नाहन के त्रिलोकपुर माता बालासुन्दरी मन्दिर में आश्विन नवरात्र पर्व पर सोमवार को लगभग 2500 श्रद्वालुओं ने माता के दर्शन कर आर्शीवाद प्राप्त किया। माता के दरबार मे लगभग 8 लाख 41 हजार 290 रूपये नगद राशि और 1240 ग्राम चाँदी चढ़ावे के रूप में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई।
नाहन : जिला सिरमौर के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए 464 लाभार्थियों को विभिन्न बैकों के माध्यम से 24 करोड़ 5 लाख रूपये के ऋण पत्र वितरित करते हुए उपायुक्त राम कुमार गौतम ने कहा कि यह राशि जिला की आर्थिकी को गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। उपायुक्त सिरमौर ने अग्रणी बैंक द्वारा आज यहां चैगान मैदान में आयोजित एक दिवसीय ऋण उन्मुख कदम एवं ग्राहक सम्पर्क कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ऋण के द्वारा जहां एक ओर लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होते है, वहीं दूसरी ओर देश की आर्थिकी भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि बैंक तथा देश की आर्थिकी के बीच ग्राहक महत्वपूर्ण कड़ी के रुप में कार्य करता है। बैंक दुर्गम क्षेत्र के लोगों के लिए ऋण की व्यवस्था करवाए तथा मेलों, शिविरों तथा बैंक मित्रों के माध्यम से सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी पहूंचाना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना आरम्भ की गई है जिसमें 25 से 45 वर्ष के युवाओं को 25 से 35 प्रतिशत अनुदान पर 1 करोड़ रूपये तक के ऋण उपलब्ध करवाए जाते हैं जिस पर उन्हें प्रथम 3 वर्ष के लिए 5 प्रतिशत ब्याज पर अनुदान भी प्रदान किया जाता है। पिछले वर्ष जिला में इस योजना के अंतर्गत 211 पात्र व्यक्तियों को 8 करोड़ 20 लाख के ऋण उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने बैंको से आने वाले समय में अपनी सेवाओं को ओर बेहतर करने का आह्वान करते हुए कहा कि बैंक अपने ग्राहकों को लोन लेने के समय सहायता प्रदान करें ताकि ग्राहक कोे लोन लेते समय कठिनाई का सामना न करना पडे़। इस मौके पर उपायुक्त ने जिला में कार्यरत 13 विभिन्न बैंको द्वारा लगाए गए हेल्पडेस्क का भी निरिक्षण किया। इस अवसर पर उप महाप्रबन्धक युको बैंक शिमला एसएस नेगी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए बैंक द्वारा लोगों को दी जा रही विभिन्न प्रकार की सेवाओं बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में प्रबन्धक अग्रणी बैंक राजेश अरोड़ा, सर्कल हेड़ पीएनबी संजीव कुमार, एलडीओ आरबीआई शिमला भरतराज आनन्द सहित विभिन्न बैंको के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
जमीनी विवाद को लेकर के गांव मैरा बणी के ही निवासी ने अपने पडोसी पर पुलिस थाना रक्कड मे जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। व्यक्ति ने पुलिस थाना रक्कड़ में दी गई शिकायत मे बताया कि गाव संदवा के एक व्यक्ति ने जिसने कि स्टे आर्डर के दौरान उसके मकान के साथ मकान का काम लगा रखा है को काम करने से मना करने पर अपने पुत्र व पत्नी के साथ मिलकर बांस के डण्डे से उसके भाई के सिर पर चोट मार दी और मौका पर उसका भाई बेहोश हो गया। खबर की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी रक्कड़ चिरन्जीलाल शर्मा ने बताया कि व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई करते हुए हमलावर अरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
श्रीराम लीला जनकल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से युवक मण्डल हाटकोट द्वारा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें फुटबॉल, शतरंज, कैरमबोर्ड, बैडमिंटन आदि शामिल हैं। ओपन फुटबॉल प्रतियोगिता में गत रविवार को रामलीला इलेवन व रवाईल किंग के बीच फुटबॉल प्रतियोगिता हुई। जिसमें रवाईल किंग टीम विजेता रही। वन्ही दूसरा मैच सोमवार को नमोल इलेवन व एनवाईसी कुनिहार के बीच खेला गया। जिसमे एनवाईसी इलेवन एक गोल दागकरर विजेता रही। वन्ही अगला मैच कोठी इलेवन व ऊंचा गांव के बीच खेला गया। इस मौके पर बतौर मुख्यातिथि प्रधान ग्राम पंचायत हाटकोट जगदीश अत्रि ने खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलने का आग्रह किया।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते सनोट में हीरानगर तहसील अंब जिला ऊना से शादी पर आई महिला के लाखो रुपए के जेबरात नगदी जरुरी कागजात चोरी होने की शिकायत पुलिस थाना देहरा मे दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता प्रियंका कुमारी पत्नी कैलाश ठाकुर निवासी हीरा नगर डाकघर व तहसील अम्ब जिला ऊना ने पुलिस थाना देहरा में शिकायत पत्र देते हुए अरोप लगाया है कि वह सनोट में अपने रिश्तेदार के घर शादी मे आई थी। जब वह 7 अक्टूबर को बारात से वापिस सनोट पहुंची तो वह अपने सोने के गहने एक मंगल सूत्र- 50 ग्राम, दो कगने 30 ग्राम, 2 अंगूठी 10 ग्राम, झुमके 2-5 ग्राम, मोबाईल फोन, पैन कार्ड, आधार कार्ड व मैकप का बैग अपने रिश्तेदार के घर पर छोड़ कर दूसरे रिश्तेदार के घर सोने चली गई। सुबह उसे फोन पर पता चला कि उसका परस चोरी हो गया। खबर की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अंकित शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता के ब्यान के अनुसार पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि जिले में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सभी कामगारों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कर डाटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगारों के लिए सरकार द्वारा आरंभ की गई विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे उनके विभागों में कार्यरत सभी गैर असंगठित कामगारों का 31 दिसम्बर तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि जिला में मनरेगा, आगंनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा-कार्यकर्ता, मिड-डे मील वर्कर, भवन एवं स्व-निर्माण बोर्ड के तहत पंजीकृत कामगारों व अन्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सभी कामगारों का पंजीकरण श्रम पोर्टल पर करना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मनरेगा से संबंधित सभी कामगारों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने जिला कल्याण अधिकारी को सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग को सभी आशा-कार्यकर्ताओं, उप-निदेशक उच्चतर शिक्षा को सभी मिड-डे मील वर्कर, श्रम विभाग को सभी भवन एवं अन्य स्व-निर्माण कामगारों, दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों का, मतस्य विभाग को मछली व्यवसाय से जुड़े कामगारों तथा अन्य गैर असंगठित कामगारों का पंजीकरण करने के निर्देश दिए। बैठक की कार्यवाही का संचालन श्रम अधिकारी एस.एस बिश्ट ने किया।
सोमवार को विजयदशमी के उपलक्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन और शस्त्र पूजन कार्यक्रम खंड गाडागुशैणी में आयोजित किया गया। जिसमें 130 गणवेश धारी स्वयंसेवकों ने भाग लिय। कार्क्रम में दीप लाल बतौर मुख्यअतिथि उपस्थित रहे। मुख्यअतिथि ने डॉ हेडगेवार के जीवन पर प्रकाश डाला और उनके पद चिन्हों पर चलने के लिए सभी स्वयंसेवकों और अन्य प्रतिभागियों को प्रेरित किया। जिला प्रचारक विवेक ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का परिचय दिया और उन्होंने विस्तार से समाज राष्ट्र सुरक्षा लव जिहाद आतंकवाद तथा अन्य ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि समाज से इन सभी ज्वलंत मुद्दों और समस्याओं को दूर करने के लिए आगे आए।
कोविड वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लगाने में किन्नौर जिला 15 अक्तूबर तक अपना लक्ष्य पूर्ण कर लेगा। यह जानकारी उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने मुख्य सचिव राम सुभग सिंह व सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमिताभ अवस्थी के साथ आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान दी। उन्होंने कहा कि इससे जिला न केवल प्रदेश में बल्कि देश भर में कोविड की दूसरी डोज लगाने वाला प्रथम जिला बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में कोविड का दूसरा टीका 96 प्रतिशत पात्र व्यक्तियों द्वारा लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिले में 60,305 व्यक्तियों को कोविड का दूसरा टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अभी तक 57,626 व्यक्तियों ने कोविड का दूसरा टीका लगा लिया है। आबिद हुसैन सादिक ने मुख्य सचिव को बताया कि जिला प्रशासन द्वारा लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनेक पग उठाए गए थे जिसके तहत पंचायत सचिव व पंचायत प्रधानों को लोगों को कोविड का दूसरा टीका लगाने के लिए प्रोत्साहित करने का जिम्मा सौंपा गया था। इसके अलावा लोगों को कोविड का दूसरा टीका लगाने के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और आज जिले में 96 प्रतिशत पात्र व्यक्तियों द्वारा दूसरा टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब जिला प्रशासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि कोविड का दूसरा टीका लगाने से वंचित रहे जिले के लगभग 2700 लोगों को उनके घर-द्वार पर ही दूसरा टीका लगाने के लिए एक योजना बनाई गई है जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण के लिए मोबाईल दलों का गठन किया गया है जो स्थानीय प्रधान व सचिव के आग्रह पर क्षेत्र-विशेष में जाकर टीकाकरण करेगा। उन्होंने कहा कि इन दिनों जिले में सेब व अन्य कार्यों में स्थानीय लोग व्यस्त हैं। इसलिए प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है ताकि 15 अक्तूबर तक सभी को कोविड का दूसरा टीका लगाया जा सके जिससे जिला न केवल प्रदेश में अपितु देश भर में कोविड वैक्सीनेशन की शत-प्रतिशत दूसरी डोज पात्र व्यक्तियों को लगाने वाला प्रथम जिला बनकर उभरेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सोनम नेगी ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार विभाग द्वारा मोबाईल टीमों का गठन कर दिया गया है। इस दौरान टीकाकरण अधिकारी डाॅ. अन्वेषा नेगी भी उपस्थित थी।
