हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में ताज़ा अपडेट सामने आया है। शिमला पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। अब इस रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमार्टम की फाइनल ओपिनियन का इंतजार किया जा रहा है। इस मामले की जांच के लिए शिमला पुलिस ने छह पुलिस अधिकारियों की एक एसआईटी टीम बनाई है, जिसका नेतृत्व एसपी संजीव गांधी कर रहे हैं। इसके अलावा, इस टीम में एएसपी नवदीप सिंह, डीएसपी शक्ति सिंह और साइबर एक्सपर्ट भी शामिल हैं। एसआईटी ने हाल ही में प्रदेश पावर कारपोरेशन के कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की है और इस दौरान कार्यालय के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रिक उपकरण भी कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस अब विमल नेगी की सीडीआर की जांच कर रही है, ताकि इस मामले के हर पहलू को बारीकी से समझा जा सके। पुलिस जल्द ही उन अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी जिनके नाम एफआईआर में दर्ज हैं। जाहिर है कि विमल नेगी के परिवार ने आरोप लगाया था कि पावर कारपोरेशन के उच्च अधिकारियों का उन पर अत्यधिक दबाव था, जिससे वह तनाव में रहते थे। परिवार का कहना है कि देर रात तक काम करवाया जाता था और अधिकारियों के दबाव के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा, पावर कारपोरेशन के पूर्व निदेशक देसराज को फिलहाल हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि जांच के रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद वह किसी भी अंतरिम राहत के योग्य नहीं पाए गए। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी, और अभियोजन पक्ष को अनुपूरक स्टेट्स रिपोर्ट दायर करने के निर्देश दिए गए हैं।
आज नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और भाजपा विधायकों के प्रतिनिधि मंडल के साथ पॉवर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता रहब दिवंगत विमल नेगी के पैतृक निवास कटगांव पहुंचे। यहाँ उन्होंने विमल नेगी के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। इस दौरान सभी ने स्व. विमल नेगी की माता, पत्नी, भाई और बच्चों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधवाया। भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने परिवार के साथ खड़े रहने और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। स्वo नेगी के परिजनों ने भाजपा प्रतिनिधि मंडल से इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की। उनका मानना है कि नेगी की मृत्यु के पीछे गहरी साजिश हो सकती है, और इसलिए वे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच चाहते हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विमल नेगी की मृत्यु के मामले में उनके परिजन, उनकी माता, पत्नी, सहकर्मी और कर्मचारी सब चाहते हैं कि मामले की जांच सीबीआई करे। भाजपा पहले ही विधानसभा में और सरकार से यह मांग कर चुकी है। प्रदेश भर के लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को छोड़कर सभी लोग चाहते हैं कि सीबीआई जांच हो, तो फिर मुख्यमंत्री क्यों नहीं चाहते कि सीबीआई जांच हो? क्या वे कुछ छुपाना चाहते हैं। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के पहले बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि भाजपा इस मामले को 'बतंगड़' बना रही है। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार और सरल अधिकारी की जान गई और मुख्यमंत्री के लिए यह केवल एक बात का बतंगड़ बन गया। उनका यह बयान संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, जो यह साबित करता है कि सरकार मामले की सच्चाई सामने नहीं आने देना चाहती। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि परिजन शुरू से ही पेखूबेला सोलर प्रोजेक्ट में हुई धांधली को इस मामले से जोड़ रहे हैं, जो अप्रैल 2024 में कमीशन हो गया था। सरकार से मांग की कि इस मामले की जांच पेखूबेला प्रोजेक्ट के शुरुआत से ही की जाए, क्योंकि सुक्खू सरकार के गठन के बाद इस परियोजना को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मंडी गोलीबारी और लूट की घटना पर जयराम ठाकुर की प्रतिक्रिया नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। मंडी में ढाबा संचालक के साथ हुई घटना ने यह साबित कर दिया कि प्रदेश में आपराधिक तत्वों का मनोबल बढ़ गया है। एक व्यवसायी के साथ गोलीबारी और लूट की घटना बहुत चिंताजनक है। हिमाचल प्रदेश देवभूमि है, और हम इस तरह की घटनाओं को सहन नहीं करेंगे। सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए और इन अराजक तत्वों पर लगाम लगानी चाहिए। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक बलवीर वर्मा, विधायक डीएस ठाकुर, शिमला जिलाध्यक्ष केशव चौहान, सूरत नेगी, अजय श्याम, कौल नेगी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
मोहाली में एक बेहद चौंकाने और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक तीन साल की मासूम बच्ची के साथ उसकी अपनी मां और उसके प्रेमी ने दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। इस अमानवीय घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, बच्ची के पिता को इस जघन्य अपराध का पता तब चला जब उसे अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो मिला। इस वीडियो में उसकी तीन साल की बेटी के साथ उसकी पत्नी और उसके प्रेमी द्वारा की गई क्रूरता साफ दिखाई दे रही थी। वीडियो देखते ही पिता ने बिना देर किए स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आरोपी की पहचान रणजीत सिंह (उम्र 30) के रूप में हुई है, जो पंजाब के मानसा जिले का निवासी है। जांच में पता चला कि रणजीत का बच्ची की मां के साथ पिछले एक साल से अवैध संबंध था। दोनों ने मिलकर मासूम बच्ची के साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया, बल्कि उसकी वीडियो भी रिकॉर्ड की। शिकायतकर्ता पिता ने बताया कि रणजीत सिंह खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को धमकाता था। उसने पुलिस की वर्दी पहनकर हथियारों के साथ कई वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। पिता का आरोप है कि रणजीत उसे बार-बार धमकी देता था कि अगर उसने पुलिस में शिकायत की तो उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है और आरोपी के पास से पुलिस वर्दी व अन्य संदिग्ध सामानों की तलाश कर रही है। कानूनी कार्रवाई और जांचपुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (रेप), धारा 506 (धमकी देना), और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, रणजीत के फर्जी पुलिस अधिकारी बनने के आरोप में भी जांच की जा रही है। दोनों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, ताकि मामले की गहराई से पड़ताल की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस अपराध में कोई और शामिल था या नहीं।
शिमला: HPPCL चीफ़ इंजीनियर बिमल नेगी की मौत मामले में भाजपा विधायक दल राजभवन पहुंचा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, हिमाचल भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल के साथ भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में घटना पर दर्ज की गई FIR में दूसरे अधिकारी का नाम शामिल करने की मांग की गई है। साथ ही इस घटना और बीते दो वर्षों की HPPCL की गतिविधियों की जांच भी CBI से करवाने की मांग की गई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि HPPCL में चीफ़ इंजीनियर के पद पर तैनात बिमल नेगी की मौत मामले में परिवार का बार-बार आग्रह था कि इस मामले की जांच बिना किसी दबाव और प्रभाव के सीबीआई से करवाई जाए। साथ ही दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने की भी मांग भी परिवार की ओर से की गई थी। अब तक मामले में केवल एक अधिकारी डायरेक्टर देशराज को सस्पेंड किया गया है। आज भाजपा विधायक दल ने राजपाल से मुलाकात की है। भाजपा ने परिजनों को मामला सरकार और राज्यपाल के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया था। ऐसे में बीते कल सदन में भी इस मामले को लेकर चर्चा मांगी गई थी। मगर चर्चा नहीं दी गई लिहाज़ा आज राज्यपाल के समक्ष परिवार के आग्रह पर मामले की सीबीआई जांच करने और दूसरे अधिकारी का नाम भी FIR में दर्ज करने की मांग राज्यपाल से की गई है।
हिमाचल प्रदेश की बसों को पंजाब में रोके जाने और उनके साथ हो रहे असमर्थनीय व्यवहार का मामला हिमाचल में में चर्चा का विषय बन गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया और कि इस तरह हिमाचल प्रदेश की बसों को पंजाब में रोका जा रहा है और बसों में जहा मुख्यमंत्री की फोटो लगाई गई है उसी के साथ में भिंडरावाले की फोटो लगाई जा रही है। इतना ही नहीं कुछ लोग तलवारें लहराते हुए खालिस्तान के नारे लगा रहे हैं। जिसका सोशल मीडिया पर इन घटनाओं के वीडियो वायरल हो रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह हिमाचल की बसों को पंजाब में रोका जाना और इस तरह का व्यवहार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय से हिमाचल में पंजाब से लोग आ रहे है और इस तरह की हुड़दंगबाजी कर रहे है और कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे है। इस बारे में सीएम सुक्खू को पंजाब के सीएम से बात करनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जल्द ही बात करने की बात कही। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण और राज्य की शांति के लिए खतरनाक करार दिया।
हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में कल से हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण 21 मार्च तक चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी होगी, जबकि 22 मार्च से प्रदेशभर में मौसम साफ हो जाएगा। इस दौरान प्रदेश के मैदानी और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का मिजाज साफ रहेगा, जिससे तापमान में हल्का उछाल आ सकता है। बीती रात हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान माइनस में रहा। लाहौल स्पीति के ताबो का न्यूनतम तापमान माइनस 8 डिग्री और केलांग का माइनस 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, रविवार रात के आंकड़ों के अनुसार, केलांग में माइनस 5.1, ताबो में माइनस 4.1, कल्पा में माइनस 2.6, कुकुमसेरी में माइनस 1.7, मनाली में 1.1, शिमला में 5.5, सोलन में 5.6, चंबा में 6.6, मंडी में 7.6, बिलासपुर में 8.3, कांगड़ा में 8.8 और नाहन में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं, बर्फबारी के कारण कुल्लू और लाहौल घाटी में मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। अटल टनल रोहतांग और एनएच-305 पर सोमवार को यातायात अवरुद्ध हो गया था, लेकिन शाम को फोर बाई फोर वाहनों के लिए मार्ग खोल दिया गया। लाहौल में 130 और कुल्लू जिले में 11 सड़कें बर्फबारी के कारण बंद हैं। इस बार मार्च माह में प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। 1 से 17 मार्च के बीच 63.8 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जबकि इस बार 75.