेस ज्वाइन करने लगे है। वही इसी कडी़ मे रविवाद को गांव स्वाना के 24 बेरोजगार युवाओ ने भाजपा को अलविदा कहकर कांग्रेसी नेता सुरेन्द्र सिह मनकोटिया का दामन थाम लिया। रविवार को गांव सवाना के करीब दो दर्जन युवाओं ने डाडा सीबा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस अध्यक्ष शुभम नांगला के नेतृत्व मे पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मनकोटिया से मिले व कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर भाजपा छोड़ कांग्रेस मे शामिल हुए। उक्त युवाओ का कहना है की प्रदेश भाजपा व केन्द्र सरकार ने हम युवाओ को रोजगार के नाम पर वोट की राजनिति की है। हमे रोजगार देना तो दूर उक्त सरकार के कार्यकाल मे आसमान छूती महंगाई, पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस सिलेंडर, खाद पदार्थो की बढती महंगाई ने हर किसी को परेशान कर दिया है। इस मौके पर युवा जसवां प्रागपुर अध्यक्ष शुभम नांगला, राष्ट्रीय कांग्रेस प्रवक्ता अक्षय डडवाल, जिला कांगड़ा युवा महासचिव सोनू नरयाल, युवा अध्यक्ष देहरा अमित ठाकुर, युवा उपाध्यक्ष साहिल ठाकुर, शुभम ठाकुर व अतिंद्र ठाकुर सहित दर्जनों युवा मौजूद रहे।
छात्र राजनीति के जमाने से संजय अवस्थी कांग्रेस से जुड़े है। 2012 में कांग्रेस ने संजय अवस्थी को पहली बार टिकट दिया था लेकिन तब अवस्थी करीब दो हजार वोट से चुनाव हारे थे। कारण था कांग्रेस का भीतरघात। फिर 2017 में खुद वीरभद्र सिंह अर्की से मैदान में उतरे और संजय अवस्थी के अरमानों पर पानी फिर गया। खास बात ये है कि राजा गुट ने तब संजय अवस्थी पर पार्टी विरोधी या यूँ कहे वीरभद्र सिंह के विरोध में काम करने का आरोप लगाया था। अब वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उपचुनाव के लिए पार्टी ने फिर संजय अवस्थी को टिकट दिया है। यहां संजय अवस्थी के सामने 'करो या मरो' की स्थिति है। इस बार नतीजे प्रतिकूल रहे तो भविष्य में उनकी राजनीतिक राह आसान नहीं होने वाली। इसी तरह भाजपा ने 2017 में दो बार के विधायक गोविंद राम शर्मा का टिकट काट रतन सिंह पाल को दिया था। तब निसंदेह रत्न सिंह पाल ने वीरभद्र सिंह को जोरदार टक्कर दी थी। पर रतन पाल के खिलाफ पार्टी के भीतर से आवाज उठती रही है, बावजूद इसके पार्टी को रतन पाल पर भरोसा है और उपचुनाव में उन्हें ही टिकट दिया गया है। पर यहां रतन पाल यदि जीत नहीं दर्ज कर पाए तो 2022 में उनकी दावेदारी निसंदेह कमजोर होगी।
भाजपा की ओर से अर्की उपचुनाव के लिए डॉ राजीव बिंदल को प्रभारी नियुक्त किया गया है। डॉ बिंदल सोलन नगर निगम चुनाव में भी प्रभारी थे और नतीजे मनमाफिक नहीं आये थे। बावजूद इसके पार्टी ने फिर इन्हे ही जिम्मेदारी दी है। दिलचस्प बात ये है कि सोलन नगर निगम चुनाव की तर्ज पर इस बार भी सह प्रभारी डॉ राजीव सैजल को बनाया गया है जो जयराम सरकार में कैबिनेट मंत्री भी है। यानी एक किस्म हाशिये पर चल रहे डॉ राजीव बिंदल प्रभारी है और सरकार में दमदार मंत्री डॉ सैजल सहप्रभारी। खेर इसमें कोई संशय नहीं है कि डॉ राजीव बिंदल संगठन के भी डॉक्टर है और अपने लम्बे राजनीतिक सफर में उन्होंने कई मौकों पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। उनकी जमीनी पकड़ और पोलिटिकल मैनेजमेंट को लेकर कोई सवाल नहीं है। पर डॉ राजीव सैजल के समर्थक जरूर इस आस में थे कि उन्हें अर्की में फ्री हैंड काम करने का मौका मिलता। खेर फिलवक्त डॉ राजीव बिंदल ही अर्की के रण में कमांडर इन चीफ की भूमिका में है, ऐसे में जाहिर है जीत का श्रेय उन्हें मिले न मिले पर हार की स्थिति में ठीकरा उनके सिर ही फूटेगा। सियासी माहिर मानते है कि ये बड़ी अजब बात है कि डॉ राजीव बिंदल को न सरकार में ज़िम्मेदारी मिल रही है और न ही संगठन में कोई अहम पद, बस चुनाव लड़वाने का प्रभार मिलता जा रहा है। प्रभार भी ऐसे चुनाव लड़वाने का मिलता है जहां पार्टी की डगर कठिन होती है। पहले सोलन नगर निगम चुनाव का प्रभारी बनाया गया और अब अर्की उपचुनाव का। सोलन में भी अंदरूनी अंतर्कलह और खींचतान के चलते पहले से पार्टी बैकफुट पर थी और अर्की में भी यदि बगावत के सुर इसी तरह प्रखर रहे तो पार्टी की नाव पार लगाना आसान नहीं होगा। फर्क इतना है कि सोलन में पार्टी के दो गुटों में से एक गुट बिंदल के निष्ठावानों का ही है, जबकि अर्की की राजनीति में डॉक्टर साहब की सीधी दखल नहीं है। ऐसे में अर्की में शायद बिंदल सोलन से ज्यादा असरदार दिखे। यहां एक बात पर गौर करना भी जरूरी है, यदि सोलन नगर निगम भाजपा जीत भी जाती तो शायद क्रेडिट मुख्यमंत्री के तूफानी दौरों को मिलता, जहां उन्होंने वार्ड -वार्ड छान मारा था। वहीँ हार के बाद मुख्यमंत्री के जनाधार पर तो सवाल उठे ही, पर खुलकर ये भी कहा जाने लगा कि डॉ बिंदल का जादू अब फीका पड़ा चूका है। दरअसल बिंदल के बेहद करीबी माने जाने वाले नेता भी चुनाव हार गए थे। ऐसे में अर्की में 'बिंदल मैनेजमेंट' नहीं चली तो विरोधी स्वर बुलंद होंगे। कर्नल ने संभाला कांग्रेस से मोर्चा अर्की में कांग्रेस ने सोलन विधायक और पूर्व मंत्री डॉ कर्नल धनीराम शांडिल को प्रभारी बनाया है। कर्नल शांडिल का कमाल सोलन नगर निगम चुनाव में भी दिखा था, तब बेशक प्रभारी राजेंद्र राणा थे लेकिन चुनावी व्यूह रचना में कर्नल शांडिल का इम्पैक्ट खूब दिखा था। अब पार्टी ने शांडिल को अर्की का प्रभारी बनाया है।
