जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं श्री बृजराज मंदिर के बारे में। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा नूरपुर में स्थित यह मंदिर अपनी ख़ास विशेषता के लिए पुरे विश्व में प्रसिद्ध है। नूरपुर के किला मैदान में स्थापित श्री बृजराज मंदिर विश्व का एकमात्र ऐसा मन्दिर है जिसमें काले संगमरमर की श्री कृष्ण की मूर्ति के साथ अष्टधातु से निर्मित मीराबाई की मूर्ति श्री कृष्ण के साथ विराजमान है। इस मन्दिर के बारे में एक रोचक कथा है कि जब नूरपुर के राज जगत सिंह (1619—1623) अपने पुरोहित के साथ चित्तौड़गढ़ के राजा के निमंत्रण पर वहां गए, तो उन्हें रात्रि विश्राम के लिए जो महल दिया गया उसके साथ ही एक मंदिर था। वहां रात को सोते समय राजा को घुंघरुओं की आवाजें सुनाई दी। राजा ने जब मंदिर में बाहर से झांककर देखा तो एक औरत मंदिर में स्थापित कृष्ण की मूर्ति के सामने गाना गाते हुए नाच रही थी। राजा को उसके पुरोहित ने उपहार स्वरूप इन्हीं मूर्तियों की मांग करने का सुझाव दिया। इस पर राजा द्वारा रखी मांग पर चितौड़गढ़ के राजा ने ख़ुशी-ख़ुशी उन मूर्तियों को उपहार में दे दिया। राजा ने इसके साथ ही एक मौलश्री का पेड़ भी राजा को उपहार में दिया जो आज भी मंदिर प्रांगन में विद्यमान है। इन मूर्तियों को भी राजा ने किले में स्थापित किया था लेकिन जब आक्रमणकारियों ने किले पर हमला किया तो राजा ने इन मूर्तियों को रेत में छुपा दिया गया। लंबे समय तक यह मूर्तियाँ रेत में ही रहीं। एक दिन राजा को स्वप्न में कृष्ण ने कहा कि अगर हमें रेत में रखना था तो हमें यहां लाया ही क्यूँ गया। इस पर राजा ने अपने दरबार-ए-खास को मन्दिर का रूप देकर उन्हें वहां स्थापित किया। नूरपुर किले के अंदर बृज राज स्वामी मंदिर, भगवान कृष्ण की 16 वीं शताब्दी का ऐतिहासिक मंदिर है। नूरपुर को प्राचीनकाल में धमड़ी के नाम से जाना जाता था लेकिन बेगम नूरजहाँ के आने के बाद इस शहर का नाम नूरपुर पड़ा। यह दुनिया का एकमात्र मंदिर है, जहाँ भगवान कृष्ण और मीरा की मूर्ति की पूजा की जाती है। नूरपुर के छोटे से शहर में स्थित इस मंदिर में सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है। मंदिर स्थानीय लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध है, लोगों की इस मंदिर से आस्था जुड़ी है। मंदिर समिति द्वारा एक वार्षिक भोज का आयोजन किया जाता है जहाँ पारंपरिक हिमाचली तरीके से स्थानीय व्यंजन परोसे जाते हैं।
विधानसभा क्षेत्र अर्की की क्यार कनेता, मटेरनी व जयनगर के ग्रामीणों द्वारा जनमंच में उठाए विद्युत और दूरसंचार विभाग से होने वाली परेशानी के मुद्दे पर अभी तक विभाग कुंभकरणी नींद सोये हुए हैं। विद्युत विभाग व दूरसंचार विभाग द्वारा हो रही परेशानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को एक बैठक का आयोजन किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य कई वर्षों से चली आ रही विद्युत व दूरसंचार विभाग से होने वाली परेशानी का कारण है। बैठक में लोगों ने विभागों के ढुलमुल रवैये पर रोष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि विद्युत आपूर्ति ठीक न होने से लोगों के व्यवसाय पर बहुत असर पड़ रहा है। वहींं बैंक कार्य व अन्य विभागों में कार्य कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा। ग्रामीणों ने बताया कि जनमंच द्वारा भी इस मामले को उठाया गया था परंतु विभागों ने लोगों की इन समस्याओं की अनदेखी की है। ऐसे में उन्होंने सरकार व इन विभागों को अग्रिम चेतावनी दी है कि यदि इन परेशानियों को दूर नहीं किया जाएगा तो ग्रामीण ठोस कदम उठाने को मजबूर हो जायेंगें जिसकी जिम्मेदारी सरकार व विभाग की होगी। बैठक में जय नगर निवासी, शिक्षण संस्थान, दुकानदारों, ग्रामीण, लघु उद्योगों से जुड़े लोग, व लोकमित्र केंद्र के लोगों ने भाग लिया। इस बारे में अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग केएल शर्मा से बात करने पर उन्होंने बताया कि मेरे संज्ञान में मीडिया द्वारा ही यह मामला आया है और जल्दी ही ग्रामीणों की विद्युत की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। दूर संचार विभाग के अधिकारी एच के मीणा से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नही उठाया।
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर साईं इंटरनेशनल स्कूल में बेस्ट राधा-कृष्ण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं भगवान कृष्ण,राधा और गोपियों के परिधान में सज-धज कर आए। राधा-कृष्ण की रंगबिंरगी वेशभूषा में आए बच्चों ने सभी का मन मोह लिया। इस दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में सिस बेस्ट कृष्णा पुष्कर पंवार को चुना गया एवं बेस्ट राधा जानवी सामटा को चुना गया। वहीं स्कूल के अध्यापकों ने अपनी-अपनी कक्षा में सभी बच्चों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व की जानकारी दी। स्कूल प्रबंधक रमिंद्र बावा ने कार्यक्रम में शामिल सभी बच्चों, स्टाफ एवं अभिभावकों को जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दी।
डीएवी अंबुजा विद्या निकेतन दाड़लाघाट में शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर नन्हे मुन्ने बच्चे राधा कृष्ण की वेशभूषा में बहुत ही सुंदर लग रहे थे। विद्यालय के प्रांगण में नौनिहालों के लिए मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, इसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मटकी को फोड़ने का भरसक प्रयास किया। बच्चों ने "हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की " कहते हुए मटकी को फोड़ने के लिए एक दूसरे को प्रेरित किया तथा आखिर में निरंजन तिवारी कक्षा चौथी के छात्र ने मटकी फोड़ कर सबको हर्षित कर दिया। बच्चों ने राधा-कृष्ण के गानों पर झूमते हुए श्री कृष्ण जन्माष्टमी की एक दूसरे को बधाई दी। स्कूल प्रबंधन समिति के चेयरमैन अनुपम अग्रवाल तथा प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी और शोधार्थी हिमाचली टोपी या केसरियां पगड़ी पहनकर डिग्री लेंगे।यूनिवर्सिटी ने 20 सितंबर को प्रस्तावित पांचवें दीक्षांत समारोह के लिए ड्रेस कोड तय किया है।ये कोड डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों के लिए तय किया गया है। इसके अलावा सफेद रंग का पूरी बांहों वाला कुर्ता डिग्री लेने वाले मेधावियों को दीक्षांत समारोह में पहनना होगा। केंद्रीय विवि के पांचवे दीक्षांत समारोह वर्ष 2017 और 2018 के लगभग 650 से अधिक छात्रों को डिग्री दी जाएगी। मेधावी अंगवस्त्र और हिमाचली टोपी विवि की सहकारी समिति के कार्यालय से खरीद सकते हैं। इसके लिए कुछ राशि जमानत के रूप में जमा करनी होगी।
राजकीय महाविद्यालय अर्की के रोवर्स एवं रेंजर्स मण्डी जिला के रिवालसर में होने वाले राज्यस्तरीय यूथ फार्म के लिये रवाना हुए। जानकारी देते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या रीता शर्मा ने बताया कि अर्की महाविद्यालय से दो रोवर्स साहिल व चिराग और दो रेंजर्स दीपा व सिमा मंडी जिला में आयोजित हो रहे इस यूथ फार्म में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। रेंजर्स लीडर सहायक प्रोफेसर कुमारी पूनम ने कहा कि वहां पर बच्चों को विभिन्न स्तरों पर परखा जाएगा। इसमें भाषण, बहस, गोष्ठियां एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चे भाग लेंगे। रिवालसर में अन्य महाविद्यालयों से आए रोवर्स एवं रेंजर्स के साथ बच्चों का आत्मविश्वास बढेगा एवं उनका बौद्धिक विकास भी होगा। विद्यार्थी इन प्रतियोगिताओं में आगे की भागीदारी भी सुनिश्चित करेंगे और आने वाले राष्ट्रीय स्तरीय यूथ फार्म के लिये चयनित होंगे।
चम्यावल पँचायत के आंगनबाड़ी केंद्र चम्यावल में महिला एवं बाल विकास विभाग हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से आईसीडीएस कुनिहार के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण स्कीम के तहत सभी महिलाओं के लिये एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता पँचायत प्रधान परमिंद्र ठाकुर ने की। इस दौरान विभाग की तरफ से अर्की वृत एक के पर्यवेक्षक बाबूराम द्वारा इस शिविर में उपस्थित सभी महिलाओं को उनके विभाग की सभी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने विशेष तौर पर घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के अंतर्गत सभी महिलाओं को जागरूक किया। उन्होंने इस दौरान इस शिविर में उपस्थित सभी महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरुक करते हुए बताया कि विभाग की तरफ से हर पँचायत में महिला सशक्तिकरण केंद्र स्थापित किये गए है। कोई भी पीड़ित महिला इन सशक्तिकरण केंद्रों में जाकर अपनी समस्या रख सकती है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग की तरफ से हर पीड़ित महिला को कानूनी सहायता मुफ्त में प्रदान की जाएगी। इस दौरान स्वास्थ्य उपकेन्द्र शालाघाट की तरफ से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता मीना राठौर,आशा कार्यकर्ता अनिता देवी व पूर्व बीडीसी सदस्य चम्यावल पँचायत उर्मिला ठाकुर भी विशेष तौर पर उपस्थित हुई। मीना राठौर ने इस शिविर में उपस्थित सभी महिलाओं को जानकारी देते हुए बताया कि बरसात के दिनों में सभी को टँकीयो में क्लोरीन की गोलियां अवश्य डालनी चाहिए जिससे जल साफ हो जाता है। आजकल बरसात में दूषित जल से पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है इसलिए पीने के पानी में क्लोरीन की गोलियां अवश्य डालें। साथ ही उन्होंने सभी महिलाओं को कुपोषण से सम्बंधित जानकारी भी दी।उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को हमेशा संतुलित आहार लेना चाहिये। इस दौरान इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निर्मला देवी, आंगनबाड़ी सहायिका आशा देवी, वार्ड सदस्य सुंदर, महिला मंडल प्रधान शकुंतला देवी, स्वयं सहायता समूह की प्रधान सीता देवी, राधा देवी सहित बहुत सी महिलाएं भी उपस्थित रही।
