फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में हिमाचल प्रदेश ड्रोन पॉलिसी-2022 को स्वीकृति प्रदान की गई। यह पॉलिसी ड्रोन के उपयोग से शासन एवं सुधार (गरूड़) के आधार पर निर्मित एक समग्र ड्रोन ईको सिस्टम की परिकल्पना को साकार करती है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति, हिमाचल प्रदेश र्स्टाटअप/नवाचार योजना, राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क जैसे संस्थागत संयोजन के माध्यम से डिजिटल स्काई अवसराें का उपयोग करना है, ताकि विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार कर ड्रोन क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके। इसका उद्देश्य ड्रोन और सक्षम प्रौद्योगिकी के उपयोग से राज्य में रोजगार के अवसर सृजित करना और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना है। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2022 को स्वीकृति प्रदान की। यह नीति योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए विभिन्न विभागों में समन्वय से राज्य के औद्योगिक विकास को सहयोग प्रदान करने की एक प्रभावशाली लॉजिस्टिक्स तंत्र की परिकल्पना को साकार करती है। इसका उद्देश्य प्रदेश में अंतरदेशीय कंटेनर डिपो, सामान्य सुविधा केंद्र, इंटीग्रेटिड कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स पार्क, ट्रक टर्मिनल, एयर कार्गाे, गुणवत्ता प्रशिक्षण प्रयोगशाला इत्यादि विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देकर राज्य में लॉजिस्टक्स अधोसंरचना को सुदृढ़ करना है। बैठक में प्रदेश में अवैध खनन की निगरानी के लिए उद्योग विभाग में खनन निरीक्षक के 12 पद, सहायक खनन निरीक्षक के 24 पद और खनन रक्षक के 24 पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने क्षेत्र के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जिला सिरमौर के नौहराधार में नव स्वीकृत राजकीय महाविद्यालय के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 16 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में सिरमौर जिला की नाहन तहसील में त्रिलोकपुर, मोगीनंद और बरमापापड़ी पटवार वृत्तों का पुनर्गठन कर पांच नए पटवार वृत्त पालियों, अम्बवारा सैनवाला, कालाअम्ब, देवनी और नागल सुकेती के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कांगड़ा जिला की उप-तहसील रे के हटली और मलहान्टा के मौजूदा पटवार वृतों का पुनर्गठन कर नया पटवार वृत्त नंगल बनाने के अतिरिक्त पटवार वृत्त मलहान्टा में पटवार वृत्त अग्हार के दो मुहाल शामिल करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में बस अड्डा बाबा बरोह के निर्माण के लिए कांगड़ा जिला की बरोह तहसील के मौजा दनोआ में 00-46-08 हेक्टेयर वन भूमि हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन निगम के पक्ष में 99 वर्ष की लीज आधार पर देने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के निहरी और कुल्लू जिला के जरी स्थित धौंकड़ा में नई अग्निशमन चौकियां खोलने तथा लाहौल-स्पीति जिला के उदयपुर और चंबा जिला के किलाड़ में दो नए उप अग्निशमन केंद्र खोलने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के चौपाल, सिरमौर जिला के शिलाई और लाहौल-स्पीति जिला के केलांग स्थित तीन अग्निशमन चौकियों को स्तरोन्नत कर उप अग्निशमन केंद्र बनाने तथा विभिन्न श्रेणियों के 129 पद सृजित कर भरने सहित इन केंद्राें के प्रभावी प्रबंधन के लिए 16 वाहनों को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में कांगड़ा जिला के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में राजकीय उच्च पाठशाला बरोट को स्तरोन्नत कर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करने, मंडी जिला के द्रंग क्षेत्र में स्थित राजकीय माध्यमिक पाठशाला सकरयार, सरकाघाट क्षेत्र की राजकीय माध्यमिक पाठशाला कलखर और सिरमौर जिला के पच्छाद क्षेत्र में स्थित राजकीय माध्यमिक पाठशाला मंडी खड़ाना को राजकीय उच्च पाठशालाओं में स्तरोन्नत करने तथा सिरमौर जिला के पच्छाद क्षेत्र की राजकीय प्राथमिक पाठशाला धड़ीक डिंगरी को राजकीय माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों को सृजित कर भरने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों पलाहीधार और घैणीध को राजकीय उच्च विद्यालयों में स्तरोन्नत करने और मंडी जिला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कांढी को राजकीय माध्यमिक विद्यालय में स्तरोन्नत करने और इन विद्यालयों में 11 पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला की नगर परिषद सुंदरनगर के बाड़ी में नया पशु औषधालय स्थापित करने और यहां विभिन्न श्रेणियों के दो पदों को सृजित कर भरने की भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मंडी जिला की बालीचौकी तहसील के अंतर्गत पशु औषधालय थाची को पशु अस्पताल में स्तरोन्नत कर विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों के सृजन व भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने मंडी जिला की थुनाग तहसील के शिकावरी और कांडी पटवार वृत्त को पुनर्गठित कर नए पटवार वृत्त मुरहाग को सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कानून-व्यवस्था संबंधी मामलों के त्वरित निपटान के लिए रेलवे पुलिस स्टेशन शिमला के अंतर्गत सोलन जिले के टकसाल में राजकीय रेलवे पुलिस की सीमा चौकी परवाणू को फिर से खोलने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के धर्मपुर स्थित जल शक्ति विभाग में अधीक्षण अभियंता, यांत्रिकी का एक पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी को स्तरोन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल की बैठक में लोगों की सुविधा के लिए कांगड़ा जिला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां की बिस्तर क्षमता 6 से बढ़ाकर 50 बिस्तर कर स्तरोन्नत करने और इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 27 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने सोलन जिले के दाड़लाघाट में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने व इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 8 पदों को भरने का भी निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज ओक ओवर के निकट एक पार्क का उद्घाटन किया। अमृत मिशन के अन्तर्गत इस पार्क के लिए पहले चरण में 2.40 करोड़ रुपए की राशि व्यय की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह पार्क स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के लिए भी मुख्य आकर्षण का केंद्र बन कर उभरेगा। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इस पार्क के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें खुला (ओपन) जिम, बच्चों के लिए मैदान और आम जनता के लिए बेहतर रास्ते इस पार्क की विशेषता है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के आकर्षण के लिए यहां एक झरना स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, पार्क में 1.14 लाख लीटर क्षमता का जल संग्रहण टैंक स्थापित किया गया है और इसके पानी से पार्क में रोपे गए पौधों को संचित किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि यहां शिमला की सुंदरता को प्रदर्शित करने वाले भिति चित्र और सेल्फी प्वाइंट भी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत पार्क में 30 से अधिक प्रजातियों के पौधे और देवदार के वृक्ष हैं, जो पार्क की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिमला शहर के पुराने गौरव को संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शहर की सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है तथा अधिक पार्किंग स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला शहर के सौन्दर्य को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार का यह एक उल्लेखनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न भागों में पार्किंग स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल, उपमहापौर शैलेन्द्र नेगी, उपायुक्त आदित्य नेगी, नगर निगम शिमला के आयुक्त आशीष कोहली, स्थानीय पार्षद डॉ. किमी सूद और नगर निगम शिमला के पार्षद अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित उपस्थित थे।
कहते है कांगड़ा वो जिला है जो सत्ता तक पहुंचाने की ही नहीं, बल्कि नेताओं की खाट खड़ी करने की भी कुव्वत रखता है। कांगड़ा की सियासी बैटल फील्ड में बड़े-बड़ो के नाक से धुंआ निकल जाता है। इतिहास तस्दीक करता है कि जो काँगड़ा को न भाया, उसका प्रदेश की सत्ता से पांच साल का वनवास तय समझो। आबादी के हिसाब से सबसे बड़े जिले काँगड़ा से चुनकर आए 15 विधायक सरकार बनाने और गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ये बात सभी राजनीतिक दल बखूबी जानते है और इसीलिए काँगड़ा की सियासी रणभूमि में सेंधमारी की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। काँगड़ा में सत्ता वापसी को कांग्रेस प्रयासरत है, तो भाजपा सत्ता को अनवरत रखने के लिए। वहीं आम आदमी पार्टी भी भरपूर प्रयास का रही है। पिछले कुछ समय से काँगड़ा में मुख्यमंत्री के ताबड़तोड़ दौरे हो रहे है और आगामी कुछ वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य बड़े नेता भी काँगड़ा पहुंचेंगे। काँगड़ा का हर विधानसभा क्षेत्र ज़रूरी है और इसके लिए हर राजनीतिक दल अलग-अलग माइक्रो प्लान तैयार कर रहा है। पिछले चुनाव की बात करें तो जिला की 15 में से 11 सीटों पर भाजपा ने कब्ज़ा जमाया था। कांग्रेस को सिर्फ तीन सीटें मिली थी और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। अब मिशन रिपीट के लिए भाजपा को पुराना प्रदर्शन दोहराना होगा, वहीँ कांग्रेस को अगर सत्ता वापसी करनी है तो उसे भी कांगड़ा में दमखम दिखाना होगा। 2017 के विधानसभा चुनाव में जिला कांगड़ा की 11 सीटें जीतने के बाद जिला को चार कैबिनेट मंत्री पद मिले। विपिन सिंह परमार को स्वास्थ्य, किशन कपूर को खाद्य आपूर्ति, सरवीण चौधरी को शहरी विकास और विक्रम सिंह को उद्योग मंत्रालय मिला। यानी जयराम कैबिनेट में जिला कांगड़ा को दमदार महकमे मिले। इसके बाद 2019 में किशन कपूर सांसद बनकर लोकसभा चले गए। जबकि विपिन सिंह परमार से मंत्री पद लेकर उन्हें माननीय विधानसभा स्पीकर बना दिया गया। तदोपरांत 2020 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में सरवीन चौधरी से शहरी विकास जैसा महत्वपूर्ण महकमा लेकर उन्हें सामाजिक न्याय मंत्रालय का ज़िम्मा दे दिया गया। वहीँ राकेश पठानिया की कैबिनेट में वन, युवा एवं खेल मंत्री के तौर पर एंट्री हुई। विक्रम सिंह ही एकमात्र ऐसे मंत्री है जो शुरू से जयराम कैबिनेट में बने हुए है और जिनका वजन भी बढ़ा है। मंत्रिमंडल विस्तार में उनके पोर्टफोलियो में परिवहन जैसा महत्वपूर्ण महकमा भी जोड़ दिया गया। वर्तमान में तीन मंत्रिपद और विधानसभा स्पीकर का पद कांगड़ा के हिस्से में है। सियासी माहिर मानते है कि स्वास्थ्य और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय छीनने की टीस जरूर कहीं न कहीं कांगड़ा में मन में रह सकती है। कांग्रेस की ओबीसी वोट पर निगाहें : जिला कांगड़ा में ओबीसी वोट बैंक का अच्छा प्रभाव है। अमूमन हर सीट पर ओबीसी वोट जीत -हार का अंतर पैदा कर सकता है। काजल को मजबूत करके कांग्रेस की नज़र इसी वोट बैंक पर है। ओबीसी वर्ग की बात करें तो कांग्रेस के पास चौधरी चंद्र कुमार के रूप में भी एक मजबूत चेहरा हैं और पवन काजल भी उन नेताओं में शुमार है जिनके समर्थक हर क्षेत्र में है। ऐसे में पवन काजल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक सिद्ध हो सकता है। कांगड़ा किसी को नहीं बक्शता, यहां दिग्गज धराशाई होते है ! जो कांगड़ा फ़तेह नहीं कर पाता उसे सत्ता हासिल नहीं होती। वर्ष 1985 से ये सिलसिला चला आ रहा हैं। 1985, 1993, 2003 और 2012 में कांग्रेस पर कांगड़ा का वोट रुपी प्यार बरसा तो सत्ता भी कांग्रेस को ही मिली। वहीं 1990, 1998, 2007 और 2017 में कांगड़ा में भाजपा इक्कीस रही और प्रदेश की सत्ता भी भाजपा को ही मिली। यानी 1985 से 2017 तक हुए आठ विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता में जिला कांगड़ा का तिलिस्म बरकरार रहा हैं। इससे पहले 1982 के चुनाव में भाजपा को 10 सीटें मिली थी लेकिन प्रदेश में सरकार कांग्रेस की बनी थी। जिला कांगड़ा का सियासी मिजाज समझना बेहद मुश्किल हैं। कांगड़ा वालों ने मौका पड़ने पर किसी को नहीं बक्शा, चाहे मंत्री हो या मुख्यमंत्री। जो मन को नहीं भाया उसे कांगड़ा वालों ने घर बैठा दिया। अतीत पर नज़र डाले तो 1990 में जब भाजपा - जनता दल गठबंधन प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हुआ तब शांता कुमार ने जिला कांगड़ा की दो सीटों से चुनाव लड़ा था, पालमपुर और सुलह। जनता मेहरबान थी शांता कुमार को दोनों ही सीटों पर विजय श्री मिली थी। पर 1993 का चुनाव आते -आते जनता का शांता सरकार से मोहभंग हो चूका था। नतीजन सुलह सीट से चुनाव लड़ने वाले शांता कुमार खुद चुनाव हार गए। वहीँ पिछले चुनाव में वीरभद्र कैबिनेट के दो दमदार मंत्री सुधीर शर्मा और जीएस बाली को भी हार का मुँह देखना पड़ा। भारी पड़ा था माइनस कांगड़ा सरकार बनाने का दावा : 2012 में भाजपा की प्रेम कुमार धूमल सरकार के मिशन रिपीट में कांगड़ा बाधा बना था। तब भाजपा तीन सीटें ही जीत पाई थी। तब प्रो धूमल ने माइनस कांगड़ा सरकार बनाने का दावा किया था, जो बड़ी चूक साबित हुई। तब भाजपा को प्रदेश में 26 सीटें मिली थी और कांगड़ा में बेहतर कर कांग्रेस का आंकड़ा 36 पर पहुंचा था। ....................................................................... जिसका कांगड़ा, उसकी सत्ता : वर्ष कुल सीट कांग्रेस भाजपा अन्य 1985 16 11 3 2 1990 16 1 12 3 ( जनता दल जिसका भाजपा के साथ गठबंधन था ) 1993 16 12 3 1 1998 16 5 10 1 2003 16 11 4 1 2007 16 5 9 2 2012 15 10 3 2 2017 15 3 11 1 .......................................................................................................... पालमपुर : क्या भाजपा भेद पाएगी बुटेल परिवार का बुलेटप्रूफ किला पालमपुर यूँ तो भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का गृह क्षेत्र है, मगर मौजूदा समय में यहां भाजपा की स्थिति सहज नहीं दिखती। 