हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के कलरूही में दो बाइकों में जोरदार टक्कर हुई। यह हादसा रविवार रात लगभग 10:30 बजे के बाद कलरूही पुल के पास हुआ जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस वक्त पेश आया जब माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव की समाप्ति के बाद बड़ी संख्या में लोग घरों की तरफ वापस लौट रहे थे। इस भयावह टक्कर में आसब खान और एक अन्य घायल निखिल पुत्र जीवन ठाकुर (निवासी सेक्टर-56, चंडीगढ़) को सिविल अस्पताल अंब में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अंब के सिविल अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए क्षेत्रीय चिकित्सालय ऊना रेफर कर दिया गया है। एसपी ऊना, अमित यादव ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्व. वीरभद्र सिंह भले ही मूल रूप से रामपुर के निवासी थे, लेकिन उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी रोहड़ू से ही शुरू की थी और लंबे समय तक रोहडू विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे। सोमवार को रोहड़ू में स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है। स्व. वीरभद्र सिंह की शिमला में यह तीसरी प्रतिमा होगी। इससे पूर्व एक प्रतिमा ठियोग विधानसभा क्षेत्र के सैंज में लगाई गई है। वहीं दूसरी प्रतिमा रिज मैदान पर लगाई गई है और अब सोमवार को रोहड़ू में उनकी तीसरी प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है। इस विशेष मौके पर कांग्रेस पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी प्रतिभा सिंह और राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहेंगे। 2012 तक शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने सभी चुनाव रोहड़ू से ही लड़े है और हर वक्त इस विधानसभा क्षेत्र से भारी मतों से विजयी रहे है। इसमें 1985 से लेकर 2012 तक के सभी चुनाव रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र से लड़कर जीतकर विधानसभा में बतौर विधायक पहुंचे हैं। रोहडू में सोमवार को आयोजित हो रहे स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण समारोह के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से भव्य तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम के दौरान शामिल होने वाले लोगों के लिए धाम यानी दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी शामिल है। इस प्रतिमा को स्थापित करने एवं सभी तरह की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी ब्लॉक कांग्रेस रोहड़ू के कार्यकर्ताओं को दी गई है।
बडोर घाटी स्थित द एसवीएन स्कूल की कक्षा दसवीं की छात्रा रिज़ुल पाल और सोलन बॉयज स्कूल के छात्र गौरव राणा का शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित प्रतिष्ठित प्रेरणा कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ है। यह उपलब्धि जिला सोलन और दोनों स्कूलों के लिए गौरव का विषय है। विद्यालय की अध्यापिका लालिमा जोशी के नेतृत्व में रिज़ुल पाल और गौरव राणा अब गुजरात के साबरमती स्थित वार्ड नगर के जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार विद्यार्थियों ने लगातार मेहनत, समर्पण और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बल पर यह सफलता अर्जित की है। प्रेरणा कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व, नवाचार, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है। प्रदेश स्तर पर जवाहर नवोदय विद्यालय कुनिहार में आयोजित प्रथम चरण में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से श्रेष्ठ प्रतिभाओं का राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन किया गया। विद्यालय अध्यक्ष टी.सी. गर्ग, निदेशक लूपिन गर्ग और प्रधानाचार्या समरीन खान ने रिज़ुल पाल की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि रिज़ुल ने अपनी मेहनत से विद्यालय का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक रहेगी। शिक्षक और अभिभावकों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए विद्यालय के गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण की सराहना की और उम्मीद जताई कि रिज़ुल आगे भी विद्यालय और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर उज्ज्वल करती रहेंगी।
संजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत चलौंठी के पास एक निजी रेस्टोरेंट के समीप मंगलवार को दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पेश आया। सड़क किनारे खड़ी एक मारुति कार को तेज रफ़्तार से आ रही क्रेटा कार ने जोरदार टक्कर मारी, जिसकी चपेट में पास खड़ा 4–5 वर्ष का एक मासूम बच्चा भी आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्रेटा कार ढली की ओर से शिमला की तरफ आ रही थी और चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ़्तार में हुई इस टक्कर से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतक बच्चे की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर (हि.प्र.) ने इंडिया इंटरनेशनल साइन्स फेस्टिवल (आई.आई.एस.एफ)-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम का आयोजन संस्थान परिसर में बड़े उत्साह के साथ किया। संस्थान के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने प्रतिभागियों का स्वागत किया, जिनमें आसपास के क्षेत्रों के स्कूल और कॉलेजों के छात्र भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि आई.आई.एस.एफ -2025 का आयोजन 6 से 9 दिसंबर 2025 तक पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में किया जाएगा तथा इसका उद्देश्य विज्ञान को उत्सव के रूप में मनाना है, जो जिज्ञासा और सीखने को बढ़ावा देता है। डॉ. यादव ने छात्रों को इस राष्ट्रीयआयोजन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शशि धीमान थे। उन्होंने भारत के वैज्ञानिक इतिहास और उसकी वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। डॉ. धीमान ने इस वर्ष के आई.आई.एस.एफ विषय “विज्ञान से समृद्धि: आत्मनिर्भर भारत के लिए” पर विस्तार से चर्चा की और सभी से वैश्विक कल्याण हेतु आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान आई.आई.एस.एफ में प्रस्तावित गतिविधियों, प्रदर्शनियों और प्रमुख आकर्षणों की जानकारी साझा की गई। छात्रों ने संस्थान का भ्रमण किया और वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर विज्ञान की दुनिया को करीब से जाना। लगभग 300 विद्यार्थी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने बिजली बोर्ड में भारी स्टाफ कमी को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज, महासचिव प्रशांत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नन्द लाल, झाबे राम शर्मा, ललित कुमार, सुनील चौधरी, मुख्य संगठन सचिव अनिल वर्मा और मुख्य सलाहकार यशवंत चौहान ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में कहा कि यह कदम प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। यूनियन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया निजी एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्स के आधार पर न की जाए। इसके बजाय इसे विद्युत बोर्ड लिमिटिड के माध्यम से मेरिट के आधार पर किसी निर्धारित नीति के तहत संचालित किया जाए, ताकि चयनित कर्मचारी एक निश्चित समयावधि में बोर्ड के नियमित कर्मचारी बन सकें। यूनियन का कहना है कि आउटसोर्स प्रणाली शोषण पर आधारित है और इसी व्यवस्था के कारण कई आउटसोर्स कर्मचारी पिछले वर्षों में दुर्घटनाओं का शिकार होकर मौत या स्थायी विकलांगता का सामना कर चुके हैं, जिससे उनके परिवार कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में स्टाफ की कमी इस हद तक बढ़ गई है कि कई स्थानों पर सीढ़ी पकड़ने तक के लिए दूसरा कर्मचारी उपलब्ध नहीं है और कर्मचारी अकेले ही जोखिमपूर्ण कार्य करने को मजबूर हैं। विद्युत उपकेंद्रों में भी स्टाफ की भारी कमी है, जिसके चलते कर्मचारियों को अकेले ही शिफ्ट ड्यूटी निभानी पड़ रही है। यूनियन ने सरकार से कैबिनेट द्वारा मंजूर 1000 टी-मेट और 70 हेल्पर (पावर हाउस) पदों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की मांग की है, ताकि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहायता मिल सके। साथ ही, पहले से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने और यूनियन के 18वें महाअधिवेशन में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को शीघ्र लागू करने की भी मांग की गई है। यूनियन पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री शीघ्र ही बोर्ड प्रबंधन को आवश्यक दिशा–निर्देश जारी करेंगे।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में स्थित डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मुद्दे पर भाजपा-कांग्रेस के बीच चल रही जबरदस्त राजनीति का खामियाजा सिरमौर जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है। लिहाजा यहां की जनता बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के दावे भी यहां खोखले साबित हो रहे है। इसका बड़ा अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला सिरमौर की लगभग 6 लाख की आबादी के दिलों का एक भी रखवाला नहीं है। दरअसल हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के गृह जिला सिरमौर में एक भी हार्ट सर्जन (हृदय रोग विशेषज्ञ) नहीं है। जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान मेडिकल काॅलेज एवं नाहन अस्पताल भी इससे अछूता है। जिला वासी एक लंबे अरसे से उनके दिलों के रखवाले का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज के नाम पर चल रही राजनीति के बीच इस गंभीर मुद्दे पर कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे है। सरकार चाहे इससे पहले भाजपा की रही है या फिर वर्तमान सरकार के 3 साल का कार्यकाल हो, इस मुद्दे पर किसी ने कुछ नहीं किया। हालांकि घोषणाओं के बीच पिछली भाजपा सरकार सत्ता से अलविदा जरूर हो गई। मेडिकल कॉलेज ही नहीं सिरमौर में किसी सरकारी अस्पताल में भी हार्ट सर्जन नहीं है। यहां राजगढ़, पांवटा साहिब, ददाहू और सराहाँ सिविल अस्पताल हैं इसके अलावा संगड़ाह और शिलाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं। विडम्बना ये है कि मेडिकल कॉलेज के शिफ्टिंग और विस्तारीकरण को कांग्रेस और भाजपा आमने सामने रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कोई जिक्र नहीं किया जा रहा है। जबकि मरीज मेडिकल कॉलेज ही नहीं जिले के अन्य अस्पतालों में भी सुविधाओं की कमी का दंश झेल रहे हैं।