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश सरकार ने छुआछूत को दूर करने के लिए इंटरकास्ट विवाह करने पर प्रोत्साहन राशि को 50 हज़ार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की घोषणा की है, जिससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा। हिमाचल में अब दूसरों के घरों में काम करके अपने परिवार का गुजारा करने वाली महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा. ऐसी महिलाओं को 1 जून 2025 से योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यही नहीं इन महिलाओं की पात्र बेटियां भी 1500 रूपये प्रति माह के लिए हकदार होगीं। इसी तरह से विधवा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं की बेटियों भी इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500 पाने के लिए पात्र होंगी। पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत पेंशन पाने वाली विधवाओं की बेटियों को इस योजना से बाहर रखा गया था। लेकिन अब सरकार ने नियम और शर्तों में छूट दी है, जिसका लाभ हजारों महिलाओं हो होगा। हिमाचल प्रदेश में विधवा महिलाओं की बेटियों को ने केवल हर महीने 1500 रुपए मिलेंगे, बल्कि ऐसे महिलाओं की बेटियों को प्रोफेशनल कोर्स के लिए भी सरकार पूरी फीस का भुगतान करेगी। वहीं, संस्थान की ओर से स्वीकृत होस्टल फीस का खर्च भी सरकार ही उठाएगी। इसके अतिरिक्त यदि विधवा महिलाओं की बेटियां पीजी में रहना चाहती हैं तो इस स्थिति में एक वर्ष में 10 महीने के लिए 3 हजार रुपए सरकार देगी, जिसके लिए नए वित्त वर्ष के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्कूलों में टीचरों और स्टूडेंट्स की लगेगी ऑनलाइन हाजिरी प्रदेश के स्कूलों में अब टीचरों और स्टूडेंट्स की हाजिरी ऑनलाइन ली जाएगी, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा और शिक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों को किया जाएगा मर्ज प्रदेश में 18,925 आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। ये केंद्र अब प्री प्राइमरी स्कूल के रूप में काम करेंगे और 3 से 6 साल के बच्चों के लिए पौष्टिक आहार और शिक्षा प्रदान करेंगे। राजगढ़, कंडाघाट में नए अग्निशमन केंद्र खोले जाएंगे राजगढ़ और कंडाघाट में नए अग्निशमन केंद्र खोले जाएंगे, जिससे इन क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की तत्परता बढ़ेगी और आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट पेश करते हुए एक पर्यावरणीय कदम की घोषणा की है। 2025-26 में 5000 हेक्टेयर क्षेत्र में फलदार और औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इस पहल के तहत राजीव गांधी वन संवर्धन योजना को लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश में हरियाली बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है। इस पौधरोपण परियोजना का संरक्षण महिला मंडल, युवक मंडल और स्वयं सहायता समूह को सौंपा जाएगा। यह समूह 1 से 5 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधों की देखभाल करेंगे, जिससे उन्हें न केवल आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यावरणीय संरक्षण में भी उनका योगदान रहेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो इन समूहों को पौधरोपण के संरक्षण और देखभाल के लिए राशि प्रदान करेगी।
प्राकृतिक गेंहू 40 से 60 रुपए बढ़ाए जाने की घोषणा: सीएम सुक्खू मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्राकृतिक गेंहू की कीमतों में 40 से 60 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि करने की घोषणा की है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि जो किसान गेंहू को दूर-दराज के स्थानों पर बेचने के लिए जाते हैं, उन्हें अब 2 रुपए प्रति किलो की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। हल्दी को लेकर दो बड़ी घोषणाएं: मुख्यमंत्री सुक्खू हमीपुर में स्पाइस पार्क का उद्घाटन: मसालों को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमीपुर में स्पाइस पार्क के उद्घाटन की घोषणा की। इस पहल से मसालों की खेती और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों को बेहतर आय की संभावना मिलेगी। प्राकृतिक रूप से उगाई गई कच्ची हल्दी के लिए MSP में वृद्धि: 90 रुपए प्रति किलो मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्राकृतिक रूप से उगाई गई कच्ची हल्दी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाकर 90 रुपए प्रति किलो करने की घोषणा की। इससे हल्दी उत्पादकों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। आलू को बढ़ावा देने के लिए ऊना में बनेगा पटैटो प्रोसेसिंग यूनिट मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए ऊना में पटैटो प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की। इस यूनिट से आलू उत्पादकों को एक नया बाजार मिलेगा और उनके उत्पादों को बेहतर प्रोसेसिंग के माध्यम से अधिक मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। बजट में यह घोषणा की गई कि बागवानी के लिए 4000 हेक्टेयर का सर्वे किया जाएगा और एचपी शिवा परियोजना के तहत 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मछुआरों से रायल्टी में भी राहत दी गई है, अब मछुआरों से केवल 7.50 प्रतिशत रायल्टी ली जाएगी। इसके अलावा, 120 नई ट्राउट इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जिससे मछली पालन में और अधिक विस्तार होगा। पशुपालन क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने गाय के दूध के खरीद मूल्य को 45 से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 55 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की है। इसके अलावा, भैंस और गाय के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 6-6 रुपये की वृद्धि की गई है। पशुपालकों को 2 रुपये की परिवहन सब्सिडी भी दी जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, पशुपालकों को सारी जानकारी एसएमएस के माध्यम से फोन पर उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में 'अनछुए क्षेत्रों' को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। धार्मिक पर्यटन, चाय पर्यटन और अन्य ऐसे क्षेत्रों को पर्यटन के लिए आकर्षक बनाया जाएगा, जिससे हजारों रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। यह कदम राज्य को ग्रीन स्टेट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके अलावा, 1,58,785 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रमाणित किया गया है और प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के तहत आठ पेंशन योजनाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने सुख-आश्रय योजना के तहत यह घोषणा की है कि अब अन्य जिलों के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाएगा, जिससे उनकी शिक्षा में और सुधार होगा।
न गिराया किसी को कभी न खुद को उछाला, कटा ज़िन्दगी का सफर धीरे धीरे जहाँ आप पहुंचे छलांगें लगा लगा कर, मैं भी पहुंचा वहां धीरे धीरे..इन पंक्तियों के साथ सीएम सुक्खू ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करे की शुरुवात की। सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन उद्योग को गति देने के लिए पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार एक अहम आवश्यकता बन गई है। पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि इस क्षेत्र को और विकसित करने के लिए बजट में प्रचार-प्रसार के लिए विशेष प्रावधान होना चाहिए। सीएम सुक्खू ने कहा है कि देश के अन्य प्रमुख पर्यटन राज्यों के मुकाबले हिमाचल प्रदेश अपने पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार में पिछड़ा हुआ है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी हिमाचल के पर्यटन स्थलों का प्रचार करने के लिए एक सशक्त नीति की आवश्यकता है। आसपास के राज्यों जैसे कश्मीर और उत्तराखंड ने डिजिटल माध्यम का सहारा लेकर अपने पर्यटन स्थलों को प्रमोट किया है, जिससे इन राज्यों के पर्यटन उद्योग को बल मिला है। डिजिटल मीडिया के माध्यम से इन राज्यों ने अपने पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार किया है, और अब हिमाचल प्रदेश को भी इस दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी राज्य के विकास के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की है। उन्होंने कृषि और बागवानी क्षेत्र में कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने की आवश्यकता जताई और वनों के संरक्षण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार 2026 तक हिमाचल को एक ग्रीन स्टेट के रूप में विकसित करेगी, और ई-बसों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकारी विभागों में भी ई-गाड़ियों को शामिल करने की योजना है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पहली बार एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की घोषणा की गई है। यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछली सरकार से 76,185 करोड़ रुपये का कर्ज वर्तमान सरकार को विरासत में मिला है, जिससे बड़ी राशि इसके ब्याज के रूप में जा रही है। हालांकि, कृषि और संबंधित क्षेत्रों में 3.38 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है, और प्रति व्यक्ति आय में 9.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। इन तमाम पहलों से हिमाचल प्रदेश में न केवल पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा मिलेगी।
आज सीएम सुक्खू 11 बजे अपना तीसरा बजट पेश करेंगे, लेकिन इससे पहले भाजपा ने विधानसभा के बाहर कई मुद्दों पर सरकार पर हमला बोला है। भाजपा ने कानून व्यवस्था, खनन माफिया, चिट्टा तस्कर और पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर पर हुई गोलीबारी जैसे मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बिलासपुर में हुई गोलीबारी में जिन अपराधियों ने गोलियां चलाईं, उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है, और यह हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह घटना हिमाचल प्रदेश की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है और पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और इसके पीछे नशा माफिया का हाथ हो सकता है। इसके अलावा, पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर के बयान पर भी जयराम ठाकुर ने नाराजगी जताई। जयराम ठाकुर ने कहा कि बम्बर ठाकुर का बयान चिंताजनक है और उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद सरकार कानून व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है। जयराम ठाकुर ने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल केवल विपक्षी विधायकों को प्रताड़ित करने के लिए किया जा रहा है, जबकि जरूरी मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरकार पर हमला करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल में बाहरी राज्य से लोग आकर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं और भिंडरावाले के झंडे फहरा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार ने हिमाचल प्रदेश को निचले स्तर पर ला दिया है, जो पहले किसी सरकार ने नहीं किया था। बंबर ठाकुर ये बताए कि उनका बेटा दो महीने क्यों जेल में कहा: जयराम ठाकुर चिट्टा माफिया पर बम्बर ठाकुर के बयान का पलटवार करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि बम्बर ठाकुर का बयान कोई मतलब नहीं रखता। जयराम ठाकुर ने यह भी सवाल उठाया कि बम्बर ठाकुर को यह बताना चाहिए कि उनका बेटा दो महीने तक जेल में क्यों था और वे कौन लोग थे जिन्हें पंजाब से हिमाचल लाया गया था और जिन्होंने गोलीबारी की थी। जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है, और वे आश्वस्त हैं कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिसने ठंड को और बढ़ा दिया है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, चंबा और सिरमौर के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है जिसके कारण इन इलाकों में जीवन सामान्य रूप से प्रभावित हो रहा है। शिमला और कांगड़ा के क्षेत्रों में भी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। जिसमें 16 मार्च को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी का अनुमान जताया गया है। वहीं 17, 19 और 20 मार्च को लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसके अलावा, IMD ने बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और शिमला जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया है। 18 और 21 मार्च को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन कुल्लू, लाहौल, चंबा, किन्नौर और जम्मू-कश्मीर में हिमखंड गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। इस बदलाव का असर किन्नौर जिले में सबसे ज्यादा देखा गया। जहां भारी बर्फबारी और बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है। किन्नौर जिले के ऊंचे इलाकों जैसे छितकुल, रकछम, कल्पा और अन्य स्थानों पर बर्फ की मोटी परत जम चुकी है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार सुबह से शुरू हुई बर्फबारी रविवार को और तेज हो गई, जिससे कई क्षेत्रों में बर्फ की परत फैल गई और सड़क मार्गों पर बर्फ जमने से यातायात प्रभावित हुआ। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 भी नेसंग के पास बर्फबारी के कारण अवरुद्ध हो गया था, लेकिन प्रशासन की तत्परता से इसे जल्द ही बहाल कर दिया गया। हालांकि, कई आंतरिक सड़कों पर बर्फ और भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी सड़क मार्गों को साफ करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश के कारण हिमस्खलन और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है, जिसके कारण चट्टानों के खिसकने और सड़क मार्गों के बाधित होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है, खासकर ऊंचे इलाकों में जाने से परहेज करने को कहा गया है।
