ग्राम पंचायत हाटकोट में एंटी चिट्टा के खिलाफ ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्राम सभा में ग्रामीणों की युवाओं को लेकर बढ़ती चिंता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। पंचायत के विभिन्न वार्डों से पहुंचे लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी और एंटी चिट्टा जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्राम सभा की अध्यक्षता पंचायत प्रधान जगदीश अत्री ने की। सभा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बीते कुछ समय से गांव और आसपास के क्षेत्रों में एंटी चिट्टा को लेकर चर्चाएं तेजी से बढ़ी हैं। पंचायत प्रधान जगदीश अत्री ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में अफवाह फैलाने और डर का माहौल बनाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी लोग मिलकर एंटी चिट्टा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ें। कुनिहार की तीनों पंचायतों के बुद्धिजीवियों, युवाओं और महिलाओं को जोड़कर एक विशेष समूह बनाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र को पूरी तरह चिट्टा मुक्त बनाना है। उप प्रधान रोहित जोशी ने कहा कि यह केवल पंचायत का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सवाल है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है, इसलिए हर ग्रामीण को आगे आना होगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पंचायत को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। ग्रामीण राकेश झांजी ने कहा कि चिट्टा के कारण लोगों में दहशत का माहौल है और अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। युवा वर्ग से संजय और तेजेंदर ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने पंचायत स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सभा के अंत में पंचायत ने गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पंचायत या प्रशासन को देने का निर्णय लिया। साथ ही, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं और पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक शीघ्र आयोजित करने का भी फैसला लिया गया। इस अवसर पर वार्ड सदस्य प्रदीप पुरी, संजय जोशी, तेजेंदर, विमला, राकेश झांजी, संजय राघव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिले के सुलह विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान लगभग 76.41 करोड़ रुपये की 14 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नए तहसील कार्यालय सुलह का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने मौल खड्ड पर 12.57 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दो लेन पुल और मलाग से मलाहा लिंक रोड पर मौल खड्ड पर 3.57 करोड़ रुपये से निर्मित पुल का लोकार्पण किया। उन्होंने धीरा में 10.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त कार्यालय भवन, 5.02 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन धीरा, खरूल में 16 लाख रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य उप-केंद्र भवन, भोडा में 15 लाख रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य उप-केंद्र भवन, 25 लाख रुपये की लागत से बने स्वास्थ्य उप-केंद्र भवन कोना, 89 लाख रुपये की लागत से बने पशु चिकित्सालय भवन सुलह, मूंधी में 49 लाख रुपये की लागत से बने पशु औषधालय भवन तथा 50 लाख रुपये की लागत से राजकीय उच्च विद्यालय भट्टु समूला में अतिरिक्त आवासीय सुविधा का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने तहसील पालमपुर में पेयजल आपूर्ति योजना झरेत राजहूं और पेयजल आपूर्ति योजना परौर खरोत के जल वितरण प्रणाली के 5.45 करोड़ रुपये के सुधार कार्य तथा भावरना और भेडू महादेव ब्लॉक के कुछ हिस्सों और घलून (मलनून) के लिए परौर एवं अन्य गांवों के लिए 31.69 करोड़ रुपये की लागत की जल आपूर्ति योजना का उद्घाटन किया। उन्होंने 2.87 करोड़ रुपये की लागत से गल्लू भोडा से शिवनगर मार्ग पर मोल खड्ड पर निर्मित होने वाले पुल तथा तहसील धीरा में चौधरी तारा चंद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गग्गल के दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अतिरिक्त परिसर की आधारशिला भी रखी।
हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसे थमने का नाम ही नहीं ले रहे है। कुल्लू जिले में गुरूवार सुबह-सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुल्लू से करीब 10 किलोमीटर दूर बबेली में हुआ। हादसे में दिल्ली के तीन पर्यटकों की मौत हो गई है। जबकि तीन अन्य घायल हो गए हैं। घायलों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भर्ती किया गया है। जानकारी के अनुसार यह हादसा आईटीबीपी परिसर के गेट पर हुआ, जहां पर्यटक वाहन पोल और पैराफिट से जा टकराया। हादसे में दिल्ली की सोनिया (40), साक्षी (26), देवीशा (5) की मौत हो गई है। जबकि सचिन, साहिल, अनिका घायल हैं। एसपी मदन लाल कौशल ने हादसे की पुष्टि की है।
प्रदेश में बस हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में जनवरी माह के दौरान अब तक बस हादसों में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसी कड़ी में चंबा जिले के भटियात क्षेत्र में एक और बस हादसा सामने आया है। भटियात के समोट के पास एक निजी बस सड़क से नीचे लुढ़क गई। राहत की बात यह रही कि बस सड़क के किनारे पलटी नहीं, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के समय बस में करीब 10 से 15 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एसपी चंबा विजय कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और पुलिस इस मामले में आगामी कार्यवाई में जुटी हुई है।
प्रदेश में वीरवार रात से मौसम के मिजाज में बदलाव आने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार से प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 27 जनवरी तक प्रदेश में मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान है। मंगलवार रात को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सुबह और शाम के समय ठंडक का असर बना हुआ है। हालांकि बुधवार को राजधानी शिमला सहित पूरे प्रदेश में धूप खिली रही। ऊना में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 22 जनवरी की रात से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश शुरू होने की संभावना है। 22, 26 और 27 जनवरी को कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 23 जनवरी को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश-बर्फबारी का अनुमान है। इस दौरान ऊंचे पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 23 जनवरी को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। वहीं सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों के लिए बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शिमला और किन्नौर जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। 24 जनवरी को ऊंची पहाड़ियों पर एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है, जबकि 25 जनवरी को राज्य में मौसम शुष्क रहने के आसार जताए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
कथोग के दिव्यांश धीमान ने राज्य स्तरीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर कथोग का नाम पूरे हिमाचल प्रदेश में रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से चयनित 125 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दिव्यांश धीमान दसवीं कक्षा में अध्ययनरत है और पढ़ाई में भी काफी होशियार है। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विज्ञान भारती (विभा) तथा एनसीईआरटी द्वारा यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। डीएवी भरौली में आयोजित राज्य स्तरीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन कार्यक्रम में दिव्यांश धीमान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब वह राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले नेशनल कैंप में भाग लेगा। यह दूसरा अवसर है जब दिव्यांश विद्यार्थी विज्ञान मंथन के नेशनल कैंप में भाग लेगा। इससे पहले वह आईआईटी वाराणसी में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुका है। दिव्यांश की विज्ञान विषय में गहरी रुचि है। उसने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों को दिया है।
बुधवार को हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में संविदा तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने संविदा तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वर्ष में केवल एक बार नियमित करने से होने वाले नुकसान के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के समयबद्ध नियमितीकरण, वर्ष में दो बार (मार्च एवं सितंबर) नियमितीकरण की पूर्व व्यवस्था को पुनः लागू करने तथा 2 दिसंबर 2023 के बाद वर्ष 2024 एवं 2025 में नियमित होने वाले पात्र कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया में सम्मिलित करने की मांग रखी। माननीय मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सितंबर में नियमित होने वाले संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सितंबर में ही नियमित किया जाएगा। महासंघ ने मुख्यमंत्री द्वारा समय देने एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव भरत शर्मा, सचिव विजय ठाकुर, सबनेश कुमार, स्वास्थ्य विभाग से नीलम, जनेश, राहत, एचआरटीसी से कार्तिक, अक्षय, नीतीश कुमार, आशीष, पशुपालन विभाग से रमेश, नितिन, दिनेश, पंकज, मनीष, जल शक्ति विभाग से शंकर, शिक्षा विभाग से प्रदीप, मयंक, बिजली बोर्ड से दिनेश, निखिल, रजत, कृषि विभाग से नवीन, रमन तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
