विनायक ठाकुर। जसवां:परागपुर जसवां परागपुर के अंतर्गत आता कलोहा आज भी वर्षाशालिका की सुविधा से महरूम है। यही नहीं आज दिन तक विभाग इस स्थान पर वर्षाशालिका का निर्माण नहीं कर पाया, जिस पर स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध जताया है। लोगों का आरोप है कि कई बार विभाग को यहां पर वर्षा शालिका बनाने के लिए कहा परंतु आज दिन तक कोई इसका निर्माण नहीं करवा पाया हैं। आपको बता दें कलोहा में खरीददारी करने के लिए हजारों लोग इस स्थान से होकर गुजरते हैं। वहीं, एनएच से सटे इस बाजार में वर्षा शालिका न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात होने पर लोगों को किसी दुकान की छत का आसरा लेना पड़ता है। यही नहीं कई बार लोगो को वर्षा शालिका न होने की वजह से भीगना भी पड़ता हैं। बताते चलें कि कलोहा के समीप ही प्राइवेट आईटीआई, सरकारी स्कूल भी हैं, जहां से रोज छात्र भी आगमन करते हैं, वह भी इस सुविधा से महरूम हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार विभाग को इस बारे में अवगत करवाया जा चूका हैं। परन्तु विभाग जगह या जमीन न होने का उलाहना देकर इस मांग को ठंडे बस्ते में डाल देती हैं। एनएच से सटे इस इलाके में वर्षा शालिका का निर्माण आज दिन तक नहीं हो पाया। जब इस संदर्भ में एक्सन पीडब्ल्यूडी जसवां:परागपुर हर्ष पूरी से बात की गई तो उन्होंने बताया की जगह नहीं होने की वजह से इस स्थान पर आज दिन तक वर्षाशालिका का निर्माण नहीं हो पाया हैं। अगर स्थानीय लोग जमीन देते हैं तो यहां वर्षा शालिका को बनवा दिया जाएगा।वहीं जब इस विषय पर एनएचएआई अधिशाषी अभियंता प्रमोद कश्यप से बात की तो उन्होंने बताया कि एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है, जैसे ही बजट का प्रावधान होता है, वर्षाशालिका का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
धर्मशाला में दो दिवसीय सरस मेला का किशन कपूर ने किया शुभारंभ फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला स्वयं सहायता समूहों ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में अहम भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की बेहतर गुणवत्ता के कारण समाज में डिमांड भी बढ़ रही है। इससे स्वयं सहायता समूहों के साथ जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है। यह उद्गार सांसद किशन कपूर ने धर्मशाला के पुलिस मैदान में सरस मेला का शुभारंभ करने के उपरांत व्यक्त किए इससे पहले सांसद किशन कपूर ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन भी किया। सांसद किशन कपूर ने कहा कि सरस मेले के आयोजन से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। इसके साथ ही इन मेलों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को विपणन की भी बेहतर सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भी ग्रामीण स्तर पर तैयार पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं, ताकि पारंपरिक उत्पादों को देश ही नहीं अपितु विदेशों तक भी पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल की कांगड़ा पेटिंग, चंबा रूमाल को देश भर में सराहा जा रहा है। इसके साथ और भी अनेंकों उत्पाद हैं, जिनको बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कौशल विकास तथा ग्रामीण अजीविका मिशन के तहत सरकार द्वारा आर्थिक मदद भी स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे पहले उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि सरस मेला 30 मार्च तक चलेगा। इसमें हिमाचल सहित अन्य प्रांतों के स्वयं सहायता समूह भी अपने उत्पादों के साथ भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरस मेला के दौरान 23 मार्च को रेडक्रास सोसायटी द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप तथा एकीकृत स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किया जाएगा, जबकि 27 मार्च को सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन विभागों द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारियां भी लोगों को दी जाएंगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक खुशहाल शर्मा, एडीसी राहुल कुमार, जिला परिषद के अध्यक्ष रमेश बराड़, नगर निगम के महापौर ओंकार नैहरिया व भाजपा के जिला महामंत्री सचिन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
देश के वरिष्ठ साहित्यकार प्रतिभागियों के साथ स्थापित करेंगे सीधा संवाद कवि सम्मेलन तथा शाम-ए-गजल कार्यक्रम भी होंगे आयोजित फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला जिला प्रशासन की ओर से धर्मशाला के महाविद्यालय के सभागार में दो दिवसीय साहित्य समारोह 25 मार्च को आरंभ होगा। इसमें देश भर के नामी गिरामी साहित्यकार नवोदित लेखकों के साथ संवाद भी करेंगे। साहित्य समारोह का समापन 26 मार्च को किया जाएगा। इस के लिए तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों को साहित्य समारोह के सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। यह जानकारी उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने देते हुए बताया कि साहित्य समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार नीलेश कुलकर्णी, तेंजिन, डोली गुलेरिया, सुनैनी शर्मा, लिली स्वर्ण, विवके अत्रेय, योगेश कोछर, सौम्या संबासिवान, विजय शर्मा, डॉ. ह्दय पाल सिंह, अभ्युदिता गौतम, ललित मोहन शर्मा, जूपिंद्र जीत सिंह, निशा लुथरा, प्रोफेसर रोशन शर्मा, प्रोफेसर चारू शर्मा, गौतम व्यथित, सुनीला शर्मा, कर्नल डीएस चीमा तथा निधी सहोर मुख्य तौर पर साहित्य समारोह में प्रतिभागियों के साथ संवाद करेंगे। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि 25 मार्च को सांय छह से सात बजे तक कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जबकि सांय सात बजे से शाम-ए-गजल कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि साहित्य समारोह में साहित्य की विभिन्न विधाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही साहित्य लेखन की कला के बारे में भी छात्रों को टिप्स भी दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि साहित्य महोत्सव में कॉलेज तथा विश्वविद्यालय के विधार्थियों को भी विशेष तौर पर भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, ताकि साहित्य को पढ़ने तथा लेखन में विद्यार्थियों की रूचि पैदा हो सके। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण भी है तथा नई पीढ़ी को इस क्षेत्र में आगे आना चाहिए, ताकि समाज को सही दिशा में आगे ले जाया जा सके। उन्होंने कहा कि साहित्य समारोह को विभिन्न सत्रों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सत्र में अलग-अलग विषयों पर चर्चा तथा मंथन किया जाएगा।
27 मार्च से लेकर 30 मार्च तक होगा मेले का आयोजन फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला खनियारा का ऐतिहासिक इंद्रू नाग छिंज मेले को नशा मुक्त मेला घोषित किया है। मेला कमेटी की रविवार शाम को हुई बैठक में नशे के खिलाफ काम करने का फैसला लिया है। इस मेले में किसी भी दुकानदार को प्लाट इसी शर्त पर दिया जाएगा कि वह अपनी मेले में सजने वाली दुकान में किसी भी तरह का नशा नहीं बेचेगा। अगर कोई दुकानदार नशा करवाते व बेचते पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत दुकान खाली करनी होगी व मेला छोड़ना होगा। इंद्रू नाग के चार दिवसीय छिंज मेले का आगाज 27 मार्च से इंद्रू नाग मंदिर में पूजा-अर्चना, हवन व खेलपात्र से होगा। 28 मार्च को छोटी छिंज होगी व नाग देवता की छड़ी मेला मैदान तक लाई जाएगी। 29 मार्च को मुख्य व बड़ी माली का आयोजन होगा और 30 मार्च को खेल गतिविधियां व मेले का आयोजन होगा। इन चार दिनों में पटोला मैदान में सजने वाली दुकानों के दुकानदार नशा नहीं बेच सकेंगे। मेला कमेटी की बैठक प्रधान कैप्टन ईश्वर ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें मेले के सफल संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सोमवार 21 मार्च से दुकानदारों के लिए प्लाट उपलब्ध हो रहे हैं। ग्राउंड मार्किंग कमेटी मैदान मार्क करेगी और दुकानें आलाट करेगी, पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दुकानें दी जाएंगी। मेले में बिजली, पानी व साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी 1 से 10 अप्रैल तक चलने वाले चैत्र नवरात्र मेलों के दृष्टिगत ज्वालाजी नगर परिषद् क्षेत्र में पहली अप्रैल से 11 अप्रैल तक हर प्रकार के हथियार और विस्फोटक पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। एसडीएम ज्वालामुखी मनोज कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ज्वालाजी में यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नवरात्र के दौरान यह निर्णय लिया गया है। एसडीएम ने कहा कि नवरात्र सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से बीते, इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं। अतः क्षेत्र वासियों एवं आने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार के हथियार और असला बारूद को साथ न रखें। प्रशासन द्वारा इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन किया जाएगा।
विनायक ठाकुर। डाडासीबा एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि उपमंडल देहरा के डाडासीबा में 22 मार्च को आयोजित होने वाले ड्राइविंग टेस्ट व वाहन पासिंग को प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिया गया है।
विनायक ठाकुर। देहरा बाल विकास परियोजना अधिकारी परागपुर जीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि परागपुर में 23 मार्च को एसडीएम देहरा की अध्यक्षता में होने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के साक्षात्कार को प्रशासनिक कारणों के चलते स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह साक्षातकार अब 30 मार्च को दोपहर 2 बजे आयोजित किए जाएंगे।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी विशविख्यात माता ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं को शौचालय की समस्या से जूझना पड़ रहा। आपको बता दें ज्वालामुखी माता मंदिर के तहत परिक्रमा मार्ग के समीप बने शौचालय का गेट बीते काफी दिन से बंद है। इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं इससे पूर्व मीडिया ने मंदिर के गर्भ गृह में बिजली की फिटिंग के बारे में भी ममला उजागर किया है। वहीं, इंटरनेट मीडिया पर अब शौचालय का मुद्दा बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। इस संदर्भ में ज्वालामुखी नगर परिषद के पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी सूक्ष्म सूद ने भी मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। सूक्ष्म सूद का कहना है कि यह शाैचालय लोगों की व्यवस्था के लिए बना है। अब परिक्रमा मार्ग के समीप बने इस शौचालय के गेट पर ताला क्यों जड़ा गया है। रोज हजारों की तादाद में श्रद्धालु माता ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन हेतु आते हैं। वहीं, उन सबकी सुविधा के मद्देनजर इसे खोल देना चाहिए। पूर्व पार्षद सूक्ष्म सूद ने मंदिर प्रशासन पर आरोप लगाया है कि मंदिर प्रशासन-अधिकारी मंदिर में दिख रही तमाम असुविधाओं को ठीक करने में बिल्कुल सजग नहीं है, जिसका सीधा खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है।
