- एक की हालत गंभीर चंडीगढ़ रैफर पुलिस थाना परवाणु के तहत परवाणु-बनासर सडक़ मार्ग पर एक कार गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में दो लोगों को चोटे आई है, जिसमें से एक की हालत नाजुक होने पर चंडीगढ़-32 सैक्टर स्थित अस्पताल में रैफर किया है। जानकारी के अनुसार सन्नी पुत्र झड़वा निवासी गांव बीड़ घाघर जिला पंचकुला हरियाणा व उसके साथ अन्य एक साथी संदीप कामली बनासर संपर्क मार्ग से टी.टी.आर्र हाईटस होल से बचा हुआ खाना लेने कार के माध्यम से गए थे। जब वह वापस आ रहें थे तो संढोग मंदिर के पास इनकी कार अनियंत्रित हो कर खाई में गिर गई, जिससे उसे हल्की चोटे व उसके साथ संदीप को काफी चोटे आई है। एस.एच.ओ. पुलिस थाना परवाणु रुपेश कांत ने मामले की पुष्टि की है।
युवाओं को जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में दी जानकारी - राजेश मेहता जिला रोजगार अधिकारी राजेश मेहता ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रम एंव रोजगार विभाग की ओर से जिला स्नातकोतर महाविद्यालय में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा के सन्दर्भ में युवाओं के लिए व्यावसायिक मार्गदर्शन शिविर लगाया गया जिसमें विभिन्न विभागों से आए हुए विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभाग के बारे में युवाओं को अवगत करवाया। उन्होने बताया कि युवाओं को विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी तथा विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के बारे में परामर्श दिया गया। उन्होने बताया कि इस कार्य में स्नातकोतर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. बच्चन सिंह ठाकुर और सह संयोजक डा. सुरेश कुमार का इस शिविर को सफल बनाने में विशेष योगदान रहा। उन्होने बताया कि इस शिविर में काॅलेज के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर क्षेत्रीय परिवहन आधिकारी एस.के. पराशर, सहायक निदेशक पशु पालन विभाग डा. विनोद कुंदी, मुख्य प्रबंधक अग्रणी यूको बैंक के.के. जसवाल, प्रधानाचार्य राजकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान अजेश कुमार, आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डा. अभिषेक ठाकुर, प्रतिनिधि जिला उद्यान विभाग राम लाल संधू, प्रधान औधोगिक संघ प्रेम डोगरा, प्रतिनिधि जिला उधोग केंद्र सरवन कुमार, सह संयोजक हिमाचल कौशल विकास निगम कुमार गौरव, अधीक्षक ंसर्व राजेश मेहता, भूपेश शर्मा के अतिरिक्त काॅलेज के छात्र व छात्राओं ने भाग लिया।
कुनिहार में बन्दरों का आतंक कुनिहार में बन्दरों का आतंक दिनप्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। यह बन्दर जँहा घरों व दुकानों से सामान उठा कर ले जाते हैं तो वहीँ यह बन्दर लोगों पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर रहे हैं। मंगलवार को पुलिस चौकी के नजदीक एक घर मे बजुर्ग महिला पर दो तीन बन्दरों ने हमला कर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर से 77 वर्षीय बजुर्ग महिला सावित्री देवी अपनी बेटी रीता धवन के घर कुनिहार आई थी। मंगलवार को जैसे ही यह महिला घर की सीढ़ियां चढ़ रही थी बन्दरों ने महिला पर हमला कर दिया और बाजू सहित कई जगह से महिला को काटकर जख्मी कर दिया।जोर जोर से चिलाने पर महिला की बेटी व अन्य लोगो ने मौके पर पहुंचकर महिला को बन्दरों से बचाया और महिला को सिविल अस्पताल ले गए , जहाँ चिकित्सको ने महिला का इलाज किया। गौर रहे कि कुनिहार क्षेत्र में पहले भी बन्दर स्कूली बच्चों सहित आमलोगों को अपना शिकार बना चुके है। यह बन्दर इतने आतंकी व हमलावर हो चुके है कि दुकानों व लोगो के घरों से निडर होकर खाने पीने का सामान ले जाते है व लोगो पर कंही भी हमला कर देते है।क्षेत्रवासी सरकार व विभाग से कई बार इन बन्दरों से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके है। सरकार व विभाग कोई उचित समाधान नही निकाल रहा है। क्षेत्र के लोगो को इन बन्दरों के आतंक के खोफ में जीना पड़ रहा है।क्षेत्र वासियों ने विभाग व सरकार से इन बन्दरों को पकड़कर किसी दूर जंगल मे छोड़ने की मांग की है ।
कुनिहार में बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण क्षेत्र में कई मकान गिर गए।ऐसा ही एक वाक्या कुनिहार उप मंडल के कोठी पंचायत के अंतर्गत हरदेवपुरा जुबला गांव में पेश आया है, जहाँ स्थानीय निवासी धनी राम चौधरी की गौशाला की दीवार ढह जाने से हजारों रुपये का नुकसान हो गया। गनीमत ये रही कि इस गौशाला में एक गाय और छोटी बच्छी को कोई नुकसान नहीं हुआ और वह बाल बाल बचीं। गोशाला का बाकी हिस्सा भी कभी भी गिर सकता है।धनी राम चौधरी बीपीएल परिवार से सम्बंध रखता है।गरीब परिवार के होने की वजह से वह गौशाला की मरम्मत करवाने में असमर्थ है,उसने पंचायत के माध्यम से प्रशासन से मुवावजे की मांग की है। यद्यपि हल्का पटवारी धीरज कुमार ने मौका पर जाकर नुकसान का मुआयना करके रिपोर्ट तैयार कर दी है।
- शूटिंग में पहले भी कमा चुकी है नाम हिमाचल प्रदेश राइफल एशोसिएशन शिमला एवं जिला चंम्बा द्वरा चंम्बा जिले में आयोजित राज्यस्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि दास जिला बिलासपुर ने 50 एम एयर राईफल क्वेलिफाइड कर स्वर्ण पदक जीता। नगर के व्यवसायी दिनेश पाल दास उर्फ मुन्ना की पुत्री निधि वर्तमान में एचएएस की तैयारी कर रही है । निधि दास ने बताया कि वह बचपन से शूटिंग का शौक रखती आई है और आज इस मुकाम तक पहुंचने में उसके पिताजी दिनेश पाल और बड़े भाई आदित्य दास का सहयोग रहा है। वह आगे चलकर देश की सेवा में अपना योगदान देना चाहती है। पूर्व में भी वह राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में न सिर्फ बिलासपुर का प्रतिनिधित्व कर चुकी है बल्कि पदकों के साथ जिले का नाम भी रोशन कर चुकी है। सोलन के पाइनग्रोव स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के बाद निधि ने स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई पंजाब यूनिवर्सिटी से की है। निधि का मानना है कि शूटिंग एक बहुत बेहतरीन खेल स्पर्धा है, लेकिन बिलासपुर, हिमाचल में सुविधा न होने के कारण कोई खिलाड़ी इस खेल में आगे नहीं निकल पाता है।
प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा समय-समय पर प्रचार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में आज सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के राज्य नाट्य दल के कलाकारों ने सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत हरिपुर के गम्भरपुल तथा कंडाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत ममलीग में गीत-संगीत तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया। कलाकारों ने जहां उपस्थित जनसमूह को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की वहीं लोगों का भरपूर मनोरंजन भी किया। नाट्य दल के कलाकारों सुनील कुमार, रमेश चंद्र, नीतिन तोमर, राजेश कुमार, रेखा, निशा बाला, गीता ने नुक्कड़ नाटक ‘शाउणु मामा’ के माध्यम से सहारा योजना की जानकारी प्रदान की। कलाकारों ने बताया योजना के तहत कैंसर, पार्किंसनस रोग, लकवा, मस्कुलर डिस्ट्राफी, थैलेसिमिया, हैमोफिलिया, रीनल फेलियर इत्यादि ये ग्रस्त रोगियों को वित्तीय सहायता के रूप में 2000 रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। इस योजना के तहत बीपीएल परिवार से सम्बन्धित रोगियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। रोगी को अपना चिकित्सा सम्बन्धी रिकॉर्ड, स्थाई निवासी प्रमाण पत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र, बीपीएल प्र्रमाण पत्र अथवा पारिवारिक आय प्रमाण पत्र तथा बैंक शाखा का नाम, अपनी खाता संख्या, आईएफएससी कोड से सम्बन्धित दस्तावेज प्रदान करने होंगे। चलने-फिरने में असमर्थ रोगी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी जीवित होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। सहारा योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र रोगी को अपना आवेदन सभी दस्तावेजों सहित मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना होगा। आशा कार्यकर्ता व बहुदेशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी रोगी के सभी दस्तावेज खण्ड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। खण्ड चिकित्सा अधिकारी इन दस्तावेजों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय को प्रेषित करेंगे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेेदन पत्र जिला स्तर के अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ वेलनेस केन्द्रों में उपलब्ध हैं। समूह गान प्रगति की बंध गई नई डोर, हिमाचल प्रगति की ओर के माध्यम से कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह को हिमकेयर, जल संरक्षण, मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना तथा मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना की जानकारी प्रदान की। कलाकारों ने बताया कि फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के तहत सोलर बाड़ लगाने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक का उपदान दिया जा रहा है। अब इस योजना के तहत अन्य बाड़ भी लगाई जा सकेगी, जिसके लिए 50 प्रतिशत का उपदान उपलब्ध है। अब तक 1200 से भी अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत हरिपुर के प्रधान पंकज, उपप्रधान प्रेम चंद, वार्ड सदस्य निर्मला, पूर्व बीडीसी सदस्य ईश्वर सिंह, ग्राम पंचायत ममलीग की प्रधान द्रोपदी, वार्ड सदस्य मोती राम, मोनिका, पंचायत सचिव कृष्ण चंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
