फर्स्ट वर्डिक्ट । शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज शिमला के मशोबरा स्थित क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (क्रैगनैनो) का दौरा किया। इस अवसर पर लेडी गर्वनर अनघा आर्लेकर भी साथ थीं। राज्यपाल ने सेब की 276 किस्मों, नाशपाती की 79 किस्मों और चेरी की 46 किस्मों वाले सबसे बड़े जर्मप्लाज्म केंद्र पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रयोगशाला से बागीचों तक तकनीक के हस्तांतरण पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सेब की स्थानीय किस्मों को विकसित करने के निर्देश दिए। आर्लेकर ने केंद्र में स्थापित सेब के बागीचे का भी दौरा किया। उन्होंने प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया और संस्थान के समुचित रखरखाव के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने केंद्र में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की भी सराहना की। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा के सह-निदेशक डॉ. दिनेश ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया और केंद्र की शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बागवान दैनिक बागवानी कार्यों के लिए केंद्र की सिफारिशों और अन्य सलाहकार सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीना चौहान और अन्य उपस्थित थे। राज्यपाल ने इससे पहले मशोबरा स्थित नेचर पार्क का भी दौरा किया।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट ग्राम पंचायत सूरजपुर के ग्रामीणों की बैठक प्रधान ओम प्रकाश की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में धरना प्रदर्शन काे लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में जल शक्ति विभाग कार्यालय के घेराव पर चर्चा होनी थी। प्रधान ओम प्रकाश द्वारा जानकारी दी गई कि आज ज़ब लोग जल शक्ति विभाग कि घेराव करने कि तैयारी कर रहे थे, उसी समय विभाग के कर्मचारी व अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित होकर लोगों को अवगत करवाया कि विभाग द्वारा जंहा-जंहा पेयजल कि समस्या है, वहां जल शक्ति विभाग के कर्मचारी आज से ही पेयजल उपलब्ध करवाने का कार्य शुरू कर रहे हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर जल्दी से जल शक्ति विभाग पेयजल कि समस्याओं का निपटारा नहीं करता है, तो 7 दिन बाद जल शक्ति विभाग अर्की के कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर पंचायत के सदस्यों सहित जल शक्ति विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश सरकार परवाणू क्षेत्र में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर परवाणू औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की योजना बना रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सोलन जिला के परवाणू में परवाणू इंडस्ट्रलिस्टस एसोसिएशन (पीआईए) सदन का लोकार्पण करने के उपरांत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को देश का औद्योगिक हब बनाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्यमियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए हर संभव प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि परवाणू राज्य का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ हिमाचल का सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र भी है। उद्यमियों को और अधिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि पीआईए ने समाज कल्याण कार्यों में भी प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन प्रत्येक वर्ष मानव सेवा के लिए लगभग एक हजार यूनिट रक्त एकत्रित करता है। स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। पीआईए के अध्यक्ष सुनील तनेजा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए एसोसिएशन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। सांसद सुरेश कश्यप, दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर और एसोसिएशन के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत परवाणू में लगभग 218 करोड़ की लागत से 20 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने परवाणू में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में जल शक्ति मंडल खोलने, गड़खल में 20 बिस्तरों की क्षमता वाले उपमंडल आयुर्वेदिक अस्पताल, गम्बरपुल (हरिपुर) में पशु औषधालय, भोजनगर में पशु औषधालय तथा परवाणू में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए 50 बिस्तरों वाले अस्पताल धर्मपुर में तीन चिकित्सक, दो पैरा मेडिकल स्टाफ और छह नर्स के पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही ईएसआई अस्पताल परवाणू में चिक्सिकों के 06 पद सृजित किए जाएंगे। जयराम ठाकुर ने कोटिनाम्भ सेरी (नेरीकलां), रान, मेहलन गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने पट्टाबरावरी तथा तिरडो में पटवार वृत्त तथा जाबल जमरोट में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय रौड़ी तथा राजकीय उच्च विद्यालय गनोल को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयाें में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय माध्यमिक विद्यालय करोल, नेरीकलां, दतियार, गुनाई, चामत भड़ेच को राजकीय उच्च विद्यालयों में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने कसौली विधानसभा क्षेत्र के पांच राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में वाणिज्य संकाय की कक्षाएं आरम्भ करने तथा दो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राथा में अटल आदर्श स्कूल भी स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस चौकी भोजनगर को स्थायी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की सुविधा के लिए गांव क्यारड़ को पटवार वृत्त धर्मपुर में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की दो मुद्रिका बसें संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास के बावजूद कांग्रेस के नेता प्रदेश के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने कांग्रेस पार्टी को सिरे से नकार दिया है तथा आज कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह से पराजय का सामना करना पड़ा तथा उत्तर प्रदेश में पार्टी केवल दो सीटों पर ही सिमट कर रह गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब इस वर्ष नवंबर माह में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आप पार्टी के नेता भी प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन जनता उनके झूठे वादों के बहकावे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य भागों के साथ-साथ परवाणू क्षेत्र का भी समग्र विकास सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल हेल्थकेयर योजना (हिमकेयर) के तहत 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। यह योजना प्रदेश के लोगों विशेषकर गरीबों और पिछड़े वर्ग के लोगांे के लिए वरदान साबित हुई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि शगुन योजना के अन्तर्गत बीपीएल परिवारों की बेटियों को शादी के समय 31,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्हांेने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अन्तर्गत राज्य के युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए एक करोड़ रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पात्र वर्गों को इस राशि पर 35 प्रतिशत तक उपदान भी प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले परवाणू के सेक्टर-2 के गेब्रियल सड़क में 75 लाख की लागत सेस निर्मित पीआईए सदन, बरोटीवाला मंधाला-परवाणू सड़क मार्ग के 11.30 करोड़ के चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य तथा लोहांजी में 4.30 करोड़ की लागत से निर्मित प्री-फेब्रिरीकेटिड क्षेत्रीय कुष्ठ अस्पताल का लोकार्पण किया। उन्होंने परवाणू में ईएसआई अस्पताल के लिए 55 लाख की लागत से निर्मित ऑक्सीजन संयंत्र, तहसील सोलन की ग्राम पंचायत नेरीकलां और इसके साथ लगते गांवों के लिए 1.27 करोड़ की लागत से निर्मित उठाऊ जलापूर्ति योजना स्योथ-कमलोग के संवर्द्धन कार्य तथा बड़ोग में 48 लाख की लागत से निर्मित ‘इन्सपेक्शन हट’ के अतिरिक्त आवास का लोकार्पण किया। उन्हांेने धर्मपुर में सहायक राज्य आबकारी एवं कराधान कार्यालय के लिए 56 लाख से निर्मित कार्यालय भवन एवं टाइप-2 क्वार्टर तथा तहसील कसौली में पुलिस चौकी गड़खल में 84 लाख रुपए की लागत से निर्मित टाइप-2 क्वार्टर और 21.70 करोड़ की लागत से निर्मित होटल न्यू रोस कॉमन कसौली का लोकार्पण किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने अपने गृह क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने कोविड महामारी की स्थिति का सफलतापूर्वक सामना किया है और हिमाचल प्रदेश इस महामारी की रोकथाम तथा कोविड टीकाकरण अभियान में देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श के रूप में उभरा है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा डॉ. डेजी ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें पिछले चार वर्षों के दौरान विधानसभा क्षेत्र में चलाए गए विभिन्न विकासात्मक कार्यों के संबंध में जानकारी दी। दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर, कालका की पूर्व विधायक लतिका शर्मा, एपीएमसी के अध्यक्ष संजीव कश्यप, जल प्रबन्धन बोर्ड के अध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. राजेश कश्यप, भाजपा मण्डलाध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, उपायुक्त कृतिका कुल्हरी सहित अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा विश्व रेडक्रास दिवस के उपलक्ष्य पर आठ मई को कांगड़ा के गुप्त गंगा के यात्री सदन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि रक्तदान एक महादान है तथा इसमें सभी को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी मानवता की सेवा को लेकर विभिन्न प्रकल्पों का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी के माध्यम से उपमंडल स्तर पर निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेडक्रास सोसाइटी के माध्यम से निर्धन तथा जरूरतमंदों की मदद भी की जाती है।
समर नेगी। रिकांपिओ जिला किन्नौर सांगला-छितकुल संपर्क सड़क मार्ग जो कि शुशांग के पास मंगलवार शाम को पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानों के गिरने से पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था, जिसे बुधवार को 24 घंटे बाद बहाल हो गया है, जिससे सड़क मार्ग के दोनों तरफ फंसे दर्जनों स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने राहत की सांस ली है। जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम शुशांग के पास सांगला -छितकुल सम्पर्क सड़क मार्ग पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानों के गिरने से पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था, जिससे सांगला से छितुकुल की ओर छोटे व बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई थी तथा मार्ग के दोनों तरफ पर्यटकों व स्थानीय लोगों के दर्जनों वाहन फंसे हुए थे। मार्ग के अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग सांगला द्वारा मार्ग को बहाल करने में युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया गया, परंतु सड़क मार्ग पर पहाड़ी से भारी भरकम चटाने गिरी हुई है, जिससे मार्ग को बहाल करने में समय लगा है। वहीं, मंगलवार दोपहर बाद जिला में मौसम ने करवट बदल ली व दोपहर बाद देर शाम तक निचले क्षेत्रो में तूफान के साथ बारिश का दौर जारी रहा, जबकि पूह ब्लॉक में आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इसके साथ निचार व कल्पा खंड में लगभग तीन-चार घंटे तक बारिश का दौर जारी रहा। जिला में मौसम खराब होने से किन्नौर की पहाड़ियों पर भी ताजा हिमपात हुआ, जिससे तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसान-बागवानों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को भी आसमान पर काले बादल छाए रहे तथा हल्की बारिश भी होती रही। वहीं, लोक निर्माण विभाग सांगला के एसडीओ राकेश ने बताया कि शुशांग के पास अवरुद्ध सड़क मार्ग को बहाल कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क मार्ग पर पहाड़ी से भारी भरकम चट्टाने गिरी हुई थीं, जिनको हटाने के लिए ब्लास्टिंग भी की गई तथा मौसम के खराब होने से मार्ग को बहाल करने में अधिक समय लग गया।