2017 में रतन सिंह पाल का मुकाबला खुद वीरभद्र सिंह से था। माना जा रहा था वीरभद्र सिंह आसानी से चुनाव जीतेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उनकी जीत का अंतर करीब छ हजार वोट रहा जो उनके कद के लिहाज से कम था। वहीं वीरभद्र सिंह को टक्कर देने के बाद रतन सिंह पाल एक किस्म से हार कर भी जीत गए। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें हिमाचल प्रदेश कोआपरेटिव डेवलपमेंट फेडरेशन का चेयरमैन बनाया गया। संगठन में भी रतन पाल को प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष का दायित्व मिला। कुल मिलाकर रतन सिंह पाल अर्की भाजपा का प्राइम फेस बन गए और अब भी बने हुए है। निकाय चुनाव में खरे नहीं उतरे पाल इसी वर्ष हुए स्थानीय निकाय चुनाव के टिकट वितरण में रतन सिंह पाल की ही चली। पर जिला परिषद में पार्टी के कई दिग्गजों के टिकट काटने का खामियाजा भाजपा ने भुगता। अंत में इन्हीं दिग्गजों के सहारे जैसे तैसे जिला परिषद् पर भाजपा का कब्ज़ा तो हो गया लेकिन रतन सिंह पाल के खिलाफ खुलकर आवाज उठने लगी। वहीँ अर्की नगर पंचायत चुनाव में भी भाजपा को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। बीडीसी पर भी कांग्रेस का कब्ज़ा रहा। हालांकि ये चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए थे। विरोधी एकजुट नहीं हुए तो रतन पाल की राह आसान इसमें कोई संशय नहीं है कि वर्तमान में अर्की भाजपा में गुटबाजी चरम पर है। पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा और उनके समर्थक खफा है। बेशक केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयास से गोविन्द राम शर्मा और उनके समर्थकों को मना लिया गया हो लेकिन उक्त गुट की नाराजगी पार्टी से ज्यादा रतन सिंह पाल से दिख रही है। ऐसे में इस में रतन पाल को उनका कितना समर्थन मिलता है ये देखना दिलचस्प होगा। दो बार कमल खिलाने वाले गोविन्द राम साइडलाइन 1993 से 2003 तक अर्की में लगातार तीन चुनाव हारने के बाद भाजपा बैकफुट पर थी। अर्की कांग्रेस का गढ़ बन चूका था और इसे ढहाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती थी। पर जब कांग्रेस ने सीटिंग विधायक धर्मपाल ठाकुर का टिकट काटा तो भाजपा को वापसी की उम्मीद दिखी। 2007 के चुनाव में भाजपा ने कर्मचारी नेता रहे गोविन्द राम शर्मा को टिकट दिया था और गोविंद राम के चेहरे और कांग्रेस में हावी बगावत के बूते अर्की में भाजपा का वनवास खत्म हुआ। इसके बाद 2012 में चुनाव में भी पार्टी ने गोविन्द राम शर्मा को मैदान में उतारा और वे दूसरी बार चुनाव जीत गए। पर 2017 में भाजपा ने गोविन्द राम शर्मा का टिकट काट कर रतन सिंह पाल को मैदान में उतारा और भाजपा अर्की का चुनाव हार गई। हालांकि अर्की से खुद वीरभद्र सिंह मैदान में थे लेकिन भाजपा के टिकट वितरण को लेकर सवाल उठे। कहते है तब बगावत साधने को भाजपा ने गोविन्द राम शर्मा को आश्वस्त किया था कि सरकार बनने की स्तिथि में उन्हें कोई महत्वपूर्ण पद और ज़िम्मेदारी मिलेगी, पर ऐसा हुआ नहीं। गोविन्द राम शर्मा एक किस्म से साइडलाइन कर दिए गए। बहरहाल गोविन्द राम शर्मा की प्रत्यक्ष बगावत भले ही साध ली गई हो पर नाराज़गी कितनी दूर हुई है, नतीजों के बाद ये विश्लेषण का विषय होगा।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट व नम्होल यूनिट की मासिक बैठक सुखराम नड्डा की अध्यक्षता में हुई। महासचिव प्रेम केशव ने बताया कि इस बैठक में बहुत पुरानी मांगों पर गंभीरता से विचार किया गया। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सरकार के नकारात्मक रवैया पर भारी रोष जताया। सदस्यों ने कहा कि पिछले 4 वर्ष से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की प्रदेश स्तर कमेटी को भिन्न मांगों पर विचार करने हेतु नहीं बुलाया गया जो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ सरासर धोखा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया गया कि पंजाब पे स्केल भत्ते को बेसिक पेंशन का हिस्सा बनाकर पुरानी मांग को अमलीजामा दिया जाए। इस दौरान विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर कमल ठाकुर, सुखराम नड्डा, नंदलाल, सुहारू राम, राम लाल, सुखराम शर्मा, नानकु राम, सीता राम, बद्रीनाथ, परसराम, बालक राम, प्रेम केशव, जगन्नाथ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
एनपीएस खंड दाड़लाघाट की नई कार्यकारिणी का गठन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में किया गया। जिसमें राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी देशराज भारद्वाज संचार सचिव, श्यामलाल गौतम संविधान प्रवेशक पर्यवेक्षक, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष अमित शर्मा पर्यवेक्षक के तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में विशेष रुप से संतराम जिला कोषाध्यक्ष एनपीएस एसोसिएशन सोलन व पवन कुमार वर्मा जिला कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान एनपीएस खंड दाड़लाघाट की पुरानी कार्यकारिणी को भंग करके नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से अनमोल शर्मा को अध्यक्ष, गोपाल दास उपाध्यक्ष, बलिराम भाटिया महासचिव, सतीश कुमार भाटिया कोषाध्यक्ष, खेमराज संयुक्त सचिव, दिनेश चंदेल प्रेस सचिव, तेजेंद्र कुमार शर्मा मीडिया प्रभारी, रूप लाल भारती वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महालेखाकार मदन गोपाल को नियुक्त किया गया। इस अवसर पर अनुपम गौतम, बृजलाल शर्मा, हेमराज, राजेंद्र राणा, शीशराम भाटिया, चुन्नीलाल, हरि सिंह, प्रकाश चंद शर्मा, ललित, मान सिंह, अनिल कुमार, अमन कुमार, सुनील शर्मा, बालकिशन, पंकज कुमार, रमेशठाकुर, जगदीश, राजेश, मलकीत सिंह, ओमप्रकाश, मंजू शर्मा सहित लगभग 50 कर्मचारियों ने भाग लिया।
