राज्य कार्यकारिणी के सदस्य राकेश गौतम की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत दाड़लाघाट का एक प्रतिनिधिमंडल युवा मोर्चा डीसी सोलन केसी चमन से मिला। इस दौरान नौणी के ग्रामीण भी मौजूद रहे। इसमें स्थानीय ग्रामीणों ने करोड़ा से नौणी तक एम्बुलेंस रोड़ के लिए धनराशि स्वीकृत करवाने के लिए सम्बंधित विभाग को आग्रह करने के लिए कहा। इस दौरान ग्रामीणों ने उपायुक्त सोलन से कहा कि करोड़ा से गांव नौणी तक जाने के लिए एम्बुलेंस रोड़ की हालत बहुत खस्ताहाल है, इस वजह से गांव जाने के लिए लोगों को बहुत ही असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अगर कभी भी किसी समय गांव का कोई व्यक्ति बीमार हो जाये तो एम्बुलेंस को इस रोड़ पर आने में बहुत कठिनाई होती है। हम सभी स्थानीय ग्रामीण आपसे निवेदन करते है कि जल्द से जल्द इस एम्बुलेंस रोड़ के लिए धनराशि की स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान नौणी के स्थानीय ग्रामीणों ने गांव की अन्य समस्याओं व विकास कार्य भी उपायुक्त सोलन के समक्ष रखे। इस अवसर पर राकेश गौतम, हीरा सिंह, प्रेम शर्मा, जगदीश्वर शुक्ला, हरीश, नरेश कुमार गिठ्ठु शामिल रहे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि वित्तीय संस्थानों के लिए विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण है और यह सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए कि दि बघाट अर्बन कॉपरेटिव बैंक लिमिटिड सोलन पूर्व की भांति भविष्य में भी विश्वसनीयता एवं बेहतर सुविधाओं के मामले में लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरे। डॉ. बिंदल दि बघाट अर्बन कॉपरेटिव बैंक लिमिटिड सोलन के स्वर्ण जयंती समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर बैंक के उन सभी दिवंगत संस्थापक सदस्यों, दिवंगत पूर्व अध्यक्षों एवं बैंक से जुड़े अन्य दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जिनकी मेहनत से आज बैंक इस मुकाम तक पहुंचा है। डॉ. बिंदल ने कहा कि वित्तीय संस्थानों में निवेश सर्वप्रथम विश्वसनीयता के आधार पर ही होता है। उन्होंने आशा जताई कि बघाट बैंक न केवल अपनी साख को सर्वोच्च अधिमान देगा अपितु यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में बैंक सहकारी क्षेत्र का श्रेष्ठ बैंक बनकर उभरे। उन्होंने बैंक के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर बघाट बैंक के संस्थापक सदस्यों, पूर्व अध्यक्षों, निदेशक मंडलों, वर्तमान निदेशक मंडल एवं सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सोलन निवासियों को बधाई दी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित करने में सहकारी आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी आंदोलन की सफलता के लिए इसकी निरंतरता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सफलता के साथ सहकारी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्यरत रहना चाहिए। हिमाचल प्रदेश देश में सहकारी आंदोलन का जनक है किन्तु वर्तमान में इस क्षेत्र में हमें और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को सहकारी क्षेत्र में गुजरात से सीखना होगा। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि देश के संपूर्ण विकास के लिए वित्तीय संस्थानों की सफलता के साथ-साथ प्रत्येक स्तर पर स्वच्छता सुनिश्चित करना और जल का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर अपने परिवेश, प्रदेश एवं देश को स्वच्छ रखें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का आरंभ हमें स्वयं से करना होगा और प्रत्येक व्यक्ति को इस आंदोलन में सहभागी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रत्येक व्यक्ति महत्वाकांक्षी जलशक्ति अभियान को समझे और जल संरक्षण को दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाए। उन्होंने कहा कि यदि हमने वर्षा जल संग्रहण के साथ-साथ अन्य माध्यमों से जल का संचयन नहीं किया तो भविष्य में भयंकर कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इस अवसर पर बैंक के संस्थापक सदस्यों, सर्वश्री नागर मल गोयल, हेमराज गोयल, ओपी वर्मा एवं एसएन कपूर, पूर्व अध्यक्षों, वर्तमान अध्यक्ष, पूर्व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। डॉ. बिंदल ने इस अवसर पर दि बघाट अर्बन कॉपरेटिव बैंक की स्मारिका का विमोचन भी किया। प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया ने बघाट बैंक की स्वर्ण जयंती पर सभी को बधाई देते हुए आशा जताई कि शीघ्र ही बघाट बैंक प्रदेश के सभी जिलों में अपनी शाखाएं स्थापित करेगा। शिमला लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद प्रो. वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में कार्यरत बैंक नागरिकों को विश्वसनीय वित्तीय सेवाएं देने का साधन बनकर उभरे हैं। बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि 7 सितंबर, 1970 को 21 संस्थापक सदस्यों ने 51 हजार रुपये की पूंजी के साथ इस बैंक को आरंभ किया था। बैंक की स्थापना का उद्देश्य सोलन के लोगों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना था। उन्होंने कहा कि आज बैंक की कार्य पूंजी 8 अरब रुपए से अधिक है और बैंक अपने उपभोक्ताओं को श्रेष्ठ आधुनिक सेवाएं प्रदान कर रहा है। इस अवसर पर प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, पूर्व सांसद प्रो. वीरेंद्र कश्यप, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रश्मि धर सूद, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता रितु सेठी, नगर परिषद सोलन की उपाध्यक्ष मीरा आनंद, जिला परिषद सदस्य शीला, भाजपा मंडल सोलन के अध्यक्ष रविंद्र परिहार, महामंत्री मदन ठाकुर, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष विजय सिंह ठाकुर, डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल, जिला भाजपा महामंत्री नरेंद्र ठाकुर, सोलन भाजपा मंडल सचिव सुनील ठाकुर, व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष भरत साहनी, आढ़ती एसोसिएशन सोलन के पदम पुंडीर, ग्राम पंचायत शामती के प्रधान संजीव सूद, भाजपा मंडल के सचिव चंद्रकांत शर्मा, भाजयुमो के रोहित भारद्वाज, बघाट बैंक के पूर्व अध्यक्ष अरूण शर्मा, बघाट बैंक के संस्थापक सदस्य, पूर्व निदेशक, निदेशक मंडल के पूर्व एवं वर्तमान सदस्य, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं नीरज सूद एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। .0.
भारतीय जीवन बीमा निगम सितम्बर माह को इंश्योरेंस माह के रूप मे मना रही है। निगम उन अभिकर्ताओं को एक और मौका दे रही है जो अभिकर्ता किसी कारणवंश अपनी ऐजेंसी नहीं चला पाये। इसके लिए 15 सितम्बर 2019 रविवार को शाखा कार्यलय सोलन में इंटरव्यू के लिये उपस्थित होना होगा। एजेंट बनने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास होनी चाहिए और आयु 18 वर्ष व अधिकतम होनी चाहिए। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ दसवीं तथा उच्चतम शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र व पैन कार्ड की तीन - तीन फोटो स्टेट कापियां, तीन पासपोर्ट साइज फोटो ग्राफ, 665 रुपए नकद पंजीकरण व परीक्षा फीस लानी होगी और आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी एक की तीन फोटो कापी साथ लानी होगी।
पांवटा में मैनकाइंड पुल के सामने एक नई वरना कार में आग लग गई जिसके कारण यह पूरी तरह से नष्ट हो गई। फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। पुलिस से मिली सूचना के अनुसार बुधवार रात तकरीबन 12 और 1 बजे के करीब कार चालक इस्लाम अपने घर जा रहा था तो अचानक गाड़ी में धुआं भरने लगा। किसी तरह कूद कर इस्लाम ने अपनी जान बचाई और देखते ही देखते गाड़ी में आग फैलने शुरू हो गई। इस्लाम ने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तब तक नई वरना कार राख में बदल चुकी थी। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल कार में अचानक आग कैसे लगी यह जांच का विषय है।वही माजरा थाना प्रभारी सेवा सिंह ने बताया कि कार में आग लगने का मामला सामने आया है जिसकी फॉरेंसिक जांच करवाई जाएगी।
सरकारी नौकरी मिलने पर लोग खुश होते हैं लेकिन सोलन ज़िला के घणागुघाट डाक विभाग में कार्य करने वाले संतराम अपनी सरकारी सेवा नियमित होने पर खुश नहीं है। संतराम का कहना है कि उसे डाक विभाग में कार्य करते 38 से 39 वर्ष हो गए। समय रहते विभाग का ध्यान इस ओर नहीं गया, अब 59 वर्ष की उम्र में उन्हें नियमित किया जा रहा है और कुछ महीनों बाद उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। इस तरह न तो उन्हें पेंशन मिलेगी और न ही अन्य कोई लाभ दिया जाएगा। उन्होंने फिलहाल अपनी नियुक्ति का बहिष्कार पत्र विभाग को भेज दिया है।
पांवटा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दूरदराज जंगलों में अवैध रूप से चल रही शराब की 8 भट्टियों को नष्ट किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंघपुरा चौंकी के इंचार्ज एएसआई मदन व हेडकॉन्स्टेबल दयाल सिंह,कॉन्स्टेबल सुभाष व स्थानीय लोगों द्वारा पास लगते जंगलों में दबिश दी गई। इस दौरान अवैध रूप से चल रही कच्ची शराब की 8 भट्टियों को नष्ट किया गया। इसके दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंच कर 600 से 700 लीटर लहान को भी नष्ट कर दिया है।मामले की पुष्टि करते हुए पांवटा थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया की पुलिस ने 8 भटिया अवैध शराब की नष्ट की हे व आगे भी कार्यवाई की जाती रहेगी।
कुरगण देवता मंडोढ़ दानोघाट के प्रांगण में पिछले सात दिनों से चल रही भागवत कथा का वीरवार को समापन हो गया। स्वर्गीय पंडित श्यामलाल पाठक के सुपुत्र आचार्य मुकेश पाठक ने हजारों भगवत प्रेमियों को अपने मुखारविंद से भागवत कथा का रसपान करवाया और समाज में फैल रही हिंदू धर्म की कुरीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर परमानंद भारद्वाज, मस्तराम वर्मा, नरयाणु राम, प्रकाश शर्मा, प्रेम शर्मा, लालचंद वर्मा, लच्छी राम वर्मा, सोमदत्त शास्त्री, गुलजारीलाल, मुंशी राम शर्मा, धनीराम शर्मा, पुरुषोत्तम वर्मा आदि उपस्थित रहे।
किसान मंच के मुख्य संयोजक तथा पूर्व विधायक केके कौशल ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के तमाम किसानों को आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से राहत दिलाई जाए, ताकि वह अपना खेती बाड़ी का कार्य सुचारु रुप से कर सके। कौशल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 70 से 80 प्रतिशत लोग किसान है और इनमें से अधिकांश ने खेती-बाड़ी करना केवल इसलिए छोड़ दिया है क्योंकि उनकी फसलों को बंदर तथा जंगली जानवर नुकसान पहुंचाते हैं। यहां तक कि उनका बीज पर लगाया गया पैसा भी पूरा नहीं हो पा रहा है। किसानों की समस्या के निवारण के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए क्योंकि यह वर्ग लगातार आर्थिक रूप से पिछड़ता चला जा रहा है। कौशल ने कहा कि इस समय आवारा पशुओं द्वारा लोगों को मारे जाने का सिलसिला भी बहुत अधिक बढ़ चुका है और प्रदेश सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