मनीष ठाकुर। फतेहपुर फतेहपुर विधान सभा की पंचायत तलाड़ा में आपने जनसंपर्क अभियान के तहत डोर-टू-डोर घर-घर जाकर जनता व कार्यकर्ताओं का उप चुनाव के दौरान आपना आशीर्वाद व सहयोग देने के लिए ह्रदय से आभार एवं धन्यवाद ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे जनता को अवगत करवाया और आने वाले चुनावों में फतेहपुर विधानसभा की जनता से आशीर्वाद व सहयोग देने की अपील की, ताकि फिर से प्रदेश में भाजपा की सरकार बने सके और प्रदेश की गरीब जनता की सेवा करना ही भाजपा सरकार उद्देश्य है।
पालमपुर के रहने वाले नवीन शर्मा ने आत्मनिर्भर बनने के लिए आधुनिक तरीके से खेती की शुरुआत की है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) हमीरपुर से इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने के बाद 42 वर्षीय नवीन शर्मा ने कारपोरेट सेक्टर में देश के बड़े शहरों में काम किया। लेकिन मन में अपना काम करने की इच्छा हुई तो ऐसे में ऐहजू में अपनी जमीन पर उन्होंने हाइड्रोपोनिक्स तरीके से खेती की शुरुआत की। 500 वर्ग मीटर में फैले उनके पालीहाउस में आज वह लैट्यूस चैरी, टमाटर, शिमला मिर्च, स्ट्राबेरी, धनिया, मिर्च इत्यादि फसलें नियमित अंतराल के बाद तैयार कर रहे हैं। नवीन शर्मा की फसलें पालमपुर, कांगड़ा, धर्मशाला, मैक्लोडगंज में अच्छे दाम पर बिक रही हैं। लैट्यूस 400 से 450 रुपये प्रति किलोग्राम, चैरी टोमेटो 300 से 350, बेसिल तुलसी 400 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दाम प्राप्त हो रहे हैं। इसके अलावा स्ट्राबेरी तथा शिमला मिर्च व धनिया इत्यादि के भी अच्छे दाम प्राप्त हो रहे हैं। क्या है हाइड्रोपोनिक्स : हाइड्रोपोनिक एक आधुनिक खेती की तकनीक है। इसमें बिना मिट्टी के सिर्फ पानी का इस्तेमाल करते हुए जलवायु को नियंत्रित करके खेती की जाती है। पानी के साथ थोड़े बालू या कंकड़ की जरूरत पड़ सकती है। इसमें तापमान 15-30 डिग्री के बीच रखा जाता है, साथ ही पारंपरिक खेती के मुकाबले हाइड्रोपोनिक्स से पानी की लगभग 90 फीसद तक बचत भी होती है। पौधों की नर्सरी तैयार होने के बाद जब पौधे तैयार होते है तो उन्हें स्थापित पाइपों में रोप दिया जाता है। इसके बाद पाइपों के माध्यम से पानी की सप्लाई द्वारा सभी तरह के पोषक तत्व पौधों को दिए जाते हैं। इस तरह की जाती है आधुनिक खेती : हाइड्रोपोनिक तकनीक में खेती पाइपों के जरिए की जाती है। इनमें पाइपों के ऊपर की तरफ से छेद किए जाते हैं और उन्हीं छेदों में पौधे लगाए जाते हैं। पाइप में पानी होता है और पौधों की जड़ें उसी पानी में डूबी रहती हैं। इस पानी में वो हर पोषक तत्व घोला जाता है, जिसकी पौधे को जरूरत होती है। यह तकनीक छोटे पौधों वाली फसलों के लिए बहुत अच्छी है। इसमें गाजर, शलजम, मूली, शिमला मिर्च, मटर, स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी, तरबूज, खरबूजा,, अजवाइन, तुलसी, टमाटर, भिंडी जैसी सब्जियां और फल उगाए जा सकते हैं। हाइड्रोपोनिक्स खेती के फायदे : इस खेती का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें करीब 90 फीसदी पानी की बचत की जा सकती है। ऐसे इलाके जहां पानी की कमी होती है, वहां पर हाइड्रोपोनिक खेती की जा सकती है। इसका दूसरा बड़ा फायदा ये है कि छोटी नस्ल वाले फलों या सब्जियों की खेती करने में बेहद कम जगह में बहुत अधिक फसल पाई जा सकती हैं। इस खेती में सिर्फ 100 वर्ग फुट में ही 200 पौधे लगाए जा सकते हैं। वहीं बाहरी वातावरण से आने वाले कीटों से भी फसल को सुरक्षा मिलती है। हाइड्रोपोनिक सिस्टम के जरिए इंडोर यानी घर के अंदर खेती करना काफी आसान हो गया है। इसमें घर के अंदर कमरे के हिसाब से एक हाइड्रोपोनिक सिस्टम तैयार किया जा सकता है। पिछले तीन वर्षों से कर रहे है आधुनिक खेती: नवीन का कहना है कि बेशक कंपनी में उन्हें अच्छा पैकेज मिल रहा था लेकिन उन्होंने स्वरोजगार से आगे बढ़ने का निर्णय लिया। साथ ही उनका कहना है कि जो शांति हमें यहां मिलती है, वह बाहर नहीं मिल सकती। इसलिए वह पिछले तीन वर्षों से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हाइड्रोपोनिक सेटअप के लिए कुल 10 लाख रुपये की लागत आई है। इसके अलावा पॉलीहाउस की सोलर युक्त बाड़बंदी को भी सरकार ने 80 प्रतिशत की दर से 1.35 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया है। आने वाले समय में अपने इस कार्य में और विस्तार करेंगे। युवाओं के लिए बने प्रेरणा एसडीएम जोगेंद्रनगर डाक्टर मेजर विशाल शर्मा का कहना है कि नवीन शर्मा ने हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से खेती का कार्य शुरू किया है, जो इस उपमंडल के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगा। इससे जुडक़र न केवल युवा घर बैठे अच्छी कमाई कर सकते हैं, बल्कि रोजगार की तलाश में उन्हें प्रदेश के बाहर भी नहीं जाना पड़ेगा।
जिला काँगड़ा स्थित प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल टांडा में भी अब मरीज़ो को डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। टांडा मेडिकल कालेज प्रशासन ने राही केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से इस संबंध में करार किया है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कंपनी को डायलिसिस के लिए जगह मुहैया करवाई गई है। कंपनी ने टांडा अस्पताल में सात डायलिसिस मशीनें स्थापित कर दी हैं। एक चिकित्सक, चार स्टाफ नर्सें व दो तकनीशियन भी तैनात कर दिए हैं। टांडा मेडिकल कालेज में नेफ्रोलाजी विशेषज्ञ न होने के कारण करीब तीन साल से डायलिसिस नहीं हो रहे थे । इसके लिए मरीजों को आइजीएमसी शिमला व पीजीआइ चंडीगढ़ में भटकना पड़ता था। मेडिसिन विशेषज्ञ डा. पंकज गुप्ता ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद डायलिसिस करने शुरू किए, लेकिन फिस्टुला बनवाने के लिए मरीजों को पीजीआई या आइजीएमसी शिमला ही जाना पड़ता था। डा. पंकज गुप्ता का चंबा मेडिकल कालेज तबादला होने के बाद फिर डायलिसिस बंद हो गए थे। अब ट्रांसप्लांट सर्जन डा. राकेश चौहान फिस्टुला बनाकर मरीजों को राहत पहुंचा रहे थे। निजी कंपनी से करार होने के बाद मरीजों को राहत मिलेगी और अब किडनी रोगियों को जल्द ही डायलिसिस की सुविधा जिला अस्पताल में ही मुहैया हो सकेगी। कोरोना काल में हुई अधिक दिक्कत कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान भी टांडा मेडिकल कालेज में डायलिसिस न होने का खामियाजा संक्रमित मरीजों को भुगतना पड़ा। कोरोना की पहली लहर में डायलिसिस के लिए मरीज आइजीएमसी शिमला रेफर किए गए। जबकि दूसरी लहर में नेरचौक मेडिकल कालेज को कोविड अस्पताल का दर्जा दिए जाने के बाद टांडा मेडिकल कालेज से मरीज डायलिसिस के लिए मंडी रेफर किए गए थे। उद्घाटन होते ही शुरू होंगे डायलिसिस राही केयर प्राइवेट लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रविंद्र कुमार का कहना है कि डायलिसिस यूनिट में मशीनें स्थापित कर दी गई हैं। स्टाफ भी तैनात है और जैसे ही यूनिट का उद्घाटन होगा उसके बाद से डायलिसिस शुरू कर दिया जायेगा। निशुल्क होंगे डायलिसिस चिकित्सा अधीक्षक टांडा मेडिकल कालेज डा. मोहन सिंह का कहना है कि टांडा मेडिकल कालेज में मरीजों को अब डायलिसिस सुविधा भी सुचारू रूप से मिलेगी। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में डायलिसिस यूनिट स्थापित की गई है। निजी कंपनी के साथ इस संबंध में करार किया गया है। मरीजों के डायलिसिस निशुल्क होंगे। डायलिसिस के बदले कंपनी को अस्पताल प्रशासन पैसा देगा।
विनायक ठाकुर। देहरा प्रदीप सत्संग भवन बालुगलोआ में 24 मार्च 2022 से 30 मार्च 2022 तक श्रीमद भागवत महापुराण का आयोजन किया जाएगा। भागवत कमेटी के सदस्यों विद्यासागर गौतम, रण सिंह, हरिकृष्ण शर्मा, भवानी शंकर, अशोक शर्मा, चुनी लाल, अश्वनी कुमार, रमणीक सिंह, अरुण कुमार, सुरिंदर सिंह आदि ने संयुक्त ब्यान में बताया की 24 मार्च को भागवत महापुराण शुरू होगा जिसमे वृन्दावन धाम से स्वामी श्यामानंद अपने मुखारविंद से श्रीमदभागवत महापुराण का विस्तृत वर्णन करेंगे। 27 मार्च को श्रीकृष्ण जन्म 29 मार्च को रूक्मणी विवाह और 30 मार्च को भागवत महापुराण की पूर्णाहुति और भंडारा होगा।
विनायक ठाकुर । देहरा ब्लॉक परागपुर के तहत पड़ती पंचायत दयाल में शनिवार-रविवार को 14वें वितयोग के पैसे से पँचायत में लगभग 13 सोलर लाइट पँचायत के विभिन्न वार्ड में लगाई गई है। अब दयाल पंचायत सोलर लाइट की दूधिया रोशनी से जगमाएगा। मिली जानकारी के अनुसार 13 सोलर लाइट की लगभग लागत 1,82,000 बताई जा रही है। आपको बता दें इन सोलर लाइट से स्थानीय लोगों को फायदा मिलेगा। स्थानीय लोगों ने इन सोलर लाइट को लगाने के लिए उप-प्रधान अजय कुमार जफ्फा का विशेष तौर पर धन्यवाद किया है। स्थानीय पंचायत निवासी वीरेंद्र, जितेंद्र, यशबीर, अभिषेक, पंकज, संदीप, अनूप, रिशु व रोहित ने सोलर लाइट लगने की खुशी में स्थानीय पंचायत उप-प्रधान का आभार व्यक्त कर उन्हें सम्मानित भी किया। इस संदर्भ में पंचायत उप-प्रधान अजय कुमार जफ्फा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पंचायत में अथाह विकास हो रहा है। सभी रास्तों में सोलर लाइट लगाने की कवायद की जा रही है। अभी 14वें वितायोग से 13 लाइट आई हैं, जिन्हें लगा दिया गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा विधायक पवन काजल ने कहा प्रदेश में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी और महंगाई भाजपा सरकार के पतन का कारण बनेगी। रविवार को "आपका विधायक आपके घर द्वार" कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत सनौरा में काजल ने कहा मौजूदा भाजपा सरकार जिला कांगड़ा से विकास में भेदभाव कर रही है। भाजपा सरकार ने जिला में कोई भी नई योजना या नया कार्यालय तो शुरू नहीं किया। उल्टा धर्मशाला से सरकारी कार्यालयों को दूसरे जिलों को स्थानांतरित कर जिला की जनता से भेदभाव किया है। उन्होंने कहा बरसात से गांव की क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई कुलों की मरम्मत में हो रही देरी के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा विधानसभा के बजट सत्र में भी सिंचाई कुलों की मरम्मत शीघ्र करवाने की मांग उन्होंने रखी है, ताकि सनोरा और साथ लगते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की फसलों को नुकसान ना पहुंचे। काजल ने कहा गांव की पेयजल समस्या के समाधान के लिए नई पेयजल योजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने गांव के अच्छे महिला मंडलों को दस-दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी जारी की। इस मौके पर पंचायत प्रधान सुनीता देवी, रजनीश कुमार उप प्रधान, मनोहर लाल, महिंद्र, अनिल कुमार, रमना देवी, कमला देवी, पुष्पा देवी, रमना देवी प्रधान महिला मंडल, सुशीला देवी, सपना देवी, पूनम देवी, संदला देवी, वीणा देवी, राज्यंती, राजेश कुमार, अजीत कुमार, अनिल कुमार, विनोद कुमार, राकेश कुमार, मदन लाल, ओम प्रकाश, मदन लाल, अर्जुन गुलेरिया, इंद्रजीत दिनेश, कपिल, सतीश कुमार व रिशु भी उपस्थित रहे।
