देहरा। विनायक ठाकुर उपमण्डल देहरा के अन्तर्गत पड़ते गुलेर निवासी एडवोकेट शिवेन्द्र सिंह सैनी ने ग्राम पंचायत गुलेर में पुस्तकालय खोलने के लिए वीरवार को मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री भारत सरकार अनुराग ठाकुर को एक पत्र लिख कर मांग की है कि जल्द से जल्द गुलेर में पुस्तकालय खोला जाए। एडवोकेट शिवेंद्र सैनी ने बताया कि उनके क्षेत्र के अधिकतम युवा ज़िला पुस्तकालय में जाते हैं एवं गणमान्य लोगों को किसी भी साहित्यिक जानकारी के लिए ज़िला पुस्तकालय जाना पड़ता है, अगर गुलेर क्षेत्र में पुस्तकालय खुलता है तो यहाँ आस पास के सभी लोगों के लिए बड़ी सुविधा होगी।
-लावारिस लाशों को अग्नि देकर व गंगा में विसर्जित करती है यशोदा होनहार विरवान के होत चिकने पात, इस कहावत को अगर धर्मपुर की यशोदा पर बैठाया जाए, तो सत्य साबित होगी। धर्मपुर उपमंडल की यशोदा, जिसका जन्म धर्मपुर की ब्रान्ग (चनोता) पंचायत में एक साधारण परिवार में हुआ और समय के साथ-साथ जैसे बड़ी हुई, तो यशोदा की शादी धर्मपुर पंचायत में ही एक साधारण परिवार में हुई, जहां इनके शौहर दिल्ली में रोजगार के सिलसिले में रहते हैं और यशोदा भी उनके साथ ही दिल्ली में रहने लगी। दिल्ली में रहते उन्हें समाज सेवा की ऐसी लग्न लगी कि यशोदा ने अपनी एक एनजीओ बना डाली, जिसके चलते उन्होंने इस एनजीओ के माध्यम कुछ ऐसा करने की ठानी की कोई ऐसा कार्य किया जाए, जो किन्ही औऱ संस्थाओं ने न किया हो औऱ उन्होंने अपनी एनजीओ को भी एक नई पहचान का नाम देकर उन लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार व अस्थियां गंगा में विसर्जित करने का कार्य शुरु किया, जिन लाशों को जलाने वाले या क्रियाकर्म करने वाला कोई नहीं होता था। यशोदा देवी अब तक लगभग चार हजार लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार कर चुकी है और उनकी अस्थियां गंगा में विधिवत रूप से विसर्जित कर चुकी है। इतना ही नहीं जब काेराेनाकाल में काेरोना से हुई मौत पर लोग शव को जलाने से डरते थे, तो यशोदा ने खुद समसान घाट में डेरा डालकर अनगिनत शवों को खुद अग्नि दी है, जिसके चलते यधोदा कई महीनों तक समसान में ही रही और महीनों बाद अपने घर गई थी, जिसके लिए यधोदा के इस पुनीत कार्य के लिए अनेकों संस्थाएं उन्हें सम्मानित कर रही हैं और दिल्ली सरकार भी उन्हें कई बार सम्मानित कर चुकी है। यशोदा के इस सेवा भाव व पुनीत कार्य के लिए उनके पैतृक गांव ब्रान्ग व धर्मपुर पंचायत के साथ-साथ समूचे धर्मपुर व जिला मंडी के साथ पूरे हिमाचल में भूरी-भूरी प्रंशसा हो रही है। सहारा फाउंडेशन के चेयरमैन व भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी एवं धर्मपुर के युवा नेता रजत ठाकुर, हिमाचल प्रदेश विश्वकर्मी सभा धर्मपुर अध्यक्ष सुरेंद्र कौंडल, सभा की उपाध्यक्ष संगीता मंडयाल, धर्मपुर पंचायत प्रधान ज्योति देवी उप प्रधान राकेश सकलानी, धर्मपुर व्यापार मंडल प्रधान राज कुमार सोनी, पूर्व प्रधान काहन सिंह, व्यापार मंडल सचिव भूप सिंह, समाजसेवी सुशील शर्मा, प्रेम सिंह, विश्व कर्मी सभा के प्रदेश सचिव नानक चंद भारद्वाज, पूर्व पार्षद सरकाघाट नगर पंचायत राजेश कौंडल, चनोता पंचायत की प्रधान सविता गुप्ता ने यशोदा के इस पुनीत कार्य करने पर जगह-जगह सम्मानित होने पर उन्हें बधाई दी है तथा धर्मपुर का नाम ऊंचा करने के लिए उनका धन्यवाद करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। इसके साथ ही बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि धर्मपुर की इस बेटी को धर्मपुर में भी सम्मानित किया जाना चाहिए।
विनायक ठाकुर। जसवां-परागपुर रक्कड़ के समीपवर्ती पड़ते नादौन (कलूर) वासियों ने भी जसवां:परागपुर के नोरी एवम पीरसलूही निवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का उदाहरण जनता के समक्ष पेश कर दिया है। सड़क निर्माण के लिए नादौन कलूर के दानियों ने लगभग 2.5 कनाल भूमि दान की है। उद्योग एवम परिवाहन मंत्री बिक्रम सिंह द्वारा विधायक प्राथमिकता में डाली गयी सड़क पिरसलूही नोरी से किट्पल नादौन आदि गाँव को आपस में जोड़ने का प्रयास किया था जिस के लिए नोरी निवासियों ने अपनी भूमि पहले ही विभाग के नाम कर दी थी। वहीं नादौन वाली तरफ़ के लोगों ने नोरी के युवा मोर्चा के अनुरोध पर अपनी भूमि विभाग के नाम कर दोनो विधानसभा को जोड़ने का रास्ता साफ़ कर दिया। भाजपा मंडल जसवां:परागपुर ने पुनीत ने इस कार्य के लिए सभी दान वीरों सज्जनों का धन्यवाद किया है व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं मंत्री बिक्रम सिंह का भी आभार व्यक्त किया है। आपको बता दें इस कार्य के लिए प्रकाश चन्द शर्मा सुपुत्र श्यामा देव निवासी कुठारु, संतोष देवी पत्नी धर्म चन्द निवासी भावदान, सोमनाथ सुपुत्र बागलु राम गाँव भावदान, केसर चन्द गाँव भावदान, जल्लु राम सुपुत्र राम सिंह गाँव अमलहड़ तहसील नादौन जिला हमीरपुर निवासी ने अपनी भूमि दान की है जिसमें भाजपा कार्यकर्ता अंकुश शर्मा, राजेन्द्र कुमार, संजय शर्मा का विशेष योगदान रहा।
धर्मशाला। फर्स्ट वर्डिक्ट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विगत 7 दशकों के पराक्रम व उपलब्धियों को अपने मूल रूप में उल्लेखित करते हुए इसकी गाथाओं के संकलन के रूप में अप्रैल माह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीवन गाथा "ध्येय यात्रा" पुस्तक का प्रकाशन होने जा रहा है। अभाविप हिमाचल प्रांत के प्रांत मंत्री विशाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया की 9 जुलाई 1949 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का छात्र संगठन के रूप में विधिवत कार्य आरंभ हुआ था। तब से लेकर अब तक असंख्य कार्यकर्ताओं की अनेक पीढ़ियों ने अपने स्वेदबिंदुओं से इसे सींचा और रचनात्मक, आंदोलनात्मक एवं प्रतिनिधित्वात्मक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। इसी के परिणाम स्वरूप आज 3900 से अधिक इकाइयों तथा 2331 संपर्क स्थानों सहित 21 हजार से अधिक शैक्षिक परिसरों में लगभग 34 लाख कार्यकर्ताओं के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बनकर उभरा है। विगत 7 दशकों की साधना में तपकर तैयार हुआ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों का ऐसा संगठन है जो निरंतर युवा पीढ़ी को देश व समाज के प्रति जागृत एवं प्रेरित करता रहा है। विद्यार्थी परिषद के हिस्से में अनेक ऐसी अतुलनीय उपलब्धियां हैं जिनकी कहानियां इतिहास के सुनहरे पृष्ठों में अंकित है। विगत 7 दशकों में राष्ट्रीय अस्मिता, राष्ट्रीय सुरक्षा, शैक्षिक परिवर्तन सहित अनेक विषयों पर परिषद के जिस पराक्रम को देश और दुनिया ने देखा है, नई पीढ़ी के सामने व पराक्रम व उपलब्धियां अपने मूल रूप से उल्लेखित हो सके। इसलिए यह आवश्यक है कि इसकी गाथाओं का संकलन तथा प्रकाशन किया जाए। इसी विषय को ध्यान में रखकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उल्लेखनीय कार्यों तथा वैचारिक पक्षों को एक काव्य प्रस्तुत करने के उद्देश्य से आगामी अप्रैल 2022 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीवन गाथा "ध्येय यात्रा" पुस्तक का प्रकाशन किया जाएगा। इस पुस्तक का विमोचन 15 अप्रैल 2022 को दिल्ली में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के द्वारा किया जाएगा। पुस्तक प्रकाशन से पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा देशभर में पुस्तक हेतु अग्रिम पंजीकरण का विशेष अभियान चलाया गया है। यह पुस्तक दो खंडों में प्रकाशित की जाएगी तथा 800 से अधिक पृष्ठों में समाहित दोनों खंड अभाविप के प्रमुख लक्ष्यों और उसकी पूर्ति के लिए की गई रचनात्मक गतिविधियों, साहसिक प्रयासों, विविध आयामों, बलिदानों, संगठन के स्वरूप और विकास क्रम इत्यादि का तथ्यपरक विवरण देंगे। यह पुस्तक छात्र संगठनों के लिए दिग्दर्शिका बनेगी। इस पुस्तक के अग्रिम पंजीकरण को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा देशभर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी विशेष अभियान चलाया है।
जुब्बल कोटखाई। फर्स्ट वर्डिक्ट भोलाड़ पंचायत के जनप्रतिनिधियों एंव आम जनता ने ओडी गाड़ भँवा सड़क की पासिंग होने पर विधायक रोहित ठाकुर का आभार व्यक्त किया हैं। यह बात ग्राम पंचायत भोलाड़ के उप प्रधान किशोरी चौहान, पूर्व पंचायत समिति उपाध्यक्ष संदीप सेहटा, पूर्व प्रधान अंजना ठाकुर, पूर्व प्रधान गोपी चंद राकटा, पूर्व उप-प्रधान राम लाल ठाकुर, बाला नन्द राणा, सुखदेव राकटा, अमर सिंह राकटा, दलीप सिंह राकटा, राजी राकटा, मोहन सिंह राकटा, नीटू राकटा, अजबा राम, हैप्पी राकटा, जगमोहन राकटा, गुलट राम राणा, महिला मण्डल भँवा आदि ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में कही। उन्होंने कहा कि विधायक रोहित ठाकुर के पिछले कार्यकाल में ओड़ी गाड़ भँवा सड़क का निर्माण कार्य हुआ था। सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार एंव तत्तकालीन विधायक की नकारात्मक सोच के कारण पिछले 4 वर्षों से लोगों को इस सड़क की दुर्दशा के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ा रहा था। उन्होंने कहा कि रोहित ठाकुर ने विधायक बनते ही अधिकारियों को प्रथमिकता के आधार पर इस सड़क को दुरुस्त कर इसकी पासिंग कराने के आदेश दिये। जिसके नतीजन आज इस सड़क की पासिंग हो गई हैं। ग्राम पंचायत भोलाड़ की जनता में सड़क की पासिंग होने पर ख़ुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि भँवा गाँव को सड़क सुविधा से जोडने के लिय सभी ग्रामवासी आजीवन विधायक रोहित ठाकुर के धन्यवादी रहेंगे।
मनोज। कांगड़ा जन आशीर्वाद यात्रा में पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू ने गांव सपड़ी चौंधा के गांव वासियों से जन संवाद व रूबरू हुए व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि कांगड़ा के अंदर एक आदमी सेल्फ स्टाइल मंत्री बन कर घूम रहा है व सेल्फ स्टाइल मंत्री के नाम से वोट मांग कर प्रचार कर रहा है। कांगड़ा विधान सभा क्षेत्र के अंदर विकास के नाम पर कोई काम नही किया गया लेकिन अब जनता को गुमराह करके झूठा प्रचार कर रहा है कि विधानसभा के चुनावो में मुझे जीतवा दो में मंत्री बन जाऊंगा। अब मंत्री बनने के नाम पर वोट हासिल करना चाहता है। उन्होंने कहा कि जो पुरानी बिल्डिंगो का सरकार की सहमति के बिना क्षेत्र में सेल्फ स्टाइल मंत्री बन कर उदघाटन कर रहा हो, जो विकास की दुहाई दे रहा हो व कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में एक गांव में 2 लाख रुपए से बनी पूली का उद्घाटन व दूसरे गांव में मनरेगा की पूली का शिलान्यास कर रहा हो, यह इस राज नेता का विकास हो रहा है। अब ठाकुर जयराम सरकार कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपए का विकास करवा रही है और अब यह नेता उसे अपना बता कर जनता को ठगना चाहता है लेकिन जनता जागरूक है। उन्होंने कहा कि चौंदा सपड़ी सड़क बन कर हाईवे से जुड़ जायेगी। ठाकुर जयराम सरकार में कांगडा विधान सभा क्षेत्र में सड़को का जाल बिछाया जा रहा है। चौंदा सपडी सड़क का काम शुरू हो चूका है जिसके लिए जनता ने अपनी जमीनें दी और अब सड़क निकाली जा रही है यह सड़क मेरे समय काल में निकली गई थी लेकिन राजनीति कारणो से बंद करवा दी गई थी। अब सड़क बना कर जनता को सौंपी जाएगी। इस अवसर पर उप प्रधान रामकृष्ण लालू, सुनील भाटिया, पंच, महिला मंडल प्रधान पुष्पा चौधरी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
