राजेश कतनौरिय। जवाली विकास खंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत भरमाड़ व राजा का तालाब में जिला कांगडा परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान के तहत हिम सांस्कृतिक एवं लोक नाटय कला मंच, धर्मशाला के कलाकारों ने लोगों को ट्रैफिक नियमों बारे जागरूक किया। कलाकारों ने "ये जिंदगी है बड़ी अनमोल, करो न इससे कोई खेल" तथा "मत करो इतनी मस्ती, जिंदगी नहीं है सस्ती" जैसे संदेश देकर लोगों को गीत-संगीत व नाटक के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने बारे प्रेरित किया। वाहन चालकों को गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाने, नशे की हालत में गाड़ी न चलाने, दो पहिया वाहन चालक तथा सवारी को हेलमेट लगाने सहित सभी निर्धारित ट्रैफिक नियमों का पालन करने का आह्वान किया। इस मौके पर मंच के कलाकार अमरीक सिंह, कमलवीर, अजय सिंह, रोहित, मौनी, सन्नी के अतिरिक्त रीना, सपना, नेहा तथा मीरां भरमाड़ पंचायत के उप प्रधान रवि कुमार मंहत वार्ड सदस्य विजय शर्मा व भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है।
नगरोटा बगवां में भारत्तोलन, टेबल टेनिस आवासीय अकादमी का किया शुभारंभ फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेलों इंडिया अभियान के बजट में साढ़े 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, ताकि ओलंपिक जैसी विश्व स्तरीय स्पर्धाओं में भारत के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने नगरोटा के रेनबो स्कूल में भारत्तोलन एवं टेबल टेनिस की खेलो इंडिया आवासीय अकादमी का शुभारंभ करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर भी खेलों के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इस साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर, राज्य स्तर तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी सरकार द्वारा मदद मुहैया करवाई जा रही है, ताकि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि देश भर में विभिन्न स्तरों पर आवासीय खेल अकादमी खोली जाएंगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद खेल महाकुंभ की शुरूआत की गई थी, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओ में हजारों खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर अब देश के अन्य राज्यों के सांसदों द्वारा भी खेल महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के धर्मशाला को भी स्पोर्ट्स सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। धर्मशाला के क्रिकेट स्टेडियम से हिमाचल को पूरी दुनिया भर में एक नई पहचान भी मिली है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के विभिन्न जिलों में खेल मैदान विकसित करने के भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेलें युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत जरूरी हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलने के लिए प्रेरित करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी खेलों पर विशेष बल देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि युवा पीढ़ी सही दिशा में अग्रसर हो सके। इस अवसर पर भारतीय भारत्तोलन फेडरेशन के अध्यक्ष सहदेव यादव, क्षेत्रीय निदेशक साईं पीके मट्ठू, टेबल टेनिस फेडरेशन आफ इंडिया के संयुक्त सचिव यशपाल राणा सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है। कहते है अंगदान महादान होता है। हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज टांडा में मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा अब शुरू हो जाएगी। अंगदान को ट्रांसप्लांट करने की सुविधा इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी लेकिन अब हिमाचल में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इस सुविधा के लिए पहली बार ग्रीन कोरिडोर बनाया जायेगा। ग्रीन कोरिडोर में ही टांडा अस्पताल से गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट तक अंग पहुंचाए जाएंगे। जैसे ही टांडा में अंग निकालने की प्रक्रिया पूरी होगी। टांडा से लेकर गगल तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर तुरंत अंगों को गगल तक पहुंचाया जाएगा। गगल में विमान के माध्यम से अंगों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और वहां से पीजीआइ अस्पताल पहुंचाया जाएगा। क्या है ग्रीन कॉरिडोर ग्रीन कॉरिडोर एक तरह का रूट होता है, जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी परिस्थिति के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से किसी भी एम्बुलेंस या जरूरी चिकित्सा से जुड़े मेडिकल वाहन को स्पेशल रूट उपलब्ध करवाया जाता है। यदि किसी मरीज की स्थिति काफी गंभीर होती है तो उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने के लिए इस ग्रीन कॉरिडोर को बनाया जाता है इसमें उनके लिए खास व्यवस्था की जाती है। ग्रीन कॉरिडोर में एक विशेष रूट तैयार किया जाता है और सड़क पर ट्रेफिक से अलग एम्बुलेंस के लिए एक रास्ता बना दिया जाता है। इससे एम्बुलेंस ट्रैफिक में बिना फंसे मरीज को अस्पताल तक पहुंचा जा सकता है। जब किसी ट्रांसप्लांट के लिए किसी बॉडी पार्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजना होता है तो उसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है। इससे सही वक्त पर मरीज का इलाज संभव हो पाता है। इस प्रक्रिया में शहर की पुलिस और अस्पताल मिलकर काम करते हैं और उसके बाद पुलिस कॉरिडोर बनाने का काम करती है। कई जगह तक एम्बुलेंस के लिए सड़क पर अलग लाइन भी होती है, जिसमें सिर्फ आपातकालीन गाड़ियां ही चलती है। इससे मरीज को सही समय पर मेडिकल हेल्प मिल जाती है। इस प्रकार काम करता है ग्रीन कॉरिडोर अस्पताल की ओर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। इसमें या तो पुलिस किसी रोड़ का ट्रैफिक रोककर एम्बुलेंस को जगह देती है या फिर सड़क पर बैरिकेट्स के जरिए एक लेन सिर्फ एम्बुलेंस के लिए बुक कर देती है। ग्रीन कॉरिडोर कई तरह से काम करता है। इसके लिए कई जगह हाइटेक प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है और एम्बुलेंस इमरजेंसी की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल जाती है और उसके आधार पर ही पुलिस एम्बुलेंस की व्यवस्था कर देती है।
मनाेज कुमार। कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल श्रीबालाजी में मंगलवार को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बगली जिला कांगड़ा के विद्यार्थी पहुंचे। स्कूल के दो अध्यापकों के साथ आए 23 छात्रों ने श्रीबालाजी अस्पताल के कामकाज को देखा। छात्रों ने अस्पताल के सीएमडी डॉ राजेश शर्मा से भी स्टूडेंट्स ने चर्चा की। श्री बालाजी अस्पताल इस वक्त एकमात्र ऐसा अस्पताल है, जहां पैट स्कैन की भी सुविधा है। ये पैट स्कैन कैंसर से जुड़ी बीमारी का परीक्षण करता है। इसके अलावा अस्पताल में सभी तरह की बीमारियों का उपचार होता है। अस्पताल द्वारा समय-समय पर निःशुल्क शिविर भी लगाए जाते रहे हैं, जो कि इन दिनों लगातार चल रहे हैं। डॉ. राजेश शर्मा का मानना है कि हमारा मकसद आम आदमी को उसके घर-द्वार पर उपचार मुहैया करवाना है। उनका कहना है कि हमने अस्पताल की नींव रखने से लेकर आज दिन तक हर तबके की सेवाभाव से ही काम किया है, जो कि आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
मनोज कुमार। कांगड़ा वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार सुनील डोगरा ने बताया सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ , सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, एनएससी, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है, तो उसका इंट्रेस्ट भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा। इसलिए एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। सुनील डोगरा ने कहा कि यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इन्वेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा। इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी। अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है, तो उसे आप 31 मार्च से पहले चुका दें। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा। न्यू पेंशन स्कीम भी है अच्छा विकल्प है, अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है, तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपए इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी (हेल्थ पालिसी )से भी बचा सकते हैं पैसा, मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपये खर्च कर 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपए के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है। इनकम टैक्स बचाना चाहते हैं, तो 31 मार्च से पहले कीजिए ये निवेश। अगर आप भी इनकम टैक्स ज्यादा कटने से बचाना चाहते हैं, तो 31 मार्च तक आपके पास मौका है, जानिए कहां-कहां कर सकते हैं निवेश। वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार सुनील डोगरा ने बताया सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, पीपीएफ, सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, एनएससी, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है, तो उसका इंट्रेस्ट भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा। इसलिए एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। सुनील डोगरा ने कहा कि यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इनवेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा। इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी। अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है, तो उसे आप 31 मार्च से पहले चुका दें। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा। न्यू पेंशन स्कीम भी है अच्छा विकल्प है। अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है, तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपए इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। मेडिक्लेम पॉलिसी (हेल्थ पालिसी) से भी बचा सकते हैं। पैसा, मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपए खर्च कर 80डी के तहत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपए के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है।