देश में ट्रैफिक के नियम बदल चुके हैं, अब नियमों का उल्लंघन करने पर नए नियम के तहत तगड़ा जुर्माना वसूला जा रहा है। गुजरात के सूरत शहर से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुकता कहा जाए या फिर नए ट्रैफिक नियमों का डर। दरअसल, भगवान गणेश के पंडाल में लोग हेलमेट पहनकर आरती करते नजर आए। सूरत में भगवान गणेश की विदाई के लिए आरती का आयोजन किया गया था लेकिन आरती में शामिल होने वाले ज़्यादातर भक्त हेलमेट पहनकर पहुंचे।
वीरवार को रोज़ बड्स पब्लिक स्कूल चंबाघाट में फैंसी ड्रैस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। सभी बच्चें विभिन्न परिधानों में आकर्षित लग रहे थे। इस प्रतियोगिता में केजी और नर्सरी की वंशिका, अनविका को पहला ,उज्जवल, दिव्यांशी को दूसरा और जोशिका,आर्शिका को तीसरा स्थान मिला। शिक्षकों द्वारा सभी बच्चों को सम्मानित किया गया।
आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसे मंदिर के बारे में जहां माँ -पुत्र के पावन मिलन के अवसर पर एक मेले का आयोजन किया जाता है। यह मंदिर श्री रेणुका माता के नाम से जाना जाता है और हिमाचल प्रदेश के ज़िला सिरमौर में स्तिथ है। श्री रेणुका जी मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलों में से एक है, जो हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। यह मंदिर उत्तरी भारत का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम जामूकोटी से वर्ष में एक बार अपनी माँ रेणुका से मिलने आते है। यह मेला श्री रेणुका माँ के व उनके पुत्र की श्रद्धा का एक अनूठा संगम है। यह स्थान नाहन से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है। रेणुका झील के किनारे माँ श्री रेणुका जी व भगवान परशुराम जी के भव्य मंदिर स्थित हैं। पौराणिक कथा कथा के अनुसार प्राचीन काल में आर्यवर्त में हैहय वंशी क्षत्रीय राज करते थे। भृगुवंशी ब्राह्मण उनके राज पुरोहित थे। इसी भृगुवंश के महर्षि ऋचिक के घर महर्षि जमदग्नि का जन्म हुआ। इनका विवाह इक्ष्वाकु कुल के ऋषि रेणु की कन्या रेणुका से हुआ। महर्षि जमदग्नि सपरिवार इसी क्षेत्र में तपस्या करने लगे। जिस स्थान पर उन्होंने तपस्या की, वह तपे का टीला कहलाता है। महर्षि जमदग्नि के पास कामधेनु गाय थी जिसे पाने के लिए सभी तत्कालीन राजा, ऋषि लालायित थे। राजा अर्जुन ने वरदान में भगवान दतात्रेय से एक हजार भुजाएं पाई थीं। जिसके कारण वह सहस्त्रार्जुन कहलाए जाने लगे। एक दिन वह महर्षि जमदग्नि के पास कामधेनु मांगने पहुंचे। महर्षि जमदग्नि ने सहस्त्रबाहु एवं उसके सैनिकों का खूब सत्कार किया। उन्होंने उसे समझाया कि कामधेनु गाय उसके पास कुबेर जी की अमानत है, जिसे वो किसी को नहीं दे सकते। गुस्साए सहस्त्रबाहु ने महर्षि जमदग्नि की हत्या कर दी। यह सुनकर माँ रेणुका शोकवश राम सरोवर मे कूद गई। राम सरोवर ने मां रेणुका की देह को ढकने का प्रयास किया। जिससे इसका आकार स्त्री देह समान हो गया। जिसे आज पवित्र रेणुका झील के नाम से जाना जाता है। ये बात सुनते ही परशुराम अति क्रोध में सहस्त्रबाहु को ढूंढने निकल पड़े। उसे युद्ध के लिए ललकारा। भगवान परशुराम ने सेना सहित सहस्त्रबाहु का वध कर दिया। भगवान परशुराम ने अपनी योगशक्ति से पिता जमदग्नि तथा माँ रेणुका को जीवित कर दिया। माता रेणुका ने वचन दिया कि वह प्रति वर्ष इस दिन कार्तिक मास की देवोत्थान एकादशी को अपने पुत्र भगवान परशुराम से मिलने आया करेंगी। विशेषताएं राज्य सरकार द्वारा इस मेले को अंतरराष्ट्रीय मेला घोषित किया गया है। पांच दिन तक चलने वाले इस मेले में आसपास के सभी ग्राम देवता अपनी-अपनी पालकी में सुसज्जित होकर माँ-पुत्र के इस दिव्य मिलन में शामिल होते है। यह मेला श्री रेणुका माँ के वात्सल्य एवं पुत्र की श्रद्धा का एक अनूठा आयोजन है। यह मंदिर उत्तरी भारत का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है।
हिमाचल सरकार के आबकारी एवं कराधान विभाग में व्यापक फेरबदल करते हुए 54 अधिकारियों के तबादले किये हैं। इनमे कई जॉइंट कमिश्नर व डिप्टी कमिश्नर भी शामिल है। ये डिप्टी कमिश्नर बदले: स्टेट टैक्स एंड एक्साइज डिप्टी कमिश्नर जीडी ठाकुर को सिरमौर से शिमला, नरेंद्र सैन को कुल्लू से चंबा, कुलभूषण को हमीरपुर से नाहन, नाविंदर सिंह को चंबा से हमीरपुर, अनुपम कुमार को शिमला मंडी, प्रीतपाल सिंह को मंडी से शिमला, हरीश छाते को शिमला से कुल्लू भेजा गया है। इन सहायक आयुक्तों का हुआ तबादला: सहायक आयुक्तों में गोपाल चंद को रामपुर से सोलन, संतोष कुमार को लोअर बाजार सर्कल से मुख्यालय, किरण गुप्ता को ढली सर्कल से शिमला, सुरेन्द्र कुमार को कार्ट रोड से मुख्यालय, देव कांत प्रकाश खाची को परवाणू से शिमला, चंद्र शील भूतानी को अंबोटा से नूरपुर, भूप राम शर्मा को बद्दी से सिरमौर, जीवन लाल को बद्दी से नालागढ़, अविनाश को बरोटीवाला से कालाअंब, प्रेम सिंह को कालाअंब से घुमारवीं, किशोर कुमार को नाहन से नार्थ जोन के लिए बदला गया है। वीरेंद्र दत्त को हमीरपुर से शिमला, संजय शर्मा को नूरपुर से ऊना, रमेश कुमार को हमीरपुर से सोलन, अनीता कुमारी को बिलासपुर से चंबा के लिए बदला गया है। इसके अतिरक्त अश्वनी कुमार को कालाअंब से बंजार कर्म सिंह को रोहडू से रामपुर, विपिन पोसवाल को शिमला से ढली, सरिता गौढ़ को सोलन से शिमला, बाबू राम नेगी सोलन से नूरपुर, मनोज कुमार को सोलन से मंडी, प्रताप सिंह सिरमौर से बिलासपुर, लाल चंद को पांवटा साहब से भोरंज, संदीप अत्री को नाहन से स्तोन, ललित पोसवाल को घुमारवीं से सुंदरनगर, सतेंद्र कुमार बिलासपुर से कालाअंब, निष्ठा बाली बिलासपुर से हमीरपुर, नवजोत शर्मा बिलासपुर से धर्मशाला, शिल्पा कपिल सुंदरनगर से नेरचौक, मोहन लाल करसोग से मंडी, कर्मचंद कुल्लू से रोहडू, गग्नीश कुमार हमीरपुर से बद्दी, रविन्द्र कुमार को नादौन से नाहन, विशाल गोरला भोरंज से किन्नौर, मुकेश कुमार टोकी (नूरपुर) से नूरपुर सर्कल, पंकज सूद मेहतपुर से परवाणू, अनिल कुमार अम्ब से गगरेट, सचिन कुमार ऊना से परवाणू, अजय कुमार को चंबा से ऊना, देवी राम किन्नौर से शिमला, कंवर शाह देव कटोच पालमपुर से हमीरपुर, सुरिंद्र कुमार को बद्दी से बिलासपुर तथा प्रवीण ठाकुर को सद्भावना स्कीम से बद्दी के लिए तब्दील किया है। ये ज्वाइंट कमिश्न भी बदले: हितेश शर्मा को पालमपुर से मुख्यालय शिमला में तैनाती दी गई है जोकि नॉर्थ जोन कार्यालय पालमपुर में ही बैठेंगे। विवेक महाजन को मुख्यालय से नार्थ जोन फ्लाइंग स्क्वाड पालमपुर, रमेश कुमार को मंडी से शिमला, राजीव डोगरा का सेंट्रल जोन मंडी के लिए तबादला किया गया है।
-आर्थिकी के सुदृढ़ीकरण में पशुपालकों की अहम भूमिका-पुरूषोत्तम गुलेरिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के मथुरा से आज किसान हित में अनेक कल्याण योजनाओं का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का लाईव प्रसारण किया गया। इसी कड़ी में सोलन जिला के कंडाघाट उपमंडल के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र डेढ़ घराट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसान कल्याण योजनाओं के शुभारंभ के लाईव प्रसारण हुआ। इस अवसर पर राज्य खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया ने उपस्थित पशु पालकों को संबोधित किया। इस अवसर पर पशुपालकों को पशुओं के खुरपका व मुंह पका रोग एवं इससे बचाव की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाएं और विभिन्न कार्यक्रम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों से आग्रह किया जब पशु रोगग्रस्त हों तो उनका विशेष ध्यान रखें। खुरपका तथा मुंह पका रोग के लिए हमेशा जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2025 तक इस रोग को नियंत्रित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने पशुपालकों से आग्रह किया कि पशुओं का टीकाकरण समय पर करवाएं ताकि पशु स्वस्थ रहें। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि गर्भित गाय व भैंस के लिए अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत पशु आहार योजना कार्यान्वित की जा रही है। योजना के तहत गर्भित पशु के लिए गर्भकाल के लिए अंतिम तीन माह में 3 किलोग्राम पशु आहार उपलब्ध करवाया जाता है। योजना के तहत अब तक 2250 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। यह योजना सामान्य श्रेणी के बीपीएल परिवारों के लिए भी है। इस योजना के लि 4 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में प्रति वर्ष 60 हजार करोड़ रुपए पशुओं के उपचार पर खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि पशु पालकों को लाभान्वित करने और पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश स्तर पर अनेक नवीन योजनाओं का क्रियान्वयन विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में फिट इंडिया, हिट इंडिया कार्यक्रम का शुभारंभ किया है जिसमें युवाओं को व्यायाम नियमित दिनचर्या में अपनाने का आग्रह किया गया है ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थी को 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर से 2 अक्तूबर, 2019 तक स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस स्वच्छता पखवाड़ा में अपना योगदान सुनिश्चित बनाएं तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को स्वच्छता से संबंधित शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नितिन ने पशुपालकों को खुरपका व मुंह पका रोग के कारण व बचाव के बारे में सारगर्भित जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर दुधारू पशु सुधार सभा सोलन के अध्यक्ष रविंद्र परिहार, भाजपा मंडल सोलन के महासचिव मदन ठाकुर, ग्राम पंचायत मही के प्रधान नंद किशोर, उपनिदेशक पशुपालन प्रदीप शर्मा, बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान कंडाघाट के प्रधान वैज्ञानिक डीडी शर्मा, सहित बड़ी संख्या में किसान व पशुपालक उपस्थित थे।