राज्य सरकार ने नए वित्त वर्ष के लिए शराब के ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का एलान कर दिया है, जिससे राज्य के खजाने में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। यह प्रक्रिया सोमवार से आरंभ होगी और 21 मार्च तक चलेगी। राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त डा. यूनुस ने नीलामी की तारीखों का ऐलान करते हुए इस संबंध में आदेश जारी किया है। खास बात यह है कि इस बार शराब ठेकों की नीलामी में 150 करोड़ रुपये के मुनाफे का लक्ष्य तय किया गया है। पिछले साल की तुलना में इस बार 2,850 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। नीलामी की प्रक्रिया में शराब के ठेकेदारों को अपनी बोली लगाने के लिए टैंडर फीस जमा करनी होगी, जो ठेके के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होगी। इस बार देसी और अंग्रेजी शराब के लिए भी अलग-अलग फीस तय की गई है। यह फीस किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं की जाएगी। ठेकेदारों को नीलामी में भाग लेने के लिए विशेष लाइसेंस की जरूरत होगी, और एक ठेकेदार केवल एक ठेके के लिए आवेदन कर पाएगा। इस बार कांग्रेस सरकार ने भाजपा के मुकाबले नई आबकारी नीति को लागू करते हुए शराब ठेकों की नीलामी में बदलाव किए हैं, जिससे राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को गोली मारने वाले व्यक्तियों की जल्द पकड़ने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। जिसका नेतृत्व उप महानिरीक्षक (डीआईजी), मध्य रेंज करेंगे। इसके अतिरिक्त, इस मामले की निगरानी अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) ज्ञानेश्वर सिंह करेंगे। पुलिस का मानना है कि हमलावर बाहरी राज्यों से हो सकते हैं, और इसकी जांच अभी जारी है। हमले से पहले, हमलावरों ने बंबर ठाकुर के परिवार के घर की रेकी की थी। इस दौरान, कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को बंबर ठाकुर के आवास पर हर छोटी-छोटी जानकारी देने का काम करते हुए देखा गया। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, हमलावरों ने हमले के बाद बिलासपुर बस अड्डे के पास अपनी गाड़ी बदल ली और फिर बोलेरो गाड़ी में फरार हो गए। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद कर ली है, और अब उनकी पहचान के लिए मंडी पुलिस के सहयोग से जांच की जा रही है। इस हमले में 22 से 24 राउंड फायरिंग की गई थी, और पुलिस ने पांच संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके अलावा, चार संदिग्ध गाड़ियों को ट्रेस किया गया है। बंबर ठाकुर ने मुख्यमंत्री से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम की मांग की है, क्योंकि उन्हें नशा तस्करों और कुछ स्थानीय नेताओं से खतरा महसूस हो रहा है।
- बोले, कांग्रेस के लोग भी शामिल - कहा, मुझे शक था कि AIIMS में गलत इंजेक्शन दे देते, इसीलिए वहां नहीं गया बिलासपुर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को गोली लगने के बाद आज उनका पहला बयान सामने आया है। अपने चिर परिचित अंदाज में बंबर ठाकुर ने कई सनसनीखेज आरोप लगाए है। बंबर ने कहा है कि भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा उन्हें बार- बार मारने के प्रयास किए जा रहे है। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी दावा किया है कि इसके पीछे नड्डा परिवार और त्रिलोक जम्वाल शामिल है। साथ ही कांग्रेस के भी कुछ लोग भी उन्हें मारने की साजिश रच रहे है। बंबर ने ये भी कहा कि उन्हें भाजपा से कई बार पार्टी में शामिल होने के ऑफर्स भी आ चुके है। उनका कहना है यदि वो कांग्रेस का समर्थन न करते तो शायद उन पर हमला न होता। उन्होंने ये भी कहा कि उन पर 12 नहीं बल्कि 24 से 25 बार फायरिंग हुई है। बंबर ठाकुर का ये भी कहना है है कि कुछ सालों पहले विरोधियों ने उनके दोनों बेटे को भी नशे के रास्ते में डालने की साजिश की थी। चिट्टा तस्करों को राजनीतिक सपोर्ट मिल रहा है। उन्होंने दावा किया है कि इनमें कुछ लोग स्थानीय है और कुछ बाहर के लोग शामिल है। उन्होंने इस मामले में सीएम सुक्खू से सख्त कार्रवाई की मांग की है। बंबर बोले, "AIIMS में मुझे गलत इंजेक्शन दे देते " बंबर ठाकुर ने ये भी कहा कि हमला होने के बाद उन्हें इलाज के लिए AIIMS में इलाज के लिए भेजने की बात की गई, लेकिन उन्होंने वहां जाने से मना कर दिया क्योंकि उन्हें शक था कि वहां उन्हें गलत इंजेक्शन दिया जा सकता है। त्रिलोक जम्वाल पर लगाए गंभीर आरोप : बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया कि 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कुछ चिट्टा तस्करों ने उनके बेटे पर भी हमला किया था। साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि उन चिट्टा तस्करो को बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल का समर्थन मिल रहा था। उन्होंने कहा कि चिट्टा तस्करों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और चिट्टा तस्कर इन नेताओं को फंडिंग भी करते है। जब नशा तस्करी करने वालो को राजनितिक संरक्षण मिल गया है तभी चिट्टा तस्करों के हौंसले बुलंद हो रहे है।
बीती शाम से ही हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मौसन ने करवट ली जिसके बाद प्रदेश के कई जिलों में रात से ही बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया था। माैसम विभाग ने आज के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, लाहाैल-स्पीति, मंडी व शिमला के लिए भारी बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि 16 मार्च के लिए किन्नाैर व लाहाैल-स्पीति के लिए अलर्ट है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर आंधी और तूफान भी आ सकते हैं। विशेष रूप से 16 और 17 मार्च को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, किन्नौर और लाहौल स्पीति जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। 18 मार्च तक मौसम साफ होने की संभावना है, लेकिन तब तक प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि मौसम का यह अप्रत्याशित बदलाव किसी भी समय मुश्किलें खड़ी कर सकता है। ऐसे में लोगों को खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। पिछले 24 घंटों में लाहौल स्पीति के गोंदला में 13 सेंटीमीटर, कुकुमसैरी में 6 सेंटीमीटर और केलांग में 4 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है। वहीं, मनाली में 7.0 मिमी बारिश हुई, जबकि सांगला में 2.6 मिमी, सलूणी में 2.3 मिमी, जोत में 1.2 मिमी, डलहौजी में 1.0 मिमी और भुंतर में 0.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बदलाव के कारण, ऊंचे इलाकों में ठंड फिर से बढ़ने लगी है।
भाजपा ने 27 मार्च को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बाहर एक महाप्रदर्शन की चेतवानी प्रदेश की सुक्खू सरकार को दे दी है। शिमला में आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस सरकार को घेरा और कहा कि 27 मार्च को भाजपा विधानसभा के बाहर एक महाप्रदर्शन आयोजित करेगी। इस प्रदर्शन के माध्यम से वर्तमान कांग्रेस सरकार की नाकामियों को उजागर किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर झूठ बोलने में किसी सरकार को पीएचडी मिल सकती है, तो वह वर्तमान कांग्रेस सरकार है, जिसने अपनी 6 गारंटियों में से कोई भी पूरी नहीं की है और हमेशा बड़े-बड़े वादे करती रहती है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह राजनीतिक इतिहास की सबसे निकम्मी सरकार है। उनका कहना था कि सरकार का ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन कांग्रेस अब भी अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। यह सरकार सिर्फ मित्रों के लिए काम कर रही है, और प्रदेश के सामान्य समाज के लोग मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कार्यकाल में ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि वे न केवल विधानसभा में बल्कि बाहर भी कांग्रेस सरकार को घेरेंगे। वर्तमान बजट सत्र के दौरान कांग्रेस सरकार केवल घोषणाएं ही कर रही है, लेकिन इनमें से कोई भी घोषणा पूरी नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि "झूठी कांग्रेस, झूठी घोषणाएं" का नारा प्रदेश में गूंज रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार सिर्फ झूठे वादों और आश्वासनों से भरी हुई है। इसके अलावा, भाजपा नेताओं ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि नशे और चिट्टे का चलन एक बड़ा मुद्दा बन गया है। प्रदेश में ट्रांसफर, नशा, खनन और भू माफिया सक्रिय हैं, और यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया गया है, और पिछले दो महीनों में नशे के ओवरडोज से 10 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विधायक निधि भी कई महीनों से गायब है। भाजपा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अब केवल झूठे वादों और आश्वासनों का बोलबाला है। आज भाजपा जिला शिमला ने 27 मार्च को होने वाले प्रदर्शन की तैयारी के लिए एक बैठक आयोजित की।
आज हड़ताल पर चल रहे पटवारी और कानूनगो ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ शिमला विधानसभा में हुई बैठक के बाद बिना शर्त अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। बैठक में मंत्री ने पटवारी और कानूनगो को आश्वासन दिया कि स्टेट कैडर के गठन से किसी भी कर्मचारी की पदोन्नति प्रभावित नहीं होगी और पुरानी पदोन्नति नीति के तहत ही उनकी पदोन्नति दी जाएगी। जगत सिंह नेगी ने कहा कि, "संयुक्त पटवारी और कानूनगो संघ के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत की गई और जो भी भ्रम था, उसे दूर किया गया। जब तक स्टेट कैडर से जुड़े नए आर एंड पी नियम नहीं बन जाते, तब तक पुरानी नीति के तहत ही पदोन्नति होगी।" इसके अलावा, पटवारी और कानूनगो के अन्य मुद्दों पर बलवान कमेटी की सिफारिशों को भी सरकार ने मान्यता दी है और कुछ बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है। संयुक्त पटवारी कानूनगो संघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा, "हम सरकार के साथ खड़े हैं। कुछ मुद्दों को लेकर उलझन थी, जिसे बैठक में सुलझाने का आश्वासन मिला है।" मंत्री के आश्वासन के बाद संघ ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया और काम पर लौटने का ऐलान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पटवारी और कानूनगो हमेशा सरकार के साथ खड़े रहे हैं, खासकर आपदा के समय, और अभी भी वे सरकार के साथ हैं। मंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाने और स्टेट कैडर बनने के बावजूद पदोन्नति प्रभावित न होने का आश्वासन दिया, जिसके बाद संघ ने अपनी हड़ताल को समाप्त करने का फैसला लिया है।
आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन है, और इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। राज्यपाल के अभिभाषण पर पहले से ही तीखी बहस हो रही है, जहां सत्ता पक्ष इसे सराहता है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की नाकामी का प्रतीक मानता है। विपक्ष का कहना है कि इस अभिभाषण में सरकार अपनी किसी भी महत्वपूर्ण उपलब्धि का सही तरीके से उल्लेख करने में असफल रही है। आज के प्रश्नकाल में 46 तारांकित और 25 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर सदन में रखे जाएंगे। इन सवालों में राज्य में रिक्त पदों, आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति, नई बस सेवाओं का विस्तार, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, प्रधानमंत्री सड़क योजना, और अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी विभिन्न महत्वपूर्ण कागजात पटल पर पेश करेंगे। इनमें मुख्यमंत्री द्वारा हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड का वार्षिक प्रतिवेदन, कृषि विपणन बोर्ड और बीज अधिनियम से संबंधित रिपोर्ट, और उद्यान उपज विपणन निगम का वार्षिक प्रतिवेदन शामिल हैं। इसके अलावा, कल्याण समिति के अध्यक्ष मोहन लाल ब्राक्टा कुछ महत्वपूर्ण प्रतिवेदनों को सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद, राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रहेगी, जिसमें कई मुद्दों पर गंभीर बहस होने की संभावना है। इस सत्र में इन सभी मुद्दों पर गहरी और गर्मागर्म बहस का माहौल रहेगा।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें अनुबंध सेवाकाल के दौरान वरिष्ठता और वित्तीय लाभ प्राप्त करने वाले कर्मचारियों से वित्तीय रिकवरी करने की बात कही गई थी। सरकार ने हाल ही में सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें संशोधन विधेयक 2024 लागू किया था, जिसके तहत यह निर्णय लिया गया कि अनुबंध सेवाकाल का लाभ प्राप्त करने वाले कर्मचारियों से उनकी वरिष्ठता और वित्तीय लाभ की रिकवरी की जाएगी। इस संशोधन के अनुसार, वे कर्मचारी जिनकी सेवाएं 12 दिसंबर 2003 के बाद नियमित की गईं और जिन्होंने अनुबंध सेवाकाल के दौरान वेतन वृद्धि, पदोन्नति या अन्य लाभ प्राप्त किए, उनसे वह राशि वापस ली जाएगी। यह निर्णय उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर आधारित था, जिसमें कई विभागों में कर्मचारियों को अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता और वित्तीय लाभ दिया गया था। हालांकि, प्रभावित कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और सरकार के आदेश को चुनौती दी, जिस पर कोर्ट ने सरकार की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को राहत मिली है और यह एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय साबित हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में पटवारी और कानूनगो की हड़ताल का असर अब भी जारी है जिसकी वजह से लोगों के काम रुके हुए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात और रविवार को वर्चुअल बैठक के बाद भी पटवारी-कानूनगो मांग महासंघ का कहना है कि जब तक सरकार एक आधिकारिक पत्र जारी नहीं करती, जिसमें यह स्पष्ट कहा जाए कि मुख्यमंत्री से महासंघ की बैठक से पहले स्टेट कैडर के नियम लागू नहीं होंगे, तब तक हड़ताल यूं ही जारी रहेगी। महासंघ ने साफ तौर पर कहा है कि वे केवल मौखिक आश्वासन को अब स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि सरकार से एक ठोस और लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी। इस हड़ताल की वजह से आम लोगों के जरूरी काम अटक गए हैं, जैसे भूमि रिकॉर्ड संबंधित कार्य, खसरा-खतौनी की जांच, बंटवारे के दस्तावेज़, और अन्य प्रशासनिक कार्य जो पटवारी और कानूनगो से संबंधित होते हैं। इन कार्यों में देरी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और आम जनता को अब इस हड़ताल का कोई हल निकलने का इंतजार है।
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होगी, जो दूसरे दिन के बजट सत्र की कार्यवाही समाप्त होने के बाद आयोजित की जाएगी। इस बैठक में HRTC बसों की खरीद पर निर्णय लिया जा सकता है, साथ ही प्रदेश सरकार बजट सत्र में जो बिल पेश करेगी, उसका ड्राफ्ट भी कैबिनेट में लाया जा सकता है, ताकि विधानसभा में विधायकों द्वारा पारित करने से पहले उस पर चर्चा की जा सके। इसके अलावा, नए वित्त वर्ष के लिए शराब के ठेकों की नीलामी के संबंध में भी बैठक में फैसला लिया जा सकता है, हालांकि आबकारी नीति पर 4 मार्च को मंत्रिमंडल में चर्चा हो चुकी है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी बाकी है। बैठक में विभिन्न विभागों में खाली और नए पदों को भरने की मंजूरी भी दी जा सकती है, क्योंकि मुख्यमंत्री सुक्खू ने युवाओं को रोजगार देने की बात की है। पिछली बैठक में 145 पदों को सृजित कर भरने का फैसला लिया गया था, जिनमें नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में पद शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कई अन्य मुद्दों पर भी कैबिनेट बैठक में चर्चा हो सकती है।
आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र का दूसरा दिन है, और आज सदन की कार्यवाही में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांगड़ा के विधायक किशन कपूर के शोकोद्गार के साथ शुरू होगी।। इसके बाद, सवाल-जवाब का दौर शुरू होगा, जिसमें सदस्यों द्वारा सड़कों की खस्ता हालत पर सवाल उठाए जाएंगे। प्रश्नकाल के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू राज्य के सप्लीमेंटरी बजट को पेश करेंगे, जो पिछले साल के बजट से कहीं अधिक होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री राज्यपाल द्वारा मंजूर किए गए विधेयकों को सदन में पेश करेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा भी होगी। कल राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा, लेकिन विपक्ष ने इसे "झूठ" और "फर्जी दावे" करार दिया है। इस मुद्दे पर सदन में तीखी बहस हो सकती है। विधानसभा का बजट सत्र 28 मार्च तक चलेगा। 17 मार्च को मुख्यमंत्री सुक्खू आगामी वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे, और 26 मार्च को इसे पारित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की महिला आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज अब लाहौल-स्पीति की नई पुलिस अधीक्षक होगी। इस संदर्भ में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसे लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए है। इल्मा अफ़रोज़ के लाहौल-स्पीति में कार्यभार संभालने के बाद एसपी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे कार्तिकेन गोकुलचंद भारमुक्त हो जाएंगे। बता दे कि इल्मा अफरोज ने 7 जनवरी, 2024 को बद्दी के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला था। अगस्त 2024 में, इल्मा ने विधायक रामकुमार चौधरी की पत्नी की माइनिंग से जुड़ी गाड़ियों के चालान काटे, जिससे विधायक नाराज हो गए। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और विधायक ने इल्मा को विधानसभा से विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिलवा दिया। फिर 6 नवंबर, 2024 को सीएम के साथ डीसी-एसपी की बैठक से लौटने के बाद इल्मा अफरोज ने लंबी छुट्टी ली थी। इसके बाद सरकार ने बद्दी के एसपी का अतिरिक्त कार्यभार विनोद कुमार को सौंपा। हाईकोर्ट के आदेशों के कारण सरकार इल्मा का ट्रांसफर नहीं कर पा रही थी। लेकिन लगभग 40 दिन बाद जब इल्मा ड्यूटी पर लौटी, तो उन्होंने बद्दी के बजाय पुलिस मुख्यालय में ज्वाइन किया।, और तब से वह पुलिस मुख्यालय में तैनात थीं। अब, सरकार ने इल्मा अफरोज को लाहौल-स्पीति का एसपी नियुक्त किया है। इस बीच, सुच्चा सिंह नामक एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इल्मा को एसपी बद्दी नियुक्त करने का आग्रह किया था। हालांकि, राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इल्मा ने खुद ही बद्दी से ट्रांसफर की मांग की थी। इसके बाद, हाईकोर्ट ने इल्मा के ट्रांसफर पर लगी स्टे को हटा दिया।
बजट सत्र से पहले, कांग्रेस विधायक दल की बैठक राज्य अतिथि गृह पीटर हॉफ में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में भारी अंतर है। उन्होंने कहा कि भाजपा पर "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" वाला मुहावरा फिट बैठता है। सुक्खू ने यह भी कहा कि यदि भाजपा सदन में बैठकर चर्चा के लिए तैयार है, तो सरकार सत्र का समय बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा ने विधायक प्राथमिकता बैठक और पिछली सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया था, लेकिन इस बार भाजपा ने सर्वदलीय बैठक में शामिल होकर सकारात्मक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा अब पांच गुटों में बंटी हुई है और इसे कांग्रेस से गए हुए नौ चैंपियन चला रहे हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर ED की रेड को लेकर सुक्खू ने अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि भूपेश बघेल ने 5 साल तक राज्य की मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दी हैं, और इस प्रकार का शोषण गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस तरह की परेशानियों से बचाया जाना चाहिए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सुक्खू ने भारतीय क्रिकेट टीम को चैंपियंस ट्रॉफी जीतने पर बधाई दी और उन्हें हिमाचल आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम ने बिना एक भी मैच हारे चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का इतिहास रचा है, और वह कप्तान रोहित शर्मा समेत पूरी टीम को उनके परिवार के साथ हिमाचल आने के लिए आमंत्रित करते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारतीय टीम के हिमाचल यात्रा के दौरान सरकार उनके ठहरने का खर्च उठाएगी और उन्हें राज्य के किसी लग्जरी होटल में ठहराया जाएगा।
रविवार को टीम इंडिया द्वारा चैंपियंस ट्रॉफी जीतने की ख़ुशी में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारतीय क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई दी और साथ ही खिलाड़ियों को हिमाचल प्रदेश आने का आमंत्रण भी भेजा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार जीत के लिए पूरी टीम इंडिया को बधाई। आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने देश को गर्व महसूस कराया है।" इसके साथ ही उन्होंने भारतीय टीम के खिलाड़ियों को हिमाचल की खूबसूरत वादियों में आराम करने का न्योता दिया और कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार खिलाड़ियों के सभी खर्चों को उठाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें खुशी होगी यदि टीम इंडिया राज्य की मेज़बानी स्वीकार करे और यहाँ आकर अपने विजय की ख़ुशियाँ मनाए। यह प्रस्ताव भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों के लिए विशेष है और मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस विशेष मेज़बानी के तहत टीम इंडिया को शानदार अनुभव देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसमें राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल दोपहर 2 बजे अपना बजट अभिभाषण प्रस्तुत करेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा 11 मार्च से शुरू होगी और 13 मार्च तक चलेगी। मुख्यमंत्री सुक्खू 17 मार्च को अपना और सरकार का तीसरा बजट पेश करेंगे, जिसके बाद तीन दिन तक बजट पर चर्चा होगी। इस सत्र का समापन 28 मार्च तक होगा, और कुल 16 बैठकें आयोजित की जाएंगी। खास बात यह है कि इस बार 22 और 27 मार्च को 'प्राइवेट मेंबर-डे' होगा, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक अपने क्षेत्रीय मुद्दे सदन में उठा सकेंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट 26 मार्च को पारित किया जाएगा, और राज्यपाल के अभिभाषण के बाद प्रश्नकाल नहीं होगा, बल्कि 11 मार्च से प्रश्नकाल के बाद 'जीरो ऑवर' होगा। इस सत्र में हंगामा होने की संभावना है, जिसमें मंदिरों के पैसे का सरकारी योजनाओं में उपयोग, वित्तीय स्थिति, बुजुर्गों को पेंशन न