विनायक ठाकुर। जसवां प्रागपुर जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ते मोइन निवासी सतबीर सिंह ने पूरे भारत में हिमाचल का नाम रोशन किया है। कोलकाता में आयोजित वरिष्ठ राष्ट्रीय पैरा पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता 2021-2022 में सतबीर सिंह ने पूरे देश में 5वां रेंक हासिल कर समस्त हिमाचल का डंका पूरे भारत में मनाया है। सतबीर सिंह मौखिक रूप से मोइन के निवासी है और इस वक्त भरवाई स्कूल में अध्यापक के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अधिक जानकारी देते हुए हिमाचल पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन कांगड़ा प्रधान रजिंदर राणा ने बताया कि यह पूरे हिमाचल के लिए गौरवपूर्ण बात है। सतबीर सिंह द्वारा देश में 5वां रेंक हासिल करना बेहत खुशी की बात है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला राज्यपाल आज कांगड़ा जिला के धर्मशाला में केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय के समीप डीवाईएसएस स्टेडियम में आयोजित की जा रही अखिल भारतीय अन्तर-विश्वविद्यालय महिला नेटबाल प्रतियोगिता के शुभारम्भ समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राज्य में खेल वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हिमाचल में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इस अवसर पर उन्हाेंने काेराेना काल में अपनी जिंदगी की परवाह किए बिना ही इस संकट की घड़ी में लाेगाें की सेवा की है। इस नेक कार्य के लिए विभिन्न संस्थाओं काे सम्मानित किया गया। इन संस्थाओं में एक संस्था सर्व हिंदू धार्मिक व सामाजिक संगठन के अध्यक्ष श्याम वर्मा काे भी सम्मानित किया गया। इस माैके पर विधायक विशाल नेहरिया, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक डॉ. खुशाल शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और केन्द्रीय विश्वविद्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत पड़ती ग्राम पंचायत थिल में कांग्रेस द्वारा चलाये गए जन जागरण अभियान के मद्देनजर युवा कांग्रेस ज्वालमुखी की बैठक का आयोजन युवा कांग्रेस अध्यक्ष राज राणा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मौके पर अध्यक्ष राज राणा द्वारा ज्वालामुखी के पूर्व विधायक संजय रत्न द्वारा किए गए विकास कार्यों को जनता को बताया गया। वहीं, इस मौके पर कई युवा साथियों ने पूर्व विधायक संजय रत्न के विकास कार्यों से प्रभावित होकर कांग्रेस का दामन थामा। इस मौके पर पूर्व बीडीसी थिल-बारी सुनील कुमार, कैप्टन रमेश चंद महासचिव, निखिल पूर्व महासचिव लोकसभा, विक्रम ठाकुर और विभिन्न कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला राज्यपाल आज कांगड़ा जिला के धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय के समीप डीवाईएसएस स्टेडियम में आयोजित की जा रही अखिल भारतीय अन्तर-विश्वविद्यालय महिला नेटबाल प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राज्य में खेल वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हिमाचल में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्होंने केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खेलों के विकास में अपना सराहनीय योगदान दिया है। पहले हम खेलों में केवल भाग लेने की सोचते थे, लेकिन आज जीत की सोच के साथ आगे आते हैं और यह एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि यह भावना खिलाड़ियों में हमेशा रहनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि साथ चलना अच्छी शुरुआत है, साथ बने रहना उन्नति है और मिल कर कार्य करने से सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि हमें एक टीम के रूप में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल का वातावरण मुझे घर का एहसास करवाता है और यहां के लोगों का आतिथ्य-सत्कार सभी को प्रभावित करता है। इससे पहले, राज्यपाल ने देश भर से आईं 43 विश्वविद्यालयों की 600 से अधिक खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसपी बंसल ने राज्यपाल का स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय में खेल स्टेडियम निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपए की घोषणा करने के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा कार्य एवं खेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मूल्य आधारित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में प्रमुख भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा हमारा आदर्श युवाओं में कौशल को प्रोत्साहन देते हुए इसे और निखारना है। उन्होंने नेटबाल प्रतियोगिता का शुभारंभ करने के लिए राज्यपाल का आभार भी व्यक्त किया। छात्र कल्याण के डीन डॉ. प्रदीप कुमार ने खिलाड़ियों को शपथ दिलाई और रजिस्ट्रार विशाल सूद ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का संदेश पढ़ा। केंद्रीय विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. सुमन शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विधायक विशाल नेहरिया, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक डॉ. खुशाल शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
विनायक ठाकुर।ज्वालामुखी विश्वविख्यात माता ज्वालामुखी मंदिर के गर्भगृह का एक मामला इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। ज्वालामुखी गर्भ गृह में बिजली की कुछ तारें खुले ताैर पर लटकी हैं। इस संदर्भ में एक फोटो भी खूब वायरल हो रहा है। इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए पूर्व पार्षद एवम समाजसेवी सूक्ष्म सूद ने कहा कि मंदिर के गर्भ गृह में स्थानीय अधिकारी उचित रूप से बिजली की फिटिंग नहीं करवा पाए हैं। ज्वालामुखी माता मंदिर गर्भ गृह में हालत इतनी दयनीय है कि बिजली की तारे खुली पड़ी हैं। गर्भ गृह में न तो ऐसी चल रहा है। आने वाले भक्तजनों का गर्मी से बेहाल है, परंतु स्थानीय विभागीय अधिकारी आज दिन तक इस पर कोई उचित कारवाई नहीं कर पाया है। आपको बता दें इस मामले की एक फोटो इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हो रही है। खास बात यह है कि इस मंदिर में हजारों की तादाद में भक्तजन माथा टेकने के लिए आते हैं, परंतु मंदिर में बहुत-सी असुविधाओं की वजह से श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी सूक्ष्म सूद का मंदिर प्रशासन पर आरोप है की अधिकारियों को पता होने के बावजूद भी इस कार्य को नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन किसी बड़ी घटना के इंतजार में है।
राजेश कतनौरिया। जवाली खंड राजा का तालाब के स्तरीय शिक्षा संवाद एवं उत्कृष्ट प्रबंधन समिति सम्मान और सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन राजकीय प्राथमिक पाठशाला नियाल में आज किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि विधानसभा ज्वाली के विधायक ठाकुर अर्जुन सिहं ने हिमाचल प्रदेश सरकार की सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को दी जा रही सुविधाओं और स्कॉलरशिप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूल के विकास में एसएमसी की भूमिका अहम होती है। ठाकुर अर्जुन सिंह ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला चरोड़, राजकीय प्राथमिक पाठशाला सुखार, राजकीय मिडल पाठशाला रप्पड़, राजकीय उच्च पाठशाला सुतराहड़, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला राजा का तालाब, राजकीय प्राथमिक पाठशाला नियाल की स्कूल प्रबंधन समितियां सम्मानित की गईं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला नियाल में खंड स्तरीय शिक्षा संवाद में विधायक अर्जुन सिंह ठाकुर ने कहा कि इस बजट में भी शिक्षा पर राज्य सरकार करोड़ों रूपए खर्च कर रही है और प्रत्येक अभिभावक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए और अपने गांव के स्कूल के विकास में पूरा सहयोग करना चाहिए। इस मौके पर जिला प्रशिक्षण संस्थान धर्मशाला के डॉ. जोगिंदर सिहं ने नई शिक्षा नीति एवं स्कूल प्रबंधन समिति की भूमिका पर अपने विचार रखे। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ खंड राजा का तालाब के अध्यक्ष बलदेव सिहं ने अपने खंड की राजकीय प्राथमिक पाठशाला चचियां, बनोली, फराल, हरनोटा व नियाल की अधूरी चार दीवारियों को भी पूरा करवाने का विधायक के समक्ष डिमांड चार्ट रखा और राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढसोली और राजकीय मिडल पाठशाला नियाल के लिए एक-एक कमरा बनवाने का भी आग्रह किया, जिनको विधायक ठाकुर अर्जुन सिहं ने शीघ्र ही पूरा करने का वादा करते हुए अश्वासन दिया। खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारीअधिकारी नरेश कुमार शर्मा ने नई शिक्षा नीति पर अपने विचार प्रकट किए खंड रिसोर्स को-आर्डिनेटर प्राइमरी कुलदीप सिंह अप्पर प्राइमरी रमणीक सिंह ने संयुक्त रुप में बताया कि खंड के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं की स्कूल प्रबंधन समितियों की उत्कृष्ट भूमिका के आधार पर ही बेस्ट एसएमसी का चयन किया गया है और निकट भविष्य में जो भी एसएमसी कमेटी स्कूल के विकास में अहम योगदान देगी, शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षा खंड राजा का तालाव के प्रधान बलदेव सिंह, हरनोटा पंचायत के प्रधान रक्षा देवी, पूर्व प्रधान तरसेम धीमान, युवा मंडल अधयक्ष मनु, मुकेश धीमान, वार्ड सदस्य सुदेश कुमारी, मंजू देवी व एसएमसी कमेटी के सदस्य अनिल कुमार सहीत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा विकास खंड कांगड़ा ग्राम पंचायत जमानाबाद में 24 मार्च काे हाेने वाले छिंज मेले को लेकर एक बैठक का आयोजन आज प्रधान फौजा सिंह काेटी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में प्रधान ने जानकारी देते हुए बताया कि काेराेना महामारी के चलते 2 वर्ष मेलों का आयोजन नहीं हो पाया। इस बार मेलों का आयोजन काेराेना गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेला आयोजन के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। इस मौके पर बैठक में उपस्थित अन्य सदस्य ने भी मेले के सफल आयोजन को लेकर अपनी-अपनी राय दी। मेला कमेटी के प्रधान फाैजा सिंह ने बताया कि इस बार मेले में माली के रूप में पहलवानों को आकर्षक ईनाम दिया जाएगा, जिसकी राशि हजारों में होगी। उन्होंने कहा कि मेला में स्थानीय वह बाहरी राज्यों से पहलवान शिरकत करते हैं। बता दें कि 24 मार्च को मेला का आयोजन ग्राम पंचायत जमानाबाद की ओर से किया जाता है और 25 मार्च को मेला का आयोजन ग्राम पंचायत अब्दुल्लापुर की तरफ से किया जाता है। मेले में विभिन्न खेलाें का आयाेजन भी किया जाता है। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष लाल सिंह, निशांत कोटी सुभाष कोटी, अशोक कुमार, कमलजीत डंगवाल, कुलदीप चाैधरी, देवराज, संदीप चाैधरी, नरेश कुमार, कमलजीत पनियारी, बबलेश कुमार, कमलेश, सुरजीत, प्रेस सचिव सीमांत और तिलक राज सहित मेला कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा विकास खंड कांगड़ा के तहत पड़ने वाली ग्राम पंचायत अब्दुल्लापुर में 24 व 25 मार्च काे हाेने वाले छिंज मेले में खेलाें के आयाेजन काे लेकर खेल कमेटी की बैठक प्रधान अश्वनी कुमार की अध्यक्षता में आज हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छिंज मेला अब्दुल्लापुर में विभिन्न खेलें जिनमें वालीबाल, कबड्डी सीनियर, 200 मीटर दाैड़ा, गोला फैंक का आयोजन 24 व 25 मार्च को किया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि इस वर्ष संयुक्त रूप से कबड्डी व वालीबाल के लिए 25 हजार रुपए नकद ईनाम व ट्रॉफी दी जाएगी। इस अवसर पर प्रधान अश्विनी कुमार, सुदर्शन कुमार, कुलदीप कुमार, संतोष कुमार, दिनेश कुमार और छिंज मेला कमेटी के प्रधान देशराज भी मौजूद रहे। अधिक जानकारी के लिए 94183-60717 और 88943-56513 मोबाइल नंबर पर संपर्क करें।
मनीष गुमेर एक ऐसा नाम है जो अंक शास्त्र की दुनिया में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। मनीष अभी तक कई देशों में अपने ज्ञान का प्रसार कर चुके हैं। मनीष गुमेर की भविष्यवाणियां चाहे वह किसानों को लेकर हो, चाहे शाहरुख खान- सलमान खान को लेकर हो, चाहे किसी देश विदेश के युद्ध को लेकर हो, हमेशा सच साबित हुई है। मनीष गुमेर होशियारपुर से नाता रखते हैं और इनका सपना है कि वह अपनी इस विद्या के जरिए भारत माता को एक शक्तिशाली देश बनाने में सहायता करे। मनीष बहुत जल्दी ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलना चाहते हैं। मनीष को हिमाचल के नौजवानों का भी भरपूर प्यार और विश्वास मिल रहा है। मनीष का कहना है कि अंक शास्त्र द्वारअपने वर्तमान समय को ठीक किया जा सकता है और अच्छा भविष्य बनाया जा सकता है।
विनायक ठाकुर।देहरा पुलिस थाना देहरा के अन्तर्गत कृष्ण कुमार शेठी पुत्र स्व० बाबू राम शेठी निवासी जसवां:परागपुर विधानसभा क्षेत्र के पड़ते परागपुर निवासी कृष्ण कुमार शेठी पुत्र स्व० बाबू राम सेठी ने थाना देहरा में शिकायत की की वह परागपुर में सुनार की दुकान करता है व दिनांक 20-2-2022 को कोई अज्ञात व्यक्ति अपनी बातों में उलझाकर उसकी दुकान से करीब 140 ग्राम सोना चोरी करके ले गये हैं। वहीं इस बात का पता उसे तब चला जब उस सोने के असली ग्राहक दुकान पर आये। साथ ही सोना न मिलने पर जब उसने सीसीटीवी की फुटेज को चैक किया तो देखा की कोई अज्ञात व्यक्ति सोना चुरा कर ले गए। देहरा थाना के एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया की पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कारवाई शुरू कर दी है । मामले की तफ़्तीष की जा रही है।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में करियर काउसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा कॉलेज के अंतिम वर्ष के छात्रों के व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसका प्रारंभ कालेज के प्राचार्य डॉ. प्रज्ञा मिश्रा मुख्यातिथि द्वारा किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. अर्पित, प्रो. संजीव, प्रो. सुमिक्षल व प्रो. धन राम रहे। इस अवसर पर छात्रों को स्नातक के पश्चात रोजगार व उच्च शिक्षा में अवसरों के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर सभी अध्यापक व अंतिम वर्ष के छात्र उपस्थित रहे।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर गंदड़ होली मेले को जिला स्तरीय दर्जा दिलवाया जाएगा। यह घोषणा जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र रवि धीमान ने गंदड़ होली मेले के समापन अवसर पर आयोजित कुश्ति प्रतियोगिता में अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि गंदड़ होली मेले का इतिहास 100 साल से भी पुराना है व इसके भव्य स्वरूप को देखते हुए इसे जिला स्तर का दर्जा दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने स्टेडियम के मैदान के सुधारीकरण के लिए तीन लाख की राशी स्वीकृत करने के साथ ही आयोजन के लिये 21 हजार रुप देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे महेश चंद कटोच ने माली की राशी निजी रूप से प्रदान की। मेले में आयोजित बच्चों की कुश्ति प्रतियोगिता में जिला परिषद सदस्य संजीब ठाकुर ने पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों हेतु तीन लाख रुपए की राशी स्वीकृत करने के साथ ही आयोजन के लिये 5100 रुपए का सहयोग दिया। बच्चों की कुश्ति में कलहेरा के कृष ने प्रथम व मरेरा के तनिष ने दूसरा स्थान ने हासिल किया। बड़ी माली में दिल्ली के पहलवान संदीप ने प्रथम व बार के पहलवान मना ने द्वितीय स्थान हासिल किया। इस अवसर पर मेला कमेटी द्वारा अंदराणा के सुनील चंद्र कटोच व मरेरा के संजीव कटोच को उत्कृष्ट सेवा सम्मान मिलने पर सम्मानित करने के साथ ही अंदराणा की बेटी जूवी कटोच को फ्लाईट लैफ्टिनेंट बनने व गंदड़ की बेटी रिचा मिश्रा को एमबीबीएस में प्रवेश लेने पर दोनों बेटियों के अभिभावकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मेला कमेटी के प्रधान जनम चंद कटोच, सचिव कमलेश शर्मा, गंदड़ पंचायत की प्रधान विन्ता कटोच, सकोह के प्रधान सुशील शर्मा, बीडीसी सदस्य सुषमा कुमारी, सुनील राणा, रुमेल राणा, धर्मवीर शुक्ला, बिहारी लाल, विनोद राणा व प्रवीण कुमार आदि उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक एवं किसान गोष्ठी का आयोजन प्रतिमा राणा। पालमपुर चौसकु हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र मंडी स्थित सुंदरनगर द्वारा निहरी विकास खंड के चरखड़ी गांव में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक एवं किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो.एचके चौधरी ने की, तो विधायक सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र राकेश जम्वाल ने बतौर मुख्यातिथि अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कुलपति प्रो. हरिंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर पूरे प्रदेश में किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकियों को पहुंचाने में निरन्तर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम की बैठक पहले केंद्र के कार्यालय में आयोजित की जाती रहीं हैं और कृषि विज्ञान केंद्राें को अब यह बैठकें किसानों के खेतों में आयोजित करने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान इससे लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र की पौराणिक फसलें जैसे उड़द, राजमाश व कुल्थी अपने स्वाद व विशेष गुणों से भरपूर पाई गई हैं। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर इन फसलों के गुणों की पहचान कर उनकी जी आई टैंगिंग करवाकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित करेगा, जिससे यहां के किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यातिथि विधायक राकेश जम्वाल ने दूरदराज क्षेत्र के गांव चरखड़ी में इस आयोजन के लिए कुलपति प्रोफेसर हरिंद्र कुमार चौधरी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन विधानसभा के अन्य क्षेत्रों में करने के लिए भी कहा, ताकि अधिक किसानों को आधुनिक तकनीकों के बारे में जागरूक किया जा सके। इससे पूर्व कृषि विज्ञान केन्द्र, सुंदरनगर के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पंकज सूद ने वैज्ञानिक सलाहकार समिति की पिछली बैठक की रिपोर्ट सांझा की तथा केंद्र द्वारा आगामी वर्ष में किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के प्रसार निदेशक डा. वीकेशर्मा, अनुसंधान निदेशक डॉ. एसपी दीक्षित, कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. डीके वत्स, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के डीन डॉ. मनदीप शर्मा, विभिन्न विभागाध्यक्ष, केवीके बजौरा के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. केसी शर्मा ने भी किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में प्रदर्शनी भी लगाई गई तथा प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में इफको के प्रदेश प्रमुख सुधीर मान, प्रगतिशील किसान, स्वयं सहायता समूह, महिला मंडल, युवक मंडल के सदस्यों समेत करीबन एक हजार स्थानीय किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