बिजली विभाग के सब स्टेशन कुनिहार से हुई बड़ी चोरी की वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस थाना कुनिहार में दर्ज एफआईआर के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किया गया एलुमिनियम कंडक्टर बरामद कर लिया है। चोरी में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, 20 जनवरी 2026 को बिजली विभाग के जेई कांशी राम ने पुलिस थाना कुनिहार में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 19/20 जनवरी की रात वह अपने सहकर्मियों के साथ सब स्टेशन में रात्रि ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान सब स्टेशन के यार्ड से सामान गिरने की आवाजें सुनाई दीं। जब कर्मचारियों ने यार्ड में जाकर देखा तो कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी कर भागते हुए नजर आए। बाद में यार्ड की जांच करने पर पाया गया कि वहां से एक एलुमिनियम कंडक्टर चोरी हो चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 10 हजार रुपये है। शिकायत के आधार पर पुलिस थाना कुनिहार में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान चोरी की वारदात में संलिप्त तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें 20 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सुनील कुमार (33) निवासी कुमारहट्टी, तहसील कंडाघाट, जिला सोलन, ओम प्रकाश (22) मूल निवासी नेपाल, हाल निवासी विकास नगर, शिमला तथा कमल (27) मूल निवासी नेपाल, हाल निवासी सलोगड़ा, जिला सोलन शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया एलुमिनियम कंडक्टर बरामद कर लिया है। इसके साथ ही चोरी में इस्तेमाल की गई महिंद्रा वीरो गाड़ी को भी जब्त कर पुलिस कब्जे में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को 21 जनवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहनता से जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से प्रदेश भर में विशेष एंटी-चिट्टा ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिमला जिला के कोटखाई क्षेत्र की रत्नाड़ी पंचायत में चिट्टे के खिलाफ एक विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। इस विशेष ग्राम सभा के दौरान उपस्थित लोगों को चिट्टे जैसे घातक नशे से दूर रहने और समाज को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। पंचायत सचिव ने कहा कि चिट्टा न केवल युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए जनभागीदारी और सामूहिक जागरूकता बेहद आवश्यक है। सभा में पंचायत प्रधान, उप-प्रधान, पंचायत सचिव, सभी वार्ड सदस्य, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि, आशा वर्कर्स सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत के लोग उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने नशे से जुड़े कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। वहीं, आशा वर्कर्स ने नशे के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया। ग्राम सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायत स्तर पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे और नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दी जाएगी। ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने गांव और आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस विशेष ग्राम सभा के माध्यम से रत्नाड़ी पंचायत ने यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल हो सकती है, जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाए और इसे एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली हेलीपोर्ट को केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक तौर पर उड़ानों के लिए खोल दिया गया है। इसके साथ ही यहां से हेली टैक्सी सेवाएं भी शुरू हो गई हैं। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हरी झंडी दिखाकर इन सेवाओं का शुभारंभ किया। संजौली हेलीपोर्ट से हेरिटेज एविएशन और पवन हंस लिमिटेड हेली टैक्सी सेवाएं प्रदान करेंगी। हेरिटेज एविएशन शिमला से रिकांगपिओ और कुल्लू (भुंतर) रूट पर उड़ानें संचालित करेगी, जबकि पवन हंस लिमिटेड चंडीगढ़-शिमला रूट पर सेवाएं देगी। यह सेवाएं केंद्र सरकार की उड़ान योजना (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत शुरू की गई हैं। इसके लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी। हेली टैक्सी सेवा के संचालन पर आने वाले खर्च का 80 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 20 प्रतिशत प्रदेश सरकार वहन करेगी। हेरिटेज एविएशन शिमला से रिकांगपिओ के लिए प्रतिदिन एक उड़ान और भुंतर के लिए प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित करेगी। शिमला से भुंतर का प्रति यात्री किराया 3500 रुपये तय किया गया है, जबकि शिमला से रिकांगपिओ के लिए किराया 4000 रुपये रखा गया है। वहीं पवन हंस लिमिटेड की हेली टैक्सी चंडीगढ़-शिमला रूट पर सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, शुक्रवार और शनिवार—उड़ान भरेगी। इस रूट पर किराया अभी तय नहीं किया गया है। राज्य पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया ने बताया कि संचालन की मंजूरी मिलने के बाद संजौली हेलीपोर्ट को आधिकारिक रूप से खोल दिया गया है, जिससे प्रदेश के पर्यटन को नई गति मिलेगी। हेली टैक्सी सेवाओं से पर्यटक शिमला की सुंदर वादियों का हवाई नजारा ले सकेंगे और साहसिक व धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हेरिटेज एविएशन जल्द ही मंडी-चंडीगढ़ रूट पर भी हेली टैक्सी सेवा शुरू करेगी। साथ ही भविष्य में शिमला-चंडीगढ़ रूट पर उड़ानों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में मंगलवार को स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) ने पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में आयोग ने राज्य सरकार को 28 फरवरी से पहले आरक्षण रोस्टर लागू करने के निर्देश दिए, ताकि मार्च में चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सके। यह डेडलाइन हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित की गई है। बैठक में आयोग ने सरकार को वोटर लिस्ट शीघ्र अंतिम रूप देकर अधिसूचित (नोटिफाई) करने को भी कहा। राज्य की कुल 3577 पंचायतों में से 3548 पंचायतों की वोटर लिस्ट दो महीने पहले ही तैयार कर ली गई थी, लेकिन उस समय सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं उपायुक्तों द्वारा आयोग के आदेशों के बावजूद इन्हें अधिसूचित नहीं किया गया था। वोटर लिस्ट नोटिफाई न होने के कारण इलेक्शन कमीशन मतदाता सूची की प्रिंटिंग शुरू नहीं कर सका। आयोग के अनुसार, वोटर लिस्ट के नोटिफिकेशन के बाद इसकी छपाई में 20 से 25 दिन का समय लगेगा। चुनाव की घोषणा से पहले प्रत्येक पंचायत की वोटर लिस्ट का तैयार होना अनिवार्य है। बैठक में हाईकोर्ट के आदेशों के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेश की 3577 पंचायतों और 71 शहरी निकायों में चुनाव होने हैं। इनमें से 3548 पंचायतों में कुल 55 लाख 19 हजार 709 मतदाता पंजीकृत हैं। कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 13 लाख 17 हजार 390 मतदाता हैं, जबकि लाहौल-स्पीति जिला में सबसे कम 25 हजार 602 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस बार मतदाताओं में 27 लाख 26 हजार 548 महिलाएं और 27 लाख 93 हजार 161 पुरुष शामिल हैं। वहीं 29 पंचायतों की वोटर लिस्ट अभी तैयार होना शेष है। प्रदेश की पंचायतों के मौजूदा प्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल 30 जनवरी को समाप्त हो रहा है। समय पर चुनाव न होने की स्थिति में नई पंचायतों के गठन तक पंचायतें बिना निर्वाचित प्रतिनिधियों के रहेंगी, जिसके लिए सरकार प्रशासन (एडमिनिस्ट्रेटर) नियुक्त करेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कुल्लू जिला के मनाली विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान कुल 63 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से तैयार और प्रस्तावित 8 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 10 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से नथाण–जाणा सड़क के उन्नयन कार्य, 5 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत से मनाली–कनयाल सड़क के स्तरोन्नयन कार्य तथा नाबार्ड के तहत 13 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से निर्मित बबेली–जिंदौड़ सड़क के मैटलिंग एवं टायरिंग कार्य का उद्घाटन किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 13 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 केवी जी.आई.एस. विद्युत सब-स्टेशन, आईबैक्स चौक मनाली, 15 करोड़ रुपये की लागत से रांगड़ी में ब्यास नदी पर पुल निर्माण, 2 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से रांगड़ी और बटाहर क्षेत्र के लिए ब्यास नदी के बाएं तट पर भूस्खलन नियंत्रण निवारण कार्य, एक करोड़ रुपये की लागत से कलाथ में हॉट वाटर स्नान सुविधा, तथा 2 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से जिला पंचायत संसाधन केंद्र, बाशिंग, कुल्लू के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में सड़क, बिजली, पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा विधि मंत्री यादविंदर गोमा सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यातिथि होंगे। यह जानकारी उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। उपायुक्त ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह 26 जनवरी को सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यातिथि यादविंदर गोमा कार्यक्रम के तहत प्रातः 10.40 बजे कारगिल शहीद स्मारक पर कृतज्ञ प्रदेशवासियों एवं जिला वासियों की ओर से शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके पश्चात प्रातः 11.00 बजे ठोडो मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। ध्वजारोहण के बाद मुख्यातिथि पुलिस, गृह रक्षा एवं अन्य टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी लेंगे। समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अन्य व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने सोलन के नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में ठोडो मैदान पहुंचकर जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लें और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से एनएसयूआई जिला मंडी के ‘चिट्टा मुक्त कैंपस’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल व कॉलेज परिसरों में युवाओं को नशे, विशेषकर चिट्टा के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएसयूआई मंडी का ‘चिट्टा मुक्त कैंपस’ अभियान प्रदेश सरकार के नशा मुक्त हिमाचल के विज़न को मजबूती प्रदान करता है तथा प्रदेश में चिट्टा सहित नशे के खिलाफ चलाए जा रहे राज्य सरकार के अभियान को और गति प्रदान करता है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए इस प्रकार के अभियान अत्यन्त आवश्यक होते हैं। एनएसयूआई जिला मण्डी के अध्यक्ष अनित जसवाल ने कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के ’एंटी-चिट्टा अभियान’ से प्रेरित है और इसका उद्देश्य स्कूल व कॉलेज परिसरों को नशामुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम, नशा विरोधी शपथ, एंटी-चिट्टा वॉकथॉन एवं स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। अभियान 23 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें पहले स्कूल स्तर पर तथा बाद में कॉलेज स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी तथा राकेश कालिया उपस्थित थे।