ग्राम पंचायत क्यार कनेता के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोहार घाट के भवन के सामने का आंगन भारी बारिश की वजह से गिर गया है। एसएमसी प्रधान छोटू राम ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आंगन के सामने आरएमएसए से एक अन्य भवन निर्माणाधीन है, जिसे बनाने के लिए पी डब्ल्यू डी ठेकेदार द्वारा आंगन का कटान किया गया था। निर्माण के समय उन्होंने रिटेनिंग बाल भी लगाई,लेकिन जितना कटान किया गया था उतने पूरे हिस्से पर रिटेनिंग वॉल नहीं लगाई गई थी जिसकी वजह से जिस हिस्से पर रिटेनिंग वॉल नहीं लगी थी वह पूरा हिस्सा गिर गया है। अब भवन में जहां बच्चे बैठते हैं उनको खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर इस जगह पर नीचे से रिटेनिंग वॉल नहीं लगाई गई तो भवन कभी भी गिर सकता है तथा स्कूली छात्र किसी भी बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से आग्रह किया है कि इस पाठशाला में बच्चों से संबंधित कोई दुर्घटना न हो ईसके लिए जल्द से जल्द रिटेनिंग वॉल को लगवाया जाए ताकि स्कूली छात्र सुरक्षित शिक्षा ग्रहण कर सके। इस बारे में लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता रवि कपूर से बात करने पर उन्होंने कहा कि जल्दी ही उस स्थान का निरीक्षण किया जाएगा व रिटेनिंग वॉल लगवा दी जाएगी।
मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी में चल रहे भारतीय रेलवे महिला हैंडबॉल टीम के प्रशिक्षण शिविर में बतौर मुख्यातिथि गुरविंदर सिंह एडमिशन व मार्केटिंग हेड रयात बाहरा यूनिवर्सिटी ने शिरकत की। यह जानकारी मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की कोच व संचालक स्नेहलता ने दी। मुख्यातिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि वह सोशल मीडिया व अखबारों के माध्यम से यहाँ के बारे पढ़ते रहते थे। मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी जो यहाँ निशुल्क खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है वो काबिलेतारीफ है व इसका पूरा श्रेय स्नेहलता व सचिन चौधरी को जाता है। यहाँ प्रशिक्षण लेने वाली 16 खिलाड़ी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है व खेल रही है। इन खिलाड़ियों की वजह से आज मोरसिंघी व बिलासपुर को पूरे विश्व में जानते है। उन्होंने कहा कि जब भी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी को सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी वह उनके साथ हैं। इससे पहले मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी पहुंचने पर मुख्यातिथि का सभी खिलाड़ियों ने जोरदार स्वागत किया। मोरसिंघी पंचायत प्रधान जगदीश ठाकुर, स्नेहलता, सचिन चौधरी ने मुख्यातिथि को शॉल, टोपी , स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर स्थानीय पंचायत प्रधान जगदीश ठाकुर, सचिन चौधरी, स्नेहलता, अरविंद यादव कोच भारतीय रेलवे महिला हैंडबॉल टीम, सुरेंद्र कुमार मैनेजर भारतीय महिला हैंडबॉल टीम व मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी व रेलवे के सभी खिलाड़ी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बिलासपुर द्वारा 12 अगस्त से 31 अगस्त तक चलाए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस जागरूकता अभियान के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी डा ऋषि टंडन ने की। इस मौके पर भाषण, नारा तथा लेखन प्रतियोगिता और जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। डा टंडन ने बताया कि भाषण प्रतियोगिता में रामकली, सोनिया तथा प्रियंका तथा नारा लेखन में साक्षी, रामकली, बबीता ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का संदेश एचआईवी के बारे में युवा शिक्षित हो के संदर्भ में युवाओं को एचआईवी के कारणों बचाव एआरटी/ आईसीटीसी केंद्रों में दी जा रही सेवाओं तथा राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा दी जा रही सेवाओं इत्यादि के बारे में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी युवा वर्ग ही ज्यादातर इसकी चपेट में आ रहे हैं जो कि चिंता का विषय है। युवाओं में एचआईवी संक्रमण न हो तथा देश एचआईवी संक्रमण से मुक्त हो, इसके लिए 12 अगस्त से 31 अगस्त तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जन शिक्षा तथा सूचना अधिकारी रोमा शर्मा तथा स्वास्थ्य शिक्षक प्रवीण ने बताया कि सरकार ने 2030 तक देश को एचआई वी से से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए सभी गर्भवती माताओं ,टीवी के रोगियों तथा आरटीआई एसबीआई रोगियों का आईसीटीसी केंद्रों में शत-प्रतिशत टेस्ट निशुल्क किया जा रहा है तथा पहचान गुप्त रखी जाती है। भाषण तथा नारा लेखन प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को कार्यक्रम के अध्यक्ष व मुख्य अतिथि द्वारा नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के अध्यापकों तथा लगभग 185 प्रशिक्षणार्थियों को जागरूक किया गया।
दयानंद आदर्श विद्यालय दयोठी में मदर्स डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल की मुख्य अध्यापिका उषा मित्तल ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अध्यापिका ने दीप जलाकर किया। इस कार्यक्रम में मदर्स के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी। प्रतियोगिताओं में एकल गीत, एकल नृत्य और मॉडलिंग शामिल रही। इन प्रतियोगिताओं में लगभग सभी मदर्स ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर खूब वाहवाही बटोरी। मदर्स ने देशभक्ति और माता-पिता को सम्मान देते हुए मधुर स्वर में गीत तथा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुतियां दी। एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रीतिका ने प्रथम,पूनम द्वितीय तथा ज्योति ने तृतीय स्थान हासिल किया,रक्षा और अंजना को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा एक गायन प्रतियोगिता में नम्रता प्रथम, प्रीतिका द्वितीय, तथा लक्ष्मी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, सांत्वना पुरस्कार निशा को दिया गया। वहीं मॉडलिंग प्रतियोगिता में प्रथम ज्योति,द्वितीय भावना और तृतीय स्थान में ज्योति रही, सांत्वना पुरस्कार रीना और रेनू को दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ने मदर्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से माताओं का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है। वहीं माताओं को मंच पर अपना हुनर दिखाने का मौका मिलता है।कार्यकर्म के अंत में माताओं द्वारा समूह नृत्य प्रस्तुत किया। इस मौके पर विद्यालय इंचार्ज फुलाधर, रामेश्वरी शर्मा, सहित स्कूल स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।
ब्राह्मण आर्गेनाईजेशन आफ इंडिया द्वारा हिमाचल की पहली कार्यकारिणी बैठक जिला सोलन में आयोजित की गई। इस बैठक का आयोजन 21 अगस्त को चंबाघाट के प्रसिद्ध शिव मंदिर में किया गया। यह बैठक हिमाचल के कार्यकारी अध्यक्ष तिलक राज शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ब्राह्मण आर्गेनाईजेशन आफ इंडिया के महामंत्री डॉ. रवि दत्त गौड़ मुख्य रूप से शामिल हुए जो कि चिन्मय विद्यालय नौणी के निर्देशक भी हैं। उन्होंने बताया की ब्राह्मण आर्गेनाईजेशन आफ इंडिया का मकसद ब्राह्मणों के साथ होने वाले अन्याय को रोकना है व विश्व में शान्ति की स्थापना करना है। भारत में रहते हुए कश्मीरी पंडितों के साथ जो अन्याय हुआ है उसका किसी भी पार्टी व संघ ने कोई भी संज्ञान नही लिया, इसलिए अब ब्राह्मणों को स्वयं ही आगे आना होगा। साथ ही बताया 24 दिसम्बर 2018 को मावलंकार हाल दिल्ली में पहली कार्यकरिणी बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें 12 राज्यों से करीब 1000 ब्राह्मणों ने भाग लिया था। तथा दूसरी कार्यकारिणी बैठक दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुई जिसमे लगभग 16 राज्यों से 3000 कार्यकारी पदाधिकारियों व सदस्यों ने भाग लिया। इस आर्गेनाईजेशन के संस्थापक सुखबीर शर्मा हैं जो कि मजदूर कल्याण बोर्ड दिल्ली के संस्थापक व चेयरमैन तथा अखिल भारतीय लेबर यूनियन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। यह संस्था कश्मीरी पंडितों को न्याय दिलाने के लिए जम्मू कश्मीर में बैठक कर चुके है तथा वहाँ के राज्यपाल माननीय सत्यपाल मलिक से मुलाकात की तथा उन्होंने आश्वासन दिया की वह कश्मीरी पंडितों को न्याय दिलाएंगे।
अर्की सायरोत्सव की मशहूर झोंटो की लड़ाई जिसे छिंज भी कहा जाता है, इसे दोबारा शुरू करने की मांग हो रही है।लगभग 450 वर्ष से चली आ रही प्रथा को न्यायालय द्वारा पशु बलि के नाम पर बन्द कर दिया गया था। 3 वर्ष पहले यहां झोंटो की छिंज पर न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गयी थी। पर अब कुछ लोगों का केना है कि इससे मेले की रौनक और मुख्य आकर्षण खत्म हो चुका है। इस मेले में लोग दूर-दूर से झोंटो की छिंज देखने आते थे व झोटा मालिक भी यहां दूर-दूर से झोटे लाकर प्रदर्शनी भी लगाते थे। लोगों का कहना है कि उस समय लोगों में झोटा पालना भी एक शौक होता था। अर्की व्यापार मंडल के अध्य्क्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि सायरोत्सव मेला वर्षो से चली आ रही हमारी संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है। यह मेला अर्की के इलावा पूरे प्रदेश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हम सरकार से अपील करते है कि लोगों की भावनाओं को समझते हुए उच्च न्यायालय में अपील करे। वार्ड नम्बर 5 से दीपक कुमार वार्ड नम्बर 6 से गिरधारी लाल शर्मा व वार्ड नम्बर 7 से मनोज शर्मा ने कहा कि जब जलीकट्टू बन्द हुआ तो लोग सड़कों पर आ गए थे और सरकार को आध्यादेश लाकर उसे दोबारा शुरू करना पड़ा परन्तु हम शांतिपूर्ण अपनी बात रख कर अर्की सायरोत्सव की शान झोंटो की लड़ाई शुरू करवाने की मांग करते हैं।
