मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा प्रदेश में कोविड-19 के प्रभावशाली नियंत्रण के लिए जारी दिशा-निर्देशों के दृष्टिगत जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने सोलन जिला की परिधि में विभिन्न दिशा-निर्देशों के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 33 एवं 34 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए है। यह आदेश 10 जनवरी की प्रातः 6.00 बजे से 24 जनवरी की प्रातः 6.00 बजे तक लागू रहेंगें। इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला के सभी शिक्षण संस्थान (सरकारी, अर्धसरकारी एवं निजी) जिनमें विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, अकादमिक संस्थान, इंजीनियरिंग एवं बहुतकनीकी संस्थान, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कोचिंग केन्द्र सम्मिलित हैं, 26 जनवरी 2022 तक बंद रहेंगे। जिला में चिकित्सा तथा नर्सिंग संस्थान खुले रहेंगे और इनमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत जारी मानक परिचालन प्रक्रिया एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित बनाना होगा। इन आदेशों के अनुसार जिला सोलन में सभी सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय, स्वायत्त निकाय शनिवार तथा रविवार को बन्द रहेंगे तथा सप्ताह में 5 दिन 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुले रहेंगे। यह प्रतिबन्ध आपातकालीन या आवश्यक सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, विद्युत, पेयजल एवं स्वच्छता, सार्वजनिक परिवहन, दूरसंचार, आबकारी तथा बजट एवं इससे संबंधित सेवाओं एवं गतिविधियों को संचालित करने वाले कार्यालयों पर लागू नहीं होंगे। आदेशों के अनुसार सोलन जिला में सामाजिक तथा धार्मिक सम्मेलनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला में सभी प्रकार की अकादमिक, खेल, मनोरंजन तथा सांस्कृतिक गतिविधियां वर्तमान क्षमता के 50 प्रतिशत या कवर किए हुए क्षेत्र में 100 व्यक्तियों के एकत्र होने तथा बाह्या क्षेत्र में 300 (जो भी कम हो) व्यक्तियों के ही एकत्र होने की अनुमति होगी। आयोजक को इस सम्बन्ध में सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी एवं स्थानीय प्रशासन से एकत्र होने के संबंध में अनुमति लेनी होगी। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी एवं स्थानीय प्रशासन सम्बन्धित क्षेत्र में कोविड-19 की स्थिति के अनुसार अतिरिक्त शर्तें लागू कर सकते हैं। सभी सम्बन्धित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना अधिकारी एवं ग्राम पंचायत प्रधान जिला में इन सभाओं एवं एकत्रीकरण के दौरान कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अवलोकन करेंगे। धार्मिक स्थानों, पूजा स्थलों पर लंगर, सामुदायिक रसोई तथा धाम इत्यादि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सोलन जिला के सभी बाजार तथा दुकानें प्रातः 7.00 से 6.00 बजे तक ही खुले रहेंगे। दवाई की दुकानें, चिकित्सा प्रयोगशाला, नर्सिंग होम तथा चिकित्सा सेवाओं सहित अन्य आवश्यक सेवाओं पर यह प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा। सभी प्रकार के होटल, रेस्तरां ढाबा, खानपान के स्थलों को रात्रि 10.00 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। टेकअवे, होम डिलीवरी को अधिमान दिया जाएगा एवं इसे प्रेरित किया जाएगा। रेहड़ी एवं सड़क के किनारे किओस्क में खाने की अनुमति नहीं होगी। सोलन जिला की सम्पूर्ण परिधि में सभी प्रकार के बाजार स्थल, माॅल, दुकानें सप्ताह के आखिरी दिन शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे। आवश्यक वस्तुओं वाली दुकानें जैसे फल, सब्जी दूध एवं दुग्ध एवं दुग्ध से निर्मित उत्पाद से सम्बन्धित, दवाई की दुकानें ढाबा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की मरम्मत की दुकानों को इससे छूट होगी। प्राधिकृत मदिरा विक्रेताओं के लिए आदेश आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। आदेशों के अनुसार कोविड-19 संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए जिला के सभी उपमण्डलाधिकरी अपने अधिकार क्षेत्र में किसी भी सरकारी कर्मचारी (जो किसी प्रकार की ड्यूटी में नहीं है और किसी भी प्राधिकारी के निर्देशों पर कार्यालय नहीं आ रहे हैं, को टीकाकरण कार्य, होम आईसोलेशन में व्यक्तियों की निगरानी, जांच चैकियों में ड्यूटी, डाटा प्रविष्टि एवं अनुश्रवण, होम आईसोटिड रोगियों को काॅल करने इत्यादि के कार्य पर तैनात करने के लिए के लिए प्राधिकृत होंगे। जिला के सभी सरकारी विभाग, संगठन, सभी उपमण्डलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन, सभी कार्यकारी दण्डाधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकरी, पुलिस कर्मचारी, स्थानीय प्राधिकरण को निर्देश दिए जाते हैं कि राज्य कार्यकारी समित के दिशा-निर्देशों एवं मानक परिचालन प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित बनाएंगे। सोलन जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सोलन एवं बद्दी इन आदेशों को पंचायत प्रतिनिधियों एवं शहरी स्थानीय निकायों की सहायता लागू करवाने के लिए उपयुक्त पग उठाएंगे। इन आदेशों की अवहेलना पर आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत विधि सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा 10 जनवरी, 2022 की प्रातः 6.00 बजे से 24 जनवरी, 2022 की प्रातः 6.00 बजे तक लागू रहेंगें।
प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल परिवारों को मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रुपए प्रति लाभार्थी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य में योजना के अन्तर्गत अभी तक 4500 से अधिक मकान निर्मित कर 60 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है। यह जानकारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से सम्बद्ध सप्तक कलामंच के कलाकारों ने कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत छावशा तथा ग्राम पंचायत देलगी एवं पर्वतीय लोक कलामंच दाड़वां के कलाकारों ने धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी तथा गनोल में विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत प्रदान की। कलाकारों ने बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेेत्रों में विभिन्न आवास योजनाओं के अन्तर्गत 10 हजार नए आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत अनुसूचित जाति के पात्र व्यक्तियों के लिए 5100 आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 1000 आवास तथा प्रधानमंत्री आवास योजा ग्रामीण के तहत 800 आवास निर्मित किए जा रहे हैं। कलाकारों ने बताया कि मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के अन्तर्गत 80 प्रतिशत उपदान दिया जा रहा है। यह उपदान मधुमक्खी वंशों, मधुमक्खी गृहों व मधुमक्खी पालन की सामग्री व उपकरणों पर प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत 3783 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हुआ है तथा विभागीय मौन पालन केन्द्रों से लगभग 1200 मौन वंशों का बागवानों में वितरण किया गया है। इस अवसर पर कलाकारों द्वारा सामाजिक सुरक्षा पैंशन, मुख्यमन्त्री कन्यादान योजना, मुख्यमन्त्री स्वावलम्बन योजना, आयुष्मान भारत सहित अन्य योजनाओं की जानकारी समूह गान ‘विकास की राह पर’ और एकल गीत ‘थामे पग-पग प्रगति की और’ तथा लघु नाटिका विकास गंगा के माध्यम से प्रदान की गई। लोगों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए दस्तावेजों सहित अन्य जानकारी भी प्रदान की गई। कलाकारों ने बताया कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 आरम्भ की गई है। यह हेल्पलाइन रविवार को छोड़कर सप्ताह के 06 दिन सुबह 7.00 बजे से रात 10.00 बजे तक कार्य कर रही है। लोग इस हेल्पलाइन पर अपनी किसी भी प्रकार की समस्या को दर्ज करवा सकते हैं। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें। इस अवसर पर ग्राम पंचायत देलगी की प्रधान प्रोमिला शर्मा, उप प्रधान सीता राम, बीडीसी सदस्य सुषमा, वार्ड सदस्य रीता देवी, लता देवी, दत्तराम, मदन, पंचायत सचिव जयकृष्ण, सिलाई अध्यापिका सीमा देवी, ग्राम पंचायत छावशा के प्रधान ज्ञान चन्द वर्मा, उप प्रधान हरनाम सिंह, वार्ड सदस्य दलीप सिंह, संजीव कुमार, देवेन्द्र सिंह, श्याम लाल, ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी की प्रधान कमलेश कुमारी, उप प्रधान दिनेश, वार्ड सदस्य रेखा, ग्राम पंचायत गनोल की प्रधान सन्तोष, उप प्रधान प्रदीप राणा सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 25 जनवरी को प्रातः 11 बजे राष्ट्रीय मतदाता दिवस का जिला स्तरीय समारोह मिनी सचिवालय के केबिनेट हॉल, धर्मशाला में आयोजित किया जाएगा। इस बात की जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त राहुल कुमार ने एडीसी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के आयोजन को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। इस दौरान कोविड महामारी के दृष्टिगत मतदाता दिवस मनाए जाने के सम्बन्ध में सुझावों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर तहसीलदार निर्वाचन उपेन्द्र नाथ शुक्ला, नायब तहसीलदार निर्वाचन संजय शांडिल, मनमिन्द्र सिंह, निर्वाचन कानूनगो महेश्वर सिंह, प्रियकुंश सहित विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।
सिरमौर में सभी सामाजिक और धार्मिक समारोह पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। जबकि शैक्षणिक, खेल, विवाह ,मनोरंजन, सांस्कृतिक व राजनीतिक सभाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अनुमति होगी। जिसमें 100 व्यक्तियों को इनडोर व खुले स्थान पर 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 300 व्यक्तियों की अनुमति होगी। किसी भी प्रकार के आयोजन के लिए सम्बन्धित उपमडलाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह आदेश जिला दण्डाधिकारी आरके गौतम ने सिरमौर में कोरोना संक्रमण बढ़ते मामलों के मध्यनजर जारी किए। इसके अतिरिक्त जिले में गैर-जरूरी वस्तुओं से संबंधित बाजार की सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 बजे से शाम 6.30 बजे तक संचालित करने की अनुमति होगी और शनिवार को सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे के बीच दुकानें खुली रहेंगी। जबकि रविवार को बाजार बंद रहेगा। आदेशानुसार आवश्यक वस्तुओं से संबंधित दुकानें जैसे दूध, अंडा, ब्रेड, फल और सब्जियों की दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 5 सायं 6ः30 बजे तक और शनिवार व रविवार को प्रातः 5.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक खुली रहेंगी। हालांकि, मेडिकल शॉप, फार्मेसियों और मोटर मैकेनिक व मरम्मत की दुकानों को सभी दिन चौबीसों घंटे खोली जा सकेगें। राष्ट्रीय राजमार्गों को छोड़कर रेस्तरां और ढाबों को सभी दिनों में सांय 7.30 बजे तक संचालित करने की अनुमति होगी और सांय 7.30 बजे के बाद रात 9 बजे तक केवल भोजन वितरण सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्रबंधक व खाना पकाने वाले कर्मचारियों को आरटीपीसीआर करवाना आवश्यक होगा तथा खाना पकाने वाले कर्मचारी अनिवार्य रूप से मास्क, दस्ताने और हेड कवर आदि पहनेंगे। हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्गों के रेस्तरां और ढाबा को सभी दिनों में रात्रि 10 बजे तक संचालित करने की अनुमति होगी। सिरमौर जिले के अधिकार क्षेत्र में सभी सरकारी विभागों, पीएसयू, स्थानीय निकायों स्वायत्त निकायों के सभी कार्यालय सप्ताह में शनिवार और रविवार कार्य दिवसों को बंद रहेंगे और ये कार्यालय कार्य दिवसों में 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ संचालित होंगे। जबकि ये प्रतिबंध आपातकालीन या आवश्यक सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, बैंक, बिजली, पानी और स्वच्छता, सार्वजनिक परिवहन, दूरसंचार, उत्पाद शुल्क, बजट और संबंधित घटना सेवाओं व गतिविधियों आदि से निपटने वाले कार्यालयों पर लागू नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त धार्मिक स्थलों, पूजा स्थलों के साथ-साथ जिले के सभी स्थानों पर लंगर, सामुदायिक रसोई, धाम पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत चल रहे विशेष शिविर के पांचवे दिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। इस मौके पर बौद्धिक सत्र में स्काउट एंड गाइड के कोषाध्यक्ष विनोद शर्मा ने स्वयंसेवकों को बधाई दी। उन्होंने खा कि इस तरह के शिविर आयोजित कर एनएसएस बहुत अच्छे से कार्य कर रहा है। उन्होंने बच्चों को नैतिक मूल्यों के बारे में व नशे से दूर रहने की सलाह दी। उपप्रधानाचार्य हंसराज शर्मा ने इस मौके पर विशेष आमंत्रित सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने स्वयंसेवकों को अपना मार्गदर्शन देकर विभिन्न जानकारी प्रदान की। इस मौके पर विनोद शर्मा, रंजना शर्मा, तेजेन्द्र शास्त्री, सोहनलाल, सीमा, कार्यक्रम अधिकारी विजय चंदेल, निशांत गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में बर्फबारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार से आपदा प्रबंधन को सुदृढ करने व बर्फबारी की वजह से बंद पड़ी सभी सड़को को तुरंत बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भारी बर्फबारी की वजह से शिमला से ऊपरी व इसके आसपास के क्षेत्रों सहित बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन को सामान्य करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाये जाने चाहिए। राठौर ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं के अनुसार शिमला से ऊपरी क्षेत्रों ठियोग, नारकंडा, कुमारसैन, कोटगढ़ व इसके आसपास के क्षेत्रों मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध पड़े है। गावों में बिजली आपूर्ति भी ठप्प पड़ी है, लोग सर्दी से ठिठुर रहें है, जिसे तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि सड़को पर गाड़ियों की फिसलन न हो इसके लिये बर्फ हटाने के साथ-साथ इसके ऊपर सड़को पर रेत बिछाने का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जाना चाहिए, जिससे किसी भी वाहन दुर्घटना से बचा जा सकें।