रंजीत ठाकुर। कुनिहार परिवहन विभाग सोलन द्वारा बुधवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत क्षेत्र के ट्रांस्पोटरो व अन्य लोगों को कुनिहार के नये बस अड्डे पर नुक्कड़ नाटकों व लोक गीतों के माध्यम से जागरूक किया गया। इस जागरूकता अभियान में जंहा ड्रामा डिवीजन सोलन के कलाकारों ने लोक गीतों व नुक्कड़ नाटकों से लोगों का मनोरंजन कर यातायात नियमों का संदेश दिया तो वंही एआरटीओ सोलन विपिन गुप्ता ने भी उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा बारे जागरूक करते हुए अपील की कि हमे वाहन चलाने से पहले यातायात नियमों की जानकारी होनी चाहिए और उसका पालन जरूर करना चाहिए ताकि हम और हमारा परिवार सुरक्षित व खुशियों भरा जीवन जी सके। हेलमेंट, सीटबेल्ट जरूर लगाएं ,गाड़ी चलाते वक्त फोन न सुने, ओवर स्पीड में वाहन न चलाएं आदि नियमो का पालन करने की हिदायत देते हुए कहा कि हमे केवल पुलिस को देखकर ही नियमो का पालन नही करना चाहिए यदि हर वाहन चालक यातायात नियमो का सही से पालन करें तो आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं से सुरक्षित रहा जा सकता है। इस अवसर पर ट्रांसपोर्टर धीरज पूरी, नरेश चौधरी, ललित मोहन, कुलदीप कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
मनोज। कांगड़ा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की 2019-20 की रिपोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रशासनिक अक्षमता एवम लचर व्यवस्था के चलते निशुल्क वर्दी वितरण योजना के तहत राजकोष को 1.73 करोड़ रुपए की चपत को लेकर आम आदमी पार्टी ने तीखी आलोचना की है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष सत्र के शुरू होने पर स्कूली बच्चों को गुणवता पूर्ण वर्दी का कपड़ा उपलब्ध करवाने की प्रतिबद्धता के अनुसार योजना बनाने व लागू करने में असमर्थ थी। औपचारिकताओं को पूरा करने एवम आपूर्ति आदेश जारी करने में विलंब के कारण 2018-19 के दौरान विद्यार्थियों को कपड़ा उपलब्ध नहीं करवाया गया था और 2016-18 एवम 2019-20 के कालखंड में विभागीय अधिकारियों ने वर्दी वितरण में एक से 11 महीने से ज्यादा समय लिया। ज्ञात रहे कि सत्र 2021-22 की वर्दी वितरण मार्च माह में की जा रही है जिसका +2 के विद्यार्थियों को कोई इस्तेमाल नहीं रहेगा। इसके साथ ही कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी व रामपुर स्थित राज्य के पांच अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना एवम सुदृढ़ीकरण के लिए 11 करोड़ रुपए खर्च करने पर नतीजा नगण्य है। वहीं पर आम आदमी पार्टी, हिमाचल प्रदेश ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिर्पोट को लेकर ठाकुर जयराम सरकार पर शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आपराधिक लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए जोरदार राजनीतिक प्रहार किया है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता कल्याण भण्डारी ने कांगड़ा से जारी एक विज्ञप्ति में कहा है कि राज्य सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम मामलों में उदासीन रवैया अपनाया है जिसे उनकी पार्टी लोगों के बीच ले जा कर उजागर करने का काम करेगी। कल्याण भण्डारी ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग करती है कि सत्र 2018-19 के दौरान बच्चों को जो वर्दी वितरित नहीं की गई उससे जो करोड़ों रुपए बचे, मुख्यमंत्री वह हिसाब राज्य की जनता को दे। पार्टी प्रवक्ता ने राज्य के मेधावी छात्रों को एक योजना के तहत दिए जाने वाले लैपटॉप से वंचित रख डिजिटल इण्डिया प्रोग्राम को नुकसान पहुंचाने का भी गंभीर आरोप सरकार पर लगाया है।
मनोज। काँगड़ा लोअर लम्बा गांव मे भगवान वाल्मीकि के मंदिर मे प्रशासन द्वारा लगाए गए ताले को सोमवार को अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा पंजीकृत नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा, हिमाचल प्रदेश अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व जिला बाल्मीकि सभा पंजीकृत के अध्यक्ष प्रमन चटवाल, प्रदेश वाल्मीकि सभा के प्रदेश अध्यक्ष अंकुश घोष के सयुंक्त प्रयासों से खुलवा कर पुनः बाल्मीकि सभा लंबा गांव के हवाले किया गया, ताकि नित्य नियम से पूजा पाठ व भगत जन पहले की तरह भगवान वाल्मीकि मंदिर मे दर्शन कर सकें। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा ने प्रदेश व जिला अध्यक्ष प्रमन चटवाल, प्रदेश वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष अंकुश घोष और अन्य नेताओं का धन्यवाद किया जिन्होंने इस मंदिर को खुलवाने के लिए प्रयास किया। ताला खोलने के तुरंत बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा ने भगवान वाल्मीकि मंदिर के संचालक चंद्र मोहन चौहान को निर्देशित किया कि मंगलवार को भगवान बाल्मीकि मंदिर की पवित्रता को कायम रखते हुए हवन और लंगर का आयोजन किया जाये ताकि हवन शुद्धि के उपरांत भगवान वाल्मीकि को लंगर प्रसाद का भोग लग सके। हवन के लिए विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध योगी रणजीत सिंह द्वारा योगाश्रम पुराना कांगड़ा से जिन्होंने शिवरात्रि में लगातार 25 घंटे हवन करके विश्व कृतिमान स्थापित किया था और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया हैं। मंगलवार के दिन योगी जी ने विधिपूर्वक भगवान वाल्मीकि के मंदिर मे मंत्रोच्चारण द्वारा पूजा-पाठ किया ओर पावन चरणों मे ज्योति प्रज्वलित कर हवन की शुरुआत की।जिसमें स्थानीय लोगो ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया। अंत में प्रदेश व जिला वाल्मीकि सभा पंजीकृत के अध्यक्ष प्रमन चटवाल, प्रदेश महासचिव विनोद बोता ने मंदिर संचालक चंद्र मोहन चौहान, जिला वाल्मीकि सभा पंजीकृत के जिला उपाध्यक्ष दीपक मल्होत्रा व स्थानीय लोगो और विशेषकर विश्व प्रसिद्ध योगी रंजीत सिंह का धन्यवाद किया।
मीनाक्षी सोनी। बड़सर प्रदेश में भाजपा की सरकार है और बडसर के विकासात्मक कार्यों के उद्घाटन पट्टिकाओं पर भी भाजपाइयों का नाम होना स्भाविक है |लेकिन मुझे पट्टिकाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता है | पट्टिकाएं भले ही किसी के नाम की भी क्यों न लगे | मेरे क्षेत्र की जनता के काम होने चाहिए चाहे पट्टिका आप अपनी ही लगाते रहिए | यह बात बडसर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने कही | विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने कहा कि विकासात्मक कार्यों के उद्घाटनों पर चाहे पट्टिकाएं किसी के नाम की भी क्यों न लगी हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है | सिर्फ जनता के कार्य व् क्षेत्र का विकास होना जरूरी है | उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि वैसे भी भाजपाइयों की शुरू से ही दुसरे के कामों को अपना बताने की मानसिकता व् निति रही है| उन्होंने कहा है कि बडसर का विकास उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए वे पहले भी आवाज़ उठाते रहे है और आगे भी निरंतर उठाते रहंगे | उन्होने बताया कि बडसर के विकास का पहिया कभी रुकने नहीं देंगे इसके लिए चाहे उन्हें कुछ भी क्यों न करना पड़े | उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वे बडसर के विकास के लिए प्रयासरत है और इसी प्रयास का नतीजा है कि राज्य सभा ससंद आनंद शर्मा ने बडसर के विकास के लिए 25 लाख रूपये की राशि एमपीएलएडी फंड से मेरे आवेदन पर स्वीकृत की है | राज्यसभा ससंद द्वारा स्वीकृत इस राशी से बडसर की ग्राम पंचायत कोहडरा के दो अलग अलग विकासात्मक कार्यों पर 15 लाख की राशि खर्च की जाएगी| इसमे से कोहडरा में बनने बाले खेल मैदान पर 7.5 लाख रूपये व् खरोटा गाँव के समुदायिक भवन निर्माण के लिए 7.5 लाख खर्च किए जाएंगे | इसके आलावा बडसर विधानसभा क्षेत्र में सोलर लाईट पर 10 लाख रूपये का वजट खर्च किया जाएगा | उन्होंने सांसद निधि से बडसर के विकास के लिए 25 लाख की स्वीकृति प्रदान करने के लिए राज्य सभा ससंद आनंद शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद किया।
गगन शर्मा। पांवटा साहिब उपमंडल अधिकारी विवेक महाजन की अध्यक्षता में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले द्वारा आज सीसीआई राजबन के सभागार में जिला उपभोक्ता दिवस मनाया गया। इस दौरान उपमंडल अधिकारी ने कहा कि उपभोक्ता के रूप में अपने अधिकारों और कर्तव्य के प्रति सभी उपभोक्ताओं को सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि जागरूक नागरिक ही विकसित समाज व राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता के अधिकारों का हनन होता है, तो वह उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर सकता है तथा अपनी समस्याओं का समाधान पा सकता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन पेमेंट्स के माध्यम से खरीद करने का भी सुझाव दिया। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में डीएफएससी पवित्रा पुंडीर, सीसीआई राजबन के जीएम मेहरा, अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा पांवटा साहिब चरणजीत चौधरी तथा विभिन्न प्रधानों सहित डिपो होल्डर व स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर ग्राम पंचायत लोअर लंबागांव में आज वाल्मीकि सभा लंबागांव की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदेश सन्होत्रा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विशेष रूप से प्रकाश चटवाल अध्यक्ष वाल्मीकि कांगड़ा, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार व महासचिव उपस्थित रहे। वहीं, वाल्मीकि मंदिर के निर्माता चंद्रमोहन ने बताया कि वाल्मीकि मंदिर लंबागांव पिछले कुछ समय से बंद था। उसे सरकार द्वारा फिर से खोलने की अनुमति मिली। वाल्मीकि मंदिर कमेटी ने जयसिंहपुर एसडीएम व तहसीलदार का आभार व्यक्त किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र आज समाप्त हो गया है और विपक्ष और पक्ष के विधायकों ने जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। इस सत्र में अगर जनता के हित से जुड़े सवालों की बात करें, तो उपचुनावों में जुब्बल कोटखाई से जीतकर आए कांग्रेसी विधायक रोहित ठाकुर ने सबसे अधिक सवाल व मुद्दे सदन में उठाए। इस बार सदन में कुल 893 तारांकित व 556 अतारांकित सवाल पूछे गए, जिसमें से रोहित ठाकुर ने अकेले 72 सवाल अपने क्षेत्र के हितों से जुड़े पूछे, जिसमें से 28 तारांकित सवाल व 44 अतारांकित सवाल शामिल है। रोहित ठाकुर ने बागवानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सदन में उठाया, जिसमें खादों के बड़े हुए दाम कीटनाशकों पर मिलने वाली सबसिडी व अपने क्षेत्र में कांग्रेस सरकार के समय प्रस्तावित कोल्ड स्टोरों को क्षेत्र में स्थापित करने और सड़कों जैसे अनेकों मुद्दे शामिल है। विधायक निधि जो विधायकों द्वारा क्षेत्र में कार्य करने हेतु बहुत जरूरी आर्थिक सहायता है, उसको बढ़ाने का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था, जिसको बजट में बढ़ाया गया। प्रदेश में रोज़गार सृजन पर भी रोहित ठाकुर विधानसभा में प्रमुखता से बोले।