हॉकी के जादूगर को मिले भारत रतन वो दिन जब मेजर ध्यानचंद ने हिटलर का दर्प कुचल दिया साल 1936 की बात है और तारीख थी 15 अगस्त। बर्लिन ओलिंपिक के हॉकी फ़ाइनल मुकाबले में मेज़बान जर्मनी और भारत का मुकाबला चल रहा था। जर्मनी का तानाशाह एडॉल्फ़ हिटलर भी स्टेडियम में मौजूद था। खेल शुरू हुआ और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जादू सर चढ़कर बोलने लगा। बौखलायें जर्मन खिलाडी धक्का-मुक्की पर उतर आए। जर्मन गोलकीपर टीटो वॉर्नहॉल्त्ज से टकराने से ध्यानचंद के दांत टूट गए, पर जज्बा नहीं। ध्यानचंद की कप्तानी में भारत ने जर्मनी को 8-1 से रौंद डाला। मेजर ध्यानचंद ने उस दिन हिटलर का दर्प कुचल दिया। हिटलर ध्यानचंद से इस कदर प्रभावित हुआ कि उन्होंने ध्यानचंद को जर्मन नागरिकता और जर्मन सेना में कर्नल बनाने का प्रस्ताव दिया, पर ध्यानचंद ने उसे विनम्रता से ठुकरा दिया। हॉकी के मैदान में मेजर ध्यानचंद की ड्रिबलिंग इतनी लाजवाब थी कि कई बार तो गेंद उनकी हॉकी स्टिक से चिपकी नजर आती थी। विपक्षियों की शिकायत के आधार पर कई दफे उनकी हॉकी स्टिक की जांच भी की गई।हॉलैंड में एक बार तो उनकी हॉकी स्टिक में चुंबक होने की आशंका में तोड़ कर देखी गई थी। हॉकी में उससे बड़ा खिलाड़ी कोई नहीं हुआ और शायद हो भी ना। ध्यानचंद को भारत रत्न से बहुत पहले सम्मानित कर दिया जाना चाहिए था, पर ये विडम्बना का विषय है कि आज तक किसी भी हुकूमत ने ऐसा करने की जहमत नहीं उठाई। 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की जयंती है और पूरा देश सरकार से उम्मीद कर रहा है कि देर से ही सही इसी दिन उन्हें भारत रत्न दिए जाने का एलान हो। अपने खेल करियर में 1000 और अंतरराष्ट्रीय मैचों में 400 गोल करने वाले मेजर ध्यानचंद निर्विवाद रूप से भारत रत्न के हकदार हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट के आठवीं कक्षा के 43 विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर मोहन हेरिटेज पार्क सोलन गए। छात्रों ने पार्क में बनी हिंदू देवी देवताओं की सुंदर मूर्तियों को देखकर अति प्रसन्नता व्यक्त की व उन मूर्तियों की भव्यता देखकर आश्चर्यचकित हुए। पार्क के बाहर जंगली जीव,हाथी,शेर,बारहसिंगे, जिराफ,घोड़ा,पक्षियों की बनी आकृतियों का भी बच्चों ने खूब आनंद लिया।अश्वनी खड्ड के साथ स्थित पार्क का प्राकृतिक दृश्य बड़ा ही मनोरम लग रहा था।इसके बाद बच्चों ने संकटमोचन मंदिर में मत्था टेका। वहीं सभी बच्चे संकट मोचन मंदिर में भगवान हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचे और पार्क में बच्चों के खेलने के लिए बने गोल चक्कर झूला आदि का आनंद भी लिया गया | इस यात्रा में बच्चों के साथ मेडम मंजु,जयपाल शर्मा तथा अन्य स्टाफ के सदस्य बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे थे।प्रधानाचार्य इंदु शर्मा ने बताया कि शिक्षण से हटकर बच्चे बाह्य ज्ञान व पर्यटन स्थलों की जानकारी हासिल कर सकें इसलिए ऐसे शैक्षणिक भ्रमण करवाए जाते हैं।ताकि विद्यार्थियों का शारीरिक,बौद्धिक व मानसिक विकास हो सके।
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग सोलन द्वारा 29 अगस्त, 2019 को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में खेल दिवस का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी गोवर्धन सिंह ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर ऐतिहासिक ठोडो मैदान में 25 वर्ष से कम आयु वर्ग के लड़कों की हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस हॉकी प्रतियोगिता में सोलन जिला की 5 टीमें भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के प्रतिभागियों को अपना आयु प्रमाण पत्र साथ लाना होगा। जिला खेल अधिकारी ने कहा कि इस प्रतियोगिता से चयनित 16 सदस्यीय टीम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीम को विभाग द्वारा खेल किट उपलब्ध करवाई जाएगी।
स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायत घनागुघाट के महिला मण्डल कलाहरण की महिलाओं ने बीडीसी सदस्य हीरापाल व महिला मंडल की प्रधान मालति देवी की अगुवाई में गांव के आसपास उगी गाजर घास को उखाड़ा। इसके साथ ही उन्होंने रास्तों की साफ सफाई भी की, वहीँ इधर-उधर पड़े कूड़ा कर्कट को एकत्रित कर कूड़ेदान में डाला। बीडीसी सदस्य हीरा पाल ने कहा कि महिला मंडल कलाहरण समय में इस तरह के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भाग लेते है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाया गया स्वच्छता अभियान अब जन आंदोलन बन गया है और इसके अब सार्थक परिणाम देखने को मिल रहे है।उन्होंने सभी लोगों से आह्वाहन किया कि वह अपने आप पास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे।इस मौके पर कला देवी,मीरा देवी,सोमा देवी,सत्या व लता देवी सहित अन्य महिलाये मौजूद रही।
-अंतिम समय में उनके बैक खाते में थे महज 563 रुपये और 30 पैसे वो 28 जनवरी 1977 का दिन था, प्रदेश निर्माता डॉ यशवंत सिंह परमार बतौर मुख्यमंत्री अपना त्याग पत्र दे चुके थे। जो शख्स चंद मिनटों पहले मुख्यमंत्री था, जिसने हिमाचल के निर्माण में अमिट योगदान दिया था या यूँ कहे जिसकी वजह से हिमाचल का गठन संभव हो पाया था, वो यशवंत सिंह परमार शिमला बस स्टैंड पहुँच, वहां खड़ी सिरमौर जाने वाली एचआरटीसी की बस में बैठे, टिकट लिया और अपने गांव बागथन के लिए रवाना हो गए। इस्तीफा देकर बस से वापस घर लौटने वाला सीएम, शायद ही हिन्दुस्तान में दूसरा कोई होगा। डॉ यशवंत सिंह परमार की ईमानदारी का इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा, कि उनके अंतिम समय में उनके बैक खाते में महज 563 रुपये और 30 पैसे थे। प्रदेश निर्माण करने वाले मुख्यमंत्री ने न तो खुद के लिए कोई मकान नही बनवाया, न कोई वाहन खरीदा और न ही अपने पद और ताकत का गलत इस्तेमाल कर अपने परिवार के किसी व्यक्ति या रिश्तेदार की नौकरी लगवाई। जज की नौकरी त्यागी और प्रजामण्डल आंदोलन में हुए शामिल रजवाड़ाशाही के दौर में सिरमौर रियासत के राजा के वरिष्ठ सचिव हुआ करते थे शिवानंद सिंह भंडारी। भंडारी के घर चार अगस्त 1906 को एक बालक का जन्म हुआ, जिसका नाम खुद राजा द्वारा यशवंत सिंह रखा गया।बचपन से ही यशवंत पढ़ाई में तेज थे। प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद यशवंत न नाहन से दसवी पास की और फिर बीए करने लाहौर चले गए। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की।साथ ही डॉक्ट्रेट भी की। डॉक्ट्रेट का विषय था 'द सोशल एंड इक्नॉमिक बैक ग्राउंड ऑफ द हिमालयन पॉलिएड्री', यानी बहु पति प्रथा। खेर, शिक्षा पूर्ण करने के बाद परमार वापस अपने गृह क्षेत्र सिरमौर आ गए, जहां उन्हें सिरमौर रियासत में बतौर न्यायाधीश नियुक्त किया गया। ये वो दौर था जब ब्रिटिश हुकूमत के दिन ढलने लगे थे और आज़ादी का आंदोलन प्रखर हो रहा था। परमार भी आजादी के मतवालो के संपर्क में आ गए। इस दौरान शिमला हिल स्टेट्स प्रजा मंडल का भी गठन हुआ, जिसमें परमार भी सक्रिय रूप से शामिल हो गए। आखिरकार 15 अगस्त 1947 को हिन्दुस्तान स्वतंत्र हो गया, किन्तु पहाड़ी रियासतों का हिन्दुस्तान में विलय नहीं हुआ। 25 जनवरी, 1948 को शिमला के गंज बाजार मे प्रजा मंडल का विशाल सम्मेलन हुआ, जिसमे यशवंत सिंह की मुख्य भूमिका रही। इस सम्मलेन में प्रस्ताव पारित हुआ कि पहाड़ी क्षेत्रों मे रियासतों का वजूद समाप्त कर सभी रियासतों का विलय भारत में होना चाहिए। इसलिए कहलाते है प्रदेश निर्माता इसके बाद 28 जनवरी 1948 को सोलन के दरबार हॉल में 28 रियासतों के राजाओं की बैठक हुई जिसमें सभी ने पर्वतीय इलाको को रियासती मंडल बनाने का प्रस्ताव पारित कर इसे 'हिमाचल' का नाम अनुमोदित किया गया। हालांकि डॉ परमार प्रदेश का 'हिमालयन एस्टेट' नाम रखना चाहते थे किन्तु बघाट रियासत राजा दुर्गा सिंह व अन्य कुछ राजा 'हिमाचल' नाम पर अड़ गए, जिसके बाद प्रदेश का नाम हिमाचल प्रदेश रखा गया। ये नाम पंडित दिवाकर दत्त शास्त्री द्वारा सुजाहया गया था। बैठक के प्रजा मंडल का प्रतिनिधिमंडल तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल से मिला और आखिरकार पहाड़ी रियासतो का हिन्दुस्तान में विलय हुआ। पर डॉ परमार का सपन अभी अधूरा था।डॉ. परमार हिमाचल को पूर्ण राज्य बनाना चाहते थे, जिसके लिए अब वह अपने साथियो के राजनीतिक संघर्ष में जुट गए। 1977 तक रहे सीएम देश के पहले आम चुनाव के साथ ही वर्ष 1952 में प्रदेश का पहला चुनाव हुआ, जिसके बाद डॉ परमार प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने और वर्ष 1977 तक मुख्यमंत्री रहे। इस बीच नवंबर 1966 में पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों का भी हिमाचल में विलय हुआ और वर्तमान हिमाचल का गठन हुआ। आखिरकार 25 जनवरी,1971 का दिन आया और डॉ परमार का स्वप्न पूरा हुआ। तब इंदिरा गाँधी देश की प्रधानमंत्री थी और उस दिन काफी बर्फ़बारी हो रही थी। इंदिरा गांधी बर्फबारी के बीच शिमला के रिज मैदान पहुंची और हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। हिमाचलियों के हितों की रक्षा के लिए लागू की 118 आजकल धारा 118 को लेकर हिमाचल में खूब बवाल मचा है। धारा 118 डॉ परमार की ही देन है। डॉक्टर परमार से कुछ ऐसे लोग मिले थे, जिन्होंने अपनी जमीन बेच दी थी और बाद में वे उन्हीं लोगों के यहां नौकर बन गए थे। इसके चलते उन्हें डर था कि अन्य राज्यों के धनवान लोग हिमाचल में भूस्वामी बन जाएंगे और हिमाचल प्रदेश के भोले भाले लोग अपनी जमीन खो देंगे। इसलिए 1972 में हिमाचल प्रदेश में एक विशेष कानून बनाया गया था ताकि ऐसा न हो। हिमाचल प्रदेश टेनंसी ऐंड लैंड रिफॉर्म्स ऐक्ट 1972 में एक विशेष प्रावधान किया गया ताकि हिमाचलियों के हित सुरक्षित रहें। इस ऐक्ट के 11वें अध्याय ‘कंट्रोल ऑन ट्रांसफर ऑफ लैंड’ में आने वाली धारा 118 के तहत ‘गैर-कृषकों को जमीन हस्तांतरित करने पर रोक’ है। संजय गाँधी की राजनीति में फिट नहीं बैठे डॉ परमार डॉ यशवंत सिंह परमार प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गाँधी के करीबी थे। किन्तु कहा जाता है संजय गाँधी की राजनीति में वे फिट नहीं बैठे। वहीं इमरजेंसी के दौरान ठाकुर रामलाल संजय के करीबी हो गए, ऐसा इसलिए भी था क्यों कि संजय के नसबंदी अभियान में ठाकुर रामलाल ने बढ़चढ़ कर योगदान दिया था। इमरजेंसी हटने के बाद ठाकुर रामलाल ने अपने समर्थक विधायकों की परेड दिल्ली दरबार में करवा दी। इसके बाद डॉ परमार भी समझ गए कि अब बतौर मुख्यमंत्री उनका सफर समाप्त हो चूका है और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।2 मई 1981 को डॉ परमार ने अपनी अंतिम सास ली।
समूचा हिमालय शिव शंकर का स्थान है और उनके सभी स्थानों पर पहुंचना बहुत ही कठिन होता है। चाहे वह अमरनाथ हो, केदानाथ हो या कैलाश मानसरोवर। इसी क्रम में एक और स्थान है, श्रीखंड महादेव का स्थान। अमरनाथ यात्रा में जहां लोगों को करीब 14000 फीट की चढ़ाई करनी पड़ती है तो श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए 18570 फीट ऊंचाई पर चढ़ना होता है। स्थान से जुड़ी मान्यता : स्थानीय मान्यता अनुसार यहीं पर भगवान विष्णु ने शिवजी से वरदान प्राप्त भस्मासुर को नृत्य के लिए राजी किया था। नृत्य करते करते उसने अपना हाथ अपने ही सिर पर रख लिया और वह भस्म हो गया था। मान्यता है कि इसी कारण आज भी यहां की मिट्टी और पानी दूर से ही लाल दिखाई देते हैं। कैसे पहुंचे : दिल्ली से शिमला, शिमला से रामपुर और रामपुल से निरमंड, निरमंड से बागीपुल और बागीपुल से जाओं, जाओं से श्रीखंड चोटी पहुंचे। दिल्ली से कुल 553 किलोमीटर दूर। यात्रा मार्ग के मंदिर : यह स्थान हिमाचल के शिमला के आनी उममंडल के निरमंड खंड में स्थित बर्फीली पहाड़ी की 18570 फीट की ऊंचाई पर श्रीखंड की चोटीपर स्थित है। 35 किलोमीटर की जोखिम भरी यात्रा के बाद ही यहां पहुंचते हैं। यहां पर स्थित शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 72 फिट है। श्रीखंड महादेव की यात्रा के मार्ग में निरमंड में सात मंदिर, जाओं में माता पार्वती का मंदिर, परशुराम मंदिर, दक्षिणेश्वर महादेव, हनुमान मंदिर अरसु, जोताकली, बकासुर वध, ढंक द्वार आदि कई पवित्र स्थान है। यात्रा के पड़ाव : यहां की यात्रा जुलाई में प्रारंभ होती है जिसे श्रीखंड महादेव ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया जाता है। यह ट्रस्ट स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी कई सुविधाएं प्रशासन के सहयोग से उपलब्ध करवाया है। सिंहगाड, थाचड़ू, भीमडवारी और पार्वतीबाग में कैंप स्थापित हैं। सिंहगाड में पंजीकरण और मेडिकल चेकअप की सुविधा है, जबकि विभिन्न स्थानों पर रुकने और ठहरने की सुविधा है। कैंपों में डॉक्टर, पुलिस और रेस्क्यू टीमें तैनात रहती हैं। यात्रा के तीन पड़ाव हैं:- सिंहगाड़, थाचड़ू, और भीम डवार। ।