ज्वालामुखी रेंज के गुम्मर–जंगल क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने अवैध खैर कटान का बड़ा मामला पकड़ा है। वन खंड अधिकारी पविंदर कुमार, वन रक्षक दीपक कुमार और वन मित्र आदर्श धनोटिया गश्त पर थे, तभी कोके रोड़ पर एक संदिग्ध टेम्पो (नं. HP 72A 6555) को रोका गया। जांच के दौरान टेम्पो में चालक अशोक कुमार के साथ दिलबाग, अंशुल और अक्षय जसवाल (सभी निवासी सलीहार) मौजूद पाए गए। तलाशी में वाहन से सफेद पॉलीथिन में छिपाए 8 खैर के हरे मोछे और 2 कटर बरामद किए गए। पूछताछ में सभी आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ये मोछे चक्बन–कालीधर जंगल (गुम्मर बीट) से अवैध रूप से काटे हैं। वन विभाग ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध प्रचलित नियमों एवं अधिनियमों के तहत प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करवा दी है। आर.एफ़.ओ. ईशानी ने कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। वन मंडल अधिकारी देहरा सन्नी वर्मा के निर्देश पर ज्वालामुखी रेंज में दिन–रात पेट्रोलिंग और नाके स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि अवैध कटान पर सख्त रोक लगाई जा सके। विभाग ने दोहराया है कि भविष्य में भी वन माफियाओं के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
जीवनसाथी ज़रूरी है… लेकिन भरोसे के रिश्ते में अगर धोखा छिपा हो तो क्या किया जाए? हिमाचल प्रदेश में शादी के नाम पर ठगी का ऐसा गिरोह सामने आया है, जिसने कई परिवारों की खुशियाँ छीन लीं… हिमाचल प्रदेश में महिलाओं का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हो गया है, जो शादी के नाम पर लोगों को ठग रहा है। ताज़ा मामला कांगड़ा और मंडी ज़िलों से सामने आया है, जहाँ लुधियाना की पाँच महिलाओं ने हिमाचल के युवकों से शादी की और फिर जेवरात लेकर फरार हो गईं। जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं ने पहले मैरिज ब्यूरो के माध्यम से हिमाचल के व्यक्तियों से शादी की। शादी के बाद कुछ दिनों तक सब सामान्य चलता रहा, लेकिन मौका मिलते ही महिलाएँ कीमती गहने और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गईं। एक मामला तो ऐसा भी सामने आया है जहाँ महिला ने पूरे 25 दिन तक शादीशुदा जीवन निभाया, ताकि घरवालों का भरोसा पूरी तरह जीत सके और फिर अचानक जेवर लेकर गायब हो गई। इसके बाद पीड़ितों ने मैरिज ब्यूरो के संचालक से संपर्क किया। मैरिज ब्यूरो के मालिक ने भी सहयोग दिखाते हुए पुलिस की मदद की, जिसके चलते पाँचों महिलाओं को पकड़ लिया गया। हालाँकि पीड़ित परिवारों का दावा है कि यह गिरोह सिर्फ पाँच महिलाओं तक सीमित नहीं है इसमें और भी कई सदस्य जुड़े हुए हैं। आज तड़के पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर थाना नगरोटा बगवां पहुँचे। उनका कहना है कि यह संगठित गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है और भोले-भाले लोगों को शादी के झांसे में फँसाकर लाखों की ठगी कर रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। लेकिन इस घटना ने मैरिज ब्यूरो के माध्यम से होने वाली शादियों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. जेपी सिंह को बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिली है। छपरा विधानसभा क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे सिंह न केवल चुनाव हार गए, बल्कि उनकी जमानत भी जब्त हो गई। डॉ. जेपी सिंह हाल ही में एडीजीपी (CID) के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे आईजी दक्षिण रेंज, आईजी नॉर्थ रेंज और विजिलेंस विभाग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं। पुलिस सेवा में उनकी पहचान एक सख्त और अनुभवी अधिकारी के रूप में रही है। वे मूल रूप से 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी सामान्य सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2027 को होनी थी, लेकिन राजनीति में प्रवेश करने के लिए उन्होंने इससे पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी।
जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। जिले में पहली बार सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए (क्रिस्टल ड्रग) पकड़ी गई है। थाना घुमारवीं पुलिस ने टोल प्लाजा बलोह के पास नाका लगाकर एक पंजाब नंबर की टैक्सी से दो युवकों को पकड़ा, जिनके कब्जे से 20.6 ग्राम एमडीएमए क्रिस्टल ड्रग और 225 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में एमडीएमए की ये अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है, जिसकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह सिंथेटिक ड्रग कसोल क्षेत्र में एक पार्टी के लिए ले जाई जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की है, जो कसोल और आसपास के क्षेत्रों में छापामारी कर रही है। इससे पहले ऐसा मामला कुल्लू जिले में ही सामने आया था। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान आसीम और शिवम उम्र 19 निवासी मुक्तसर, पंजाब के रूप में हुई है। दोनों एक डिजायर टैक्सी में हिमाचल की ओर आ रहे थे। पुलिस टीम ने शक के आधार पर गाड़ी को रोका और तलाशी लेने पर नशीला पदार्थ बरामद किया गया। एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि 'थाना घुमारवीं में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे हिमाचल में कहां सप्लाई किया जाना था। नशे का नेटवर्क ध्वस्त करने के लिए जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
हमीरपुर के दुगनेहड़ी में नाके पर SHO कुलवंत सिंह पर गाड़ी चढ़ाकर जानलेवा हमला करने के प्रयास में मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी रशिक कुमार पुत्र दिनेश कुमार निवासी गांव लाहलड़ी व जिला हमीरपुर को वीरवार देर शाम उसके घर से ही धर दबोचा। आरोपी ड्राइवर को शुक्रवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी घटना के बाद से फरार था और शाम को अपने घर पहुंचा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और उसे घर से काबू कर लिया। कार में ड्राइवर रशिक समेत कुल 5 लोग सवार थे, जिनमें एक महिला भी शामिल थी। घटना के बाद सभी मौके से फरार हो गए थे। हालांकि, पुलिस ने वीरवार शाम तक कार में सवार एक महिला और एक अन्य व्यक्ति को पहचान कर पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। पुलिस को शक है कि कार से भागते समय आरोपियों ने चिट्टे की खेप को कहीं छिपा दिया है, क्योंकि कार की तलाशी में कुछ भी बरामद नहीं हुआ। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। एडिशनल एसपी राजेश उपाध्याय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी रशिक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
बघाट बैंक के ऋण की रिकवरी की सुनवाई कर रहे सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं (एआरसीएस) भी एक मामले को देखकर हैरान रह गए, जिसमें बैंक ने ऋण की मूल राशि से कई गुना अधिक ब्याज ही लगा दिया। कंडाघाट क्षेत्र के ऋणधारक ने मशरूम प्लांट के लिए बघाट से करीब 32 लाख रुपए का ऋण लिया था। आज वह ऋण 1.08 करोड़ रुपए हो गया है। इसमें 76 लाख रुपए बैंक ने ब्याज लगाया हुआ है। जब ऋणधारक एआरसीएस की अदालत में पेश हुआ तो उन्होंने कहा वह ऋण का भुगतान करने के लिए तैयार है, लेकिन ऋण राशि 1.08 करोड़ रुपए हो गई है। इसमें ब्याज बैंक ने किस आधार पर 76 लाख रुपए जोड़ा है। यह उन्हें आज तक बैंक ने नहीं बताया है। बघाट बैंक ने नियमों को ताक पर रखकर कई ऋण मंजूर किए हैं। ऋण की रिकवरी को लेकर एआरसीएस की विशेष अदालत में इसके खुलासे हो रहे हैं। सोलन के अश्वनी खड्ड में 8 बीघा भूमि पर बैंक ने 4.85 करोड़ रुपए का ऋण दे दिया। यह ऋण अब एनपीए हो गया है। एआरसीएस की अदालत में इस मामले की भी सुनवाई हुई। एआरसीएस ने सभी को निर्देश दिए कि या तो ओटीएस से ऋण का भुगतान करें नहीं तो ऋणधारक के साथ गारंटर की भी संपत्ति को अटैच किया जाएगा। वहीं बघाट बैंक के एक ऋण डिफाल्टर को एआरसीएस ने कहा कि ऋण का भुगतान करें या तो फिर जेल जाने को तैयार रहे। हुआ यूं कि एक ऋण डिफाल्टर जिन्होंने बैंक से करीब 18 लाख रुपए का ऋण लिया हुआ था, लेकिन भुगतान नहीं कर रहा है। बैंक ने ऋण के लिए एक बिस्वा या इससे कम जमीन को गिरवी रखा हुआ है। इससे ऋण की वसूली होना संभव नही है। उनसे एआरसीएस ने ऋण का भुगतान करने को कहा। एक ऋण डिफाल्टर द्वारा बैंक को दिया गया 10 लाख रुपए का चैक बाऊंस हो गया है। बैंक ने