हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में नियुक्त नए कुलपतियों के भी दस्तावेज जांचे जाएंगे। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने सभी विवि प्रबंधनों से नई नियुक्तियों का रिकॉर्ड तलब किया है। आठ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को जांच के बाद आयोग ने इसी वर्ष अयोग्य करार दिया था। इनके स्थान पर अब निजी विश्वविद्यालयों ने नए कुलपति नियुक्त किए गए हैं। इस वर्ष जनवरी में आठ निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को अयोग्य करार दिया गया था। इनके पद छोड़ने के बाद नए कुलपतियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए थे। आयोग ने ऐसे विश्वविद्यालयों के चांसलरों को पत्र जारी कर सभी नियम पूरा करने वालों को कुलपति नियुक्त करने के लिए कहा था। अब नए कुलपतियों के सभी दस्तावेज भी आयोग में जमा करवाने के लिए कहा गया है। निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की जांच शुरू होने के समय ही कुछ कुलपतियों ने इस्तीफे देकर अपने पद छोड़ दिए थे। कुछ कुलपति जांच पूरी होने के बाद अपने पदों से हटे। कई माह तक कुछ विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नई नियुक्ति भी लटकी रही। अब सभी निजी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियां हो गई हैं। ऐसे में विनियामक आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों के प्रबंधनों को पत्र जारी कर सभी नई नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेज देने को कहा है। इन दस्तावेजों को देखकर पता लगाया जाएगा कि यूजीसी के नियमानुसार कुलपति बनने के लिए सभी शर्तें पूरी की गई हैं या नहीं। कुलपति पद पर नियुक्त होने वालों की शैक्षणिक योग्यता भी जांची जाएगी।
बाहरा विश्वविद्यालय वकनाघाट ने (एआईस-जेआईटीएफ) अटल ऊष्मायन केंद्र ज्योथि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फाउंडेशन बेंगलुरु के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन से गुणात्मक उत्पाद विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत बाहरा विश्वविद्यालय वाकनाघाट के छात्र उत्पाद विकास के वैज्ञानिक आदान-प्रदान से सीधे लाभान्वित होंगे। यह ज्ञापन डॉ. एमजी अनंत प्रसाद सीईओ एआईसी-जेआईटीएफ बेंगलुरु और डॉ. प्रोबीएस नागेंद्र पाराशर कुलपति बहरा विश्वविद्यालय वाकनाघाट के बीच हुआ। इस समझौता ज्ञापन के तहत कार्यक्रमों और गतिविधियों में वित्तीय सहायता, संयुक्त अनुसंधान गतिविधियां, स्टार्टअप्स का सह-ऊष्मायन, संयुक्त उत्पाद विकास कार्यक्रम (जेपीडीपी) शामिल हैं। गौरव बाली पीआरओ बाहरा विश्वविद्यालय ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य के छात्र किसी से कम नहीं है। एआईसी-जेआईटीएफ बेंगलुरु के साथ इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद बाहरा विश्वविद्यालय में विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश से पढ़ने वाले छात्रों को उपयुक्त मंच मिलेगा।
राजधानी शिमला को निचले हिमाचल से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-205 घणाहट्टी के पास अवरुद्ध होने से अब दोनों वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही वन-वे रहेगी। शिमला की ओर आने वाले वाहन वाया बंगोरा-कालीहट्टी -घणाहट्टी होकर आएंगे। शिमला पहुंचने के लिए इन्हें 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा था, लेकिन अब 11 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। शिमला से मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा की ओर जाने वाले वाहन वाया घणाहट्टी -कोहबाग-गलोग रवाना होंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश में नये उद्योग स्थापित करने जा रही है। इसी श्रंखला में प्रदेश सरकार नई दिल्ली में औद्योगिक घरानों के साथ 5000 करोड़ रुपये के एमओयू साइन करने जा रही है। सरकारी स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एथेनॉल और फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए भी एमओयू साइन किया जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दौरे के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, एसीएस आरडी धीमान उद्योग विभाग के निदेशक राकेश प्रजापति के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। इन उद्योगों के स्थापित होने से प्रदेश के करीब 3500 लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्योग विभाग के पास 3500 एकड़ जमीन है, जिनमें उद्योगों को जमीनी स्तर पर उतारा जाना है। यह जमीन कांगड़ा के कंदरोड़ी, ऊना, सिरमौर, सोलन के नालागढ़ और हमीरपुर में है। उद्योग विभाग एथेनॉल प्लांट स्थापित करने पर भी जोर दे रही है। एथेनॉल मक्की और गन्ना से तैयार किया जाता है। इसे पेट्रोल-डीजल में मिलाया जाता है। यह पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाता है। उद्योग विभाग का कहना है कि इसे मिनी इन्वेस्टर्स मीट भी कहा जा सकता है। औद्योगिक घरानों के अलावा प्रदेश के सांसदों को भी इस कार्यक्रम में आने का न्योता दिया जाएगा। उद्योग मंत्री,बिक्रम सिंह, हिमाचल प्रदेश अनुसार प्रदेश सरकार पांच हजार करोड़ के एमओयू साइन करने जा रही है। यह कार्यक्रम दिल्ली में होगा तथा मुख्यमंत्री, अधिकारी इसमें शामिल होंगे। राष्ट्रपति का दौरा खत्म होने के बाद इसी महीने यह कार्यक्रम होना लगभग तय है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचल विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। सत्र को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने शत-प्रतिशत आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। कोरोना की लड़ाई में प्रदेश चैंपियन बनकर सामने आया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सदन में आह्वान किया कि हिमाचल एक दिन देश का सिरमौर बने। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि यशवंत सिंह परमार, पंडित पदम देव जैसी शख्सियतों ने प्रदेश की आजादी के संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाया। प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों यशवतं सिंह परमार, ठाकुर राम लाल, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, कारगिल शहीद कैप्टन ब्रिकम बतरा को भी याद किया। वहीं अटल टनल रोहतांग का जिक्र करते हुए महामहिम कोविंद ने कहा कि इससे मनाली-लेह की दूरी कम हुई है। वहीं सेना को सालभर बॉर्डर तक रसद ले जाने में अब दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा। अटल टनल के बनने से लाहौल के लोगों का जीवन भी आसान हो गया है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति का प्रदेश में आने के लिए आभार जताया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी सदन को संबोधित किया। विशेष सत्र के दौरान खासकर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद किया गया। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल करने में जिन-जिन लोगों का योगदान रहा है, यह सत्र पूरी तरह से उनको समर्पित रहा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी भी शामिल हैं।
प्रदेश में स्थापित निजी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 में मेडिकल कोर्सों के लिए फीस तय कर दी गई है। निजी विवि के प्रस्तावों पर कई दिन तक मंथन करने के बाद गुरुवार को संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा ने फीस का ढांचा जारी किया। निजी विश्वविद्यालयों में इस साल प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से अब इसी आधार पर फीस ली जाएगी। ट्यूशन फीस दो किस्तों में लेनी होगी। एक किस्त में इसे देने का दबाव नहीं डाल सकेंगे। नया फीस ढांचा कोर्स पूरा होने तक लागू रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार को हर साल नया सत्र शुरू होने से पहले फीस ढांचा तय करना होता है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि निजी विवि पहले की तरह बिल्डिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट फंड विद्यार्थियों से नहीं वसूलेंगे। अगर कोई संस्थान आदेशों का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नए फीस ढांचे के अनुसार निजी विवि सरकार की मंजूरी बिना कोई भी नया कोर्स शुरू नहीं कर सकेंगे। अगर किसी कोर्स की सरकार से मंजूरी नहीं मिली है और फीस कमेटी ने उसका फीस ढांचा तय कर दिया है, तो ऐसा कोर्स मान्य नहीं होगा। यूजीसी के निर्देशानुसार ही शिक्षक भर्ती करनी पड़ेगी। हिमाचली बोनाफाइड, बीपीएल, आईआरडीपी विद्यार्थियों के लिए विवि को दस फीसदी सीटें आरक्षित रखनी होंगी। इनसे ट्यूशन फीस भी नहीं ली जाएगी। शैक्षणिक सत्र की फीस कोर्स पूरा होने तक लागू रहेगी। पहले से विवि में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर नया फीस ढांचा लागू नहीं होगा। सरकार की इस तरह की पहल से विद्यार्थियों को कुछ राहत मिल सकती है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर 17 सितंबर को होने वाले विशेष सत्र के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। ज़्यादातर अथिति शिमला आ चुके हैं। मेहमानों के बैठने की व्यवस्था सिटिंग प्लान के अनुसार की गई हैं। वीरवार को तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज और सरकारी मुख्य सचेतक बिक्रम सिंह जरयाल के साथ परिसर का दौरा किया। बता दें, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 17 सितंबर को सुबह 11 बजे विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्रियों शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल समेत कुल 93 पूर्व विधायकों ने सत्र में आने की पुष्टि की है। हालांकि, शांता स्वास्थ्य कारणों के चलते कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। वहीं, 12 सांसद व पूर्व सांसद भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। सत्र के दौरान खासकर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद किया जाएगा। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का दर्जा हासिल करने में जिन-जिन लोगों का योगदान रहा है, यह सत्र पूरी तरह से उनको समर्पित होगा। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी भी शामिल हैं। विशेष सत्र के दौरान कोरोना एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाएगा। राज्यपाल, मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा राष्ट्रपति के संपर्क में आने वाले सभी अधिकारियों कर्मचारियों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जा चुका है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोलन जिले के चम्बाघाट में 8 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सर्किट हाउस का लोकार्पण किया। इसके पश्चात्, वर्चुअल माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, नागरिक अस्पताल घुमारवीं और नागरिक अस्पताल अर्की के लिए पीएसए सयंत्रों का भी शुभारम्भ किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में पीएमकेयर्ज के अन्तगर्त 2.16 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए गए पीएसए प्लांट का भी शुभारम्भ किया। इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमकेयर्ज के अन्तर्गत क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में 1000 एलपीएम क्षमता और नागरिक अस्पताल अर्की में 1000 एलपीएम क्षमता के पीएसए प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिन पर क्रमशः 1.50 करोड़ और 1.06 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, वहीं नागरिक अस्पताल घुमारवीं में विद्या फाउंडेशन के माध्यम से सीएसआर के अन्तर्गत 1.10 करोड़ रुपये व्यय कर 140 एलपीएम क्षमता का पीएसए प्लांट स्थापित किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इससे पूर्व प्रदेश में केवल दो अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्रों की सुविधा उपलब्ध थी, जबकि आज यहां 15 पीएसए प्लांट क्रियाशील कर दिए गए हैं, जबकि सात संयंत्र उद्घाटन के लिए तैयार हैं और छह अन्य संयंत्रों पर कार्य लगभग पूरा होने को है। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, राज्य भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, विधायक डाॅ. (कर्नल) धनी राम शांडिल व परमजीत सिंह पम्मी, पूर्व सांसद वीरेन्द्र कश्यप, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष योगेश भारतीय और सोलन जिला की उपायुक्त कृतिका कुल्हारी भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