राठौर ने कहा है कि प्रदेश के भारी बर्फबारी क्षेत्रों किन्नौर, लाहुल स्पिति,चंबा का भरमौर व पांगी व दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य वस्तुओं के साथ-साथ खाना पकाने की गैस की नियमित आपूर्ति पर सरकार अपनी नज़र रखें। इन क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कमी न हो,इसके लिये भी आवश्यक भंडारण व प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
शिमला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में कोविड संक्रमण से लोगों की सेवा के लिए फिर से अपनी देखरेख में आपदा प्रबंधन कमेटी का गठन कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल को इस समिति का समन्वयक नामित किया गया है, जबकि प्रदेश कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष व कांग्रेस के सभी अग्रणी सगंठनों के प्रमुख इस समिति के कार्यकारी सदस्य नामित किए गए है। इस दौरान राठौर ने कहा कि प्रदेश में बढ़ते कोरोना और ओमिक्रोन के मामलों ने इस महामारी के प्रति लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने फिर से लोगों की सेवा व साहयातार्थ डिज़ास्टर मैनेजमेंट कमेटी को कार्यन्वित करने का फैंसला लिया है। उन्होंने कहा कि यह कमेटी प्रदेश में कोरोना से प्रभावित किसी भी व्यक्ति या परिवार को उसके उपचार में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों पर भी अपनी नज़र रखते हुए। जहां भी सम्भव होगा, प्रदेश कांग्रेस इस महामारी से निपटने के लिये लोगों को जागरूक करते हुए पूर्व की भांति सलाह व हर सम्भव मदद करेगी।
धर्मशाला (सुनील समियाल)। पर्यटक नगरी त्रियुंड में बर्फबारी के बाद धौलाधार की पहाड़ियां धूप से चांदी की तरह खिलीहुई है। धर्मशाला सहित अन्य क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों दिन से रही त्रियुंड और धौलाधार में बर्फबारी और बारिश के बाद मंगलवार को दिन का मौसम साफ हो गया। इससे बर्फ से लदी पहाड़ियां धूप खिलने के बाद चमकने लगी। मौसम होने के बाद पर्यटक और स्थानीय लोगों बाहर निकले और धूप में बर्फ का आनंद लिया। मैक्लोडगंज और जिला कांगड़ा के आस-पास के क्षेत्र में भी लोग धूप का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। बता दें कि पुरे कांगड़ा जिला में पिछले कुछ दिनों तक बर्फबारी और बारिश हुई इसके चलते जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया था। जिसके चलते पर्यटक स्थल नड्डी और मैक्लोडगंज में यातायात भी प्रभावित हुआ, लेकिन अब मंगलवार सुबह से मौसम साफ हो गया है। पर्यटन नगरी धर्मशाला समेत अन्य इलाकों में पर्यटक भी बर्फ का आनंद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
दिल्ली और चंडीगढ़ में संबंधित विभागीय अधिकारियों से बैठकें कर रहे विधायक सीयू निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे धर्मशाला के जदरांगल में केंद्रीय विश्वविद्यालय भवन निर्माण को लेकर विधायक विशाल नैहरिया ने दिल्ली और चंडीगढ़ में डेरा जमा लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक ने दिल्ली और चंडीगढ़ में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं। इस दौरान विधायक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से जदरांगल में सीयू भवन निर्माण को लेकर भी चर्चा की। साथ ही वस्तुस्थिति के साथ अधिकारियों को अवगत भी करवाया। इसी कड़ी में सोमवार को जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के उप महानिदेशक डॉ घनश्याम तिवारी के साथ बैठक की। बैठक में जदरांगल में सीयू की भूमि के जियोलॉजिकल सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा की। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के उप महानिदेशक डॉ घनश्याम तिवारी ने जदरांगल में जियोलॉजिकल सर्वे के कार्य की प्रगति रिपोर्ट के बारे जानकारी दी। इससे पूर्व नैहरिया ने धर्मशाला में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही जदरांगल में मौके पर जाकर सीयू की भूमि का निरीक्षण कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने विभागों से संबंधित कार्यों को निपटारे के निर्देश जारी किए। इस बारे में जानकारी देते हुए विधायक ने बताया कि दिल्ली और चंडीगढ़ में सीयू की स्थापना को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें की गयी हैं। इसी आधार पर अब मुख्यमंत्री के साथ मिलकर जदरांगल में केंद्रीय विवि की स्थापना को लेकर चर्चा की जाएगी, जबकि 13 जनवरी को पुन: केंद्रीय विशवविधालय वीसी परिसर में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके पूर्व में जारी निर्देशों पर हुई प्रगति की रिपोर्ट ली जाएगी। दस साल से लटके कार्य को निपटान मेरा लक्ष्य : नैहरिया नैहरिया ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का मामला पिछले दस साल से फंसा है। इससे न केवल युवाओं को समस्या झेलनी पड़ी है। बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिकी के साथ अन्य कई क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस साल केंद्रीय विवि पर भरपूर राजनीति हुई है। लेकिन, अब इस पर राजनीति नहीं, इस पर कार्य हो रहा है। इसके लिए दिन-रात प्रयास जारी हैं।
रोटरी क्लब की आर्धमासिक बैठक क्लब के अध्यक्ष रोटेरियन डॉक्टर भाग चंद ठाकुर की अध्यक्षता में क्लब के दफ्तर में संपन हुई। सबसे पहले रोटरी क्लब परिवार में राकेश चंद ठाकुर (सेवानिवृत प्रशासनिक अधिकारी चंडीगढ़), अनिल कुमार शर्मा ( सेवानिवृत अधिशासी अभियंता बिजली बोर्ड) और अश्वनी सोनी (अंशदीप होटल के मालिक) का शामिल होने पर हार्दिक अभिनंदन किया गया और उम्मीद की गयी कि नए सदस्य भी लोगो की सेवा में अपना तन मन धन लगाए। बैठक में आई. टी.आई. डोहग में मेडिकल कैंप लगाने के लिए फैसला लिया गया । इस कैंप की जिम्मेवारी रोटेरियन डॉक्टर अनिल चौहान को दी गई, बैठक में रोटरीन अमर सिंह जसवाल को रोटरी वर्ष 2024-25 के लिए रोटरी क्लब का अध्यक्ष चुना गया। इस बैठक में रोटेरियन रमेश कुमार पठानिया( सचिव), अजय ठाकुर, डॉक्टर अनिल चौहान, मेजर ज्ञान चंद बरवाल, एन.आर. बरवाल, राज ठाकुर, डॉक्टर चंदर भूषण शर्मा, डॉक्टर शशि कुमार सकलानी, कर्म चंद ठाकुर अनिल कुमार शर्मा, अमर सिंह जसवाल शामिल हुए।
सोलन। पिछले दिनों से लगातार हो रही बारिश व रविवार रात को बर्फबारी से किसानों व आम लोगों के चेहरों में खुशी देखने को मिली है। बारिश के कारण दाड़लाघाट,भराड़ीघाट,पिपलुघाट,चमाकडीपुल सहित अन्य बाजारों में लोगों की आवाजाही कम होने से सन्नाटा छाया रहा। उपमंडल के बाड़ीधार,सरयांज, सावग,घनागुघाट,ध्यानपुर,शेरपुर व कराड़ाघाट सहित अन्य क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही बारिश होने से इलाके में ठंड व शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोग अनिल गुप्ता,इंदरसिंह चौधरी,नरेन्द्र सिंह चौधरी,ओमप्रकाश, राकेश,देवराज,उमेश,प्रदीप,नीरज कपिला,सुमन,राजेंद्रकपिल,पंकज, मनोज,अमित,मदन,निशांत,पवन चौधरी,दीपक गजपति,कमलेश ठाकुर इत्यादि का कहना है कि यह बारिश भले ही देर से हुई लेकिन फसलों के लिए लाभकारी है। बारिश होने से जिन किसानों ने अभी तक फसलों की बिजाई नहीं की है उनके लिए बिजाई करने का अच्छा मौका है। किसानों की फसलों को जहाँ पर्याप्त पानी मिल जायेगा,वहीं लोगों को गर्मी में पानी की किल्लत से भी नही होगी। बुजुर्गों का कहना है कि इस बारिश के बाद सर्दी के मौसम में भी गिरावट देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बारिश फसलों के लिए वरदान बनकर साबित होगी। बता दें कि इस बारिश की देरी के कारण अगली फसल कम से कम एक महीना देर से होगी,जिससे किसानों की आजीविका पर भी काफी फर्क देखने को मिलता है,वहीं तीन दिन तक लगातार झमाझम बारिश से लोगों ने भी राहत की सांस ली,क्योंकि खुश्क ठंड से त्वचा रोग और जुखाम,खांसी भी लोगो को जकड़ने लगा था तो वहीं वातावरण भी धूल से भर गया था।बारिश से वातावरण भी साफ होने से मौसम सुहावना हो गया है। वहीं पहाड़ो पर बर्फ गिरने से मैदानी इलाकों में बारिश से लोगो ने चेन की सांस ली।
शिवा फार्मेसी संस्थान गांव लुहनू डाकखाना चांदपुर जिला बिलासपुर के फार्मेसी डिप्लोमा के 35 छात्र- छात्राओं ने तीन फैकल्टी सदस्यों सहित अनुसंधान संस्थान आईएसएम जोगिंदर नगर स्थित हर्बल गार्डन का भ्रमण किया। प्रभारी अनुसंधान संस्थान एवं परियोजना अधिकारी उज्जवल दीप ने बताया कि इस दौरान वनस्पतिज्ञ मदनलाल द्वारा इन छात्रों को हर्बल गार्डन का पूर्ण भ्रमण करवाया गया, जिसमें यहां पर स्थापित औषधीय पौधों की पहचान करवाई गई और इनके उपयोग से परिचय करवाया गया। इसके अतिरिक्त छात्र- छात्राओं को औषधीय पौध संग्रहालय का भी भ्रमण करवाया गया। जिसमें रखी गई लगभग 500 पौध प्रजातियों के रखरखाव व संरक्षण बारे जानकारी प्रदान दी गई । उज्जवल दीप ने बताया कि यह भ्रमण इन छात्रों के लिए अति उपयोगी व संतोषजनक रहा।
सोलन। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्वच्छता एवं शारीरिक गतिविधियां की। चौथे दिन बौद्धिक सत्र में सेवानिवृत्त संस्कृत अध्यापक मस्त राम शर्मा ने एनएसएस के द्वारा अनुशासित जीवन से राष्ट्रनिर्माण हेतु युवाओं का आवाहन किया। विद्यार्थियों ने इसमे गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने बच्चों को सभी का आदर सम्मान करना व नशे जैसे बुराइयों से दूर रहने की अपील की।जबकि तीसरे दिन रात्रि कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता जयदेव ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा की अभिभावकों को अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस तरह के कैंप में भेजने चाहिए। क्योंकि बच्चे यहां आकर बहुत कुछ सीखते हैं और उनका मानसिक व शारीरिक विकास होता है। सफ़ाई अभियान व अन्य कार्यों व योगा जैसी गतिविधियों से बच्चे नशे आदि की कुरीतियों से दूर रहेंगे और उनके नकारात्मक विचार खत्म होंगे उनमें सकारात्मक सोच उत्पन्न होगी। इस मौके पर जयदेव ठाकुर ने एनएसएस शिविर के लिए अपनी ओर से 5100 की राशि दी।इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी विजय चंदेल,उप प्रधानाचार्य हंसराज शर्मा,डीपीई भोपाल,महेंद्र कौंडल,शास्त्री सोहन लाल,क्षमा भारद्वाज,सीमा सहित अन्य मौजूद रहे।
कांग्रेस की कदावर नेत्री- मंडी सांसद प्रतिभा सिंह एवम शिमला के विधायक विक्रमदित्य सिंह सोमवार को विश्वविख्यात ज्वालामुखी मन्दिर पहुंचे। वहीं माता के दरबार में हाजरी भर कर शीश नवाया। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने उन्हें मां ज्वालामुखी के दर्शन व विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। बताया जा रहा है कि विक्रमदित्या सिंह एवम सांसद प्रतिभा सिंह की मांं ज्वालामुखी के प्रति गहरी आस्था है। ज्वालामुखी के पूर्व विधायक संजय रत्न ने उनका माता ज्वालामुखी की नगरी में पहुंचने पर स्वागत किया। आपको बता दें कि हाल ही में हिमाचल में हुए उपचुनावों में प्रतिभा सिंह मंडी संसदीय क्षेत्र से विजयी होकर आयी है और साथ ही इलेक्शन जीतने के उपरांत आज उन्होंने पहली बात माता ज्वाला के दरबार में हाजरी लगाई। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि मन्दिर में आकर वह दिल से बहुत खुश है वहीं कहा कि माता का आशीर्वाद पाना उनके लिये सौभाग्य की बात है। साथ ही कहा कि माता के आशीर्वाद से यह चुनाव जीते हैं और माता का धन्यवाद करने एवम आशीर्वाद लेने ही आज मन्दिर में आये है। इस दौरान ज्वालामुखी के पूर्व विधायक संजय रत्न, नगर परिषद अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा बांटू, पार्षद मनु माल्टा, सर्वेश रत्न इत्यादि गणमान्य मौजूद रहे।