पिछले सप्ताह स्कूल शिक्षा बोर्ड की वर्चुअल बैठक में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा टर्म परीक्षाओं को लेकर सुझाव दिए गए थे। जिसमें से बहुत से सुझावों को बोर्ड की ऑफलाइन बैठक में मान लिया गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सुरेश सोनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष जोगिंदर शर्मा और मंडी विभाग के प्रमुख शशि शर्मा ने भाग लिया। सुंदरनगर में जारी प्रेस बयान के माध्यम से जानकारी देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने बताया कि महासंघ द्वारा शीतकालीन अवकाश को देखते हुए फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं को 5 दिसंबर से पहले संपन्न करवाने की बात कही गई थी। बैठक में इस संबंध में बोर्ड द्वारा फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं को नवंबर से शुरू करके 5 दिसंबर तक समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ शीतकालीन अवकाश के बाद सेकंड टर्म की परीक्षाओं के लिए बच्चों को तैयारी के लिए कम समय मिल रहा था। जिसे लेकर महासंघ द्वारा सेकंड टर्म की परीक्षाओं को 15 अप्रैल के बाद करवाने बारे अपनी सहमति प्रदान कर दी है। इसके साथ बैठक में फर्स्ट टाइम की परीक्षाओं का मूल्यांकन स्थानीय स्कूल स्तर पर करने का निर्णय लिया गया है। पांचवी से आठवीं कक्षा तक की पंजीकरण शुल्क माफ करने के साथ 9वी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की फर्स्ट और सेकंड टर्म बोर्ड परीक्षा शुल्क में ₹100 की रियायत प्रदान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में सरकार और बोर्ड का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा कोविड-19 के चलते उत्पन्न हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी निर्णय विद्यार्थियों और अध्यापकों के हित में लिए गए हैं।
8 अक्तूबर को परागपुर से सटे गांव लग बलियाना से लापता हुए 45 वर्षीय युवक की कालेश्वर महादेव स्थित ब्यास नदी मे छलांग लगाने की पुष्टि हो चुकी है क्योंकि सोमवार सुबह उक्त व्यक्ति की लाश चुधरेड पँचायत के तहत पड़ते फेरा ब्यास नदी में मिला है। घर से लापता हुए उक्त व्यक्ति की स्कूटी चम्बापतन कालेश्वर महादेव पुल के निकट पुलिस को बरामद हुई थी। लिहाजा पुलिस ने शक जाहिर किया था कि उक्त व्यक्ति ने कही यहां गहरे पानी मे छलांग लगाई है। हालांकि पुलिस टीम ने वहां गोताखोर की टीम बुलाकर उसे ढूँढ़ने की कवायद शुरू भी की, परन्तु उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली। गौरतलब हो कि सोमवार सुबह ही उक्त व्यक्ति का शव ब्यास नदी में तैरता हुआ मिला है जिसे एनडीआरएफ की टीम की मदद से बाहर निकाला गया है। जानकारी पाते ही मौके पर देहरा थाना डीएसपी अंकित शर्मा एवम अन्य पुलिस दल-बल मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है। बता दें कि मृतक के बेटे ने शव की शिनाख्त कर दी है। खबर की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अंकित शर्मा ने बताया कि लग बलियाना का 45 वर्षीय सुरेश कुमार पुत्र मस्तराम गत आठ अक्तूबर को रहस्यपूर्ण परिस्थितियों से लापता हुआ और उक्त व्यक्ति की आठ अक्तूबर को पुलिस थाना देहरा मे गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज की गयी थी। जिसकी लाश पुलिस ने ब्यास नदी से प्राप्त कर ली है।
जुब्बल, नावर, कोटखाई में होने वाले उप चुनाव को देखते हुए टिक्कर में कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर ने कांग्रेस कार्यालय का शुभारंभ किया और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते कहा कि नावर क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का भावनात्मक संबंध रहा है, वहीं नावर क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ भी रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में नावर क्षेत्र की हर पंचायत में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुटता के साथ घर-घर तक पहुँच कर भाजपा की बाग़वान विरोधी नीतियों, बेरोजगारी, महँगाई के मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से बाग़वानी क्षेत्र संकट के दौर से गुज़र रहा है। भाजपा सरकार के पिछले साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में नावर क्षेत्र की घोर अनदेखी हुई है। इस बैठक में प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनीष ठाकुर और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में शारदीय नवरात्रों में रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल रही है। रविवार के मुकाबले आज छठे नवरात्र पर सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या थोड़ी कम रही और आज 15 हजार भक्तों ने ज्वाला मां के दरबार में लाइनों में लगकर ज्वाला मां के दर्शन किए और मां का शुभाशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर अधिकारी व तहसीलदार दीनानाथ ने जानकारी देते हुए बताया कि पांचवे नवरात्र पर भक्तों द्वारा 26 लाख 94 हजार 02 रुपये की राशि व 09 ग्राम 800 मिली ग्राम सोना, 658 ग्राम चांदी व विदेशी मुद्रा में 100 डॉलर व 20 यूरो भी माता के चरणों मे अर्पित किये गए। उन्होंने बताया कि नवरात्र पर सोमवार को भीड़ थोड़ी कम देखने को मिली है। मन्दिर प्रसाशन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
हमीरपुर: बाल विकास परियोजना सुजानपुर के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र बनाल में आंगनबाड़ी सहायिका का पद भरा जाएगा। इस पद के लिए 18 अक्तूबर को सुबह 11 बजे एसडीएम कार्यालय सुजानपुर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी कल्याण चंद ने बताया कि 21 से 45 वर्ष तक की आयु की महिला इस पद के लिए पात्र हैं। आवेदक कम से कम आठवीं पास होनी चाहिए और उसकी वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक न हो। वह आंगनबाड़ी केंद्र बनाल के तहत आने वाले क्षेत्र की ही निवासी होनी चाहिए तथा उसके परिवार का नाम पंचायत परिवार रजिस्टर में एक जनवरी 2021 को या इससे पहले का दर्ज होना चाहिए। पात्रता के नियमों और अन्य शर्तों से संबंधित अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-272856 पर संपर्क किया जा सकता है। स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान, सचिव और बनाल की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
आनी में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि भाजपा होने वाले चारो उपचुनावों के लिए एकजुट होकर कार्य कर रही हैं। भाजपा मंडी लोकसभा सीट सहित विधानसभा की तीनों सीटें जीतेगी यह तय है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के पास कोई चुनावी मुद्दा नहीं रह गया है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह के नाम पर कांग्रेस जनता के बीच जा रही है। वीरभद्र सिंह को छोड़ कांग्रेस के किसी भी नेता के पास कुछ भी बोलने को नहीं रह गया है। महंगाई और बेरोजगारी के विषय में जो काँग्रेस आज बयानबाजी कर रही है। उसके बारे में वह ये बताये की क्या बेरोजगारी औऱ महगाई इन्ही 3 सालों में बढ़ी, उससे पहले नही थी।आज भाजपा इस से निपटने के लिए प्रयासरत है। कांग्रेस के स्टारप्रचारक की सूची को देखे तो इन्होंने ऐसे लोगो का चयन किया है जो लोगों को डराने का कार्य करने के साथ देश विरोधी कार्य करते रहें है। उन्होंने कांग्रेस के उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की जिसमें उन्होंने सेना का अपमान किया है।
लाहौल में पंचायत समिति के सभी नवनिर्वाचित 15 सदस्यों को एसडीएम प्रिया नागटा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। 18 अक्टूबर को 11बजे समिति के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए चुनाव होगा। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में आज लाहौल मण्डल के नवनिर्वाचित पंचायत समिति के सदस्यों को पद व गोपनीयता की शपद दिलाई गई। इस अवसर पर नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई देते हुए पंचायत समिति के सदस्यों से अपील की कि जनता व प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बैठा कर जनहित के कार्यो को प्राथमिकता दे ताकि इलाके का विकास हो। उन्होंने जिले को स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर बनाने के लिये नवनिर्वाचित सदस्यों से सहयोग की अपील कि। वहीं आज सर्वसहमति ना बन पाने के कारण पंचायत समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव नही हो पाया। लाहौल मण्डल की पंचायत समिति में 15 सीट में से 7 भाजपा जबकि 5 कांग्रेस जबकि 3 निर्दलीय है। इस अवसर पर बीडीओ डॉ विवेक गुलेरिया सहित पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हमीरपुर: सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर ने छोटी गाडिय़ां किराए पर लेने के लिए सरकारी पंजीकृत ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों एवं टैक्सी आपरेटरों से 19 अक्टूबर तक मोहरबंद निविदाएं आमंत्रित की हैं। सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक कर्नल संजीव कुमार त्यागी ने बताया कि निविदाओं पर जीएसटी नंबर साफ-साफ अंकित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 19 अक्तूबर तक प्राप्त मोहरबंद निविदाएं 20 अक्तूबर को सुबह 10 बजे खोली जाएंगी। अधिक जानकारी के लिए हीरानगर स्थित सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर के दूरभाष नंबर 01972222214 पर संपर्क किया जा सकता