शिमला : स्वर्णिम रथ यात्रा को लेकर शिमला में होटल हॉलिडे होम में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता इस समिति के अध्यक्ष पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल द्वारा की गई। इस बैठक में समिति के सदस्य राज्य के छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बोर्ड के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा, हिमाचल वूल फेडरेशन के उपाध्यक्ष त्रिलोक कपूर एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। त्रिलोक कपूर ने बताया कि इस बैठक में 2 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली स्वर्णिम रथ यात्रा को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और इस कार्यक्रम को सफल बनाने की योजना तैयार की गई। उन्होंने कहा कि सरकार इस रथयात्रा में खेल, सामाजिक कार्य, संस्कृति, साहित्य आदि में उपलब्धि हासिल करने वाले सफल लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। स्वर्णिम रथ के माध्यम से राज्य के विकास के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। सभी बड़े विभाग पचास वर्षों के दौरान हुए विकास का प्रदर्शन करेंगे।
सीटू ने राज्य स्तरीय आईजीएमसी अस्पताल में महिला सफाई कर्मी के कपड़े बदलते समय बनाए गए वीडियो पर आईजीएमसी अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़े किये हैं। राज्य कमेटी ने मानवाधिकार आयोग व महिला आयोग हिमाचल प्रदेश से आग्रह किया है कि वे इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जिम्मेदार सफाई कर्मी के साथ ही इस पर तुरन्त हस्तक्षेप करें व इस कृत्य के लिए अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी प्रबंधन व ठेकेदार के समक्ष चेंजिंग रूम की मांग आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू वर्ष 2014 से निरन्तर कई बार उठाती रही है। लेकिन सात वर्ष बीतने के बावजूद भी अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार ने चेंजिंग रूम की कोई उचित व्यवस्था नहीं की। कई चेंजिंग रूम में ठेकेदारों के कार्यालय भी चल रहे हैं व केवल एक चादर से ही चेंजिंग रूम का विभाजन किया गया है। उन्होंने कहा कि चेंजिंग रूम व अन्य मांगों को लेकर 26 अगस्त 2021 को दोबारा से आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू ने अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदारों को मांग-पत्र दिया था। जिस पर प्रबंधन व ठेकेदारों ने कोई समाधान नहीं किया जिसके फलस्वरूप यह वीडियो कांड हुआ। इन मांगों पर 15 सितंबर को श्रम विभाग ने समझौता वार्ता बुलाकर ठेकेदारों को चेंजिंग रूम की उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता इस बात से भी साफ झलकती है कि इस समझौता वार्ता में प्रबंधन की ओर से कोई भी शामिल नहीं हुआ। अतः अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदारों की गलत कार्यप्रणाली के कारण ही इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रबंधन व ठेकेदारों को चेताया है कि अगर उन्होंने शीघ्र ही हर ब्लॉक में उचित चेंजिंग रूम की व्यवस्था व अन्य मांगें पूर्ण न की गयी तो सीटू आंदोलन का बिगुल बजाएगा।
वीरवार को हि०प्र० विश्विद्यालय में लोक प्रशासन विभाग के शोधर्थियों ने विद्यार्थी परिषद के साथ मिलकर प्रदेश भर में लोक प्रशासन विषय से जुड़ी हुई मांगो को लेकर लोक प्रशासन विभाग मे चर्चा की। मीडिया को जानकारी देते हुए लोक प्रशासन विभाग के शोधार्थी रमेश कुमार ने कहा कि प्रदेश भर में मात्र 34 ऐसे महाविद्यालय है जहा इस विषय को वर्तमान में पढ़ाया जा रहा है, जबकि प्रदेश भर मे महाविधालय की कुल संख्या 137 है और इसमें भी केवल 27 महाविद्यालय में ही इसके पदों को भरा गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में लोक प्रशासन विषय को पढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन विषय मे ऐसे हजारो छात्र है जिन्होंने M.A., M.Phil और Ph. D की हुई है लेकिन फिर भी बेरोजगार है। इसलिये हमारी सरकार से मांग रहेगी कि इस विषय के महत्व को समझते हुऐ उचित निरणय ले और हम सभी छात्रों का भविष्य बर्बाद होने से बचायें। बैठक मे सभी शोधर्थियों ने माग रखी कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में लोक प्रशासन विषय को पढ़ाया जाए और सभी महाविद्यालयों में शिक्षको के पदों को भी जल्द भरा जाए। लोक प्रशासन विषय में उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा मात्र सात पदों की सिफारिश की गई है, जिसे कैबिनेट कमेटी ने भी मंजूरी दे दी है, लेकिन ये सीटे पर्याप्त नही है क्यूंकि वर्तमान में लोक प्रशासन विषय में नेट /सेट योग्य विद्यार्थियों की संख्या में बहुत अधिक बढ़ोतरी हुई है। इसलिए लोक प्रशासन विषय की सीटो में बढ़ोतरी की जाए और साथ ही उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई कलस्टर विश्विद्यालय में भी लोक प्रशासन विषय को जल्द शुरू किया जाए।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में इतिहास स्कूल प्रवक्ता के 47 पदों को कमीशन के माध्यम से भरने के आदेश जारी कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, शिक्षामंत्री श्री गोविंद ठाकुर ओर शिक्षा निदेशक उच्च डॉ अमरजीत शर्मा का अध्यापकों के 6 महीने बचाने के लिए आभार व्यक्त किया है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल 13 तारिक को मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से मिला और आग्रह किया कि कमीशन पास अध्यापकों की नियुक्ति सितम्बर माह में ही कर दी जाए , ताकि इन अध्यापकों को अपना कांटेक्ट पीरियड पूरा होने के बाद 6 महीने का इंतजार न करना पड़े। इस बारे में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।
हिमाचल प्रदेश में सफाई से जुड़े और जोखिमपूर्ण व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलेगी। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय संशोधन करते हुए नई श्रेणियों को शामिल करने जा रहा है। जल्द इस योजना को देश भर में लागू किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2021-22 से हिमाचल में भी पात्र विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पहली से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को वार्षिक 3000 से 7000 रुपये तक छात्रवृत्ति मिलेगी। बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को इस बाबत पत्र जारी कर सूचित किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से सभी प्रदेशों के मुख्य सचिवों और शिक्षा सचिवों को पत्र जारी कर बताया है कि इस योजना में शामिल किए जाने वाले विद्यार्थी सफाई से जुड़े और स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण व्यवसाय में लगे व्यक्तियों के परिवार का ही होना चाहिए। परिवार का इस व्यवसाय में लिप्त होने का प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य रहेगा। विद्यार्थी राजकीय विद्यालय अथवा राज्य सरकार एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नियमित एवं पूर्णकालिक कक्षा पहली से 10वीं के विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत हो। विद्यार्थी को केंद्रीय राजकीय, सार्वजनिक, धार्मिक स्रोत से अध्ययन करने के लिए किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति या भत्ता नहीं मिल रहा हो। किसी भी कक्षा में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति केवल एक वर्ष के लिए उपलब्ध होगी। यदि कोई विद्यार्थी अगले वर्ष भी उसी कक्षा में रहता है तो उसे दूसरे वर्ष (अथवा बाद के वर्ष के लिए) उसी कक्षा के लिए छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। योजना के तहत 90 फीसदी बजट केंद्र और दस फीसदी बजट प्रदेश सरकार की ओर से दिया जाएगा। केंद्र सरकार पात्र विद्यार्थी के बैंक खाते में सीधा राशि जमा करवाएगा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वी से 12वीं कक्षा के करीब दो लाख विद्यार्थियों को हर सप्ताह शनिवार और रविवार को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की कोचिंग दी जाएगी। 18 सितंबर से 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को मोबाइल पर शिक्षक द्वारा एक लिंक भेजा जाएगा। यू-ट्यूब के इस लिंक के माध्यम से विद्यार्थी नीट और जेईई की कोचिंग ले सकेंगे। सरकार ने विद्यार्थियों को कोचिंग देने के लिए स्वर्ण जयंती विद्यार्थी अनुशिक्षण योजना शुरू की है। आधिकारिक तौर पर बुधवार से योजना शुरू कर दी गई है। शिक्षकों को हर घर पाठशाला अभियान के तहत लिंक भेजने का काम शुरू हो गया है। शनिवार को यह लिंक शिक्षक विद्यार्थियों को व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से देंगे। योजना के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की गणित और विज्ञान की सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। हर सप्ताह 15 से 18 घंटे की कक्षाएं और संदेह समाधान किया जाएगा। योजना के सही कार्यान्वयन के लिए सरकार जिला स्तर पर निगरानी कमेटी गठित करेगी। इसमें डाइट के प्रधानाचार्य, उच्च शिक्षा के उप निदेशक और स्कूलों के विज्ञान-गणित के पर्यवेक्षक शामिल किए गए हैं। कमेटी मेधावी छात्राओं की पहचान करने में भी मदद करेगी। योजना के तहत दो चरणों में कार्यक्रम का कार्यान्वयन होगा। पहले चरण में हर घर पाठशाला के माध्यम से छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली गणित और विज्ञान की सामग्री उपलब्ध होगी। दूसरे चरण में 100 उच्च प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं की पहचान करने के लिए चयन परीक्षा होगी।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द प्रदेश के चार-दिवसीय दौरे पर गुरुवार शिमला पहुंचे। उनके स्वागत के लिए राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, संसदीय कार्य मंत्री एवं मिनिस्टर-इन-वेंटिंग सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, सैन्य कमांडर आरट्रैक लै. जनरल राज शुक्ला, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोनिका भटुंगरू ने उनका अनाडेल हेलिपैड पर गरिमापूर्ण स्वागत किया। बता दें कि राष्ट्रपति के दौरे से कुछ घंटों पहले ही नगर निगम हरकत में आया है। वीरवार सुबह राष्ट्रपति के शिमला पहुंचने से 1 घंटे पहले ही नगर निगम ने रिज व माल रोड पर तहबाजारियों को हटाया और दुकानों के बाहर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों का सामान भी ज़ब्त किया। नगर निगम पिछले कुछ दिनों से लगातार अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, हालांकि इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रपति रिज व माल रोड की सैर भी कर सकते है।
