उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा विभाग सोलन द्वारा कला अध्यापकों के 22 पदों के लिए बैच आधार पर भर्ती के लिए जिला सोलन से सम्बन्धित उम्मीदवारों की काउन्सिलिंग 27 दिसम्बर, 2021 को आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी संदीप ठाकुर ने मंगलवार को दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि यह काउन्सिलिंग उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, चम्बाघाट सोलन के कार्यालय में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के उम्मीदवारों के लिए काउन्सिलिंग 27 दिसम्बर, 2021 को प्रातः 10.00 बजे से आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि काउन्सिलिंग के लिए सामान्य वर्ग के लिए वर्ष 2004 तक का बैच, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए वर्ष तक का 2005 बैच, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्ष 2010 तक का बैच, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए वर्ष 2005 तक का बैच तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए वर्ष 2005 तक का बैच निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कला अध्यापक के सम्बन्ध में आवश्यक शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 01792-227242 एवं 98826-74079 पर सम्पर्क किया जा सकता है। Solan Himachal News
भारतीय मानक ब्यूरो के सौजन्य से मंगलवार को विभिन्न विभागों के जिला प्रमुखों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने की। उपायुक्त ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो की मानकीकरण एवं प्रमाण योजना उपभोक्ताओं और उद्योगों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ विशेष रूप से उत्पाद सुरक्षा एवं उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में कार्य करती है। इसके द्वारा खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, भवन और निर्माण इत्यादि जैसे क्षेत्रों में गुणवत्ता का अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाता है। उपायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्पादों पर आईएसआई मार्क होना नितांत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करना चाहिए तथा उत्पादों के नमूने एकत्रित करके उनकी उचित जांच की जानी चाहिए। तय मानकों के अनुसार जांच में यदि कोई कमी पाई जाती है तो सम्बन्धित उत्पाद निर्माता के विरूद्ध उचित कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। भारतीय मानक ब्यूरो के राज्य शाखा प्रमुख अनिमेष कुमार ने विभागीय कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान विभाग द्वारा मास्क, सेनिटाइजर तथा अन्य उपकरणों के आवश्यक मानक तय किए गए ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त उत्पाद प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सहायता के लिए बीआईएस केयर ऐप शुरू की गई है। इस ऐप में उत्पादों के लाईसेन्स, उत्पादों की गुणवत्ता के सन्दर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि सोने के बारे में उपभोक्ता एचयूआईडी नम्बर डालकर उत्पाद के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय कुमार यादव, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नरेश चैहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। Solan Himachal News
GNA University organized an excursion cum one day trip for its students and faculty members of GNA Business School. More than 150 students boarded for the trip with full zeal and enthusiasm. The trip was organized by Mr. Ramandeep Singh, Assistant Professor, GNA Business School. The main objective behind holding this one-day trip was to release the stress of the students and give them an opportunity to explore the outer region of their cities and have a gala time with their friends and teachers. The trip commenced from Phagwara through a bus route and landed directly to Golden Temple, Amritsar wherein students experienced pure serenity and divinity embracing the darshan to the holy pilgrimage of Sri Harmandir Sahib. After the visit to the Golden Temple, the students also visited Jallianwala Bagh and had a feeling of patriotism witnessing the past happenings and truly enjoyed being there. After their visit to both these places, students had an opportunity to explore the nearby market in Amritsar which offered them a variety to purchase and a lot of Amritsari delicacies to eat. At last, with the sweet memories everybody gathered together and headed towards Phagwara by early evening, The students had an absolute sense of enjoyment with their peers and teachers and were full of energy and enthusiasm. Thus, this one-day excursion ended on a splendid and memorable note. S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University expressed, “I appreciate the endeavors of the Department for organizing such excursionswhich give an opportunity to explore the outside world.” Dr. VK Rattan, the Vice-Chancellor, GNA University said, “The University is always ready to offer the best to our GUites in all the various upcoming spheres.” Dr. Monika Hanspal, Dean Academics, GNA University said, “I am really happy to witness the active participation of everyone in this One Day Trip.”
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मंगलवार को राजभवन, शिमला में पूर्व सांसद और अनुसूचित जाति आयोग हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने शिष्टाचार भेंट की। Shimla Himachal News
किन्नौर जिला के रिकांग पिओ स्थित बचत भवन में 24 दिसम्बर को प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी कार्यक्रम आयोजन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपमण्डलाधिकारी कल्पा स्वाति डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा अपने स्टाॅल लगाए जाएंगे। जहां पर वह सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से आरंभ की गई विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। इसके अलावा विभागाध्यक्ष योजनाओं के बारे में भी उपस्थित जनों को बताएंगे। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। उपमण्डलाधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में कल्पा उपमण्डल की ग्राम पंचायत कल्पा, दूनी, रोघी, युवारंगी, कोठी, तेलंगी, पांगी, खवांगी व शुद्धारंग के लोग भाग लेंगे।
धर्मशाला में जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता कांगड़ा जिला बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष सुनील मनोचा ने की। सुनील मनोचा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राज्य स्तरीय बैडमिंटन अंडर-19 पुरुष एवं महिला वर्ग की प्रतियोगिता धर्मशाला इंडोर स्टेडियम में 28 दिसंबर से लेकर 30 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रदेशभर से खिलाड़ी भाग लेंगे। 2019 के बाद 2021में जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता की मेज़बानी करेगा। जिसमें की राज्य स्तरीय बैडमिंटन संघ पूरी तरह से अपना सहयोग करेगा। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से लगभग 70 खिलाड़ी भाग लेंगे। जिसमें हर एक जिले से जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में विजेता एवं उपविजेता रहे एकल वर्ग में तथा विजेता रहे युगल एवं मिक्स डबल्स मुकाबलों में इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। वंही जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के प्रेस सचिव विलास हंस ने जानकारी दी कि सभी जिलों की टीमों के साथ कोच मैनेजर भी आएंगे जो कि 27 दिसंबर को धर्मशाला में पहुंच जाएंगे। हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन संघ के महासचिव राजेंद्र शर्मा भी विशेष रूप से 27 दिसंबर को धर्मशाला में पहुंच जाएंगे।
बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री, हिमाचल प्रदेश, सुख राम चौधरी 22 दिसम्बर को पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर होंगे। यह जानकारी सरकारी प्रवक्ता ने देते हुए बताया कि ऊर्जा मंत्री 22 दिसम्बर को सुबह 10:00 बजे नगरपरिषद परिसर में प्रधान मंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को आवास पत्र आवंटित करेंगे तथा 11:00 बजे श्यामपुर, ग्राम पंचायत गोरखूवाला में सिंचाई ट्यूबवेल का शिलान्यास व जन समस्याएं सुनेंगे। इसके उपरांत ऊर्जा मंत्री दोपहर 12:00 बजे सामुदायिक भवन खोडोवाला का शिलान्यास करेंगे तथा 3:00 बजे ग्राम पंचायत भगानी में सिचाई ट्यूबवेल का भूमि पूजन करेंगे व जन समस्याएं सुनेंगे।