1990 में यहां शांता कुमार विधानसभा का चुनाव जीते थे लेकिन उसके बाद 1993 से लेकर साल 2007 तक ये सीट कांग्रेस के बृज बिहारी लाल बुटेल के नाम रही। फिर 2007 में जनता ने एक मौका भाजपा को दिया पर, अगली बार फिर बुटेल परिवार की वापसी हुई। 2012 से 2017 तक फिर बृज बिहारी लाल बुटेल विधायक रहे। जबकि वर्तमान में उनके बेटे आशीष बुटेल पालमपुर से विधायक है। भाजपा की कोई भी सियासी बुलेट फिलवक्त बुटेल परिवार के इस किले को भेदती नहीं दिख रही। पालमपुर में बुटेल परिवार के वर्चस्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2017 में पहला चुनाव लड़े आशीष ने भाजपा की वरिष्ठ नेता व वर्तमान राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी को 4324 मतों से हराया था। इसके बाद पालमपुर नगर निगम चुनाव में भी भाजपा को यहां करारी शिकस्त मिली। अब भी पालमपुर में भाजपा सहज नहीं दिखाई देती। स्थानीय भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान जगजाहिर है। वर्तमान में वूल फेडरेशन के चेयरमैन त्रिलोक कपूर यहां से भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार है, जबकि कांग्रेस में आशीष बुटेल ही प्राइम फेस है। बैजनाथ : पंडित संतराम के गढ़ में वापसी की जद्दोजहद में कांग्रेस 90 के दशक में काँगड़ा की सियासत में बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र की तूती बोला करती थी। ये वीरभद्र सरकार में मंत्री रहे दिग्गज नेता पंडित संत राम का गढ़ रहा है। पहले यहां पंडित संत राम का बोल बाला रहा और फिर उनके बेटे और कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा का। हालाँकि 2012 ये सीट रिज़र्व हो गई और सुधीर शर्मा ने धर्मशाला का रुख किया। 2012 में कांग्रेस नेता किशोरी लाल ग्राम पंचायत प्रधान से विधायक बने, पर पांच साल बाद 2017 में ही जनता का मोहभंग हो गया और भाजपा के मुल्कराज विधायक बने। बैजनाथ की ज़मीनी स्थिति की बात करें तो संभव है यहां भाजपा टिकट बदलने पर विचार करें। वैसे मुल्कराज का दावा भी कमजोर नहीं माना जा सकता। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से पूर्व विधायक किशोरी लाल पूरी तरह मैदान में डटे हुए दिखाई दे रहे है, हाल ही में उन्हें पीसीसी का उपाध्यक्ष भी बनाया गया है। हालाँकि यहां कांग्रेस टिकट को लेकर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। किशोरी लाल के भतीजे ऋषभ पांडव और पूर्व भाषा अधिकारी व सुधीर शर्मा के करीबी त्रिलोक सूर्यवंशी भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार दिख रहे है। दोनों का ही जनसम्पर्क अभियान जारी है। जयसिंहपुर : अगर अंतर्कलह से बची तो ही जीत पाएगी कांग्रेस 2008 में परिसीमन बदलने के बाद अस्तित्व में आया ये विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2012 में यहां कांग्रेस नेता यदविंदर गोमा विधायक बने तो, 2017 में भाजपा नेता रविंद्र धीमान ने गोमा को 10 हजार से अधिक मतों से हराया। वर्तमान में भी रविंदर धीमान ही जयसिंहपुर से भाजपा का मुख्य चेहरा है। हालंकि यहां कांग्रेस को इस बार टिकट आवंटन में कठिनाई हो सकती है। कांग्रेस की ओर से यहां पूर्व विधायक यादविंद्र गोमा तो मैदान में है ही, पर कांग्रेस के ओर नेता सुशील कॉल भी चुनाव लड़ने के इच्छुक दिखाई दे रहे है। यदि कांग्रेस अंतर्कलह से बच पाई तो ही जयसिंहपुर में बेहतर कर पाएगी। वहीं कुछ समय से आम आदमी पार्टी भी इस क्षेत्र में खूब एक्टिव दिखाई दे रही है। सुलह : यहां की जनता को परिवर्तन पसंद , इस बार क्या होगा ? 1998 के बाद से सुलह विधानसभा क्षेत्र की सत्ता भी प्रदेश की सत्ता के साथ बदलती रही है। 1998 के बाद से अब तक सुलह में हर पांच साल में परिवर्तन हुआ है। पिछले 24 सालों में यहां कभी विधायक भाजपा नेता विपिन सिंह परमार रहे तो कभी कांग्रेस नेता जगजीवन पाल। सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र का गौरव लिए सुलह की आबादी पौने दो लाख है। वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार सुलह से विधायक है, हालांकि ये भी एक सत्य है कि अब तक सुलह की जनता मंत्री पद लिए जाने के गम को भूला नहीं पाई है। 2017 में विपिन सिंह परमार चुनाव जीते तो उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया, हालाँकि 2019 में उन्हें मंत्री पद से हटाकर विधानसभा अध्यक्ष बना दिया गया। विपिन सिंह परमार अपने क्षेत्र में प्रोएक्टिव ज़रूर है लेकिन सियासी माहिरों का मानना है कि मंत्री पद वापस लेना भाजपा को चुनाव में भारी पड़ सकता है। यहां ये जहन में रखना भी जरूरी है कि इस क्षेत्र में करीब 35 फीसद तबका ओबीसी वर्ग का है। ऐसे में यहां ओबीसी वोट निर्णायक है। नगरोटा बगवां : अब बाली पुत्र से होगा कुक्का का मुकाबला 'गुरु गुड़ रहे चेला हो गए शक्कर' , 2017 के विधानसभा चुनाव में नगरोटा बगवां निर्वाचन क्षेत्र में हाल ऐसा ही था। तब स्व. जीएस बाली के समर्थक रहे अरुण कुमार 'कुक्का' ने चुनावी मैदान में बाली को पटकनी देकर अपना लोहा मनवाया था। अब खुद बाली दुनिया में नहीं रहे लेकिन उनके पुत्र रघुवीर बाली कांग्रेस की अगुवाई करते दिख रहे है। वहीँ अरुण कुमार कुक्का भाजपा का प्राइम फेस बने हुए है। ऐसे में आगामी चुनाव में संभवतः जूनियर बाली और कूका के बीच टक्कर देखने को मिले। नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र का विकास प्रदेश भर में चर्चा का विषय रहा है। टांडा मेडिकल कॉलेज, राजीव गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, परिवहन निगम का डिपो व आरएम कार्यालय, सिविल अस्पताल और ऐसे अन्य कई बड़े काम स्वर्गीय जीएस बाली की फेहरिस्त में शामिल हैं। अब उनके पुत्र रघुवीर अपने पिता द्वारा कराए गए कार्यों के सहारे उनकी सियासी विरासत सँभालते दिख रहे है। उधर भाजपा की बात करे तो अरुण कुमार कुक्का ही भाजपा का प्राइम फेस है। 2012 जीएस बाली ने कुक्का को 2743 वोटों से हराया था। फिर 2017 में कुक्का ने बाजी पलटी और भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ बाली को पटकनी दी। कांगड़ा : कांग्रेस के पास काजल का नूर, भाजपा की तलाश जारी कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र ओबीसी बाहुल होने के कारण हर चुनाव में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र में घिरथ जाति का खासा प्रभाव रहा है और यह इस क्षेत्र की हकीकत है कि जिस प्रत्याशी ने इनको साध कर अपनी रणनीति बनाई है , वो चुनाव जीतने में सफल रहा। हालांकि इस विधानसभा क्षेत्र में राजपूत और ब्राह्मण मतदाता भी हैं, लेकिन दोनों ही समुदाय चुनाव मैदान में गठजोड़ पर विफल रहे हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में विधायक पवन काजल का ही प्रभाव दिखाई दे रहा है। पवन काजल अपने क्षेत्र में तो लोकप्रिय है ही, कांग्रेस संगठन में भी उनका कद लगातार बढ़ रहा है। खास बात ये है कि अब काजल कांगड़ा में कांग्रेस का प्राइम फेस बनते दिख रहे है। वहीं भाजपा में टिकटार्थियों की लम्बी फेहरिस्त काँगड़ा में है। यहां से पूर्व विधायक संजय चौधरी, कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक सुरेंदर काकू और जयराम ठाकुर के करीबी मुनीश शर्मा भी भाजपा टिकट के तलबगार है। देहरा : होशियार असरदार, दोनों तरफ कई तलबगार देहरा में दोनों ही मुख्य राजनैतिक दलों में टिकट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वर्तमान में निर्दलीय होशियार सिंह यहां से विधायक है और वे कई मौकों पर खुलकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की शान में कसीदे पढ़ते रहे है। होशियार सिंह भाजपा से टिकट चाहते है लेकिन स्थानीय भाजपा का एक गुट उनके विरोध में है। हालांकि क्षेत्र में होशियार सिंह की पकड़ को लेकर कोई संशय नहीं है। पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविंद्र सिंह रवि को भी संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जाता है पर देहरा में उठ रहा धरतीपुत्र का नारा जरूर उनकी राह में रोड़ा बन सकता है। वहीं, पार्टी के संगठनात्मक जिला देहरा के जिला अध्यक्ष संजीव शर्मा, पूर्व एचपीएमसी के निदेशक रहे विवेक पठानिया, वन निगम बोर्ड के निदेशक नरेश चौहान, प्रवक्ता अमित राणा, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉक्टर सुकृत सागर भी भाजपा से टिकट चाहवानों की इस पंक्ति में शुमार हैं। बात करें कांग्रेस की तो पिछली बार कांग्रेस की वरिष्ठ नेता विप्लव ठाकुर ने देहरा विधानसभा से चुनाव लड़ा था, पर वह अपनी जमानत तक नहीं बचा पाई थी। इसी बीच उनकी बेटी के भी यहां से चुनाव लड़ने की चर्चा थी, पर इसे उन्होंने सीधे तौर पर नकार दिया । वे देहरा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हरिओम शर्मा की पैरवी करती दिख रही है। वहीं कांग्रेस के ही दिग्गज नेता योगराज इस चुनावी रण में एक बार फिर उतरने को तैयार दिख रहे हैं। देहरा में एक नाम और चर्चा में है, वो है प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा का। क्षेत्र में डॉ राजेश की बढ़ती सक्रियता को उनकी दावेदारी से जोड़ कर देखा जा रहा है। शाहपुर: एक दूसरे के लिए धूमकेतु मेजर -केवल, सरवीन के लिए कुर्सी - सेतु शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की सियासत भी शाही है। कांग्रेस से पहले यहां मेजर विजय सिंह मनकोटिया तो भाजपा की तरफ से सरवीन चौधरी का नाम सामने आता था। मेजर के कांग्रेस से बाहर होने के बाद केवल पठानिया की कांग्रेस में एंट्री हुई। कहते है कि यहां केवल और मेजर की आपसी लड़ाई में बाज़ी हर बार सरवीन जीत लेती है। हर बार एक दूसरे के लिए धूमकेतु सिद्ध होते आए मेजर और केवल, सरवीन के लिए कुर्सी -सेतु साबित हुए हैं, इस फेर में केवल एक बार अपनी ज़मानत ज़ब्त करवा बैठे तो फिर दोबारा हार के हार पहनने को मजबूर हो गए। अब इस बार फिर यहां त्रिकोणीय घमासान के आसार है, हालांकि मेजर अगर धर्मशाला का रुख करें तो कांग्रेस को कुछ सुकून मिल सकता है। फतेहपुर : विरोधियों के लिए आसां नहीं होगा भवानी की जय रोकना कांग्रेस के दिग्गज नेता सुजानसिंह पठानिया का गढ़ रहे फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र की कमान अब उनके बेटे भवानी सिंह पठानिया के हाथ में है। उपचुनाव जीतकर भवानी ने ये साबित कर दिया कि वो सिर्फ वित्तीय समझ ही नहीं बल्कि सियासी सूझबूझ भी रखते है। भारी अंतर्कलह के बावजूद भवानी ने न सिर्फ उपचुनाव जीतकर सीट कांग्रेस की झोली में डाली, बल्कि अब वो अपनी कार्यशैली से भी प्रभावित करते दिख रहे है। वहीं फतेहपुर भाजपा में अब भी अंतर्कलह भरपूर है। यहां उपचुनाव के दौरान पार्टी ने पूर्व राज्यसभा सांसद रहे कृपाल परमार का टिकट काट बलदेव ठाकुर को टिकट दिया, और वो चुनाव हार गए। इस बार कयास लग रहे है कि पार्टी पुनः कृपाल परमार को टिकट देने पर विचार कर सकती है। वहीं कांग्रेसी और भवानी विरोधी रहे चेतन चंबियाल अब आप में शामिल हो चुके है। कुल मिलकर यहां भवानी की जय रोकना विरोधियों के लिए मुश्किल होगा। ज्वाली : कांग्रेस से चौधरी चंद्र कुमार, भाजपा से कौन ? 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया ये निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित है। ज्वाली ( पहले गुलेर ) परंपरागत रूप से कांग्रेस के दबदबे वाली सीट रही है। हरबंस राणा ने यहां बीजेपी से तीन बार सफलता हासिल की है। इसके अलावा यहाँ ज़्यादातर चौधरी चंद्र कुमार ही जीतते आए हैं। परिसीमन के बाद पहली बार 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में चौधरी चंद्र कुमार के पुत्र नीरज भारती ने जीत दर्ज की। इससे पहले नीरज भारती 2007 में भी विधायक चुने गए थे। इस बार फिर से चौधरी चंद्र कुमार कांग्रेस की ओर से मैदान में हो सकते है। अगर पिछले चुनाव यानी 2017 की बात की जाए तो यहाँ भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। ज्वाली विधानसभा हलके में भाजपा के टिकट के लिए दो सशक्त दावेदार मैदान में है। 