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वर्चुअल बैठक के माध्यम से राज्य के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और चिकित्सा अधिकारियों के साथ कोविड-19 महामारी की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गृह संगरोध मंे रह रहे कोविड-19 रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें त्वरित उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के अभी तक कुल 3076 सक्रिय मामले हैं और गत एक सप्ताह में इसमें तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 98 प्रतिशत रोगी गृह संगरोध में हैं। जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को होम आइसोलेशन किट तैयार रखने के निर्देश दिए ताकि यह गृह संगरोध में रहने वाले कोविड-19 रोगियों को उपलब्ध करवाई जा सके और उन्हें आइसोलेशन के दौरान क्या करें और क्या न करें, के बारे में जागरूक किया जा सके और वे चिकित्सकों की सलाह पर ही दवाएं इत्यादि लें। उन्होंने कहा कि इस किट में च्यवनप्राश, आयुष काढ़ा, सेनेटाइजर, मास्क इत्यादि शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 रोगियों को गृह संगरोध के दौरान आइसोलेशन के पुख्ता प्रबन्ध किए जाएं ताकि उनके परिवार के अन्य सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित न होने पाएं। मुख्यमंत्री ने एलोपैथी और आयुष विभाग में बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे कोविड-19 रोेगियों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं और सम्बन्धित प्राधिकरणों को जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग का टीकाकरण अभियान 12 जनवरी, 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि गृह संगरोध में रहने वाले कोविड-19 रोगियों को आपात स्थिति में परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को बर्फवारी से प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के बेहतर रख-रखाव, विद्युत और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख सड़कों और स्वास्थ्य संस्थानों को जोड़ने वाली सड़कों को शीघ्र अतिशीघ्र सुचारू करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों विशेष तौर पर स्वास्थ्य संस्थानों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी त्वरित कदम उठाएं। उन्हांेने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए पेयजल आपूर्ति भी शीघ्र सुचारू की जाए। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी और अन्य सम्बन्धित लोग कोरोना वायरस की दूसरी लहर के सफलतापूर्वक नियंत्रण के दौरान प्राप्त अनुभवों का पूर्ण उपयोग करें। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने बैठक का संचालन किया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेमराज बैरवा, निदेशक आयुष विनय सिंह, निदेशक स्वास्थ्य डाॅ. अनिता महाजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जयसिंहपुर : (नरेंदर डोगरा) आशापुरी मंदिर कमेटी अपर लंबागांव की मासिक बैठक रविवार को जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र धीमान की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर मंदिर कमेटी की ओर से 80 साल पुराने मंदिर के पुनर उत्थान के लिए हरसंभव सहायता की विधायक से मांग की। विधायक रविंद्र धीमान ने कहा कि इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए वे हरसंभव सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए उन्हें अपनी जेब से भी धन मुहैया करवाना पड़ा तो वे देंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर के साथ एक भव्य सामुदायिक भवन भी बनाया जाएगा। मंदिर और यहां बनाए जाने वाले सामुदायिक भवन के लिए जो भी पैसा खर्च होगा, वह मुहैया करवाएंगे। उन्होंने कमेटी की सदस्यता भी ग्रहण की और कमेटी को अपनी और से 51 हजार रुपये का चेक भी दिया। इस मौके पर जांगल के प्रधान करुण मेहरा, जयसिंहपुर के जिला पार्षद संजीव ठाकुर के अतिरिक्त कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य सुनीता शर्मा, ठाकुर शेर सिंह, अनूप शर्मा, विनोद भारती, डॉ. देशराज चौधरी, मान सिंह, प्रीतम कंठवाल, मिलाप चंद, अजय शर्मा, सुनील शर्मा, राजेश थलवाल और अन्य मंदिर कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
सोलन। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 जनवरी, 2022 को 11 केवी एचटी लाईन एवं ट्रान्सफार्मर की आवश्यक मुरम्मत व रखरखाव कार्य के दृष्टिगत 11 सराहन फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। विकास गुप्ता ने कहा कि इसके दृष्टिगत 12 जनवरी, 2022 को प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक गांव बलाना, डमरोग, अप्पर सूर्या विहार एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में विद्युत आपूर्ति अगले दिन बाधित की जाएगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
सोलन। प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गम्भीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को सहायता प्रदान कर रही है ताकि उन्हें समय पर सही उपचार प्राप्त हो सके। इस दिशा में गम्भीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए सहारा योजना तथा हिमकेयर योजना कारगर सिद्ध हो रही हैं। यह जानकारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से सम्बद्ध पर्वतीय लोक कलामंच दाड़वां के कलाकारों ने धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत किशनगढ़ के गांव कुठाड़ तथा ग्राम पंचायत कोट एवं सप्तक कलामंच के कलाकारों ने कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत सतड़ोल तथा ग्राम पंचायत ममलीग में विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत प्रदान की। लोगों को अवगत करवाया गया कि यदि कोई व्यक्ति पार्किन्सन, अधरंग, मस्कुलर डिस्ट्राफी, हैमोफिलिया, थेलेसेमिया सहित किड्नी की गंभीर बीमारी एवं शरीर को स्थायी रूप से अक्षम बनाने वाली बीमारी से पीड़ित है तो उन्हें 3000 रुपए प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। सोलन ज़िला में गत साढ़े 03 वर्षों में गम्भीर बीमारी से पीड़ित रोगियों को सहारा योजना के तहत 1.15 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। लोगों को बताया गया कि आयुष्मान भारत की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना आरम्भ की है। इसके तहत उन सभी व्यक्तियोें को सम्मिलित किया गया है जो आयुष्मान भारत योजना के दायरे से बाहर हैं। लोगों को बताया गया कि हिम केयर योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा लाभार्थी परिवार को प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का लाभ एक परिवार के सभी 5 सदस्य उठा सकते हैं। यदि किसी परिवार में 5 से ज्यादा सदस्य हैं तो शेष सदस्यों का अलग से नामांकन किया जाएगा। ज़िला में महत्वाकांक्षी हिमकेयर योजना के तहत अभी तक पात्र व्यक्तियों को स्वास्थ्य बीमा के रूप में 5.66 करोड़ रुपए उपलब्ध करवाए गए। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें। लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी अवगत करवाया गया। इस अवसर पर कलाकारों द्वारा सामाजिक सुरक्षा पैंशन, मुख्यमन्त्री कन्यादान योजना, मुख्यमन्त्री स्वावलम्बन योजना, आयुष्मान भारत सहित अन्य योजनाओं की जानकारी समूह गान ‘विकास की राह पर’ और एकल गीत ‘थामे पग-पग प्रगति की और’ तथा लघु नाटिका विकास गंगा के माध्यम से प्रदान की गई। लोगों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए दस्तावेजों सहित अन्य जानकारी भी प्रदान की गई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत किशनगढ़ के प्रधान कैलाश, उप प्रधान पुष्पेन्द्र, ग्राम पंचायत कोट के प्रधान राजा राम, उप प्रधान रोशन, ग्राम पचंायत सतड़ोल के प्रधान हरविन्द्र सिंह, वार्ड सदस्य जयंती तनवर, नीता देवी, चन्द्रमोहन, ग्राम पंचायत ममलीग के प्रधान हरिचन्द, वार्ड सदस्य कौशल्या देवी, हरीदत्त, रमेश कुमार चमन लाल सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सोलन। शिमला लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से आग्रह किया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा लक्षित वर्गों के कल्याण के लिए कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं के लाभ समय पर पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए जाएँ। सुरेश कश्यप आज यहां जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति ‘दिशा’ की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सांसद ने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य न केवल पात्र वर्गों को लाभान्वित करना है अपितु उनका सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित बनाना भी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि योजनाओं को समयबद्ध पूरा करें ताकि राष्ट्र के बहुमूल्य समय व धन की बचत हो सके। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि विभिन्न निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखें तथा कार्यों को गति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सहारा योजना के तहत जिला में 143 पात्र लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है तथा योजना के माध्यम से 01 करोड़ 01 लाख 31 हजार रुपए की राशि व्यय की गई। सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के नए स्वरूप ऑमिक्रॉन के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। बैठक में पर्ची डालकर सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत वर्ष 2019-20 के लिए नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र, वर्ष 2020-21 के लिए अर्की विधानसभा क्षेत्र तथा वर्ष 2021-22 के लिए कसौली विधानसभा क्षेत्र से ग्राम पंचायत को चयनित करने के लिए निर्णय लिया गया। बैठक में अवगत करवाया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत सोलन जिला में 196 सड़क निर्माण कार्यों के माध्यम से लगभग 1176 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया। इन निर्माण कार्यों पर 352.49 करोड़ रुपए खर्च किए गए। बैठक में अवगत करवाया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अन्तर्गत जल शक्ति वृत्त सोलन द्वारा 27 योजनाओं पर कार्य आरम्भ किया गया है। इनमें से 20 योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 07 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। सांसद ने बैठक में जल शक्ति विभाग को ग्राम पंचायत मशीवर तथा जौणाजी के लिए उठाऊ पेयजल योजना लगवासन तथा ग्राम पंचायत शमरोड़ के लिए उठाऊ पेयजल योजना धरजा के कार्य को जून, 2022 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत जिला में वर्ष 2021-22 में 1200 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिला में वर्ष 2021-22 में 1651 किसानों का मक्की, गेहूं तथा धान की फसल के लिए बीमा किया गया। बैठक में अवगत करवाया गया कि एपीएमसी सोलन द्वारा ई-नाम ट्रेड के माध्यम से वर्ष 2021-22 में लगभग 59.20 करोड़ रुपए का व्यापार किया गया। ई-पेमेन्टस के माध्यम से वर्ष 2021-22 में 1761 लाभार्थियों को 24.90 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। बैठक में बताया गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वृद्धावस्था पैंशन योजना के तहत 5663 लाभार्थियों को 6.56 करोड़ रुपए, विधवा पैंशन योजना के तहत 1930 लाभार्थियों को 1.93 करोड़ रुपए, दिव्यांगता राहत सहायता के अन्तर्गत 112 लाभार्थियों को 15.12 लाख रुपए तथा राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के तहत 33 लाभार्थियों को 6.60 लाख रुपए की राशि व्यय की गई। उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी ने विश्वास दिलाया कि सांसद द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाएगा। बैठक में दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, जिला परिषद अध्यक्ष रमेश कुमार, नगर निगम सोलन की महापौरी पूनम ग्रोवर, जिला परिषद सदस्य दर्पणा ठाकुर, बीडीसी धर्मपुर की अध्यक्ष जमना ठाकुर, भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