धर्मशाला में गत बरसात आई भयंकर बाढ़ के चलते क्षतिग्रस्त हुई बालू और रौंदी कुहलों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। शीघ्र ही खेतों में सिंचाई व्यवस्था पूर्व की भांति शुरू हो जाएगी। इस बात की कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई इन कुहलों से करीब 450 किसान परिवार प्रभावित हुए हैं और खेतों की सिंचाई व्यवस्था चरमरा गई है। यह कुहलें करीब 4 हज़ार कनाल भूमि की सिंचाई करती हैं और किसानों का भरण पोषण करती हैं। सुधीर शर्मा ने बताया कि प्रभावित क्षत्रों दाड़ी, पास्सू, पंतेहड़ सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने उक्त कुहलों के पुनःनिर्माण के लिए सरकार और प्रसाशन से कई बार मांग की लेकिन किसानों के हितों को अनसुना किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को पेश आ रही दिक्कत को देखते हुए वह अपने स्तर पर उक्त कुहलों का निर्माण करवा रहे हैं। सुधीर शर्मा ने बताया कि वह गत बरसातों में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों के साथ हैं और हर संभव मदद के लिए प्रयासरत हैं।
न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ सोलन के महिला विंग की जिलास्तरीय बैठक मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय सोलन में आयोजित की जायेगी। इस बारे में जानकारी देते हुए न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ सोलन के जिलाध्यक्ष अशोक ठाकुर ने बताया कि जिला सोलन में पूरे NPS कर्मचारियों में लगभग 50% महिलाएं हैं पर अभी भी अधिकतर को संगठन से जोड़ना बाकी है। उन्होंने बताया कि 11 दिसम्बर को धर्मशाला में NPS कर्मचारियों की विशाल रैली के बाद मुख्यमंत्री जयराम ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए कमेटी बनाने के निर्णय लिया। इस निर्णय से भविष्य में पुरानी पेंशन बहाली का रास्ता अब आसान हो गया है पर संघर्ष अभी लम्बा हो सकता है। जब तक सभी साथी ख़ास तौर पर महिला कर्मचारी एकजुट नहीं होंगे तब तक यह लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 10 दिसम्बर को विधान सभा में एक प्रश्न के जवाब में बताया गया कि पुरानी पेंशन लागू करने के लिए प्रतिवर्ष 500 करोड़ की जरूरत है। दूसरी तरफ हर महीने सरकार 90 करोड़ से ज्यादा NSDL को NPS का शेयर दे रही है। इस तरह पूरे वर्ष में यह राशि 1000 करोड़ से ज्यादा होती है। इसमे 58% हिस्सा सरकार का बाकि कर्मचारियों का होता है। पूरे साल में सरकार का हिस्सा 600 करोड़ होता है। इससे देखा जाए तो हर साल NPS के कारण 100 करोड़ से ज्यादा का नुक्सान हो रहा है। सरकार ने यह भी जवाब दिया कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए 2000 करोड़ की एकमुश्त राशि की जरूरत पड़ेगी। पर 2003 से अब तक सरकार कई हजार करोड़ रुपये NPS के नाम पर NSDL को दे चुकि है। पुरानी पेंशन बहाली पर वह सारा पैसा सरकार के पास वापस आएगा। जिससे 2000 करोड़ वाली समस्या भी हल हो जायेगी। अशोक ठाकुर ने बताया कि अब सारी बात सरकार की नीयत की है। कमेटी के सामने अब इन सभी तथ्यों को रखा जाएगा ताकि सारी स्थिति सरकार को स्पष्ट हो सके।
डमटाल स्थित मेंट इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री में सोमवार रात आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। हालाँकि अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। दरअसल देररातफैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ था। इस धमाके की आवाज़करीब 4 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके की आवाज से पुरे क्षेत्र दर का माहौल पैदा हो गया। वंही धुएं का गुबार भी कई किलोमीटर दूर तक देखा गया। इस घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी डमटाल हरीश गुलेरिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड की टीमों को सूचित किया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तबतक लाखों की सम्पति जलकर रख हो चुकी थी। वंही डीएसपी नुरपुर सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि फैक्ट्री में फर्नेस ऑयल टैंक जिसमें 30000 लीटर ऑयल था, उसमें भी आग लग गई है। हादसे के समय फैक्ट्री में कोई भी कर्मचारी नहीं था।
जसवां-परागपुर की पंचायत कस्बा जागीर के उपप्रधान व समाजसेवी मुकेश ठाकुर ने बरसात में जहां-जहां रास्ते खराब हुए थे , जेसीबी भेज कर उनकी मुरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया है। इसी के चलते मंगलवार को पंचायत घमरूर गाँव वुहाला में 10 परिवारों को घर जाने के लिए रास्ता नहीं था। ग्रामीणों को यहाँ आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने समाजसेवी मुकेश ठाकुर से इस रस्ते को बनवाने का आग्रह किया। समाजसेवी मुकेश ठाकुर ने दूसरे दिन ही जेसीबी भेज कर वहां पर जेसीबी द्वारा चलने योग्य रास्ता बनवा दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने समाजसेवी मुकेश ठाकुर का रास्ता बनाने पर धन्यवाद किया है । इस दौरान मुकेश ठाकुर ने कहा कि जहाँ भी रास्ते खराब है उनकी जल्द मुरम्मत करवाई जाएगी। बता दें कि कोरोमना काल में मुकेश ठाकुर ने लोगों कि हर संभव मद्दद की है। इस संकट की घड़ी में वह सदैव लोगों की मद्दद के लिए आगे रहे है। इसी के चलते उन्होंने अपनी ठाकुर बस सर्विस में टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचार हेतु जाने वाले तमाम मरीजों को निशुल्क सफर की सुविधा भी प्रदान की है।
लडभड़ोल क्षेत्र के सिविल अस्पताल में लगभग 10 दिनों से एक्स-रे मशीन खराब चल रही है। इस बात की जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ठाकुर प्रेमनाथ ने मंगलवार को दी । उन्होंने कहा कि अब कोई भी एक्स-रे यहां नहीं हो पा रहे हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सीएमओ मंडी, स्थानीय विधायक प्रकाश राणा व प्रदेश सरकार से तुरंत इस समस्या को ठीक करने का आग्रह किया है। वहीं उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल लडभडोल में करीब 1 साल से ज्यादा समय होने के बावजूद भी एम्बुलेन्स की तैनाती नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि गोहर में 108 एंबुलेंस की तैनाती की गई है। परंतु प्रदेश सरकार ने लडभडोल अस्पताल में 108 एंबुलेंस की तैनाती करना बेहतर नहीं समझा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट में स्वास्थ्य विभाग ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अर्की से हेल्थ एजुकेटर अश्वनी शर्मा व काउंसलर विजय कुमार शांडिल ने प्रधानाचार्य विनोद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में जमा एक व जमा दो के छात्र व छात्राओं को एड्स, कोरोना महामारी, किशोर स्वास्थ्य, कुपोषण व संतुलित भोजन के बारे में विस्तृत जानकारी व चर्चा की। इस दौरान उक्त कर्मचारियों ने बच्चों को जागरूक करने के साथ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन भी करवाया। प्रश्नोत्तरी में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार भी दिए गए। प्रथम स्थान पर जमा दो की नेहा, द्वितीय स्थान पर ज्योति व तृतीय स्थान पर वर्षा रही। प्रधानाचार्य विनोद कुमार शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग से आए प्रशिक्षकों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापक मौजूद रहे।
आजादी के अमृत महोत्सव पर हिमाचल प्रदेश के मण्डी जनपद की राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगणा के विद्यार्थियों द्वारा प्रधानमंत्री को 5 पोस्ट कार्ड भेजे गए। जिनमें 12वीं कक्षा की हिमानी वर्मा, किरना शर्मा, अनीता कुमारी, सिमरन, 11वीं कक्षा की खुशबू बाला के पोस्टकार्ड शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में 75 विद्यार्थियों ने भाग लिया। अन्य सर्वश्रेष्ठ पोस्टकार्ड बनाने वाले विद्यार्थियों के पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री केअलवा करसोग विधानसभा के विधायक हीरालाल, जिला परिषद वार्ड पांगणा के सदस्य चेतन गुलरिया, स्थानीय पंचायत के प्रधान बसंत लाल, उपप्रधान सुरेश शर्मा को भेजे गए। चयनित सर्वश्रेष्ठ 5 पोस्टकार्ड बनाने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।पोस्ट कार्डों पर विद्यार्थियों द्वारा गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षो, आजादी के नारों, राष्ट्रीय प्रतीकों व भविष्य के भारत को उतारा गया है। इनके माध्यम से आजादी के 75 साल पूरे होने पर विद्यार्थियों ने आजादी में भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया है। विदित रहे कि आजादी के 75 साल पूरे होने पर भारत सरकार द्वारा पूरी साल अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत स्कूलों में विभिन्न गतिविधियां की जा रही है, पोस्टकार्ड लेखन भी इसका ही एक हिस्सा है।