16 सितम्बर, 2021 से भारत के राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रबन्धों की समीक्षा के लिए आज यहां सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्ण राज्यत्व के स्वर्ण जयंती वर्ष को मनाने के लिए वर्ष भर समारोहों के आयोजन की योजना बनाई है, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे बड़े स्तर पर मनाना सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विशेष अवसर पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है और राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द इस सत्र को सम्बोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि इस शुभ अवसर पर सभी वर्तमान और पूर्व विधायकों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बहुत ही गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा ताकि इसे अविस्मरणीय बनाया जा सके। जयराम ठाकुर ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से हर सम्भव सहयोग का आग्रह किया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि इस आयोजन में सभी पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने विधानसभा में होने वाले राष्ट्रपति के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए 73 से अधिक पूर्व सांसदों और विधायकों ने अपनी सहमति दी है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पूर्ण राज्यत्व की स्वर्ण जयंती को मनाने के लिए राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह समारोह पार्टी राजनीति से ऊपर है। उन्होंने राज्य सरकार को कांग्रेस पार्टी की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि यह राज्य की जनता का आयोजन है, जिन्होंने प्रदेश के विकास में अपना असीम योगदान दिया है। मुख्य सचेतक बिक्रम जरयाल, विधायक आशा कुमारी और राम लाल ठाकुर ने इस अवसर पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू, विधानसभा के सचिव यशपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक शिमला मोनिका भटुंगरू और अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से 17 से 23 सितंबर तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेवा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है यह जानकारी बुधवार को विभागीय प्रवक्ता द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के तहत 17 सितंबर 2021 को स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत बुजुर्गों की स्वास्थ्य जांच एवं योग सत्र जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। 18 सितंबर 2021 को बढ़ती उम्र का उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिक से भाषण कविता नृत्य व गीत इत्यादि कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर को सेवा संकल्प दिवस के अंतर्गत वृद्धाश्रम व अन्य संस्थानों का दौरा कर बुजुर्गों से मुलाकात कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 20 सितंबर को आशीर्वाद दिवस के तहत सेल्फी विद द ग्रैंड चिल्ड्रन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाएगा। 21 सितंबर को वरिष्ठ नागरिक सम्मान दिवस के चलते 90 वर्ष या इससे अधिक आयु के बुजुर्गों का सम्मान पौधारोपण व अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। 22 सितंबर को संवाद दिवस का आयोजन कर बुजुर्गों की समस्याओं को जानने तथा उन उन्हें दूर करने के प्रयास व दिशा में लिए जाने वाले निर्णय के संबंध में कार्यक्रम किया जाएगा। सप्ताह के अंतिम 23 सितंबर को प्रज्ञता दिवस के मौके पर बुजुर्गों के ज्ञान व अनुभव को डॉक्यूमेंट्री का रूट दिया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी अपने बुजुर्गों के ज्ञान अनुभव और संघर्षों को समझा कर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञ भाव प्रकट करने में सक्षम हो सकें।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला रमणीक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि रोहडू उपमण्डल के अंतर्गत आने वाली पंचायतों के 120 प्रधानों, उप-प्रधानों एवं वार्ड सदस्यों को विभिन्न कानूनों के बारे में अवगत करवाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रधानों, उप-प्रधानों एवं वार्ड सदस्यों को विभिन्न कानूनों के बारे में डिजिटल तरीके से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को मुफ्त कानूनी सहायता, विवाद के वैकल्पिक समाधान, हिमाचल प्रदेश (अपराध से पीड़ित व्यक्ति) प्रतिकार स्कीम 2019, पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत न्यायिक शक्तियां, घरेलू हिंसा अधिनियम, रिमांड स्टेज पर गिरफ्तार व्यक्तियों के अधिकारों तथा गिरफ्तारी के पहले अधिकारों तथा अधिनियम 41(a) व 41(d) के प्रावधानों के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य, संविधान के अनुच्छेद 23 में मानव दुव्र्यवहार या बेगार का शिकार, महिला या बालक, मानसिक रोगी या विकलांग व्यक्ति, अनपेक्षित अभाव जैसे बहुविनाश जातीय हिंसा, जातीय अत्याचार, बाढ़, सूखा, भूकम्प या औद्योगिक संकट के शिकार, औद्योगिक श्रमिक, करागृह, किशोर, मनोचिकित्सा अस्पताल, मनोचिकित्सकीय परिचर्या गृह में अभिरक्षा में रखे गये व्यक्ति, हिजड़ा समुदाय से सम्बंधित, सामान्य वर्ग का व्यक्ति जिसकी सालाना आय रूपये तीन लाख से कम हो और एच आई वी या एड्स से पीड़ित सभी व्यक्ति विधिक सेवा अधिनियम, 1987 के अनुसार मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार रखते हैं। इस कार्यशाला में उन्होंने गिरफ्तार व्यक्तियों तथा रिमांड स्टेज पर गिरफ्तार व्यक्तियों के अधिकारों तथा गिरफ्तारी के पहले अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पंचायतों के दिवानी मुकदमों से संबंधित कार्यक्षेत्र तथा पंचायत स्तर के फौजदारी मुकदमों में पंचायतों की शक्तियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यशाला में घरेलू हिंसा के विरुद्ध महिलाओं के अधिकारों के बारे में भी बताया गया। अतिरिक्त मुख्य दण्डाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला ने घरेलू हिंसा के अधिनियम के तहत पीड़ित महिलाओं के अधिकारों जैसे संरक्षण आदेश, घर का आदेश, खाने खर्चे का आदेश, बच्चे के निगरानी के आदेश तथा मुआवजे के आदेशों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
कुपवी में बुधवार को यूथ कांग्रेस ने एक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में कुपवी कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता भी शामिल रहे । इस बैठक में कुपवी क्षेत्र से सम्बन्धित आम समस्याओं व विशेष मुद्दों के लेकर गहन चर्चा हुई। बैठक में यूथ कांग्रेस ने भाजपा सरकार व विधायक बलबीर वर्मा पर निशाना साधा। यूथ कांग्रेस ने कहा की समस्त कुपवी की 15 पंचायतें विकास शब्द को सुनने के लिए तरस रही है, 4 साल से ज्यादा समय बीत गया लेकिन कुपवी क्षेत्र विकसित होने कि बजाए पिछड़ता ही जा रहा है। भाजपा विधायक बलबीर वर्मा ने हमेशा कुपवी क्षेत्र की अनदेखी की है ,चुनाव जीतने के समय बलबीर सिंह वर्मा ने कुपवी क्षेत्र के लोगो के साथ जो वादे किए थे वो आज तक झूठे साबित हुए। कांग्रेस ने कहा की भाजपा नेता विधायक बलबीर वर्मा कुपवी क्षेत्र में अब तक मुख्यमंत्री का दौरा नहीं करवा पाए। यदि विधायक कुपवी क्षेत्र को इसी तरह अनदेखा करेंगे , तो समस्त यूथ कांग्रेस क्षेत्र के आम लोगो को साथ लेकर उग्र आंदोलन करेगी। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व कुपवी के पूर्व जिला परिषद हरी सिंह पचनाईक, पुर्व उपप्रधान मंझौली सुरेंद्र लालटा, पुर्व प्रधान कुपवी सुखराम नगराईक,कुपवी युथ कांग्रेस अध्यक्ष राजेश लालटा,मनु रावत समेत कांग्रेस व युथ कांग्रेस के काफी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
आईजीएमसी शिमला में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने कपड़े बदल रही एक महिला स्वास्थ्य कर्मी का वीडियो बना लिया। महिला कर्मी की शिकायत पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपी सफाई कर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह घटना बीते कल की है। पुलिस के मुताबिक महिला स्वास्थ्य कर्मी आईजीएमसी के एक विभाग में तैनात है। आईजीएमसी पहुंचने के बाद ड्यूटी के लिए वह चेंजिंग रूम में जाकर अपनी ड्रेस बदल रही थी। इसी बीच महिला कर्मी ने पाया कि चेंजिंग रूम के बगल वाले कमरे की दीवार के ऊपर एक मोबाइल के जरिये उसका वीडियो बनाया जा रहा है। इस पर घबराई महिला कर्मी चेंजिंग रूम से बाहर निकली तो देखा कि अस्पताल का सफाई कर्मी मोबाइल को ऊपर कर उसका वीडियो बना रहा है। महिला कर्मी ने तुरंत लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी को सूचित किया और आरोपी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई। लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया और मोबाइल भी कब्ज़े में लिया है। डीएसपी हेड क्वार्टर कमल वर्मा ने इस मामले की पुष्टि की है।
आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कुर्सी को लेकर जो भविष्यवाणी की थी वो सही होती दिख रही है। मुख्यमंत्री के लागतार दिल्ली दौरे तो इसी बात की तरफ इशारा कर रहे है। ये बात आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने एक बयान जारी करते हुए कही। पार्टी प्रभारी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि चाल और चरित्र की बात करने वाली पार्टी का चेहरा बदलकर अपनी राजनीति चलाने पर मजबूर है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक मोर्चो पर जयराम ठाकुर सरकार की विफलता किसी से छुपी नही है। इसी असफलता की आड़ में सूबे में एक राजनीतिक वर्चस्व की लडाई भी चल रही है। जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदीयो को किनारे लगाते हुए दिख रहे है। पहले धूमल अब जयराम और शायद आने वाले दिनों में अनुराग ठाकुर खुद को हाशिये पर पाए।