विनायक ठाकुर । ज्वालामुखी विशविख्यात माता ज्वालामुखी मंदिरर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं द्वारा पंजाब में मिली "आप" को प्रचंड जीत पर हाजरी लगाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान ज्वालामुखी बौहन चौक पर रेड लाइट से लेकर माता मंदिर तक पंजाब में मिली जीत पर विजय प्रदर्शन कर रैली भी निकाली गई। आम आदमी पार्टी पर्यटन विंग प्रदेशाध्यक्ष विकास धीमान की के नेतृत्व में इस प्रदर्शन का आयोजन किया गया। विकास धीमान ने इस अवसर पर कहा कि मां ज्वाला से पंजाब में जीत के लिए आशीर्वाद और मन्नत मांगी थी, जो की पूरी हो गई हिमाचल में भी इसी वर्ष चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी हिमाचल प्रदेश में भी ऐतिहासिक जीत दर्ज करें। इसके लिए मां से प्रार्थना की माता ज्वालामुखी मंदिर में जाकर दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी कपिल शर्मा ने उन्हें माता की विधिवत पूजा-अर्चना करवाकर माता की चुनरी भेंट की। इस दौरान ज्वालामुखी आप उपाध्यक्ष मोनिंद्र सिंह, एसीसी विंग अध्यक्ष सीता राम, नादौन से शेंकी ठुकराल, जसवां परागपुर मंडल अध्यक्ष हंसराज धीमान व अमित कपूर सहित अन्य तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कला के क्षेत्र में काँगड़ा चित्रकारी का एक विशिष्ठ स्थान है। जैसा नाम से ज्ञात होता है, राजशाही के दौरे में इसका उदगम काँगड़ा से हुआ। अठारह्वीं शताब्दी में बिसोहली चित्रकारी के फीका पड़ जाने से कांगड़ा चित्रकारी फलने-फूलने लगी। कांगड़ा चित्रों के मुख्य केंद्र गुलेर, बसोली, चंबा, नूरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा हैं, लेकिन बाद में यह शैली मंडी, सुकेत, कुल्लू, अर्की, नालागढ़ और टिहरी गढ़वाल (मोला राम द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया) में भी पहुंच गयी। अब इसे सामूहिक रूप से पहाड़ी चित्रकला के रूप में जाना जाता है, जो 17वीं और 19वीं शताब्दी के बीच राजपूत शासकों द्वारा संरक्षित शैली को दर्शाता है। कांगड़ा चित्रकला कांगड़ा की सचित्र कला है। वर्ष 1765 से 1823 के दरमियान कांगड़ा के महाराजा संसार चंद के समय में इस कला को पंख लगे। महाराजा संसार चंद के दौर को इस कला का सुनहरा दौर भी कहा जाता है। कांगड़ा चित्रकला में सबसे अधिक भगवान कृष्ण की लीलाओं के रूपों को देखा जा सकता हैं। ख़ास बात ये है कि उस दौर में इसमें इस्तेमाल होने वाले रंग भी रसायनयुक्त न होकर पेड़ पौधों से बनते थे और ब्रश भी। ये ही कारण है कि करीब तीन सौ वर्ष गुजरने के बाद भी इन चित्रों में पहले जैसी ताजगी बरकरार है। उस दौर में ये चित्र हस्त निर्मित स्यालकोटी कागज पर उकेरे जाते थे, और खनिज और वनस्पत्ति रंगो का इस्तेमाल होता था। तब तंगरम हरिताल, दानाफरग, लाजवद्द, खडिया और काजल की स्याही प्रमुख रंग थे। जबकि रेखाकण के लिए गिलहरी की पूँछ के बाल से बनी तुलिका का उपयोग किया जाता था। पर समय के साथ अब हर प्रकार के कागज़ पर पोस्टर रंगों की मदद से कांगड़ा चित्र तैयार किये जाते हैं। कलाप्रेमियों के लिये इनकी कीमत भी प्राकृतिक वस्तुओं से बने मूल चित्रों से कई गुना कम होती है। इन्हें हस्तकला की दूकानों, चित्रकला की दूकानों या पर्यटन स्थलों पर आसानी से खरीदा जा सकता है। लघुचित्र में सबसे उत्कृष्ट मानी जाती है कांगड़ा कलम : कला जगत को भारत की लघुचित्र कला एक अनुपम देन है। जम्मू से लेकर गढ़वाल तक उतर- पश्चिम हिमालय पहाड़ी रियासतों की इस महान परम्परा का वर्चस्व 17वीं से 19वीं शताब्दी तक रहा। ये कला छोटी-छोटी रियासतों में पनपी है जिनमें से अधिकांश वर्तमान हिमाचल प्रदेश में है। यह चित्रकला पहाड़ी शैली के नाम से विश्व भर में विख्यात है। इस पहाड़ी चित्रकला के गुलेर ,कांगड़ा, चम्बा, मण्डी, बिलासपुर, कुल्लू मुख्य केन्द्र थे। कांगड़ा कलम को लघुचित्र में सबसे उत्कृष्ट माना गया है। काँगड़ा कलम का स्वर्ण युग : महाराजा संसार चन्द (1775-1823) ने कांगड़ा चित्र शैली को विकास के शिखर पर पहुँचाया। उनके शासन काल काँगड़ा कलम का स्वर्ण युग कहा जाता है। उन्होंने गुलेर के कलाकारों को अपने दरबार की ओर आकर्षित किया। राजा संसार चन्द कांगड़ा घाटी के शक्तशाली व कलापोषक राजा हुए है। उनके शासन काल मे ही कवि जयदेव की संस्कृत प्रेम कविता “गीत-गोविन्द”, “बिहारी की सतसई”,”भगवत पुराण”, “नलदमवन्ती” व “केशवदास” “रसिकप्रिया” कवीप्रिया को चित्रों में डाला गया है। कृष्ण “विभिन्न“ रुपों में इस चित्र कला का प्रतिनिधित्व करतें हैं। राजा के साथ श्रीकृष्ण के श्रृँगारिक चित्र, राग-रानियों, रामायण, महाभारत, भागवत्त, चण्डी-उपाख्यान (दुर्गा पाठ), देवी महत्मये व पौराणिक कथाओं पर चित्र कला तैयार हुई। इनका रहा है विशेष योगदान : किसी राष्ट्र की पहचान उसकी समृद्ध कला-संस्कृती से होती है। कांगड़ा कलम के विकास की गति निरन्तर जारी है। पंडित सेऊ व उनके वंशज द्वारा कला रुपी पौधों को जीवित रखने के लिए कला के वरिष्ठ एवं कला पोशक व महान कला संरक्षक ओम सुजानपुरी, चम्बा के विजय शर्मा (पदमश्री) का महान योगदान रहा है। भाषा संस्कृति विभाग व हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के प्रयासों से कुछ कला प्रतिभाएं और सामने हैं, जिनमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मुकेश कुमार, धनी राम, प्रीतम चन्द, जोगिन्दर सिंह मुख्य हैं। सियालकोट कागज़ पर तैयार किये गए है चित्र : कहते है कांगड़ा की मिट्टी में कलाकार उत्पन्न करने की क्षमता है। ज़िला प्रशासन कांगड़ा के प्रयासों से यहाँ कई छिपी कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया है, जिनमें कांगड़ा कलम की महान परम्परा को जीवित रखने की अपार क्षमता है। ये सभी चित्र बही खातों के लिये बनाए गए विशेष प्रकार के हस्त निर्मित कागज़ों पर उकेरे गए है, जिन्हें सियालकोट कागज़ भी कहा जाता है। पहले इस कागज़ पर एक सफेद द्रव्य से लेप किया जाता है और बाद में शंख से घिस कर चिकना किया जाता है। जबकि रंगों को फूलों, पत्तियों, जड़ों, मिट्टी के विभिन्न रंगों, जड़ी बूटियों और बीजों से निकाल कर बनाया जाता है। इन रंगो को मिट्टी के प्यालों या बड़ी सीपों में रखा जाता है। वर्ष 2012 में मिला जीआई टैग : कांगड़ा चित्रकारी को वर्ष 2012 में जीआई टैग दिया गया था। वर्ल्ड इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक जियोग्राफिकल इंडिकेशंस टैग एक प्रकार का लेबल होता है जिसमें किसी प्रोडक्ट को विशेष भौगोलिक पहचान दी जाती है। ऐसा प्रोडक्ट जिसकी विशेषता या प्रतिष्ठा मुख्य रूप से प्राकृति और मानवीय कारकों पर निर्भर करती है। ये टैग किसी खास भौगोलिक परिस्थिति में पाई जाने वाली या फिर तैयार की जाने वाली वस्तुओं के दूसरे स्थानों पर गैर-कानूनी प्रयोग को रोकने के लिए भी दिया जाता है।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर पंचरुखी बाजार में तीन दिन चलने वाले होली मेले का आगाज सोमवार को राधाकृष्ण मंदिर में झंडा रस्म के साथ हुआ, जिसमें बाजार कमेटी प्रधान विजय राणा सहित समस्त दुकानदारों ने शोभायात्रा निकाली, जिसमें जयसिंहपुर के पूर्व विधायक यादविंद्र गोमा ने भाग लिया और मंदिर में पूजा कर व्यापारियों को होली मेले का शुभारंभ कर बधाई दी। बाजार कमेटी प्रधान विजय राणा ने बताया कि होली मेला तीन दिन तक चलेगा और इस उपलक्ष्य पर स्वामी विवेकानंद मैदान में महिलाओं की रस्साकशी, घड़ा फोड़, म्यूजिक चेयर सहित सहित पुरुषों की वालीबाल प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
सरकार को गुमराह करने में मशगूल हैं कुछ शिक्षक संघ फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा हिमाचल राजकीय कला स्नातक संघ कुछ संगठनों के उस बयान पर भड़क गया है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि उच्चतर विभाग में कार्यरत प्रवक्ताओं को पदोन्नत कर पुनः निचले विभाग में मुख्याध्यापक बना कर भेजा जाए, जिससे टीजीटी को हेडमास्टर बनने के अवसर घटाए जाएं। टीजीटी से प्रवक्ता बनकर पदोन्नति का लाभ, प्रवक्ता स्केल व इंक्रीमेंट का लाभ ले चुके प्रमोटी प्रवक्ता ही अगर हेडमास्टर बनाने हैं, तो सेवारत टीजीटी कब हेडमास्टर प्रमोट होंगे। सेवारत टीजीटी को केवल प्रवक्ता पदोन्नति लेने हेतु बाध्य किया जाना गलत है। क्योंकि अनेकों टीजीटी हेडमास्टर प्रमोशन चैनल ही बेहतर समझते हैं। विज्ञान व कला संकाय के 16318 टीजीटी शिक्षकों ने इन शिक्षक संगठनों को कहा है कि वे प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट के फैसलों की अवमानना हेतु उकसाना बंद करें। जिला कांगड़ा टीजीटी कला संघ के अध्यक्ष संजय चौधरी, राज्य कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुमन कुमार, महासचिव अमृतपाल सिंह, मुख्य सलाहकार अनुज आचार्य, कोषाध्यक्ष करतार काजल, खंड धर्मशाला अध्यक्ष प्रतिभा शर्मा व महासचिव यशपाल, पालमपुर के संजीव चौहान, भवारना के भारतभूषण, लंबगांव के प्रदीप कुमार, खंड जवाली से सुरेश कौंडल, नगरोटा सूरियां से भारतेंदु शर्मा, थुरल के सुभाष चंद, खंड चढियार से बालकृष्ण, पंचरुखी से विवेक, बैजनाथ से अर्जुन कुमार, खुंडियां से राज कुमार राणा, रक्कड़ से राजिंदर शर्मा, देहरा से संजीव शर्मा, ददासीबा से राजेश चौधरी, खंड रैत से राजेश कुमार, कोटला से वीरेंद्र, नूरपुर से नरेश कुमार, इंदौरा से नीलम चौधरी और फतेहपुर से पृथीपाल आदि शिक्षक नेताओं ने कहा है कि प्रवक्ता संघ के राज्य अध्यक्ष एक बार न्यायलय के निर्णय की अवमानना हेतु सरकार को उकसाने और उलूल-जलूल बयान देकर सरकार को गुमराह करने की बजाय तथ्यों पर गौर करें। हेडमास्टर केडर का पदोन्नत पद टीजीटी से पदोन्नति पर होना चाहिए न कि पहले प्रवक्ता बनो फिर वापस प्रारंिभक विभाग में बिना किसी वित्तीय लाभ के मुख्याध्यापक बनो। उनके अधीन काम करना पड़ता। प्रवक्ता संघ को यदि मांगना है, तो प्रिंसिपल, वाईस प्रिंसिपल व कॉलेज कैडर में पदोन्नति मांगनी चाहिए, न कि वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे टीजीटी केडर का हकों पर कुठाराघात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीटी शिक्षक हेडमास्टर पदों पर पदोन्नति के लिए लगभग 25 वर्षों से इंतज़ार कर रहे हैं। टीजीटी वर्ग के शिक्षकों को भी पदोन्नति से वंचित हो कर मात्र एक ही पद पर से रिटायर होने पड़ रहा है। उक्ति समस्त नेताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर व शिक्षा सचिव से आग्रह किया है कि उक्त फैसला लेने से पहले टीजीटी वर्ग के हकों को सुरक्षित करते हुए निर्णय लिया जाए और जो भी प्रवक्ता चाहे सीधी भर्ती चाहे पदोन्नति से बने, वे मात्र प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य या फिर कॉलेज कैडर में पदोन्नति भर भेजे जाएं।