सम्बन्धित डिफाल्टर को इस चैक की राशि को जमा करवाने के निर्देश दिए हैं, नहीं तो चैक बाऊंस का मामला दर्ज करवाया जाएगा। एआरसीएस सोलन गिरीश नड्डा ने बताया कि वीरवार को उनकी अदालत में करीब 49 मामलों की सुनवाई थी। इनमें से 34 मामलों में ऋण की रिकवरी की सुनवाई की गई। इसमें अधिकांश ने ओटीएस से अपना ऋण जमा करने का अवसर मांगा है। इन सभी को एक महीने का समय दिया गया है। इसके अलावा 4 संपत्तियों को अटैच करने व 2 गाड़ियों को जब्त करने के आदेश दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की सुरक्षा में तैनात 8 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया है। इन पर स्ट्रांग-रूम में रखी EVM की सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप है। सस्पेंशन के बाद इन जवानों को लाइन हाजिर किया गया। इनमें 2 हेड कॉन्स्टेबल और 6 कॉन्स्टेबल शामिल है। इलेक्शन कमीशन ने दो विधानसभा की हाईकोर्ट में पिटीशन होने की वजह से बिलासपुर कॉलेज और लखनपुर में EVM के लिए स्ट्रांग रूम बना रखा है। इसलिए, यहां 24 घंटे पुलिस जवानों की ड्यूटी रहती थी, ताकि EVM से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। ASP शिव चौधरी बुधवार रात 11 बजे पहले बिलासपुर कॉलेज पहुंचे। इसके बाद, रात 12 बजे लखनपुर में बनाए गए स्ट्रांग रूम पहुंचे। ASP ने बताया कि बिलासपुर में पांच पुलिस जवान ड्यूटी पर होने चाहिए थे। मगर एक भी ड्यूटी पर नहीं मिला। उन्होंने बताया-लखनपुर में दो होमगार्ड जवान ड्यूटी पर मिले। मगर यहां भी पुलिस के तीन जवान गायब थे। ASP की रिपोर्ट के आधार पर SP बिलासपुर ने वीरवार शाम को इन जवानों के खिलाफ कार्रवाई की है। SP संदीप धवल ने बताया कि ये जवान ईवीएम की गार्द ड्यूटी से नदारद पाए गए। इसलिए, इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन जवानों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। बता दें कि पुलिस में 'लाइन हाजिर' का मतलब किसी पुलिसकर्मी को उसके थाने या चौकी की ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन में भेज देना होता है। यह एक प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई है, जो अक्सर अनुशासनहीनता, लापरवाही या किसी शिकायत की जांच के दौरान की जाती है। लाइन हाजिर होने पर पुलिसकर्मी को कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं सौंपा जाता और वह अधिकारियों की सीधी निगरानी में रहता है, जब तक कि जांच पूरी नहीं हो जाती।
चुराह के विधायक हंसराज युवती के आरोपों के बाद दर्ज हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मामले में वीरवार को महिला थाना चंबा पहुंचे। युवती ने विधायक पर कुछ माह पूर्व उसे चंडीगढ़ स्थित फ्लैट में ले जाकर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। पुलिस की टीम ने विधायक से कई सवाल किए। विधायक के पुलिस निगरानी में मेडिकल भी करवाने की बात सामने आई है। सूत्र के मुताबिक पुलिस टीम ने युवती के आरोपों के आधार पर चंडीगढ़ स्थित फ्लैट में भी दबिश दी। इस दौरान पुलिस टीम ने साक्ष्य और सबूत भी मौके से एकत्रित किए। एक साल पहले चुराह के विधायक पर अश्लील चैट करने, उसे और परिवार को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाने वाली युवती ने न्यायालय में अपने बयानों से पलट गई थी। इसके बाद हाल ही में युवती ने सोशल मीडिया पर आकर एक बार फिर से विधायक पर संगीन आरोप लगाए। इसके बाद महिला आयोग, पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि पुलिस टीम पूरी निष्पक्षता से मामले की जांच में जुटी हुई है।
इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मलेन्द्र राजन ने आज ग्राम पंचायत माजरा और मलकाना में “विधायक आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत लोगों की समस्याएँ सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके समयबद्ध समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर अपने संबोधन में विधायक मलेन्द्र राजन ने बताया कि माजरा का मुख्य मार्ग, जो पठानकोट एवं अन्य क्षेत्रों को जोड़ता था, गत वर्ष बरसात के दौरान आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। उन्होंने कहा कि अब इस मार्ग को लोगों और वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। विधायक ने जानकारी दी कि 50 लाख रुपये की लागत से इस मार्ग के प्रोटेक्शन कार्य को शीघ्र आरंभ किया जाएगा, जिसके लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। साथ ही, 22.70 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनर्निर्माण हेतु डीपीआर तैयार कर सरकार को भेजी गई है, जिसे शीघ्र स्वीकृत कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मलेन्द्र राजन ने कहा कि डमटाल को माजरा से जोड़ने के लिए एक पुल का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि मलकाना पंचायत में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए एक नई योजना तैयार की गई है, जिसका निर्माण कार्य पूर्ण होते ही उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बिजली समस्या के समाधान हेतु एक नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। वहीं, मिलवां से बरोटा सड़क का निर्माण कार्य 20 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जो क्षेत्र की एक प्रमुख मांग रही है। इसके अतिरिक्त, त्योड़ा पत्तन पुल की डीपीआर 14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कर सरकार को भेजी गई है, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान और विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में एसडीएम डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, एसई लोक निर्माण विभाग मोहिंदर पाल धीमान, एक्सईएन दीपक महाजन, डीएसपी संजीव कुमार, तहसीलदार अमनदीप सिंह, एक्सईएन विद्युत बोर्ड संदीप सन्याल, एसडीओ आईपीएच अनिल ठाकुर, माजरा उपप्रधान तिलक, पोंग बांध सलाहकार समिति के निदेशक कुलदीप शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रणजीत पठानिया, व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य गगनदीप, रिंकू सहोत्रा, वार्ड सदस्य साहिल, रोमी, मलकाना प्रधान नरेंद्र कौर, ओबीसी सेल के अध्यक्ष केवल, उपप्रधान ठाकुरद्वारा राणा प्रताप, उपप्रधान बसंतपुर जोगिंदर सिंह, पूर्व प्रधान सीता देवी, तारा चंद, क्रशर उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार को कुल्लू जिले में कचरा प्रबंधन की बदहाल स्थिति को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने फटकार लगाई है। अधिकरण ने राज्य के मुख्य सचिव को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के पालन से संबंधित विस्तृत शपथपत्र दो माह के भीतर दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। वीरवार को यह सुनवाई न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डा. अफरोज अहमद की पीठ के समक्ष हुई। हिमाचल के महाधिवक्ता अनूप रतन ने तर्क दिया कि इस मामले में प्रदेश उच्च न्यायालय ने पहले ही स्वयं संज्ञान याचिका संख्या 36/2025 के रूप में सुनवाई शुरू कर दी है। इस पर एनजीटी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय मामलों में दोनों संस्थाएं समानांतर रूप से कार्रवाई कर सकती हैं और यदि किसी आदेश में टकराव होता है, तो उच्च न्यायालय का आदेश प्रभावी रहेगा। प्राधिकरण ने कुल्लू और कसोल में कचरे की भयावह स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए प्रतिवादी संख्या पांच को निर्देश दिया कि वह जिला पर्यावरण समिति से परामर्श कर वैकल्पिक प्रबंधन व्यवस्था तैयार करे। समिति को दो माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 की प्रत्येक धारा के अनुपालन का विवरण सारणीबद्ध रूप में दिया जाए। एनजीटी ने साथ ही हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव को प्रतिवादी संख्या छह, जबकि शहरी विकास और ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिवों को क्रमशः प्रतिवादी संख्या सात और आठ के रूप में मामले में शामिल किया है। प्राधिकरण ने निर्देश दिया कि मुख्य सचिव स्वयं या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी के माध्यम से यह रिपोर्ट दाखिल करें और राज्य में लागू जन विश्वास अधिनियम 2023 के तहत पर्यावरण संरक्षण अधिनियम में किए गए संशोधनों के अनुपालन का ब्योरा दें। यह भी आदेश दिया कि मुख्य सचिव राज्य के सभी विभागों को निर्देश जारी करें, ताकि निर्णायक अधिकारी स्वयं संज्ञान लेकर पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाले सरकारी अधिकारियों या निजी पक्षों पर जुर्माना लगा सकें। मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को तय की गई है। सभी संबंधित पक्षों को एक माह के भीतर अपने अतिरिक्त उत्तर दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में नशा तस्कर को पड़कने गई पुलिस टीम को कुचलने का प्रयास किया गया। जानकारी के अनुसार पुलिस थाना सदर हमीरपुर के तहत नशा तस्करी की सूचना मिलने पर दुगनेहड़ी में नाल्टी सड़क पर लगे नाके को तोड़ पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया गया। वारदात में थाना प्रभारी कुलवंत राणा को चोट लगी है। आरोपी ने जब गाड़ी को नहीं रोका तो थाना प्रभारी ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी की गाड़ी पर गोली चला दी, जिससे उसका टायर पंचर हो गया। हिमाचल में पंजीकृत गाड़ी के मालिक पर पहले ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस को रात को सूचना मिली थी कि गाड़ी में नशे की खेप है। इस गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ने के लिए नाका लगाया गया था। दुगनेड़ी के पास सुबह करीब 6:30 बजे नाका लगाया गया था और करीब 8:00 बजे गाड़ी वहां पहुंची तो गाड़ी को रोकने का प्रयास किया गया लेकिन रोकने की बजाय आरोपी ने पुलिस थाना प्रभारी पर गाड़ी चढ़ा दी। आरोपी ने गाड़ी को सड़क में छोड़ दिया और खुद फरार हो गया है। हालांकि, पुलिस ने आरोपी की पहचान करली है। पुलिस को यह सूचना मिली थी कि इस गाड़ी में सिंथेटिक ड्रग चिट्टा है।