सोलन। राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप 12 जनवरी, 2022 को एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह जानकारी जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि यह बैठक उपायुक्त कार्यालय सोलन के सभागार में प्रातः 11.00 बजे आयोजित की जाएगी। बैठक में अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं व अधिनियमों तथा अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
धर्मशाला। उपायुक्त कांगड़ा डॉ.निुपण जिंदल ने आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में वन अधिकार कानून 2006 के तहत गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वन अधिकार कानून के तहत एसडीएलसी बैजनाथ, पालमपुर, धर्मशाला, जयसिंहपुर में लंबित दावों को आगामी तीन महीनोें के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वन अधिकार कानून के तहत समय रहते जो लोग फार्म नहीं भर पा रहे है उन के लिए पंचायत स्तर पर मार्गदर्शिका भी उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि सही तौर पर फार्म भरकर जमा करवाए जा सकें। उन्होंने बताया कि एनएच से संबंधित एफआरए के सभी मामले निपटा दिए गए हैं। बैठक में घूमंतु पशु चराई के लिए ग्राम सभाओं के दावों के साथ साथ बड़ा भंगाल के सामुदायिक दावों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर एडीएम रोहित राठौर, डीएफओ डॉ.संजीव शर्मा, जिला परिषद सदस्य वाघनी धर्मशाला रविन्द्र कुमार, श्रेष्ठा नवी, पंकु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
धर्मशाला। उपायुक्त डॉ.निपुण जिंदल ने कहा कि युद्ध स्मारक तथा युद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उपायुक्त आज युद्ध संग्रहालय के सभागार में युद्व स्मारक एवं संग्रहालय में चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। डॉ.निपुण जिंदल ने बताया कि युद्ध संग्रहालय नूरपुर का 0.88 हेक्टेयर भूमि का एफसीए की पहली स्टेज की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि युद्ध संग्रहालय के फर्स्ट फलोर की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शीघ्र ही इसका कार्य आंरभ कर दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि युद्ध संग्रहालय में सोविनयर शॉप का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया तथा शेष कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि युद्ध संग्रहालय में वाहनों के लिए उपयुक्त पार्किंग स्थान चिहिन्त करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों का दिशा-निर्देश दिये गये हैं। उपायुक्त ने कहा कि देश और विदेश से युद्व स्मारक तथा युद्व संग्रहालय को देखने के लिए हजारों पर्यटक यहां आते हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध संग्रहालय सेना के युद्धों और संघर्षों की शिक्षा एवं देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी चीजों के संग्रह, संरक्षण, व्याख्या और सैन्य साजोसामान की प्रदर्शनी करने वाला संस्थान होगा। इसे एक ऐसी जगह के तौर पर विकसित किया जा रहा है जहां लोग सैनिकों और राष्ट्र की सुरक्षा में किए गए उनके असाधारण प्रयासों के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे। डॉ.जिंदल ने कहा कि युद्व संग्रहालय में युवाओं तथा आम जनमानस के लिए सेना से जुड़ी विभिन्न जानकारियां भी मिलेंगी। इसमें सेना के युद्वों और संघर्षों की शिक्षा एवं देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक महत्व की चीजों के संग्रह, संरक्षण और सैन्य साजोसमान की झलक भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि युद्व संग्रहालय में सैन्य हथियारों को प्रदर्शित किया जाएगा इसके साथ ही विभिन्न युद्वों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि धर्मशाला के युद्ध संग्रहालय को हिमाचल के भव्य संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध स्मारक की साफ सफाई की उचित व्यवस्था की जाएगी इसके साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे। उपायुक्त ने युद्ध संग्रहालय से सम्बन्धित शेष बचे कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये। इस दौरान उपायुक्त ने शहीद स्मारक का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इसके सौन्दर्यीकरण को लेकर सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये। इससे पहले उपनिदेशक सैनिक कल्याण विभाग कर्नल केएस चाहल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए युद्व संग्रहालय में चल रहे विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा लंबित कार्यों को समयबद्व पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर एडीसी राहुल कुमार, एसडीएम शिल्पी बेक्टा, अधिशाषी अभिंयता लोक निर्माण विभाग सुशील डढ़वाल सहित युद्ध संग्रहालय समिति के गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे।
धर्मशाला। कोविड से निपटने के लिए जिला दंडाधिकारी डा निपुण जिंदल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कांगड़ा जिला में सभी बाजारों को रात सात बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं इसमें ढाबों इत्यादि को रात दस बजे तक खुले रखने के आदेश किए गए हैं जबकि मेडिसन की दुकानें 24 घंटे खुली रह सकती हैं। इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिला में रविवार को सभी बाजार बंद रखने के भी आदेश जारी किए गए हैं। जिला दंडाधिकारी द्वारा सभी शैक्षणिक संस्थानों, स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, बहुतकनीकी संस्थानों, आईटीआई, कोचिंग संस्थानों, आवासीय विद्यालयों को 26 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं इसमें कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना के साथ नर्सिंग तथा मेडिकल कालेज खुले रहेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, स्थानीय निकाय व स्वायत्त संस्थाओं में फाइव डे वीक की व्यवस्था भी लागू की गई है इसके अतिरिक्त कार्यालयों में पचास फीसदी कर्मचारी ही क्रमवार आएंगे जबकि आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागों में यह बंदिशें लागू नहीं होंगी।आदेशा के अनुसार लंगर, धाम, सामूहिक किचन पर पूर्णतय रोक रहेगी। खेल शैक्षणिक मनोरंजन तथा सांस्कृतिक व राजनीतिकक गतिविधियों के लिए इंडोर में पचास फीसदी क्षमता के साथ अधिकतम सौ लोगों की मौजूदगी तथा आउटडोर में क्षमता के पचास फीसदी या अधिकतम तीन सौ लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति रहेगी। इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक कांगड़ा, सभी उपमंडलाधिकारियों, कार्यकारी दंडाधिकारी, विकास खंड अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है, आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने आदेश भी दिए गए हैं।
जयसिंहपुर उपमंडल के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोसरी के प्रागंण में नेहरू युवा केंद्र धर्मशाला के सौजन्य से कोसरी में खेलकूद प्रतियोगिता का समापन हुआ। जिसमें लंबागांव खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता सरदार वल्लभभाई पटेल युवक मंडल कोसरी द्वारा 8 जनवरी से 9 जनवरी 2022 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मे आयोजित करवाई गई। इसमें रसाकशी, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, दौड़ के साथ बॉलीबाल प्रतियोगीता भी करवाई गई। इसमें मुख्य अतिथि लंबागांव ब्लॉक के समिति चेयरमैन कुलवंत राणा ने बॉलीबाल विजेता को टीम के साथ अन्य वीजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफि दे कर सम्मानित किया। वही सरदार वल्लभ भाई पटेल युवक मंडल के प्रधान विनोद टंडन ने उन प्रतिभागियों को जिन्होंने जीत हासिल की है उन्हें जीत की बधाई और शुभकामनाएं दी।
हिमाचल की राजनीति में इन दिनों काफी गर्माहट है और आरोप-प्रत्यारोप की गति भी तेज़ हो रही है। शाहपुर की बात करें तो कांग्रेसी नेता इन दिनों लगातार वर्तमान विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे है। बीते दिनों प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर की विधायक एवं सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी पर शाहपुर की जनता का अनदेखी का आरोप लगाया है। पठानिया ने कहा कि चार सालों में कोई भी नई परियोजना मंत्री नहीं ला सकी है। कांग्रेस काल में शाहपुर में जो विकास कार्य हुए थे उसके बाद यहाँ कोई नया कार्य नहीं किया गया और ऐसा प्रतीत होता है मानों शाहपुर की जनता से विधायक को कोई लेना देना नहीं है। वे मंत्री है, ऐसे में जनता को उनसे उम्मीदें रही है कि वे विकास के कार्य करवा कर शाहपुर ही तस्वीर बदल दे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। शाहपुर की जनता अब समझ चुकी है कि बीजेपी पार्टी केवल झूठ की राजनीति करती है। पठानिया ने कहा कि विकास कार्यों को लेकर मंत्री श्वेत पत्र जारी करें। चंगर क्षेत्र में आज भी जनता पानी को तरस रही है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह ने छह करोड़ की सूखा हार की पानी की स्कीम दी, अगर समय रहते इसका काम पूरा हो जाए तो आज चंगर क्षेत्र वासियों को अपनी की क़िल्लत नही होती। शाहपुर क्षेत्र में तीन चार और भी पानी की स्कीमों की स्वीकृति, सड़कों के लिए पैसा, लंज कॉलेज के लिए करोड़ो रुपये की स्वीकृति, शाहपुर के एसडीएम कार्यालय के भवन की स्वीकृति कांग्रेस सरकार ने की थी। कलरू का पुल, मोबा का पुल की सरकार ने कोई सुध नही ली। मेटी, घेरा करेरी सड़क की दशा बहुत ही खराब हो चुकी है। धारकंडी की सड़कों की हालत किसी से छुपी नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता के लिए बरनेट, घेरा सड़क का काम जिलाधीश के निर्देश से करवाया जा रहा था लेकिन स्थानीय विधायक एवं मंत्री के दखल अंदाजी से वो भी बंद करवा दिया गया। भाजपा सरकार की विधायक एव मंत्री से साढ़े चार सालों में इनके कार्य पूरा नही हो पाए है। पठानिया ने कहा कि शाहपुर की जनता मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है और प्रदेश सरकार अखबारों के माध्यम से जनता को सुख सुविधा देने के बड़े बड़े वायदे कर रही है, लेकिन धरातल पर जनता परेशान दिख रही है।
The Indian Public Schools’ Conference (IPSC) conferred the prestigious Gaur Hari Singhania Lifetime Achievement Award to Capt AJ Singh, Executive Director Pinegrove School Distt Solan HP at the 82nd (IPSC) Principals’ Conclave, held at The Doon School Dehradun on 10th January 2021. The award was conferred in the presence of the Union Minister of Education, Skill Development and Entrepreneurship, Govt of India, Dharmendra Pradhan, online in an exemplary Closing Ceremony of the Conclave. Capt AJ Singh is the Founding Headmaster and Director of Pinegrove School, Director St Soldier’s School Panchkula, was Chairperson of the IPSC, and also a member of the Board of Governors of the CBSE. The award was bestowed on Capt Singh for the fantastic work done in bringing Pinegrove School to a position and place of respect as it can stand today and for his efforts and contributions to the IPSC in particular and in the field of education, in general. Capt AJ Singh was a permanently commissioned officer in the Indian Army and resigned his commission prematurely, to pursue this noble path of Education. He has been on the Executive Committee of the IPSC for about a decade and has worked selflessly in conducting or hosting IPSC/SGFI Tournaments, organizing Conclaves, reframing the IPSC Byelaws, restarting IPSC Teacher Training Seminars and IPSC Student Conclaves. These initiatives are still continuing to date and are growing into becoming a tradition. Capt Singh attributes this award to his mentors, teachers, and IPSC Principals. It was destiny that made him change his course from being an Army Officer and becoming a Principal and has no regrets for the same. It was a special honor for him to receive this award in the presence of the Hon'ble Education Minister of the Govt of India, Shri Dharmendra Pradhan.