रविवार को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिया भूईन व बड़ा भूईन पंचायतों में कैंप का आयोजन हुआ। इस कैंप में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राय नवनीत सूद व अधिवक्ता विक्रांत वैद्य, अधिवक्ता विनीत शर्मा व पेरा लीगल वालंटियर सुजाता शर्मा उपस्थित रहे।अधिवक्ता विक्रांत वैद्य ने मुफ्त कानूनी सहायता लीगल एड के बारे में पंचायत प्रतिनिधि व गांव वासियों को अवगत करवाया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राय नवनीत ने कानूनी अधिकारों के बारे में ,महिलाओं के अधिकार, गिरफ्तारियां के अधिकार, घरेलू हिंसा के अधिकार व अन्य अधिकारों के बारे में जनता व खासकर पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवनीत सूद ने यह भी कहा कि न्याय से कोई भी वंचित नहीं रहना चाहिए चाहे वह कितना ही गरीब हो। हर गरीब के लिए मुफ्त कानूनी सहायता संविधान के अनुसार उपलब्ध है।
कुनिहार: रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से राज दरबार परिसर मे चल रही रामलीला के पांचवे दिन का शुभारंभ शनि देव की झांकी से हुआ व कुनिहार के व्यवसायी राकेश झांजी ने आरती में भाग लेकर शनिदेव का आशीर्वाद लिया। इस दौरान खण्ड विकास अधिकारी केदार नाथ पांडे ने भी रामलीला मंच से प्रभु राम का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्हें समिति की ओर से सम्मानित किया गया। रामलीला देखने के लिए काफी संख्या में दर्शकों के पहुंचने से रामलीला के पात्रों में अभिनय के लिए अलग ही जोश नजर आ रहा है। वंही समिति की ओर से दर्शकों के लिये चाय के साथ-साथ प्रसाद वितरित किया जाता है। साथ ही रामलीला के निदेशक राधा रमन शर्मा व वरिष्ठ सदस्य देवेन्द्र शर्मा ने सभी दर्शकों से मास्क का उपयोग करने व सरकार के सभी जरूरी दिशा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया ताकि इस महामारी को रोका जा सके।
हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के तत्वावधान में परिवहन निगम के कर्मचारियों की मांगों को पूरा करवाने के लिए चलाए जा रहे आन्दोलन में जन-जागरण अभियान के दौरान एचआरटीसी केलांग यूनिट में समन्वय समिति के पदाधिकारियों द्वारा रविवार को गेट मीटिंग आयोजित की गई। गेट मीटिंग में केलांग यूनिट में कार्यरत सभी कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि राज्य स्तरीय परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति द्वारा कर्मचारियों की मांगे पूरी न होने के कारण 18 अक्तूबर को काम छोड़ो आन्दोलन का जो निर्णय लिया है जिसका वे पुरजोर समर्थन करते हैं और एचआरटीसी केलांग यूनिट के सभी कर्मचारी इस आन्दोलन में शामिल होगें। गेट मीटिंग के माध्यम से निगम प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा करे। गेट मीटिंग प्यार सिंह, मान सिंह, खेमेन्द्र गुप्ता, जगदीश चन्द, पूर्ण चंद, समर चौहान, राजिंद्र सिंह, दूनी चन्द, बेली राम, नवल किशोर, खीरा मणि, संजीव कुमार, अजय कुमार, हरीश कुमार, सुभाष कुमार, तेनजिन, होशियार सिंह, आदि मौजूद रहे।
मंडी संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी खुशाल ठाकुर ने रविवार को लाहौल-स्पीति जिले के उदयपुर में लोगों के समर्थन मांगा। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री और भाजपा प्रत्याशी का उदयपुर पहुंचने पर ज़ोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भी जनसभा को संबोधित किया और लोगों से खुशाल ठाकुर को भारी मतों से जीताकर सांसद बनाने की अपील की। ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने मां मृकुला देवी और भगवान त्रिलोकीनाथ से जीत का आशीर्वाद मांगा। साल 1948 का जिक्र करते हुए ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि जब कबाइलियों ने कश्मीर और लद्दाख में हमला किया था तो उस युद्ध में लाहौल के लोगों की भूमिका भी अहम रही है। उन वीरों को सेवियर्स ऑफ लद्दाख माना जाता है। इस दौरान उन्होंने कर्नल पृथी चंद महावीर चक्र, खुशाल चंद महावीर चक्र, कैप्टन भीम चंद वीर चक्र, नायक तोप्ते राम, लांस नायक कर्म सिंह आदि को भी याद किया। उन्होंने कंचनजंगा को फतह करने वाले कर्नल प्रेम चंद का नाम भी मंच से लिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं का आभार जताया। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि लाहौल की धरती से ऐसे अनेक वीर सैनिक पैदा हुए जिन्होंने देश को जोड़ने का काम किया। जहां देश की बात आती है, लाहौल के लोग पीठ नहीं दिखाते।मुख्यमंत्री ने कहा कि लाहौल स्पीति के लिए जो भी घोषणाएं की गई थीं, वो उपचुनाव के बाद एक-एक कर पूरी की जाएंगी। बीडीओ ऑफिस और फायर ब्रिगेड की मांग को भी पूरा करेंगे। जयराम ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि आज वो हमारे बीच नहीं हैं, उनकी कमी हम भी महसूस करते हैं। उनके प्रति सम्मान था, बुजुर्ग के नाते भी और नेता के नाते भी। लेकिन कांग्रेस के पास चुनाव में कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वो केवल वीरभद्र के नाम पर ही वोट मांग रही है। कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी में नामांकन के बाद प्रतिभा सिंह ने कहा कि उनका मन चुनाव लड़ने का नहीं है। अगर नहीं तो उनसे क्यों जबरन चुनाव लड़वाया जा रहा है? कांग्रेस के एक नेता मंडी में आकर गाली देते हैं। वोट मांगने का अधिकार सबको है, लेकिन गाली देकर वोट नहीं मांगा जा सकता। मंडी के लोगों ने कहा है कि इसका जवाब हम वोटों से देंगे।
