दिल्ली की तर्ज पर हिमाचल के किसानों-बागवानों को मुआवज़ा दे सरकार फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में मौसम की मार झेल रहे किसानों के प्रति आम आदमी पार्टी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारी ओलावृष्टि से खेतों में लगी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पहले एक ओर जहां करीब 2 माह तक बारिश की कमी के चलते सूखे के संकट से उनकी फसल खराब हुईं है, तो अब दूसरी ओर अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे में आम आदमी पार्टी प्रदेश सरकार से मांग की है कि भारी ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर किसानों और बागवानों को दिल्ली की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भारी ओलावृष्टि से कोई भी जिला ऐसा नहीं छूटा है, जहां ओलावृष्टि ने अपना कहर ना बरपाया हो। ओलावृष्टि ने जहां जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में सेब समेत जो गुठलीदार फल पौधे हैं, जिसमें आड़ू बदाम, खुमानी, पलम, चेरी को नुकसान पहुंचाया है, तो वहीं निचले और मध्य क्षेत्र जिसमें कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, कुल्लू, सिरमौर, किन्नौर जिलों के किसानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके खेतों में लगी गेहूं, जौ, मटर, टमाटर और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। गौरव शर्मा ने कहा कि किसानों और बागवानों को दूसरे राज्यों की तरह यहां की मुख्य फसल सेब और अन्य फसलों जैसे टमाटर, अदरक व मटर जैसी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बाज़ार की कीमत के मुताबिक दिया जाए। उन्होंने कहा कि एक ओर पहले ही सर्दियों में हुई बेमौसमी बर्फबारी के चलते लाखों का नुकसान हुआ है, तो अब एक बार फिर से बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के मुख्य आय के साधन व खेत मे लगी फसलों को बर्बाद कर दिया है। ऐसे में आम आदमी पार्टी प्रदेश सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द प्रभावित किसानों और बागवानों की फसलों का आकलन कर मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से आज यहां केंद्रीय इस्पात मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। केंद्रीय इस्पात सचिव संजय कुमार सिंह और राज्यपाल के सचिव विवेक भाटिया भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव संजीव ने आज यहां बताया कि आगामी 8 मई को विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर सोसायटी द्वारा रेडक्रॉस भवन, वार्नस कोर्ट (राजभवन के समीप) में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिविर प्रातः 10 बजे आरंभ होगा और सायं 4 बजे संपन्न हो जाएगा। उन्होंने लोगों से शिविर में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर रक्तदान का आग्रह किया, ताकि जरूरतमंद मरीजों के अमूल्य जीवन की रक्षा की जा सके। संजीव ने बताया कि राज्य रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा आज दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला में मरीजों व आउटसोर्स कर्मचारियों को 200 हाइजीन किट वितरित की गईं। उन्होंने बताया कि राज्य रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा जरूरतमंद लोगों तथा मरीजों की मदद के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रयास किए जाते हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। सोलन प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हिमाचल प्रदेश के युवा रोजगार के पीछे भागने की बजाय रोजगार प्रदाता बन सकें। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सोलन जिला के वाकनाघाट स्थित बाहरा विश्वविद्यालय में हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त प्लेसमेंट अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त प्लेसमेंट अभियान का आयोजन करना वास्तव में एक सराहनीय कदम है, जो राज्य के निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्राप्त करने में एक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त प्लेसमेंट अभियान में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को शामिल किया गया है। अभियान में भाग लेने वाली लगभग 50 बड़ी कंपनियों में अच्छे पैकेज पर सैकड़ों युवाओं का चयन किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने युवा उद्यमिता को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक 18 से 45 वर्ष की आयुवर्ग के युवाओं और 50 वर्ष तक की महिलाओं के लिए आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत एक करोड़ रुपए तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है, जिसके तहत युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए 25 से 30 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जाता है। अब प्रदेश सरकार ने महिलाओं और विधवाओं को 35 प्रतिशत उपदान देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक हिमाचल में 3758 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं और 10,253 लोगों को उनके घरद्वार के समीप रोजगार उपलब्ध हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य में 17 निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं और इससे हिमाचल देश का शिक्षा केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि इस एक दिवसीय प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। जयराम ठाकुर ने इस भव्य आयोजन में भाग लेने के लिए उद्यमियों को का आभार व्यक्त किया, जिसके माध्यम से राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियमन आयोग की ऑनलाइन सूचना प्रबंधन प्रणाली दिशा का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के क्रियान्वयन से निजी विश्वविद्यालयों और संस्थानों से संबंधित जानकारी, स्टाफ, पाठ्यक्रम, सुविधाएं, डिग्री से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्थानीय लोग को बल्कि प्रशिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भी लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चयनित विद्यार्थियों को जॉब ऑफर लैटर प्रदान किए। उन्होंने इस प्लेसमेंट ड्राइव में पंजीकृत उम्मीदवारों के साथ संवाद भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को मादक पदार्थों के सेवन के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक प्रणाली विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिसर में अनुशासन की अनुपालना सुनिश्चित की जानी चाहिए और विद्यार्थियों के व्यवहार की निगरानी की जानी चाहिए। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि यह प्लेसमेंट ड्राइव विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर में ही अपनी पसंद की रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यहां लगभग 50 कंपनियां कैंपस इंटरव्यू में भाग लेकर संभावित उम्मीदवारों का चयन कर रही हैं। इस अवसर पर नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अतुल कौशिक ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह प्लेसमेंट ड्राइव मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की प्रेरणा से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्लेसमेंट ड्राइव के लिए 1600 से अधिक युवाओं ने अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि यह एक सराहनीय प्रयास है कि विश्वविद्यालय के परिसर में ही विभिन्न औद्योगिक घरानों द्वारा उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। आयोग के सदस्य डॉ. शशिकांत शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। सोलन से भाजपा नेता डॉ राजेश कश्यप, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड की उपाध्यक्ष रशिम धर सूद, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सदस्य डॉ. नागेश ठाकुर, बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति गुरविंदर बाहरा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट प्रदेश शिक्षा में छात्रों के प्रोत्साहन के लिए एससीईआरटी सोलन द्वारा अनेक कार्य किए जाते हैं। इन्हीं में से एक है, एनएमएमएस छात्रवृत्ति परीक्षा। इस छात्रवृत्ति परीक्षा में जो छात्र उत्तीर्ण होता है, उसे 12000 रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है। इस वर्ष की छात्रवृत्ति परीक्षा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी (अर्की) का छात्र राहुल पुत्र कौशल्या एवं देशराज उत्तीर्ण हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता तथा समस्त विद्यालय परिवार ने छात्र को शुभकामनाएं दी एवं राहुल के उज्जवल भविष्य की कामना की। विशेष तौर पर प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता ने राहुल को स्वेच्छा से प्रोत्साहन राशि भेंट की। गौरतलब है कि गत वर्ष इसी परीक्षा में राहुल की बहन वंदना ने भी यह छात्रवृत्ति प्राप्त की है। प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि विद्यालय में निरंतर छात्र विकास में कार्य हो रहा है। विद्यालय के छात्र हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करें, ऐसा प्रयास किया जाता है। राहुल ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता तथा अध्यापकों को दिया।
विद्युत उपमंडल शाहपुर के सहायक अभियंता जसबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आठ मई को विद्युत उपमंडल शाहपुर के तहत आने वाले 11 केवीए शाहपुर फीडर के उचित रख-रखाव व मुरम्मत हेतु शाहपुर बाजार, एसडीएम कार्यालय, झंगी, मझियार, जल शक्ति ऑफिस, 39 मील सीहोलपुरी व साथ लगते क्षेत्रों में सुबह 9:00 से सायं कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
रंजीत सिंह। कुनिहार क्षेत्र के प्रसिद्ध बनिया देवी मेले का आयोजन 21 मई को किया जा रहा है। इस उपलक्ष्य पर आज मेला कमेटी की बैठक जगतराम वैस की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेकर एक बार फिर धनीराम तनवर को मेला कमेटी का प्रधान बनाया गया। इसके अलावा वरिष्ठ उप प्रधान बलबीर चौधरी, उपप्रधान लायक राम शर्मा, कोषाध्यक्ष गोविंद ठाकुर, महासचिव अशोक कुमार, सचिव रमेश कुमार व जियालाल, सीताराम, शिव राम, धर्मेंद्र, नरेंद्र, स्याम लाल, बलबीर, कांसीराम, संजय कुमार, कमलेश व जसवंत आदि को कमेटी सदस्य बनाया गया। वरिष्ठ उप प्रधान बलबीर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड के कारण दो साल मेला नहीं हो पाया, लेकिन इस बार यह मेला बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसके लिए कमेटी का गठन किया गया। यह कमेटी मेले के सारे प्रबंध करेगी। उन्होंने बताया कि मेले का मुख्य आकर्षण विशाल दंगल रहेगा, जिसमें दूर-दूर से नामी पहलवान भाग लेंगे।
ग्राम पंचायत खैरा में माता सती सुन्यारी मेले का शुभआरंभ में मुख्य अतिथि अनूप कुमार शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक खैरा के द्वारा किया जाएगा। मेले के कुश्ती समापन समारोह में मुख्य अतिथि जगजीवन पाल संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक सुलह के द्वारा 27 मई 2022 को किया जाएगा। मेले के समापन समारोह में इस बार 27 मई 2022 को सांस्कृतिक संध्या ब्रदर क्लब के सौजन्य से किया जा रहा है। इसमें मुख्य कलाकार पूनम भारद्वाज, मोहित गर्ग, अमित मितू, राजेश डोगरा, कुमार विक्की आदि धूम मचाएंगे।
पंचरुखी में चोरों के हौसले इस कदर लगातार बुलंद हो चुके हैं कि यहां पर चोरियों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसा ही एक मामला आदर्श कालोनी लदोह पंचरुखी में सामने आया है। चोर साढ़े 4 तोले के सोने के कड़े, पांच ग्राम की दो सोने की अंगूठियां, चांदी की पायल और छह हजार नकद चुरा कर ले गए। इस संबंध में थाना प्रभारी सुभाष शास्त्री ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
नरेंद्र डाेगरा । जयसिंहपुर विधानसभा में चल रहे 'चलो चलें बूथ की ओर बढ़ें जीत की ओर' पदयात्रा एंव महाजन संपर्क अभियान के तहत आज ग्राम पंचायत सुंआ, टंबरू, द्रमण व जालग आदि बूथों पर विधायक रवि धीमान प्रमुख कुलवंत राणा, सह प्रमुख कुशल सिंह राणा व मंडल पदाधिकारियाें के साथ बूथ अध्यक्षों, बीएलए व बूथ पालकों के घर जाकर नेम पट्टिका और झंडें लगाए। इस दौरान मौजूद जनसमस्याओं को सुना व आधिकतर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया तथा अन्य को जल्द निपटारे हेतु संबंधित विभाग को भेज दिया गया।