प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा समय-समय पर प्रचार कार्यक्रम आयोजित करने की कड़ी में आज सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के राज्य नाटय दल के कलाकारों ने ग्राम पंचायत देवठी तथा सोलन मालरोड स्थित चिल्ड्रन पार्क में गीत-संगीत तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया। कलाकारों ने जहां उपस्थित जनसमूह को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की वहीं लोगों का भरपूर मनोरंजन भी किया। नाटय दल के कलाकारों सुनील कुमार, रमेश चंद्र, नीतिन तोमर, राजेश कुमार, रेखा, निशा बाला, गीता ने नुक्कड़ नाटक ‘ठगड़े री सीख’ के माध्यम से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तथा हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के बारे में जानकारी प्रदान की। कलाकारों ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सोलन जिला में 8135 लाभार्थियों को गैस कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं। जिले में हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के अंतर्गत 7921 लाभार्थियांे को गैस कुनैक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में अब तक लगभग 28 लाख रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है। समूह गान प्रगति की बंध गई नई डोर, हिमाचल प्रगति की ओर के माध्यम से कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह को हिमकेयर, जल संरक्षण, मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना तथा मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिला में 46506 तथा हिम केयर योजना के अंतर्गत 3647 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। कलाकारों ने बताया कि फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के तहत सोलर बाड़ लगाने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक का उपदान दिया जा रहा है। अब इस योजना के तहत अन्य बाड़ भी लगाई जा सकेगी, जिसके लिए 50 प्रतिशत का उपदान उपलब्ध है। अब तक 1200 से भी अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत देवठी के प्रधान देवेंद्र शर्मा, वार्ड सदस्य रमेश शर्मा, चंद्र दत्त शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन विवेक चंदेल ने 22 अगस्त, 2019 से 26 अगस्त, 2019 तक सोलन शहर के वार्डर नंबर-10 के एसएस पंवर हाउस से चार खंबा (टैंक रोड) तक मार्ग को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नगर परिषद सोलन के वार्ड नंबर 10 के अंतर्गत एसएस पंवर हाउस से चार खंबा (टैंक रोड) तक इंटरलॉक टाइल्स बिछाई जानी है। इसके दृष्टिगत 26 अगस्त 2019 तक उक्त मार्ग बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि टाइल्स लगाने की अनुमति इस शर्त पर दी जा रही है कि इस मार्ग पर आमजन तथा वाहनों की आवाजाही के लिए किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामलाल ठाकुर ने मांग की है कि उनके चुनाव क्षेत्र नयनादेवी में नया जूनियर न्यायालय परिसर खोला जाए। उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्होंने आज मुख्यमंत्री को एक पत्र दिया है। ठाकुर ने बताया कि श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र में तहसील कार्यलय उन्होंने मंत्री रहते हुए खुलवाया था, तदोपरांत जब वह बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति का अध्यक्ष थे तब एस डी एम कार्यलय व् सिविल कोर्ट पूर्व सरकार के समय खुलवाया था। अब स्वारघाट में जे एम् आई सी जूनियर सिविल न्यायालय खोलने की मांग उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने रखी है। ठाकुर ने कहा कि इसका मुख्य कारण है कि नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक परिस्थियों दुर्गम पहाड़ी, पठारी व् समतल भूमि का मिला जुला मिश्रण है, जिसका अंतिम छोर जिला मुख्यालय से करीब 125 कि मी की दुरी पर स्थित है। लोंगों को अपने सिविल न्यायिक व्यवस्था पाने हेतू लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। यहां पर तहसील स्तर का न्यालय और सब डिवीज़न सिविल न्यायालय पहले से ही चल रहा है, जबकि इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जूनियर लेवल का न्यायिक परिसर खोला जाना चाहिए। ठाकुर ने बताया कि इस बाबत मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मांग को स्वीकारते हुए इस न्यायालय को खोलने में आगे की औपचारिकताओं को पूरा करवाया जायेगा। इस जूनियर सिविल न्यायालय खोलने से एक तो जिला न्यायालय में लंबित पड़े केसों पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा, दूसरे पंजाब की सीमाओं से लगे श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के लोगों का करीब 45 किलोमीटर सफर कम होगा।
सरकार ने अनुबंध कर्मियों को करारा झटका दिया है। अनुबंध कर्मियों को अब वरिष्ठता में अनुबंध सेवाकाल का लाभ नहीं मिलेगा। जब वे नियमित होंगे, तभी से वरिष्ठता गिनी जाएगी। सरकार के इस निर्णय से अनुबंध कर्मियों में निराशा है। वर्तमान में करीब 40 हजार अनुबंध कर्मी हैं। सरकार की नीति के अनुसार ये तीन साल के सेवाकाल के बाद नियमित होते हैं। पीटीए शिक्षकों का तीन साल का कार्यकाल पिछले साल पूरा हो गया था, लेकिन वे अभी तक नियमित नहीं हो पा रहे हैं। सरकार का कहना है कि सरकारी सेवा में कार्यरत सभी कर्मचारियों को वरिष्ठता उनकी नियमितीकरण की तिथि से दिए जाने का प्रावधान है। नियमित के विपरीत अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों पर विभिन्न सेवा संबंधित नियम लागू नहीं होते हैं। कन्ट्रेक्चुअल अप्वाइंटमेंट की शर्तो के अनुसार यह एक अस्थायी व्यवस्था है, जिसे हर साल सशर्त बढ़ाया जाता है। अनुबंध पर दी गई सेवा अवधि को वरिष्ठता लाभ दिया जाना प्रशासनिक रूप से तर्कसंगत नहीं है। अनुबंध नियमित कर्मचारी संघ हिमाचल प्रदेश ने इसे निराशाजनक बताया है। संघ का कहना है कि सरकार ने विभिन्न कर्मचारियों को लाभ देने के लिए कई बार नियमों में संशोधन किया है, पर जब बात अनुबंध और अनुबंध से नियमित कर्मचारियों की आती है तो नियमों का हवाला देकर टाल दिया जाता है।
प्रदेश में पर्यटन को पंख लगाने के लिए हिमाचल के हर हलके में एक हेलीपैड बनाया जायेगा होगा और छह स्थानों पर हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे। सीएम जयराम ठाकुर ने बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू के सवाल पर जानकारी दी कि अभी प्रदेश में 64 हेलीपैड हैं। जल्द सरकार द्वारा 11 विधानसभा हलकों में हेलिपैड का निर्माण किया जायेगा। इनमे नादौन, बड़सर, इंदौरा, जसवां परागपुर, सुलह, बल्ह, गगरेट, हरोली, कुटलैहड़, नाहन व पांवटा शामिल है। इसके अतिरक्त सरकार उड़ान दो योजना के अंतर्गत हिमाचल में छह हेलीपोर्ट बनाएगी। इनके निर्माण के लिए पवन हंस लिमिटेड कंपनी द्वारा विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। इस पर लगभग 28.80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। - सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि रामपुर और झाकड़ी में 20 किलोमीटर के दायरे में दो हेलीपोर्ट का निर्माण करना सही नहीं है। एक हेलिपैड किसी अन्य जिले के मुख्यालय में बनाना चाहिए। - पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी ने हेलीपैड के निर्माण में सिरमौर को प्राथमिकता देने की मांग उठाई। - विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में हेलीपैड स्थापित करने की मांग उठाई। यहाँ बनेंगे हेलीपोर्ट( अनुमानित लागत) बनरेड़ू (संजौली-ढली बाईपास शिमला) 10 करोड़ रामपुर, (शिमला) 3,59,16,082 झाकड़ी (शिमला) 3,16,02,490 कांगनीधार (मंडी) 5,25,18,539 बद्दी (सोलन) 2,73,29,340 मनाली (सासे कुल्लू) 3,34.41.780