शिमला नागरिक सभा की बैठक विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कूड़े व पानी के बिलों को लेकर एक नवम्बर को नगर निगम कार्यालय के बाहर विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। सभा का वार्षिक सम्मेलन 30 नवम्बर को कालीबाड़ी हॉल शिमला में होगा। बैठक में विजेंद्र मेहरा, कपिल शर्मा, बलबीर पराशर, सत्यवान पुंडीर, बाबू राम, जियानंद, विवेक कश्यप, अनिल पंवर, अमित कुमार, रमाकांत मिश्रा,बालक राम, विनोद बिरसांटा, किशोरी ढटवालिया, हिमी देवी, रंजीव कुठियाला, रामप्रकाश व उत्तम चौहान आदि मौजूद रहे। नागरिक सभा अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि सभा का वार्षिक सम्मेलन शिमला के कालीबाड़ी हॉल शिमला में 30 नवम्बर को होगा। नगर निगम शिमला के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में पानी व कूड़े के बिलों को लेकर नागरिक सभा एक नवम्बर को नगर निगम शिमला कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन करेगी। सभा ने निर्णय लिया है कि सभी वार्डों की स्थानीय समस्याओं को लेकर वार्ड स्तर पर शिमला शहर के नागरिकों को लामबंद किया जाएगा। उन्होंने कच्चीघाटी में बरसात के कारण ढहने वाले भवन में रहने वाले सभी लोगों को आर्थिक मदद देने व इसकी एवज में नई सुरक्षित ज़मीन देने की प्रदेश सरकार से मांग की है। उन्होंने इसके साथ सटे हुए भवनों जिनके गिरने का खतरा मंडरा रहा है,को भी इसी तर्ज पर राहत प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने बिजली व पानी बिलों में नगर निगम की ओर से वसूले जा रहे भारी सेस व बिलम्ब शुल्क का कड़ा विरोध किया है। पुराने बस स्टैंड पर पहले की भांति रात्रि बसों की उचित सुविधा देने की मांग की है। उन्होंने शिमला शहर में चौबीस घण्टे बस सुविधा देने, शिमला शहर में सातों दिन चौबीस घण्टे व मर्ज्ड एरिया में आईपीएच स्कीम के अंर्तगत हर रोज़ पानी उपलब्ध करवाने, सभी वार्डों में पार्किंग, लाइब्रेरी व सामुदायिक भवन की उचित सुविधा देने की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि अगर शिमला शहर की समस्याओं का शीघ्र समाधान न हुआ तो सभा नागरिकों को लामबंद करके एक विशाल आंदोलन खड़ा करेगी।
शिमला: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जुब्बल कोटखाई विधानसभा उप चुनाव के प्रचार व समन्वय के लिये पार्टी पदाधिकारियों को दायित्व सौंप दिया है। प्रदेश कांग्रेस चुनाव नियंत्रण कक्ष के प्रभारी हरिकृष्ण हिमराल ने सूची जारी करते हुए बताया कि जिला शिमला कांग्रेस कमेटी शहरी के अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी,वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सेठी, नागरु राम, कांग्रेस प्रवक्ता अमन सेठी, कांग्रेस सचिव चंद्र मोहन ठाकुर, कुशल जेठी, कांग्रेस सचिव यशपाल तनाईक, सेनराम नेगी, पार्षद कुलदीप ठाकुर, पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर, महेंद्र चौहान, कांग्रेस सचिव सत्यजीत नेगी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ठियोग कवंर नरेंद्र सिंह, सोनिया चौहान, पार्षद इंद्रजीत सिंह, एडवोकेट आईएन महेता, नरेंद्र ठाकुर,घनश्याम हिमराल, राजेश वर्मा, बलदेब पूरी, राजकुमारी सोंनी, उज्वल महेता, मोनीता चौहान, कुमारी आरती निर्मोही व दीक्षा सिंघा को शामिल किया गया है। हिमराल ने बताया है कि उपरोक्त सदस्यों को जुब्बल कोटखाई ब्लॉक अध्यक्ष मोतीलाल देरटा के साथ तालमेल करते हुए अपनी दैनिक रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस चुनाव नियंत्रण कक्ष को देनी होगी।
शिमला: भाजपा चुनाव समिति की बैठक भाजपा प्रदेश मुख्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल की अध्यक्षता में हुई। प्रदेश नेतृत्व ने उपचुनाव के लिए चुनाव प्रबंधन समिति का प्रमुख भाजपा के विरिष्ठ नेता एवं हिम्फेड के अध्यक्ष गणेश दत्त को और सह प्रमुख प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर को बनाया गया। मीडिया प्रमुख प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा रहेंगे। बैठक में उपचुनावों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और पार्टी की आगामी योजना तय की गई। बैठक में हिम्फेड के अध्यक्ष गणेश दत्त, प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर, कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, कोषाध्यक्ष संजय सूद, विनोद चौहान, सुशील राठौर, शुभंकर सूद, सुदीप महाजन, सुनील धर, ललित ठाकुर, विवेक शर्मा, नरेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे।
जयसिंहपुर उपमंडल के अंतर्गत हलेड़ गांव में शनिवार को एक व्यक्ति के ब्यास नदी में डूबने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हलेड़ गांव का 50 वर्षीय कर्म चंद पुत्र स्व राम चंद शनिवार शाम ब्यास नदी में मछलियां पकड़ने गया हुआ था। जैसे ही कर्म चंद पानी में मछलियां पकड़ने लगा तो अचानक उसका पैर फिसला और वह पानी में डूब गया। वंही, कर्म चंद के साथ मौजूद लोगों ने इस बात की सूचना तुरंत लंबागांव पुलिस को दी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची व बचाव कार्य शुरू किया। लेकिन अंधेरा होने से कारण अभी तक कर्म चंद का कोई अता पता नहीं चला था। लंबागांव पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया। बता दें कि कर्म चंद घर में ही रहता था और दिहाड़ी मजदूरी करता था। मामले की पुष्टि लंबागांव पुलिस के एसएचओ केसर सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तलाश जारी रखी हुई है लेकिन कर्मचंद का अभी तक उसका कोई अता पता नहीं चला है।