विनायक ठाकुर। देहरा हिमाचल प्रदेश की अधिकतम जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है तथा 70 प्रतिशत लोग कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से अपनी आजीविका चलाते हैं। प्रदेश की जयराम सरकार किसानों की समृद्धि और कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के शांतला में जनता से संवाद स्थापित करते हुए उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने यह शब्द कहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 9.97 लाख किसान परिवार हैं तथा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि व इससे जुड़े क्षेत्रों का लगभग 13.62 प्रतिशत योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कम लागत पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही किसानों की फसलों को आवारा पशुओं से बचाने तथा बेहतर सिंचाई सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत हर खेत को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 115 लघु सिंचाई योजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिनमें से 63 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकि हैं। इसके तहत प्रदेश में 5,475 किसान लाभान्वित हुए हैं तथा 1289.47 हेक्टेयर क्षेत्र कवर कियर गया है, जिसमें लगभग 36 करोड़ रूपये व्यय किए गए हैं। उद्योग मंत्री ने बताया कि सौर सिंचाई (पीएम कुसुम) योजना के अन्तर्गत छोटे व सीमान्त किसानों को सोलर पंप स्थापित करने पर 85 प्रतिशत उपदान दिया जा रहा है। मध्यम व बड़े किसानों के लिए सोलर पम्पिंग मशीनरी लगाने पर 80 प्रतिशत उपदान दिया जा रहा है, जिसके तहत प्रदेश में 1357 सोलर पम्प स्थापित कर 1863 किसान लाभान्वित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कृषकों के सच्चे हितैषी के रूप में कार्यरत हैं। किसान और किसान परिवारों की समस्याओं को समझते उनकी हर प्रकार की सहायता का कार्य इस समय केंद्र और प्रदेश की सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र सरकार देश के पात्र किसानों को तीन किश्तों में 6000 रूपए प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत 9.37 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1532.38 करोड़ की वित्तीय सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की गई है। बिक्रम ठाकुर ने बताया के इसके अतिरिक्त भी जल से कृषि को बल योजना, मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना एवं बाड़बंदी की अनेकों योजनाओं के माध्यम से सरकार किसानों को आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ संसाधनों भी उपलब्ध करवाने का काम कर रही है। उद्योग मंत्री ने इस अवसर पर शांतला में विभिन्न सभाओं के माध्यम से लोगों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुनते हुए अधिकत्म का मौके पर निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
मनीष ठाकुर। इंदौरा डमटाल / कंदरोड़ी - खंड इंदौरा के अंतर्गत पड़ते राजकीय माध्यमिक पाठशाला बाड़ी/कंदरोड़ी में वीरवार को हेल्थ वर्कर्स व स्कूल स्टाफ द्वारा सभी बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए अवगत किया गया। इस दौरान हेल्थ वर्कर निर्मल देवी, सी.एच.ओ अलका शर्मा, आशावर्कर किरण देवी, जोती देवी, प्रधानाचार्य सुरेश धीमान, सरताज सिंह, दविंदर कुमार, करण बहादुर, डी.पी सचिंद्र कुमार व अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। इसमें हेल्थ वर्कर निर्मल देवी ने कहा कि आज के समय में अधिकतर युवा वर्ग नशे की ओर झुक रहा है। युवा जो हमारे देश का उज्ज्वल भविष्य होते हैं, वे आज नशे की बुरी लत में पढ़कर अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यहां तक आज के समय में पुरुष तो पुरूष बहुत सी महिलाएं भी नशे की चपेट में आ रही हैं। भारत में नशे का सेवन बिल्कुल हवा की तरह फैल रहा है और बहुत सी लोगों की ज़िंदगियाँ खराब कर रहा है जिसके लिए हम सभी को नशे से दूर रहना है, वही स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश धीमान ने कहा कि नशा एक धीमा जहर है जो धीरे-धीरे हमारे शरीर को खत्म कर देता है और कई घरों के चिराग़ बुझा देता है। नशे की लत एक ऐसी लत है जो एक बार लग जाए तो उससे पीछा छुड़वाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस मौके पर उन्होंने सभी बच्चों को कहा कि नशे से दूर रहें और आपने आस पास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करे ।
देहरा। विनायक ठाकुर उपमण्डल देहरा के अन्तर्गत पड़ते गुलेर निवासी एडवोकेट शिवेन्द्र सिंह सैनी ने ग्राम पंचायत गुलेर में पुस्तकालय खोलने के लिए वीरवार को मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री भारत सरकार अनुराग ठाकुर को एक पत्र लिख कर मांग की है कि जल्द से जल्द गुलेर में पुस्तकालय खोला जाए। एडवोकेट शिवेंद्र सैनी ने बताया कि उनके क्षेत्र के अधिकतम युवा ज़िला पुस्तकालय में जाते हैं एवं गणमान्य लोगों को किसी भी साहित्यिक जानकारी के लिए ज़िला पुस्तकालय जाना पड़ता है, अगर गुलेर क्षेत्र में पुस्तकालय खुलता है तो यहाँ आस पास के सभी लोगों के लिए बड़ी सुविधा होगी।
विनायक ठाकुर। जसवां-परागपुर रक्कड़ के समीपवर्ती पड़ते नादौन (कलूर) वासियों ने भी जसवां:परागपुर के नोरी एवम पीरसलूही निवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का उदाहरण जनता के समक्ष पेश कर दिया है। सड़क निर्माण के लिए नादौन कलूर के दानियों ने लगभग 2.5 कनाल भूमि दान की है। उद्योग एवम परिवाहन मंत्री बिक्रम सिंह द्वारा विधायक प्राथमिकता में डाली गयी सड़क पिरसलूही नोरी से किट्पल नादौन आदि गाँव को आपस में जोड़ने का प्रयास किया था जिस के लिए नोरी निवासियों ने अपनी भूमि पहले ही विभाग के नाम कर दी थी। वहीं नादौन वाली तरफ़ के लोगों ने नोरी के युवा मोर्चा के अनुरोध पर अपनी भूमि विभाग के नाम कर दोनो विधानसभा को जोड़ने का रास्ता साफ़ कर दिया। भाजपा मंडल जसवां:परागपुर ने पुनीत ने इस कार्य के लिए सभी दान वीरों सज्जनों का धन्यवाद किया है व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं मंत्री बिक्रम सिंह का भी आभार व्यक्त किया है। आपको बता दें इस कार्य के लिए प्रकाश चन्द शर्मा सुपुत्र श्यामा देव निवासी कुठारु, संतोष देवी पत्नी धर्म चन्द निवासी भावदान, सोमनाथ सुपुत्र बागलु राम गाँव भावदान, केसर चन्द गाँव भावदान, जल्लु राम सुपुत्र राम सिंह गाँव अमलहड़ तहसील नादौन जिला हमीरपुर निवासी ने अपनी भूमि दान की है जिसमें भाजपा कार्यकर्ता अंकुश शर्मा, राजेन्द्र कुमार, संजय शर्मा का विशेष योगदान रहा।
धर्मशाला। फर्स्ट वर्डिक्ट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विगत 7 दशकों के पराक्रम व उपलब्धियों को अपने मूल रूप में उल्लेखित करते हुए इसकी गाथाओं के संकलन के रूप में अप्रैल माह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीवन गाथा "ध्येय यात्रा" पुस्तक का प्रकाशन होने जा रहा है। अभाविप हिमाचल प्रांत के प्रांत मंत्री विशाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया की 9 जुलाई 1949 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का छात्र संगठन के रूप में विधिवत कार्य आरंभ हुआ था। तब से लेकर अब तक असंख्य कार्यकर्ताओं की अनेक पीढ़ियों ने अपने स्वेदबिंदुओं से इसे सींचा और रचनात्मक, आंदोलनात्मक एवं प्रतिनिधित्वात्मक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। इसी के परिणाम स्वरूप आज 3900 से अधिक इकाइयों तथा 2331 संपर्क स्थानों सहित 21 हजार से अधिक शैक्षिक परिसरों में लगभग 34 लाख कार्यकर्ताओं के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बनकर उभरा है। विगत 7 दशकों की साधना में तपकर तैयार हुआ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों का ऐसा संगठन है जो निरंतर युवा पीढ़ी को देश व समाज के प्रति जागृत एवं प्रेरित करता रहा है। विद्यार्थी परिषद के हिस्से में अनेक ऐसी अतुलनीय उपलब्धियां हैं जिनकी कहानियां इतिहास के सुनहरे पृष्ठों में अंकित है। विगत 7 दशकों में राष्ट्रीय अस्मिता, राष्ट्रीय सुरक्षा, शैक्षिक परिवर्तन सहित अनेक विषयों पर परिषद के जिस पराक्रम को देश और दुनिया ने देखा है, नई पीढ़ी के सामने व पराक्रम व उपलब्धियां अपने मूल रूप से उल्लेखित हो सके। इसलिए यह आवश्यक है कि इसकी गाथाओं का संकलन तथा प्रकाशन किया जाए। इसी विषय को ध्यान में रखकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उल्लेखनीय कार्यों तथा वैचारिक पक्षों को एक काव्य प्रस्तुत करने के उद्देश्य से आगामी अप्रैल 2022 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीवन गाथा "ध्येय यात्रा" पुस्तक का प्रकाशन किया जाएगा। इस पुस्तक का विमोचन 15 अप्रैल 2022 को दिल्ली में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के द्वारा किया जाएगा। पुस्तक प्रकाशन से पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा देशभर में पुस्तक हेतु अग्रिम पंजीकरण का विशेष अभियान चलाया गया है। यह पुस्तक दो खंडों में प्रकाशित की जाएगी तथा 800 से अधिक पृष्ठों में समाहित दोनों खंड अभाविप के प्रमुख लक्ष्यों और उसकी पूर्ति के लिए की गई रचनात्मक गतिविधियों, साहसिक प्रयासों, विविध आयामों, बलिदानों, संगठन के स्वरूप और विकास क्रम इत्यादि का तथ्यपरक विवरण देंगे। यह पुस्तक छात्र संगठनों के लिए दिग्दर्शिका बनेगी। इस पुस्तक के अग्रिम पंजीकरण को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा देशभर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी विशेष अभियान चलाया है।
मनोज। कांगड़ा जन आशीर्वाद यात्रा में पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू ने गांव सपड़ी चौंधा के गांव वासियों से जन संवाद व रूबरू हुए व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि कांगड़ा के अंदर एक आदमी सेल्फ स्टाइल मंत्री बन कर घूम रहा है व सेल्फ स्टाइल मंत्री के नाम से वोट मांग कर प्रचार कर रहा है। कांगड़ा विधान सभा क्षेत्र के अंदर विकास के नाम पर कोई काम नही किया गया लेकिन अब जनता को गुमराह करके झूठा प्रचार कर रहा है कि विधानसभा के चुनावो में मुझे जीतवा दो में मंत्री बन जाऊंगा। अब मंत्री बनने के नाम पर वोट हासिल करना चाहता है। उन्होंने कहा कि जो पुरानी बिल्डिंगो का सरकार की सहमति के बिना क्षेत्र में सेल्फ स्टाइल मंत्री बन कर उदघाटन कर रहा हो, जो विकास की दुहाई दे रहा हो व कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में एक गांव में 2 लाख रुपए से बनी पूली का उद्घाटन व दूसरे गांव में मनरेगा की पूली का शिलान्यास कर रहा हो, यह इस राज नेता का विकास हो रहा है। अब ठाकुर जयराम सरकार कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपए का विकास करवा रही है और अब यह नेता उसे अपना बता कर जनता को ठगना चाहता है लेकिन जनता जागरूक है। उन्होंने कहा कि चौंदा सपड़ी सड़क बन कर हाईवे से जुड़ जायेगी। ठाकुर जयराम सरकार में कांगडा विधान सभा क्षेत्र में सड़को का जाल बिछाया जा रहा है। चौंदा सपडी सड़क का काम शुरू हो चूका है जिसके लिए जनता ने अपनी जमीनें दी और अब सड़क निकाली जा रही है यह सड़क मेरे समय काल में निकली गई थी लेकिन राजनीति कारणो से बंद करवा दी गई थी। अब सड़क बना कर जनता को सौंपी जाएगी। इस अवसर पर उप प्रधान रामकृष्ण लालू, सुनील भाटिया, पंच, महिला मंडल प्रधान पुष्पा चौधरी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