प्राथमिक पाठशालाओं की खंड धुंधन की खंड स्तरीय अंडर-12 छात्र-छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसन्तपुर में समापन हुआ। समापन अवसर पर मुख्यतिथि सेवानिवृत्त मुख्य शिक्षक गम्भीर सिंह कंवर ने शिरकत की।इस अवसर पर स्थानीय लोगों व स्कूल प्रशासन ने जोरदार रूप से उनका स्वागत किया।मुख्यतिथि ने सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यतिथि ने 8 जोन से आये हुए करीब 341 प्रतिभावान खिलाड़ियों द्वारा आयोजित भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। वहीँ स्थानीय पाठशाला के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। छात्र कबड्डी में धुंधन प्रथम व बलेरा द्वितीय स्थान पर रहा, खो-खो में घडयाच प्रथम व सूरजपुर द्वितीय स्थान पर, वॉलीबॉल में नवगांव प्रथम व मांगल द्वितीय स्थान पर रहा। छात्राओं में कबड्डी में मांगल प्रथम व बलेरा द्वितीय स्थान पर रहा,खोखो में घड़याच प्रथम व नवगांव द्वितीय स्थान पर रहा। मुख्य अतिथि द्वारा अन्य सभी विजेता टीमों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया।इस अवसर पर सेवानिवृत्त अध्यापक गम्भीर सिंह,पूर्व प्रधान दसेरन भूप सिंह,नरेंद्र हांडा एसएमसी प्रधान इंद्रजीत,पंचायत प्रधान आशा देवी,जिला कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता,सीताराम,सतपाल प्रकाश,कश्मीर सिंह,अध्यक्ष रक्षा गुप्ता,सचिव नंदलाल शर्मा,प्राथमिक शिक्षक संघ धुंधन के प्रधान नरेंद्र शर्मा,सचिव ज्ञानचंद,पुरुषोत्तम भारद्वाज,भजन दास,वरिष्ठ अधीक्षक कार्यालय हुकमचंद,रामलाल शर्मा,मीरा कश्यप,चंपा देवी व स्थानीय जनता शामिल रही।
देवभूमि व्यासपुर संस्था ने बढ़ाया कदम मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जो इस धर्म पर चलता है वो समाज मे परिवर्तन लाने का भी साहस रखता है...इसी दिशा में देवभूमि व्यासपुर संस्था ने भी कदम बढ़ाया है।झंडूता के गांव गालियां में 17 वर्षीय बच्चा किडनी सिकुड़ने के कारण ज़िन्दगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन परिवार की हालत इतनी खराब की इलाज कराने के लिये पैसे नही है। ऐसे में संस्था ने आगे आते हुए जरूरतमंद परिवार की मदद की है और 15000 की राशि देकर जख्मो पर थोड़ा महरम लगाने की कोशिश की है। पीड़ित अजय के पिता देवराज ड्राइवर है और जो कमाते है वो घरखर्च में लग जाता है लेकिन आजकल बच्चे की बीमारी की वजह से अपना काम भी छोड़ना पड़ा है और बच्चे की देखभाल करनी पड़ रही है। जाहिर सी बात है इलाज के लिए पैसे की जरूरत है। अजय के पिता अपने बेटे के लिए अपनी किडनी देने को तैयार है। डॉक्टरों ने बच्चे का चेकअप करके एक महीने में परिवार को फ़ाइल तैयार करने और दूसरी औपचारिकताएं पूरी करने को कह दिया है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता पैसे की है। ऐसे में परिवार चिंतित है। वही देवभूमि व्यासपुर संस्था ने पीड़ित परिवार से मिलकर हरसम्भव मदद देने का भरोसा दिलाया है। संस्था अध्यक्ष अजय ठाकुर ने संस्था सदस्यों के साथ मिलकर परिवार से मुलाकात की और इस दुख की घड़ी में साथ देने का वादा किया है।
पशुपालकों के लिए जागरूकता कार्यशाला का भी किया गया आयोजन किसान विज्ञान केंद्र बरठी में पशुपालन विभाग के सौजन्य से राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के शुभारंभ का लाइव प्रसारण किया गया। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम का शुभारंभ मथुरा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। लाईव प्रसारण कार्यक्रम के उपरांत विधायक विधानसभा क्षेत्र झण्डुता जेआर. कटवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पशुओं में होने वाली मुंहपका-खुरपका एवं ब्रूसेलोसिस जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए निशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। उन्होने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत बछड़ी पैदा करने वाले वीर्य तकनीक की भी शुरुआत की गई। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पशुओं को मुंहपका-खुरपका एवं ब्रूसेलोसिस जैसी गंभीर बीमारियों को 2025 तक जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने बताया कि पशुओं में होने वाली इन गम्भीर बीमारियों से 2030 तक भारत को बीमारी मुक्त घोषित किया जाएगा। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस मौके पर 7 सौ जिलों के किसान विज्ञान केंद्रों में इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर इन बीमारियों की रोकथाम के लिये निःशुल्क टीकाकरण भी किया गया। इस अवसर पर उपनिदेशक पशुपालन विभाग डॉ अविनाश शर्मा ने मुख्यतिथि का स्वागत किया तथा विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के अतिरिक्त बछड़ी पैदा करने वाली वीर्य तकनीक की भी जानकारी प्रदान की। डॉ श्याम शर्मा ने मुंहपका-खुरपका के बारे में तथा डॉ सोना कटोच ने ब्रूसेलोसिस एवं कृत्रिम गर्भाधान के बारे में विस्तृत जानकारी देकर कार्यशाला में उपस्थित लभभग 90 पशुपालकों को जागरूक किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र कार्यक्रम समन्वयक डॉ सुमन कुमार, डॉ रविंद्र कुमार, मंडल महामंत्री दिनेश चंदेल, उपप्रधान राकेश, हरवंश के अतिरिक्त स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कहा कि प्रवक्ता सरकारी कार्यक्रम में किस हैसियत से थे मंच पर निगम और बोर्ड में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद न मिलते से छटपटाहट ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुखाला बाबू राम सिसोदिया व श्री नयना देवी ब्लॉक अध्यक्ष रणजीत सिंह ने पूर्व भाजपा विधायक रणधीर शर्मा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हार के बाद रणधीर शर्मा को उम्मीद थी की उन्हें निगम और बोर्ड में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसकी टीस आज भी उनके मन में है। यही कारण है कि अब वह लोगों को भड़काने में लग गए है। उक्त लोगों ने कहा रणधीर शर्मा ने अपने आप विधायक रहते तो श्री नयना देवी में कोई विकास नहीं करवाया। अब जब अपनी सरकार है तो विकास कार्य को रोक कर रखा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को समय रहते रणधीर शर्मा को प्रवक्ता पद से मुक्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से रणधीर शर्मा जनमंच में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे और मंत्री के पीए के रूप में कार्य कर रहे थे शायद वह भूल गए थे कि श्री नयना देवी के लोगों ने उन्हें घर बैठा दिया है। उक्त लोगों ने सरकार से पूछा है कि वह बताए की एक सरकारी कार्यक्रम में पार्टी प्रवक्ता किस हैसियत से मंच पर मंत्री के साथ बैठे थे इसका जबाव लोगों को दें। उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी चाहिए कि सरकारी कार्यक्रमों से अपने राज्य प्रवक्ता को दूर रखें अन्यथा जिस तरह से आज उनके जनता ने मुर्दाबाद के नारे लगाए हैं हो सकता है आने वाले समय में जनता उनको कलाई से पकड़ के राजकीय आयोजनों से बहार निकाल दे। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि पूर्व विधायक पार्टी और सरकार में अपनी अनदेखी के कारण बौखला गए है। जिस कारण जहां भी उन्हें मौका मिलता है वह पार्टी को नुकसान पहुंचाने और अपनी भड़ास निकालने से बाज नहीं आते। समीक्षा बैठक 13 सितम्बर को श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम लाल ठाकुर दिनांक 13 सितम्बर को स्वारघाट में स्थानीय प्रशासन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह जानकारी बाबू राम सिसोदिया व रणजीत सिंह ठाकुर अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस जुखाला व् श्री नैना देवी जी ने दी। उन्होंने बताया कि इसमें विधायक प्राथमिकता तथा विधायक निधि के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक में एसडीएम स्वारघाट, आईपीएच, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग, वन विभाग, बीडीओ स्वारघाट, इत्यादि विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। जिला परिषद के चेयरमैन अमरजीत सिंह बंग्गा जी विशेष तौर पर मौजूद रहेंगे ।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट व नम्होल यूनिट की मासिक बैठक मुख्य संरक्षक मंडल बीएम दुरानी की अध्यक्षता में हुई। महासचिव प्रेम केशव ने बताया कि इस बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा हुई। इनमें 65, 70, 75 वर्ष पूरा करने पर 5,10,15 प्रतिशत की दर से भत्ते का बेसिक पेंशन में समायोजित करना व जीआईएस का भुगतान नहीं हो पाना प्रमुख है। यूनिट के सदस्यों ने बिलासपुर डिवीजन के एक्सईएन से आग्रह किया गया कि तुरंत सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मांगों बारे कार्यवाही की जाए।इस दौरान बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।इस अवसर पर सुखराम नड्डा,नंदलाल,प्रेम केशव, बीएम दुरानी, सीताराम,परसराम, लेखराम,श्यामलाल ठाकुर,जगन्नाथ, बद्री राम,दिलाराम,धनीराम सरदार, निक्कू राम, फुलू राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रूमीत सिंह ठाकुर को राष्ट्रीय क्षेत्रिय महासभा युवा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें इस पद से राष्ट्रीय क्षेत्रिय महासभा के संस्थापक कुंवर देवेंद्र सिंह ने मनोनीत किया है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण देश में राष्ट्रीय क्षेत्रिय महासभा लगभग 10 राज्यों में राजपूत समाज को संगठित करने के लिए सक्रिय है। इसी के चलते हिमाचल प्रदेश को सहयोग करने के लिए व अन्य राज्यों में देवभूमि क्षेत्रिय संगठन का सहयोग लेने के उद्देश्य से राजपूत समाज को संगठित करने , जातिगत आरक्षण के खिलाफ लड़ाई लड़ने, एट्रोसिटी एससी एसटी एक्ट जैसे काले कानून के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए संगठन के साथ काम करने का निर्णय लिया गया है।
जिला सोलन के कामगारों / श्रमिकों का सम्मेलन कुनिहार के एवरग्रीन होटल के सभागार मेंआयोजित किया गया।इसमें जिला के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग दर्जनों कामगारों एवं श्रमिकों ने भाग लिया ।सम्मेलन में विशेष अतिथियों में भारतीय मजदूर संघ के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र ठाकुर, प्रदेश के सचिव देवीदत्त तंवर ,रतन ठाकुर ,जिला अध्यक्ष नंदलाल अर्की ब्लॉक के अध्यक्ष देवीराम शर्मा ,महामंत्री सुरेश शर्मा, बलदेव ठाकुर ,चेतराम तंवर उपस्थित रहे। अधिवेशन को सुरेंद्र ठाकुर, देवी दत्त तंवर, रतन ठाकुर ,मोहनलाल, देवीरूप ने संबोधित किया तथा भारतीय मजदूर संघ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सर्व सम्मति से अर्की ब्लॉक के भवन निर्माण कामगार संघ (सम्बंधित ) भारतीय मजदूर संघ का गठन कर बलदेव ठाकुर को अध्यक्ष व संजय कुमार को महामंत्री चुना गया। जिला सोलन के भवन एवं कामगार संघ का भी गठन किया गया। इसमें मोहनलाल वर्मा को अध्यक्ष तथा सुरेश शर्मा को महामंत्री जबकि प्रीतम जॉनी को संयुक्त सचिव बनाया गया है।शेष कार्यकारणी के अन्य पदाधिकारियों औरत कार्यकारिणी के मनोनयन का अधिकार उन्हें दिया गया।बलदेव ठाकुर ने आये हुए सभी विशेष अतिथियों और लोगों का धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ खंड धुंधन के 3 वर्षीय चुनाव बुधवार को करवाए गए। यह चुनाव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंधन में खण्ड चुनाव अधिकारी सतीश कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुए। इस चुनाव मे खंड के अध्यक्ष की कमान मानक चन्द शर्मा को सौंपी गई। वहीं संजय कुमार को महासचिव व तुलसी राम को वित्त सचिव की जिम्मेवारी सौंपी गई। इस मौके पर शिक्षकों व विद्यार्थियों से सम्बंधित विषयों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।