हिमाचल के मशहूर पर्यटन स्थल मनाली में आज से विंटर कार्निवल की शुरुआत हो गई है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिडिंबा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद इसका विधिवत शुभारंभ किया। साथ ही सीएम सर्किट हाउस मनाली से महिला मंडलों और विभिन्न सांस्कृतिक दलों की झांकियों को हरी झंडी दिखाकर भी रवाना करेंगे। इसके पश्चात वे सर्किट हाउस से पैदल मॉल रोड तक जाएंगे। मॉल रोड पर बने मंच से झांकियों का अवलोकन करने के बाद सीएम मनु रंगशाला पहुंचकर विंटर कार्निवल (शरदोत्सव) का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। 21 से 23 जनवरी तक विंटर क्वीन और वॉयस ऑफ कार्निवाल की प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। इस बार सभी स्टार नाइट्स पूरी तरह हिमाचली गायकों के नाम रहेंगी, जिससे स्थानीय कला और संस्कृति को विशेष बढ़ावा मिलेगा। विंटर कार्निवाल का मुख्य आकर्षण 21 और 23 जनवरी को होने वाली महानाटी होगी। महानाटी प्रतियोगिता में मनाली के लेफ्ट और राइट बैंक की महिलाएं पारंपरिक परिधानों में मॉल रोड पर नाटी डालेगी। मनाली के मॉल रोड पर करीब 300 महिला मंडल पारंपरिक वेशभूषा में झांकियों के माध्यम से घाटी की समृद्ध संस्कृति विंटर कार्निवाल के तहत मनु रंगशाला के साथ-साथ मॉल रोड पर बने मंचों पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार भी घाटी के महिला मंडलों से आने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन राशि बढ़ने की उम्मीद है। परंपरा के अनुसार हर वर्ष प्रत्येक महिला मंडल के लिए पांच हजार रुपए की वृद्धि की जाती रही है, जिसे इस बार भी जारी रखने की संभावना जताई जा रही है। इस अवसर पर सीएम मनाली क्षेत्र को करोड़ों रुपए की विकास सौगात भी देंगे।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर स्टेट इलेक्शन कमीशन आज एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहा है। यह बैठक हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में बुलाई गई है। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) केके पंत, प्रधान सचिव शहरी विकास देवेश कुमार और सचिव पंचायती राज सी. पालरासू को आमंत्रित किया गया है। बैठक में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर लागू करने और वोटर लिस्ट तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। इस संबंध में स्टेट इलेक्शन कमीशन को हाईकोर्ट में कम्प्लाइंस रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी है। दरअसल, हिमाचल हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पंचायत चुनाव 30 अप्रैल से पहले करवाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने इलेक्शन कमीशन और राज्य सरकार को आपसी समन्वय के साथ चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए हैं। राज्य की कुल 3577 पंचायतों में से 3548 पंचायतों की वोटर लिस्ट पहले ही तैयार की जा चुकी है। यदि इनमें किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक हुआ, तो उसे लेकर भी आज की बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसी तरह, जिलों के उपायुक्तों द्वारा लगभग सभी पंचायतों का आरक्षण रोस्टर तैयार कर लिया गया है, जिसे अब अंतिम रूप दिया जाना है। 3548 पंचायतों में कुल 55 लाख 19 हजार 709 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 13 लाख 17 हजार 390 मतदाता हैं, जबकि लाहौल-स्पीति जिला में सबसे कम 25 हजार 602 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस बार मतदाताओं में 27 लाख 26 हजार 548 महिलाएं और 27 लाख 93 हजार 161 पुरुष शामिल हैं। वहीं 29 पंचायतों की वोटर लिस्ट अभी तैयार होना शेष है। बैठक में वोटर लिस्ट की प्रिंटिंग को लेकर भी निर्देश दिए जा सकते हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत राज्य सरकार को 28 फरवरी तक पंचायत और नगर निकाय चुनावों के लिए आरक्षण रोस्टर लागू करना होगा, जबकि इलेक्शन कमीशन को वोटर लिस्ट को अंतिम रूप देना है। बैठक में आयोग द्वारा सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, क्योंकि पूर्व में कुछ जिलों में उपायुक्तों द्वारा आयोग के आदेशों की अवहेलना की गई थी। हालांकि, अब हाईकोर्ट के आदेशों के चलते सभी अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रदेश की 3577 पंचायतों और 72 नगर निकायों में चुनाव होने हैं। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में पंचायत चुनाव का बिगुल बज सकता है। गौरतलब है कि प्रदेश में मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल 30 जनवरी को समाप्त हो रहा है। समय पर चुनाव न होने की स्थिति में नई पंचायतों के गठन तक पंचायतें प्रशासनिक व्यवस्था (एडमिनिस्ट्रेटर) के अधीन रहेंगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में कई फैसलों में मुहर लगी। इस बैठक में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में अत्याधुनिक कैंसर केयर सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने इस सेंटर में 11 नए विभागों की स्थापना तथा विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को सृजत कर भरने को भी मंजूरी प्रदान की। बैठक में सामाजिक सुरक्षा (पेंशन एवं भत्ता) नियम, 2010 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया, ताकि लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जा सके। मंत्रिमंडल ने राज्य में उपलब्ध जियो थर्मल ऊर्जा संसाधनों की खोज एवं इनके दोहन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति को अपनाने की स्वीकृति प्रदान की। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए ऊर्जा निदेशालय को नोडल एजेंसी अनुमोदित किया गया तथा स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति, 2021 में भू-तापीय ऊर्जा से संबंधित दिशा-निर्देश शामिल करने के लिए संशोधनों को भी मंजूरी दी गई। अनाथों एवं विधवाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल के प्वाइंट ऑफ फर्स्ट सेल पर ‘ओरफन एण्ड विडो सेस’ लगाने के लिए अध्यादेश लाने की स्वीकृति दी। यह सेस उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना इन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करेगा। बैठक में 25 मेगावाट तक की चार जल विद्युत परियोजनाओं, छह मेगावाट क्षमता की खौली-2, 24 मेगावाट मलाणा-3, 21.9 मेगावाट मनालसू तथा 18 मेगावाट क्षमता की धनछो जल विद्युत परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत सफल बोली कर्त्ताओं को आवंटित करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले में धर्मशाला के समीप 7.41 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की 4.3 किलोमीटर लंबी नड्डी जिपलाइन परियोजना के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। यह एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन होगी और क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनेगी। मंत्रिमंडल ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की। इसके अंतर्गत 66.66 प्रतिशत कोटा इन-सर्विस जीडीओ/एमओ के लिए तथा 33.33 प्रतिशत सीटें डायरेक्ट अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित की गई हैं। पात्र अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता की स्थिति में सीटों का आपसी विनिमय (इंटरचेंज) भी किया जा सकेगा। मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त के 11 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के हीरानगर स्थित मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के आवासीय संस्थान में विभिन्न श्रेणियों के 11 पदों को जॉब ट्रेनी के रूप में भरने का निर्णय लिया है। बैठक में राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ में विभिन्न श्रेणियों के 11 पद सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी गई। राजस्व विभाग में तहसीलदार के छह पद भरने का भी निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को निश्चित मानदेय पर पुनर्नियुक्ति करने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर (बागवानी) के चार पद जॉब ट्रेनी के रूप में भरने का निर्णय लिया। बैठक में हमीरपुर जिला के भरेड़ी में वॉलीबाल खेल छात्रावास के लिए विभिन्न श्रेणियों के चार पदों को सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने सहायक स्टाफ नर्स पद से संबंधित नीति के प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति दी। संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत आयु सीमा 18 वर्ष से 45 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि एससी/एसटी एवं अन्य पात्र श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व आयु सीमा 21 वर्ष से 32 वर्ष निर्धारित की गई थी। मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य अवसंरचना को सदृढ़ करने के उद्देश्य से एम्स अस्पताल, बिलासपुर परिसर में 8 अतिरिक्त ब्लॉकों के निर्माण की अनुमति दी। राज्य में सतत औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा निवेश आकर्षित करने के लिए हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति, 2019 को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के ढली स्थित दिव्यांग बच्चों के संस्थान को सैद्धांतिक रूप से प्रदेश सरकार के अधीन लेने का निर्णय लिया है। बैठक में मंत्रिमंडल ने राज्य में क्रेच वर्करों एवं क्रेच हेल्परों की भर्ती के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी)-सह-दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने न्यूट्रिशनल प्रोफाइलिंग तथा खाद्य परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चार नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये प्रयोगशालाएं कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन के बद्दी में स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त सोलन जिला के कंडाघाट स्थित समग्र परीक्षण प्रयोगशाला के उन्नयन के साथ-साथ आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड को दिल्ली-शिमला-दिल्ली तथा शिमला-धर्मशाला-शिमला मार्गों पर पूरे सप्ताह 46 सीटर विमान संचालन की अनुमति दी। साथ ही मंत्रिमंडल ने शिमला में नए आइस स्केटिंग रिंक के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में राजस्व अधिकारियों के कार्य संचालन तथा ग्राम अधिकारियों की नियुक्ति, कर्त्तव्य, वेतन-भत्ते एवं दंड से संबंधित प्रावधानों को विनियमित करने के लिए मंत्रिमंडल ने हिमाचल भूमि राजस्व नियम, 2025 को मंजूरी प्रदान की गई।