तहसील कोटखाई में बुधवार सुबह एक निजी बस सड़क से बाहर की तरफ पलट गई। बस कोटखाई के कलबोग से शिमला की तरफ जा रही थी। हादसा सुबह करीब 6.30 बजे पेश आया, जिसमे कोई बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह कलबोग से शिमला जा रही एक निजी बस कलबोग से कुछ ही दूरी पर सड़क से बाहर की तरफ पलट गई। हादसे के वक़्त बस में ड्राइवर सहित 7 लोग सवार थे। इनमें 2 व्यक्तियों को हल्की चोटें आने की सूचना है।
आरोग्य भारती हिमाचल प्रदेश एवं अमृत हिमालय फाउंडेशन द्वारा हरित भारत, स्वस्थ भारत विषय पर आयोजित तरंग संगोष्ठी में आरोग्य भारती के राष्ट्रीय सचिव डॉ राकेश पंडित ने कहा कि लगातार वर्षा से हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए खस वैटीवर का रोपण भूमि-कटाव रोकने में कारगर सिद्ध हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हरित भारत बनाने से ही स्वस्थ भारत बनना संभव हो सकता है। डॉ राकेश पंडित ने आवाह्न किया कि सभी लोग कम-से-कम 10 वृक्ष जरुर लगाएं तथा अपने आसपास की भूमि में आहार वन एवं पोषण वाटिका विकसित करें। इससे पृथ्वी भी हरित होगी तथा प्राकृतिक खाद्यान्न से कुपोषण की समस्या दूर होगी और शुद्ध आक्सीजन मिलने से स्वस्थ भारत का संकल्प भी पूरा होगा। । भावनगर से पर्यावरण प्रेमी किशोर भाई भट्ट ने वन संरक्षण-संवर्धन में सीड बॉल के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने आरोग्य भारती एवं अमृत हिमालय फाउंडेशन द्वारा आरोग्य, पर्यावरण संरक्षण एवं पौधारोपण के प्रति लगातार जागरुकता अभियान चलाने के लिए बहुत बधाई दी। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देशभर से पर्यावरण प्रेमी ,चिंतक एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया।
प्रदेश में हो रही भारी बारिश से भूस्खलन की घटनाएं लगातार जारी है। भारी बारिश के कारण सड़क धंसने से NH-205 यातायात के लिए बंद हो गया है। बीती रात हुई बारिश से ज्यूडिशियल अकैडमी घण्डल के पास NH - 205 सड़क पूरी धस गई है। जिससे दोनों तरफ का यातायात पूर्ण रूप से बंद हो गया है। शिमला के लिए ट्रैफिक को घाणाटी, कालीहट्टी रोड़ पर विभाजित कर दिया गया है। राजधानी में बीती कल रात से बारिश का क्रम लगातार जारी है, जिससे भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के शिमला, सिरमौर, ऊना जिला को छोड़ कर अन्य हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है
छराबड़ा राष्ट्रपति निवास “द रिट्रीट’ के स्टाफ सदस्यों में से 3 कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। राष्ट्रपति अब शिमला स्थित राष्ट्रपति भवन ‘द रिट्रीट’ के बजाए ओबेरॉय सीसल में ठहरेंगे। वंही, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के पांच दिनों के लिए शिमला आने का कार्यक्रम में कुछ बदलाव हुआ है। अब उनकी यात्रा कार्यक्रम को घटाकर चार दिन का कर दिया गया है। वह 16 को शिमला पहुंचेंगे और 17 को विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति को तोहफे में फूल, शॉल देने पर पूरी तरह मनाही होगी। कोविड के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शिमला दौरे को लेकर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सभी पुलिस अधिकारियों और अतिथियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। कोविड प्रोटोकाल का हवाला देते हुए कहा गया है कि राष्ट्रपति के संपर्क में आने वालों को हर हाल में कोविड टेस्ट करवाना होगा। इसके लिए विशेष तौर पर जोर दिया गया है कि टेस्ट करवाने और निगेटिव आने के बावजूद अतिथियों व ड्यूटी पर तैनातअधिकारियों-कर्मचारियों को हर समय एन-95 मास्क लगाए रखना जरूरी होगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की ताकत से भयभीत होकर बेबुनियाद बयानबाज़ी कर रही है। कांग्रेस ने खुद केंद्र व प्रदेश में इतनी मज़बूत साकार नही देखी, यह भाजपा की मज़बूत इरादे वाली सरकार है जो कहती है वो करके दिखती है। कांग्रेस के नेता प्रदेश में रैलियों के माध्यम से जो बयानबाज़ी कर रहे है वो पूरी तरह से तथ्यहीन है, जो कांग्रेस का भाजपा से भय दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जनकल्याणकारी योजनाओ से कांग्रेस डर चुकी है, कांग्रेस को साफ दिख रहा है कि वो हिमाचल व देश मे फिर नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंक्ति में सबसे पीछे खड़े व्यक्ति का ध्यान रखते हुए काम किया है और योजनाएं बनाई है, आज गरीबों के लिए पक्की छत सुनिश्चित कर रही है हमारी लोकप्रिय मोदी सरकार। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब तक कुल 1.13 करोड़ से अधिक आवासों के निर्माण की स्वीकृति केंद्र सरकार द्वारा दी जा चुकी है। जिनमें से 50.21 लाख आवासों का निर्माण हो चुका है। उन्होंने कहा की किसानों की फसल का उचित मूल्य दिलाने में सहायता प्रदान करने में हमारी सरकार पीछे नहीं है आज राष्ट्रीय कृषि बाजार ई-नाम पोर्टल के अंतर्गत 18 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की 1,000 मंडियां पोर्टल पर एकीकृत हैं । 1.71 करोड़ से अधिक किसान और 1.74 लाख से अधिक व्यापारी इस पोर्टल पर पंजीकृत हैं। कांग्रेस ने अपने कार्यालय में देश की जनता को गुमराह करने के अलावा कुछ और काम नही किया।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने सोमवार को बिउलिया में हुए भूस्खलन क्षेत्र का दौरा किया तथा स्तिथि का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को आगामी कार्यवाही हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण को इस संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके उपरांत बैठक में निर्णय लिया गया कि शोघी मेहली बायपास मे 14 सितंबर को सुबह 5 बजे से 8 बजे तथा शाम 6 बजे से 10 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए सड़क बंद रहेंगी ताकि लटके हुए पत्थरों को हटा कर आगामी खतरे को टाला जा सके। उन्होंने बताया कि इस दौरान इस क्षेत्र में अनावश्यक यात्राएं टाले। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सचिन कंवल, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, तहसीलदार ग्रामीण संजीव गुप्ता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी अंकुष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय शिमला, हिमाचल प्रदेश द्वारा मैनेजर, लाइफ एडवाइजर, बिज़नस एसोसिएट्स के रिक्त पदों को भरने के लिए वाक इन इंटरव्यू का आयोजन वाईएमसी-शिमला नियर चर्च एंड रिट्ज, द रिज शिमला-171001 में 15 सितंबर को प्रातः 9 बजे से सांय 5 बजे तक आयोजन किया जा रहा है। उन्होनें बताया कि उपरोक्त पदों के लिए ग्रेजुएट, एमबीए, एक्स-बैंकर्स, रिटायर्ड ऑफिसरस, एक्ससर्विसमेन, बिजनेस ओनर आदि भाग ले सकते हैं तथा अधिक जानकारी के लिए 94180-27207 पर संपर्क करें।
हिमाचल प्रदेश ने 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की पात्र आबादी का शत-प्रतिशत टीकाकरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में अब तक पहली और दूसरी खुराक सहित 74 लाख से अधिक खुराकें लोगों को लगाई जा चुकी हैं। आज प्रदेश में केवल 1500 सक्रिय मामले हैं। राज्य सरकार कोरोना को नियन्त्रित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। पहले जहां प्रदेश में 32 आइसीयू सुविधाओं के साथ 440 बिस्तरों वाले 11 समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र थे वहीं वर्तमान में प्रदेश में इस प्रकार के 80 केंद्र हैं जहां 880 आईसीयू बिस्तरों के साथ 8765 बिस्तर की सुविधा है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर 11000 बिस्तरों तक बढ़ाया जा सकता है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज नागरिक अस्पताल पालमपुर में आयोजित वीडियों काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। इससे पूर्व उन्होंने पीएम केयर्स के अन्तर्गत नागरिक अस्पताल पालमपुर में नए स्थापित किए गए पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र जनता को समर्पित किया। यह संयंत्र 100 बिस्तरों को ऑक्सीजन प्रदान करेगा। इस संयंत्र के निर्माण में दो करोड़ रुपये की लागत आई है। डीसीएचसी हरोली में स्थित ऑक्सीजन संयंत्र मैसर्ज नैस्ले इंडिया प्राईवेट लिमिटेड द्वारा प्रदान किया गया है और यह 50 बिस्तरों को ऑक्सीजन की सुविधा प्रदान करेगा। इन दोनों प्लांट की क्षमता 500 एलपीएम प्रति प्लांट है और क्रमश इन्हें लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इन्हें स्थापित किया गया है। जोनल अस्पताल ऊना में पीएम केयर के अन्तर्गत लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से 1000 एलपीएम क्षमता का पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किया गया है जो 144 बिस्तरों को सुविधा प्रदान करेगा। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर, विधायक विशाल नेहरिया, अरुण कूका और मुल्ख राज प्रेमी, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व सांसद कृपाल परमार और पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष प्रोफैसर राम कुमार, एपीएमसी के अध्यक्ष बलबीर बग्गा, उपायुक्त कांगड़ा डाॅ. निपुण जिंदल व उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा खुशाल शर्मा और पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सेन, सीएमओ कांगड़ा डाॅ. जी.डी. गुप्ता, सीएमओ ऊना डाॅ. रमन शर्मा, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
रामपुर: नोगली कलना टनसेरी बत्तूना सड़क पिछले पांच दिनों से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है और विभाग द्वारा अभी तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल करने की कोई भी मशीन नहीं भेजी गई है। गौरतलब है कि पिछले कल विभाग द्वारा ठेकेदार की मशीन भेजी गई, जिसने लगभग एक घंटा कार्य किया और कुछ मैकेनिकल खराबी आने के कारण वापिस चली गई। सड़क बंद होने के कारण तीन गांव के लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बहुत से लोगों को अपनी सब्जी, दूध इत्यादि बेचने के लिए पीठ पर पैदल मंडियों तक पहुंचानी पड़ रही एवं अपनी दुकानों और दफ्तरों तक पैदल अपनी जान जोखिम में डालकर पहुंचना पड़ रहा है। बहुत शर्म की बात है कि विभाग पिछले पांच दिनों से गहरी नींद में सोया हुआ है। बता दे कि अगर विभाग द्वारा सड़क को बहाल करने में कोई कारवाई नहीं ली गई तो ग्रामवासी सड़क में उतरने को विवश हो जाएंगे।
23 जून 2020 को सतलुज नदी में नीम चंद को छलांग लगाकर 17 वर्षीय बालक राहुल रैना ने डूबने से बचाया था। इस कार्य के लिए सरकार द्वारा प्रदेश के सबसे बड़े "हिमाचल गौरव पुरस्कार" 2021 से सम्मानित किया गया था। तत्तापानी निवासी राहुल रैना का रविवार को तत्तापानी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। बताया जा रहा है कि यह इतिहास में सबसे कम उम्र के "हिमाचल गौरव पुरस्कार" से सम्मानित बालक हैं। गौरतलब है कि अपने जीवन की परवाह किए बगैर दूसरे के जीवन को मौत के मुंह से निकालना ईश्वरीय प्रेरणा से ही संभव है। हीरामणि भारद्वाज ने कहा कि राहुल को मिला सम्मान समाज के युवा वर्ग के लिए लिए प्रेरणा है। राहुल का यह सराहनीय कार्य प्रेम रैना परिवार के संस्कारों की अमूल्य निधि है। राहुल के पिता समाज सेवी प्रेम रैना ने राहुल के स्वागत के लिए तत्तापानी वासियों का भावुक भाव से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्म की सार्थकता पुरषार्थ में है।