प्रतिमा राणा। पालमपुर पालमपुर उपमंडल में बुधवार को विश्व रैड क्रॉस दिवस के अयोजन को लेकर बैठक की अध्यक्षता एसडीएम पालमपुर अमित गुलेरिया ने की। एसडीएम पालमपुर ने बताया कि विश्व रेडक्रॉस के उपलक्ष्य पर उपमंडल पालमपुर रैड क्रॉस कमेटी द्वारा सिविल हॉस्पिटल पालमपुर में 8 मई को सुबह 11:00 बजे रक्त दान शिविर का आयोजन समाजसेवी संस्थाओ के सहयोग से किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि बढ़-चढ़कर महादान के कुंभ में बहुमूल्य योगदान दें। बैठक में चिकित्सा अधीक्षक विनय महाजन, सुदर्शन वासुदेवा, शांति शर्मा, प्रबीण शर्मा, राजीव जमबाल, साहिल चित्रा, संजीव बाघला, मुनीश कुमार, कमल सूद, मनोज रतन, सर्वेश अरोड़ा, संत कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी, समाज सेवी व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महिलाओं के लिए एचआरटीसी बसों में यात्रा करने पर 50 प्रतिशत की छूट से मिलेगा महिलाओं को लगभग 60 करोड़ का लाभ फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सिरमौर, राज्यसभा सांसद और एचपीयू के पूर्व कुलपति डॉ सिकंदर कुमार ने पोंटा में भाजपा की विभिन्न सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा फूट डालो और राज करो की नीति का पालन किया है, लेकिन लोगों को अब एहसास हो गया है कि कांग्रेस ने हमेशा उन्हें गुमराह किया है और सिरमौर के विकास की गति को धीमा किया है। केवल भाजपा ही इस क्षेत्र के विकास को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयास से ही बाबा साहब अंबेडकर से जुड़े स्थलों को 'पंच तीर्थ' के रूप में विकसित करने में सफलता मिल रही है। प्रधानमंत्री कई मौकों पर इन जगहों का दौरा कर चुके हैं। अंबेडकर की की जन्मस्थली महू या महाराष्ट्र में इंदु मिल की जमीन खरीदने की पहल 'चैतन्य भूमि' पर स्मारक विकसित करने, नागपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दीक्षांत समारोह स्थल विकसित करने या बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण स्थल पर स्मारक बनाने की पहल दिल्ली और 15 जनपथ पर। सरकार 'पंच तीर्थ' को विकसित करने के लिए समर्पित है। यह भाजपा थी जिसने अम्बेडकर को उनको लंबे समय के बाद भारत रत्न दिया, कांग्रेस ने हमेशा समाज में अम्बेडकर को वंचित किया। केंद्र की भाजपा सरकार ने लोकसभा में भीम राव अंबेडकर की तस्वीर लगाई है, जबकि कांग्रेस ने कभी इसका समर्थन नहीं किया। हमारी जयराम सरकार ने भी अनुसूचित जाति के लाभ के लिए बहुत सारी योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हैं जिन्होंने महिलाओं के लिए एचआरटीसी बसों में यात्रा करने पर 50 प्रतिशत छूट की घोषणा की है। इससे महिलाओं को लगभग 60 करोड़ रुपये का लाभ होगा, 125 यूनिट तक के सभी उपभोक्ताओं को पहली जुलाई से शून्य बिल मिलेगा और उनसे बिजली बिल नहीं वसूला जाएगा। इस निर्णय से लगभग 11.5 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा और सरकारी खजाने पर लगभग 250 करोड़ खर्च होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी परिवारों से पानी का बिल नहीं लिया जाएगा और इससे हमारे सभी ग्रामीण परिवारों को 30 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलेगा। नागरिकों के हित में काम करती है बीजेपी राज्य सरकार ने राज्य के लोगों की शिकायतों को उनके दरवाजे पर निवारण के लिए जन मंच की मेजबानी करने की अनूठी पहल की है। अब तक 261 स्थानों पर 26 जन मंच का आयोजन किया जा चुका है और प्राप्त 55,565 शिकायतों में से नब्बे प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। 'मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100' की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी कोने से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है और एक निर्धारित समय अवधि के भीतर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता है। इस हेल्पलाइन नंबर पर अब तक लगभग 3.55 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 3.41 लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जिसकी वर्तमान में साक्षरता दर लगभग 90 प्रतिशत है और राज्य सरकार अपने बजट का 16 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र को दे रही है। हमारी शिक्षा का स्तर दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने विधानसभा पोंटा में बूथ 85 दिघाली के लिए 5 लाख की घोषणा भी की, जहां उन्होंने एक कार्यकर्ता बैठक में भाग लिया।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी चुनाव सिर पर आते ही बीजेपी फिर जनता से जनादेश ठगने के मनसूबे बनाने लगी है। यह बात ज्वालामुखी के पूर्व विधायक एवम प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता संजय रत्न ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के आम नागरिकों के लिए मौजूदा स्थिति में महंगाई सबसे बड़ा व अहम मुद्दा है, लेकिन बीजेपी इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए कोरी घोषणाओं में लगी है। संजय रत्न ने कहा कि इस वक्त बीजेपी से सरकार होने के नाते जो जनता चाह रही है, उस महंगाई को नजरअंदाज करते हुए बीजेपी उन घोषणाओं में लगी है, जिसकी जनता ने कभी मांग ही नहीं की। यानी जनता जो मांग रही है, उस पर सरकार कोई बात नहीं सुनना चाह रही है, लेकिन जनता का इन घोषणाओं से कोई मकसद व मतलब नहीं है, उन बिन मांगी घोषणाओं को करके बीजेपी लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। आसमान छूती महंगाई के दौर में गृहणियों को रसोई चलाना मुश्किल हो गई है, जो लोग रोज कमाते हैं रोज खाते हैं उनकी रसोई में फाकाकशी की नौबत आ गई है, लेकिन बीजेपी महंगाई कम करने की बजाय किसी न किसी बहाने महंगाई को लगातार बढ़ा रही है। संजय रत्न ने कहा कि बेतहाशा महंगे हुए डीजल-पेट्रोल के कारण हर चीज के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुके हैं। आलम यह है कि अब तो बाजार में काफी चीजें ऐसी भी हैं, जिनका किराया उन चीजों की कीमत से दोगुना हो चुका है। ऐेसे में महंगाई बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन जिस सरकार की महंगाई को कम करने की जवाबदेही व जिम्मेदारी है, वह उन घोषणाओं में लगी है, जिनकी जनता ने कभी मांग ही नहीं की है। संजय रत्न ने कहा कि वोट ठगने की राजनीति में माहिर बीजेपी का सारा फोक्स महज किसी न किसी ढंग से वोट ठगने में फोक्स है, जबकि सरकार की जो जिम्मेदारियां होती हैं, उनसे बीजेपी लगातार बचती आ रही है। जनता क्या चाह रही है इनको इस बात से कोई मतलब नहीं है। यह तो सिर्फ मन की बात सुनाने व मन मुताबिक घोषणाएं करके जनता को गुमराह करने के प्रपंच रचने में लगी है। संजय रत्न ने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट और साबित हो चुका है कि या तो सरकार के वीजन में कमी है या सरकार देश में पूंजीवाद को स्थापित करना चाह रही है। प्रदेश कैसे आगे बढ़े, देश कैसे मजबूत हो, कैसे नागरिकों को महंगाई की मार से राहत मिले इन मुद्दों पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। संजय रत्न ने कहा कि अगर बीजेपी को गलती देकर एक मौका और मिलता है, तो देश श्रीलंका की तरह कंगाली के दौर में जा सकता है।
विनायक ठाकुर । ज्वालामुखी विश्वविख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी संजय दत्त ने मां ज्वाला देवी की पवित्र ज्योतियों के दर्शन कर व मां ज्वाला देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर उनके साथ स्थानीय पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संजय रतन, नगर परिषद ज्वालामुखी के अध्यक्ष धर्मेंद शर्मा उर्फ बंटू, ब्लॉक कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष निर्मला राणा, ब्लॉक कांग्रेस ज्वालामुखी के अध्यक्ष कैप्टन दीपक चौहान व कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विनायक ठाकुर।ज्वालामुखी विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के शुभ और पावन मौके पर मां के भक्तों ने मां ज्वालामुखी के दरबार में अक्षय तृतीया पर एक किलो 750 ग्राम शुद्ध सोने के चरण और आभूषण मां ज्वालामुखी के दरबार में गुप्त दान के रुप में अर्पित किए और आज दूसरे दिन बुधवार को एक अन्य मां के भक्तों ने भी गुप्त दान के रुप में 375 ग्राम शुद्ध सोने के आभूषण मां ज्वालामुखी के चरणों में अर्पित किए। इस तरह से लगातार दो दिन मां ज्वालामुखी के दरबार में मां के भक्तों ने खूब सोना चढ़ाया गया है। इस संदर्भ में एसीएफ ज्वालामुखी मंदिर राजेंद्र कुमार से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग भक्त थे, जिन्होंने अपना नाम गुप्त रखते हुए गुप्त दान के रुप में यह सौगात मां ज्वालामुखी के दरबार में भेंट की है और अपना नाम गुप्त रखने के लिए कहा है। मां ज्वालामुखी के दरबार में शहंशाह अकबर ने भी सवा मन सोने का छत्र चढ़ाया था और आज भी मां के ऐसे कई अनन्य भक्त हैं, जो मां के दरबार में ऐसी सेवाएं करते हैं। उन्होंने कहा कि मां के चरणों को मुख्य मंदिर के गर्भ गृह में लगा दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को देखने के लिए एक आकर्षक चीज उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि 1 किलो शुद्ध सोने के चरण को लगाने के लिए भक्तों ने 553 ग्राम चांदी भी उन चरणों के बेस में लगाई है, ताकि चरणों की पकड़ हो सके और सुरक्षित तरीके से इन्हें सेट किए जा सके। मुख्य मंदिर के गर्भ गृह में लगाए गए इन चरणों को श्रद्धालु मुख्य मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के दौरान ही दर्शन कर सकते हैं और यहां पर माथा टेक सकते हैं। चरणों की सुरक्षा के लिए मंदिर न्यास शीघ्र ही कोई व्यवस्था अलग तरीके से करने जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की कोई सुरक्षा की अनहोनी न हो सके आभूषणों को माता के शयनकक्ष में शयन आरती के दौरान शामिल किया जाएगा।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट हरिजन कल्याण समिति मलावन के ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता गोपाल चौधरी को मिले। इस दौरान गांव मलावन के ग्रामीणों ने गांव में हो रही पानी की समस्या से उन्हें अवगत करवाया। इस माैके पर जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने लोगों को हो रही समस्याओं को सुनकर पानी की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर जल विभाग के फिटर नंदलाल, कीमेन भक्त राम, महिला मंडल प्रधान कमला देवी, पंचायत सदस्य उर्मिला, हरिजन कल्याण समिति के पूर्व प्रधान संतराम, हरिजन कल्याण समिति के प्रधान चुन्नीलाल बंसल व दिलीप कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट डवारु वाले मंढोड़ देवता मंदिर के कारिंदो ने ऋषि मार्कण्डेय (बिलासपुर) में जात्रा की समाप्ति के बाद मार्कण्ड तीर्थ स्थल पर स्नान किया। कारिंदों ने पारंपरिक विधि-विधान व वाद्य यंत्रों की मंगल धुनों के साथ यह देव रस्म पूरी की। इस अवसर पर देवता के साथ हारियानों ने भी आस्था की डुबकी लगाई।दोपहर बाद जब स्नान की परंपरा निभाई गई, तो इसके बाद देवता अपने मूल स्थान पर वापिस लौट गए। जानकारी देते हुए मंदिर पुजारी बाबू राम शर्मा ने बताया कि स्थानीय लोगों के घरों में हो रही जात्रा के संपन्न होने पर हर वर्ष देवता मंढोड़ डवारु मार्कण्ड (बिलासपुर) में स्नान करने के पश्चात मंढोड़ देवता मंदिर डवारु मार्कण्ड तीर्थ स्थल पर स्नान करने के बाद भक्तों को आशीर्वाद देते हुए अपने मूल स्थान की ओर प्रस्थान हुए। इस मौके पर पुजारी बाबू राम शर्मा, सुरेश ठाकुर, मदन शर्मा, रोशन लाल शर्मा, पंकज, हरीश कुमार व देशराज सहित अन्य मौजूद रहे।