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा आम लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से ‘सड़क सुरक्षा जागरूकता नुक्कड़ नाटक’ आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज अक्षिता लोक नृत्य सांस्कृतिक युवा मंच कहलोग के कलाकारों द्वारा कण्डाघाट मुख्य बाजार तथा चायल बस अड्डा, सप्तक कला रंगमच दोलग के कलाकारों द्वारा नौणी बस अड्डा, सलोगड़ा बस अड्डा तथा सुबाथू बस अड्डा पर सड़क सुरक्षा के संबंध में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूक किया गया। यह जानकारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन नरेंद्र चैहान ने आज यहां दी। नरेंद्र चैहान ने कहा कि हिम सांस्कृतिक दल ममलीग के कलाकारों द्वारा अर्की उपमंडल के अंतर्गत सूरजपुर-पिपलुघाट चैक तथा जयनगर चैक, शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों द्वारा दाड़लाघाट अंबुजा चैक तथा बागा सालुघाटी में सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है तथा बहुमूल्य मानव जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से इस दिशा में लोगों को जागरूक करना सड़क सुरक्षा जागरूकता का उद्देश्य है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने लोगों से आग्रह किया कि वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सभी नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने आग्रह किया कि आवश्यकता पड़ने पर सड़क पर यातायात पुलिस कर्मी से सहायता प्राप्त करने में संकोच न करें। कलाकारों ने समूह गान ‘वंदे तू मान जा जीवन है अनमोल' यातायात नियम अपनाने है सबका जीवन बचाना है’ के माध्यम जहां लोगों को मनोरंजन किया वहीं यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। लोगों को बताया गया कि वाहन चलाते तथा समय सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा दोपहिया वाहनों को हेलमेट पहनकर ही चलाएं। वाहन चलाते समय फोन पर पर बात न करें। इससे ध्यान हटने के कारण दुर्घटना हो सकती है। लोगों को जानकारी दी गई कि सदैव यातायात नियमों का पालन करें तथा वाहन की गति पर नियंत्रण रखें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश के प्रशिक्षित जेबीटी युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार शीघ्र ही शैक्षणिक संस्थानों में जेबीटी के रिक्त पदों को भरने के लिए बैच वाइज भर्ती शुरू करेगी। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां विधानसभा परिसर में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग संभवतया सबसे बड़ा विभाग है, जहां सबसे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ग के अध्यापकों को सुविधा प्रदान करने के लिए वर्ष 2022-23 के बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। बजट में बीएड और टेट योग्यता प्राप्त शास्त्री और भाषा अध्यापकों के पदनाम को बदलकर टीजीटी (संस्कृत) और टीजीटी (हिन्दी) करने की घोषणा की है। इसी प्रकार प्रवक्ता (स्कूल कैडर) और प्रवक्ता (स्कूल न्यू) का पदनाम प्रवक्ता (स्कूल) किया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अगामी वित्तीय वर्ष के बजट में यह भी घोषणा की गई है कि टीजीटी से पदोन्नत प्रवक्ता को मुख्याध्यापक के रूप में पदोन्नति के लिए एक बार विकल्प दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के लिए वर्ष 2022-23 के दौरान 8412 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की सभी उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महामारी के बावजूद कर्मचारियों के वेतन में एक दिन की भी देरी नहीं हुई है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ (अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ) के प्रांत महामंत्री डॉ. माम राज पुंडीर ने शिक्षकों के विभिन्न मुद्दों पर हमेशा ध्यान देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को महासंघ का मांगपत्र भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर और महासंघ के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
आशीष आजाद। साेलन एसएफआई सोलन इकाई द्वारा आज हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। एसएफआई पिछले कई सालों से बी कॉम ब्लॉक को बनाने की मांग कर रही है, परंतु प्रशासन लंबे समय से नकारता आ रहा है। अब जब बी कॉम ब्लॉक का काम शुरू हुआ है, तो ऐसे में एस एफआई मांग करती है कि इसको जल्द से जल्द शुरू किया जाए। इसके साथ-साथ कॉलेज में खाली पड़ी शिक्षकों के पदों को तुरंत भरा जाएगा, शिक्षकों के पद खाली होने के कारण छात्रों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है।एसएफआई यह भी मांग करती है कि कॉलेज में शौचालय की नियमित सफाई की जाए पिछले लंबे समय से शौचालय की हालत बहुत खराब है। एसएफआई 2014 से जब से छात्रसंघ चुनाव बंद हुए हैं, तब से यह मांग करती आ रही है कि छात्र संघ चुनाव को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। छात्र संघ चुनाव परिसर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो छात्रों के हितों के लिए बहुत आवश्यक है। साथ ही साथ यह मांग की कि पीटीए के नाम पर छात्रों से लगातार पैसा इकट्ठा किया जा रहा है, परंतु इससे कहीं इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसकी एसएफआई कड़ी शब्दों में निंदा करती है तथा मांग करती है कि पीटीए नाम पर छात्रों को लूटना बंद किया जाए।
राजेश कतनौरिय। जवाली विकास खंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत भरमाड़ व राजा का तालाब में जिला कांगडा परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान के तहत हिम सांस्कृतिक एवं लोक नाटय कला मंच, धर्मशाला के कलाकारों ने लोगों को ट्रैफिक नियमों बारे जागरूक किया। कलाकारों ने "ये जिंदगी है बड़ी अनमोल, करो न इससे कोई खेल" तथा "मत करो इतनी मस्ती, जिंदगी नहीं है सस्ती" जैसे संदेश देकर लोगों को गीत-संगीत व नाटक के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने बारे प्रेरित किया। वाहन चालकों को गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाने, नशे की हालत में गाड़ी न चलाने, दो पहिया वाहन चालक तथा सवारी को हेलमेट लगाने सहित सभी निर्धारित ट्रैफिक नियमों का पालन करने का आह्वान किया। इस मौके पर मंच के कलाकार अमरीक सिंह, कमलवीर, अजय सिंह, रोहित, मौनी, सन्नी के अतिरिक्त रीना, सपना, नेहा तथा मीरां भरमाड़ पंचायत के उप प्रधान रवि कुमार मंहत वार्ड सदस्य विजय शर्मा व भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट दाड़लाघाट में आपातकालीन सेवा दे रही 108 एंबुलेंस में एक महिला का सफल प्रसव हुआ। एंबुलेंस के तकनीशियन ने डाक्टरों से सलाह लेकर एंबुलेंस में ही सफल प्रसव करवाया। इसके बाद जच्चा और बच्चे को सीएच अस्पताल अर्की में भर्ती किया गया है, जहां दोनों स्वस्थ हैं। जानकारी के मुताबिक 108 आपातकालीन एंबुलेंस में सोमवार को काल आई थी। इसके बाद तुरंत महिला को लेने के लिए एंबुलेंस बढाल (पारनु) रवाना हुई थी। प्रसूता महिला पूजा पत्नी धनी राम को बढाल (पारनु) से अर्की लाया जा रहा है। कंसवाला पहुंचने तक महिला की तबीयत खराब हुई। ऐसे में एंबुलेंस में तैनात ईएमटी कुशमा और पायलट रविन्द्र ने फोन पर डाक्टरों से सलाह लेकर सफल प्रसव करवाया। महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। महिला के पति धनीराम ने सफल डिलीवरी करवाने के लिए 108 की सेवा का धन्यवाद किया।
मनाेज कुमार। दाड़लाघाट शिव शक्ति कला मंच कुनिहार के कलाकारों ने चौधरी कॉम्प्लेक्स दाड़लाघाट में नुक्कड़ नाटक व गीतों के माध्यम सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान शिव कला मंच कुनिहार के कलाकारों द्वारा लोगों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियम व वाहन फिटनेस के बारे गीत-संगीत व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूक किया गया। कार्यक्रम के तहत चौधरी कॉम्प्लेक्स दाड़लाघाट व शालुघाट बागा में नुक्कड़ नाटक पेश किए गए हैं और कलाकारों ने सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया। कलाकारों ने बताया कि गाड़ी लेने से पहले कानूनन उम्र 18 की होनी जरूरी है। लोगों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस, बाइक चलते समय हेल्मेट का प्रयोग, सीट बैल्ट लगाना, ओवर स्पीड व ओवरटेकिंग न करना, किसी भी नशे की हालत में गाड़ी न चलाना, गाड़ी चलाते समय फोन का इस्तेमाल नहीं करना आदि यातायात नियमों के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस मौके पर पंचायत प्रधान दाड़लाघाट बंसी राम भाटिया, उपप्रधान हेमराज ठाकुर, आरटीओ सोलन से पवन, शिव शक्ति कला मंच कुनिहार से चेतन, राघव, गोपाल, राहुल, गगन, महक, पूजा, दीक्षा व वीरेंद्र सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।
मनाेज कुमार। दाड़लाघाट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज में विद्यालय सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जबकि विद्यालय से स्थानीय गांव पट्टा तक एक जागरूकता रैली निकाली गई।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय एवं सड़क सुरक्षा विषय पर निबंध लेखन, भाषण, नारा लेखन एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मंच संचालक प्रवक्ता सूचना एवं प्रौद्योगिकी अनूप शर्मा ने छात्रों को विद्यालय सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। प्रधानाचार्य प्रेमलाल नेगी और विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने भी छात्रों को वर्तमान परिस्थितियों में विद्यालय सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा के महत्व एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर विद्यालय में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर भीम सिंह ठाकुर, अमरदेव शर्मा, दीपक ठाकुर, देवी सिंह, अमर सिंह ठाकुर, रमेश ठाकुर, हेमराज ठाकुर, विरेन्द्र कुमार, पुष्पेन्द्र शर्मा, सरोज ठाकुर व केशव वर्मा सहित विद्यालय के छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है।
नगरोटा बगवां में भारत्तोलन, टेबल टेनिस आवासीय अकादमी का किया शुभारंभ फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेलों इंडिया अभियान के बजट में साढ़े 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, ताकि ओलंपिक जैसी विश्व स्तरीय स्पर्धाओं में भारत के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने नगरोटा के रेनबो स्कूल में भारत्तोलन एवं टेबल टेनिस की खेलो इंडिया आवासीय अकादमी का शुभारंभ करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर भी खेलों के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इस साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर, राज्य स्तर तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी सरकार द्वारा मदद मुहैया करवाई जा रही है, ताकि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि देश भर में विभिन्न स्तरों पर आवासीय खेल अकादमी खोली जाएंगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद खेल महाकुंभ की शुरूआत की गई थी, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओ में हजारों खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर अब देश के अन्य राज्यों के सांसदों द्वारा भी खेल महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के धर्मशाला को भी स्पोर्ट्स सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। धर्मशाला के क्रिकेट स्टेडियम से हिमाचल को पूरी दुनिया भर में एक नई पहचान भी मिली है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के विभिन्न जिलों में खेल मैदान विकसित करने के भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेलें युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत जरूरी हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलने के लिए प्रेरित करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी खेलों पर विशेष बल देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि युवा पीढ़ी सही दिशा में अग्रसर हो सके। इस अवसर पर भारतीय भारत्तोलन फेडरेशन के अध्यक्ष सहदेव यादव, क्षेत्रीय निदेशक साईं पीके मट्ठू, टेबल टेनिस फेडरेशन आफ इंडिया के संयुक्त सचिव यशपाल राणा सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है। कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है।
मनाेज कुमार। कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल श्रीबालाजी में मंगलवार को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बगली जिला कांगड़ा के विद्यार्थी पहुंचे। स्कूल के दो अध्यापकों के साथ आए 23 छात्रों ने श्रीबालाजी अस्पताल के कामकाज को देखा। छात्रों ने अस्पताल के सीएमडी डॉ राजेश शर्मा से भी स्टूडेंट्स ने चर्चा की। श्री बालाजी अस्पताल इस वक्त एकमात्र ऐसा अस्पताल है, जहां पैट स्कैन की भी सुविधा है। ये पैट स्कैन कैंसर से जुड़ी बीमारी का परीक्षण करता है। इसके अलावा अस्पताल में सभी तरह की बीमारियों का उपचार होता है। अस्पताल द्वारा समय-समय पर निःशुल्क शिविर भी लगाए जाते रहे हैं, जो कि इन दिनों लगातार चल रहे हैं। डॉ. राजेश शर्मा का मानना है कि हमारा मकसद आम आदमी को उसके घर-द्वार पर उपचार मुहैया करवाना है। उनका कहना है कि हमने अस्पताल की नींव रखने से लेकर आज दिन तक हर तबके की सेवाभाव से ही काम किया है, जो कि आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