मुख्यमंत्री एवं विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान न्यास (वीएमआरटी) के मुख्य संरक्षक जय राम ठाकुर ने विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान न्यास (वीएमआरटी) द्वारा जनता को प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर खुशी व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और अन्य ट्रस्टियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में न्यास द्वारा अपने परिसर में लोगों को दो प्रमुख सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। शांता कुमार ने दशकों पहले क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का सपना संजोया था और वर्तमान में ट्रस्ट के माध्यम से उन्होंने यह साबित किया है। उन्होंने आज विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान न्यास, पालमपुर के परिसर में आयोजित बैठक में यह बात कही। वर्ष 2005 में कायाकल्प में एक कलस्टर उपचार प्रणाली के अन्तर्गत योग, नेचुरोपेथी, पंचकर्म और फिजियोथेरेपी सेवाएं आरम्भ की गई थीं। उन्होंने कहा कि विवेकानंद अस्पताल को स्थापना की प्रारम्भिक अवधि में बहुत सारी बाधाओं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और वर्षों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2012 में इसे शुरू किया गया। हिमाचल प्रदेश में कायाकल्प पहला आयुष अस्पताल है जिसे अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता हेतू राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) द्वारा अनुशंसा प्रदान की गई है। इस अस्पताल ने जीवनशैली से संबंधित रोगों के उपचार में देश-विदेश में अच्छा नाम कमाया है। क्षेत्र के लोगों को उनके घर-द्वार के निकट उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर आपात स्थिति में बड़ी संख्या में बहुमूल्य मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें शांता कुमार की नई परियोजना के संकल्प के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है, जिसकी आधारशिला रखी जा चुकी है। इस परियोजना के अन्तर्गत विश्रांति नाम से वयोवृद्ध सेवा केंद्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस ट्रस्ट के सुचारू संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। यहां एमआरआई की सुविधा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और आवश्यकता के समय हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।जय राम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि वीएमआरटी द्वारा दो माह के भीतर कैथलैब स्थापित करने संबंधी रूप रेखा तैयार कर ली जाएगी। परिसर में शहीद सौरभ कालिया नर्सिंग काॅलेज और धर्मगुरू दलाईलामा की इच्छानुसार कैलाश ब्लाॅक के माध्यम से चिकित्सा और स्वास्थ्य गतिविधियों में नए चरण की शुरूआत होगी। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई एकीकृत स्वास्थ्य सुविधाओं की अवधारणा को वीएमआरटी ने साकार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को हिमाचल प्रदेश की पात्र व्यस्क आबादी के कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक का शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बधाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री और वीएमआरटी के अध्यक्ष शांता कुमार ने बैठक में उपस्थित जय राम ठाकुर और अन्य लोगों का स्वागत किया। उन्होंने विवेकानंद चिकित्सा अनुसंधान ट्रस्ट की स्थापना के इतिहास को स्मरण करते हुए वर्तमान में चल रही बैठक को ऐतिहासिक बताया। जय प्रकाश सेवा संस्थान के संस्थापक जे.पी. गौड ने हिमाचल प्रदेश में एक उद्यमी के रूप में अपनी यात्रा को सांझा किया।वीएमआरटी के प्रबन्ध ट्रस्टी मनोज गौड ने बैठक का संचालन करते हुए ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री व अन्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वीएमआरटी में निर्धारित अवधि के अंदर कैथ लैब आरम्भ हो जाएगी।
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अब सरकार 30 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन चलाने की तैयारी में है, इसके लिए सरकार ने परिवहन विभाग को प्लान बनाने के लिए निर्देश जारी कर दिए है। सरकार ने विभाग को यह भी निर्देश दिए है कि सड़क के साथ दुकानों और पेट्रोल पंपों में चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने का खाखा तैयार करे। बता दें कि हिमाचल में सरकारी क्षेत्र में 120 छोटे-बड़े इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं। सरकारी क्षेत्र में भी पेट्रोल और डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर विचार चल रहा है। खाद्य आपूर्ति निगम ने इलेक्ट्रिक वाहन बेचने का फैसला लिया है। जिस किसी व्यक्ति को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना है, वह खाद्य आपूर्ति निगम के पास आवेदन कर सकता है। निगम कंपनी से संपर्क कर लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराएगा। शिमला में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा छोटे इलेक्ट्रिक वाहन भी दौड़ाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें कामयाब हुई हैं। इसके चलते धर्मशाला और अन्य शहरों के लिए भी इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं।
सरदार सरबजीत सिंह यानी वेला बॉबी, वेला इसलिए कि यह असरदार सरदार केवल अपने लिए नहीं जीता बल्कि इनका जीवन मानवता की सेवा में समर्पित हैं। विशेषकर आईजीएमसी आने वाले मरीजों व तीमारदारों के लिए सरबजीत सिंह बॉबी नायक हैं। दरअसल बॉबी की संस्था ऑलमाइटी ब्लैसिंग्स बीते कई सालों से अस्पताल में निशुल्क लंगर का संचालन करती आई है, जहाँ रोज़ाना कम से कम तीन हजार लोग चाय-नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन पाते हैं। इसके अलावा सरबजीत की संस्था कैंसर और अन्य गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा का संचालन करती है और कोविड संकट में भी उनकी यह सेवा जारी रही। बॉबी की संस्था रोटी बैंक का संचालन भी करती है। सरबजीत सिंह ने अक्टूबर 2014 में कैंसर अस्पताल शिमला में मरीजों के लिए चाय-बिस्किट सेवा की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे मरीजों को सूप, दलिया देने लगे। लोगों का सहयोग मिला तो चावल, दाल, खिचड़ी का प्रबंध किया। फिर सुबह से लेकर रात तक तीन हजार से अधिक लोग निशुल्क भरपेट भोजन पाने लगे। प्रदेश के कोने-कोने से शिमला स्थित रीजनल कैंसर अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों से अगर कोई पूछे कि सरबजीत सिंह कौन है तो उन लोगों के भाव सारी कहानी कह देते हैं। इस संस्था से जुड़ा एक और बेहद सुखद पहलू है और वो है स्कूली बच्चों को मानव सेवा के इस अभियान से जोड़ना। दरअसल सरबजीत सिंह ने पीड़ित मानवता की सेवा के लिए कुछ साल पहले शहर के स्कूली बच्चों के सामने 'एक रोटी रोज' का मंत्र रखा। नतीजन शिमला के कई स्कूलों के बच्चे रोटियां एक्सट्रा लाने लगे। स्कूली बच्चों से यह रोटियां एकत्रित कर लंगर में दी जाती है। संस्था ने रोटियां गर्म करने के लिए खास मशीन खरीदी है। इसके अलावा स्कूली बच्चे घरों से एक मुट्ठी अन्न भी लाते थे, ये सिलसिला लगातार चला। पर बीते दिनों पुलिस बल का प्रयोग कर ये लंगर बंद करवाने की कोशिश की गई। आईजीएमसी प्रशासन ने इस लंगर को अवैध बताकर इसका बिजली व पानी का कनेक्शन काट दिया। इसके बाद प्रदेश के हर हिस्से के लोग सरबजीत सिंह बॉबी के साथ दिखे है। बेशक प्रशासन की कार्रवाई कानून और नियमों के दायरे में है, पर सवाल ये है कि क्या जरूरतमंदों की सहायता करने वाली इस संस्था के खिलाफ ऐसी कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प था ? यदि कोई अनियमितता थी भी तो क्या पहल कर उसे दूर नहीं किया जा सकता था ? जनता सवाल उठा रही है कि बॉबी की संस्था को अवैध बताकर कार्रवाई करने वाला प्रशासन सैकड़ों अवैध निर्माण के मामले में ऐसी इच्छाशक्ति क्यों नहीं दिखाता ? ये है आईजीएमसी का तर्क आईजीएमसी प्रशासन ने संस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने संस्था द्वारा लंगर के आयोजन के लिए इस्तेमाल हो रहे अस्पताल के बिजली और पानी को चोरी करार दिया और संस्था को आ रहे धन के स्त्रोतों पर भी सवाल खड़े कि ये हैं। एमएस डॉ जनकराज का कहना है कि 2014 में तत्कालीन सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि संस्था को ना कोई जगह दी जाए ना ही कोई अन्य गतिविधि की इजाज़त, केवल बनी हुई चाय और खिचड़ी को बाँटने की इजाज़त दी गयी थी। वर्ष 2016 में इस संस्था ने चाय बिस्कुट बांटने का कार्य शुरू किया था। उसके बाद इन्होने कैंसर अस्पताल के अंदर खाना बनाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने यह भी कहा की अस्पताल के पास बहुत सारी एनजीओ के आवेदन आते रहते है की हमे भी दान पुण्य करने के लिए जगह दी जाये। उन्होंने यह भी कहा कि भावनाओं से व्यवस्था नहीं चलती है, व्यवस्था को चलाने के लिए कानून और नियमों के अनुरूप कार्य करना होता है। सेवा के नाम पर अराजकता को नहीं पनपने दिया जा सकता। बताया जा रहा है कि जब आईजीएमसी की ओर से बॉबी को लंगर की परमीशन दी गई थी, तो उसमें केवल सर्व करने की ही परमीशन थी, लेकिन बॉबी ने वहां पर धीरे-धीरे किचन बना दिया। आरोप है कि अस्पताल में लंगर लगाते हुए सात साल बीत चुके हैं, लेकिन लंगर का टेंडर सिर्फ एक साल के लिए दिया गया था। यानी करीब छह सालों से यह लंगर अवैध रूप से चला हुआ है। सवाल ये है कि इन छ वर्षों तक प्रशासन कहाँ सोया रहा और अब अचानक ऐसी क्या परिस्थिति आ गई कि लंगर को पूरी तरह से बंद करवाना पड़ रहा है। बहरहाल आईजीएमसी प्रशासन जो भी कहे, भले ही कानून और नियमो का तर्क दे लेकिन जन भावनाएं बॉबी के साथ दिख रही है। सैकड़ों संस्थाएं और हज़ारों लोग बॉबी के समर्थन में उतर आये है और सोशल मीडिया पर इसकी झलक स्पष्ट दिख रही है। आमजन के बीच सरकार की भी इस मामले में खूब आलोचना हुई है। ऐसे में बढ़ते विवाद के बीच सरकार ने जांच बैठा दी है। राज्य सरकार के गृह विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई। इस मामले की जांच का ज़िम्मा शिमला जिला न्यायिक अधिकारी राहुल चौहान को सौंपा गया है और उन्हें पद्रंह दिन के अंदर इस पूरे प्रकरण पर अपनी रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