सर्व एकता जनमंच ने लगाए सरकार पर कुनिहार की उपेक्षा के आरोप सर्व एकता जनमंच कुनिहार की अहम बैठक समिति अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में लोक निर्माण विश्राम गृह कुनिहार में हुई।बैठक में कुनिहार क्षेत्र की कई समाजसेवी संस्थाओं ने भाग लिया। बैठक में क्षेत्र के विकासात्मक कार्यो के साथ साथ कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।अर्की के ऐतेहासिक सायर मेले में कुनिहार क्षेत्र से किसी भी शख्स या सामाजिक संस्था को सायर मेले अर्की की रूपरेखा बनाने के लिए आमंत्रित न करने पर रोष व्यक्त किया गया।जबकि कुनिहार क्षेत्र से मेले के लिए राजस्व के रूप में काफी मोटी रकम इकठ्ठी की जाती है।संस्था ने अबकी बार व्यापार मंडल से अर्की सायर मेले के लिए धन राशि न देने की गुहार लगाई है। सिविल हॉस्पिटल कुनिहार के पुराने भवन की खस्ता हालत पर चर्चा संस्था ने सिविल हॉस्पिटल कुनिहार के पुराने भवन की खस्ता हालत पर भी चर्चा की व अभी हाल ही में आरकेएस की बैठक जो कि एसडीएम अर्की की अध्यक्षता में हुई थी की कार्यवाही पर आपति जताई। 2019-20 के लिए करीब 38 लाख का अनुमानित बजट इस बैठक में पारित किया गया ,जबकि किसी भी अधिकारी ने पुराने भवन के अंदर जाने की जहमत नही उठाई।भवन की छत टपकने से एक्स रे मशीन सहित लाखो रु की दवाइयां बेकार हो गई है।वंहा कार्य करने वाले कर्मचारी जान जोखिम में डाल कर कार्य करते है। कभी भवन की छत गिरने का भय ,तो कभी भवन में सीलन की वजह से करंट का भी ख़ौफ बना रहता है। खण्ड विकास कार्यालय स्थानांतरण हुआ तो करेंगे आंदोलन बैठक में सब तहसील के लिए भूमि चयन पर चर्चा की गई। साथ ही खण्ड विकास कार्यालय को कुनिहार से कंही अन्य जगह पर स्थानांतरण के लिये उपमंडल के कुछ नेताओं व बीडीसी के कुछ सदस्यों द्वारा की जा रही कार्यवाही पर रोष जताया गया।राजेन्द्र ठाकुर ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि स्व. ठाकुर हरिदास के प्रयासों से खण्ड विकास कार्यालय कुनिहार में खुला था व अगर सरकार कुछ छुटभैये नेताओ के कहने पर कार्यालय स्थानांतरण का कोई कदम उठाती है ,तो कुनिहार जनपद के लोग आक्रोश आंदोलन करेंगे। बैठक में भाजपा व कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े किये गए। बैठक में इस बात को लेकर भी रोष जताया गया कि 25 जनवरी पूर्ण राजयत्व दिवस पर कुनिहार में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा कुनिहार को अटल आदर्श स्कूल देने की घोषणा की नोटिफिकेशन आज तक नही हो पाई है,जबकि विद्यालय की ओर से इससे सम्बंधित सभी दस्तावेज सरकार को भेज दिए गए है।संस्था प्रधान ठाकुर का कहना है,कि उपमंडल अर्की में इस विद्यालय बारे में भी चर्चाएं हो रही है,कि इसे भी यंहा न खुलवा कर अर्की में कंही ओर खोलने की तैयारियां है। उपमंडल में कुनिहार क्षेत्र की अनदेखी से ऐसा प्रतीत होता है कि राजाओं के समय बागल व कुनिहार रियासत की दुश्मनी आज भी कायम है। कुनिहार में अगर सरकार की ओर से कुछ भी बड़ा कार्य किया जाता है,तो उपमंडल के नेताओ को तकलीफ हो जाती है,की यह कुनिहार को क्यों दिया गया। सर्व एकता जनमंच कुनिहार ने जनपद की सभी सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करने का प्रण लिया है।अपनी अपनी डफली अपना अपना राग अलापने वाले नेताओ को दर किनार करके क्षेत्र की समस्याओं को सीधे सरकार के समक्ष रखा जाएगा।इस बैठक में कुलदीप कंवर अध्यक्ष नव चेतना संस्था,रुमित सिंह ठाकुर अध्यक्ष क्षत्रिय महासभा,हरजिंदर ठाकुर अध्यक्ष एहसास कल्याण समिति,कौशल्या कंवर अध्यक्ष सम्भव चेरिटेबल संस्था कुनिहार सहित महिला मंडल हाटकोट की सदस्य उषा शर्मा,सीमा महंत बीडीसी सदस्य,संजय शर्मा,जय प्रकाश सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
18 schools likely to participte in Mohinder Memorial Bilingual Turncoat Debate. After having hosted successfully three editions of the Mohinder Memorial Bilingual Turncoat Debate in last three years, Pinegrove School, Dharampur, district Solan is all set to host the fourth edition of the prestigious event. The event, as its name suggests, is designed to showcase not only the debating skills of the participants but also their proficiency in both English and Hindi languages. 18 schools of repute from across the country will be participating in the competition and vying for the coveted trophy. The event will be graced by Padma Shree Prof. Dr. Pushpesh Pant, Former Professor of International Relations at JNU, Delhi. He is a noted Indian academician, food critic and historian with a career spanning over four decades in the field of education. The event will be judged by a team of learned academicians.The judges for Hindi language will be Dr. Mukesh Sharma and Mr. Hemank Kapil, and for English language will be Dr. Harsh Vardhan Singh Khimta and Group Captain Sudhir Diwan. The event is spread over a span of three days from 29th to 31st August, 2019.
आम लोगों तक प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा कार्यान्वित किए गए सघन प्रचार कार्यक्रम की कड़ी में आज राज्य नाट्य दल के कलाकारों ने सोलन जिला के नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत रामशहर तथा कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत हाटकोट में गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जहां आमजन को प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देना है वहीं उन्हें यह बताना भी है कि योजनाओं से लाभान्वित कैसे हुआ जाए। नाट्य दल के कलाकारों सुनील कुमार, रमेश चंद्र, नीतिन तोमर, राजेश कुमार, रेखा, निशा बाला, गीता ने नुक्कड़ नाटक ‘शहर से गांव की ओर’ के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पैंशन की जानकारी प्रदान की। लोगों को बताया गया कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने सत्ता में आते ही जहां सामाजिक सुरक्षा पैंशन को बढ़ाकर 750 रूपये प्रति माह किया था वहीं इस वर्ष इसे बढ़ाकर 850 रूपये प्रतिमाह कर दिया गया है। लोगों को जानकार दी गई कि अब प्रदेश के 70 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के वरिष्ठ नागरिक सामाजिक सुरक्षा पैंशन पाने के हकदार हैं। इस वर्ष से वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन के रूप में प्रतिमाह 1500 रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। समूह गान प्रगति की बंध गई नई डोर, हिमाचल प्रगति की ओर के माध्यम से कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह को हिमकेयर, जल संरक्षण, मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना, स्वच्छता अभियान, सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर ग्राम पंचायत रामशहर के उपप्रधान बाबू राम ठाकुर, पंचायत सचिव रामलाल ठाकुर, वार्ड सदस्य मीना देवी, पूर्व जिला परिषद सदस्य नंदलाल शर्मा, स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान नरेश ठाकुर, ग्राम पंचायत हाटकोट की प्रधान सुनीता ठाकुर, वार्ड सदस्य निर्मला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीता, व्यापार मंडल के सदस्य विजय राघव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
प्रदेश में बारिश से हो रहे नुकसान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठ़ौर ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की। राठ़ौर ने मुख्यमंत्री को नुकसान का आकलन करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के बारे में एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में राठ़ौर ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश हुई है जिससे फसलों के साथ-साथ अन्य संसाधनों का भारी नुकसान हुआ है। शिमला जिला में अधिकतर सड़कें ध्वस्त हुई हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग इन सड़कों को अभी तक चालू नहीं कर पाया है। इस वजह से यहां के किसानों और बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश के बागवान विशेषकर शिमला जिला के सेब उत्पादकों को भारी नुकसान सहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से राज्य सरकार के पास वर्तमान में कोई योजना या मशीनरी नहीं है जो ऐसी आपदा में किसानों और बागवानों को फोरी राहत प्रदान कर सकें। कुलदीप राठौर ने पत्र में सूचित किया कि भारी बारिश के कारण अधिकतर बागवान अपनी फ़सल प्रदेश से बाहर नहीं भेज सकते। चूंकि संपर्क सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बहाल नहीं हो सकीं। प्रदेश में हुए नुकसान का जायजा लेने भी अभी तक कोई केंद्रीय टीम यहां नहीं आई, जो इस नुकसान का आंकलन करती और प्रभावित लोगों और प्रदेश को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाती। उन्होंने आग्रह किया जल्द इन सभी बातों पर ग़ौर किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। ग़ौरतलब है कि कुलदीप सिंह राठौर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद मंगलवार को पहली बार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उनके सरकारी निवास ओक ओवर में मिले। इस दौरान दोनों नेताओं ने बड़े सोहार्दपूर्ण ढंग से एक दूसरे के साथ गर्मजोशी से अनेक मुद्दों पर बातचीत भी की।