राजेश कतनौरिय। जवाली पुलिस थाना जवाली के तहत आज जवाली-नगरोटा सूरियां मार्ग पर हार रेन शैल्टर के पास मोटरसाइकिल (एचपी54-7729) व ट्रक (एचपी 15बी-7011) की टक्कर होने से मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी अनुसार मृतक की पहचान शाम सिंह (53) पुत्र पूर्ण सिंह निवासी फारियां के रूप में हुई है, जबकि घायल की पहचान रवीन मिश्रा (57) निवासी धर्मशाला के रूप में हुई है। शाम सिंह लोक निर्माण विभाग जवाली में बतौर जेई, जबकि रवीन मिश्रा बतौर वर्क इंस्पेक्टर कार्यरत है। शाम सिंह व मिश्रा कार्य को देखने के लिए नाणा में गए थे तथा वहां से वापस आ रहे थे कि हार रेन शैल्टर के पास जवाली से नगरोटा सूरियां की तरफ जा रहे ट्रक के साथ टक्कर हो गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को स्थानीय लोगों द्वारा 108 एंबुलेंस के माध्यम से सिविल अस्पताल जवाली में उपचार हेतु लाया गया, जहां पर शाम सिंह को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे घायल को टांडा में रैफर किया गया। डीएसपी जवाली सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु नूरपुर भेज दिया है, जबकि घायल को टांडा में रेफर किया गया है।
नरेंद्र डाेगरा । जयसिंहपुर झंडा पूजन के साथ ही गंदड़ होली मेला शुरू हुआ। पारस पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरैक्टर एमसी कटोच द्वारा झंडा पूजन की रस्म अदा की गई। इस अवसर पर पंचायत व होली मेला कमेटी के सदस्यों ने ढोल के साथ बाजार में शोभायात्रा निकाली व माता दुर्गा के मंदिर में पूजा-अर्चना करके आयोजन की सफलता की कामना की। ग्राम पंचायत गंदड़ के प्रधान बिन्ता कटोच ने होली की सबको शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के प्रधान बिंता देवी, उप प्रधान शशी कांत, मेला कमेटी के प्रधान जनम चंद कटोच, सचिव कमलेश शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय चंद कटोच सहित बिहारी लाल शुक्ला, विनोद राणा, धर्मवीर शुक्ला, राकेश गोस्वामी, जुगल किशोर मिश्रा, पृथ्वी राज शर्मा, डा. अजय मिश्रा, रवि शुक्ला, प्रवीण किसान, गौरव धीमान, शिवा कटोच, हरी राम, फूमन राम, सुखदेव कटोच व रोविन कटोच सहित पंचायत, हेली मेला कमेटी व व्यार मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
विनायक ठाकुर। देहरा देहरा में चैत्र मास का आगाज ढोलरू परिवारों ने लोकगीत गाकर शुरू किया। इस मौके पर घर-घर जाकर ढोलकू की थाप पर परंपरागत लोकगीत गाकर चैत्र मास का शुभारंभ किया। सदियों से यह परिवार इस पारिवारिक परंपरा को निभा रहे हैं। ढलियारा के ढोलरू परिवार सुनीता एवं प्रोमिला ने ढोलरू के रूप में गीत गाकर बताया कि पहले हमारे पूर्वज इस काम को करते थे और अब हम इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, स्थानीय बजुर्गों का कहना है कि ढोलरू के मुख से लोकगीत के माध्यम से चैत्र माह का नाम सुनना अति शुभ माना जाता है। चैत्र का नाम गीत को एक प्रकार का भजन और ईश्वर वंदना ही माना जाता है। ढोलरू ढोल की थाप पर चैत्र माह का व्यख्यान गीत के रुप मे करते हुए कहते हैं कि सबसे पहले भगवान का नाम लेना चाहिए, फिर माता पिता का फिर गुरुओं का और फिर अन्य नाम लेने चाहिए। इसके साथ ही बसंत-बहार का व्याख्यान भी किया जाता है। चैत्र माह का नाम सुनने के उपरांत स्थानीय लोग उन्हें नए वस्त्र, गुड़, आटा, चावल और दक्षिणा देकर खुशी-खुशी विदा करके आगामी वर्ष को आने का न्योता देते हैं। ढलियारा से सुनीता एवं प्रोमिला ने बताया कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से गा रहे हैं।
सफल ऑर्गन निकाले जाने पर प्रशासन ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन मनोज कुमार। कांगड़ा मेडिकल कॉलेज टांडा से किडनी विभाग के हेड व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ राकेश चौहान, सुपरिटेंडेंट मेडिकल कॉलेज टांडा डॉक्टर मोहन सिंह और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर अंकेश चौधरी ने आज विशाल पुत्र हरवंस निवासी हटवास, जिसके एक्सीडेंट में ब्रेन डेड होने के उपरांत परिवार द्वारा अंगदान के लिए सहमति जताई गई और उसके उपरांत उसके अंग मेडिकल कॉलेज टांडा में पहली बार निकालकर पीजीआई चंडीगढ़ में किसी दूसरे व्यक्ति को लगाए गए, उसके घर जाकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उस दिव्य आत्मा को ईश्वर के चरणों में जगह मिले ऐसी प्रार्थना की। उन्होंने विशाल के परिवारजनों को नीम का पौधा भेंट स्वरूप दिया, जिसे परिवार द्वारा विशाल की याद में वहां पर स्थापित किया गया। टांडा की इस टीम ने परिवार जनों का अंगदान करने के इस महान पुण्य कार्य लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही आज मेडिकल कॉलेज टांडा प्रशासन द्वारा ब्रेन डेड व्यक्ति के हिमाचल में पहली बार सफल ऑर्गन निकाले जाने पर प्रशासन ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज टांडा भानु अवस्थी द्वारा की गई और मौके पर किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर राकेश चौहान भी मौजूद रहे, जिन्होंने हिमाचल में पहली बार ऑर्गन निकालने का कार्य किया। कॉन्फ्रेंस दौरान सर्वप्रथम प्रिंसिपल भानु अवस्थी ने उस परिवार के प्रति संवेदनाएं और उस दिव्य आत्मा को नमन किया, जिसके अंग निकाले गए, जिसका नाम विशाल पुत्र हरवंस हटवास निवासी है। प्रिंसिपल भानु अवस्थी ने बताया कि डॉ राकेश चौहान के प्रयासों के कारण मेडिकल कॉलेज टांडा को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है और उन्होंने कहा इसमें सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि 2021 में हमें 5 वर्ष के लिए इसकी रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुई है और हमने इस दिशा में पहला कदम पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है कि आगे अंग लगाने का कार्य भी टांडा में किया जाए। इस पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य के टांडा में हो पाने का हिमाचल प्रदेश सरकार को पूरा श्रेय जाता है। सरकार ने इस कार्य को यहां हो पाने के लिए पूरा सहयोग दिया। उन्होंने इसे सरकार की सफलता भी बताया। उन्होंने कहा कि समाज को अंगदान के लिए जागरूक करना बहुत जरूरी है। क्योंकि पूरे भारतवर्ष में लाखों की संख्या में एक्सीडेंट होते हैं और बहुत से ऐसे केस होते हैं, जिनका ब्रेनडेड पाया जाता है। इसलिए यदि लोग इस बात के लिए जागरूक हो जाएं, तो उनके अंगों को किसी ऐसे मरीज को ट्रांसफर किया जा सकता है, जो किसी हस्पताल में इन अंगों के अभाव के कारण दयनीय हालत में है। किडनी ट्रांसप्लांट हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चौहान ने बताया कि किडनी अंग निकालने की प्रक्रिया उसी व्यक्ति पर की जाती है, जिसका ब्रेन डेड हो। इसमें सबसे जरूरी ब्रेन डेड व्यक्ति के परिवार की सहमति है। बिना सहमति के इस कार्य को कभी नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया किडनी निकालने के बाद उसे लगभग 12 से 24 घंटे के अंदर दूसरे शरीर में लगाना जरूरी है। उन्होंने बताया विशाल पुत्र हरबंस हटवास निवासी के शरीर से निकाली गई, किडनी पीजीआई चंडीगढ़ में दूसरे व्यक्ति को लगा दी गई है और वह व्यक्ति अब रिकवर कर रहा है। इस मौके पर प्रिंसिपल भानु अवस्थी सहित डॉ राकेश चौहान, अधिकारी व डॉक्टर मौजूद रहे।
विनायक ठाकुर। देहरा डीएसपी देहरा अंकित शर्मा द्वारा विशेष वार्ता करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन करना हम सब का नैतिक कर्तव्य है। अगर हर वाहन चालक जागरूक होकर ट्रैफिक नियमों का पालन करें, तो वास्तव में सड़कों पर होने वाले हादसों पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग से पहले वाहन चलाने से भी परहेज करना चाहिए। डीएसपी ने कहा कि शिक्षित वर्ग के लोग भी यातायात नियमों की अवहेलना करते हैं, जिसके कारण हादसों में बढ़ोतरी हो रही हैं। उन्होंने स्कूली बच्चों से कहा कि वो अपने घरवालों को भी यातायात नियमों के बारे में जागरूक करके अभियान में सहयोग करे। अंकित शर्मा ने कहा कि नियमों से अनजान युवा वर्तमान में हादसों का शिकार हो रहे हैं। वाहन चलाते समय कोई भी जल्दबाजी नही करनी चाहिए। दाेपहिया वाहन चालकों को हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए, ताकि बिना हेलमेट के बिना होने वाले हादसों में कमी आ सके। वहीं, उन्होंने कहा कि सड़क हादसों के ग्राफ में कमी लाने के लिए सड़क एवं यातायात के नियमों की जानकारी होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़क पर अधिकांश दुर्घटनाओं के पीछे लापरवाही कारण होता हैं। ऐसे में यातायात के नियम चालकों को सही एवं सुरक्षित वाहन चलाने की सीख देते हैं। यातायात नियमों की जानकारी केवल वाहन चालकों को ही नहीं, बल्कि एक आम आदमी, एक राहगीर को भी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा करके कभी भी गाड़ी नहीं चलानी चाहिए। ऐसे लोग स्वयं तो काल का ग्रास बनते ही हैं। साथ ही अन्य मासूम लोगों के लिए भी काल साबित होते हैं।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी राजकीय महाविद्यालय ज्वालाजी में रेड रिबन क्लब, रोवर एंड रेंजर्स और लिंग संवेदीकरण इकाई द्वारा मतदाता जागरुकता अभियान कॉन्टेस्ट में माई वोट इज़ माई फ्यूचर पावर ऑफ वोट के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार बस्सी के मार्गदर्शन में किया गया। इस जागरूकता अभियान के तहत पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, मतदाता जागरूकता पर डॉक्यूमेंट्री दिखाना। मतदाता जागरूकता गीत एवं वीडियो मेकिंग का आयोजन किया गया। इन सभी प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों को मतदान के महत्व के विषय में बताना और उन्हें अपने साथ-साथ दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करना था। रेड रिबन क्लब की नोडल ऑफिसर डॉ शिवानी शर्मा ने विद्यार्थियों को मतदान के महत्व पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया। रेंजर की नोडल अधिकारी डॉक्टर सरिता ने बच्चों को जागरुक करने के लिए एक मतदाता जागरुकता गीत की रचना कर बच्चों को जागरुक किया। लिंग संवेदीकरण इकाई की प्रभारी प्रोफसर आरती गुप्ता ने वीडियो मेकिंग एवं स्लोगन राइटिंग व पोस्टर मेकिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को मतदान के महत्व के विषय में बताया। इन सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अन्य विद्यार्थियों को भी मतदान एवं इसके महत्व के विषय में बताया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ सुशील कुमार बस्सी के साथ डॉ. सीमा शर्मा, प्रो.