मनोज कुमार। कांगड़ा वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार सुनील डोगरा ने बताया सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ , सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, एनएससी, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है, तो उसका इंट्रेस्ट भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा। इसलिए एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। सुनील डोगरा ने कहा कि यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इन्वेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा। इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी। अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है, तो उसे आप 31 मार्च से पहले चुका दें। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा। न्यू पेंशन स्कीम भी है अच्छा विकल्प है, अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है, तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपए इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी (हेल्थ पालिसी )से भी बचा सकते हैं पैसा, मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपये खर्च कर 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपए के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है। इनकम टैक्स बचाना चाहते हैं, तो 31 मार्च से पहले कीजिए ये निवेश। अगर आप भी इनकम टैक्स ज्यादा कटने से बचाना चाहते हैं, तो 31 मार्च तक आपके पास मौका है, जानिए कहां-कहां कर सकते हैं निवेश। वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार सुनील डोगरा ने बताया सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ, सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, एनएससी, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है, तो उसका इंट्रेस्ट भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा। इसलिए एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। सुनील डोगरा ने कहा कि यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इनवेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा। इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी। अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है, तो उसे आप 31 मार्च से पहले चुका दें। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा। न्यू पेंशन स्कीम भी है अच्छा विकल्प है। अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है, तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपए इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी (हेल्थ पालिसी) से भी बचा सकते हैं। पैसा, मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपए खर्च कर 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपए के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है।
विनायक ठाकुर । ज्वालामुखी विशविख्यात माता ज्वालामुखी मंदिरर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं द्वारा पंजाब में मिली "आप" को प्रचंड जीत पर हाजरी लगाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान ज्वालामुखी बौहन चौक पर रेड लाइट से लेकर माता मंदिर तक पंजाब में मिली जीत पर विजय प्रदर्शन कर रैली भी निकाली गई। आम आदमी पार्टी पर्यटन विंग प्रदेशाध्यक्ष विकास धीमान की के नेतृत्व में इस प्रदर्शन का आयोजन किया गया। विकास धीमान ने इस अवसर पर कहा कि मां ज्वाला से पंजाब में जीत के लिए आशीर्वाद और मन्नत मांगी थी, जो की पूरी हो गई हिमाचल में भी इसी वर्ष चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी हिमाचल प्रदेश में भी ऐतिहासिक जीत दर्ज करें। इसके लिए मां से प्रार्थना की माता ज्वालामुखी मंदिर में जाकर दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी कपिल शर्मा ने उन्हें माता की विधिवत पूजा-अर्चना करवाकर माता की चुनरी भेंट की। इस दौरान ज्वालामुखी आप उपाध्यक्ष मोनिंद्र सिंह, एसीसी विंग अध्यक्ष सीता राम, नादौन से शेंकी ठुकराल, जसवां परागपुर मंडल अध्यक्ष हंसराज धीमान व अमित कपूर सहित अन्य तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजकीय पुष्प बुरांश अब लोगों के लिए रोजगार का बेहतर जरिया बन रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में खिलने वाले बुरांश फॉरेस्ट अथवा वन पंचायत के जंगलों में ही अधिक होता है। समुद्र तल से 1500 से 3600 मीटर की ऊंचाई पर पाए जाने वाले बुरांश का वैज्ञानिक नाम रोडोडेंड्रॉन है। मार्च- अप्रैल के महीने में बुरांश के पेड़ों पर खिले लाल फूल आकर्षण का केंद्र बन जाते है। बुरांश न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि इसमें औषधीय गुणों के चलते कुछ लोगों के लिए अब यह आमदनी का जरिया भी बना चुका है। महिलाओं को दिया जाता है प्रशिक्षण विकास खंड संगड़ाह की 30 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए बुरांश के जंगल आमदनी का जरिया बन चुके हैं। इन महिलाओं द्वारा रोडो जूस, जैम व स्क्वैश आदि प्रोडक्ट गत वर्ष से बाजार मे बेचे जा रहे है। पंचायत समिति संगड़ाह के अध्यक्ष मेलाराम शर्मा का कहना है कि इन महिलाओं को समिति द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाता है और बुरांश से बने उत्पादों के लिए एक दुकान भी निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है। जिला सिरमौर के राजगढ़ में मौजूद उद्यान विभाग के जूस प्लांट अथवा फैक्ट्री में हर साल 20 से 40 क्विंटल बुरांश का जूस निकाला जाता है। संगड़ाह के आधा दर्जन किसान हर साल क्षेत्र के जंगलों से वन विभाग की अनुमति से बुरांश निकालकर इसे उद्यान विभाग अथवा संबंधित उद्योगों को बेचते हैं। प्रतिवर्ष 20 से 40 क्विंटल निकाला जाता है जूस उद्यान विभाग विषयवाद विशेषज्ञ के पद से सेवानिवृत्त हुए यूएस तोमर का कहना है कि जिला सिरमौर के राजगढ़ में मौजूद जूस प्लांट में हर साल 20 से 40 क्विंटल बुरांश के फूलों की जरूरत रहती है। क्षेत्र में बुरांश के उत्पादों से संबंधित कोई बड़ा उद्योग लगने की सूरत में यह सैंकड़ों किसान परिवारों की आय अथवा आजीविका का साधन बन सकता है। हृदय रोग, कैंसर, खून संबंधी बीमारियों तथा पेट के रोगों के लिए बुरांश का जूस अचूक औषधि समझा जाता है, जिसके चलते यह सामान्य जूस से काफी महंगा है। औषधीय गुणों के साथ बुरांश का आर्थिकी महत्व बुरांश के फूलों से बना शरबत हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इन पंखुड़ियों का उपयोग सर्दी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और बुखार को दूर करने के लिए किया जाता है। स्थानीय लोग इसका इस्तेमाल स्क्वैश और जैम बनाने में करते हैं। साथ ही इसकी चटनी को आज भी ग्रामीण इलाकों में पसंद किया जाता है इसके अलावा बुरांश के पेड़ की लकड़ी को भी उपयोग में लाया जाता है। इसकी लकड़ी ईंधन के रूप में और कोयला बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। लकड़ी का उपयोग टूल-हैंडल्स, बॉक्स, पैक-सैडल्स, पोस्ट, प्लाईवुड बनाने के लिए किया जाता है। बुरांश का जंगल पर्यटकों के लिए बनता है सेल्फी पॉइंट जिला सिरमौर के उपमंडल संगड़ाह के सदाबहार हिमालई जंगलों में बुरांश बहुतायत हिस्से में पाया जाता है तथा जंगल दूर से देखने पर रेड रोज गार्डन जैसे प्रतीत होते हैं। संगड़ाह से गत्ताधार, नौहराधार, हरिपुरधार व राजगढ़ की ओर जाने वाली सड़कों पर सैकड़ों हेक्टेयर भूमि में बुरांश के जंगल फैले हुए है। यहाँ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली आदि से आने वाले पर्यटकों के लिए यह जंगल आकर्षण का केंद्र रहता है हैं। सैलानियों के अलावा कईं पर्यावरण प्रेमी भी बुरांश के साथ सेल्फी लेते नज़र आते है। राजकीय पुष्प बुरांश अब लोगों के लिए रोजगार का बेहतर जरिया बन रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में खिलने वाले बुरांश फॉरेस्ट अथवा वन पंचायत के जंगलों में ही अधिक होता है। समुद्र तल से 1500 से 3600 मीटर की ऊंचाई पर पाए जाने वाले बुरांश का वैज्ञानिक नाम रोडोडेंड्रॉन है। मार्च- अप्रैल के महीने में बुरांश के पेड़ों पर खिले लाल फूल आकर्षण का केंद्र बन जाते है। बुरांश न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि इसमें औषधीय गुणों के चलते कुछ लोगों के लिए अब यह आमदनी का जरिया भी बना चुका है। महिलाओं को दिया जाता है प्रशिक्षण विकास खंड संगड़ाह की 30 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए बुरांश के जंगल आमदनी का जरिया बन चुके हैं। इन महिलाओं द्वारा रोडो जूस, जैम व स्क्वैश आदि प्रोडक्ट गत वर्ष से बाजार मे बेचे जा रहे है। पंचायत समिति संगड़ाह के अध्यक्ष मेलाराम शर्मा का कहना है कि इन महिलाओं को समिति द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाता है और बुरांश से बने उत्पादों के लिए एक दुकान भी निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है। जिला सिरमौर के राजगढ़ में मौजूद उद्यान विभाग के जूस प्लांट अथवा फैक्ट्री में हर साल 20 से 40 क्विंटल बुरांश का जूस निकाला जाता है। संगड़ाह के आधा दर्जन किसान हर साल क्षेत्र के जंगलों से वन विभाग की अनुमति से बुरांश निकालकर इसे उद्यान विभाग अथवा संबंधित उद्योगों को बेचते हैं। प्रतिवर्ष 20 से 40 क्विंटल निकाला जाता है जूस उद्यान विभाग विषयवाद विशेषज्ञ के पद से सेवानिवृत्त हुए यूएस तोमर का कहना है कि जिला सिरमौर के राजगढ़ में मौजूद जूस प्लांट में हर साल 20 से 40 क्विंटल बुरांश के फूलों की जरूरत रहती है। क्षेत्र में बुरांश के उत्पादों से संबंधित कोई बड़ा उद्योग लगने की सूरत में यह सैंकड़ों किसान परिवारों की आय अथवा आजीविका का साधन बन सकता है। हृदय रोग, कैंसर, खून संबंधी बीमारियों तथा पेट के रोगों के लिए बुरांश का जूस अचूक औषधि समझा जाता है, जिसके चलते यह सामान्य जूस से काफी महंगा है। औषधीय गुणों के साथ बुरांश का आर्थिकी महत्व बुरांश के फूलों से बना शरबत हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इन पंखुड़ियों का उपयोग सर्दी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और बुखार को दूर करने के लिए किया जाता है। स्थानीय लोग इसका इस्तेमाल स्क्वैश और जैम बनाने में करते हैं। साथ ही इसकी चटनी को आज भी ग्रामीण इलाकों में पसंद किया जाता है इसके अलावा बुरांश के पेड़ की लकड़ी को भी उपयोग में लाया जाता है। इसकी लकड़ी ईंधन के रूप में और कोयला बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। लकड़ी का उपयोग टूल-हैंडल्स, बॉक्स, पैक-सैडल्स, पोस्ट, प्लाईवुड बनाने के लिए किया जाता है। बुरांश का जंगल पर्यटकों के लिए बनता है सेल्फी पॉइंट जिला सिरमौर के उपमंडल संगड़ाह के सदाबहार हिमालई जंगलों में बुरांश बहुतायत हिस्से में पाया जाता है तथा जंगल दूर से देखने पर रेड रोज गार्डन जैसे प्रतीत होते हैं। संगड़ाह से गत्ताधार, नौहराधार, हरिपुरधार व राजगढ़ की ओर जाने वाली सड़कों पर सैकड़ों हेक्टेयर भूमि में बुरांश के जंगल फैले हुए है। यहाँ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली आदि से आने वाले पर्यटकों के लिए यह जंगल आकर्षण का केंद्र रहता है हैं। सैलानियों के अलावा कईं पर्यावरण प्रेमी भी बुरांश के साथ सेल्फी लेते नज़र आते है।