ग्राम पंचायत साई में पंचायतवासियों ने अब पंचायत में फेरीवालों और अनजान लोगो की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। बता दें कि साई पंचायत वर्ष 2021 में ही अस्तित्व में आई है। दरअसल हिमाचल में आए दिन किसी न किसी जिले में फेरीवालो के चोरी, डकैती, लूटपाट व अपहरण जैसी वारदात सामने आ रही है। इसी के चलते युवा समाज सेवक हेम राज व युवा प्रतिनिधिमंडल द्वारा 20 दिसंबर को ग्राम सभा की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान जिला बिलासपुर में दो फेरी वालो द्वारा एक 14 साल की लड़की को अगवाह करने की घटना पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा से महत्वपूर्ण कुछ नही हो सकता है। इससे स्थानीय दुकानदारो के व्यापार पर भी फर्क पड़ता है। अपनी पंचायत में इस तरह की घटना रोकने के लिए स्थानीय निवासियों ने पंचायत में फेरीवालों और अनजान लोगो की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस प्रस्ताव के समर्थन में समस्त ग्राम सभा सदस्य पंचायत प्रधान हरीराम वर्मा व युवा पंचायत समिति सदस्य शशि कांत, युवा नेता वेद प्रकाश ठाकुर ने अपनी सहमति देकर प्रस्ताव पारित करवाया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ठाकुरद्वारा में चल रहे सात दिवसीय एनएनएस शिविर के चौथे दिन स्वयं सेवियों को जागरूक करने के लिए पीएचसी तेयोडा में तैनात मैडिकल ऑफिसर निखिल शर्मा विशेष तौर पर शिविर में पहुँचे। इस मौके पर उन्होंने स्वयं सेवियों को नशे के कुप्रभावो के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कैंसर,दमा ओर टीवी अदि कई जानलेवा बीमारियों की सौगात देने वाले तबाकू विश्व में हर पल 14 लोगों को अपना शिकार बनाती है। जिनमें 20% लोग भारतीय है। उन्होंने कहा के इन आंकड़ों को सुनकर ही इंसान के रोगटे खड़े हो जाते है। हर उत्पाद पर लिखी चेतावनी को पढ़ने के बावजूद भी लोग सीगरेट व बीडी का इस्तेमाल कर रहे है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस लत को त्याग कर खेलों की ओर ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर कार्यक्रम अधिकारी व स्वयं सेवियों द्वारा डॉक्टर निखिल शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर समानित किया गया।
फिल्म एंटरटेनमेंट एंड प्राइड अवार्ड सीजन-2 रविवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित हुआ। इसमें बतौर मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर एवं विशेष अतिथि के रूप में एसजेवीएन के चेयरमैन नंदलाल शर्मा ने शिरकत की। इस अवार्ड शो का आयोजन प्रोमोटर ऑफ सोशल एंड कल्चरल हेरिटेज हिमाचल के चेयरमैन नरेश कुमार कौंडल ने किया। इसमें हिमाचल प्रदेश की जानी मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस अवार्ड शो में समाजसेवी शैंकी ठुकराल को अवॉर्ड फॉर सोशल वर्कर देकर सम्मानित किया गया। यह अवार्ड उन्हें समाजसेवा के लिए दिया गया। बता दें कि इससे पहले भी समाजसेवा जैसे नेक कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया जा चूका है।
लोकमित्र केंद्र जिला कांगड़ा के संचालकों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें कांगड़ा जिला के लोकमित्र केंद्रों के संचालक शामिल हुए। बैठक में लोकमित्र केंद्र संचालकों की कांगड़ा इकाई का गठन भी किया गया। साथ ही बैठक में संघ की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें राजेंद्र कौशल को सर्वसम्मति से संघ का प्रधान चुना गया। कुशल कुमार को संघ का उपप्रधान, परवीन कुमार को महासचिव व देव राणा को सहायक सचिव चुना गया। विपुल कुमार संघ के कोषाध्यक्ष होंगे, जबकि संजीव कुमार सह-कोषाध्यक्ष व विजय कुमार को सलाहकार चुना गया है। कार्यकारिणी सदस्यों के तौर पर अजय कुमार, रविंद्र कुमार, अमरजीत सिंह, रघुबीर सिंह, सुभाष चंद, बबलू, अजय, मुकेश, हरबंस लाल, सुनील कुमार व जगन्नाथ को शामिल किया गया है।
राजकीय सी एंड वी अध्यापक संघ जिला कांगड़ा का त्रैवार्षिक चुनाव पर्यवेक्षक रमन सहोड़ व राकेश संदल की देखरेख में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या देहरा में सम्पन्न हुआ। चुनाव में गुरदयाल सिंह कौंडल को सर्वसम्मति से जिला कांगड़ा सीएंडवी संघ का अध्यक्ष चुना गया। सरिता शर्मा को महासचिव, सुरजीत सिंह संदल को कोषाध्यक्ष, नरदेव पठानिया को वरिष्ठ उपाध्यक्ष औऱ महिला मोर्चा अध्यक्षा रजनी को चुना गया। नवनियुक्त अध्यक्ष गुरदयाल सिंह कौंडल ने इस अवसर पर कहा कि वह सीएंडवी अध्यापकों से संबंधित मांगों को सरकार के समक्ष रखेंगे औऱ उन्हें हल करवाने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर अन्य सीएंडवी अध्यापक भी मौजूद रहे।
फिल्म एंटरटेनमेंट एंड प्राइड अवार्ड सीजन-2 रविवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित हुआ। इसमें बतौर मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर एवं विशेष अतिथि के रूप में एसजेवीएन के चेयरमैन नंदलाल शर्मा ने शिरकत की। इस अवार्ड शो का आयोजन प्रोमोटर ऑफ सोशल एंड कल्चरल हेरिटेज हिमाचल के चेयरमैन नरेश कुमार कौंडल ने किया। इसमें हिमाचल प्रदेश की जानी मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस अवार्ड शो में तहसील रक्कड़ की कुड़ना (सलेटी) पंचायत के गांव सरड़ दाई की अक्षिता को मोस्ट पॉपुलर चाइल्ड आर्टिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड अक्षिता को बेस्ट एंकर, मॉडल एवं बेस्ट एक्टर के लिए दिया गया। बता दें कि इससे पहले भी वे अपनी प्रतिभा और हुनर के बलबूते कई नेशनल और स्टेट अवार्ड अपने नाम कर चुकी हैं।
लोक निर्माण विभाग देहरा पर सरकारी ठेकेदारों ने रोप लगाते हुए कहा है कि टेंडर प्रक्रिया में विभाग पक्षपात कर रहा है। ठेकेदारों का कहना है कि एक मण्डल के अधीन आते दो विधानसभा क्षेत्रों में टेंडरों को लेकर अलग-अलग कानून हैं। ठेकेदार यूनियन देहरा के महासचिव विवेक पठानिया का कहना है कि लोक निर्माण विभाग मण्डल देहरा में देहरा व ज्वालामुखी दो विधानसभा क्षेत्र आते हैं। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी क्षेत्र की 5 लाख से कम की निविदाएं ऑफलाइन आमंत्रित की जाती हैं, जबकि देहरा क्षेत्र की निविदाएं ऑनलाइन आमंत्रित की जाती है। ठेकेदार यूनियन के प्रधान जेपी वालिया व महासचिव विवेक ने सवाल पूछते हुए कहा है कि एक मण्डल में दो अलग कानून क्यों है। उनका कहना है कि ऑनलाइन टेंडरों में बाहर के ठेकेदार भी टेंडर डाल देते हैं जिसके कारण यहां के ठेकेदारों खासकर क्लास डी ठेकेदारों को रोजी रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। ठेकेदार जय प्रकाश वालिया, विवेक पठानिया, जगदीश ठाकुर, रमेश चंद, कुलदीप सिंह, तरुणदीप, सुरजीत सिंह, सुधीर शर्मा,अंकुश ठाकुर आदि का कहना है कि टेंडर के लिए एक मण्डल में दो अलग कानून बनाए गए हैं जो कि सरासर गलत है। उन्होंने मांग की है कि ज्वालामुखी की तरह देहरा क्षेत्र के 5 लाख से कम के टेंडरों को ऑफलाइन किया जाए। उन्होंने कहा है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो ठेकेदार संघर्ष का रास्ता अपनाते हुए आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षक संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश ठाकुर व अन्य पदाधिकारियों ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से सोमवार को राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई दी और विश्वविद्यालय के उत्थान में और अधिक समर्पण से कार्य करने का आह्वान किया। Shimla Himachal News
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 दिसम्बर, 2021 को आवश्यक रख-रखाव के दृष्टिगत 11 केवी लावीघाट फीडर के विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सोमवार को विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। विकास गुप्ता ने कहा कि 21 दिसम्बर, 2021 को प्रातः 9.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक कायलर, स्टील रोलिंग मिल, लावीघाट, घट्टी, बेरटी, पावर हाउस रोड (132 केवी विद्युत उपकेन्द्र सपरून के साथ लगते क्षेत्रों में) विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है। Solan Himachal News
जन शिकायतों के समाधान एवं प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं में सुधार के उद्देश्य से कार्यान्वित किए गए राष्ट्र व्यापी अभियान ‘प्रशासन गांव की ओर’ कार्यक्रम सोमवार से आरम्भ हुआ। कार्यक्रम के अन्तर्गत सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत बसाल में लोगों की शिकायतें सुनीं गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय कुमार यादव ने की। अजय कुमार यादव ने कहा कि सुशासन सप्ताह के अन्तर्गत ‘प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम’ 26 दिसम्बर, 2021 तक आयोजित किया जाएगा। इसके अन्तर्गत सोलन जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निवारण किया जाएगा। उपमण्डलाधिकरी ने कहा कि ई-श्रम कार्ड के अन्तर्गत पंजीकृत कामगार को 02 लाख रुपए तक का बीमा किया जा रहा है। इसके लिए कामगार को कोई भी प्रीमियम नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि ई-श्रम कार्ड के लिए 31 दिसम्बर, 2021 तक पंजीकरण करवाया जा सकता है। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की पेयजल, यातायात तथा सीवरेज से सम्बन्धित समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपमण्डलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं को एक सप्ताह के भीतर समाधान के निर्देश दिए। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के क्षेत्रीय सहायक मोहन चैहान, सीडीपीओ सोलन कविता गौतम तथा तहसील कल्याण अधिकारी अनुराधा ने अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। ग्राम पंचायत बसाल की प्रधान ऋचा ठाकुर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पड़ग की प्रधान मीरा देवी, ग्राम पंचायत धरोट की प्रधान कमलेश, ग्राम पंचायत सेरी की प्रधान मीनाक्षी चैहान, ग्राम पंचायत आंजी की प्रधान कविता, ग्राम पंचायत सपरून की प्रधान रेनू, खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। Solan Himachal News