किसानों के प्रति केन्द्र और राज्य सरकार की बेरुखी और किसान विरोधी नीतियां लागू करने से खफा हिमाचल किसान सभा ने उप चुनावों में सरकार की खिलाफत करने का मन बना लिया है। शनिवार को जारी प्रैस विज्ञप्ति में हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तँवर ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने आम आदमी और किसानों के ऊपर डबल मार की है। एक तरफ खाद्य वस्तुओं की मंहगाई चरम पर है लेकिन दूसरी ओर से जो अन्नदाता फसल उगा रहा है उसको अपने उत्पाद के उचित दाम तक नहीं मिल रहे। डॉ. तँवर ने कहा कि केन्द्र सरकार जहां कृषि कानूनों के ज़रिये किसानों की ज़मीन को नैगम घरानों और पूंजीपतियों के हवाले करने की साजिश रच रही है वहीं प्रदेश सरकार की बेरुखी और बेपरवाही से प्रदेश के किसानों पर चौतरफा मार पड़ रही है। किसान नेता ने कहा कि प्रदेश में जहां उप चुनाव हो रहे हैं वहां सभी जगह के किसानों, बागवानों और सब्ज़ी उत्पादकों की फसलें बुरी तरह से पिटी हैं। जुब्बल-कोटखाई की बात करें तो यहां सेब बागवानों को सेब का उचित दाम तक नहीं मिला। प्रदेश के 45 खण्डों में सेब पैदा होता है और शिमला जिला के अन्दर जुब्बल-कोटखाई खण्ड में सेब का सबसे ज्यादा उत्पादन किया जाता है मगर इस बार प्राकृतिक आपदाओं क साथ-साथ सेब पर मण्डी में बुरी तरह से मार पड़ी और बागवानों की सेब की उत्पादन लागत तक वापिस नहीं आ पाई। लेकिन सरकार ने न तो प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवज़ा दिया और न ही सेब की कीमतों में गिरावट पर कोई कदम उठाए। उल्टा मुख्यमंत्री का बयान आया कि अब सेब सीज़न समाप्त हो गया है इसलिए यह कोई मुद्दा ही नहीं है। वहीं फतेहपुर में मंड क्षेत्र के किसानों की खरीद केन्द्र की समस्या अभी भी बरकरार है। किसान सभा के साथ-साथ मंड संयुक्त किसान संघर्ष समिति ने फतेहपुर और इंदौरा में पांच खरीद केन्द्र खोलने की मांग उठाई थी मगर सरकार द्वारा तीन खरीद केन्द्रों की घोषणा करने के बावजूद वहां अभी भी धान की फसल की बिक्री सुचारू रूप से चालू नहीं हुई है। किसानों का धान बर्बाद हो रहा है क्योंकि पंजाब ने पहले ही अन्य प्रदेशों का धान खरीदने से मना कर दिया है। अर्की के सब्ज़ी उत्पादक भी मण्डी की मार से अछूते नहीं रहे। इस बार टमाटर की जो दूर्दशा हुई वह किसी से छुपी नहीं है। सौ रुपये से लेकर डेढ़ सौ रुपये तक भी टमाटर की क्रेट बिकी जिससे सब्ज़ी उत्पादकों का मण्डी तक टमाटर पहुंचाने का खर्च भी पूरा नहीं हो पाया। वहीं टमाटर का खराब बीज निकलने से भी किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ। डॉ. तँवर ने कहा कि मण्डी संसदीय क्षेत्र में सेब, सब्ज़ी, मक्की जैसे सभी उत्पादों पर मार तो पड़ी साथ ही फोरलेन से प्रभावित लोग भी लम्बे समय से अपनी मांग को लेकर संघर्षरत है लेकिन उन्हें अपनी ज़मीन का उचित मुआवज़ा नहीं मिल रहा। उल्टा बल्ह क्षेत्र की उपजाऊ ज़मीन को प्रदेश और केन्द्र की सरकार हवाई अड्डे के लिए अधिग्रहण करने पर उतारू है। ऐसे में भाजपा का किसानों की आय को दुगना करने का वायदा न सिर्फ जुमला साबित हो रहा है बल्कि किसानों की आमदनी नीचे की ओर घट रही है। किसान आन्दोलन में संघर्ष कर रहे किसानों से बात करने के बजाय उन्हें गाड़ी से कुचला जा रहा है। इसके मद्देनज़र किसान सभा तीनों विधानसभाओं सहित मंडी संसदीय सीट पर भी भाजपा का विरोध करेगी।
देहरा : गत 8 अक्तूबर को परागपुर से सटे गांव लग बलियाना से लापता हुए 45 वर्षीय युवक की कालेश्वर महादेव स्थित ब्यास नदी मे छलांग लगाए जाने का शक जताया जा रहा है क्योंकि घर से लापता हुए उक्त व्यक्ति की स्कूटी चम्बापतन कालेश्वर महादेव पुल के निकट पुलिस को बरामद हुई है। लिहाजा पुलिस को शक है कि उक्त व्यक्ति ने कही यहां गहरे पानी मे छलांग लगाई ह। हालांकि पुलिस टीम ने वहां गोताखोर की टीम बुलाकर उसे ढूँढ़ने की कवायद शुरू कर दी है। खबर की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अंकित शर्मा ने बताया कि लगबलियाना का 45 वर्षीय सुरेश कुमार गत आठ अक्तूबर को रहस्यपूर्ण परिस्थितियों से लापता हुआ और उक्त व्यक्ति की आठ अक्तूबर को पुलिस थाना देहरा मे गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज की गयी थी। देहरा पुलिस उक्त व्यक्ति के ब्यास नदी मे छलांग लगाने की उम्मीद जता रही है।
नाहन : त्रिलोकुपुर माता बालासुन्दरी मन्दिर में चल रहे आश्विन नवरात्र पर्व के तीसरे दिन लगभग 3000 श्रद्वालुओं ने माता के दर्शन कर आर्शीवाद प्राप्त किया। मंदिर न्यास आयुक्त एवं उपायुक्त सिरमौर राम कुमार गौतम ने बताया कि माता के दरबार मे शनिवार 7 लाख 39 हजार 790 रूपये नगद और एक किलो ग्राम चांदी चढ़ावे के रूप में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई। उन्होंने श्रद्वालुओं से आग्रह किया कि मन्दिर परिसर में मास्क लगा कर रखे तथा सामाजिक दूरी का पालन आवश्यक रूप से करें।