मिलना, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार,नशा और विधानसभा में भर्ती जैसे मुद्दे प्रमुख होंगे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इन मुद्दों को सदन में उठाने की बात की है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की अपील की है। इस सत्र में 963 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें 737 तारांकित और 226 अतारांकित हैं, और 24 विभिन्न विषयों पर चर्चाएं भी होंगी। विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था के तहत 1000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा और सीसीटीवी कैमरों से असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाएगी। इस बीच, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने-अपने रणनीति बनाई है, जहां सत्तापक्ष विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी में है, जबकि माना जा रहा है कि विपक्ष बेरोजगारी, संस्थानों के बंद होने, कानून व्यवस्था, और वित्तीय स्थिति पर हमला करने की योजना बना चुका है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 11 दिनों से हड़ताल पर चल रहे पटवारी और कानूनगो कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से बताया कि राज्य सरकार का स्टेट कैडर का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस फैसले के कारण किसी की प्रमोशन पर असर नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा दौरे के दौरान गग्गल एयरपोर्ट पर पटवारी-कानूनगो महासंघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिन्होंने स्टेट कैडर के फैसले को वापस लेने की अपील की। इस पर सुक्खू ने कहा कि स्टेट कैडर की नोटिफिकेशन को वापस नहीं लिया जाएगा, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इससे किसी कर्मचारी की प्रमोशन प्रभावित न हो। यदि जरूरत पड़ी, तो डिस्ट्रिक एस्टेब्लिशमेंट में भी बदलाव करने पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने महासंघ को 15 अप्रैल के बाद फिर से मुलाकात के लिए बुलाया है, जिसमें पटवारी और कानूनगो से उनके सुझाव लिए जाएंगे। यदि इस दौरान यह महसूस हुआ कि नोटिफिकेशन में सुधार की आवश्यकता है, तो उस पर विचार किया जाएगा। राज्य सरकार ने पिछले महीने पटवारी और कानूनगो को स्टेट कैडर बनाने का निर्णय लिया था, जिसका विरोध करते हुए 4000 से अधिक कर्मचारी 25 फरवरी से हड़ताल पर हैं, जिससे हजारों लोग परेशानियों का सामना करना पड़ था लेकिन अब सीएम सुक्खू के आश्वासन के बाद अब कानूनगो पटवारी भी काम पर लौट जाएंगे जिसके बाद जनता के रुके काम को भी गति मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न श्रेणियों के 145 पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। नए स्तरोन्नत नगर निगमों में 66 पद, नगर परिषदों में 3 पद, नव सृजित नगर पंचायतों में 70 पद और शहरी विकास विभाग के निदेशालय में 6 पद भरे जाएंगे। मंत्रिमंडल ने शिमला स्थित अटल सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल संस्थान, चमियाणा में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के लिए दो वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों के पद सृजित कर भरने की भी मंजूरी दी। साथ ही मंत्रिमंडल बैठक में 10 मार्च, 2025 को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 8वें सत्र के शुभारम्भ अवसर पर राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने बजट सत्र में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट 2023-24 को प्रस्तुत करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने पारंपरिक कत्था भट्टियों को आईबीआर बायलर युक्त कत्था भट्टियों में परिवर्तित करने की स्वीकृति प्रदान की। अब इन्हें राज्य के मुख्य बायलर निरीक्षक के पास अनिवार्य रूप से पंजीकृत करवाना होगा। आईबीआर बायलर के माध्यम से खैर लकड़ी (छाल सहित) को पूरे वर्ष में 5435 से 7500 क्विंटल की सीमा में संसाधित करने की अनुमति होगी।
आज हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने करवट ली है और आज सुबह से मौसम में बिगाड़ गया। मौसम विभाग (IMD) नेआज प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। चंबा, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति जिलों को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां एक-दो स्थानों पर भारी बर्फबारी की संभावना जाहिर की है। विभाग ने प्रदेश के लोगों और पर्यटकों को सावधान रहने की सलाह दी भी है। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में अगले दिन- दो दिन के दौरान भारी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। हालांकि, 5 मार्च के बाद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ेगा और प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना है। इसी बीच लाहौल-स्पीति प्रशासन ने जिले में हिमखंड गिरने की चेतावनी जारी की है। शिमला सहित प्रदेश के ऊंचाई वाले कुछ इलाको में तो बर्फ के फाहे गिरने का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है, क्योंकि ये हिमखंड कभी भी जान और माल का नुकसान कर सकते हैं।
हिमाचल में पुलिस थानों को अब जनसंख्या, भौगोलिक क्षेत्र, अपराध, वीआईपी मूवमेंट, यातायात, सीमाओं और पर्यटक आमद के आधार पर 6 श्रेणियों में वर्गीकरण किया जाएगा। जिसको लेकर शनिवार को प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी। प्रदेश के सभी 135 थाने वर्गीकृत किए जाएंगे। अपराध पंजीकरण के आधार पर थानों को छह श्रेणियों में बांटा जाएगा। आबादी के आधार पर 276 से 300 तक मामले दर्ज करने वाले थानों को ए प्लस श्रेणी में रखा जाएगा, इन थानों में 70 पुलिस कर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की जाएगी और इन्हें 20 अंक मिलेंगे। भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर 10 अंक, अपराध के आधार पर 40, वीआईपी मूवमेंट के आधार पर 10, अंतरराज्यीय सीमाओं के 10 और पर्यटकों की आमद के 10 अंक मिलेंगे। श्रेणी के आधार पर थानों को स्टाफ उपलब्ध करवाया जाएगा। ए प्लस को 70, ए को 65, बी को 48, सी को 37, डी को 25 और ई को न्यूनतम 19 कर्मी मिलेंगे। वीआईपी मूवमेंट में सालाना 20 दौरों के लिए एक अंक के साथ पहली श्रेणी, 50 दौरों के लिए 2 अंकों के साथ दूसरी, 100 दौरों के लिए 3 अंकों के साथ तीसरी, 1000 दौरों के लिए 4 अंकों के साथ चौथी और 3000 वीआईपी मूवमेंट के लिए 5 अंकों के साथ पांचवीं श्रेणी तय की गई है। यातायात व्यवस्था में रोजाना 500 वाहनों तक एक अंक के साथ पहली, 1000 वाहनों तक 2 अंकों के साथ दूसरी, 2000 वाहनों तक 3 अंकों के साथ तीसरी, 8000 वाहनों तक 4 अंकों के साथ चौथी और अधिकतम 1,18,780 वाहनों तक पांच अंकों के साथ पांचवीं श्रेणी तय की गई है। जनसंख्या के आधार पर 35 हजार तक 5 अंकों के साथ पहली श्रेणी, 50 हजार तक 10 अंकों के साथ दूसरी श्रेणी, 90 हजार तक 15 अंकों के साथ तीसरी श्रेणी और 2 लाख तक 20 अंकों के साथ चौथी श्रेणी तय की गई है। भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर 100 वर्ग किलोमीटर तक 2 अंकों के साथ पहली श्रेणी, 200 वर्ग किलोमीटर के साथ 4 अंकों के साथ दूसरी, 400 वर्ग किलोमीटर के साथ 6 अंकों के साथ तीसरी, 1000 वर्ग किलोमीटर के साथ 8 अंकों के साथ चौथी और 10 हजार वर्ग किलोमीटर के साथ 10 अंकों के साथ पांचवीं श्रेणी तय की गई है। अपराध पंजीकरण में 50 मामलों तक 5 अंकों के साथ पहली, 100 मामलों तक 15 अंकों के साथ दूसरी, 200 मामलों तक 25 अंकों के साथ तीसरी, 275 मामलों के साथ 35 अंकों के साथ चौथी और 300 मामलों के साथ 40 अंकों के साथ पांचवीं श्रेणी तय की गई है।
रात्रि भत्ता सहित अन्य वित्तीय लाभों का भुगतान न किए जाने पर एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ पहले ही मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को यूनियन ने एचआरटीसी निगम मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और इस दौरान निगम व सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि अगर भत्तों की अदायगी नहीं की जाती है, तो वे चक्का जाम जैसे आंदोलनों से भी पीछे नहीं हटेंगे। यूनियन के पदाधिकारियों ने पूरे प्रदेश में 6 मार्च तक जन जागरण अभियान छेड़ रखा है। 6 मार्च के बाद, यूनियन के पदाधिकारी आगामी रणनीति तय करेंगे। एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के कोषाध्यक्ष पदम सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले 65 महीनों से रात्रि ओवर टाइम की अदायगी नहीं की गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की गई थी। 12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 50 करोड़ रुपये ओवरटाइम के लिए और 9 करोड़ रुपये मेडिकल के लिए 31 दिसंबर तक दे दिए जाएंगे, लेकिन यह राशि अब तक जारी नहीं की गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री से ओक ओवर में मुलाकात हुई थी और उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही 15 करोड़ रुपये रिलीज हो जाएगा, जो अब तक नहीं हुआ है। धर्मशाला में 22 जनवरी को भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की गई थी, और उन्होंने 15 फरवरी तक राशि जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रबंधन का कहना है कि अभी तक पैसा नहीं आया है। यूनियन ने कहा कि वे 15 दिनों का अल्टीमेटम दे रहे हैं। अगर सरकार की ओर से वार्ता का कोई न्यौता नहीं आता, तो 6 मार्च से रोज़ गेट मीटिंग की जाएगी। इसके बाद जन जागरण अभियान के परिणामस्वरूप, आगामी कार्यवाही की जाएगी। उनका कहना है कि अगर समय रहते रात्रि ओवरटाइम और वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं किया जाता, तो चालक-परिचालक काम छोड़ो अभियान और चक्का जाम जैसे आंदोलन की ओर बढ़ सकते हैं, इसके लिए निगम प्रबंधन और सरकार जिम्मेदार होंगे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी को लेकर दो दिन तक कांग्रेस नेताओं की शिमला में नब्ज टटोलने के बाद कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने 15 दिन के भीतर नई कार्यकारिणी के गठन ऐलान किया। रजनी पाटिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा का मिशन लोटस फैल हुए एक साल हो गया है और कांग्रेस की सरकार प्रदेश में मजबूती से काम कर रही है। सभी लोग सरकार के साथ है हैं। एकजुटता से कार्य किया जा रहा है किसी ने भी सरकार से नाराजगी की बात नहीं कही है। रजनी पाटिल ने कहा कि 15 दिन में कांग्रेस पार्टी की नई कार्यकारिणी हिमाचल में बना दी जाएगी जिसमें सभी समुदायों को तरजीह दी जाएगी। कांग्रेस पार्टी एक व्यक्ति एक पद की पक्षधर है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को बदलने के सवाल पर रजनी पाटिल ने कहा कि अध्यक्ष को हटाया नहीं गया है केवल कार्यकारिणी भंग की गई है जिसका गठन किया जाना है। अध्यक्ष का फैसला उसके बाद होगा। सरकार में कांग्रेस पदाधिकारियों की नियुक्ति पर रजनी पाटिल ने कहा कि सभी लोगों को सरकार में एडजस्ट करना मुश्किल होता है लेकिन फिर भी लोगों को पदों पर नियुक्ति दी गई है। वहीं रजनी पाटिल ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक दशा के लिए पूर्व की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया।आपदा में सीएम सुक्खू बार बार केंद्र से भीख मांगते रहे लेकिन केंद्र सरकार से मदद नहीं मिली। मोदी सरकार ईडी, सीबीआई का प्रयोग कर सरकारों को तोड़ने का कार्य कर रही है जिसके खिलाफ कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है। हिमाचल में सरकार अच्छा काम कर रही है और किसी भी तरह की लड़ाई नहीं है। 2027 में एक बार कांग्रेस एक भाजपा के मिथ को तोड़ते हुए कांग्रेस सरकार रिपीट करेगी।