मनोज। कांगड़ा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की 2019-20 की रिपोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रशासनिक अक्षमता एवम लचर व्यवस्था के चलते निशुल्क वर्दी वितरण योजना के तहत राजकोष को 1.73 करोड़ रुपए की चपत को लेकर आम आदमी पार्टी ने तीखी आलोचना की है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष सत्र के शुरू होने पर स्कूली बच्चों को गुणवता पूर्ण वर्दी का कपड़ा उपलब्ध करवाने की प्रतिबद्धता के अनुसार योजना बनाने व लागू करने में असमर्थ थी। औपचारिकताओं को पूरा करने एवम आपूर्ति आदेश जारी करने में विलंब के कारण 2018-19 के दौरान विद्यार्थियों को कपड़ा उपलब्ध नहीं करवाया गया था और 2016-18 एवम 2019-20 के कालखंड में विभागीय अधिकारियों ने वर्दी वितरण में एक से 11 महीने से ज्यादा समय लिया। ज्ञात रहे कि सत्र 2021-22 की वर्दी वितरण मार्च माह में की जा रही है जिसका +2 के विद्यार्थियों को कोई इस्तेमाल नहीं रहेगा। इसके साथ ही कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी व रामपुर स्थित राज्य के पांच अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना एवम सुदृढ़ीकरण के लिए 11 करोड़ रुपए खर्च करने पर नतीजा नगण्य है। वहीं पर आम आदमी पार्टी, हिमाचल प्रदेश ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिर्पोट को लेकर ठाकुर जयराम सरकार पर शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आपराधिक लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए जोरदार राजनीतिक प्रहार किया है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता कल्याण भण्डारी ने कांगड़ा से जारी एक विज्ञप्ति में कहा है कि राज्य सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम मामलों में उदासीन रवैया अपनाया है जिसे उनकी पार्टी लोगों के बीच ले जा कर उजागर करने का काम करेगी। कल्याण भण्डारी ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग करती है कि सत्र 2018-19 के दौरान बच्चों को जो वर्दी वितरित नहीं की गई उससे जो करोड़ों रुपए बचे, मुख्यमंत्री वह हिसाब राज्य की जनता को दे। पार्टी प्रवक्ता ने राज्य के मेधावी छात्रों को एक योजना के तहत दिए जाने वाले लैपटॉप से वंचित रख डिजिटल इण्डिया प्रोग्राम को नुकसान पहुंचाने का भी गंभीर आरोप सरकार पर लगाया है।
मनोज। काँगड़ा लोअर लम्बा गांव मे भगवान वाल्मीकि के मंदिर मे प्रशासन द्वारा लगाए गए ताले को सोमवार को अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा पंजीकृत नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा, हिमाचल प्रदेश अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व जिला बाल्मीकि सभा पंजीकृत के अध्यक्ष प्रमन चटवाल, प्रदेश वाल्मीकि सभा के प्रदेश अध्यक्ष अंकुश घोष के सयुंक्त प्रयासों से खुलवा कर पुनः बाल्मीकि सभा लंबा गांव के हवाले किया गया, ताकि नित्य नियम से पूजा पाठ व भगत जन पहले की तरह भगवान वाल्मीकि मंदिर मे दर्शन कर सकें। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा ने प्रदेश व जिला अध्यक्ष प्रमन चटवाल, प्रदेश वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष अंकुश घोष और अन्य नेताओं का धन्यवाद किया जिन्होंने इस मंदिर को खुलवाने के लिए प्रयास किया। ताला खोलने के तुरंत बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा ने भगवान वाल्मीकि मंदिर के संचालक चंद्र मोहन चौहान को निर्देशित किया कि मंगलवार को भगवान बाल्मीकि मंदिर की पवित्रता को कायम रखते हुए हवन और लंगर का आयोजन किया जाये ताकि हवन शुद्धि के उपरांत भगवान वाल्मीकि को लंगर प्रसाद का भोग लग सके। हवन के लिए विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध योगी रणजीत सिंह द्वारा योगाश्रम पुराना कांगड़ा से जिन्होंने शिवरात्रि में लगातार 25 घंटे हवन करके विश्व कृतिमान स्थापित किया था और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया हैं। मंगलवार के दिन योगी जी ने विधिपूर्वक भगवान वाल्मीकि के मंदिर मे मंत्रोच्चारण द्वारा पूजा-पाठ किया ओर पावन चरणों मे ज्योति प्रज्वलित कर हवन की शुरुआत की।जिसमें स्थानीय लोगो ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया। अंत में प्रदेश व जिला वाल्मीकि सभा पंजीकृत के अध्यक्ष प्रमन चटवाल, प्रदेश महासचिव विनोद बोता ने मंदिर संचालक चंद्र मोहन चौहान, जिला वाल्मीकि सभा पंजीकृत के जिला उपाध्यक्ष दीपक मल्होत्रा व स्थानीय लोगो और विशेषकर विश्व प्रसिद्ध योगी रंजीत सिंह का धन्यवाद किया।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर ग्राम पंचायत लोअर लंबागांव में आज वाल्मीकि सभा लंबागांव की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदेश सन्होत्रा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विशेष रूप से प्रकाश चटवाल अध्यक्ष वाल्मीकि कांगड़ा, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार व महासचिव उपस्थित रहे। वहीं, वाल्मीकि मंदिर के निर्माता चंद्रमोहन ने बताया कि वाल्मीकि मंदिर लंबागांव पिछले कुछ समय से बंद था। उसे सरकार द्वारा फिर से खोलने की अनुमति मिली। वाल्मीकि मंदिर कमेटी ने जयसिंहपुर एसडीएम व तहसीलदार का आभार व्यक्त किया।
राजेश कतनौरिय। जवाली विकास खंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत भरमाड़ व राजा का तालाब में जिला कांगडा परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान के तहत हिम सांस्कृतिक एवं लोक नाटय कला मंच, धर्मशाला के कलाकारों ने लोगों को ट्रैफिक नियमों बारे जागरूक किया। कलाकारों ने "ये जिंदगी है बड़ी अनमोल, करो न इससे कोई खेल" तथा "मत करो इतनी मस्ती, जिंदगी नहीं है सस्ती" जैसे संदेश देकर लोगों को गीत-संगीत व नाटक के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने बारे प्रेरित किया। वाहन चालकों को गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाने, नशे की हालत में गाड़ी न चलाने, दो पहिया वाहन चालक तथा सवारी को हेलमेट लगाने सहित सभी निर्धारित ट्रैफिक नियमों का पालन करने का आह्वान किया। इस मौके पर मंच के कलाकार अमरीक सिंह, कमलवीर, अजय सिंह, रोहित, मौनी, सन्नी के अतिरिक्त रीना, सपना, नेहा तथा मीरां भरमाड़ पंचायत के उप प्रधान रवि कुमार मंहत वार्ड सदस्य विजय शर्मा व भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है।
नगरोटा बगवां में भारत्तोलन, टेबल टेनिस आवासीय अकादमी का किया शुभारंभ फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेलों इंडिया अभियान के बजट में साढ़े 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, ताकि ओलंपिक जैसी विश्व स्तरीय स्पर्धाओं में भारत के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने नगरोटा के रेनबो स्कूल में भारत्तोलन एवं टेबल टेनिस की खेलो इंडिया आवासीय अकादमी का शुभारंभ करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर भी खेलों के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इस साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर, राज्य स्तर तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी सरकार द्वारा मदद मुहैया करवाई जा रही है, ताकि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि देश भर में विभिन्न स्तरों पर आवासीय खेल अकादमी खोली जाएंगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद खेल महाकुंभ की शुरूआत की गई थी, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओ में हजारों खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर अब देश के अन्य राज्यों के सांसदों द्वारा भी खेल महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के धर्मशाला को भी स्पोर्ट्स सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। धर्मशाला के क्रिकेट स्टेडियम से हिमाचल को पूरी दुनिया भर में एक नई पहचान भी मिली है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के विभिन्न जिलों में खेल मैदान विकसित करने के भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेलें युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत जरूरी हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलने के लिए प्रेरित करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी खेलों पर विशेष बल देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि युवा पीढ़ी सही दिशा में अग्रसर हो सके। इस अवसर पर भारतीय भारत्तोलन फेडरेशन के अध्यक्ष सहदेव यादव, क्षेत्रीय निदेशक साईं पीके मट्ठू, टेबल टेनिस फेडरेशन आफ इंडिया के संयुक्त सचिव यशपाल राणा सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है। कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है।
मनाेज कुमार। कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल श्रीबालाजी में मंगलवार को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बगली जिला कांगड़ा के विद्यार्थी पहुंचे। स्कूल के दो अध्यापकों के साथ आए 23 छात्रों ने श्रीबालाजी अस्पताल के कामकाज को देखा। छात्रों ने अस्पताल के सीएमडी डॉ राजेश शर्मा से भी स्टूडेंट्स ने चर्चा की। श्री बालाजी अस्पताल इस वक्त एकमात्र ऐसा अस्पताल है, जहां पैट स्कैन की भी सुविधा है। ये पैट स्कैन कैंसर से जुड़ी बीमारी का परीक्षण करता है। इसके अलावा अस्पताल में सभी तरह की बीमारियों का उपचार होता है। अस्पताल द्वारा समय-समय पर निःशुल्क शिविर भी लगाए जाते रहे हैं, जो कि इन दिनों लगातार चल रहे हैं। डॉ. राजेश शर्मा का मानना है कि हमारा मकसद आम आदमी को उसके घर-द्वार पर उपचार मुहैया करवाना है। उनका कहना है कि हमने अस्पताल की नींव रखने से लेकर आज दिन तक हर तबके की सेवाभाव से ही काम किया है, जो कि आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