उपमण्डल देहरा के अंतर्गत पड़ते कड़ोआ में 52 वर्षीय व्यक्ति को उसके ही गाँव के व्यक्ति द्वारा किसी नुकीली चीज से वार करके गम्भीर रूप से जख्मी करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह सोमवार सुबह चोकर का तसला लेकर अपनी पशुशाला की ओर जा रहा था उसी दौरान स्थानीय गाँववासी ने उसके ऊपर नुकीली चीज से जानलेवा हमला कर दिया। जिससे वह जख्मी हो गया। इस दौरान हमलावर मौके से फरार हो गया। व्यक्ति ने बताया कि उसके चिल्लाने पर उसकी पत्नी और बेटा व गाँव के लोग उसके पास पहुंच गए। व्यक्ति की गम्भीर हालत को देखते हुए उसके परिवार वाले एवम गाँव वासी उसे उपचार हेतु सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी लेकर गए। बताया जा रहा है कि जख्मी व्यक्ति आईपीएच विभाग में बतौर चालक का कार्य करता है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अंकित शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान पर पुलिस ने हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से तफ़्तीष कर रही है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 केवी बड़ोग फीडर के कार्य के दृष्टिगत 250 केवीए आंजी ट्रान्सफार्मर की विद्युत आपूर्ति 13 अक्तूबर को बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। दिनेश ठाकुर ने कहा कि इसके दृष्टिगत 13 अक्तूबर को प्रातः 10.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक आंजी गांव, सूद फर्नीचर्स के आसपास का क्षेत्र तथा निगम विहार एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में विद्युत आपूर्ति अगले दिन बाधित की जाएगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
सोलन जिला के 50-अर्की निर्वाचन क्षेत्र के उप निर्वाचन में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचन सहभागिता कार्यक्रम (स्वीप) के तहत आज अर्की उपमण्डल के अन्तर्गत दाड़लाघाट महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वीप कार्यक्रम के तहत स्वीप के नोडल अधिकारी शिव कुमार ने उपस्थित लोगों को लोकतन्त्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित बनाने की अपील की। शिव कुमार ने कहा कि वोट का महत्व समझाने के लिए ‘इन्वीटेशन कार्ड मेकिंग फाॅर कास्टिंग वोट’ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया तथा महाविद्यालय के प्रध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों ने भी प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोग किया। प्रतियोगिता के 03 विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। शिव कुमार ने कहा कि स्वीप के अन्तर्गत आयोजित की जा रही गतिविधियों का उद्देश्य मतदाताओं को जागरूक बनाकर मतदान की प्रतिशतता में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि लोकतन्त्र में एक-एक वोट का महत्व है। इसके लिए आवश्यक है कि युवा पीढ़ी इस दिशा में जागरूक हो। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि लोकतन्त्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि 50-अर्की विधानसभा क्षेत्र में 950 से अधिक मतदाताओं वाली संख्या वाले मतदान केन्द्रों के साथ लोगों की सुविधा के लिए सहायक 22 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए हैं ताकि कोविड-19 के दृष्टिगत भीड़ एकत्र न हो। मतदाता जागरूकता वाहन के माध्यम से शालाघाट, दानोघाट, कराड़ाघाट, दाड़लाघाट में लोगों को वोट के महत्व की जानकारी प्रदान की गई। स्वीप टीम द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट में भी बच्चों को वोट के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। तथा बच्चों का आह्वान किया गया कि वे अपने अभिभावकों को वोट डालने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर दाड़लाघाट महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डाॅ. जनेश कपूर, पुनीत ठाकुर एवं काफी संख्या में छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा आज विश्व मानसिकता दिवस पर सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत सलोगड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. अजय सिंह ने आज यहां दी। यह कार्यक्रम नई दिशा केन्द्र सोलन एवं हेल्पऐज इंडिया स्वयंसेवी संगठन के सहयोग से आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सलोगड़ा के लगभग 35 लोगों ने भाग लिया। डाॅ.अजय सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में नई दिशा केन्द्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा निवारण जगरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों के बाद लोग नशा निवारण व मानसिक स्वास्थ्य के उपचार के लिए नई दिशा केन्द्र में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में नई दिशा केन्द्र की तीन सदस्यी टीम बनाई गई है। इस टीम में क्लीनिकल साइकाॅलोजिस्ट वैशाली शर्मा, बीसीसी समन्वयक राधा चैहान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नशा निवारण एवं मानिसक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में क्लीनिकल साइकाॅलोजिस्ट वैशाली शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि शारीरिक विकारों की तरह बहुत से मानसिक विकार भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इन विकारों को पहचनाना और उपयुक्त उपचार उपलब्ध करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश में 75 से 95 प्रतिशत मानिसक रोगी को सही उपचार नहीं मिल पाता है। इस अवसर पर काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
चैंपियन युवा क्लब खैरा छेछडी द्वारा वॉलीबॉल प्रतियोगिता का 11वें सीजन का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पहाडा की टीम ने दगोह की टीम को हरा कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। प्रतियोगिता के समापन समारोह में भाजपा जिला युवा मोर्चा के महामंत्री ठाकुर अमन राणा ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लेकर विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी व इनाम देकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। साथ ही राजीव राणा व युवा क्लब के अन्य सदस्यों ने भी वॉलीबॉल प्रतियोगिता करवाने में पूर्ण सहयोग दिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य सम्बन्धी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य डॉ प्रदीप शर्मा ने की। इस दौरान आठवीं से प्लस टू के विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से सम्बंधित विस्तृत जानकारी स्वास्थ्य खण्ड अर्की के स्वास्थ्य शिक्षक अश्वनी शर्मा द्वारा दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी तरह की मानसिक समस्या होने पर अपने शिक्षकों से बात करे व जरूरत होने पर चिकित्सक की सलाह भी ले, ताकि समय पर तनाव जैसी समस्या को रोका जा सके। 15 से 24 वर्ष की आयु में आत्महत्या करने की दर विश्व मे बहुत अधिक है। 100 में से 20 बच्चे तनाव के शिकार होते है, जिनका अभिवावकों को भी पत्ता नही होता। बीएमओ अर्की राधा शर्मा के अनुसार परिवार के सभी सदस्यों को घर का वातावरण ऐसा रखना चाहिए, ताकि बच्चे तनाव से दूर रहे। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य सम्बंधित सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम के पश्चात सभी छात्र-छात्राओं को फ्रूट भी बांटे गए। इस दौरान विद्यालय के अध्यापक वर्ग में दुर्गानन्द शास्त्री, केशव, सुधीर, कमलेश, उमा, कविता सहित अश्वनी शर्मा स्वास्थ्य शिक्षक व पम्मी व निशा शर्मा आशावर्कर भी मौजूद रही।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने शिमला में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा की भाजपा चुनावी मोड में पूरी तरह से आ चुकी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप राष्ट्रीवादी व देशभक्त पार्टी भाजपा के लिए जन समर्थन की जनता से अपील कर रहे है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता व नेता एकजुट होकर पार्टी को चुनावों में विजयश्री दिलवाने के लिए कार्य कर रहे है और भाजपा सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीर भूमि है और सैनिकों की भूमि है भाजपा इनका अपमान सहन नहीं करेगी। आश्चर्य होता है जब कांग्रेस की मंडी संसदीय क्षेत्र प्रत्याशी प्रतिभा सिंह कहती है कि कारगिल युद्ध, युद्ध नही था। इस व्यख्या से हम आश्चर्यचकित है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में 527 वीर जवान शहीद हुए थे। जिसमें 52 हिमाचल प्रदेश के जवान थे। वोटों के लिए कांग्रेस पार्टी इतना गिर गईं कि उनकी शहादत का ही अपमान कर दिया? कप्तान विक्रम बत्रा, मेजर सोमनाथ शर्मा, मेजर धन सिंह थापा और रिफिलमैन संजय कुमार को परमवीर चक्र मिले हम इन विजेताओं को नमन करते है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता देशद्रोहियों से घिरे नेताओं के आरोपों से गुमराह नहीं होने वाली।
उपमंडल जोगिन्दरनगर में 25 वर्षीय ज्योति की संदिग्ध हालात में मौत होने की दुखद खबर प्रकाश में आई है। उक्त युवती विधानसभा देहरा की रहने वाली बताई जा रही है। पुलिस की सूचना के अनुसार उक्त युवती एक बैंक की कर्मचारी है। युवती जोगेंद्रनगर के तहत मकडैना गांव में एक किराये के कमरे में रहती थी। बताया जा रहा है कि उक्त युवती की करंट लगने से मौत हुई है। रविवार को छुट्टी होने की वजह से ज्योति कमरे से बाहर नहीं निकली, तो देर सायें स्थानीय वाशिंदों ने इसकी सूचना पंचायत प्रधान को दी। वहीं उन्होंने पुलिस को भी इसके बारे में सूचित किया गया। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस टीम ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो युवती का शव बरामद हुआ। डीएसपी जोगिन्दरनगर लोकिन्द्र नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ज्योति के घरवालों को उसकी मृत्यु की सूचना दे दी गयी है। ज्योति के पिता विनोद शर्मा भी जोगेंद्रनगर पहुंच गए हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