83 की उम्र में कांग्रेस को बनाना पड़ा सीएम फेस साल था 2017 का। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चूका था। भाजपा में सीएम फेस को लेकर दुविधा थी और अंतिम क्षण तक पार्टी सीएम फेस घोषित करने से बचती रही। उधर, कांग्रेस के सामने कोई दुविधा नहीं थी। 83 वर्ष के वीरभद्र सिंह पार्टी के सीएम कैंडिडेट थे और अकेले भाजपा से लोहा ले रहे थे। संभवतः इससे पहले और इसके बाद भी इतने उम्रदराज नेता को हिंदुस्तान में कभी भी, किसी भी चुनाव में सीएम फेस नहीं घोषित किया गया। दिलचस्प बात ये है कि इस निर्णय को लेकर शायद ही कांग्रेस आलाकमान के मन में कोई दुविधा रही हो, क्यों कि हिमाचल में कांग्रेस की जड़ें उतनी गहरी नहीं है, जितनी वीरभद्र सिंह की है। खेर, कांग्रेस चुनाव हार गई पर हिमाचल में वीरभद्र का जलवा अब भी बरकरार है। अब उम्र 85 की हो चुकी है, सेहत भी नासाज रहती है पर वीरभद्र का जुनून कायम है। 1962 में हुई चुनावी राजनीति में एंट्री : प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रेरणा से वीरभद्र सिंह ने राजनीति में आने का निर्णय लिया। नेहरू की बेटी और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष इंदिरा गाँधी भी तब वीरभद्र से खासी प्रभावित थी। इंदिरा के कहने पर 1959 में वीरभद्र सिंह दिल्ली से हिमाचल लौटे और लोगों के बीच जाकर उनके लिए काम करना शुरू किया। वीरभद्र का ताल्लुख तो रामपुर- बुशहर रियासत से है लेकिन जल्द ही वे शिमला क्षेत्र में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा बन गए। नतीजन 1962 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें महासू ( वर्तमान शिमला ) सीट से उम्मीदवार बनाया। 28 वर्ष के वीरभद्र आसानी से चुनाव जीत गए और पहली मर्तबा लोकसभा पहुंचे। इसके बाद 1967 और 1972 में वीरभद्र मंडी से चुनाव लड़ लोकसभा पहुंचे। हालांकि इमरजेंसी के बाद 1977 के लोकसभा चुनाव में वीरभद्र को हार का मुँह देखना पड़ा। पर उन्होंने अपनी निष्ठा नहीं बदली और इंदिरा गाँधी के वफादार बने रहे। 1980 में फिर चुनाव हुए और वीरभद्र सिंह एक बार फिर जीत कर लोकसभा पहुँच गए। 1982 में इंदिरा सरकार में उन्हें उद्योग राज्य मंत्री भी बना दिया गया। 1983 में हुई हिमाचल की सियासत में एंट्री : वीरभद्र वर्ष 1962 से चुनावी राजनीति में है पर हिमाचल प्रदेश की सियासत में उनका आगमन हुआ वर्ष 1983 में। तब टिम्बर घोटाले के आरोप के चलते ठाकुर रामलाल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और बतौर मुख्यमंत्री एंट्री हुई वीरभद्र सिंह की। वहीँ वीरभद्र सिंह जो 6 बार सीएम बने और जिनके बगैर हिमाचल की हर राजनैतिक चर्चा अधूरी है। वहीँ वीरभद्र सिंह, हिमाचल में जिनका मतलब कांग्रेस है और कांग्रेस का पर्याय वीरभद्र।1983 से अब तक यानी 2019 तक तक 36 वर्षों में वीरभद्र सिंह करीब 22 वर्ष सीएम रहे है। वीरभद्र के बाद कोई नहीं कर पाया रिपीट: हिमाचल में हर पांच वर्ष में सत्ता परिवर्तन का रिवाज सा है। पर 1983 में सत्ता में आये वीरभद्र सिंह 1985 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर सत्ता में लौटे और दूसरी बार सीएम बने। इसके बाद से हिमाचल में कभी सरकार रिपीट नहीं हुई। 1993 में फिर की वापसी : 1990 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। खुद वीरभद्र सिंह भी जुब्बल कोटखाई से चुनाव हार गए थे। ऐसा लगने लगा था कि शायद ही वीरभद्र इसके बाद कभी सीएम बने। ऐसा इसलिए भी था क्योकि तब पंडित सुखराम और विद्या स्ट्रोक्स का भी हिमाचल और कांग्रेस में ख़ासा दबदबा था। पर जो आसानी से हार मान ले, वो वीरभद्र सिंह नहीं बनते। हार के बाद वीरभद्र ने संगठन में अपनी जड़े और मजबूत की और विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा बने रहे। शांता सरकार की गिरती लोकप्रियता को भी उन्होंने जमकर भुनाया। 1993 में शांता सरकार गिरने के बाद जब चुनाव हुए तो वीरभद्र सिंह तीसरी बार प्रदेश के सीएम बने। 1998 में भी कांग्रेस प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई लेकिन पंडित सुखराम के सहयोग से सरकार भाजपा की बनी। 2003 में फिर वीरभद्र सिंह की वापसी हुई और वे दिसंबर 2007 तक हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे। 2007 में सत्ता से बहार होने के बाद वीरभद्र सिंह ने केंद्र का रुख किया और 2009 से 2012 तक केंद्र में मंत्री रहे। 2012 में कई नेताओं के मंसूबों पर फेरा पानी: 2012 विधानसभा चुनाव के वक्त वीरभद्र सिंह की आयु 78 के पार थी। केंद्र में मंत्री होने के चलते शायद ही किसी को वीरभद्र के लौटने की उम्मीद रही हो। कांग्रेस में भी कई चाहवान सीएम की कुर्सी पर आँखें गड़ाए बैठे थे। पर वीरभद्र को तो अभी दिल्ली से शिमला वापस लौटना था। चुनाव से पहले वीरभद्र ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और हिमाचल लौट आये। कहते है कि वीरभद्र ने दिल्ली दरबार को स्पष्ट कर दिया था कि सीएम तो वे ही होंगे, चाहे पार्टी कोई भी हो। तब भी हिमाचल में माइनस वीरभद्र कांग्रेस की ख़ास हैसियत नहीं थी। सो आलाकमान झुका और वीरभद्र सिंह की लीडरशिप में चुनाव लड़ा गया। सत्ता परिवर्तन का सिलसिला भी बरकरार रहा और वीरभद्र सिंह रिकॉर्ड छठी बार सीएम बन गए। इतिहास पढ़ाना चाहते थे, इतिहास बना दिया: शिमला का बिशप कॉटन स्कूल हिमाचल का ही नहीं अपितु देश के प्रतिष्ठित स्कूलों में शुमार है। स्कूल के दाखिला रजिस्टर में नंबर 5359 के आगे नाम लिखा है वीरभद्र सिंह। उस दौर में जब रामपुर- बुशहर रियासत के राजकुमार वीरभद्र ने बिशप कॉटन स्कूल में दाखिला लिया था तो किसी ने नहीं सोचा होगा कि स्कूल का नाम उस शख्सियत से जुड़ने जा रहा है जो आगे चलकर 6 बार हिमाचल का सीएम बनेगा। स्कूल पास आउट करने के बाद वीरभद्र ने दिल्ली के सैंट स्टीफेंस कॉलेज में हिस्ट्री होनोर्स में बीए और एमए की। हसरत थी हिस्ट्री का प्रोफेसर बन छात्रों को पढ़ाने की। पर देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था। जो वीरभद्र छात्रों को इतिहास पढ़ाना चाहते थे, उन्होंने खुद इतिहास बना दिया। सबसे अधिक समय तक हिमाचल का सीएम रहना का रिकॉर्ड वीरभद्र सिंह के ही नाम है। वे करीब 22 वर्ष और कुल 6 बार हिमाचल के सीएम रहे है। श्री कृष्ण परिवार की 122 वीं पीढ़ी होने का दावा वीरभद्र सिंह का परिवार बागवान श्री कृष्ण के वंशज होने का दावा करता है। दरअसल,रामपुर बुशहर रियासत में एक स्थान आता है सराहन। राज परिवार का दावा है कि ये सराहन पहले सोनीपुर के नाम से जाना जाता था और भगवान् श्री कृष्ण के पुत्र प्रद्युमन की रियासत का हिस्सा था। वीरभद्र सिंह का विवाह दो बार हुआ। 20 साल की उम्र में जुब्बल की राजकुमारी रतन कुमारी से उनकी पहली शादी हुई। किन्तु कुछ वर्षों बाद ही रतन कुमारी का देहांत हो गया। इसके बाद 1985 में उन्होंने प्रतिभा सिंह से शादी की। प्रतिभा सिंह भी मंडी से सांसद रह चुकी है। वीरभद्र और प्रतिभा के पुत्र विक्रमादित्य सिंह भी वर्तमान में शिमला ग्रामीण से विधायक है।
हर वर्ष त्योहारों में भूषण ज्वेलर्स अपने ग्राहकों के लिए आकर्षक स्कीम लेकर आता है। इस वर्ष भी भूषण ज्वेलर्स द्वारा स्वर्ण समृद्धि योजना लांच की जा रही है। इस योजना के तहत ग्राहकों के लिए खरीदारी पर लाखों के इनाम जीतने का सुनहरा मौका है। 10 सितम्बर से 14 दिसंबर तक चलने वाली इस योजना के तहत खरीदारी करने पर पहले पुरस्कार के तौर पर ढाई लाख के आभूषण जीतने का मौका होगा। जबकि दो भाग्यशाली विजेताओं को दुबई टूअर पर जाने का अवसर मिलेगा। योजना के तहत कुल 101 इनाम रखे गए है जिनमें तीन एक्टिवा स्कूटर, 5 एलईडी टीवी ( 32 इंच), 5 वाशिंग मशीन, 15 स्ट्रॉली बैग, 15 डिनर सेट, 15 इंडक्शन, 20 क्विल्ट सेट व 20 स्ट्रीम प्रेस भी शामिल है। भूषण ज्वेलर्स के मालिक विनय गुप्ता ने बताया कि भूषण ज्वेलर्स द्वारा हर वर्ष त्योहारों पर इस तरह की स्कीम लांच की जाती है, जिसे ग्राहक खूब पसंद करते है। 2018 में सौभाग्य उत्सव योजना लांच की गई थी जिसमें प्रथम पुरस्कार के तौर पर कार भेंट की गई थी। इसके अतिरक्त भी लाखों के इनाम ग्राहकों को दिए गए थे। इसी तरह 2017 में भूषण ज्वेलर्स ने धनलक्ष्मी वर्षा नामक योजना के अंतर्गत लाखों रुपए के नकद इनाम वितरित किए थे। नकद पुरस्कारों में ढाई लाख का मैगा बंपर पुरस्कार रखा गया था, जिसे ग्राहक दिवाकर त्रिपाठी ने जीता। लाजवाब है भूषण के आभूषण .... चाहे स्वर्ण आभूषण हो, हीरे के आभूषण या चांदी के आभूषण व अन्य वस्तुएं, भूषण ज्वेलर्स में बेहतरीन रेंज उचित दाम पर उपलब्ध है। इससे भी जरूरी है ग्राहकों का भरोसा, जो ग्राहक एक बार शोरूम में पहुंचता है वो भूषण परिवार का हिस्सा बन कर रह जाता है। यही कारण है कि प्रदेश के हर जिले से लोग आभूषण खरीदने के लिए भूषण ज्वेलर्स आते हैं। भूषण ज्वेलर्स के शोरूम में सोने-चांदी और डायमंड आभूषणों की विस्तृत रेंज उपलब्ध है। इसमें एंटीक, कुंदन, टेंपल, पारंपरिक पहाड़ी ज्वैलरी की पूरी रेंज आकर्षक डिजाइनस के साथ उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त चांदी के आभूषणों में बैंकॉक की ज्वैलरी, टरकीयन, इटालियन चेन की विभिन्न किस्में भी ग्राहकों को लुभा रहें है। इसी तरह ग्राहकों की मांग को देखते हुए चांदी के बर्तन, शोपीस तथा अन्य सभी प्रकार के घरेलू सजावटी सामान भी विशेष रूप से तैयार किए जा रहें है, वो भी न्यूनतम बनवाई शुल्क पर ।
माजरा थाने के अंतर्गत आज दोपहर बाद मनोज पुत्र सतपाल निवासी धौलाकुआं उम्र 17 साल नहाते समय गांव खम्बानगर के नजदीक मण्डी खाला गुज्जर कुड मे डुब कर मृत्यु हुई है । प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक नदी में नहाने गया हुआ था कि काफी देर तक घर वापस न लौटने पर जब घर वालों ने उसके फोन पर फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया। थोड़ी देर बाद वहां पर ओर लोग नहाने आए तो घरवाले जब फोन कर रहे थे तो वहां पर आए अन्य लोगों ने फोन उठाया तो घर वालो को युवक के कपड़े वहाँ पड़े होने की बात बताई । तभी परिवार वाले घबरा गए ओर सारे मामले की जांच के लिए काफी ग्रामीण वहां पर एकत्रित हुए । उसके बाद मामले की सूचना माजरा पुलिस को दी गयी। मौके पर माज़रा पुलिस पहुँच कर जांच में जुड़ चुकी है । मामले की पुस्टि थाना प्रभारी सेवा सिंह ने की है ।उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा ।
पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को सुदृढ बनाया जा रहा है ताकि ग्रामीण स्तर पर विकास कार्य सीधे तौर पर पंचायतों द्वारा किए जाने से प्रदेश के विकास को गति मिल सके। यह बात सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने ग्राम पंचायत सिहडा में लगभग 4.50 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले सभागार कक्ष का शिलान्यास करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्यों का लाभ निचले स्तर पर जरूरतमंद लोगों तक पहंुचाने तथा विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित बनाने के लिए अनेकों योजनाएं आरम्भ की है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों के परिवारों को किसी न किसी योजना से जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि उन्हें गरीबी रेखा से ऊपर लाया जा सके। उन्होने कहा कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों का जीवन स्तर सुधारने के लिए भी हर संभव मदद दी जा रही है। हर व्यक्ति को घर, बिजली, पानी, स्वास्थ्य बीमा तथा रसोई गैस की सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि खाना पकाने के लिए वर्षों से लकड़ियों का इस्तेमाल करने वाले परिवारों के लिए प्रदेश सरकार की गृहिणी सुविधा योजना वरदान साबित हुई है। योजना के तहत पात्र परिवार जहां निशुल्क गैस कनेक्शन मिलने से लाभान्वित हो रहे हैं, वहीं गृहिणियों को रसोई के धुएं से भी निजात मिली है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 2 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिला है। उन्होने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए देश में आयुष्मान भारत योजना को लागू किया गया है ताकि आम आदमी को अपने स्वास्थ्य का लाभ लेने के लिए किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होने बताया कि जो परिवार आयुष्मान भारत योजना मंे कवर नहीं हुए उनके लिए प्रदेश में हिमकेयर योजना शुरू की गई है। ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति और जो बड़ी आय वाले लोग भी स्वास्थ लाभ लेना चाहते है तो वे हिमकेयर योजना के तहत स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। उन्होने कहा कि ग्रामीण स्तर तक लोगों को बेहतर यातायात की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए ग्रामीण सडकों को चैडा किया जा रहा है। उन्होने कहा कि बिलासपुर से बंदला सडक को चैडा करने के लिए लगभग 30 करोड की डीपीआर तैयार की जा रही है। उन्होने सिहडा से मैथली, पट्टा सडक निर्माण के लिए विधायक निधि से 2 लाख रूपए स्वीकृत किए। उन्होने कहा कि सिहडा में लोगों सुचारू रूप से पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 1 लाख 40 हजार रूपए खर्च करके 3 जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होने लोगों की समस्याएं भी सुनी। पंचायत प्रधान सिहडा भूरी देवी ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए स्थानीय पंचायत की समस्याओं तथा मागों के बारे में अवगत करवाया। कार्यकारी बीडीओ. मनमोहन शर्मा ने पंचायत में चल रहे विभिन्न विकास कार्याें की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रवक्ता जिला युवा मोर्चा विनोद, शहरी ईकाई के अध्यक्ष सुनील, हर्ष मैहता, अंजूल शर्मा, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष आशीष ढिल्लों, एक्सीएन पीडब्ल्यूडी. वीएन पराशर,एसडीओ. विद्युत, आईपीएच. के अतिरिक्त विभागों के अधिकारी उपस्थित उपस्थित रहे।
बिलासपुर नगर के डियारा सेक्टर में रहने वाले प्रसिद्ध रंगकर्मी व बॉलीवुड कलाकार संजय हंस का बीती रात हृदय गति रूक जाने के कारण निधन हो गया। वे करीब 52 वर्ष के थे। रंगमंच तथा हर सांस्कृतिक मंच पर अपनी अनूठी छाप रखने वाले संजय हंस का नाम उत्तरी भारत में शिद्दत से लिया जाता था। अविवाहित संजय हंस वर्तमान में डैहर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जाता है कि कल रात उनकी छाती में दर्द उठा तथा उन्हें बरमाणा लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें बिलासपुर रैफर कर दिया। बताया जाता है कि तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बिलासपुर के ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में संजय हंस अपनी कला की अमिट पहचान बना चुके हैं। इस हृदयविदारक घटना से समूचे कला जगत को बड़ा आघातपहुंचा है। सुरीले गायक और मंझे हुए कलाकार संजय हंस ने सैंकड़ों नवोदित कलाकारों को कला की बारीकियां सिखाई है। कई स्कूलों में उन्होंने बतौर ट्रेनर बच्चों को शिक्षा दी है। दिल्ली दूरदर्शन पर बहुचर्चित बच्चों के धारावाहिक टर्रमटू में उन्होंने अहम किरदार निभाया है। इसके अलावा अनगिनत प्ले, जागरण व उत्सवों में लोगों का मनोरंजन कर चुके हैं। वहीं श्री राम नाटक समिति बिलासपुर के अध्यक्ष नरेंद्र पंडित ने संजय हंस के निधन पर कला जगत के लिए बहुत बड़ा धक्का बताते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति की कामना ईश्वर से की है।
ट्रैजरी में कार्यरत एक वरिष्ठ सहायक पर करीब 21 लाख रुपए की हेराफेरी का आरोप लगा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। सोलन जिला कोषाधिकारी सोलन अलिशा चौहान की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। सोलन पुलिस को जिला कोषाधिकारी सोलन अलिशा चौहान ने एक शिकायत दी है। इसमें आरोप लगाया गया है कि इन कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक अनिल ने हेराफेरी करके अपने खाते में करीब 21 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी कार्यालय में सभी विभागों का डिपोजिट एंड रिफंड का कार्य करता है। आरोप यह लगा है कि अनिल ने अनधिकृत रूप से 30 मई 2019 को 4,58,762 रुपए व 11 जून 2029 को 17,36,224 रुपए ( कुल 24,94,986 रुपए) वास्तविक लाभार्थी को न देने पर उपरोक्त राशि को अपने व्यक्तिगत खाता में स्थानांतरित कर लिया। कार्यालय के अभिलेख का अवलोकन करने पर पाया गया कि अनिल कुमार ने विभाग के अभिलेख में चालाकी से हेराफेरी इस रकम को स्थानांतरित किया है। इस शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके आगामी जांच शुरू कर दी है। जिला पुलिस के मीडिया प्रभारी एवं एएसपी शिव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय मशरूम मेला 2019 का आयोजन 10 सितंबर, 1997 को भारतीय मशरूम सम्मेलन के दौरान हिमाचल के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोलन को भारत की मशरूम सिटी घोषित किया था। सोलन शहर के योगदान व मशरूम रिसर्च, इसे लोकप्रिय बनाने की दिशा में डीएमआर के प्रयासों को देखते हुए सोलन को ये दर्जा मिला था। खुम्ब शहर सोलन की 22वीं वर्षगांठ के मौके पर पिछले वर्षों की भांति भाकृअप-खुम्ब अनुसंधान निदेशालय, चम्बाघाट, सोलन के द्वारा, राष्ट्रीय मशरूम मेले का आयोजन 10 सितम्बर, 2019 को किया गया। इस मेले को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई-नई तकनीकियों से अवगत कराना तथा इसकी खेती करने में आ रही समस्याओं का मिल-जुलकर निवारण करना होता है। जिला सोलन खुम्ब उत्पादन में हिमाचल का प्रारम्भ से ही अग्रणी जिला रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाॅ.आनन्द कुमार सिंह, उप महानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली तथा डाॅ. परविंदर कौशल, कुलपति, डाॅ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विवि, नौणी, सोलन (हि0प्र0), डाॅ. मनजीत सिंह, पूर्व निदेशक, भाकृअनुप-खुम्ब अनुसंधान निदेशालय, सोलन एवं डाॅ. बी.के. पाँडे, प्रधान वैज्ञानिक, (बागवानी विज्ञान), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली विशेष अतिथि थे। 17 राज्यों के मशरूम उत्पादकों ने लिया हिस्सा इस मेले में लगभग 1200 खुम्ब उत्पादकों, किसानों आदि ने भाग लिया जो कि लगभग 17 राज्यों जिनमें पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छतीसगढ़, तमिलनाडू, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, चण्डीगढ़, जम्मू व कश्मीर तथा मणिपुर आदि राज्यों से थे। ई-लर्निंग पोर्टल का विमोचन इस अवसर पर ई-लर्निंग पोर्टल का भी विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि डा. आनंद कुमार सिंह द्वारा कम्पोस्ट पास्चुराईजेशन इकाई एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं वृक्षारोपण किया गया। डा. वी.पी. शर्मा द्वारा उत्पादन कक्षों एवं एससीएसपी योजना के अतंर्गत बने कम लागत मशरूम घर का भ्रमण करवाया गया। इस अवसर पर निदेशालय के वार्षिक प्रतिवेदन व खुम्ब पर अखिल भारतीय अनुसंधान समन्वित परियोजना व पाँच तकनीकी फोल्डरों जिनमें वर्ष भर के विभिन्न जलवायु में उगने वाली ढींगरी खुम्ब, बेट बबल बिमारी, कोर्डीषेपस उत्पादन एवं पश्च फसल उत्पादन का विमोचन किया गया।
ज़िला लेखक संघ की बैठक रविवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पनोह में रोशन लाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें अनेक प्रकार के विषयों पर चर्चा की गई और बैठक में विभिन्न कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए समितियों का गठन किया गया। इतिहास में यह पहली बार ऐसा हो रहा है कि वार्षिक समारोह में 20 उत्कृष्ठ भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा लेखक संघ सामाजिक क्षेत्र में अपनी निशुल्क सेवाएं देने वाले 14 समाजसेवियों को भी सम्मानित करेगा। उन्होंने बताया कि इस बार होने वाला वार्षिक समारोह भूतपूर्व सैनिकों व समाजसेवियों को समर्पित रहेगा। समारोह की तैयारियों को लेकर मंगलवार 11 सितम्बर को प्रबन्धन समिति की बैठक व्यास सभागार में होगी इसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन एवं गोष्ठी आयोजित की गई इसका मंच संचालन प्रधानाचार्य रूप लाल शर्मा ने किया। कवियों ने रचनाये प्रस्तुत कर खूब समां बांधा।
भारतीय महिला रेलवे हैंडबॉल टीम के प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर हिमाचल प्रदेश हैंडबॉल संघ के कोषाध्यक्ष आशीष ढिल्लो ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी के मैदान में पहुंचने पर हैंडबॉल खिलाड़ियों व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय महिला रेलवे हैंडबाल टीम का प्रशिक्षण शिविर बिलासपुर की एक छोटी सी जगह पर लगना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। इसका सारा श्रेय सचिन चौधरी व स्नेहलता को जाता है। आज इनकी व खिलाड़ियों की वजह से पूरे भारत मे मोरसिंघी का नाम है। मोरसिंघी में ये निशुल्क एकेडमी खोल कर स्नेह व सचिन ने गांव में नई दुनिया बसा दी है। मोरसिंघी हैंडबॉल मैदान में जहां लड़कियां प्रशिक्षण लेती है वहां लड़के भी प्रशिक्षण लेते है। समापन समारोह के दौरान मुख्यतिथि आशीष ढिल्लो को मोरसिंघी पंचायत प्रधान जगदीश ठाकुर द्वारा शॉल, टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जगदीश ठाकुर, स्नेहलता,सचिन चौधरी, के आर रत्न, भगत राम शर्मा, बी डी शर्मा, आई आर शर्मा, बाबू राम, शिव राम वर्मा, बाबूराम शर्मा मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी व रेलवे के सभी खिलाड़ी मौजूद रहे।