हिमाचल प्रदेश में तीन दिनों तक भारी बारिश और बर्फबारी के बाद आज प्रदेश में मसुआम ने करवट ले ली है। आज प्रदेश के अधिकतर इलाको में मौसम के साफ़ रहने की संभावना मौसम विभाग ने जाहिर की है। हालांकि, 3 मार्च को फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है, जबकि 5 और 6 मार्च को प्रदेश में मौसम पूरी तरह से साफ हो जाएगा। हिमाचल में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार को कुल्लू के पाहनाला और कांगड़ा के छोटा भंगाल के मुल्थान में बादल फटे। भारी बारिश-बर्फबारी के चलते पंजाब के पर्यटक की मौत हो गई है, जबकि दो लोग लापता और तीन घायल हैं। पिछले 48 घंटों से बारिश-बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन-बाढ़ से अलग-अलग जगह 22 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चंबा, लाहौल और किन्नौर में पांच जगह हिमखंड गिरे हैं। हिमखंड गिरने से लाहौल में चंद्रभागा नदी का बहाव रुक गया। पांच एनएच समेत हिमाचल में 583 सड़कें बंद हो गई हैं। एचआरटीसी के 450 रूट फेल हो गए, जबकि 2,263 बिजली ट्रांसफार्मर और 279 पेयजल योजनाएं ठप हैं।बारिश और बर्फबारी के बाद, पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड ने फिर से अपनी दस्तक दी है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 7.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। मंडी जिले में तापमान में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है, जहां अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस कम होकर 10.7 डिग्री सेल्सियस रह गया है।
पिछले 24 घंटों से हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और बर्फबारी ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मचाई है। बारिश के कारण कई नदियाँ उफान पर आ गईं हैं, वहीं भूस्खलन और बर्फबारी से प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और मंडी जैसे इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है, और प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में शैक्षिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। वही मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है खासतौर पर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, और यहां आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है। सड़कें बंद और लैंडस्लाइड्स: नेशनल हाईवे 5, जो शिमला को किन्नौर से जोड़ता है, निगुलसरी के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। इसके अलावा, होली-चंबा सड़क भी गरोला के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गई है। इस भूस्खलन में एक बस भी पलट गई, लेकिन गनीमत रही कि वह खाई में नहीं गिरी। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे और मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भी जगह-जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात बाधित हो गया है। कुल्लू में जलस्तर बढ़ा और लैंडस्लाइड: कुल्लू के गांधीनगर में नाले का जलस्तर बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, सोलंग नाला में तीन फीट तक ताजा बर्फबारी हुई, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और यातायात बाधित हुआ है। कुल्लू जिले के बंजार तहसील में हॉस्पिटल के पास भी भूस्खलन हुआ, जिससे एक गाड़ी इसकी चपेट में आ गई। ऊहल नदी का उफान और शानन परियोजना: ऊहल नदी के जलस्तर के बढ़ने के कारण शानन परियोजना के बैराज गेट खोलने पड़े हैं। निचले इलाकों में रहने वालों को नदी किनारे सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पांवटा साहिब में लैंडस्लाइड के कारण NH-707 तीन घंटे से बंद है, जिससे यात्री परेशान हैं। प्रदेश सरकार ने भारी बारिश के मद्देनजर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और यात्रा में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत मंडी जिले के पांच छात्रों को अभिलाषी विश्वविद्यालय, चैलचौक में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। यह योजना अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत पांच छात्रों का संपूर्ण खर्चा जैसे कि ट्यूशन फीस, खाना, रहना व किताबें इत्यादि भी निःशुल्क रहेगा। वहीं इस संदर्भ में उपायुक्त मंडी द्वारा अभिलाषी शिक्षण समूह के चेयरमैन को आबंटन पत्र जारी किया गया है जिसके अंतर्गत निशांत ठाकुर बी.टेक (कंप्यूटर इंजीनियरिंग), पियूष बीबीए, युवराज बीसीए, कुंवर सिंह बीसीए, सुदेश कुमार बीए-बीएड विषय में निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेंगे। इसके अलावा, एक और छात्र करण पहले से ही इस योजना के तहत बी.टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) में नामांकित है। अभिलाषी ग्रुप के चेयरमैन डॉ आर. के. अभिलाषी व सेक्रेटरी नरेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर इस योजना को अपने ग्रुप में लागू करने हेतु पत्र सौंपा था। जिसके तहत उपायुक्त मंडी ने अभिलाषी विश्वविद्यालय प्रशासन से इन पांच छात्रों के प्रवेश की पुष्टि करने का अनुरोध किया है। इस योजना का उद्देश्य अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को सशक्त बनाना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा और उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है। इस मौके पर अभिलाषी विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ आर. के. अभिलाषी, प्रो चांसलर डॉ एल.के.अभिलाषी, वाइस चांसलर प्रोफेसर एच. के. चौधरी, रजिस्ट्रार डॉ कपिल कपूर, जीनीयस एजुकेशन सोसाइटी की चेयरपर्सन डॉ नर्वदा अभिलाषी, अभिलाषी एजुकेशन सोसाइटी की वाइस चेयरपर्सन डॉ प्रोमिला अभिलाषी, सचिव नरेंद्र कुमार ने छात्रों को नामांकित करने हेतु मुख्यमंत्री व उपायुक्त मंडी का आभार व्यक्त किया है।
नागरिक अस्पताल देहरा में वीरवार को विधायक कमलेश ठाकुर की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। कमलेश ठाकुर द्वारा बैठक की अध्यक्षता करते हुए रोगी कल्याण समिति से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए 57 लाख 6 हजार 740 रुपए का अनुमानित बजट भी पेश किया गया। विधायक ने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि रोगी कल्याण समिति के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त भी यदि किसी प्रकार की कमी नागरिक अस्पताल देहरा में आती है तो उनको बताएं, वह उसके निवारण के लिए प्रतिबद्ध हैं। कमलेश ठाकुर ने अस्पताल प्रशासन को अस्पताल में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में लोगों को बहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए वह हर संभव प्रयास कर रहे हैं और आने वाले समय में क्षेत्र में उत्कृष्ट स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को मुफ्त ईलाज और मुफ्त दवाई उपलब्ध करवाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल को सुदृढ़ कर सभी प्रकार की आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है और देहरा विधानसभा क्षेत्र में भी शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। 42 लाभार्थियों को बांटे 9 लाख 81 हजार के चेक इससे पूर्व कमलेश ठाकुर ने मिनी सचिवालय देहरा में मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत 42 लाभार्थियों को 9 लाख 81 हजार रुपए के सहायता चेक वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र का समग्र विकास उनकी और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा में प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे इसके लिए वे कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके हलके में लोगों को कोई भी समस्या आती है तो वे सीधा उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देहरा में आम जनमानस से संबंधित प्रमुख समस्याएं उनके ध्यान में है और उनके निवारण के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा, बीएमओ देहरा संजय बजाज, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश वालिया, चेयरपर्सन बीडीसी देहरा अर्चना कुमारी, प्रधान व्यापार मंडल मलकियत सिंह परमार, अध्यक्ष नगर परिषद देहरा सुनीता देवी, सीडीपीओ देहरा सुशील कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के नए संगठन के गठन को लेकर शिमला में गहन विचार-विमर्श का सिलसिला कल, 28 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इस बैठक की अगुवाई करने के लिए नव-निर्वाचित प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल शिमला पहुँच रही हैं। वह दो दिन तक राज्य के विभिन्न कांग्रेस नेताओं के साथ बैठकें करके नए संगठन के बारे में उनके विचार जानेंगी। रजनी पाटिल का हिमाचल दौरा 28 फरवरी को सुबह 10.30 बजे शुरू होगा, जब वह पहले हिमाचल प्रदेश के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवों और इंचार्जों के साथ बैठक करेंगी। इसके बाद, दोपहर 12.30 बजे, वह पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री, और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों के साथ मिलकर नए पदाधिकारियों के बारे में उनकी राय लेंगी। शाम को, 3 बजे, पाटिल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी मुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक करेंगी। यह बैठक प्रदेश कांग्रेस संगठन की रीढ़ को लेकर अहम चर्चा का हिस्सा होगी। एक मार्च को रजनी पाटिल कांग्रेस के विधायकों और 2022 विधानसभा चुनाव के पार्टी प्रत्याशियों के साथ बैठक करेंगी, जिसमें नए संगठन के गठन पर गहन मंथन होगा। बैठकों के बाद, 1 मार्च की दोपहर को रजनी पाटिल शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी, जिसमें वह संगठन के बारे में अपने विचार साझा करेंगी। 2 मार्च को वह शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।
भारत सरकार के रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग (DCPC) देश भर में "रसायन और पेट्रोकेमिकल्स औद्योगिक सुरक्षा" पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। जिस सन्दर्भ में 28 फरवरी और 1 मार्च को चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के सहयोग से CIPET बड्डी द्वारा "रसायन और पेट्रोकेमिकल्स औद्योगिक सुरक्षा" पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रसायन और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र के 50 इकाइयों को कवर करने के लिए है, जिसमें चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, पंजाब में लगभग 100 प्रतिभागियों की भागीदारी होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग (DCPC) और CIPET मुख्य कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है, जिसके कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव रहेगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। खासतौर पर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, और यहां आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति में पिछले दो दिनों से हो रही बर्फबारी ने इलाके की स्थिति को गंभीर बना दिया है। कई इलाकों में तीन फीट से भी अधिक बर्फबारी हो चुकी है, जिससे पूरा जिला बाकी दुनिया से कट चुका है। अटल टनल रोहतांग भी वाहनों के लिए बंद कर दी गई है। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए भारी स्नोफॉल का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे और भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाहौल स्पीति प्रशासन ने हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है। अधिक ढलान वाले इलाकों में बर्फ के पहाड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और बर्फबारी से संबंधित गतिविधियों से दूर रहें। सड़कें और बिजली आपूर्ति पर असर किन्नौर और लाहौल स्पीति में ताजा बर्फबारी के कारण 220 से अधिक सड़कों और 250 बिजली ट्रांसफार्मरों का संचालन ठप हो गया है। इससे क्षेत्र के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है और यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है और लोगों को जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहा है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों को घरों में सुरक्षित रहने और बर्फबारी से संबंधित गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम की स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए लोगों से अपील की जाती है कि वे प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतें।