प्रदेश सरकार द्वारा गौ सेवा आयोग के तहत 15177 बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान किया जा रहा है। गत साढ़े तीन वर्षों में गौ अभ्यारण्यों व गौसदनों की स्थापना के लिए 17 करोड़ रुपए की राशि व्यय की गई है। यह जानकारी सोमवार को सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के अन्तिम दिन हिम सांस्कृतिक दल ममलीग के कलाकारों ने सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कनैर तथा जधाणा, पर्वतीय लोक कला मंच दाड़वां के कलाकारों द्वारा कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शड़याणा तथा रणो एवं शिव शक्ति कला मंच कुनिहार के कलाकारों द्वारा अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पलोग तथा खनलग में आयोजित कार्यक्रमों में प्रदान की गई। लोगों को अवगत करवाया गया कि डेयरी उद्यमी विकास योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा लाभार्थियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त उपदान विदेशी नस्ल की गाय खरीदने पर तथा 20 प्रतिशत उपदान देसी नस्ल की गाय खरीदने पर प्रदान किया जा रहा है। पशु आहार योजना के तहत सामान्य श्रेणी के पशुपालकों के गर्भित पशुओं के लिए गर्भकाल के अन्तिम त्रैमास में प्रतिदिन तीन किलो ग्राम पशु आहार 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाता है। कलाकारों ने बताया कि हिमऊर्जा द्वारा सोलर गीजर पर घरेलू उपभोक्ताओं को 30 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमऊर्जा द्वारा ग्रिड कलेक्टेड सोलर रूफ टाॅप चरण-2 के अन्तर्गत 3 किलोवाट तक 40 प्रतिशत व 3 से अधिक 10 किलोवाट तक 20 प्रतिशत उपदान केन्द्र सरकार तथा 4000 रुपए प्रति किलोवाट उपदान प्रदेश सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को प्रदान किया जा रहा है। कलाकारों ने समूह गान ‘विकास की राह पर क्षितिज की ओर चल रहा हिमाचल बढ़ रहा हिमाचल’ के माध्यम से मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन, सामाजिक सुरक्षा पैंशन, जनमंच, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना, मुख्यमंत्री सहारा योजना तथा हिमकेयर योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कलाकारों द्वारा लोगों का अवगत करवाया गया कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 आरम्भ की गई है। यह हेल्पलाइन रविवार को छोड़कर सप्ताह के 06 दिन सुबह 7.00 बजे से रात 10.00 बजे तक कार्य कर रही है। इस अवसर पर कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह का आह्वान किया कि वे युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें तथा आग्रह किया गया कि युवा अपने घर पर परिजनों तथा साथियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाएं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत शड़याणा की प्रधान सपना ठाकुर उप प्रधान हरदेव, ग्राम पंचायत रणो के प्रधान संजीव कुमार, उप प्रधान यतिन कुमार, ग्राम पंचायत कनैर के प्रधान धर्मपाल, उप प्रधान प्यारे लाल, वाड सदस्य रमा देवी, ग्राम पंचायत जधाणा के प्रधान किशोर कुमार, उप प्रधान धर्मपाल, वार्ड सदस्य सीता देवी, भरत राम, कृपाल सिंह, सीता देवी, ग्राम पंचायत पलोग के प्रधान नरेन्द्र, उप प्रधान तिलक राज, बीडीसी सदस्य सुनीता रघुवंशी, पंचायत सचिव सुरेश चन्द, ग्राम पंचायत सहित ग्रामवासी उपस्थित थे। Solan Himachal News
शिमला के कुफरी स्थित होटल गलू में शिक्षक महासंघ की राज्य कार्यकारिणी का चुनाव किया गया। इस दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर विशेष रूप से उपस्थित रहे। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की राज्य इकाई में पवन कुमार को दूसरी बार प्रांत अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई जबकि डॉ मामराज पुंडीर को राज्य महामंत्री नियुक्त किया गया। इसके साथ ही संगठन मंत्री विनोद सूद, कोषाध्यक्ष यशवंत शर्मा, अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम,दर्शन लाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जयशंकर उपाध्यक्ष, रामकृष्ण मारकंडे प्रवक्ता, संवर्ग के उपाध्यक्ष नरेंद्र कपिला, टीजीटी प्रमुख अशोक कुमार व् सुरेंद्र कुमार को डीपीई प्रमुख नियुक्त किया गया। इसी तरह महिला महिला विंग की उपाध्यक्ष ललिता वर्मा, महिला विंग की सचिव कृष्णा चंदेल, संवर्ग की सचिव ज्योति महाजन को नियुक्त किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा, उत्तरी क्षेत्र प्रमुख जगजीत, जगदीश चंद्र समेत राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र में लोकसंपर्क विभाग द्वारा वर्तमान सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए चलाए गए विशेष प्रचार प्रसार अभियान के तहत ग्राम पंचायत गुरु वाला सिंह में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कलाकारों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन करते हुए योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने नाटक के माध्यम से बताया कि कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत ट्रैक्टर, पावर टिलर व बीडर खरीदने पर 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। सौर ऊर्जा सिंचाई योजना के तहत सोलर पंप लगाने के लिए 90 प्रतिशत तथा 5 किसानों द्वारा सामूहिक रूप से लगाने पर शत-प्रतिशत सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। कलाकारों ने विकास गीत विकास की राह पर चल रहा हिमाचल बढ़ रहा हिमाचल से विधवा पुनर्विवाह के लिए ₹51000 दिए जाने, हिमकेयर, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना व सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ लेने के लिए जागरूक किया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संसारपुर टेरेस की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय वार्षिक शिविर का शुभारम्भ प्रिंसिपल मुलख राज शर्मा द्वारा कार्यक्रम अधिकारी मनजीत सिंह सिपाहिया एवं मीनाक्षी शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। प्रिंसिपल मुलख राज शर्मा ने सभी एनएसएस वोलेंटियर को राष्ट्रीय सेवा योजना का महत्व बताते हुए कहा कि एनएसएस का एकमात्र उद्देश्य युवा छात्रों को सामुदायिक सेवा के माध्यम से अपने व्यक्तित्व को विकसित करने के लिए अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने मुख्य गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा और साक्षरता, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा कार्यक्रम, महिलाओं की स्थिति में सुधार, उत्पादन उन्मुख कार्यक्रम, आपदा राहत तथा पुनर्वास संबंधी कार्यक्रम, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान, डिजिटल भारत, कौशल भारत, योग इत्यादि बारे युवाओं को जागृत करना है। कार्यक्रम अधिकारी मनजीत सिंह सिपाहिया ने राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व पर वृहद रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार है। समाज के साथ राष्ट्र सेवा की भावना छात्रों में पैदा होती हैं। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य विपिन कुमार, मधु शर्मा, पवन कुमार एवं स्कूल स्टाफ सुनीता शर्मा, राजन पठानिया, सुरेश कुमार ठाकुर, नरेश कुमार, राजेश सिंह, संजीव राणा, रेणु शर्मा, सुकन्या, मीनाक्षी, कुसुम, महिंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।
उपमंडल करसोग में आत्मा परियोजना मंडी की ओर से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती जागरूकता शिविर का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सेरी बंगलो में किया गया। स्कूल प्रधानाचार्य बोधराज ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कृषि विभाग विकासखंड करसोग की ओर से खंड तकनीकी प्रबंधक मोहित कुमार और सहायक तकनीकी प्रबंधक लेखराज और सोनाली महाजन ने स्कूली छात्रों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। इसमें बच्चों को खाद व कीटनाशकों के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। और प्राकृतिक खेती के लाभ के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। देसी गाय के महत्व के बारे में भी पूरी जानकारी दी गई। इसमें मास्टर ट्रेनर कला देवी ने विद्यार्थियों को जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, दरेकास्त्र इत्यादि प्रयोगात्मक रूप में सिखाया। ब इस जागरूकता शिविर में स्कूल के लगभग 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गम्भीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को सहायता प्रदान कर रही है ताकि उन्हें समय पर सही उपचार प्राप्त हो सके। इस दिशा में गम्भीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए सहारा योजना सार्थक सिद्ध हो रही है। यह जानकारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के अन्तिम दिन पूजा कलामंच बाड़ीधार के कलाकारों ने नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मस्तानपुरा के गांव बैहली तथा ग्राम पंचायत गागुवाल और सप्तक कला मंच कण्डाघाट के कलाकारों द्वारा दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बुघारकनैता तथा जगजीतनगर में आयोजित कार्यक्रमों