हमारे देश में नए साल के आगाज के साथ ही कई त्यौहार आते है। बैसाखी, मकर सक्रांति, पोंगल इसके कई उदाहरण हैं। इसी बीच एक और त्योहार है जो अपने रंग, रुप और कला से भारतीय संस्कृति को कई सालों से समृद्ध करती हुई आ रही है। इस अनोखे फेस्टिवल को ‘लोसर’ कहा जाता है। वैसे तो लोसर तिब्बती न्यू ईयर के रुप में मनाया जाता है और इसका मतलब तिब्ब्ती भाषा में नया साल ही होता है, लेकिन यह त्यौहार भारत के भी कई हिस्सों में मनाया जाता है। भारत के वो इलाके जहां तिब्बती मूल के लोग रहते हैं, वहां इस त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस विशेष पर्व को मनाने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक संस्कृति को संजोए रखने के साथ-साथ आपसी भाईचारे और रिश्तों को मजबूत बनाना और नववर्ष का स्वागत करना है। समृद्धि का पर्याय है लोसर लोसर वैसे तो मुख्य रुप से तिब्ब्ती न्यू ईयर का त्यौहार है, लेकिन इस त्यौहार को बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के अलावा देश के कई हिस्सो में रहने वाले भारतीय और तिब्बती लोग भी मनाते हैं।। हिमाचल के कुछ इलाकों में इस त्यौहार का हिन्दु रुपांतरण भी देखने को मिलता है। तीन दिनों के इस त्यौहार में लोग बौद्ध पंचाग के अनुसार अपना घर सजाते हैं। लोसर के पहले दिन सूर्योदय से पहले घर का सबसे बड़ा सदस्य घर की छत पर "दारछोत" यानी झंडा लगाते है। इसके बाद घर के चूल्हे में "शुर्कू" यानी पहाड़ी जड़ी बूटी से निर्मित हवन सामग्री डाला जाता है। इसके बाद सत्तू, घी, रत्न ज्योत के मिश्रण से त्रिकोणीय प्रतिमा बनाया जाता है जिसे ब्रयंगस कहा जाता है और इसे एक बड़े परात में रखा जाता है इसके अलावा आटे से बकरी भेड़ का स्कल्पचर बना कर ब्रयंगस के चारो और इसे रखा जाता है, जिसमें सेब, खुमानी, चिलगोज़ा सहित सभी फसल को रखा जाता है। ब्रयंगस के ऊपर घी का तिलक लगाया जाता है और ड्राई फ्रूट नट्स की माला बना कर प्रतिमा को पहनाया जाता है, इस माला को "दिरमा" कहा जाता है। इसके बाद घर में सबसे कम उम्र की औरत या बेटी इसकी पूजा कर सुख समृद्धि की कामना करती है । इस विधि के दौरान घर के सभी सदस्य का शामिल होना अनिवार्य होता है। लोसर के पहले दिन हॉर्स रेस आकर्षण का केंद्र रहता है। लोसर के दूसरे दिन किसी प्राचीन मैदान या खेत में सुबह से ही नाच गाने का दौर शुरू होता है इस दौरान सभी लोग स्थानीय वेशभूषा में शामिल होते है। लोसर के अंतिम दिन ब्रयंगस खंडित किया जाता है और इसे प्रसाद के रूप में सभी को वितरित किया जाता है। लोसर का इतिहास लोसर की उत्पत्ति बौद्ध-पूर्व काल में तिब्बत में हुई थी। इतिहास पर अगर गौर करें तो लोसर फैस्टिवल की जड़े हमें यहां के पुराने बॉर्न धर्म से जुड़ी हुई मिलती हैं, जिसमें ठंड के दिनों में धूप जलाने का रिवाज हुआ करता था। बताया जाता है कि नौवें तिब्बती राजा, पुड गुंग्याल के शासनकाल के दौरान इसी रिवाज़ को वार्षिक त्यौहार बनाने के लिए इसे एक फसल त्यौहार के साथ मिला दिया गया। बैशाखी, पोंगल आदि की तरह ही लोसर में भी फसल के लिए आभार व्यक्त किया जाता है। लोसार का बाद में तिब्बत में आई बौद्ध परंपरा की ओर झुकाव हो गया। ऐसा माना जाता है कि, पुड गुंग्याल के शासनकाल के दौरान बेल्मा नाम की एक बूढ़ी औरत हुआ करती थी, जो लोगों को चंद्रमा के आधार पर समय की गणना करना सिखाती थी। उस विश्वास के साथ, कुछ स्थानीय लोग लोसर को बाल ग्याल लो के रूप में संदर्भित करते हैं। लोसर को मनाने की तिथि हर साल बदलती है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में होती है लोसर की धूम भारत देश में लोसर का ये पर्व लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में मनाया जाता है। यह त्योहार इन जगहों पर रहने वाली तिब्बती और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के लिए नए साल की शुरूआत है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, लाहौल, स्पीति और कांगड़ा में इस त्योहार की धूम दिखती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में मोनपा जनजातियों द्वारा तवांग, मेम्बा और मेचुखा घाटी में इसे मनाया जाता है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले योलमो, शेरपा, तमांग, गुरुंग और भूटिया समुदाय भी लोसार के उत्सव में भाग लेते हैं। हिमाचल में ऐसे मनाया जाता है लोसर मेला जिला किन्नौर के ऊपरी क्षेत्र रोपा घाटी में नव वर्ष का लोसर मेला हर वर्ष शकसंवत के पौष माह के पहले दिन से शुरू होता है, जो कई दिनों तक चलता है। ग्रामवासी इस मेले की तैयारी कई दिन पूर्व से ही करते हैं। खास कर भोटी (स्थानीय जनजाति) इस मेले को लेकर खासे उत्सुक रहते है। वे लोग इस दिन एक-दूसरे को मिलते हैं, किन्नौरी सूखे मेवे चिलगोजा, बादाम से बनी माला एक-दूसरे के गले मे पहनाकर नव वर्ष की बधाई लोसमा टाशी (नव वर्ष शुभ हो) कह कर देते हैं। खास बात यह भी है कि इस दिन जो भी घर का सदस्य बाहर रहता हो या घर से बाहर गया हो, उसका घर में आना जरूरी है नहीं तो इसका महत्व नहीं रहता है। नव वर्ष के अवसर पर सभी को नए वस्त्र पहनना अनिवार्य है वह भी किन्नौरी वेशभूषा न कि आधुनिक परिधान। पूह क्षेत्र में लोसर- बौद्ध अनुयायियों नव वर्ष का त्योहार है। दिसंबर के अंत में मनाए जाने वाले इस त्योहार को लामा लोग ही मानते हैं। इसमें गृह देवता के पास दीपक जलाया जाता है, आटे की कई प्रतिमाएँ बनाई जाती हैं। लोग दोपहर के पहले घर से नहीं निकलते। लामा और जोमो अर्थात भिक्षुणी दोनों मेले में नाचते हैं। इस दिन प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह शुभ शकुन देखे। इसलिए लोग उसी व्यक्ति, जानवर व पक्षी को देखने का प्रयास करता है, जिसके साथ शुभ जुड़ा हो। अरुणाचल में दिसंबर से ही शुरू होती है लोसर की तैयारियां अरुणाचल प्रदेश में मोनपा लोग लोसर की तैयारियाँ दिसंबर से ही शुरू कर देते है। जैसे घर की साफ़ -सफाई करवाते है, नए कपड़े खरीदे जाते है, खाने पीने का सामान इकठ्ठा किया जाता है। यहाँ पहले दिन लोग अपने घरवालों के साथ ही इसे मानते है और घर में ही खाते पीते और विभिन्न तरह के खेल खेलते है। दूसरे दिन लोग एक-दूसरे के घर जाते है और नए साल की बधाई देते है और तीसरे दिन प्रार्थना के झंडे लगाए जाते है। ईटानगर के थप्टेन ग्यात्सेलिंग मठ में यह उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। सबसे पहले मठ के बाहर भगवान बुद्ध की प्रतिमा को एक पेड़ के नीचे स्थापित किया जाता है और उसके सामने दिया जलाया जाता है। उसके बाद प्रार्थना झंडों को बाँधा जाता है। इसके बाद नृत्य संगीत का कार्यक्रम होता है। इनका संगीत बहुत ही मधुर होता है और नृत्य की शैली अत्यंत मधुर और मंद सी होती है। नर्तक जो टोपी पहनते है वह याक के बालों से बनाई जाती है और ये मोनपा जनजाति की बहुत ही पारंपरिक टोपी होती है। उत्तराखंड में होली खेल कर मनाया जाता है लोसर उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय इलाको में रहने वाले लोग लोसर मनाकर अपनी परम्पराओं को जीवित रखे हुए हैं। इस प्रांत के डुण्डा ब्लाक में भूटिया जनजाति के लोग तीन दिन तक इस त्योहार की मस्ती में डूबे रहते हैं। सभी बच्चे, बूढ़े और महिला एक दूसरे के साथ होली खेलते हैं, ये लोग गुलाल से होली नहीं खेलते बल्कि एक दूसरे पर रंग की तरह सूखा आटा लगाकर खुशी प्रकट करते हैं। भूटियो के साथ ही तिब्बती भी भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना कर इस त्योहार में भाग लेते हैं। बौद्ध मंदिरों में बड़े बड़े रंगबिरंगे झंडे लगाए जाते हैं और त्योहार की मिठाई बाँटी जाती है। बौद्धनाथ स्तूप में होती है रौनक नेपाल में लोसर बहुत ही अलग तरीके से मनाया जाता है। जो लोग बौद्ध नहीं हैं वे भी अपने बौद्ध मित्रों से इस उत्सव में शामिल होने जाते हैं। मंदिरों और स्तूपों में पारंपरिक नृत्य और गायन चलता रहता है। काठमांडू के बौद्धनाथ स्तूप पूजा के लिये आने वाले परिवारों द्वारा जलाई गई मोमबत्तियों की रोशनी और झंडियाँ से सभी परिवेश को एक रंगीन स्वर्गिक दृश्य में बदल देती हैं। लाल वस्त्र धारण किये हुए हजारों बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति इस स्तूप भी लोसर उत्सव में अद्भुत बना देती है। लो शोमा टाशी के साथ यह उत्सव पूरा होता है और सब अपने अपने घर लौटते हैं। लो शोमा टाशी का अर्थ है नव वर्ष मंगलमय रहे। इसी प्रकार नेपाल में टाशी या टासी दोनो प्रकार के रूप इस वाक्य में प्रयुक्त होते हैं। लद्दाख में ख़ास फेस्टिवल्स में से एक है लोसर लद्दाख का लोसर फेस्टिवल यहां मनाए जाने वाले खास फेस्टिवल्स में से एक है जिसे दिसंबर महीने में मनाया जाता है। फेस्टिवल में लद्दाखी बौद्धजन घरेलू धार्मिक स्थलों पर या गोम्पा यानी की मोनास्ट्री में अपने देवताओं को धार्मिक चढ़ावा चढ़ाकर खुश करते हैं। इसके अलावा इस महोत्सव में अलग-अलग तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक प्रदर्शनी और पुराने रीति-रिवाजों का भी प्रदर्शन किया जाता है। पुरानी परंपरा के अनुसार लदाख में लोग अपने परिवार के सदस्यों की छोक्तेन पर जाते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। इस फेस्टिवल में नृत्य और संगीत की खूबसूरत जुगलबंदी से आम लोग भी आकर्षित होते है। लद्दाख में लोसर के पहले तीन दिन बेहद ख़ास देश के विभिन्न प्रांतों में मनाये जाने वाले लोसर का ये पर्व दस से पंद्रह दिन तक चलता है। इस त्यौहार की शुरूआत घरो और मंदिरों में रोशनी के साथ होती है। चारों ओर रोशनी से देश का हर वो हिस्सा जगमगा उठता है जहां लोसर की धूम रहती है। पुरानी परंपराओं की मानें तो कई जगह इस दिन परिवार के लोग अपने घरों के मृत लोगों के छोक्तेन पर जाते हैं। यूँ तो इस त्यौहार के सभी पंद्रह दिन हर्षोउल्लास के साथ मनाये जाते है, लेकिन लोसर के पहले तीन दिन बेहद ही ख़ास माने जाते है। पहला दिन - इस त्योहार के पहले दिन को पिछले वर्ष की हर तरह की बुराइयों और बुरी आत्माओं को दूर करने के लिए घरों की अच्छी तरह से लोग साफ-सफाई करते हैं। इस दिन को ‘गुटुक’ नाम का एक अनोखा व्यंजन बनाया जाता है। वहीं विशेष आटे के गोले बनाए जाते हैं जिनमें विभिन्न सामग्रियों को भरा जाता है। आटे के गोले को खाते समय जिस व्यक्ति के खाने में जो सामग्री निकलती है वो उस आदमी के चरित्र के विशिष्ट लक्षणों के रुप में देखा जाता है। ऐसा सिर्फ हंसी मजाक के तौर पर लोग आपस में करते हैं। दूसरा दिन - दूसरे दिन लोग स्थानीय ‘मठों’ पर पहुंचते हैं और अपना ट्रिब्यूट देते हैं। मठो पर जाने से पहले बाजारों, सड़कों और गलियों से लोग एक जुलूस निकालते हैं जिसमें वे अपने माथे पर ‘मेथी’ नाम की एक चीज ढ़ोते हैं। इस दौरान लोग ज्वलंत मशालें लेकर नारे लगाते हुए मठों की ओर जाते हैं। कहा जाता है कि, यह जुलूस शहर से बुरी आत्माओं या शक्तियों की विदाई के लिए निकाली जाती है। इस दिन लोग मठो पर दुआ मांगते हैं और अपनी इच्छा अनुसार मठो के भिक्षुओं को उपहार भेंट करते हैं। तीसरा दिन - यह दिन लोसर महोत्सव के मुख्य समारोहों का अंतिम दिन होता है। इस दिन लोग एक री-यूनियन भोज का आयोजन करते है, वो आपस में मिलते हैं और एक खास तरह का केक जिसे काप्स कहते है, उसका सेवन चांग नामक एक मादक पेय का सेवन करते हैं। पारंपरिक नृत्य बनता है आकर्षण का केन्द्र यूँ तो लोसर के त्यौहार में कई प्रकार की पारम्परिक चीज़े लोगो को आकर्षित करती है, लेकिन इस त्योहार का सबसे मुख्य आकर्षण होता हैं पारंपरिक नृत्य, जो लोग इस त्यौहार के दौरान करते हैं। इसमें डांस करने वाले लोग कुछ खास किस्म के रंगीन और चमकीले कपड़े पहनते हैं और अपने चेहरे पर दानव या किसी पशु का मुखौटा पहनते है। यह डांस दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनता हैं। लोसर पर खान-पान भी विशिष्ट लोसर पर्व के पहले दिन गांव में घरों की छतों पर बौद्धमंत्रों के साथ बौद्ध झंडे लगाकर सुख-शांति, अमन और नए साल का स्वागत करते हुए लोसर मेले का आगाज किया जाता है। इस दौरान गांव के प्रत्येक घर में बाड़ी दु, ओगला और फाफरे के पारंपरिक व्यंजन बनाए और सब्जियों के साथ परोसे जाते है। इसके बाद ग्रामीण जुटे और तोषिम कार्यक्रम किया जाता है। इस दौरान किन्नौरी नाटी यानी कायंग का दौर चलता है व् तीन दिन इस पर्व की धूम रहती है।
हिमाचल प्रदेश टीचर एजुकेटर वेलफेयर एसोसिएशन की प्रांतीय बैठक एवं नई कार्यकारिणी के गठन हेतु कार्यक्रम गीता भवन ज्वालामुखी में जनरल हाउस के रूप में संपन्न हुआ जिसका उद्देश्य प्रांत स्तर के पदाधिकारियों का चुनाव तथा वार्षिक योजना तय करना रहा। जनरल हाउस की अध्यक्षता नरेंद्र कुमार प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आनंदपुर साहब टोबा ने की तथा चुनाव पर्यवेक्षक हरीश चौधरी प्रवक्ता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मूहल रहे और उन्होंने सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न करवाएं जिसमें डॉ राजकुमार धीमान अध्यक्ष, डॉक्टर देवेंद्र कुमार शर्मा महासचिव, डॉ अनामिका शर्मा वाइस प्रेसिडेंट, डॉ शिवाली राणा संयुक्त सचिव, डॉ प्रशांत प्रेस सचिव, डॉक्टर सुरेंद्र वर्मा कोषाध्यक्ष, विजय कुमार आईटी और सोशल मीडिया प्रमुख, कार्यकारिणी के संरक्षक डॉ परस नाथ शर्मा तय किए गए एवं एसोसिएशन के प्रमुख सलाहकार डॉ शशिकांत शर्मा बनाए गए l