प्रदेश के अस्पतालों में मरीज़ों को बेहतर सुविधा के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी के चलते सोमवार को प्रदेश के पांच अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार को पालमपुर अस्पताल में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने के साथ वही से वर्चुअल तरीके से चार अन्य ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ करेंगे। जिसमें पालमपुर से ही जिला कांगड़ा के दो और जिला ऊना के तीन ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री विवेकानंद मेडिकल रिसर्च ट्रस्ट की बैठक में शिरकत करेंगे। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सहजल भी मौजूद रहेंगे। पालमपुर के साथ जिला कांगड़ा के जोनल अस्पताल , धर्मशाला और जिला ऊना के जोनल अस्पताल ऊना, सिविल अस्पताल हरोली व सीसीएस पालकवाह के पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पालमपुर से ही वर्चुअल तरीके से करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम को शिमला के लिए रवाना होंगे ।
हैली टैक्सी कंपनी द्वारा अपने यात्रियों की सुविधा के लिये किराये में भारी कटौती की गई है। अब धर्मशाला-चंडीगढ़ हवाई यात्रा के लिए यात्रियों को अब 5700 रुपये चुकाने होंगे वहीँ इससे पहले यात्रियों से कंपनी द्वारा 8000 रूपए किराया वसूल किया जाता था। इसके साथ ही अब धर्मशाला - शिमला रूट पर भी कंपनी किराया कम करने की योजना बना रही है। धर्मशाला-चंडीगढ़ वाया शिमला रूट पर यह हैली टैक्सी सप्ताह के मंगलवार, बुधवार और वीरवार को उड़ान भरती है। कंपनी प्रबंधक अनुसार कॅरोना काल में अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा और उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए हैली टैक्सी शिमला-धर्मशाला हवाई ट्रैक पर भी किराये में कमी करने की योजना बना रही है। इस समय में गगल एयरपोर्ट से राजधानी शिमला के लिए कंपनी की ओर से 5003 रुपये वसूले जाते हैं। हेली टैक्सी धर्मशाला से 12 बजे चलती है, एक बजे शिमला और एक बजकर 45 मिनट पर चंडीगढ़ पहुंचती है।
कोटखाई क्षेत्र की जनता के लिए कोटखाई से हरिद्वार बस सेवा की सुविधा रविवार से शुरू कर दी गई है। इसका शुभारंभ शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज द्वारा किया गया। कोटखाई से बस का समय शाम 5:30 का होगा जो शिमला से 8:10 पर हरिद्वार के लिए चलेगी और सुबह 5:40 पर हरिद्वार पहुंचेगी। वहीं बस हरिद्वार से शाम 6:40 पर चलेगी व सुबह 6:40 पर कोटखाई पहुंचेगी। कोटखाई से हरिद्वार बस सेवा वाया चंडीगढ़, अंबाला, सहारनपुर होकर हरिद्वार के लिए शुरू की गई है। इसके चलने से बागवानों को सेब सीजन में आने वाली लेबर के लिए सुविधा मिल पाएगी। इस मौके पर आईटी प्रमुख चेतन बरागटा, जिला परिषद सदस्य अनिल कालटा, आर एम एचआरटीसी विनोद शर्मा, मंडल अध्यक्ष जुब्बल कोटखाई भाजपा गोपाल जबैईक मौजूद रहे।
भाजपा हिमाचल प्रदेश के सेवा और समर्पण अभियान को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया। बैठक में भाजपा संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश पदाधिकारी, संसदीय क्षेत्र प्रभारी, संसदीय क्षेत्र विस्तारक, जिला प्रभारी, सह-प्रभारी, जिला अध्यक्ष एवं सेवा और समर्पण अभियान प्रदेश संचालन टोली ने भाग लिया। कार्यक्रम प्रभारी संजीव कटवाल और प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने बैठक का संचालन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक भाजपा सेवा और समर्पण अभियान चलाएगी भाजपा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बूथ स्तर पर भाजपा सेवा कार्य करने जा रही है। इन कार्यक्रमो के लिए प्रभारी नियुक्त कर दिए गए है। उन्होंने बताया कि 21 दिन तक यह सब सेवा कार्य चलने वाले है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को महिला मोर्चा की अध्यक्षा रश्मि धार सूद और युवा मोर्चा के अध्यक्ष अमित ठाकुर की देख रेख में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा एवं हस्पतालों में फल वितरण होंगे ।उन्होंने कहा को 25 सितंबर को भाजपा के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राम सिंह और धनेश्वरी ठाकुर की देख रेख में 7792 बूथों पर कायक्रमो का आयोजन किया जाएगा और उनकी जीवनी पर संगोष्ठी एवं उनको पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। भाजपा कार्यकर्ता टिकाकरण केंद्रों पर सेवा कार्य भी करेंगे और हर विधानसभा क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए धन्यवाद पत्र भेजे जाएंगे। 26 सितंबर को हर बूथ पर भाजपा कार्यकर्ता मन की बात कार्यक्रम सुनेंगे। उन्होंने कहा 2 अक्टूबर को प्रदेश सचिव बिहारी लाल शर्मा एवं किसान मोर्चा के अध्यक्ष राकेश बब्ली की देख रेख में स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम हर बूथ पर आयोजित किए जाएंगे, खादी को बढ़ावा देते हुए खादी का बढ़ चढ़ कर उपयोग किया जाएगा, छोटे शिल्पकाको को प्रोत्साहित करने के कार्यक्रम किए जाएंगे और इस प्रकार से महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी जाएगी। उन्होंने कक गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राशन वितरण का कार्यक्रम पूरे प्रदेश भर में किए जाएंगे। भाजपा मुख्यप्रवक्ता रणधीर शर्मा व सह मीडिया प्रभाती सुमित शर्मा इस कार्यक्रमों से संबंधित प्रचार प्रसार का काम देखेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा स्वयं इन सभी सेवा कार्यों की मॉनिटरिंग करेंगे।
एस.सी.वी.टी.पी.टी.आई. संघ, मण्डी के एक प्रतिनिधिमण्डल ने अध्यक्ष पप्पू भाटिया के नेतृत्व में रविवार को ओक ओवर शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट की और उन्हें संघ की विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
चार वर्षो तक जुब्बल-नावर-कोटखाई की सुध तक नही ली और उप चुनाव को देखते हुए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज को अब हमारे क्षेत्र की याद आई हैं। यह बात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, ब्लॉक कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मुन्नीलाल नरसेठ, पंचायत समिति जुब्बल-कोटखाई की अध्यक्षा रेखा चौहान, देविन्दर नेगी, निदेशक हिमाचल प्रदेश सहकारी, कृषि एवम् ग्रामीण विकास बैंक, भीम सिंह झौहटा निदेशक हिम्फेड़, कौशल मुंगटा जिला परिषद सदस्य सरस्वती नगर, नगर पंचायत कोटखाई की अध्यक्षा अंजली चौहान, उपाध्यक्ष प्रमोद वर्मा, यशवंत जस्टा उपाध्यक्ष पंचायत समिति आदि ने सँयुक्त ब्यान में कहीं। चार वर्षो वर्ष बाद याद आया जुब्बल-नावर-कोटखाई उन्होंने कहा कि सुरेश भारद्वाज के जिला शिमला से एकमात्र मंत्री होने से जहां सम्पूर्ण जिले के प्रति उनकी जिम्मेदारी बनती थी वहीं उनके कार्यकलापों से समस्त जिला शिमला के साथ जुब्बल-नावर-कोटखाई की जनता को भी घोर निराशा ही हाथ लगी हैं। एक ओर जयराम सरकार जिला शिमला के साथ हर क्षेत्र में भेदभाव करती रही दूसरी ओर सुरेश भारद्वाज धृतराष्ट्र बनकर देखते रहें। चार वर्षो के कार्यकाल में सुरेश भारद्वाज एक बार भी आधिकारिक दौरे पर जुब्बल-नावर-कोटखाई नहीं आएं और अब उप चुनाव को देखते हुए हितैषी बनने का नाटक कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि सुरेश भारद्वाज के पास शिक्षा जैसा महत्वपूर्ण विभाग रहा और इनके कार्यकाल में जिला शिमला में एक शिक्षण संस्थान खुलना तो दूर की बात हैं प्रदेश भर में जिला शिमला के स्कुलों में सर्वाधिक अध्यापकों के पद रिक्त रहें। मास्क वितरण पर गृह युद्ध छेड़ा और अब बनें एक-दूसरे के कर्णधार उन्होंने कहा कि शिमला के मास्क वितरण के द्वन्द में सुरेश भारद्वाज और चेतन बरागटा के बीच डेढ़ वर्ष तक गृह युद्ध छिड़ा रहा। दोनों मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक एक दूसरें की शिकायतें भी करते रहें और आएं दिन ये जंग अख़बारों में सुर्खियां पर रहा जिससे भाजपा की जग हसाई हुई। भाजपा के अंतर्कलह का जुब्बल-नावर-कोटखाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ा। कोरोना काल के संकट में चेतन बरागटा जुब्बल-नावर-कोटखाई को छोड़ मास्क बांटने के बहाने शिमला में राजनीतिक ज़मीन तलाशने में लगे रहें और अब बदली परिस्थितियों में जुब्बल-नावर-कोटखाई आकर जनता को बनावटी विज़न दिखा रहें हैं। उन्होंने कहा कि अब सुरेश भारद्वाज और चेतन बरागटा जुब्बल-नावर-कोटखाई में उप-चुनाव को देखते हुए एक दूसरें के खे़वनहार बने हुए हैं मग़र ये पब्लिक हैं, सब जानती हैं। बाग़वानों के प्रति उदासीन उन्होंने कहा कि उपरी शिमला के बाग़वानों को उम्मीद थी कि मन्त्री सुरेश भारद्वाज सेब पर आएं संकट को दूर करने के लिए पहल करेंगे लेकिन वरिष्ठ मंत्री के नकारात्मक ब्यान से उनके ज्ञान और रुचि का पता चलता हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री ने अपने बयान के द्वारा जले पर नमक छिड़कने का काम किया हैं जो कि बाग़वानों के प्रति उदासीनता को दर्शाता हैं। उन्होंने कहा कि कीटनाशक- फफूंदनाशक दवाइयों पर अनुदान ख़त्म करना भाजपा सरकार का बागवान विरोधी निर्णय हैं। भाजपा सरकार ने हार सामने देख टालें चुनाव भाजपा सरकार प्रदेश में जहां जन आर्शीवाद यात्रा, स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा और जनमंच का आयोजन कर रही हैं वहीं मुख्यमंत्री और मंत्री भारी भीड़ इक्कठी कर जनसभाएं कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं प्रदेश सरकार कबायली ज़िलों में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवा रही हैं जिसमें कोरोना संक्रमण फ़ैलने का कोई भय नहीं जबकि हार सामने देख प्रदेश सरकार ने कोरोना का बहाना बना कर उप-चुनाव से हाथ खींच लिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने प्रदेश सरकार के इशारों पर केंद्रीय चुनाव आयोग को ग़ुमराह करने वाले तथ्यों देकर उप-चुनाव टालनें का कार्य किया हैं। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जुब्बल-नावर-कोटखाई को मंत्री पद का झुनझुना दिया था और आज उप-चुनाव टाल कर भाजपा ने बिना विधायक की विधानसभा बना कर रख दी हैं। चेतन बरागटा असंवैधानिक अधिकार (Unconstitutional Authority) से घोषणाएं कर रहें हैं और अधिकारियों को धमका रहें हैं। उन्होंने कहा कि आएं दिन जुब्बल-नावर-कोटखाई में चेतन बरागटा असंवैधानिक तरीक़े से स्वंयम्भू विधायक बनकर घोषणाएं कर रहें हैं जिसके कई वीडियो अक़्सर सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहें हैं। इतना ही नहीं चेतन बरागटा अपने चहेतों को लाभ पहुँचाने के लिए अफ़सरों को धमका रहें हैं। अंत में उन्होंने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई की जनता कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मन बना चुकी हैं और भाजपा सरकार की उप-चुनाव से प्रेरित घोषणाओं में नहीं आने वाली। जनता बेसब्री से उप चुनाव का इंतज़ार कर रही हैं और जब भी चुनाव होगें जनता भाजपा सरकार से अपना हिसाब सूत समेत चुकता करेगीं।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के इस्तीफे के बाद तेजी से बदले घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी (हिमाचल प्रदेश) ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर तंज कसा है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि गुजरात में मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद हिमाचल के सीएम की कुर्सी भी जाती दिख रही है। ऐसे में 'आप' की सलाह है कि भाजपा को सूबे में ऐसी किसी भी कवायद से बचना चाहिए क्योंकि 15 महीने बाद होने वाले चुनाव में जनता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा सरकार दोनों को ही बदल देगी। उत्तराखंड, कर्नाटक और अब गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन के बाद सूबे में भी बदलाव की अटकलें तेज़ हो गयी है। पार्टी ने कहा कि ये सर्वविदित है कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की कुर्सी जाने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है, गुजरात में 'आप' की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता। जिस पर अंकुश लगाने में विफल होने पर उनको यह कीमत चुकानी पड़ी है। हिमाचल में भी आम आदमी पार्टी तेज़ी से अपने पांव पसार रही है। संगठन विस्तार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, साथ ही कई बड़े नाम भी पार्टी से लगातार जुड़ रहे है। पार्टी चाहती है कि सीएम की विफलताओं का जवाब जनता वोट से दे, जिसका वो मन बना चुकी है। गुजरात और हिमाचल के चुनाव 15 महीने बाद एक साथ होने है तो भाजपा मुख्यमंत्री बदल कर अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश हिमाचल में न ही करे तो बेहतर है।