अनूप सुजानपुर पुलिस कांस्टेबल भर्ती के पेपर लीक मामले में हुई एफआईआर के बाद हिमाचल सरकार द्वारा भर्ती रद्द करने पर समाजसेवी रविंद्र सिंह डोगरा ने युवाओं के भविष्य को ताला लगाना करार दिया है। डोगरा ने कहा कि प्रदेश के युवा पहले से इस भर्ती की देरी से खफा थे और अब भर्ती रद्द होने से उन युवाओं के भविष्य पर ताला सरकार ने लगा दिया। इन युवाओं का पेपर लीक मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने अपने दम और मेहनत के बलबूते भर्ती प्रक्रिया और लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी। डोगरा ने कहा कि सरकार का यह रवैया समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जब दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, उनसे जानकारी हासिल कर जिन-जिन लोगों को पेपर बेचा गया केवल उन्ही की भर्ती रद्द होनी चाहिए। उन्होंने कहा एक तरफ सरकार ने 1334 पदों के फार्म बेच कर लाखों रुपए का राजस्व प्राप्त किया वंही दूसरी तरफ दोषियों ने भी 7-8 लाख में पेपर बेच कर करोड़ों की काली कमाई की। इस तरह दोनों को फायदा हुआ पर युवाओं कुछ नहीं मिला और ना आगे मिलेगा। उन्होंने कहा आने वाले दिनों में प्रदेश में चुनाव आने वाले हंै और तब तक दुबारा भर्ती करवाना प्रदेश सरकार के बस की बात नहीं और चुनावों के बाद क्या होगा ये कोई नहीं जानता इसीलिए उन्होंने युवाओं के भविष्य को ताला लगाने की बात कही है। डोगरा ने युवाओं के साथ राजनीति यह जाने की बात भी कही है, क्योंकि इसी भर्ती को दुबारा करवाने के नाम पर भाजपा युवाओं से वोट मांग सकती है और कांग्रेस भी युवाओं को उनकी सरकार आने पर बम्पर भर्ती का वादा कर सकती है। डोगरा ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार अपने किए हुए वादों से मुकरती है और परिणाम घोषित होने के बाद शीघ्र ही रद्द हो जाते हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। ऐसे में युवा वर्ग को सोचना होगा कि किस तरह से उनका शोषण हो रहा है। दोनों राजनीतिक दल केवल प्रदेश की जनता को बरगलाने में लगे हैं।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अनसुचित विभाग के चेयरमैन और जयसिंहपुर के पूर्व विधायक यादविंदर गोमा ने नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद रानी साहिबा प्रतिभा सिंह काे बधाई दी। यादविंद्र गोमा ने चौड़ा मैदान शिमला में सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित प्रदेश के विभिन्न - विभिन्न क्षेत्र से आए कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। जनता की ओर से महंगाई व बेरोजगारी इत्यादि के मुद्दे भी उठाए गए। यादविंद्र गोमा ने बताया कि जनता का अपार स्नेह देखकर यह साफ है कि आने वाला समय कांग्रेस का है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से केंद्रीय इस्पात मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री सुख राम चौधरी, सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, केंद्रीय इस्पात सचिव संजय कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. आर एन बत्ता भी उपस्थित थे।
मनीष ठाकुर। इंदाैरा पैसे के लिए हर कोई व्यक्ति कई हद तक जाने को तैयार हो जाता है। चाहे किसी के खोए हुए पैसे ही क्यों न हो। इन सब बातों को दरकिनार कर इंदौरा की पंचायत भादरोया के वार्ड मेंबर बिट्टू कपूर ने महिला का पर्स वापस देकर इमानदारी की मिसाल कायम की, जिसकी ईमानदारी पर पूरे इंदौरा में खूव वाहवाही हो रही है। उन्होंने बताया कि सुबह जब भदरोया से पठानकोट जा रहे थे, तो उन्हें रास्ते में जाते समय महिला का पर्स मिला, जिसमें 8652 रूपए व बिजली का बिल रखा हुआ था, सड़क पर पड़ा हुआ मिला। उन्होंने इसकी सूचना ग्राम पंचायत प्रधान विश्व हिंदू परिषद के जिला अधिकारी राजीव वशिष्ठ को दी। पंचायत में जब छानबीन करवाई, तो महिला भदरोया की ही निवासी थी। उन्होंने महिला के घर जाकर छानबीन कर वह जानकारी लेकर विपक्ष में क्या-क्या रखा था, पहचान कर महिला को उसका पर्स लौटा कर ईमानदारी की मिसाल कायम की। महिला ने उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि मेरे हजारों रुपए से भरे पर्स ओर पर्स में रखे अति जरूरी कागजाद को मुझे लौटाकर साबित कर दिया की ईमानदारी अभी िजंदा है इसके लिए मैं इनका तहेदिल से धन्यवाद करती हूं।
मुख्यमार्ग तक रास्ते के निर्माण को आवश्यक कदम उठाने के दिए निर्देश फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने धर्मशाला कैंट के साथ लगते गांव चांदमारी में विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों को आवाजाही के लिए उपयुक्त रास्ते के निर्माण को लेकर औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश भी राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए गए। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि चांदमारी गांव में 2000 के करीब परिवार निवास करते हैं तथा ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग तक रास्ता उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है। इस पर राजस्व विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को किसी भी तरह असुविधा नहीं हो। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों के सेल्फ डालने के लिए भी प्रतिनिधियों को आवश्यक तौर पर दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि विकास खंड अधिकारियों को नियमित तौर पर विकास कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित करने के लिए भी ग्रामीण स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के लिए कहा गया है तथा आगामी 90 दिन तक पूरे जिला भर में विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने चांदमारी के ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना तथा उनका त्वरित निदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर एडीएम रोहित राठौर, एसडीएम शिल्पी बेक्टा, तहसीलदार अपूर्व शर्मा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की नीतियों से दुखी होकर उनके कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़ना लगातार जारी है। कांग्रेस और भाजपा की जन विरोधी नीतियों से तंग आकर अब यह कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को दिल्ली में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व प्रदेश प्रवक्ता अरुण शर्मा और इंटक के महामंत्री संजय शर्मा ने पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा है। इस मौके पर पार्टी के चुनाव प्रभारी सत्येंद्र जैन और सह प्रभारी दुर्गेश पाठक की मौजूदगी में इन दोनों नेताओं ने पार्टी का दामन थामा है। चार चार अध्यक्ष बनाने से कांग्रेस में बढ़ी गुटबाजी इस मौके पर कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए अरुण शर्मा ने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने हाल ही में एक प्रदेश अध्यक्ष समेत चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाए हैं, उससे पार्टी में गुटबाजी और ज्यादा बढ़ गई है। पार्टी में गुटबाजी बढ़ने से पार्टी को ही नुकसान होता है और हमारे जैसे न जाने कितने और कार्यकर्ता जो मेहनत और लगन से पार्टी का कार्य कर रहे थे, वह अब दुःखी होकर नई पार्टी को ज्वाइन करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जिसमें मेहनती, ईमानदार, और कर्मठ कार्यकर्ताओं की कोई कद्र नहीं है, बल्कि जो चापलूस और चतुर, चालाक लोग हैं, उसी का पार्टी में मान सम्मान होता है। ऐसे में पहले जहां प्रदेश में तीसरा विकल्प नहीं था। अब आम आदमी पार्टी इन दोनों पार्टियों का पहला विकल्प बन गया है। इसमें सिर्फ साफ, स्वच्छ व ईमानदार छवि के लोग ही हैं, जो दिल्ली में बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं लोगों को प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टियों की नीतियों और योजनाओं से प्रभावित होकर वे अपने समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल हुए है, जिसमें आने वाले दिनों में पार्टी की मजबूती के लिए कई अन्य लोगों को भी शामिल किया जाएगा। और इस बार हिमाचल में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाकर ही दम लिया जाएगा। इस दौरान पार्टी के प्रदेश जिला प्रभारी सत्येंद्र जैन ने कहा कि हिमाचल में आज तक 40 वर्ष के राज में भाजपा और कांग्रेस ने अपनी बारियां लगाई हुई थी। इसलिए 40 वर्ष में कभी भी कोई दल रिपीट नहीं कर पाया है और जनता को मूर्ख बनाकर अपना राज किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों की एक-दूसरे के साथ गांठ चली हुई है। इसलिए अब हिमाचल के लोग चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल हिमाचल में भी आम आदमी पार्टी की सरकार बनाएं और प्रदेश का विकास करें। क्योंकि यहां के लोगों ने देखा है कि जिस तरह से दिल्ली में तीसरी बार अरविंद केजरीवाल को जनता का प्यार, स्नेह और प्रेम मिला है। उसी तरह से हिमाचल में भी आम आदमी पार्टी को लगातार प्रेम और स्नेह मिल रहा है और आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता का आशीर्वाद भी मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति अब बदल गई है, अब कांग्रेस व भाजपा की नीतियों से दुखी होकर लोग आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। जो पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहले ही कहा है कि इन दोनों पार्टी में जो कि अच्छे, ईमानदार और साफ स्वच्छ छवि के लोग हैं वह आम आदमी पार्टी में आ सकते हैं और उनका आम आदमी पार्टी में स्वागत है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल का एक दल वर्तमान में सोलन जिला में विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनिक आपदाओं के समय त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से अभिज्ञता अभ्यास कर रहा है। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन ज़फ़र इकबाल ने दी। ज़फ़र इकबाल ने कहा कि एनडीआरएफ का यह दल 02 मई से 16 मई, 2022 तक सोलन जिला का सघन दौरा कर रहा है। इस दौरान जिला के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित उद्योगों, अस्पतालों, महत्वपूर्ण भवनों, सड़कों और पुलों इत्यादि कि पहचान कर वहां आपदा के समय किए जाने वाले कार्यों, उपकरणों एवं भौगोलिक परिस्थितयों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभिज्ञता अभ्यास का उद्देश्य जहां एक ओर सोलन जिला में आपदा के समय त्वरित सहायता का ढांचा तैयार करना है। वहीं, सभी संबंधित अधिकारियों एवं अन्य को ऐसे समय में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी देना है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि आपदा का समय एवं स्थान कभी निश्चित नहीं होता। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा के लिए हर समय तैयार रहना आवश्यक होता है। जिला प्रशासन सभी के सहयोग से इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।एनडीआरएफ की टीम सोलन ज़िला में विभिन्न आपदाओं के समय तैयारी को और मज़बूत बनाने के उद्देश्य से वास्तविक अभ्यास आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस दल द्वारा नालागढ़, सोलन और कसौली विधानसभा क्षेत्र में अभिज्ञता अभ्यास आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि दल द्वारा 2 मई को नालागढ़ के बद्दी स्थित सीईटीपी कचरा प्रबंधन संयत्र में अभिज्ञता अभ्यास अयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों और कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। दल ने वास्तविक अभ्यास के माध्यम से सभी को व्यवहारिक जानकारी प्रदान की। ज़फ़र इकबाल ने कहा कि 04 मई को इस दल ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में अध्यापकों एवं छात्रों को आपदा प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर बाढ़ और भूंकप प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ मानव जनित आपदाओं के समय किए जाने वाले कार्यों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि एनडीआरएफ की टीम ने आज प्रातः भोजनगर-बनासर सड़क, भोजनगर-नेरी कलां सड़क तथा पीडलाईट उद्योग में भौगोलिक परिस्थितियों एवं आपदा प्रबंधन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस संबंध में आवश्यक जानकारी भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह टीम 6 मई को अर्की स्थित अंबुजा सिमेंट फैक्टरी, 7 मई को चितकारा विश्वविद्यालय बद्दी, 09 मई को वर्धमान टेक्सटाइल एवं डाबर इंडिया प्राईवेट लिमिटिड बद्दी, 10 मई को नालागढ़ खरुणी स्थित मैसर्ज़ मैकलियोड्स फार्मास्युटिकल लिमिटिड, 11 मई अवस्थी नर्सिंग कॉलेज नालागढ़ तथा नालागढ़ स्थित एचपीसीएल के तेल डिपो का दौरा करेगी।