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन द्वारा आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर भारतीयों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए रविवार को यहां से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को प्रभावी ढंग से संरक्षित करने के लिए दुनिया के विभिन्न भागों में रहने वाले हिमाचलियों की सराहना की। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस प्रवासी भारतीय समुदाय को समर्पित दिन है। उन्होंने प्रवासी हिमाचलियों से राज्य में निवेश करके प्रदेश के विकास में भागीदार बनने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने अपनी मेहनत और लगन से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपना एक विशेष स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने एक छोटा राज्य होते हुए भी देश के बड़े राज्यों को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टेर्ज मीट का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट के बाद आयोजित दो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में लगभग 42,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग में सफल रही है, जो इस आयोजन की सफलता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रवासी भारतीयों के मध्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए मील पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचली प्रवासी और विभिन्न प्रवासी संघों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हिमाचली संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह वेबिनार विदेशों में रह रहे हिमाचलियों के ज्ञान, विशेषज्ञता और कौशल को समृद्ध करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान हिमाचली लोगों के योगदान की भी सराहना की। हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन के अध्यक्ष, कनाडा में रहने वाले भाग्य चंद्र ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले हिमाचलियों के साथ बेहतर संबंध सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री के सलाहकार-एवं-प्रधान निजी सचिव डाॅ. आर.एन. बत्ता ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। कनाडा में रहने वाले अरुण चैहान, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले डाॅ. विशाल शर्मा, संयुक्त अरब अमीरात में मुनीश गुप्ता, ओमान में संजीव शर्मा, ऑस्ट्रेलिया में उमेश सिंह ठाकुर, न्यूजीलैंड में पूनम गुलेरिया, सनी कौशल, इंग्लैड में ममता डाहरू, जर्मनी में विशाल ठाकुर, बहरीन में गोल्डी शर्मा ने इन देशों में पढ़ाई, नौकरी आदि के लिए आने वाले हिमाचलियों की मदद के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों के सम्बन्ध में जानकारी दी।
सिखो के दसवे गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा भाव के साथ सोलन जिला के सभी गुरुद्वारा साहिब में मनाया गया। सोलन के सपरून गुरुद्वारा साहिब के प्रधान जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार व् जिला प्रशासन द्वारा जारी कोविड की गाईड लाइन्स की पूरी तरह से अनुपालन करते हुए गुरुद्वारा साहिब सपरून में कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया, उन्होंने बताया की हॉल में बैठने की कुल क्षमता के पचास प्रतिशत संगत को ही एक वक्त में एंटर करने दिया गया। उन्होंने बताया की कीर्तन दरबार में स्थानीय रागी जत्थो सहित विशेष रूप से पटियाला से आये भाई साहब भाई जगमोहन सिंह ने कीर्तन कर संगत को गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन के बारे में बताया और बताया की किस तरह से गुरु गोबिंद सिंह जी ने देश की कौम की खातिर सरवस्व निछावर कर दिया था, उन्होंने कहा की इस अवसर पर सर्वत्र के भले की अरदास की गई और वैश्विक महामारी से सभी के सुरक्षित रहने की कामना की गई।
धर्मपुर विधानसभा के युवा नेता जितेंद्र ठाकुर को राहुल गांधी की राष्ट्रीय टीम से बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें पंजाब में हो रहे विधानसभा चुनावो में जालंधर की सेंट्रल विधानसभा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि जितेंद्र ठाकुर ने राजनीति की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी, उसके उपरांत उन्होंने धर्मपुर विधानसभा में भी काम किया। धर्मपुर विधानसभा के पूर्व में अध्यक्ष भी रहे हैं और साथ में हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के महासचिव भी रहे। धर्मशाला उपचुनाव के प्रभारी रहे और साथ में यह युवा नेता सामाजिक कार्य में भी अहम योगदान निभा रहे है। पिछले दो सालों से कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान इन्होंने गरीबों और प्रवासी मजदूरों की दिन-रात सहायता की है। वर्तमान में हिमाचल सेवादल यंग ब्रिगेड के राज्य सचिव भी हैं। धर्मपुर के युवा नेता को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलना एक गर्व की बात है। जितेंद्र ठाकुर ने इस जिम्मेदारी मिलने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी और सह प्रभारी चेतन व हर्षवंधन सतपाल हिमाचल प्रदेश के युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनीष ठाकुर का धन्यवाद किया और कहा कि वो कड़ी मेहनत करेंगे और राष्ट्रीय नेतृत्व की उम्मीदों पर खरा उतरूंगा।
विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के अंतर्गत आते पुलिस थाना इंदौरा व पुलिस थाना डमटाल में रविवार को पुलिस द्वारा कोरोना वैश्विक महामारी के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई व् लोगों के चालान काट कर जुर्माना वसूल किया गया | मामले की जानकारी देते हुए थाना इंदौरा के प्रभारी सुरेंद्र धीमान ने बताया कि आज इंदौरा बाजार में लोगों को बिना मास्क घूमने के लिए 81 लोगों के चालान काटे गए जिससे कि आज 37,300 रुपए जुर्माना वसूल किया गया। थाना इंदौरा के प्रभारी सुरेंद्र धीमान ने बताया कि लगातार दो दिन तक पुलिस की टीम द्वारा लोगों को निर्देश दिए गए थे कि सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें किंतु कुछ लोग अब भी इसे हल्के में ले रहे हैं। इस कारण लोगों के चालान काट कर जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं थाना डमटाल के प्रभारी हरीश गुलेरिया ने बताया कि थाना क्षेत्र में लोगों को जागृत किया गया व् 16 उल्लंघन कर्ताओं के चालान काटकर ₹8000 जुर्माना वसूला गया। लोगों को सार्वजनिक जगहों पर आने जाने पर मास्क लगाने के बारे में जागरूक किया गया। बिना मास्क सार्वजनिक जगह पर घूमने फिरने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
किन्नौर जिला में कोविड के 13 नए मामले सामने आए हैं । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सोनम नेगी ने बताया कि जिले मे रविवार को कोविड के 130 सेंपल लिए गए थे जिन में से 13 मामलो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पॉजिटिव आने वाले सभी मामले टिडोंग जल विधुत परियोजना से सम्बंधित है। गत दिनों इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला जांच के लिए भेजे गये 60 सेम्पल की रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक कोविड के 83998 सेम्पल लिये जा चुके हैं जिनमे से 80352 सेम्पल को रिपोर्ट नेगिटिव आई है। जिले में अब तक कुल 3586 मामले पॉजिटिव आए हैं। 3495 स्वस्थ हो चुके हैं। जिले मे कोविद के 52 मामले सक्रिय है। कोविड के कारण जिले मे 39 रोगियों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने जिला वासियों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है तथा घर से बाहर निकलते समय सही प्रकार से मास्क पहनने व दो गज की दूरी की अनुपालना सुनिश्चित बनाने को कहा है। उन्होंने 15 से 18 वर्ष के बच्चों से कोविड रोधी टीका अवश्य लगाने को कहा है। उन्होंने कहा कि कोविड रोधी टीका लगाने व कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने से ही इस महामारी से बचा जा सकता है।
हमीरपुर पुलिस द्वारा दिनांक 03-01-2022 से हिमाचल प्रदेश पुलिस आरक्षी पद की भर्ती के लिए पुलिस लाईन्स हमीरपुर के मैदान में शारीरिक मानक व शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही थी जिस को अब हि0प्र0 सरकार द्वारा जारी ऩए कोविड-19 के प्रतिबन्धों, दिशा-निर्देशों व नियमों की अनुपालना के संदर्भ में अगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। इसलिए शारीरिक मानक व शारीरिक दक्षता परीक्षा में भाग लेने के लिए जो अभ्यर्थी(पुरुष, महिला व पुरुष (ड्राईवर)) दिनांक 10-01-2022 से लेकर 15-01-2022 तक पुलिस लाईन्स हमीरपुर के मैदान में शारीरिक मानक व शारीरिक दक्षता परीक्षा तथा ड्राईविंग दक्षता परीक्षा में भाग लेने के बुलाया गए थे, हमीरपुर पुलिस उन सभी अभ्यर्थियों से आग्रह करती हैं कि वे अब उक्त परीक्षा में भाग लेने के लिए न आएं। इस संदर्भ में सभी अभ्यर्थियों जो कि दिनांक 10-01-2022 से 15-01-2022 के मध्य इस परीक्षा के लिए आमंत्रित किए गए थे उन सब के पंजीकृत मोबाइल फोन पर एस0एस0एस0 (लघु संदेश) के द्वारा भी संदेश भेज दिए जाएंगे। हमीरपुर पुलिस दिनांक 10-01-2022 से लेकर 15-01-2022 के मध्य बुलाए गए सभी अभ्यर्थियों से पुनः आग्रह करती है कि वे अब उपरोक्त निर्धारित तिथियों को निर्धारित भर्ती स्थलों पर अगामी आदेशों तक पुनः नई तिथियां जारी होने तक शारीरिक मानक व शारीरिक दक्षता परीक्षा में भाग लेने के लिए न आएं। नई तिथियां निर्धारित होने पर सभी अभ्यर्थियों को उन सब के पंजीकृत मोबाइल फोन पर पुनः एस0एस0एस0 (लघु संदेश) के द्वारा संदेश भेज दिए जाएंगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में एनएसएस के विशेष शिविर के तीसरे दिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। तीसरे दिन की शुरुआत सुबह 6:00 बजे योगासन से की गई। मौसम खराब होने की वजह से प्रभात फेरी का आयोजन नहीं किया गया। दिन के समय बौद्धिक सत्र में विशेष रूप से आमंत्रित डॉ उदित शुक्ला उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में चलाई जा रही विशेष योजनाओं की जानकारी देने के साथ मुख्य बीमारी कौन-कौन सी है एवं उन्हें किस तरह से रोका जा सकता है के बारे में जानकारी दी। अंत में डॉ उदित शुक्ला ने नशे के दुष्प्रभाव की विस्तृत जानकारी बच्चों को प्रदान की। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान हेमराज ठाकुर ने भी अपने संबोधन में बच्चों में नैतिकता, मर्यादा, स्वच्छता एवं सहयोग की भावना पर विस्तृत जानकारी दी। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी विजय चंदेल एवं क्षमा शर्मा ने बौद्धिक सत्र में आने पर डॉ उदित शुक्ला एवं हेमराज का आभार जताया। इस अवसर पर भोपाल ठाकुर, सोहनलाल, बलदेव, सीमा सहित अन्य उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में विगत दिनों हुई चूक के मामले को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा अर्की के पदाधिकारियों व सदस्यों ने अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर की अगुवाई में दाड़लाघाट के बाघल होटल के समीप प्रदर्शन किया। इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया व मुख्यमंत्री चन्नी के मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। भाजयुमो अर्की मंडल के सदस्यों ने कहा कि पंजाब की सरकार की लापरवाही के कारण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक होना एक बहुत ही गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति और नीयत दोनों खराब हो चुकी है। इसके खिलाफ़ कड़ी कारवाई होनी चाहिए। इस मौके पर भाजयुमो अर्की के अध्यक्ष महेन्द्र ठाकुर, महामंत्री विजय शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश पूरी, सचिव हरीश शर्मा, प्रेम कंवर, नागेंद्र कौशल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भीम शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों व सदस्य मौजूद रहे।