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 23 अगस्त दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करने से पापों का नाश और सुख की वृद्धि होती है। इस वर्ष श्री कृष्ण जन्म का मुहूर्त रात्रि में 10:44 से 12:40 के मध्य है। इस शुभ समय में भगवान की विधि विधान से पूजा करने से सभी मनोरथ पुरे होते है। पूजन में देवकी, वसुदेव, वासुदेव, बलदेव, नंद, यशोदा, और लक्ष्मी का स्मरण भी अवश्य करना चाहिए। स्कंद पुराण के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म करीब पांच हज़ार वर्ष पूर्व द्वापरयुग में हुआ था। माता देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान थे श्री कृष्ण स्कंद पुराण के अनुसार द्वापरयुग में मथुरा में महाराजा उग्रसेन राज करते थे। उनके क्रूर बेटे कंस ने अपने पिता को सिंहासन से हटा दिया और खुद राजा बन गया। कंस का अत्याचार प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। कंस की एक बहन देवकी थी जिसका विवाह वासुदेव से हुआ। कंस अपनी बहन देवकी को उसके ससुराल छोड़ने जा रहा था, तभी रास्ते में एक आकाशवाणी हुई, 'हे कंस जिस देवकी को तू इतने प्रेम से विदा कर रहा है उसका ही आठवां पुत्र तेरा काल होगा।' यह सुनते ही कंस ने देवकी और वासुदेव को बंधक बना लिया। कंस ने सोचा कि अगर वह देवकी के हर पुत्र को मारता गया तो वह अपने काल को हराने में कामयाब होगा। इसके बाद देवकी की जैसे ही कोई संतान पैदा होती, कंस उसे मार देता। सात संतानों के मारे जाने के बाद देवकी के 8वें पुत्र के जन्म की बारी आई। पर इस बार कंस की सारी योजनाएं धरी की धरी रह गईं। अष्टमी की रोहिणी नक्षत्र में श्रीकृष्ण का जैसे ही जन्म हुआ, उसी समय संयोग से नंदगांव में यशोदा के गर्भ से एक कन्या का जन्म हुआ।ईश्वर की कृपा से वासुदेव के हाथ-पैरों में बंधी सारी बेड़िया अपने आप खुल गईं, कारागार के दरवाजे खुल गये और सभी पहरेदार मूर्छित हो गए। वासुदेव ने एक टोकरी में नवजात शिशु (श्री कृष्ण )को रखा और नंद गांव की ओर चल पड़े। पूरे मथुरा में उस दौरान तेज बारिश हो रही थी ऐसे में शेषनाग स्वयं शिशु के लिए छतरी बनकर वासुदेव के पीछे-पीछे चलने लगे। वासुदेव यमुना पार कर नंदगांव पहुंचे और यशोदा के साथ बाल कृष्ण को सुला दिया और स्वयं कन्या को लेकर मथुरा गये। यह कन्या दरअसल माया का एक रूप थी। वासुदेव जैसे ही कारागार पहुंचे, सबकुछ सामान्य और पहले की तरह हो गया। कंस को आठवें संतान के जन्म की खबर पहरेदारों से मिली तो वह उसे मारने वहां आ पहुंचा। कंस ने कन्या को अपने गोद में लिया और एक पत्थर पर पटकने की कोशिश की। हालांकि,वह कन्या आकाश में उड़ गई और माया का रूप ले लिया। साथ ही उसने कहा,' तुझे मारने वाला तो पहले ही कहीं और सुरक्षित पहुंच चुका है।' कंस बेहद क्रोधित हुआ और कृष्ण की खोज शुरू कर दी। कंस ने उन्हें मारने का प्रयास किया लेकिन असफल रहा। आखिर में श्रीकृष्ण ने युवावस्था में कंस का वध किया अपने माता-पिता को कारागार से बाहर निकाला।
हम कितनी भी पश्चात्य रंग में डूब जाएं लेकिन आज भी कुछ लोग अपनी परंपराएं जीवित रखने के लिए 10 दिनों तक बिल्कुल नंगे पांव लोगों तक गुगा जाहर की कथाएं पहुंचाने से गुरेज नहीं करते। हम बात करते हैं,ग्राम पंचायत दावटी के गांव फांजी के गुगा जाहर छड़ी के संचालक व कथा वाचकों की जो पिछले बहुत सालों से रक्षाबंधन से गुगा नवमी तक क्षेत्र में लोगों के घरों में जाकर गुगा की अमर कथाएं सुनाकर पुण्य के भागी बनते हैं। विशेषकर रक्षाबंधन से गुगा नवमी तक क्षेत्र में हर घर में लोग रात को गुगा जी की अमर कथा सुनते हैं व कई लोगों की मन्नतें पूरी होने पर भी वे लोग गुगा जी की छड़ी अपने घर में एक रात के लिए बुलाते हैं व कथावाचक गुगा जी की कथा सुना कर सुबह दूसरे घरों की ओर प्रस्थान करते हैं। गुगा के गीतों को गाने वाले गुगा छड़ी को लेकर डमरू की ताल से गुगा के गीत गाकर इन 10 दिनों में बिल्कुल नंगे पांव सफर करते हैं। छड़ी संचालक दीप राम शर्मा ने कहा कि जब से होश संभाला है तब से गुगा छड़ी के साथ चलता हूं, इन 10 दिनों में हमें कोई थकान नहीं होती और और न ही कोई परेशानी होती है। वही छड़ी के साथ चलने वाले सबसे बुजुर्ग लगभग 80 वर्षीय लच्छीराम शर्मा ने कहा की मुझे 40 वर्षों से ऊपर छड़ी के साथ चलते हो गया और गुगा जाहर की दया दृष्टि से आज तक हमें कोई भी परेशानी नहीं आई व हमें इस परंपरा को आने वाली पीढ़ी को भी देना होगा। वही बलदेव, मुकेश, नरेश, मदन सुभाष, परसराम, सुरेंद्र, जगदीश ने कहा की इन 10 दिनों में हम गुगा जाहर की कथा श्रवण कर और सुना कर अपने संस्कृति व परंपरा को कायम रख रहे हैं। वह आजकल की पीढ़ी को भी यही संदेश देना चाहते हैं कि अपनी संस्कृति से शर्म न कर उसे बढ़ावा देना चाहिए ताकि हमारी संस्कृति और परम्पराओं का अस्तित्व बचा रहे।
बरसात के चलते ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के गांव शमेली से सटे गांवों को जाने वाली सड़क पर एक भारी भरकम चट्टान के आने से लोगो को आने जाने के लिए रास्ता बन्द पड़ा है,जिसके कारण लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। ऐसे हालात में गांव को जाने वाली सड़क व रास्ते पर चलना भी खतरे से खाली नहीं है।गांव स्तोटी,बुडम से जाने वाले सड़क ककेड़,डवारु से जोड़ने वाले सड़क व रास्ते को बारिश ने काफी नुकसान पहुंचाया है। डवारु के पास एक भारी भरकम चट्टान के आने से सड़क व रास्ता बिलकुल बन्द है,जिससे सबसे ज्यादा बच्चो को स्कूल आने जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।लोगो का कहना है कि अगर सड़क व रास्ते को जल्द दुरस्त नहीं किया जाता है,तो स्थानीय लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।स्थानीय लोगों में मदन शर्मा,वीरेंद्र शर्मा,चमन,जय प्रकाश,विजय,बलीराम सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह पर चट्टान आई है उसी के साथ एक बिजली का पोल भी है।अगर फिर से पहाड़ से कोई भारी चट्टान आ जाती है तो ये बिजली का पोल कभी भी गिर सकता है। लोगों ने विद्युत विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द रास्ते मे पड़े मलबे व बिजली के पोल को किसी अन्य स्थान पर ले जाकर लोगों को हो रही परेशानी को दूर किया जाए। फारेस्ट क्लीयरेंस की वजह से रुका सड़क का कार्य : जब इस बारे सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी उपमंडल दाड़लाघाट बीआर कश्यप से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सड़क का कार्य फारेस्ट क्लीयरेंस की वजह से रुका है। बरिश होने की वजह से पहाड़ धरक गया है,जल्द ही मौका देखकर उस स्थान को दुरुस्त किया जाएगा। जल्द दूर करेंगे लोगों की परेशानी ( विधुत बोर्ड ): सहायक अभियंता विद्युत बोर्ड दाड़लाघाट ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में इस तरह का कोई मामला नही है। अगर इस तरह का कोई खतरा बिजली के पोल से लोगो को है तो जल्द ही उस स्थान का निरीक्षण करके लोगो को हो रही परेशानी को दूर किया जाएगा।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा तथा आपदा ग्रस्त परिवारों से की मुलाकात घुमारवीं में कठलग के गांव करयालग में हुई भारी वर्षा से हुए भू-स्खलन के कारण क्षेत्र के 7 परिवार बेघर हो गए थे। बुधवार को उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया तथा आपदा ग्रस्त परिवारों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्राथमिक सहायता के तौर पर आपदा ग्रस्त परिवारों को प्रति परिवार 40 हजार रूपए की राहत राशि प्रदान कर दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि गत दिन 12 लाख 50 हजार रूपए की राहत राशि स्वीकृत की गई। गोयल ने बताया कि शिमला से राज्य भू-विज्ञानिक का दल जिसमें गौरव शर्मा, जिला माईनिंग अधिकारी और भू-संरक्षण अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर निरीक्षण कर 2 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगें। उन्होंने बताया कि यह दल क्षेत्र की भूमि का तकनीकी मुल्यांकन करेंगें ताकि भविष्य में भू-स्खलंन को रोका जा सके। उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को उनकी मांग पर कृषि योग्य भूमि उपलब्ध करवाने के लिए भूमि का शीघ्र चयन करें ताकि मामला उच्च स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा जा सके। उपायुक्त ने खण्ड विकास अधिकारी और भू-संरक्षण अधिकारी को प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
एनएच-205 पर जगह-जगह लैंडस्लाइड होने को लेकर जहां पर उच्च मार्ग को क्लीयर करने को लेकर प्रशासन और पीडब्लूडी विभाग की टीम लगी हुई हैं।वही पर गत रविवार से एसीसी गागल द्वारा राष्ट्रीय उच्च मार्ग को खोलने के लिए हैवी अर्थ मूविंग मशीन भेजकर जिला प्रशासन एवं विभाग के सहयोग में जुटी है। यह जानकारी एसीसी इंटक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चैन सिंह ठाकुर ने देते हुए कहा कि एसीसी कम्पनी द्वारा उच्च मार्ग में गिरे मलबे को हटाने में जुटी है। गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते एनएच-205 पर कई जगह पर लैंडस्लाइड हुआ था। इसमें प्रशासन व पीडब्लूडी विभाग की टीमों के साथ मिलकर एसीसी लगातार हाईवे को क्लियर करने में जुटा हुआ हैं। वहीं एनएच पर जाम के चलते पर्यटकों सहित मरीजों और सेब की सप्लाई ले जा रहे ट्रक चालकों को खासी दिक्कत का सामना करना पड रहा है। वहीं दूसरी ओर बात करें स्वारघाट से लगते ग्रामीण इलाकों की तो लैंडस्लाइड के चलते लिंक रोड सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है, जिसके चलते यहां आवाजाही बिलकुल ठप हो गई है। वहीं लिंक रोड बंद होने के चलते अब गांव के मरीजों को खाट पर लेटाकर स्थानीय ग्रामीण बमुश्किल कन्धों पर उठाकर अस्पताल तक ले जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन व विभाग से जल्द ही सड़क बहाल करने की अपील कर रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर के विधायक सुभाष ठाकुर ने नियम 130 के अंतर्गत जल परिवहन नीति के बारे में विधानसभ सत्र के दौरान अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में गोविंद सागर झील सबसे लंबी झील है जिसकी लंबाई 63 किलोमीटर है यह भाखड़ा से लेकर सलापड तक है। उन्होने कहा कि इस झील के दोनों तरफ 170 घाट हैं तथा इस झील में 170 रजिस्टर्ड प्राइवेट वोट्स चलती हैं। प्रतिदिन 1 हजार लोग कोई दरिया के पार जाता है कोई भाखड़ा जाता है कोई ज्योरीपतन कोई कुटलैहड जाता है। उन्होने बताया कि यह झील बिलासपुर जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों है वहीं पर यह कुटलैहड जिला ऊना के निर्वाचन क्षेत्र को भी कवर करती है तथा मंडी के सलापड और सुंदरनगर निर्वाचन क्षेत्र के डैहर को भी छूती है। इसी तरह से हमारी दूसरी झील कोलडैम है कोलडैम बनने के बाद वहां के लोगों को भी बहुत दिक्कत हुई है। उनके जो आर पार के रास्ते थे, जाने के साधन थे, वह भी बाधित हुए हैं आम व्यक्ति को बहुत कठिनाई आई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने जिस तरह