प्राचीन शिवमंदिर दाड़लाघाट में चल रहे शिव महापुराण कथा के दसवें दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा।आचार्य भगत राम नड्डा ने श्रद्धालुओं को शिव महापुराण की कथा सुनाई। उन्होंने जीवों के कर्म एवं गुणों का वर्णन करते हुए कहा कि मानव स्वयं ही अपने सुख दुख का कारण है। इस महायज्ञ के अंतिम दिन 11 सितंबर को वैष्णो गिरी जी महाराज की चतुर्थी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। बाबा महन्त जयदेव गिरी महाराज ने कहा है कि बुधवार 11 सितम्बर को विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इसमें स्थानीय भक्तों से प्रार्थना है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भंडारे का प्रसाद अवश्य ग्रहण करें।
पांवटा साहिब में ज़मीनी विवाद के चलते मारपीट का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित मोहसिन खान व अकबर ने पुलिस द्वारा बुजुर्ग से मारपीट करने व उनको बचाने आये पड़ोसी को थाने ले जाकर उनकी भी पिटाई करने के आरोप लगाए है। इस बारे में पीड़ितो ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके और पडोसियों का ज़मीनी विवाद सुलझाने के लिए पुलिस को बुलाया गया था, लेकिन पुलिस ने आते ही एक हार्ट पेशेंट बुजुर्ग अकबर के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब उनके दो बेटे और पड़ोसी मोहसीन छुड़ाने के लिए बीच में आए तो पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं उन्हें अपराधियों की तरह खींच कर थाने भी ले जाया गया। पीड़ित मोहसीन ने कहा कि उनकी आंख पर मारपीट के दौरान चोट आई है। इस कारण उनकी देखने की क्षमता में फर्क पडा़ है। वहीं मोहसीन के शरीर पर भी निशान साफ देखे जा सकते हैं। इसके अलावा एक 17 वर्षीय नाबालिग और एक नेशनल फुटबॉल प्लेयर 19 वर्षीय को भी पुलिस ने बेरहमी के साथ थाने में पिटाई की है। वहीं मोहसिन खान ने पुलिस अधिकारी से इस मामले में तुरंत दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाई करने की मांग की है। इस बारे में पांवटा के थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि ज़मीनी विवाद सुलझाने के लिए पुलिस मौके पर गई थी। इस दौरान पुलिस द्वारा किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है बल्कि खुलेआम सड़क पर पुलिस के साथ गाली गलोच और धक्का-मुक्की हुई है। इसका वीडियो भी सामने आया है ,आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
पांवटा साहिब के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल माजरा में अंडर 19 बॉयज ज़िला स्तरीय खेलों का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल के छात्रों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए फुटबॉल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरी ओर इसी स्कूल के खिलाड़ियों ने बास्केटबॉल तथा एथेलेटिक्स प्रतियोगिता में उच्च कोटि का प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया। हर्ष का विषय यह है कि फुटबॉल टीम के चार, बास्केटबॉल के पांच व एथलीट के दो खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए, वहीं दूसरी ओर विद्यालय के छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बास्केटबॉल और एथेलेटिक में दूसरा स्थान हासिल किया। स्कूल की छात्रा खिलाड़ियों में से पांच खिलाड़ियों का बास्केटबॉल तथा 2 खिलाड़ियों का एथेलेटिक के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयन हुआ। विद्यालय की धाविका सतविंद्र कौर को बेस्ट एथलीट घोषित किया गया।
ओणम केरल का एक प्रमुख त्यौहार है। ओणम का उत्सव सितम्बर में राजा महाबली के स्वागत में प्रति वर्ष आयोजित किया जाता है जो दस दिनों तक चलता है। ओणम में केरल के प्रत्येक घर के आँगन में फूलों की पंखुड़ियों से सुन्दर-सुन्दर रंगोलिया (पूकलम) डाली जाती हैं। युवतियां उन रंगोलियों के चारों तरफ वृत्त बनाकर उल्लास पूर्वक नृत्य (तिरुवाथिरा कलि) करती हैं। इस पूकलम का प्रारंभिक स्वरुप पहले (अथम के दिन) तो छोटा होता है परन्तु हर रोज इसमें एक और वृत्त फूलों का बढ़ा दिया जाता है। इस तरह बढ़ते-बढ़ते दसवें दिन (तिरुवोनम) यह पूकलम वृहत आकार धारण कर लेता है। इस पूकलम के बीच त्रिक्काकरप्पन (वामन अवतार में विष्णु), राजा महाबली तथा उसके अंग रक्षकों की प्रतिष्ठा होती है जो कच्ची मिट्टी से बनायीं जाती है। ओणम एक सम्पूर्णता से भरा हुआ त्योहार है जो सभी के घरों को ख़ुशहाली से भर देता है। ओणम पर पौराणिक कथा महाबली प्रहलाद के पोते थे। प्रहलाद जो हिरण्यकश्यप असुर के बेटे थे लेकिन फिर भी प्रहलाद विष्णु के भक्त थे। महाबली भी प्रहलाद की तरह भगवान विष्णु के भक्त थे। समय आगे बढ़ता गया और वे बड़े होते गये। उनका साम्राज्य स्वर्ग तक फैला हुआ था ,इस बात से उनकी प्रजा बहुत खुश थी। एक बार विष्णु भगवान वामन के वेश में उनके सामने गये। विष्णु जी ने तीन पग मीन का दान माँगा था। राजा महाबली इस बात को बहुत ही साधारण समझ रहे थे लेकिन यह साधारण बात नहीं थी। जब राजा महाबली ने तीन पग जमीन देने के लिए हामी भर दी तो भगवान विष्णु ने अपना विराट रूप ले लिया। उन्होंने अपने एक पग से पूरी धरती को नापा और दूसरे पग से आकाश को लेकिन तीसरे पग के लिए कुछ नहीं बचा तो राजा बलि ने अपना शरीर अर्पित कर दिया क्योंकि राजा बली ने अपना सब कुछ दान कर दिया था तो वे धरती पर नहीं रह सकते थे। विष्णु भगवान ने उन्हें पाताल लोक जाने के लिए कहा लेकिन जाने से पहले भगवान विष्णु ने उनसे एक वरदान मांगने के लिए कहा। राजा बली गरीबों को बहुत दान देते थे। राजा बली अपनी प्रजा से बहुत प्यार करते थे तो उन्होंने साल में एक दिन धरती पर आकर अपनी प्रजा को देखने का वरदान माँगा। भगवान विष्णु ने उनके इस वरदान को स्वीकार कर लिया। ऐसा माना जाता है कि श्रावण मास के श्रवण नक्षत्र में राजा बली अपनी प्रजा को देखने के लिए खुद धरती पर आते हैं। मलयालम में श्रवण नक्षत्र को ओणम कहते हैं इसीलिए इस पर्व का नाम भी ओणम पड़ गया। तभी से इस त्यौहार को ओणम के नाम से मनाया जाने लगा। ओणम त्यौहार के पीछे चाहे कोई भी कहानी हो लेकिन यह बात तो स्पष्ट हैं कि यह हमारी संस्कृति का एक आईना है। यह हमारी भव्य विरासिता का प्रतीक होता है। ओणम का पर्व इसलिए भी होता है खास -ओणम का पर्व फसल उत्सव भी होता है। यह त्यौहार आमतौर पर अगस्त या फिर सितंबर के महीने में आता है। ओणम त्यौहार के दिन कई तरह के नृत्य प्रस्तुत करने की परम्परा है। इस दिन केरल का सबसे लोकप्रिय कथकली नृत्य किया जाता है। -इस दिन औरतें सफेद साड़ी पहनती हैं और बालों पर फूलों की वेणियों को सजाकर नृत्य करती हैं। ये सभी कार्यक्रम इस दिन व्यापक रूप से किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में सभी लोग बहुत ही बढ़-चढकर हिस्सा लेते हैं। ओणम का त्यौहार अपने साथ सुख-समृद्धि, प्रेम-सौहार्द और परस्पर प्यार और सहयोग का संदेश लेकर आता है।
ज़िला सोलन के पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में आई पी एस सी लड़कियों की फुटबॉल प्रतियोगिता 12 सितम्बर से 15 सितम्बर तक आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों से कुल छह टीमें भाग लेगी। इसमें मार्डन स्कूल बारहखवां रोड़ न्यू देहली, डेली कॉलेज इंदौर, सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर, मेयो कॉलेज अजमेर, असम वैली स्कूल और मेज़बान पाइनग्रोव स्कूल शामिल है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से फुटबॉल को बढ़ावा मिलेगा व खिलाड़ियों में फुटबॉल के प्रति रूचि का विकास होगा। आइ पी एस अधिकारी सौम्य सांबशिवन इस प्रतियोगिता का शुभांरभ करेंगे।
ज़िला सिरमौर के नाहन में करीब 4 से 5 साल का मासूम बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया है। गनीमत यह रही कि वो पुलिस के हाथों में सुरक्षित है। पुलिस इस बच्चे के परिजनों की जानकारी जुटाने का अथक प्रयास कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार बच्चा खुद को पांवटा साहिब के अमरपुर से संबंधित भी बता रहा है। इसके अलावा बच्चा रो- रो कर अपने मां- बाप के पास जाने की ज़िद कर रहा है लेकिन पुलिस के साथ खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। बच्चे ने नीले रंग की शर्ट व डेनिम की निक्कर पहनी है। गले में ताबीज भी है। बच्चा अपने परिवार के बारे में अधिक जानकारी नहीं दे पा रहा। बच्चे के परिजन व रिश्तेदार कच्चा टैंक पुलिस को मोबाइल नंबर 70188-47947 व 01702-222397 पर संपर्क कर सकते हैं।
पंजाब की पहली अफफोर्डबल हाउसिंग स्कीम में ऐप्लिकेशन के लिए स्टेट बैंक की ब्रांचों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। यह स्कीम स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया और गमाडा द्वारा मान्यता प्राप्त है। इसमें 187 फ्रीहोल्ड रेसिडेंशियल प्लाट्स की अलॉटमेंट ड्रा द्वारा 22 सितम्बर को की जाएगी। इस स्कीम को उम्मीद से बढ़कर रिस्पांस मिला रहा है , पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, चंडीगढ़ एवं जम्मु के साथ साथ देश विदेश से भी लोग इसके लिए आवेदन भर रहे है। ग्रेटर मोहाली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट व ऐरोसिटी के पास सभी प्रचलित सुविधाओं के साथ ऐसा शायद पहली बार है कि सीमित आय वर्ग को स्विमिंग पूल व जिम युक्त क्लब,प्यूरीफाइड पानी, थीम पार्क, दो टियर सुरक्षा आदि उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह स्कीम 11 सितंबर तक खुली है और अब इसमें निवेश के लिए आखिरी दो दिन ही बचे है। इसके लिए ऍप्लिकेशन फार्म स्टेट बैंक की 60 से अधिक ब्रांचों में भरे जा सकते हैं। ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए लोग आन करे mohali.reah.in रॉयल ऐस्टेट अफफोर्डबल हाउसिंग स्कीम का हेल्पलाइन नंबर है 7527999333
श्री राम मैमोरियल वेल्फेयर सोसाइटी की ओर से 2 सितम्बर 2019 से 8 सितम्बर 2019 तक गणेश उत्सव का आयोजन किया गया। 2 सितम्बर को गणेश जी की स्थापना की गई तथा 8 सितम्बर को गिरिपुल में गणेश जी का विसर्जन बड़ी धूम धाम से किया गया। इसके दौरान शिल्ली रोड़,चौक बाज़ार,गंज बाज़ार ,मोल रोड़ से होते हुए गिरीपुल तक शोभा यात्रा निकली गई। यह कार्यक्रम सोसाइटी के सभी सदस्यों के सहयोग से संपन्न हुआ।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ 11 सितंबर को लेंगे। यह जानकारी राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने दी। दत्तात्रेय कलराज मिश्र का स्थान लेंगे। बता दें कलराज मिश्र को राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने बताया कि दत्तात्रेय को पांच सितंबर को शपथ लेनी थी लेकिन कार्यक्रम में इस लिए बदलाव किया गया क्योंकि वह भाजपा की तमिलनाडु इकाई की अध्यक्ष तमिलिसाई सुंदरराजन के नौ सितंबर को तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने के कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे। कंवर ने बताया बुधवार को राजभवन में आयोजित एक सादे कार्यक्रम में बंडारू दत्तात्रेय हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। बंडारू दत्तात्रेय बंडारू दत्तात्रेय का जन्म 12 जून 1947 को हुआ था। हैदराबाद में जन्मे दत्तात्रेय ने विज्ञान की डिग्री के साथ स्नातक किया। वह 1965 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हुए और आपातकाल के दौरान उन्हें जेल में डाल दिया गया। 1991 में, वह पहली बार सिकंदराबाद निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए थे। 1997 में, उन्हें राज्य इकाई के लिए पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 1998 में, उन्हें फिर से चुना गया और दूसरे वाजपेयी मंत्रालय में केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया गया। वह 1999 में लगातार तीसरी बार चुने गए और फिर से तीसरे वाजपेयी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वह 2004 और 2009 में लोकसभा चुनाव हार गए। पार्टी ने उन्हें 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया। मई 2014 में, उन्हें अपने पूर्व निर्वाचन क्षेत्र से फिर से लोकसभा के लिए चुना गया। नवंबर में उन्हें मोदी मंत्रालय में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री बनाया गया और तेलंगाना से वे अकेले मंत्री बने। 21 मार्च 2019 को भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सिकंदराबाद से पूर्व विधायक जी किशन रेड्डी की जगह दत्तात्रेय को अपना उम्मीदवार बनाया।