सोलन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक मंगवार को उपायुक्त सोलन केसी चमन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उपायुक्त ने कहा कि सोलन जिला हिमाचल प्रदेश का औद्योगिक हब है और जिला का बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र अपने औद्योगिक विकास के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र में औद्योगिक इकाईयां होने के कारण यह आवश्यक है कि यहां विभिन्न प्रकार की औद्योगिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। उन्होंने संबंद्ध अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की औद्योगिक दुर्घटनाओं से निपटने के लिए सभी उपाय सुनिश्चित बनाए जाएं और इस संदर्भ में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला में संभावित केमिकल दुर्घटना वाली इकाईयों के लिए डिस्ट्रिक्ट क्राइसिस ग्रुप गठित किया जाएगा। इस ग्रुप में प्राधिकरण के निर्देशानुसार अधिकारी सदस्य होंगे। यह ग्रुप जिला में वृहद रासायनिक दुर्घटनाओं से निपटने के लिए सर्वोच्च निकाय होगा और इस विषय में विशेषज्ञ निर्देशन उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि जिला में रासासयनिक उत्पादन बनाने वाली कंपनियां चिन्हित कर ली गई हैं। उपायुक्त ने कहा कि यह ग्रुप जिला में घटित किसी भी रासायनिक दुर्घटना के विषय में स्टेट क्राइसिस ग्रुप को अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रेषित करेगा। केसी चमन ने कहा कि प्राकृतिक आपदा को टाला नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर प्रबंधन व पूर्ण तैयारियों से नुकसान को कम किया जा सकता है। आपदा प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना है ताकि प्राकृतिक आपदा के समय एकजुट होकर इसका सामना किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा की परिस्थिति में सही समय पर सूचना का सम्प्रेषण आवश्यक होता है और समय पर प्रभावी सूचना उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सोलन, धर्मपुर, कुनिहार, नालागढ़ तथा कंडाघाट विकास खंड में राष्ट्रीय उच्च मार्ग के साथ स्थित ग्राम पंचायतों में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा 108 की सहायता से ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस कार्य के लिए जिला के सभी पांच विकास खंडों में 39 ग्राम पंचायतों चिन्हित की गई हैं। आपदा से निपटने के लिए तैयारियों एवं प्रतिक्रिया के लिए खंड स्तर पर स्वयंसेवी युवाओं के कार्यबल गठित करने उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा मिस्त्री, बढ़ई तथा बार बाइंडर के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य अगले तीन वर्षों में जिला की सभी ग्राम पंचायतों में कम से कम 5 प्रशिक्षित मिस्त्री तैयार करना है। इस कार्य के लिए 6 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए सभी ग्राम पंचायतों में 5-5 मिस्त्री चिन्हित किए जाएंगे। मिस्त्री, बढ़ई तथा बार बाईंडर की आयु 45 वर्ष से कम होनी चाहिए। जोखिम प्रतिरोधी निर्माण के लिए मिस्त्रियों को 6 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा तैयारी एवं कार्यवाही के लिए युवा स्वयंसेवियों का कार्यबल तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिला की सभी ग्राम पंचायतों में अगले तीन वर्षों में 10 से 20 स्वयंसेवियों को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना है। इन युवा स्वयंसेवियों को आपदा रक्षकों की सहायता से प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा के दृष्टिगत विद्यालयों में छात्रों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम आरंभ कर दिया गया है। विद्यालय सुरक्षा प्रशिक्षण प्रयास के अंतर्गत यह कार्य किया जा रहा है। जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष धर्मपाल चौहान, भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीविक्षाधीन अधिकारी डॉ. निधि पटेल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी एनके शर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत बोर्ड एसके सेन, उपमंडलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट डॉ. संजीव धीमान, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, उपनिदेशक उद्योग विभाग संजय कंवर, अधिशाषी अभियंता सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग सुमित सूद, विभिन्न विभागों के अधिकारी, गैर सरकारी संस्थाओं के सदस्य बैठक में उपस्थित थे।
सरकार दे रही पर्याप्त धन, फिर भी कंपनी नहीं चला पा रही 108 सेवा , ये दुर्भाग्यपूर्ण स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने 108 एम्बुलेंस सेवा के सुचारू तौर पर कार्य न करने को लेकर संचालन कंपनी GVK- EMRI को दो टूक चेतावनी दी है। स्वास्थ्य मंत्री का स्पष्ट कहना है कि यदि कंपनी ठीक से काम नहीं कर पा रही है तो खुद इस काम को छोड़ सकती है। सरकार हर परिस्थिति के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाएगी। परमार ने उन आरोपों को भी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया जहां कंपनी द्वारा सरकार पर पर्याप्त धनराशि मुहैया न करवाने की बात कही जाती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा ये आरोप आधारहीन है। उन्होंने कहा 108 सेवा में किसी भी तरह की कोताही स्वीकार्य नहीं की जाएगी।
जिला ऊना के अंतर्गत 15 वर्षीय नाबालिग के साथ मामा द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की शिकायत युवती के परिजनों द्वारा महिला थाना ऊना में की गई है। शिकायत के आधार पर महिला पुलिस थाना ने युवती का मेडिकल करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार नाबालिगा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में पेट दर्द होने पर अपना चैकअप करवाने आई थी। जहां पर चिकित्सकों ने इसके टेस्ट करवाए, जहां किशोरी के गर्भवती होने का पता चला। नाबालिगा के गर्भवती होने की सूचना इसके परिजनों को दी गई। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में दी। एसपी दिवाकर शर्मा ने बताया कि महिला थाना में शिकायत आई है। इसके आधार पर नाबालिगा का चिकित्सा परीक्षण करवाया जा रहा है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंगलवार, पवनपुत्र हनुमान का दिन माना जाता है और इसी को ध्यान में रख कर आज हम आपको संजीवनी हनुमान मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। रामायण के अनुसार, जब भगवान हनुमान जादुई जड़ी बूटी 'संजीवनी बूटी' प्राप्त करके हिमालय से लौट रहे थे, तब उनका पैर कसौली पहाड़ी से छू गया था। इसी स्थान पर मौजूद है संजीवनी हनुमान मंदिर। हिमाचल प्रदेश जिला सोलन के कसौली की सबसे ऊंची चोटियों में एक मंकी प्वाइंट है जो कसौली बस स्टॉप से 4 किमी की दूरी पर पड़ता है। संजीवनी हनुमान मंदिर लोअर मॉल क्षेत्र के करीब 'द एयर फोर्स स्टेशन' में स्थित, इस पहाड़ी पर विराजमान भगवान हनुमान को समर्पित एक छोटा सा मंदिर है। इस पहाड़ी की चोटी एक पैर की आकृति में है और मंदिर भगवान के पैरों के निशान के साथ उत्कीर्ण है। वास्तविक रूप में पहाड़ी शीर्ष बिंदु को मैनकी प्वाइंट का नाम दिया गया है, लेकिन आज लोग इसे बंदर बिंदु कहते हैं। यह बिंदु एक स्थानीय ग्रामीण पुजारी मानके के नाम पर है, जिसने पूजा के लिए भगवान हनुमान के लिए एक मंदिर बनाया था और यही कारण है कि इस स्थान का नाम मंकी पॉइंट रखा गया है। पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यह पहाड़ी की चोटी एक पैर के आकार की है। मंदिर में भगवान हनुमान की एक मूर्ति है जिसमें भगवान ने संजीवनी पर्वत को अपने बाएँ हाथ में एक गदा लिए हुए दिखाया है। मंदिर में एक शिवलिंग भी है। इस जगह पर प्रबंधन और संचालन भारतीय वायु सेना द्वारा किया जाता है। भारत की वायु सेना द्वारा प्रबंधित, आगंतुकों को इस स्थान पर जाने के लिए पूर्व अनुमति लेनी पड़ती है। मंदिर वायु सेना के क्षेत्र में स्थित है, इसी लिए अपना फोटो पहचान पत्र लाना न भूलें जिसके बिना मंदिर में प्रवेश करना मुश्किल है। एयरफोर्स बेस के एक बड़े गेट पर मोबाइल फोन और कैमरे जमा कर दिए जाते हैं। सेना के प्रतिबंधों के कारण,मंकी पॉइंट के अंदर कैमरे व मोबाइल फ़ोन ले जाने की अनुमति नहीं है। गेट से गुजरने के बाद, मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 300-400 मीटर की सीधी सड़क व लगभग पाँच सौ मीटर की खड़ी चढ़ाई है। पहाड़ी पर वायु सेना अधिकारी की पत्नियों द्वारा संचालित एक रेस्तरां है जहाँ आप फास्ट फूड और चाय, कॉफी प्राप्त कर सकते हैं।रेस्तरां के पास ही एक प्रसाद की दुकान है। मंदिर की और जाते समय आपको कई बंदर मिल जाएंगे,जिन्हें कोई भी खाने की वस्तु देना वर्जित है। आगंतुक टैक्सी या कार, या पैदल मार्ग से इस मंदिर तक पहुँच सकते हैं। माल रोड से इस गंतव्य तक पैदल जाने में लगभग दो घंटे लगते हैं।
विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी में पुलिस के द्वारा नशा निवारण विषय पर एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डीएसपी बिलासपुर संजय शर्मा ने स्थानीय दुकानदारों, गाड़ी चालकों, नशा निवारण समिति के सदस्यों और स्थानीय बुद्धिजीवी वर्ग के साथ चर्चा की। सभी को नशे से बचने और अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए जागरूक किया गया। डीएसपी संजय शर्मा ने बताया कि आजकल नशे का कारोबार बहुत तेजी से बढ़ता चला जा रहा है और जिला बिलासपुर पुलिस ने पूरी तरह से इस पर शिकंजा कसा है। इस साल अभी तक 80 से ज्यादा मामले पुलिस ने नशा नशे के खिलाफ दर्ज किए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह स्वयं और अपने बच्चों को नशे से दूर रहने की सलाह दे। बच्चों पर ध्यान रखें। इसके अलावा बच्चा चोरी की जो अफवाह है उन पर भी ध्यान ना दें। उन्होंने कहा कि वह जो भी अफवाहें फैल रही है यह मात्र एक अफवाह है और जो घुमारवीं में या और जगह से मामले सामने आए हैं वह सभी अफवाह निकली है। ट्रेफिक नियमों की जानकारी देते हुए उन्होंने जनता से अपील की कि वह गाड़ी चलाते समय या मोटरसाइकिल चलाते समय ट्रैफिक नियमों की पालना करें और हेलमेट लगाकर मोटरसाइकिल चलाएं और गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें या सब उनके सुरक्षा के लिए है और इसमें कभी भी कोताही ना बरतें। उन्होंने कहा कि बिलासपुर पुलिस हमेशा आपके साथ है। अगर कोई भी व्यक्ति नशे का कारोबार करता है उसके बारे में पुलिस को सूचित करें ।पुलिस उस पर व्यापक कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों पर नशे का कारोबार नहीं होना चाहिए और अगर ऐसे कई मामले सामने आते हैं तो पुलिस उन पर सख्ती से कार्रवाई करेगी। इस मौके पर थाना कोट प्रभारी कुलदीप ने भी स्थानीय लोगों से अपने विचार साझा किए और उन्हें ट्रैफिक नियमों के बारे में अवगत करवाया। इस मौके पर चौकी प्रभारी नीलम शर्मा भी मौजूद रहे।
कंडाघाट में एक होटल की लापरवाही का खामियाजा एक व्यक्ति को अपनी जान गवाकर भरना पड़ा। पंजाब के 44 लोग Zurich Resort में ठहरे थे। ये लोग एक एग्रीकल्चर कोआपरेटिव सोसाइटी के है और यहाँ एक मीटिंग के लिए 24 अगस्त से ठहरे हुए थे। रविवार 25 अगस्त की सुबह होटल मैनेजर इनमे से एक मेहमान हरदेव सिंह को कमरे के बाहर सीढ़ियों के नीचे गिरा हुआ पाया। घटना की सुचना पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने मौके पर जाकर तहकीकात की। तहकीकात में सामने आया कि जिस कमरे में हरदेव सिंह ठहरा था उसमें पिछे बालकोनी के लिये दरवाजा था तथा बालकोनी में ग्रिल नहीं लगी थी।संभवतः रात के समय हरदेव सिंह उपरोक्त उक्त दरवाजे से बाहर आया होगा व बालकोनी में ग्रिल न होने के कारण व अन्धेरा होने के कारण निचे गिर गया। यह हादसा होटल प्रबन्धन की लापरवाही के कारण हुआ है। इस संदर्भ में अभियोग धारा 336 व 304 भारतीय दण्ड संहिता में पंजीकृत करके पुलिस द्वारा आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। .