2017 विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में चुनाव न लड़ने वाले संजय गुलेरिया तब से न सिर्फ भाजपा संगठन में बने हुए है, बल्कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उन्होंने ख़ुद को इस विधानसभा क्षेत्र में और मज़बूत किया है। जबकि अर्जुन ठाकुर विधायक तो है, पर उनकी राह की असल चुनौती पार्टी में ही उनका विरोधी खेमा है। धर्मशाला : नेहरिया- सुधीर दौड़ में आगे, क्या मेजर भी धर्मशाला आएंगे ? धर्मशाला प्रदेश की दूसरी "कागजी" राजधानी है। कहते है धर्मशाला में सियासत कभी थमती नहीं। वर्तमान में यहां न तो कांग्रेस की टिकट तय मानी जा रही है न ही भाजपा की। स्व. मेजर बृजलाल से शुरू हुआ भाजपा का सफर वाया किशन कपूर होता हुआ अब विशाल नैहरिया तक पहुंच चुका है। धर्मशाला में भाजपा की टिकट कभी गैर गद्दी के हाथ नहीं चढ़ पाई। मौजूदा विधायक विशाल नेहरिया है, और फिर टिकट के प्रबल दावेदार भी। टिकट के कई चाहवान और है, चर्चा कई दिग्गजों की भी है जिनके निर्वाचन क्षेत्र बदल कर धर्मशाला आने के कयास लग रहे है। पर फिलवक्त मैदान में नेहरिया ही एक्टिव दिख रहे है । कांग्रेस से भी टिकट के दावेदारों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस फेहरिस्त में पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी और 2019 के उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहे विजय करण के नाम प्रमुख है। वहीं एक ख़ास नाम और है, वो है चंद्रेश कुमारी का। हालांकि दावा सुधीर का ही मजबूत माना जा रहा है। सिर्फ कांग्रेस और भाजपा ही नहीं धर्मशाला के सियासी मैदान में आप से राकेश चौधरी और बतौर निर्दलीय मेजर विजय सिंह मनकोटिया भी मैदान में हो सकते है। अगर मेजर मनकोटिया धर्मशाला से मैदान में उतरते है, तो इसका सीधा असर न सिर्फ धर्मशाला पर पड़ेगा बल्कि शाहपुर पर भी पड़ेगा। इंदौरा : मुमकिन है इस बार मनोहर हर ले भाजपा का टिकट ! इंदौरा में पिछले दो चुनाव की बात करे तो 2012 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय मनोहर लाल धीमान ने जीत हासिल की थी और दूसरे नंबर पर कांग्रेस उम्मीदवार कमल किशोर थे, जबकि तीसरे स्थान पर बीजेपी उम्मीदवार रीता धीमान रही। उस समय मनोहर लाल धीमान कांग्रेस के एसोसिएट विधायक रहे लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव आते ही करीब 6 माह पूर्व ही मनोहर भाजपा में शामिल हो गए। तब मनोहर धीमान ने भाजपा से टिकट की मांग की थी, लेकिन भाजपा ने पिछले उम्मीदवार यानी रीता धीमान पर ही दांव खेला और किसी तरह भाजपा मनोहर को मना कर अंतर्कलह साधने में भी सफल रही। नतीजन कांग्रेस के कमल किशोर को हरा कर रीता धीमान ने इस सीट पर जीत दर्ज की। पर इस बार इंदौरा में भाजपा की डगर कठिन हो सकती है। मनोहर धीमान फिर टिकट की कतार में है। अब यदि भाजपा फिर रीता धीमान को टिकट देती है, तो मनोहर धीमान का क्या रुख रहता है ये नतीजे तय कर सकता है। माना जा रहा है कि मनोहर इस बार चुनाव लड़ने के मूड में है, पार्टी टिकट पर या टिकट के बगैर। उधर, कांग्रेस में फिलवक्त चेहरे को लेकर ही स्थिति स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस के कमल किशोर को इस बार टिकट मिलना मुश्किल दिख रहा है। कमल किशोर लगातार कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के रूप में दो चुनाव हार चुके है। जसवां परागपुर : मंत्री बिक्रम प्रो एक्टिव, तो कांग्रेस अब भी सुस्त सी जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र भाजपा सरकार में मंत्री बिक्रम ठाकुर का गढ़ है। बिक्रम ठाकुर यहां से तीसरी बार विधायक बने है। भाजपा की ओर से इस बार भी बिक्रम ठाकुर का टिकट तय माना जा रहा है, हालांकि कैप्टेन संजय पराशर भी यहां से भाजपा टिकट की मांग कर रहे है। वहीं कांग्रेस में टिकट के कई तलबगार है जिनमे सुरेंद्र मनकोटिया, बिक्रम सिंह, संजय कालिया और राजेंद्र शर्मा प्रमुख नाम है। मंत्री बिक्रम ठाकुर के लिए इस बार का चुनाव आसान नहीं होने वाला और जाहिर है इसे भांपते हुए मंत्री अभी से क्षेत्र में प्रो एक्टिव है। जबकि कांग्रेस अब भी सुस्त सी ही है। पार्टी की ये सुस्ती मंत्री बिक्रम के लिए वरदान सिद्ध हो सकती है। ज्वालामुखी : रह-रह कर भड़की है ध्वाला की ज्वाला, अब आगे क्या ? ज्वालामुखी में 'ध्वाला की ज्वाला' से भाजपा काफी असहज रही है, मगर ध्वाला की सियासी पकड़ का कोई तोड़ यहां नज़र नहीं आता। हालाँकि इस बार ध्वाला के अलावा राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी और रविंदर रवि भी यहां से चुनाव लड़ने के इच्छुक है। वहीं कांग्रेस की ओर से संजय रत्न व नरदेव सिंह कँवर का नाम आगे है। भाजपा की जमीनी स्थिति की बात करें तो कांगड़ा में भाजपा का बड़ा ओबीसी चेहरा माना जाने वाले ध्वाला को कैबिनेट रैंक तो मिली लेकिन पद नहीं। इतना ही नहीं पार्टी संगठन के साथ उनकी खींचतान भी जगजाहिर है। कई मौकों पर ध्वाला ने खुलकर अपनी ही सरकार काे घेरने से भी गुरेज नहीं किया। हालांकि अब तक ध्वाला सीएम के खिलाफ खुलकर बोलने से बचते दिखे है, पर उनके मन की टीस साफ दिखती है। चुनाव आते -आते ध्वाला की ज्वाला और भड़कती है या नहीं, ये देखना दिलचस्प होगा। इसी तरह क्या भाजपा की 2022 योजना में उनके लिए स्थान है या नहीं, ये भी बड़ा सवाल है। नूरपुर : भाजपा के कलेश में जीत तलाशती कांग्रेस ! टिकट की दौड़ ने नूरपुर में भाजपा के दो नेताओं को आमने -सामने ला खड़ा किया है। ये जयराम सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश पठानिया का निर्वाचन क्षेत्र है। पठानिया दमदार और आक्रामक छवि के नेता है और उन चुनिंदा चेहरों में से एक है जो अक्सर विधानसभा में जमकर गरजते है। पर अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में, अपनी ही पार्टी के एक नेता रणवीर निक्का ने पठानिया के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। इन दोनों नेताओं की आपसी खींचतान में कांग्रेस यहां जीत तलाश रही है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक अजय महाजन यहां से पार्टी के प्राइम फेस है। वहीँ आम आदमी पार्टी भी यहां मौजूदगी दर्ज करवाने को प्रयासरत है। 1998 में पहला विधानसभा चुनाव जीतने वाले राकेश पठानिया तब से एक चुनाव जीतने के बाद एक हारते आ रहे है। 2007 में वे निर्दलीय जीते, तो 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे। तब भाजपा ने रणवीर सिंह निक्का को टिकट दिया था, पर निक्का को जनता का ज्यादा साथ नहीं मिला। 2017 में भाजपा ने फिर राकेश पठानिया को टिकट दिया और पठानिया तीसरी बार विधानसभा पहुंचे। जयराम कैबिनेट में पहले राकेश पठानिया को स्थान नहीं मिला था लेकिन 2020 में हुए कैबिनेट विस्तार में उन्हें वन, खेल एवं युवा सेवा मंत्री का दायित्व मिला। अपनी बेबाक शैली के चलते राकेश पठानिया हमेशा चर्चा में रहते है और जयराम कैबिनेट के उन मंत्रियों में शुमार है जिनकी अफसरशाही पर अच्छी पकड़ मानी जाती है, लेकिन उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र में ही फिलहाल रणवीर निक्का ने उनकी चिंता जरूर बढ़ाई होगी। उधर दो भाजपाई नेताओं के आपसी टकराव में कांग्रेस को जीत की महक जरूर आ रही है, पर जमीनी स्तर पर कांग्रेस को जल्द प्रो एक्टिव होने की जरूरत है।
मीनाक्षी साेनी। हमीरपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने सर्किट हाउस हमीरपुर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आज हमीरपुर में शुरू होगी। इस बैठक में हमारे दिग्गज नेता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल शामिल होंगे। इस बैठक में कुल 7 सत्र रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि 6 जून को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद कोर ग्रुप की बैठक होगी होगी। 7 जून को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें जिलाध्यक्ष, 2017 के विधायक उम्मीदवार, सभी मोर्चा एवं प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा मिशन रिपीट की दिशा में लगातार काम कर रही है और हम इस बैठक में प्रशिक्षण शिविर, त्रिदेव सम्मेलन, पंच परमेश्वर सम्मेलन, विजय संकल्प यात्रा, पूर्व सैनिक यात्रा और भाजयुमो की गर्जना रैली पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार के 8 वर्ष पूरे होने और हिमाचल में जयराम ठाकुर सरकार की उपलब्धियों पर केंद्रित एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चार राज्यों में अपनी सरकार को दोहराया है और अब समय आ गया है कि हिमाचल का रोडमैप बनाया जाए। हम पूरे राज्य में एकता के साथ चुनाव लड़ेंगे और इन दो दिवसीय मैराथन बैठकों में सूक्ष्म विवरणों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह हिमाचल में अप्रभावी हैं और कांग्रेस विभाजित सदन है।
अजय सूर्या । रिवालसर राजकीय उच्च पाठशाला छज्वान खाबू में समाजसेवी सावित्री देवी पत्नी स्व. सूबेदार बेलीराम व उनके पुत्र कुलदीप और लाल सिंह ने पाठशाला के लिए वाटरकूलर दान किया। राजकीय उच्च पाठशाला का समस्त स्टाफ, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व उनकी कार्यकारिणी सावित्री देवी और उनकी पुत्रों का बहुत-बहुत धन्यवाद किया। जिन्होंने इस पुण्य कार्य करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। छज्वान खाबू गांव के लोग समय-समय पर में ऐसे विकास के कार्य करते रहते हैं। इससे समाज में एक अच्छा संदेश जाता है।
मनाेज कुमार। कांगड़ा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोल में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में स्कूली विद्यार्थियों ने निकाली जागरूकता रैली। इसमें स्कूल के प्रधानाचार्य व स्कूल स्टाफ सहित सभी विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। प्रधानाचार्य ने कहा कि धरती पर तेजी से हो रहे पर्यावरणी बदलाव से न केवल मानव, बल्कि सभी जीव-जंतुओं के जीवन के लिए अनेकों खतरे पैदा हो रहे हैं। ऐसे में आज पृथ्वी के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि हम आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ अच्छा छोड़ कर जा सकें। विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानाचार्य ने बच्चाें काे पौधारोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाने का अह्वान किया। इस रैली में स्कूल के प्रधानाचार्य, एनएसएस प्रभारी, दिनेश धीमान, सुनैना प्रवक्ता, सुदेश कुमार प्रवक्ता वाणिज्य व ज्ञान सागर प्रवक्ता कंप्यूटर साइंस आदि ने विशेष रूप से भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रोद्योगिकी एवम् पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्ट) शिमला द्वारा आयोजित पर्यावरण दिवस पर राज्य स्तरीय छात्र प्रतियोगिता करवाई गई जिसमें शिक्षा खंड कांगड़ा के अंतर्गत राजकीय उच्च विद्यालय कोहाला की छात्रा नेहा नंदा कक्षा दसवीं ने पूरे राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। शिक्षा खंड कांगड़ा के बीआरसी रविंद्र नरयाल तथा राजकीय उच्च विद्यालय कोहाला की मुख्य अध्यापिका ममता सूद ने साझा बयान जारी करते हुए बताया की उनके स्कूल की छात्रा नेहा नंदा को यह पुरस्कार 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर गेयटी थिएटर शिमला में दिया गया है जो कि पूरे शिक्षा खंड कांगड़ा के लिए बड़े गर्व का विषय है। इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों में पर्यावरण के प्रति उनकी रुचि तथा जानकारी बढ़ाने में सहायता मिलती है। नेहा ने स्लोगन लिखने में यह पुरस्कार प्राप्त किया है जिसके लिए शिक्षा खंड कांगड़ा के बीआरसी पूरे खंड की ओर से कोहाला स्कूल की दसवीं की छात्रा नेहा व समस्त स्टाफ को बधाई देता है।
जिला कांगड़ा पेंशनर खंड राजा का तालाब की मासिक बैठक रविवार को इंदिरा पैलेस देहरी में आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता बाबू राम शर्मा ने की।इस दौरान दिवंगत पेंशनर के प्रति दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।इस मौके पर पेंशनर पदाधिकारियों ने अन्य के साथ अपने विचार सांझा किए। इस अवसर पर पेंशर्न कर्म सिंह ने 75 वर्ष की आयु पार कर चुके वरिष्ठ पेंशनर ईश्वर दास हरनोटा, साहिब सिंह, साधु राम गनोह, शादी लाल, हरबंस लाल, रोशन लाल शर्मा, सुदर्शन कुमार, कमलेश कुमारी, मुरलीधर, विमला देवी देहरी, चंचला देवी, प्रीतम चंद, राम प्यारी, अंग्रेज सिंह, तुलसी राम, मंगों राम, विचित्र सिंह को शाल व मफलर देकर सम्मानित किया गया।