विनायक ठाकुर। देहरा उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने आज (वीरवार को) जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कूहना में विभिन्न नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से जनसमस्याओं का निवारण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जयराम सरकार मानवीय मूल्यों के आधार पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के मंत्र को ध्येय वाक्य मानकर सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि अपने सवा चार साल के कार्यकाल में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में आय सीमा की बंदिश को समाप्त करते हुए वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करने की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष कर दिया है। वहीं, इसके तहत मिलने वाली राशि में भी समय-समय पर बढ़ोतरी की है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में ही 2 लाख 21 हजार नए पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की गई है, जबकि चालू वित वर्ष में एक लाख और पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में वर्तमान सरकार के सत्ता में आने से पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर करीब 450 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे थे, जबकि प्रदेश सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष में इस योजना के तहत 1300 करोड़ रुपए की राशि खर्च करने का प्रावधान किया गया है। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आयुषमान भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना के माध्यम से प्रदेश के लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करवाई। जिससे हिमकेयर कार्ड बनवाने वाले हर परिवार को 5 लाख तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध हुई। इस योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश के 5 लाख 13 हजार परिवारों पंजीकृत हुए, जिसके तहत 2.17 लाख परिवारों के उपचार हेतु सरकार द्वारा 196.16 करोड़ रूपए व्यय किए गए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हिमकेयर कार्ड की नवीनीकरण अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है। योजना के तहत नए पात्र परिवारों का पंजीकरण अब पूरा वर्ष होता रहेगा। उन्होंने कहा कि गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त गरीब व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त देखभाल के लिए मुख्यमंत्री सहारा योजना के माध्यम से 3 हजार रूपये प्रतिमाह सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डाले जा रहे हैं। उद्योग मंत्री ने कूहना में जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकतम का मौके पर निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में नव शैक्षणिक सत्र 2022-23 का शुभारंभ हवन-यज्ञ के साथ किया गया।आचार्य धर्मपाल की अगुवाई में विद्यालय प्रांगण में हवन कुंड निर्माण कर हवन यज्ञ करवाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर सहित समस्त अध्यापक, एसएमसी सदस्यों व छात्र-छात्राओं ने हवन कुंड में आहुतियां डालीं। सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामयाः की कामना करते हुए भविष्य में कोरोना महामारी विद्यार्थियों की शिक्षा में बाधा न बने, विद्यालय में शिक्षा का वातावरण विद्यार्थियों के अनुकूल बना रहे, परिवार,समाज व देश की सुख समृद्धि व कल्याण एवं कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना के लिए विद्यालय परिवार ने हवन कुंड में अपनी आहुतियां डाली।माता की आरती के साथ हवन यज्ञ का समापन हुआ।इस दौरान सभी के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने बताया कि कोरोना महामारी के संक्रमण के कारण लगभग दो वर्षों से छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन कार्य काफी बाधित रहा। नए सत्र में छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन कार्य सुचारू रूप से की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दुनिया में दोबारा ऐसी कोई भयावह महामारी या आपदा न आए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर, एसएमसी प्रधान नीम चंद ठाकुर, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य केसी शर्मा, रत्न सिंह कंवर, शिव राम वर्मा, उपप्रधान धुंदन मदन लाल शर्मा, कुनिहार बीडीसी के उपाध्यक्ष मनोहर लाल सोनू, एसएमसी सदस्य नरेंद्र हांडा, त्रिलोक ठाकुर, गीता राम, मेहर चंद बट्टू, राजेंद्र ठाकुर, लता, सरिता, ममता, अंबिका, आचार्य धर्मपाल व हवन यज्ञ आचार्य ईश्वर दत्त सहित विद्यालय परिवार मौजूद रहा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ एवं हाडा कुण्डी गौ अभ्यारण्य समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि गौ अभ्यारण्य में चारा प्रबंधन के विषय में गौ सेवा आयोग एवं उपायुक्त सोलन को अवगत करवाया गया है ताकि यहां गौवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध रहे। महेंद्र पाल गुर्जर आज अभ्यारण्य में चारा प्रबंधन के विषय में समिति के सदस्यों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ अभ्यारण्य के माध्यम से बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प हैं। इसके माध्यम से जहां बेसहारा गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। वहीं यहां-वहां एकत्र गौवंश को आश्रय भी मिलता है। उन्होंने कहा कि गौ अभ्यारण्य में गौवंश को चारा प्रदान करने के लिए गौसेवा आयोग से निधि प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि इस निधि को बढ़ाने के लिए गौसेवा आयोग को पत्र प्रेषित किया गया है। इस संबंध में उपायुक्त सोलन से अतिरिक्त धनराशि उपलब्धता करवाने की मांग भी की गई है। उन्होंने समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि गौ अभ्यारण्य में गर्मी के दृष्टिगत गौवंश के लिए पेयजल और चारे की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। हाडा कुंडी गौ अभ्यारण्य समिति के प्रधान राम प्रताप ने इस अवसर पर अवगत करवाया कि तूड़ी के भाव गत वर्ष 600 से 700 रूपए प्रति क्विंटल थे जो कि मार्च, 2022 में 1200 रूपए प्रति क्विंटल तथा मई में 800 प्रति क्विंटल हो गए हैं। दामों में वृद्धि के कारण समिति को आयोग से अधिक सहायता की अपेक्षा है। क्योंकि गौ अभ्यारण्य के संचालन के लिए गौ सेवा आयोग से प्राप्त निधि ही एकमात्र साधन है। उन्होंने आग्रह किया कि गौ अभ्यारण्य समिति को अधिक धनराशि उपलब्ध करवाई जाए। इस अवसर पर वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण करकरा, गौ अभ्यारण्य के सदस्य आरुणि पाठक, देवराज चौधरी, दौलत राम सहित अन्य उपस्थित थे।
अनूप। सुजानपुर तहसील सुजानपुर के 170 के करीब गांवों की भूमि की पैमाइश का कार्य ड्रोन के माध्यम से शुरू हो गया है। पहले दिन तहसीलदार रवि कुमार तथा नायब तहसीलदार रमेश चांदला की अगवाई में पंचायत दाड़ला में शुभारंभ किया गया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों में भी काफी उत्साह देखने को मिला। जिससे कि लोगों को आबादीदे भूमि पर मालिकाना हक मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी भूमि की आबादीदे पर कब्जा करने वाले लोगों को भूमि का मालिकाना हक देने के लिए किए गए प्रस्ताव की मंजूरी के बाद राजस्व विभाग ने अमलीजामा पहनाने को लेकर के ड्रोन के माध्यम से वीरवार शुरुआत कर दी। इससे पूर्व राजस्व विभाग की टीम के कर्मचारियों ने ड्रोन के माध्यम से निशानदेही करने से पहले बाकायदा से आबादी दे कब्जा वाली भूमि को मार्क किया था। ड्रोन के माध्यम से जहां भूमि की हद का सही पता चलेगा। वहीं, कब्जा धारियों को भी मालिकाना हक मिलने में आसानी रहेगी, जिससे कि वे उस भूमि के ऊपर लोन भी ले पाएंगे। तहसील सुजानपुर में ड्रोन के माध्यम से शुरू की गई पैमाइश पर राजस्व विभाग की टीम ने तहसीलदार रवि कुमार तथा नायब तहसीलदार रमेश चंदला की अगवाई में पहले दिन दो पटवार सर्किल का ड्रोन के माध्यम से भूमि पैमाइश की गई, जिनमें पटवार सर्किल दाडला तथा पटवार सर्किल बनाल के 10 गांवाें को शामिल किया गया। नायब तहसीलदार रमेश चांदला ने बताया कि वीरवार से ड्रोन के माध्यम से भूमि की पैमाइश शुरू हो गई है। बाकी पटवार सर्किल में भी यह कार्य करवाया जा रहा है।
नवीन शर्मा । बंजार बंजार में चल रही समस्याओं को लेकर वीरवार को आम आदमा पार्टी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नायब तहसीलदार पृथ्वी चंद्र के माध्यम से अध्यक्ष पूर्ण चंद की अध्यक्षता में ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष पूर्ण चंद ने कहा कि बंजार अस्पताल में कई वर्षों से अल्ट्रासाउंड की मशीन धूल फांक रही है, सरकार ने अभी तक अल्ट्रासाउंड ऑपरेट करने वाले डॉक्टर को नियुक्त नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को अल्ट्रासाउंड करने के लिए बंजार से इधर-उधर जाना पड़ता है, जिसके चलते लोगों को भारी-भरकम धनराशि भी वह करनी पड़ती है, लेकिन यह करोड़ों की मशीन कई वर्षों से धूल फांक रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द अस्पताल बंजार में जो अल्ट्रासाउंड मशीन है, उसके लिए चिकित्सक की नियुक्ति की जाए और इसी के साथ इस ज्ञापन में यह भी दर्शाया गया कि जो उपमंडल बंजार में बेसहारा पशु घूम रहे हैं वह लोगों व किसानों के खेतों में जाकर के फसलों को खा रहे हैं और जिसके चलते लोगों व किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। उन्होंने ज्ञापन में यह भी कहा कि सरकार को जल्द से जल्द इसका हल निकालना चाहिए या जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन किसानों एवं बागवानों के लिए मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी, तो उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह ऐलान किया था कि जल्द से जल्द बेसहारा पशुओं के लिए व्यवस्था की जाएगी और जिसके चलते किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा, परंतु भाजपा सरकार का कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है और अभी तक की हुई घोषणा को पूरा नहीं कर पाए ज्ञापन में यह कहा गया है कि यदि जल्द से जल्द सरकार उक्त ज्ञापन में लिखी हुई मांगों को पूरा नहीं करते हैं, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर लामबंद होने के लिए गुरेज नहीं करेगी। इस मौके पर उनके साथ आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिमला : न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य ने आज यहां हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक भी उपस्थित थे। इस समारोह का आयोजन राजभवन के दरबार हॉल में हुआ। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने शपथ समारोह की कार्यवाही का संचालन किया और न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के संबंध में भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति वारंट पढ़ा। राज्यपाल के सचिव विवेक भाटिया ने शपथ पत्र पर राज्यपाल और माननीय न्यायाधीश के हस्ताक्षर प्राप्त किए। लेडी गवर्नर अनघा आर्लेकर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीएस राणा, जीओसी-इन-सी आरट्रैक लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल, महाधिवक्ता अशोक शर्मा, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौण्डल, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, न्यायालय के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे। न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य का जन्म 22 दिसंबर, 1963 को हिमाचल प्रदेश के मंडी में हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा लेडी इरविन स्कूल शिमला और राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी शिमला से ग्रहण की है। उन्होंने राजकीय डिग्री महाविद्यालय शिमला से स्नातक व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से कानून की डिग्री प्राप्त की। वह वर्ष 1986 में बार काउंसिल ऑफ हिमाचल प्रदेश के साथ एक वकील के रूप में नामित हुए। उन्होंने जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों की कानून की सभी शाखाओं में अभ्यास किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम, नगर निगम शिमला और अन्य विभिन्न बोर्डों, निगमों और समितियों के लिए कानूनी सलाहकार एवं स्थायी अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ-साथ निजी पार्टियों के लिए मध्यस्थता की तथा उन्होंने कई मामलों में प्रशिक्षित मध्यस्थ के रूप में काम किया। वह विभिन्न कानूनी सहायता कार्यक्रमों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी और हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान में अतिथि के रूप में व्याख्यान दिए। उन्हें कई मामलों में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा न्याय मित्र के रूप में नियुक्त किया गया तथा 2015 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित हुए। वह हिमाचल प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए और 26 जून, 2021 को पद ग्रहण किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के जागरूकता वाहन कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में तकनीकी व्यवसायिक और शैक्षिक प्रशिक्षण को मजबूत करने के प्रयासों के लिए कौशल विकास निगम की सराहना की। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा राज्य के युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ गुणवत्तापूर्ण कौशल बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम द्वारा प्रदेश में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास परियोजना के तहत उन्नत कौशल संस्थानों का विकास किया गया है। इनमें 7 ग्रामीण आजीविका केंद्र, 5 शहरी आजीविका केंद्र, 10 मॉडल करियर केंद्र, एक महिला पॉलिटेक्निक, एक उत्कृष्टता केंद्र और एक आईटीआई शामिल है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा राज्य में लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम, ग्रेजुएट ऐड-ऑन, बैचलर ऑफ वेकेशन तथा रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। कौशल रथ के माध्यम से प्रदेश भर में युवाओं को निगम द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों की जानकारी प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर विधायक विनोद कुमार, बलबीर वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पंडा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, कौशल विकास निगम की प्रबंध निदेशक कुमुद सिंह, महाप्रबंधक सुनील ठाकुर व हर्ष अमरिंदर सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। नादाैन हिमाचल प्रदेश के चुनाव सह-प्रभारी व दिल्ली के विधायक अजय दत्त की मौजूदगी में नादौन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत फस्टे का पूरा झड़ूं गांव आम आदमी पार्टी में शामिल हो गया। जानकारी देते हुए अजय दत्त ने बताया कि पूरे गांव ने पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ली तथा आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी का सहयोग कर केजरीवाल की नीतियों को घर-घर पहुंचाने का प्रण लिया। इसमें बड़ी संख्या में मातृ शक्ति, युवाओं ने दिल्ली मॉडल को सराहा तथा हिमाचल में भी इस माडल को लागू करने का प्रण लिया। इस मौके पर शैंकी ठुकराल, मुल्कराज चौधरी, ऋषभ, शिवांश इत्यादि कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दिनांक 4 मई, 2022 को स्कूल संसद के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया।विद्यालय के चारों सदनों ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद के कैप्टन तथा स्कूल कैबिनेट मार्च पास्ट किया। इस कार्यक्रम में कर्नल विक्रमजीत सिंह पनाग ने मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई तथा विद्यालय की प्रबंधन कमेटी के सदस्य सुनील गर्ग, दिनेश गर्ग, चारू बंसल भी उपस्थित थे। शपथ ग्रहण के बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगा-रंग प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना से की गई तत्पश्चात गणेश वंदना, वेस्टर्न डांस, हूला हूप, कराटे तथा योग के द्वारा कार्यक्रम की समाप्ति की गई। मुख्य अतिथि कर्नल पनाग ने कैबिनेट के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि जीवन में हमें अपने माता-पिता, गुरुओं तथा भगवान को हमेशा याद रखना चाहिए।जिनकी वजह से हम इस दुनिया में है तथा जो जीवन के हर समय हमारा पथ प्रदर्शन करते हैं, हमें उनके गुस्से को भी प्यार की तरह ही समझना चाहिए। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती लखविंदर अरोड़ा ने कहा कि जो विद्यार्थी आज कैबिनेट के सदस्य बने हैं वह आगे चलकर देश के लीडर भी बन सकते हैं। उन्होंने उन्हें सदा सही का साथ देने तथा गलत के लिए ना कहने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रबंधन कमेटी द्वारा सभी विद्यार्थियों को फल तथा जूस वितरित किए गए। साजन के मुख्य सदस्य हैड बॉय- धैर्य शर्मा, हैड गर्ल-श्रद्धा शर्मा, अनुशासन प्रीफिक्ट- दीपा नांटा, सांस्कृतिक प्रीफिक्ट- टिया ठाकुर, खेल प्रीफिक्ट- भूमिका सिर्टा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला शिमला नागरिक सभा शिमला शहर में नगर निगम शिमला व सरकार की लचर कार्यप्रणाली व पेयजल व्यवस्था के कुप्रबंधन के कारण पैदा हुए गंभीर पेयजल संकट व पानी के भारी भरकम बिलों को लेकर आज उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया तथा मांग की गई कि शिमला शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त कर शहर के सभी क्षेत्रों में हररोज नियमित पेयजल की आपूर्ति की जाए तथा जिस तरह से सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल माफ करने की घोषणा की है। उसी प्रकार से शिमला शहर व अन्य शहरी क्षेत्र में भी पानी के बिल माफ कर जनता को भारी भरकम पानी के बिलों से राहत प्रदान की जाए। प्रदेश सरकार का इस प्रकार का ग्रामीण व शहरी जनता के बीच भेदभावपूर्ण रवय्या असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक है। इस प्रदर्शन में जगत राम, अनिल ठाकुर, फालमा चौहान, सोनिया, मीना जगमोहन ठाकुर, बालक राम, हिम्मी देवी, किशोरी डटवालिया, विनोद बिसरांटा, पूर्ण, अमित ठाकुर, डॉ विजय कौशल, बंटी, अमित ठाकुर, रुक्सार, श्याम लाल, विवेक कश्यप, अंकित दुबे, राकेश, रमन थारटा, नीतीश, निरूपमा, प्रेम आदि ने भाग लिया। जबसे नगर निगम शिमला व सरकार में बीजेपी सत्तासीन हुई है, सरकार की नीतियों के कारण शिमला शहर में पीने के पानी, सफाई व्यवस्था व अन्य जनसेवाओं की दशा निरन्तर बिगड़ रही है और इनकी दरों में वृद्धि की जा रही है। बीजेपी ने पेयजल की व्यवस्था के निजीकरण के लिए कार्य करते हुए वर्ष 2018 में पेयजल की व्यवस्था के लिए कंपनी बनाकर पीने का पानी की व्यवस्था इसके हाथों में सौंप दी है। जिसके चलते जल आपूर्ति स्कीमों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद शहरवासियों को तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है और कई क्षेत्रों में तो 4-5 दिनों के बाद पानी की आपूर्ति की जा रही है। पूर्व नगर निगम के शिमला शहर की पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के सुधार के लिए किए गए प्रयासों से आज शिमला शहर में प्रतिदिन 38 से लेकर 47 MLD तक पानी की आपूर्ति की जा रही है। पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद शहर में तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो कि बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है। इससे बीजेपी की सरकार व नगर निगम शिमला की लचर व विफल कार्यशैली व पेयजल व्यवस्था के कुप्रबंधन से जनता की परेशानी बढ़ रही है और शिमला शहर में वर्ष 2018 का गंभीर पेयजल संकट भी नगर निगम शिमला व सरकार की लचर कार्यशैली का ही परिणाम रहा है, जिससे शिमला शहर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हुई थी। आगामी नगर निगम व विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा हाल ही में लोकलुभावनी घोषणाएं की गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल मुआफ़ करने की घोषणा भी शामिल है, परंतु शहरी क्षेत्रों में रह रहे लाखों लोगों को पानी के बिलों में छूट नही दी गई है। सरकार की नवउदारवादी नीतियों के कारण पेयजल जैसी जनसेवाओं के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और पानी की दरों में प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया गया है। इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है और पानी के बिलों में गत 5 वर्षों में करीब 65 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई है। इसके चलते शहरी क्षेत्रों में रहने वाली जनता पर इसका व्यापक असर देखा गया है और शिमला शहर में आज अधिकांश लोगों को हजारों व लाखों रुपए के पानी के बिल देकर इन पर सरकार द्वारा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इससे शहरी गरीब व आम जनता को पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। शिमला नागरिक सभा आम जनता से आग्रह करती है कि सरकार व नगर निगम शिमला के द्वारा लागू की जा रही इन आम जनविरोधी नीतियों को पलटने के लिए संघर्ष में शामिल हो।
फर्स्ट वर्डिक्ट । शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज शिमला के मशोबरा स्थित क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (क्रैगनैनो) का दौरा किया। इस अवसर पर लेडी गर्वनर अनघा आर्लेकर भी साथ थीं। राज्यपाल ने सेब की 276 किस्मों, नाशपाती की 79 किस्मों और चेरी की 46 किस्मों वाले सबसे बड़े जर्मप्लाज्म केंद्र पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रयोगशाला से बागीचों तक तकनीक के हस्तांतरण पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सेब की स्थानीय किस्मों को विकसित करने के निर्देश दिए। आर्लेकर ने केंद्र में स्थापित सेब के बागीचे का भी दौरा किया। उन्होंने प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया और संस्थान के समुचित रखरखाव के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने केंद्र में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की भी सराहना की। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा के सह-निदेशक डॉ. दिनेश ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया और केंद्र की शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बागवान दैनिक बागवानी कार्यों के लिए केंद्र की सिफारिशों और अन्य सलाहकार सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीना चौहान और अन्य उपस्थित थे। राज्यपाल ने इससे पहले मशोबरा स्थित नेचर पार्क का भी दौरा किया।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट ग्राम पंचायत सूरजपुर के ग्रामीणों की बैठक प्रधान ओम प्रकाश की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में धरना प्रदर्शन काे लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में जल शक्ति विभाग कार्यालय के घेराव पर चर्चा होनी थी। प्रधान ओम प्रकाश द्वारा जानकारी दी गई कि आज ज़ब लोग जल शक्ति विभाग कि घेराव करने कि तैयारी कर रहे थे, उसी समय विभाग के कर्मचारी व अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित होकर लोगों को अवगत करवाया कि विभाग द्वारा जंहा-जंहा पेयजल कि समस्या है, वहां जल शक्ति विभाग के कर्मचारी आज से ही पेयजल उपलब्ध करवाने का कार्य शुरू कर रहे हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर जल्दी से जल शक्ति विभाग पेयजल कि समस्याओं का निपटारा नहीं करता है, तो 7 दिन बाद जल शक्ति विभाग अर्की के कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर पंचायत के सदस्यों सहित जल शक्ति विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश सरकार परवाणू क्षेत्र में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर परवाणू औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की योजना बना रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सोलन जिला के परवाणू में परवाणू इंडस्ट्रलिस्टस एसोसिएशन (पीआईए) सदन का लोकार्पण करने के उपरांत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को देश का औद्योगिक हब बनाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्यमियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए हर संभव प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि परवाणू राज्य का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ हिमाचल का सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र भी है। उद्यमियों को और अधिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि पीआईए ने समाज कल्याण कार्यों में भी प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन प्रत्येक वर्ष मानव सेवा के लिए लगभग एक हजार यूनिट रक्त एकत्रित करता है। स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। पीआईए के अध्यक्ष सुनील तनेजा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए एसोसिएशन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। सांसद सुरेश कश्यप, दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर और एसोसिएशन के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत परवाणू में लगभग 218 करोड़ की लागत से 20 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने परवाणू में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में जल शक्ति मंडल खोलने, गड़खल में 20 बिस्तरों की क्षमता वाले उपमंडल आयुर्वेदिक अस्पताल, गम्बरपुल (हरिपुर) में पशु औषधालय, भोजनगर में पशु औषधालय तथा परवाणू में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए 50 बिस्तरों वाले अस्पताल धर्मपुर में तीन चिकित्सक, दो पैरा मेडिकल स्टाफ और छह नर्स के पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही ईएसआई अस्पताल परवाणू में चिक्सिकों के 06 पद सृजित किए जाएंगे। जयराम ठाकुर ने कोटिनाम्भ सेरी (नेरीकलां), रान, मेहलन गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने पट्टाबरावरी तथा तिरडो में पटवार वृत्त तथा जाबल जमरोट में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय रौड़ी तथा राजकीय उच्च विद्यालय गनोल को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयाें में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय माध्यमिक विद्यालय करोल, नेरीकलां, दतियार, गुनाई, चामत भड़ेच को राजकीय उच्च विद्यालयों में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने कसौली विधानसभा क्षेत्र के पांच राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में वाणिज्य संकाय की कक्षाएं आरम्भ करने तथा दो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राथा में अटल आदर्श स्कूल भी स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस चौकी भोजनगर को स्थायी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की सुविधा के लिए गांव क्यारड़ को पटवार वृत्त धर्मपुर में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की दो मुद्रिका बसें संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास के बावजूद कांग्रेस के नेता प्रदेश के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने कांग्रेस पार्टी को सिरे से नकार दिया है तथा आज कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह से पराजय का सामना करना पड़ा तथा उत्तर प्रदेश में पार्टी केवल दो सीटों पर ही सिमट कर रह गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब इस वर्ष नवंबर माह में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आप पार्टी के नेता भी प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके झूठे वादों के बहकावे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य भागों के साथ-साथ परवाणू क्षेत्र का भी समग्र विकास सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल हेल्थकेयर योजना (हिमकेयर) के तहत 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। यह योजना प्रदेश के लोगों विशेषकर गरीबों और पिछड़े वर्ग के लोगांे के लिए वरदान साबित हुई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि शगुन योजना के अन्तर्गत बीपीएल परिवारों की बेटियों को शादी के समय 31,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्हांेने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अन्तर्गत राज्य के युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए एक करोड़ रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पात्र वर्गों को इस राशि पर 35 प्रतिशत तक उपदान भी प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले परवाणू के सेक्टर-2 के गेब्रियल सड़क में 75 लाख की लागत सेस निर्मित पीआईए सदन, बरोटीवाला मंधाला-परवाणू सड़क मार्ग के 11.30 करोड़ के चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य तथा लोहांजी में 4.30 करोड़ की लागत से निर्मित प्री-फेब्रिरीकेटिड क्षेत्रीय कुष्ठ अस्पताल का लोकार्पण किया। उन्होंने परवाणू में ईएसआई अस्पताल के लिए 55 लाख की लागत से निर्मित ऑक्सीजन संयंत्र, तहसील सोलन की ग्राम पंचायत नेरीकलां और इसके साथ लगते गांवों के लिए 1.27 करोड़ की लागत से निर्मित उठाऊ जलापूर्ति योजना स्योथ-कमलोग के संवर्द्धन कार्य तथा बड़ोग में 48 लाख की लागत से निर्मित ‘इन्सपेक्शन हट’ के अतिरिक्त आवास का लोकार्पण किया। उन्हांेने धर्मपुर में सहायक राज्य आबकारी एवं कराधान कार्यालय के लिए 56 लाख से निर्मित कार्यालय भवन एवं टाइप-2 क्वार्टर तथा तहसील कसौली में पुलिस चौकी गड़खल में 84 लाख रुपए की लागत से निर्मित टाइप-2 क्वार्टर और 21.70 करोड़ की लागत से निर्मित होटल न्यू रोस कॉमन कसौली का लोकार्पण किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने अपने गृह क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने कोविड महामारी की स्थिति का सफलतापूर्वक सामना किया है और हिमाचल प्रदेश इस महामारी की रोकथाम तथा कोविड टीकाकरण अभियान में देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श के रूप में उभरा है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा डॉ. डेजी ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें पिछले चार वर्षों के दौरान विधानसभा क्षेत्र में चलाए गए विभिन्न विकासात्मक कार्यों के संबंध में जानकारी दी। दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर, कालका की पूर्व विधायक लतिका शर्मा, एपीएमसी के अध्यक्ष संजीव कश्यप, जल प्रबन्धन बोर्ड के अध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. राजेश कश्यप, भाजपा मण्डलाध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, उपायुक्त कृतिका कुल्हरी सहित अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा विश्व रेडक्रास दिवस के उपलक्ष्य पर आठ मई को कांगड़ा के गुप्त गंगा के यात्री सदन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि रक्तदान एक महादान है तथा इसमें सभी को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी मानवता की सेवा को लेकर विभिन्न प्रकल्पों का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी के माध्यम से उपमंडल स्तर पर निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी के माध्यम से निर्धन तथा जरूरतमंदों की मदद भी की जाती है।
समर नेगी। रिकांपिओ जिला किन्नौर सांगला-छितकुल संपर्क सड़क मार्ग जो कि शुशांग के पास मंगलवार शाम को पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानों के गिरने से पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था, जिसे बुधवार को 24 घंटे बाद बहाल हो गया है, जिससे सड़क मार्ग के दोनों तरफ फंसे दर्जनों स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने राहत की सांस ली है। जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम शुशांग के पास सांगला -छितकुल सम्पर्क सड़क मार्ग पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानों के गिरने से पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था, जिससे सांगला से छितुकुल की ओर छोटे व बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई थी तथा मार्ग के दोनों तरफ पर्यटकों व स्थानीय लोगों के दर्जनों वाहन फंसे हुए थे। मार्ग के अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग सांगला द्वारा मार्ग को बहाल करने में युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया गया, परंतु सड़क मार्ग पर पहाड़ी से भारी भरकम चटाने गिरी हुई है, जिससे मार्ग को बहाल करने में समय लगा है। वहीं, मंगलवार दोपहर बाद जिला में मौसम ने करवट बदल ली व दोपहर बाद देर शाम तक निचले क्षेत्रो में तूफान के साथ बारिश का दौर जारी रहा, जबकि पूह ब्लॉक में आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इसके साथ निचार व कल्पा खंड में लगभग तीन-चार घंटे तक बारिश का दौर जारी रहा। जिला में मौसम खराब होने से किन्नौर की पहाड़ियों पर भी ताजा हिमपात हुआ, जिससे तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसान-बागवानों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को भी आसमान पर काले बादल छाए रहे तथा हल्की बारिश भी होती रही। वहीं, लोक निर्माण विभाग सांगला के एसडीओ राकेश ने बताया कि शुशांग के पास अवरुद्ध सड़क मार्ग को बहाल कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क मार्ग पर पहाड़ी से भारी भरकम चट्टाने गिरी हुई थीं, जिनको हटाने के लिए ब्लास्टिंग भी की गई तथा मौसम के खराब होने से मार्ग को बहाल करने में अधिक समय लग गया।
प्रतिमा राणा। पालमपुर पालमपुर उपमंडल में बुधवार को विश्व रैड क्रॉस दिवस के अयोजन को लेकर बैठक की अध्यक्षता एसडीएम पालमपुर अमित गुलेरिया ने की। एसडीएम पालमपुर ने बताया कि विश्व रेडक्रॉस के उपलक्ष्य पर उपमंडल पालमपुर रैड क्रॉस कमेटी द्वारा सिविल हॉस्पिटल पालमपुर में 8 मई को सुबह 11:00 बजे रक्त दान शिविर का आयोजन समाजसेवी संस्थाओ के सहयोग से किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि बढ़-चढ़कर महादान के कुंभ में बहुमूल्य योगदान दें। बैठक में चिकित्सा अधीक्षक विनय महाजन, सुदर्शन वासुदेवा, शांति शर्मा, प्रबीण शर्मा, राजीव जमबाल, साहिल चित्रा, संजीव बाघला, मुनीश कुमार, कमल सूद, मनोज रतन, सर्वेश अरोड़ा, संत कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी, समाज सेवी व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महिलाओं के लिए एचआरटीसी बसों में यात्रा करने पर 50 प्रतिशत की छूट से मिलेगा महिलाओं को लगभग 60 करोड़ का लाभ फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सिरमौर, राज्यसभा सांसद और एचपीयू के पूर्व कुलपति डॉ सिकंदर कुमार ने पोंटा में भाजपा की विभिन्न सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा फूट डालो और राज करो की नीति का पालन किया है, लेकिन लोगों को अब एहसास हो गया है कि कांग्रेस ने हमेशा उन्हें गुमराह किया है और सिरमौर के विकास की गति को धीमा किया है। केवल भाजपा ही इस क्षेत्र के विकास को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयास से ही बाबा साहब अंबेडकर से जुड़े स्थलों को 'पंच तीर्थ' के रूप में विकसित करने में सफलता मिल रही है। प्रधानमंत्री कई मौकों पर इन जगहों का दौरा कर चुके हैं। अंबेडकर की की जन्मस्थली महू या महाराष्ट्र में इंदु मिल की जमीन खरीदने की पहल 'चैतन्य भूमि' पर स्मारक विकसित करने, नागपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दीक्षांत समारोह स्थल विकसित करने या बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण स्थल पर स्मारक बनाने की पहल दिल्ली और 15 जनपथ पर। सरकार 'पंच तीर्थ' को विकसित करने के लिए समर्पित है। यह भाजपा थी जिसने अम्बेडकर को उनको लंबे समय के बाद भारत रत्न दिया, कांग्रेस ने हमेशा समाज में अम्बेडकर को वंचित किया। केंद्र की भाजपा सरकार ने लोकसभा में भीम राव अंबेडकर की तस्वीर लगाई है, जबकि कांग्रेस ने कभी इसका समर्थन नहीं किया। हमारी जयराम सरकार ने भी अनुसूचित जाति के लाभ के लिए बहुत सारी योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हैं जिन्होंने महिलाओं के लिए एचआरटीसी बसों में यात्रा करने पर 50 प्रतिशत छूट की घोषणा की है। इससे महिलाओं को लगभग 60 करोड़ रुपये का लाभ होगा, 125 यूनिट तक के सभी उपभोक्ताओं को पहली जुलाई से शून्य बिल मिलेगा और उनसे बिजली बिल नहीं वसूला जाएगा। इस निर्णय से लगभग 11.5 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा और सरकारी खजाने पर लगभग 250 करोड़ खर्च होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी परिवारों से पानी का बिल नहीं लिया जाएगा और इससे हमारे सभी ग्रामीण परिवारों को 30 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलेगा। नागरिकों के हित में काम करती है बीजेपी राज्य सरकार ने राज्य के लोगों की शिकायतों को उनके दरवाजे पर निवारण के लिए जन मंच की मेजबानी करने की अनूठी पहल की है। अब तक 261 स्थानों पर 26 जन मंच का आयोजन किया जा चुका है और प्राप्त 55,565 शिकायतों में से नब्बे प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। 'मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100' की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी कोने से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है और एक निर्धारित समय अवधि के भीतर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता है। इस हेल्पलाइन नंबर पर अब तक लगभग 3.55 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 3.41 लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जिसकी वर्तमान में साक्षरता दर लगभग 90 प्रतिशत है और राज्य सरकार अपने बजट का 16 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र को दे रही है। हमारी शिक्षा का स्तर दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने विधानसभा पोंटा में बूथ 85 दिघाली के लिए 5 लाख की घोषणा भी की, जहां उन्होंने एक कार्यकर्ता बैठक में भाग लिया।