कैप्टन संजय ने कहा है कि रामायण भोग नहीं, त्याग की गाथा है। रामायण में त्याग की प्रतियोगिता चल रही है और बड़ी बात यह भी है कि इसमें सभी प्रथम स्थान पर हैं। बलिदान के मामले में कोई पीछे नहीं है। भगवान श्रीराम और उनके भाईयों का प्रेम व समपर्ण आज के स्वार्थी होते जा रहे युग में भी मिल-जुल कर रहने की शिक्षा देता है। श्रीराम सेवा समिति, रक्कड़ द्वारा करवाई जा रही रामलीला में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पराशर ने कहा कि रामायण के हर पात्र में कोई न कोई विशेषता जरूर है। अगर प्रभु श्रीराम के साथ माता सीता और लक्ष्मण वनवास के लिए गए थे, तो उर्मिला का वनवास भी तो गजब का था। हनुमान की सेवा भावना का कोई मुकाबला नहीं हो सकता है। उनका विनम्र आचरण और अपने से बड़ों और छोटों सबको सम्मान देना हम सबको एक सीख देता है। संजय ने कहा कि रामायण से सबसे बड़ी सीख हमें मिलती है कि बुराई से सदैव दूर रहना चाहिए। हर कार्य को सच्चे और अच्छे मन से करना चाहिए। कैप्टन संजय ने रामलीला के सफल संचालन के लिए आयोजकों पविन्द्र सिंह बबली, सतवीर सिंह ठाकुर, स्वामी जी, सुखदेव और प्रभात सिंह को बधाई दी और श्रीरामलीला कमेटी को 41 हजार रूपए का योगदान दिया। इस मौके पर रक्कड़ के पूर्व प्रधान संजय धीमान और संदीप कुमार चेला भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अर्की से बीजेपी प्रत्याशी रतन सिंह पाल के पक्ष में दाड़लाघाट में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान जयराम ठाकुर विपक्ष पर खूब हमलावर रहे। उन्होंने विपक्ष पर कई तीर साधे और कांग्रेस के स्टार प्रचारकों, खास तौर पर कन्हैया कुमार को आड़े हाथों लिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल में उस व्यक्ति को स्टार प्रचाकर बनाया गया है जो सेना के जवानों को रेपिस्ट कहता है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों को दूसरे प्रदेशों से बुलाया है। उन्हें हिमाचल के नेताओं पर भरोसा ही नहीं है। कांग्रेस में भविष्य देख कर कन्हैया और सिद्धू उस पार्टी में गए थे, लेकिन कांग्रेस की हालत और खराब हो गई।इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंच से दिवंगत विधायकों और सांसद रामस्वरूप शर्मा को याद किया। जयराम ठाकुर ने कहा इस साल हमने बहुत से वरिष्ठ नेतृत्व को खोया। उन्होंने पूर्व सांसद स्वर्गीय पंडित रामस्वरूप शर्मा, जुब्बल कोटखाई से पूर्व विधायक नरेंद्र बरागटा, फतेहपुर से कांग्रेस विधायक रहे स्वर्गीय सुजान सिंह पठानिया और अर्की से विधायक रहे वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अर्की से बीजेपी प्रत्याशी रतन सिंह पाल की तारीफ भी की। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार के अब तक के कार्य और योजनाएं भी गिनवाईं। उन्होंने हिमकेयर, गृहिणी सुविधा योजना, शगुन योजना का जिक्र किया। सीएम ने कहा, कोविड के कारण हम आप लोगों के बीच नहीं आ सके तो वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास किए। हिमाचल में हमने कहीं भी कुछ कहा है तो सब पूरा किया गया है। एक-एक वादा पूरा किया जाएगा। उस वादे को पूरा करने का आनंद तब आएगा जब यहां विधायक सरकार के साथ चलने वाला विधायक हो।'
विधानसभा इंदौरा के अंतर्गत आने वाली पंचायत डैक्वां में बीती रात रामलीला देखने गए एक युवक की मोटरसाइकिल को शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे मोटरसाइकिल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पीड़ित दिलावर सिंह के पुत्र प्रकाश सिंह ने बताया कि बीती रात वे अपने बच्चों के साथ रामलीला देखने गया और अपनी मोटरसाइकिल को दुकान के पास खड़ी करके चला गया। लेकिन जब वे रामलीला देखने के बाद घर जाने लगा तो उसकी बाइक धू धू कर जल चूंकि थी। स्थानीय निवासी प्रशांत सिंह बंदराल ने बताया कि जहां इस मोटरसाइकिल को आग लगी है, वहां अवैध तरीके से देसी शराब बेची जाती है। हो सकता है किसी शराबी ने इस कार्य को अंजाम दिया हो, पुलिस को भी कई बार इस विषय में शिकायत दी गयी है कि इस जगह पर शराब की बिक्री की जाती है। लेकिन शराब बेचने वालों पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वही इस घटना के चलते पुलिस मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारणों का पता लगा रही है।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में आस्था व श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। इसी के चलते बड़े बड़े अधिकारी भी ज्वाला माता के दिव्य दर्शनों के लिए माता के दरबार में हजारी लगा रहे हैं। इसी के चलते शक्तिपीठ ज्वालामुखी में पटना बिहार प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश संजय करोल ने दिव्य ज्योतियों के दर्शन किये और माता ज्वाला का आशीर्वाद लिया। पुजारी व न्यास सदस्य प्रशांत शर्मा ने उनसे विधिवत पूजा अर्चना करवाई। मन्दिर प्रसाशन द्वारा उन्हें माता की चुनरी व तस्वीर भी भेंट की गई।
प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त हि प्र अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ व हि प्र विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन द्वारा सुंदर नगर में शहीदी स्मारक चौक पर 'शहीदी दिवस' का आयोजन किया गया। इसमें विशेष अतिथि के रुप में महासंघ के प्रदेश महामंत्री राजेश शर्मा उपस्थित रहे। उनके साथ जिला महासचिव लाल सिंह ठाकुर, संयुक्त सचिव मुरारी लाल शर्मा व सदर ब्लाक के प्रधान योगेन्द्र पाल सरोच ने भी शिरकत की तथा पूर्व कर्मचारी नेता हरीश शर्मा और लाल सिंह चावला भी उपस्थित रहे। इस मौके पर प्रदेश महासचिव ने कहा कि 10 अक्टूबर 1980 को कर्मचारी हितों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री राम लाल ठाकुर के शासनकाल में फायरिंग में कर्मचारी भाई अमर सिंह विद्युत विभाग एवं भाई रत्नु तकनीकी शिक्षा शहीद हो गए थे। ऐसे ही संघर्ष के दौरान प्रदेश के कई स्थानों पर विभिन्न घटनाओं में शहीद हुए कर्मचारी नेताओं की याद में हर वर्ष 10 अक्टूबर को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ शहीदी दिवस के रूप में मनाता आया है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के बाद शीघ्र ही जेसीसी बैठक का आयोजन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा। जिसमें सभी विभागों के कर्मचारियों की जायज मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। इस हेतु 62 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को भेजा जा चुका है। उन्होंने अगले साल बेहतर व योजनाबद्ध तरीके से शहीदी दिवस मनाने की बात कही। शहीदों की स्मृति में सुंदर नगर अस्पताल में निर्मित सराय को सुचारू रूप से चलाने का मामला भी प्रशासन से उठाने का भरोसा दिलाया।
भाजपा का वॉर रूम अभी से नहीं बल्कि पहले से ही सुदृढ़ रूप से चल रहा है। लेकिन अब चुनावों की दृष्टि से वॉर रूम की भूमिका बढ़ गई है। इन उप चुनावों में वॉर रूम की अहम भूमिका रहने वाली है। वॉर रूम भाजपा की आँखों का काम करता है, धरातल की रिपोर्ट नेतृत्व तक पहुचाने का काम यह रूम करेंगे। भाजपा के वॉर रूम में 20 लोग काम कर रहे है, जो पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं को सूचना एवं संपर्क पंहुचा रहे है। चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख गणेश दत्त ने आज वॉर रूम में काम करने वाले लोगों के साथ बैठक की। उनके साथ प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सुशील राठौर, शुभंकर सूद और हिमांशु जसरोटिया उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओ के लाभार्थियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सभी लाभार्थियों की सूची तय करने के उपरांत उनसे संपर्क किया जाएगा। गणेश दत्त ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों का हमेशा से सम्मान किया है और उनकी सरकार ने ही सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन का तोफा भी दिया था। भाजपा सभी वन रैंक वन पेंशन प्राप्त करने वाले फौजियों से सीधा संवाद करेगी। फौजियों के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंडी संसदीय क्षेत्र से ब्रिगेडियर खुशाल सिंह को भाजपा का उम्मीदवार बनाया है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का भी जनता को बड़ा लाभ हो रहा है। कोविड संकटकाल के समय प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को मुफ्त राशन मिला है। हिमाचल में 356 करोड़ की सब्सिडी राशन वितरण प्रणाली के लिए मुहैया करवाई है।
15 विधानसभा क्षेत्रों वाला जिला कांगड़ा हिमाचल में सत्ता का रुख तय करता है। जिसने कांगड़ा जीता प्रदेश की सत्ता भी उसी को मिलती है और ये सिलसिला 1985 से चला आ रहा हैं। विधानसभा चुनाव में अभी एक वर्ष का समय है पर जिला कांगड़ा की फतेहपुर सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। ऐसे में दोनों दल कांगड़ा के सियासी समीकरण साधकर चलने का प्रयास करते दिख रहे है। कांग्रेस की बात करें तो 2017 केविधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी का लोकसभा चुनाव में भी सफाया हो गया था। फिर जिला परिषद में भी स्थिति कुछ खास नहीं थी। हालांकि नगर निगम चुनाव में जरूर पार्टी ठीक करने में कामयाब रही। ऐसे में फतेहपुर सीट बरकरार रखना कांग्रेस के लिए बेहद जरूरी है। वहीँ यदि भाजपा फतेहपुर उपचुनाव जीत जाती है तो निसंदेह ये पार्टी की बड़ी कामयाबी होगी। ऐसे में 2022 के लिहाज से ये उपचुनाव जिला में हवा बनाने बिगाड़ने का काम कर सकता है। पिछला उपचुनाव जीती थी कांग्रेस करीब 12 साल बाद एक बार फिर फतेहपुर में उप चुनाव होने जा रहा हैं। इससे पहले 2009 में तत्कालीन विधायक डॉ राजन सिंह सुशांत के सांसद बनने के चलते उप चुनाव हुआ था। तब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और प्रो प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री थे। बावजूद इसके भाजपा उप चुनाव हार गई थी और सुजान सिंह पठानिया के दम पर कांग्रेस ने कमाल कर दिखाया था। पीएम मोदी की रैली भी रही थी बेअसर 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने फतेहपुर से कृपाल परमार को टिकट दिया था, पर तब बागी हुए बलदेव ठाकुर और राजन सुशांत ने पुरा खेल बिगाड़ दिया था। तब खुद पीएम मोदी ने फतेहपुर में जनसभा की थी लेकिन बाजी कांग्रेस मार ले गई। अब फिर भाजपा पर दबाव है। 2007 का विधानसभा चुनाव छोड़ दे तो फतेहपुर का वोटर अर्से से भाजपा पर मेहरबान नहीं दिखा है।