भाजपा मंडलाध्यक्ष राजेन्द्र राणा ने बताया कि फतेहपुर विधान सभा क्षेत्र को चार जोन राजा का तालाब, रैहन, फतेहपुर व रे जोन में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श करने के उपरांत जोन प्रभारियों व सह-प्रभारियों की इस प्रकार नियुक्तियां की गई हैं। राजा का तालाब जोन के लिए मंडलाध्यक्ष राजेन्द्र राणा को प्रभारी व यशपाल चौधरी को सह प्रभारी का पदभार दिया गया है। रैहन जोन में करण गुलेरिया को प्रभारी व शेर सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं फतेहपुर जोन के लिए सुभाष धीमान प्रभारी व दिलबाग राणा सह-प्रभारी नियुक्त गया है। जबकि रे जोन के लिए बृज भूषण डोगरा को प्रभारी व मोहिंद्र सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजेन्द्र राणा ने बताया कि सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू मानी गई हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हाल ही में सम्पन्न हुई अपनी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में देश भर में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य लिया है। इस ओर कदम बढ़ाते हुए अभाविप ने अपने आयाम विकासार्थ विद्यार्थी के साथ अभियान की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की है। अभियान के अंतर्गत देश भर में 1 करोड़ पौधे लगाने की योजना है, जिसके पंजीकरण की प्रक्रिया को आज शुरू किया गया है। अभियान के अंतर्गत छात्रों को वृक्ष मित्र बनाया जाएगा। विदित हो कि 1 करोड़ पौधे लगाने का यह अभियान कई चरणों में चलेगा। अभियान के तहत पंजीकरण करने वाले छात्र, आगे चल कर वृक्ष मित्र के नाते पौधे लगाएंगे तथा उन पौधों के संरक्षण की योजना भी इस अभियान के तहत की जाएगी। युवाओं में पर्यावरण के प्रति सजगता बढ़ाने की ओर यह अभियान अपरिहार्य योगदान देने वाला होगा। पंजीकरण के माध्यम से छात्र समुदाय से अभियान के लिए स्वयंसेवकों के रूप में जुडऩे का आह्वान किया गया है। विकासार्थ विद्यार्थी के राष्ट्रीय संयोजक राहुल गौड़ ने कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी हमारी प्राथमिकताओं में अहम बिंदु होना चाहिए। हमारे कार्यकर्ताओं ने 1 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया है। बढ़ते प्रदूषण और उसके कारण फैलती श्वसन संबंधी बीमारियों और मानव शरीर को होने वाली हानि को केंद्र में रखकर, हम सभी को इनसे निपटने को संकल्पित होकर आवश्यक श्रमदान करना चाहिए। अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान में बढ़ते औद्योगिकिकरण एवं अन्य कारणों से, पर्यावरण हो रही हानि से सभी चिंतित हैं। विशेषकर युवा वर्ग में इस विषय के प्रति सजगता देखने को मिलती है। अभाविप देश के युवाओं का नेतृत्व करते हुए, पर्यावरण की ओर योगदान देने का आग्रह समाज के हर वर्ग से कर रहा है। वृक्षारोपण का यह महाअभियान पेड़ों की घटती संख्या की समस्या के समाधान कि ओर एक अच्छी और सफल पहल साबित होगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद शिक्षा क्षेत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज के अन्य विषय व पर्यावरण के विषय को लेकर भी निरंतर सजग रहते हुए चिंता व्यक्त करता आया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चलाया गया यह महा अभियान निश्चित रूप से युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए आने वाली पीढिय़ों को बेहतर कल देने का कार्य करेगा। जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर इस महा अभियान के अंतर्गत एक करोड़ का लक्ष्य लिया गया है, उसी कड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश इस महा अभियान में एक लाख एक हजार पौधारोपण करने का कार्य करेगी।
प्रचंड गर्मी का दौर चल रहा है। ऐसे में हर कोई गर्मी से त्रस्त है। इसी प्रचंड गर्मी में अगर कोई किसी को पानी पिला दे तो पीने वाले को असीम तृप्ति का अनुभव होता है और वह पानी पिलाने वाले को दिल से दुआ देता है। इसी कड़ी में कुछ समाजसेवी संस्थाएं छबीलें लगाकर पानी पिलाने का पुण्य कर रही हैं। इसी कड़ी में शिवाय क्लब चरान खड्ड ने चरान खड्ड पर ठंडे मीठे जल की छबील लगाई। इस दौरान आते-जाते राहगीरों को उन्होंने ठंडा मीठा जल पिलाया। फल के रूप में उन्होंने राहगीरों को तरबूज भी बांटा। छबील लगाने में विजय कुमार, प्रदीप शर्मा, आदित्य सिंह, सुमन चोपड़ा और धर्म सिंह ने अपना सहयोग दिया।
ममता भनोट। ऊना जिला प्रशासन की अभिनव पहल ऊना सुपर-50 के अंतर्गत आज जिला ऊना के 13 परीक्षा केंद्राें में प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। इस प्रवेश परीक्षा में जिला की 66 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के 893 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस बारे जानकारी देते हुए डाईट देहलां के प्रधानाचार्य देवेंद्र चौहान ने बताया कि ऊना सुपर 50 के तहत चयनित विद्यार्थियों को दो वर्षाें तक जेईई व नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत इस वर्ष कॉमन लॉ एडमिशन टैस्ट को भी शामिल किया गया है। इस परीक्षा को संपन्न करवाने में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा परीक्षा केंद्रों का दौरा किया गया तथा परीक्षा के सफल संचालन पर संतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने प्रवेश परीक्षा में ड्यूटी देने वाले सभी प्रधानाचार्यों व अध्यापकों का परीक्षा के सफल संचालन व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
नरेंद्र डाेगरा। बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के महाजनसंपर्क अभियान के तहत विधायक मुलख राज प्रेमी ने भाजपा द्वारा चलो बूथ की और बड़े जीत की और के महाजन संपर्क अभियान के तहत कई बूथों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा केंद्र व प्रदेश में चलाई जा जनकल्याणकारी नीतियों की लोगों को जानकारी दी। वहीं, भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर दो भूतपूर्व सैनिक मुंशी राम व जगदीश चंद ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर विधानसभा जयसिंहपुर में एडवोकेट पीसी कौंडल कांग्रेस प्रत्याशी ने जनसंपर्क अभियान छेड़ा है, जिसको निरंतर जारी रखते हुए आज (रविवार को) विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग पंचायतों के कई गांवों में जाकर लोगों के साथ संपर्क साधा और लोगों से कहां कि इस बार हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। वह जयसिंहपुर विस क्षेत्र से भी कांग्रेस प्रत्याशी ही विधायक बनेगा। उन्होंने अपने जनसंपर्क अभियान के तहत रविवार को वागकुल्जां पंचायत, कंगेहण, सकोह, आलमपुर, गंदड़, मरेरा व जालग आदि पंचायतों के कई गांव में जनसंपर्क अभियान साधा और क्षेत्र का दौरा कर कांग्रेस पार्टी की नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही गरीबी और बेरोजगारी से छुटकारा दिला सकती है और छोटे व्यक्तियों एवं आमजन तक कि कांग्रेस शुरू से ही हितेषी पार्टी रही है। पीसी कौंडल ने कहां की लोगों को कांग्रेस पार्टी को भरपूर समर्थन मिल रहा है और इस बार हिमाचल से कांग्रेस सरकार बनने जा रही है। वहीं, पीसी कौंडल ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार ने लोगों को मंहगाई ही दी है।
विनायक ठाकुर।ज्वालामुखी ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठनात्मक जिला देहरा ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष अतुल चौधरी ने की अतुल चौधरी ने बताया कि पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। परि और आवरण जिसमें परि का मतलब है हमारे आसपास या कह लें कि जो हमारे चारों ओर है। वहीं 'आवरण' का मतलब है, जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। पर्यावरण जलवायु, स्वच्छता, प्रदूषण तथा वृक्ष का सभी को मिलाकर बनता है और ये सभी चीजें यानी कि पर्यावरण हमारे दैनिक जीवन से सीधा संबंध रखता है और उसे प्रभावित करता है। मानव और पर्यावरण एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। पर्यावरण जैसे जलवायु प्रदूषण या वृक्षों का कम होना मानव शरीर और स्वास्थय पर सीधा असर डालता है। मानव की अच्छी-बूरी आदतें जैसे वृक्षों को सहेजना, जलवायु प्रदूषण रोकना, स्वच्छाता रखना भी पर्यावरण को प्रभावित करती है। मानव की बूरी आदतें जैसे पानी दूषित करना, बर्बाद करना, वृक्षों की अत्यधिक मात्रा में कटाई करना आदि पर्यावरण को बूरी तरह से प्रभावित करती है, जिसका नतीजा बाद में मानव को प्राकर्तिक आपदाओं का सामना करके भुगतना ही पड़ता है। उन्होंने कहा की हर साल एक पेड़ जरूर लगाएं और पर्यावरण को शुद्ध करने में अपनी अहम भूमिका निभाए और अतुल चौधरी ने अन्य योजनाओं से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी बात रखी।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी बयान में जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर के अध्यक्ष राजेंद्र जार ने इस बात पर अपना रोष व्यक्त किया कि जिस प्रकार से प्रदेश के मुख्यमंत्री वह पूरी सरकार ने जिला हमीरपुर से अपनी सत्ता के साढ़े 4 वर्षों तक विकास व अन्य राजनीतिक विषयों में पूरी तरह नजरअंदाज किया है। उस पर जिला भाजपा नेतृत्व की तरफ से सरकार के इस आचरण के प्रति कभी भी कोई भी प्रतिक्रिया का सामने न आना उनके जनता के प्रति अपने सामाजिक व राजनीतिक और संवैधानिक दायित्व के साथ घोर कुठाराघात करने के बराबर है। ह कांग्रेस पार्टी ही है जो इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री और उनकी सरकार को समय-समय पर घेरती रही है। अब पता नहीं एक दम से मुख्यमंत्री व भाजपाइयों का किस कारण हमीरपुर जिला से प्रेम उमड़ पड़ा है । शायद उन्हें चुनावों में अपनी पराजय का एहसास हो चुका है।
मनाेज कुमार। कांगड़ा भारतीय जनता पार्टी अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा का एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आज गगल में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में प्रमुखता से अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों द्वारा शिरकत की गई। इस सम्मेलन में प्रमुख रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग प्रदेश अध्यक्ष ओपी चौधरी मुख्यातिथि रहे तथा प्रदेश सचिव वीरेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुख्यातिथि तथा कार्यक्रम अध्यक्ष द्वारा मुख्यमंत्री का अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम द्वारा जो लोन लिए गए थे। वन टाइम सेटेलमेंट था, ब्याज माफी के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा भारतीय जनता पार्टी संगठन का धन्यवाद किया गया। अन्य कई योजनाएं जो भाजपा सरकार द्वारा पिछले 8 वर्ष में दी गई, उनका भी जिक्र किया गया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए, इसी तरह तीन तलाक खत्म करने, धारा 370 खत्म करने, वन रैंक वन पेंशन देने, वन नेशन वन राशन कार्ड करने, किसान सम्मान निधि देने, नई शिक्षा नीति बनाने के लिए धन्यवाद दिया गया। इस कार्यक्रम में कांगड़ा जिला के प्रभारी जय सिंह, संजय चौधरी, रमेश बराड़, सतपाल सोनी, बिहारी लाल खट्टा, रेखा देवी, पवना चौधरी, मल्लिका देवी, देवीलाल, राजेंद्र कुमार, रविंदर बाबा, सुनील, अशोक तथा रजनीश व नीश मोना आदि उपस्थित रहे।
उपमंडल सरकाघाट की ग्राम पंचायत भांबला के बतैल में स्थित अंबेदकर भवन में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भाम्बला की प्रधान सुनीता देवी, उपप्रधान रमेश कुमार, सचिव नीशू, वार्ड मेम्बर राम दित्ता, वरिष्ठ नागरिक कल्याण सभा के प्रदेशध्यक्ष डॉ. अशोक अवस्थी, उपध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर , महासचिव मेहर सिंह, जिला मंडी के अध्यक्ष नरपत सिंह राणा, किसान मोर्चा महामंत्री किशोर कुमार ठाकुर, योग गुरु एवं पतंजलि योग समिति सरकाघाट से नेक राम शास्त्री विशेष तौर पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर नेक राम शास्त्री ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। किसान मोर्चा महामंत्री किशोर कुमार ठाकुर ने कहा कि आज के बदलते परिवेश में यहां पेड़ों को अनदेखा किया जा रहा है। हमारा वातावरण हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता कि प्राकृतिक संसाधनों से हमारा जीवन संभव है। मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन की भूमिका मुख्य है। इसके विना जीवन की कल्पना ही असम्भव है। हर व्यक्ति को कम से कम अपने हिस्से का एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के दौरान गोद लिए गए विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की गई। गोद लिए गए विभिन्न स्कूलों में चित्रकला और नारा लेखन प्रतियोगिताएं करवाई गई, जिसके लिए बच्चों को सामग्री भी फाउंडेशन द्वारा प्रदान की गई। इस उपलक्ष्य में गांव में जागरूकता फैलाने के लिए बच्चों द्वारा रैली निकाली गई और पर्यावरण संबंधित संबंधित नारे भी लगाए गए। कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गांधी ने इस मौके पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने पर बल दिया और साथ ही बच्चों से अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए आह्वान किया। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन में शिक्षा कार्यक्रम की प्रभारी आरती सोनी ने बताया कि अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यावरण दिवस पर विभिन्न गतिविधियों में 600 बच्चों ने भाग लिया और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूकता संबंधित नारे लगाए।