रंजीत सिंह । कुनिहार विकास खंड सोलन के ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी के प्राचीन श्री दुर्गा माता मंदिर में आयोजित 9 दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का हवन व पुर्णाहुति के साथ समापन हुआ। 9 दिनों तक काफी संख्या में क्षेत्रवासियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कर कथा श्रवण की। विगत 6 मार्च से चल रहे इस भक्ति, शक्ति के अनुष्ठान में पधारे हिमाचल प्रदेश के गौरव विश्वविख्यात कथाव्यास श्रद्धेय श्री शशांक कृष्ण कौशल ने 9 दिन तक भक्तों को जगदंबा के विभिन्न चरित्रों व देवी पूजन के विधानों से अवगत कराया व अनेक सामाजिक कुरीतियों पर करारी चोट की। कथा के अंतिम दिवस उन्होंने रुद्राक्ष, भस्म धारण और तिलक के विषय में बताते हुये कहा कि हर हिंदू का माथा सदा तिलक से अलंकृत होना चाहिए। बिना तिलक के कोई भी कार्य सफल नहीं होते। अपनी इष्ट साधना के अनुसार तिलक लगाएं व किसी भी अन्य तिलक की निंदा न करें। अपवित्र अवस्था में रुद्राक्ष धारण न करें व अन्य किसी का रुद्राक्ष भी धारण न करें। भस्म धारण करने वाला व्यक्ति साक्षात शिवस्वरूप होता है व यज्ञ से उत्पन्न भस्म ही श्रेष्ठ है।इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा कथाव्यास एवं उनके साथियों का संम्मान किया गया। व्यासपीठ से मंदिर समिति के कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया। कथा समाप्ति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कथा समिति के अध्यक्ष श्रीराम कौशल, डीडी कश्यप, सुखराम, राम चंद शर्मा, भूपेंद्र व अजित कुमार आदि सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए दिए सहयोग के लिए संपूर्ण क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
कला के क्षेत्र में काँगड़ा चित्रकारी का एक विशिष्ठ स्थान है। जैसा नाम से ज्ञात होता है, राजशाही के दौरे में इसका उदगम काँगड़ा से हुआ। अठारह्वीं शताब्दी में बिसोहली चित्रकारी के फीका पड़ जाने से कांगड़ा चित्रकारी फलने-फूलने लगी। कांगड़ा चित्रों के मुख्य केंद्र गुलेर, बसोली, चंबा, नूरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा हैं, लेकिन बाद में यह शैली मंडी, सुकेत, कुल्लू, अर्की, नालागढ़ और टिहरी गढ़वाल (मोला राम द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया) में भी पहुंच गयी। अब इसे सामूहिक रूप से पहाड़ी चित्रकला के रूप में जाना जाता है, जो 17वीं और 19वीं शताब्दी के बीच राजपूत शासकों द्वारा संरक्षित शैली को दर्शाता है। कांगड़ा चित्रकला कांगड़ा की सचित्र कला है। वर्ष 1765 से 1823 के दरमियान कांगड़ा के महाराजा संसार चंद के समय में इस कला को पंख लगे। महाराजा संसार चंद के दौर को इस कला का सुनहरा दौर भी कहा जाता है। कांगड़ा चित्रकला में सबसे अधिक भगवान कृष्ण की लीलाओं के रूपों को देखा जा सकता हैं। ख़ास बात ये है कि उस दौर में इसमें इस्तेमाल होने वाले रंग भी रसायनयुक्त न होकर पेड़ पौधों से बनते थे और ब्रश भी। ये ही कारण है कि करीब तीन सौ वर्ष गुजरने के बाद भी इन चित्रों में पहले जैसी ताजगी बरकरार है। उस दौर में ये चित्र हस्त निर्मित स्यालकोटी कागज पर उकेरे जाते थे, और खनिज और वनस्पत्ति रंगो का इस्तेमाल होता था। तब तंगरम हरिताल, दानाफरग, लाजवद्द, खडिया और काजल की स्याही प्रमुख रंग थे। जबकि रेखाकण के लिए गिलहरी की पूँछ के बाल से बनी तुलिका का उपयोग किया जाता था। पर समय के साथ अब हर प्रकार के कागज़ पर पोस्टर रंगों की मदद से कांगड़ा चित्र तैयार किये जाते हैं। कलाप्रेमियों के लिये इनकी कीमत भी प्राकृतिक वस्तुओं से बने मूल चित्रों से कई गुना कम होती है। इन्हें हस्तकला की दूकानों, चित्रकला की दूकानों या पर्यटन स्थलों पर आसानी से खरीदा जा सकता है। लघुचित्र में सबसे उत्कृष्ट मानी जाती है कांगड़ा कलम : कला जगत को भारत की लघुचित्र कला एक अनुपम देन है। जम्मू से लेकर गढ़वाल तक उतर- पश्चिम हिमालय पहाड़ी रियासतों की इस महान परम्परा का वर्चस्व 17वीं से 19वीं शताब्दी तक रहा। ये कला छोटी-छोटी रियासतों में पनपी है जिनमें से अधिकांश वर्तमान हिमाचल प्रदेश में है। यह चित्रकला पहाड़ी शैली के नाम से विश्व भर में विख्यात है। इस पहाड़ी चित्रकला के गुलेर ,कांगड़ा, चम्बा, मण्डी, बिलासपुर, कुल्लू मुख्य केन्द्र थे। कांगड़ा कलम को लघुचित्र में सबसे उत्कृष्ट माना गया है। काँगड़ा कलम का स्वर्ण युग : महाराजा संसार चन्द (1775-1823) ने कांगड़ा चित्र शैली को विकास के शिखर पर पहुँचाया। उनके शासन काल काँगड़ा कलम का स्वर्ण युग कहा जाता है। उन्होंने गुलेर के कलाकारों को अपने दरबार की ओर आकर्षित किया। राजा संसार चन्द कांगड़ा घाटी के शक्तशाली व कलापोषक राजा हुए है। उनके शासन काल मे ही कवि जयदेव की संस्कृत प्रेम कविता “गीत-गोविन्द”, “बिहारी की सतसई”,”भगवत पुराण”, “नलदमवन्ती” व “केशवदास” “रसिकप्रिया” कवीप्रिया को चित्रों में डाला गया है। कृष्ण “विभिन्न“ रुपों में इस चित्र कला का प्रतिनिधित्व करतें हैं। राजा के साथ श्रीकृष्ण के श्रृँगारिक चित्र, राग-रानियों, रामायण, महाभारत, भागवत्त, चण्डी-उपाख्यान (दुर्गा पाठ), देवी महत्मये व पौराणिक कथाओं पर चित्र कला तैयार हुई। इनका रहा है विशेष योगदान : किसी राष्ट्र की पहचान उसकी समृद्ध कला-संस्कृती से होती है। कांगड़ा कलम के विकास की गति निरन्तर जारी है। पंडित सेऊ व उनके वंशज द्वारा कला रुपी पौधों को जीवित रखने के लिए कला के वरिष्ठ एवं कला पोशक व महान कला संरक्षक ओम सुजानपुरी, चम्बा के विजय शर्मा (पदमश्री) का महान योगदान रहा है। भाषा संस्कृति विभाग व हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के प्रयासों से कुछ कला प्रतिभाएं और सामने हैं, जिनमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मुकेश कुमार, धनी राम, प्रीतम चन्द, जोगिन्दर सिंह मुख्य हैं। सियालकोट कागज़ पर तैयार किये गए है चित्र : कहते है कांगड़ा की मिट्टी में कलाकार उत्पन्न करने की क्षमता है। ज़िला प्रशासन कांगड़ा के प्रयासों से यहाँ कई छिपी कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया है, जिनमें कांगड़ा कलम की महान परम्परा को जीवित रखने की अपार क्षमता है। ये सभी चित्र बही खातों के लिये बनाए गए विशेष प्रकार के हस्त निर्मित कागज़ों पर उकेरे गए है, जिन्हें सियालकोट कागज़ भी कहा जाता है। पहले इस कागज़ पर एक सफेद द्रव्य से लेप किया जाता है और बाद में शंख से घिस कर चिकना किया जाता है। जबकि रंगों को फूलों, पत्तियों, जड़ों, मिट्टी के विभिन्न रंगों, जड़ी बूटियों और बीजों से निकाल कर बनाया जाता है। इन रंगो को मिट्टी के प्यालों या बड़ी सीपों में रखा जाता है। वर्ष 2012 में मिला जीआई टैग : कांगड़ा चित्रकारी को वर्ष 2012 में जीआई टैग दिया गया था। वर्ल्ड इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक जियोग्राफिकल इंडिकेशंस टैग एक प्रकार का लेबल होता है जिसमें किसी प्रोडक्ट को विशेष भौगोलिक पहचान दी जाती है। ऐसा प्रोडक्ट जिसकी विशेषता या प्रतिष्ठा मुख्य रूप से प्राकृति और मानवीय कारकों पर निर्भर करती है। ये टैग किसी खास भौगोलिक परिस्थिति में पाई जाने वाली या फिर तैयार की जाने वाली वस्तुओं के दूसरे स्थानों पर गैर-कानूनी प्रयोग को रोकने के लिए भी दिया जाता है।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर पंचरुखी बाजार में तीन दिन चलने वाले होली मेले का आगाज सोमवार को राधाकृष्ण मंदिर में झंडा रस्म के साथ हुआ, जिसमें बाजार कमेटी प्रधान विजय राणा सहित समस्त दुकानदारों ने शोभायात्रा निकाली, जिसमें जयसिंहपुर के पूर्व विधायक यादविंद्र गोमा ने भाग लिया और मंदिर में पूजा कर व्यापारियों को होली मेले का शुभारंभ कर बधाई दी। बाजार कमेटी प्रधान विजय राणा ने बताया कि होली मेला तीन दिन तक चलेगा और इस उपलक्ष्य पर स्वामी विवेकानंद मैदान में महिलाओं की रस्साकशी, घड़ा फोड़, म्यूजिक चेयर सहित सहित पुरुषों की वालीबाल प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
सरकार को गुमराह करने में मशगूल हैं कुछ शिक्षक संघ फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा हिमाचल राजकीय कला स्नातक संघ कुछ संगठनों के उस बयान पर भड़क गया है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि उच्चतर विभाग में कार्यरत प्रवक्ताओं को पदोन्नत कर पुनः निचले विभाग में मुख्याध्यापक बना कर भेजा जाए, जिससे टीजीटी को हेडमास्टर बनने के अवसर घटाए जाएं। टीजीटी से प्रवक्ता बनकर पदोन्नति का लाभ, प्रवक्ता स्केल व इंक्रीमेंट का लाभ ले चुके प्रमोटी प्रवक्ता ही अगर हेडमास्टर बनाने हैं, तो सेवारत टीजीटी कब हेडमास्टर प्रमोट होंगे। सेवारत टीजीटी को केवल प्रवक्ता पदोन्नति लेने हेतु बाध्य किया जाना गलत है। क्योंकि अनेकों टीजीटी हेडमास्टर प्रमोशन चैनल ही बेहतर समझते हैं। विज्ञान व कला संकाय के 16318 टीजीटी शिक्षकों ने इन शिक्षक संगठनों को कहा है कि वे प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट के फैसलों की अवमानना हेतु उकसाना बंद करें। जिला कांगड़ा टीजीटी कला संघ के अध्यक्ष संजय चौधरी, राज्य कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुमन कुमार, महासचिव अमृतपाल सिंह, मुख्य सलाहकार अनुज आचार्य, कोषाध्यक्ष करतार काजल, खंड धर्मशाला अध्यक्ष प्रतिभा शर्मा व महासचिव यशपाल, पालमपुर के संजीव चौहान, भवारना के भारतभूषण, लंबगांव के प्रदीप कुमार, खंड जवाली से सुरेश कौंडल, नगरोटा सूरियां से भारतेंदु शर्मा, थुरल के सुभाष चंद, खंड चढियार से बालकृष्ण, पंचरुखी से विवेक, बैजनाथ से अर्जुन कुमार, खुंडियां से राज कुमार राणा, रक्कड़ से राजिंदर शर्मा, देहरा से संजीव शर्मा, ददासीबा से राजेश चौधरी, खंड रैत से राजेश कुमार, कोटला से वीरेंद्र, नूरपुर से नरेश कुमार, इंदौरा से नीलम चौधरी और फतेहपुर से पृथीपाल आदि शिक्षक नेताओं ने कहा है कि प्रवक्ता संघ के राज्य अध्यक्ष एक बार न्यायलय के निर्णय की अवमानना हेतु सरकार को उकसाने और उलूल-जलूल बयान देकर सरकार को गुमराह करने की बजाय तथ्यों पर गौर करें। हेडमास्टर केडर का पदोन्नत पद टीजीटी से पदोन्नति पर होना चाहिए न कि पहले प्रवक्ता बनो फिर वापस प्रारंिभक विभाग में बिना किसी वित्तीय लाभ के मुख्याध्यापक बनो। उनके अधीन काम करना पड़ता। प्रवक्ता संघ को यदि मांगना है, तो प्रिंसिपल, वाईस प्रिंसिपल व कॉलेज कैडर में पदोन्नति मांगनी चाहिए, न कि वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे टीजीटी केडर का हकों पर कुठाराघात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीटी शिक्षक हेडमास्टर पदों पर पदोन्नति के लिए लगभग 25 वर्षों से इंतज़ार कर रहे हैं। टीजीटी वर्ग के शिक्षकों को भी पदोन्नति से वंचित हो कर मात्र एक ही पद पर से रिटायर होने पड़ रहा है। उक्ति समस्त नेताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर व शिक्षा सचिव से आग्रह किया है कि उक्त फैसला लेने से पहले टीजीटी वर्ग के हकों को सुरक्षित करते हुए निर्णय लिया जाए और जो भी प्रवक्ता चाहे सीधी भर्ती चाहे पदोन्नति से बने, वे मात्र प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य या फिर कॉलेज कैडर में पदोन्नति भर भेजे जाएं।