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी चुनाव सिर पर आते ही बीजेपी फिर जनता से जनादेश ठगने के मनसूबे बनाने लगी है। यह बात ज्वालामुखी के पूर्व विधायक एवम प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता संजय रत्न ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के आम नागरिकों के लिए मौजूदा स्थिति में महंगाई सबसे बड़ा व अहम मुद्दा है, लेकिन बीजेपी इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए कोरी घोषणाओं में लगी है। संजय रत्न ने कहा कि इस वक्त बीजेपी से सरकार होने के नाते जो जनता चाह रही है, उस महंगाई को नजरअंदाज करते हुए बीजेपी उन घोषणाओं में लगी है, जिसकी जनता ने कभी मांग ही नहीं की। यानी जनता जो मांग रही है, उस पर सरकार कोई बात नहीं सुनना चाह रही है, लेकिन जनता का इन घोषणाओं से कोई मकसद व मतलब नहीं है, उन बिन मांगी घोषणाओं को करके बीजेपी लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। आसमान छूती महंगाई के दौर में गृहणियों को रसोई चलाना मुश्किल हो गई है, जो लोग रोज कमाते हैं रोज खाते हैं उनकी रसोई में फाकाकशी की नौबत आ गई है, लेकिन बीजेपी महंगाई कम करने की बजाय किसी न किसी बहाने महंगाई को लगातार बढ़ा रही है। संजय रत्न ने कहा कि बेतहाशा महंगे हुए डीजल-पेट्रोल के कारण हर चीज के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुके हैं। आलम यह है कि अब तो बाजार में काफी चीजें ऐसी भी हैं, जिनका किराया उन चीजों की कीमत से दोगुना हो चुका है। ऐेसे में महंगाई बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन जिस सरकार की महंगाई को कम करने की जवाबदेही व जिम्मेदारी है, वह उन घोषणाओं में लगी है, जिनकी जनता ने कभी मांग ही नहीं की है। संजय रत्न ने कहा कि वोट ठगने की राजनीति में माहिर बीजेपी का सारा फोक्स महज किसी न किसी ढंग से वोट ठगने में फोक्स है, जबकि सरकार की जो जिम्मेदारियां होती हैं, उनसे बीजेपी लगातार बचती आ रही है। जनता क्या चाह रही है इनको इस बात से कोई मतलब नहीं है। यह तो सिर्फ मन की बात सुनाने व मन मुताबिक घोषणाएं करके जनता को गुमराह करने के प्रपंच रचने में लगी है। संजय रत्न ने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट और साबित हो चुका है कि या तो सरकार के वीजन में कमी है या सरकार देश में पूंजीवाद को स्थापित करना चाह रही है। प्रदेश कैसे आगे बढ़े, देश कैसे मजबूत हो, कैसे नागरिकों को महंगाई की मार से राहत मिले इन मुद्दों पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। संजय रत्न ने कहा कि अगर बीजेपी को गलती देकर एक मौका और मिलता है, तो देश श्रीलंका की तरह कंगाली के दौर में जा सकता है।
विनायक ठाकुर । ज्वालामुखी विश्वविख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी संजय दत्त ने मां ज्वाला देवी की पवित्र ज्योतियों के दर्शन कर व मां ज्वाला देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर उनके साथ स्थानीय पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संजय रतन, नगर परिषद ज्वालामुखी के अध्यक्ष धर्मेंद शर्मा उर्फ बंटू, ब्लॉक कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष निर्मला राणा, ब्लॉक कांग्रेस ज्वालामुखी के अध्यक्ष कैप्टन दीपक चौहान व कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विनायक ठाकुर।ज्वालामुखी विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के शुभ और पावन मौके पर मां के भक्तों ने मां ज्वालामुखी के दरबार में अक्षय तृतीया पर एक किलो 750 ग्राम शुद्ध सोने के चरण और आभूषण मां ज्वालामुखी के दरबार में गुप्त दान के रुप में अर्पित किए और आज दूसरे दिन बुधवार को एक अन्य मां के भक्तों ने भी गुप्त दान के रुप में 375 ग्राम शुद्ध सोने के आभूषण मां ज्वालामुखी के चरणों में अर्पित किए। इस तरह से लगातार दो दिन मां ज्वालामुखी के दरबार में मां के भक्तों ने खूब सोना चढ़ाया गया है। इस संदर्भ में एसीएफ ज्वालामुखी मंदिर राजेंद्र कुमार से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग भक्त थे, जिन्होंने अपना नाम गुप्त रखते हुए गुप्त दान के रुप में यह सौगात मां ज्वालामुखी के दरबार में भेंट की है और अपना नाम गुप्त रखने के लिए कहा है। मां ज्वालामुखी के दरबार में शहंशाह अकबर ने भी सवा मन सोने का छत्र चढ़ाया था और आज भी मां के ऐसे कई अनन्य भक्त हैं, जो मां के दरबार में ऐसी सेवाएं करते हैं। उन्होंने कहा कि मां के चरणों को मुख्य मंदिर के गर्भ गृह में लगा दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को देखने के लिए एक आकर्षक चीज उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि 1 किलो शुद्ध सोने के चरण को लगाने के लिए भक्तों ने 553 ग्राम चांदी भी उन चरणों के बेस में लगाई है, ताकि चरणों की पकड़ हो सके और सुरक्षित तरीके से इन्हें सेट किए जा सके। मुख्य मंदिर के गर्भ गृह में लगाए गए इन चरणों को श्रद्धालु मुख्य मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के दौरान ही दर्शन कर सकते हैं और यहां पर माथा टेक सकते हैं। चरणों की सुरक्षा के लिए मंदिर न्यास शीघ्र ही कोई व्यवस्था अलग तरीके से करने जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की कोई सुरक्षा की अनहोनी न हो सके आभूषणों को माता के शयनकक्ष में शयन आरती के दौरान शामिल किया जाएगा।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट हरिजन कल्याण समिति मलावन के ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता गोपाल चौधरी को मिले। इस दौरान गांव मलावन के ग्रामीणों ने गांव में हो रही पानी की समस्या से उन्हें अवगत करवाया। इस माैके पर जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने लोगों को हो रही समस्याओं को सुनकर पानी की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर जल विभाग के फिटर नंदलाल, कीमेन भक्त राम, महिला मंडल प्रधान कमला देवी, पंचायत सदस्य उर्मिला, हरिजन कल्याण समिति के पूर्व प्रधान संतराम, हरिजन कल्याण समिति के प्रधान चुन्नीलाल बंसल व दिलीप कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट डवारु वाले मंढोड़ देवता मंदिर के कारिंदो ने ऋषि मार्कण्डेय (बिलासपुर) में जात्रा की समाप्ति के बाद मार्कण्ड तीर्थ स्थल पर स्नान किया। कारिंदों ने पारंपरिक विधि-विधान व वाद्य यंत्रों की मंगल धुनों के साथ यह देव रस्म पूरी की। इस अवसर पर देवता के साथ हारियानों ने भी आस्था की डुबकी लगाई।दोपहर बाद जब स्नान की परंपरा निभाई गई, तो इसके बाद देवता अपने मूल स्थान पर वापिस लौट गए। जानकारी देते हुए मंदिर पुजारी बाबू राम शर्मा ने बताया कि स्थानीय लोगों के घरों में हो रही जात्रा के संपन्न होने पर हर वर्ष देवता मंढोड़ डवारु मार्कण्ड (बिलासपुर) में स्नान करने के पश्चात मंढोड़ देवता मंदिर डवारु मार्कण्ड तीर्थ स्थल पर स्नान करने के बाद भक्तों को आशीर्वाद देते हुए अपने मूल स्थान की ओर प्रस्थान हुए। इस मौके पर पुजारी बाबू राम शर्मा, सुरेश ठाकुर, मदन शर्मा, रोशन लाल शर्मा, पंकज, हरीश कुमार व देशराज सहित अन्य मौजूद रहे।
ठंडा पाणी कियां करी पीणा हो, तेरे नौणा (पनिहारा) हेरी-हेरी जीणा हो हिमाचल प्रदेश में मनाए जाने वाले मेलों का अपना अलग ही स्थान है। यहां के मेलों का सम्बंध अक्सर मिथकों या तथ्यों से जुड़ा है। ऐसा ही एक मेला चम्बा के स्थानीय लोगों द्वारा मनाया जाने वाला सूही का मेला है। यह मेला उस देवी की याद दिलाता है जिसने अपनी प्रजा को पानी उपलब्ध कराने के लिए अपना बलिदान दे दिया था। कर्तव्य के प्रति इतने महान बलिदान का उदाहरण संसार में शायद ही कहीं अन्य दिखाई दे। उस रानी के बलिदान की याद को हृदय से लगाए रखा चम्बा की प्रजा ने और इसकी परिणति मेले में कर दी। ताकि आने वाली पीढिय़ां इस बात को याद रखें कि उनके पूर्वजों को पानी मुहैया करने की खातिर चम्बा की रानी ने प्रजा के प्रति अपने फर्ज के लिये बलिदान दे दिया था। मेले का आरम्भ लगभग एक हजार वर्ष पूर्व हुआ था, जब राजा साहिल बर्मन द्वारा चम्बा नगर की स्थापना की गई थी। इससे पूर्व समस्त चम्बा क्षेत्र की राजधानी ब्रह्मपुर (भरमौर) हुआ करती थी। राजा साहिल बर्मन ने अपनी बेटी चम्पा के आग्रह पर चम्बा को अपनी राजधानी बनाया। इससे पूर्व चम्बा में ब्राह्मण समुदाय के कुछ टोले रहा करते थे। चम्बा तो बस गया पर प्रजा की तकलीफें बढ़ गईं। मुख्य कठिनाई थी पानी की। लोगों को रावी दरिया से पानी लाना पड़ता था। राजा प्रतिदिन लोगों को मीलों दूर से पानी ढोते देखता और दुखी रहता। पर उस समस्या का हल शीघ्र ही ढूंढ निकाला गया। शहर से कुछ दूरी पर सरोथा नाले से नहर बनाकर चम्बा के लोगों को पानी उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान जल्दी ही क्रियान्वित हो गया। परन्तु नहर के माध्यम से पानी चम्बा तक नहीं पहुंच पाया। जमीन समतल होने पर भी पानी आगे नहीं जाता था। राजा के दुखों का पारावार न रहा। इसी उधेड़बुन में कि कैसे पानी उपलब्ध हो, कैसे प्रजा को सुख पहुंचे, वह लगा रहता। राजा को स्वप्न में दैवीय आदेश मिला की राजपरिवार से बलि दी जाए तो पानी आ सकता है। इस बात की आम चर्चा हो गई। बात जब रानी के कानों पहुंची तो उसने अपनी प्रजा के लिए अपना बलिदान देना सहर्ष स्वीकार कर लिया। लोगों की रानी के प्रति श्रद्धा का सबूत यह गाना है जो आज भी प्रचलित है 'ठंडा पाणी कियां करी पीणा हो, तेरे नौणा (पनिहारा) हेरी-हेरी जीणा हो।' बलिदान को जाते समय रानी ने लाल वस्त्र पहने थे। लाल रंग को स्थानीय बोली में सूहा भी कहा जाता है। इसी कारण रानी सुनयना का नाम सूही पड़ गया। पर कुछ लोग सूही सुनयना का बिगड़ा रूप मानते हैं। रानी के बलिदान के बाद राजा बहुत परेशान रहने लगा। रानी की याद उसे पागल किए रहती। एक रात राजा को सपने में रानी दिखाई दी। उसने राजा को दुखी न होने की बात कही और सांत्वना देते कहा कि वह प्रतिवर्ष चैत्र माह में उसके (रानी के) नाम एक मेले का आयोजन करे जिसमें गद्दी जाति की औरतों को अच्छा-अच्छा खाना खिलाए। इन्हीं गद्दणों में मैं (रानी) भी हूंगी। यदि राजा पहचान सकता है तो पहचान ले। राजा ने चैत्र माह मेले का आयोजन किया और गद्दणों को खूब सारा बढिय़ा खाना खिलाया। पता नहीं राजा को रानी के दर्शन हुए या नहीं पर तब से आज तक यह मेला प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है। शायद संसार का ये एकमात्र मेला है जो 'औरतों का मेला' नाम से प्रसिद्ध है। समय के साथ इसके मनाए जाने के ढंग में भारी परिवर्तन हुए हैं। आजादी से पहले प्रतिवर्ष प्रथम चैत्र से इस मेले का आरम्भ होता था। प्रथम चैत्र से 14 चैत्र तक फलातरे री घुरेई मनाई जाती थी। इन दिनों शहना और बाईदार (शहनाई और ढोल नगाड़े बजाने वाले) सपड़ी टाले से पक्का टाला तक शहनाई व ढोल बजाते जाते थे। इन्हीं चौदह दिनों तक धड़ोग मुहल्ला की औरतें, चम्बा शहर के शीर्ष में स्थित भगवती चामुंडा के मंदिर से फूल चुनती हुई घुरेई डालती सपड़ी मुहल्ले तक आती। 15 चैत्र से माता सूही के मंदिर में घुरेइयों का आयोजन आरम्भ होता। सूही का यह मंदिर उस जगह स्थित है जहां रानी सुनयना को बलिदान जाते समय पांव में ठोकर लगी थी और अंगूठे से खून बहने लगा था। जिस पत्थर से ठोकर लगी थी वह आज भी मां सूही के रूप में पूज्य है। 15 चैत्र से 20 चैत्र तक सफाई करने वाली औरतें (मेहतरानियां) सूही मां के मंदिर की निचली सीढिय़ों की सफाई भी करती थीं और घुरेई भी डालती हुई नीचे मढ (नौण, पनिहारा) तक जाती। इसके पश्चात घुरेई डालने की बारी आती थी कन्याओं की। 21 चैत्र से 25 चैत्र तक पहले इन्हीं दिनों औरतों की घुरेई भी हुआ करती थी। लड़कियां 'भाइयो नूरपुरे दे शैर, बागे अम्बी पक्की हो' या इसी तरह की कई अन्य घुरेईयां गाया करती थीं। मेले के अंतिम दिन, 26 चैत्र से 30 चैत्र तक 'राजे री सुकरात' के नाम से जाने जाते हैं। इन दिनों बाहर की संभ्रांत औरतें तथा राजकुमारियां सूही के मढ़ में आती हैं। महीने का अंतिम दिन सकरात के रूप में मनाया जाता था और यही मेले का मुख्य आकर्षण हुआ करता था। राजा तथा राजघराने के अन्य लोग और शहर के गणमान्य लोग इस दिन सूही माता के मंदिर से पूजा के बाद मां की मूर्ति के साथ 'सुकरात कुडिय़ो चिडिय़ों, सुकरात लच्छमी नरैणा हो। ठण्डा पाणी किआं करी पिणा हो, तेरे नैणा हेरी-हेरी जीणा हो..' गाते हुए राजमहल की जनानी री प्रौली (औरतों का दरवाजा) तक आते हैं। यहां मां की मूर्ति वापिस लाकर रख दी जाती है। मेले के अंतिम दिनों में गद्दी महिलाओं को भोजन कराने का विशेष प्रबंध किया जाता। बदलते परिवेश में मात्र एक सप्ताह तक सूही मेले का आयोजन हो रहा है। कन्याएं घुरेई डालने में अपनी बेइज्जती समझने लगी हैं। सभ्रांत महिलाएं इस मेले में हिस्सा लेना अपनी शान के विरुद्ध मानती हैं। राजघराने का कोई सदस्य देखने को नहीं मिलता। जो सीढिय़ां अठारहवीं सदी के अन्त में चम्बा के राजा जीत सिंह की रानी शारदा ने अपनी पूर्वज पूज्य देवी सूही की याद में बनवाई थी वह आज जर्जर अवस्था में देखी जा सकती है। सूही मढ़ में जहां शहर की औरतें बैठती व घुरेई डालती थीं वह किन्हीं अज्ञात कारणों से बंद कर दिया गया है। मालूणा जहां मां सूही ने बलिदान दिया था कि प्रजा को पानी मिल सके और आज भी वहीं से पानी का अधिकतर वितरण होता है देखने से रोना आता है।