ठंडा पाणी कियां करी पीणा हो, तेरे नौणा (पनिहारा) हेरी-हेरी जीणा हो हिमाचल प्रदेश में मनाए जाने वाले मेलों का अपना अलग ही स्थान है। यहां के मेलों का सम्बंध अक्सर मिथकों या तथ्यों से जुड़ा है। ऐसा ही एक मेला चम्बा के स्थानीय लोगों द्वारा मनाया जाने वाला सूही का मेला है। यह मेला उस देवी की याद दिलाता है जिसने अपनी प्रजा को पानी उपलब्ध कराने के लिए अपना बलिदान दे दिया था। कर्तव्य के प्रति इतने महान बलिदान का उदाहरण संसार में शायद ही कहीं अन्य दिखाई दे। उस रानी के बलिदान की याद को हृदय से लगाए रखा चम्बा की प्रजा ने और इसकी परिणति मेले में कर दी। ताकि आने वाली पीढिय़ां इस बात को याद रखें कि उनके पूर्वजों को पानी मुहैया करने की खातिर चम्बा की रानी ने प्रजा के प्रति अपने फर्ज के लिये बलिदान दे दिया था। मेले का आरम्भ लगभग एक हजार वर्ष पूर्व हुआ था, जब राजा साहिल बर्मन द्वारा चम्बा नगर की स्थापना की गई थी। इससे पूर्व समस्त चम्बा क्षेत्र की राजधानी ब्रह्मपुर (भरमौर) हुआ करती थी। राजा साहिल बर्मन ने अपनी बेटी चम्पा के आग्रह पर चम्बा को अपनी राजधानी बनाया। इससे पूर्व चम्बा में ब्राह्मण समुदाय के कुछ टोले रहा करते थे। चम्बा तो बस गया पर प्रजा की तकलीफें बढ़ गईं। मुख्य कठिनाई थी पानी की। लोगों को रावी दरिया से पानी लाना पड़ता था। राजा प्रतिदिन लोगों को मीलों दूर से पानी ढोते देखता और दुखी रहता। पर उस समस्या का हल शीघ्र ही ढूंढ निकाला गया। शहर से कुछ दूरी पर सरोथा नाले से नहर बनाकर चम्बा के लोगों को पानी उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान जल्दी ही क्रियान्वित हो गया। परन्तु नहर के माध्यम से पानी चम्बा तक नहीं पहुंच पाया। जमीन समतल होने पर भी पानी आगे नहीं जाता था। राजा के दुखों का पारावार न रहा। इसी उधेड़बुन में कि कैसे पानी उपलब्ध हो, कैसे प्रजा को सुख पहुंचे, वह लगा रहता। राजा को स्वप्न में दैवीय आदेश मिला की राजपरिवार से बलि दी जाए तो पानी आ सकता है। इस बात की आम चर्चा हो गई। बात जब रानी के कानों पहुंची तो उसने अपनी प्रजा के लिए अपना बलिदान देना सहर्ष स्वीकार कर लिया। लोगों की रानी के प्रति श्रद्धा का सबूत यह गाना है जो आज भी प्रचलित है 'ठंडा पाणी कियां करी पीणा हो, तेरे नौणा (पनिहारा) हेरी-हेरी जीणा हो।' बलिदान को जाते समय रानी ने लाल वस्त्र पहने थे। लाल रंग को स्थानीय बोली में सूहा भी कहा जाता है। इसी कारण रानी सुनयना का नाम सूही पड़ गया। पर कुछ लोग सूही सुनयना का बिगड़ा रूप मानते हैं। रानी के बलिदान के बाद राजा बहुत परेशान रहने लगा। रानी की याद उसे पागल किए रहती। एक रात राजा को सपने में रानी दिखाई दी। उसने राजा को दुखी न होने की बात कही और सांत्वना देते कहा कि वह प्रतिवर्ष चैत्र माह में उसके (रानी के) नाम एक मेले का आयोजन करे जिसमें गद्दी जाति की औरतों को अच्छा-अच्छा खाना खिलाए। इन्हीं गद्दणों में मैं (रानी) भी हूंगी। यदि राजा पहचान सकता है तो पहचान ले। राजा ने चैत्र माह मेले का आयोजन किया और गद्दणों को खूब सारा बढिय़ा खाना खिलाया। पता नहीं राजा को रानी के दर्शन हुए या नहीं पर तब से आज तक यह मेला प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है। शायद संसार का ये एकमात्र मेला है जो 'औरतों का मेला' नाम से प्रसिद्ध है। समय के साथ इसके मनाए जाने के ढंग में भारी परिवर्तन हुए हैं। आजादी से पहले प्रतिवर्ष प्रथम चैत्र से इस मेले का आरम्भ होता था। प्रथम चैत्र से 14 चैत्र तक फलातरे री घुरेई मनाई जाती थी। इन दिनों शहना और बाईदार (शहनाई और ढोल नगाड़े बजाने वाले) सपड़ी टाले से पक्का टाला तक शहनाई व ढोल बजाते जाते थे। इन्हीं चौदह दिनों तक धड़ोग मुहल्ला की औरतें, चम्बा शहर के शीर्ष में स्थित भगवती चामुंडा के मंदिर से फूल चुनती हुई घुरेई डालती सपड़ी मुहल्ले तक आती। 15 चैत्र से माता सूही के मंदिर में घुरेइयों का आयोजन आरम्भ होता। सूही का यह मंदिर उस जगह स्थित है जहां रानी सुनयना को बलिदान जाते समय पांव में ठोकर लगी थी और अंगूठे से खून बहने लगा था। जिस पत्थर से ठोकर लगी थी वह आज भी मां सूही के रूप में पूज्य है। 15 चैत्र से 20 चैत्र तक सफाई करने वाली औरतें (मेहतरानियां) सूही मां के मंदिर की निचली सीढिय़ों की सफाई भी करती थीं और घुरेई भी डालती हुई नीचे मढ (नौण, पनिहारा) तक जाती। इसके पश्चात घुरेई डालने की बारी आती थी कन्याओं की। 21 चैत्र से 25 चैत्र तक पहले इन्हीं दिनों औरतों की घुरेई भी हुआ करती थी। लड़कियां 'भाइयो नूरपुरे दे शैर, बागे अम्बी पक्की हो' या इसी तरह की कई अन्य घुरेईयां गाया करती थीं। मेले के अंतिम दिन, 26 चैत्र से 30 चैत्र तक 'राजे री सुकरात' के नाम से जाने जाते हैं। इन दिनों बाहर की संभ्रांत औरतें तथा राजकुमारियां सूही के मढ़ में आती हैं। महीने का अंतिम दिन सकरात के रूप में मनाया जाता था और यही मेले का मुख्य आकर्षण हुआ करता था। राजा तथा राजघराने के अन्य लोग और शहर के गणमान्य लोग इस दिन सूही माता के मंदिर से पूजा के बाद मां की मूर्ति के साथ 'सुकरात कुडिय़ो चिडिय़ों, सुकरात लच्छमी नरैणा हो। ठण्डा पाणी किआं करी पिणा हो, तेरे नैणा हेरी-हेरी जीणा हो..' गाते हुए राजमहल की जनानी री प्रौली (औरतों का दरवाजा) तक आते हैं। यहां मां की मूर्ति वापिस लाकर रख दी जाती है। मेले के अंतिम दिनों में गद्दी महिलाओं को भोजन कराने का विशेष प्रबंध किया जाता। बदलते परिवेश में मात्र एक सप्ताह तक सूही मेले का आयोजन हो रहा है। कन्याएं घुरेई डालने में अपनी बेइज्जती समझने लगी हैं। सभ्रांत महिलाएं इस मेले में हिस्सा लेना अपनी शान के विरुद्ध मानती हैं। राजघराने का कोई सदस्य देखने को नहीं मिलता। जो सीढिय़ां अठारहवीं सदी के अन्त में चम्बा के राजा जीत सिंह की रानी शारदा ने अपनी पूर्वज पूज्य देवी सूही की याद में बनवाई थी वह आज जर्जर अवस्था में देखी जा सकती है। सूही मढ़ में जहां शहर की औरतें बैठती व घुरेई डालती थीं वह किन्हीं अज्ञात कारणों से बंद कर दिया गया है। मालूणा जहां मां सूही ने बलिदान दिया था कि प्रजा को पानी मिल सके और आज भी वहीं से पानी का अधिकतर वितरण होता है देखने से रोना आता है।
हिमाचल का किन्नौर जिला अपनी परंपराओं, मदिरा प्रेम, संस्कृति, त्योहारों व बौद्ध मठों के लिए प्रसिद्ध है। किन्नौर के गोल्डन सेब,सूखे मेवे व हरी टोपी सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में प्रसिद्ध है। यूँ तो किन्नौर में पर्यटकों की आमद बहुत कम है लेकिन ऐसा कहा जाता है की हिमाचल की असल संस्कृति, खूबसूरती और अविश्वसनीय नज़ारों की झलक सिर्फ किन्नौर में ही मिल सकती है। किन्नौर का ऐतिहासिक दस्तावेज कहता है कि उसका अस्तित्त्व राजाओं के ज़माने से है। एक-एक करके किन्नौर में शुंग, नंद और मौर्य वंश का शासन हुआ। हिमाचल की ही किराट, कंबुज, पानसिका और वल्हिका जातियों की मदद से मौर्य वंश ने शासन जमाया। उसके बाद अशोक ने अपनी विजय पताका के झंडे गाड़े। बाद में आने वाले कनिष्क ने इसे और आगे बढ़ाया। उत्तर में कश्मीर और एशिया के दूसरे छोरों तक पहुँच बनाई। कुल मिलाकर दुनिया के कुछ गिने चुने नामी राजाओं, जिन्होंने पूरी दुनिया पर राज करने की कोशिश की, उनके विशाल साम्राज्य के एक छोटे हिस्से के तौर पर किन्नौर की पहचान रही। 1947 को जब भारत आज़ाद हुआ, तब भी महासु तहसील का एक छोटा सा हिस्सा किन्नौर था, जिसे अपनी पहचान 1960 में एक अलग ज़िले के रूप में मिली। रिकांगपिओ इस जिले का मुख्यालय है। किन्नौर के दो भाग हैं। लोअर व अप्पर किन्नौर। पूह से आगे का क्षेत्र अप्पर किन्नौर कहलाता है। ऊपरी व निचले किन्नौर की संस्कृति अलग है। अपर किन्नौर की महिलाएं दोहडू परिधान नहीं पहनतीं, वहां पर खो नामक वस्त्र कमीज के स्थान पर पहना जाता है। सिर पर एक कपड़ा बांधा जाता है जिसे फैटक कहा जाता है। यह वस्त्र वधू को शृंगार करते वक्त बांधा जाता है। गले में एक सौ मूंगों का हार पहना जाता है। हाथ में कंगन की जगह चांदी के 40-40 तोले भार के मोटे कंगन होते हैं जिन पर ड्रैगन या शेर मुख बना होता है। कान में एक तोले सोने का झुमका होता है। लोअर किन्नौर की महिलाएं यूचूरु नाम की माला पहनती हैं। लोअर किन्नौर में विशेष टोपी महिलाएं पहनती हैं जिसे टपंग कहते हैं। किन्नौरी विवाह : विवाह के अवसर पर जब दूल्हा वधू के पक्ष घर आता है तो महिलाएं विशेष आभूषण एवं वस्त्र पहनकर उनका स्वागत करती हैं तथा दोनों पक्षों के बुजुर्गों द्वारा लोकगीत गाने की प्रतिस्पर्धा होती है। फिर वर पक्ष के लोग हार मान लेते हैं तथा बारात आगे चौखट पर बढ़ती है। जहां वधू की सहेलियां व परिवार की महिलाएं फूलमाला द्वारा उनका रास्ता रोककर वर पक्ष से पैसे व उपहार मांगती हैं। फिर बारात को एक कमरे में अंदर बंद कर दिया जाता है तथा दोबारा बारात से पैसे ऐंठे जाते हैं। इसके बाद नृत्य, गायन तथा मदिरा का दौर चलता है। बाराती मफलर, कोट तथा दूल्हा लंबा वस्त्र पहनकर आता है जिसे खो कहते हैं। जब बारात वापस लौटने को होती है तब वधू की सहेलियां वधू के पांव सफेद कपड़े से बांध कर उसे रोकती हैं। फिर से बाराती उन्हें रुपये देकर उस वस्त्र को खुलवाकर उनसे वधू को ले जाने की अनुमति मांगते हैं। तीनों रस्मों में ली गई राशि एवं उपहार राशि जो रिश्तेदार और गांव के लोग देते हैं, सब वधू को विदाई के समय दे दी जाती है। शादी के दौरान एक लिखित समझौता होता है जिसमें शादी टूटने पर या वधू को तंग करने पर वर पक्ष को इज्जत राशि देनी पड़ती है तथा विवाह में दिये गये उपहार लौटाने का समझौता होता है। इसे बंदोबस्त कहते हैं। रास्ते में वापस लौटते समय यदि कोई मंदिर हो तो बारात द्वारा वहां पूजा भी की जाती है। दलोज प्रथा में लड़की वापस मायके आती है जिसमें वर के 10 लोग होते हैं। इसके बाद जब वधू वापस ससुराल जाती है तो मायके से 10 लोग फिर उसको छोडऩे जाते हैं। विवाह की रस्में मुख्य लामा द्वारा अदा की जाती हैं। फुलाइच और लोसर : हर साल सितंबर के महीने में हिमाचल प्रदेश के किन्नौर क्षेत्र में फूलों का त्योहार मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं और हिमाचल प्रदेश के लोगों, जगहों, खानपान और संस्कृति को इस मेले के ज़रिए जानने का सबसे यह सही समय है। इसके अलावा किन्नौर क्षेत्र घूमने का भी सबसे बेहतर महीना सितंबर का ही है। फुलैच के दौरान ऊंची पहाड़ी से गांव में 3-4 व्यक्ति फूल लाते हैं एवं देवता को चढ़ाते हैं। फिर मंदिर परिसर में नृत्य होता है। किन्नौर का दूसरा प्रसिद्ध त्योहार लोसर है जो दिसंबर में मनाया जाता है जिसमें रिश्तेदारों को उपहार दिये जाते हैं और मंगलमय नए वर्ष की कामना की जाती है। कुछ लड़कियां नहीं करती हैं शादी किन्नौर में कुछ लड़कियां शादी नहीं करती हैं जिन्हें जाम्मो कहते हैं और वे बौद्ध मंदिरों में अपना जीवन व्यतीत करती हैं। ये लंबा भूरा चोगा पहनती है। किन्नौर की महिलाएं गले में त्रिमणी पहनती हैं, जिसमें तीन सोने के गोलाकार मणके काले धागे में पिरोकर पहने जाते हैं। 25 फरवरी को किन्नौर के चांगो गांव में शेबो मेला मनाया जाता है जिसमें तीरअंदाजी होती है। चांगो में छ: बौद्ध मंदिर हैं जिनमें छाप्पा देवता एवं पदम संभव की मूर्तियां तथा प्राचीन पुस्तकें हैं। किन्नौर के शाल भी बहुत प्रसिद्ध हैं जिन्हें पूह तथा चांगो की महिलाएं बनाती हैं। इस प्रकार से किन्नौर की अनूठी संस्कृति है जो इसे एक नया रूप देती है। यहां के लोगों की बोली भी बहुत भिन्न है। लोअर किन्नौर के कोठी गांव में चंडिका देवी की मान्यता है। निचार में उषा देवी का मंदिर है। चितकुल में चितकुल देवी है तथा मैम्बर गांव में महेश्वर की पूजा होती है। चंडिका देवी को मदिरा का प्रसाद चढ़ता है। यह मंदिर पियो के निकट है। छोटी शादी : किन्नौर में प्रेम-विवाह को छोटी शादी कहते हैं। कुछ वर्ष बाद जब युग्लक बच्चे हो जाते है, तब पारंपरिक विवाह किया जाता है जिसे बड़ी शादी कहते हैं।
बांका हिमाचल : यह रुमाल नहीं कमाल है चंबा रुमाल का नाम अचानक सुने तो लगता है कि यह महज़ एक आम सा रुमाल होगा, लेकिन चंबा रुमाल सही मायनों में कमाल है। यह कोई मामूली रुमाल नहीं बल्कि विश्व विख्यात व कढ़ाई हस्तशिल्प से निर्मित और बेहद ख़ूबसूरत रुमाल है। अनूठी हस्तकला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध चंबा रूमाल किसी पहचान का मोहताज नहीं है। चम्बा रुमाल की हस्तकला का बोलबाला रियासतकाल से चल रहा है। वैसे तो हिमाचल प्रदेश में कला की कई तकनीक हैं जो यहां की समृद्ध शैली की परिचायक हैं, लेकिन चंबा रुमाल ने हिमाचल प्रदेश को विश्व भर में एक अलग ही पहचान दिलाई है। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में भी चंबा रूमाल की बड़ी बिक्री होती है। चंबा रूमाल की ख़ास बात ये है कि इसे रेशम व सूती कपड़े पर कढ़ाई कर इसे तैयार किया जाता है। ये रुमाल कितना ख़ास है आप इस बात से समझ सकते है कि इस रूमाल को बनाने में एक सप्ताह से दो महीने का समय लग जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में चम्बा रुमाल खरीदना आसान नहीं होता है। इसे चंबा आकर खरीदना या फिर मंगवाना पड़ता है। चंबा के संपन्न परिवार बेटी की शादी में विदाई के समय इस रूमाल का प्रयोग करते हैं। वर्तमान में ही नहीं बल्कि ब्रिटिश काल में भी अधिकारियों व पड़ोसी रियासतों के राजाओं को रूमाल उपहार के रूप में दिया जाता था। इतना ही नहीं जर्मन व इंग्लैंड संग्रहालयों में भी चंबा रूमाल मौजूद है।1965 में चम्बा रूमाल बनाने वाली कारीगर महेश्वरी देवी को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया और अब ऐसे कलाकारों की कमी नहीं, जो कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार करते हैं। 