से जल परिवहन नीति के लिए 50 हजार करोड रुपए रखा है हिमाचल प्रदेश में भी यह पैसा आए। यहां पर भी जल प्रबंधन नीति बने, जिससे हमारे लोगों को सुविधा हो और हिमाचल प्रदेश जैसे सुंदर प्रदेश जहां पर अनेकों प्रदेशों, विदेशों से लोग घूमने के लिए आते हैं। उन्होने कहा कि यहां पर पर्यटन की बहुत संभावनाएं हैं पर्यटन की दृष्टि से भी अगर हमारी यह परिवहन नीति और इसके तहत अच्छे वोट, अच्छी सुविधा मिले तो निश्चित तौर पर हिमाचल प्रदेश आर्थिक दृष्टि से भी मजबूत होगा और हमारे नौजवानों को रोजगार मिलेगा। हमारे लोगों को जो इन झीलों से कठिनाई हुई है उनको भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में 3500 मछुआरे हैं जो प्रतिदिन मछली पकड़ते हैं लेकिन उनके पास साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 1 हजार लोग भाखड़ा से आते हैं उनको यह सुविधा मिलेगी क्योंकि हमारी बाउंड्री पंजाब के साथ लगती है भाखड़ा से सलापड तक जाने में 3 घंटे का समय लगता है भाखड़ा से प्रतिदिन हमारे वोट आते हैं अगर अच्छे वोट मिले तो 1 घंटे में यह सफर होगा, लोगों को सुविधा मिलेगी और जो पर्यटक मनाली तक जाते हैं उनको भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा के कारण श्री नैना देवी जी चुनाव क्षेत्र के कोट कहलूर में लैंड स्लाइडिंग के कारण दोनों तरफ से लोग गिरे हुए थे जलमार्ग के माध्यम से 3 सौ लोगों को वहां से बिलासपुर तक सुरक्षित लाया गया जिसके लिए उन्होने सरकार और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होने कहा कि अगर हमारे पास परिवहन नीति होती, अच्छे वोट होते तो शायद वह लोग वहां नहीं फंसते और उनको हम भाखड़ा तक ले जा सकते थे। उन्होने कहा कि अच्छे वोट आएं, नौजवानों को रोजगार के अवसर मिले और जिला बिलासपुर भी पर्यटन की दृष्टि से पर्यटन मानचित्र से जुड़ सकें। उन्होने कहा कि सुन्नी से कोलडैम तक पहुंचने में 3 घंटे का समय लगता है। अगर जल परिवहन नीति के तहत अच्छे स्टीमर हमारे पास होंगे तो यह दूरी कम होगी और 1 घंटे में सुन्नी से कोलडैम तक पहुंचा जा सकता है और पर्यटक भी इस झील का आनंद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील सरकार है प्रगतिशील सरकार है और टूरिजम को बढाना चाहती है आम आदमी की दिक्कत दूर करना चाहती है। उन्होने कहा कि जल परिवहन नीति हिमाचल प्रदेश में आए तो हिमाचल प्रदेश में रोजगार के साधन बढ़ेगें। उन्होने हिमाचल प्रदेश में जल परिवहन नीति का समर्थन किया।
बिलासपुर के पुलिस लाईन मैदान में संपन्न हुई जिलास्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि दास ने इस टूर्नामेंट को क्वालिफाई कर स्टेट लेवल की शूटिंग प्रतियोगिता के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है।निधि ने प्वाइंट 22 स्टेडंर्ड राईफल ओपन साईट एनआर प्रोम सीनियर वूमन स्पर्धा में गोल्ड हासिल कर सभी को चौंका दिया है। इसके अलावा निधि ने एयर राईफल डीप साइट एनआर सीनियर वूमन स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया है। इसके अलावा एयर पिस्टल में निधि को रजत पदक पर संतोष करना पड़ा है। नगर के व्यवसायी दिनेश पाल दास की पुत्री निधि वर्तमान में एचएएस की तैयारी कर रही है जबकि बचपन से शूटिंग का शौक रखने वाली निधि ने नौ साल बाद इस प्रकार की प्रतियोगिता में भाग लिया है। इससे पूर्व वह राज्यस्तरीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में न सिर्फ बिलासपुर का प्रतिनिधित्व कर चुकी है बल्कि पदकों के साथ जिले का नाम भी रोशन कर चुकी है। सोलन के पाइनग्रोव स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के बाद निधि ने स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई पंजाब यूनिवर्सिटी से की है। निधि का मानना है कि शूटिंग एक बहुत बेहतरीन खेल स्पर्धा है। लेकिन बिलासपुर, हिमाचल में सुविधा न होने के कारण कोई खिलाड़ी इस खेल में आगे नहीं निकल पाता है। सरकार को चाहिए कि ऐसे खेलों की भी प्रमोशन की जानी चाहिए ताकि प्रतिभाएं आगे निकलकर आ सके। वहीं निधि के ताया के पुत्र बीसीसीआई लेवल-3 क्रिकेट कोच अनुज पाल दास ने भी अपने हाथ आजमाते हुए प्वाइंट 22 स्टेंडर्ड पिस्टल में सिल्वर मैडल हासिल किया है। जबकि अनुज पाल दास के बेटे अरिंदम ने अंडर-12 एयर पिस्टल में गोल्ड मैडल हासिल किया।
नुक्कड़ ‘बेरोजगार-शाउणु’ के माध्यम से बताई प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा समय-समय पर प्रचार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में आज सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के राज्य नाट्य दल के कलाकारों ने ग्राम पंचायत सलोगड़ा तथा पड़ग में गीत-संगीत तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया। कलाकारों ने जहां उपस्थित जनसमूह को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की वहीं लोगों का भरपूर मनोरंजन भी किया। नाट्य दल के कलाकारों सुनील कुमार, रमेश चंद्र, नीतिन तोमर, राजेश कुमार, रेखा, निशा बाला, गीता ने नुक्कड़ नाटक ‘बेरोजगार-शाउणु’ के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी प्रदान की। योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण के लिए दर्जी, हाथ कढ़ाई, छोटे पोल्ट्री किसान, ई-रिक्शा चालक और तकनीशियन, बढ़ई, सिलाई ऑप्ररेटर आदि व्यवसाय शामिल किए गए हैं। कलाकारों ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के युवाओं को 50 लाख रुपये तक की कुल परियोजना लागत वाले उद्यम स्थापित करने के लिए 25 प्रतिशत उपदान दिया जा रहा है। महिलाओं को 30 प्रतिशत तक के उपदान का प्रावधान है। योजना के तहत 62 कार्यों को शमिल किया गया है जिसमें हेल्थ फिटनेस संेटर खोलने से लेकर होटल और रेस्तरां चलाने जैसे कार्य शामिल किए गए हैं। योजना के अंतर्गत अब तक राज्य में 200 युवाओं को लगभग 31 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस वर्ष 2 हजार युवाओं को 400 करोड़ रुपये के ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। समूह गान ‘प्रगति की बंध गई नई डोर, हिमाचल प्रगति की ओर’ के माध्यम से कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह को सामाजिक सुरक्षा पैंशन, हिमकेयर, जल संरक्षण, मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना तथा मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना की जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सलोगड़ा की प्रधान करूणा शर्मा, वार्ड सदस्य रमेश कुमार, ग्राम पंचायत पड़ग के प्रधान जगदीश चंद, पंचायत सचिव किरण शर्मा, वार्ड सदस्य मीरा, रीना, शांति देवी, प्रदीप शर्मा सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
उपनिदेशक पशुपालन विभाग सोलन द्वारा दाड़लाघाट में महिलाओं द्वारा चलाई जा रही अमृत धारा दुग्ध उत्पादक समिति का औचक निरिक्षण किया।निरिक्षण के दौरान उपनिदेशक पशुपालन विभाग सोलन प्रदीप कुमार ने इस समिति के आय व्यय के खाते के साथ साथ अन्य कागजी कार्यवाही का भी निरिक्षण किया।इसके अलावा उन्होंने इस समिति द्वारा चलाए जा रहे बीएमसी का भी दौरा किया।इस मौके पर प्रदीप कुमार नें महिलाओं द्वारा चलाई जा रही इस दुध डेयरी के कार्य की काफी सराहना की।उन्होंने बताया कुछ समय पहले इन महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सोलन से मिला व उन्होनें इस डेयरी के कार्यों के दौरान आने वाली समस्याओं से अवगत करवाया था।उपायुक्त सोलन के निर्देशानुसार प्रदीप कुमार ने इस समिति का निरिक्षण किया व इनके कार्यो को उचित व सही पाया। उन्होंने बताया की विभाग की और से चलाई जाने वाली सभी योजनाओं के बारें में इस समिति को अवगत करवाया जाएगा। साथ ही महिलाओं की समिति को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। अमृत धारा दुग्ध उत्पादक समिति ने उपनिदेशक पशुपालन विभाग सोलन प्रदीप कुमार का दाड़लाघाट आने पर हार्दिक धन्यवाद किया।इस मौके पर उपनिदेशक पशुपालन विभाग सोलन प्रदीप कुमार के अलावा पशुपालन विभाग दाड़लाघाट से डा देवराज शर्मा व डा मानवी चौधरी उपस्थित रहे।
जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी रोमा शर्मा ने बताया की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बिलासपुर द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल तथा कन्या विद्यालय में विद्यार्थियों को गर्मी तथा बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों डेंगू स्क्रब टायफस तथा जल जनित रोगों के कारणों तथा उनके रोकथाम व बचाव की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होने बताया कि यह बीमारियां बरसात के मौसम में अधिक होती हैं जिनके प्रति जागरूक रहना बहुत आवश्यक है। उन्होने कहा कि जब भी कभी तेज बुखार जो 104 से 105 डिग्री तक हो, जोडों में दर्द व कम्पकपीं के साथ बुखार, शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टुटा हुआ लगना, अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजुओं के नीचे, कुल्हों के उपर गिल्टियां इत्यादि के लक्षण नजर आएं तो तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क करें। उन्होने बताया कि इसकी रोकथाम के लिए शरीर की सफाई का ध्यान रखें, घर तथा आस-पास के वातावरण को साफ रखें, घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें, घर के अन्दर व आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें तथा घास काटने के दौरान पूरे शरीर को ढक कर रखें ताकि इस रोग से बचाव किया जा सके। उन्होने बताया कि इस बुखार को लोग जोड़-तोड़ बुखार भी कहते है। उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को नहीं फैलता और इसका ईलाज बहुत आसान है। उन्होने बताया