र नीलम शर्मा, डॉ. शिवानी शर्मा, डॉ. सरिता एवं प्रोफेसर आरती गुप्ता उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला बाल विकास परियोजना अधिकारी, रैत, अशोक कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उपमंडल धर्मशाला की ग्राम पंचायत सुधेड़ के आंगनबाड़ी केंद्र धार, पंचायत लोझणी के आंगनबाड़ी केंद्र झिकड़ और ग्राम पंचायत सराह के आंगनबाड़ी केंद्र पदेहड़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि यह पद 7300 रुपए मासिक मानदेय पर भरे जाएंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायत मैटी के आंगनबाड़ी केंद्र अप्पर मैटी में आंगनबाड़ी सहायिका का भी रिक्त पद 3800 रुपए मासिक मानदेय पर भरा जाना है। आवेदन सादे कागज पर प्रमाण-पत्रों सहित 13 अप्रैल, 2022 तक बाल विकास परियोजना अधिकारी, रैत के कार्यालय में जमा करवाने होंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए केवल महिला अभ्यार्थी ही आवेदन के लिए पात्र होंगे। महिला अभ्यार्थी का परिवार भर्ती वर्ष में संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के फीडिंग क्षेत्र का अलग परिवार के रूप में निवासी होना चाहिए तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से प्रमाणपत्र व पंचायत/नगर पंचायत से परिवार नकल संलग्न करना आवश्यक है और आयु विज्ञापन तिथि को 21 वर्ष से कम व 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, आयु प्रमाण-पत्र साथ संलग्न करना आवश्यक है। अभ्यार्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो या इसके समकक्ष होनी चाहिए तथा परिवार की सालाना आय 35 हजार से कम होनी चाहिए। तहसीलदार/नायब तहसीलदार/प्रथम श्रेणी न्यायिक अधिकारी से जारी प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ संलग्न करें। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक योग्यता के सभी प्रमाण-पत्र आवेदन-पत्र के साथ संलग्न करें तथा उच्च शिक्षा के लिए अलग से देय अंक निर्धारित हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/आंगनबाड़ी सहायिका/बाल सेविका/बालबाड़ी अध्यापिका/नर्सरी अध्यापिका/संबंधित पंचायत में सिलाई अध्यापिका/शिशु पालिका का अनुभव हो तो प्रमाण-पत्र साथ संलग्न करें और यदि अभ्यार्थी में 40 प्रतिशत या अधिक अक्षमता हो तो (अक्षमता आंगनबाड़ी में कार्य करने में अड़चन वाली न हो) तो सक्षम अधिकारी से चिकित्सा प्रमाण पत्र साथ संलग्न करें। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हो तो प्रमाण पत्र साथ संलग्न करना आवश्यक है। यदि अभ्यार्थी स्टेट होम/बालिका आश्रम प्रवासी/अनाथ/विधवा/परित्यकता/तलाकशुदा/असहाय महिला जिसके पति 7 वर्ष से लापता हो/असहाय जिसके पति ने छोड़ दिया है और अपने माता-पिता के साथ रह रही हो तो प्रमाण-पत्र संलग्न करें। अभ्यार्थी की केवल दो लड़कियां हो तो परिवार नियोजन प्रमाण-पत्र या अविवाहित अभ्यार्थी स्वयं परिवार में केवल दो लड़कियां हो, प्रमाण-पत्र संलग्न करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अभ्यार्थी का चयन मैरिट के आधार पर किया जाएगा। इन पदों के लिए साक्षात्कार 26 अप्रैल, 2022 को प्रातः 11 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी रैत के कार्यालय में होंगे। साक्षात्कार में अभ्यार्थी को अपने मूल-प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी, रैत के कार्यालय में या दूरभाष नम्बर 01892-239794 पर संपर्क कर सकते हैं।
मनोज कुमार। कांगड़ा राजकीय महाविद्यालय मटौर में सड़क सुरक्षा क्लब द्वारा यातायात नियमों की जागरूकता हेतु रैली का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शुभ्रा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। क्लब के सदस्य विद्यार्थियों द्वारा रैली महाविद्यालय के प्रांगण से शुरू करके मटौर के मुख्य बाज़ार तक निकाली। विद्यार्थियों ने राह चलती आम जनता, व्यावसायिक वर्ग और वाहन चालकों को पैम्फ़्लेट वितरित करके सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा क्लब के समनवयक डॉ प्रवेश गिल एवं मोहिंदर कुमार ने रैली का संचालन किया। इसके साथ ही इस रैली में महाविद्यालय के आचार्यागण डॉ अतुल आचार्य एवं दिनेश जमवाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
मनोज कुमार। कांगड़ा जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा की अर्शिया चौधरी राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में भाग लेगी। चंबा में अंडर-12 ओपन चेस में उप विजेता रहने के साथ अर्शिया ने बंगलूर में 9 से 16 अप्रैल तक होने वाली प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है। अर्शिया के पिता अतुल ने बताया कि अर्शिया ने तीन मैच बड़े अंतराल से जीत लिए थे, लेकिन अंतिम मुकाबला हार कर दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। इससे पहले मुंबई में हुई चेस प्रतियोगिता में भी दूसरे स्थान पर रही। प्रधानाचार्य सुनीलकांत चड्ढा ने अर्शिया को सकूल पहुंचने पर सम्मानित किया और होनहार छात्रा को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कोच दिनेश ने भी अर्शिया की हौसला अफजाई की। अर्शिया पिछले चार वर्षाें से कई ट्राफियां जीत चुकी हैं।
विधानसभा क्षेत्र के चौकीदार संघ व पंचायत चाैकीदार संघ ने मुख्यमंत्री का जताया आभार मनोज कुमार। कांगड़ा कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र व अन्य ब्लॉक से आए चौकीदार संघ व कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के चौकीदार संघ व पंचायत चोंकीदार संघ के जिला अध्यक्ष तरसेम लाल व कांगड़ा ब्लॉक के अध्यक्ष संदीप चौधरी की अगवाई में पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू से मिले। मुख्यमंत्री ठाकुर जयराम सरकार द्वारा चाैकीदारों के वेतन मान में इजाफा करने व ठाकुर जयराम सरकार का धन्यवाद किया व चाैकीदारों पर पॉलिसी बनाने को कहा गया। पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू के स्वागत के साथ जयराम ठाकुर सरकार के नारे लगा कर एक विश्वास दिलाया कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री ठाकुर जयराम के साथ साथ है व साथ रहेंगे। पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू ने अपने संबाेधन में चाैकीदार संघ को बताया कि मेरे समय काल में जल शक्ति विभाग में 275 वाटर गार्ड रखे गए थे व मिड-से मिल में 250 के करीब स्कूलों में रोटी बनाने के लिए महिलाएं रखी गई थी व 250 ही मिडे मिल असिस्टेंट रखी गई थी। पेरेंट टीचर योजना में 106 टीचर रखे गए थे अब 12 वर्ष बाद ठाकुर जयराम सरकार में आकर मैंने पक्के करवाए है और भी कई विभागों में नौकरी दिलवाई है। चाैकीदारों से आग्रह किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर की जनहित योजनाओं को ग्रामीणों तक अपने माध्यम से पहुंचाए इस सरकार में आपको सफलता मिलेगी।
विनायक ठाकुर। डाडासीबा रात दस बजे के बाद डीजे या अन्य साउंड बजाने वालों के खिलाफ डाडासीबा पुलिस का चाबुक चलने वाला है। यही सच है अगर पुलिस गश्त के दौरान कहीं भी ऐसी हालत मे डीजे बजता हुआ पकडा़ गया, तो कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ डीजे का सारा ताम झाम भी जब्त होगा। इसके लिए पुलिस चौकी प्रभारी डाडासीबा राजेश द्विवेदी ने दो टूक ऐलान करते हुए कहा कि इन दिनों स्कूली बच्चों की वार्षिक परीक्षा चली हुई है और ऐसे मे कई क्षेत्राें में डीजे ब अन्य साउंड ऊची आबाज मे बजाने की शिकायते आ रही है। पुलिस ने लोगों की शिकायत के अधार पर उक्त लोगों के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसने के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं। चौकी प्रभारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि स्कूली बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए देर रात चलने वाले डीजे सिस्टम और फालतू में होने वाले वाले ध्वनि प्रदूषण के उनकी पढ़ाई में कोई परेशानी न हो इसके लिए डाडासीबा अपनी चौकी अधिकार क्षेत्र के अंर्तगत चेतावनी जारी की है। चौकी प्रभारी डाडासीबा राजेश द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि मार्च महीना शुरू हो गया है। आजकल बच्चों की परीक्षाएं शुरू होनी है। बच्चों का भविष्य दाव पर लगा होता है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति सुबह और रात में ध्वनि प्रदूषण न करें। अन्यथा उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री और भाजपा-कांग्रेस के बड़े नेताओं की बयानबाजी पर "आप" का पलटवार मनोज कुमार। कांगड़ा आम आदमी पार्टी हिमाचल प्रदेश ने राज्य के मुख्यमंत्री सहित भाजपा और कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा पार्टी को लेकर दिए गए असंख्य बयानों पर जोरदार पलटवार किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि आम आदमी पार्टी पहाड़ की राजनीति चढ़ते हुए हांफ जाएगी, जिसका माकूल जवाब देते हुए आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने कहा है कि इस तरह की प्रतिक्रिया देने से पहले मुख्यमंत्री विधानसभा सदन में दिए गए अपने वरिष्ठ मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह के बयान को देख लेते। राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ विधायक रमेश धवाला ने तो अपनी पार्टी में एकता बनाए रखने के साथ आम आदमी पार्टी से सजग व सावधान रहने पर बल दिया है। ऐसे में मुख्यमंत्री का बयान विरोधाभासी है। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्री अनुराग ठाकुर की आम आदमी पार्टी की सूबे में सक्रियता और स्वीकार्यता को लेकर दी गई टिप्पणी वास्तविकता से कोसों दूर है। वहीं, पर दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बयान पार्टी के अंदर उत्पन्न हो रही बेचैनी व खौफ को रेखांकित करते हैं। कांग्रेस नेत्री व पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने हिमाचल की तुलना में दिल्ली और पंजाब के मतदाताओं को कम पढ़ा लिखा और राजनीतिक रूप से कम जागरूक करार देकर उनका अपमान किया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह राठौर, विधायक विक्रमादित्य, जगत नेगी व पवन काजल द्वारा व्यक्त किए गए विचारों में पार्टी को अपनी जमीन दरकती साफ तौर पर नजर आ रही है, परंतु वे इस हकीकत से मुंह मोड़ रही है। कल्याण भंडारी ने आगे बताया कि दोनों दलों के नेता प्रदेश भर में आम आदमी पार्टी को लेकर छिड़ी बहस के चलते इस कदर खौफजदा हैं की विधान सभा के भीतर एक दूसरे को अपने अपने कुनबे को संभाल कर रखने की नसीहत देते दिख रहे हैं। पार्टी प्रवक्ता ने दावा किया कि दोनों दलों के बड़े नेताओं द्वारा पार्टी से जुड़ने के तार भिड़ाए जा रहे हैं और ऐसे नेताओं की फेहरिस्त लंबी होती चली जा रही है। आने वाले समय में दोनों दलों के मौजूदा विधायक व मंत्री आम आदमी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। लिहाजा सूबे में एक तीव्र गति का राजनीतिक भूकंप देखने को मिलेगा।