हिमाचल का किन्नौर जिला अपनी परंपराओं, मदिरा प्रेम, संस्कृति, त्योहारों व बौद्ध मठों के लिए प्रसिद्ध है। किन्नौर के गोल्डन सेब,सूखे मेवे व हरी टोपी सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में प्रसिद्ध है। यूँ तो किन्नौर में पर्यटकों की आमद बहुत कम है लेकिन ऐसा कहा जाता है की हिमाचल की असल संस्कृति, खूबसूरती और अविश्वसनीय नज़ारों की झलक सिर्फ किन्नौर में ही मिल सकती है। किन्नौर का ऐतिहासिक दस्तावेज कहता है कि उसका अस्तित्त्व राजाओं के ज़माने से है। एक-एक करके किन्नौर में शुंग, नंद और मौर्य वंश का शासन हुआ। हिमाचल की ही किराट, कंबुज, पानसिका और वल्हिका जातियों की मदद से मौर्य वंश ने शासन जमाया। उसके बाद अशोक ने अपनी विजय पताका के झंडे गाड़े। बाद में आने वाले कनिष्क ने इसे और आगे बढ़ाया। उत्तर में कश्मीर और एशिया के दूसरे छोरों तक पहुँच बनाई। कुल मिलाकर दुनिया के कुछ गिने चुने नामी राजाओं, जिन्होंने पूरी दुनिया पर राज करने की कोशिश की, उनके विशाल साम्राज्य के एक छोटे हिस्से के तौर पर किन्नौर की पहचान रही। 1947 को जब भारत आज़ाद हुआ, तब भी महासु तहसील का एक छोटा सा हिस्सा किन्नौर था, जिसे अपनी पहचान 1960 में एक अलग ज़िले के रूप में मिली। रिकांगपिओ इस जिले का मुख्यालय है। किन्नौर के दो भाग हैं। लोअर व अप्पर किन्नौर। पूह से आगे का क्षेत्र अप्पर किन्नौर कहलाता है। ऊपरी व निचले किन्नौर की संस्कृति अलग है। अपर किन्नौर की महिलाएं दोहडू परिधान नहीं पहनतीं, वहां पर खो नामक वस्त्र कमीज के स्थान पर पहना जाता है। सिर पर एक कपड़ा बांधा जाता है जिसे फैटक कहा जाता है। यह वस्त्र वधू को शृंगार करते वक्त बांधा जाता है। गले में एक सौ मूंगों का हार पहना जाता है। हाथ में कंगन की जगह चांदी के 40-40 तोले भार के मोटे कंगन होते हैं जिन पर ड्रैगन या शेर मुख बना होता है। कान में एक तोले सोने का झुमका होता है। लोअर किन्नौर की महिलाएं यूचूरु नाम की माला पहनती हैं। लोअर किन्नौर में विशेष टोपी महिलाएं पहनती हैं जिसे टपंग कहते हैं। किन्नौरी विवाह : विवाह के अवसर पर जब दूल्हा वधू के पक्ष घर आता है तो महिलाएं विशेष आभूषण एवं वस्त्र पहनकर उनका स्वागत करती हैं तथा दोनों पक्षों के बुजुर्गों द्वारा लोकगीत गाने की प्रतिस्पर्धा होती है। फिर वर पक्ष के लोग हार मान लेते हैं तथा बारात आगे चौखट पर बढ़ती है। जहां वधू की सहेलियां व परिवार की महिलाएं फूलमाला द्वारा उनका रास्ता रोककर वर पक्ष से पैसे व उपहार मांगती हैं। फिर बारात को एक कमरे में अंदर बंद कर दिया जाता है तथा दोबारा बारात से पैसे ऐंठे जाते हैं। इसके बाद नृत्य, गायन तथा मदिरा का दौर चलता है। बाराती मफलर, कोट तथा दूल्हा लंबा वस्त्र पहनकर आता है जिसे खो कहते हैं। जब बारात वापस लौटने को होती है तब वधू की सहेलियां वधू के पांव सफेद कपड़े से बांध कर उसे रोकती हैं। फिर से बाराती उन्हें रुपये देकर उस वस्त्र को खुलवाकर उनसे वधू को ले जाने की अनुमति मांगते हैं। तीनों रस्मों में ली गई राशि एवं उपहार राशि जो रिश्तेदार और गांव के लोग देते हैं, सब वधू को विदाई के समय दे दी जाती है। शादी के दौरान एक लिखित समझौता होता है जिसमें शादी टूटने पर या वधू को तंग करने पर वर पक्ष को इज्जत राशि देनी पड़ती है तथा विवाह में दिये गये उपहार लौटाने का समझौता होता है। इसे बंदोबस्त कहते हैं। रास्ते में वापस लौटते समय यदि कोई मंदिर हो तो बारात द्वारा वहां पूजा भी की जाती है। दलोज प्रथा में लड़की वापस मायके आती है जिसमें वर के 10 लोग होते हैं। इसके बाद जब वधू वापस ससुराल जाती है तो मायके से 10 लोग फिर उसको छोडऩे जाते हैं। विवाह की रस्में मुख्य लामा द्वारा अदा की जाती हैं। फुलाइच और लोसर : हर साल सितंबर के महीने में हिमाचल प्रदेश के किन्नौर क्षेत्र में फूलों का त्योहार मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं और हिमाचल प्रदेश के लोगों, जगहों, खानपान और संस्कृति को इस मेले के ज़रिए जानने का सबसे यह सही समय है। इसके अलावा किन्नौर क्षेत्र घूमने का भी सबसे बेहतर महीना सितंबर का ही है। फुलैच के दौरान ऊंची पहाड़ी से गांव में 3-4 व्यक्ति फूल लाते हैं एवं देवता को चढ़ाते हैं। फिर मंदिर परिसर में नृत्य होता है। किन्नौर का दूसरा प्रसिद्ध त्योहार लोसर है जो दिसंबर में मनाया जाता है जिसमें रिश्तेदारों को उपहार दिये जाते हैं और मंगलमय नए वर्ष की कामना की जाती है। कुछ लड़कियां नहीं करती हैं शादी किन्नौर में कुछ लड़कियां शादी नहीं करती हैं जिन्हें जाम्मो कहते हैं और वे बौद्ध मंदिरों में अपना जीवन व्यतीत करती हैं। ये लंबा भूरा चोगा पहनती है। किन्नौर की महिलाएं गले में त्रिमणी पहनती हैं, जिसमें तीन सोने के गोलाकार मणके काले धागे में पिरोकर पहने जाते हैं। 25 फरवरी को किन्नौर के चांगो गांव में शेबो मेला मनाया जाता है जिसमें तीरअंदाजी होती है। चांगो में छ: बौद्ध मंदिर हैं जिनमें छाप्पा देवता एवं पदम संभव की मूर्तियां तथा प्राचीन पुस्तकें हैं। किन्नौर के शाल भी बहुत प्रसिद्ध हैं जिन्हें पूह तथा चांगो की महिलाएं बनाती हैं। इस प्रकार से किन्नौर की अनूठी संस्कृति है जो इसे एक नया रूप देती है। यहां के लोगों की बोली भी बहुत भिन्न है। लोअर किन्नौर के कोठी गांव में चंडिका देवी की मान्यता है। निचार में उषा देवी का मंदिर है। चितकुल में चितकुल देवी है तथा मैम्बर गांव में महेश्वर की पूजा होती है। चंडिका देवी को मदिरा का प्रसाद चढ़ता है। यह मंदिर पियो के निकट है। छोटी शादी : किन्नौर में प्रेम-विवाह को छोटी शादी कहते हैं। कुछ वर्ष बाद जब युग्लक बच्चे हो जाते है, तब पारंपरिक विवाह किया जाता है जिसे बड़ी शादी कहते हैं।
बांका हिमाचल : यह रुमाल नहीं कमाल है चंबा रुमाल का नाम अचानक सुने तो लगता है कि यह महज़ एक आम सा रुमाल होगा, लेकिन चंबा रुमाल सही मायनों में कमाल है। यह कोई मामूली रुमाल नहीं बल्कि विश्व विख्यात व कढ़ाई हस्तशिल्प से निर्मित और बेहद ख़ूबसूरत रुमाल है। अनूठी हस्तकला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध चंबा रूमाल किसी पहचान का मोहताज नहीं है। चम्बा रुमाल की हस्तकला का बोलबाला रियासतकाल से चल रहा है। वैसे तो हिमाचल प्रदेश में कला की कई तकनीक हैं जो यहां की समृद्ध शैली की परिचायक हैं, लेकिन चंबा रुमाल ने हिमाचल प्रदेश को विश्व भर में एक अलग ही पहचान दिलाई है। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में भी चंबा रूमाल की बड़ी बिक्री होती है। चंबा रूमाल की ख़ास बात ये है कि इसे रेशम व सूती कपड़े पर कढ़ाई कर इसे तैयार किया जाता है। ये रुमाल कितना ख़ास है आप इस बात से समझ सकते है कि इस रूमाल को बनाने में एक सप्ताह से दो महीने का समय लग जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में चम्बा रुमाल खरीदना आसान नहीं होता है। इसे चंबा आकर खरीदना या फिर मंगवाना पड़ता है। चंबा के संपन्न परिवार बेटी की शादी में विदाई के समय इस रूमाल का प्रयोग करते हैं। वर्तमान में ही नहीं बल्कि ब्रिटिश काल में भी अधिकारियों व पड़ोसी रियासतों के राजाओं को रूमाल उपहार के रूप में दिया जाता था। इतना ही नहीं जर्मन व इंग्लैंड संग्रहालयों में भी चंबा रूमाल मौजूद है।1965 में चम्बा रूमाल बनाने वाली कारीगर महेश्वरी देवी को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया और अब ऐसे कलाकारों की कमी नहीं, जो कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार करते हैं। 'नीडल पेंटिंग’ के नाम से भी जाना जाता है चम्बा रुमाल पहाड़ी लघु चित्र और भित्ति चित्रों को अगर कपड़े पर सूई के माध्यम से बहुत ही बारीकी से कढ़ाई करके उकेरा जाए तो वह कपड़ा किसी कलात्मक तस्वीर से कम नहीं लगता है। इसका सही मायनों में उदहारण चंबा का रुमाल है। प्रसिद्ध चम्बा के रुमाल को ‘नीडल पेंटिंग’ के नाम से भी जाना जाता है। चंबा रुमाल रेशम एवं सूती कपड़े पर दोनों ओर समान कढ़ाई कर तैयार किया जाता है। विशेष तौर पर कढ़ाई का काम औरतें करती हैं और यह कला आमतौर पर रुमाल, टोपी, हाथ के पंखे, चोली आदि पर भी की जाती है। हर किसी के बस की बात नहीं इस रखना चम्बा रुमाल पर की गई कढ़ाई को चंबा साम्राज्य के पूर्व शासकों के संरक्षण में पनपने का मौका मिला था। यह अपनी अद्भुत कला और शानदार कशीदाकारी के कारण निरंतर प्रसिद्धि की नई इबारत लिखता रहा है। चंबा का रुमाल वास्तव में कोई जेब में रखने वाला रुमाल नहीं है, बल्कि कढ़ाईदार "वॉल पेटिंग " होती है। चूंकि इससे बना रुमाल चौकोर आकार में नहीं होता है, इसलिए इसे कभी वॉल पेंटिंग की तरह सजाया जाता है तो कभी उपहार में दिया जाता है। चंबा के रुमाल के बारे में एक रोचक बात यह है कि दूर से देखने पर बेशक ये बहुत आकर्षक न लगे पर जब पास से देखते हैं तो देखने वाले को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता है। इसे जेब में रखना हर किसी के बस की बात नहीं होती, दरअसल इसकी कीमत बहुत अधिक होती है। ललिता वकील ने सात समुंदर पार पहुंचाया चम्बा रुमाल का नाम पद्मश्री ललिता वकील ने चम्बा रुमाल को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ललिता वकील को बचपन में ही शोक था कि वह चंबा रुमाल पर बेहतरीन काम करे और आज इसी काम की बदौलत इन्होंने अपने चंबा शहर के नाम के साथ अपने प्रदेश और देश का नाम सात समुंदर तक पहुंचाया। इसका श्रेय वे अपने बजुर्गो के साथ सबसे पहले चंबा कढ़ाई में राष्ट्रपति से सम्मानित माहेश्वरी देवी को देती है, जिनको की साल 1965, में सम्मान मिला था। 14 अप्रैल 1954 को चंबा के सपड़ी मोहल्ला में जन्मी ललिता वकील ने चंबा रुमाल को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई है। ललिता ने बचपन से ही चंबा रुचंबा रुमाल को नई बुलंदियों पर पहुंचाने वाली ललिता वकील को 2018 में नारी शक्ति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदान किया था। इससे पहले ललिता को 1993 में तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा और 2012 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शिल्प गुरु सम्मान दे चुके हैं। अपने पूरे जीवन में उन्हें 25 से 30 अवार्ड मिल चुके हैं। रुमाल के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम करना शुरू किया था। इस वर्ष उन्हें पदम् श्री के सम्मान से अलंकृत किया गया।