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने कर्मचारियों के बच्चों के लिए शीतकालीन शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 5 से 16 जनवरी तक सतत विकास एवं सामुदायिक सहभागिता की निदेशक पूनम नंदा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित इस शीतकालीन शिविर का उद्देश्य सीखने, रचनात्मकता और शारीरिक गतिविधियों को मिलाकर बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। इस वर्ष शिविर में सतत विकास और रचनात्मकता पर विशेष जोर दिया गया, जिससे बच्चों को आकर्षक और अंतःक्रियात्मक अनुभवों के माध्यम से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पूरे शिविर के दौरान, विद्यार्थियों ने योग, नृत्य, संगीत, अभिनय और नाटक, इनडोर और आउटडोर खेल, और बेकार सामग्रियों का उपयोग करके कला और शिल्प परियोजनाओं सहित कई गतिविधियों में भाग लिया। इन सुविचारित गतिविधियों ने युवा प्रतिभागियों में रचनात्मकता, शारीरिक क्षमता, टीम वर्क और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने में मदद की। समापन दिवस पर, बच्चों ने अपने माता-पिता और विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए आयोजित एक प्रदर्शनी में गर्वपूर्वक अपनी हस्तनिर्मित कृतियों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी शिविर के दौरान प्राप्त रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सीखने के परिणामों को दर्शाती है। इस अवसर की मुख्य अतिथि शूलिनी विश्वविद्यालय की मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशू खोसला थीं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक पढ़ाई के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और संतुलित विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। शीतकालीन शिविर को माता-पिता और कर्मचारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिन्होंने बच्चों के लिए एक सुरक्षित, आनंदमय और समृद्ध वातावरण प्रदान करने के विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की।
पतलीकूहल थाना की पुलिस टीम गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में सफल रही है। पुलिस को यह सफलता शरण गांव से करीब 500 मीटर आगे एक मोड़ के पास मिली, जहां एक व्यक्ति के कब्जे से भारी मात्रा में चरस बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, गश्त के दौरान आरोपी बिशन दास पुत्र स्वर्गीय काली दास, निवासी गांव शरण, डाकघर नग्गर, तहसील व जिला कुल्लू, उम्र 52 वर्ष, को शक के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 2 किलो 286 ग्राम चरस (कैनाबिस) बरामद की गई। इस संबंध में थाना पतलीकूहल में मुकदमा नंबर 08/2026, दिनांक 18 जनवरी 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रजत द्वारा की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
हिमाचल प्रदेश में कृषि और बागवानी पर बढ़ते संकट के विरोध में किसान-बागवान आज सचिवालय का घेराव करने जा रहे हैं। आंदोलन के दौरान वे न्यूजीलैंड से आयात होने वाले सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने के फैसले का विरोध करेंगे और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसानों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग उठाएंगे। केंद्र ने दिसंबर 2025 में न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया है। इससे हिमाचल के ढाई लाख से ज्यादा सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ गई है। न्यूजीलैंड की आड़ में दूसरे देश भी इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने को दबाव बनाएंगे। अमेरिका समेत दूसरे देशों के साथ भी FTA को लेकर केंद्र सरकार का विचार चल रहा है। बागवानों का मानना है कि आयातित सेब के देश के बाजारों में आने से हिमाचल का 5500 करोड़ रुपए का सेब उद्योग तबाह हो जाएगा। जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड का सेब उद्योग भी तबाह हो जाएगा। सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने बताया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार FTA के जरिए देश की खेती को विदेशी बाजारों के हवाले कर रही है। न्यूजीलैंड, अमेरिका और अन्य देशों से सस्ते सेब के आयात ने हिमाचल के बागवानों की कमर तोड़ दी है। आयात शुल्क घटाकर घरेलू सेब उत्पादकों को बर्बादी की कगार पर पहुंचाया जा रहा है, जबकि उत्पादन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए, बागवानों सड़कों पर आने को मजबूर है। वहीं किसान नेता संजय चौहान ने सुप्रीम कोर्ट (SC) के निर्देशों की खुली अवहेलना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- कोर्ट के आदेशों के बावजूद किसानों को भूमि देने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई। इसके उलट प्रदेश में जमीन की बेतरतीब बिक्री, सेब के पेड़ों की कटाई और बड़े प्रोजेक्ट्स के नाम पर किसानों को बेदखल किया जा रहा है। पावर प्रोजेक्ट, फोरलेन और नेशनल हाईवे से प्रभावित किसान आज भी मुआवजे के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। यदि सरकार आज जल्द नीति बनाने का भरोसा नहीं देती तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। संजय चौहान ने साफ किया कि अगर सरकार ने 19 जनवरी के बाद भी आंखें मूंदे रखीं, तो आंदोलन सिर्फ सचिवालय तक सीमित नहीं रहेगा। हिमाचल के गांव-गांव से उठने वाली यह आवाज सत्ता के गलियारों तक गूंजेगी। उन्होंने दुग्ध उत्पादकों को हर महीने पेमेंट का भुगतान पहली तारीख को सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने बताया कि किसान विरोधी मोदी सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) का बजट 2023 में जीरो कर दिया है। वहीं राज्य सरकार भी बागवानों से खरीदे सेब का भुगतान नहीं कर रही। इस मुद्दे को भी आज रैली के माध्यम से उठाया जाएगा।
प्रदेश में आज मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। यह बैठक 11 बजे होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने जा रही राज्य कैबिनेट की अहम बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं। कैबिनेट की इस मीटिंग में सरकार कई महत्वपूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों पर मुहर लगा सकती है, जिसका सीधा असर प्रदेश के विकास, कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर पड़ेगा। ऐसे में कैबिनेट की इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बार कैबिनेट की बैठक में पंचायती राज चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है। सरकार चिट्टे की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर सकती है। अब इसका असर पंचायती राज चुनावों में देखने को मिलेगा। चिट्टे की गतिविधियों में शामिल लोग अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसको लेकर आज कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जा सकता है। वहीं, प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से अप्रैल में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए जाने के फैसले को लेकर भी आज कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में अब 125 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना है। इसको लेकर भी कैबिनेट बैठक में इन स्कूलों के लिए गाइडलाइन मंजूर की जा सकती है। हिमाचल में कैबिनेट की बैठक में सबसे ज्यादा उम्मीद रोजगार को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर रहती है। प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 25 हजार नौकरियां देने का ऐलान किया है। ऐसे में दो महीने बाद समाप्त हो रहे वित्त वर्ष को देखते हुए कैबिनेट की बैठक में युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा भी खुल सकता है। वहीं, मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए फैसला लिया जा सकता है। इसी तरह से विभिन्न विभागों में नए पद सृजित किए जाने को लेकर भी फैसला हो सकता है।
कसुम्पटी में नई तहसील बनाए जाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन शिमला द्वारा प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि कसुम्पटी में नई तहसील का गठन आवश्यक है और इस दिशा में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को प्रेषित कर दिया गया है। वर्तमान में यह क्षेत्र शिमला ग्रामीण तहसील के अंतर्गत आता है। उपायुक्त ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा पटवार सर्कलों के अतिरिक्त चार नए पटवार सर्कल बनाए जाएंगे तथा दो फील्ड कानूनगो सर्कल स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में शिमला ग्रामीण तहसील के अंतर्गत 32 पटवार सर्कल हैं, जिनका भौगोलिक क्षेत्र काफी विस्तृत है। इसके अंतर्गत कसुम्पटी, शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी—तीन विधानसभा क्षेत्रों का बड़ा हिस्सा आता है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर के आसपास घनी आबादी, राजस्व मामलों की बढ़ती संख्या, न्यायालयीन प्रकरणों तथा फील्ड वेरिफिकेशन जैसे कार्यों के कारण प्रशासन को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए नई तहसील का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अनुपम कश्यप ने बताया कि नए प्रस्ताव के तहत कुल 17 पटवार सर्कल और 4 फील्ड कानूनगो सर्कल होंगे। इस तहसील के अंतर्गत कुल 17,032.29 हेक्टेयर भूमि, 86,983 खसरा नंबर तथा 12,080 खतौनी नंबर शामिल होंगे। इसके साथ ही लगभग 91,924 की जनसंख्या इस नई तहसील के अंतर्गत आएगी। उन्होंने जानकारी दी कि चार नए पटवार सर्कल चमियाना, रझाना, डूम्मी और जनोल में प्रस्तावित हैं। वहीं, दो फील्ड कानूनगो सर्कल कसुम्पटी/चमियाना तथा शोघी में स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। नई तहसील के अधीन 83 सरकारी स्कूल, 21 डाकघर, 27 बैंक शाखाएं तथा विभिन्न अन्य सरकारी कार्यालय आएंगे।
टाउन हॉल हमीरपुर में एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन ऑफ हमीरपुर द्वारा आयोजित 72वीं सीनियर महिला राज्य कबड्डी चैंपियनशिप–2026 में विधायक आशीष शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस प्रतियोगिता में विश्व, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली महिला कबड्डी खिलाड़ियों सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आई खिलाड़ियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक आशीष शर्मा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सफल आयोजन के लिए कबड्डी एसोसिएशन को बधाई दी एवं सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विधायक ने कहा कि युवाओं को किसी न किसी खेल में अवश्य भाग लेना चाहिए तथा नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे निरंतर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें और प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया और सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। मुकाबले देर शाम तक चलते रहे। इस दौरान साई हॉस्टल धर्मशाला की टीम ने लाहौल-स्पीति की टीम को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