में दी। कलाकारों ने बताया कि योजना के तहत अब तक 14515 मरीज पंजीकृत किए गए हैं जिनमें से 11186 लाभार्थियों को 13 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है। कलाकारों द्वारा लोगों को अवगत करवाया गया कि यदि कोई व्यक्ति पार्किन्सन, अधरंग, मस्कुलर डिस्ट्राफी, हैमोफिलिया, थेलेसेमिया सहित किडनी की गंभीर बीमारी एवं शरीर को स्थायी रूप से अक्षम बनाने वाली बीमारी से पीड़ित है तो उन्हें 3000 रुपए प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। सोलन ज़िला में गत साढ़े 03 वर्षों में गम्भीर बीमारी से पीड़ित रोगियों को सहारा योजना के तहत 1.15 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। कलाकरो ने लोगों को बताया कि आयुष्मान भारत की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना आरम्भ की है। इसके तहत उन सभी व्यक्तियोें को सम्मिलित किया गया है जो आयुष्मान भारत योजना के दायरे से बाहर हैं। हिम केयर योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा लाभार्थी परिवार को प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का लाभ एक परिवार के सभी 5 सदस्य उठा सकते हैं। यदि किसी परिवार में 5 से ज्यादा सदस्य हैं तो शेष सदस्यों का अलग से नामांकन किया जाएगा। ज़िला में महत्वाकांक्षी हिमकेयर योजना के तहत अभी तक पात्र व्यक्तियों को स्वास्थ्य बीमा के रूप में 5.66 करोड़ रुपए उपलब्ध करवाए गए। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें। लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी अवगत करवाया गया। इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा पैंशन, मुख्यमन्त्री कन्यादान योजना, मुख्यमन्त्री स्वावलम्बन योजना, हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी समूह गान ‘विकास की राह पर’ और एकल गीत ‘थामे पग-पग प्रगति की ओर’ के माध्यम से प्रदान की गई। लोगों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए दस्तावेजों सहित अन्य जानकारी प्रदान की गई। Solan Himachal News
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के बारे में प्रधानमंत्री के साथ चर्चा की Shimla Himachal News
विकास खंड कुनिहार के अंतर्गत प्रशासन गांव की ओर से 23 दिसम्बर को सब तहसील कार्यालय दाड़लाघाट में कार्यक्रम आयोजित जाएगा। जिसमें ग्राम पंचायत के लोगों की समस्याओं को सुना जाएगा। जानकारी देते हुए नायब तहसीलदार दाड़लाघाट इंदर कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में ग्राम पंचायत दाड़लाघाट, रौडी, बरायली, धुन्दन, सन्याडी मोड़, दसेरन, क्यारड, नवगांव, सरयांज, हनुमान बड़ोग के लोगों की समस्याओं को सुना जाएगा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के माध्यम से उनका मौका पर हल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम 23 दिसंबर को साय: 3 बजे शुरू होगा।
जिला सिरमौर के गिरिपार के हाटी समुदाय को जनजातीय घोषित करने के लिए सिरमौर हाटी विकास मंच का एक प्रतिनिधिमंडल मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा और महासचिव अतर सिंह तोमर की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल से शिमला में मिला। मंच ने राज्यपाल के माध्यम से देश के प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी को खुमली प्रस्ताव का ज्ञापन दिया गया। प्रस्ताव में अभी तक हुई सम्पूर्ण जानकारी दी गई है। मंच के सलाहकार डॉक्टर रमेश सिंगटा ने कहा कि पूरे गिरिपार की 144 पंचायतों में 25 दिसंबर से प्रस्ताव पारित करके देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे जाएंगे ताकि तीन लाख लोगो को हक मिल सके। शिमला में हाटी यूनिट ने आज इसकी शुरुआत कर दी है। इस प्रतिनिधिमंडल में कपिल चौहान, दलीप सिंगटा ,मदन तोमर, अर्जून सिंह, सुरेश सिंगटा, विक्रम नेगी , फकीर चंद नेगी, मदन चौहान आदि उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश सर्विस सिलेक्शन बोर्ड हमीरपुर ने 20 दिसंबर को शास्त्री कमीशन पोस्ट कोड 813 की लिखित परीक्षा ली गई थी। इस परीक्षा के साथ ही लगभग 40 पोस्ट कोड्स का शेड्यूल जारी हुआ था। जिसमें 20 दिसंबर को सुबह के सत्र में एलटी की परीक्षा हुई थी, जिसका अंतिम परिणाम जारी होकर उन लोगों को ज्वाइनिंग भी मिल चुकीहै। साथ में शास्त्री के साथ जितने भी पोस्ट कोड्स का शेड्यूल जारी किया गया था उनका अंतिम परिणाम जारी किया जा चुका है। केवल शास्त्री के ही परिणाम को रोका गया है। जिसके लिए बेरोजगार शास्त्री अध्यापकों ने अनेकों बार बोर्ड सचिव से आग्रह किया है। इस बाबत अध्यापकों का एक प्रतिनिधिमंडल सचिव से भी मिला। सचिव ने दो सप्ताह के भीतर रिजल्ट निकालने का वादा किया था लेकिन उसके बावजूद भी रिजल्ट घोषित नहीं गया। अभ्यर्थी मनोज, डिंपल, देवराज, टेकचंद, यशपाल शर्मा, रोहित, घनश्याम, सीमा, रंजना, हरीश, धनीराम, कामेश्वर ने बोर्ड के इस रवैए को लेकर शास्त्री कमीशन के परिणाम की बरसी मनाकर विरोध प्रकट किया और बोर्ड की लचर कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने प्रदेश विश्वविद्यालय में सोमवार को विश्वविद्यालय के अलग-अलग मांगो को लेकर कुलसचिव के सामने जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने प्रदेश विश्व विद्यालय में शिक्षकों व गैर-शिक्षकों के विज्ञापन को पुन:विज्ञापित करने की माँग की। प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता ने कहा की प्रदेश मे बेरोज़गार युवा दस लाख से अधिक है, ऐसे में जिन युवाओं ने आवेदन नही किया है या गलती से नही कर पाए उन्हें मौका मिलना चाहिए। वही प्रदेश महासचिव यासीन भट्ट ने बताया की प्रदेश विश्व विद्यालय में सैनिटाइज़र मशीनों के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए लेकिन मशीन दो महीने भी नही चल पाई। ऐसे में प्रदेश विश्वविद्यालय के युवाओं के साथ यह धोखा है। इस दौरान विवि अध्यक्ष रजत भारद्वाज, सौरव, महेश, अक्षीता बुनित, सचिन, नितिन आदि मौजूद रहे।
मंडी लोकसभा कांग्रेस महासचिव मनोज ठाकुर ने अरुण ठाकुर को जिला मंडी युवा का कांग्रेस का महासचिव बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं और अरुण यूथ कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए दायित्व का निर्वाहन पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ करेंगें व कांग्रेस द्वारा चलाए गए सदस्यता अभियान के तहत संसदीय क्षेत्र के लोंगो को कांग्रेस पार्टी की विचार धारा के साथ जोड़ेंगे। उन्होंने युवा कांग्रेस में निर्वाचित सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी एवं इस निर्वाचन के लिए कांग्रेस आलाकमान एवं जिला मंडी युवा कांग्रेस अध्यक्ष तरुण ठाकुर का धन्यवाद दिया।
GNA University conforms to its standards of giving the best placement assurance as it organizes campus placement drive of Sapcons Systems Pvt. Ltd. for the students of Engineering Design and Automation. Sapcon Systems is an engineering and consulting company based in Delhi with a primary focus in helping product design and manufacturing companies to innovate by using the best CAD-CAM-CAE-PDM solutions that are easy to learn and use, while being productive and able to deliver faster, efficient, cost-effective technology solutions. 10 candidates out of 25 students were shortlisted for R&D Cell after conducting a written test, Skill Test, group discussion, and personal interview. Mr. Saksham Hans Technical Engineer and Mr. Satish Kumar Application Engineer Sapcons Systems Pvt. Ltd. congratulated S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University & CEO–GNA Gears Ltd. for running skill enhancement–career-oriented B.Tech Mechanical & Automation Engineering & Robotics and Automation Engineering for the students who have bridged the the gap between the educational sector and the industrial/corporate sector. The representatives of Sapcons Systems Pvt. Ltd. congratulated Mr. C.R. Tripathy, the Dean–Faculty of Engineering Design and Automation to observe the learnings at the advanced level. They also said that GNA University is the best in the northern region in terms of Industry-Education interface activities. Mr. C.R. Tripathy, the Dean–Faculty of Engineering Design and Automation said, “Advanced learning at an early stage will improve their skill sets to grab opportunities available in modern industrial/corporate world.” S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University thanked the renowned Company and congratulated the placed students. In the closing note, Dr.VK Rattan, the Vice-Chancellor, GNA University thanked the delegates for approaching GNA University to recruit buddingengineers and giving them a well-developed platform to achieve new heights in Career. Dr. Monika Hanspal, Dean Academic Affairs, and Dr. Sameer Varma, Dean Academic Outreach Department was also present and congratulated the shortlisted candidates.