कि बुखार कैसा भी हो नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र में सम्पर्क करें। उन्होने बताया कि स्क्रब टाईफस की जांच व उपचार सभी जिला अस्पतालों तथा इन्दिरा गांन्धी आयुर्विज्ञान संस्थान, शिमला में निशुल्क किया जाता है। मौके पर स्वास्थ्य शिक्षक प्रवीण शर्मा तथा गोपाल शर्मा ने डेंगू तथा अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस अभियान के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर बाल संजीव कुमार, प्रधानाचार्या सरस्वती विद्या मंदिर छात्रा पूनम वर्धन के अतिरिक्त अध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बाबा भलखू रेल स्मृति साहित्य संवाद-2 के सफल आयोजन के बाद अब लेखक उनके गाँव झाझा(चायल) की साहित्यक यात्रा करेंगे। ये यात्रा आगामी 25 अगस्त को प्रस्तावित है। हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच के अध्यक्ष और लेखक एस आर हरनोट ने जानकारी दी कि ये यात्रा शिमला के पुराने बस स्टेशन से सवेरे 9 बजे शुरू होगी जिसमें शिमला व सोलन के 25 से अधिक लेखक-साहित्यकार शामिल होंगे। यात्रा का पहला पड़ाव शिमला से 45 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक चायल पैलेस और बाबा भलकू संग्रहालय का भ्रमण होगा जहाँ साहित्यकार चायल साहित्य परिषद् और ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे। इसके उपरांत साहित्यिक गोष्ठी होगी। एसआर हरनोट ने बताया की इस यात्रा का दूसरा और महत्वर्ण चरण बाबा भलखू के गाँव झाझा का भ्रमण होगा जो चायल से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस यात्रा के सहयोगी ग्राम पंचायत प्रधान मान सिंह, स्थानीय निवासी वरिष्ठ लेखक, रंगकर्मी और शिमला आकाशवाणी के पूर्व एनाऊंसर बी आर मेहता, एकांत होटल के मालिक देवेंद्र वर्मा और बाबा भलकू परिवार के युवा गगन दीप रहेंगे। यात्रा के दौरान झाझा गाँव में लेखक बाबा भलखू का पुस्तैनी मकान भी देखेंगे और उनके परिवार तथा ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद स्थानीय लोगों के साथ साहित्य गोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। कालका शिमला रेल लाइन को झाझा गाँव तक बढ़ाया जाये इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य हिमाचल तथा केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय का इस और ध्यान आकर्षित करना है कि कालका शिमला रेल लाइन को चायल के झाझा गाँव तक बढाया जाये। साथ ही बाबा भलकू के पुश्तैनी माकन को धरोहर भवन के रूप में संरक्षित करके उनके परिवार को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए।
विश्रामगृह अर्की में सेवादल अर्की द्वारा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व आधुनिक भारत के निर्माता स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। लोक सभा युवा कांग्रेस प्रवक्ता भीम सिंह ठाकुर ने बताया कि राजीव गांधी के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने देश में तकनीकी क्रांति लाई व हमेशा ही युवाओं को आगे लाने में अपनी भूमिका निभाई। वह हमेशा ही सभी लोंगो को साथ लेकर चले व देश को एक नई दिशा की ओर ले जाने का प्रयास किया। इस मौके पर संजय ठाकुर, गौरव ठाकुर, जयप्रकाश, रूप राम, सुमित शर्मा, रोशन लाल नरेश कुमार व बेलीराम सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बंबर ठाकुर की अगवाई में मंगलवार को स्थानीय कांग्रेस भवन में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई। स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र के आगे सभी कांग्रेसी जनों ने पुष्पांजलि दी। इस अवसर पर बंबर ठाकुर ने कहा कि संचार की क्रांति का जनक रहे राजीव गांधी की दूरदर्शी सोच के कारण आज भारत विश्व में अग्रणी है। भारत की विकासशील गति को और तेज करने के लिए राजीव गांधी की भूमिका अद्वितीय रही है। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस को एकजुट होकर भाजपा की सांप्रदायिक नीतियों का विरोध करना चाहिए तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देनी होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी, स्वर्गीय श्री राजीव गांधी, सरदार बेअंत सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। कांग्रेस का इतिहास कुर्बानियों से भरा रहा है। वहीं ब्लाक कांग्रेस कमेटी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 75वें जन्मदिवस को सदभावना दिवस के रूप में मनाया गया। घुमारवीं में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजेश धर्माणी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जागीर सिंह मेहता, बीडीसी अध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिला परिषद् उपाध्यक्ष अमी चंद सोनी, सुभाष ठाकुर, मंजू शर्मा, रविंद्र सिंह, सतपाल, श्याम शर्मा, रीता सहगल आदि उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला बरायली का भवन गत दिनों हुई भारी वर्षा के कारण मलबे की चपेट में आकर किसी बड़ी घटना को न्यौता दे रहा है। आलम यह है कि मलबा भवन के पीछे की खिड़कियों से ऊपर 7 फुट तक जमा हो गया है और अंदर कमरों में भी कीचड़ तथा मलवा भर आया है जिस कारण स्कूल भवन के अंदर बच्चों को बिठाना किसी खतरे को मोल लेने से कम नहीं है। बच्चों के अभिभावकों ने भी स्कूल आकर अध्यापकों से बच्चों को कमरे के अंदर न बिठाने की सलाह दी है। बच्चों को कमरों के अंदर बैठाना जोखिम भरा हो गया है। इस बाबत विद्यालय में स्कूल प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत प्रधान, उपप्रधान, मेंबर, बीआरसी, विद्यालय के केंद्र अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से विद्यालय में आकर मौके का जायजा लिया और तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाई, इसमें बच्चों को कहां बिठाया जाए इस बाबत चर्चा हुई। इस दौरान अभिभावकों ने सलाह दी कि बच्चों को कहीं अन्यत्र कमरा लेकर बिठाया जाए। बैठक में कहा गया कि मलबा आने का मुख्य कारण निर्माणाधीन सतोटी, बुडम,शमेली, डवारू सड़क है। इस सड़क में पानी के बहाव के लिए नालियों का प्रबंध नहीं किया गया है जिस कारण पूरी पहाड़ी का पानी इकट्ठा होकर अपने साथ मलबा बहाकर स्कूल के भवन के ऊपर आ गया। इस विषय पर पहले भी कई बार विभाग को सूचित किया गया है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि विद्यालय की इस जोखिम पूर्ण स्थिति से एसडीएम अर्की को अवगत करवाया जाए ताकि वे मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेकर हमारा उपयुक्त मार्गदर्शन करें। बैठक में पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला उपप्रधान लेखराज,बीआरसी धुंदन गंभीर सिंह,कुलदीप केंद्राध्यक्ष,राधा देवी,रामचंद्र,कुंता देवी,मेंबर तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
बिलासपुर जिले में भाजपा के नेता अनर्गल बयान बाजी से परहेज करें अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और उन्हें उनकी औकात दिखा देगी यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों अब्दुल रहमान, नरेश शर्मा, कश्मीर सिंह, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष कुलदीप, महासचिव युवा कांग्रेस तिलक राज, युवा कांग्रेस सचिव अरुण सिंह, महासचिव युवा कांग्रेस चमन चंदेल, अमित कुमार, विकास, शुभम, तनवीर, पंकज, अनीश भारद्वाज ने प्रैस को जारी बयान में कही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता राकेश कुमार ने लुहणू कनैता से श्मशान घाट की सड़क जिसके ऊपर 10 लाख रुपए खर्च किए गए थे, उस सड़क को बंद करवा दिया जो सही नहीं है। विधायक भी इस नेता के साथ मिले हुए हैं। इन नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता ने 10 बीघा वन भूमि पर कब्जा किया हुआ है। उसे पेड़ों को काटने की कोई रोक-टोक नहीं है। गांव के लोगों के लिए बनाई गई सड़क को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बंद करवाया गया और अपने चहेते को फायदा पहुंचाने के लिए सरेआम वन भूमि पर कब्जा करवाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जल्द से जल्द सड़क को नहीं खोला तो युवा कांग्रेस इन अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा करेंगे क्योंकि इस सड़क और जमीन की निशानदेही के आदेश माननीय न्यायालय द्वारा किए गए थे। इन नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के एक और नेता आशीष ढिल्लो के नाम पर स्थानीय विधायक के इशारे पर पीडब्ल्यूडी तथा सिंचाई विभाग ने कुछ कार्यों के ठेके नियमों को ताक पर रखकर के आवंटित कर दिए हैं जबकि सच्चाई यह है कि एक समय में एक ठेकेदार को दो से ज्यादा काम नहीं मिल सकते लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। इन नेताओं ने कहा कि विधायक को विकास के कार्यों से कोई लेना देना नहीं है। वह केवल मात्र अपने चहेतों के नाम पर कार्य करने के लिए अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं जो कि विधायकी के ऊपर सवालिया निशान खड़ा करते हैं । उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्यवाही की मांग की है।
The faculty and staff of Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni were administered the ‘Sadbhavana’ pledge by Vice Chancellor Dr Parvinder Kaushal on Tuesday. The pledge was administered on the occasion of the birth anniversary of Late Prime Minister Shri Rajiv Gandhi. The day is celebrated as ‘Sadbhavana Diwas’ throughout India and is celebrated to promote national integration and communal harmony among people of all religions, languages and regions.