अर्की विधानसभा क्षेत्र के बागा करोग में हाल ही में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मंजूरी प्रदेश सरकार की कैबिनेट द्वारा मिलने के बाद इस पर भाजपा के स्थानीय नेताओं द्वारा श्रेय लेने पर कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस तरह दोनों पार्टियों में अब राजनीति होनी शुरू हो गई है। इसको लेकर पहले भाजपा नेताओं ने इसका श्रेय लेने की कोशिश की। अब प्रेस के नाम जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कांग्रेस समर्थित मांगल के पूर्व प्रधान दीपचंद शर्मा, उप प्रधान श्याम लाल चौहान, बागा करोग पंचायत की प्रधान सुरेंद्रा पंवर, बागा (करोग), मांगल एवं बेरल पंचायत की पंचायत समिति सदस्य वनीता चौहान, पूर्व मांगल पंचायत के प्रधान एवं बीडीसी सदस्य दीप लाल चौहान, समाजसेवक हरिराम ठाकुर, मांगल पंचायत के पूर्व उपप्रधान नत्थू राम चौहान, बेरल पंचायत के पूर्व प्रधान श्याम लाल शांडिल, युवक मंडल बागा के प्रधान मस्त राम चौहान सहित मांगल पंचायत के समस्त पूर्व वार्ड सदस्य, बागा करोग पंचायत के समस्त वार्ड सदस्यों ने बागा में पीएचसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नोटिफिकेशन का श्रेय अर्की के वर्तमान विधायक संजय अवस्थी व पूर्व में मुख्यमंत्री व विधायक रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के सहयोग पर उनके द्वारा किए गए प्रयासों को दिया है। मांगल, बेरल व बागा पंचायत के कांग्रेस समर्थित लोगों का कहना है कि कुछ भाजपा नेता बिना किसी मेहनत के पीएचसी का श्रेय लेने में आगे आ रहे हैैं। उन्होंने कहा कि पीएचसी बागा को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह द्वारा खोला गया था।वर्ष 2018 में बीजेपी की सरकार आने के बाद इस सीएचसी में डेपुटेशन के ऊपर डॉक्टर तैनात किए गए। बाद में दिसम्बर 2020 में इस पीएचसी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा डिनोटिफाइ कर दिया गया कि यह अभी तक नोटिफिकेशन फंक्शनल नहीं हुई है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक वीरभद्र सिंह के निधन के बाद जब संजय अवस्थी जीत कर अर्की के विधायक बने तो उन्होंने इस मसले को बड़ी शिद्दत से विधानसभा के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि विधायक के दबाव व हाईकोर्ट में चल रहे मामले को लेकर सरकार ने पहले से ओपन हुई पीएचसी बागा की नोटिफिकेशन को फिर से हाल ही वर्तमान सरकार की कैबिनेट की बैठक में नोटिफाइड कर दिया। उन्होंने कहा कि अब भाजपा के कुछ नेता पीएचसी का श्रेय लेने हेतु अग्रिम पंक्ति में खड़े हो गए हैं जो बिल्कुल हास्यास्पद है।
हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ की राज्य व जिला कार्यकारिणियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उनके आधिकारिक आवास में भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में कर्मचारियों के अनुबंध कार्यकाल को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। महासंघ के प्रतिनिधिमंडल में राज्य कार्यकारिणी अध्यक्ष सुरेन्द्र नड्डा, राज्य महासचिव सुनील कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटियाल, कोषाध्यक्ष अविनाश सैणी, जिला कार्यकारिणी हमीरपुर के अध्यक्ष मनुदेव शर्मा, सिरमौर के अध्यक्ष सुधीर शर्मा और सोलन के अध्यक्ष रमेश कन्याल शामिल थे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने रविवार को राजभवन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ शिमला में इस मौसम की पहली बर्फबारी का आनंद लिया। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ राजभवन परिसर का दौरा किया। इस दौरान शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, कृषि मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, नगर निगम शिमला महापौर सत्या कौंडल व अन्य भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बर्फबारी के सम्बन्ध में राज्यपाल के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने किसानों और बागवानों के लिए बर्फबारी की उपयोगिता से भी अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बर्फबारी गर्मियों के दौरान शिमला क्षेत्र में होने वाली पानी की कमी से निपटने में भी सहायक होती है। उन्होंने कहा कि भारी बर्फबारी से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है और स्थानीय लोगों को हिमपात से होने वाली कठिनाइयों से राहत प्रदान करने के लिए सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के प्रबन्धन के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।
सरकार के प्रवक्ता ने रविवार को यहां जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के कारण मुख्यमंत्री के निर्धारित सभी कार्यक्रम इस महीने की 15 तारीख तक स्थगित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का 10 जनवरी को सुलह निर्वाचन क्षेत्र के लिए, 11 जनवरी को बड़सर, हमीरपुर और 12 जनवरी को नादौन निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों को भी रद्द कर दिया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि इन सभी कार्यक्रमों को शीघ्र पुनर्निर्धारित किया जाएगा।
उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने रविवार को जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नारी का दौरा किया। इस अवसर पर वह ग्राम पंचायत नारी में नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से लोगों से संवाद स्थापित कर जनसमस्याओं को सुन रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में बेहतर सड़क सुविधा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जिसके तहत 152 लाख की लागत से नारी खड्ड पर पुल का निर्माण तेज गति से आगे बढ़ रहा है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से मांग थी के नारी खड्ड पर पुल का निर्माण हो जिससे क्षेत्र में रहने वाली जनसंख्या को सुविधा प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि कुछ महिने पूर्व उन्होंने इस पुल का भूमिपूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया और बहुत जल्द वह इसे क्षेत्र की जनता को समर्पित भी करेंगे। उन्होंने कहा कि बरनाली से अप्पर नारी वाया लोअर नारी सड़क पर बनने वाला यह पुल औद्योगिक गलियारे के अन्तर्गत बनाया जा रहा है। इसके साथ ही 95 लाख की लागत से बनने वाली नारी सड़क का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे के अन्तर्गत ही लगभग 50 करोड़ रूपये के विकास कार्य हो रहे हैं। जिनमें कईं सड़कों के निर्माण और सुधारिकरण के कार्य शामिल हैं। उन्होंने इस अवसर पर अधिकत्म समस्याओं का मौके पर निपटारा कर शेष के समयद्ध निवारण हेतु विभागों के निर्देश दिए।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने रविवार को शिमला नगर में बर्फबारी के दौरान सड़कों को आवागमन के लिए सुचारू बनाने के उद्देश्य से प्रातः स्वयं विभिन्न सड़कों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की बर्फबारी के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी बर्फबारी के दौरान असुविधा ना हो इस संबंध में सड़कों से बर्फ हटाने का कार्य तुरंत किया जाना आवश्यक है।उन्होंने आज प्रातः शिमला नगर के संजौली, ढली, खलिनी, चालोंठी, चलोंठी बाई पास, माल रोड व अन्य जगहों पर जाकर स्थिति का जायजा लिया एवम् पैदल मार्गो पर बर्फ साफ करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया। लक्कड़ बाज़ार सड़क को यातायात के लिए सुचारू बनाने के कार्य की निगरानी भी की। इस दौरान आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील, उपमंडलाधिकाी शिमला शहरी मंजीत शर्मा व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जिला के अन्य क्षेत्रों में भी उपमंडलाधिकारी तथा अन्य स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से सड़कों व संपर्क मार्गो को सुचारू बनाने का कार्य किया जा रहा है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति की सुनिश्चितता के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश अध्यापक प्राध्यापक संघ की बैठक रविवार को छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में राज्य अध्यक्ष हुक्म चन्द गौत्तम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। रमेश कुमार प्रवक्ता इतिहास रावमापा खेड़ा नानोवाल(नालागढ़) को अध्यक्ष, सुनील कुमार प्रवक्ता हिंदी रावमापा कुण्डलु(नालागढ़) को सर्व सम्मति से सचिव चुना गया। धर्मपाल रावमापा नँद को कोषाध्यक्ष, कमलेश ठाकुर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रविनन्दन शुक्ला को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार से मांग की जाए कि 2003 से पहले नियुक्त सभी अध्यापकों व प्राध्यापकों को पुरानी पेंशन में शामिल किया जाए।
आंगनबाड़ी वर्करज़ एवम हैल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू अखिल भारतीय आह्वान के तहत 24 फरवरी 2022 को हिमाचल प्रदेश में पूर्ण हड़ताल करेगी। इस दौरान प्रदेश के लगभग अठारह हज़ार आंगनबाड़ी केंद्र बन्द रहेंगे व लगभग सेंतीस हज़ार आंगनबाड़ी योजनकर्मी प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी शिमला में विधानसभा पर जबरदस्त प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय शिमला में सम्पन्न हुई यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक में हुआ। यूनियन अध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव वीना शर्मा ने कहा है कि आंगनबाड़ी कर्मी प्री प्राइमरी में सौ प्रतिशत नियुक्ति, इस नियुक्ति में 45 वर्ष की शर्त खत्म करने, सुपरवाइजर नियुक्ति के लिए भारतवर्ष के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्विद्यालय की डिग्री को मान्य करने, वरिष्ठता के आधार पर मेट्रिक व ग्रेजुएशन पास की सुपरवाइजर में तुरन्त भर्ती करने, सरकारी कर्मचारी के दर्जे, हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन देने, रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष करने की मांग तथा नन्द घर बनाने की आड़ में आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करके निजीकरण की साज़िश तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, पोषण ट्रैकर ऐप व तीस प्रतिशत बजट कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आईसीडीएस का निजीकरण किया गया व आंगनबाड़ी वर्करज़ को नियमित कर्मचारी घोषित न किया गया तो आंदोलन और तेज़ होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति को वापिस लेने की मांग की है क्योंकि यह आइसीडीएस विरोधी है। नई शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करने के लिए नंद घर की आड़ में निजीकरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस से भविष्य में कर्मियों को रोज़गार से हाथ धोना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से वर्ष 2013 में हुए पेंतालिसवें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए पेंशन, ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों को वर्ष 2013 का नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत बकाया राशि का भुगतान तुरन्त करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं व नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा आंगनबाड़ी वर्करज़ को दिया जाए क्योंकि वे काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इसकी एवज़ में उनका वेतन बढाया जाए व उन्हें नियमित किया जाए।
हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना के बढ़ते मामलो को देखते हुए प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया। इस फैसले को लेकर SFI राज्य कमेटी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। SFI राज्य कमेटी ने कहा कि भविष्य को अपाहिज बनाने की कवायद बहुत पहले शुरू हो चुकी थी जब नवउदारवादी नीतियों के तहत 1991 के बाद शिक्षा जैसे बुनियादी अधिकार को निजी हाथों में सौंपते हुए उसे महंगा कर आम जनता की पहुंच से दूर करने की कोशिश की गई थी। आज तो सिर्फ महामारी को इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले शिक्षण संस्थान बंद किये जाते है और नई शिक्षण पद्धति ऑनलाइन माध्यम से शुरू की जाती है। जिसमे पूरा देश जानता है कि कौन कितना उस पढ़ाई से जुड़ पाया। स्मार्टफोन का न होना, नेटवर्क की समस्या, आदि कई कारणों से ऑनलाइन पढ़ाई सम्भव नही हो पाई। लेकिन महामारी के दौरान शिक्षण संस्थानो के बंद होने के कारण यह मजबूरी थी कि अभिभावकों को अपने बच्चों को बैंकों से ऋण लेकर स्मार्टफोन खरीदकर इस जदोजहद से झूझना पड़ा। लेकिन इस नए सत्र में विभिन्न नेटवर्क कम्पनियों द्वारा डेटा टेरिफ में की गई बेतहाशा वृद्धि से अब इस ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ने का सपना भी टूटता नजर आ रहा है। जहां सरकार और प्रशासन को छात्रों व उनके परिवारों की बदहाल आर्थिक स्थिति को समझते हुए मुफ्त शिक्षा, छात्रवृति का समय पर आबंटन कर सभी छात्रों को प्राथमिकता पर वैक्सीन लगाकर बेहतर व सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मुहैया कराना चाहिए था वहीं सरकार अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देती नजर आ रही है, परिणामस्वरूप एक बार फिर से शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया गया है । माहमारी का खतरा सबके लिए है लेकिन इसे जिस रूप में परिभाषित करने या इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है वह सरकार की शिक्षा के प्रति दिवालिया समझ को भी दर्शाता है। सरकार के इस फैसले का SFI हर जिला स्तर पर विरोध करेगी।