जुब्बल कोटखाई में भाजपा का एक धड़ा अब भी नीलम सरैक के साथ है। ये वो लोग है जो या तो पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्त्ता है जिनके लिए पार्टी हाईकमान का निर्णय सर्वोपरि है या वो लोग जो शुरुआत से लेकर ही नीलम सरैक को टिकट मिलने की पैरवी कर रहे थे। भाजपा में अंतर्कलह की स्थिति कितनी प्रखर है ये इस बात से समझा जा सकता है की नीलम के समर्थक भाजपाई चेतन समर्थकों पर मारपीट के आरोप लगा रहे है। जान को खतरे की बात भी कही गई है। इस मुद्दे को भुनाया भी जा रहा है। हालांकि नीलम स्वयं अब भी चेतन को अपना छोटा भाई ही करार दे रही है। नीलम का चुनावी उद्धघोष भी स्वर्गीय नरेंद्र ब्रागटा द्वारा किये गए कार्यों को पूरा करने के आसपास ही घूम रहा है। नीलम इस क्षेत्र से तीन बार जिला परिषद की सदस्य रह चुकी है और 1997 से पार्टी के साथ जुड़ी हुई है। उन्हें चुनावी राजनीति का अनुभव भी है और हाईकमान का आशीर्वाद भी, बस दो धड़ों में बट चुकी भाजपा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। नीलम की योगयता पर भी कोई संदेह नहीं है, बस चूक यहां भाजपा आलाकमान से हुई लगती है क्यों कि अगर शुरू से चेतन को टिकट के लिए आश्वस्त नहीं किया जाता तो शायद कि इस तरह का विद्रोह होता। बहरहाल स्थिति जो भी हो पर भाजपा के चुनाव मैनेजमेंट पर कोई संशय नहीं है। जमीनी स्तर पर पार्टी बेहद बारीकी से डैमेज कण्ट्रोल में जुटी है और निसंदेह चेतन को मनाने के प्रयास हो रहे है। नीलम को चुनाव लड़ने का ख़ासा अनुभव भी है जो इस चुनाव में उनके काम आ सकता है।
भाजपा की लड़ाई से इतर जुब्बल-कोटखाई निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा सरकार पर ताबड़तोड़ हमले कर रही और बेरोज़गारी, महंगाई जैसे मुद्दे लेकर जनता के बीच है। यहां कांग्रेस एकजुट है और रोहित ठाकुर एक मजबूत उम्मीदवार दिख रहे। रोहित 2003 और 2012 में जुब्बल कोटखाई से विधायक रहे है। रोहित ठाकुर ही वो नेता जिन्होंने साल 2003 में पूर्व विधायक स्व नरेंद्र बरागटा को हराया था। 2017 में भी रोहित ठाकुर मात्र 1062 वोटो से हारे थे। ऐसे में टिकट के लिए उन्हें किसी अन्य चेहरे से ज्यादा चुनौती नहीं मिली और अब पूरी कांग्रेस एक जुट होकर उन्हें जीत दिलाने में लगी है। 2017 में हारने के बाद भी रोहित लगातार क्षेत्र में सक्रीय रहे है, उनकी जमीनी पकड़ भी क्षेत्र में स्पष्ट देखने को मिलती है। पर अति आत्मविश्वास की स्थिति हमेशा कांग्रेस के लिए बड़ी परेशानी रही है, इससे कांग्रेस को बचना होगा। 2017 के चुनाव में भी कांग्रेस जीत को लेकर आश्वस्त थी और नतीजा सबके सामने है। वीरभद्र सरकार ने दी थी सीए स्टोर को मंजूरी पराला मंडी में सीए स्टोर स्थापित करने के मुद्दे पर श्रेय लेने की होड़ लगी है। भाजपाई इसे अपनी उपलब्धि बता रहे है तो कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर का कहना है कि किसी भी बड़ी परियोजना के लिए मंजूरी मिलना मुश्किल कार्य होता है, जबकि घोषणाएं करना आसान। वीरभद्र सरकार में प्रदेश को मिले सबसे बड़े 1134 करोड़ के बागवानी प्रोजेक्ट के तहत सीए स्टोर को पराला में बनाने की मंजूरी मिली थी। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी सीए स्टोर निर्माण की मंजूरी दी गई थी। भाजपा सरकार का इस प्रोजेक्ट से कोई लेना देना नहीं है, यह सरकार केवल श्रेय लेने की होड़ में लगी है। जयराम सरकार ने तो प्रदेश के बागवानों को मिलने वाली निशुल्क कीटनाशक दवाइयों पर भी रोक लगा दी है। इससे पता लगता है कि यह सरकार बागवानों की कितनी हितेषी है? इस प्रोजेक्ट को मंजूर करवाने में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व पूर्व बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स का योगदान रहा है। रोहित कहते है कि वर्तमान बागवानी मंत्री के ब्यान तो साफ दर्शाते हैं कि उन्हें बागवानी की कोई समझ ही नहीं है। कांग्रेस सरकार ने एपीडा के तहत हिमाचल में सात सीए स्टोर स्थापित करने का प्लान तैयार किया था। इनमें से 3 सीए स्टोर जुब्बल कोटखाई में ही स्थापित करने का प्रावधान रखा गया था, चूंकि यह क्षेत्र सेब बाहुल्य के लिए जाना जाता है।
सत्ता में हो या फिर विपक्ष में, स्व. बरागटा प्रदेश के बागवानों के हर मसले की आवाज बने। विधानसभा सदन से लेकर केंद्र सरकार तक बागवानों की आवाज बुलंद करने में उन्होंने कोई कमी नहीं छाेड़ी। वर्तमान जयराम सरकार में वे मुख्य सचेतक थे और विधानसभा के हर सत्र में वो बागवानों के हितों की बात करते दिखते थे। सेब पर कमीशन हो या फिर फसल बीमा कंपनियों की ओर से भ्रष्टाचार का मसला, इन सभी एजेंडों पर स्व. बरागटा ने सरकार के समक्ष ठोक-बजा कर बागवानों का पक्ष रखा। यहां तक की देश की विभिन्न मंडियों में बिकने वाले विदेशी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का मुद्दा भी स्व. बरागटा उठाते रहे। 1998 की धूमल सरकार में बागवानी मंत्री रहते हुए नरेंद्र बरागटा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी के समक्ष भी ये मामला उठाया था, ताकि प्रदेश के बागवानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इसके बाद अगली धूमल सरकार में भी वे बागवानी मंत्री थे और यूपीए सरकार के सामने ये विषय रखा। जब भी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते बागवानों की फसल नष्ट होती, तो उस समय एक ही नेता सामने आता रहा, वह थे नरेंद्र बरागटा। हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद स्व. बरागटा ने प्रदेश सरकार से मांग की थी कि वह तुरंत सेब क्षेत्रों में टीमें भेजे और बागवानों किसानों को तुरंत मुआवजा प्रदान करे। अपनी ही सरकार को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा था कि केवल आकलन करने से कुछ नहीं होगा क्योंकि पिछले साल हुए नुकसान पर भी सरकार केवल आकलन ही करती रह गई थी। जयराम राज में नहीं मिला मंत्री पद भारतीय जनता पार्टी में स्व नरेंद्र बरागटा के कद का अंदाजा इसी बात से पता चलता है कि 1998 में पहली बार विधायक बनते ही उन्हें धूमल सरकार में बागवानी राज्य मंत्री बनाकर स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया। इसके बाद प्रेम कुमार धूमल की सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें कैबिनेट दर्जा दिया गया। बागवानी विभाग के अलावा तकनीकी शिक्षा विभाग का जिम्मा दिया गया था। 2012 में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर राजीव बिंदल के त्यागपत्र देने के बाद स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा भी उन्हें सौंपा गया था। 2017 में नरेंद्र बरागटा तीसरी बार विधायक बने और प्रदेश में जयराम सरकार बनी। भाजपा की बदली हुई सियासत ने उन्हें मंत्रिपद से तो वंचित रखा गया, लेकिन उन्हें पूरी तरह दरकिनार करना भी मुमकिन नहीं था, सो उन्हें मुख्य सचेतक बनाकर कैबिनेट दर्जा दिया गया।
बरसात का मौसम खत्म हुआ और उपचुनाव आ गए, साथ ही शुरू हो गई कच्चे -पक्के वादों की बरसात और इस बरसात में उठ रही बगावत की गंध ने सियासी तौर पर माहौल और भी रोचक बना दिया है। जुब्बल कोटखाई में भाजपा दो धड़ों में बंट गई गई है। एक तरफ बरागटा को श्रद्धांजलि देने वाले लोग जमा हो गए है तो दूसरी तरफ भाजपा के निष्ठावान सिपाही बचे है। दो गुटों में बंटें ये भाजपाई पहले आपस में लड़ेंगे और फिर कांग्रेस से मुकाबले पर बात होगी। वहीं जुब्बल कोटखाई कांग्रेस एकजुट होकर भजपाईओं के इस तमाशे का आनंद ले रही है। पर कांग्रेस की राह इतनी भी आसान नहीं होगी जितना कुछ समर्थक सोच कर चल रहे है। विशेषकर बरागटा के प्रति दिख रही सहानुभूति कुछ भी गुल खिला सकती है, बशर्ते वे मैदान में डटे रहे। बहरहाल यदि बरागटा डटे रहे तो ये सहानुभूति कितनी वोट में तब्दील होती है और किस किसको नुकसान पहुंचाएगी, ये ही विश्लेषण का विषय होगा। जुब्बल कोटखाई की राजनीति समझने वाले मानते है कि इसे सीधे तौर पर सिर्फ भाजपा का नुक्सान नहीं समझना चाहिए, जब सहानुभूति प्रखर होती है तो राजनैतिक सीमायें नहीं देखती। जो माहौल और जन सैलाब चेतन बरागटा को टिकट न मिलने पर आहत हुए लोगों ने खड़ा किया उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और न ही अनदेखा किया जा सकता है भाजपा की सुनियोजित रणनीतियों को। खैर आगे जो भी हो इतना स्पष्ट है की जुब्बल कोटखाई का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। ये उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भाजपा के सामने सीट बचाने की चुनौती है तो कांग्रेस के सामने अपनी परंपरागत सीट को फिर कब्जाने की, वहीँ चेतन बरागटा ने इसे मान सम्मान की जंग बना लिया है। कांग्रेस ने जुब्बल कोटखाई से पूर्व विधायक रोहित ठाकुर को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने गहन मंथन और जोड़ तोड़ के बाद चेतन बरागटा का टिकट काट कर नीलम सरैक को टिकट दिया है। नीलम सरैक को टिकट देकर पार्टी एक मापदंड स्थापित करना चाहती थी कि भाजपा वंशवाद और परिवारवाद के खिलाफ है। हालाँकि ये पोलिटिकल स्टंट पार्टी को उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। भाजपा ने शायद कभी नहीं सोचा होगा की चेतन के समर्थन में इतने लोग मैदान में उतर भाजपा के खिलाफ बगावत कर देंगे। चेतन पूरी तैयारी कर चुके थे, टिकट न मिलने पर उन्होंने ये तक कह डाला कि उन्हें बर्बाद कर दिया, उन्हें धोखा दिया गया। चेतन समर्थकों के बीच आकर रो दिए और पूरा माहौल बदल दिया। भाजपा के कई समर्थक भी चेतन को टिकट न मिलने से खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है। दरअसल जुब्बल कोटखाई ऐसा उपचुनाव क्षेत्र है जहां चुनाव की घोषणा से पहले ही प्रचार प्रसार शुरू हो गया था। भाजपाई पिछले तीन महीनों से चेतन के साथ गांव -गांव घूम प्रचार प्रसार कर रहे थे परंतु टिकट बदल पार्टी ने उस पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। ये समर्थक पार्टी के वंशवाद के तर्क को भी सिरे से खारिज कर रहे है। इनका कहना है की चेतन पिछले 14 सालों से पार्टी के लिए काम कर रहे है। वे भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष भी है। उन्होंने पिछले कई सालों से पार्टी को मज़बूत करने का काम किया है। उन्हें टिकट देना वंशवाद नहीं कहला सकता। यहां नीलम सरैक पर भी तरह - तरह के आरोप लगाए जा रहे है। कुछ का कहना है की नीलम ने कांग्रेस के साथ मिलकर पार्टी को कमज़ोर करने का काम किया है तो कुछ उनपर पार्टी कार्यकर्ताओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगा रहे है। हाल फिलहाल चेतन ने मैदान में उतर कर यहां के समीकरण बदल दिए है। दो बार खिला कमल, दोनों बार बरागटा थे मैदान में जुब्बल-कोटखाई वो विधानसभा क्षेत्र है जहां कमल खिलाना भजपा के लिए कभी आसान नहीं रहा। इस विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस का गढ़ तो कहा ही जाता है मगर जुब्बल - कोटखाई को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ठाकुर रामलाल का गढ़ कहना भी गलत नहीं होगा। ठाकुर रामलाल कुल नौ मर्तबा जुब्बल कोटखाई से विधायक रहे है। उनके निधन के बाद दो बार इस विधानसभा क्षेत्र की कमान उनके पोते रोहित ठाकुर भी संभाल चुके है। अब तक भाजपा को यहां केवल दो ही बार जीत मिल पाई है। कांग्रेस के इस गढ़ में कमल खिलाने वाले नेता थे पूर्व विधायक नरेंद्र बरागटा। वर्ष 2003 में बरागटा ने इस विस क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा मगर वे जीत नहीं पाए। इसके बाद विपक्ष में रहते हुए वे पांच साल जुब्बल - कोटखाई की आवाज बने रहे। नतीजन 2007 में उन्हें जुब्बल - कोटखाई की जनता ने वोट रुपी आशीर्वाद दिया और पहली बार इस सीट पर भाजपा विजयी हुई। 