भारत में अनेकों ऐसे मंदिर है जो अपनी अनोखी परंपराओं के कारण प्रसिद्ध है। भारत में जहां किसी दम्पति के एक साथ मंदिर में जाकर पूजा करने को बड़ा ही मंगलकारी माना जाता है, वहीं ज़िला शिमला के रामपुर नामक स्थान पर मां दुर्गा का मंदिर स्तिथ है। मां दुर्गा के इस मंदिर में पति और पत्नी के एक साथ पूजन या दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन करने पर पूरी तरह से रोक है। इसके बाद भी अगर कोई दम्पति मंदिर में जाकर प्रतिमा के दर्शन एक साथ करता है तो उन्हें इसकी सजा भुगतनी पड़ती है। कहा जाता है की वे एक दूसरे से अलग हो जाते है। यह मंदिर श्राईकोटि माता के नाम से पूरे हिमाचल में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दम्पति जाते तो हैं पर एक बार में एक ही दर्शन करता है। यहां पहुंचने वाले दम्पति अलग -अलग समय में प्रतिमा के दर्शन करते हैं। यह मंदिर समुद्र तल से 11000 फ़ीट की ऊँचाई पर स्तिथ है। पौराणिक कथा लोगों की मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने अपने दोनों पुत्रों गणेश और कार्तिकेय को ब्रह्मांड का चक्कर लगाने कहा था। कार्तिकेय तो अपने वाहन पर बैठकर भ्रमण पर चले गए किन्तु गणेशजी ने अपने माता-पिता के चक्कर लगा कर ही यह कह दिया था, कि माता-पिता के चरणों में ही ब्रह्मांड है। इसके बाद जब कार्तिकेयजी ब्रह्मांड का चक्कर लगाकर वापिस आए, तब तक गणेश जी का विवाह हो चुका था। इसके बाद वह गुस्सा हो गए और उन्होंने कभी विवाह न करने का संकल्प लिया। श्राईकोटी मंदिर के दरवाजे पर आज भी गणेश जी सपत्नी स्थापित है। कार्तिकेयजी के विवाह न करने के प्रण से माता पार्वती बहुत रुष्ट हुई और कहा कि जो भी पति-पत्नी यहां एक साथ माता के दर्शन करेंगे, वह एक दूसरे से अलग हो जाएंगे। इस कारण आज भी यहां पति-पत्नी एक साथ पूजा नहीं करते। विशेषताएं यह मंदिर सदियों से लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है तथा मंदिर की देख- रेख माता भीमाकाली ट्रस्ट के पास है। जंगल के बीच इस मंदिर का रास्ता देवदार के घने वृक्षों से और अधिक रमणीय लगता है। इस मंदिर में विभिन्न परंपराओं और मान्यताओं का पालन किया जाता है। यहा हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन जो दम्पति आते हैं वे एक साथ दर्शन नहीं करते है। यह मंदिर देखने में बहुत ही आकर्षित लगता है।
हिमाचल प्रदेश में पहली बार एक ऐसे अहम् प्रोजेक्ट पर काम होने जा रहा है जिससे आपका टूटा हुआ दांत आपके मुंह में दोबारा जुड़कर आपके मुंह की शोभा बढ़ा सकता है। इसे री-इंप्लाटेंशन ऑफ टीथ प्रोजेक्ट का नाम दिया जा रहा है। इंडियन सोसायटी ऑफ ट्रामाटोलॉजी के तहत इस अहम प्रोजेक्ट को बारीकी से हिमाचल में लाया जाएगा। इसके सदस्य राज्य दंत कॉलेज में विशेषज्ञ डा। सीमा हैं। प्रदेश में शुरू की जाने वाली इस योजना के तहत आधार स्तर पर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह होगी कि इसमें उन दांतों को वापस मसूड़ों में डाला जाएगा, जो किसी भी ट्रामा के कारण निकल गए हों। गौर हो कि हिमाचल में सबसे ज्यादा ऐसे ट्रामा होते हैं जहां पर दांत मसूड़ों से हिल जाते हैं या निकल जाते हैं, जिसमें सड़क दुर्घटनाएं सबसे ज्यादा शामिल हैं। दंत विशेषज्ञ डा.सीमा ठाकुर कर रही इस प्रोजेक्ट पर काम अभी आईजीएमसी की दंत विशेषज्ञ डा.सीमा ठाकुर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। अपने स्तर पर उन्होंने एक वर्ष में करीब दस से पंद्रह घायलों के री-इंप्लांटेशन ऑफ टीथ को सफल करने की कोशिश की है। इसके बाद अब प्रदेश के सभी क्षेत्रों में दंत कालेज के माध्यम से इस योजना को अमलीजामा पहनाने की पहल की जाने वाली है। कुछ चुनिंदा राज्यों में यह इंप्लाटेशन काफी बेहतर तरीके से चल रहा है। अब हिमाचल भी इस इंप्लाटेशन के साथ जुड़ गया है। प्रदेश के दंत चिकित्सक यदि इस योजना को सफल बनाने के लिए प्रयासरत होंगे, तो टूटा दांत आपके मुंह में दोबारा लगाया जा सकता है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ हालांकि री-इंप्लांटेशन के लिए टूटे हुए दांत की कुछ शर्तें शामिल रहेंगी। डेंटल कालेज में विशेषज्ञ डा.सीमा की मानें, तो अगर टूट कर दांत गंदा हो गया हो, तो उसे दस सेकेंड के भीतर पानी में धोकर दूध में डालकर नजदीक चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। उक्त चिकित्सक उस दांत को एक तकनीक से मसूडे़ के अंदर डाल देगा। यदि दांत सूखा हुआ, तो इंप्लाटेंशन में दिक्कत हो सकती है। डाक्टर के मुताबिक कम से कम आधे घंटे के भीतर दांत को चिकित्सक तक पहुंचाया जाना चाहिए, तभी उसे घायल के मसूड़े में लगाया जा सकता है। टूटे दांत को नारियल पानी में डालकर भी चिकित्सक के पास तक पहुंचाया जा सकता है। बहुत जल्द प्रदेश में इस अभियान को बारीकी से चलाया जाएगा।
राजकीय महाविद्यालय सोलन की रोवर्स रेंजर इकाई तथा मॉन्टेनीर रोवर्स ओपन क्रू ने संयुक्त रूप में हिमगिरि कल्याण आश्रम शिल्ली, सोलन में खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई।टूर्नामेंट की शुरुआत कब्बडी के खेल से शूरू की गई।जिसमें आश्रम प्रबंधकों और कोच ने टीम बनाई गई।कब्बडी होने के बाद दूसरा खेल खो- खो इंडोर गेम्स में कैरम बोर्ड भी बच्चों ने बड़े शौक़ से खेला।आखिर में मैसेंजर ऑफ पीस(MoP networking games ) भी करवाई गई।सभी खिलाड़ियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस खेल प्रतियोगिता में मुख्यतिथी बघाट बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री.के.सी शर्मा रहे ।जिनके द्वारा सभी विजेता बच्चों को प्राइज दिया गया। दोपहर का भोजन रावेर रेंजर इकाई सोलन और मॉन्टेनीर रोवर्स ओपन क्रू सोलन की तरफ से बनाया गया । तथा भोजन रोवर्स रेंजर इकाई ही परोसा गया यह कार्यक्रम सुबह 11बजे से शाम 6 बजे तक चला। इस खेल प्रतियोगिता में ओपन क्रू के रोवर्स लेडर राहुल शर्मा सहायक रोवर लीडर रोहित चौधरी वरिष्ठ रोवर्स रोहित चंदेल, धर्मेन्द्र चौहान ,सचिन ठाकुर, अभय भारद्वाज ओपन क्रू के रोवर्स तथा सोलन महाविद्यालय के कुल 23 रोवर्स रेंजर उपस्थित रहे।
Scientific beekeeping can substantially augment the production of various crops, but also supplement the farm income. Dr Parvinder Kaushal, Vice-Chancellor of Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni expressed these views during the valedictory function of a 21-day training on bee breeding held at the university. The training was organized under the Managed Pollination Component of Himachal Pradesh Horticulture Development Project (HP-HDP) by the Department of Entomology of the university.Thirty bee breeders cum progressive beekeepers from 11 districts of the state participated in this programme. Dr Harish Kumar Sharma, coordinator of training informed that these trainees will be registered as bee breeders and will produce quality queens from selected colonies for their use as well as for sale in the state and region. Use of such queens will result in healthy and strong colonies for higher honey production and improved pollination services. He stressed the need to use pollination agreement where responsibilities of beekeepers and farmers are fixed. Dr Divender Gupta, Head Department of Entomology lauded the efforts of the apiculture section of the department in scientific bee breeding and other researchable issue in the field. He added that the work of the center was also recognized by the ICAR which had the ranked the AICRP Centre as the Best Research Centre in the country.Dr JN Sharma, Director of Research and nodal officer of the HP-HDP in the university called upon farmers and youngsters to become entrepreneurs in bee breeding. He added that the lack of pollinizer proportion and pollinators is one of the limiting factors for low apple productivity in the state. He expressed hope for the improvement of pollination services under this project.Addressing the gathering, Vice-Chancellor congratulated the participants and expressed hope that the bee breeders will ensure the supply of quality queens to beekeepers. He called upon beekeepers to become entrepreneurs and master trainers for popularizing scientific beekeeping and pollination services in the state. Dr Kaushal was of the view that trained human resource in beekeeping should be available at every village. He added that as horticulture is a big contributor to the state’s economy, it is pertinent that the pollination services will improve production and quality of the produce.Dr Kaushal said that the promotion of beekeeping will ensure food sustainability and employment generation and stressed on the need to increase bee flora and honey production in the state and develop an international market for monofloral honey. He called upon scientists to impart skill development trainings in other related areas of horticulture like grafting and pruning.During the training, 42 lectures covering various aspects of bee breeding and beekeeping were held for the participants. Besides 15 in-house experts, nine experts from various institutions also addressed the trainees. Dr Rakesh Gupta, Director Extension Education, Dr PK Mahajan, Dean College of Forestry, all the heads of department and scientists of the entomology department attended the programme.