नुक्कड़ ‘ठगड़े-री सीख’ से दी सहारा योजना की जानकारी प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा समय-समय पर प्रचार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के राज्य नाट्य दल के कलाकारों ने ग्राम पंचायत तुंदल तथा सिरीनगर में गीत-संगीत तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया। कलाकारों ने जहां उपस्थित जनसमूह को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की वहीं लोगों का भरपूर मनोरंजन भी किया। नाट्य दल के कलाकारों सुनील कुमार, रमेश चंद्र, नीतिन तोमर, राजेश कुमार, रेखा, निशा बाला, गीता ने नुक्कड़ नाटक ‘ठगड़े री सीख’ के माध्यम से सहारा योजना की जानकारी प्रदान की। कलाकारों द्वारा जानकारी दी गई कि योजना के तहत कैंसर, पार्किंसनस रोग, लकवा, मस्कुलर डिस्ट्राफी, थैलेसिमिया, हैमोफिलिया, रीनल फेलियर इत्यादि ये ग्रस्त रोगियों को वित्तीय सहायता के रूप में 2000 रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। योजना के तहत किसी भी आयुवर्ग का इन रोगों से ग्रस्त रोगी आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकता है। इस योजना के तहत बीपीएल परिवार से सम्बन्धित रोगियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। रोगी को अपना चिकित्सा सम्बन्धी रिकॉर्ड, स्थाई निवासी प्रमाण पत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र, बीपीएल प्र्रमाण पत्र अथवा पारिवारिक आय प्रमाण पत्र तथा बैंक शाखा का नाम, अपनी खाता संख्या, आईएफएससी कोड से सम्बन्धित दस्तावेज प्रदान करने होंगे। चलने-फिरने में असमर्थ रोगी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी जीवित होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। सहारा योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र रोगी को अपना आवेदन सभी दस्तावेजों सहित मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना होगा। आशा कार्यकर्ता व बहुदेशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी रोगी के सभी दस्तावेज खण्ड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। खण्ड चिकित्सा अधिकारी इन दस्तावेजों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय को प्रेषित करेंगे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेेदन पत्र जिला स्तर के अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ वेलनेस केन्द्रों में उपलब्ध हैं। समूह गान प्रगति की बंध गई नई डोर, हिमाचल प्रगति की ओर के माध्यम से कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह को हिमकेयर, जल संरक्षण, मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना तथा मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना की जानकारी प्रदान की। कलाकारों ने बताया कि फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के तहत सोलर बाड़ लगाने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक का उपदान दिया जा रहा है। अब इस योजना के तहत अन्य बाड़ भी लगाई जा सकेगी, जिसके लिए 50 प्रतिशत का उपदान उपलब्ध है। अब तक 1200 से भी अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इस अवसर पर भाजपा महासचिव लोकेश्वर दत्त शर्मा, ग्राम पंचायत सिरीनगर के प्रधान अमित ठाकुर, पंचायत सचिव संजय ठाकुर, ग्राम पंचायत तुंदल के सचिव संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नवगांव के राष्ट्रीय सेवा योजना एवं इको क्लब इकाई के छात्रों ने सरकार द्वारा चलाई जा रही "विद्यार्थी वन मित्र योजना" के अंतर्गत यूपीएफ शमलोह में पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्र गौतम ने सागवान का पौधा रोपकर छात्रों को प्रेरित किया और उनका मार्गदर्शन किया। वन विभाग दाड़लाघाट क्षेत्र के वन परिरक्षक राजेश, रेंजर ऑफिसर पुष्पराज, बीओ पवन व माली हेतराम ने सभी छात्रों और शिक्षकों को पौधरोपण की जानकारी प्रदान की। विद्यालय के छात्रों ने विभिन्न प्रजातियों के लगभग 500 पौधे रोपे। कार्यक्रम अधिकारी अमरदेव शर्मा, नूतन धीमान, इको क्लब प्रभारी हेमंत गुप्ता,डॉ बाबू राम शर्मा,भीम सिंह,सुरेन्द्र प्रसाद,पंकज एवं विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने भी पौधरोपण में अपना योगदान दिया। प्रधानाचार्य रविंद्र गौतम ने इस अवसर पर छात्रों को वनों के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान की जानकारी भी छात्रों को दी।उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपने घरों के आसपास भी पौधरोपण करें और अपने परिजनों को भी वृक्षों के महत्व की जानकारी प्रदान कर उन्हें भी पौधरोपण करने के लिए प्रेरित करें।
ज्ञानज्योति पब्लिक स्कूल डमलानाघाटी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हरित विद्यालय अभियान के तहत स्कूल के साथ लगते जंगल में विभन्न प्रजातियों के लगभग 70 पौधें रोपे। स्कूल की मुख्याध्यापिका चेतना ने बताया कि बच्चों ने अध्यापकों व समिति सदस्यों के सहयोग से स्कूल के साथ लगते जंगल की खाली जमीन पर आँवला, खैर, हरड़, बेहड़ा, दाडु, आम के पौधे रोपे। उन्होंने बताया कि पौधरोपण के दौरान स्कूल प्रबंधन समिति सदस्य नरेंद्र ठाकुर,अनिल गौतम,सन्तोष, किरण बाला,विनोद मौजूद थे, जिन्होंने बच्चों को पर्यावरण सरक्षण के प्रति जागरूक किया। बच्चों में दिवेेश, गौरव, श्रेयांश, कार्तिक, खेमचन्द, दीपक, राकेश, प्रिया, आदित्य व पूनम ने उनके द्वारा रोपे गए पौधों की देख-रेख व सरक्षण करने का प्रण लिया।
बाल विकास परियोजना कंडाघाट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका के रिक्त पद को भरने के लिए साक्षात्कार 6 सितंबर, 2019 को प्रातः 11 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय कंडाघाट के सभागार में आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी आज यहां एक विभागीय प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानदेय देय होगा। इच्छुक अभ्यर्थी 31 अगस्त 2019 तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय सोलन के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार के दिवस तक प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाल विकास परियोजना वृत कंडाघाट के तहत आंगनबाड़ी केंद्र मालगा तथा वृत सायरी के तहत आंनगबाड़ी केंद्र कदौर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का एक-एक पद भरा जाना है। आंगनबाड़ी वृत चायल के तहत आंगनबाड़ी केंद्र धंगील तथा इसी वृत के तहत आंगनबाड़ी केंद्र डमडार में आंगनबाड़ी सहायिका का एक-एक पद भरा जाना है। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए वही महिला उम्मीदवार पात्र हैं जो सम्बन्धित आंगनवाड़ी केन्द्र के लाभान्वित क्षेत्र में प्रथम जनवरी 2019 को सामान्य रूप से रह रहे परिवार से सम्बन्ध रखती हो। उम्मीदवार की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो उतीर्ण होनी चाहिए। आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आठवीं उतीर्ण होनी चाहिए। आठवीं उतीर्ण शैक्षणिक योग्यता के उम्मीदवार उपलब्ध न होने की स्थिति में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पांचवी पास मान्य होगी। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उम्मीदवार को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा जारी तथा प्रतिहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि आवेदक को आवेदन पत्र के साथ आयु, शैक्षणिक योग्यता, जाति, अपंगता, अनुभव, हिमाचली, परिवार रजिस्टर की नकल व अन्य योग्यता प्रमाणपत्रों की प्रमाणित प्रतियां साक्षात्कार के समय या इससे पूर्व जमा करवाने होंगे। उम्मीदवारों को पंचायत सचिव अथवा तहसीलदार से प्रतिहस्ताक्षरित स्थाई निवासी का प्रमाण पत्र लाना भी अनिवार्य है। आय प्रमाण पत्र तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार या इनसे अधिकर स्तर के अधिकारी प्रतिहस्ताक्षरित होना चाहिए। उम्मीदवारों को साक्षात्कार के दिन इन सभी प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां अपने साथ लाना अनिवार्य है। साक्षात्कार की तिथि बारे अलग से सूचित नहीं किया जाएगा। इच्छुक पात्र महिला उम्मीदवार इन पदों के लिए समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित छाया प्रतियों सहित बाल विकास परियोजना अधिकारी कंडाघाट के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार नजदीक के आंगनवाड़ी केन्द्र अथवा बाल विकास परियोजना अधिकारी कंडाघाट के कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-256367 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अगस्त को 11 केवी हिमाचल कंडक्टर फीडर की विद्युत लाइनों को स्थानांतरित किया जाना है। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 22 अगस्त को इसके तहत आने वाले क्षेत्रों सपरून डाकघर, गुरूद्वारा, सुगन्धा अपार्टमेंट, पावर हाउस तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने इस दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने मंलवार को अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सद्भावना दिवस के अवसर पर शपथ दिलवाई। सद्भावना दिवस पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 75वीं जयन्ती पर आयोजित गया । सद्भावना दिवस का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रोत्साहित करना है। केसी चमन ने इस अवसर पर देश की भावनात्मक एकता तथा सद्भावना के लिए कार्य करने एवं सभी प्रकार के मतभेद बातचीत और संवैधानिक माध्यमों से सुलझाने की शपथ दिलवाई। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल, पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई सड़कों व संपर्क मार्गों को भारी नुक्सान पहुंचा है। कई जगह सड़क मार्ग मार्ग भी अवरुद्ध हो चुके हैं। वहीं जिला सोलन के ग्राम पंचायत दाड़वा के अंतर्गत आने वाले चंडी से ध्याण मार्ग पर स्थित ग्राम डाल्यां में सड़क पर भारी मात्रा में मलबा गिरने से गांव तक पहुंचने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया है। साथ ही बारिश के कारण आए मलबे से कुछ मकान भी खतरे की चपेट में आ गए हैं। वार्ड न 7 के निवासी पूर्ण चंद वर्मा व राकेश ने बताया की पिछले दिनों लगातार बारिश होने के कारन चण्डी से ध्याण मार्ग में गांव डाल्यां के समीप मलबा गिरने से यातायात ठप हो गया है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया की मलबे के कारण कुछ घरों को भी गिरने का खतरा हो गया है। उन्होंने इस बाबत सम्बंधित विभागों व पंचायत को अवगत करवाया तथा मकानों को सुरक्षित करने के लिए डंगा लगाने की मांग भी की है ! इस बारे में पंचायत व सम्बंधित विभागों ने इस समस्या का हल जल्द निकालने का आश्वासन दिया है।
बात 1965 की है। तब राजीव गाँधी कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ा करते थे। उसी दौरान इटली की अलबिना भी इंग्लिश की पढ़ाई पूरी करने के लिए कैंब्रिज पहुंची थीं। दोनों के प्यार की शुरुआत कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के ही एक ग्रीक रेस्टोरेंट से हुई थी। एक दिन राजीव वहां बैठे थे और उनकी नज़र अलबिना पर पड़ी और पहली नज़र में ही उन्हें अलबिना से प्यार हो गया। राजीव इस कदर अलबिना के दीवाने हो गए थे कि उन्होंने रेस्टोरेंट मालिक से निवेदन किया था कि वो अलबिना को उनके पास वाली सीट ही दे। रेस्टोरेंट के मालिक ने मौके का फायदा उठाया और राजीव से कहा कि यदि आप ऐसा चाहते है तो आपको इसके लिए दोगुना भुगतान करना होगा। राजीव भी तुरंत तैयार हो गए। राजीव गांधी ने रेस्टोरेंट का एक पेपर नैपकिन लिया और उस पर अलबिना के लिए कविता लिखी। साथ ही रेस्टोरेंट में उपलब्ध सबसे महंगी वाइन खरीदी और लेटर के साथ वो अलबिना को भेज दी। इसके बाद मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ और अलबिना भी राजीव को पसंद करने लगी। वर्ष 1968 में अलबिना पहली बार भारत आई। तब इंदिरा गाँधी देश की प्रधानमंत्री थी, सो अलबिना अमिताभ बच्चन के घर ठहरी। कहा जाता है कि इंदिरा गाँधी इस रिश्ते से खुश नहीं थी लेकिन अमिताभ की माँ तेजस्वी बच्चन ने उन्हें मनाया। आखिरकार 1969 में राजीव और अलबिना की शादी हो गई और इटली के लुसियाना की एडविग एंटोनिया अलबिना मायनो, सोनिया गाँधी बन गई।