रंजीत सिंह। कुनिहार कुनिहार में बेटियों ने अपनी मृतक माता को मुखाग्नि दी। जिसे देख हर किसी की आंख नम हो गई। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे के आस पास जैसे ही शिमला से मृतक आशा देवी का पार्थिव शरीर उनके घर हाटकोट बाजार में लाया गया, तो हर किसी की आंख नम थी, जब मृतक महिला को क्षेत्र के श्मशानघाट ले जाया गया, वहां उक्त महिला की सबसे बड़ी बेटी मीनाक्षी व उसके पति पवन शर्मा ने अंतिम संस्कार की संपूर्ण विधि को संपन्न किया व मुखाग्नि देने के लिए मीनाक्षी शर्मा की छोटी विवाहिता बहन ज्योति व शिक्षा ग्रहण कर रही बहन उपासना शामिल रही। अपनी मृतक माता को मुखाग्नि देने के उपरांत तीनों बेटियों ने नम आंखों से अपने पिता का हौंसला बढ़ाया। गौरतलब है कि गत दिन कुनिहार शिमला मार्ग बडेहरी के समीप सड़क हादसे में आशा देवी की मृत्यु हो गई थी। मृतक आशा देवी का गत रविवार को ही जन्मदिन था व वह कुछ दिनों से शिमला में ही थी। इस खुशी को मनाने वह अपने पति के साथ शिमला से कुनिहार अपने घर आ रहे थे, जंहा बेटियों ने अपनी माता का जन्मदिन मनाने की पूरी तैयारियां भी कर रखी थी, पर उन्हें क्या मालुम था कि ऐसी कोई दुखद खबर भी सुनने को मिल जाएगी। उक्त घटना से जंहा परिवार पर दुखों का पहाड़ पड़ा, तो वहीं, संपूर्ण क्षेत्र शोकाकुल हो गया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला जिला में आत्महत्या के मामले थम नहीं रहे हैं। आए दिन लोग आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं। ताजा मामले में उपमंडल चौपाल में एक नेपाली मूल के व्यक्ति द्वारा पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमंडल-चौपाल के देवत में एक नेपाली मूल के आदमी ने रात को एक नाशपाती के पेड़ में फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर दिया है। आज़ सुबह जब मकान मालिक अपने घर से बाहर निकले, तो एक व्यक्ति घर के सामने पेड़ से लटका हुआ देखा। मालिक ने डेरे में रह रहे नेपाली मूल के लोगों को आवाज लगाई, तो दौड़ कर वो बागिचे में गए, तो पाया कि एक व्यक्ति जिसका नाम गोपाल बहादुर है ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी है। यह बहादुर अपने माता-पिता, पत्नी व एक बेटी के साथ रहता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि व्यक्ति ने फंदा लगाया है या यह आत्महत्या का मामला है। पुलिस दोनों उत्तर लोगों को जच कर रही है। गौरतलब है कि राजधानी शिमला में बीते मां भी कई लोगों ने आत्महत्या की थी, जिसमें कई छात्र भी शामिल है। वहीं, एक सब इंस्पेक्टर द्वारा भी अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया था।
राजेश कतनौरिय। जवाली पुलिस थाना जवाली के तहत आज जवाली-नगरोटा सूरियां मार्ग पर हार रेन शैल्टर के पास मोटरसाइकिल (एचपी54-7729) व ट्रक (एचपी 15बी-7011) की टक्कर होने से मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी अनुसार मृतक की पहचान शाम सिंह (53) पुत्र पूर्ण सिंह निवासी फारियां के रूप में हुई है, जबकि घायल की पहचान रवीन मिश्रा (57) निवासी धर्मशाला के रूप में हुई है। शाम सिंह लोक निर्माण विभाग जवाली में बतौर जेई, जबकि रवीन मिश्रा बतौर वर्क इंस्पेक्टर कार्यरत है। शाम सिंह व मिश्रा कार्य को देखने के लिए नाणा में गए थे तथा वहां से वापस आ रहे थे कि हार रेन शैल्टर के पास जवाली से नगरोटा सूरियां की तरफ जा रहे ट्रक के साथ टक्कर हो गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को स्थानीय लोगों द्वारा 108 एंबुलेंस के माध्यम से सिविल अस्पताल जवाली में उपचार हेतु लाया गया, जहां पर शाम सिंह को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे घायल को टांडा में रैफर किया गया। डीएसपी जवाली सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु नूरपुर भेज दिया है, जबकि घायल को टांडा में रेफर किया गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के मामलों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी उचित मांगों को हल करने के लिए तीन सदस्यीय मंत्रिमंडीलय उप समिति का गठन किया गया है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां आउटसोर्स कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्ड और निगमों में लगभग 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत है। राज्य सरकार इन कर्मचारियों के कल्याण के लिए चिंतित है और सरकार ने गत दिसंबर माह में सभी विभागों के साथ एक आदर्श निविदा साझा करते हुए प्रत्येक आउटसोर्स कर्मचारी को पे-स्लिप देना अनिवार्य किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत पैरा-वर्कर्स के मानदेय मेें उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पीटीए और एसएमसी अध्यापकों के कल्याण के लिए भी राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2022-23 के बजट में आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम 10500 रुपए प्रतिमाह प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इसे मिलाकर वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में आउटसोर्स वर्कर्स के वेतन में बढ़ोतरी 4200 रुपए हो जाएगी। इससे पूर्व हिमाचल प्रदेश स्कूल लैक्चरर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की और प्रवक्ता (स्कूल कैडर) और प्रवक्ता (स्कूल न्यू) का पदनाम प्रवक्ता (स्कूल) करने की घोषणा पर उनका आभार व्यक्त किया। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने इस बार के बजट में जल शक्ति विभाग के मल्टीपर्पज वर्कर्स, पैरा फिटर्स एवं पम्प ऑपरेटरों के अनुदान में 900 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। आउटसोर्स इम्पलाइज यूनियन के अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा ने मुख्यमंत्री को यूनियन की विभिन्न मांगों से अवगत करवाया और बजट में आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के लिए उनका आभार व्यक्त किया। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
नरेंद्र डाेगरा । जयसिंहपुर झंडा पूजन के साथ ही गंदड़ होली मेला शुरू हुआ। पारस पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरैक्टर एमसी कटोच द्वारा झंडा पूजन की रस्म अदा की गई। इस अवसर पर पंचायत व होली मेला कमेटी के सदस्यों ने ढोल के साथ बाजार में शोभायात्रा निकाली व माता दुर्गा के मंदिर में पूजा-अर्चना करके आयोजन की सफलता की कामना की। ग्राम पंचायत गंदड़ के प्रधान बिन्ता कटोच ने होली की सबको शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के प्रधान बिंता देवी, उप प्रधान शशी कांत, मेला कमेटी के प्रधान जनम चंद कटोच, सचिव कमलेश शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय चंद कटोच सहित बिहारी लाल शुक्ला, विनोद राणा, धर्मवीर शुक्ला, राकेश गोस्वामी, जुगल किशोर मिश्रा, पृथ्वी राज शर्मा, डा. अजय मिश्रा, रवि शुक्ला, प्रवीण किसान, गौरव धीमान, शिवा कटोच, हरी राम, फूमन राम, सुखदेव कटोच व रोविन कटोच सहित पंचायत, हेली मेला कमेटी व व्यार मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
आशीष आजाद। साेलन एसएफआई सोलन छात्रा उप समिति द्वारा प्राचार्या को आज ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में एसएफआई ने गर्ल्स कॉमन रूम में छात्राओं को आ रही दिक्कतों की ओर विशेष ध्यान दिया। गर्ल्स कॉमन रूम की बात करें, तो वहां सफाई न होने की वजह से छात्राओं को वहां बैठने में दिक्कत आ रही है। साथ ही वहां पर सिंक में ब्लॉकेज की वजह से छात्राएं उसका उपयोग नहीं कर पा रही हैं। इसके साथ-साथ वॉशरूम के अंदर में सफाई के हालात कुछ अच्छी नहीं हैं। इसीलिए एसएफआई मांग करती है कि छात्राओं को आ रही दिक्कतों को जल्द से जल्द सुलझाया जाए। अन्यथा एसएफआई छात्राओं को इकट्ठा करते हुए एक उग्र आंदोलन तैयार करेगी, जिसका जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन होगा।
विनायक ठाकुर। देहरा देहरा में चैत्र मास का आगाज ढोलरू परिवारों ने लोकगीत गाकर शुरू किया। इस मौके पर घर-घर जाकर ढोलकू की थाप पर परंपरागत लोकगीत गाकर चैत्र मास का शुभारंभ किया। सदियों से यह परिवार इस पारिवारिक परंपरा को निभा रहे हैं। ढलियारा के ढोलरू परिवार सुनीता एवं प्रोमिला ने ढोलरू के रूप में गीत गाकर बताया कि पहले हमारे पूर्वज इस काम को करते थे और अब हम इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, स्थानीय बजुर्गों का कहना है कि ढोलरू के मुख से लोकगीत के माध्यम से चैत्र माह का नाम सुनना अति शुभ माना जाता है। चैत्र का नाम गीत को एक प्रकार का भजन और ईश्वर वंदना ही माना जाता है। ढोलरू ढोल की थाप पर चैत्र माह का व्यख्यान गीत के रुप मे करते हुए कहते हैं कि सबसे पहले भगवान का नाम लेना चाहिए, फिर माता पिता का फिर गुरुओं का और फिर अन्य नाम लेने चाहिए। इसके साथ ही बसंत-बहार का व्याख्यान भी किया जाता है। चैत्र माह का नाम सुनने के उपरांत स्थानीय लोग उन्हें नए वस्त्र, गुड़, आटा, चावल और दक्षिणा देकर खुशी-खुशी विदा करके आगामी वर्ष को आने का न्योता देते हैं। ढलियारा से सुनीता एवं प्रोमिला ने बताया कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से गा रहे हैं।
सफल ऑर्गन निकाले जाने पर प्रशासन ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन मनोज कुमार। कांगड़ा मेडिकल कॉलेज टांडा से किडनी विभाग के हेड व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ राकेश चौहान, सुपरिटेंडेंट मेडिकल कॉलेज टांडा डॉक्टर मोहन सिंह और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर अंकेश चौधरी ने आज विशाल पुत्र हरवंस निवासी हटवास, जिसके एक्सीडेंट में ब्रेन डेड होने के उपरांत परिवार द्वारा अंगदान के लिए सहमति जताई गई और उसके उपरांत उसके अंग मेडिकल कॉलेज टांडा में पहली बार निकालकर पीजीआई चंडीगढ़ में किसी दूसरे व्यक्ति को लगाए गए, उसके घर जाकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उस दिव्य आत्मा को ईश्वर के चरणों में जगह मिले ऐसी प्रार्थना की। उन्होंने विशाल के परिवारजनों को नीम का पौधा भेंट स्वरूप दिया, जिसे परिवार द्वारा विशाल की याद में वहां पर स्थापित किया गया। टांडा की इस टीम ने परिवार जनों का अंगदान करने के इस महान पुण्य कार्य लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही आज मेडिकल कॉलेज टांडा प्रशासन द्वारा ब्रेन डेड व्यक्ति के हिमाचल में पहली बार सफल ऑर्गन निकाले जाने पर प्रशासन ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज टांडा भानु अवस्थी द्वारा की गई और मौके पर किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर राकेश चौहान भी मौजूद रहे, जिन्होंने हिमाचल में पहली बार ऑर्गन निकालने का कार्य किया। कॉन्फ्रेंस दौरान सर्वप्रथम प्रिंसिपल भानु अवस्थी ने उस परिवार के प्रति संवेदनाएं और उस दिव्य आत्मा को नमन किया, जिसके अंग निकाले गए, जिसका नाम विशाल पुत्र हरवंस हटवास निवासी है। प्रिंसिपल भानु अवस्थी ने बताया कि डॉ राकेश चौहान के प्रयासों के कारण मेडिकल कॉलेज टांडा को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है और उन्होंने कहा इसमें सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि 2021 में हमें 5 वर्ष के लिए इसकी रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुई है और हमने इस दिशा में पहला कदम पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है कि आगे अंग लगाने का कार्य भी टांडा में किया जाए। इस पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य के टांडा में हो पाने का हिमाचल प्रदेश सरकार को पूरा श्रेय जाता है। सरकार ने इस कार्य को यहां हो पाने के लिए पूरा सहयोग दिया। उन्होंने इसे सरकार की सफलता भी बताया। उन्होंने कहा कि समाज को अंगदान के लिए जागरूक करना बहुत जरूरी है। क्योंकि पूरे भारतवर्ष में लाखों की संख्या में एक्सीडेंट होते हैं और बहुत से ऐसे केस होते हैं, जिनका ब्रेनडेड पाया जाता है। इसलिए यदि लोग इस बात के लिए जागरूक हो जाएं, तो उनके अंगों को किसी ऐसे मरीज को ट्रांसफर किया जा सकता है, जो किसी हस्पताल में इन अंगों के अभाव के कारण दयनीय हालत में है। किडनी ट्रांसप्लांट हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चौहान ने बताया कि किडनी अंग निकालने की प्रक्रिया उसी व्यक्ति पर की जाती है, जिसका ब्रेन डेड हो। इसमें सबसे जरूरी ब्रेन डेड व्यक्ति के परिवार की सहमति है। बिना सहमति के इस कार्य को कभी नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया किडनी निकालने के बाद उसे लगभग 12 से 24 घंटे के अंदर दूसरे शरीर में लगाना जरूरी है। उन्होंने बताया विशाल पुत्र हरबंस हटवास निवासी के शरीर से निकाली गई, किडनी पीजीआई चंडीगढ़ में दूसरे व्यक्ति को लगा दी गई है और वह व्यक्ति अब रिकवर कर रहा है। इस मौके पर प्रिंसिपल भानु अवस्थी सहित डॉ राकेश चौहान, अधिकारी व डॉक्टर मौजूद रहे।