तीन माह में 369 शराबी चालकों को मिली है सजा सोलन जिला पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध शिंकजा कसा गया है। पिछले तीन माह में न्यायलय ने 369 चालकों को सजा सुनाई है। मई 2019 में शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों को न्यायालय द्वारा 88 वाहन चालकों को न्यायालय के उठने तक की सजा सुनाई गई तथा 2,22,100 रू जुर्माना किया गया। माह जुन में माननीय न्यायलय द्वारा 148 वाहन चालकों को न्यायालय के उठने तक की सजा सुनाई गई तथा 4,55,000 रू. जुर्माना किया गया। माह जुलाई में न्यायलय द्वारा 133 वाहन चालकों को न्यायालय के उठने तक की सजा सुनाई गई। इसके अतिरिक्त 02 वाहन चालको को 07 दिन व 01 वाहन चालक को 04 दिन साधारण कारावास की सजा सुनाई गई तथा 2,17,603 रू. जुर्माना किया गया ।
नशे के खिलाफ सोलन पुलिस की कार्रवाई ज़ारी है। सोमवार को भी सोलन पुलिस ने नशे के एक सौदागर को दबोचने में सफलता हासिल की है। हालांकि उक्त आरोपी इत्तेफ़ाक़ से पुलिस से हत्थे चढ़ गया। जानकारी के अनुसार पुलिस ने संदेह के आधार पर दोहरी दिवार क्षेत्र में एक युवक से 9.70 ग्राम हेरोइन बरामद की है। आरोपी पुलिस को देखकर डर गया था और पीछे मुद लौटने लगा था जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलशी लेकर हेरोइन बरामद की। आरोपी की पहचान जतिन शर्मा पुत्र जोगेन्द्र शर्मा निवासी गाँव पथरागढ़ डा. दाड़लाघाट तह. अर्की जिला सोलन के रूप में हुई है। जिस तरह चलते फिरते लोगों से हेरोइन बरामद हो रही है उससे स्पष्ट है कि सोलन अब नशे के गढ़ में तब्दील हो चूका है। हालांकि पुलिस पिछले कुछ समय से काफी लोगों पर शिकंजा कस चुकी है लेकिन इससे पहले पुलिस क्या कर रही थी, ये सवाल उठना लाज़मी है। जाहिर है रातों रात नशे के कारोबार की जड़ें इतनी गहरी नहीं हुई है।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंधन में ग्रीन फ्यूचर इको क्लब के सदस्यों ने पेयजल टंकी को साफ़ किया व साथ लगती नालियों की निकासी भी सही की। यह कार्य इको क्लब प्रभारी संतोष बट्टू के नेतृत्व में किया गया। बरसात में जल जनित रोगों के बढ़ने की संभावना होती है जिसके तहत टंकी में ब्लीचिंग पाउडर डाला गया। प्रधानाचार्य राजेंद्र वर्मा ने क्लब के सदस्यों को बताया कि पानी को उबाल कर व छान कर ही सेवन करें व जल को व्यर्थ ना गवाएं।
जिला सत्र न्यायाधीश राकेश चौधरी की अदालत में हुआ फैसला वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में विभिन्न सजाएं एकसाथ बिलासपुर जिला सत्र न्यायाधीश राकेश चौधरी की अदालत ने लापरवाही से गाड़ी चलाने व लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए मृत्यु करित करने पर अभियुक्त को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता व वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। दोषी अश्विनी कुमार पुत्र किशोरी लाल गांव रट डा. कोठीपुरा जिला बिलासपुर को सजा सुनाई गई है। मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने बताया कि 30 अक्तूबर, 2015 को कुलदीप सिंह पुत्र गरजा राम गांव संदौली थाना सदर बिलासपुर ने पुलिस अन्वेषण अधिकारी के पास अपना बयान कलमबंद करवाया कि वह पेशे से ड्राइवर है तथा उसका ट्रक नंबर एचपी 07-2087 कलर मोड़ के पास खराब खड़ा था। इसके चलते वह 30 अक्तूबर, 2015 को सुबह 8 :30 बजे अपने ट्रक की देखभाल के लिए अपनी कार में गया और ट्रक को देखने के बाद जब वह 10 :40 बजे नजदीक नईसारली पेट्रोल पंप के पास पहुंचा तो उसने देखा कि एक ट्रक नंबर एचपी 11-5104 अपनी साइड सडक से बाहर खड़ा था। तभी ट्रक नंबर एचपी 11-5448 तेज रफ्तार से आया और खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। इसके उक्त ट्रक करीब 40 फुट ढांक से नीचे गिर गया तथा ट्रक के बाहर व अन्दर बैठे दो लड़के के नाम सूरज कुमार उर्फ लक्की व गौतम स्पुत्र मोहिंद्र लाल को चोटें आई। इसके बाद सूरज उर्फ लक्की की मौत हो गई। इस दौरान दोषी के ट्रक में बैठे मोहन को भी चोटें आई दोषी मौके से ट्रक छोड़कर भाग गया। बयान के आधार पर सदर थाना बिलासपुर में एफआईआर नंबर 273/15 30 अक्तूबर, 2015 यू/एस. 279, 337, 304-ए धारा 181 व 185 मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत दर्ज हुआ। दोषी को इस मुकदमा में गिरफ्तार किया गया। तफ्तीश पूर्ण होने पर मुकदमा का चालान अदालत में पेश किया गया। इस मुकदमा में जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने 19 गवाह दोषी के खिलाफ माननीय अदालत में पेश किए। इनकी गवाहियों कोे सही मानते हुए व बचाव पक्ष की दलीलों को नकारते हुए माननीय अदालत ने दोषी को लापरवाही से गाड़ी चलाने पर धारा 279 आईपीसी के अंतर्गत 6 माह का साधारण कारावास व 5 सौ रूपए जुर्माना व जुर्माना अदा न करने की सूरत में 15 दिन का साधारण कारावास, धारा 337 आईपीसी के अंतर्गत लापरवाही से गाड़ी चलाने व चोट कारित करने पर एक माह का साधारण कारावास व धारा 304-ए आईपीसी के अंतर्गत लापरवाही से मृत्यु कारित करने पर 1 साल का साधारण कारावास व 1 हजार रूपए जुर्माना व जुर्माना न देने की सूरत में 1 महीने का साधारण कारावास की सजा सुनाई। मोटर वाहन अधिनियम 181 के अंतर्गत मौके से भाग जाना व जख्मी को कोई सहायता ना देने के लिए 5 सौ रूपए जुर्माना व धारा 185 के अंतर्गत 1 हजार रूपए जुर्माना की सजा भी सुनाई।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में 21 अगस्त से 24 अगस्त तक आयोजित अंडर-14 लड़कियों की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नवगांव की छात्राओं ने हैंडबॉल प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान अर्जित कर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में विद्यालय की वंशिका,तनुजा,भारती,दिव्या, बनिता का चयन राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए हुआ है जो आगामी प्रतियोगिता में जिला सोलन का प्रतिनिधित्व करेगी। विद्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रविंद्र गौतम ने इन सभी प्रतिभागियों को मेडल पहनाकर व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय के शारिरिक शिक्षक दीप कुमार की लगन व कठोर मेहनत को दिया। उन्होंने अन्य छात्रों से आह्वान किया कि वे इन सभी छात्रों से प्रेरणा लेकर भविष्य में खेलों में भाग ले और स्वयं को स्वस्थ व निरोग रखें। उन्होंने चयनित प्रतिभागियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए विद्यालय परिवार की ओर से शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
राज्य महिला आयोग शिमला का एक दिवसीय कैम्प कोर्ट आज जिलाधीश कार्यालय सोलन के न्यायालय कक्ष में आयोजित किया गया। कैम्प कोर्ट की अध्यक्षता महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. डेजी ठाकुर ने की। कैम्प कोर्ट के लिए घरेलू हिंसा सहित अन्य प्रकार की प्रताड़ना के 27 मामलों में समन जारी किए गए थे, जिसमें से 17 मामलों की, पक्षों की उपस्थिति में सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान 9 मामलों का निपटारा कर दिया गया तथा शेष मामलों में दोबारा समन जारी किए गए।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 अगस्त, 2019 को 132 केवी गिरी-सोलन सर्किट से संबद्ध विभिन्न विद्युत लाईनों का आवश्यक मुरमम्मत व रखरखाव कार्य किया जाना है। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता केसी रघु ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत देहूंघाट, रबौण, हाउसिंग बोर्ड, नेगी कॉलोनी, वशिस्ठ कॉलोनी, राधास्वामी सत्संग व इसके आसपास के क्षेत्रों में 28 अगस्त, 2019 को प्रातः 9.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
महत्वाकांक्षी पोषण अभियान में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक बार पुनः सोलन जिला को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह जानकारी उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी। केसी चमन ने कहा कि पोषण अभियान के तहत सोलन जिला को जिला स्तरीय कन्वरजेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ज़ुबिन ईरानी ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल की उपस्थिति में उपायुक्त सोलन एवं एकीकृत बाल विकास परियोजना विभाग की टीम को यह पुरस्कार प्रदान किया। उपायुक्त सोलन केसी चमन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सोलन वंदना चौहान ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। जिला में ‘हर घर पोषण त्यौहार’ पोषण अभियान के तहत कुपोषण को मिटाने एवं कुपोषण से संबंधित अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए सोलन जिला में विभिन्न सम्बद्ध विभागों के सहयोग से सघन अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिला में ‘हर घर पोषण त्यौहार’ आरंभ किए गए। इस त्यौहार द्वारा सोलन जिला की सभी ग्राम पंचायतों एवं गांव-गांव में लोगों को यह समझाने में सहायता मिली है कि कुपोषण को दूर करने के लिए क्या किया जाना चाहिए और इस संबंध में किस प्रकार केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। इसलिए अव्वल है जिला सोलन जनवरी से मार्च 2019 की अवधि में सोलन जिला में गर्भाधान के 12 सप्ताह के भीतर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण प्रतिशत बढ़कर 81.78 प्रतिशत हो गया। इस अवधि में एक वर्ष तक के शिशुओं का टीकाकरण शत-प्रतिशत रहा। इस समय अवधि में गर्भवती महिलाओं को निर्धारित स्थानों से 360 कैल्शियम गोली देने का प्रतिशत 95.33 प्रतिशत रहा। 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोरों को पहले तथा दूसरे चरण में पेट के कीड़े मारने की दवा देने का प्रतिशत लगभग 99 प्रतिशत रहा। जिला के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में महिलाओं को स्तनपान का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया और इस संबंध में उचित परामर्श दिया गया। जिला के सभी 1281 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण के संबंध में परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यह सत्र प्रत्येक माह की 15 एवं 24 तारीख को आयोजित किए जा रहे हैं। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में गोद भराई, अन्न प्राशन्न संस्कार एवं जन्म दिवस को उत्सव के रूप में मनाया जाता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रथम प्रवेश दिवस और सुपोषण दिवस का आयोजन भी किया जाता है।
भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन करने के दृष्टिगत प्रथम सितंबर से 30 सितंबर, 2019 तक ‘मतदाता सत्यापन कार्यक्रम’ (ईवीपी) कार्यान्वित किया जाएगा। यह जानकारी नायब तहसीलदार निर्वाचन महेंद्र ठाकुर ने आज यहां सोलन जिला के सभी पांचों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2020 तक मतदाता सूची एवं पंजीकरण में सुधार लाना तथा सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ना है। नायब तहसीलदार ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत कोई भी नागरिक भारतीय पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार, राशन कार्ड, सरकारी, अर्ध सरकारी कर्मचारियों का पहचान पत्र, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र की प्रति संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (उपमंडलाधिकारी) कार्यालय में जमा करवा कर मतदाता सूची में विद्यमान अपनी तथा अपने परिवार की जानकारी सत्यापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रथम सितंबर से 30 सितंबर, 2019 तक मतदाता हेल्पलाइन मोबाइल ऐप, एनवीएसपी पोर्टल, लोकमित्र केंद्र पर जाकर अपने विवरण को सत्यापित कर सकता है। मतदाता, उपमंडलाधिकारी कार्यालय में स्थापित मतदाता सुविधा केंद्र जाकर मतदाता सूची में कोई त्रुटि को सत्यापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग मतदाता इस सम्बन्ध में मतदाता हैल्पलाईन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर अधिकारी प्रथम से 30 सितंबर तक घर-घर जाकर मतदाता सूची का शत-प्रतिशत सत्यापन करेंगे। उन्होंने 50-अर्की, 51-नालागढ़ 52-दून, 53-सोलन (अनुसूचित जाति) तथा 54-कसौली(अनुसूचित जाति) निर्वाचन क्षेत्रों के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदाता सूची में विद्यमान अपना विवरण जैसे फोटो, पता व जन्मतिथि की शुद्धि के लिए सुविधा का लाभ उठाएं। इस अवसर पर अधीक्षक निर्वाचन राजेश शर्मा, कानूनगो निर्वाचन ललित कुमार, अशोक सिंह, पूजा शर्मा, बंती देवी, सुनीता देवी, आशा रानी, पूनम शर्मा उपस्थित थे।
उपायुक्त कार्यालय सोलन में नकारा अंबेसडर कार के लिए नीलामी 4 सितंबर, 2019 को प्रातः 11.00 बजे आयोजित की जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल ने दी। उन्होंने कहा कि इच्छुक बोलीदाता या पार्टियां उक्त तिथि व समय पर बोली में भाग लेना सुनिश्चित करें। बोलीदाता को 1500 रुपये की धरोहर राशि जमा करवानी होगी। असफल बोलीदाता की धरोहर राशि को वापिस कर दिया जाएगा। सफल बोलीदाता को पूरी राशि जमा करवाने के उपरांत ही वाहन ले जाने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि नीलाम किए जा रहे वाहन का तहसील कार्यालय सोलन के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस पर प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक निरीक्षण किया जा सकता है।
रॉयल एस्टेट ग्रुप अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के फॉर्म स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) में मिलना शुरू हो गए है। ये स्कीम ग्रेटर मोहाली ( Greater Mohali ) में प्लाट खरीदने का एक सुनहरा अवसर है। ख़ास बात ये है कि ये योजना एसबीआई द्वारा एप्रूव्ड है ( Approved by SBI ). साथ ही ये योजना पंजाब सरकार द्वारा भी मान्यता प्राप्त है। GMADA (Greater Mohali Area Devlopment Authority ) द्वारा भी ये योजना Approved है और इसमें विभिन्न साइज के 187 प्लाट बिक्री के लिए उपलब्ध है। जाने इस स्कीम के बारे में: इन प्लॉट्स में SBI के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में SBI की सभी जिला मुख्यालय ब्रांचों में इसके फॉर्म उपलब्ध है। योजना में आवेदन करने के लिए फॉर्म के साथ 11 हज़ार रुपए आवेदन शुल्क जमा करवाना होगा, जो रिफंडेबल है। साथ ही फॉर्म का शुल्क 100 रुपये भी अदा करना होगा, जो नॉन रिफंडेबल है। ये योजना 26 अगस्त को शुरू होगी और 11 सितम्बर तक चलेगी। 22 सितम्बर को ड्रा निकाले जायेगे जिसके बाद प्लाट आवंटित होंगे। जो लोग पहली बार मकान खरीदेंगे वे निर्माण कार्य हेतु सब्सिडी का लाभ भी उठा सकते है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2 .67लाख तक की सब्सिडी का लाभ उठाया जा सकता है। योजना के तहत आवंटित किये जाने वाले सभी 187 प्लाटो पर एक्सटर्नल डेवलोपमेन्ट शुल्क ( External Devlopment Charges ) व रजिस्ट्रेशन शुल्क ( Registration Charges ) की रियायत दी जा रही है। खरीददार को सिर्फ 16450 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड की दर से भुगतान करना होगा। आवेदन हेतु आय मापदंड ( INCOME CRETERIA ) आर्थिक पिछड़ा वर्ग - 3 लाख से कम सालाना आय ओपन/ सामान्य वर्ग - 6 लाख से कम सालाना आय आरक्षित वर्ग - Govt / Semi Govt ./ Defence / Sports / Disabled / Persons Settled Abroad ( कोई आय सीमा नहीं ) ये है कीमत : 80 Sq Yard 21 प्लाट 1316000 90 Sq Yard 51 प्लाट 1480500 100 sq Yard 65 प्लाट 1645000 110 sq Yard 29 प्लाट 1809500 120 sq Yard 21 प्लाट 1974500
आखिरकार अंशुल जिंदगी की जंग हार गया। ग्राम पंचायत पंजगाई का 20 वर्षीय अंशुल एस एस बी की ट्रेनिंग के दौरान कोमा में चला गया। मिली जानकारी अनुसार अंशुल शर्मा को नहाते समय दौरा पड़ा था, जिसके बाद 20 दिन से अंशुल कोमा में था। उधर, जैसे ही खबर क्षेत्रवासियों को मिली, सारा क्षेत्र गम में डूब गया। वहीं, अंशुल की विधवा मां व छोटे भाई पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 20 वर्षीय अंशुल एक साल पहले ही एसएसबी में भर्ती हुआ था। वह अभी गोरखपुर में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रहा था। लेकिन 20 दिन पहले ट्रेनिंग के दौरान गोरखपुर में ही उसके साथ कुछ ऐसा घटित हुआ कि वह कोमा में चला गया। बताया जा रहा है कि 20 दिन पूर्व अंशुल ग्राउंड से खेलकर आया और नहाने के लिए जैसे ही उसने पानी अपने ऊपर फेंका उसे दौरा पड़ गया। इसके बाद उसे लखनऊ अस्पताल लाया गया, जहां पता चला कि वह कोमा में जा चुका है।शनिवार को 20 दिन बाद आखिरकार अंशुल जिंदगी की जंग हार गया और सभी को अलविदा कह गया। अंशुल के परिवार में उसकी मां मधु और छोटा भाई हैं। पिता कुलभूषण भी एसएसबी की सेवाएं देते वक्त ही स्वर्ग सिधार गए थे। उनकी मौत के बाद ही अंशुल को नौकरी मिली थी। अंशुल शर्मा को लेकर माता मधु ने बहुत से सपने सँजोये थे , परंतु कुदरत ने जिंदगी में एक और दर्द उन्हें दे दिया। रविवार को अंशुल शर्मा के पार्थिव शरीर कों घर लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान उनके पार्थिव शरीर को वहां पर उपस्थित सशस्त्र सेना बल के जवानों ने सलामी दी ओर भारत माता की जय बोलकर अंतिम विदाई दी गई। सैकड़ों की संख्या में इस दुखद अवसर पर लोगों की भीड़ अंतिम विदाई के दौरान बरमाणा श्मशान घाट में उपस्थित थी।
ग्राम पंचायत बुघार के सिहाली गांव में गत दिनों हुई भारी बरसात ने भारी कहर ढाया है। गांव के कई मवेशी पानी में बह गए, कई गौशाला एवं रिहायशी मकानों को भारी क्षति पहुंची है। गांव के ऊपर स्थित एक बड़ा पहाड़ दरककर कभी भी गिर सकता है जिससे गांव के लोग डर के साए में जी रहे हैं। लोगों में इतनी दहशत है कि लोग रात को सो नहीं पाते।उन्हें डर है कि कहीं ऊपर से पहाड़ गिर कर उनके मकानो के ऊपर आ गया, तो पूरा गांव तबाह हो सकता है।इस स्थिति का जायजा लेने जिला परिषद सदस्य रामकृष्ण शर्मा ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। राम कृष्ण शर्मा ने कहा कि अभी गांव के ऊपर एक और पहाड़ी धंस रही है जिसकी भारी चट्टाने कभी भी दरककर घरों को ऊपर गिर सकती है। उन्होंने कहा तुरंत ही इन्हें हटाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लोक निर्माण विभाग अर्की अधिशाषी अभियन्ता सोनी के ध्यान में लाया गया है, उनसे आश्वासन मिला है कि सहायक अभियंता दाड़लाघाट को मौके का जायजा लेने के लिए प्रतिनियुक्त कर दिया गया है और त्वरित ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
संस्कृत भारती के तत्वावधान में गांव गांव में संस्कृत का प्रचार प्रसार निरंतर हो रहा है।अर्की संस्कृत भारती के अध्यक्ष मस्तराम शास्त्री के मार्गदर्शन में संस्कृत भारती द्वारा निरंतर संस्कृत का प्रचार प्रसार छोटे-छोटे बच्चों के माध्यम से किया जा रहा है।इसी क्रम में घणागुघाट पंचायत के बैहली गांव में 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर लगाया जा रहा है। इसका शुभारंभ गांव के ही संस्कृत प्रेमी रामलाल द्वारा किया गया। संस्कृत भारती की ओर से किशोरी शास्त्री तथा संस्कृत विस्तारिका रितु शर्मा इस शिविर में 20 नन्हें विद्यार्थियों को 10 दिनों तक संस्कृत भाषा के महत्व तथा व्यवहारिक बोलचाल हेतु उनका मार्गदर्शन करेंगी। रितु शर्मा ने बताया कि बच्चे जैसे-जैसे संस्कृत बोलना सीख रहे हैं वैसे वैसे उनकी रुचि संस्कृत की और अधिक बढ़ रही है जो संस्कृत भारती के प्रयासों को साकार करने की उम्मीद जगा रही है।संस्कृत भारती के अध्यक्ष मस्तराम शर्मा ने कहा कि वह हर गांव में इसी प्रकार के शिविर लगाकर संस्कृत भाषा को प्रचारित करने का प्रयास करेंगे।इस शिविर में आरती,सुहानी,किरण,नेहा, हिना,राशि,दिशा,जागृति,अंजलि, संजना,राखी,साहिल,दीपांशु,हैप्पी, गर्व,खेमचंद,हिमांशु,सागर इत्यादि ने संस्कृत भाषा बोलने में सर्वाधिक रुचि दिखाई।