मनोज कुमार। कांगड़ा 11 महीने का बच्चा जोकि ज्वाली (ज़िला, काँगड़ा ) का रहने वाला है कुछ महीने पहले नूरो सर्जरी विभाग में पीठ में एक बड़ी सी गांठ और बड़ा सिर लेकर काफ़ी गंभीर स्थिति में आया। जब बीमारी कि गंभीरता का पता चला तो मां–बाप ने बच्चे को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाने कि इच्छा जताई, लेकिन वहां जब 15 दिन तक ऑपरेशन तो दूर की बात, दाखिला तक न हो पाई, तो बच्चे को वापस टांडा में एडमिट किया गया। इस जटिल ऑपरेशन को नूरो सर्जन, डॉ मुकेश कुमार और उनकी टीम ने 4 घंटे की मेहनत के बाद सफलता पूर्वक किया। 11 महीने के बच्चे का ऑपरेशन, अनेसथिस्ट, डॉ जयसिंह, डॉ. विपिन गर्ग और उनकी टीम के लिए भी बहुत मुश्किल रहा। इस तरह का ये पहला ऑपरेशन हिमाचल में किया गया और अब इन मरीजों को प्रदेश के बाहर जाने कि जरूरत नहीं पड़ेगी। क्या है न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (तंत्रिका नली दोष)? न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट दिमाग, स्पाइनल कॉर्ड और रीढ़ की हड्डी की जन्मजात विकृति है। दरअसल, भ्रूण के विकास के शुरुआती दिनों में कुछ सेल्स मिलकर एक ट्यूब का निर्माण करते हैं, जिसे न्यूरल ट्यूब कहा जाता है और यह पूर्ण रूप से बंद होने में विफल हो जाए। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट गर्भावस्था के पहले 5 हफ्तों में ही हो जाता है। यह बहुत ही गंभीर जन्मजात रोग है। अगर बच्चे का सही समय पर इलाज़ न हुआ और तब भी जान बच गई, तो वह विभिन्न प्रकार की शारीरिक अथवा मानसिक विकलांगता का शिकार हो सकता है। प्रेग्नेंसी में इन गलतियों की वजह से बच्चा हो सकता है डिफेक्ट का शिकार। तंत्रिका नली दोष होने के कारण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं । शरीर में फोलेट विटामिन की कमी या माँ द्वारा फॉलिक ऐसिड का सेवन न करने से । मधुमेह की समस्या होना। परिवार में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का इतिहास। मिर्गी की दवाईयां व मनोरोग दवा आदि pregnancy के दौरान लेने कि वजह से । न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के लिए जोखिम कारक ( risk factors ) क्या हैं? एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार नीचे बताई गई बातों के कारण न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट होने का खतरा बढ़ सकता है, जैसे शराब का सेवन। धूम्रपान करना। शरीर में मल्टीविटामिन की कमी। शिशु को न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट होने से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं? मानसिक रूप से विकलांग। कमजोर मांसपेशियां। लकवा। मूत्राशय पर अनियंत्रण। प्रेगनेंसी में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से कैसे बचें? सबसे महत्वपूर्ण यह है कि गर्भवती होने के बाद एक से तीन महीने पहले से ही फोलिक एसिड की। गोलियां लेनी शुरू करें। गर्भावस्था के दौरान फॉलिक ऐसिड की पर्याप्त मात्रा (0.4 mg -4mg/दिन) शामिल। करने से न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का खतरा 70 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है । मोटापा व मधुमेह से बचकर और शराब व धूम्रपान का सेवन न करने से भी तंत्रिका नली दोष के खतरे को कम किया जा सकता है। अगर गर्भवती महिला मिर्गी-रोधी दवाओं या एंटी-साइकोटिक दवाओं का सेवन कर रही है, तो गर्भावस्था की योजना बनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट ऐसी समस्या है, जिसके कारणों पर शुरुआत से ध्यान न देने के परिणाम बुरे हो सकते हैं। इसलिए, सिर्फ छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर इस समस्या से बचा जा सकता है। गर्भवती महिला की थोड़ी-सी सावधानी होने वाले शिशु को स्वस्थ और खुशहाल जीवन दे सकती है।
विनायक ठाकुर। देहरा उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते पोस्ट ऑफिस देहरा के बलजीत सिंह अकॉउंटेंट देहरा डीओ को ऑल इंडिया पोस्टल इम्प्लॉयस यूनियन जी-आर-सी एचपी सर्कल सेक्रेटरी व अश्वनी कुमार को सर्किल फाइनांस सचिव बनाया गया है, जिस पर सोमवार को देहरा मुख्य डाकघर में समस्त देहरा मंडल के कर्मचारियों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। वहीं, उनकी नियुक्ति पर समस्त कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की है। यही नहीं मुख्य डाकघर देहरा में पधारने पर उनका हार पहनाकर भव्य स्वागत किया गया।वहीं, इस संदर्भ में बलजीत सिंह व अश्वनी कुमार ने कहा कि यूनियन द्वारा उनकी नियुक्त पर वह आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही वह पूरी ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे।
मनोज कुमार। कांगड़ा रोटरी क्लब कांगड़ा और इनरव्हील क्लब कांगड़ा ने सयुंक्त रूप से बाईपास रोड स्थित अच्छरा कुंड के आसपास सफाई अभियान की शुरू वात की। इनरव्हील क्लब कांगड़ा की प्रधान डॉक्टर सुमन शर्मा ने बताया इनरव्हील क्लब ओर रोटरी क्लब दोनों संस्थाएं समाज के उत्थान के लिए कार्य करती हैं, जिसके तहत आज अच्छरा कुंड के सफाई अभियान की शुरुआत की गई। रोटरी क्लब कांगड़ा के प्रधान जीवन ज्योति कोहली ने बताया कि इस सफाई अभियान को हर महीने शहर के विभिन्न स्थानों की सफाई करके निरंतर जारी रखेंगे। उन्हाेंने बताया क्लब एक मुहिम की भी शुरुआत करेगा, जिसमें लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि बेकार का कूड़ा-कचरा लोग इधर-उधर न फेंके। इस मौके पर इनरव्हील क्लब प्रधान डॉ. सुमन शर्मा, सरिता धिमान, रजनी, मनीषा कोहली, सुनील शर्मा, डॉक्टर मोनिका मकड़, स्नेह गुप्ता, रेणु, कृति कपूर, निर्मला शर्मा, शीला राणा, रोटरी क्लब कांगड़ा के सचिव विशाल शर्मा, डॉ. संगीत वर्मा, कृष्णा औल, अश्वनी गुलेरिया, राजीव धवन ने सफाई अभियान में भाग लिया।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी ज्वालामुखी विकास सभा को हिमालय परिवार द्वारा आयोजित "महिला सशक्तिकरण व आधुनिक भारत" कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी द्वारा सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में ज्वालामुखी विकास सभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे वरिष्ठ उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह, उपाध्यक्ष रोमेश कौंडल, प्रचार सचिव रमेश चौधरी, आयोजन सचिव रविंद्र भारद्वाज, महासचिव राकेश चंद्र, राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, भाजपा राष्ट्रीय सचिव डॉ अल्का गुर्जर व भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग अध्यक्ष डॉ शाहिद अख्तर, पूर्व डिप्टी स्पीकर तिब्बत सरकार आचार्य यशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। हिमालय परिवार के प्रोग्राम कन्वीनर ऋषि कुमार का ज्वालामुखी विकास सभा तहेदिल से सम्मान देने के लिए धन्यवाद करती है।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी कासा तथा ईरा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कोविड-19 DKH-3 कार्यक्रम के तहत खुंडियां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को चिकित्सा उपकरणों की पांच किटें, जिसमें ग्लूकोज मीटर, ब्लड प्रेशर मीटर, इंफ्रारेड थरमामीटर, पल्स ऑक्सिमीटर आदि उपकरण दान किए। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में बेयरफुट हैल्थ वर्कर रिफ्रेशर ट्रेनिंग का आयोजन किया गया।जिसमें डॉ अभिषेक द्वारा इन आधुनिक उपकरणों से जांच करने के गुर सिखाए । इसके अलावा खुंडियां, डोला खरियाना, देहरू, छिलगा, बड़ोग लाहड़ तथा बारी कलां सहित उपरोक्त 6 पंचायतों को आधुनिक चिकित्सा उपकरण दान किए गए। इस अवसर पर ईरा संस्था के निदेशक प्रदीप शर्मा ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि अपनी पंचायतों में इन चिकित्सा उपकरणों से अपने स्वास्थ्य की निःशुल्क जांच करवाकर लाभ उठाएं । इस मौके पर ब्लॉक समिति उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह राणा, पंचायत प्रधान ललिता चौहान, आशा देवी, अनु कुमारी, प्रधान प्रताप सिंह, छिलगा पंचायत प्रधान बिक्रम सिंह राणा, सतवीर सिंह, कासा संस्था के वीरेंद्र मोहन वशिष्ठ तथा सतीश कुमार आदि उपस्थित रहे।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल की जिला देहरा की बैठक ज्वालामुखी के नागनी माता मंदिर के प्रांगण में जिलाध्यक्ष पवन बजरंगी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष पवन बजरंगी ने पाईसा की प्रधान राज रानी को देहरा प्रखंड की मातृ शक्ति संयोजिका के पद पर नियुक्ति की घोषणा की। मूहल के सुरेश ठाकुर को देहरा प्रखंड के विशेष संपर्क प्रमुख और जालंधर लाहड़ के प्रवीण धीमान को देहरा प्रखंड के धर्म प्रसार प्रमुख का दायित्व दिया गया है। पवन बजरंगी ने बताया कि यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हैं। इस अवसर पर जिला मंत्री त्रिलोक चंद शर्मा ने राम भक्त कार्यकर्ताओं को संबाेधित करते हुए कहा कि हिंदू विरोधी तत्कालीन सरकार ने समुद्र में बने राम सेतु को तोड़ने के लिए प्रस्ताव पारित कर दिया था, लेकिन विहिप के कड़े विरोध के चलते उक्त हिंदू विरोधी सरकार को यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा था। देहरा प्रखंड के अध्यक्ष मदन लाल शर्मा ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी है। इस अवसर पर मुनीष सूद, प्रशांत शर्मा, भूपिंदर राणा, राजकुमार, सर्वजीत राणा, संजय राणा, दलीप सिंह, विशाल खट्टा, रणधीर (सोनू), प्रमोध, प्रवीण कुमार, देशराज, शिमला देवी, राज रानी, सुरेश ठाकुर व प्रवीण धीमान आदि उपस्थित थे।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी ज्वालामुखी के सिहोरपांईं पंचायत के बण चेलियां गांव का पढ़े-लिखे 24 वर्षीय नौजवान युवक अभिनेश कुमार के दोनों हिप खराब हो गए हैं। पीड़ित युवक 10+2 पास है। एक हिप रिप्लेसमेंट करवा लिया है, लेकिन दूसरा हिप रिप्लेस करवाने के उसके पिता के पास पैसे नहीं हैं। उसके पिता चन्नण सिंह ने अपने पुत्र के हिप रिप्लेस करवाने के लिए दानी सज्जनों से आर्थिक सहायता देने की अपील की है, ताकि उसके पुत्र को नारकीय जीवन से छुटकारा मिल सके। अभिनेश कुमार के पिता की बैल्डिंग की दुकान है। उन्होंने बताया कि किसी बीमारी की बजह से उसकी हड्डियों में लगभग 6 वर्ष पहले संक्रमण हो गया था, जिसके चलते उसके दोनों हिप खराब हो गए हैं। वह चलने फिरने में पूरी तरह से असमर्थ है, जिसकी वजह से वह 6 वर्ष से बिस्तर पर ही नारकीय जीवन जी रहा है। एक कदम भी एक तरफ का हिप तो उन्होंने रिस्तेदारों की सहायता से पीजीआई चंडीगढ़ में रिप्लेस करवा दिया है, लेकिन दूसरा हिप रिप्लेस करवाने के लिए उसके पास एक पाई भी नहीं हैं। पीड़ित के पिता चन्नण सिंह का कहना है कि उनके तीन बच्चे हैं, उनमें से एक लड़का व लड़की स्कूल में पढ़ रहे हैं। इतना ही पीड़ित अभिनेश की माता भी असाध्य बीमारी से पीड़ित है। उसका भी इलाज चल रहा है और उन्होंने अभिनेश का हिम केयर कार्ड भी बनवा लिया है, लेकिन इस योजना के तहत केवल लगभग दो लाख रुपए (1लाख 94 हजार) ही मिले हैं। यह राशि पीजीआई के डॉक्टरों के खाते में जमा हैं, लेकिन इसके अलावा अभी भी उसे अपने पुत्र की जिंदगी बचाने के लिए पीजीआई के डॉक्टरों ने लगभग तीन लाख रुपए का खर्चा बताया है, जिसके लिए उसे 3 लाख रुपए की सख्त जरूरत है। सिहोरपांईं पंचायत और प्रशासन ने भी अभी तक उसकी कोई आर्थिक मदद नहीं की है। उन्होंने दानी सज्जनों से आर्थिक मदद देने की अपील की है। अभिनेश कुमार का खाता नं -0717000102827139 पीएनबी बैंक ज्वालामुखी है। दानी सज्जन इस फोन 98051-52189 पर संपर्क कर सकते हैं।