18 जनवरी 2026 को भारतीय डाक कर्मचारी संघ (BPEA) ग्रुप ‘C’ की सेंट्रल वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक मंडी, हिमाचल प्रदेश में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माननीय अध्यक्ष द्वारा की गई। इसमें हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न मंडलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, विभागीय नीतियों तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा तथा लंबित मांगों के शीघ्र समाधान हेतु एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संगठनात्मक ढांचे को सशक्त बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने तथा जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं को प्रभावी रूप से उठाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान प्रवीन कुमार सलूरिया को सर्वसम्मति से BPEA ग्रुप ‘C’ हिमाचल प्रदेश का सर्किल सचिव निर्वाचित किया गया। इस अवसर पर नवनीत शर्मा, अध्यक्ष BPEA ग्रुप ‘C’ हिमाचल प्रदेश ने कहा कि संगठन कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा तथा विभाग के साथ सकारात्मक संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। नव-निर्वाचित सर्किल सचिव प्रवीन कुमार सलूरिया ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कर्मचारियों से संगठित रहकर अपने अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। बागछाल पुल के समीप एक टिप्पर अनियंत्रित होकर सतलुज नदी में जा गिरा, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा रात करीब एक बजे पेश आया। मृतक की पहचान 49 वर्षीय कुलदीप सिंह के रूप में हुई है, जो मंडी जिले के गांव धनीपखर का निवासी था। कुलदीप सिंह रेलवे परियोजना में टिप्पर चालक के रूप में कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन बागछाल पुल के पास अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और गहरी खाई में गिर गया। हादसे की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया। रविवार सुबह हादसे की खबर फैलते ही मृतक के स्वजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। स्वजनों और ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ, जिससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। स्थिति को संभालने के लिए मंडी-भराड़ी की ओर से आने वाले वाहनों को पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर मोड़ा गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद निर्माण कंपनी का कोई भी उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कंपनी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीण उचित मुआवजे और कंपनी प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोलन पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिनांक 18 जनवरी 2026 की रात पुलिस चौकी शहर सोलन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर चंबाघाट के समीप बेर पानी क्षेत्र में स्थित एक होम स्टे में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान होम स्टे के एक कमरे में ठहरे दो युवक और एक युवती को 2.70 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र कुमार (31 वर्ष), पुत्र बद्री दत्त, निवासी गांव व डाकखाना सलोगड़ा, तहसील व जिला सोलन; विक्रांत भरद्वाज (26 वर्ष), पुत्र विद्या दत्त, निवासी गांव व डाकखाना साधुपुल, तहसील कंडाघाट, जिला सोलन; तथा सुष्मिता कौशल (28 वर्ष), पुत्री शेर सिंह, निवासी गांव भरनाल, डाकखाना ढलवां, तहसील बलद्वाड़ा, जिला मंडी (हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लेकर उनके कब्जे से बरामद चिट्टा/हेरोइन को जब्त कर लिया। इस संबंध में पुलिस थाना सदर, सोलन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था तथा इसकी आपूर्ति कहां की जानी थी। इसके साथ ही आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
मनाली में 20 से 24 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तरीय विंटर कार्निवल को लेकर पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इस दौरान मनाली शहर को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-1 में मनु रंगशाला (कलामंच) से रामबाग मनाली क्षेत्र को शामिल किया गया है। सेक्टर-2 में मॉल रोड और उससे सटे क्षेत्र—मनु मार्केट, सियाली महादेव मार्केट, मिशन अस्पताल, डायमंड चौक और बस स्टैंड मनाली—आते हैं। सेक्टर-3 में आईबैक्स चौक से पुलिस थाना मनाली और गोंपा रोड को रखा गया है, जबकि सेक्टर-4 में रामबाग चौक से सर्किट हाउस और ओल्ड मनाली क्षेत्र को शामिल किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीसरी और चौथी आईआरबीएन (IRBn) की दो रिजर्व टुकड़ियां मनाली पहुंच चुकी हैं, जिन्हें स्थानीय पुलिस के जवानों के साथ सेक्टर-1 और सेक्टर-2 में तैनात किया गया है। सभी तैनात पुलिसकर्मियों को डीएसपी मनाली के.डी. शर्मा द्वारा ड्यूटी को लेकर विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। उन्होंने जवानों को सतर्कता, अनुशासन और संयम बनाए रखने तथा आम जनता और पर्यटकों से विनम्र व्यवहार करने के निर्देश दिए। पुलिस ने बताया कि सेक्टर-1 स्थित कलामंच में प्रवेश से पहले सभी दर्शकों की सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) की जाएगी। इसके लिए प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) के साथ पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रोन सर्विलांस, कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी, तथा विशेष एंटी गुंडा सेल का गठन किया गया है। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मनाली शहर और आसपास के क्षेत्रों को आठ ट्रैफिक बीट्स में विभाजित किया गया है, जहां स्थानीय पुलिस के साथ-साथ होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विंटर कार्निवल के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से कटिबद्ध है। साथ ही स्थानीय जनता और देश-विदेश से आए पर्यटकों से सहयोग की अपील की गई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे चिट्टा मुक्त अभियान के तहत कुल्लू पुलिस ने नशा माफिया पर अब तक का बड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 364 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। इन मामलों में एक दंपति सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस को पहली बड़ी सफलता मनाली के चचोग गांव में मिली। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने नशा तस्कर संगत राम और उसकी पत्नी डिंपल को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान दंपति के कब्जे से 303 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक बोलेरो वाहन और 7,200 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। दूसरी कार्रवाई भुंतर थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस ने पंजाब के जीरकपुर निवासी अमित गुप्ता को 61 ग्राम चिट्टा के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों से बरामद चिट्टे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी कुल्लू मदन लाल ने बताया कि कुल्लू पुलिस सिंथेटिक ड्रग्स और चिट्टा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों में बरामद 364 ग्राम चिट्टा एक बड़ी रिकवरी है। एसपी ने बताया कि तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक—नशा कहां से आया और कहां सप्लाई किया जाना था—की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी बेनकाब किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान के तहत पुलिस लगातार तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में मंडी जिला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस थाना सुंदरनगर की टीम ने पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 61 किलो 205 ग्राम अफीम डोडा (पोस्त) बरामद किया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह सुंदरनगर थाना पुलिस ने अलसू चौक पर नाकाबंदी कर वाहनों की नियमित जांच शुरू की थी। इसी दौरान मंडी की ओर से आ रही एक पिकअप जीप को शक के आधार पर जांच के लिए रोका गया। वाहन में सवार व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने पिकअप की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस ने गाड़ी में छुपाकर रखी गई भारी मात्रा में अफीम डोडा (पोस्त) बरामद की। कुल 61 किलो 205 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ, जो कि व्यावसायिक मात्रा में आता है। पुलिस ने मौके पर ही पिकअप वाहन को कब्जे में ले लिया और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह निवासी मोगा, पंजाब और रामपाल निवासी लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें नियमानुसार कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी साक्षी वर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ मंडी पुलिस का अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा और तस्करों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सोलन जिला की ग्राम पंचायत कुनिहार में स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। इस आगजनी की घटना में प्लांट पूरी तरह जलकर राख हो गया, जिससे पंचायत को लगभग 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। ग्राम पंचायत कुनिहार के प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि यह प्लांट क्षेत्र में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और प्लास्टिक पृथक्करण के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा थी। उन्होंने कहा कि इस प्लांट का शुभारंभ करीब एक माह पूर्व ही किया गया था और इससे पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने की उम्मीद थी। आगजनी की इस घटना से न केवल पंचायत को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में की गई पहल को भी बड़ा झटका लगा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा आग लगने के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। इस घटना के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में रोष है। उन्होंने आगजनी की इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने बताया कि नुकसान का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