सोलन जिला के 50-अर्की विधानसभा क्षेत्र में 30 अक्तूबर, 2021 को आयोजित होने वाले उप निर्वाचन में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से क्षेत्र के गांव-गांव में सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचन सहभागिता कार्यक्रम (स्वीप) आयोजित किए जा रहे हैं। यह जानकारी निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी अर्की शहजा़द आलम ने दी। शहजा़द आलम ने कहा कि स्वीप के तहत शनिवार को अर्की विधानसभा क्षेत्र के जयनगर, मटेरनी और भूमति में लोगों को अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने के लिए जागरूक बनाया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को अवगत करवाया गया कि स्वस्थ लोकतन्त्र के लिए पूर्ण जनसहभागिता आवश्यक है। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत लोगों से आग्रह किया गया कि सभी मतदान अवश्य करें ताकि विकास में जन-जन की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। लोगों को बताया गया कि भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा नवीन प्रयासों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों द्वारा मतदान करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। लोगों को बताया गया कि 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं, दिव्यांग मतदाताओं के लिए अपने घर से ही मतदात करने की सुविधा प्रदान की गई है। इस अवसर पर लोगों से आग्रह किया गया कि सभी कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए नियमों का पालन करें। लोगों से आग्रह किया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करते रहें। लोगों से आग्रह किया गया कि 30 अक्तूबर को मतदान के समय भी कोविड-19 से बचाव के लिए जारी नियमों का पालन करें। शहजा़द आलम ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में ‘डेमोक्रेसी वैन’ के माध्यम से लोगों को मतदान के विषय में जागरूक किया जा रहा है। शनिवार को ‘डेमोक्रेसी वैन’ के माध्यम से जयनगर, मटेरनी और भूमति में लोगों को शत-प्रतिशत के लिए प्रेरित किया गया।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री एवं नैना देवी के विधायक रामलाल ठाकुर ने दाड़लाघाट कांग्रेस पार्टी कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होने दाड़लाघाट के सभी कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमने इस उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार को भारी मतों से विजयी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज देश मे मंहगाई, बेरोजगारी मुख्य मुद्दा है। उन्होंने कहा कि आज तेल के दाम आसमान छू रहे हैं घरेलू गैस सिलेंडर 1हजार रुपए से पार हो गया है। आज यहाँ ट्रांसपोर्ट सोसायटियों में कोई भी प्रधान नहीं है वहाँ प्रशाशक काम कर रहें हैं, ट्रांसपोर्ट की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। उन्होंने सभी से अपील की है कि वह कॉग्रेस के उम्मीदवार को जिताएं। इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी दाड़लाघाट के प्रधान लाला शंकर दास, उप प्रधान मोहन सिंह ठाकुर, पूर्व पंचायत समिति उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, पूर्व उपप्रधान राजेश गुप्ता, युवा कॉग्रेस अर्की के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत वर्मा, सुरेंद्र वर्मा, अनिल गुप्ता, सुरेंद्र ठाकुर, विद्या सागर शर्मा, जय सिंह, सोहनलाल, कृष्ण लाल, रामकृष्ण बंसल, कमल राठौर, बलीराम छडोल, राजेन्द्र कंवर, मनीराम सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट द्वारा सामुदायिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनिट हेड मनोज श्रीवास्तवा ने की। अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र गांधी ने बताया कि कोरोना काल में लगभग पौने 2 वर्षों से यह बैठक ऑफलाइन नहीं हो पाई थी, लेकिन ऑनलाइन बैठक होती रही और कार्यक्रम जारी रहे। यूनिट हेड मनोज श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी पंचायत प्रधानों, सभी विभागाध्यक्षों युवक मंडलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं से कुछ रचनात्मक, समाज के हित कारक कार्य करने के सुझाव देने हेतु अपील की। उन्होंने उपस्थित समुदाय का आवाहन किया कि वे अपने समाज में कुछ विशेष खूबी रखने वाले छात्रों, युवाओं की सूची भी सलाहकार समिति को सौंपें ताकि उन युवाओं की विशेष रूप से सहायता की जा सके। इसके अतिरिक्त जल, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा पर सभी ने अपने विचारों का आदान प्रदान कर विस्तृत चर्चा की। वैज्ञानिक ढंग से जल भंडारण क्षमता को बढ़ाने हेतु कच्चे तालाब बनाने हेतु बहुत से पंचायत प्रधानों व उपप्रधानों ने सराहनीय सुझाव दिए। इस पर कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र गांधी ने बताया की माइनिंग क्षेत्र के समीप वाली पंचायतों में 88 जल स्रोत चिन्हित किए गए हैं जिन पर कार्य किया जाना है। कृषि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु सुझाव दिए गए।