राज सोनी। करसोग करसोग के जरोड़ादड़ मैदान में आयोजित होने वाले 5 से 11 अप्रैल तक राज्य स्तरीय नलवाड़ मेले के सफल आयोजन को लेकर सोमवार को उपमंडल अधिकारी कार्यालय के सभागार में विधायक हीरा लाल की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय नलवाड़ मेले के सफल आयोजन को लेकर चर्चा की गई। एसडीम करसोग सनी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया के कोरोना महामारी के चलते दो वर्षों के अंतराल के बाद इस बार जिला स्तरीय नलवाड़ मेले का आयोजन किया जा रहा है तथा इस मेले में उपमंडल के लगभग साठ देवी-देवताओं को आमंत्रित किया जाएगा तथा इस मेले में 5 सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन भी किया जाएगा तथा मेला मैदान को ठेके में न देते हुए मेले का आयोजन प्रशासन द्वारा किया जाएगा। व्यापारियों के लिए प्लांटों का आवंटन भी प्रशासन द्वारा बनाई गई कमेटियों की देखरेख में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले मे रंगारंग कार्यक्रम सहित कुश्ती, खेलकूद प्रतियोगिता आदि का आयोजन भी किया जाएगा तथा इस बार व्यापारियों के लिए एक रात बड़ी खबर यह है कि इस बार मेले में दुकानें लगाने के लिए प्लाटों का आवंटन स्वयं प्रशासन द्वारा किया जाएगा। साफ-सफाई आदि व्यवस्था सही रखने के लिए विशेष कमेटियों का गठन किया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में किन-किन कलाकारों को बुलाया जाएगा। इसके लिए अभी अलग से एक कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इसके लिए पारंपरिक रूप से इस मेले का आयोजन किया जाएगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला प्रदेश सरकार राज्य का समग्र और सन्तुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और विकास से उपेक्षित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां शिमला जिला के भाजपा मंडल रामपुर के एक प्रतिनिधि मंडल को संबोधित करते हुए कही। हिमकोफैड के अध्यक्ष कौल नेगी के नेतृत्व में इस प्रतिनिधि मंडल ने आज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान सुनिश्चित किया है कि रामपुर क्षेत्र विकास में एक आदर्श के रूप में उभरे। उन्होंने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि रामपुर क्षेत्र के सभी विकासात्मक कार्य समयबद्ध पूर्ण हों, ताकि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोग लाभान्वित हो सकें। जयराम ठाकुर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया, ताकि आने वाले विधानसभा चुनावों में इस क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से नकार दिया है और यह मात्र एक परिवार की पार्टी बन कर रह गई है। उन्होंने कहा कि चार राज्यों के लोगों ने एक बार फिर केंद्र और राज्य के भाजपा नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया है और हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी ने चार राज्यों में जीत हासिल की हैं। हिमकोफेड के अध्यक्ष कौल नेगी ने उन पर विश्वास जताने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्हें आश्वासन दिया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा निश्चित रूप से बेहतर प्रदर्शन करेगी। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर व अन्य नेता भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी संजय दत्त ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शिमला नगर निगम चुनावों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के साथ चुनावी रणनीति को लेकर मंत्रणा की। कुलदीप राठौर ने कहा कि कांग्रेस नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। मैनिफेस्टो से लेकर चुनावी रणनीति को लेकर कमेटियों की बैठकें की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन चुनावों में अपनी जीत का परचम लहराएगी। संजय दत्त ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक हर्ष बर्धन चौहान से भी नगर निगम चुनावों को लेकर मंत्रणा की। शिमला जिला कांग्रेस कमेटी शहरी के अध्यक्ष जितेंद्र चोधरी, ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने भी संजय दत्त से भेंट कर चुनावों की लेकर मंत्रणा करते हुए चुनावी रणनीति पर चर्चा की। कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस उपाधयक्ष गंगू राम मुसाफिर, कांग्रेस पेंशनर सैल के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा, कांग्रेस महासचिव महेश्वर चौहान, सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने भी नगर निगम चुनावों को लेकर दत्त के साथ चर्चा की। दून के पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी ने भी भेंट की। इससे पूर्व कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचने पर कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर सहित जितेंद्र चौधरी, यशवंत छजटा, कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने यशपाल तनाईक ने यहां पहुंचने पर उनका स्वागत किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा आम लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से आज से ‘सड़क सुरक्षा जागरूकता नुक्कड़ नाटक’ आयोजित किए जा रहे हैं। यह जानकारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन नरेंद्र चौहान ने आज यहां दी। नरेंद्र चौहान ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों का पालन कर हम जहां बहुमूल्य मानवीय जीवन को बचा सकते हैं। वहीं, ईधन की खपत को भी कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से इस दिशा में लोगों को जागरूक करना सड़क सुरक्षा जागरूकता का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में ही बहुमूल्य जीवन की रक्षा निहित है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने लोगों से आग्रह किया कि वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सभी नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने आग्रह किया कि आवश्यकता पड़ने पर सड़क पर यातायात पुलिस कर्मी से सहायता प्राप्त करने में न हिचकें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता नुक्कड़ नाटक के अन्तर्गत आज सप्तक कला रंगमंच दोलग के कलाकारों द्वारा न्यू बस अड्डा तथा पुराना बस अड्डा सोलन के साथ-साथ मालरोड सोलन पर लोगां को सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर नुक्कड़ विधा के विभिन्न माध्यमों द्वारा लोगों को जागरूक बनाया गया। उन्होंने कहा कि आज ही हिम सांस्कृतिक दल ममलीग द्वारा अर्की उपमंडल के तहत अर्की बस अड्डा तथा बातल में लोगों को जागरूक किया गया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि 15 मार्च को कुनिहार विकास खंड के अंतर्गत सूरजपुर-पिपलूघाट चौक पर प्रातः 11.00 बजे तथा जयनगर चौक पर दिन में 2.00 बजे, दाड़लाघाट अंबुजा चौक पर प्रातः 11.00 बजे तथा बागा सालुघाटी में दिन में 2.00 बजे लोगों को सड़क सुरक्षा के विषय में जागरूक किया जाएगा। कलाकारों द्वारा 15 मार्च को ही कंडाघाट विकास खंड के अंतर्गत कंडाघाट मुख्य बाजार में प्रातः 11.00 बजे, चायल बस अड्डा पर दिन में 2.00 बजे, सोलन विकास खंड के अंतर्गत नौणी बस अड्डा में प्रातः 11.00 बजे, सलोगड़ा बस अड्डा पर दिन में 2.00 बजे तथा सुबाथू बस अड्डा पर सांय 4.00 बजे सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 16 मार्च को कुनिहार विकास खंड के अंतर्गत कुनिहार बस अड्डा पर प्रातः 11.00 बजे तथा दिग्गल बस अड्डा पर दिन में 2.00 बजे, नवगांव मुख्य बाजार में प्रातः 11.00 बजे तथा पंचायत घर मांगू में दिन में 2.00 बजे लोगों को सड़क सुरक्षा की जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी दिन कंडाघाट विकास खंड के अंतर्गत वाकनाघाट चौक पर प्रातः 11.00 बजे, बस अड्डा सायरी में दिन में 2.00 बजे, सोलन विकास खंड के अन्तर्गत ग्राम पंचायत भवन सपरून में प्रातः 11.00 बजे, चौक बाजार सोलन में दिन में 1.00 बजे तथा कोटलानाला में सांय 3.00 बजे नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाएगा। नरेंद्र चौहान ने कहा कि 17 मार्च को कुनिहार विकास खंड के अंतर्गत भूमति में प्रातः 11.00 बजे, धुंदन बाजार में दिन में 2.00 बजे, कंडाघाट तहसील के अंतर्गत हरिपुर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रांगण में प्रातः 11.00 बजे, तथा ममलीग के मुख्य बाजार में दिन में 2.00 बजे सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को ही कुम्हारहट्टी बस अड्डा पर प्रातः 11.00 बजे, शामती बस ठहराव पर दिन में 1.00 बजे तथा दियोठी बस ठहराव पर सांय 3.00 बजे लोगों को सड़क सुरक्षा के विषय में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 19 मार्च को चंडी-कृष्णगढ़ बाजार में प्रातः 11.00 बजे, उपराला बस अड्डा पट्टा में दिन में 2.00 बजे लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाएगा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि 21 मार्च को धर्मपुर विकास खंड के अंतर्गत कसौली मालरोड पर प्रातः 11.00 बजे तथा कुठाड़ बस अड्डा पर सायं 3.00 बजे एवं 22 मार्च, 2022 को परवाणू बस अड्डा पर प्रातः 11.00 बजे और धर्मपुर बस अड्डा में दिन में 2.00 बजे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विनायक ठाकुर। देहरा डीएसपी देहरा अंकित शर्मा द्वारा विशेष वार्ता करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन करना हम सब का नैतिक कर्तव्य है। अगर हर वाहन चालक जागरूक होकर ट्रैफिक नियमों का पालन करें, तो वास्तव में सड़कों पर होने वाले हादसों पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग से पहले वाहन चलाने से भी परहेज करना चाहिए। डीएसपी ने कहा कि शिक्षित वर्ग के लोग भी यातायात नियमों की अवहेलना करते हैं, जिसके कारण हादसों में बढ़ोतरी हो रही हैं। उन्होंने स्कूली बच्चों से कहा कि वो अपने घरवालों को भी यातायात नियमों के बारे में जागरूक करके अभियान में सहयोग करे। अंकित शर्मा ने कहा कि नियमों से अनजान युवा वर्तमान में हादसों का शिकार हो रहे हैं। वाहन चलाते समय कोई भी जल्दबाजी नही करनी चाहिए। दाेपहिया वाहन चालकों को हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए, ताकि बिना हेलमेट के बिना होने वाले हादसों में कमी आ सके। वहीं, उन्होंने कहा कि सड़क हादसों के ग्राफ में कमी लाने के लिए सड़क एवं यातायात के नियमों की जानकारी होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़क पर अधिकांश दुर्घटनाओं के पीछे लापरवाही कारण होता हैं। ऐसे में यातायात के नियम चालकों को सही एवं सुरक्षित वाहन चलाने की सीख देते हैं। यातायात नियमों की जानकारी केवल वाहन चालकों को ही नहीं, बल्कि एक आम आदमी, एक राहगीर को भी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा करके कभी भी गाड़ी नहीं चलानी चाहिए। ऐसे लोग स्वयं तो काल का ग्रास बनते ही हैं। साथ ही अन्य मासूम लोगों के लिए भी काल साबित होते हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। रिकांगपिओ ठाकुर सेन नेगी राजकीय महाविद्यालय रिकांगपिओ में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई (एनएसएस) के सात दिवसीय शिविर का सोमवार को शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर प्रो. जनक नेगी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकित कर दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया गया। मुख्यातिथि ने उपस्थित विद्यार्थियों और स्वयंसेवियों को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कल्याण, राष्ट्र सेवा, सामाजिक चेतना और जागरूकता, रक्तदान, नशे के खिलाफ जागरूकता, ग्रामीण शिक्षा तथा समाज सेवा के कार्यक्रमों मे बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कार्यक्रम अधिकारी प्रो. शांता नेगी ने इस अवसर पर सात दिवसीय कार्यक्रम और आयोजित की जा रही गतिविधियों के बारे मे विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस शिविर में लगभग 60 स्वयंसेवी भाग ले रहे हैं। शिविर के दौरान स्वयंसेवी स्वच्छता, जागरूकता अभियान, समाजिक चेतना, इत्यादि गतिविधियों का आयोजन करने के साथ साथ समीपवर्ती गावों मे सफाई, जागरूकता अभियान और लोक कल्याण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि शिविर मे प्रत्येक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित प्रतिष्ठित लोगों को स्त्रोत पुरुष के रूप में बुला कर स्वयंसेवियों का मार्गदर्शन और करियर काउंसलिंग किया जाएगा। इस अवसर पर प्राध्यापक डॉ. जीवन मसोई, बालम नेगी, ज्ञान चंद शर्मा, शीला नेगी, शैलजा नेगी, मोहन सिंह नेगी, धर्मकीर्ति, बृज मोहन, कृष्ण कुमार नेगी, निर्मला नेगी, यशपाल शर्मा, सचिन भारद्वाज, भगवान सिंह, कमलेश कुमार तथा अधीक्षक भगत सिंह नेगी इत्यादि उपस्थित रहे।