जिला में मेहनताना के आधार पर तहसीलदार/नायब, तहसीलदार/पटवारी के खाली पदों पर दोबारा नियुक्ति के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों के साथ 31 जनवरी 2026 तक या उससे पहले डिप्टी कमिश्नर, शिमला (हि.प्र.) के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। तय तिथि के बाद प्राप्त या अधूरे आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जिला शिमला में तहसीलदार के 3 पद, नायब तहसीलदार का 1 पद, कानूनगो का 1 पद और पटवारी के 70 पद भरे जाने हैं। आवेदन पत्र जिला शिमला की आधिकारिक वेबसाइट http://hpshimla.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले उम्मीदवार ने सेवानिवृत्ति से पहले राजस्व विभाग के किसी भी विंग में कम से कम 5 वर्ष की सेवा दी हो और उसके विरुद्ध कोई विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित न हो। इसके लिए संबंधित रिटायर्ड व्यक्ति को अपने मूल विभाग से प्रमाण पत्र प्राप्त कर आवेदन के साथ जमा करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी अस्पताल से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। उम्मीदवार की आयु 31 जनवरी 2026 को 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। मेहनताना के बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि रिटायर्ड तहसीलदार को 70,000 रुपये प्रति माह, रिटायर्ड नायब तहसीलदार को 60,000 रुपये प्रति माह, रिटायर्ड कानूनगो को 50,000 रुपये प्रति माह और रिटायर्ड पटवारी को 40,000 रुपये प्रति माह मेहनताना दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिटायर्ड तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारियों को पहली बार तीन महीने के लिए दोबारा नियुक्त किया जाएगा, जिसे कार्य निष्पादन और आवश्यकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि आवेदनों की संख्या पदों से अधिक हुई, तो कम आयु वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। दोबारा नियुक्ति की अवधि को सेवानिवृत्ति से पूर्व दी गई सेवा के किसी भी लाभ के लिए नहीं जोड़ा जाएगा। यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी और किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। नियुक्त कर्मचारियों को एक महीने की सेवा पूरी करने पर एक दिन की कैजुअल छुट्टी मिलेगी, अन्य किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाएगी। बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर नियुक्ति स्वतः समाप्त हो जाएगी और उस अवधि का वेतन नहीं मिलेगा। ड्यूटी के दौरान सरकारी कार्य से यात्रा करने पर संबंधित कर्मचारियों को नियमित समकक्ष अधिकारियों के न्यूनतम वेतनमान के अनुसार टीए/डीए दिया जाएगा। रिटायर्ड कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा। उपायुक्त ने बताया कि दोबारा नियुक्त किए गए रिटायर्ड कर्मचारियों को मासिक वेतन कार्य निष्पादन प्रमाण पत्र के आधार पर दिया जाएगा, जिसमें उनके द्वारा निपटाए गए मामलों का विवरण भी शामिल होगा। लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इन नियुक्तियों से वर्तमान अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और नियमित अधिकारियों के उपलब्ध होते ही यह नियुक्तियां समाप्त की जा सकती हैं।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए चिट्टा/हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की गई है। तीन अलग-अलग मामलों में कुल 57.34 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई है। सभी मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला थाना ढली में एफआईआर संख्या 05/26 दिनांक 16.01.2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 व 29 के तहत दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने 50.340 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नित्यम धीर (32 वर्ष) पुत्र पुरुषोत्तम धीर, निवासी फ्लैट नंबर 2002, टावर-15, जे.पी. अमन सेक्टर-151, नोएडा (उत्तर प्रदेश) तथा पूर्णिमा लंपाग (34 वर्ष) पुत्री स्व. गणेश दास, निवासी लुमनोंग्रिम, री-भोई, मेघालय के रूप में हुई है। दूसरा मामला थाना कुमारसेन में एफआईआर संख्या 03/26 दिनांक 16.01.2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 व 29 के अंतर्गत दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में 2.30 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों में सचिन श्याम (34 वर्ष) पुत्र जोगिंदर सिंह, निवासी गांव बनोगा, डाकघर जाहू, तहसील ननखड़ी और आरुष मेहता (24 वर्ष) पुत्र स्व. दीवान चंद मेहता, निवासी गांव नून, डाकघर खुन्नी, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला शामिल हैं। वहीं तीसरा मामला थाना कुमारसैन में ही एफआईआर संख्या 04/26 दिनांक 16.01.2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 व 29 के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में 4.70 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुश्ताक अली (25 वर्ष), माशूम अली (23 वर्ष) पुत्रगण हसन अली, निवासी गांव भदराश, डाकघर दत्तनगर, तहसील रामपुर, जिला शिमला; रविंद्र कुमार (37 वर्ष) पुत्र रमेश चंद, निवासी गांव बहली, डाकघर भुट्टी, तहसील कुमारसैन; रविंद्र कुमार (44 वर्ष) पुत्र प्रेम चंद, निवासी दत्तनगर, तहसील रामपुर तथा किशन कुमार (31 वर्ष) पुत्र हीरा सिंह, निवासी गांव बहली, डाकघर भुट्टी, तहसील कुमारसैन के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी मामलों में जांच जारी है और नशा तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में गंभीर हादसें टलने का नाम ही नहीं ले रहे है। सिरमाैर जिले के बाद अब मंडी जिला में एक और बस हादसा हुआ है। मंडी जिले में गोभड़ता से सरकाघाट जा रही HRTC की एक बस शनिवार सुबह करीब 8:00 बजे हवाणी के पास हादसे का शिकार हो गई। हादसे के समय बस में करीब 15 यात्री सवार थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालक को अधिक चोटें आई हैं। जबकि कुछ यात्रियों को भी मामूली चोटें आई हैं। अधिकतर यात्री पूरी तरह से सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बस सड़क से नीचे लुढ़ककर खेत में जा गिरी है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। सभी घायलों को बस से निकालकर उन्हें तुरंत प्रभाव से निजी वाहनों के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम ने बताया कि पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। घायलों को उपचार के लिए सरकाघाट ले जाया गया है।
दिनांक 15 जनवरी 2026 को पुलिस थाना निरमंड की टीम ने विश्वसनीय गुप्त सूचना के आधार पर नित्थर बाजार में खड़ी एक पिकअप गाड़ी (नंबर HP35-8877) को नियमानुसार जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 50 पेटियां देशी शराब (मार्का ऊना नं. 1) बरामद की गईं। मौके पर की गई बरामदगी के आधार पर वाहन चालक सोनू (31 वर्ष) पुत्र धन बहादुर, निवासी गांव वैहरी, डाकघर दलाश, तहसील आनी, जिला कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) के खिलाफ पुलिस थाना निरमंड में आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और अवैध शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच के लिए आगामी अन्वेषण जारी है।
आज दिनांक 15 जनवरी 2026 को पुलिस थाना भुंतर की टीम ने विश्वसनीय गुप्त सूचना के आधार पर छोटा भूईन स्थित होटल विभावन में दबिश दी। इस दौरान होटल के कमरा नंबर 205 की नियमानुसार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों के कब्जे से कुल 104 ग्राम चिट्टा/हेरोइन तथा 21,200 रुपये नकद बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल शर्मा (32) पुत्र प्रेम चंद, निवासी गांव पारला भुंतर, डाकघर व तहसील भुंतर, जिला कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) और शिव कुमार (32) पुत्र सुखदेव सिंह, निवासी मकान नंबर 75, मंगली निच्ची, डाकघर रामगढ़, तहसील व जिला लुधियाना (पंजाब) के रूप में हुई है। इस संबंध में पुलिस थाना भुंतर में दोनों आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, बरामद नशे के स्रोत, सप्लाई चेन और नेटवर्क की पहचान के लिए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में विस्तृत जांच जारी है।
चंबा-साहो मार्ग पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त होने से दो लोगों की मौत हो गई। हादसा बुधवार आधी रात का बताया जा रहा है। गुरुवार सुबह चंबा के लिए आ रही बस की सवारियों ने नाले में कार को देखकर लोगों को सूचित किया। इसके बाद सदर थाना चंबा में हादसे की सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक चंबा, विजय सकलानी ने बताया कि साहो मार्ग पर एक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। पुलिस बल को तुरंत मौके पर भेज दिया गया है। फिलहाल प्राथमिकता शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में बीती रात एक घर में भीषण आग लगने से छह लोग जिंदा जल गए। एक व्यक्ति को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया। घायल को सोलन अस्पताल रेफर किया गया है। इसकी पुष्टि SDM संगड़ाह सुनील कायथ ने की है। मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल है। DC सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि यह हादसा नौहराधार के तलांगना गांव में बीती रात तीन बजे के बीच पेश आया। घर पर कुल सात लोग थे। इनमें से छह की मौत हो गई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट से भड़की। इससे घर पर रखा LPG सिलेंडर फट गया, जिससे आग ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में कुछ पालतू मवेशियों के भी जिंदा जलने की सूचना है। आग लगने के बाद मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह आग मोहन लाल के घर पर लगी। बताया जा रहा है कि सभी मृतक मोहन लाल के घर पर मेहमानी करने आए थे और हादसे का शिकार हो गए। मृतकों की पहचान नरेश पुत्र दुर्गा सिंह निवासी टपरोली राजगढ़, तृप्ता पत्नी नरेश निवासी टपरोली राजगढ़, कविता पत्नी लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, सारिका पुत्री लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, कृतिका पुत्री लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, कृतिक पुत्र लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल के तौर पर हुई है। वहीं लोकेंद्र इस हादसे में गंभीर रूप से घायल है। यानी लोकेंद्र की पत्नी और तीन बच्चे इस हादसे में नहीं रहे। SDM संगड़ाह सुनील कायथ ने बताया कि अग्निकांड की सूचना के बाद वह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि आग अब कंट्रोल है। राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए है। जिस जगह यह हादसा हुआ है, वह अति दुर्गम क्षेत्र है। वहां मोबाइल सिंग्नल भी मौजूद नहीं है। इससे हादसे की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज सोलन ज़िला के अर्की में गत दिनों हुए दुःखद अग्निकांड घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों का जायज़ा लिया और संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार दुःख की इस घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है और उन्हें यथा सम्भव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विक्रमादित्य सिंह ने अर्की बाज़ार में इस