पर्यावरण दिवस पर नेशनल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल धुंदन के छात्रों ने लोगों को जागरूक किया। पर्यावरण से संबंधित इस कार्यक्रम द्वारा छात्रों ने लोगों को जागरूक किया। मुख्याध्यापक श्याम लाल रनोट ने बच्चों को प्रार्थना सभा में पर्यावरण के संरक्षण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हम पर्यावरण को स्वच्छ रखकर ही स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं। इसके बाद बच्चों ने पर्यावरण के उपर भाषण देकर उसे स्वच्छ रखने की बातें बताईं। मुख्याध्यापक श्याम लाल रनोट ने बताया कि इस अवसर पर इंटर हाउस कंपीटिशन करवाया गया, जिसमें पेंटिंग, स्लोगन लेखन, भाषण प्रतियोगिता करवाई गई। साथ ही एनएसएस वालंटियर्स और एनसीसी कैडेट्स ने स्कूल से पसल गांव तक रैली निकाल कर लोगों को जागरुक किया। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्कूल का पूरा स्टाफ शामिल रहा।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी अर्की में पर्यावरण दिवस एवं शिक्षा संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। इस मौके पर विभिन्न नारों द्वारा तथा संदेश के माध्यम से चंडी बाजार में समस्त जनता को पर्यावरण सुरक्षा के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर अन्तः सदनीय विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें निबंध लेखन, भाषण, नारा लेखन तथा चित्रकला प्रतियोगिता रही। यह प्रतियोगिताएं 4 सदनों में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वर्ग के बीच की गई। वरिष्ठ वर्ग में नवी से 12वीं के छात्र कनिष्ठ वर्ग में छठी से आठवीं के छात्र रहे। इसके बाद एनएसएस प्रभारी हेमलता द्वारा पर्यावरण दिवस की उपयोगिता एवं इसके आरंभ का उद्देश्य बताया गया। इस मौके पर प्रतिज्ञा द्वारा सभी ने पर्यावरण सुरक्षा की जिम्मेदारी ली। प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता ने सभी बच्चों के उत्साह को सराहा। मध्याह्न में शिक्षा संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कि अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती पूजन से हुआ। इसके उपरांत आरएमएसए प्रभारी प्रवक्ता वाणिज्य शांता के द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विषय में विस्तार से बताया गया। परीक्षा प्रणाली के विषय में छठी से आठवीं टीजीटी गीता राम, नवीं के बारे में टीजीटी पवन कुमार, 11वीं प्रवक्ता कॉमर्स अनिल गौतम के द्वारा बताया गया। इसके उपरांत छात्रवृति योजनाओं की जानकारी प्रवक्ता रसायन शास्त्र चंदू राम सिमर द्वारा दी गई। सरकार द्वारा चलाए जा रहे विद्यांजलि योजना के बारे में शास्त्री कमल कांत द्वारा बताया गया। इसके उपरांत विज्ञान प्रतियोगिताओं एवं कोविड-19 के बारे में प्रवक्ता भौतिकी रामस्वरूप गौतम द्वारा संवाद स्थापित किया गया। एसएमसी प्रधान टेकचंद शर्मा द्वारा अभिभावकों को शिक्षा संवाद द्वारा बताए जा रहे सभी योजनाओं के प्रति जागरूक रहने को कहा गया तथा समय-समय पर इससे संबंधित बातचीत करने के लिए विद्यालय में आने एवं संवाद स्थापित करने का सभी ने संकल्प लिया। प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता ने अभिभावकों द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों का समाधान एवं सुझावों को विश्लेषित किया गया। उन्होंने कहा कि गत 2 वर्षों से निरंतर अहर्निश उन्होंने विद्यालय प्रगति के लिए प्रयास किया है। अब वे चाहते हैं कि शैक्षणिक स्तर में भी सुधार किया जा सके। गौरतलब है कि अब छात्र भी विद्यालय में आ चुके हैं। अतः अब विद्यालय के सर्वांगीण विकास की ओर विद्यालय प्रशासन का संपूर्ण प्रयास रहेगा। इस आयोजन के लिए उन्होंने सभी अभिभावकों को बधाई दी। साथ ही कहा की विद्यालय हमेशा उनके द्वारा दिए जाने वाले सुझावों का स्वागत करता है। उनके किसी भी संशय का निदान हर वक्त किया जाता है। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन समिति की आम सभा का आयोजन भी किया गया। आम सभा मे छात्र हित और स्कूल हित में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किए गए और निर्णय लिए गए पाठशाला में रिक्त पढ़ रहे जीव विज्ञान और शारीरिक शिक्षक के पदों को भरने संबंधी मांग पुनः सरकार से उठाने का भी निर्णय लिया गया और यह भी निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार से कोई पद भरे नहीं जाते, तब तक पेरेंट्स के अंशदान से पाठशाला में वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। पर्यावरण के अवसर पर पाठशाला में एनएसएस इकाई की ओर से प्रधानाचार्य द्वारा पौधारोपण भी किया गया। इस अवसर पर चंडी क्षेत्र के सेवानिवृत्त शिक्षाविद बहुत से गणमान्य व्यक्ति सहित लगभग 100 अभिभावकों ने भाग लिया।
बाजार भरमाड़ में शहीद गेट पर युवाओं ने ठंडे मीठे जल की छबील लगाई। इस दौरान आते-जाते राहगीरों को ठंडा मीठा जल पिलाया। इस दौरान दुकानदारों ने हलवे का प्रसाद भी बांटा। इस मौके पर सुभाष कुमार, डॉ. सुनील कुमार, विजय कुमार तिलक कुमार, अजय शर्मा, अंकित डोगरा अभी कुमार, टिंकू कुमार, आदि कुमार, ईशान कुमार, रवि कुमार, बलवान सिंह, बंटू कुमार और संजू रिहालिया आदि ने अपनी सेवाएं दीं।
हर साल गर्मी प्रचंड होती जा रही है। हिमाचल प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने जीना दुश्वार कर दिया है। इससे न केवल मनुष्य को बल्कि बेजुबान जानवरों को भी आसमान की तरफ बारिश की उम्मीद में टकटकी लगाया देखा जा सकता है। हर साल जब भी गर्मियों का मौसम आता है तो बहुत से नसीहते देखने और सुनने को मिलती है जैसे घर के बाहर पक्षियों के लिए खाना पानी रखें। लेकिन कभी सोचा है बड़े आवारा जानवरों का क्या होगा, क्योंकि उनका ख्याल रखने वाली चुनिंदा संस्थाएं ही हैं। चिल-चिलाती गर्मी में दुकानों और घरों के बाहर से गुजरते जानवर खाने की आस लिए रहते हैं। हमने शहरों को स्मार्ट शहर बनाने के चक्कर में जरूरी व्यवस्थाओं को खत्म कर दिया है। हमें ही बेजुबान जानवरों की पैरवी करनी होगी। वे तो बेजुवान होते हैं। जिस प्रकार से गर्मियों में हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है, उसी प्रकार जानवरों के शरीर में भी पानी की कमी हो जाती है। जरूरी नहीं को आप किसी संस्था से जुड़कर ही इनकी मदद कर सकते हैं बल्कि एक छोटी से पहल अपने घर से भी कर सकते हैं। अपने घर में ही इनको पानी पीने के लिए पात्र रख सकते हैं। इससे बड़ा कोई भी पुण्य नहीं होता है।
--अभ्यर्थियों को मिली सुविधा --2 सत्रों में ली गई परीक्षा धर्मशाला में 5 जून 2022 को पहली बार यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा करवाई गई। इस परीक्षा के लिए 3 केंद्र निर्धारित किए गए थे। इनमे राजकीय महाविद्यालय धर्मशाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र), राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) शामिल थे। परीक्षा का आयोजन कोविड नियमों का पालन करते हुए दो सत्रों में किया गया। पहला सत्र प्रातः 9.30 से 11.30 बजे तक तथा दूसरा सत्र 2.30 से 4.30 बजे तक आयोजित किया गया। दिशानिर्देशों के अनुसार परीक्षा के लिए उम्मीदवार प्रवेश परीक्षा आरंभ होने से एक घंटा पूर्व परीक्षा केंद्र में पहुंचे। कांगड़ा में परीक्षा केंद्र के होने से जिला के साथ-साथ अन्य साथ लगते जिलों के उम्मीदवारों के लिए भी यह सहूलियत थी और उन्हें परीक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ा। परीक्षा में पहुंचे अभ्यर्थियों ने कहा कि धर्मशाला में यूपीएससी की परीक्षा होने से काँगड़ा, चम्बा और आस पास लगते क्षेत्र के अभ्यर्थिओं को सहूलियत हुई है। इससे पहले अभ्यर्थिओं को परीक्षा देने के लिए शिमला या चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता था जिस कारण उनके 2 से 3 खराब हो जाते थे। कई अभ्यार्थी अपनी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण भी परीक्षा देने नहीं पहुंच पाते थे क्यूंकि शिमला या चंडीगढ़ जाने में बहुत खर्चा हो जाता है। अभ्यर्थियों ने कहा कि अब धर्मशाला में परीक्षा होने से उनका समय और पैसा दोनों ही कम लगे है। यूपीएससी परीक्षा के संचालन के लिए पर्यवेक्षकों को दी गई थी ट्रैंनिंग : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा की प्रारंभिक लिखित परीक्षा को लेकर परीक्षा पर्यवेक्षक तथा केंद्र प्रभारियों के लिए उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने परीक्षा की प्रक्रिया तथा पारदर्शिता के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे और इसके साथ ही संघ लोक सेवा आयोग के दिशा निर्देशों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई थी। उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों से परीक्षा केंद्रों में विद्युत, पेयजल तथा बैठने की उचित व्यवस्था समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी पुलिस कर्मचारियों की सेवाएं ली गई।
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है तथा जन-जन की एकजुटता से ही पृथ्वी को सुरक्षित रखा जा सकता है। डॉ. सैजल आज यहां सारथी संस्था द्वारा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के समापन समारोह को संबाेधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया। सारथी संस्था द्वारा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से प्रथम जून, 2022 से 05 जून, 2022 तक जन-जन को पर्यावरण की दिशा में जागरूक बनाने के लिए पर्यावरण सप्ताह का आयोजन कर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। डॉ. सैजल ने कहा कि यदि अब मनुष्य ने प्रकृति को नहीं सहेजा तो सभी प्राणियों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में न केवल जन-जन को पेड़ लगाकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लेना होगा, अपितु रसायनिक खेती को भी छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं मानव जीवन एक-दूसरे पर निर्भर हैं और पर्यावरण को सहेज कर ही भविष्य को सुरक्षित रखा जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा गम्भीर प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग एवं विभिन्न स्वंयसेवी संस्थाओं द्वारा नियमित रूप से पौधरोपण कार्यक्रमों के माध्यम से वृक्ष रोपण किया जा रहा है। इन प्रयासों के फलस्वरूप राज्य के हरित आवरण में सत्त वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना’ कार्यान्वित कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में 01 लाख 70,000 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होेंने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की बधार्द दी और आशा जताई कि सारथी संस्था भविष्य में भी अपने सकारात्मक प्रयासों को जारी रखेगी। आयुष मंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया। संस्था के अध्यक्ष सुभाष सकलानी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और संस्था की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि संस्था ने विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पर्यावरण सप्ताह का आयोजन किया। उन्होंने अवगत करवाया कि प्रथम जून, 2022 को प्राथमिक स्तर के स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, 02 जून को पर्यावरण विषय पर कवि सम्मेलन, 03 जून को भाषण प्रतियोगिता, 04 जून को पर्यावरण विषय पर सोलन में रैली आयोजित की गई तथा 05 जून, 2022 को मैराथन का आयोजन किया गया। डॉ. जीआर साहिबी ने धन्यावाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया भाषण प्रतियोगिता में सैंट ल्यूक्स स्कूल के कनक भारद्वाज प्रथम, गुरूकुल इंटरनेश्नल स्कूल की दीया ठाकुर द्वितीय तथा सनातन धर्म विद्यालय सोलन की पलक तृतीय स्थान पर रही। मैराथन की लड़कों की वरिष्ठ श्रेणी में टींकू शर्मा पहले, विशाल राजपूत दूसरे तथा रविंद्र तीसरे स्थान पर रहे। लड़कियों की श्रेणी में निकिता पहले, आंचल दूसरे तथा प्राची तीसरे स्थान पर रही। मैराथन की लड़कों की जूनियर श्रेणी में लक्की प्रथम, मनीष द्वितीय तथा आरजू़ तृतीय स्थान पर रहे। लड़कियों की जूनियर श्रेणी में रिद्धिमा पहले, सान्वी दूसरे तथा भूमिका तीसरे स्थान पर रही। इस अवसर पर शिक्षा क्रान्ति मंच की पर्यावरणविद एवं शिक्षिका नीलम राजपूत को सामाजिक उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। प्रणव थियेटर के कलाकारों ने इस अवसर पर पर्यावरण विषय पर एक नुक्कड़ नाटक तथा टैगोर इंटरनेश्नल विद्यालय द्वारा समूहगान प्रस्तुत किया गया। दुग्ध पशु सुधार सभा सोलन के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा, प्रदेश भाजपा कार्याकरिणी सदस्य पवन गुप्ता, ग्राम पंचायत सपरून की प्रधान रेणु, भाजपा महामंत्री संजीव सूद, भाजपा की मीना ठाकुर एवं अरूणा शर्मा, सारथी संस्था के महासचिव अनिल भनोट, पुरूषोत्तम चौधरी, ब्रिजेश सकलानी, अन्य पदाधिकारी, विभिन्न स्वंय सेवी संस्थाओं के पदाधिकारी, सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
नगर परिषद संतोषगढ़ में पर्यावरण दिवस पर स्थानीय स्वा नदी की सफाई की गई। इसमें रविवार को प्रदूषण बोर्ड की टीम व संतोषगढ़ नगर परिषद कमेटी के साथ मिलकर स्वां नदी की गई। स्वां नदी में अक्सर आते-जाते राहगीर व स्थानीय लोग अन्य प्रकार की खाद्य सामग्री नदी में बहा देते है। इस कारण पानी में गंदगी फैली जाती है। आए दिन पानी में गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर प्रदूषण बोर्ड की टीम के साथ मिलकर नगर परिषद संतोषगढ़ ने स्वां नदी सफाई की गई। प्रदूषण बोर्ड के जेई गुरप्रीत सिंह अटवाल ने बताया कि आज हमने पर्यावरण दिवस पर स्वां नदी की सफाई की और पुल पर खड़े होकर को जागरूक किया कि पानी में गंदगी ना फैलाएं। बल्कि उस सामग्री को वेदों के अनुसार जमीन में दबाए जा जलाया जाए न कि पानी में बहाया जाए। इस दौरान प्रदूषण बोर्ड के गुरप्रीत सिंह अटवाल, मोहित भारती, नगर परिषद संतोषगढ़ के जसविंदर सिंह, प्रिंस आदिवाल, नगर परिषद संतोषगढ़ के प्रधान निर्मला देवी, उपाध्यक्ष रजनीश चब्बा, संतोषगढ़ के सफाई कर्मचारी, क्रिमिका फैक्टरी के मुलाजिमों ने मिलकर स्वां नदी की सफाई की ।