मनाेज कुमार। कांगड़ा भाजपा प्रदेश सचिव वीरेंद्र चौधरी ने जमानाबाद में महिला मंडल को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश कामगार बोर्ड द्वारा तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं जैसे शादी के लिए वित्तीय सहायता, मततृत्व पितृत्व सुविधा, चिकित्सा सहायता, शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता, विकलांग पेंशन, अंतिम संस्कार हेतु सहायता, मृत्यु सहायता, बेटी जन्म उपहार तथा अन्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस मौका पर इंदिरा देवी, शकुंतला देवी, संतोष, सिकंदरा, शुक्रि देवी, रामप्यारी, अनीता, रामा देवी, सरिता श्रेष्ठा, सुनीता, चंपा, रूमला, गोवर्धन, सरदारी, कुलदीप (नीटू), संजय, अक्षय, विजय, सुरेंद्र व अश्विनी आदि उपस्थित रहे।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के वर्तमान अध्यक्ष एवं शिमला लोकसभा क्षेत्र से दो बार रहे सांसद वीरेंद्र कश्यप जिला कांगड़ा कोहली समाज सम्मेलन में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। वीरेंद्र कश्यप के जिला कोहली सम्मेलन में भाग लेने से जिला कांगड़ा समस्त कोली समाज गौरवान्वित महसूस कर रहा है तथा वीरेंद्र कश्यप के स्वागत के लिए पूर्णतया तत्पर है। वीरेंद्र कश्यप शनिवार शाम को पालमपुर पहुंचेंगे तथा 8 मई को पंचरुखी में आयोजित जिला कोली समेलन को संबोधित करेंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला समाचार पत्र में आज छपे समाचार से ज्ञात हुआ कि मुख्यमंत्री के द्वारा आज एसडीए कॉम्प्लेक्स कसुम्पटी, शिमला में पार्किंग का शिलान्यास करवाया जा रहा है। यह बड़े आश्चर्य की बात है कि मुख्यमंत्री के द्वारा उसी पार्किंग का दूसरी बार शिलान्यास करवाया जा रहा है, जिसका पूर्व नगर निगम के महापौर, उपमहापौर व स्थानीय पार्षद के द्वारा शिलान्यास 26 अप्रैल, 2017 को कर दिया गया था और इसके लिए अम्रुत से 62 लाख रुपए का प्रावधान भी किया गया था, परंतु 2017 नगर निगम शिमला में बीजेपी के सत्तासीन होने के बाद न तो इस पार्किंग का निर्माण किया गया और आज मुख्यमंत्री को दिखावे के लिए गुमराह कर पहले से ही आरंभ इस पार्किंग का दोबारा शिलान्यास करवाया जा रहा है। इससे प्रदेश की सरकार व नगर निगम शिमला की लचर व्यवस्था उजागर हुई है। मुख्यमंत्री को इसको संजीदगी से लेकर जो भी इसके लिए दोषी है, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। यह बात संजय चौहान पूर्व महापौर नगर निगम शिमला ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्हाेंने कहा कि गत 5 वर्षों में जबसे नगर निगम शिमला व सरकार में बीजेपी सत्तासीन हुई है, तबसे एक भी विकास की नई परियोजना शिमला शहर के लिए नहीं ला पाई है। सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम ने जो करीब 4800 करोड़ रुपए की परियोजनाएं, जिनमें मुख्यतः स्मार्ट सिटी, अम्रुत, विश्व बैंक की पेयजल व सीवरेज के जीर्णोद्धार की परियोजना, शिमला शहर के सौंदर्यीकरण, टूटीकंडी से मॉल रोड के लिए रोपवे, टूटीकंडी बहुउद्देश्यीय भवन, वेस्ट तो एनर्जी कूड़ा संयंत्र, पार्किंग, पार्क आदि शामिल है। स्वीकृत करवाई थी वह भी आज तक पूरी नहीं की गई है और कई परियोजनाएं तो अभी तक आरंभ भी नहीं की गई है। स्मार्ट सिटी की जो 2906 करोड़ रुपए की स्वीकृत परियोजना रिपोर्ट है। 5 वर्षों में उसका मात्र 9 प्रतिशत पैसा ही खर्च किया गया है तथा उसके मूल प्रारूप को दरकिनार कर केवल ढंगों को लगाने का कार्य किया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि बीजेपी सरकार प्रदेश व शहर के विकास प्रति कितनी प्रतिबंध है। गत 5 वर्षों में विकास की न केवल गति थम गई है, बल्कि शहर का विकास मात्र चेहते ठेकेदारों को फायदा देने के लिए ही किया जा रहा है। इससे शिमला शहर के सौंदर्य व इसकी ऐतिहासिक महत्व नष्ट कर दिया गया है और अब मात्र कंक्रीट व लोहे के गार्डर का शहर बनाकर रख दिया है। ऐसा तब किया जा रहा है, जब शिमला शहर के विधायक सरकार में शहरी विकास मंत्री है। शिमला शहर की जनता पहाड़ो की रानी शिमला की इस बदहाली के लिए बीजेपी की सरकार व नगर निगम शिमला को कभी भी माफ नहीं करेगी।
शिवांशु शुक्ला । धर्मशाला हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं हिमाचल प्रदेश चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष एवं टिकट वितरण कमेटी के सदस्य ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का चंडीगढ़ हिमाचल भवन से लेकर परमाणु तक पहुंचने पर भव्य स्वागत। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी मिलकर लड़ेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुकेश अग्निहोत्री व धनीराम शांडिल सहित सभी नेता एकजुट होकर भाजपा को जवाब देंगे। उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार से जनता परेशान हो चुकी है, अब बदलाव के मूड़ में है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में बड़े भूकंप की स्थिति में दिव्यांगों को बचा पाना नामुमकिन होगा। प्रदेश की राज्य आपदा प्रबंधन नीति और योजना में दिव्यांगों से संबंधित आपदा प्रबंधन का जिक्र तक नहीं है। यह बड़ी गंभीर स्थिति है, क्योंकि आपदा की स्थिति में यह वर्ग सबसे ज्यादा जोखिम में होता है। संपूर्ण हिमाचल प्रदेश बड़े भूकंप के खतरे वाले हिमालय क्षेत्र में शामिल है। यह जानकारी आपदा प्रबंधन के जाने-माने विशेषज्ञ नवनीत यादव ने उमंग फाउंडेशन के एक वेबीनार में दी। वह प्राकृतिक आपदा प्रबंधन में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम( यूएनडीपी), केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करते रहे हैं तथा डूअर्स के कार्यक्रम निदेशक हैं। कार्यक्रम की संयोजक और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एमए (सोशल वर्क) की छात्रा सुमन साहनी ने बताया कि मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उमंग फाउंडेशन का यह 33वां साप्ताहिक वेबीनार था। "पहाड़ पर भूकंप का खतरा: सरकार और समाज का दायित्व" विषय पर गूगल मीट पर हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि वे आपदा प्रबंधन योजना पर पुनर्विचार के लिए सरकार से कहेंगे, ताकि उसमें दिव्यांगजनों को शामिल किया जा सके। ऐसा नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। नवनीत यादव ने भूगर्भीय हलचल की जानकारी देते हुए कहा कि समूचे हिमालय क्षेत्र में कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। हिमाचल प्रदेश का अधिकतर हिस्सा बड़े भूकंपीय खतरे के क्षेत्र (सेसमिक ज़ोन) 4 और 5 में आता है। प्रदेश में वर्ष 2011 में राज्य आपदा प्रबंधन नीति घोषित की गई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में राज्य आपदा प्रबंधन योजना तैयार की गई। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि इनमें भूकंप अथवा अन्य किसी बड़ी आपदा की स्थिति में दिव्यांगजनों के बचाव एवं राहत की योजना का कोई जिक्र तक नहीं है, जबकि यही वर्ग सबसे ज्यादा जोखिम में रहता है। आपदा से पहले की तैयारियों से जुड़ी सभी गतिविधियों जैसे कि मॉक ड्रिल व प्रशिक्षण कार्यशालाओं में दिव्यांगजनों को शामिल करने के प्रयास भी बेहद सीमित रहे हैं। नवनीत यादव ने कहा कि डिजास्टर मैनेजमेंट पॉलिसी में दृष्टिबाधित, शारीरिक विकलांग, मूक बधिर, बौद्धिक अक्षमता वाले, डेफ-ब्लाइंड एवं अन्य दिव्यांगों के बारे में कार्य योजना को शामिल किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी उन्हें जोड़ा जाए। भूकंप के बारे में प्रचार सामग्री ब्रेल, ऑडियो और साइन लैंग्वेज में भी बनाई जाए। इसके अलावा प्रचार सामग्री को हिंदी एवं स्थानीय पहाड़ी भाषाओं में भी छापा जाए। उन्होंने बताया कि मनुष्य अपनी गलतियों से भूकंप में जान माल का नुकसान करता है। यदि भूकंपरोधी भवन बनाए जाएं, घर या दफ्तर में अलमारियां और उसके ऊपर रखे सामान, पानी की टंकी व गमले आदि को गिरने से रोकने के प्रबंध हों, तो चोट एवं मृत्यु का खतरा काफी घट जाता है। भूकंप में 70 प्रतिशत लोग मलबे में दबकर नहीं, बल्कि घर के भीतर अलमारी या अन्य सामान गिरने से लगी चोट से मरते हैं या विकलांग हो जाते हैं। पहले स्वयं को बचाएं और उसके बाद दूसरों को बचाने पर ध्यान फोकस करें। भूकंप आने के बाद आग लगने का खतरा भी काफी अधिक होता है। इसलिए राहत और बचाव के प्रशिक्षण में इस पर भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार अभी भारत में भूकंप की पूर्व सूचना देने का प्रभावी तंत्र मौजूद नहीं है। जैसा कि जापान एवं कुछ अन्य देशों में है। इस बारे में रिसर्च पर अधिक फोकस की आवश्यकता है। भूकंप रोधी मकान बनाने की तकनीक भारत में आसानी से उपलब्ध है। पुराने बने भवनों को भी थोड़ा सा प्रयास करके भूकंपरोधी बनाया जा सकता है, लेकिन आमतौर पर कुछ सरकारी भवनों को छोड़कर अन्य भवन बनाने में लोग नेशनल बिल्डिंग कोड लागू नहीं करते। कार्यक्रम के संचालन में उदय वर्मा, साहिबा ठाकुर और मुकेश कुमार ने सहयोग दिया।
1.4 अरब से अधिक लोगों के देश पर शासन करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा यूक्रेन युद्ध के दौरान सरकार के प्रयासों पर अपनी "भ्रामक" राजनीति पर उतरी कांग्रेस भारत ने 400 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को भी हासिल कर लिया , हम निर्यात हब बन रहे हैं फर्स्ट वर्डिक्ट। बिलासपुर भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने शाहतलाई में एक ग्राम केंद्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस में नेता जन्म से बनता है और भाजपा में पार्टी के लिए काम और कड़ी मेहनत से बनता है। यह कुछ दिन पहले घोषित कांग्रेस की प्रदेश कार्यसमिति के गठन में काफी स्पष्ट है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह वंशवाद की राजनीति का एक आदर्श उदाहरण है, जो कांग्रेस में हावी है। बूथ स्तर पर हमारे कार्यकर्ता हमारी पार्टी के स्तंभ हैं। उन्होंने भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है , आज भाहपा 1.4 अरब से अधिक लोगों के देश पर शासन करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा में बूथ स्तर का कार्यकर्ता किसी राज्य का मुख्यमंत्री, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी अध्यक्ष और देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। अगर आप करीब से देखें तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। उनका जन्म 1965 में मंडी जिला के एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता गरीब थे और उनके लिए तीन बेटों और दो बेटियों के परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल था। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिमी भारत के गुजरात राज्य में एक गरीब परिवार में पैदा हुए थे, जो लड़का कभी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचता था, वह देश की पीढ़ियों में सबसे प्रभावशाली भारतीय नेता बन गया है। खन्ना ने कांग्रेस पर यूक्रेन युद्ध के दौरान सरकार के प्रयासों पर अपनी "गुमराह करने वाली" राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ कांग्रेस नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने भ्रामक प्रचार करने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश की, जब सरकार का पूरा प्रयास छात्रों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि जब देश युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे छात्रों को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था, तो राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कुछ नेताओं ने न सिर्फ सरकार को बदनाम करने की कोशिश की, बल्कि रूस पर कुछ टिप्पणियां भी की। राहुल गांधी को नेपाल में एक पार्टी में भी देखा गया था, जब उनकी पार्टी राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में कठिन समय से गुजर रही थी। ऐसा लगता है कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी देश को एक महान शक्ति के रूप में आगे ले जाने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का हर कार्यकर्ता समर्पित भाव से गरीबों, वंचितों, दलितों, शोषितों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए काम करने के लिए खड़ा है। मोदी सरकार जवाबदेही वाली सरकार है, समस्याओं को हल करने वाली सरकार है। देश को नई दिशा और दृष्टि देने वाली सरकार है। खन्ना ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के 80 करोड़ गरीब लोगों को प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं/चावल, प्रति परिवार एक किलो दाल उपलब्ध कराने का काम किया है। हाल ही में भारत ने 400 अरब डॉलर यानी 30 लाख करोड़ के निर्यात लक्ष्य को भी हासिल कर लिया है। प्रथम दृष्टया, यह अर्थव्यवस्था से संबंधित मामले के रूप में सामने आ सकता है, लेकिन अर्थव्यवस्था से अधिक, यह भारत की क्षमता से संबंधित है। इसका मतलब है कि दुनिया में भारतीय सामानों की मांग बढ़ रही है और हम एक्सपोर्ट हब बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है की हिमाचल प्रदेश के लोगों को राज्य और केंद्र में डबल इंजन वाली सरकार का लाभ मिला है। क्योंकि विकास परियोजनाओं की गति और विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन को गति मिली है। आयुष्मान भारत योजना और हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमकेयर नामक एक समान योजना शुरू की, जिसमें राज्य के कुल 1.25 लाख निवासियों को इन योजनाओं के तहत मुफ्त इलाज मिला है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल, प्रदेश महासचिव त्रिलोक जमवाल, प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा, जिलाध्यक्ष स्वतंत्र शंखयान और बलदेव शर्मा भी उपस्थित थे।
अभी-अभी चंबा- भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग लेच पुल के पास एक आल्टो कार दुर्घटनाग्रस्त होने का समाचार मिला है। इस गाड़ी में दो लोग सवार बताए जा रहे हैं। एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि दूसरा गंभीर जख्मी बताया जा रहा है।


















