दुःखद घटना में जानो-माल के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अर्की का यह बाज़ार ऐतिहासिक है और यहां ऐसी घटना होना दुःखद है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रभावितों को फौरी राहत मुहैया करवा दी गई है और भविष्य में भी यथासम्भव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन तथा बचाव दलों की टीमों से बातचीत कर घटना तथा राहत एवं बचाव कार्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए एहतियाती उपाय अपनाने आवश्यक हैं। इस दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति की तैयारी के लिए भविष्य के अनुसार कार्य योजना तैयार करना आवश्यक है। इस दिशा में सभी विभागों को उचित दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि अग्निकांड में प्रभावित सभी लोगों को फौरी राहत प्रदान कर दी गई है। उन्होंने अग्निकांड के प्रभावित दुकानदारों को उचित सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। विक्रमादित्य सिंह ने आग बुझाने में स्थानीय युवाओं के साहसिक कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि अर्की शहर के लिए 11 करोड़ रुपए की अमृत 2 योजना स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत अर्की शहर में हाईड्रेंट का प्रावधान भी किया जाएगा ताकि आपातकालीन स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके। लोक निर्माण मंत्री ने तदोपरांत लोगों की समस्याएं भी सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राज्य महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष जैनब चंदेल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतीश कश्यप, नगर पंचायत अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, नगर पंचायत अर्की के उपाध्यक्ष पदम् देव कौशल, पार्षदगण, पंचायत समिति सदस्य शशिकांत शर्मा, ग्राम पंचायत देवरा के प्रधान रूप सिंह ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी अर्की निशांत तोमर, उपमण्डलीय पुलिस अधिकारी दाड़लाघाट नवीन झाल्टा, तहसीलदार अर्की विपिन वर्मा, लोक निर्माण विभाग अर्की के अधिशाषी अभियंता कृष्णकांत चौहान, प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड अर्की के अधिशाषी अभियंता संदीप कुमार, जल शक्ति विभाग अर्की अधिशाषी अभियंता विवेक कटोच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति व स्थानीय लोग उपस्थित थे।
बी.एल. सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कुनिहार में लोहड़ी और मकर संक्रांति का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास एवं पारंपरिक वातावरण में मनाया गया। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ लोहड़ी और मकर संक्रांति का पर्व मनाया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और भारतीय संस्कृति व परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल देखने योग्य रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई। शिक्षकों ने बच्चों को सरल भाषा में बताया कि लोहड़ी और मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक हैं तथा यह पर्व नई ऊर्जा, सकारात्मकता और परिश्रम का संदेश देता है। बच्चों को तिल-गुड़ के महत्व, पतंग उड़ाने की परंपरा और फसल उत्सव से जुड़े तथ्यों की जानकारी भी दी गई। विद्यालय अध्यक्ष ने सभी बच्चों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और मिठाई के रूप में रेवड़ियां वितरित कीं। नन्हे बच्चों ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सज-संवरकर कविता पाठ, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा बनाई गई पतंगों तथा लोहड़ी और मकर संक्रांति से संबंधित चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे शिक्षकों ने खूब सराहा। तिल, गुड़ और खिचड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से बच्चों को त्योहार की विशेषताओं से परिचित कराया गया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि इससे बच्चों में अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। साथ ही बच्चों को आपसी प्रेम, भाईचारे और सहयोग का संदेश भी मिलता है। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी गईं। पूरे आयोजन ने बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया।
हिमाचल प्रदेश में मकर संक्रांति का पर्व पूरे श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शिमला जिला स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तत्तापानी में आज सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सतलुज नदी के किनारे स्थित सल्फर युक्त गर्म पानी के कुंडों में आस्था की डुबकी लगाई। प्रदेश में मकर संक्रांति को ‘माघ साजा’ के नाम से जाना जाता है, जो माघ महीने की शुरुआत और सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तत्तापानी में सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ठंड के बावजूद श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर कुंडों में स्नान करते नजर आए। मान्यता है कि यहां स्नान करने से त्वचा रोग दूर होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। स्नान के साथ-साथ तत्तापानी में श्रद्धालुओं के लिए करीब 3 क्विंटल खिचड़ी भी परोसी जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में तत्तापानी में साढ़े चार क्विंटल खिचड़ी परोसकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जा चुका है। पर्व के दौरान प्रदेशभर में पारंपरिक व्यंजनों का भी विशेष महत्व रहता है। घर-घर में लाल चावल, अखरोट, खुमानी और भंगजीरी से बनी खिचड़ी, जिसे स्थानीय भाषा में ‘किसर’ कहा जाता है, तैयार की गई और प्रसाद के रूप में वितरित की गई। कई स्थानों पर तुलादान की परंपरा भी निभाई गई। तत्तापानी के पंडित टेकचंद शर्मा ने बताया कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद 22 सितंबर 1952 को तत्तापानी आए थे और उन्होंने यहां स्नान सरोवर का उद्घाटन किया था। उस उद्घाटन की पट्टिका को समाजसेवी प्रेम रैना ने आज भी सुरक्षित रखा है। हालांकि, राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटित वह सरोवर अब कौल डैम के कारण जलमग्न हो चुका है। साल 2013 में सतलुज नदी पर कौल डैम बनने के बाद पुराना जलाशय डूब गया था। इसके पश्चात जियोलॉजिकल विभाग द्वारा ड्रिलिंग कर नदी के किनारे गर्म पानी निकाला गया और नए कुंडों का निर्माण किया गया, जिनमें आज श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तत्तापानी को ऋषि जमदग्नि और भगवान परशुराम की तपोस्थली माना जाता है। कहा जाता है कि त्रेता युग में महर्षि जमदग्नि ने यहां पत्नी रेणुका और पुत्र परशुराम के साथ तप किया था। हिमाचल में मकर संक्रांति, 'माघ साजा' के रूप में, केवल एक त्योहार नहीं बल्कि प्रकृति, विज्ञान और संस्कृति का संगम है, जहाँ लोग सूर्य के उत्तरायण होने पर खुशियाँ मनाते हैं, पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं और 'किसर' जैसी पारंपरिक चीजें खाकर एक-दूसरे से जुड़ते हैं, खासकर तत्तापानी के गर्म पानी के कुंडों में स्नान और खिचड़ी का प्रसाद, जो इस पर्व को और भी खास बनाता है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के अर्की बाजार अग्निकांड में लापता लोगों की तलाश में बुधवार सुबह सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिया गया है। मंगलवार शाम तक लापता 9 लोगों में एक बच्चे का शव और 7 बॉडी पार्टी जरूर मिले है। मगर, क्षत-विक्षप्त हालत में होने से प्रशासन यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि ये बॉडी पार्ट कितने लोगों के है। अब इन्हें डीएनए जांच के लिए एफएसएल लैब भेजा जा रहा है। वहीं, PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह आज अर्की के प्रवास पर आ रहे हैं। इस दौरान वह प्रभावित परिवारों से मिलेंगे और और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेंगे। बता दें कि अर्की बाजार में भीषण अग्निकांड रविवार देर रात ढाई से तीन बजे के बीच हुआ था। आग एक मकान से भड़की थी। मकान के ग्राउंड फ्लोर और पहले मंजिल में दुकानें थी, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल में नेपाल व बिहार के मजदूर रहते थे। जिनमें से 7 परिवार हादसे के दौरान सुरक्षित रेस्क्यू कर दिए गए थे। मगर दो नेपाली परिवार बाहर नहीं निकाले जा सके। अब तक 8 और 10 साल के बच्चोंं की मौत हो गई है। बिहार के एक बच्चे को सोमवार सुबह ही जिंदा रेस्क्यू किया गया था। मगर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जबकि दूसरे बच्चे का बीते कल शव बरामद हुआ। एसडीएम अर्की ने जानकारी दी है कि लापता लोगों का पता चलने तक सर्च अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से अर्की के गोशाला भवन में ठहरने और खाने की पूरी व्यवस्था की गई है।
भारतीय जनता पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ, जिला देहरा की संगठनात्मक मजबूती को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जिला संयोजक अतुल महाजन द्वारा शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श उपरांत व्यापार प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजकों की नियुक्ति की घोषणा की गई है। घोषित नियुक्तियों के अनुसार संदीप शर्मा, वीरेंद्र सिंह, कृष्ण ठाकुर, सुमित राणा, सुनील कुमार, विनोद कुमार, प्रदीप खंडवाल एवं शशान चौहान को व्यापार प्रकोष्ठ, जिला देहरा का जिला सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर जिला संयोजक अतुल महाजन ने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि वे संगठन की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ व्यापारियों की समस्याओं के समाधान हेतु सक्रिय भूमिका निभाएँगे तथा संगठन को और अधिक मजबूत करेंगे। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ, जिला देहरा व्यापारिक समुदाय के हितों की रक्षा, संवाद एवं संगठन विस्तार हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 19 जनवरी को कैबिनेट बैठक बुलाई है। नए साल की यह पहली कैबिनेट मीटिंग होगी, जो प्रदेश सचिवालय स्थित शिखर सम्मेलन हॉल में सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। कैबिनेट बैठक में खास तौर पर पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा निर्णय हो सकता है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य निर्वाचन आयोग के साथ समन्वय बनाकर पंचायत चुनाव अप्रैल माह में कराए जाएं। इसी मुद्दे पर सरकार की आगे की रणनीति पर कैबिनेट में चर्चा होगी। साथ ही इस बैठक में विभिन्न विभागों में भर्तियों को लेकर भी चर्चा होगी। इस दौरान सीएम की बजट भाषण में की गई घोषणाएं जो अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई है, उन्हें लेकर भी चर्चा संभावित है।