एक परिवार जोकि गरीब हो और ऊपर से उसके परिवार में कोई अचानक बीमारी जैसी आफत आ जाए तो उस गरीब परिवार पर क्या गुजर रही हो इस बात का अंदाजा उपमंडल इंदौरा के अधीन पड़ती ग्राम पंचायत भोग्रवा के गाँव मंड भोग्रवा के एक परिवार में देखने को मिला है। इस गाँव के एक परिवार में 30 वर्षीय युवक 18 महीनों से किडनी की बीमारी से ग्रस्त है। जिसके चलते गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ गिर गया है। जानकारी देते हुए पीड़ित युवक के पिता ओम पाल पुत्र चरण दास निवासी मंड भोग्रवा ने बताया किन उनका बड़ा बेटा अनिल कुमार जोकी किडनी की बीमारी से ग्रस्त है। उन्होंने बताया कि वह के पिता ने बताया कि वह अति निर्धन परिवार से संबंध रखते है। लेकिन फिर भी उनका परिवार बीपीएल सूची में नही है। वह लोगों के घरों में छोटे-छोटे प्रोग्राम में रसोइए का काम करने के साथ साथ दिहाड़ी लगते है। अनिल के पिता ने बताया कि अनिल फरवरी 2020 से इस बीमारी से ग्रस्त हुए है। उन्होंने सूर्या हॉस्पिटल रेहन में भी अपने बेटे का इलाज करवाया परंतु कुछ फर्क न पड़ा उसके बाद के चलते नूरपुर के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज शुरू किया गया उस समय डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनके बेटे कि दोनों किडनियाँ खराब हो चुकी है। इलाज के लिए टांडा के शिमला आईजीएमसी में रैफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि अपने बेटे के इलाज के लिए वे लाखों रुपए खर्च चुके है। उन्होंने सरकार से मदद के लिए गुहार लगाई है।
ज्योतिपुंज ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा कुमार रिसॉर्ट अलवर रोड अमृतसर की धरती पर ज्योतिष महासम्मेलन 19 व 20 दिसंबर को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस सम्मेलन में ज्योतिष अनिल वत्स, एचएस रावत, जीडी वशिष्ठ और राजेश ओझा जैसे नामचीन ज्योतिषी सम्मेलन में सम्मिलित हुए। इसमें विशेष अतिथि के रूप में पंजाब सरकार के उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी व स्थानीय विधायक सुनील दत्ती उपस्थित रहे।जोगिंदरनगर के विश्व विख्यात ज्योतिषी कैप्टन डॉक्टर लेखराज शर्मा भी इस सम्मेलन में सम्मिलित हुए। सम्मेलन में ज्योतिष के विषय में गहन चर्चा हुई। सभी ज्योतिष विदों ने अपने-अपने विचार ज्योतिष के प्रचार व प्रसार के लिए रखें। वंही ज्योतिष के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए डॉ लेख राज शर्मा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से ज्योतिष पुंज ग्लोबल फाउंडेशन संस्था ने सम्मानित किया गया। यह हिमाचल प्रदेश व विशेष रुप से जोगिंद नगर क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
एक समय था जब हमारे देश में अनाज की कमी हो गई थी। उस समय सरकार ने अपने देशी बीजों को विकसित करने की बजाए विदेशी हाइब्रिड बीजों को तवज्जो दी गई। बाहर से जो बीज आए उनके लिए भरी मात्रा में रासायनिक खाद और दवाइयों का इस्तेमाल भी किया गया। अत्यधिक पानी का दोहन किया गया। इसका दुष्परिणाम ये हुआ कि हमारे देश की मिट्टी बर्बाद हो गई, इंसानों में कई किस्म की बीमारियों को बढ़ावा मिला। इन सब बुरे परिणाम को ठीक करने की कोशिश के तहत पर्वतीय टिकाऊ खेती अभियान हिमाचल प्रदेश द्वारा पूरे हिमाचल प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। महिला मंडलों के साथ मिलकर पुराने अनाजों को पुनर्जीवित करने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर बीते दिन करसोग के राम मंदिर में मिलेट्स फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कोदरा, कौनी, बिथु, नंगा जौ, काली गेंहू, जवार, कोदो, चीना, लाल मक्की आदि दिखाई गई। इनकी खासियत ये है कि ये अनाज सौ सालों तक भी खराब नही होते। मिलिटस फेस्टिवल के दौरान विभिन्न अनाजों का का हलवा, खीर, चाय, रोटी आदि बनाकर खिलाई गई। खिलाने के लिए पत्तों से बने दौनों का इस्तेमाल किया गया। कार्यक्रम के संचालक लोक कृषि नेकराम शर्मा ने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों ने बहुत तपस्या के साथ हमारे लिए कृषि बीजों को विकसित किया था लेकिन नकदी फसलों के लालच में हमने नए बीज अपना कर बीमारियों को न्यौता दिया है। उपमंडल अधिकारी सनी शर्मा ने पुराने बीजों के दर्शन करते हुए कहा कि करसोग में जितने किसान इस तरह के अनाज की खेती कर रहे हैं इसका अध्यन करना चाहिए। इसकी बिक्री के लिए करसोग में एक जैविक कृषि उत्पादों के लिए बाजार बनाया जाएगा। इस के लिए सारे विभागों से बात कर युद्धस्तर पर जगह देखी जायेगी। जैविक खेती करने वाले किसानों के साथ मिलकर जल्द ही कृषि विभाग द्वारा फरामार प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन बनाया जाएगा।
चंबा रुमाल का नाम अचानक सुने तो लगता है कि यह महज़ एक आम सा रुमाल होगा, लेकिन "चंबा रुमाल सही मायनों में कमाल है" यह कोई मामूली रुमाल नहीं बल्कि विश्व विख्यात व कढ़ाई हस्तशिल्प से निर्मित और बेहद ख़ूबसूरत रुमाल है। अनूठी हस्तकला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध चंबा रूमाल किसी पहचान का मोहताज नहीं है। चम्बा रुमाल की हस्तकला का बोलबाला रियासतकाल से चल रहा है । वैसे तो हिमाचल प्रदेश में कला की कई तकनीक हैं जो यहां की समृद्ध शैली की परिचायक हैं, लेकिन चंबा रुमाल ने हिमाचल प्रदेश को विश्व भर में एक अलग ही पहचान दिलाई है। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में भी चंबा रूमाल की बड़ी बिक्री होती है। चंबा रूमाल की ख़ास बात ये है कि इसे रेशम व सूती कपड़े पर कढ़ाई कर इसे तैयार किया जाता है। ये रुमाल कितना ख़ास है आप इस बात से समझ सकते है कि इस रूमाल को बनाने में एक सप्ताह से दो महीने का समय लग जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में चम्बा रुमाल खरीदना आसान नहीं होता है। इसे चंबा आकर खरीदना या फिर मंगवाना पड़ता है। चंबा के संपन्न परिवार बेटी की शादी में विदाई के समय इस रूमाल का प्रयोग करते हैं। वर्तमान में ही नहीं बल्कि ब्रिटिश काल में भी अधिकारियों व पड़ोसी रियासतों के राजाओं को रूमाल उपहार के रूप में दिया जाता था। इतना ही नहीं जर्मन व इग्लैंड संग्रहालयों में भी चंबा रूमाल मौजूद है।1965 में चम्बा रूमाल बनाने वाली कारीगर महेश्वरी देवी को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया और अब ऐसे कलाकारों की कमी नहीं, जो कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार करते हैं। नीडल पेंटिंग’ के नाम से भी जाना जाता है चम्बा रुमाल पहाड़ी लघु चित्र और भित्ति चित्रों को अगर कपड़े पर सूई के माध्यम से बहुत ही बारीकी से कढ़ाई करके उकेरा जाए तो वह कपड़ा किसी कलात्मक तस्वीर से कम नहीं लगता है। इसका सही मायनों में उदहारण चंबा का रुमाल है। प्रसिद्ध चम्बा के रुमाल को ‘नीडल पेंटिंग’ के नाम से भी जाना जाता है। चंबा रुमाल रेशम एवं सूती कपड़े पर दोनों ओर समान कढ़ाई कर तैयार किया जाता है। विशेष तौर पर कढ़ाई का काम औरतें करती हैं और यह कला आमतौर पर रुमाल, टोपी, हाथ के पंखे, चोली आदि पर भी की जाती है। आम रुमाल नहीं ,उपहार में दिया जाता है चम्बा का रुमाल चम्बा रुमाल पर की गई कढ़ाई को चंबा साम्राज्य के पूर्व शासकों के संरक्षण में पनपने का मौका मिला था। यह अपनी अद्भुत कला और शानदार कशीदाकारी के कारण निरंतर प्रसिद्धि की नई इबारत लिखता रहा है। चंबा का रुमाल वास्तव में कोई जेब में रखने वाला रुमाल नहीं है, बल्कि कढ़ाईदार "वॉल पेटिंग " होती है। चूंकि इससे बना रुमाल चौकोर आकार में नहीं होता है , इसलिए इसे कभी वॉल पेंटिंग की तरह सजाया जाता है तो कभी उपहार में दिया जाता है। चंबा के रुमाल के बारे में एक रोचक बात यह है कि दूर से देखने पर बेशक ये बहुत आकर्षक न लगे पर जब पास से देखते हैं तो देखने वाले को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता है। शाही परिवार भी करता था चंबा रुमाल की कढ़ाई चंबा रुमाल को यह नाम हिमाचल प्रदेश के हिल स्टेशन चंबा से मिला है। रुमाल पर की जाने वाली इस कला का काम सदियों से चला आ रहा है। चम्बा रुमाल का वर्णन सबसे पहले सोलहवीं शताब्दी में आता है, जब बेबे नानकी ( गुरु नानक देव जी की बहन थीं) उन्होंने इसे बनाया था। वह रुमाल आज भी होशियारपुर के एक गुरुद्वारे में धरोहर के रूप में रखा हुआ है। इसके बाद 17वीं सदी में राजा पृथ्वी सिंह ने चम्बा रुमाल की कला को बहुत अधिक संवारा और रुमाल पर ‘दो रुखा टांका’ कला शुरू की। कहा जाता है कि उनके समय में चंबा रियासत में आम लोगों के साथ-साथ शाही परिवार भी चंबा रुमाल की कढ़ाई किया करता था। 