दिनांक 6 नवम्बर से 7 नवम्बर तक आयोजित राज्यस्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में लौरिएर ग्लोबल स्कूल की छात्रा डोयल रियालच ने अंडर-14 वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया। आगामी राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता 10 दिसंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें डोयल रियालच अपनी टीम के साथ हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। छात्रा की इस शानदार उपलब्धि पर स्कूल के प्रबंध निदेशक डा. रण सिंह, कैम्पस डायरेक्टर डा. एम. एस. आशावत तथा प्रधानाचार्या डा. अंकिता शर्मा ने डोयल रियालच और उनके अभिभावकों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जिला लेखक संघ की मासिक बैठक एवं काव्यगोष्ठी का आयोजन घुमारवीं में हुआ। ये आयोजन देलग गांव में संघ के सदस्य हेमराज शर्मा के घर में हुआ, जिसमें लेखक संघ के संरक्षक डॉक्टर लेख राम शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। बैठक का शुभारंभ सरस्वती वन्दना के साथ किया गया। इसके बाद लेखक संघ की गतिविधियों पर विचार विमर्श किया गया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता डॉ.अनेक राम संख्यान ने की। कवि सम्मेलन में डॉक्टर लेखराम शर्मा ने "दादे रा किरड़ू, बाबे जो त्यार", प्रीति शर्मा मधु ने "गांव-गांव का शहर, शहर में छंट गया जीवन", संघ के प्रेस सचिव केशव शर्मा रसिक ने "इस मन को मैंने बार-बार समझाया, बदलती दुनिया का हर रंग दिखाया", सुनील शर्मा ने "एक समय था", शमशेर सिंह चंदेल ने "हिमाचल है सरताज हिंद का, दुनिया का ये तारा है", अजय शर्मा ने "खुश रहना तो है आसान बहुत", डॉक्टर अनेक राम संख्यान ने "झूमती चली हवा", मास्टर शिवाय ने "हरपल चलती जाती चींटी", बृजलाल लखनपाल ने "मैं रहूं या न रहूं", रविंद्र कुमार शर्मा ने "मन करदा इक छोटा जेहा टप्परू मैं वी बणाऊं" आदि कविताएँ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम के अंत में हेमराज शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन की भूमिका रविंद्र कुमार शर्मा ने बखूबी निभाई। इस अवसर पर लेखक संघ की ओर से हेम राज शर्मा व अजय शर्मा को टोपी व शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया।
राज्य विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तैयारियां तेज कर दी हैं। धर्मशाला के तपोवन में 26 नवंबर से शुरू होने जा रहे विधानसभा के शीत सत्र में इस बार प्राकृतिक आपदा, सड़कों, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और कर्मचारियों की मांगों से जुड़े विषय प्रमुख हैं। सत्र के लिए बुधवार तक राज्य विधानसभा सचिवालय को 300 से अधिक सवाल मिल गए हैं। आने वाले दिनों में सवालों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। यह प्रश्न विधानसभा सचिवालय को विधायक 19 दिसंबर तक भेजे पाएंगे। शीत सत्र का समापन पांच दिसंबर को होगा। इस बार भी विपक्षी भाजपा जहां आक्रामक रुख में होगी, वहीं सत्ता पक्ष भी हमलावर रहेगा। राज्य विधानसभा सचिवालय ने विभिन्न विभागों को स्पष्ट किया है कि सवालों के जवाब समय पर तैयार करें, जिससे सत्र के दौरान मंत्री सटीक और पूर्ण जानकारी सदन के पटल पर रख सकें। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सत्र के दौरान आपदा राहत कार्यों पर भी सदन में वक्तव्य देंगे। इस वर्ष बरसात के दौरान राज्य के कई जिलों में प्राकृतिक आपदा आई, जिससे सैकड़ों सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए। जलापूर्ति योजनाएं ठप हो गईं और हजारों लोग विस्थापित हुए। सत्र में इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विधायकों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और राहत पैकेज के वितरण में पारदर्शिता को लेकर भी विपक्ष द्वारा प्रश्न उठाए जाएंगे। यह आठ बैठकों वाला अब तक का सबसे लंबा शीत सत्र है। कांग्रेस सरकार जहां अपने तीन वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को सामने रखने की तैयारी में है, वहीं भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर घेरने का प्रयास करेगी। तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
पुलिस थाना परवाणू के तहत एक युवक को 238 ग्राम चरस सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अजय नामक व्यक्ति पंचायत घर टकसाल के समीप एक किराए के कमरे में चरस बेचने का धंधा करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसके कमरे में दबिश दी। कमरे में मौजूद युवक की पहचान जय (18) पुत्र लायक राम निवासी गांव कुण्डी डाकघर थरोच तहसील नेरवा जिला शिमला के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से 238 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 11 दिसंबर को मंडी जिले में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित करेगी। कार्यक्रम स्थल के चयन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी साझा की। उन्होंने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में पिछले तीन वर्षों के दौरान वर्तमान राज्य सरकार द्वारा ‘व्यवस्था परिवर्तन’ पहल के माध्यम से हासिल सकारात्मक परिवर्तन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण सुधार किए हैं, जिससे राज्य भर के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ राजस्व सृजन में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले व्यक्तियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को इस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकासात्मक गतिविधियों में तेजी लाने और जमीनी स्तर पर सरकार की प्राथमिकताओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए दो वर्षीय रोडमैप तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने लोगों के घर-द्वार तक और अधिक सेवाएं पहुंचाने, डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और सभी विभागों में सुशासन को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। राज्य के सभी उपायुक्त भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
भारतीय जनता पार्टी जसवां-परागपुर मंडल ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कोटला बेहड़ उपमंडल के लिए भवन का निर्माण न हो पाने पर गहरी नाराज़गी और खेद व्यक्त किया है। मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा और वीरेंद्र ठाकुर ने एक संयुक्त बयान में कहा कि गांव के समाजसेवी एवं दानी व्यक्ति रमेश शर्मा ने लाखों रुपये की कीमत की भूमि खरीदकर सरकार को मुफ्त में दान दी थी, ताकि उस भूमि पर पीडब्ल्यूडी उपमंडल का भवन बनाया जा सके। इस भवन का शिलान्यास तात्कालिक उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ने किया था और भवन निर्माण के लिए धनराशि भी स्वीकृत करवाई गई थी। उन्होंने कहा कि आज तक इस भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी सब-डिवीजन डाडासीबा के अंतर्गत लगभग 530 किलोमीटर लंबी सड़कें आती हैं, जिनका निरीक्षण करने के लिए सहायक अभियंता के पास विभागीय वाहन तक उपलब्ध नहीं है। यही स्थिति परागपुर उपमंडल के सहायक अभियंता की भी है। दोनों अधिकारियों को निरीक्षण के लिए निजी वाहनों या ठेकेदारों के वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में विभागीय कार्यों की निगरानी और जनता की समस्याओं का समाधान प्रभावी रूप से नहीं हो पा रहा है। दोनों मंडल अध्यक्षों ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से आग्रह किया है कि जसवां-परागपुर की जनता अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रही है। अतः जल्द कोटला बेहड़ में उपमंडल भवन का निर्माण कार्य आरंभ किया जाए और संबंधित अधिकारियों को विभागीय वाहन उपलब्ध करवाए जाएं।