हिंदुस्तान के सातवें और भारतीय इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की आज 75वीं जयंती है। महज 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने युवा सोच वाले राजीव गांधी को 21वीं सदी के भारत का निर्माता माना जाता है। बतौर प्रधानमंत्री एक बार राजीव गाँधी ने माना था कि भ्रष्टाचार की वजह से एक रुपये में से सिर्फ 15 पैसे ही वास्तविक जरुरतमंदो तक पहुँच पाते है। कहा जाता है कि राजीव कभी राजनीति में नहीं आना चाहते थे और न ही उनकी पत्नी सोनिया ये चाहती थी। पर माँ इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद हालत कुछ यूँ बदले कि राजीव को राजनीति में आना पड़ा।जाने राजीव गाँधी के उन तीन फैसलों के बारे में जिन्होंने हिंदुस्तान की दशा -दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पंचायतों को किया सशक्त :राजीव गांधी मानते थे कि जब तक पंचायती राज व्यवस्था सशक्त नहीं होगी, तब तक सबसे निचले स्तर तक लोकतंत्र नहीं पहुंच सकता। इसलिए राजीव ने देश में पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त बनाने का काम शुरू किया। भारत में कंप्यूटर व संचार क्रांति लाये : राजीव गांधी को भारत में कंप्यूटर क्रांति लाने का श्रेय दिया जाता है। कंप्यूटर को घर -घर पहुँचाने के लिए उन्होंने कंप्यूटर उपकरणों पर आयात शुल्क घटाने की पहल की। उनके कार्यकाल में भारत में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की दिशा में काफी विकास हुआ। हिंदुस्तान की दो बड़ी टेलिकॉम कंपनियां एमटीएनएल और वीएसएनएल भी उन्ही के कार्यकाल में स्थापित हुई। वोट देने की उम्र सीमा घटाई: हिंदुस्तान में पहले 21 वर्ष या अधिक के लोग ही पहले वोट दे सकते थे। प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में ही इस व्यवस्था में बदलाव हुआ और उन्होंने 18 वर्ष की उम्र के युवाओं को मताधिकार दिया।
हिमाचल प्रदेश में दो दिन हुई बारिश के कारण 23 लोगों की मौत हो गई है।इस साल बारिश से अब तक 43 लोगों की मौत हाे चुकी है व 574 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रदेश में 800 से ज्यादा सड़कें व 13 राष्ट्रीय राजमार्ग बंद है।कुल्लू में दो पुल टूट गए हैं। मौसम विभाग ने जिला मंडी, कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर व बिलासपुर में रेड अलर्ट ज़ारी किया है। फिलहाल राहत कार्यों के लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपये जारी किए हैं। जिला मंडी में ब्यास अपना रौद्र रूप दिखा रही है। जिला सोलन में भारी बारिश के कारण अब तक पांच लोगों की मौत हो गई है। बिलासपुर जिला के कठलग गांव में जमीन धंसने से सात घर जमींदोज हो गए। शिमला में आठ लोगों की मौत हो गई है। 12 से लोग घायल हो गए हैं। जिला चंबा के मैहला विकास खंड की बंदला पंचायत में मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर दादा-पोती की मौत हो गई। जिला चंबा में मौसम के बिगड़े तेवरों के चलते उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। बर्फवारी के बाद लाहुल-स्पीति की चंद्रताल झील के आसपास करीब 127 लोग यहां फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर लिया गया है। कोकसर के पास पगलनाला में आई बाढ़ से कोकसर में 50 से अधिक सेना के वाहन भी फंसे हुए हैं।
सूबे में ऐसी कई पंचायतें हैं जिनके आधे लोग एक विधानसभा क्षेत्र तो आधे दूसरे हलके में आते हैं। इसके चलते काफी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने नई पंचायतों के गठन का निर्णय लिया है। इससे कई विधानसभा क्षेत्रों में ब्लॉकों, जिला परिषदों, पंचायत समिति वार्डों और पंचायतों की सीमाओं में फेरबदल होगा। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मंगलवार को विधांनसभा में नई पंचायतों के गठन की जानकारी दी। लाहुल स्पीति में फंसे कृषि मंत्री विधानसभा सत्र के पहले दिन कृषि मंत्री डॉक्टर रामलाल मार्कंडेय हिस्सा नहीं ले पाए है। दरअसल कृषि मंत्री लाहुल स्पीति में फंसे हुए हैं।सरकार द्वारा कृषि मंत्री डॉक्टर रामलाल मार्कंडेय को सत्र के लिए लाने की व्यवस्था की जा रही है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में खाली रहीं 1,954 सीटें प्रदेश के सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस साल 1954 सीटें खाली रही हैं। तकनिकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह ने वधानसभा सत्र के दौरान यह जानकारी दी।विदित रहे कि बीते तीन वर्षों में जेईई मेन्स और एचपीसीईटी की मेरिट समाप्त होने पर रिक्त सीटें जमा दो कक्षा के आधार पर भरने के बाद भी सीटें खाली रह रही हैं। ऊना में पकड़े ड्रग्स के 106 मामले जिला ऊना में 1 अप्रैल 2018 से 31 जुलाई 2019 तक सिंथेटिक ड्रग्स चिट्टा, चरस, अफीम के 106 मामले पकड़े गए। चिट्टा के 60, चरस के 41, अफीम के 5 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि अवैध शराब बेचने के 201 मामले दर्ज हुए हैं। सीएम द्वारा ये जानकारी सदन में दी गई है।
ज़िला शिमला के नेरवा से 4 किलोमीटर दूर केडी गांव में सोमवार को सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को 2 शव बरामद हुए हैं। मृतकों में दो नेपाली मूल के बच्चे हैं, जिनकी उम्र 9 वर्ष और 6 वर्ष बताई जा रही है। ज्ञात हो कि नेरवा स्थित फावला गांव में रविवार को बादल फटने के कारण काफी नुक्सान हुआ था। इस दौरान एक मकान के अंदर मलबा घुसने से मकान में रह रही एक महिला और उसका बेटा मलबे में दब गया। सोमवार को इन्हें भी काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। गनीमत ये रही कि दोनों माँ -बेटे की साँसे चल रही थी। फिलहाल दोनों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। इस क्षेत्र में बादल फटने के कारण 10 से 12 मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं रविवार को केडी गांव में आसमानी बिजली गिरने के कारण घायल हुए लोगों को भी स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है।
मंडी विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा भाजपा में ही हैं। पहले उन्हें लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती जहां कह रहे हैं कि उनकी पार्टी से प्राथमिक सदस्यता खत्म है तो सीएम जयराम ठाकुर ने कहा था कि वह भाजपा में ही हैं।पर सोमवार को मानसून सत्र के शुरू होने से पहले अनिल शर्मा को भाजपा के वरिष्ठ विधायकों के बीच बैठाया गया। इसके साथ ही उनके भाजपा में होने की भी पुष्टि हो गई। पर सीएम और सत्ती के विरोधाभासी बयानों के बाद भाजपा में आपसी समन्वय और तालमेल की कमी जरूर उजागर हुई है।
लोगों ने पैसे एकत्र कर की शव को दफनाने में मदद एक अभागा बाप अपनी ढाई माह की बच्ची को इसलिए नहीं बचा सका क्यों कि उसके पास उसे दूध पिलाने हेतु पैसे नहीं थे। ढाई माह की केतकी ने रोते-बिलखते हुए दम तोड़ दिया। पिता करता भी क्या, जेब में पैसे नहीं थे और उस पर बरसात के बाद लगे जाम ने मुश्किलों में और इजाफा कर दिया था। परमेरी निवासी बहादरपुर उत्तर प्रदेश मंडी में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहा था। मूसलाधार बसरात के बाद वह अपने परिवार के साथ अपने घर के लिए निकला था। नेशनल हाईवे चंडीगढ़ मनाली स्वारघाट के पास भूस्खलन के कारण बंद था जिसे सोमवार शाम को एकतरफा आवाजाही के लिए खोला गया। परमेरी भी अपने परिवार के साथ इसी जाम में फंसा हुआ था। आर्थिक तौर पर कमजोर इस परिवार के पास न तो किराए के पैसे बचे थे, न ही कुछ खाने के लिए बचा था। ऐसे में भला बच्ची के लिए दूध कहा से लाता। सो बच्ची ने दम तोड़ दिया।इसके बाद स्थानीय लोगों ने 3500 रुपए की राशि एकत्रित की और बच्ची को दफनाने में भी मदद की। इस दर्दनाक मंजर को देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी भर आई।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सोलन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में सोमवार को प्रभावी आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं त्वरित कार्यवाही के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन केसी चमन ने की। कार्यशाला का संचालन आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ नवनीत यादव व क्षमता वृद्धि समन्वयक अनीता ठाकुर ने किया। उपायुक्त ने कहा कि प्राकृतिक आपदा को टाला नहीं जा सकता लेकिन बेहतर प्रबंधन एवं पूर्ण तैयारियों से इससे होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने आपदा प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा जन संचार के विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर लोगों को आपदा की स्थिति में बेहतर तरीके से निपटने के बारे में बताया जा रहा है साथ ही विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं अन्य जगहों पर मॉकड्रिल एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर लोगों को शिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे धरातल पर लोगों को कचरा प्रबंधन पर जागरूक करें ताकि बरसात के मौसम में वर्षा जल एकत्र न हो और नालियों के बंद होने के कारण होने वाले भूक्षरण को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से सम्बन्धित जानकारी अथवा सूचना कोई भी व्यक्ति उपायुक्त कार्यालय में स्थापित टोल फ्री नम्बर 1077 पर दे सकता है। इस कार्यशाला में जिले की 9 गैर सरकारी व 4 सरकारी संस्थाओं ने भाग लिया। कार्यशाला में सोलन जिला इंटर एजेंसी ग्रुप का गठन किया गया इसमें ‘अर्थ जस्ट इको सिस्टम संस्था’ के अभिषेक तनेजा को इंटर एजेंसी ग्रुप का संयोजक बनाया गया। यह इंटर एजेंसी ग्रुप जिले में बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन व अन्य विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करेगा। इस कार्यशाला का मुख्य उदेश्य आपदा के समय व आपदा पूर्व की जाने वाली तैयारियों के संबंध में अवगत करवाया गया ताकि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। कार्यशाला मे पूर्व में घटित विभिन्न आपदाओं के प्रबंधन की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदान की गई। इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीविक्षाधीन अधिकारी डॉ. निधि पटेल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट डॉ. संजीव धीमान, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, आदेशक गृह रक्षा विभाग हरिस्वरूप शर्मा सहित विभिन्न सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाओं के सदस्य उपस्थित थे।
मूसलाधार बरसात के बाद प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर की धन्नी पंचायत में लोगों पर मुसीबत का पहाड़ टुटा है। इस क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन के बाद जब्बर खड्ड का पानी रुक गया है और करीब एक किलोमीटर का क्षेत्र में झील में तब्दील हो चूका है। यहाँ बने घरों के जमींदोज होने का खतरा बना हुआ है और स्थानीय लोगों को यहाँ से पलायन करना पड़ रहा हैं। मौके पर एनडीआरएफ, लोनिवि, होमगार्ड के जवान डेट हुए है और पानी का बहाव मोड़ने की कोशिश ज़ारी हैं। फिलहाल निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा टल गया है। हालंकि पडाड़ के दरकने का सिलसिला जारी है, जिससे आने वाले वक्त में मुश्किलें और बढ़ सकती है।


















