18वीं शताब्दी में चंबा रुमाल की लोकप्रियता बहुत अधिक और बहुत दूर-दूर तक फैली हुई थी। बहुत से कारीगर इस कला से जुड़े हुए थे। उस समय के राजा उमेद सिंह ने इस कला और कारीगरों को संरक्षण देकर चंबा रुमाल को विदेशों तक पहुंचाया। हिमाचल के चम्बा जिला से शुरू कि गई इस कलाकारी को विदेश में पहचान मिली और इसे लंदन के विक्टोरिया अल्बर्ट म्यूजियम में रखा गया। आज भी चंबा का रुमाल अपने महान इतिहास के दर्शन करवाता है जिसे चंबा के राजा गोपाल सिंह ने 1883 में ब्रिटिश सरकार के नुमाइंदों को भेंट किया था। जिसमें कुरुक्षेत्र युद्ध की कृतियों को उकेरा गया है। 1911 में चंबा के राजा भूरी सिंह ने भी इस हुनर को बहुत सम्मान दिया और कला को उन्नत बनाने में मदद की। दिल्ली दरबार में उन्होंने ब्रिटेन के राजा को चंबा के रुमाल की कलाकृतियां तोहफे में दी थीं। चूंकि भारत में मुगलों का साम्राज्य था तो इस कढ़ाई के कार्य की विषय वस्तु मुगलों से प्रभावित थी परंतु मुगलों के पतन के साथ ही बहुत से कारीगर हिमाचल के पर्वतीय क्षेत्रों में जाकर बस गए जिनकी सहायता चंबा के राजा उमेद सिंह ने की। कढ़ाई को जीवंत बनाने के लिए आकृतियां बनानी हुई शुरू स्थानीय लोगो का कहना है कि चम्बा रुमाल पर हाथ की कढ़ाई दोनों ओर से की जाती है। एक जमाने में जब शाही परिवारों में बेटी की शादी होती थी तो शगुन के थाल को इस रुमाल से ढका जाता था। उस समय इनमें लोककला ज्यादा झलकती थी, धीरे-धीरे इनमें आकृतियां और फूल-पत्तियां बनानी शुरू की ताकि कढ़ाई अधिक जीवंत लगे। रेशम के धागे से सूती कपड़े पर कढ़ाई होती थी, पर अब शॉल, दुप्पटों और सिल्क फैब्रिक पर भी ये की जाती है। इसमें डबल साटन स्टिच (दो रुख टांका) का प्रयोग किया जाता है, जिसकी वजह से कपड़े के दोनों तरफ कढ़ाई उभर आती है जो एक समान लगती है। इसके धागे को पट्टू कहा जाता है। दो तरह से की जाती है चंबा रुमाल पर कढ़ाई चंबा रुमाल मुख्यता वर्गाकार या आयताकार बनाए जाते हैं। हालांकि अभी भी दो तरह से कढ़ाई चंबा रुमाल पर हो रही है। एक में लोकशैली झलकती है, जिसके विषय सीमित हैं, रंग चटकीले और टांकों में समानता नहीं है। जबकि दूसरी शैली में एक संतुलित संयोजन है, जिसमें हलके व सौम्य रंग के धागों का इस्तेमाल किया जाता है दो रुख टांके से जिसमें एक टांका लंबा तो दूसरा छोटा होता है, जब कढ़ाई की जाती है तो कपड़े के उलटी तरफ भी समान कढ़ाई बन जाती है। चंबा रुमाल बनाने के लिए कलाकार पहले किसी भी पौराणिक दृश्य या घटना को चित्रित करता है, उसके पश्चात पेंसिल या चारकोल की सहायता से रूपरेखा तैयार करता है। इसके बाद ब्रश द्वारा वांछित रंग, जो बहुत नाम मात्र का होता है, भरता है और इस सब के बाद सिल्क के रंग-बिरंगे धागों को सुई में पिरो कर दोहरे टांके की कढ़ाई करते हुए एक अविस्मरणीय कृति का निर्माण करता है। चंबा रुमाल पर ड्राइंग कभी भी ट्रेस करके नहीं बनाई जाती है, वरन इतनी फुर्ती से की जाती है कि लाइन टूटे न। रुमाल तैयार करने में लगता है दस दिन से दो महीने का समय एक प्रशिक्षित कलाकार थीम को देखकर खादी के कपड़े पर चारकोल से एक रूपरेखा तैयार करता है। कढ़ाई के लिए रंगों का चुनाव पहले ही तय कर लेता है, फिर महिला शिल्पकार कढ़ाई के लिए रेशम के धागे के दो तारों का उपयोग करती है और बिना गांठ लगाए डबल-साटन स्टिच करती है रुमाल पर मुख्य मोटिफों की कढ़ाई करने के बाद, फिर बैक स्टीचिंग की जाती है जिसके द्वारा मोटिफ की आउटलाइन बनाई जाती है। अंत में, वे रुमाल के किनारों को एक समान करने के लिए तुरपाई करती हैं। इसकी आउटलाइन काले धागे से बनाई जाती है, जो चंबा रुमाल की एक खास विशेषता है। चंबा रुमाल को तैयार करने में दस दिन से दो महीने का समय लगता है। हर रुमाल में कि जाती है अलग कहानी चित्रित पहाड़ी चित्रकला का प्रभाव भी इन रुमालों पर बहुत गहराई से देखने को मिलता है। साथ ही गुलेर, कांगड़ा, बसोहाली, जम्मू, नूरपुर और मंडी क्षेत्रों के चित्रों व भित्ति चित्रों की झलक भी दिखती है। इन रुमालों पर पहाड़ी चित्रकला के समान ही प्रचलित कहानियों, परंपराओं व पौराणिक विषयों के दृश्यों को भी उकेरा जाता है। साथ ही कृष्ण, रामायण, महाभारत और पुराण के कहानियों, नायक-नायिकाओं के प्यार के किस्सों व राग-रागिनी जैसे विषय भी इनके आधार हैं जो इन्हे अलग बनाता है। दिलचस्प बात ये है कि हर रुमाल में एक अलग कहानी चित्रित की जाती है, जिसके कारण इस कला में अत्यधिक विविधता देखने को मिलती है। आकार में बड़े होने के कारण ये रुमाल दीवारों पर वॉल पेंटिंग की तरह सजाए जाते हैं और कपड़े की पूरी सतह पर ही कढ़ाई किए जाने के कारण ये अत्यंत सजीव लगते हैं। डंडी टांका का किया जाता था प्रयोग इसकी आउटलाइन काले धागे से बनाई जाती है, जो चंबा रुमाल की एक खास विशेषता है। आकृतियों में रंग-बिरंगे धागे भरने के बाद, फिर से काले धागे से डंडी-टांका करते हुए उसकी महीन आउटलाइन बनाई जाती है। यह तरीका पहाड़ी चित्रकला से प्रेरित होकर ही अपनाया गया है। इसी तरह क्रिस क्रॉस स्टिच द्वारा, जिसमें दो बराबर आकार के टांकों को क्रॉस का आकार देते हुए रुमालों पर उकेरा जाता है। यह टांका ज्यादातर लाल रंग के धागे से लगाया जाता है। हालांकि आजकल इस टांके का प्रयोग कम किया जा रहा है। पचास हजार से लेकर पांच लाख तक होती है कीमत चम्बा रुमाल बेहद ही ख़ास माना जाता है क्योंकि हर रुमाल पर अलग तरह का डिज़ाइन इसकी विशेषता को चार चाँद लगा देता है। प्रदेश के साथ साथ विदेश में भी चम्बा रुमाल कि बहुत अधिक डिमांड रहती है। अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले में भी रूमाल को खरीदने के लिए कनाडा, आस्ट्रेलिया, दिल्ली, चंडीगढ़, भोपाल, पटना तथा अन्य राज्यों के लोग काफी उत्सुक रहते हैं। यही इस रुमाल की खासियत है कि इसकी कीमत पचास हजार से लेकर पांच लाख तक हो सकती है। राष्ट्रीय अवार्ड विजेता और चम्बा रुमाल बनाने वाली कलाकार दिनेश कुमारी का कहना है कि चम्बा रुमाल में ज़्यादातर वे भगवान कृष्ण से जुड़ी कलाकृतियां या कहानियां बनती है। दिनेश कुमारी 1977 से ये रुमाल बना रही है। दिनेश कुमारी बताती है कि वे रास समंदर, अष्टनायका, कृष्ण डांडिया, कृष्ण नाग संहार, चौसर खेल, शिकार रुमाल और इस तरह कि कई कहानियों पर आधारित रुमाल बनाती है जो बेहद आकर्षक और ख़ूबसूरत है। इस कला को संजोए रखने के लिए दिनेश कुमारी को भीमराव आम्बेडकर राष्ट्रीय अवार्ड जैसे कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। चंबा रुमाल पर राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित ललिता वकील का कहना है कि प्रदेश कि आगे की पीढ़ी को भी चम्बा रुमाल को बनाना सीखना चाहिए ताकि ये चम्बा रुमाल कि प्रतिभा विदशों में पहुँच पाए। उनका कहना है कि इसे बनाना बेहद कठिन है और इसे सीखना बहुत कठिन है, लेकिन हमारी सरकार ने इसे बढ़ावा दिया है।