सहायक पंजीयक सहकारी समिति सोलन ने मंगलवार को बघाट बैंक लोन डिफाल्टरों के मामले की सुनवाई के लिए अदालत लगाई। इसमें 41 डिफाल्टरों को समन जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया गया था। इसमें करीब 23 डिफाल्टर सुनवाई के लिए पहुंचे। 20 डिफाल्टरों की संपत्तियों की नीलामी के सहायक पंजीयक की अदालत ने आदेश जारी किए हैं। तीन डिफाल्टरों ने 2.80 लाख रुपये के चेक दे दिए। वहीं उन्होंने हर माह किस्तें भरने के लिए भी हामी भरी। उन्हें कुछ राहत दे दी गई। इसमें सबसे बड़ा डिफाल्टर ऊना से पहुंचा था। उसकी करीब 6 करोड़ रुपये देनदारी ब्याज सहित हो चुकी है। डिफाल्टर ने कहा कि वह अपनी संपत्ति बेचकर जल्द ही पूरा ऋण का पैसा लौटा देगा। कुछ अन्य डिफाल्टरों ने भी खुद अपनी संपत्तियां बेचकर ऋण चुकाने की बात कही, जिसके बाद उन्हें कुछ माह का समय दिया गया है। बघाट बैंक लोन मामले में कुछ डिफाल्टर और गारंटरों ने बड़े खुलासे भी किए। इस दौरान कर्मचारियों पर आरोप लगाए कि डिफॉल्टरों ने बैंक प्रबंधन और उन्होंने लोन देने के बदले उनसे पैसे भी लिए थे। बाकायदा इसके लिए उन्होंने अपने खातों की डिटेल भी दिखाई। वहीं गारंटर ने भी आरोप लगाए कि लोन देने के समय उन्हें केवल यह बताया गया था कि 3 लाख की लिमिट है। बाद में यहां आकर पता चला कि 30-30 लाख रुपये का लोन लिया गया है और बड़ी बात क्या है कि इसमें गारंटर की जमीन को भी अटैच किया गया था। इसके अलावा डिफॉल्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि सोलन शहर में एक नामी और बड़े डिफाल्टर को पुलिस गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। जबकि छोटे-छोटे डिफॉल्टरों को गिरफ्तार किया जा रहा है। करीब 18 डिफाल्टर अदालत से समन जारी होने के बाद भी अदालत में नहीं पहुंचे। अब सहायक पंजीयक की अदालत से उनकी गिरफ्तारी के लिए जल्द गैर जमानती वारंट जारी होंगे और उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। तीन दिन तक चलने वाली सहायक पंजीयक की अदालत बुधवार को भी जारी रहेगी। दूसरे दिन 39 डिफाल्टरों को इसमें बुलाया गया है। उधर, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन गिरीश नड्डा ने कहा कि अभी दो दिन और अदालत लगेगी।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बडोली कोहाला में कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राओं को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सौजन्य से एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा की उपस्थिति में ट्रैक सूट वितरित किए गए। यह कार्यक्रम विद्यालय प्रांगण में सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. शर्मा ने छात्राओं को खेलकूद और शारीरिक फिटनेस के महत्व पर प्रेरक संदेश दिए। उन्होंने छात्राओं से जीवन में अनुशासन, परिश्रम और सक्रियता बनाए रखने का आह्वान किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश ठाकुर ने एनएचएआई के अधिकारियों और डॉ. संजीव शर्मा का इस सराहनीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से छात्राओं में खेल भावना, आत्मविश्वास और टीम भावना को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, छात्राएँ तथा एस.एम.सी. प्रधान उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार सुबह राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस दाैरान दोनों के बीच प्रदेश के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शिमला लिफ्ट पार्किंग के समीप हिम-ईरा की पहल हिमाचल हाट का शिलान्यास किया। सीएम सुक्खू ने इस अवसर पर कहा कि हिम ईरा में पहली बार महिलाओं को फूड वैन उपलब्ध करवाई गई है। इसी वर्ष 60 और वैन महिलाओं को उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली घटना के बाद प्रदेश में अधिकारियों को सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सुक्खू ने कहा कि 11 दिसंबर को प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने पर समारोह का आयोजन किया जाएगा। CM सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि वह तनाव में हैं, हर दिन बयान देते हैं। क्योंकि भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है। भाजपा के पांचों गुटों में बहुत तनाव चल रहा है। इसमें अनुराग गुट, नड्डा गुट, जयराम गुट, बिका हुआ गुट व ध्वाला गुट शामिल हैं। वहीं सीएम सुक्खू ने महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। सीएम ने कहा कि मालवीय ने अपना संपूर्ण जीवन देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित किया। हिमाचल सरकार उनके आदर्शों को अपनाकर एक शिक्षित, जागरूक और उत्तरदायी समाज बनाने के लिए सतत प्रयासरत है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन जिला में सनवारा टोल बैरियर को आज से फिर शुरू करने की अनुमति दे दी है। सड़क की खराब हालत के कारण अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान शर्त लगाई थी कि यदि NHAI व राज्य सरकार सोलन से शिमला तक की सड़क के खराब हिस्सों को समय पर दुरुस्त कर दें तो टोल बैरियर को खोलने की अनुमति दे दी जाएगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह हाईवे से बालूगंज यू-टर्न पर सुधार का काम पूरा करे और शिमला नगर निगम को उचित कदम उठाने का निर्देश दें। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने राज्य सरकार और एनएचएआई दोनों को यह काम पूरा करने के लिए 10 दिन का समय दिया था। उल्लेखनीय है कि पूर्व में अदालत ने सनवारा टोल बैरियर को पहले 20 सितंबर से 30 अक्टूबर तक बंद करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने इस मामले में सामान्य सुविधाओं की कमी पर स्वतः संज्ञान लिया था। तब मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने जिलाधीश सोलन को आदेश जारी किए थे कि वह सड़क की दशा सुधारने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी को जरूरी सहायता मुहैया करवाए। इसके अलावा कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को आदेश जारी किए थे कि वह कैथली घाट से शिमला तक सड़क मार्ग की दशा को सुधारने के लिए कार्य करें। विशेषतया शोघी औद्योगिक क्षेत्र में सड़क की खस्ता हालत को भी सुधारने के लोक निर्माण विभाग को आदेश जारी किए गए थे। मामले पर आगामी सुनवाई 30 अक्टूबर को हुई थी। उसके बाद अदालत ने संबंधित पक्षों को दस दिन का समय दिया था। अदालत के सख्त रुख को देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी व लोक निर्माण विभाग सहित नगर निगम ने तय समय में काम पूरा कर दिया है।
जल तरंग जोश महोत्सव 2025 को अधिक समावेशी और प्रेरणादायक बनाने की दिशा में जिला बिलासपुर प्रशासन द्वारा दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए जिला स्तरीय फैशन शो और टैलेंट हंट शो का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जिला कल्याण अधिकारी की उपस्थिति में इस विशेष कार्यक्रम का पोस्टर लॉन्च किया। उपायुक्त ने कहा कि यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को अपनी प्रतिभा व रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त एवं सम्मानजनक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सामाजिक सहभागिता, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ावा देना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उपायुक्त ने बताया कि बिलासपुर जिला के विभिन्न विशेष विद्यालयों और संस्थानों के बच्चे एवं युवा इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, इच्छुक प्रतिभागियों के लिए एक गूगल फॉर्म भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से कोई भी दिव्यांगजन आसानी से पंजीकरण कर सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि इस आयोजन के लिए जिला कल्याण अधिकारी आर.सी. बंसल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और संबंधित जानकारी उनके कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। यह आयोजन जिला प्रशासन द्वारा समाज कल्याण एवं अधिकारिता विभाग, रेडक्रॉस सोसाइटी और समर्थ हमारी पहचान एनजीओ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह, जिला कल्याण अधिकारी आर.सी. बंसल, रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव अमित शर्मा, समर्थ हमारी पहचान एनजीओ के प्रधान लग्नेश कुमार, संगीता सोनी सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने सबसे पहले दिल्ली में हुए धमाके पर दुख व्यक्त किया और जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने लोगों और व्यापारियों को मेले की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मेले के इतिहास पर प्रकाश डाला और मेले में लोक कलाकारों की ओर से दी गई प्रस्तुति की सरहना की। राज्यपाल ने चिट्टे नशा के प्रचलन पर चिंता जताते हुए कहा कि देश विरोधी ताकतें इस नशे को युवाओं तक पहुंचा रही हैं। इसका सभी पुरजोर विरोध करना चाहिए। पुलिस प्रशासन नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा और जनप्रतिनिधि भी इसके विरोध में उतर रहे हैं। आम लोग भी इस अभियान में आगे आकर प्रशासन का सहयोग करें। तभी इस नशे को समाप्त किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि हम सब आज पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसकी वजह से प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। हम सभी को पर्यावरण को बचाने के लिए प्रयास करने होंगे। मेले के शुभारंभ के बाद राज्यपाल ने किन्नौर मार्केट और सरकारी विभागों की ओर से लगाई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे भाजपा विधायक हंसराज को चंबा की जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। हंसराज को जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल गयी है। न्यायालय ने एमएलए को पुलिस जांच में सहयोग के आदेश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 22 नवंबर को तय की गई है। पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज होने पर एमएलए ने चंबा के जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। आज सुनवाई के बाद हंसराज को अग्रिम जमानत मिल गयी है। इससे पहले चंबा पुलिस ने हंसराज को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इस दौरान पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाने का काम किया है। चूंकि मामले में युवती ने अपने नाबालिग होने के दौरान यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की है, लिहाजा डॉ. हंसराज पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी धारा लगी है। ऐसे में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका लगाई गई थी। एमएलए हंसराज का फोन बंद है। हंसराज पर इसी महीने की 7 तारीख को शिकायत दर्ज हुई है। अब जमानत मिलने के बाद उन्हें पुलिस जांच में सहयोग करना होगा। चुराह से तीसरी बार MLA बने हंसराज के खिलाफ पीड़िता ने पहले फेसबुक के माध्यम से लाइव होकर संगीन आरोप लगाए। फिर युवती के पिता ने भी मीडिया के समक्ष आकर भाजपा एमएलए पर आरोप लगाए थे। अब पॉक्सो लगने से मामला गंभीर हो गया है। अब 22 नवंबर को मामले में अगली सुनवाई होगी।