सोमवार को विधानसभा के पुरूवाला क्षेत्र में थाना विधिवत तरीके से शुरू हो गया है। दरअसल दून घाटी आपराधिक गतिविधियों को लेकर बेहद ही संवेदनशील है। लिहाजा क्षेत्र में दूसरे थाने की काफी अहमियत समझी जा रही थी। सोमवार को एसपी सिरमौर की अध्यक्षता में विधायक सुखराम चौधरी ने पुरुवाला पुलिस स्टेशन का उद्घाटन किया। निश्चित रूप से इस पुलिस थाने से अपराधों की रोकथाम, नशे के कारोबार पर रोक व यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। खासकर पाँवटा साहिब की 18 पंचायतें, शिलाई की 12 पंचायतें, रेणुका की 2 पंचायतें, सिंघपुरा और राजबन चौंकी अब पुरुवाला थाना के अधीन होंगी। फ़िलहाल पावंटा साहिब थाना के एसएचओ को ही अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इसके अलावा 9 कर्मियों ने ज्वाइनिंग कर ली है। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने थाना खुलवाने के प्रयास किये थे।
सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय प्रीति सूदन, डाकघर के महानिदेशक मीरा हांडा तथा सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने बिलासपुर में बन रहे एम्स का जायजा लिया। सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय प्रीति सूदन ने एम्स के पदाधिकारियों के साथ बैठक की तथा पदाधिकारियों ने मैप दिखा कर पूरे एम्स का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आयुष ओपीडी 2 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा, बाकी सारे ब्लॉक भी जल्दी बन कर तैयार हो जाएंगे और 2022 तक एम्स पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एम्स से लोगों को बहुत सुविधाएं मिलेगी व एम्स के अंदर ही बस स्टैंड की सुविधा भी होगी। बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल ऑडोटोरियम की सुविधा रहेगी। इस मौके पर सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने भी अधिकारियों को एम्स का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को इसका लाभ जल्द ही मिलना शुरू हो। इस मौके पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल, एडीएम विनय धीमान, एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम, एसडीएम सदर नरेन्द्र कुमार आहुलवालिया, सीएमओ डा0 प्रकाश दड़ोच के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ज़िला बिलासपुर के झंडूता विधान सभा चुनाव क्षेत्र में आईपीएच विभाग के मण्डलीय कार्यालय का शुभारम्भ महेंद्र सिंह ठाकुर ने किया। इस अवसर पर झंडूता में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जल मिशन योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के हर घर में पेयजल की किल्लत को समाप्त करने के लिए हर घर में पानी के नल लगाकर पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि झंडुता विधानसभा क्षेत्र के कोटधार क्षेत्र की लगभग 19 पंचायतों को पेयजल समस्या को दूर करने के लिए उपलब्ध 48 करोड़ रूपए की डीपीआर को नाबार्ड़ से शीघ्र ही स्वीकृति मिलने वाली है और इस पेयजल योजना में गोबिंद सागर झील से पानी उठाने की अनुमति बीबीएमबी से प्राप्त हो चुकी है। इसमें कूटवोंगड़ से 80 लाख लीटर प्रतिदिन पानी उठाया जाएगा। महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि धर्मपुर से लेकर आवश्यकतानुसार सीर खड्ड का शीघ्र ही चैनललाईजेशन करवाया जाएगा ताकि भूमि कटाव को रोका जा सके। इसका पहले सर्वेक्षण करवा कर डीपीआर तैयार करवाई जाएगी उसके पश्च्चात शीघ्र ही सीर खड्ड के सर्वेक्षण व डीपीआर तैयार करवाने के लिए टीम आएगी। इस मौके पर मंडलाध्यक्ष सुभाष मिनहास, चीफ इंजीनियर आईपीएच बीएस राणा, एसई आईपीएच ओपी भटंगरू, एसडीएम विकास शर्मा के अतिरिक्त विभिन्न पंचायतों के प्रधान अन्य गणमान्य पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी तथा क्षेत्र की जनता उपस्थित रही।
सोलन जिला गर्भवती महिलाओं, माताओं, एवं शिशुओं को स्वस्थ रखने एवं कुपोषण मिटाने की दिशा में सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। ज़िला की उपलब्धियों को राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर सराहा जा रहा है। हाल ही में जहां सोलन ज़िला को राष्ट्रीय स्तर पर पोषण अभियान के लिए ज़िला स्तरीय कन्वरजेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है वहीं ज़िला को वर्ष 2018-19 में पोषण अभियान में सराहनीय कार्य के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है। यह जानकारी सरकारी प्रवक्ता ने दी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हाल ही में शिमला में आयोजित एक समारोह में सोलन ज़िला को वर्ष 2018-19 में पोषण अभियान के उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग सोलन को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। ज़िला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चौहान को ज़िला स्तर पर पोषण अभियान के बेहतर कार्य के लिए जबकि धर्मपुर विकास खंड की बाल विकास परियोजना अधिकारी वीना कश्यप को धर्मपुर में पोषण अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा सोलन ज़िला में पोषण अभियान की सफलता के लिए कंडाघाट विकास खंड को भी सम्मानित किया गया। कंडाघाट विकास खंड को यह सम्मान पोषण अभियान में ए-प्लस रहने के लिए प्रदान किया गया। कंडाघाट विकास खंड की आंगनबाड़ी वृत्त पर्यवेक्षक वंदना शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा देवी, आंगनबाड़ी सहायिका दयावंती, आशा कार्यकर्ता मंजू, एएनएम सुनीता देवी को भी सम्मानित किया गया। इसी विकास खंड के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र देऊ को पोषण अभियान में बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। सोलन ज़िला में पोषण अभियान को सफल बनाने और सभी को स्वस्थ रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यापक कार्य किया जा रहा है। ज़िला के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में जहां महिलाओं को पोषण अभियान की व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है वहीं उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से पौष्टिक आहार उपलब्ध हैं। ज़िला के सभी 1281 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण के संबंध में जानकारी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक माह की 15 एवं 24 तारीख को आयोजित किए जाने वाले इन सत्रों में महिलाओं को स्तनपान के महत्व से अवगत करवाया जा रहा है और शिशु एवं बच्चों को दिए जाने वाले पौष्टिक आहार की उचित मात्रा की जानकारी दी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नैना देवी क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनमंच कार्यक्रम मात्र दिखावा बनकर रह गए हैं। इन कार्यक्रमों में केवल मात्र भारी भरकम खर्चा किया जा रहा है, जबकि आम जनता को कोई भी लाभ नहीं मिल रहा। बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि, उनके विधानसभा क्षेत्र में 8 सितंबर को करवाए गए जनमंच कार्यक्रम में 195 मामले उपायुक्त को अग्रिम कार्यवाही के लिए सौंप दिए गए। अगर इस तरह ही किया जाना है तो जनमंच कार्यक्रमों का क्या औचित्य। उन्होंने बताया कि जिस दिन से यह कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं उस दिन से सरकारी कार्यालयों में कार्य होना बंद हो गए है। जनमंच से 15 दिन पहले प्री जनमंच कार्यक्रमों में सभी अधिकारी व्यस्त रहते हैं, और उसके बाद भी अगर सारे मामले उपायुक्त को सौंपे जाने हो तो इनका कोई लाभ नहीं। जनता के मामलों को पहले भी अपने कार्यालय में बैठकर निपटाते रहे हैं, इससे ना तो कोई खर्चा होता था और ना ही लोगों को परेशानी होती थी। रामलाल ठाकुर ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जो जनमंच आयोजित किया गया था उसमें संबंधित मंत्री 12 बजे मंच पर पहुंची, और केंद्र तथा प्रदेश सरकार की प्रशंसा करने के बाद मात्र आधे घंटे में सारे कार्य निपटा दिए गए। उन्होंने बताया कि दयोथ गांव में यह कार्यक्रम रखा गया था, वहां हर मोड़ पर पुलिस कर्मी को खड़ा किया गया था, यह जनमंच ना होकर कोई आतंकवादी की सुरक्षा से जुड़ा कार्य लग रहा था। कुछ मामले जो एसडीएम की अदालत में चले हैं या पुलिस से संबंधित है उनके बारे में भी मंत्री द्वारा निर्देश दिए गए जो कि कानून के लिहाज से उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनमंच कार्यक्रम चलाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तव में लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाना है या नहीं, अन्यथा इन कार्यक्रमों को बंद करके उपायुक्त को अपने कार्यालय में बैठकर ही सारे मामले सुलझाने दिए जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा के पदाधिकारियों का हस्तक्षेप इसी तरह से चलता रहा तो कांग्रेस पार्टी इसे सहन नहीं करेगी और लोगों को इसकी असलियत बता कर इनका विरोध किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस महासचिव संदीप संख्यान तथा यवा कांग्रेस के आशीष ठाकुर भी उपस्थित थे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ.राजीव सैजल 11 सितंबर, 2019 से सोलन के प्रवास पर रहेंगे। डॉ.सैजल 11 सितंबर को कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों की समस्याएं सुनेंगे। डॉ.राजीव सैजल 12 सितंबर, 2019 को अपराह्न 12.00 बजे नैशनल पब्लिक स्कूल, सैक्टर-4 परवाणू में खंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। डॉ. सैजल 13 सितंबर, 2019 को प्रातः 11.00 बजे अन्हेच गांव में योग कार्यक्रम में भाग लेंगे।
डीएवी अम्बुजा विद्या निकेतन दाड़लाघाट के टाइनी टॉट्स में नन्हें मुन्हें बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया। इस प्रतियोगिता में बच्चे रंग-बिरंगे परिधानों में बहुत ही आकर्षित लग रहे थे। इसमें नर्सरी के बच्चे फल तथा सब्जियों के रोल में, एलकेजी के बच्चे प्रकृति और कार्टून के रोल में ,यूकेजी के बच्चे भारत के नेता और महान व्यक्तियों के रोल में नजर आए। सभी बच्चों ने इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया। स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य छोटे-छोटे बच्चों में आत्मविश्वास को बढ़ाना होता है ताकि वे आगे चलकर स्कूल की विभिन्न गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन कर सके।


















