इसी प्रकार स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभारी अजीत कुमार सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में कार्य करते हुए अर्की में 115 आशा वर्कर्स को पल्स ऑक्सीमीटर प्रदान किए गए हैं,12 ऑक्सीजन कांस्ट्रेंटर तथा 199 कोवि सैनिक तैयार किए गए हैं उन्होंने बताया 42 गांव में ब्लड प्रेशर व शुगर के रोगियों को चिन्हित कर उन्हें दवा और परामर्श देने का कार्य किया गया। आरती सोनी ने शिक्षा के विषय में गोद ली गई पाठशालाओं में फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा की तथा अग्रिम सुझाव मांगे। बैठक में वरिष्ठ साहित्यकार व सेवानिवृत्त प्राचार्य अमरदेव अंगिरास, जिला परिषद सदस्य हीरा कौशल, बलदेव सिंह पंचायत प्रधान मांगु, रीना शर्मा पंचायत प्रधान रौड़ी, सुनीता, हेमराज, भागीरथ, मीरा, ललित कुमार गौतम इत्यादि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उपमंडल इंदौरा के अधीन पड़ते गाँव छन्नी वेली में दो दिवसीय मशहूर छिंज मेले का शुभारंभ पूर्व विधायक इंदौरा एवं उपाध्यक्ष सामान्य उद्योग निगम हिमाचल प्रदेश मनोहर धीमान ने किया। छन्नी बेली गांव में हर वर्ष की तरह बाबा पंज पीर का दो दिवसीय छिंज मेला करवाया जा रहा है जिसमे शुक्रवार को पूर्व विधायक इंदौरा मनोहर धीमान ने बतौर मुख्यातिथि झंडा रस्म अदा कर व रिबन काटकर मेले का शुभारम्भ किया। छिंज मेले में अलग अलग राज्यो से आए लगभग 300 से ऊपर नामी पहलवानो ने अपना दमखम दिखाएं। प्रथम रुमाली की कुश्ती का मुख्य मुकाबला शमशेर दीनानगर व प्रवीण कोहाली के मध्य हुआ जोकी बराबर रहा दोनो पहलवानों को 82000 रुपए की नगद राशि से नवाजा गया। वहीं छोटी रुमाली का मुख्य मुकाबला बाबा फरीद व राणा कोहाली में हुआ जिसमें बाबा फरीद विजय रहा। बाबा फरीद को 31000 व उपविजेता राणा कोहाली को 21000 रुपए नगद राशि इनाम के तौर पर दी गई। इस अवसर पर अटूट लंगर भी जारी रहा। इस मौके पर मुख्य अतिथि को कमेटी की ओर से स्मृति चिन्ह देकर समानित किया गया। मेले में आए हुए गणमान्य लोगों को भी कमेटी द्वारा पूर्व विधायक मनोहर धीमान के माध्यम से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्यातिथि ने मेले को शांतिपूर्ण सफल बनाने के लिए मेला कमेटी व् पुरे ग्रामीणों को बधाई दी। उन्होंने कहा की मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर है ऐसे आयोजनों से आपसी भाई चारा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि युवा हमारे देश का भविष्य है उन्होंने युवाओं को खेलों के प्रति अधिक रुझान देने का संदेश दिया। इस अवसर पर छिंज मेला कमेटी के प्रधान कंस राज, रमेश कुमार, शेरा नंद, मंगत राम, राकेश केशू, जय कर्ण, जनक राज मौजूद रहे।
मतदाता फोटो पहचान पत्र उपलब्ध न होने पर 11 वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से किसी एक को साथ लाकर कर सकेंगे मतदान मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हिमाचल प्रदेश सी.पालरासू ने मंडी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र तथा फतेहपुर, अर्की व जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे उप-निर्वाचन के दृष्टिगत 30 अक्टूबर, 2021 को मतदान करने के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज पहचान के लिए साथ लाएं। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार उप- निर्वाचन में सभी मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग करते समय अपना मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ है तो ऐसे मतदाता को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए फोटोयुक्त वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, बैंक/ डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, राज्य अथवा केंद्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों/ विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि एपिक के संबंध में लेखन की अशुद्धि, बर्तनी की अशुद्धि इत्यादि को नजरअंदाज कर देना चाहिए बशर्ते निर्वाचक की पहचान ईपीआईसी से सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई निर्वाचक किसी अन्य सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है तो ऐसे एपिक भी पहचान करने के लिए स्वीकार किए जाएंगे बशर्ते उस निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदान केंद्र से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो। यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो तब निर्वाचक को कोई एक वैकल्पिक फोटो दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि उपरोक्त में किसी बात के होते हुए भी प्रवासी निर्वाचकों जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावली में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान केंद्रों में केवल उनके मूल पासपोर्ट के आधार पर ही पहचाना जाएगा और ऐसे मामलों में कोई अन्य दस्तावेज मान्य नहीं होगा।
भाजपा अर्की मंडल के कुनिहार खंड के कार्यालय का आज शनिवार को पूर्व विधायक व खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष व कुनिहार खंड के चुनाव प्रभारी बलदेव तोमर के द्वारा न्यू बस स्टैंड के एवरग्रीन होटल में शुभारम्भ किया गया। उसके पश्चात कुनिहार के भाजपा के पदाधिकारियों, बूथ अध्यक्ष ,ग्राम केंद्र प्रभारी व अन्य कार्यकर्ताओं की बैठक हुई जिसमें अर्की उपचुनाव के लिए इस खंड के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। 