ग्राम पंचायत हनुमान बडोग के डमलाना में विगत शनिवार मध्य रात्रि को एक मशरूम प्लांट में आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।जानकारी के अनुसार अशोक कुमार गौतम पुत्र स्वर्गीय लेखराम शर्मा गांव डमलाना के मशरूम प्लांट में शनिवार रात्रि करीब 2 बजे आग लगी। जिसकी सूचना मनाली से सोलन जा रहे गाड़ी चालक ने मशरूम प्लांट मालिक को दी। मशरूम प्लांट मालिक अशोक कुमार ने कहा कि जब उन्हें प्लांट में आग लगने की सूचना मिली तो वह अपनी बीवी व दो बच्चों के साथ घर की दूसरी मंजिल पर सो रहे थे, जबकि निचली मंजिल में उनके प्लांट में आग लगी थी। जब उन्हें सूचना मिली तो उन्होंने अग्निशमन विभाग को फोन किया। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक करीब 60 लाख रुपये की मशरूम प्लांट की मशीनरी व 10 एसी मशीनें जलकर राख हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि आग लगने का कारण शार्ट सर्किट हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह मशरूम प्लांट का दूसरा फेस शुरू करने वाले थे जिसको लेकर तैयारियां पूरी थी, लेकिन उससे पूर्व ही उनका प्लांट जलकर राख हो गया। उन्होंने प्रशासन व सरकार से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलधा मे सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर का शुभारम्भ स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार के द्वारा किया गया। इस दौरान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी ओमप्रकाश ठाकुर ने बताया कि यह शिविर18 दिसंबर से 24 दिसंबर तक चलेगा। इस शिविर मे कुल 52 स्वयंसेवी भाग ले रहे हैं जोक़ि रात दिन शिविर मे ही रहेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी ओमप्रकाश ठाकुर, मदन लाल सहित अन्य अध्यापक उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन नम्होल एवं दाड़लाघाट यूनिट की मासिक बैठक सलाहकार ओम प्रकाश भट्टी की अध्यक्षता में हुई। महासचिव प्रेम केशव ने बताया कि बैठक के साथ पैंशन दिवस का आयोजन भी किया गया। सर्वप्रथम बैठक में सेवानिवृत्त स्वर्गीय भगतराम चंदेल के आकस्मिक निधन पर 2 मिनट का मौन रखा गया तथा उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की गई। प्रेम केशव ने बताया कि इस पैंशन दिवस के दिन वरिष्ठ नागरिकों को टोपी व शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। उसके साथ ही 5,10 व 15 प्रतिशत भत्ते जिसमें 65,70 व 75 वर्ष पूरा करने के उपरांत भते को बेसिक पेंशन में सम्मलित करने बारे प्रदेश सरकार के चार वर्ष वायदे को भी दोहराया गया।वहीं पंजाब तर्ज पर पे स्केल का भी जिक्र किया गया। बिलासपुर डिवीजन के एक्सियन से भी आग्रह किया गया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जीआईएस का भुगतान तथा 2012 में लागू पे ग्रेड बोर्ड के आदेशानुसार नहीं दिया जा रहा है, जो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है। बैठक में फैसला लिया गया कि अगले वर्ष मार्च माह को यूनिट के चुनाव करवाए जाएंगे। इस मौके पर निक्का राम, कमल ठाकुर, नंदलाल शर्मा, फुल्लू राम, जगन्नाथ शर्मा, चेतराम, सत्य शर्मा, रतनलाल, लछु राम, लेखराम, सुखराम, संत राम, राम लाल, विजय ठाकुर, सुंदर लाल, बालकराम, ओमप्रकाश भट्टी, सुखराम नड्डा, प्रेम केशव सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी में कांगड़ा के भलाड़ गांव का एक जवान शहीद हो गया है। 51 वर्षीय शहीद सिपाही ओंकार सिंह अमृतसर के तरनतारन में 103 बीएसएफ बटालियन में तैनात थे। घने कोहरे के बीच पाकिस्तान की तरफ से की गई फायरिंग में उन्हें गोली लग गई थी। रविवार को शहीद ओंकार सिंह का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके साथ आई सैन्य टुकड़ी, पुलिस बल ने हवा में फायर दागकर उन्हें सलामी दी। इस दौरान जवाली के विधायक अर्जुन सिंह ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। बता दें कि शहीद ओंकार सिंह अपने पीछे तीन बच्चे और पत्नी को छोड़ गए हैं।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में सात दिवसीय एनएसएस वार्षिक शिविर का शुभारम्भ किया गयाI इस सात दिवसीय एनएसएस वार्षिक शिविर के अवसर पर मुख्यअतिथि विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने विधिवत ध्वजारोहण करके सात दिवसीय एनए एस वार्षिक शिविर का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्याधिपिका सुषमा शर्मा, प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल गुलेरिया भी विशिष्ट अतिथि के रूम में मौजूद रहेI यह शिविर 19 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक चलेगा, जिसमे 30 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैI कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। एनएसएस प्रभारी पूनम शर्मा और पुर्शोतम लाल गुलेरिया ने मुख्यातिथि को एनएसएस कैप, बैच और समृति चिन्ह देकर सम्मानित कियाI मुख्यातिथि गोपाल शर्मा ने अपने वक्तव्य में एनएसएस स्वयंसेवकों को एनएसएस के बारे में अवगत कराया तथा स्वच्छ भारत अभियान, सामाज की सेवा करने व आपसी भाईचारा बनाये रखने की जानकारी प्रदान की।
केंद्र सरकार द्वारा लड़कियों की शादी की उम्र 21 वर्ष करने के कैबिनेट के फैसले का जिला कांगड़ा जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री स्नेह लता परमार ने स्वागत किया है। स्नेह लता परमार ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया हैं। स्नेह लता परमार ने कहा कि देश में अनेक क्रांतिकारी निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे सबके जीवन में परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने कहा कि समानता के अधिकार की बात तो बहुत की जाती है लेकिन समानता वास्तव में है कि नहीं इस पर चिंतन नहीं होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लड़कियों की शादी की आयु भी 21 वर्ष कर एक बेहतरीन निर्णय किया है, जिससे महिलाओं के हितों का संरक्षण होगा और यह निर्णय आने वाले समय में सबके लिए एक बेहतर मील पत्थर होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनकी सरकार का आभार है।
राजधानी शिमला तेंदुए और लेपर्ड कैट को देखे जाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है, बीते सप्ताह जाखू में लेपर्ड कैट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और आज सुबह पंथाघाटी के साथ लगते देव नगर में एक लेपर्ड कैट के गाड़ी की टक्कर के कारण मारे जाने की सूचना है। पूर्व नगर निगम महापौर राकेश शर्मा ने बताया कि आज सुबह जैसे ही उन्हें इसकी सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत पुलिस को इसके बारे में खबर दी। जिसके बाद वन विभाग वाइल्ड लाइफ विंग की टीम लेपर्ड कैट को वहां से ले गई। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि एक लेपर्ड कैट के सड़क किनारे मृत पड़े होने की सूचना मिली है जिसके बाद उसे वहां से ले जाया गया।
शिमला: मंत्रिमंडल की बैठक चौथी बार टल गई है क्योंकि सीएम जयराम ठाकुर आज दिल्ली जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और उन्हें 27 दिसंबर को हिमाचल आने का न्योता देंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उनसे मुलाकात का समय मांगा था जो कि सोमवार को तय किया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आज दोपहर 2:30 बजे अनाडेल मैदान से हेलिकॉप्टर से दिल्ली रवाना होंगे। करीब चार बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। यहां वे कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकात करेंगे। रात्रि ठहराव नई दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में होगा। सोमवार दोपहर 1:30 बजे वे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से शिमला के लिए रवाना होंगे और शाम को तीन बजे शिमला पहुंचेंगे। ऐसे में कैबिनेट की बैठक का समय फिर बदल गया है अब यह बैठक कल 3 बजे हो सकती है।
जयसिंहपुर उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत जलेट के गुलेहड़ गांव के 2 नाबालिग युवक 16 दिसम्बर से लापता हैं। दोनों युवक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोसरी स्कूल में बारहवीं कक्षा के छात्र हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 दिसम्बर को सुबह 10 बजे के करीब अध्यापक ने बच्चों के अभिभावकों को फोन किया कि आपके बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। अभिभावक ने ये सुनकर अपने बच्चे को फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया। वहीं अध्यापक ने दूसरे नंबर से फोन किया तो बच्चों ने फोन उठा लिया। इसके बाद जब दोनों बच्चें करीब 11 बजे घर पहुंचे तो अभिभावकों ने कहा कि आप स्कूल नहीं जाते और आपके स्कूल से आपकी शिकायत आ रही। दोनों बच्चों ने बताया कि हमारा कुछ सामान घर में रह गया था और हम स्कूल में प्रैक्टीकल देने जा रहे है। बच्चो ने अपने आधार कार्ड, 10वीं कक्षा का सर्टिफिकेट, अन्य दस्तावेज व कपड़े लिए और करीब 12 बजे घर से चले गए। इसके बाद देर शाम तक भी जब बच्चें घर नहीं पहुँचे तो घर वालों के फोन करने पर दोनों लड़को के फोन स्विच ऑफ आए और उनके दोस्तों को फोन करने पर भी कोई भी जानकारी नहीं मिली। सभी जगह तलाश करने के बाद 19 दिसम्बर को दोनों के परिवार वालों ने पुलिस थाना लम्बागांव में इस बारे में शिकायत दर्ज करवाई। वंही पुलिस थाना लम्बागांव के एसएचओ केसर सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।


















