'नीडल पेंटिंग’ के नाम से भी जाना जाता है चम्बा रुमाल पहाड़ी लघु चित्र और भित्ति चित्रों को अगर कपड़े पर सूई के माध्यम से बहुत ही बारीकी से कढ़ाई करके उकेरा जाए तो वह कपड़ा किसी कलात्मक तस्वीर से कम नहीं लगता है। इसका सही मायनों में उदहारण चंबा का रुमाल है। प्रसिद्ध चम्बा के रुमाल को ‘नीडल पेंटिंग’ के नाम से भी जाना जाता है। चंबा रुमाल रेशम एवं सूती कपड़े पर दोनों ओर समान कढ़ाई कर तैयार किया जाता है। विशेष तौर पर कढ़ाई का काम औरतें करती हैं और यह कला आमतौर पर रुमाल, टोपी, हाथ के पंखे, चोली आदि पर भी की जाती है। हर किसी के बस की बात नहीं इस रखना चम्बा रुमाल पर की गई कढ़ाई को चंबा साम्राज्य के पूर्व शासकों के संरक्षण में पनपने का मौका मिला था। यह अपनी अद्भुत कला और शानदार कशीदाकारी के कारण निरंतर प्रसिद्धि की नई इबारत लिखता रहा है। चंबा का रुमाल वास्तव में कोई जेब में रखने वाला रुमाल नहीं है, बल्कि कढ़ाईदार "वॉल पेटिंग " होती है। चूंकि इससे बना रुमाल चौकोर आकार में नहीं होता है, इसलिए इसे कभी वॉल पेंटिंग की तरह सजाया जाता है तो कभी उपहार में दिया जाता है। चंबा के रुमाल के बारे में एक रोचक बात यह है कि दूर से देखने पर बेशक ये बहुत आकर्षक न लगे पर जब पास से देखते हैं तो देखने वाले को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता है। इसे जेब में रखना हर किसी के बस की बात नहीं होती, दरअसल इसकी कीमत बहुत अधिक होती है। ललिता वकील ने सात समुंदर पार पहुंचाया चम्बा रुमाल का नाम पद्मश्री ललिता वकील ने चम्बा रुमाल को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ललिता वकील को बचपन में ही शोक था कि वह चंबा रुमाल पर बेहतरीन काम करे और आज इसी काम की बदौलत इन्होंने अपने चंबा शहर के नाम के साथ अपने प्रदेश और देश का नाम सात समुंदर तक पहुंचाया। इसका श्रेय वे अपने बजुर्गो के साथ सबसे पहले चंबा कढ़ाई में राष्ट्रपति से सम्मानित माहेश्वरी देवी को देती है, जिनको की साल 1965, में सम्मान मिला था। 14 अप्रैल 1954 को चंबा के सपड़ी मोहल्ला में जन्मी ललिता वकील ने चंबा रुमाल को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई है। ललिता ने बचपन से ही चंबा रुचंबा रुमाल को नई बुलंदियों पर पहुंचाने वाली ललिता वकील को 2018 में नारी शक्ति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदान किया था। इससे पहले ललिता को 1993 में तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा और 2012 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शिल्प गुरु सम्मान दे चुके हैं। अपने पूरे जीवन में उन्हें 25 से 30 अवार्ड मिल चुके हैं। रुमाल के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम करना शुरू किया था। इस वर्ष उन्हें पदम् श्री के सम्मान से अलंकृत किया गया।
मनाेज कुमार। कांगड़ा भाजपा प्रदेश सचिव वीरेंद्र चौधरी ने जमानाबाद में महिला मंडल को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश कामगार बोर्ड द्वारा तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं जैसे शादी के लिए वित्तीय सहायता, मततृत्व पितृत्व सुविधा, चिकित्सा सहायता, शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता, विकलांग पेंशन, अंतिम संस्कार हेतु सहायता, मृत्यु सहायता, बेटी जन्म उपहार तथा अन्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस मौका पर इंदिरा देवी, शकुंतला देवी, संतोष, सिकंदरा, शुक्रि देवी, रामप्यारी, अनीता, रामा देवी, सरिता श्रेष्ठा, सुनीता, चंपा, रूमला, गोवर्धन, सरदारी, कुलदीप (नीटू), संजय, अक्षय, विजय, सुरेंद्र व अश्विनी आदि उपस्थित रहे।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के वर्तमान अध्यक्ष एवं शिमला लोकसभा क्षेत्र से दो बार रहे सांसद वीरेंद्र कश्यप जिला कांगड़ा कोहली समाज सम्मेलन में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। वीरेंद्र कश्यप के जिला कोहली सम्मेलन में भाग लेने से जिला कांगड़ा समस्त कोली समाज गौरवान्वित महसूस कर रहा है तथा वीरेंद्र कश्यप के स्वागत के लिए पूर्णतया तत्पर है। वीरेंद्र कश्यप शनिवार शाम को पालमपुर पहुंचेंगे तथा 8 मई को पंचरुखी में आयोजित जिला कोली समेलन को संबोधित करेंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला समाचार पत्र में आज छपे समाचार से ज्ञात हुआ कि मुख्यमंत्री के द्वारा आज एसडीए कॉम्प्लेक्स कसुम्पटी, शिमला में पार्किंग का शिलान्यास करवाया जा रहा है। यह बड़े आश्चर्य की बात है कि मुख्यमंत्री के द्वारा उसी पार्किंग का दूसरी बार शिलान्यास करवाया जा रहा है, जिसका पूर्व नगर निगम के महापौर, उपमहापौर व स्थानीय पार्षद के द्वारा शिलान्यास 26 अप्रैल, 2017 को कर दिया गया था और इसके लिए अम्रुत से 62 लाख रुपए का प्रावधान भी किया गया था, परंतु 2017 नगर निगम शिमला में बीजेपी के सत्तासीन होने के बाद न तो इस पार्किंग का निर्माण किया गया और आज मुख्यमंत्री को दिखावे के लिए गुमराह कर पहले से ही आरंभ इस पार्किंग का दोबारा शिलान्यास करवाया जा रहा है। इससे प्रदेश की सरकार व नगर निगम शिमला की लचर व्यवस्था उजागर हुई है। मुख्यमंत्री को इसको संजीदगी से लेकर जो भी इसके लिए दोषी है, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। यह बात संजय चौहान पूर्व महापौर नगर निगम शिमला ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्हाेंने कहा कि गत 5 वर्षों में जबसे नगर निगम शिमला व सरकार में बीजेपी सत्तासीन हुई है, तबसे एक भी विकास की नई परियोजना शिमला शहर के लिए नहीं ला पाई है। सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम ने जो करीब 4800 करोड़ रुपए की परियोजनाएं, जिनमें मुख्यतः स्मार्ट सिटी, अम्रुत, विश्व बैंक की पेयजल व सीवरेज के जीर्णोद्धार की परियोजना, शिमला शहर के सौंदर्यीकरण, टूटीकंडी से मॉल रोड के लिए रोपवे, टूटीकंडी बहुउद्देश्यीय भवन, वेस्ट तो एनर्जी कूड़ा संयंत्र, पार्किंग, पार्क आदि शामिल है। स्वीकृत करवाई थी वह भी आज तक पूरी नहीं की गई है और कई परियोजनाएं तो अभी तक आरंभ भी नहीं की गई है। स्मार्ट सिटी की जो 2906 करोड़ रुपए की स्वीकृत परियोजना रिपोर्ट है। 5 वर्षों में उसका मात्र 9 प्रतिशत पैसा ही खर्च किया गया है तथा उसके मूल प्रारूप को दरकिनार कर केवल ढंगों को लगाने का कार्य किया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि बीजेपी सरकार प्रदेश व शहर के विकास प्रति कितनी प्रतिबंध है। गत 5 वर्षों में विकास की न केवल गति थम गई है, बल्कि शहर का विकास मात्र चेहते ठेकेदारों को फायदा देने के लिए ही किया जा रहा है। इससे शिमला शहर के सौंदर्य व इसकी ऐतिहासिक महत्व नष्ट कर दिया गया है और अब मात्र कंक्रीट व लोहे के गार्डर का शहर बनाकर रख दिया है। ऐसा तब किया जा रहा है, जब शिमला शहर के विधायक सरकार में शहरी विकास मंत्री है। शिमला शहर की जनता पहाड़ो की रानी शिमला की इस बदहाली के लिए बीजेपी की सरकार व नगर निगम शिमला को कभी भी माफ नहीं करेगी।
शिवांशु शुक्ला । धर्मशाला हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं हिमाचल प्रदेश चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष एवं टिकट वितरण कमेटी के सदस्य ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का चंडीगढ़ हिमाचल भवन से लेकर परमाणु तक पहुंचने पर भव्य स्वागत। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी मिलकर लड़ेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुकेश अग्निहोत्री व धनीराम शांडिल सहित सभी नेता एकजुट होकर भाजपा को जवाब देंगे। उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार से जनता परेशान हो चुकी है, अब बदलाव के मूड़ में है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में बड़े भूकंप की स्थिति में दिव्यांगों को बचा पाना नामुमकिन होगा। प्रदेश की राज्य आपदा प्रबंधन नीति और योजना में दिव्यांगों से संबंधित आपदा प्रबंधन का जिक्र तक नहीं है। यह बड़ी गंभीर स्थिति है, क्योंकि आपदा की स्थिति में यह वर्ग सबसे ज्यादा जोखिम में होता है। संपूर्ण हिमाचल प्रदेश बड़े भूकंप के खतरे वाले हिमालय क्षेत्र में शामिल है। यह जानकारी आपदा प्रबंधन के जाने-माने विशेषज्ञ नवनीत यादव ने उमंग फाउंडेशन के एक वेबीनार में दी। वह प्राकृतिक आपदा प्रबंधन में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम( यूएनडीपी), केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करते रहे हैं तथा डूअर्स के कार्यक्रम निदेशक हैं। कार्यक्रम की संयोजक और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एमए (सोशल वर्क) की छात्रा सुमन साहनी ने बताया कि मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उमंग फाउंडेशन का यह 33वां साप्ताहिक वेबीनार था। "पहाड़ पर भूकंप का खतरा: सरकार और समाज का दायित्व" विषय पर गूगल मीट पर हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि वे आपदा प्रबंधन योजना पर पुनर्विचार के लिए सरकार से कहेंगे, ताकि उसमें दिव्यांगजनों को शामिल किया जा सके। ऐसा नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। नवनीत यादव ने भूगर्भीय हलचल की जानकारी देते हुए कहा कि समूचे हिमालय क्षेत्र में कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। हिमाचल प्रदेश का अधिकतर हिस्सा बड़े भूकंपीय खतरे के क्षेत्र (सेसमिक ज़ोन) 4 और 5 में आता है। प्रदेश में वर्ष 2011 में राज्य आपदा प्रबंधन नीति घोषित की गई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में राज्य आपदा प्रबंधन योजना तैयार की गई। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि इनमें भूकंप अथवा अन्य किसी बड़ी आपदा की स्थिति में दिव्यांगजनों के बचाव एवं राहत की योजना का कोई जिक्र तक नहीं है, जबकि यही वर्ग सबसे ज्यादा जोखिम में रहता है। आपदा से पहले की तैयारियों से जुड़ी सभी गतिविधियों जैसे कि मॉक ड्रिल व प्रशिक्षण कार्यशालाओं में दिव्यांगजनों को शामिल करने के प्रयास भी बेहद सीमित रहे हैं। नवनीत यादव ने कहा कि डिजास्टर मैनेजमेंट पॉलिसी में दृष्टिबाधित, शारीरिक विकलांग, मूक बधिर, बौद्धिक अक्षमता वाले, डेफ-ब्लाइंड एवं अन्य दिव्यांगों के बारे में कार्य योजना को शामिल किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी उन्हें जोड़ा जाए। भूकंप के बारे में प्रचार सामग्री ब्रेल, ऑडियो और साइन लैंग्वेज में भी बनाई जाए। इसके अलावा प्रचार सामग्री को हिंदी एवं स्थानीय पहाड़ी भाषाओं में भी छापा जाए। उन्होंने बताया कि मनुष्य अपनी गलतियों से भूकंप में जान माल का नुकसान करता है। यदि भूकंपरोधी भवन बनाए जाएं, घर या दफ्तर में अलमारियां और उसके ऊपर रखे सामान, पानी की टंकी व गमले आदि को गिरने से रोकने के प्रबंध हों, तो चोट एवं मृत्यु का खतरा काफी घट जाता है। भूकंप में 70 प्रतिशत लोग मलबे में दबकर नहीं, बल्कि घर के भीतर अलमारी या अन्य सामान गिरने से लगी चोट से मरते हैं या विकलांग हो जाते हैं। पहले स्वयं को बचाएं और उसके बाद दूसरों को बचाने पर ध्यान फोकस करें। भूकंप आने के बाद आग लगने का खतरा भी काफी अधिक होता है। इसलिए राहत और बचाव के प्रशिक्षण में इस पर भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार अभी भारत में भूकंप की पूर्व सूचना देने का प्रभावी तंत्र मौजूद नहीं है। जैसा कि जापान एवं कुछ अन्य देशों में है। इस बारे में रिसर्च पर अधिक फोकस की आवश्यकता है। भूकंप रोधी मकान बनाने की तकनीक भारत में आसानी से उपलब्ध है। पुराने बने भवनों को भी थोड़ा सा प्रयास करके भूकंपरोधी बनाया जा सकता है, लेकिन आमतौर पर कुछ सरकारी भवनों को छोड़कर अन्य भवन बनाने में लोग नेशनल बिल्डिंग कोड लागू नहीं करते। कार्यक्रम के संचालन में उदय वर्मा, साहिबा ठाकुर और मुकेश कुमार ने सहयोग दिया।