अनूप। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चमियाना के भरमाड़ गांव को सड़क से जोड़ने के लिए भलेठ लिंक रोड का कार्य स्वरूप शुरू कर दिया गया है। उक्त जानकारी देते हुए सुजानपुर के भाजपा नेता प्रकाश सडयाल ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के अथक प्रयासों से ऐसा हो पाया है। उन्होंने बताया कि भरमाड़ वासियों का एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम पंचायत प्रधान बीना देवी और उप प्रधान सुभाष की अगवाई में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मिला था। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने जनता की मांग को ध्यान पूर्वक सुना तथा ताकि मांग को शीघ्र ही पूरा करने का आश्वासन दिया। प्रकाश ने बताया कि अब ग्राम पंचायत चमयाना के दूरस्थ गांव भरमाड़ को अब सड़क मार्ग से भलेठ के लिए जोड़ने के लिए लिंक रोड का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए लगभग 10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। ग्राम वासियों ने कार्य शुरू होने के पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का आभार व्यक्त किया है।
महिलाओं काे कार्यक्रम स्थल पर जाने से राेकना बचकानी हरकत मीनाक्षी साेनी। हमीरपुर जिला मुख्यालय के बसंत रिजार्ट में मातृशक्ति आशीर्वाद महोत्सव के बहाने युवा नेता आशीष शर्मा ने रविवार को भीड़ जुटा कर शक्ति प्रदर्शन किया है। इस मौके पर समाजसेवी प्रकाश चंद शर्मा विशेष रूप से मौजद रहे। प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य आशीष शर्मा ने कहा कि चार हजार कुर्सियां आयोजन स्थल पर लगाई थी और छह से सात हजार की तादात में मातृशक्ति के पहंुच कर उन्हें आशीर्वाद दिया है, इसके लिए वह आभारी हैं। आयोजन स्थल पर आने से महिलाओं के रोके जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि यह बहुत ही बचकानी सी हरकतें हैं। कुछ लोगों ने ऐसे प्रयास किए कि महिलाएं इस कार्यक्रम में नहीं आएं। लोकतंत्र में सबको हक है कि वह कार्य करें और लोगों को सभी सुनने और परखने का हक है। जिला मुख्यालय में आयोजन के बाद मीडिया कर्मियों से रू-ब-रू होते हुए भाजपा से टिकट की मांग पर सवाल पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना ही है और इसका ऐलान वह पहले ही कर चुके हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व को सब मालूम हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में सर्वे हो रहे हैं और सर्वे के माध्यम से टिकट मिल रहे हैं। यदि पार्टी हाईकमान को लगता है कि वह सर्वे में हैं और इस योग्य है तो टिकट दें। गौरतलब है कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा टिकट की दौड़ में आशीष शर्मा का नाम पर सियासी गलियारों में खूब चर्चा में है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक छह और सात जून को हमीरपुर में प्रस्तावित है और कई संगठन के शीर्ष नेता रविवार को जिला में पहुंच गए हैं। इन नेताओं की हमीरपुर मौजूदगी के बीच आशीष शर्मा ने परोक्ष रूप टिकट के लिए अपने दावे को मजबूत करने का प्रयास किया है।
विनायक ठाकुर।देहरा हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्विद्यालय सप्तसिंधु परिसर देहरा समाजशास्त्र और सामाजिक नृविज्ञान विभाग द्वारा पर्यायवरण दिवस के उप्लक्षय पर सप्त सप्त सी धय परिसर देहरा के ब्लॉक 2 में ग्रीन कैंपस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों तथा प्रध्यापकों ने परिसर में गमलों में फूल लगाकर परिसर को मनमोहक बनाया तथा स्थानीय क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला सनोट, देहरा में विद्यार्थियों तथा प्रधायपकों के द्वारा पौधारोपण का आयोजन किया गया। उसी के साथ स्थानीय गांव में घर-घर जाकर पौधा दान किया और उन्हें पर्यायवरण का महत्व समझाया। इस उप्लक्षय पर सप्त सिंधु परिसर के निदेशक प्रो.नारायण सिंह राय, प्रो.हर्षवर्धन, समाजशास्त्र तथा सामाजिक नृविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.आशुतोष प्रधान, कार्यक्रम के समन्वयक डॉक्टर निरुयोमा कारदोग विभाग के अन्य शिक्षक अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष तथा शिक्षक मौजूद रहे।
महिलाओं को लकडिय़ों के धुएं से आजादी दिलाने के लिए चलाई जा रही केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के जिला ऊना में 10,588 लाभार्थी हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के तहत लाभार्थी को फ्री गैस कनेक्शन प्रदान किया जाता है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से जहां महिलाओं को लकडिय़ों से होने वाले धुएं से राहत मिली है और उन्हें रसोई के कार्य करने में आसानी होती हैं, वहीं पर्यावरण को बचाने में भी मदद मिल रही है। ऊना नगर परिषद के तहत वार्ड नंबर-3 की लाभार्थी सपना, चांदनी तथा बलजीत ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क गैस कनेक्शन मिला है। पहले घर का खाना जहां लकडिय़ां एकत्र कर बनाना पड़ता है, वहीं अब रसोई गैस मिलने से सुविधा हो रही है। सभी लाभार्थी नि:शुल्क गैस कनेक्शन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं।
जिला मुख्यालय के समीप टक्का रोड पर स्थित गुरुद्वारा शहीद सिंह में रविवार को गुरु अर्जन देव जी का शहीदी गुरुपर्व मनाया गया। इस अवसर पर श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले गए। इसके बाद कीर्तन दरबार सजाया गया। इसमें महापुरुष बाबा संता सिंह भाई गोपाल सिंह बालीवाल,भाई हरदीप सिंह, भाई परमजीत सिंह,भाई बलविंदर सिंह,भाई कर्मजीत सिंह, संत बहादुर सिंह, भाई अम्र सिंह , एस.जी.पी.सी सदस्य दलजीत सिंह भिंडर, प्रचारक गुरदीप सिंह ने संगत को निहाल किया। इस अवसर पर बाबा प्रितपाल सिंह संत ने सिरोपे देकर सबका सम्मान किया। इस अवसर पर स्टेज सचिव की जिम्मेदारी भाई शिंगारा सिंह ने निभाई। इस अवसर पर गुरु नानक देव जी के वंशज बाबा अमरजोत सिंह जी बेदी, बाबा अजीत सिंह देहलां, गुरु नानक मिशन संस्था के महां सचिव हरपाल सिंह कोटला, जोग्मान सिंह, परमजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रतिमा राणा। पालमपुर ग्राम पंचायत, थला में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता उपमंडल विधिक साक्षरता चेयरमैन सीनियर सिविल जज विशाल भमनोत्रा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोगों को अपने मौलिक अधिकारों तथा कानूनी पहलुओं की सही जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने लोगों से आपसी सहमति और मध्यस्थता से अधिकतर मामलों का निपटारा करने पर बल दिया । उन्होंने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य लोगों में उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा कानूनी पहलुओं की जानकारी मुहैया करवाना है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति स्थापित करना कानून लक्ष्य है और न्याय पाना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि पीड़ित को सुलभता और समय पर न्याय मिल सके। इसके लिए पूर्ण प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत जहां प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है। वहीं, प्रत्येक नागरिक अपने दायित्वों के संबंध में जानकारी होना भी आवश्यक है। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और मुफ्त कानूनी सहायता बारे भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिवक्ता लोकेंद्र ठाकुर ने महिला सशक्तिकरण और महिला कानूनों के बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या, लिंग जांच परीक्षण अधिनियम, माता-पिता-स्त्री भरण-पोषण अधिनियम, उपभोक्ता अधिनियम आदि विषयों पर भी जानकारी दी। शिविर में लोगों को गरीबी उन्मुलन, बेरोजगारी भत्ता, महिलाओं को सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाने, तकसीम, राजस्व सम्बंधी मामलों व मोटर व्हीकल एक्ट इत्यादि के बारे जानकारी दी गई। खंड विकास अधिकारी, सिकंदर कुमार ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे जानकारी दी। अधिवक्ता, रजनी कटोच ने महिला कानूनों इत्यादि की जानकारी दी। शिविर में थला पंचायत की प्रधान अंजू कुमारी, पूर्व प्रधान कुलदीप कपूर, एससीबीपीओ योगेश, थला महिला मंडल की प्रधान सत्या देवी, राम चंद, हरी राम, प्यार चंद, प्रताप चंद, पूर्ण चांद, धर्म चंद, दिनेश शर्मा, सुरजीत सिंह, सोहन सिंह, कांसी राम और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
अजय सूर्या। मंडी ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य एवं पशु पालन मंत्री विरेंद्र कंवर ने कहा कि जयराम सरकार हिमाचल में भारतीय गाय आधारित जीवन पद्धति विकसित करने की दृष्टि से काम कर रही है। प्रदेश भर में गौ विज्ञान केंद्र खोले जा रहे हैं, ताकि दुग्ध उत्पादों के अलावा गौ मूत्र और गोबर के उपयोग से भी गाय आधारित अर्थव्यवस्था को बल दिया जा सके। विरेंद्र कंवर रविवार को मंडी सदर उपमंडल के चौकी गांव में स्थित गौशाला-कान्हा गौ ग्राम संवर्धन केंद्र में भगवान कृष्ण गोपाल की मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में बोल रहे थे। इस मौके उन्होंने गौशाला मंदिर में पूर्जा-अर्चना की और वहां आयोजित हवन यज्ञ में भाग लिया। मंत्री ने परिसर में सेब का पौधा भी रोपा। उन्होंने गोवंश संरक्षण और समाज हित के कार्यों के लिए कान्हा गौ ग्राम संवर्धन केंद्र की सराहना की। गाय से जुड़ी है हमारी संस्कृति विरेंद्र कंवर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सनातन संस्कृति गाय से जुड़ी है। अपनी संस्कृति से, अपनी जड़ों से कटना कभी हितकर नहीं होता। हमारे देश में गंगा, गीता और गौ माता को बराबर का महत्व दिया गया है। लेकिन खेती के लिए तकनीकी और केमिकल्स के अंधाधुंध इस्तेमाल के चलते लंबे समय तक गोवंश का तिरस्कार किया गया, जिससेे भारतीय नस्ल की गाय लुप्त होती चली गई। आज हम जहरीली खेती से एक बड़ी त्रासदी की ओर बढ़ रहे हैं। इससे बचाव का रास्ता गौ पालन से जुड़ा है। हमारी सरकार गाय आधारित कृषि को प्रोत्साहन दे रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जरूरी प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दी जा रही है। 4.64 करोड़ की गौरी परियोजना विरेंद्र कंवर ने कहा कि हिमाचल की पहाड़ी गाय के संवर्धन के लिए केंद्र सरकार ने 4.64 करोड़ की गौरी परियोजना स्वीकृत की है। इस परियोजना में पहाड़ी गाय के संरक्षण और नस्ल सुधार का काम किया जाएगा। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सिरमौर जिला के कोटला बड़ोग में हिमाचली पहाड़ी गाय फार्म की स्थापना की जा रही है। 20 हजार बेसहारा गोवंश को आश्रय, सड़क से गौ सदनों में पहुंचाने में मिली सफलता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किसानों और गौ वंश के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार बनते ही बेसहारा पशुओं को आश्रय देने और उनकी देखभाल के लिए हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग की स्थापना की। गौशालाओं की मजबूती, गौ सदनों व शैड निर्माण पर जोर दिया गया। प्रदेश में 198 गौ सदन संचालित किए जा रहे हैं। इनके सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग 3.08 करोड़ आबंटित किए गए हैं । इन सब प्रयासों के परिणाम स्वरूप प्रदेश में करीब 20 हजार बेसहारा गोवंश को सड़क से गौ सदनों में पहुंचा कर आश्रय देने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 गौ अभ्यारण बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। घोषणाएं ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, पशु पालन एवं मत्स्य पालन मंत्री ने चौकी से चुलाहणू 3 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 4 लाख देने की घोषणा की। चौकी में कुआं निर्माण को लेकर एक लाख देने की घोषणा के साथ मृदा संरक्षण अधिकारी को मौका करने के निर्देश दिए। उन्होंने कान्हा गौ ग्राम संवर्धन केंद्र की चारदीवारी के लिए 3 लाख देने और समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सायरी महिला मंडल को 11 हजार की घोषणा की। समारोह में कान्हा गौ ग्राम संवर्धन केंद्र चौकी के अध्यक्ष वेद प्रकाश ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए गौशाला केंद्र की गतिविधियों का ब्योरा दिया। इस अवसर पर संत अभिषेक गिरि महाराज, गौ सेवा आयोग के सदस्य डॉ. अशोक शर्मा, विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष लेखराज राणा, सेवा भारती के हिमाचल प्रांत के संगठन मंत्री राकेश, उपायुक्त अरिंदम चौधरी, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, उपाध्यक्ष मुकेश चंदेल, भाजपा सदर के मंडलाध्यक्ष मनीष कपूर, कान्हा गौ ग्राम संवर्धन केंद्र के महामंत्री हेमंत कुमार व पंचायत समिति के उपाध्यक्ष