लेह में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला के एक युवक ने दुखद अंत पाया है। विकास खंड सुजानपुर के रहने वाले अक्षय शर्मा, पुत्र मनोज शर्मा की लेह क्षेत्र में तैनाती के दौरान ऑक्सीजन की अप्रत्याशित कमी के कारण आकस्मिक मृत्यु हो गई है। यह होनहार युवक भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) के लिए एक आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत था और सीमावर्ती क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और रखरखाव में अपना योगदान दे रहा था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अत्यंत ऊँचाई पर अचानक ऑक्सीजन की कमी के कारण अक्षय की तबियत बिगड़ गई और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सुजानपुर के एसडीएम विकास शुक्ला ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अक्षय शर्मा बीआरओ में जेसीबी ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। इस युवा राष्ट्र सेवक के असमय चले जाने से क्षेत्र के लोग शोकाकुल हैं और उन्होंने परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।
कुल्लू घाटी में जंगलों की अवैध कटाई शुरू हो गई है। वन माफिया रातों रात इमारती लकड़ियों को ठिकाने लगा रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने भी जंगलों में गश्त बढ़ा दी है, लेकिन वन काटुए लगातार हरे भरे पेड़ों को नुक्सान पहुंचा रहे हैं। गत रात्रि मणिकर्ण घाटी के छरोड़नाला के पास भ्रेण पुल पर वन विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर नाका लगा रखा था। नाके के दौरान एक जीप मणिकर्ण से भुंतर की ओर आ रही थी। वन विभाग की टीम ने जब तलाशी के लिए जीप को रोका तो निरीक्षण के दौरान जीप से देवदार के बिना हैम्बर मार्क 29 स्लीपर पाए गए। वहीं जब जीप चालक गगन से स्लीपर के कागजात मांगे, लेकिन वह दिखा नहीं पाया। ऐसे में वन विभाग की टीम ने स्लीपरों की पैमाईश करके स्लीपर में जब्ती हैम्बर लगाया गया है। जब्त की गई स्लीपरों का बाजार मूल्य करीब 189235 रुपए आंका गया है। टीम ने जीप को जब्त करने के बाद चालक के खिलाफ प्राथमिकी सूचना दर्ज करवाई है। नाके के दौरान वन विभाग की टीम में वन खंड अधिकारी जरी चमन लाल, वन रक्षक प्रभारी जरी राम चंद, वन रक्षक प्रभारी धारा संजय ठाकुर व वन रक्षक प्रभारी शाट वेद राम मौजूद रहे। डी.एफ.ओ. पार्वती प्रवीण ठाकुर ने कहा कि वन विभाग की टीम ने छरोड़नाला के पास नाका लगा रखा था। उन्होंने कहा कि नाके के दौरान वन विभाग की टीम ने जीप सहित देवदार के 29 स्लीपर बरामद किए हैं। उन्होंने कहा कि वन माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्वती वन मंडल के तहत आने वाली सभी वन बीटों में रात्रि और दिन की गश्त बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अवैध कटान रोकने के लिए फील्ड स्टाफ को कडे़ निर्देश दिए हैं।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने शनिवार को अपने परिसर में फाउंडेशन फॉर लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस मैनेजमेंट (FLSBM) की अध्यक्ष सरोज खोसला का 85वां जन्मदिन मनाया। यह अवसर न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि शिक्षा और संस्थागत विकास में उनके निरंतर योगदान के लिए कृतज्ञता और प्रशंसा का भी क्षण था। इस विशेष दिन पर, उन्होंने शूलिनी विलेज में नए छात्रावास ब्लॉक की आधारशिला रखी, जो विश्वविद्यालय के निरंतर विकास और छात्रों के लिए एक जीवंत और समावेशी आवासीय समुदाय बनाने की उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। समारोह को संबोधित करते हुए, खोसला ने संकाय और कर्मचारियों को दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। 85 वर्ष की आयु में भी, उन्होंने काम करना जारी रखा है जो समर्पण, अनुशासन और करुणा का उदाहरण प्रस्तुत करता है। SILB में समाज और छात्रों की बेहतरी के लिए उनके अथक प्रयास शिक्षा और सेवा के प्रति उनकी आजीवन प्रतिबद्धता का एक सच्चा प्रमाण हैं।
हिमाचल प्रदेश में मंडी सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मंच पर खड़े होकर कहा कि यहां मौजूद सभी मेरा परिवार है। मैं इन्हीं लोगों के बीच से आया हूं। आपदा में हुई तबाही को लेकर भाजपा विधायक ने कहा कि हिमाचल को इस समय किसी पार्टी की नहीं बल्कि राहत की दरकार है और सभी को मिलकर मदद करनी होगी। भाजपा और कांग्रेस को एक साथ आगे आकर ऐसे कार्यक्रम बनाने होंगे, जो पार्टी से हटकर हो और प्रदेश के हित में हो। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी सड़कों की बहाली नहीं हुई, जिसे लेकर आए दिन लोगों से शिकायत मिल रही है। उन्होंने कहा कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र की सनौर घाटी की सड़कें अभी भी बंद पड़ी हुई है। जिस कारण बागवानों का लाखों रुपए का सेब बगीचों में ही सड़ गया। हालात यहां ऐसे बयां कर रहे हैं कि एक साल तक यह सड़क खुलने वाली भी नहीं है। हम सरकार को दोष नहीं दे रहे हैं, लेकिन किसानों-बागवानों का बहुत नुकसान हुआ है। अनिल शर्मा ने कहा कि सिर्फ घर टूटने वाले प्रभावितों को ही नहीं, बल्कि किसानों और बागवानों को भी राहत मिलनी चाहिए, क्योंकि आपदा ने उनकी मेहनत और जीविका दोनों को तबाह कर दिया है। उन्होंने सीएम से मांग की कि जिन मकानों को आपदा ने रहने योग्य नहीं छोड़ा है, उन परिवारों को भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकान की तरह 7 लाख रुपये की राहत राशि दी जाए, जिससे वे अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकें। वहीं, इस दौरान भाजपा विधायक ने सुक्खू सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि "जिनके मकान टूटे हैं, उन्हें 7 लाख रुपए देकर आपने बहुत पुण्य काम किया है, मैं आपको बधाई देना चाहूंगा।" गौरतलब है कि 10 नवंबर को मंडी के पड्डल मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित परिवारों को राहत राशि प्रदान की। कार्यक्रम में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए मुख्यमंत्री ने 4,914 लाभार्थियों को 81.28 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की। आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1,513 लाभार्थियों को 7 लाख रुपये में से 4-4 लाख रुपये की पहली किस्त दी गई। इनमें से 781 लाभार्थी मंडी, 631 लाभार्थी कुल्लू और 101 लाभार्थी बिलासपुर जिले के हैं। अब तक, मंडी जिले के 4,375 प्रभावित परिवारों को 14.46 करोड़ रुपये की राहत राशि बांटी जा चुकी है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नैहरनपुखर में युवाओं को एक बार फिर सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है। आगामी 26 नवम्बर 2025 को सुजुकी मोटर गुजरात कंपनी के लिए लिखित परीक्षा एवं कैंपस इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। कंपनी के एचआर विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस भर्ती प्रक्रिया में एनसीवीटी या एससीवीटी से वर्ष 2016 से 2025 के बीच कम से कम 50% अंकों के साथ कोर्स पूरा करने वाले तथा 10वीं कक्षा में न्यूनतम 40% अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। इस इंटरव्यू में इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, पेंटर जनरल, मोटर मैकेनिक, सीओई ऑटोमोबाइल, डीजल मैकेनिक, प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर, टर्नर, मशीनिस्ट, ट्रैक्टर मैकेनिक, टूल एंड डाई मेकर, वायरमैन, शीट मेटल वर्कर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक में प्रशिक्षण ले चुके अभ्यर्थी भाग ले सकते है। अभ्यर्थियों की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को कंपनी द्वारा ₹25,300 मासिक वेतन, जबकि अप्रेंटिसशिप हेतु ₹19,500 मासिक मानदेय के साथ अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। संस्थान के प्रधानाचार्य सुनील कुमार पटियाल ने बताया कि चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा होगी, जिसके बाद साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस कैंपस इंटरव्यू में प्रदेश भर के सरकारी एवं निजी आईटीआई के छात्र भाग ले सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को 26 नवम्बर 2025 की सुबह 9 बजे अपने मूल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड की प्रतिलिपियों सहित आईटीआई नैहरनपुखर कैंपस में उपस्थित होना होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी संस्थान की ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी नीलम रानी से दूरभाष 01970-292604 पर संपर्क कर सकते हैं।
धर्मपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक व्यक्ति से 0.47 ग्राम चिट्टा हेरोइन बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDP&PS एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। धर्मपुर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए जिले भर में लगातार गश्त, ट्रैफिक चेकिंग और नाकाबंदी की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें, ताकि इस बुराई को समाज से खत्म किया जा सके। पुलिस ने कहा है कि नशा तस्करी की जानकारी देने वालो की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। बता दें कि पुलिस थाना धर्मपुर की टीम ने गन्तरयालु नाला के पास कुमार पुत्र मंजीत सिंह से 0.47 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना धर्मपुर में मामला दर्ज किया गया है और जांच अभी जारी है।