1.4 अरब से अधिक लोगों के देश पर शासन करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा यूक्रेन युद्ध के दौरान सरकार के प्रयासों पर अपनी "भ्रामक" राजनीति पर उतरी कांग्रेस भारत ने 400 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को भी हासिल कर लिया , हम निर्यात हब बन रहे हैं फर्स्ट वर्डिक्ट। बिलासपुर भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने शाहतलाई में एक ग्राम केंद्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस में नेता जन्म से बनता है और भाजपा में पार्टी के लिए काम और कड़ी मेहनत से बनता है। यह कुछ दिन पहले घोषित कांग्रेस की प्रदेश कार्यसमिति के गठन में काफी स्पष्ट है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह वंशवाद की राजनीति का एक आदर्श उदाहरण है, जो कांग्रेस में हावी है। बूथ स्तर पर हमारे कार्यकर्ता हमारी पार्टी के स्तंभ हैं। उन्होंने भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है , आज भाहपा 1.4 अरब से अधिक लोगों के देश पर शासन करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा में बूथ स्तर का कार्यकर्ता किसी राज्य का मुख्यमंत्री, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी अध्यक्ष और देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। अगर आप करीब से देखें तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। उनका जन्म 1965 में मंडी जिला के एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता गरीब थे और उनके लिए तीन बेटों और दो बेटियों के परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल था। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिमी भारत के गुजरात राज्य में एक गरीब परिवार में पैदा हुए थे, जो लड़का कभी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचता था, वह देश की पीढ़ियों में सबसे प्रभावशाली भारतीय नेता बन गया है। खन्ना ने कांग्रेस पर यूक्रेन युद्ध के दौरान सरकार के प्रयासों पर अपनी "गुमराह करने वाली" राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ कांग्रेस नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने भ्रामक प्रचार करने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश की, जब सरकार का पूरा प्रयास छात्रों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि जब देश युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे छात्रों को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था, तो राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कुछ नेताओं ने न सिर्फ सरकार को बदनाम करने की कोशिश की, बल्कि रूस पर कुछ टिप्पणियां भी की। राहुल गांधी को नेपाल में एक पार्टी में भी देखा गया था, जब उनकी पार्टी राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में कठिन समय से गुजर रही थी। ऐसा लगता है कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी देश को एक महान शक्ति के रूप में आगे ले जाने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का हर कार्यकर्ता समर्पित भाव से गरीबों, वंचितों, दलितों, शोषितों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए काम करने के लिए खड़ा है। मोदी सरकार जवाबदेही वाली सरकार है, समस्याओं को हल करने वाली सरकार है। देश को नई दिशा और दृष्टि देने वाली सरकार है। खन्ना ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के 80 करोड़ गरीब लोगों को प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं/चावल, प्रति परिवार एक किलो दाल उपलब्ध कराने का काम किया है। हाल ही में भारत ने 400 अरब डॉलर यानी 30 लाख करोड़ के निर्यात लक्ष्य को भी हासिल कर लिया है। प्रथम दृष्टया, यह अर्थव्यवस्था से संबंधित मामले के रूप में सामने आ सकता है, लेकिन अर्थव्यवस्था से अधिक, यह भारत की क्षमता से संबंधित है। इसका मतलब है कि दुनिया में भारतीय सामानों की मांग बढ़ रही है और हम एक्सपोर्ट हब बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है की हिमाचल प्रदेश के लोगों को राज्य और केंद्र में डबल इंजन वाली सरकार का लाभ मिला है। क्योंकि विकास परियोजनाओं की गति और विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन को गति मिली है। आयुष्मान भारत योजना और हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमकेयर नामक एक समान योजना शुरू की, जिसमें राज्य के कुल 1.25 लाख निवासियों को इन योजनाओं के तहत मुफ्त इलाज मिला है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल, प्रदेश महासचिव त्रिलोक जमवाल, प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा, जिलाध्यक्ष स्वतंत्र शंखयान और बलदेव शर्मा भी उपस्थित थे।
अभी-अभी चंबा- भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग लेच पुल के पास एक आल्टो कार दुर्घटनाग्रस्त होने का समाचार मिला है। इस गाड़ी में दो लोग सवार बताए जा रहे हैं। एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि दूसरा गंभीर जख्मी बताया जा रहा है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार 26 मई 2022 को अपने सफल 8 साल पूरे करेगी। केंद्र में भाजपा के इस गौरवशाली शासन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को एक मान दिलवाया है, पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में हमारा देश और पार्टी महाशक्ति बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 135 करोड़ की आबादी वाले देश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को मुफ्त में टीकाकरण एक ऐतिहासिक निर्णय है, मोदी जी के इस निर्णय के कारण, भारत दुनिया भर में प्रति 10 लाख टीकाकरण में अग्रणी रहा है और बहुत जल्दी हम लगभग सभी को टीका लगाने के लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे। केंद्र सरकार ने जुलाई और अगस्त में टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समाज के सभी वर्गों के लिए आयुष्मान भारत सीएपीएफ स्वास्थ्य देखभाल योजना, ग्राम उजाला योजना, पीएम गतिशक्ति, रेल कौशल विकास योजना, पीएम-दक्षिण योजना, आरबीआई की खुदरा प्रत्यक्ष योजना, एकीकृत लोकपाल योजना शुरू की हैं, 7,000 से अधिक गांवों में 4जी नेटवर्क कुछ प्रमुख योजनाएं हैं जो भारत को नए भारत बनने की ओर अग्रसर करवा रही है। हमारी जयराम ठाकुर सरकार ने हिमकेयर योजना भी दि है जिसके तहत 4.62 लाख परिवारों ने अपना पंजीकरण कराया है, वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा योजना 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य कवर देती है, मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री 1 बीघा योजना, सौर सिंचाई योजनाएं का जनता अधिकतम लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 51,365 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जबकि 2021-22 में 49,131 करोड़ का बजट पेश किया था, 2022-23 के बजट में गरीबों और सामाजिक सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया गया था। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महिलाओं के लिए एचआरटीसी बसों में यात्रा करने पर 50 प्रतिशत की छूट दी, 125 यूनिट तक के सभी बिजली उपभोक्ताओं को 1 जुलाई से जीरो बिल मिलेगा, जिससे 11.5 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा, जिन्हें लगभग 250 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी परिवारों से पानी का बिल नहीं लिया जाएगा, जिससे जनता को 30 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। यह सभी घोषणाएं मुख्यमंत्री ने हिमाचल दिवस पर की थी। यह स्पष्ट है कि हमारी सरकार सर्व हित समाज की नीतियों पर काम करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है और दुनिया भर में हमारे देश की छवि खराब की है। जब से मोदी जी ने प्रधान मंत्री का पद संभाला है, उन्होंने देश में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दिया है, भाजपा के पिछले 8 वर्षों के शासन में कोई भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है।
धौलाधार कान्वेंट स्कूल भवारना के बच्चे खेलो इंडिया में भाग लेने के लिए चुने गए। राजस्थान राज्य गैलरी पे टू एसोसिएशन द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें उत्तर भारत के बच्चों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री केनेतृत्व के तहत भारत सरकार ने केंद्रीय युवा मामलों और खेल मंत्री के माध्यम से स्वदेशी/ पारंपरिक मार्शल आर्ट जैसे, मलखम और गतका को पुनर्जीवित करने के लिए एक परियोजना शुरू की है। प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन भारतीय कलारिपयट्टू फेडरेशन के महासचिव कुलधारा सोमन और सीईओ विशाल सिंह ने किया। खेलो इंडिया में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व धौलाधार कान्वेंट स्कूल के आठ बच्चे मान्या, तनवी, अनामिका, शिवांग, शिवांश, ऐश्वर्या, हर्षिल और रॉनिश करेंगे। स्कूल के संस्थापक रमेश चंद मेहरा व् प्रधानाचार्य अनुपम मेहरा ने सभी बच्चों को बधाई दी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मन्त्री डॉ. राजीव सैजल ने आज कसौली उपमण्डल के धर्मपुर में सम्पर्क मार्ग धर्मपुर-आंजी थड़ी का शिलान्यास किया। डॉ. सैजल ने गांव आंजी में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 5 करोड़ 9 लाख 76 हजार रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले सम्पर्क मार्ग से गांव रडो पैन्द, आंजी, बशौरी और थड़ी के लगभग 2 हजार लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कसौली उपमण्डल में हर प्रकार की मूलभूत सुविधा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नि:शुल्क गैस कुनेक्शन के साथ तीन रिफिल भी प्रदान किए जा रहे हंै। डॉ. सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में ज़रूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में हिमकेयर योजना कारगर सिद्ध हुई है। महत्वाकांक्षी हिमकेयर योजना के तहत जिला में लगभग 22 हजार पंजीकृत रोगियों को 12 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अब हिमकेयर योजना का पंजीकरण पूरे वर्ष किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हिमकेयर कार्ड की वैधता तीन वर्ष की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन में अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके इसके लिए सभी वर्गों के लिए आयु सीमा 60 वर्ष की गई है। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से आहवान किया कि वे बच्चों को भारतीय संस्कृति के बारे में आवश्यक ज्ञान दें। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों में अपनी रूची बढ़ाने के लिए प्रेरित भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सम्पर्क मार्ग धर्मपुर-आंजी थड़ी समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. सैजल ने विकास खण्ड धर्मपुर की ग्राम पंचायत कोटला के कादों गांव में 10 लाख रुपये की अनुमानित लागत से सामुदायिक भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने स्थानीय लोगों को अक्षय तृतीय, भगवान परशुराम जयंती तथा ब्रिजेशवर देवता की जयंती की शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर ग्राम विकास समिति आंजी के मोहन कौशल और सदस्यों ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. सैजल ने लोगों की समस्याएं भी सुनी तथा अधिकतर का मौके पर निपटारा किया। भाजपा मण्डलाध्यक्ष कसौली कपूर सिंह वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव कश्यप, अध्यक्ष जिला सहकारी संघ सोलन सुंदरम ठाकुर, बीडीसी कसौली उपाध्यक्ष मदन मोहन मेहता, जिला परिषद सदस्य दर्पणा ठाकुर, जिला अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष कृपाल सिंह, प्रधान ग्राम पंचायत कोटला अनिता शर्मा, उप प्रधान लीला दत्त, गुलहाड़ी पंचायत के उप प्रधान दिनेश गोवर्धन, ग्राम विकास समिति आंजी के प्रधान मोहन कौशल, नेक राम, ओम प्रकाश, कल्पना ठाकुर, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, भाजपा तथा भाजायुमो के विभिन्न पदाधिकारी, लोक निर्माण विभाग कसौली के अधिशाषी अभियंता एम.एल. शर्मा इस अवसर पर उपस्थित रहे।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने विश्वविद्यालय द्वारा चालक के पद के लिए ड्राइविंग टेस्ट और दस्तावेज मूल्यांकन की तारीख को अधिसूचित कर दिया है। विश्वविद्यालय द्वारा चालक (अनुबंध आधार पर, पोस्ट कोड 212) और चालक (दैनिक वेतन आधार, पोस्ट कोड 213) के पदों के लिए ड्राइविंग टेस्ट और दस्तावेज मूल्यांकन क्रमश: 7 मई और 8 मई को सुबह 10: 30 बजे आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 4 मई को कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणू के प्रवास पर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री 4 मइ को प्रात: 11.50 बजे गेबरियल रोड सैक्टर-2, परवाणू में पीआईए सदन का उद्घाटन करेंगे। इसके पश्चात प्रात: 11:55 बजे टरमिनल सेब मंडी, परवाणू में विभिन्न विभागों की विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन करने के उपरांत जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे।