भुवनेश्वर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित कॉन्शियस प्लैनेट-द वे फॉरवर्ड कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया। योगी, आध्यात्मिक गुरु और फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने अपने आंदोलन सेव सॉयल के बारे में विस्तार से बताया। इस गहन चिंतन सत्र को आयोजित करने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जागरूक विश्व तैयार करने पर विचार-विमर्श करना है। इस सत्र में केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए लोगों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। सोलन शूलिनी विश्वविद्यालय में वी-एम्पॉवर कोचिंग टीम ने कोचिंग के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन किया। कुलपति प्रो अतुल खोसला और कोच पायल खन्ना द्वारा शुरू की गई शूलिनी विश्वविद्यालय में कोचिंग पहल की कामयाबी के उपलक्ष्य में यह समारोह आयोजित किया गया। कोचिंग का पहला चरण में एमबीए और बीटेक समिट रिसर्च प्रोग्राम (एसआरपी) के छात्रों ने भाग लिया। चांसलर पीके खोसला के प्रोत्साहन के शब्दों ने समारोह की नींव रखी। क्योंकि उन्होंने सभी उपस्थित लोगों के साथ अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने कोचिंग में शामिल लाभों और चरित्र ढलाई पर बात की। प्रो. सौरभ कुलश्रेष्ठ, डीन, अनुसंधान और विकास शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने कोचिंग अनुभव के बारे में बात की और बताया कि कैसे उन्होंने अपने पूरे जीवन में कई अलग-अलग लोगों से कई अलग-अलग तरीकों से सीखा है। छात्रों पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने के लिए छात्र प्रशंसापत्र प्रस्तुत किए गए। दो छात्रों ने कोचिंग के अवसर का लाभ उठाने के बाद लाभान्वित होने की बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया साझा की। कोचिंग से जीवन के विभिन्न पहलुओं में लाभ मिलता है, चाहे वह अकादमिक हो या कॉर्पोरेट। पायल खन्ना ने आईसीएफएफ-शूलिनी इग्नाइट सर्वेक्षण के परिणाम प्रस्तुत किए, जो इस बारे में बहुत कुछ कहते हैं कि कोचिंग प्रोजेक्ट कितना अच्छा चला। कोच पायल खन्ना ने कुलपति प्रो. अतुल खोसला को उनके दृष्टिकोण और कार्यक्रम के पीछे अटूट समर्थन, हमारे समर्पित छात्रों और इस सम्मान को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।
हमारा प्रदेश पूर्व में सभी हिमाचल वासियों के प्रयास और सहयोग से पॉलिथीन और प्लास्टिक मुक्त हुआ था। आज क्या स्थिति है यह चिंतन का विषय है। विश्व पर्यावरण दिवस पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही है। उन्होंने कहा कि इस्तेमाल में आने के बाद पॉलिथीन और प्लास्टिक उचित तरीके से डिस्पोज न हो पाने की वजह से वातावरण को दूषित करने का प्रमुख कारण बनते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्पित स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए पर्यावरण सरक्षंण भी महत्वपूर्ण है और पर्यावरण को दूषित करने वाली इस वजह को खत्म करना अत्यंत आवश्यक है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को सरंक्षित करने की दिशा में प्लास्टिक बैन करने वाले देश के पहले राज्य का गौरव हिमाचल प्रदेश के नाम है। सिंगल यूज प्लास्टिक और रिसाईकिल्ड पॉलिथीन बैग के कचरे के कारण पर्यावरण में हो रहे प्रदूषण के खतरे को भांपते हुए प्रदेश में पर्यावरण के संरक्षण को हमने इस सदी के प्रारंभ में प्रयास शुरू किए थे और बाद में लगातार इस दिशा में अनेकों कदम उठाए, जिनमें की पौधारोपण अभियान चलाना और प्लास्टिक व पॉलीथिन को बैन करना शामिल था। पौधरोपण अभियान चलाकर पूरे प्रदेश में कवर्ड एरिया बढ़ाया था और प्लास्टिक पॉलिथीन के उपयोग पर बैन लगा कर पूरे प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त किया था। जिसके लिए विश्व भर में सराहना मिली और विश्व बैंक से हरित विकास के नाम पर बहुत सहायता भी मिली। एशिया में पहला प्रदेश हिमाचल प्रदेश बना जिसको कार्बन क्रेडिट प्राप्त हुआ था। पूर्व सीएम ने कहा कि अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुएं जो प्लास्टिक की पैकिंग में आती थी, उन से उपजे प्लास्टिक के कचरे को यहां वहां ना फैंक कर, बल्कि उसका इस्तेमाल कर उसके दुष्प्रभावों से पर्यावरण को बचाने की योजना हिमाचल प्रदेश सरकार ने तब बनाई थी। योजना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में घर घर से प्लास्टिक का कचरा पंचायत को बेचा जाना था, जिसको आगे पंचायत पीडब्ल्यू विभाग को बेचती और पी डब्ल्यू विभाग उस प्लास्टिक को सड़क निर्माण कार्य में उपयोग में लाना था। इसके लिए प्रदेश में पीडब्ल्यूडी विभाग के हर डिवीजन को श्रेडर मशीन उपलब्ध करवाई गई और इस योजना पर काम भी हुआ। फल स्वरूप सड़क निर्माण में आने वाली लागत में तीस हज़ार से चालीस हज़ार रुपये प्रति किलोमीटर की कमी आई थी। इस योजना के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार की प्रशंसा करते हुए प्रशस्ति पत्र और पांच लाख रुपए अवार्ड के रूप में प्रदेश को दिए थे। बाद में कई गैर सरकारी संगठनों ने भी इस काम में सहयोग किया था और प्रदेश को कार्बन न्यूट्रल बनाने के उद्देश्य से पौधारोपण अभियान व कार्बन एमिशन को कम करने के लिए बहुत काम किया गया था। पौधारोपण अभियान में भूतपूर्व सैनिकों की इको टास्क फोर्स का भी सहयोग लिया गया था।
युवा राष्ट्र की अमूल्य निधि हैं और इस निधि का सही उपयोग करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र और राज्य सरकार की नवोन्मेषी योजनाओं के माध्यम से युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है। ग्रामीण युवाओं को संगठित और असंगठित क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू- जीकेवाई) का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह योजना केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी योजना है। योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें न्यूनतम मजदूरी या नियमित मासिक वेतन पर रोजगार उपलब्ध करवाना है। इस योजना के तहत 70 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में निश्चित रोजगार उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाता है। प्रशिक्षुओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण के साथ नि:शुल्क छात्रावास की सुविधा भी प्रदान की जाती है। प्रत्येक कोर्स की अवधि 3 से 12 महीने की होती है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात एक वर्ष के लिए प्रशिक्षुओं की पोस्ट प्लेसमेंट ट्रैकिंग की जाती है। इस योजना के तहत परिधान, आतिथ्य, ग्रीन जॉब्स, ब्यूटिशियन, सिलाई मशीन ऑपरेटर, बेकिंग, स्टोरेज ऑपरेटर, स्पा, अनआम्र्ड सिक्योरिटी गार्ड, इलेक्ट्रीशियन, सेल्स एसोसिएट, अकॉउंटिंग, बैंकिंग सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव, कंप्यूटर हार्डवेयर असिस्टेंट, टेली एक्सीक्यूटिव-लाइव साइंसेज आदि ट्रेड्स के तहत चलाए जा रहे हैं। वर्तमान में डिजिटल स्किल, सोशल मीडिया, इलैक्ट्रॉनिक, विजुअलाइजेशन, टेलिविजन और मोबाइल रिपेयर जैसे क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोगार और रोजगार सृजन के अपार अवसर हैं। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में विभिन्न ट्रेड्स के अन्तर्गत युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर उनके कौशल में विकास किया जाता है। प्रदेश सरकार इन ट्रेडस के माध्यम से अर्द्धकुशल और कुशल युवाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर कर रही है। इस योजना के अन्तर्गत 6681 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश भर में विभिन्न केंद्रों के माध्यम से 1800 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी के साथ प्रदेश के 3500 प्रशिक्षुओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए गए हैं।
रंजीत ठाकुर। कुनिहार पुलिस पैनसर एसोसिएशन मुख्यालय कुनिहार द्वारा त्रैमासिक बैठक का आयोजन प्रधान धनीराम तंनवर की अध्यक्षता में चंदेल गेस्ट हाउस कंडा में किया गया, जहां सबसे पहले इस अवधि में जिन पुलिस पैनशर का निधन हुआ, उनकी आत्मा शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की गई। बैठक में पेंशनरों ने अपनी मुख्य मांगों पर सरकार व पुलिस विभाग द्वारा उन्हें पूरा करने का आग्रह किया। मुख्य मांगों की जानकारी देते हुए धनीराम तनवर ने बताया कि बढ़ी हुई पेंशन का एरियर 2016 से नगद एकमुश्त में पुलिस पैनसर को जल्द अदा किया जाए, ताकि जीते-जी उसका लाभ प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री द्वारा जल्द ही जेसीसी मीटिंग प्रदेश पैनसर एसोसिएशन के साथ रखी जाए, ताकि पुलिस पेंशनर एसोसिएशन के डेली गेट भी अपनी मांगों को उनके समक्ष रख सके। क्योंकि हमारी एसोसिएशन भी प्रदेश पेंशनर एसोसिएशन के साथ भागीदार है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन कई बार पुलिस मुख्यालय व सरकार से लिखित तौर पर मांग कर चुकी है कि अगर पुलिस पेंशनर के निधन होने पर नियमानुसार अंतिम सम्मान प्रदान करना है, तो आदेश को ध्यान में रखते हुए ठीक तरह से प्रदान करें न कि पेंशनर का मजाक उड़ाया जाए। जैसा कि पूरे प्रदेश में देखने में आया है कि अपनी मर्जी के मुताबिक किसी जिला में तो 1, 4 की गार्द अंतिम सम्मान के लिए भेजी जाती है। कहीं पर सूचना मिलने के बावजूद भी कोई कर्मचारी अंतिम संस्कार में नहीं जाता कहीं पर अगर जाता भी है, तो अधूरा आदेश का पालन किया जाता है और न ही हमारी मांग के मुताबिक इस आदेश को किसी थाना के नोटिस बोर्ड पर भी नहीं लगाया गया है। हाल ही में एक रिटायर एसआई की गांव गढखल में मृत्यु होने पर और थाना कसौली में सूचना देने पर भी कोई एनजीओ या पुलिस कर्मचारी वहां नहीं गया। इस प्रकार का भद्दा मजाक बंद किया जाए। इस अंतिम सम्मान को हमने फौजी पेंशनर के निधन होने पर जो उनके अधिकारियों द्वारा प्रदान किया जाता है, उसकी तर्ज पर प्रदेश सरकार व पुलिस विभाग द्वारा मांग की थी, मगर जब कोई सुनवाई न हुई, तो एसोसिएशन ने तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह से लिखित मांग उठाई थी, जिन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, जिसके कारण यह अंतिम सम्मान प्रदान करने का लिखित आदेश पुलिस महानिदेशक ने सभी जिला के पुलिस अधीक्षक को अमल करने के लिए दिया था, जिसकी कॉपी एसोसिएशन के पास भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी इस मांग पर कोई गंभीरता से निर्णय लिया जाता है, तो उसकी कॉपी सूचना हेतु एसोसिएशन को भी दी जाए। इसके अलावा काफी समय से मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण वृद्ध अवस्था में पेंशनर को अपना इलाज कराने में मुश्किल आ रही है। एसोसिएशन पुलिस कर्मियों की मांगों पर भी गंभीरता से विचार करने का आग्रह करती है कि उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए, ताकि वह अपने कर्तव्य को निष्ठा से पूरा कर सकें। एसोसिएशन काफी वर्षाें से सरकार व पुलिस विभाग से मांग कर रही है कि फौजी तर्ज पर पुलिस भर्ती में भी पुलिस के कर्मचारियों व पुलिस पेंशनरों के बच्चों को कुछ सीटें आरक्षित रहनी चाहिए।एसोसिएशन को पहले भी आईजी वेलफेयर द्वारा मीटिंग के दौरान शिमला में कहा गया था कि यह विभाग के हाथ में नहीं है, तो उस वक्त भी हमने कहा था कि विभाग को केस सरकार से उठाना चाहिए, जो आज तक इस पर कुछ नहीं किया गया। बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि पुलिस भर्ती लीक मामला बहुत ही दुखद है। क्योंकि कुछ शरारती तत्वों की वजह से हजारों युवाओं को अपने भविष्य की चिंता सता रही है कि उन्हें बार-बार टेस्ट देना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने इसकी गहनता से जांच करने की मांग की है। इस बैठक में श्यामलाल भाटिया, आशा राणा, बीना देवी, रूप राम ठाकुर, सतपाल शर्मा, सुचानंद ठाकुर, दीप ठाकुर, संतराम चंदेल, ओम प्रकाश, मदन लाल शर्मा, जगदीश चौहान, पतराम पवरं व वेद प्रकाश ठाकुर मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा से गत देर सायं नई दिल्ली में भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जनजातीय कल्याण से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा की और मंत्रालय के पास लंबित मामलों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के साथ प्रधान आवासीय आयुक्त एसके सिंगला भी थे।