कांगड़ा जिला के बैजनाथ में दो सरकारी बसों में आग लगाने के मामले में पुलिस ने एक 34 साल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने नशे में धुत होकर इन बसों में आग लगाई और दोनों बसें जलकर राख हो गई हैं। HRTC बस ड्राइवर ने पहले ही पुलिस पूछताछ में शक जाहिर किया था कि ये आग किसी ने जानबूझकर बसों में लगाई है। एसपी कांगड़ा अशोक रतन ने बताया कि कांगड़ा जिले के भरवाना गांव के निवासी सुशांत को तकनीकी साक्ष्य और CCTV फुटेज के आधार पर शनिवार को हिरासत में लिया गया हैं। एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने नशे में दो सरकारी बसों में आग लगाने की बात कबूल की है और जिसके चलते उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि बैजनाथ पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 326 (G) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के पीछे आरोपी की मंशा का पता लगाने के लिए जांच जारी है। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने अधिकारियों को बस स्टैंडों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पार्किंग क्षेत्रों में नियमित रात्रि गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय विधायक किशोरी लाल ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और उन्होंने आश्वासन दिया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दाड़लाघाट पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी के दौरान एक कार से 613 ग्राम चरस बरामद कर ठियोग निवासी 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार देर रात जब दाड़लाघाट पुलिस की टीम अपराधों की रोकथाम हेतु गश्त पर थी ताे इसी बीच टीम को गुप्त सूचना मिली कि शिमला की तरफ से आ रही एक ऑल्टो कार में सवार 2 व्यक्ति अपने साथ भारी मात्रा में चरस ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की और दाड़लाघाट की ओर आने वाले मार्ग पर नाका लगा दिया। कुछ ही देर में बताई गई ऑल्टो कार वहां पहुंची, जिसे पुलिस ने जांच के लिए रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 613 ग्राम चरस बरामद हुई। इस पर पुलिस ने कार में सवार राय सिंह और राजेंदर सिंह, निवासी ठियोग को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। एसपी गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने चरस और तस्करी में इस्तेमाल की गई गाड़ी को कब्जे में ले लिया है और पुलिस थाना दाड़लाघाट में मामला दर्ज किया है।
हमीरपुर जिला के सलासी क्षेत्र में नाबालिग लड़के द्वारा किए गए हमले में हुई महिला की माैत से गुस्साए स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर रविवार को जमकर प्रदर्शन किया। सैंकड़ों की संख्या में एकत्रित लोगों ने सलासी के नजदीक झन्यारा में कांगड़ा-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर महिला का शव रखकर प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन लगभग अढ़ाई घंटे तक चला, जिससे राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े थे कि आरोपी को या तो फांसी पर लटकाया जाए या फिर उसे जनता के हवाले किया जाए। सूचना मिलते ही जिलाधीश हमीरपुर अमरजीत सिंह, एसपी भगत सिंह ठाकुर, सदर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह और एसडीएम संजीत सिंह सहित भारी प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने लोगों को शांत करवाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन गुस्साए लोग किसी की भी सुनने को तैयार नहीं थे। वहीं सदर विधायक आशीष शर्मा माैके पर पहुंचे तथा मृतका के रिश्तेदाराें से बात की। जब प्रदर्शनकारी किसी भी आश्वासन पर मानने को तैयार नहीं हुए तो मौके पर मौजूद जिलाधीश अमरजीत सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को फोन पर पूरी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने तत्काल मामले में हस्तक्षेप करते हुए मृतका के एक रिश्तेदार से फोन पर बात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि इस मामले में पूरी तरह से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की जाएगी और दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री से मिले इस आश्वासन के बाद ही लोग शांत हुए और उन्होंने राजमार्ग खाली किया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की अब तक की कार्यप्रणाली पर संतोष जताया, लेकिन उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से इलाके में तुरंत एक पुलिस चौकी खोलना, पुलिस गश्त बढ़ाना और स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता शिविर आयोजित करना शामिल है। जिलाधीश अमरजीत सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। उन्होंने इस पूरी घटना को बेहद दुखद और शर्मसार करने वाला बताया।
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान अपने घर खो चुके लोगों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राहत बांटेंगे। राहत आबंटन प्रोग्राम का आगाज मंडी के पड्डल मैदान में दस नवंबर को होगा। मंडी में होने वाले इस आपदा राहत आबंटन प्रोग्राम में कुल्लू, बिलासपुर और मंडी के वह प्रभावित शामिल होंगे, जिनके घर पूरी तरह से बारिश में तबाह हो चुके हैं या फिर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने लाभार्थियों को पड्डल मैदान तक लाने ले जाने का भी पूरा इंतजाम कर रखा है। मंडी जिला में तो संबंधित एसडीएम को प्रभावितों को पड्डल तक लाने के निर्देश दिए हैं। मंडी में 717 घर पूरी तरह से ध्वस्त हुए हैं। इसके अलावा 1400 से ज्यादा आंशिक रूप से टूटे हैं। मंडी जिला में आपदा राहत आबंटन के तहत करीब 2400 लोगों को राहत प्रदान की जाएगी। मंडी डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि दस नवंबर को मंडी, कुल्लू और बिलासपुर के उन प्रभावितों को राहत राशि बांटी जाएगी, जिनके घर पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से गिर गए हैं।
हिमाचल की राजधानी शिमला में इस साल भी दिसंबर के आखिरी सप्ताह में विंटर कार्निवल का रंगारंग आयोजन किया जाएगा। नगर निगम शिमला ने इस आयोजन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। इस बार कार्निवल का आयोजन सात दिन तक चलेगा। यह कार्यक्रम 25 दिसंबर यानी क्रिसमस डे से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगा। नए साल की पूर्व संध्या तक रिज मैदान और मालरोड़ पूरी तरह उत्सव के रंग में रंगे नजर आएंगे। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में विंटर कार्निवल की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। महापौर ने बताया कि यह शिमला का तीसरा विंटर कार्निवल होगा, जो क्रिसमस से लेकर नए साल तक पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन का बड़ा आकर्षण रहेगा। उन्होंने कहा कि इस बार भी कार्निवल में हिमाचली संस्कृति और लोक जीवन की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में हिमाचली लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक परिधानों पर आधारित फैशन शो मुख्य आकर्षण रहेंगे। इसके अलावा हर शाम स्टार नाइट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकारों के प्रदर्शन होंगे। प्रत्येक दिन अलग-अलग थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिससे सैलानियों को हर दिन कुछ नया देखने को मिलेगा। विंटर कार्निवल के दौरान पर्यटन कारोबार भी बढ़ेगा। सात दिवसीय उत्सव में देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। होटल, रेस्तरां, टैक्सी यूनियन और स्थानीय हस्तशिल्प व्यवसायियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
महिला विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर रविवार को रोहड़ू के पारसा गांव स्थित अपने घर पहुंचेंगी। बेटी के घर में स्वागत करने की परिजनों समेत ग्रामीणों और प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। रेणुका का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया जाएगा। रेणुका सुबह 10 बजे सबसे पहले दुर्गा माता मंदिर हाटकोटी में पूर्जा-अर्चना करेंगी। उसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीएम कार्यालय सभागार में रेणुका के सम्मान में स्वागत कार्यक्रम रखा गया है। रोहडू में सवर्ण समाज संगठन ने भी रेणुका के स्वागत कर तैयारी की है। दोपहर बाद रेणुका अपने गांव पारसा पहुंचेंगी। घर पहुंचने पर मां, भाई सहित अन्य परिजन रेणुका का स्वागत करेंगे। ग्रामीण भी रेणुका के घर पहुंचेंगे। एसडीएम रोहड़ू धर्मश रमोत्रा ने बताया कि रेणुका ठाकुर का प्रशासन की ओर से जोरदार स्वागत किया जाएगा। इस क्षेत्र के लिए यह एक गर्व का क्षण है।
युवती के आरोपों पर महिला थाना चंबा में बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने चुराह से भाजपा विधायक हंसराज के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। शनिवार को पुलिस विधायक के घर पहुंची, पर वह घर पर नहीं मिले। उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहे हैं। पुलिस टावर लोकेशन भी खंगालने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि मामला पुराना है, इसलिए ठोस साक्ष्य जुटाना जरूरी है। सूत्र बताते हैं कि विधायक गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस अब मामले में विधायक को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है। गिरफ्तारी होगी या नहीं, यह जांच पर निर्भर करेगा। इसी बीच, शनिवार को पीड़िता को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया गया। कमेटी ने बयान लिया और वीडियोग्राफी की गई। युवती ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी सत्यता की जांच अब पुलिस कर रही है।