एक पिकअप के पलटने से एक महिला के जख्मी होने का समाचार प्राप्त हुआ है। इस संबंध में गांव जाबली के अशोक ने पुलिस को बताया कि वह एक ढाबा चलाता है। उसने कहा कि सुबह के समय परवाणु की ओर आ रही पिकअप अनियंत्रित होकर लेन की बाईं तरफ नाली में पलट गई। इसमें पेंट लोड किया हुआ था। वहीं इस हादसे में एक महिला भी पिकअप की चपेट में आ गई। उक्त महिला फैक्टरी में ड्य़ूटी के लिए जा रही थी। बड़ी मशक्कत से उस महिला को बाहर निकाला गया। चालक की पहचान ओम प्रकाश के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सराज विधानसभा क्षेत्र की उप-तहसील छतरी में 14.09 करोड़ लागत की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। इसमें ग्राम पंचायत गतू और छतरी में 13.04 करोड़ रुपये की 6 परियोजनाओं के लोकार्पण और 1.05 करोड़ की 2 परियोजनाओं के शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मेला मैदान चपलांदी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए छतरी में महाविद्यालय खोलने, माध्यमिक पाठशाला वोहल सैंज को उच्च पाठशाला, माध्यमिक पाठशाला बगड़ाथाच को उच्च पाठशाला, प्राथमिक पाठशाला गतू गलू को माध्यमिक पाठशाला, प्राथमिक पाठशाला रूमणी को माध्यमिक पाठशाला में स्तरोनत करने और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिहणी में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत जरेहड़ व ग्राम पंचायत गतू के बेठवां में स्वास्थ्य उप-केंद्र खोलने, थुनाची के स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने, काकड़ाधार में पशु औषधालय खोलने, मैहरीधार में वन निरीक्षण कुटीर का निर्माण करने तथा चपलांदी में नई राहें-नई मंजिल के अन्तर्गत निरीक्षण कुटीर का निर्माण करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत काकड़ाधार में 80 लाख रुपये की सेरी बागा जलापूर्ति योजना के पुनर्निर्माण से गांव नेहरा, कांढल, भझौणी तथा गांव चावग के लोगों को पर्याप्त पेयजलापूर्ति की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत छतरी में 79 लाख रुपये की बेठवां बहाव सिंचाई योजना तथा 1.97 करोड़ रुपये की छतरी से कोहीधार बहाव सिंचाई योजना के लोकार्पण और 67 लाख की लागत से निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना ब्रयोगी, गिनी निहरी तथा करगानू बगडैहन से पर्याप्त जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध होगी। कृषि उत्पादों की पैदावार में बढ़ोतरी होने से क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि 3.07 करोड़ की लागत से राणा बाग से बिहानी सेरी सड़क तथा 4.91 करोड़ की लागत से छतरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण होने से क्षेत्र के लोगों की मांग पूरी हुई है। उन्होंने 38 लाख की लागत से बनने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चपलांदीधार के भवन का भी शिलान्यास किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 1.50 करोड़ की लागत से निर्मित छतरी विश्रामगृह के अतिरिक्त भवन का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी, उपायुक्त अरिन्दम चौधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, भाजपा मंडल के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी में स्थित ऐतिहासिक मिंधल माता के इतिहास को संजोए रखने के लिए माता मेरी माता मिंधला दी रानी भजन मंगलवार को य-ूट्यूब पर रिलीज किया गया है। इस भजन को हिल्स एकेडमी भद्रम में रिलीज किया गया है। भजन के निर्देशक सीएल ठाकुर ने बताया कि पांगी घाटी के मिंधल माता का इतिहास संजोए रखने के लिए इस भजन को गाया गया है। उन्होंने बताया कि इस भजन को वीरू राणा द्वारा नरेंद्र म्यूजिकल ग्रुप स्टूडियो सरोल में गाया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वीरू राणा पांगी के एक छोटे से गांव में मिंधल के रहने वाले हैं। और मौजूदा समय में एक पत्रकार है। मिंधल माता के प्रति काफी श्रद्धा रखते हैं। इससे पहले भी वह कई बार मिंधल माता के दरबार में जगराता कर चुके हैं। इस भजन के माध्यम से वीरू राणा द्वारा मां के भक्तों को यह बताया गया है कि मां मिंन्धलवासनी कैसे प्रकट हुई है और मिंधल गांव आत तक क्यों शाप से मुक्त नहीं हो पाया है। आपको बता दें कि मिंदर गांव में एक बैल से की जा रही खेतीबाड़ी के बारे में भी इस भजन के माध्यम से बताया गया है। वीरू राणा बचपन से ही एक कलाकार बनना चाहता था लेकिन परिस्थितियों की वजह से नहीं बन पाए। आज के समय में वीरू राणा द्वारा अपना एक वेव पोर्टल चलाते है। साथ ही वीरू राणा के वेब पोर्टल को हाल ही में गूगल द्वारा मीडिया पार्टनर में लिया गया है। वहीं यूएसए की एक नामी कंपनी इजॉइक द्वारा वीरू राणा के वेब पोर्टल को मोनेटाइज वेब पार्टनर बनाया गया है और यह प्रदेश का पहला वेब पोर्टल है जोकि इजॉइक व गुगल जैसी नामी कंपनियों का मीडिया पार्टनर है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नव नियुक्त अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह के सम्मान हेतु पांच मई को चौड़ा मैदान में अभिनदंन समारोह करवाया जा रहा है। इसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला, प्रभारी के साथ सहयोगी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव संजय दत्त, तजेंद्र पाल सिंह बिट्टू व गुरकीरत सिंह इस समारोह में विशेष तौर पर शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर,नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, प्रचार समिति के अध्यक्ष विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित प्रदेश कांग्रेस के नव नियुक्त चारों कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन,राजेन्द्र राणा, विनय कुमार व पवन काजल भी विशेष तौर पर इस सम्मान समारोह में उपस्थित रहेंगे। कांग्रेस महामंत्री संगठन रजनीश किमटा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में तैयारियों का जायजा लेते हुए पार्टी के सभी पदाधिकारियों को इस समारोह को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चौड़ा मैदान में होने वाली यह रैली प्रदेश में चुनाव का आगाज होगा, इसलिए इसमें सभी को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। यह समारोह वीरभद्र सिंह को याद करते हुए प्रतिभा सिंह के लिए पार्टी की एकता का एक संदेश भी होगा और वीरभद्र सिंह के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प दिवस भी होगा। किमटा ने सभी कांग्रेस विधायकों, पूर्व विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों जिला अध्यक्षों व ब्लॉक अध्यक्षों से समारोह में शामिल होने का आग्रह किया।
हिमाचल के कांगड़ा में जब से आम आदमी पार्टी ने सफल रैली का आयोजन किया है तब से ना जाने भाजपा के नेताओं का कांगड़ा से बड़ा लगाव हो गया है। माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर यहां पर लगातार डेरा डाले हुए हैं। सुनने में आया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कांगड़ा और चंबा का दौरा करने आ रहे हैं। सरकार को शीतकालीन सत्र में कांगड़ा की याद नहीं आई न जाने क्यों चुनावी फसल देखते हुए अब कटाई के लिए पूरे जोर-शोर से जुट गए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता पंकज पंडित ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर चंबी ग्राउंड में आने वाले थे लेकिन चंबी ग्राउंड में भीड़ जुट पाने के चलते उन्हें शाहपुर के एक मैदान में ही अपना कार्यक्रम करना पड़ा और इस कार्यक्रम में सिर्फ सरकारी लोगों का ही जमावड़ा रहा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भाजपा जुमलेबाजी के लिए जाने जाती है और बड़े बड़े भाषण दिए जा रहे थे लेकिन कार्यक्रम से महिलाओं ने किनारा कर उनकी पोल खोल डाली। महिलाओं ने कार्यक्रम से किनारा करते हुए मुख्यमंत्री जयराम से पूछा कि हमारे बच्चों को रोजगार कब मिलेगा भाषण नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें रोजगार चाहिए, शिक्षा चाहिए, स्वास्थ्य चाहिए लेकिन भाषण नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि साढे 4 साल में भाजपा सरकार ने कुछ कार्य नहीं किया है, अब लोगों ने मन बना दिया है कि वे ऐसी जुमलेबाजी सरकार को सत्ता से बेदखल करके ही दम लेगी। इससे पहले बल्ह के विधायक को भी युवाओं के सवालों का सामना करना पड़ा और विधायक को मंच छोड़कर भगना पड़ा। शाहपुर में जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने खुलकर सरकार की पोल खोली है उससे साफ है कि जयराम सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। पंकज पंडित ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि आजकल मुख्यमंत्री का अपने गृह क्षेत्र से ज्यादा लगाव जुड़ गया है। सिराज विधानसभा क्षेत्र में कुछ ज्यादा ही उत्सव मनाया जा रहा है, कोई खेल उत्सव है तो कोई महिला मंडल के कार्यक्रम है उसमें अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हर महीने 3 से 4 बार अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। जो पहले कई कई दिनों बाद हुआ करता था। उन्होंने कहा कि जिस तरह की खेल उत्सवों का आयोजन सराज विधानसभा क्षेत्र में किया जा रहा है, उसी तरह का आयोजन प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में किया जाना चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अब अपनी जमीन खिसकने का डर सता रहा है इसलिए अपने गृह विधानसभा क्षेत्र में डेरा जमाए हुए हैं । उन्होंने कहा कि जिस तरह से आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता और जनाधार बढ़ रहा है उससे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को आभास हो गया है कि उनकी हार निश्चित है और उनके घर द्वार तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा है कि भाजपा प्रदेश के किसी भी कोने में चाहे पीएम मोदी की रैली करें या फिर झूठी घोषणाएं करें लेकिन प्रदेश की जनता इनके बहकावे में नहीं आने वाली है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हिमाचल में आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता और जनाधार बढ़ रहा है, उससे हिमाचल में आम आदमी पार्टी पहला विकल्प लोगों के लिए बन रही है।
श्री बालाजी हॉस्पिटल के सीएमडी डॉ राजेश शर्मा द्वारा चलायी जा रही मुहिम "डॉक्टर आपके द्वार" के चलते श्री बालाजी हॉस्पिटल के चिकित्सक मंगलवार के दिन देहरा के पंचायत मानगढ़ पहुंचे। श्री बालाजी हॉस्पिटल नि:शुल्क मेडिकल कैंप लगा कर लोगों को उनके घरों के पास ही स्वास्थ्य लाभ दे रहे हैं और लोगों को बीमारियों के लिए जागरूक भी किया जा रहा है जिससे समय रहते ही इलाज किया जा सके। मंगलवार के दिन देहरा के पंचायत मानगढ़ पहुंचे श्री बालाजी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने लोगों का स्वास्थ्य जांचा और उन्हें नि:शुल्क दवाइयां भी दीं। इस दौरान गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को कांगड़ा स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती होने की सलाह दी गई। श्री बालाजी हॉस्पिटल अब तक 63 नि:शुल्क मेडिकल कैंपों का आयोजन कर चुका है। जिसमें हजारों लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया है। यही नहीं इन कैंप में मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की जाती है। श्री बालाजी हॉस्पिटल के सीएमडी डॉ राजेश शर्मा अकसर लोगों की सेवा के लिए तैयार रहते हैं। यह उन्ही की सोच का नतीजा है कि जो लोग घरों से दूर हॉस्पिटल में नहीं पहुंच सकते, ऐसे लोगों का उनके घर द्वार पर ही इलाज किया जाए। डॉ राजेश शर्मा का कहना है आगे भी निःशुल्क कम्पों के जरिये वो लोगों की सेवा करते रहेंगे। जिससे लोगों को अपने घर द्वार पर ही स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को कांगड़ा बाईपास के समीप 5 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले भगवान परशुराम संस्कृति भवन का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान परशुराम ने हमेशा ही कमजोर वर्ग के उत्पीड़न और उनके साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम शास्त्र और शस्त्र दोनों के ज्ञाता थे। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने असहाय और शक्तिहीन की रक्षा के लिए भगवान परशुराम को परशु प्रदान किया था और उसके बाद उनका नामकरण परशुराम हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि हिमाचल से भगवान परशुराम का गहरा नाता है क्योंकि सिरमौर जिले की रेणुका झील भगवान परशुराम की मां माता रेणुका को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष रेणुका में रेणुका मेला आयोजित किया जाता है, जो मां और बेटे के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऋषि जमदग्नि के पुत्र भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के अवतार थे। जयराम ठाकुर ने प्रदेशवासियों को अक्षय तृतीया की भी बधाई देते हुए कहा कि हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगा नदी स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं और महाभारत का युद्ध संपन्न हुआ था। मुख्यमंत्री ने इस भवन निर्माण के लिए 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस भवन निर्माण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने लोगों से इस भवन निर्माण के लिए उदारता से योगदान करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सराज विधानसभा क्षेत्र की उप-तहसील छतरी में 14.09 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए, इसमें ग्राम पंचायत गतू और छतरी में 13.04 करोड़ रुपये की 6 परियोजनाओं के लोकार्पण और 1.05 करोड़ रुपये की 2 परियोजनाओं के शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मेला मैदान चपलांदी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए छतरी में महाविद्यालय खोलने, माध्यमिक पाठशाला वोहल सैंज को उच्च पाठशाला, माध्यमिक पाठशाला बगड़ाथाच को उच्च पाठशाला, प्राथमिक पाठशाला गतू गलू को माध्यमिक पाठशाला, प्राथमिक पाठशाला रूमणी को माध्यमिक पाठशाला में स्तरोनत करने और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिहणी में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत जरेहड़ व ग्राम पंचायत गतू के बेठवां में स्वास्थ्य उप-केंद्र खोलने, थुनाची के स्वास्थ्य उप-केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने, काकड़ाधार में पशु औषधालय खोलने, मैहरीधार में वन निरीक्षण कुटीर का निर्माण करने तथा चपलांदी में नई राहें-नई मंजिल के अन्तर्गत निरीक्षण कुटीर का निर्माण करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत काकड़ाधार में 80 लाख रुपये की सेरी बागा जलापूर्ति योजना के पुनर्निर्माण से गांव नेहरा, कान्ढल, भझौणी तथा गांव चावग के लोगों को पर्याप्त पेयजलापूर्ति की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत छतरी में 79 लाख रुपये की बेठवां बहाव सिंचाई योजना तथा 1.97 करोड़ रुपये की छतरी से कोहीधार बहाव सिंचाई योजना के लोकार्पण और 67 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना ब्रयोगी, गिनी निहरी तथा करगानू बगडैहन से पर्याप्त जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध होगी। कृषि उत्पादों की पैदावार में बढ़ोत्तरी होने से क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि 3.07 करोड़ रुपये की लागत से राणा बाग से बिहानी सेरी सड़क तथा 4.91 करोड़ रुपये की लागत से छतरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण होने से क्षेत्र के लोगों की मांग पूरी हुई है। उन्होंने 38 लाख रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चपलांदीधार के भवन का भी शिलान्यास किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 1.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छतरी विश्राम गृह के अतिरिक्त भवन का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्याे की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत बगड़ाथाच, झरेड़, गतू तथा ग्राम पंचायत छतरी में 1896 लाख की विभिन्न पेयजल योजनाओं तथा ग्राम पंचायत बरयोगी, काकड़ाधार, छतरी और बुंग रैल चौक में 1629 लाख की पेयजल योजनाओं का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका हैै। इन विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कर इनका लोकार्पण किया जाएगा जिससे क्षेत्र के लोगों को व्यापक स्तर पर सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए ग्रामीण उत्थान जरूरी है इसलिए ग्रामीणों के आर्थिक सुधार और सामाजिक बदलाव के लिए राज्य में गत चार वर्षो के दौरान अनेक विकासात्मक योजनाएं लागू की गई हैं।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को गृह निर्माण हेतू स्वीकृति पत्र प्रदान किए। उन्होंने सेरी से राणा बाग सड़क पर बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ग्राम पंचायत गतू के प्रधान संगत राम धीमान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए पंचायत में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
राजकीय उच्च विद्यालय कशलोग में मुख्याध्यापिका रेखा राठौर की अध्यक्षता में परशुराम जयंती तथा ईद के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर विद्यालय की छात्रा भारती ने कहा कि भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में महर्षि भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। उन्हीं को याद करने के लिए हर साल पूरे भारतवर्ष में वैशाख माह की अक्षय तृतीय शुक्ल को महर्षि परशुराम जयंती मनाई जाती है। इसी के साथ-साथ ईद पर भी नोवी कक्षा के छात्र उदय ने अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र ने कहा कि ईद उल फितर का त्योहार रमजान के महीने के खत्म होने के बाद आता है। इस दिन लोग प्रातकाल जल्दी उठकर नए कपड़े पहनकर सुबह ईद की नमाज पढ़ने जाते हैं और एक दूसरे से गले मिलकर भाईचारा बढ़ाते हैं। इस अवसर पर मुख्याध्यापिका रेखा राठौर सहित समस्त विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
मंगलवार हिमाचल अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष मुनीष गर्ग के नेतृत्व में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से धर्मशाला सर्किट हाउस में नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता की मांग के संबंध में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मजबूती के साथ अपनी मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। कर्मचारियों ने कहा कि पिछले चार सालों से प्रदेश के हर कोने से वरिष्ठता की मांग उठाई गई, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण प्रदेश के लगभग 70 हजार कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है। कर्मचारियों का कहना है जब प्रदेश सरकार ने हर कर्मचारी वर्ग की मांगों को सुना है, तो फिर उनकी मांगों को क्यों अनसुना किया जा रहा है? हिमाचल अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि सरकार भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता देने के वायदे को पूरा करे। सरकार कर्मचारी के सेवा की गणना उनके नियमितीकरण से कर रही है,न कि उनकी प्रथम नियुक्ति से। कमीशन और बैच के आधार पर नियुक्त यह कर्मचारी सभी नियमों और सेवा शर्तों को पूरा करके नियुक्त हुए हैं। इसलिए इनकी सर्विसेज को प्रोमोशन और अन्य सेवालाभों के लिए नियुक्ति की तिथि से गिना जाए, न कि नियमितीकरण की तिथि से। कर्मचारियों ने कहा कि उनका चयन भर्ती एवम पदोनती नियमों के अनुसार हुआ है इसलिए उनके अनुबंध की सेवा को उनके कुल सेवा काल में जोड़ा जाना तर्क संगत है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष इस मांग को 50 से अधिक बार उठाया जा चुका है। मुख्यमंत्री खुद भी कह चुके हैं कि आपकी यह मांग जायज है। जेसीसी की बैठक में भी इस मांग पर कमेटी गठन की बात कही गयी,लेकिन उसपर भी कोई कमेटी नही बनी। जेसीसी में अधिकांश मांगो पर कार्यवाही हुई है, लेकिन वरिष्ठता के लिए कमेटी के गठन तक नही हुआ है जिससे कर्मचारियों में निराशा है। नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता ना मिलने से वरिष्ठता लिस्ट में विसंगतियां आई हैं। जिन्हें डेट ऑफ अपॉइंटमेंट से वरिष्ठता देकर ही दूर किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की मांगों को ध्यान से सुना और उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
ब्राह्मण कल्याण परिषद मंडल जयसिंहपुर द्वारा परशुराम समुदायिक भवन सकोह में परशुराम की जयंती बड़े उल्लास के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम की मुख्यअतिथि राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने शिरकत की । जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र धीमान ने हिमाचली टोपी पहना कर उनका स्वागत किया। राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने भगवान परशुराम जयंती की सभी को बधाई दी। वही ब्राह्मण कल्याण परिषद के प्रधान जगदीश प्रसाद ने कहा की भगवान परशुराम की जयंती हम अपने संस्कारों को जागरूक करने के लिए श्रमिक रूप से मानते हैं, ताकि लोगों को अपने पिछले संस्कारों पर कायम रहे। इस अवसर पर जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र धीमान एसडीयम पवन शर्मा, देश राज शर्मा, अनिश सुगा के साथ अन्य ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे।
जिला परिषद कैडर कर्मचारी अधिकारी महासंघ जिला हमीरपुर का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से उनके निवास स्थान पर जाकर मिला। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने एक मांग पत्र भी उन्हें सौंपा और उन्हें आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। जिला परिषद केडर अधिकारी व कर्मचारी महासंघ जिला हमीरपुर के प्रधान अशोक कुमार न बताया कि जिला परिषद कैडर में कार्यरत सभी कर्मचारी अधिकारियों को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ जोड़ा जाए। उस में विलय किया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद कैडर के अधीन कार्यरत करीब 5000 अधिकारी कर्मचारी पिछले 24 वर्षों से विभाग में विलय की राह देख रहे हैं। इस कैडर के अधीन पंचायत सचिव तकनीकी सहायक कनिष्ठ अभियंता सहायक अभियंता अधिशासी अभियंता लेखापाल कर्मचारी सभी आते हैं। बहुत लंबे अंतराल के बाद नियमितीकरण होने पर जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों को अन्य विभागों की तरह स्थायी सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर सुविधाएं व वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे। जबकि जिला परिषद कैडर में सभी कर्मचारी अधिकारी पंचायती राज विभाग ग्रामीण विकास विभाग का कार्य कर रहे हैं। हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त विभाग द्वारा जिला परिषद कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की वित्तीय लाभ देने से इंकार कर दिया गया है। जिला परिषद कैडर में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी सरकारी कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते हैं, जबकि जिला परिषद कर्मचारी अधिकारियों का वेतन हिमाचल प्रदेश सरकार की ग्रांट इसी हेड से जारी किया जाता है। इतनी लंबी सेवाओं के बावजूद भी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग का कार्य बखूबी निभाने के उपरांत भी यदि हमें सरकारी कर्मचारी की श्रेणी में नहीं लिया जाता है, तो हमारे लिए बहुत ही दुखद बात है। इसलिए जिला परिषद कैडर में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियों को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग में विलय किया जाए क्योंकि 1984 अधिसूचना से पंचायत समिति के तहत काम कर रहे पंचायत सचिवों को ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग में नियुक्ति की दिनांक से विलय किया गया था। इस अधिसूचना की तर्ज पर समस्त जिला परिषद कैडर के कार्य कर्मचारी अधिकारियों को पूर्व की समस्त सेवा विधि व वरिष्ठता को यथावत रखते हुए पंचायती राज अथवा ग्रामीण विकास विभाग की नियुक्ति की दिनांक विलय करने की अनुकंपा करें। समस्त कर्मचारी आपके जीवन भर आभारी रहेंगे। इस मौके पर संघ की ओर से मनोहर लाल अश्विनी कुमार कृष्ण चंद्र विजय कुमार राजीव कुमार राजीव कुमार दिनेश कुमार योगीरज के साथ-साथ संघ के दर्जनों सदस्य कर्मचारी मौजूद रहे। प्रतिनिधि मंडल की तमाम बातें एवं उनके द्वारा दी गई जानकारी पर पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि उन्होंने जो मांग पत्र उन्हें सौंपा है। उस पर संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा एवं किसी भी कर्मचारी का शोषण न हो।
दाड़लाघाट शिव मंदिर में देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं देवभूमि सवर्ण समाज ने संयुक्त रुप से परशुराम जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेश सचिव जयदेव सिंह ठाकुर ने की। उन्होंने क्षत्रिय संगठन तथा सवर्ण समाज के लोगों से कहा की वे एकजुट होकर अपनी संस्कृति व अपने धर्म की रक्षा करें क्योंकि कुछ असामाजिक तत्व हमारी संस्कृति व हमारे धर्म पर अभद्र टिप्पणी कर देते हैं, जो सर्वथा असहनीय है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी भी धर्म या संप्रदाय पर आक्षेप करना नहीं है क्योंकि यह सभी एक ही स्थान पर पहुंचने के अलग-अलग रास्ते है। अतः एक- दूसरे धर्म संप्रदाय का सम्मान करते हुए हम आगे बढ़ेंगे, तो हमारी संस्कृति और अधिक सम्मानजनक स्थिति को प्राप्त करेगी। इस अवसर पर प्रदेश सचिव जय देव सिंह ठाकुर, मदन ठाकुर, अरुण गौतम, चमन शर्मा, राजीव भट्टी, दिनेश ठाकुर, प्रदीप ठाकुर, हरीश शर्मा, राकेश शर्मा, हरीश कुमार, भूपेंद्र सेन, नरेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, बलदेव राज ठाकुर, पंकज चौधरी, बलदेव कंवर, जीवन शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।