मनोज कुमार। कांगड़ा वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार सुनील डोगरा ने बताया सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ , सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, एनएससी, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है, तो उसका इंट्रेस्ट भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा। इसलिए एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। सुनील डोगरा ने कहा कि यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इन्वेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा। इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी। अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है, तो उसे आप 31 मार्च से पहले चुका दें। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा। न्यू पेंशन स्कीम भी है अच्छा विकल्प है, अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है, तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपए इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी (हेल्थ पालिसी )से भी बचा सकते हैं पैसा, मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपये खर्च कर 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपए के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है। इनकम टैक्स बचाना चाहते हैं, तो 31 मार्च से पहले कीजिए ये निवेश। अगर आप भी इनकम टैक्स ज्यादा कटने से बचाना चाहते हैं, तो 31 मार्च तक आपके पास मौका है, जानिए कहां-कहां कर सकते हैं निवेश। वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार सुनील डोगरा ने बताया सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ, सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, एनएससी, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है, तो उसका इंट्रेस्ट भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा। इसलिए एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। सुनील डोगरा ने कहा कि यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इनवेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा। इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी। अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है, तो उसे आप 31 मार्च से पहले चुका दें। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा। न्यू पेंशन स्कीम भी है अच्छा विकल्प है। अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है, तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपए इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी (हेल्थ पालिसी) से भी बचा सकते हैं। पैसा, मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपए खर्च कर 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपए के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है।
विनायक ठाकुर । ज्वालामुखी विशविख्यात माता ज्वालामुखी मंदिरर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं द्वारा पंजाब में मिली "आप" को प्रचंड जीत पर हाजरी लगाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान ज्वालामुखी बौहन चौक पर रेड लाइट से लेकर माता मंदिर तक पंजाब में मिली जीत पर विजय प्रदर्शन कर रैली भी निकाली गई। आम आदमी पार्टी पर्यटन विंग प्रदेशाध्यक्ष विकास धीमान की के नेतृत्व में इस प्रदर्शन का आयोजन किया गया। विकास धीमान ने इस अवसर पर कहा कि मां ज्वाला से पंजाब में जीत के लिए आशीर्वाद और मन्नत मांगी थी, जो की पूरी हो गई हिमाचल में भी इसी वर्ष चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी हिमाचल प्रदेश में भी ऐतिहासिक जीत दर्ज करें। इसके लिए मां से प्रार्थना की माता ज्वालामुखी मंदिर में जाकर दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी कपिल शर्मा ने उन्हें माता की विधिवत पूजा-अर्चना करवाकर माता की चुनरी भेंट की। इस दौरान ज्वालामुखी आप उपाध्यक्ष मोनिंद्र सिंह, एसीसी विंग अध्यक्ष सीता राम, नादौन से शेंकी ठुकराल, जसवां परागपुर मंडल अध्यक्ष हंसराज धीमान व अमित कपूर सहित अन्य तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कला के क्षेत्र में काँगड़ा चित्रकारी का एक विशिष्ठ स्थान है। जैसा नाम से ज्ञात होता है, राजशाही के दौरे में इसका उदगम काँगड़ा से हुआ। अठारह्वीं शताब्दी में बिसोहली चित्रकारी के फीका पड़ जाने से कांगड़ा चित्रकारी फलने-फूलने लगी। कांगड़ा चित्रों के मुख्य केंद्र गुलेर, बसोली, चंबा, नूरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा हैं, लेकिन बाद में यह शैली मंडी, सुकेत, कुल्लू, अर्की, नालागढ़ और टिहरी गढ़वाल (मोला राम द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया) में भी पहुंच गयी। अब इसे सामूहिक रूप से पहाड़ी चित्रकला के रूप में जाना जाता है, जो 17वीं और 19वीं शताब्दी के बीच राजपूत शासकों द्वारा संरक्षित शैली को दर्शाता है। कांगड़ा चित्रकला कांगड़ा की सचित्र कला है। वर्ष 1765 से 1823 के दरमियान कांगड़ा के महाराजा संसार चंद के समय में इस कला को पंख लगे। महाराजा संसार चंद के दौर को इस कला का सुनहरा दौर भी कहा जाता है। कांगड़ा चित्रकला में सबसे अधिक भगवान कृष्ण की लीलाओं के रूपों को देखा जा सकता हैं। ख़ास बात ये है कि उस दौर में इसमें इस्तेमाल होने वाले रंग भी रसायनयुक्त न होकर पेड़ पौधों से बनते थे और ब्रश भी। ये ही कारण है कि करीब तीन सौ वर्ष गुजरने के बाद भी इन चित्रों में पहले जैसी ताजगी बरकरार है। उस दौर में ये चित्र हस्त निर्मित स्यालकोटी कागज पर उकेरे जाते थे, और खनिज और वनस्पत्ति रंगो का इस्तेमाल होता था। तब तंगरम हरिताल, दानाफरग, लाजवद्द, खडिया और काजल की स्याही प्रमुख रंग थे। जबकि रेखाकण के लिए गिलहरी की पूँछ के बाल से बनी तुलिका का उपयोग किया जाता था। पर समय के साथ अब हर प्रकार के कागज़ पर पोस्टर रंगों की मदद से कांगड़ा चित्र तैयार किये जाते हैं। कलाप्रेमियों के लिये इनकी कीमत भी प्राकृतिक वस्तुओं से बने मूल चित्रों से कई गुना कम होती है। इन्हें हस्तकला की दूकानों, चित्रकला की दूकानों या पर्यटन स्थलों पर आसानी से खरीदा जा सकता है। लघुचित्र में सबसे उत्कृष्ट मानी जाती है कांगड़ा कलम : कला जगत को भारत की लघुचित्र कला एक अनुपम देन है। जम्मू से लेकर गढ़वाल तक उतर- पश्चिम हिमालय पहाड़ी रियासतों की इस महान परम्परा का वर्चस्व 17वीं से 19वीं शताब्दी तक रहा। ये कला छोटी-छोटी रियासतों में पनपी है जिनमें से अधिकांश वर्तमान हिमाचल प्रदेश में है। यह चित्रकला पहाड़ी शैली के नाम से विश्व भर में विख्यात है। इस पहाड़ी चित्रकला के गुलेर ,कांगड़ा, चम्बा, मण्डी, बिलासपुर, कुल्लू मुख्य केन्द्र थे। कांगड़ा कलम को लघुचित्र में सबसे उत्कृष्ट माना गया है। काँगड़ा कलम का स्वर्ण युग : महाराजा संसार चन्द (1775-1823) ने कांगड़ा चित्र शैली को विकास के शिखर पर पहुँचाया। उनके शासन काल काँगड़ा कलम का स्वर्ण युग कहा जाता है। उन्होंने गुलेर के कलाकारों को अपने दरबार की ओर आकर्षित किया। राजा संसार चन्द कांगड़ा घाटी के शक्तशाली व कलापोषक राजा हुए है। उनके शासन काल मे ही कवि जयदेव की संस्कृत प्रेम कविता “गीत-गोविन्द”, “बिहारी की सतसई”,”भगवत पुराण”, “नलदमवन्ती” व “केशवदास” “रसिकप्रिया” कवीप्रिया को चित्रों में डाला गया है। कृष्ण “विभिन्न“ रुपों में इस चित्र कला का प्रतिनिधित्व करतें हैं। राजा के साथ श्रीकृष्ण के श्रृँगारिक चित्र, राग-रानियों, रामायण, महाभारत, भागवत्त, चण्डी-उपाख्यान (दुर्गा पाठ), देवी महत्मये व पौराणिक कथाओं पर चित्र कला तैयार हुई। इनका रहा है विशेष योगदान : किसी राष्ट्र की पहचान उसकी समृद्ध कला-संस्कृती से होती है। कांगड़ा कलम के विकास की गति निरन्तर जारी है। पंडित सेऊ व उनके वंशज द्वारा कला रुपी पौधों को जीवित रखने के लिए कला के वरिष्ठ एवं कला पोशक व महान कला संरक्षक ओम सुजानपुरी, चम्बा के विजय शर्मा (पदमश्री) का महान योगदान रहा है। भाषा संस्कृति विभाग व हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के प्रयासों से कुछ कला प्रतिभाएं और सामने हैं, जिनमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मुकेश कुमार, धनी राम, प्रीतम चन्द, जोगिन्दर सिंह मुख्य हैं। सियालकोट कागज़ पर तैयार किये गए है चित्र : कहते है कांगड़ा की मिट्टी में कलाकार उत्पन्न करने की क्षमता है। ज़िला प्रशासन कांगड़ा के प्रयासों से यहाँ कई छिपी कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया है, जिनमें कांगड़ा कलम की महान परम्परा को जीवित रखने की अपार क्षमता है। ये सभी चित्र बही खातों के लिये बनाए गए विशेष प्रकार के हस्त निर्मित कागज़ों पर उकेरे गए है, जिन्हें सियालकोट कागज़ भी कहा जाता है। पहले इस कागज़ पर एक सफेद द्रव्य से लेप किया जाता है और बाद में शंख से घिस कर चिकना किया जाता है। जबकि रंगों को फूलों, पत्तियों, जड़ों, मिट्टी के विभिन्न रंगों, जड़ी बूटियों और बीजों से निकाल कर बनाया जाता है। इन रंगो को मिट्टी के प्यालों या बड़ी सीपों में रखा जाता है। वर्ष 2012 में मिला जीआई टैग : कांगड़ा चित्रकारी को वर्ष 2012 में जीआई टैग दिया गया था। वर्ल्ड इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक जियोग्राफिकल इंडिकेशंस टैग एक प्रकार का लेबल होता है जिसमें किसी प्रोडक्ट को विशेष भौगोलिक पहचान दी जाती है। ऐसा प्रोडक्ट जिसकी विशेषता या प्रतिष्ठा मुख्य रूप से प्राकृति और मानवीय कारकों पर निर्भर करती है। ये टैग किसी खास भौगोलिक परिस्थिति में पाई जाने वाली या फिर तैयार की जाने वाली वस्तुओं के दूसरे स्थानों पर गैर-कानूनी प्रयोग को रोकने के लिए भी दिया जाता है।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर पंचरुखी बाजार में तीन दिन चलने वाले होली मेले का आगाज सोमवार को राधाकृष्ण मंदिर में झंडा रस्म के साथ हुआ, जिसमें बाजार कमेटी प्रधान विजय राणा सहित समस्त दुकानदारों ने शोभायात्रा निकाली, जिसमें जयसिंहपुर के पूर्व विधायक यादविंद्र गोमा ने भाग लिया और मंदिर में पूजा कर व्यापारियों को होली मेले का शुभारंभ कर बधाई दी। बाजार कमेटी प्रधान विजय राणा ने बताया कि होली मेला तीन दिन तक चलेगा और इस उपलक्ष्य पर स्वामी विवेकानंद मैदान में महिलाओं की रस्साकशी, घड़ा फोड़, म्यूजिक चेयर सहित सहित पुरुषों की वालीबाल प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