मनोज। कांगड़ा -आपका विधायक आपके घर द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत हलेड़कलां का किया दौरा -मौजूदा सरकार माता का बाग पार्क को जनता को समर्पित करने में नाकाम: काजल विधायक पवन काजल ने रविवार को आपका विधायक आपके घर द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत हलेड़कलां का दौरा किया। काजल ने कहा हलेड़कलां पंचायत के हर घर में सीवरेज परियोजना की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। कांगड़ा शहर के साथ लगती इस पंचायत में लगातार बढ़ रही आबादी के चलते उनका मुख्य उद्देश्य यहां पर हर घर में उचित पेयजल और सीवरेज की सुविधा मुहैया करवाना है। आईपीएच विभाग द्वारा सीवरेज परियोजना की 30 करोड रुपए की डीपीआर बनाई गई है। जिसमें 6 ग्राम पंचायत जोगीपुर, वीरता, मटौर, घुरकड़ी साथ लगते क्षेत्र शामिल है। काजल ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने गांव में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा को माता का बाग पार्क का निर्माण करोड़ों रुपए की लागत से करवाया है। लेकिन मौजूदा सरकार माता का बाग पार्क को जनता को समर्पित करने में नाकाम रही है। हलेड़कलां पंचायत से ज़मानाबाद, गग्गल तक सड़क को 3 करोड़ रुपए की लागत से चकाचक कर दिया गया है। उन्होंने हलेड़कलां पंचायत के वार्ड एक सेवकरा में स्थानीय लोगों द्वारा आयोजित भंडारे में भी भाग लिया और रास्ते का निर्माण करवाने के लिए उचित धन मुहैया करवाने का स्वागत किया। पंचायत प्रधान अरुण कुमार ने गांव की सिंचाई कुहल की मरम्मत करवाने का आग्रह भी किया। वार्ड पंच कपिल देव शर्मा, विजय परवान, सुरिन्दर शर्मा, संदीप कुमार, संजीव गुप्ता, अश्वनी कुमार, मदन लाल, अनिल शारदा, शेलेन्द्र गुप्ता, रोहित महाजन, वीर सिंह, अशवनी मास्टर भी उपस्थित रहे। इसके बाद विधायक काजल ने ग्राम पंचायत ढूगियारी में एक भंडारे में हिस्सा लिया। उन्होंने मंदिर में लंगर के लिए शेड निर्माण करवाने का भरोसा ग्रामीणों को दिया।
राजेश कतनोरिया। फतेहपुर फतेहपुर विधानसभा हल्के के विधायक भवानी सिंह पठानिया ने रविवार को फतेहपुर में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र में उन्होंने सरकार के समक्ष हल्के की मांगों को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय 14 लाख बेरोजगार सड़कों पर है लेकिन सरकार बेरोज़गारी को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि हलके में 42 महिला मंडल के बिकास कार्य चल रहे है। उन्होंने कहा कि नेरना पंचायत में खेल मैदान पर 15 लाख रूपए भी विधायक निधि से मजुर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फतेहपुर हल्के में 35 से 40 करोड़ रुपए की राशि विकास कार्य पर खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
विनायक ठाकुर। जसवां:परागपुर भारतीय मजदूर संघ से सम्बंधित ब्लाक डाडासीबा आशा कार्यकर्ता संघ का गठन लोक निर्माण विभाग प्रागपुर में जिला कांगड़ा की अध्यक्ष सरला राणा की अध्यक्षता में किया गया जिसमें भारतीय मजदूर संघ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष राजेन्द्र भगालिया और आशा कार्यकर्ता संघ हिमाचल प्रदेश महामंत्री शशि लता विशेष रूप से उपस्थित रहे। ब्लाक डाडासीबा आशा कार्यकर्ता संघ कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया जिसमें अंजू बाला को अध्यक्ष मनोनीत किया गया। दुर्गेश ठाकुर को महासचिव , कोषाध्यक्ष सरिता देवी, उपाध्यक्ष रीना रॉय, रंजना, सीमा देवी, प्रेस सचिव इंदू, अंजना कुमारी, सचिव मनोज कुमारी, सरिता देवी, अध्यक्ष अंजू बाला कार्यकारिणी सर्व सहमति से आगे चयनित करेंगे। अध्यक्ष अंजू बाला ने सभी भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों का कार्यकारिणी के गठन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद किया। जिला कांगड़ा की अध्यक्ष सरला राणा ने बनी कार्यकारिणी को बहुत बहुत बधाई दी। भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र भगालिया और प्रदेश महामंत्री शशि लता ने गठित कार्यकारिणी को धन्यवाद करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार का भी बहुत बहुत धन्यवाद किया। बैठक में ब्लाक ज्वालामुखी की उपाध्यक्ष मधु शर्मा भी उपस्थित रही। इस बैठक में लगभग 80 आशा कार्यकर्त्ता उपस्थित रही।
मनोज कुमार। कांगड़ा बहुजन समाज पार्टी हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में बसपा के संस्थापक कांशी राम साहब के 88वें जन्मदिवस पर प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन सर्वहित सुधार सभा भवन, नजदीकी डी आई सी ऑफिस, हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में 15 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बाहड़ी ने बताया कि प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में राजाराम पूर्व राज्यसभा सांसद व प्रभारी हिमाचल प्रदेश मुख्यातिथि होंगे इस कार्यक्रम की अध्यक्षता नारायण आजाद प्रदेश अध्यक्ष बसपा हिमाचल प्रदेश करेंगे। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कांशी राम साहब के जन्मदिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाएंगे।
विनायक ठाकुर। देहरा उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने आज रविवार को जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के डाडासीबा में 60 लाख की लागत से बने वन विभाग के विश्राम गृह व 15 लाख की लागत से बने समुदायिक भवन का उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि जसवां परागपुर विधानसभा में आज विकास के उन कार्यों को धरातल पर उतारा जा रही है, जिनकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र की हर मांग को प्राथमिकता से पूरा किया है, जिसके कारण केवल चार वर्षों में जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में ऐसे विकासात्मक कार्यें को किया गया, जिनके प्रतीक्षा क्षेत्र की जनता 70 वर्षों से कर रही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने बिना किसी भेदभाव के पूरे जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के संतुलित विकास को हमेशा अपना ध्येय बनाया, जिसके तहत आज पूरे जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में संसारपुर टेरेस से डाडासीबा, परागपुर, रक्कड़, शांतला और अलोह तक सड़कों का निर्माण किया गया। उन्होंने कहा कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में आज कोई स्थान ऐसा नहीं है, जहां इन चार वर्षों में उन्होंने सड़कों का निर्माण और सुधारिकरण नहीं किया। इसके अतिरिक्त जनसेवा और क्षेत्र के उत्थान के लिए जसवां परागपुर के हर क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों और भवनों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज जिस वन विभाग के विश्राम गृह का उद्घाटन किया गया, उसकी स्थिति भी पहले बहुत दयनीय थी, जिसे उन्होंने बहुत कम समय में पूर्ण रूप से पुनः बनाकर तैयार करवाया। उन्होंने बताया कि 60 लाख की लागत से बना यह सुंदर विश्राम गृह क्षेत्र की शोभा को भी बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि आज क्षेत्र में यदि केवल वन विभाग के कार्यों की ही बात की जाए, तो करोड़ों की लागत से पूरे जसवां परागपुर में विकासात्मक कार्य विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। जिनमें 60 लाख से बने इस विश्राम गृह के अतिरिक्त, 41 लाख की लागत से विश्राम गृह सदवां, 55 लाख की लागत से निरीक्षण कुटीर सरड़ डोगरी, 43 लाख की लागत से निरीक्षण कुटीर गुरालधार, 30 लाख की लागत से बणि तालाब का जीर्णोद्धार, 40 लाख की लागत से नेचर पार्क सदवां, 10 लाख अमरोह में वाटिका, 12 लाख की लागत से गार्ड कुटीर डडोआ एवं 12 लाख की लागत से गार्ड कुटीर चलान के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल ने वन संरक्षण व संवर्धन के लिए अनेक प्रयास किए हैं। जन अभियानों के माध्यम से जोड़ते हुए बेटियों व पौधरोपण को जोड़ना, वन और विद्यार्थियों को जोड़ विद्यार्थियों को वनों के महत्त्व का पाठ पढ़ाना हो या सामुदायिक स्तर पर वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए योजना को आरंभ करना। इन सभी राजकीय प्रयासों का मूल उद्देश्य वन सम्पदा को बढ़ाकर प्रदेश को हरा-भरा बनाना है। प्रदेश में कैम्पिंग साइट्स, ट्रैकिंग रूट, वन विश्राम गृह आदि को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम के बाद उद्योग मंत्री ने जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकतम का मौके पर निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर मंडलाध्यक्ष विनोद शर्मा, डीएफओ देहरा सन्नी वर्मा, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग संदीप चैधरी, आरएम देहरा कुशल गौतम, अनिता सपहिया, हरबंस कालिया, शेर सिंह डोगरा, विरेंद्र ठाकुर, रूपिंदर डैनी, सुरेश ठाकुर, कुलविंदर पठानिया, राकेश पठानिया व कमलेश बढालिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
राजेश कतनौरिय। जवाली ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भलू में युवक मंडल भलू द्वार वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ गांव वट भलू खराड दंगल कमेटी द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय टीमों के अलावा पठानकोट, हमीरपुर व ऊना की बालीवाल की 12 टीमों ने भाग लिया। इस अवसर पर दंगल कमेटी के सदस्य वह गांव बलून पंचायत प्रधान प्रभात सिंह, पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत मतलाहड के रघुवीर सिंह, दंगल कमेटी के सदस्य रिटायर्ड प्रिंसिपल मास्टर शंभू नाथ धीमान, चैन सिंह पटियाल, प्रीतम सिंह मोहल, बाबा छोटुराम, मास्टर बलवीर सिंह, बलकार सिंह धीमान, कैप्टन देवराज, सूबेदार हंसराज, सूबेदार लेखराज शर्मा, पूर्व उप प्रधान मतलाहड पंचायत रजिंद्र सिंह, सुरजीत सिंह पटियाल व पवन मोहल आदि गणमान्य उपस्थित रहे। दंगल कमेटी ने इस अवसर पर युवाओं को प्रोत्साहन करने के लिए अपनी कमेटी से 5100 रुपए युवक मंडल क्लब को प्रोत्साहन के रूप में दिया।