राजधानी में भारी बरसात होने के कारण विकास नगर से ब्रॉक होस्ट छोटा शिमला की तरफ जाने वाली सड़क, जो विकास नगर बाईफ्रिक्शन से 50 मीटर आगे ब्रोककॉस्ट की तरफ है, वहां ऊपर पहाड़ी से लैंडस्लाइड हुआ है। इस कारण आने जाने वाली गाड़ियों तथा लोगों को आने जाने में परेशानी आ रही है। छोटा शिमला थाने से पुलिस मौके पर पहुंच गई है। इस हादसे में कोई भी जानी व माली नुकसान नहीं हुआ है।
शिमला व्यापार मंडल द्वारा सर्वसम्मति से करवाए गए व्यापार मंडल के चुनावों के खिलाफ शहर के कारोबारियों ने मोर्चा खोल दिया है और कारोबारी सर्वसम्मति से नहीं बल्कि चुनाव के जरिए व्यापार मंडल का गठन करने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर व्यापार मंडल के पूर्व पदाधिकारी बाजारों में जाकर कारोबारियों को एकजुट कर रहे हैं और रविवार को जैन हॉल में चुनावों को लेकर बैठक बुलाई गई है, जिसमें चुनावों पर चर्चा की जाएगी। शनिवार को व्यापार मंडल के पूर्व महासचिव संजीव ठाकुर सहित कई कारोबारी ने लोअर बाजार, गंज बाजार में कारोबारियों को पेम्पलेट वितरित किए और रविवार को होने वाली बैठक में आने का अग्राह किया गया। संजीव ठाकुर ने कहा कि व्यापार मंडल के चुनाव 12 सितंबर में होने तय हुए थे, लेकिन चुनाव समिति ने बन्द कमरे में सर्वसम्मति से कार्यकारणी का गठन अपनी मर्जी से कर दिया, जबकि चार पैनल ने अपने नामंकन भरे थे। इसी कारोबारियों की राय जानने के लिए रविवार को जैन हाल में बैठक बुलाई गई है जहाँ चुनावों को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। शहर के कारोबारी भी चुनाव न करवाने से नाखुश है और मतदान करवाकर कार्यकारणी का गठन करने की मांग कर रहे है। शहर के दुकानदारों का कहना है कि पहले से ही व्यापार मंडल के सभी पदाधिकारी चुनाव के जरिए चुने जाते रहे है। लेकिन अब कुछ कारोबारियों ने कमरे में बैठ कर अपनी मनमर्जी से प्रधान सहित अन्य कार्यकारणी का गठन कर दिया है जोकि सही नही है और शहर के कारोबारी चुनाव चाहते है। बता दें कि शिमला व्यापार मंडल के चुनाव 12 सितंबर को रखे गए थे। इसके लिए 21 कारोबारी नेताओं ने दावेदारी पेश की थी। एक कारोबारी का नामांकन रद्द होने के बाद 20 कारोबारी चुनाव मैदान में थे। लेकिन चुनाव से पहले ही आपसी सहमति बनाकर कारोबारियों ने नया व्यापार मंडल बना दिया। जिसमे हरजीत मंगा को अध्यक्ष चुना गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्वर्णजयंती समारोह के अवसर पर 17 सितम्बर को आयोजित किए जाने वाले विधानसभा के विशेष सत्र के लिए नई दिल्ली में विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने भाजपा प्रभारी अविनाश खन्ना को निमंत्रण दिया है । इस कड़ी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार पहले ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को न्यौता दे चूके हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने नई दिल्ली में प्रभारी अविनाश राय खन्ना से स्वर्णजयंती समारोह के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती के लिए 1 से 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस बार कांस्टेबलों के 1334 पदों के लिए भर्ती का नोटिस जारी किया गया है। पहले के मुकाबले आवेदक इस बार ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदक शुल्क जमा करवा सकते है। आवेदन करने की अधिकतम उम्र सीमा में कोविड के चलते दो साल की छूट दी गई है। महिलाओं को पहली बार भर्ती में 25 फीसदी आरक्षण का विशेष प्रावधान है और वहीं आर्थिक रूप से कमज़ोर गरीब स्वर्णों के आवेदकों को भी पहली बार आरक्षण मिलेगा। कुल 1334 पदों में 932 पुरुष और 311 महिला कांस्टेबल के अलावा 91 पुरुष चालक कांस्टेबल के पद शामिल हैं। 6 चरण में होने वाली इस भर्ती को जिला रिक्रूटमेंट कमेटी (डीआरसी) आयोजित करेगी। सभी डीआरसी भर्ती की तारीख के लिए अलग से अधिसूचना जारी करेगी। पहला चरण ऑनलाइन रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन व फीस जमा करने का होगा। अगले चरण में भर्ती शेड्यूल और स्थान नोटिफाई होंगे। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा, दस्तावेजों की स्क्रूटनी और अंत में मेडिकल परीक्षण होगा। भर्ती प्रक्रिया अधिकतम 100 अंकों की होगी जिसमें लंबाई के अधिकतम 5 अंक, लिखित परीक्षा के अधिकतम 80 और सर्टिफिकेट परीक्षण के अधिकतम 15 अंक दिए जाएंगे। चयनित हुए सभी अभ्यर्थियों को 8 साल की सेवा के बाद ही नियमित ग्रेड मिल पाएगा। भर्ती के लिए पात्रता हेतु 31 अक्तूबर को अधिकतम व न्यूनतम आयु सीमा को कैलकुलेट करने के लिए कट ऑफ डेट निर्धारित किया गया है। इसी तरह हाई स्कूल की न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता के लिए भी 31 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गई है। सभी जरूरी सर्टिफिकेट जिनमें हिमाचली बोनाफाइड, आरक्षण श्रेणी सर्टिफिकेट और पुरुष कांस्टेबल चालक के लिए भारी परिवहन ड्राइविंग लाइसेंस 31 अक्तूबर तक वैलिड होने जरूरी होंग। 6 श्रेणी में होने वाले आवेदनों में सामान्य, गोरखा और होमगार्ड श्रेणी के लिए 200 रुपये, एससी, एसटी, ओबीसी, बीपीएल, ईडब्ल्यूएस, महिला व ओबीसी, एससी, एसटी श्रेणी के होमगार्ड के लिए प्रोसेसिंग फीस 50 रुपये रखी है। अन्य वर्षो के मुकाबले इस बार कोरोना प्रोटोकॉल के चलते पुलिस मुख्यालय ने आवेदन शुल्क बढ़ाया है।
बाल विकास परियोजना मशोबरा स्थित टुटू द्वारा आज ग्राम पंचायत दुधालटी में पोषण माह के अन्तर्गत परियोजना स्तरीय पोषण दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त किरण बड़ाना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त किरण भड़ाना ने अपने सम्बोधन में महिलाओं को सही पोषण व आत्मनिर्भर होने तथा महिला सषक्तिकरण की ओर आगे बढ़ने का आहवान करने हुए कहा कि सरकार द्वारा जच्चा-बच्चा के भरण पोषण तथा महिलओं के कल्याण व उत्थान के लिए अनेकों योजनाऐं चलाई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वंय सहायता समिूहों के अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा प्रात्साहन राषि प्रदान की जा रही है । इन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मातृवन्दना व स्वय सहायता समूहों से लाभान्वित हो रही महिलाओं के साथ वार्तालाप भी किया । व इन महलाओं ने अपने अनुभव भी साझां किए। किरण बड़ाना द्वारा बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं के हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत भी की गई । इसके अतिरिक्त उनके द्वारा गोद भराई व अन्न प्राषन की रस्म अदायगी भी की गई। उन्होंने मशोबरा परियोजना स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया । मातृ वंदना योजना के अन्तर्गत सर्वाधिक महिलाओं को लाभान्वित करवाने के लिए पर्यवेक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रथम व द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चौहान ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए पोषण माह से सम्बन्धित तथा विभाग द्वारा महिलाओं के कल्याण व उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों से भी आहवान किया कि वे विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ अपनी अपनी पंचायत क्षेत्र की महिलाओं तक पहुंचाने के लिए प्रयास करें। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्यगण, दुधालटी व घनाहटी पंचायत प्रधान व उपप्रधान, परियोजना के अन्तर्गत कार्यरत सभी पर्यवेक्षकों व विभिन्न वृतों से आई आंगनवाडी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं सहित स्थानीय समुदाय के लोगों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डा0 राजीव सैजल की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला रोगी कल्याण समिति के नियामक मण्डल की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वर्ष 2021-22 में 177 लाख रुपए की प्राप्ति तथा 380 लाख रुपए का अनुमानित बजट को अनुमोदित किया गया । वहीं वितिय वर्ष 2019-20 में 71 लाख तथा 2020-21 में 175 लाख रुपए के व्यय को भी समिति द्वारा अनुमोदित किया गया। उन्होनें बताया कि डैंटल काॅलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं को ओर बेहतर बनाने के उद्ेश्य से 250 किलो वोल्ट एम्पियर डी0 जी0 सेट खरीदने की अनुमति प्रदान की गई। जिससे ओ पी डी की सभी कुर्सियों को डी0 जी0 सेट के साथ जोड़ा जाएगा ताकि बिजली जाने की स्थिती में डाक्टरों तथा मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त मुख चिकित्सा एवं रेडियोलॉजी विभाग के लिए एक नई 3डी सीबीसीटी मशीन खरीदने की अनुमति भी प्रदान की गई। जिसकी लागत लगभग 65 से 70 लाख रुपए आंकी गई है। ये मशीन ट्रॉमा, ऑर्थो, इम्प्लांट, आरसीटी आदि मामलों के रोगियों का फायदेमंद रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के साथ लगते राज्य के सरकारी अस्पतालों एवं कॉलेजों के यूजर चार्जेज को ध्यान में रखते हुए समिति द्वारा कुछ टेस्ट के यूजर चार्जेज में संशोधन किया गया ताकि डेंटल कॉलेज में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि यह निर्णय लागत सामग्री के दर वृद्धि को ध्यान में रखते हुए लिया गया है तथा दर में वृद्धि लागत सामग्री से ज्यादा नहीं रखा गया है ताकि गरीब व्यक्ति अस्पताल में अपना इलाज करवा सके। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अस्पताल में बीपीएल, आईआरडीपी, कैंसर, क्षय रोग, एचआईवी पॉजिटिव, 40 प्रतिशत से अधिक विकलांग, स्वतंत्रता सेनानी एवं 18 साल से कम उम्र के लोगों का मुफ्त उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में आने वाले मरीजों तथा छात्रों को स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अस्पताल के हर मंजिल में एक्वागार्ड लगाने की भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त काॅलेज में फ्री वाई फाई उपलब्ध करवाया जाएगा तथा कॉलेज के छात्रों एवं कर्मचारियों को आने जाने की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से सरकारी एजेंसी से बस हायर करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा0 रजनीश पठानिया, प्रधानाचार्य डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल डा0 आशु गुप्ता, सदस्य सचिव देवेन्द्र पाॅल, चिकित्सा अधीक्षक डेंटल कॉलेज डा0 नरवीर ठाकुर एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