जल्द ही माँ के भजन गाते नजर आयेंगे मनोहर बिलासपुर के फोक गाने पर भी कर रहे है काम बिलासपुर जिला के जुखाला क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले मनोहर द्रोच का कवर सॉंग "लिखे जो ख़त तुझे " लांच हो गया है। इस गीत का ऑडियो व वीडियो वर्जन एक साथ लांच किया गया है। इस गीत को मनोहर ने खुद गाया है जबकि इस गीत में संगीत जुखाला के युवा म्यूजिक निदेशक अजय भट्ट ने दिया है । इस गीत को रियल वन प्रोडक्शन कुल्लू ने तैयार किया है । इस गीत को मनाली की हसीन वादियों में फरमाया गया है । मनोहर का यह पहला कवर सॉंग है जिसे दर्शक खूब पसंद कर रहे है। मनोहर ने बताया कि वह माँ के भजन पर काम कर रहे है जो लगभग पूरा ही होने वाला है जल्द इसे भी दर्शको के बीच लाया जायेगा। इसके अलावा वह बिलासपुरी फोक गीत पर भी काम कर रहे है भविष्य में इस फोक गीत के माध्यम से वह बिलासपुर की विरासत व संस्कृति से लोगो को अवगत करवाएंगे। 31 वर्षीय मनोहर द्रोच पेशे से दुकानदार है और उन्हें बचपन से ही संगीत का शोक है। स्कूल कॉलेज में जब भी कोई कार्यक्रम होता था तो मनोहर उस कार्यक्रम में गीत गाकर भाग लेते थे । मनोहर ने इस क्षेत्र में कहीं से भी कोई प्रशिक्षण नही लिया है बल्कि यह कला उनके अन्दर बचपन से खुद ही है। मात्र कॉलेज में उन्होंने संगीत विषय रखा था जहाँ पर उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखी। इसके अलावा कहीं से भी कोई अन्य प्रशिक्षण नही लिया है। फिलहाल यह गीत रियल वन प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। मनोहर के पिता लक्षमण दास राज्य सहकारी बैंक में कार्यरत है जबकि माता गृहणी है। मनोहर का गायक बनने का सपना बचपन से था परन्तु पैसे के आभाव में वह इस क्षेत्र में ज्यादा कुछ नही कर पाए । अब वह खुद दूकान करते है और वहाँ से पैसे कमा कर उन्होंने इस गीत को बनाया है। मनोहर ने बताया की अब जल्द ही माँ का भजन और बिलासपुरी फोक गीत आने वाला है । अगर लोगो का रिस्पोंस अच्छा रहा तो वह आगे भी गीत निकालते रहेंगे।
दिनचर्या में अपनाएं आयुर्वेद के नियम-डॉ. राजीव सैजल आरोग्य भारती सोलन द्वारा आयोजित एक दिवसीय आरोग्य मेला एवं ‘स्वस्थ शरीर, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ ग्राम, स्वस्थ राष्ट्र’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।डॉ. बिंदल ने कहा कि आरोग्य भारती द्वारा आज के सम्मेलन के लिए चुना गया विषय न केवल सामायिक है अपितु सभी के लिए आवश्यक भी है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज के सम्मेलन के उपरांत हम सभी को स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ राष्ट्र की दिशा में अपने योगदान के विषय में गंभीरता से सोचना होगा। हम सभी को यह प्रण लेना होगा कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ हम स्वयं भी प्रसन्न रहें और सामाजिक क्रियाकलापों में भागीदारी सुनिश्चित कर देश के प्रसन्नता सूचकांक को भी पुष्ट करें।उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय पर सम्मेलन आयोजित करने तथा विभिन्न प्रदर्शनियों के माध्यम से लोगों को आरोग्य, आहार एवं दवाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए आरोग्य भारतीय सोलन को बधाई दी। डॉ. बिंदल ने इस अवसर पर योग प्रस्तुत करने वाले बच्चों को अपनी ऐच्छिक निधि से 10 हजार रुपए तथा आरोग्य भारती सोलन को 20 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शरीर का अर्थ है निरंतर नाश होने वाला। उन्होंने कहा कि हमारा शरीर आत्मोत्थान एवं मोक्ष प्राप्ति का साधन भी है और इसी के माध्यम से हम देशहित के कार्य कर सकते हैं। सेवानिवृत आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. एसएस परमार ने सभी का स्वागत किया तथा आरोग्य भारती के अध्यक्ष डॉ. एमपी सिंघल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।इस अवसर पर नशा निवारण विषय पर एक लघु नाटिका एवं बच्चों द्वारा योग प्रदर्शन भी किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा स्वास्थ्य एवं पोषाहार से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई गई। इन्हें किया सम्मानित विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने इस अवसर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पीजीआई चंडीगढ़ की डॉ. जयमंती बख्शी, सेवानिवृत आयुर्वेद चिकित्सक एवं आरोग्य भारती के सचिव डॉ. राकेश पंडित, आयुर्वेदाचार्य एवं केन्द्रीय आयुष विभाग के पूर्व सलाहकार डॉ. सुरेंद्र कुमार शर्मा तथा अखिल भारतीय आयुर्वेद अनुसंधान केन्द्र के महानिदेशक डॉ. करतार धीमान को सम्मानित भी किया।
एकता में शक्ति है, एकता से ही हम आगे बढ़े हैं और बढ़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने अर्की दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए ये बात कही। वीरभद्र सिंह ने कहा कि सभी को एक जुट होकर पार्टी के पक्ष में कार्य करना चाहिये। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि एक दूसरे की टांग खींचकर नहीं बल्कि साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करने के लिए संघर्ष करें। बैठक में ब्लॉक कांग्रेस के पर्यवेक्षक अमित नंदा एवम प्रदेश कांग्रेस सचिव राजिन्द्र ठाकुर व प्रवक्ता यूथ कांग्रेस भीम सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने अपने विधायक के समक्ष प्रदेश सचिव राजेंद्र ठाकुर के माध्यम से विधायक निधि से करवाये जा रहे कार्यो के लिए वीरभद्र का धन्यवाद किया,व अपनी अपनी पंचायतों की समस्याओं को उनके समक्ष रखा। पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं की बातों व समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना व सभी समस्याओं का निपटारा करवाने के लिए आश्वस्त किया। प्रदेश सचिव राजिन्द्र ठाकुर ने वीरभद्र सिंह द्वारा पूर्व में किये गए शिलान्यास एवम अन्य योजनाओं व विकास कार्यो की आधिकारिक सूची बैठक में रखी और पिछले 1 वर्ष की कामकाज का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष में लगभग 2 करोड़ 36 लाख की विधायक निधि विभिन्न पंचायतो में दी गई है।
हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति जिला सोलन कमेटी की बैठक डॉ टी डी वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें राज्य कमेटी से मीनू पुन विशेष रूप से उपस्थित हुई। बैठक में विभिन्न एजेंडा के उपर चर्चा कि गई। इसमें राष्ट्रीय व राज्य स्तर के महत्वपूर्ण आह्वान को जिला स्तर में लागू करने पर भी योजना तैयार की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि 1 सितम्बर को नई शिक्षा नीति पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। 5 सितम्बर को अध्यापक दिवस व 8 सितम्बर को अंतरराषट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा।जिला कमेटी की बैठक में सीता राम ठाकुर , रमेश ठाकुर, लायक राम, वरुण मिन्हास, गरिमा, सतीश कपूर ,गुलाब सिंह नामधारी उपस्थित हुए। युवा बचाओ अभियान के तहत जिला में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए युवाओं का नशे के ज्वलंत मुददे पर सम्मेलन किया जाएगा जो 29 सितम्बर को किया जाएगा। इस अभियान के तहत कॉलेज, स्कूल, आई टी आई और हर तरह के युवाओं के मध्य इस अभियान को चलाया जायेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला में कला जत्था को सक्रिय करने के लिए प्रयास किया जायेगा जिसकी जिम्मेदारी विशेष रूप से कला जत्था संयोजक गुलाब सिंह नामधारी की होगी और कला जत्था के माध्यम से जिला में शिक्षा पर्यावरण समता और युवा बचाओ अभियान चलाया जायेगा। इसके लिए कला जत्था उपसमिति की बैठक कर योजना बनाई जाएगी।
The Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni, and Satluj Jal Vidyut Nigam Foundation have joined hands to improve the skill set of Himachal farmers. The two organisations have inked a Memorandum of Understanding (MoU) for one year for Rs 55 lakh under which UHF will organize 32 farmer trainings at its main campus and different stations located in the state. The MOU was signed between Dr Rakesh Gupta, Director Extension Education and Awadhesh Prasad, Senior AGM (HR), SJVN in the presence of Dr Parvinder Kaushal, Vice-Chancellor of the university. Dr JN Sharma, Director Research, Rajeev Kumar, Registrar, Dr Raj Kumar Thakur, Joint Director (Communication), Dr Mai Chand, Joint Director (Training) and Harsh Jain, Deputy Manager (HR) from SJVN were also present on the occasion. The MOU is part of SJVN’s Corporate Social Responsibility under which they have set themselves a target for training over 6000 farmers in the latest farm techniques by 2022. Over the next year, the university will conduct six-day residential skill development programmes in farm technology for 800 farmers from different districts of the state including SJVN’s project areas. The SJVN Foundation will bear the total cost of these trainings. It is worthwhile to mention that over 2100 farmers have already benefitted from 86 camps organized by the university under this agreement since 2016. The participants will be trained on the various aspects of agriculture and horticulture including the usage of modern technologies in these fields. The skill development would be under the areas of natural farming, fruit, vegetable and mushroom production, floriculture, post-harvest technology, beekeeping, medicinal and aromatic plants and nursery production of horticulture and forestry crops. Topics like Agripreneurship, plant protection, organic farming and environment impact assessment would also be covered. Besides, to promote Swachh Bharat activities, special reference to awareness on bio-diversity, conversion of bio-waste into compost and usage of wastewater for agriculture. Speaking on the occasion, Dr Parvinder Kaushal said that university would focus on enhancing the practical aspect so that farmers gain the most out of these trainings and look towards starting their enterprises in the agricultural sector. Every year, the university trains thousands of farmers from Himachal and other states in the country at the main campus, research stations and Krishi Vigyan Kendras located in the different agroclimatic zones. Here it is worthwhile to mention that SJVN undertakes its CSR and Sustainability projects in six verticals namely, Health and Hygiene, Education and Skill Development, Sustainable Development, Infrastructural and Community Development, Assistance during natural disasters, Promotion of Culture and Sports. SJVN is also active in the development of Panchayat Ghar, Mahila Mandal, playgrounds and in the past few years more than 200 community assets have been created.