उतराला-होली मार्ग पर सोकडू के पास बीती देर रात एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीती रात उतराला-होली मार्ग पर 5 युवक कार में सवार होकर जा रहे थे, जैसे ही यह लोग सोकडू के पास पहुंचे तो इनकी कार अनियंत्रित होकर नीचे खाई में लुढ़क गई। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग व पुलिस भी मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य में जुटे। इस हादसे में पपरोला के 35 वर्षीय शिवांक सूद व 28 वर्षीय अरुण मेहरा के अलावा फटाहर के 27 वर्षीय रोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल 24 वर्षीय सुमित ने आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल 27 वर्षीय रमन को बैजनाथ अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। इस दुर्घटना की पुष्टि करते हुए डीएसपी संदीप शर्मा ने बताया की सभी शवों का पोस्टमार्टम बैजनाथ अस्पताल में करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की छानबीन शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की बाजार अग्निकांड में आज सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। आज NDRF की टीम भी मौके पर पहुंची। खोजी कुत्ते भी सर्च ऑपरेशन के लिए मौके पर लाए गए है। बता दें कि आज सुबह तक 7 लोगों के मलबे में दबे होने कि आशंका थी जिसमें से 2 शवों को बरामद कर लिया गया है साथ ही 5 लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। अग्निकांड में 2 परिवारों के 5 बच्चों समेत 2 महिलाएं और 2 पुरुष मलबे में दब गए थे। वहीं बिहार के 8 साल के प्रशांत का शव बीते कल ही बरामद हो गया। शेष लोगों की तलाश में SDRF, पुलिस और होमगार्ड टीमें मलबे में दबे लोगों की खोज में जुटी हुई है। SDM अर्की निशांत तोमर ने बताया कि जो बॉडी पार्ट्स क्षत-विक्षत हालत में मिल रहे हैं। इससे इनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। DNA जांच के बाद ही इनका पता चल पाएगा। अर्की बाजार में रविवार रात तीन बजे के करीब एक रिहायशी मकान में आग भड़क गई थी। इस मकान के ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल में दुकानें चल रही थी, जबकि दूसरी व तीसरी मंजिल में नेपाल और बिहार के मजदूर रहते थे। अग्निकांड के बाद 7 परिवार सुरक्षित रेस्क्यू किए गए। मगर 2 नेपाली परिवारों को बाहर नहीं निकाला जा सका। आग देखते ही देखते आसपास के मकानों में फैल गई। इस दौरान एक के बाद एक कई एलपीजी सिलेंडर फट गए, जिससे आग और भड़क गई। इससे हालात और भी भयावह हो गए। सिलेंडरों के धमाकों की आवाज से पूरे बाजार क्षेत्र में दहशत फैल गई। इससे 8 से ज्यादा मकान जलकर राख हो गए।
न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत सेब पर आयात शुल्क घटाए जाने से हिमाचल प्रदेश के बागवानों में भारी नाराजगी है। केंद्र सरकार ने एफटीए के अंतर्गत सेब पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया है। बागवानों का कहना है कि मौसम की लगातार बेरुखी और लंबे समय से बारिश व बर्फबारी न होने के कारण पहले ही हिमाचल प्रदेश के बागवानों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर हिमाचल प्रदेश के बागवानों ने न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते का विरोध तेज कर दिया है। प्रदेश सरकार ने भी बागवानों की चिंताओं का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार के इस निर्णय पर नाराजगी जताई है। बागवानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश सचिवालय में किसान और बागवान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में एफटीए के कारण सेब उत्पादकों को होने वाले संभावित नुकसान पर विस्तार से विचार किया जाएगा। बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में पूर्व विधायक एवं किसान सभा के अध्यक्ष राकेश सिंघा, संयुक्त किसान मंच के सह-संयोजक संजय चौहान, स्टोन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक सिंघा, प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष चौहान सहित विभिन्न किसान और बागवान संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। गौरतलब है कि भारत में सेब की खपत काफी अधिक है, जिसके चलते कई देशों से सेब का आयात किया जाता है। भारत हर साल ईरान, इटली, अफगानिस्तान और अमेरिका सहित कई देशों से सेब मंगाता है, लेकिन सबसे अधिक आयात तुर्की से होता है। डीजीसीआईएस (DGCIS) के आंकड़ों के अनुसार भारत में कुल सेब आयात का लगभग 23 प्रतिशत तुर्की से आता है। इसके बाद ईरान से 21 प्रतिशत, अफगानिस्तान से 10 प्रतिशत, इटली से 8 प्रतिशत, पोलैंड से 7 प्रतिशत और अन्य देशों से करीब 31 प्रतिशत सेब आयात किया जाता है। इसके अलावा भारत की विभिन्न मंडियों में चिली, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, पोलैंड, ब्राजील, बेल्जियम, सर्बिया, फ्रांस, पुर्तगाल, स्पेन, नीदरलैंड, अर्जेंटीना, भूटान, क्रोएशिया, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, स्लोवेनिया, ग्रीस और थाईलैंड जैसे देशों से भी सेब पहुंचता है।
घुमारवीं उपमंडल के तहत डंगार कस्बे में नेहा मानव सेवा सोसाइटी के सौजन्य से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्वर्गीय सचिन वशिष्ठ, स्वर्गीय लछुराम महाजन एवं स्वर्गीय गंगा राम वर्धन की पावन स्मृति में आयोजित किया गया। शिविर में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुल 100 रक्तदानियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। इस रक्तदान शिविर में स्थानीय व्यवसायी एवं समाजसेवी सतपाल महाजन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। सतपाल महाजन ने कहा कि रक्तदान न केवल किसी की जान बचाता है, बल्कि यह समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि सभी स्वस्थ व्यक्तियों को समय-समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए। नेहा मानव सेवा सोसाइटी के संस्थापक पवन बरूर ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्था पिछले कई वर्षों से निरंतर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों का आयोजन संस्था की प्रमुख गतिविधियों में से एक है। यह संस्था द्वारा आयोजित 38वां स्वैच्छिक रक्तदान शिविर था, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पवन बरूर ने बताया कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना और समाज में सेवा की भावना को जागृत करना है। पवन बरूर ने बताया कि नेहा मानव सेवा सोसाइटी केवल रक्तदान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संस्था गरीब परिवारों की सहायता, बेसहारा एवं जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने, निर्धन परिवारों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग देने जैसे अनेक पुण्य कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न है। संस्था का प्रयास है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाई जाए और कोई भी जरूरतमंद स्वयं को अकेला न महसूस करे। रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में संस्था के सदस्यों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों का सराहनीय योगदान रहा। शिविर को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह देखने को मिला और लोगों ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों में सहयोग देने का भरोसा जताया। इस दौरान सभी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिलासपुर जिले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सदर थाना पुलिस की टीम ने सुंगल क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक पुलिसकर्मी और बिजली बोर्ड के एक कर्मचारी को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर थाना प्रभारी राजेश पराशर के नेतृत्व में सदर पुलिस टीम ने सुंगल इलाके में नियमित नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन नाके की ओर आया, जिसे जांच के लिए रोका गया। वाहन में सवार दो व्यक्तियों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 2.85 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों से चिट्टे के अलावा 17,500 रुपये की नकद राशि भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल और सुरेंद्र के रूप में हुई है। विशाल एक पुलिस कर्मचारी है, जो वर्तमान में विजिलेंस विंग में ड्राइवर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर तैनात है, जबकि सुरेंद्र हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ और नकदी को कब्जे में लेकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के अंतर्गत करसोग उपमंडल में एक सड़क हादसा पेश आया है। यहाँ चरखड़ी के पास 'चेतन कोच' नामक एक निजी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय बस में चालक और परिचालक समेत कुल चार लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचित किया। इस दुर्घटना में बस में सवार व्यक्ति घायल हुए हैं और एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। सभी घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर पांगणा अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं बुजुर्ग मृतक की पहचान कलावती पत्नी ओमप्रकाश निवासी चरखड़ी के रूप में हुई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया हैं। जिसकी पुष्टि एसडीएम सुन्दर नगर द्वारा की गई। हादसे के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर सड़क की खराब हालत या तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए घटना की जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के अर्की बाजार में बीती रात करीब 1 बजे भीषण आग लगने से कई दुकानें राख हो गई। जैसे ही स्थानीय लोगों को इसका पता चला, फौरन दमकल विभाग को इसकी सूचना दी गई। दमकल विभाग की टीमों द्वारा आग पर काबू पाया गया। वहीं, इस अग्निकांड के बाद अर्की बाजार में अफरा तफरी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जैसे ही यहां पर आग लगी, उन्होंने फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दे दी थी, लेकिन सुबह 7 बजे तक भी आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका था। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि अर्की के पुराने बस स्टैंड में UCO बैंक के पास बीती देर रात आग लग गई है जिसमें एक 7-8 साल के बच्चे की मौत हो गई। वहीं कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पुलिस और फायर विभाग की टीम मौके पर है, और एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है। बता दें कि अर्की में लगी आग अब नियंत्रण में है, लेकिन अभी तक पूरी तरह से बुझाई नहीं गई है। आग बुझाने के लिए अर्की, बनलगी, सोलन, नालागढ़, बालुगंज और अंबुजा सीमेंट से 6 फायर टेंडर/वॉटर बाउसर मौके पर मौजूद रही।


















