सरकार को गुमराह करने में मशगूल हैं कुछ शिक्षक संघ फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा हिमाचल राजकीय कला स्नातक संघ कुछ संगठनों के उस बयान पर भड़क गया है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि उच्चतर विभाग में कार्यरत प्रवक्ताओं को पदोन्नत कर पुनः निचले विभाग में मुख्याध्यापक बना कर भेजा जाए, जिससे टीजीटी को हेडमास्टर बनने के अवसर घटाए जाएं। टीजीटी से प्रवक्ता बनकर पदोन्नति का लाभ, प्रवक्ता स्केल व इंक्रीमेंट का लाभ ले चुके प्रमोटी प्रवक्ता ही अगर हेडमास्टर बनाने हैं, तो सेवारत टीजीटी कब हेडमास्टर प्रमोट होंगे। सेवारत टीजीटी को केवल प्रवक्ता पदोन्नति लेने हेतु बाध्य किया जाना गलत है। क्योंकि अनेकों टीजीटी हेडमास्टर प्रमोशन चैनल ही बेहतर समझते हैं। विज्ञान व कला संकाय के 16318 टीजीटी शिक्षकों ने इन शिक्षक संगठनों को कहा है कि वे प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट के फैसलों की अवमानना हेतु उकसाना बंद करें। जिला कांगड़ा टीजीटी कला संघ के अध्यक्ष संजय चौधरी, राज्य कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुमन कुमार, महासचिव अमृतपाल सिंह, मुख्य सलाहकार अनुज आचार्य, कोषाध्यक्ष करतार काजल, खंड धर्मशाला अध्यक्ष प्रतिभा शर्मा व महासचिव यशपाल, पालमपुर के संजीव चौहान, भवारना के भारतभूषण, लंबगांव के प्रदीप कुमार, खंड जवाली से सुरेश कौंडल, नगरोटा सूरियां से भारतेंदु शर्मा, थुरल के सुभाष चंद, खंड चढियार से बालकृष्ण, पंचरुखी से विवेक, बैजनाथ से अर्जुन कुमार, खुंडियां से राज कुमार राणा, रक्कड़ से राजिंदर शर्मा, देहरा से संजीव शर्मा, ददासीबा से राजेश चौधरी, खंड रैत से राजेश कुमार, कोटला से वीरेंद्र, नूरपुर से नरेश कुमार, इंदौरा से नीलम चौधरी और फतेहपुर से पृथीपाल आदि शिक्षक नेताओं ने कहा है कि प्रवक्ता संघ के राज्य अध्यक्ष एक बार न्यायलय के निर्णय की अवमानना हेतु सरकार को उकसाने और उलूल-जलूल बयान देकर सरकार को गुमराह करने की बजाय तथ्यों पर गौर करें। हेडमास्टर केडर का पदोन्नत पद टीजीटी से पदोन्नति पर होना चाहिए न कि पहले प्रवक्ता बनो फिर वापस प्रारंिभक विभाग में बिना किसी वित्तीय लाभ के मुख्याध्यापक बनो। उनके अधीन काम करना पड़ता। प्रवक्ता संघ को यदि मांगना है, तो प्रिंसिपल, वाईस प्रिंसिपल व कॉलेज कैडर में पदोन्नति मांगनी चाहिए, न कि वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे टीजीटी केडर का हकों पर कुठाराघात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीटी शिक्षक हेडमास्टर पदों पर पदोन्नति के लिए लगभग 25 वर्षों से इंतज़ार कर रहे हैं। टीजीटी वर्ग के शिक्षकों को भी पदोन्नति से वंचित हो कर मात्र एक ही पद पर से रिटायर होने पड़ रहा है। उक्ति समस्त नेताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर व शिक्षा सचिव से आग्रह किया है कि उक्त फैसला लेने से पहले टीजीटी वर्ग के हकों को सुरक्षित करते हुए निर्णय लिया जाए और जो भी प्रवक्ता चाहे सीधी भर्ती चाहे पदोन्नति से बने, वे मात्र प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य या फिर कॉलेज कैडर में पदोन्नति भर भेजे जाएं।
राजेश कतनौरिय। जवाली पुलिस थाना जवाली के तहत आज जवाली-नगरोटा सूरियां मार्ग पर हार रेन शैल्टर के पास मोटरसाइकिल (एचपी54-7729) व ट्रक (एचपी 15बी-7011) की टक्कर होने से मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी अनुसार मृतक की पहचान शाम सिंह (53) पुत्र पूर्ण सिंह निवासी फारियां के रूप में हुई है, जबकि घायल की पहचान रवीन मिश्रा (57) निवासी धर्मशाला के रूप में हुई है। शाम सिंह लोक निर्माण विभाग जवाली में बतौर जेई, जबकि रवीन मिश्रा बतौर वर्क इंस्पेक्टर कार्यरत है। शाम सिंह व मिश्रा कार्य को देखने के लिए नाणा में गए थे तथा वहां से वापस आ रहे थे कि हार रेन शैल्टर के पास जवाली से नगरोटा सूरियां की तरफ जा रहे ट्रक के साथ टक्कर हो गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को स्थानीय लोगों द्वारा 108 एंबुलेंस के माध्यम से सिविल अस्पताल जवाली में उपचार हेतु लाया गया, जहां पर शाम सिंह को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे घायल को टांडा में रैफर किया गया। डीएसपी जवाली सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु नूरपुर भेज दिया है, जबकि घायल को टांडा में रेफर किया गया है।
नरेंद्र डाेगरा । जयसिंहपुर झंडा पूजन के साथ ही गंदड़ होली मेला शुरू हुआ। पारस पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरैक्टर एमसी कटोच द्वारा झंडा पूजन की रस्म अदा की गई। इस अवसर पर पंचायत व होली मेला कमेटी के सदस्यों ने ढोल के साथ बाजार में शोभायात्रा निकाली व माता दुर्गा के मंदिर में पूजा-अर्चना करके आयोजन की सफलता की कामना की। ग्राम पंचायत गंदड़ के प्रधान बिन्ता कटोच ने होली की सबको शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के प्रधान बिंता देवी, उप प्रधान शशी कांत, मेला कमेटी के प्रधान जनम चंद कटोच, सचिव कमलेश शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय चंद कटोच सहित बिहारी लाल शुक्ला, विनोद राणा, धर्मवीर शुक्ला, राकेश गोस्वामी, जुगल किशोर मिश्रा, पृथ्वी राज शर्मा, डा. अजय मिश्रा, रवि शुक्ला, प्रवीण किसान, गौरव धीमान, शिवा कटोच, हरी राम, फूमन राम, सुखदेव कटोच व रोविन कटोच सहित पंचायत, हेली मेला कमेटी व व्यार मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
विनायक ठाकुर। देहरा देहरा में चैत्र मास का आगाज ढोलरू परिवारों ने लोकगीत गाकर शुरू किया। इस मौके पर घर-घर जाकर ढोलकू की थाप पर परंपरागत लोकगीत गाकर चैत्र मास का शुभारंभ किया। सदियों से यह परिवार इस पारिवारिक परंपरा को निभा रहे हैं। ढलियारा के ढोलरू परिवार सुनीता एवं प्रोमिला ने ढोलरू के रूप में गीत गाकर बताया कि पहले हमारे पूर्वज इस काम को करते थे और अब हम इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, स्थानीय बजुर्गों का कहना है कि ढोलरू के मुख से लोकगीत के माध्यम से चैत्र माह का नाम सुनना अति शुभ माना जाता है। चैत्र का नाम गीत को एक प्रकार का भजन और ईश्वर वंदना ही माना जाता है। ढोलरू ढोल की थाप पर चैत्र माह का व्यख्यान गीत के रुप मे करते हुए कहते हैं कि सबसे पहले भगवान का नाम लेना चाहिए, फिर माता पिता का फिर गुरुओं का और फिर अन्य नाम लेने चाहिए। इसके साथ ही बसंत-बहार का व्याख्यान भी किया जाता है। चैत्र माह का नाम सुनने के उपरांत स्थानीय लोग उन्हें नए वस्त्र, गुड़, आटा, चावल और दक्षिणा देकर खुशी-खुशी विदा करके आगामी वर्ष को आने का न्योता देते हैं। ढलियारा से सुनीता एवं प्रोमिला ने बताया कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से गा रहे हैं।
सफल ऑर्गन निकाले जाने पर प्रशासन ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन मनोज कुमार। कांगड़ा मेडिकल कॉलेज टांडा से किडनी विभाग के हेड व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ राकेश चौहान, सुपरिटेंडेंट मेडिकल कॉलेज टांडा डॉक्टर मोहन सिंह और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर अंकेश चौधरी ने आज विशाल पुत्र हरवंस निवासी हटवास, जिसके एक्सीडेंट में ब्रेन डेड होने के उपरांत परिवार द्वारा अंगदान के लिए सहमति जताई गई और उसके उपरांत उसके अंग मेडिकल कॉलेज टांडा में पहली बार निकालकर पीजीआई चंडीगढ़ में किसी दूसरे व्यक्ति को लगाए गए, उसके घर जाकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उस दिव्य आत्मा को ईश्वर के चरणों में जगह मिले ऐसी प्रार्थना की। उन्होंने विशाल के परिवारजनों को नीम का पौधा भेंट स्वरूप दिया, जिसे परिवार द्वारा विशाल की याद में वहां पर स्थापित किया गया। टांडा की इस टीम ने परिवार जनों का अंगदान करने के इस महान पुण्य कार्य लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही आज मेडिकल कॉलेज टांडा प्रशासन द्वारा ब्रेन डेड व्यक्ति के हिमाचल में पहली बार सफल ऑर्गन निकाले जाने पर प्रशासन ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज टांडा भानु अवस्थी द्वारा की गई और मौके पर किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर राकेश चौहान भी मौजूद रहे, जिन्होंने हिमाचल में पहली बार ऑर्गन निकालने का कार्य किया। कॉन्फ्रेंस दौरान सर्वप्रथम प्रिंसिपल भानु अवस्थी ने उस परिवार के प्रति संवेदनाएं और उस दिव्य आत्मा को नमन किया, जिसके अंग निकाले गए, जिसका नाम विशाल पुत्र हरवंस हटवास निवासी है। प्रिंसिपल भानु अवस्थी ने बताया कि डॉ राकेश चौहान के प्रयासों के कारण मेडिकल कॉलेज टांडा को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है और उन्होंने कहा इसमें सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि 2021 में हमें 5 वर्ष के लिए इसकी रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुई है और हमने इस दिशा में पहला कदम पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है कि आगे अंग लगाने का कार्य भी टांडा में किया जाए। इस पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य के टांडा में हो पाने का हिमाचल प्रदेश सरकार को पूरा श्रेय जाता है। सरकार ने इस कार्य को यहां हो पाने के लिए पूरा सहयोग दिया। उन्होंने इसे सरकार की सफलता भी बताया। उन्होंने कहा कि समाज को अंगदान के लिए जागरूक करना बहुत जरूरी है। क्योंकि पूरे भारतवर्ष में लाखों की संख्या में एक्सीडेंट होते हैं और बहुत से ऐसे केस होते हैं, जिनका ब्रेनडेड पाया जाता है। इसलिए यदि लोग इस बात के लिए जागरूक हो जाएं, तो उनके अंगों को किसी ऐसे मरीज को ट्रांसफर किया जा सकता है, जो किसी हस्पताल में इन अंगों के अभाव के कारण दयनीय हालत में है। किडनी ट्रांसप्लांट हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चौहान ने बताया कि किडनी अंग निकालने की प्रक्रिया उसी व्यक्ति पर की जाती है, जिसका ब्रेन डेड हो। इसमें सबसे जरूरी ब्रेन डेड व्यक्ति के परिवार की सहमति है। बिना सहमति के इस कार्य को कभी नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया किडनी निकालने के बाद उसे लगभग 12 से 24 घंटे के अंदर दूसरे शरीर में लगाना जरूरी है। उन्होंने बताया विशाल पुत्र हरबंस हटवास निवासी के शरीर से निकाली गई, किडनी पीजीआई चंडीगढ़ में दूसरे व्यक्ति को लगा दी गई है और वह व्यक्ति अब रिकवर कर रहा है। इस मौके पर प्रिंसिपल भानु अवस्थी सहित डॉ राकेश चौहान, अधिकारी व डॉक्टर मौजूद रहे।


















