हिमाचल प्रदेश की नाहन जेल में हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 65 वर्षीय एक कैदी ओपन जेल से फरार हो गया है। पुलिस व जेल की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। फिलहाल कई घंटे बीत जाने के बाद भी कैदी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। नाहन जेल अधीक्षक भानु प्रकाश शर्मा ने कैदी के फरार होने की पुष्टि की है। नाहन जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी का आचरण काफी अच्छा था। इस वजह से उसे ओपन जेल में मंदिर में पूजा पाठ और साफ सफाई का काम सौंपा गया था। जानकारी के अनुसार जेल से फरार हरियाणा के शाहबाद निवासी हरीश कुमार हत्या के एक मामले में 20 साल की सजा काट चुका है। हैरान करने वाली बात यह है कि उसके अच्छे व्यवहार के चलते लंबे समय से उसे ओपन जेल में रखा गया था। पिछले 6 माह से उसे मंदिर की देखरेख, पूजा अर्चना और साफ-सफाई का काम सौंपा गया था। इस बीच गत वीरवार की शाम वह मंदिर से फरार हो गया। जेल प्रशासन को इसकी भनक तब लगी जब रोल कॉल के दौरान वह जेल से गैरहाजिर पाया गया। जिस दिन ये कैदी फरार हुआ जेल अधीक्षक भी छुट्टी पर थे। सूत्रों के अनुसार कैदी हरीश की पेरोल भी मंजूर हो चुकी थी। यहां तक की इस कैदी की प्रीमेच्योर रिहाई की फाइल भी लगी हुई थी। इसके बावजूद उसने फरार होने जैसा कदम उठाया। जानकारी मिली है कि हरीश को सांस की गंभीर समस्या है, जिसकी वजह से वह ज्यादा चल-फिर भी नहीं सकता और उसका लगातार उपचार भी चल रहा था। एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया, नाहन जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा हरीश कुमार उर्फ हंसराज जेल से फरार हो गया। जिसके खिलाफ पुलिस थाना नाहन में बीएनएस की धारा 262 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार कैदी की तलाश कर रही है। इन दिनों नाहन जेल इस वजह से भी चर्चा में है, क्योंकि हाल ही में जेल में सजा काट रहे दो कैदियों की एक के बाद एक अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई थी। अस्पताल जाते समय ही दोनों ने दम तोड़ा था। अब कैदी के फरार होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
डाडा सीबा जल शक्ति विभाग उपमंडल के शीतला गांव में तीन महीने से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को राहत मिली हैं। जल शक्ति विभाग ने बिजली कटौती के कारण बंद पड़ी मोटरों को फिर से चालू कर सप्लाई बहाल कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से विभाग को बार-बार शिकायत देने के बावजूद भी समस्या हल नहीं हुई थी। इससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया था। विभाग के अधिशाषी अभियंता प्यारे लाल ने कहा कि शीतला गांव की पानी की समस्या अभी हमारे संज्ञान में आई है, विभाग जल्द ही इसका स्थाई समाधान करेगा। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत सप्लाई सुचारु करने के प्रयास शुरू किए गए हैं। ग्रामीणों ने विभाग की ठोस कार्रवाई पर संतोष जताया है लेकिन वे मांग कर रहे हैं कि आने वाले समय में ऐसी समस्या दोबारा न हो। जल शक्ति विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी गलियों तक समान रूप से पानी पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के सासन गांव में 3 नवंबर को खेतों में घास काटने गई 40 वर्षीय रंजना पर गांव के ही 14 वर्षीय नाबालिग ने दराती और डंडे से हमला किया था। लड़के ने महिला से जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। महिला के विरोध के बाद असफल रहा तो उसने दराती और डंडे से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। गंभीर रूप से घायल रंजना को पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के लिए भर्ती किया गया था, जहां शुक्रवार रात महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर ऊना स्थित ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित, जो सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है, ने महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। ग्रामीणों ने जब उसे खेत में लहूलुहान हालत में देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी और अस्पताल पहुंचाया। पहले मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन वहां वह जिंदगी की जंग हार गई। पुलिस ने घटना स्थल से दराती, डंडा, टूटी स्केल और पेन के टुकड़े बरामद किए थे। पूछताछ में नाबालिग ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मृतका रंजना का पति विजय कुमार लोक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। रंजना अपने 17 वर्षीय दिव्यांग बेटे की परवरिश कर रही थी और उसका सहारा थी। अब उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां की मौत से दिव्यांग बेटा बेसुध है।
हिमाचल प्रदेश में आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले नेताओं को सम्मान स्वरूप दी जा रही पेंशन अब समाप्त हो गई है। राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बिल को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद इस योजना के तहत मिल रही पेंशन बंद कर दी जाएगी। कुल मिलाकर हिमाचल में करीब 105 लोगों को यह पेंशन शुरू हो गई थी। पूर्व भाजपा सरकार ने यह योजना शुरू की थी, जिसके अनुसार आपातकाल के दौरान 15 दिन तक जेल में रहे नेताओं को ₹12,000 एवं 15 दिन से अधिक जेल में रहने वाले नेताओं को ₹20,000 प्रतिमाह पेंशन दी जाती थी। वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जो विपक्ष में रहते हुए इस योजना का विरोध कर चुके थे, ने इसे बंद करने का प्रस्ताव पेश किया था। उनका कहना था कि “आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों ने कोई बड़ा संघर्ष नहीं किया, इसलिए इस तरह की पेंशन उचित नहीं है।” बिल पास होने के बाद अब इस योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली पेंशन बंद हो जाएगी। इस योजना के लाभार्थियों में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, श्याम सिंह, महेंद्र नाथ सोफत, डॉ. राजीव बिंदल सहित कई नेता शामिल थे। सरकार के इस निर्णय पर अब विपक्ष, विशेषकर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजकीय महाविद्यालय की रोवर्स और रेंजर्स इकाई द्वारा फ्लैग डे बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वज फहराने के साथ हुई, जिसने एकता, अखंडता और राष्ट्र सेवा के मूल्यों को उजागर किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. विवेकानंद शर्मा द्वारा की गई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए फ्लैग डे के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं में राष्ट्रीय गौरव एवं उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. रमेश शर्मा और प्रो. मोहिंदर सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज सेवा और जन-जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन रोवर लीडर प्रो. जोगिंदर सिंह और रेंजर लीडर प्रो. शीतल भोपाल के नेतृत्व में किया गया। सभी प्रतिभागियों ने गर्व और सम्मान के साथ ध्वज गीत का सामूहिक गायन किया, जिससे वातावरण देशभक्ति के उत्साह से भर गया। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान भी चलाया गया। विद्यार्थियों को नशे की बुराइयों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई तथा उन्हें स्वस्थ और संयमित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का समापन सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की शपथ के साथ हुआ।
इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मलेन्द्र राजन ने शुक्रवार को गांव टिब्बी और टांडा की हरिजन आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित जलापूर्ति योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब टिब्बी और टांडा गांवों के लोगों को पेयजल की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान विधायक ने क्षेत्रवासियों से संवाद कर उनकी विभिन्न समस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना है ताकि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का रख-रखाव समय पर किया जाए ताकि लोगों को निरंतर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होता रहे। विधायक ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और आने वाले समय में भी ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इस अवसर पर जल शक्ति विभाग के एक्सईएन आनन्द बलोरिया, एसएचओ आशीष पठानिया, एसडीओ जल शक्ति विभाग अनिल ठाकुर, एसडीओ बिजली विभाग शंकर दयाल, राज्य रविदास कल्याण बोर्ड के सदस्य विजय कुमार, काठगढ़ पंचायत के उपप्रधान चेतन सिंह, महिला मंडल अध्यक्ष सुनीता कटोच, पूर्व उपप्रधान शेर अली, सुशीला मन्हास, पोंग डैम एडवाइजरी कमेटी के निदेशक कुलदीप शर्मा, बीडीसी सदस्य साबो बीबी, कांग्रेस कार्यकर्ता मंगत राम, रिंकू, सुरजीत कटोच, कर्ण, हरदीप सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित रहे।


















