12 अक्टूबर को प्रदेश के अध्यक्ष व लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप व अर्की चुनाव क्षेत्र के सह प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सहजल कुनिहार खंड के बूथों पर कार्यकर्ताओं की बैठके लेंग। व चुनावी टिप्स कार्यकर्ताओं को देंगे। इस अवसर पर भाजपा जिला सोलन के महामंत्री अमर सिंह परिहार ,कुनिहार खंड के प्रभारी इंद्रपाल शर्मा ,जिला सचिव सुरेश जोशी व ग्राम केंद्र प्रभारी ओम प्रकाश भारद्वाज, हरजिंदर शर्मा राजेंद्र ठाकुर और पूर्व बीडीसी सीमा महंत, पूर्व जिला परिषद सदस्य कंचनमाला ,ओमप्रकाश गर्ग ,चेतराम तनवर,हाटकोट पंचायत के उपप्रधान रोहित जोशी ,कोठी पंचायत के उपप्रधान प्रीतम जॉनी ,गोपाल शर्मा, अनिल गर्ग,सुरेश जोशी ,रक्षा शर्मा ,विमला देवी, नवनीत शर्मा, अभिनव, दुनी चंद तंवर, ठाकुर मेहता व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ की एनएसएस इकाई द्वारा स्वच्छता अभियान के दूसरे चरण में शनिवार स्वयं सेवियों ने कॉलेज के प्रांगण की सफाई के साथ साथ सिंगल यूज प्लास्टिक को भी एकत्रित किया | प्राचार्या प्रोफेसर निवेदिता पाठक ने अपने संदेश में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ शरीर में ही स्वस्थ मन वास करता है तथा इस अभियान में कार्यरत एनएसएस स्वयं सेवियों की प्रशंसा की। एनएसएस अधिकारी डॉक्टर जगदीप वर्मा ने छात्रों को इस स्वच्छ भारत अभियान को अपने महाविद्यालय तक सीमित ना रख कर अपने आसपास के गांवों में भी इस अभियान को चलाने का आह्वान किया ताकि एक स्वस्थ और सुदृढ़ राष्ट्र निर्माण के लिए जनमानस की भूमिका को भी सुनिश्चित किया जा सके। महाविद्यालय में गणित के प्राध्यापक डॉ राजीव भंडारी ने बतौर रिसोर्स पर्सन अपने संबोधन में कहा कि आस पास सफाई रखना हमारा कर्त्तव्य है और और स्वयसेवी होने के नाते हमें दुसरो को भी प्रोत्साहित करना चाहिये।
कथित महलों में रहने वाली प्रतिभा को क्या पता सैनिक की चुनौती 2019 के चुनाव में हार के भय से छोड़ा था लोकसभा का मैदान: भाजपा आज सहानुभूति के दम पर मैदान में, जब सांसद थी तो जनता के बीच तक नहीं गईं शिमला। मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह के बयान पर भाजपा ने तंज कसा है। दरअसल, प्रतिभा सिंह ने मंडी रैली के दौरान ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर के चुनाव लड़ने पर कहा था कि चुनाव सेना का मैदान नहीं है। इसी बयान को लेकर हिमाचल भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह को खरी-खरी सुनाई है। हिमाचल भाजपा प्रभारी ने कहा कि तथाकथित महलों में जन्मी और महलों में रहने वाली प्रतिभा सिंह को क्या पता कि सैनिकों की चुनौतियां क्या होती हैं। सुविधा संपन्न जीवन जीने वालों को सब कुछ मैदान की तरह आसान लगता है। जबकि सैनिक देश के लिए अपने घर और परिवार से दूर कभी बर्फीले पहाड़ों, कभी तपते रेगिस्तानों तो कभी उफनते समंदर का सामना करता करते हैं। वे मैदान में नहीं, दुश्मन की गोलियों के बीच सीमाओं पर बने बंकरों में रहकर देश की रक्षा करते हैं। अविनाश राय खन्ना ने कहा कि सैनिकों का काम तो हर वक्त चुनौतियों से जूझना है। सैनिक हार-जीत की चिंता किए बिना युद्ध के हर मोर्चे पर डटा रहता है। वह कभी भी मैदान नहीं छोड़ता। प्रतिभा सिंह बताएं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हार के भय से मैदान क्यों छोड़ा था, जो आज राजनीतिक अखाड़े की बात कर रही हैं। बकौल हिमाचल बीजेपी प्रभारी, हमारी पार्टी ने इस बार मंडी संसदीय सीट से एक सैनिक को चुनावी मैदान में उतारा जिनसे कांग्रेस प्रत्याशी सामना नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने प्रतिभा सिंह को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पहले ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने सेना में रहते हुए देश की रक्षा की, अब मंडी संसदीय सीट भारी बहुमत से जीत कर जनता की सेवा करेंगे। उन्होंने ने प्रतिभा सिंह से पूछा कि जब वह पूर्व में सांसद थीं तो जनता के बीच घूमने की मंशा क्यों नहीं रखती थी। आज जब उन्हें लगता है कि सहानुभूति लाकर उनकी राह आसान हो सकती है तो चुनाव लड़ रही हैं, ऐसा संभव नहीं होगा। अविनाश राय खन्ना ने कहा कि जनता प्रतिभा सिंह को मौका देकर देख चुकी है। उन्हें अब तक दो बार सांसद बनाया गया, लेकिन उन्होंने जीत कर जनता की सुध लेना भी गवारा नहीं समझा। यही वजह है, कि उन्हें एक चुनाव में हार देखनी पड़ी तो दूसरे चुनाव में वो बीजेपी का सामना करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाईं। भाजपा नेता ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रतिभा सिंह को स्व. रामस्वरुप शर्मा ने पराजित किया तो 2019 के चुनाव में वो पहले ही हार मान चुकी थीं, तभी मैदान से पीछे हट गई थीं। भाजपा नेता ने कहा कि मंडी संसदीय सीट समेत तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की ही जीत होगी।
शिमला, हिमाचल प्रदेश के चार उपचुनावों संसदीय क्षेत्र मंडी, विधानसभा क्षेत्र फतेपुर, अर्की और जुब्बल कोटखाई के लिए भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची तय कर दी है, यह सूची राष्ट्रीय भाजपा महामंत्री अरुण सिंह द्वारा जारी कर दी गयी है। भाजपा स्टार प्रचारकों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, राजस्व मंत्री मोहिंद्र सिंह ठाकुर, शहरी विकास मंत्री मंत्री सुरेश भारद्वज, पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर, परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंग सिंह ठाकुर, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव सैजल, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, वन मंत्री राकेश पठानिया, सस्थ्य मंत्री डॉ राजीव बिंदल, राज्य सभा सांसद इंदू गोस्वामी, भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर एवं राकेश जम्वाल शामिल है।


















