कई महीनों से सूखे की मार झेल रहे किसानों तथा भीषण गर्मी के प्रकोप को सहन करते लोगों के चेहरों पर खुशी झलक उठी है। मंगलवार को दोपहर 2 बजे हुई रिमझिम बारिश के साथ ओले गिरने से जहां लोगों को सूरज की तपन से राहत मिली, वहीं किसानों को अगली फसल की बीजाई का रास्ता भी साफ होने लगा है। हालांकि अभी तक हुई वर्षा बुवाई के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन जिस तरह से मौसम ने अंगड़ाई ली है उससे लगता है के किसानों को कुछ ना कुछ राहत इस वर्षा से जरूर मिलेगी। जिन किसानों ने गेंहू की फसल की कटाई नहीं की है। उन्हें फसल के खराब हो जाने का डर सता रहा है, तो कई किसानों की कटी कटाई फसल खेतों में पड़ी-पड़ी सडऩे का भी डर सता रहा है। स्थानीय किसानों में योगेश, उमेश, सुनील, संजू, उदित, सचिन, हर्ष दुशांत, जीतराम, रूप राम कामेश्वर ईश्वर दत्त आदि किसानों का कहना है कि अधिकतर किसानों ने फसल काट ली है। इस बारिश से राहत मिली है।
पालमपुर उपमंडल से 10 किलोमीटर दूर परौर का सरकारी स्कूल किसी कॉन्वेंट स्कूल से कम नहीं है। आप केवल स्कूल का बोर्ड पढ़कर ही पता लगा सकते हैं कि हिमाचल प्रदेश सरकार की प्राथमिक पाठशाला है। देखने में किसी कॉन्वेंट स्कूल से कम नहीं है। बेहतर शिक्षा और आधुनिक शिक्षा सुविधाओं के कारण दूर-दूर से बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं जिससे कई निजी और सरकारी स्कूलों से इस विद्यालय में बच्चों की संख्या अधिक है। बात हो रही है सुलाह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला परौर की। जो देखने में ही आदर्श विद्यालय लगता है। शिक्षा का स्तर भी इतना उच्च है कि प्री-नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के छोटे-छोटे बच्चे लगभग 10 किलोमीटर दूरी से शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। परौर,भट्टू, अरला, नॉटी, द्रंग, सुलाह, खरौठ, पनापर, अक्षैणा के 265 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों की तरह यहां के बच्चे भी गाडिय़ों से स्कूल पहुंचते हैं। बच्चों को शिक्षा विद्यालय में स्मार्ट क्लास रूम में डिजिटल माध्यम से बड़ी स्क्रीन पर दी जा रही है। बैठने के लिए बहुत अच्छे डेस्क, कॉल्स रूम में मैटिंग इस विद्यालय की शोभा में चार चांद लगा रहे हैं। बच्चों को पीने के लिए ठंडा आरओ का पानी उपलब्ध है। परिसर और कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से यहां के अध्यापको की कड़ी मेहनत, विद्यालय एसएमसी के कुशल प्रबंधन और इलाके के लोगों के विश्वास से यह विद्यालय पूरे प्रदेश के लिए मॉडल संस्थान के रूप में सामने आया है। बच्चों की संख्या के अभाव में प्रदेश में जहां प्राथमिक संस्थान बन्द होने की कगार पर है, वहीं राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पहली से पांचवीं तक 180 बच्चें शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और प्री-प्राइमरी सेक्शन में भी इस विद्यालय में 85 से अधिक बच्चें हैं जो आपने आप में सभी के मिसाल हैं। विधान सभा अध्यक्ष, विपिन सिंह परमार का कहना है राजकीय प्राथमिक पाठशाला परौर की पहचान आदर्श संस्थान के रूप में है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों ने अपनी कड़ी मेहनत से लोगों में उत्तम शिक्षा का विश्वास उत्पन किया है। इसके परिणाम स्वरूप यहां बच्चों की संख्या लगभग 300 के करीब है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस संस्थान के बारे जानकारी दी गई है और उन्होंने विद्यालय के अध्यापकों, एसएमसी कमेटी तथा बच्चों के अभिवावकों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में एक और स्मार्ट क्लास रूम आरम्भ किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 2 कमरों के लिए साढ़े लाख रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को प्रदेश में आदर्श बनाने के लिए सरकार का हर सम्भव सहयोग उपलब्ध होगा। राजकीय प्राथमिक विद्यालय परौर के सीएचटी स्वर्ण सिंह गुलेरिया ने कहा कि पिछले वर्ष पहली से पांचवीं तक 314 और और प्री नर्सरी में 108 शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, जो परौर के आसपास के 10 किलामीटर के विभिन्न गांवों से यहां स्कूल गाडिय़ों से आते थे। गाडिय़ों का किराया बढऩे से थोड़ी संख्या में कमी आयी है। उन्होंने बताया कि ज्ञानोदय स्वर्णिम जयंती क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय के लिये सरकार की ओर से साढ़े 15 लाख, आधारशिला परियोजना में साढ़े 12 लाख, इसके अतिरिक्त खेल सामग्री के उन्नयन एवं विद्यालय में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने में बढ़ावा देने के लिए भी साढ़े 4 लाख की सहायता उपलब्ध हुई है।
मंगलवार अक्षय तृतीया के दिन समाज सुधार ब्राह्मण सभा समिति के सदस्यों द्वारा भगवान परशुराम जयंती को बड़े धूम धाम से मनाया। ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने रामपुर बाजार स्थित ठाकुर श्री सत्यनारायण मंदिर में परशुराम कथा का पाठ और क्षेत्र में बन रही सूखे की परिस्थित से निकलने के लिए वर्षा हेतु विशेष हवन का आयोजन किया। तत्पश्चात ब्राह्मण सभा के सदस्यों ने अध्यक्ष नंदलाल शर्मा की अगुवाई में रोगी कल्याण समिति अध्यक्ष सुरेंद्र मोहन (SDM रामपुर) को 2 व्हील चेयर्स भेंट की। इसके बाद सदस्यों ने खनेरी हॉस्पिटल में उपचाराधीन मरीजों को फल वितरित किए। इस अवसर पर ब्राह्मण सभा से अध्यक्ष नंदलाल के इलावा, राजू कश्मीरी, विनय शर्मा, अंजली कुमार गोस्वामी, बली भद्र शर्मा, तन्मय शर्मा, विष्णु शर्मा आदि उपस्थित रहे।
डाडा सीबा अस्पताल में उद्योगमंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर के प्रयासों से करीब 10 महीने पहले 15 लाख की लागत से अल्ट्रासाउंड मशीन तो लग गई मगर काफी अरसा बीत जाने पर भी अल्ट्रासाउंड मशीन पर विभाग ने स्थायी तौर पर रेडियोलॉजिस्ट का पद नहीं भरा है। लिहाजा हर रोज उपमंडल भर के दर्जनों मरीज अल्ट्रासाउंड टैस्ट के लिए वापस ही लौट रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने डाडा सीबा अस्पताल में गत जुलाई 2021 के महीने मे 15 लाख की लागत की अल्ट्रासाउंड मशीन को क्षेत्र की जनता को समर्पित किया था। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीने पहले लोगों की मांग पर ज्वालामुखी से डॉक्टर रेडियोलॉजिस्ट हफ्ते के एक दिन बुधवार को यहां आते थे। मगर पछले 5 महीनों से लगातार रेडियोलॉजिस्ट न होने से लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। स्थानीय लोगों में से विक्रम कवंर, मनोज कुमार, संजय कुमार, प्रदीप कुमार, कुशल सपेहिया, सुचिता कवंर, रेखा, अजय व सुशांत ने सरकार से इस पोस्ट को भरने की मांग की है। इस संबंध में बीएमओ सुभाष ठाकुर डाडा सीबा ने बताया कि जो रेडियोलॉजिस्ट यहां आते थे, वह बिलासपुर चले गए हैं। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने डाडा सीबा अस्पताल में स्थापितअल्ट्रासाउंड मशीन पर स्थायी तौर पर रेडियोलॉजिस्ट न तैनात करने पर हैरानी जताई है। सुरेंद्र सिह मनकोटिया ने कहा कि यह डाडासीबा अस्पताल में मरीजो के साथ हो रही अनदेखी ठीक नहीं है।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने अंब में जिला देहरा और ऊना से 302 ग्राम केंद्र प्रमुखों के ग्राम केंद्र प्रमुख सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता हमारी पार्टी की नींव हैं और जैसे-जैसे नींव की ताकत बढ़ती है, पार्टी मजबूत होती जाती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में डबल इंजन वाली सरकार है, जो असाधारण काम कर रही है। जहां हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के उत्थान के लिए काम किया है, वहां हमारे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सारी योजना को जमीनी स्तर पर ले जाकर उनकी प्रधानमंत्री की योजनाओं को बढ़ावा दिया है। जहां हमारे प्रधान मंत्री ने आयुष्मान भारत योजना दी, वहीं हमारे मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों को कवर करते की लिए हिम केयर योजना दी। हिमाचल सरकार ने राज्य के लोगों को वृद्धावस्था पेंशन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, हिमकेयर योजना, जनमंच, प्राकृतिक खेती कुशल किसान और सहारा योजना भी दी है।
कुनिहार पँचायत के गांव उपरली बेहली दानों देव मन्दिर में सोमवार से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन चल रहा है जिसमें परम श्रद्धेय आचार्य राम प्रकाश बृंदावन वाले अपनी मधुर वाणी से कृष्ण लीलाओं का गुणगान कर रहे हैं। कथा के दूसरे दिन कथा वाचक आचार्य राम प्रकाश ने मानव जीवन में अन्न और समय के महत्व पर प्रकाश डाला की ये दोनों जीवन के पर्याय है। हमें जीवन में कभी भी अन्न के एक भी कण को व्यर्थ नहीं करना चाहिए क्योंकि अन्न का अपमान मतलब ब्रह्मा का अपमान होता है। इसी तरह से जीवन का हर क्षण अनमोल है और सांसारिक सुखों के साथ साथ मनुष्य को ईश्वर भक्ति जरूर करनी चाहिए तभी वो जन्म मरण के बंधन से मुक्त हो सकता है। इस अवसर पर आयोजक सदस्य जोगिंद्र कंवर ने बताया की श्रोताओं द्वारा कथा पुराण का भरपूर आनंद लिया जा रहा है और कथा के उपरांत भक्तों को भंडारे का प्रावधान भी किया गया है। इस अवसर पर सभी ग्रामवासी व सेवादार मौजूद रहे।
जसूर-जवाली रोड पर बूहल खडड मैरा पुल एक टिप्पर पलट गया। यह घटना लगभग साढ़े ग्यारह बजे हुई। यह टिप्पर ढसोली गांव से मिट्टी लेकर जवाली की ओर जा रहा था। अचानक ही बाऊंड्री वाल के साथ लगते पुल में गिर गया। ड्राइवर जसवंत सिंह ने बताया कि टिप्पर का मेन पटा टूटने से ही यह पलटा है। उसने बताया कि बुसकाड़ा वासी शिवकुमार ने मैरा फाटक के पास लिफ्ट ली। उक्त व्यक्ति भनेई पेट्रोल पंप का कारिंदा है। डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करने पर ही गाड़ी का पटा टूट गया। ड्राइवर को बाजू में चोट आई मगर दूसरे व्यक्ति को सिर में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार देने के बाद जख्मी को नूरपुर अस्पताल भेज दिया गया है। सूचना मिलते ही जवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और सारी घटना का जायजा लिया।
राज्यसभा सांसद और पूर्व अध्यक्ष भाजपा प्रदेश एससी मोर्चा डॉ सिकंद्रर कुमार का ठियोग निर्वाचन क्षेत्र के चैला होली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। सिकंदर कुमार ने ठियोग में जिला अनुसूचित जाति मोर्चा, भाजपा जिला पदाधिकारियों और एक बूथ स्तरीय बैठक में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक राजनीतिक पार्टी है, जो साल भर 365 दिन काम करती है। बूथ स्तर पर हमारा मजबूत संगठनात्मक ढांचा है और यही हमारी मुख्य ताकत है। उन्होंने कहा कि मैंने हिमाचल के अधिकांश हिस्सों का दौरा किया है और मैंने कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह देखा है। मुख्यमंत्री के रूप में जयराम ठाकुर ने राज्य का समग्र विकास किया है। जनता हमारी सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 6,35,375 हितग्राहियों को 280 करोड़ रुपए की तीन माह की पेंशन हस्तांतरित की है। यह हमारी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सात वर्षों में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी है और कोई भी निर्णय लेने पर उसकी मंशा पर सवाल नहीं उठा सकता है। मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उन्होंने देश की विकास प्रक्रिया में 60 करोड़ लोगों को लाया है, जो स्वतंत्रता के बाद से अन्यथा इससे वंचित थे और इस लोगों का लोकतंत्र में विश्वास बढ़ाने में मदद की। 60 करोड़ लोग ऐसे थे, जिनके पास बैंक खाता नहीं था, उनके पास बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन या स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। इसने देश को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित किया है और विकास को बाधित किया है। कांग्रेस पार्टी पर उनके साथ-साथ उनके सहयोगियों पर, 2जी, बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सहित कई घोटालों का आरोप लगाया गया है। इसमें महाराष्ट्र सिंचाई, कॉमनवेथ खेल, कोयला घोटाले और बहुत से घोटाले चर्चा में रहे हैं। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा सचिव तिलक राज और जिलाध्यक्ष अजय श्याम भी उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष बहादुर सिंह ठाकुर, ग्राम पंचायत संगड़ाह के प्रधान नीलम ठाकुर अपने सहयोगी के साथ भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए । भारतीय जनता पार्टी के तीन बार रहे पूर्व प्रत्याशी बलवीर सिंह चौहान की अपनी ही पंचायत शामरा से भाजपा कार्यकर्ता सुदामा, यशपाल, रूपराम, शरणपाल, विद्याभूषण लाल, दासचेतराम, राजेंद्र सिंह रविदास आदि कांग्रेस में शामिल हो गए। यह कार्यक्रम श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनय कुमार की अध्यक्षता में हुआ। इस मौके पर पीपीसी मेंबर यशपाल ठाकुर, श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस मंडल अध्यक्ष तपेंद्र चौहान उपस्थित रहे।


















