हिमाचल प्रदेश में पटवारी और कानूनगो की हड़ताल ने प्रदेशवासियों की परेशानी को बढ़ा दिया है। आज से शुरू हुई सामूहिक हड़ताल के कारण पटवार सर्किल दफ्तरों में कामकाज ठप पड़ा है, जिससे लोग विभिन्न सरकारी सेवाओं से वंचित हो रहे हैं। यह हड़ताल 25 और 27 फरवरी को हुई थी, और अब 28 फरवरी से अनिश्चितकालीन पेन डाउन स्ट्राइक की घोषणा की गई है। पटवारी-कानूनगो संघ ने राज्य सरकार के एक अहम फैसले पर आपत्ति जताई है, जिसमें इन कर्मचारियों को स्टेट कैडर में डाला गया था। इस फैसले के खिलाफ प्रदेश के 4000 से ज्यादा पटवारी और कानूनगो एकजुट होकर हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार का यह निर्णय इन कर्मचारियों के लिए न केवल असहनीय हो गया है, बल्कि अब यह हड़ताल प्रदेशवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ाने का कारण बन गई है। राजस्व विभाग की सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं, जिनमें रजिस्ट्री, डिमार्केशन, इंतकाल, तकसीम, गिरदावरी और बैंक की केसीसी रिपोर्ट जैसे जरूरी काम शामिल हैं। ऐसे में आम लोग इन सेवाओं से वंचित हो रहे हैं, जो रोजमर्रा के जीवन के लिए जरूरी हैं। संघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। पिछली बार भी इसी मुद्दे पर संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की थी, जिसे सरकार के आश्वासन पर वापस लिया गया था। अब एक बार फिर से यह विवाद खड़ा हो गया है, और यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो प्रदेशवासियों को और भी मुश्किलें उठानी पड़ सकती हैं।
नर्सरी और KG के बच्चों की करेंगी देखभाल हिमाचल के प्री प्राइमरी स्कूलों में 6,297 आया भर्ती होंगी। इनको नर्सरी और केजी के बच्चों की देखभाल का जिम्मा सौंपा जाएगा। हिमाचल के प्री प्राइमरी स्कूलों में 60 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को बेसिक शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है। इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर प्रशिक्षक नियुक्त किए जाने हैं। साथ ही शिक्षा विभाग ने अब बच्चों की देखभाल के लिए आया भर्ती करने का फैसला भी लिया है। भारत सरकार की ओर से अनिवार्य तौर पर आया की भर्ती को लेकर एक पत्र राज्य सरकार को भेजा गया है। आया को दिए जाने वाले मानदेय और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग प्रस्ताव बना रहा है। भर्ती में स्थानीय जरूरत मंद महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि जल्द ही भर्ती को लेकर फैसला ले लिया जाएगा। संभावित है कि दो से तीन हजार रुपये का मानदेय आया को दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर जो महिलाएंं जरूरतमंद होंगी, उन्हें भर्ती किया जाएगा। विधवा, एकल महिलाओं के लिए अलग से भर्ती कोटा तय हो सकता है। अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की योजना है। स्कूलों को मिलेंगे एक हजार नए शिक्षक हिमाचल के स्कूलों को अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में करीब एक हजार नए शिक्षक मिलेंगे। लोकसेवा आयोग के माध्यम से प्रवक्ता स्कूल न्यू के कई विषयों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। बैचवाइज आधार पर जेबीटी भी नियुक्त किए जा रहे हैं। वहीं, कला शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी होने वाली है। इन शिक्षकों को नए सत्र के एक हफ्ते में नियुक्त कर दिया जाएगा। पीएम श्री स्कूलों में योग करवाने के लिए भी प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
आज और परसो नहीं बनेंगे हिमाचली प्रमाण पत्र सहित कई जरूरी सर्टिफिकेट जमीन की E-KYC प्रक्रिया भी होगी ठप हिमाचल में राजस्व विभाग के कार्यरत सभी नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारियों को स्टेट कैडर में डालने के अधिसूचना जारी होने से संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने सरकार के खिलाफ फिर से मोर्चा खोल दिया है। इस निर्णय से नाराज पटवारी और कानूनगो ने 25 और 27 फरवरी को दो दिन की मास कैजुअल लीव (सामूहिक अवकाश) पर जाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में 2,828 पटवारी और कानूनगो कैजुअल लीव पर है। ऐसे में प्रदेश भर में आज और परसो लोगों के हिमाचली प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस आदि प्रमाण पत्र नहीं बनेंगे। इन दो दिनों में लोगों की रजिस्ट्रियां, इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी प्रभावित होंगे। साथ ही प्रदेश भर में चल रही ई केवाईसी की प्रक्रिया भी ठप होगी। वहीं हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ के मुताबिक अगर दो दिनों में सरकार कोई उचित निर्णय नहीं लेती है तो 28 फरवरी से मुहाल के पटवारी और कानूनगो अनिश्चितकाल के लिए पेन डाउन स्ट्राइक पर चले जाएंगे। स्टेट कैडर की अधिसूचना से खफा हिमाचल में राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार, पटवारी और कानूनगो अभी तक डिस्ट्रिक्ट कैडर के तहत आते थे। ऐसे में इस वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के आरएंडपी रूल्स भी इसी आधार पर तय किए गए हैं, लेकिन सुक्खू सरकार ने डिस्ट्रिक्ट कैडर को समाप्त कर नायब तहसीलदारों, पटवारियों और कानूनगो को लेकर अब राज्य कैडर की अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ को प्रमोशन चैनल प्रभावित होने का अंदेशा है। ऐसे में महासंघ ने अब मास कैजुअल लीव पर जाने का फैसला लिया है। पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर में डालने और मांगे न मानने से नाराज पटवारी और कानूनगो ने पिछली साल 15 जुलाई से ऑनलाइन सेवाएं देना बंद कर दिया था। इस दौरान पटवारी और कानूनगो विभिन्न मंचों के माध्यम से सरकार को स्टेट कैडर की अधिसूचना जारी न करने का अल्टीमेटम जारी किया था। वहीं, 15 अगस्त 2024 को सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक के बाद राज्य पटवारी और कानूनगो संघ ने काम पर लौटने का निर्णय लिया था। इसके बाद महासंघ की राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा के साथ भी बैठक हुई, जिसमें महासंघ ने अपनी मुख्य आठ मांगें रखी थी, जिस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मांगों के समाधान को लेकर बलवान कमेटी गठित की गई थी। ऐसे में महासंघ ने कमेटी के समक्ष अपनी मुख्य आठ मांगें रखी थी, जिसके बाद बलवान कमेटी ने सिफारिश सरकार की भेजी थी। ऐसे में महासंघ ने 20 अगस्त 2025 से ऑनलाइन सेवाएं देनी शुरू कर दी थी। ये थी वो 8 मांगें पहली मांग कानूनगो का नायब तहसीलदारी कोटा 60 से बढ़ाकर 80 फीसदी किया जाना था। महासंघ ने कानूनगो एवं नायब तहसीलदार के भर्ती एवं पदोन्नति के नियमों में संशोधन करने और विभागीय परीक्षा को तर्कसंगत बनाने की मांग रखी थी। चार पटवार वृत्त पर एक कानूनगो वृत गठित करने और लैंड रिकार्ड मैनुअल के आधार पर पटवार वृत सृजित करने की मांग। महासंघ ने भू-व्यवस्था के कानूनगो की पदोन्नति बतौर नायब तहसीलदार भू-व्यवस्था में ही करने और भू-व्यवस्था विभाग में कैडर स्ट्रेंथ के आधार पर पदोन्नति अनुपात निर्धारित करने की भी डिमांड रखी थी। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी पटवारखानों व कानूनगो भवन को रहने, कार्य करने, मूलभूत सुविधाओं सहित कंप्यूटर-प्रिंटर-हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन से जोड़े जाने की मांग को भी प्रमुखता से साथ रखा गया था। राजस्व विभाग के कानूनगो की एक वर्ष की बंदोबस्त ट्रेनिंग (जो कि पहले से हुई है) को दोबारा करवाने के आदेशों को रद्द करवाने की मांग की थी। प्रदेश में रिक्त पड़े कानूनगो के पदों को भरने के लिए सेवानिवृत्त कानूनगो को पुनर्नियुक्ति देने के बजाए योग्य पटवारियों को एकमुश्त छूट दिए जाने की भी सरकार से मांग की गई थी। पटवारी एवं कानूनगो की वेतन विसंगतियों को दूर करने और पटवारी एवं कानूनगो के वेतन व भत्तों में वृद्धि किए जाने की भी मांग थी। संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी का कहना है कि, बलवान कमेटी की सिफारिशों को माना जाना चाहिए था. मास कैजुअल लीव पर जाने के बाद भी अगर सरकार ने वार्ता को नहीं बुलाया तो 28 फरवरी से मुहाल पटवारी और कानूनगो पेन डाउन स्ट्राइक पर जाएंगे। उम्मीद है कि प्रदेश सरकार पेन डाउन स्ट्राइक की नौबत को नहीं आने देगी।
गत दिनों हुई शिक्षा विभाग की ओर से नोटिफिकेशन जिसमें आर एंड पी रूल में संशोधन किया गया है। और उसमें कलाध्यापक (ड्राइंग) टीचर के बैच वाइज में एसएमसी को 5% कोटा देने पर बेरोजगार कलाध्यापक संघ ने कड़ा विरोध विरोध किया है। संघ के अध्यक्ष बलवंत सिंह तथा उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर तथा समस्त संघ के पदाधिकारीयों ने तथा जिला की समस्त कार्यकारिणियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी,तथा माननीय शिक्षा मंत्री जी,व शिक्षा विभाग के सचिव वह निदेशक से अनुरोध किया है। कि कला अध्यापक की बैच वाइज में छेड़खानी ना की जाए। और जो 5% एसएमसी को एंट्री करने के लिए आपने आर एंड पी रूल में संशोधन किया है! उसको तुरंत निरस्त किया जाए संघ ने कहा है कि हम पहले ही 20,000 के करीब बेरोजगार पिछले 20 सालों से हर दिन सरकार के आगे रोजगार पाने के लिए माथापच्ची बच्ची कर रहे हैं। और अपनी उम्र को खोते हुए निकल रहे हैं। जिसमें लगभग कई बेरोजगार तो नौकरी पाने से पहले ही रिटायर्ड हो गए हैं। जिनकी उम्र 58 से ऊपर हो चुकी है। संघ के अध्यक्ष श्री बलवंत सिंह ने कहा है। कि जब हम सौ बच्चों की कंडीशन समाप्त करने के लिए पिछले 10 सालों से शिमला के चक्कर काट रहे हैं। और हर जगह मंत्री विधायकों मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री सहित शिक्षा विभाग के आला अफसरों से मांग कर रहे हैं। जो हिमाचल प्रदेश के सरकारी मिडिल स्कूलों में 100 बच्चों की कंडीशन लगी है उसको समाप्त करें। हालांकि इसके दिशानिर्देश माननीय मुख्यमंत्री जी ने भी शिक्षा विभाग को किये हैं। तब सरकार और शिक्षा विभाग इसमें संशोधन नहीं कर पा रही है। लेकिन जो बैक डोर एंट्री भर्ती हुई है। चाहे वह किसी भी वर्ग की हो पैरा टीचर्स पीटीए एसएमसी उनके लिए सरकार के पास समय भी है। और आर एंड पी रूल में संशोधन करने के लिए नियम भी हैं। लेकिन बेरोजगार जो हर बार सरकारों का साथ देते हैं। और रोजगार पाने के लिए उनका समर्थन करते हैं। उनके लिए ना तो सरकारों के पास रोजगार देने के लिए पैसा है। और ना ही कोई नियम, हम बेरोजगारों को ध्यान में रख कर बदला जा रहा है,बल्कि जो लोग अन्य रास्ते से लगे हैं उनके लिए सरकार संवेदनशील है,जिसके कारण बेरोजगारों का शोषण हो रहा है।हिमाचल प्रदेश बेरोजगार कलाध्यापक संघ ने माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी,और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री जी तथा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर जी वह शिक्षा विभाग के सचिव से प्रार्थना की है । कि आप हमारे 50% बैच वाइज में छेड़खानी ना करें बल्कि हमारी मांगों पर गौर करें। संघ ने कहा है की एसएमसी को आप अपने स्तर पर कॉन्ट्रैक्ट करें या रेगुलर करें उससे हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन हमारे बीच में लाकर हमारा बैच वाइज का 5% कोटा कम ना करें। क्योंकि हमारी पहले ही स्थिति बहुत खराब कर के रखी है। और अब इससे ज्यादा ना करें क्योंकि हम पहले ही तनाव झेल रहे हैं और तनाव में ना डालें। और आपसे उम्मीद करते हैं कि आप हमारी विनती को जरूर सुनेंगे संघ ने कहा है कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो विवश होकर हमें भी शिमला में आकर धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा । संघ के उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर तथा सचिव विजय चौहान और कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद मीडिया प्रभारी अशोक कुमार तथा सीमा शर्मा बबीता ठाकुर,अंजू, कविता सुखराम सन्तोष नानटा ने सरकार से अनुरोध किया है। कि स्कूलों को मर्ज ना करें बल्कि उनमें शिक्षकों की भर्ती करें तथा शिक्षा का सुधार करें संघ ने कहा है कि हम हर बार आपसे मांग कर रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश के समस्त शिक्षा विभाग के कर्मचारीयों टीचरों को निर्देश करें कि वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं। इससे एक तो स्कूलों में बच्चों की स्ट्रेंथ बढ़ेगी और दूसरी तरफ दूसरे लोग भी देख कर अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में डालेंगे। विडंबना की बात तो यह है कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगे हुए टीचर खुद लाख रुपए से ऊपर तक सैलरी ले रहे हैं । और अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में डाल रहे हैं। न जाने उनको सरकारी स्कूल अच्छे नहीं लगते हैं। या फिर उनको अपने खुद पढ़ाने पर विश्वास नहीं है। इसलिए संघ माननीय मुख्यमंत्री जी,और शिक्षा मंत्री जी,तथा शिक्षा सचिव से अनुरोध करता है। कि सभी टीचरों और जो भी शिक्षा विभाग का आल स्टाफ है उसको निर्देश जारी करें। वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढाएं। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो बेरोजगार यूनियन इसका भी विरोध करेगी।