2017 में भी इस विधानसभा क्षेत्र से नरेंद्र बरागटा ही जीते। 2003 से सत्ता के साथ जुब्बल-कोटखाई जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की जनता 2003 से ही सत्ता के साथ चलती आ रही है। वर्तमान में भाजपा की सरकार है तो भाजपा के नरेंद्र बरागटा जीते, 2012 में कांग्रेस की सरकार में कांग्रेस के रोहित ठाकुर और उससे पहले 2007 में भाजपा की सरकार थी तो भाजपा के नरेंद्र बरागटा जीते थे। इसी तरह 2003 के चुनाव में रोहित ठाकुर को जनता का आशीर्वाद मिला। यहां वीरभद्र सिंह भी हारे है 1990 में वीरभद्र सिंह हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतरे। उस चुनाव में वीरभद्र दो सीटों से लड़े, रोहड़ू और जुब्बल कोटखाई। रोहड़ू में तो वीरभद्र जीत गए लेकिन जुब्बल कोटखाई में करीब पंद्रह सौ वोट से हार गए। दिलचस्प बात ये है की वीरभद्र सिंह को हराने वाले थे वहीं ठाकुर रामलाल जिन्हें कुर्सी से हटाकर वीरभद्र सिंह पहली बार सीएम बने थे। दरअसल मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद ठाकुर रामलाल को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया था और प्रदेश की राजनीति से एक किस्म से वे दूर हो गए थे। धीरे -धीरे ठाकुर रामलाल और कांग्रेस के बीच भी खाई बनती गई और ठाकुर रामलाल जनता दल में शामिल हो गए। 1990 के विधानसभा चुनाव में ठाकुर रामलाल ने जनता दल से टिकट पर जुब्बल कोटखाई से चुनाव लड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को परास्त करके अपनी पकड़ का लोहा मनवाया। दो मुख्यमंत्री देने वाल इकलौता क्षेत्र जुब्बल कोटखाई, हिमाचल प्रदेश का इकलौता ऐसा निर्वाचन क्षेत्र जिसने दो मुख्यमंत्री दिए है, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह। नौ बार के विधायक और तीन बार मुख्यमंत्री रहे ठाकुर रामलाल की कर्मभूमि रहे जुब्बल कोटखाई की सियासत हमेशा से ही रोचक रही है। 1977 में ठाकुर रामलाल जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब वे इसी सीट से विधायक थे। फिर 1980 में जब शांता सरकार को गिराकर ठाकुर रामलाल दूसरी बार मुख्यमंत्री बने तब भी वे इसी सीट से विधायक थे। 1982 में विधानसभा चुनाव हुए और कांग्रेस ने रिपीट किया और जुब्बल कोटखाई से विधायक ठाकुर रामलाल तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। फिर 1983 में हिमाचल की सियासत में टिम्बर घोटाले के चलते बवाल मच गया। तब इसी बवाल में मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल की कुर्सी चली गई और वीरभद्र सिंह पहली बार सीएम बने थे। सियासत के जादूगर वीरभद्र सिंह ने जनता की नब्ज को भांपते हुए विधानसभा जल्दी भंग करवा दी और 1985 में ही विधानसभा चुनाव करवा दिए। दिलचस्प बात ये है कि 1985 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह ने अपना चुनाव क्षेत्र बनाया जुब्बल कोटखाई को। उसी जुब्बल कोटखाई क्षेत्र को ठाकुर रामलाल का गढ़ था। वीरभद्र सिंह जीत गए और दूसरी बार मुख्यमंत्री भी बन गए। यानी जुब्बल कोटखाई को दूसरा मुख्यमंत्री मिल गया।
शक्तिपीठ ज्वालामुखी में आजकल शारदीय नवरात्रों में भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में प्रशासन द्वारा पूर्णतया व्यवस्था बनाई गई है। इसी के चलते सोमवार को एसपी कांगड़ा खुशहाल सिंह ने ज्वालाजी मन्दिर पहुंचकर श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओ व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों व सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। एसपी कांगड़ा ने शक्तिपीठ ज्वालामुखी में परिवार सहित पूजा अर्चना की और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। मन्दिर प्रशासन की तरफ से उन्हें माता का सिरोपा व तस्वीर भेंट की गई। एसपी कांगड़ा खुशहाल सिंह ने बताया कि शक्तिपीठों में जिला प्रसाशन की तरफ से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी शक्तिपीठों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और कोविड प्रोटोकाल का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने नवरात्रों की सभी को बधाई दी और कोरोना महामारी के नाश की माता से प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी अभी खत्म नही हुई है इसलिए स्वयं को बचाना ज्यादा जरूरी है और इसके लिए हम सभी को कोरोना नियमों का पालन करना चाहिए, मास्क जरूर लगाना चाहिए क्योंकि मास्क लगाकर ही आप सुरक्षित रह सकते हैं और स्वयं और परिवार की भी रक्षा कर सकते हैं।
उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत पड़ते पठा चोंक नेशनल हाइवे पर इन दिनों बड़े-बड़े खड्डे हादसों को न्योता दे रहे हैं। वहीं इन गहरे खड्डों को भरने का बीड़ा स्थानीय कोचिंग सेंटर पाइसा के युवकों ने उठाया है। यही नहीं शनिवार व रविवार को उक्त युवकों ने सड़क पर पड़े खड्डों को मिट्टी डालकर भरा। जिस सड़क के खड्डों की तरफ एनएच विभाग का ध्यान तक नहीं गया। आपको बता दें कि सड़क के बीचों-बीच पड़े उक्त खड्डे आये दिन बड़े हादसों को न्योता दे रहे थे। जिसे विभाग द्वारा भी भरना मुनासिफ नहीं समझा गया। परन्तु यह कार्य युवकों द्वारा कर दिखाया, जिसकी तारिफ समस्त क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही है। इस दौरान निशांत, रितेश राजेश, सचिन, अरुण, रोहित, पंकज, विंकन, आकाश, रोहित इत्यादि युवकों मौजूद रहे।
दी कृषि सहकारी सभा नंगल चौक की प्रबंधक कार्यकारिणी का गठन किया गया। संचालक बलराज सिंह की अध्यक्षता में हुए इस चुनावी समारोह मे सर्वसम्मति से प्रधान राजेंद्र कुमार व उप प्रधान रविचंद्र कुमार को चुना गया। इसी तरह कोषाध्यक्ष कमल देव, रवि वीरेंद्र नाथ तथा राजेश कुमार को सदस्य चुना गया। यह जानकारी सभा के सचिव नपिंदर कुमार ने दी।
फतेहपुर उपचुनाव के लिए गरली परागपुर के बिजली बोर्ड मे एक्सन रिटायर प्रेम चन्द कटोच ने फतेहपुर से बतौर आजाद उम्मीदवार अपना नामंकन भरते हुए जीत का दावा किया है। नामांकन पत्र भरने के बाद गरली में पत्रकारों से रुबरु होते हुए उन्होंने कहा कि मैने करीब 35 वर्षो तक बिजली बोर्ड मे अपनी सेवाएं दी। हिमाचल मे बारी-बारी सत्ता सम्भाल चुकी भाजपा व कांग्रेस राजनीति दलो ने आम जनता को महंगाई के दलदल मे डूबो कर एक दूसरे पर अनाप शनाप बयानबाजी करके आम जनता को लूटा है। प्रेम चन्द कटोच ने कहा कि उन्होंने बिजली बोर्ड भिन्न भिन्न पदो पर रहकर समूचे हिमाचल भर में लोगो की लगातार 24 घण्टे सेवा की है और अब फतेहपुर से अगर लोगो ने चाहा और उन्हें विधायक चुना तो वह रात दिन लोगो की सेवा मे कोई कसर बाकी नही छोड़ेंगे।
अनुराग ठाकुर अर्की पहुंचे और गोविन्द राम शर्मा के तेवर ढीले पड़ गए। पार्टी से दशकों पुराना नाता भी याद आ गया और कमल के फूल के प्रति निष्ठा भी बगावत में आड़े आ गई। नामांकन के अंतिम दिन तक बना सस्पेंस खत्म हुआ और भाजपा संभावित बगावत साधने में कामयाब रही। किन आश्वासनों के भरोसे गोविन्द राम शर्मा चुनावी मैदान से हटे, ये पार्टी के अंदर की बात है लेकिन इतना तय है कि कम से कम बाहरी तौर पर तो भाजपा अब अर्की में सशक्त और संगठित दिख रही है। मोटे तौर पर अब भाजपा के रतन सिंह पाल और कांग्रेस के संजय अवस्थी के बीच टक्कर होनी है।उधर कांग्रेस की सियासत फिर दिलचस्प हो गई है। पिछले कई चुनावों की तरह इस बार फिर पार्टी में विद्रोह - भीतरघात की स्थिति है। नतीजन जो कांग्रेस कुछ दिन पहले मजबूत लग रही थी उसे डर जरूर होगा कि कहीं विद्रोह उसे मजबूर न बना दे। कारण साफ है, खुला विद्रोह भीतरघात से अधिक नुकसान करता है। चलिए मान भी लेते है कि भाजपा को भीतरघात का 'फ्लू' हो सकता है पर कांग्रेस को तो विद्रोह का 'डेंगू' होता दिख रहा है। ऐसे में अर्की का संग्राम रोचक होना तय है। अर्की निर्वाचन क्षेत्र की सियासत बेहद रोचक रही है। अतीत पर नजर डाले तो यहां कांग्रेस -भाजपा दोनों को बराबर प्यार मिलता रहा है। वर्ष 1980 में भाजपा की स्थापना हुई थी और उसके बाद से अब तक हुए 9 विधानसभा चुनाव हुए है। इनमें कांग्रेस पांच मर्तबा तो भाजपा ने चार मर्तबा बाजी मारी है। पहले करीब ढाई दशक तक अर्की की सियासत हीरा सिंह पाल और नगीन चंद्र पाल के बीच घूमती रही, तो 1993 में कांग्रेस नेता धर्मपाल ठाकुर के विधायक बनने के बाद अर्की वालों ने उन पर लगातार तीन बार भरोसा जताया। फिर कर्मचारी राजनीति से सियासत में कदम रखने वाले गोविंद राम शर्मा दो बार जीते। पर 2017 के विधानसभा चुनाव में खुद सूबे के मुख्यमंत्री ( तत्कालीन ) वीरभद्र सिंह ने अर्की से मैदान में उतरने का निर्णय लिया और अर्की के विधायक बने। अब उनके निधन के बाद उपचुनाव होने जा रहा है, पर असंतोष और अंदरूनी खींचतान की आग दोनों ही राजनीतिक दलों को झुलसा सकती है। अवस्थी को टिकट, ठाकुर नाराज वीरभद्र सिंह के निधन के बाद अर्की उपचुनाव जीतना कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल होगा। बहरहाल, कांग्रेस ने फिर संजय अवस्थी को मैदान में उतारा है। जमीनी बात करें तो संजय अवस्थी शुरू से मजबूत दावेदार लग रहे थे। हालांकि राजेंद्र ठाकुर भी स्व. वीरभद्र सिंह से नजदीकी के बुते टिकट की दौड़ में रहें लेकिन अवस्थी के रहते पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। नाराज़ होकर राजेंद्र ठाकुर सहित ब्लॉक कांग्रेस अर्की के कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। यानी पार्टी में बगावत की स्थिति है और ऐसे में संजय अवस्थी की राह भी आसान नहीं होगी। दूसरा पक्ष ये भी है कि राजेंद्र ठाकुर और उनके समर्थकों के इस्तीफे के बाद पार्टी संगठन में नई नियुक्तियां संजय अवस्थी के मन मुताबिक हो गई। एक किस्म से अवस्थी फ्री हैंड होकर अपने निर्णय लेंगे। 