नगर निगम शिमला में यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फाॅर इन्टरनेशनल डवेलप्मेंट, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और केन्द्र सरकार के अंतर्गत आपदा प्रबंधन परियोजना कार्य क्रियान्वित किया जा रहा है। जिसके तहत शिमला शहर के लिए आपदा प्रबंधन की 4 नई योजनाएं विकसित की गई है। जिनकी जानकारी शिमला नगर निगम के पार्षदों को प्रदान किया जा रही है। शहरी विकास आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शुक्रवार को होटल होलिडे होम में नगर निगम पार्षदों के लिए आयोजित आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ये विचार व्यक्त किए। उन्होनें बताया कि इन 4 नई योजनाओं के माध्यम से किस प्रकार शिमला नगर वासियों की आपदा के समय में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है के संबंध में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की जा रही है। उन्होनें बताया कि ये 4 नई योजनाओं में सिटी डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान, शिमला शहर के लिए आपदा प्रबंधन योजनाएं, फाॅयर डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान और डिसेबिलिटी प्लान शामिल है। उल्लेखनीय है हिमाचल के शहरों और शहरी निकायों के तहत शिमला नगर में इन योजनाओं को क्रियान्वित करने में पहल की है। उन्होनें बताया कि सिटी डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दिशा में चल रहे कार्यों एवं राज्य आपदा प्रबंधन योजना और जिला आपदा प्रबंधन योजना को आधार बनाकर इस योजना को विकसित किया गया है। आपदा प्रबंधन के कार्यों में आए बहुत बड़े बदलाव का गहनता से अध्ययन कर विशेष बिंदुओं को इसमें शामिल किया गया है। कोविड काल के उपरांत महामारी आपदा को भी इसमें शामिल किया गया है। जिसमें विशेष मानक संचालनों, आवश्यक सेवाओं के कार्यों की प्रणाली व अन्य जानकारियां इसमें शामिल की गई है। शिमला शहर के विभिन्न वार्डो के लिए आपदा प्रबंधन योजना के अंतर्गत जोखिम, अतिसंवेदनशीलता और आपदा के खतरों को शामिल किया गया है। इस योजना को नाॅलेज लिंक गाजियाबाद द्वारा बनाया गया है। आपदा के समय आपदा कमेंटियों का आवश्यकता और वालिंटियर की उपयोगिता आपदा के समय नागरिक की सुरक्षा एवं पुनर्वास के लिए कितनी आवश्यक है के बारे में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई हैं ताकि लोगों की सुरक्षा व पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। फायर डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान हिमाचल के शहरों एवं शहरी निकायों में ऐसी पहली योजना है। इसके तहत आगजनी आपदा के दौरान खतरों व क्षमता निर्माण के संदर्भ में जानकारी जुटाई गई है ताकि शहर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके तहत शिमला शहर के सभी वाटर हाइड्रेंट को चिन्हित कर उनकी गूगल मैपिंग की गई है ताकि लोगों को हादसे के दौरान मलबे में दबे वाटर हाइड्रेंट की स्थिति का पता लग सके और इसका इस्तेमाल आग बुझाने के लिए किया जा सके। उन्होनें बताया कि एक अन्य योजना डिसेबिलिटी प्लान इस योजना के तहत बनाया गया है। जिसमें आपदा के समय दिव्यांग लोगों के लिए की गई तैयारियों, प्रदान की जाने वाली सुविधाओं व अन्य कार्यों को शामिल किया गया है। एकदिवसीय जागरुकता कार्यक्रम में नवनीत यादव ने स्वैच्छिक संस्था डियोर के प्रतिनिधि ने शहरी आपदा प्रबंधन योजना तथा अग्नि आपदा प्रबंधन योजना पर जानकारी प्रदान की नाॅलेज लिंक गाजियाबाद की संस्था के प्रतिनिधि शरद पांडे ने वाॅर्ड आपदा प्रबंधन योजना तथा पार्षदों द्वारा इसे समाज की मुख्य धारा में उपयोग करने बारे जानकारी दी। इसी संस्था की कोमल प्रिया सिंह ने अक्षम व्यक्तियों के लिए आपदा प्रबंधन योजना के तहत विभिन्न सिद्धांतों की समझ और इसकी उपयोतिा के संबंध में जानकारी दी। रोहित जम्वाल अध्यक्ष हिमालयन एसोशिएशन फाॅर रिसर्च एंड इनोवेशन ठियोग द्वारा डिजास्टर मैनेजमेंट एप के संबंध में जानकारी दी। उन्होनें बताया कि से एप आवश्यक उपयोगी सेवाओं की मैपिंग के लिए आरम्भ किया गया है। जिसका उदेश्य सार्वजनिक शौचालयों, अस्पतालों, स्कूलों, दूकानों आदि की वाॅर्ड में मैपिंग करना है। बैठक में महापौर शिमल नगर निगम सत्या कौंडल, उपमहापौर शैलेन्द्र चैहान, समस्त पार्षद गण, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली, संयुक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज भी उपस्थित थे।
जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बचत भवन में आज समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने की। बैठक में 30 जून 2021 तक की तिमाही के आय-व्यय प्रगति व निर्धारित लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त आदित्य नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि वित वर्ष 2021-22 में जून 2021 तक कुल 232 स्वंय सहायता समूहों को 3.४१ करोड़ की राषि से क्रेडिट लिंक किया गया है उन्होंने एलडीएम के सभी बैकों को निर्देष दिए कि वे स्वयं सहायता समूहों से संबन्धित सभी विलंबित आवेदनों का षिघ्र निपटारा सुनिष्चित करे। उन्होंने परियोजना अधिकारी डीआरडीए से भी आग्रह किया कि जिन बैंकों को स्वंय सहायता समूह से सम्बन्धित आवेदन नहीं दिए गए है उन बैंकों को भी भविष्य में आवेदन दिए जाए ताकि उनके माध्यम से स्वंय सहायता समूह लाभान्वित हो सके । उन्होंने कहा कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्ट्रीट वेंडर के समग्र विकास और आर्थिक उत्थान तथा उन्हें सषक्त बनाने के लिए प्रधान मंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि व स्वनिधि योजना चलाई गई है इस योजना का उददेष्य 50 लाख रेहडी-फड़ी वालोे को एक वर्ष के कार्यकाल के लिए दस हजार रू0 तक व्याज मुक्त कार्यषील पूंजी ़ऋण की सुविधा प्रदान करवाना है जिसके तहत षिमला जिले में 30 जून तक कुल 32.40 लाख रू. व्यय कर 325 रेहड़ी फड़ी वालों को ऋण स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार प्रदान करने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उददेष्य से पीएमईजीपी योजना प्रदेष में संचालित है जिसके तहत बेरोजगारों को अपना रोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों द्वारा युवाओं को कार्य प्रषिक्षण उपरान्त अधिकतम 25 लाख तक ऋण सुविधा प्रदान की जाती है । उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 30 जून तक 1.29 करोड़ व्यय कर 18 मामले स्वीकृत किए गए है । उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना हिमाचल सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है इस योजना के तहत चालू वित वर्ष के तहत 30 जून की तिमाही तक 7.29 करोड़ व्यय कर 69 मामलों की स्वीकृति प्रदान की गई है । उन्होंने समस्त बैंकों सहित उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे इस योजना का जिला के सभी क्षेत्रों में प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करें ताकि लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। सीडी अनुपात विष्लेषण के संबन्ध में चर्चा करते हुए बताय कि जून माह की तिमाही तक सीडी अनुपात 39.43 प्रतिषत से बढ़कर 39.52 प्रतिषत हुआ है जिसमें मामूली वृद्धि दर्ज की गई है ।उन्होंने कहा कि सीडी अनुपात की समीक्षा के लिए एक विषेष उप समिति का गठन उन जिलों के लिए किया जाना है जिन जिलों में सीडी अनुपात कम है । उन्होंने सभी बैंकों से सीडी अनुपात बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास करने को कहा ताकि षिमला जिला में सीडी अनुपात को 40 प्रतिषत से उपर लाया जा सके । उन्होंने समस्त बैंकों को निर्देष दिए कि इन सभी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि षिमला के सभी पात्र व्यक्तियों को इस योजना का लाभ मिल सके। जिला सलाहकार समिति की बैठक में उपायुक्त ने जिला शिमला की वार्षिक ऋण योजना वर्ष 2021-22 की कार्य प्रगति की समीक्षा भी की । इस अवसर पर उन्होंने बताया कि जिला शिमला में प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में वार्षिक ऋण योजना के तहत जून की तिमाही तक 13.20 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त किया गया है और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में वार्षिक ऋण योजना के तहत 21.13 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि के क्षेत्र में वार्षिक ऋण योजना के तहत जहां 12.05 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है वहीं वार्षिक ऋण योजना के तहत अप्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में 67.75 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है । उन्होंने सभी बैंकों से आग्रह किया कि कृषि क्षेत्र में वित्तपोषण अपेक्षा के अनुरूप नहीं है और इसमें बैंकों का कृषि ऋण अनुपात बेहद कम है उन्हें अधिक ध्यान देने और ऋण अनुमोदित करने की आवश्यकता है ताकि आने वाली तिमाही तक कुल ऋण के साथ कृषि ऋण के अनुपात से वंचित वृद्धि प्राप्त की जा सके। उपायुक्त ने अग्रणी जिला प्रबंधक एवं अन्य समस्त बैंकों को निर्देश दिए कि आने वाली तिमाही में सैक्टर आधारित लक्ष्यों के साथ वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तत्परता से प्रयास करें ताकि निर्धारित वार्षिक ऋण लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। अग्रणी जिला प्रबंधक यूको बैंक के सिंह ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक शिमला शाखा से एलडीओ अमरेन्द्र गुप्ता, डीडीएम नाबार्ड करण, संयुक्त निदेशक खादी विकास निगम गगन कुमार तिवारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग योगेश गुप्ता, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजय भगवती सहित समस्त बैंकों के प्रतिनिधिगण, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस तथा कृषि इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अधिकारी संघ के चुनावों में कांग्रेस समर्थित सभी उम्मीदवारों की शानदार जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए सभी नवनिर्वाचित प्रशासनिक अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने सभी विश्वविद्यालय अधिकारी मतदाताओं का कांग्रेस को भारी समर्थन देने के लिए आभार प्रकट किया है। राठौर ने कहा कि विश्वविद्यालय में कांग्रेस को लगातार मिल रहे जन समर्थन से साफ है कि कर्मचारी व अधिकारी वर्ग भाजपा की नीतियों व निर्णयों से परेशान और दुखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सदैव कर्मचारी हित में कार्य किया और यही कारण है कि प्रदेश के लोग चुनावों का बेसब्री से इंतजार कर रहें है ,जिससे भाजपा को सत्ता से बाहर किया जाए।


















