राजेश कतनौरिय। जवाली जिला नारकोटिक्स सैल कांगड़ा ने जवाली के समलाना में एक व्यक्ति से 6.09 ग्राम चिट्टा तथा एक लाख 60 हजार 540 रुपए की नकदी बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। जिला नारकोटिक्स की टीम ने शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर वीरेंद्र कुमार पुत्र कमल किशोर निवासी समलाना (जवाली) के घर में औचक दबिश दी तथा घर की तलाशी के दौरान 6.09 ग्राम चिट्टा तथा 1,60,540 रुपए कैश बरामद किया है। डीएसपी नूरपुर सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि वीरेंद्र कुमार के खिलाफ पुलिस थाना जवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज किया है तथा चिट्टा व कैश को कब्जे में ले लिया है।
मनीष ठाकुर। इंदौरा थाना डमटाल के अंतर्गत पड़ते चक्की खड्ड के साथ लगते रेलवे पुल के पास अज्ञात शव बरामद किया गया। मामले की जानकारी देते हुए थाना डमटाल के प्रभारी हरिश गुलेरिया ने बताया कि फोन के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई की रेलवे पुल के पास शव मिला है। जानकारी मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुचा व मामले की छानबीन में लग गया, किंतु शव के पास कोई भी आईडी न होने के कारण शव की पहचान नहीं हो पाई। व्यक्ति की उम्र लगभग 55-60 के बीच बताई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल नुरपुर भेज दिया गया है व आगामी कार्येवाही जारी है।
विनायक ठाकुर। ज्वालामुखी केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल सपड़ी के अधिकारियों व प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों प्रशिक्षुओं ने रक्तदान किया। सपड़ी के प्रशासनिक अधिकारी डीआईजी बिक्रम सिंह की प्रेरणा से दूसरे रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। कैंपस में 26 फरवरी को लगाए गए पहले शिविर में टांडा अस्पताल के डॉक्टरों की टीम की देखरेख में 80 यूनिट रक्त इकट्ठा किया गया था। आज दूसरे रक्तदान शिविर में 70 यूनिट रक्त इकट्ठा हुआ है। केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल सपड़ी के डीआईजी बिक्रम सिंह ने बताया कि देश सेवा के साथ-साथ सामाजिक योगदान के लिए जनसेवा भी जरूरी है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रक्तदान करने वाले जवानों को प्रशंसित पत्र देकर प्रोत्साहित किया।
नरेंद्र डाेगरा। जयसिंहपुर कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज रोड सैफ्टी क्लब द्वारा एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस रैली का आयोजन महाविद्यालय के रोड सैफ्टी क्लब तथा रोवर्स एंड रेंजर्स इकाई के अंतर्गत किया गया। रोड सेफ्टी क्लब के समन्वयक प्रो. संजीव व सदस्यगण प्रो. नवीता, प्रो. सुमीक्षल, डॉ. खुशी के दिशा-निर्देशन में इस रैली की शुरुआत महाविद्यालय के प्रांगण से हुए और विद्यार्थी सड़क सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नियमों के प्रति जागरूकता हेतु नारे लगाए। यह रैली महाविद्यालय से वाया सब्जी मंडी, नागरिक अस्पताल, जयसिंहपुर बाजार, जयसिंहपुर बस अड्डे तक पहुंची, वहां पर विद्यार्थियों ने जोश सहित जन मानस को नारों द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया। पुलिस पोस्ट जयसिंहपुर के पास एसआई ट्रैफिक देश राज ने रैली का अपने संबाेधन द्वारा स्वागत किया और विद्यार्थियों के इस काम की सराहना की। उसके बाद रैली, उसी रूट से महाविद्यालय की और वापस आई। आते समय भी रैली में शामिल विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा से संबंधित नारे लगाए। इसी अभियान के अंतर्गत रोड सैफ्टी क्लब द्वारा पोस्टर मैकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था। इस रैली में रोवर्स रंजेर के विद्यार्थी, एनएसएस के स्वयंसेवी, विज्ञान संकाय, वाणिज्य संकाय व कला संकाय के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को जल पान कराया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्रचार्या डॉ. प्रज्ञा मिश्रा संरक्षण में आयोजित किया गया।
विनायक ठाकुर। जसवां परागपुर उपमंडल देहरा के अंतर्गत मचकुंड महादेव बस्सी में चल रहे क्रिकेट टूर्नामेंट में बतौर मुख्यातिथि समाजसेवी मुकेश ठाकुर से शिरकत की। आपको बता दें क्रिकेट टूर्नामेंट में जबरदस्त मैच देखने को मिल रहे हैं, जिसमें शनिवार को मुकाबला सयुल खड्ड बनाम चिंतपूर्णी रहा। वहीं, इस टक्कर के मुकाबले में सयुल खड्ड ने चिंतपूर्णी क्रिकेट टीम को छह रन से हराया। टूर्नामेंट में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे समाजसेवी मुकेश ठाकुर ने क्लब को 11000 रुपए की धनराशि व एक क्रिकेट किट प्रदान की। वहीं, युवाओं में खेल के प्रोत्साहित करने के लिए टूर्नामेंट आयोजकों को धन्यवाद भी किया। समाजसेवी मुकेश ठाकुर ने कहा खेल जिंदगी में बहुत अहम भूमिका अदा करती है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए एवं फिट रहने के लिए ज्यादा से ज्यादा से खेल खेलने का आह्वान किया। क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजकों ने बताया कि इस प्रीमियर लीग का आयोजन बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ किया गया है।टूर्नामेंट के दौरान कोविड-19 के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। साथ ही बताया कि जीतने वाले को 7100 एवं रनरअप को 4100 रुपए धनराशि प्रदान की जाएगी। इसी मौके पर मचकुंड महादेव क्लब ने समाजसेवी मुकेश ठाकुर की टीम को अपनी ओर से मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शाहपुर ड्रोन आधुनिक युग की तकनीक है, जिसे किसी भी व्यक्ति द्वारा संचालित कर इसे रोज़मर्रा के कार्यों में उपयोग किया जा सकता है। यह बात आज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला कांगड़ा के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) शाहपुर में राज्य के पहले ड्रोन पायलट स्कूल का उद्घाटन करते हुए कही। जयराम ठाकुर ने कहा कि ड्रोन एक नवाचार तकनीक है, जिसे फसलों पर निगरानी रखने के अतिरिक्त कीटनाशक के छिड़काव आदि के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य सरकारों को ड्रोन तकनीक को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ड्रोन तकनीक का उपयोग भूमि की हदबंदी तथा जनसंख्या वाले क्षेत्रों में दस्तावेज तैयार करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन के उपयोग का सबसे बड़ा लाभ है कि यह न केवल किफायती है, बल्कि यह समय की बचत भी करता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ड्रोन तकनीक युवाओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगा और युवाओं को इस तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने मुख्यमंत्री का उनके विधानसभा क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि यह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान राज्य के सबसे पुराने संस्थानों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह ड्रोन पायलट स्कूल क्षेत्र के युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करने में मील पत्थर साबित होगा। उन्होंने क्षेत्र की विकासात्मक मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहने के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर, पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, जिला भाजपा अध्यक्ष चन्द्र भूषण नाग, जिला परिषद अध्यक्ष रमेश बराड़, निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चन्देल, उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल व पुलिस अधीक्षक डॉ. खुशाल चंद शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला हिमाचल सरकार गरीब और मध्यम वर्ग को किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। शहरों के साथ-साथ दूरदराज व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अत्याधुनिक, लेकिन किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरवीण चौधरी शनिवार को सिविल अस्पताल, शाहपुर में आयोजित चार दिवसीय बहु विशेषज्ञ शल्य चिकित्सा शिविर के समापन अवसर पर बोल रही थीं। 9 से 12 मार्च तक चलने वाले इस चिकित्सा शिविर का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और नई दिल्ली के आकाश अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। सरवीण चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त चिकित्सक एवं सहायक स्टाफ उपलब्ध करवाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। इस चिकित्सा शिविर में कुल 503 रोगियों की जांच की गई तथा 226 रोगियों की सर्जरी की गई, जिनमें 60 रोगियों की सामान्य सर्जरी, 106 गाइनी सर्जनरी, 92 रोगियों के आंखों के आप्रेशन और 195 रोगियों के अल्ट्रासाउंड किए गए।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले नेता राकेश चौधरी ने शिमला में आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्हें पार्टी की सदस्यता दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दी। पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के पश्चात राकेश चौधरी ने कहा कि वे पूरे तन-मन-धन से निःस्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा करेंगे। गौरतलब है कि 2019 धर्मशाला में हुए उपचुनावों में राकेश चौधरी ने आजाद उम्मीदवार के पर चुनाव लड़ा था तथा दूसरे स्थान पर रहे थे। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता, प्रदेशाध्यक्ष अनूप केसरी, ओबीसी प्रदेशाध्यक्ष दुर्गेश, अल्पसंख्यक प्रदेशाध्यक्ष सतपाल संधू, प्रदेश प्रवक्ता सुनील कुमार गोल्डी, राजीव अंबिया, ओबीसी संगठन मंत्री शैंकी ठुकराल व किसान विंग उपाध्यक्ष मुल्खराज चौधरी इत्यादि पदाधिकारी मौजूद रहे।