2007 में कांग्रेस को भारी पड़ी गलती वर्ष 1993, 1998 और 2003 में कांग्रेस के धर्मपाल ठाकुर लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके थे। 2003 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और धर्मपाल ठाकुर को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया गया था। वे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में थे। अर्की क्षेत्र में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। पर बावजूद इसके 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बड़ी चूक हो गई और धर्मपाल ठाकुर का टिकट काट दिया गया। कहते है वीरभद्र सिंह इसके पक्षधर नहीं थे, वे धर्मपाल ठाकुर को ही टिकट देने के हिमायती थे। पर कांग्रेस आलाकमान ने वीटो इस्तेमाल करते हुए प्रकाश चंद करड को टिकट थमा दिया। आखिरकार हुआ वही जिसका अंदेशा था, हवा - हवाई उम्मीदवार देने का खामियाजा कांग्रेस ने भुगता और पार्टी तीसरे स्थान पर रही। प्रकाश चंद बुरी तरह चुनाव हारे। वहीँ दूसरे स्थान पर रहने वाले थे धर्मपाल ठाकुर जो कांग्रेस से टिकट कटने के बाद बतौर निर्दलीय मैदान में थे। प्रकाश चंद को जहां करीब साढ़े सात हज़ार वोट ही मिले थे वहीँ धर्मपाल ठाकुर को निर्दलीय लड़ने के बावजूद करीब साढ़े चौदह हजार वोट मिले थे। जाहिर सी बात है कि कांग्रेस की इस अंदरूनी लड़ाई का फायदा तब भाजपा को मिला था। माहिर मानते है की अगर कांग्रेस ने धर्मपाल ठाकुर का टिकट नहीं काटा होता तो संभवतः कांग्रेस अर्की में जीत का चौका लगाती। 2012 में बगावत ने बिगाड़े अवस्थी के समीकरण 2012 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने संजय अवस्थी को उम्मीदवार बनाया था। दरअसल 2008 में धर्मपाल ठाकुर का देहांत हो चूका था और 2007 का चुनाव लड़ चुके प्रकाश चंद भी तब तक खुद को स्थापित नहीं कर पाए थे। ऐसे में पार्टी को एक दमदार चेहरा चाहिए था और संजय अवस्थी पर पार्टी ने भरोसा जताया। पर अंदरूनी खींचतान और बगावत पार्टी को भारी पड़ी। दरअसल उस चुनाव में पार्टी के ही अमर चंद पाल बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे और 10 हजार से ज्यादा वोट लेकर कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया। नतीजन संजय अवस्थी करीब दो हजार वोट से चुनाव हार गए, पर तब से संजय अवस्थी ही स्थानीय कांग्रेस का मुख्य चेहरा बने हुए है। 2017 में वीरभद्र ने करवाई वापसी 2017 विधानसभा चुनाव से कई माह पहले से ही अर्की में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की विशेष मेहरबानी दिखने लगी थी। वीरभद्र सिंह के लगातार दौर और कई सौगातों ने संकेत दे दिए थे कि खुद वीरभद्र सिंह अर्की से मैदान में उतर सकते है। दरअसल वीरभद्र सिंह शिमला ग्रामीण की अपनी सीट से अपने पुत्र विक्रमादित्य सिंह को विधानसभा भेजना चाहते थे। हुआ भी ऐसा ही। उन्होंने विक्रमादित्य के लिए शिमला ग्रामीण सीट छोड़ दी और खुद अर्की से मैदान में उतर गए। जब खुद वीरभद्र सिंह मैदान में थे तो जाहिर सी बात है खुलकर कोई विरोध नहीं हुआ। जैसा अपेक्षित था वीरभद्र सिंह चुनाव जीत गए और दस साल बाद अर्की सीट वापस कांग्रेस के कब्जे में आ गई। पर उनके आने से संजय अवस्थी का इंतज़ार बढ़ गया। 2012 के बाद से ही संजय अवस्थी तैयारी में जुटे थे लेकिन तब उन्हें चुनाव लड़ने का मौका ही नहीं मिला। वर्ष विधायक पार्टी 1967: हीरा सिंह पाल निर्दलीय 1972: हीरा सिंह पाल लोक राज पार्टी 1977: नगीन चंद्र पाल जनता पार्टी 1982: नगीन चंद्र पाल भारतीय जनता पार्टी 1985: हीरा सिंह पाल कांग्रेस 1990: नगीन चंद्र पाल भारतीय जनता पार्टी 1993: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 1998: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 2003: धर्मपाल ठाकुर कांग्रेस 2007: गोविंद राम शर्मा भाजपा 2012: गोविंद राम शर्मा भाजपा 2017 : वीरभद्र सिंह कांग्रेस
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश संजय करोल रविवार देर सांय अचानक अपने पैतृक गांव धरोहर गांव गरली पहुंचे। उन्होंने गरली पहुंचते ही अपने पूर्वजों का मकान जो कई वर्षों से बन्द पडा है, उसकी दहलीज पर जाकर करीब पांच मिन्नट तक नमस्तक होकर घुटनो के बल माथा टेका। इस दौरान न्यायधीश संजय करोल ने गरली के लोगो से भी आम ग्रामीण की तरह मुलाकात की और इलाके भर का हाल चाल जाना। गरली पहुंचे चीफ जस्टिस संजय करोल की सादगी व मिलनसारी देखकर हर कोई दंग रह गया। वही इससे पहले न्यायधीश संजय करोल ने मां चामुंडा, कांगड़ा "बगलामुखी" मे पूजा करवाने के बाद वह अपनी कुलदेवी गुम्मर "ज्वालामुखी "कालीनाथ कालेश्रवर महादेव में दर्शनों के पश्चात अपनी मां जठेरी माता नारी वण्डा के दर्शन करने रक्कड़ पहुंचे। बताते चले सजंय करोल शिमला मे बतौर चीफ जस्टिस अपना सेवाएं देने के बाद उन्हें त्रिपुरा मे चीफ जस्टिस के रूप में भेजा गया। वही इन दिनो संजय करोल पटना हाईकोर्ट मे बतौर चीफ जस्टिस अपनी सेवाएं दे रहे है ।
अगामी विधानसभा चुनावो से पहले जसवां परागपुर में भाजपा के कार्यकर्ता रहे युवा अपनी पार्टी को अलविदा कहकर कांग्रेस ज्वाइन करने लगे है। वही इसी कडी़ मे रविवाद को गांव स्वाना के 24 बेरोजगार युवाओ ने भाजपा को अलविदा कहकर कांग्रेसी नेता सुरेन्द्र सिह मनकोटिया का दामन थाम लिया। रविवार को गांव सवाना के करीब दो दर्जन युवाओं ने डाडा सीबा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस अध्यक्ष शुभम नांगला के नेतृत्व मे पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मनकोटिया से मिले व कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर भाजपा छोड़ कांग्रेस मे शामिल हुए। उक्त युवाओ का कहना है की प्रदेश भाजपा व केन्द्र सरकार ने हम युवाओ को रोजगार के नाम पर वोट की राजनिति की है। हमे रोजगार देना तो दूर उक्त सरकार के कार्यकाल मे आसमान छूती महंगाई, पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस सिलेंडर, खाद पदार्थो की बढती महंगाई ने हर किसी को परेशान कर दिया है। इस मौके पर युवा जसवां प्रागपुर अध्यक्ष शुभम नांगला, राष्ट्रीय कांग्रेस प्रवक्ता अक्षय डडवाल, जिला कांगड़ा युवा महासचिव सोनू नरयाल, युवा अध्यक्ष देहरा अमित ठाकुर, युवा उपाध्यक्ष साहिल ठाकुर, शुभम ठाकुर व अतिंद्र ठाकुर सहित दर्जनों युवा मौजूद रहे।
छात्र राजनीति के जमाने से संजय अवस्थी कांग्रेस से जुड़े है। 2012 में कांग्रेस ने संजय अवस्थी को पहली बार टिकट दिया था लेकिन तब अवस्थी करीब दो हजार वोट से चुनाव हारे थे। कारण था कांग्रेस का भीतरघात। फिर 2017 में खुद वीरभद्र सिंह अर्की से मैदान में उतरे और संजय अवस्थी के अरमानों पर पानी फिर गया। खास बात ये है कि राजा गुट ने तब संजय अवस्थी पर पार्टी विरोधी या यूँ कहे वीरभद्र सिंह के विरोध में काम करने का आरोप लगाया था। अब वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उपचुनाव के लिए पार्टी ने फिर संजय अवस्थी को टिकट दिया है। यहां संजय अवस्थी के सामने 'करो या मरो' की स्थिति है। इस बार नतीजे प्रतिकूल रहे तो भविष्य में उनकी राजनीतिक राह आसान नहीं होने वाली। इसी तरह भाजपा ने 2017 में दो बार के विधायक गोविंद राम शर्मा का टिकट काट रतन सिंह पाल को दिया था। तब निसंदेह रत्न सिंह पाल ने वीरभद्र सिंह को जोरदार टक्कर दी थी। पर रतन पाल के खिलाफ पार्टी के भीतर से आवाज उठती रही है, बावजूद इसके पार्टी को रतन पाल पर भरोसा है और उपचुनाव में उन्हें ही टिकट दिया गया है। पर यहां रतन पाल यदि जीत नहीं दर्ज कर पाए तो 2022 में उनकी दावेदारी निसंदेह कमजोर होगी।
भाजपा की ओर से अर्की उपचुनाव के लिए डॉ राजीव बिंदल को प्रभारी नियुक्त किया गया है। डॉ बिंदल सोलन नगर निगम चुनाव में भी प्रभारी थे और नतीजे मनमाफिक नहीं आये थे। बावजूद इसके पार्टी ने फिर इन्हे ही जिम्मेदारी दी है। दिलचस्प बात ये है कि सोलन नगर निगम चुनाव की तर्ज पर इस बार भी सह प्रभारी डॉ राजीव सैजल को बनाया गया है जो जयराम सरकार में कैबिनेट मंत्री भी है। यानी एक किस्म हाशिये पर चल रहे डॉ राजीव बिंदल प्रभारी है और सरकार में दमदार मंत्री डॉ सैजल सहप्रभारी। खेर इसमें कोई संशय नहीं है कि डॉ राजीव बिंदल संगठन के भी डॉक्टर है और अपने लम्बे राजनीतिक सफर में उन्होंने कई मौकों पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। उनकी जमीनी पकड़ और पोलिटिकल मैनेजमेंट को लेकर कोई सवाल नहीं है। पर डॉ राजीव सैजल के समर्थक जरूर इस आस में थे कि उन्हें अर्की में फ्री हैंड काम करने का मौका मिलता। खेर फिलवक्त डॉ राजीव बिंदल ही अर्की के रण में कमांडर इन चीफ की भूमिका में है, ऐसे में जाहिर है जीत का श्रेय उन्हें मिले न मिले पर हार की स्थिति में ठीकरा उनके सिर ही फूटेगा। सियासी माहिर मानते है कि ये बड़ी अजब बात है कि डॉ राजीव बिंदल को न सरकार में ज़िम्मेदारी मिल रही है और न ही संगठन में कोई अहम पद, बस चुनाव लड़वाने का प्रभार मिलता जा रहा है। प्रभार भी ऐसे चुनाव लड़वाने का मिलता है जहां पार्टी की डगर कठिन होती है। पहले सोलन नगर निगम चुनाव का प्रभारी बनाया गया और अब अर्की उपचुनाव का। सोलन में भी अंदरूनी अंतर्कलह और खींचतान के चलते पहले से पार्टी बैकफुट पर थी और अर्की में भी यदि बगावत के सुर इसी तरह प्रखर रहे तो पार्टी की नाव पार लगाना आसान नहीं होगा। फर्क इतना है कि सोलन में पार्टी के दो गुटों में से एक गुट बिंदल के निष्ठावानों का ही है, जबकि अर्की की राजनीति में डॉक्टर साहब की सीधी दखल नहीं है। ऐसे में अर्की में शायद बिंदल सोलन से ज्यादा असरदार दिखे। यहां एक बात पर गौर करना भी जरूरी है, यदि सोलन नगर निगम भाजपा जीत भी जाती तो शायद क्रेडिट मुख्यमंत्री के तूफानी दौरों को मिलता, जहां उन्होंने वार्ड -वार्ड छान मारा था। वहीँ हार के बाद मुख्यमंत्री के जनाधार पर तो सवाल उठे ही, पर खुलकर ये भी कहा जाने लगा कि डॉ बिंदल का जादू अब फीका पड़ा चूका है। दरअसल बिंदल के बेहद करीबी माने जाने वाले नेता भी चुनाव हार गए थे। ऐसे में अर्की में 'बिंदल मैनेजमेंट' नहीं चली तो विरोधी स्वर बुलंद होंगे। कर्नल ने संभाला कांग्रेस से मोर्चा अर्की में कांग्रेस ने सोलन विधायक और पूर्व मंत्री डॉ कर्नल धनीराम शांडिल को प्रभारी बनाया है। कर्नल शांडिल का कमाल सोलन नगर निगम चुनाव में भी दिखा था, तब बेशक प्रभारी राजेंद्र राणा थे लेकिन चुनावी व्यूह रचना में कर्नल शांडिल का इम्पैक्ट खूब दिखा था। अब पार्टी ने शांडिल को अर्की का प्रभारी बनाया है।