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने कहा कि देश के पूर्व वित्त एवं रक्षा मंत्री अरुण जेटली के निधन से देश ने एक प्रख्यात कानूनविद एवं योजनाकार खो दिया है। उन्होंने स्वर्गीय अरुण जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अरुण जेटली के निधन से हुई क्षति की कभी भरपाई नहीं की जा सकेगी। डाॅ. राजीव बिंदल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जौणाजी में आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेला समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय अरुण जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि देश के वित्त मंत्री के रूप में स्वर्गीय अरूण जेटली ने देश के विकास का मार्ग प्रशस्त किया। देशवासी उन्हें सदैव याद रखेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि श्री कृष्ण ने सभी के कल्याण एवं विकास के लिए धैर्य, युक्ति और अटल विश्वास के साथ कार्य करने की राह दिखाई और धर्म की स्थापना के लिए कार्यरत रहने का सन्देश दिया। प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, जिला परिषद सदस्य शीला, जिला भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष मदन ठाकुर, भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष रविन्द्र परिहार, जिला भाजपा सोलन के महामंत्री नरेन्द्र ठाकुर, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र ठाकुर, प्रवक्ता दीपक शर्मा, सोलन मण्डल भाजपा के सचिव सुनील ठाकुर, जिला भाजयुमो के अध्यक्ष भरत साहनी, ग्राम पंचायत जौणाजी की प्र्रधान विनता, ग्राम पंचायत शामती के प्रधान संजीव सूद, ग्राम पंचायत मशीवर की प्रधान किरण शर्मा, ग्राम पंचायत सेर बनेड़ा के उप प्रधान राजेश, ग्राम पंचायत बसाल के पूर्व प्रधान नेत्र सिंह, ग्राम पंचायत जौणाजी के पूर्व प्रधान संत राम, सोलन बीडीसी की पूर्व अध्यक्ष रीता ठाकुर, क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि, भाजपा के अन्य पदाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, खण्ड विकास अधिकारी ललित दुल्टा, अन्य विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत कुंहर में देवदार का पौधा लगाकर पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी ने युवाओं का आह्वान किया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पूर्ण सजगता के साथ कार्य करें क्योंकि पर्यावरण की सुरक्षा पृथ्वी पर मानव जीवन के अस्तित्व के लिए आवश्यक है। न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी आज सोलन जिला के अर्की उपमण्डल की ग्राम पंचायत कुंहर के घड़ियाच में पौधरोपण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन के तत्वावधान में किया गया। न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी ने देवदार का पौधा लगाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर घड़ियाच मे देवदार तथा बाण के करीब 1100 पौधे रोपे गए। इस पौधरोपण कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों के करीब 500 विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता न केवल मानव जीवन के लिए बल्कि सृष्टि की प्रत्येक उत्पत्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का ही नहीं बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ हम सभी का उत्तरदायित्व है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि रोपे गए पौधों की देखभाल भी सुनिश्चित करें ताकि पौधे वृक्ष बन सकें। न्यायमूर्ति धर्म चन्द चौधरी ने कहा कि प्राचीन समय में वनों एवं वन्य जीवों तथा वनस्पति का संरक्षण सभी का सामूहिक उतरदायित्त्व होता था एवं वनों को जीवनदायी माना जाता था। भारतीय संस्कृति में वृक्षों की पूजा का मुख्य कारण भी पर्यावरण संरक्षण ही है। जल, जंगल एवं जमीन का संरक्षण भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। उन्होेंने कहा कि वरिष्ठजनों के वनों की सुरक्षा के अनुभव वर्तमान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हरित आवरण आवश्यक है। हरित आवरण में सत्त वृद्धि के लिए हमें न केवल वृक्षों के अवैज्ञानिक एवं अंधाधुंध कटान पर रोक लगानी होगी अपितु युवाओं को वन संरक्षण के महत्व को भी समझाना होगा। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्रों द्वारा पर्यावरण संरक्षण विषय पर विचार व्यक्त किए गए। इन छात्रों को न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी द्वारा पुस्तकें भेंट की गई। उन्होंने सभी छात्रों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के अध्यक्ष भूपेश शर्मा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव गुरमीत कौर एवं हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र ठाकुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। न्यायामूर्ति धर्म चंद चौधरी की धर्मपत्नी श्रीमती प्रोमिला चौधरी, हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रेमपाल रांटा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सोलन राजेश चैहान, मोबाईल यातायात दण्डाधिकारी सोलन एवं सिरमौर गौरव महाजन, सिविल जज अर्की प्रशांत सिंह नेगी, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के अधिवक्ता पूर्ण चंद, उप पुलिस अधीक्षक दाड़लाघाट संजीव भूषण, वन मंडल अधिकारी कुनिहार सतीश नेगी, ग्राम पंचायत कुंहर की प्रधान कमलेश कुमारी, बीडीसी सदस्य कांता देवी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत ग्याणा में श्रम विभाग सोलन की तरफ से श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को श्रम विभाग की तरफ से घरेलु सौर उर्जा की लाइटे वितरित की।इस कार्यक्रम में श्रम विभाग सोलन से मोहन चौहान उपस्थित रहे।इस दौरान मोहन चौहान ने विभाग की विभिन योजनायों के बारे में लोगों को जानकारी दी गयी।प्रधानमंत्री मानधन योजना व अन्य योजनायों के बारे में जानकारी दी गयी।इस कार्यक्रम में श्रम विभाग सोलन से मोहन चौहान,पंचायत सचिव अशोक कुमार,प्रधान ग्राम पंचायत ग्याणा मीरा भट्टी,उप प्रधान मोहन लाल,सदस्य ग्राम पंचायत ग्याणा अनिल कुमार,भावना,बलदेव,हीमा, सरस्वती,मस्त राम भट्टी,जगदीश,नरेन्द्र नरेंदर,फुला देवी,नेक राम सहित अन्य ग्रामीण मोजूद रहे।
ग्राम पंचायत घणागुघाट में आम सभा का आयोजन किया गया।इस विशेष आम सभा की अध्यक्षता पंचायत प्रधान धनीराम रघुवंशी ने की।इस ग्राम सभा में पंचायत के अधिकांश लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।सभा में जल संरक्षण,वर्षा के पानी का संग्रह, पारंपरिक जल स्रोत तथा अन्य टैंक आदि जल निकायों का किस प्रकार नवीनीकरण किया जाए,इस बारे विस्तृत चर्चा की गई।लोगों ने अपने अपने गांव से संबंधित जल स्रोतों के रखरखाव तथा जल संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए।पंचायत प्रधान धनीराम रघुवंशी ने लोगों द्वारा दिए गए सुझाव पर जल्दी अमल करने का भरोसा दिलाया।उन्होंने कहा कि आज किया हुआ जल संरक्षण भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को सुख देगा।अतः हमें पूर्ववत जगह-जगह जोहड़ और छोटी-छोटी झीलें निर्मित करनी होंगी ताकि वर्षा का जो जल पहाड़ियों से व्यर्थ में बह जाता है वह उनमें एकत्रित होकर भूगर्भ में संचित होकर,हमारी कल की जरूरतों को पूरा करेगा।इस सभा में बीडीसी सदस्य हीरा पाल ठाकुर,सचिव बलदेव ठाकुर,वरिष्ठ नागरिक गंगाराम ठाकुर, हेम सिंह वर्मा तथा अन्य सभी पंचायत के सदस्य मौजूद रहे।
खेल जगत में अपनी एक पहचान बना चुकी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी के मैदान में आजकल भारत के हर राज्य से महिला हैंडबाल खिलाड़ी अभ्यास कर रही है। इन खिलाड़ियों में काफी ज्यादा अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी है। मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी के मैदान में भारतीय रेलवे महिला हैंडबाल टीम का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। यह जानकारी मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की कोच व संचालक स्नेहलता ने दी। उन्होंने बताया कि शिविर पांचवे दिन वरिष्ठ अधिवक्ता,अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व जिला बाल कल्याण समिति सदस्य बिलासपुर पवन चन्देल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा। इतने कम समय में इतना नाम व खिलाड़ियों ने इतनी उपलब्धियाँ हासिल की है वो काबिलेतारीफ है। एक से बढ़कर एक खिलाड़ी है यहाँ। उन्होंने कहा मेरा पूरा सहयोग हमेशा आपके साथ रहेगा। मुख्यातिथि के मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी में पहुंचने पर सभी खिलाड़ियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की कोच व संचालक स्नेहलता, सचिन चौधरी व अन्य ने मुख्यातिथि को शॉल, टोपी , स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सचिन चौधरी, स्नेहलता, जगदम्बा शर्मा महामंत्री महिला मोर्चा घुमारवीं, मनोरमा चौहान, अरविंद यादव कोच भारतीय रेलवे महिला हैंडबॉल टीम, सुरेंद्र कुमार मैनेजर भारतीय महिला हैंडबॉल टीम, संगीता व मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी व रेलवे के सभी खिलाड़ी मौजूद रहे।
विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में आज जन्माष्टमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। लक्ष्मी- नारायण मंदिर को पूरी तरह से सजाया गया है और रात के समय श्रीकृष्ण का झूला डाला गया और काफी संख्या में श्रद्धालु माताजी के दरबार में -दर्शनों के लिए पहुंचे और लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्री कृष्ण के दर्शन किए और उन्हें झूला भी झुलाया। पुजारी वर्ग के द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर विभिन्न प्रकार के भोग श्री कृष्ण को लगाए गए।
करीब बीते एक माह में दिल्ली से जुड़े तीन राजनीति के दिग्गजों का निधन हुआ है। 20 जुलाई को 15 वर्ष तक दिल्ली की सीएम रही शीला दीक्षित का निधन हुआ। इसके बाद 6 अगस्त को दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज दुनिया को अलविदा कह गई। अब शनिवार (24 अगस्त) को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के निधन का समाचार आया है, जिनका दिल्ली की राजनीति में काफी दखल रहा है। वे कई बार दिल्ली के सीएम दावेदार भी माने जाते रहे लेकिन शीला दीक्षित के राज में 15 साल तक दिल्ली में कमल नहीं खिला।वे लंबे समय से टीशू कैंसर से जूझ रहे थे और नौ अगस्त से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थे। 13 साल तक रहे DDCA अध्यक्ष अरुण जेटली 1999 से 2012 तक दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (Delhi and District Cricket Association) के अध्यक्ष भी रहे। 2014 की मोदी लहर में हारे अरुण जेटली ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में केवल एक बार 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा। मोदी लहर के बावजूद अरुण जेटली को अमृतसर लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह के हाथों एक लाख से ज्यादा मतों से हार का सामना करना पड़ा था। बावजूद उन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अर्की में शुक्रवार को लगभग डेढ़ सौ फीट गहरी व 50 फुट के करीब पहाड़ी भूमि कटाव होकर नाले में जा गिरी। यह घटना प्रातः लगभग 6:30 बजे वार्ड नंबर 5 सेवानिवृत्त अध्यापक नन्द लाल गुप्ता के घर के समीप हुई। इस घटना से सड़क पर आवाजाही पुरे तरीके से रुक गई। गनीमत यह रही कि यह हादसा स्कूल व कार्यालय के समय से पहले हो गया अन्यथा पहाड़ी खिसकने के कारण स्कूली बच्चों या विभिन्न विभागों में जाने वाले कर्मचारियों के साथ कोई भी दुर्घटना हो सकती थी। इस बारे में एसडीएम अर्की विकास शुक्ला का कहना है कि मैंने स्वयं मौके का मुआयना किया है व अति शीघ्र नगर पंचायत अर्की के जेई को एस्टीमेट बनाने के आदेश दे दिए गए है ताकि यहां डंगा लगाया जा सके।
A parthenium eradication campaign was organized at the Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni on Friday. The Department of Environmental Science and the Estate Office of the University organized the event under the Swachh Bharat Abhiyaan. All the university students, faculty and staff took part in the drive. To undertake the drive, the staff and students were divided into nine teams with each group assigned the task of removing parthenium from different areas of the university. The drive was carried out under the watchful eyes of group facilitators and field guides. The proper disposal of the uprooted weeds was ensured by the disposal team. Addressing the gathering of staff and students, Dr Parvinder Kaushal, UHF Vice-Chancellor said it was important to organize such events along with tree plantation drives because they were important to conserve the biodiversity. He asked the university staff and students to focus on the removal of the weed throughout the year. Dr Kaushal urged the university scientists to conduct further studies for the complete eradication of this weed. Dr JN Sharma, Director Research of the university also spoke about the impact of parthenium on biodiversity and agricultural production. Earlier Dr SK Bhardwaj, Professor and Head, Department of Environmental Science gave an overview of the programme and the need for the eradication of the parthenium weed. Parthenium weed is considered to be a cause of allergic respiratory problems, contact dermatitis, mutagenicity in human and livestock. Owing to this weed’s aggressive growth, it leads to the reduction in crop production and threatens biodiversity.


















