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी राजकीय महाविद्यालय ज्वालाजी में रेड रिबन क्लब, रोवर एंड रेंजर्स और लिंग संवेदीकरण इकाई द्वारा मतदाता जागरुकता अभियान कॉन्टेस्ट में माई वोट इज़ माई फ्यूचर पावर ऑफ वोट के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार बस्सी के मार्गदर्शन में किया गया। इस जागरूकता अभियान के तहत पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, मतदाता जागरूकता पर डॉक्यूमेंट्री दिखाना। मतदाता जागरूकता गीत एवं वीडियो मेकिंग का आयोजन किया गया। इन सभी प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों को मतदान के महत्व के विषय में बताना और उन्हें अपने साथ-साथ दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करना था। रेड रिबन क्लब की नोडल ऑफिसर डॉ शिवानी शर्मा ने विद्यार्थियों को मतदान के महत्व पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया। रेंजर की नोडल अधिकारी डॉक्टर सरिता ने बच्चों को जागरुक करने के लिए एक मतदाता जागरुकता गीत की रचना कर बच्चों को जागरुक किया। लिंग संवेदीकरण इकाई की प्रभारी प्रोफसर आरती गुप्ता ने वीडियो मेकिंग एवं स्लोगन राइटिंग व पोस्टर मेकिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को मतदान के महत्व के विषय में बताया। इन सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अन्य विद्यार्थियों को भी मतदान एवं इसके महत्व के विषय में बताया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ सुशील कुमार बस्सी के साथ डॉ. सीमा शर्मा, प्रो.र नीलम शर्मा, डॉ. शिवानी शर्मा, डॉ. सरिता एवं प्रोफेसर आरती गुप्ता उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला बाल विकास परियोजना अधिकारी, रैत, अशोक कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उपमंडल धर्मशाला की ग्राम पंचायत सुधेड़ के आंगनबाड़ी केंद्र धार, पंचायत लोझणी के आंगनबाड़ी केंद्र झिकड़ और ग्राम पंचायत सराह के आंगनबाड़ी केंद्र पदेहड़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि यह पद 7300 रुपए मासिक मानदेय पर भरे जाएंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायत मैटी के आंगनबाड़ी केंद्र अप्पर मैटी में आंगनबाड़ी सहायिका का भी रिक्त पद 3800 रुपए मासिक मानदेय पर भरा जाना है। आवेदन सादे कागज पर प्रमाण-पत्रों सहित 13 अप्रैल, 2022 तक बाल विकास परियोजना अधिकारी, रैत के कार्यालय में जमा करवाने होंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए केवल महिला अभ्यार्थी ही आवेदन के लिए पात्र होंगे। महिला अभ्यार्थी का परिवार भर्ती वर्ष में संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के फीडिंग क्षेत्र का अलग परिवार के रूप में निवासी होना चाहिए तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से प्रमाणपत्र व पंचायत/नगर पंचायत से परिवार नकल संलग्न करना आवश्यक है और आयु विज्ञापन तिथि को 21 वर्ष से कम व 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, आयु प्रमाण-पत्र साथ संलग्न करना आवश्यक है। अभ्यार्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो या इसके समकक्ष होनी चाहिए तथा परिवार की सालाना आय 35 हजार से कम होनी चाहिए। तहसीलदार/नायब तहसीलदार/प्रथम श्रेणी न्यायिक अधिकारी से जारी प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ संलग्न करें। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक योग्यता के सभी प्रमाण-पत्र आवेदन-पत्र के साथ संलग्न करें तथा उच्च शिक्षा के लिए अलग से देय अंक निर्धारित हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/आंगनबाड़ी सहायिका/बाल सेविका/बालबाड़ी अध्यापिका/नर्सरी अध्यापिका/संबंधित पंचायत में सिलाई अध्यापिका/शिशु पालिका का अनुभव हो तो प्रमाण-पत्र साथ संलग्न करें और यदि अभ्यार्थी में 40 प्रतिशत या अधिक अक्षमता हो तो (अक्षमता आंगनबाड़ी में कार्य करने में अड़चन वाली न हो) तो सक्षम अधिकारी से चिकित्सा प्रमाण पत्र साथ संलग्न करें। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हो तो प्रमाण पत्र साथ संलग्न करना आवश्यक है। यदि अभ्यार्थी स्टेट होम/बालिका आश्रम प्रवासी/अनाथ/विधवा/परित्यकता/तलाकशुदा/असहाय महिला जिसके पति 7 वर्ष से लापता हो/असहाय जिसके पति ने छोड़ दिया है और अपने माता-पिता के साथ रह रही हो तो प्रमाण-पत्र संलग्न करें। अभ्यार्थी की केवल दो लड़कियां हो तो परिवार नियोजन प्रमाण-पत्र या अविवाहित अभ्यार्थी स्वयं परिवार में केवल दो लड़कियां हो, प्रमाण-पत्र संलग्न करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अभ्यार्थी का चयन मैरिट के आधार पर किया जाएगा। इन पदों के लिए साक्षात्कार 26 अप्रैल, 2022 को प्रातः 11 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी रैत के कार्यालय में होंगे। साक्षात्कार में अभ्यार्थी को अपने मूल-प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी, रैत के कार्यालय में या दूरभाष नम्बर 01892-239794 पर संपर्क कर सकते हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राजकीय कन्या महाविद्यालय (आरकेएमवी) शिमला में छह करोड़ की लागत से निर्मित बी-ब्लॉक का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने छोटा राज्य होने के बावजूद विकास के मामले में देश के अन्य बड़े राज्यों का पथ प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश सरकार प्रदेश के कुल बजट का लगभग 16 प्रतिशत शिक्षा पर व्यय कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को गुणात्त्मक और रोजगार उन्मुख शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश के ऊर्जा राज्य के रूप में भी जाना जाता है और देश की लगभग 25 प्रतिशत ऊर्जा क्षमता राज्य में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आने वाले वर्षों में राज्य की लगभग 23000 मेगावाट ऊर्जा के उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि 60 यूनिट बिजली की खपत पर जीरो बिलिंग की जाएगी और 61 से 125 यूनिट की खपत पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट एक रुपए की रियायती दर पर सस्ती बिजली प्रदान की जाएगी। जयराम ठाकुर ने बालिकाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई और विकल्प नहीं है और आज के प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अपने सपनों को साकार करने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने महाविद्यालय के विज्ञान खंड के जीर्णोद्धार के लिए 40 लाख रुपए प्रदान करने तथा शीघ्र तैयार होने वाले नए खंड में बहुउद्देशीय हॉल के लिए दो करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि देने की भी घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं को अपनी ऐच्छिक निधि से 51 हजार रुपए देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि आरकेएमवी प्रदेश के प्रतिष्ठित कन्या महाविद्यालयों में से एक है। इस महाविद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर चुकी गई छात्राओं ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने महाविद्यालय के विज्ञान खंड के जीर्णोद्धार और बहुउद्देशीय हॉल के लिए निधि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से महाविद्यालय के लिए नए छात्रावास भवन को निर्मित का आग्रह किया। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान विद्यार्थियों की निर्बाध पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में बालिका शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 8412 करोड़ रुपए बजट आबंटित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला के प्रधानाचार्य डॉ. नविंदू शर्मा ने मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए वर्ष 2022-23 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए पर्याप्त प्रावधान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (एचपीएसईबी) लिमिटेड के संयुक्त निदेशक ने ऊर्जा मेला और ऊर्जा क्लब की मुख्य विशेषताओं की जानकारी दी। इस अवसर पर उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, आरकेएमवी महाविद्यालय के अभिभावक-अध्यापक संघ के अध्यक्ष एमआर भारद्वाज, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश कपूर सहित अन्य उपस्थित थे।
मनोज कुमार। कांगड़ा राजकीय महाविद्यालय मटौर में सड़क सुरक्षा क्लब द्वारा यातायात नियमों की जागरूकता हेतु रैली का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शुभ्रा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। क्लब के सदस्य विद्यार्थियों द्वारा रैली महाविद्यालय के प्रांगण से शुरू करके मटौर के मुख्य बाज़ार तक निकाली। विद्यार्थियों ने राह चलती आम जनता, व्यावसायिक वर्ग और वाहन चालकों को पैम्फ़्लेट वितरित करके सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा क्लब के समनवयक डॉ प्रवेश गिल एवं मोहिंदर कुमार ने रैली का संचालन किया। इसके साथ ही इस रैली में महाविद्यालय के आचार्यागण डॉ अतुल आचार्य एवं दिनेश जमवाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
प्रेम ठाकुर। धर्मपुर विकास खंड धर्मपुर की पंचायतों के सैकड़ाें मनरेगा मजदूरों ने सोमवार को एसडीएम ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया। सुबह से मनरेगा मजदूर धर्मपुर बस स्टेंड में लंगेहड़ पंचायत के प्रधान संजय ठाकुर, बनाल पंचायत की प्रधान डॉली ठाकुर, कुम्हारडा पंचायत की प्रधान मीना देवी व जोढन पंचायत की प्रधान किरण देवी के नेतृत्व में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। बस स्टेंड में एकत्रित होने के बाद मनरेगा मजदूरों ने एसडीएम ऑफिस तक रैली निकाली व फिर वहां पर अपना मांग पत्र दिया। मनरेगा मजदूरों के धरना प्रदर्शन को कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव चन्द्रशेखर ने भी संबाेधित किया। चन्द्रशेखर ने उपस्थित मजदूरों को संबाेधित करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार पर मनरेगा कानून के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सरकारे मनरेगा को सही ढंग से लागू करने में असफल रही है। मनरेगा मजदूरों को मजदूरी करने के बाद कई महीनों तक तो मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता व काम मांगने पर समय पर काम भी नहीं दिया जा रहा है। मनरेगा मजदूरों का नेतृत्व कर रहे लंगेहड़ पंचायत के प्रधान संजय ठाकुर, बनाल पंचायत की प्रधान डॉली ठाकुर, कुम्हारडा पंचायत की प्रधान मीना देवी व जोढन पंचायत की प्रधान किरण देवी ने कहा कि सरकार जानबूझ कर ऐसे नियम बना रही है, जिससे मनरेगा को लागू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ऑनलाइन हाजरी लगाने के आदेश जारी किए गए हैं, परंतु कई वार्ड मेंबरों के पास एंडराेयड फोन ही नहीं है, जबकि कई जगह सिग्नल ही नहीं होता है। उन्होंने मांग कि अगर वार्ड मेंबरों का मानदेय कम से कम पांच हजार किया जाए और मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी भी 350 की जाए। इसके साथ ही मांग की गई कि मजदूरों को समय पर काम उपलब्ध करवाया जाए और मजदूरी का भुगतान काम खत्म होने के 14 दिनों के अंदर किया जाए।


















