देश के सभी घरों तक नल से जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरूआत की। हिमाचल सरकार इस मिशन का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप जल शक्ति विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में 7.93 लाख घरों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध करवाया गया, जो पिछले 72 वर्षों में लगे 7.63 लाख नलों से अधिक है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हिमाचल में हर घर नल उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रदेश पूरे देश में अग्रणी कार्य कर रहा है व जुलाई 2022 तक हिमाचल के हर घर में नल से जल देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि हर घर नल से जल उपलब्ध करवाने का राष्ट्रीय लक्ष्य 2024 तक रखा गया है। जल शक्ति विभाग न केवल नल से उचित मात्रा में जल उपलब्ध करवा रहा है, बल्कि जल की शुद्धता पर भी पूरा ध्यान दे रहा है। शुद्ध जल देने की दिशा में जल शक्ति विभाग द्वारा 14 जिला स्तरीय व 42 उप-मंडल स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिनमें से 37 प्रयोगशालाओं को राष्ट्रीय मानकों के आधार पर एन.ए.बी.एल. से प्रमाणिकता मिल चुकी है। इसके साथ एक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भी स्थापित की जा रही है, जिसमें जल नमूनों के राष्ट्रीय ब्यूरो मानक के हिसाब से सभी भौतिक रसायनिक व जीवाणु परीक्षण किए जाएंगे, जो शुद्ध जल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। भारत सरकार द्वारा किए गए जल गुणवत्ता सर्वेंक्षण में उपभोक्ता स्तर पर पेयजल की मात्रा व गुणवत्ता तथा नल कार्य शीलता में पूरे देश में हिमाचल को प्रथम आंका गया है। पिछले दो वर्षों में 3,71,080 जल नमूनों का परीक्षण किया गया। राज्य सरकार के स्वर्णिम जयंती कार्यक्रमों की श्रृंखला में जल शक्ति विभाग जल गुणवत्ता व संरक्षण थीम पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। जल नमूनों के परीक्षण को और अधिक बढ़ाने के लिए वर्ष 2021 के जून व अक्तूबर माह में एक अभियान चलाया गया, जिसमें केवल इन दो महीनों में कुल 64,701 जल नमूनों के परीक्षण प्रयोगशालाओं में व 54,394 जल नमूनों का परीक्षण फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से किए गए। कार्यक्रमों की इस श्रृंखला में जल शक्ति विभाग द्वारा दिसम्बर माह में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर एक और जन अभियान शुद्ध जल अभियान शुरू किया गया, जिसमें प्रयोगशालाओं व फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से अधिकाधिक जल नमूनों के परीक्षण किए जाएंगें। इन अभियानों का आयोजन जनमानस को शुद्ध जल देने व उन्हें जल गुणवत्ता पर जागरूक करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप देश के सबसे ऊंचाई पर स्थित पोलिंग स्टेशन जिला लाहौल-स्पीति के टाशीगंग गांव को नल से जल सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब में सुरक्षा चूक पर हिमाचल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सरकार में मंत्रि सुरेश भारद्वाज, राम लाल मार्कण्डेय, राजीव सैजल, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, महापौर सत्या कौंडल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सचिव प्यार सिंह कंवर, ज़िला अध्यक्ष रवि मेहता, मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, दिनेश ठाकुर की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत के इतिहास में पंजाब की पुण्य भूमि पर कांग्रेस के खूनी इरादे नाकाम रहे, जो लोग कांग्रेस में प्रधानमंत्री से घृणा करते हैं, वो आज उनकी सुरक्षा को नाकाम करने के लिए प्रयासरत थे। कश्यप ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह फेल करार दिया और कहा कि सुरक्षा में कमी को जानते हुए भी पंजाब पुलिस मूकदर्शक बनी रही। कश्यप ने कहा कि जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षा दस्ते को झूठ बोल गया? जिन लोगों ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भंग किया, उन लोगों को प्रधानमंत्री की गाड़ी के पास तक किसने और कैसे पहुंचाया? वहीं, उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा का नेतृत्व करने वालों ने पीएम को सुरक्षित करने के किसी भी आह्वान या प्रयासों का जवाब क्यों नहीं दिया? इस पूरे मामले पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब के फिरोजपुर में एक जनसभा को सम्बोधित करना था परन्तु वे सभा स्थल तक नहीं पहुंच सके, क्योंकि रास्ते में पंजाब सरकार द्वारा संरक्षित उपद्रवियों एवं तथाकथित किसान संगठनो ने सुनियोजित ढंग से रास्ते को अवरूद्ध किया हुआ था जिसके कारण प्रधानमंत्री को लगभग 20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर रूकना पड़ा जोकि उनकी सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक एवं उनके खिलाफ सोची समझी साजिश का स्पष्ट प्रमाण है। देश के इतिहास में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक अब से पहले कहीं पर भी और कभी भी नहीं देखी गई है। पंजाब राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान उनकी सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी परन्तु पंजाब राज्य की कांग्रेस सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में पूरी तरह नाकाम रही जिसके कारण प्रधानमंत्री की जान जोखिम में पड़ गई। कई महत्वपूर्ण तथ्यों एवं दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि यह कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही है जोकि उनके केन्द्रीय नेतृत्व के ईशारे पर हुई है। इससे पूर्व भी भारत ने दो पूर्व प्रधानमंत्री सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण खोए हैं और पंजाब की कांग्रेस सरकार की जानबूझकर की गई इस लापरवाही के कारण एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री की जान को खतरा पैदा हो गया था। कांग्रेस सरकार की इस घोर लापरवाही की पूरे राष्ट्र में पूरजोर निंदा हो रही है और लोगों में आक्रोश है कि कैसे कोई सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा यह दिन इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा जब कांग्रेस के खूनी मंसूबे पंजाब की पवित्र भूमि पर विफल हो गए। देश ने आज तक न तो आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में और न ही आतंक प्रभावित क्षेत्रो में ऐसी स्थिति का सामना किया है। भारत के इतिहास में किसी भी राज्य के पुलिस बल को प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को पटरी से उतारने के निर्देश नहीं दिए गए थे और न ही किसी राज्य सरकार ने देश के प्रधानमंत्री को चोट पहुंचाने की साजिश रची थी। यह जो कुछ भी हुआ सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। प्रधानमंत्री के काफिले के रूट की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पंजाब पुलिस द्वारा की गई थी और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार भी थी। पंजाब पुलिस ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा अधिकारियों को भी आश्वस्त किया था कि मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन फिर पंजाब पुलिस के डी0जी0पी0 ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम को रास्ते के बारे में झूठी जानकारी एवं आश्वासन क्यों दिया और किसके कहने पर दिया, यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है। जयराम ठाकुर ने कहा हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए एक सैट प्रोटोकाॅल होता है जिसके तहत प्रत्येक राज्य सरकार सुरक्षा के इंतजाम करती है परन्तु पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकाॅल के साथ मजाक किया है। प्रोटोकाॅल के तहत मुख्यमंत्री, सरकार के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को प्रधानमंत्री जी की अगुवानी के लिए ऐयरपोर्ट पर उपस्थित रहना था, परन्तु ऐसा नहीं हुआ। जब प्रधानमंत्री का काफिला बठिंडा ऐयरपोर्ट से सभा स्थल की ओर रवाना हुआ तो उनके तय रूट पर सरकार के संरक्षण में चल रहे धरना-प्रदर्शन के कारण एक फ्लाईओवर पर उनका काफिला रोकना पड़ा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई इस भारी चूक को लेकर जब प्रधानमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने इस बारे पंजाब सरकार में उच्च अधिकारियों से सम्पर्क करना चाहा तो पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने बात ही नहीं की, जिससे साबित होता है कि इस पूरे घटनाक्रम में पंजाब सरकार की मिलीभगत थी। गौरतलब है कि जिस जगह प्रधानमंत्री का काफिला रूका था वह क्षेत्र पाकिस्तान की फायरिंग रेंज में आता है। पंजाब की बेहद अक्षम और गैर जिम्मेदाराना सरकार की लापरवाही के कारण प्रधानमंत्री की जान खतरे में पड़ गई। यह तो देश के करोड़ो देशवासियों की दुआएं हैं कि आज देश के प्रधानमंत्री हम सबके बीच सही सलामत हैं अन्यथा देश किसी भयंकर मुसीबत में आ सकता था। इससे अधिक शर्मनाक और निंदनीय बात क्या हो सकती है कि कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी सरकार की लापरवाही को नजरअंदाज कर रहे हैं और इस घटना पर अमर्यादित टिप्पणियां एवं गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। जयराम ने कहा पंजाब में अराजकता का माहौल है। पंजाब में हर साजिश की जड़ में कांग्रेस का हाथ है, आतंकवाद और अलगाववाद की जन्मदाता भी कांग्रेस ही है। ऐसी अक्षम, लापरवाह, गैर जिम्मेदार और अकर्मण्य सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। ऐसी सरकार राष्ट्र एवं राज्य के लिए घातक हो सकती है इसलिए इस ज्ञापन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश आपसे आग्रह करती है कि पंजाब सरकार के इस कृत्य की उच्च स्तरीय जांच की जाए तथा दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्यवाही की जाए और वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए ताकि राज्य में कानून व्यवस्था बनी रहे और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की ना हो सके।
हमीरपुर जिला में प्रस्तावित मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का दो दिवसीय दौरा कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रद्द कर दिया गया है। यह जानकारी हमीरपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर ने दी। आपको बता दें कि 11 जनवरी और 12 जनवरी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हमीरपुर जिले के दौरे पर आ रहे थे लेकिन प्रदेश में बढ़ रहे करोना मामलों को देखते हुए यह दौरा रद्द कर दिया गया है। हमीरपुर के दो दिवसीय दौरे के दौरान करोड़ों रुपए की सौगातें हमीरपुर जिला को मुख्यमंत्री देने जा रहे थे। लेकिन अब दौरा रद्द कर दिया गया है।
जयसिंहपुर उपमंडल के तहत भारतीय जनता पार्टी की सोशल मीडिया विभाग मंडल जयसिंहपुर की बैठक संयोजक अभिजीत राणा की अध्यक्षता में हुई । कार्यकारिणी के नवगठन के उपरांत पहली मासिक बैठक शनिवार दिनांक 8 जनवरी को लोअर लंम्बागांव के चिनमय भवन में सम्पन्न हुई, जिसमें सोशल मीडिया विभाग से सम्बन्धित अगामी पार्टी कार्यों हेतु चर्चा की गई। इस बैठक में सोशल मीडिया जिला संयोजक हैप्पी, किसान मोर्चा मंडल जयसिहंपुर के अध्यक्ष नवीन कटोच, सोशल मीडिया के मण्डल जयसिंहपुर व पालमपुर के प्रभारी मनसा राम भंगालिया, सोशल मीडिया के ही बैजनाथ व सुलह मंडल के प्रभारी राजीव राणा, जिला कार्यकारणी सदस्य राकेश कपूर, मंडल सह-संयोजक मुनीष सुग्गा व सदस्य के रूप में साहिल सिपहिया, हरिदास, अतुल वर्मा, असीम भंडारी, अनिल कुमार बैठक में मौजूद रहे।
उपमण्डल देहरा के अंतर्गत पड़ती पुलिस चोंकी रानीताल द्वारा बीती रात को रानीताल में ही एक 28 वर्षीय व्यक्ति से 5.38 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि स्टेट नारकोटिक सेल कांगड़ा एवम रानीताल पुलिस द्वारा उक्त व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार उक्त युवक पालमपुर का निवासी है। शनिवार देर रात 28 वर्षीय युवक से चिट्टा बरामद कर पुलिस ने नशे के सौदागर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मामले की छानबीन रानीताल पुलिस चोंकी के एएसआई जगदीश चन्द कर रहे हैं। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अंकित शर्मा ने बताया कि पुलिस ने उक्त अपराधी की गाड़ी भी जब्त कर ली है और साथ ही व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है।नशे के सौदागरों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा।


















