2017 में रतन सिंह पाल का मुकाबला खुद वीरभद्र सिंह से था। माना जा रहा था वीरभद्र सिंह आसानी से चुनाव जीतेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उनकी जीत का अंतर करीब छ हजार वोट रहा जो उनके कद के लिहाज से कम था। वहीं वीरभद्र सिंह को टक्कर देने के बाद रतन सिंह पाल एक किस्म से हार कर भी जीत गए। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें हिमाचल प्रदेश कोआपरेटिव डेवलपमेंट फेडरेशन का चेयरमैन बनाया गया। संगठन में भी रतन पाल को प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष का दायित्व मिला। कुल मिलाकर रतन सिंह पाल अर्की भाजपा का प्राइम फेस बन गए और अब भी बने हुए है। निकाय चुनाव में खरे नहीं उतरे पाल इसी वर्ष हुए स्थानीय निकाय चुनाव के टिकट वितरण में रतन सिंह पाल की ही चली। पर जिला परिषद में पार्टी के कई दिग्गजों के टिकट काटने का खामियाजा भाजपा ने भुगता। अंत में इन्हीं दिग्गजों के सहारे जैसे तैसे जिला परिषद् पर भाजपा का कब्ज़ा तो हो गया लेकिन रतन सिंह पाल के खिलाफ खुलकर आवाज उठने लगी। वहीँ अर्की नगर पंचायत चुनाव में भी भाजपा को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। बीडीसी पर भी कांग्रेस का कब्ज़ा रहा। हालांकि ये चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए थे। विरोधी एकजुट नहीं हुए तो रतन पाल की राह आसान इसमें कोई संशय नहीं है कि वर्तमान में अर्की भाजपा में गुटबाजी चरम पर है। पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा और उनके समर्थक खफा है। बेशक केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयास से गोविन्द राम शर्मा और उनके समर्थकों को मना लिया गया हो लेकिन उक्त गुट की नाराजगी पार्टी से ज्यादा रतन सिंह पाल से दिख रही है। ऐसे में इस में रतन पाल को उनका कितना समर्थन मिलता है ये देखना दिलचस्प होगा। दो बार कमल खिलाने वाले गोविन्द राम साइडलाइन 1993 से 2003 तक अर्की में लगातार तीन चुनाव हारने के बाद भाजपा बैकफुट पर थी। अर्की कांग्रेस का गढ़ बन चूका था और इसे ढहाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती थी। पर जब कांग्रेस ने सीटिंग विधायक धर्मपाल ठाकुर का टिकट काटा तो भाजपा को वापसी की उम्मीद दिखी। 2007 के चुनाव में भाजपा ने कर्मचारी नेता रहे गोविन्द राम शर्मा को टिकट दिया था और गोविंद राम के चेहरे और कांग्रेस में हावी बगावत के बूते अर्की में भाजपा का वनवास खत्म हुआ। इसके बाद 2012 में चुनाव में भी पार्टी ने गोविन्द राम शर्मा को मैदान में उतारा और वे दूसरी बार चुनाव जीत गए। पर 2017 में भाजपा ने गोविन्द राम शर्मा का टिकट काट कर रतन सिंह पाल को मैदान में उतारा और भाजपा अर्की का चुनाव हार गई। हालांकि अर्की से खुद वीरभद्र सिंह मैदान में थे लेकिन भाजपा के टिकट वितरण को लेकर सवाल उठे। कहते है तब बगावत साधने को भाजपा ने गोविन्द राम शर्मा को आश्वस्त किया था कि सरकार बनने की स्तिथि में उन्हें कोई महत्वपूर्ण पद और ज़िम्मेदारी मिलेगी, पर ऐसा हुआ नहीं। गोविन्द राम शर्मा एक किस्म से साइडलाइन कर दिए गए। बहरहाल गोविन्द राम शर्मा की प्रत्यक्ष बगावत भले ही साध ली गई हो पर नाराज़गी कितनी दूर हुई है, नतीजों के बाद ये विश्लेषण का विषय होगा।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट व नम्होल यूनिट की मासिक बैठक सुखराम नड्डा की अध्यक्षता में हुई। महासचिव प्रेम केशव ने बताया कि इस बैठक में बहुत पुरानी मांगों पर गंभीरता से विचार किया गया। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सरकार के नकारात्मक रवैया पर भारी रोष जताया। सदस्यों ने कहा कि पिछले 4 वर्ष से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की प्रदेश स्तर कमेटी को भिन्न मांगों पर विचार करने हेतु नहीं बुलाया गया जो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ सरासर धोखा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया गया कि पंजाब पे स्केल भत्ते को बेसिक पेंशन का हिस्सा बनाकर पुरानी मांग को अमलीजामा दिया जाए। इस दौरान विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर कमल ठाकुर, सुखराम नड्डा, नंदलाल, सुहारू राम, राम लाल, सुखराम शर्मा, नानकु राम, सीता राम, बद्रीनाथ, परसराम, बालक राम, प्रेम केशव, जगन्नाथ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
एनपीएस खंड दाड़लाघाट की नई कार्यकारिणी का गठन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में किया गया। जिसमें राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी देशराज भारद्वाज संचार सचिव, श्यामलाल गौतम संविधान प्रवेशक पर्यवेक्षक, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष अमित शर्मा पर्यवेक्षक के तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में विशेष रुप से संतराम जिला कोषाध्यक्ष एनपीएस एसोसिएशन सोलन व पवन कुमार वर्मा जिला कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान एनपीएस खंड दाड़लाघाट की पुरानी कार्यकारिणी को भंग करके नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से अनमोल शर्मा को अध्यक्ष, गोपाल दास उपाध्यक्ष, बलिराम भाटिया महासचिव, सतीश कुमार भाटिया कोषाध्यक्ष, खेमराज संयुक्त सचिव, दिनेश चंदेल प्रेस सचिव, तेजेंद्र कुमार शर्मा मीडिया प्रभारी, रूप लाल भारती वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महालेखाकार मदन गोपाल को नियुक्त किया गया। इस अवसर पर अनुपम गौतम, बृजलाल शर्मा, हेमराज, राजेंद्र राणा, शीशराम भाटिया, चुन्नीलाल, हरि सिंह, प्रकाश चंद शर्मा, ललित, मान सिंह, अनिल कुमार, अमन कुमार, सुनील शर्मा, बालकिशन, पंकज कुमार, रमेशठाकुर, जगदीश, राजेश, मलकीत सिंह, ओमप्रकाश, मंजू शर्मा सहित लगभग 50 कर्मचारियों ने भाग लिया।
रविवार को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिया भूईन व बड़ा भूईन पंचायतों में कैंप का आयोजन हुआ। इस कैंप में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राय नवनीत सूद व अधिवक्ता विक्रांत वैद्य, अधिवक्ता विनीत शर्मा व पेरा लीगल वालंटियर सुजाता शर्मा उपस्थित रहे।अधिवक्ता विक्रांत वैद्य ने मुफ्त कानूनी सहायता लीगल एड के बारे में पंचायत प्रतिनिधि व गांव वासियों को अवगत करवाया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राय नवनीत ने कानूनी अधिकारों के बारे में ,महिलाओं के अधिकार, गिरफ्तारियां के अधिकार, घरेलू हिंसा के अधिकार व अन्य अधिकारों के बारे में जनता व खासकर पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवनीत सूद ने यह भी कहा कि न्याय से कोई भी वंचित नहीं रहना चाहिए चाहे वह कितना ही गरीब हो। हर गरीब के लिए मुफ्त कानूनी सहायता संविधान के अनुसार उपलब्ध है।
कुनिहार: रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से राज दरबार परिसर मे चल रही रामलीला के पांचवे दिन का शुभारंभ शनि देव की झांकी से हुआ व कुनिहार के व्यवसायी राकेश झांजी ने आरती में भाग लेकर शनिदेव का आशीर्वाद लिया। इस दौरान खण्ड विकास अधिकारी केदार नाथ पांडे ने भी रामलीला मंच से प्रभु राम का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्हें समिति की ओर से सम्मानित किया गया। रामलीला देखने के लिए काफी संख्या में दर्शकों के पहुंचने से रामलीला के पात्रों में अभिनय के लिए अलग ही जोश नजर आ रहा है। वंही समिति की ओर से दर्शकों के लिये चाय के साथ-साथ प्रसाद वितरित किया जाता है। साथ ही रामलीला के निदेशक राधा रमन शर्मा व वरिष्ठ सदस्य देवेन्द्र शर्मा ने सभी दर्शकों से मास्क का उपयोग करने व सरकार के सभी जरूरी दिशा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया ताकि इस महामारी को रोका जा सके।
हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के तत्वावधान में परिवहन निगम के कर्मचारियों की मांगों को पूरा करवाने के लिए चलाए जा रहे आन्दोलन में जन-जागरण अभियान के दौरान एचआरटीसी केलांग यूनिट में समन्वय समिति के पदाधिकारियों द्वारा रविवार को गेट मीटिंग आयोजित की गई। गेट मीटिंग में केलांग यूनिट में कार्यरत सभी कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि राज्य स्तरीय परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति द्वारा कर्मचारियों की मांगे पूरी न होने के कारण 18 अक्तूबर को काम छोड़ो आन्दोलन का जो निर्णय लिया है जिसका वे पुरजोर समर्थन करते हैं और एचआरटीसी केलांग यूनिट के सभी कर्मचारी इस आन्दोलन में शामिल होगें। गेट मीटिंग के माध्यम से निगम प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा करे। गेट मीटिंग प्यार सिंह, मान सिंह, खेमेन्द्र गुप्ता, जगदीश चन्द, पूर्ण चंद, समर चौहान, राजिंद्र सिंह, दूनी चन्द, बेली राम, नवल किशोर, खीरा मणि, संजीव कुमार, अजय कुमार, हरीश कुमार, सुभाष कुमार, तेनजिन, होशियार सिंह, आदि मौजूद रहे।


















