प्रयागराज से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दिल्ली के एक व्यक्ति ने महाकुंभ में डुबकी लगाने के बहाने अपनी पत्नी को प्रयागराज बुलाया और फिर उसकी हत्या कर फरार हो गया। पुलिस ने इस जघन्य अपराध का मात्र 48 घंटों में खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 48 वर्षीय अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारी है और त्रिलोकपुरी, पूर्वी दिल्ली का रहने वाला है। घटना 18 फरवरी की रात की है, जब अशोक अपनी पत्नी मीनाक्षी को कुंभ मेले में स्नान के बहाने प्रयागराज लेकर आया था। दोनों ने झूंसी क्षेत्र के आजाद नगर केवटाना में एक कमरा किराए पर लिया था। 19 फरवरी की सुबह, अशोक ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। इसके बाद उसने अपने घरवालों और बेटे को फोन कर बताया कि "तुम्हारी मां कुंभ मेले की भीड़ में खो गई है।" कैसे हुआ खुलासा? घटना की जानकारी होटल मालिक ने पुलिस को दी, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया की मदद से मृतका की पहचान करने की कोशिश शुरू की। 21 फरवरी को मृत महिला के भाई प्रवेश कुमार और बेटों अश्वनी व आदर्श ने झूंसी थाना पहुंचकर शव की पहचान मीनाक्षी के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस जांच में सामने आया कि अशोक कुमार के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध थे, जिसके चलते वह पिछले तीन महीनों से पत्नी की हत्या की साजिश रच रहा था। 17 फरवरी: अशोक और मीनाक्षी दिल्ली से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। 18 फरवरी: दोनों कुंभ स्नान के लिए पहुंचे और होटल में ठहरे। 19 फरवरी: अशोक ने बाथरूम में मीनाक्षी का गला रेतकर हत्या कर दी और भाग गया। हत्या के बाद अशोक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पत्नी के साथ कुंभ मेले के वीडियो अपलोड किए ताकि पुलिस को गुमराह कर सके। उसने स्थानीय पुलिस थाने में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, ताकि किसी को शक न हो।
हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में बिजली विभाग के एक कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 28 वर्षीय पंकज कुमार, जो सुजानपुर के जंगल गांव का निवासी था, बिजली बोर्ड में असिस्टेंट लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है, जब पंकज कुमार ओवरहेड ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज बदलने के लिए गया था। पटलांदर सेक्शन में तैनात पंकज को चरोट गांव में उड़ चुके फ्यूज को ठीक करने के लिए अकेले भेजा गया था। इसी दौरान वह बिजली के पोल से नीचे गिर गया। हालांकि, उसकी मौत करंट लगने से हुई या गिरने के कारण, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। घटना के बाद स्थानीय लोग उसे तुरंत सुजानपुर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की जानकारी मिलते ही सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। पंकज अविवाहित था, और परिवार में उसकी शादी की चर्चा चल रही थी। वह अपने पीछे माता-पिता और बड़े भाई को छोड़ गया है। गांव के लोगों के अनुसार, पंकज बेहद मिलनसार और जिम्मेदार स्वभाव का युवक था।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को दी जा रही मुफ्त एचआरटीसी बस सेवा जल्द ही बंद हो सकती है। एचआरटीसी के निदेशक मंडल की हाल की बैठक में इस मामले पर गंभीर चर्चा हुई, जिसमें विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम बस किराए पर आधारित पास बनाने के विकल्प पर विचार किया गया। प्रस्ताव के अनुसार, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अब घर से स्कूल और स्कूल से घर जाने के लिए 15 सिंगल फेयर बस पास हर महीने बनवाने होंगे। इसमें महीने में 15 दिनों का किराया लिया जाएगा, लेकिन यह किराया केवल एक दिशा का ही वसूला जाएगा, यानी विद्यार्थियों को केवल एक तरफ का किराया देना होगा। यह कदम, एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि निगम को घाटे से उबरने में मदद मिल सके। बैठक में शहरी निकाय क्षेत्रों में महिलाओं के लिए दी जा रही 50 प्रतिशत किराए की छूट को बंद करने का प्रस्ताव भी सामने आया। निदेशक मंडल का मानना है कि यह छूट अब केवल उन महिलाओं को दी जानी चाहिए, जिनकी आय कम है या जो बेरोजगार हैं। शहरी क्षेत्रों में नौकरीपेशा महिलाएं भी इस छूट का लाभ उठा रही हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका लाभ उन महिलाओं को मिलना चाहिए, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। इसके साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए किराए की छूट जारी रखी जाए, ताकि वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल आसानी से कर सकें। इसके अलावा, एचआरटीसी द्वारा बस किराए में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी निदेशक मंडल की बैठक में चर्चा का हिस्सा रहा। प्रस्ताव के मुताबिक, न्यूनतम किराया 2 किलोमीटर तक 5 रुपये और 4 किलोमीटर तक 10 रुपये तय करने की सिफारिश की गई है। वर्तमान में 3 किलोमीटर तक का किराया 5 रुपये लिया जाता है, और अब यह बढ़ाकर 4 किलोमीटर तक किया जाएगा। इसके अलावा, 4 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर प्रति किलोमीटर किराए में भी बढ़ोतरी करने का सुझाव दिया गया है। एचआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि निगम को घाटे से उबारने और कर्मचारियों की देनदारियों का भुगतान करने के लिए इन बढ़ोतरी और बदलावों की आवश्यकता है। इस प्रकार, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मुफ्त एचआरटीसी बस सेवा अब पूरी तरह से बंद हो सकती है, और महिलाओं के लिए किराए की छूट में भी बदलाव संभव है। इन कदमों से निगम की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह निर्णय राज्य सरकार के हाथों में है, जो इस पर अंतिम फैसला लेगी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आज सुबह 8:42 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई, जबकि इसकी गहराई 5 किलोमीटर थी। भूकंप का केंद्र सुंदरनगर के किआरगी क्षेत्र में स्थित था। हल्के झटकों के कारण कुछ लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए, हालांकि तीव्रता कम होने की वजह से अधिकतर लोगों को झटके महसूस नहीं हुए। राहत की बात यह रही कि भूकंप से किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को नुकसान की सूचना नहीं है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के चंबा, शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा, किन्नौर और मंडी जिले भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन-5 में आते हैं। इस कारण यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। भूकंप क्यों आता है? पृथ्वी के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार गतिशील रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह क्षेत्र फॉल्ट लाइन कहलाता है। जब प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं और अत्यधिक दबाव बनने के बाद टूट जाते हैं, तो अचानक ऊर्जा बाहर निकलती है, जिससे भूकंप के झटके उत्पन्न होते हैं। हालांकि, इस बार मंडी में आए भूकंप से कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में भूकंपरोधी निर्माण और सतर्कता बरतने की आवश्यकता बनी रहती है।
धर्मपुर (20 जनवरी 2024): पुलिस थाना धर्मपुर में फर्जी डिग्री के आधार पर एक व्यक्ति ने कानून की पढ़ाई की और खुद को बार कौंसिल पंजाब एवं हरियाणा में पंजीकृत करवा लिया। शिकायतकर्ता सुनील दत्त ने 20 जनवरी 2024 को पुलिस थाना धर्मपुर में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि कालका (हरियाणा) निवासी महेश शर्मा ने मानव भारती विश्वविद्यालय लाडो सुलतानपुर से BA और LLB की फर्जी डिग्री हासिल की। शिकायत के अनुसार, महेश शर्मा ने मानव भारती विश्वविद्यालय से शैक्षणिक सत्र 2010-13 में BA की डिग्री प्राप्त की, जबकि इस विश्वविद्यालय में BA पाठ्यक्रम 2014 से शुरू हुआ था। इसके बाद, उसने इसी फर्जी BA डिग्री के आधार पर मानव भारती विश्वविद्यालय से LLB की डिग्री भी प्राप्त की। इसके बाद, उसने इन डिग्रियों के आधार पर बार कौंसिल पंजाब और हरियाणा में खुद को पंजीकृत करवा लिया। पुलिस जांच के दौरान, मानव भारती विश्वविद्यालय से प्राप्त BA डिग्री की पुष्टि की गई, तो पाया गया कि 2010-13 सत्र में इस विश्वविद्यालय में BA कोर्स की मान्यता ही नहीं थी। इसके बावजूद, आरोपी ने इस फर्जी डिग्री के आधार पर LLB की डिग्री प्राप्त की और बार कौंसिल में पंजीकरण करवा लिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महेश शर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 465, 468, और 471 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ जांच जारी है और उसे नोटिस जारी किया गया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर काम कर रही है।
हिमाचल सरकार ने होम स्टे रूल्स 2025 में कई बड़े बदलाव किए हैं। होम स्टे संचालकों को अब अनिवार्य रूप से जीएसटी नंबर लेना होगा और रिटर्न फाइल करनी होगी। होम स्टे की पंजीकरण फीस भी 100 रुपये से बढ़ा कर 3000 रुपये निर्धारित की गई है। होम स्टे रूल्स के तहत अब पंजीकरण फार्म में ही जीएसटी नंबर की जानकारी देनी होगी। अब तक होम स्टे संचालकों को जीएसटी नंबर लेने की अनिवार्यता नहीं थी। नए प्रावधानों में गार्बेज डिस्पोजल के लिए भी म्यूनिसिपल कानूनों के तहत व्यवस्था करनी होगी। होम स्टे में अग्निशमन उपकरण भी अनिवार्य रूप से लगाने होंगे। होम स्टे में आने वाले गेस्ट का पूरा लेखा-जोखा रजिस्टर और कंप्यूटर में रखना होगा। साथ ही सुरक्षा मानकों के तहत होम स्टे के कॉमन एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य किया गया है। सरकार ने 14 फरवरी को होम स्टे रूल्स 2025 अधिसूचित किए हैं। इन्हें लेकर लोग 28 फरवरी तक निदेशक पर्यटन और नागरिक उड्डयन हिमाचल प्रदेश को ईमेल tourism@hp.gov.in पर या डाक के माध्यम से अपनी आपत्तियां और सुझाव भेज सकते हैं। 12,000 रुपये तक पंजीकरण शुल्क होम स्टे रूल्स 2025 के तहत नगर निगम क्षेत्र में 4 से 6 कमरों के होम स्टे संचालन के लिए 12,000 रुपये वार्षिक पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। हर साल 12,000 रुपये नवीनीकरण शुल्क भी चुकाना होगा। टीसीपी, साडा, नगर पंचायत क्षेत्र में 8,000 रुपये व पंचायत क्षेत्र में 6,000 रुपये वार्षिक पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क तय किया गया है। 1 से 3 कमरों के लिए निगम क्षेत्र में 8,000, टीसीपी, साडा, नगर पंचायत क्षेत्र में 5,000 और पंचायत क्षेत्र में 3,000 रुपये वार्षिक पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।


















