धर्मशाला के पुलिस मैदान में करीब 10 वर्षों बाद कांगड़ा वैली ग्रीष्मोत्सव का आयोजन किया गया। ग्रीष्मोत्सव की तीसरी संध्या में सिंगिंग कम्पटीशन कांगड़ा आइडिया का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता के लिए 1 ऑडिशन राउंड करवाया गया था जिसके बाद आखिरी राउंड के लिए 13 प्रतिभागियों को चयनित किया गया था। चयनित 13 कलाकारों ने ग्रैंड फिनाले में अपनी कला का जादू बिखेरा। इस प्रतियोगिता में डॉ जनजय गुलेरिया, डॉ सतीश ठाकुर, डॉ गुलशन पाल ने जजेस की भूमिका निभाई। ग्रैंड फिनाले में सबसे पहले मीनाक्षी ने अपनी प्रस्तुति दी, इसके बाद रजत, महक कपूर, भूपिंदर, सागर पुजारी, मृदुल, मिलन, कार्तिक, आशिफ अली, आनंदिता और अंश, अरुण, आशीष, हिमानी ने अपनी मधुर आवाज़ से सभी लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। 2 अतिरिक्त बच्चों पायल और गुरमीत के द्वारा डांस परफॉरमेंस भी दिया गया। सभी प्रतिभागियों की प्रस्तुति के बाद कुछ समय बाद रिजल्ट को घोषित किया गया। इस बिच पूर्व में कांगड़ा आइडियल रहे नितीश राजपूत ने सभी दर्शकों को दिल दिया गल्लान, हल्का हल्का जैसे गीत, माए नी मेरियाए, तेरे बिन नहीं लगदा दिल मेरा डोलना, बन्नो रे बन्नो मेरी, तू नज़्म नज़्म सा, नीत खैर मंगा, लाल चिड़िये, मेरा मन रह गया पांगी हो, बाटा जांदे सिटी मारदे, शंभुआ जैसे गीतों से झूमने पर मजबूर कर दिया। नितीश राजपूत के साथ धर्मशाला के डीएसपी बलदेव शर्मा ने भी अपनी प्रस्तुति दी और पल भर बेइ लेना और कुंजुआं जैसे गीतों से दर्शकों को खूब झुमाया। इस प्रतियोगिता के विजेता और कांगड़ा आइडियल 2022 अरुण रहे जिन्हे जिला प्रशासन द्वारा 30000 रूपए की राशि बतौर इनाम भेट की गयी, उपविजेता हिमानी को 20000 रूपए और तीसरे स्थान पर रहे आशिफ अली को 10000 की राशि बतौर इनाम भेट की गई।
धर्मशाला से मैक्लोडगंज के लिए जनवरी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा रोपवे का उद्घाटन किया गया था। रोपवे को संचालित करने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक का रखा गया था। वहीं, टिकट काउंटर केवल शाम 5 बजे तक ही संचालित होता था। लेकिन, अब परिक्षण आधार पर रोपवे के समय को 2 घंटे तक बढ़ा दिया गया है। अब पर्यटक अतिरिक्त 2 घंटों तक रोपवे का आनंद उठा पाएंगे और धर्मशाला की वादियों को निहार पाएंगे। रोपवे के समय को अब शाम 6 बजे से बढ़ा कर 8 बजे तक कर दिया गया है। वहीं, राउंड टिकट काउंटर को शाम 7 बजे तक संचालित किया जाएगा और वन वे टिकट काउंटर को शाम 7:30 तक संचालित किया जाएगा। इस परिक्षण को केवल 15 दिनों (5 जून 2022 - 19 जून 2022) तक लागु किया गया है। लोगों की अनुकूल प्रतिक्रिया आने पर ही इस विस्तारित समय को आगे बढ़ाने के बारे में विचार किया जाएगा। धर्मशाला रोपवे लिमिटेड की निदेशक नेहा पंडित ने कहा कि हमने रोपवे के समय में विस्तार किया है। परीक्षण के आधार पर 2 घंटे बढ़ाए गए है ताकि अधिक से अधिक लोग इस नए तरीके के परिवहन का अनुभव कर सकें। यहाँ आने वाले मेहमानों, स्टेकहोल्डर्स और अन्य लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही इन विस्तारित घंटों पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। अभी तक करीब 1 लाख से अधिक मेहमानों ने रोपवे सेवाओं का उपयोग किया है।
बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर लायन ईको क्लब के छात्रों, एनसीसी कैडेट्स व एनएसएस स्वयंसेवकों और स्काउट एंड गाइड तथा प्रभारी अध्यापकों ने पौधा रोपण किया। इस दौरान प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रात:कालीन सभा के दौरान पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस दौरान लायन ईको क्लब प्रभारी ज्योतिका शर्मा, एनसीसी के प्रभारी अमर देव और एनएसएस प्रभारी पूनम शर्मा, स्काउट एंड गाइड के प्रभारी किरण जोशी भी बच्चों के साथ मौजूद रहे। इस दौरान स्कूल में भाषण प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी व कला प्रतियोगिता भी करवाई। मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया। इस अवसर पर उपप्रधानाचार्य किरण जोशी, सभी सदनों के प्रभारी शिवानी जोशी व अन्य मौजूद रहे।
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज सोलन जिला के अंतर्गत नालागढ़ में निर्माणाधीन ब्लड बैंक का दौरा किया और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इसे शीघ्र जनता को समर्पित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टॉफ सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभाशीष पंडा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इसके पश्चात, राज्यपाल ने कोविड-19 मेकशिफ्ट हॉस्पिटल, नालागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में ब्लड बैंक के लिए योगदान देने वाले दानी सज्जनों और कोरोना काल में बहुमूल्य सहयोग देने के लिए महेंद्र टंडन, एलिन प्राइवेट लिमिटेड, टोर्रेट फार्मा, ई.पी.एल. लिमिटिड तथा के. डी. जस्सल को सम्मानित किया। बाद में, लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मानव सेवा का जो कार्य इन लोगों ने किया है उसके लिए प्रदेशवासी इनके कृतज्ञ हैं क्योंकि उन्होंने मानव सेवा का उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा की भावना जिस व्यक्ति में होती है वह ऐसे कार्यों में सामने आ जाते हैं।
सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश उत्सव (जयंती) के उपलक्ष्य में 19 और 20 जून, 2022 को रिज शिमला में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह की तैयारियों की समीक्षा के लिए भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव, राकेश कंवर की अध्यक्षता मेें आज यहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई, जिसमें नगर निगम शिमला और श्री गुरु सिंह सभा के प्रतिनिधियों भी शामिल हुए। राकेश कंवर ने बताया कि गुरु सिंह सभा राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देगी। उन्होंने जिला प्रशासन को समारोह से सम्बन्धित विभिन्न तैयारियों जैसे पंडाल, लाइट और साउंड सिस्टम आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम शिमला को शिमला शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्वागत द्वारा स्थापित करने, शहर की ऐतिहासिक इमारतों की साफ-सफाई, उचित जलापूर्ति, और रोशनी की उचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भारत में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बहाल करने पर बल देते हुए कहा कि आयुर्वेद की उपयोगिता के कारण इस चिकित्सा पद्धति को विश्व भर में विशेष पहचान मिली है और विश्व का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ है। राज्यपाल ने आज यहां आरोग्य भारती शिमला द्वारा आयोजित बाल रक्षा किट नि:शुल्क वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यह बात कहीं। कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल शिक्षा समिति और अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम पूरे देशभर में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा की एक पारंपरिक पद्धति है, जिसकी जड़ें इतनी गहरी हैं कि यह कभी खत्म नहीं हुई, क्योंकि यह हमारी संस्कृति से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यह (आयुर्वेद) हमसे दूर नहीं गया। हम अपने घर के आंगन में लगाए गए औषधीय पौधों का उपयोग करते हुए पले बढ़े और स्वस्थ रहे। हमारे घर के आंगन में तुलसी का पौधा आज भी उगाया जाता है। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल में वैद परंपरा बहुत पुरानी है और वे जड़ी-बूटियों के उचित उपयोग में माहिर हैं। उन्होंने कहा कि जीवन शैली का जो रास्ता हमने छोड़ा है, उसे फिर से अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमने अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को एक विकल्प के रूप में माना है, जबकि यह उपचार की मुख्य पद्धति है। उन्होंने कहा कि आज देश में इसे आगे बढ़ाया जा रहा है और भविष्य में एकीकृत चिकित्सा पद्धति पर विचार किया जा रहा है, जिसके तहत एलोपैथिक, आयुर्वेद, होम्योपैथी को मिलाकर एकीकृत चिकित्सा की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज बिलासपुर जिला के श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र में 43.05 करोड रुपए लागत की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने 19.24 करोड़ रुपए लागत की परियोजनाओं के लोकार्पण किये। उन्होंने 3.85 करोड़ रुपए की लागत से नवगांव-बेरी सड़क पर अली खड्ड के ऊपर डबल लेन पुल का लोकार्पण किया। उन्होंने 7.60 करोड़ रुपए की लागत से ब्रह्मपुखर-सैली सड़क के उन्नयन, 5.19 करोड़ रुपए की लागत से दियोठी से लघाठ सड़क के उन्नयन, 59 लाख रुपए की लागत से निर्मित राजकीय उच्च पाठशाला मलोखर के भवन, 80 लाख रुपए की लागत से निर्मित राजकीय उच्च पाठशाला मलोखर के अतिरिक्त भवन, 59 लाख रुपए की लागत से निर्मित राजकीय उच्च पाठशाला टेपरा खास, 40 लाख रुपए की लागत से निर्मित उच्च पाठशाला सयोल तथा 22 लाख रुपए की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छकोह का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 23.81 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाली विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास किए। उन्होंने 17.90 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना लयूंगडी चरण 2 और जलापूर्ति योजना खुई मेथी के संवर्द्धन कार्य, 1.11 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले बाग फगलवाटा के लिए उठाऊ सिंचाई योजना के सुधार कार्य, 1.03 करोड रुपए की लागत के लोअर कोठीपुरा के लिए उठाऊ सिंचाई योजना के सुधार कार्य, तहसील सदर में 42 लाख रुपए की लागत की बहाव सिंचाई योजना लुहारडा समारडी, तहसील सदर में 3.02 करोड़ रुपए लागत कीे उठाऊ सिंचाई योजना जुखाला के सुधार कार्य और 33 लाख रुपए लागत से निर्मित होने वाले पंचायत घर मलोखर का शिलान्यास किया।
आम आदमी पार्टी की ओर से शुरू किया गया संवाद प्रोग्राम धाम पर चर्चा आने वाली 6 जून को नादौन विधानसभा के अंतर्गत आने वाली सपड़ोह पंचायत के सामने लाहड़ में होने वाली है। इस तहत शैंकी ठुकराल ने जोर शोर से इसका प्रचार शुरू कर दिया है। इस संबंधमें शैंकी ठुकराल ने नादौन विधानसभा की जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी नादौन विधानसभा की आदरणीय जनता से अपील है कि आप सभी धाम पे चर्चा के तहत अपने-अपने सुझाव लेकर भारी से भारी संख्या में आएं एवं एक राजनीतिक बदलाव के लिए अपना योगदान दें। नादौन में कट्टर ईमानदार पार्टी आम आदमी पार्टी का साथ दें एवं अच्छी एवं ईमानदार राजनीति की शुरुआत करें। प्रचार के दौरान शैंकी ठुकराल के साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता विजय शर्मा, विकास डोगरा, अनिल कुमार, मनोज कुमार, रिशव, साहिल, किशोरी लाल, विकास, राजिंदर, कुलदीप, बलबीर, निखिल, परवीन, दिलबाग, अभिनव मौजूद रहे।
राजकीय उच्च विद्यालय जाबरी शिमला में मुख्य अध्यापिका अनीता परमार की अध्यक्षता में एक संवाद कार्यक्रम करवाया गया। इसमें विज्ञान स्नातक के राजीव राठौर ने बैठक का संचालन किया। इस बैठक में बचो को नशे से दूर रहने की सलाह दी गई। इस दौरान युगल किशोर शारीरिक अध्यापक, रविंदर आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की सोच है कि आम युवाओं के लिए राजनीति के बंद दरवाजे खुलें, इसी के तहत यंग इंडिया के बोल-2 की लांचिंग की गई है। लांचिंग कार्यक्रम जिला कांगड़ा युकां अध्यक्ष पंकज कुमार पंकु की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें यंग इंडिया के बोल-2 के प्रदेश प्रभारी एवं युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता इफ्तिकार अहमद विशेष तौर पर मौजूद रहे। जिला युकां अध्यक्ष पंकज कुमार पंकु ने राष्ट्रीय प्रवक्ता का धर्मशाला पहुंचने पर स्वागत किया। पंकज कुमार पंकू ने कहा कि यंग इंडिया के बोल के तहत राहुल गांधी ने युवाओं को अपनी आवाज बुलंद करने का मौका दिया है। इसके तहत जिला व विधानसभा स्तर पर 5 प्रवक्ता नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें एक महिला, एक एससी/एसटी वर्ग से तथा तीन जनरल कैटागिरी के होंगे। पंकज ने कहा कि इस अभियान को हर जिला में लांच किया जाएगा। जो भी इस अभियान में शामिल होकर प्रवक्ता बनना चाहता है, वो अपना फार्म भर सकता है। अभियान का पहला चरण 15 जून तक चलेगा जिसके तहत जिला स्तर पर कंपीटिशन का आयोजन किया जाएगा और प्रवक्ता का चयन किया जाएगा। तीसरा चरण इसके बाद शुरू होगा, जिसमें प्रदेश स्तर पर 10 प्रवक्ता नियुक्त किए जाएंगे। प्रदेश स्तर पर नियुक्त प्रवक्ता अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद भी हासिल कर सकता है। युकां राष्ट्रीय प्रवक्ता इफ्तिार अहमद ने कहा कि 2 अक्टूबर को दिल्ली में इसके लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रदेश के प्रवक्ता भी भाग लेकर राष्ट्रीय प्रवक्ता पद हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सोच को युवा कांगे्रस इस तरह से आगे बढ़ा रही है तथा युवाओं को जोडऩे में प्रयासरत है।
शिक्षा खंड इंदौरा के अंतर्गत पड़ते मैत्री पब्लिक स्कूल शेखुपुर के बच्चों द्वारा पर्यावरण दिवस पर रैली निकाली गई तथा आस पास के इलाके की सफाई की गई , वही स्कूल की प्रधानाचार्य चंद्रप्रभा व चेयरमैन अंग्रेज भारद्वाज द्वारा पोधा रोपण किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य चंद्रप्रभा ने बताया कि हम सभी के जीवन में इस तरह की तकनीक उत्पन्न हुई है, जो दिन प्रति दिन जीवन की संभावनाओं को खतरे में डाल रही है तथा पर्यावरण को नष्ट कर रही है। जिस तरह से प्राकृतिक हवा, पानी, और मिट्टी दुषित हो रहे हैं, ऐसा प्रतीत होता है जैसे यह एक दिन हमें बहुत हानि पहुंच सकता है। यहाँ तक की इसने अपना बुरा प्रभाव मनुष्य, जानवर, पेड़ तथा अन्य जैविक प्राणी पर दिखाना शुरू


















