अध्यक्ष ने लाखों के उद्धघाटन और शिलान्यास किए प्रतिमा राणा। पालमपुर विधानसभा विपिन सिंह परमार ने सुलह निर्वाचन क्षेत्र के अरला, फरेड और बौण 69 लाख की विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन किए। विधानसभा अध्यक्ष ने ग्राम पंचायत अरला में 5 लाख से बनने वाले सीएससी केंद्र भवन का भूमि पूजन किया। ग्राम पंचायत फरेड के कटियाड़ में 50 लाख से निर्मित ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक, पुरानी पाइप लाइन बदलने और ग्राम पंचायत रोड़ा के बौण में 14 लाख से निर्मित धीमान और चौधरी बस्ती संपर्क सड़क का लोकार्पण किया। ननाओं, अरला, फरेड और बौण में लोगों को संबोधित करते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि लोगों के हित को ध्यान रख कर बजट पेश कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हर वर्ग को राहत दी है। उन्होंने कहा कि सामजिक सुरक्षा पेंशन की आयु सीमा को 70 से कम कर 60 वर्ष किया गया है और इससे आय की कोई सीमा नहीं होगी। इससे प्रदेश के साढ़े 7 लाख लोग को सामजिक सुरक्षा पेंशन लाभ होगा। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए हिमकेयर कार्ड अब पूरा वर्ष बनेगा और इसकी वैलिडिटी अब 3 वर्ष किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी निकाय और पंचायती राज संस्थाओं से चुने प्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ठाकुरद्वारा रामनगर कॉलोनी सड़क मार्ग पर 6 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं और इसका कार्य जारी है। उन्होंने कहा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोह अतिरिक्त भवन पर 1 करोड़ 20 लाख रुपए किए जा रहे हैं और सलोह से रैपुर सड़क पर दो करोड़ पर व्यय किया गया है। उन्होंने कहा कि राजकीय उच्च विद्यालय अरला की चारदीवारी निर्माण के लिए 10 लाख रुपए जारी किए गए हैं। परमार ने कहा कि फरेड पंचायत में भी करोड़ों रुपए विभिन्न विकास योजनाओं को उपलब्ध करवाए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पेयजल योजना सुलाह ठम्बा ननाओं के निर्माण पर 5 करोड़ 67 लाख रुपए व्यय किए गए हैं और अरला की 8 किलोमीटर पाइप लाइन को बदला गया है। परमार ने अरला पंचायत घर के शेष कार्य के लिये 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने फरेड की मांगों को चरणबद्ध पूरा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष देश राज शर्मा, ज़िला अध्यक्ष हरिदत्त शर्मा, महामंत्री सुखदेव मसंद और विपिन जम्वाल, तनु भारती, बीडीसी अध्यक्ष अनिता चौधरी और कुसुम लत्ता चौधरी, ज़िला परिषद सदस्य रजनी देवी, प्रधान अरला सुनीता देवी, उपप्रधान विजय पांजला, प्रधान फरेड सोनू राधा, उपप्रधान मनोज शर्मा मोनू, बीडीसी रक्षा देवी, पवन कपूर, रागिनी रुकवाल, मोनिका राणा, सुधा राणा बीडीसी सदस्य पूजा खुराना, ग्राम पंचायत रोड़ा की प्रधान जगतम्बा देवी, उपप्रधान कुमेर चन्द राणा, ओपी धीमान सहित बीडीओ संकल्प गौतम और सिकंदर कुमार, अधिशासी अभियंता जनशक्ति अनिल पुरी और अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण अनिल पूरी तथा गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में मॉडल करियर सेंटर खोलने की घोषणा कुथारना और तत्वानी में पशु औषधालय खोलने की घोषणा फर्स्ट वर्डिक्ट। शाहपुर प्रदेश सरकार राज्य के निजी ट्रांसपोर्टरों की कठिनाइयों से अवगत है और सरकार ने इसके दृष्टिगत उन्हें अनेक रियायतें प्रदान की हैं। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज कांगड़ा जिला के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के दरगोला में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती परिवहन संचालन को बढ़ावा देने के लिए स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार परिवहन योजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के तहत, बेरोजगार युवाओं को 18 सीटर तक की क्षमता वाली बसों के लिए रियायती कर दरों पर परमिट दिया जाएगा। इसके तहत 107 रूटों की पहचान कर उन्हें विज्ञापित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए शीघ्र ही ऐसे अन्य रूटों को विज्ञापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 महामारी के दौरान ट्रांसपोर्टरों को हुई कठिनाइयों से अवगत है तथा इस महामारी के दौरान यह क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस महामारी के दौरान सभी कमर्शियल वाहनों के 100 प्रतिशत कर में राहत प्रदान की और कार्यशील पूंजी पर ब्याज सबवेंशन योजना के तहत स्टेज कैरिज ऑपरेटरों को अपनी बसों को सुचारू रूप से चलाने के लिए 11 करोड़ की ऋण राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि राज्य ने 20 महीने के लिए कर राहत प्रदान की, जो संभवतः देश में अधिकतम है तथा इस दौरान ट्रांसपोर्टरों को लगभग 120 करोड़ के लाभ प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं ने महामारी के इस कठिन दौर में कोविड-19 के प्रसार को रोकने में राज्य सरकार की सहायता करने और साथ ही अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने 60 यूनिट तक की बिजली खपत के लिए जीरो बिलिंग का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के लगभग 4.50 लाख बिजली उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि 61 से 125 यूनिट के बीच बिजली खपत करने वाले 7 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ प्रदान करने के लिए भी एक रुपए प्रति यूनिट की रियायती दर पर सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बिजली की दर 30 पैसे प्रति यूनिट होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस बजट में सभी के लिए बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु सीमा को घटाकर 60 वर्ष करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी पेंशनभोगियों को, जिन्हें अभी 850 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिल रही थी, अब उन्हें 1,000 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे, जबकि ऐसे पेंशनभोगियों को जिन्हें 1,000 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिल रही है, उन्हें अब 1500 रुपए मिलेंगे। ऐसे सभी पेंशनभोगी जिन्हें वर्तमान में 1,500 रुपए प्रतिमाह की पेंशन मिल रही थी, उन्हें अब 1,700 रुपए प्रतिमाह मिलेेंगे। उन्होंने कहा कि 60 से 65 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं भी बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन की हकदार होंगी। उन्होंने कहा कि अब 7.50 लाख लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिस पर 1,300 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान देश के विभिन्न भागों में फंसे लाखों युवाओं की घर वापसी में भी ट्रांसपोर्टरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल और मजबूत नेतृत्व के कारण ही देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मजबूत नेतृत्व के कारण ही हाल ही में घोषित पांच राज्यों के चुनाव परिणामों में भाजपा ने चार में जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में मॉडल करियर सेंटर खोलने की घोषणा की। उन्होंने कुथारना और तत्वानी में पशु औषधालय खोलने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंग के भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शाहपुर में इंडोर स्टेडियम निर्माण का मामला शीघ्र ही भारत सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य के निजी बस ऑपरेटरों को कोरोना महामारी के दौरान राहत प्रदान करने के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए हैं। उन्होंने राज्य में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के मानदेय में भारी वृद्धि करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 9,000 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 6,000 रुपए, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 4600 रुपए, आशा कार्यकर्ताओं को 4700 रुपए, सिलाई शिक्षकों को 7,850 रुपए, मिड-डे मील वर्करों को 3400 रुपए, शिक्षा विभाग के जलवाहकों को 3,800 रुपए, जल शक्ति विभाग के वाटर गार्ड्स को 4400 रुपए, बहुउद्देश्यीय कर्मचारियों को 3,800 रुपए, पैरा फिटर और पंप ऑपरेटरों को 5,400 रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा। उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन आवागमन का मुख्य साधन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का ध्यान सदैव समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण पर केंद्रित रहता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस महीने की चार तारीख को पेश किए गए अगले वित्तीय वर्ष के बजट में समाज के हर वर्ग के कल्याण और राज्य के हर क्षेत्र के विकास पर अधिक बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य का पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन उद्यमियों को यहां निवेश करने के लिए आकर्षित कर रहा है। बस संचालक संघ के अध्यक्ष राजेश पराशर ने ट्रांसपोर्टरों को वैश्विक महामारी कोरोना के कठिन दौर में आवश्यक राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्रीन टैक्स पर सेस हटाने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे ऑपरेटरों के विभिन्न मामलों के निपटारे के लिए सिंगल विंडो आरम्भ करने का भी आग्रह किया। बस ऑपरेटर्स कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रसन्ना पटवर्धन ने देश के अन्य राज्यों में एक वर्ष की तुलना में हिमाचल में 20 महीनों के लिए ट्रांसपोर्टरों का टैक्स माफ कर महामारी के दौरान अधिकतम छूट प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के महत्व को भी रेखांकित किया। ऑल इंडिया प्राइवेट बस ऑपरेटर्स यूनियन के कुलतार सिंह ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए।इस अवसर पर जिला कांगड़ा निजी बस संचालक संघ के रवि दत्त शर्मा ने मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने महामारी के दौरान बस ऑपरेटरों को आवश्यक राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, जिला भाजपा अध्यक्ष चंद्रभूषण नाग, जिला परिषद के अध्यक्ष रमेश बराड़, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, उपायक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल व पुलिस अधीक्षक डॉ. खुशाल चंद शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला जिला मैजिस्ट्रेट कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 28 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीसीएचसी परौर में पड़े उपकरणों को सिविल अस्पताल पालमपुर में स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं और इसे 31 मार्च, 2022 से पहले चालू करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने चिकित्सा अधीक्षक सिविल अस्पताल पालमपुर और चिकित्सा अधीक्षक मेकशिफ्ट अस्पताल परौर को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उपकरण कम से कम टूट-फूट के साथ स्थानांतरित किए जाएं और बेहतर ढंग से काम करें। अतिरिक्त सामान जो सिविल अस्पताल पालमपुर में आवश्यक नहीं है। जैसे पूर्वनिर्मित दीवार फिटिंग आदि इन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कुष्ठ अस्पताल कंडबाड़ी में स्टॉक किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा यह सुनिश्चित करेंगे कि कुष्ठ रोग अस्पताल कंडबाड़ी में संरचनाओं का निर्माण जल्द से जल्द सरकार के निर्देश के अनुसार शुरू किया गया है। डीसीएचसी परौर से सीएच पालमपुर में अतिरिक्त आंतरिक सुविधा में उपकरणों को स्थानांतरित करने के उद्देश्य से समिति को अधिसूचित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास, परौर के अनुरोध पर हिमाचल प्रदेश, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा राधा स्वामी सत्संग कॉम्प्लेक्स, परौर में अस्थायी समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र को 07 मार्च,2022 से बंद करने का निर्णय लिया गया है और मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा को डीसीएचसी परौर में भर्ती हुए चार मरीजों को कुष्ठ अस्पताल कंडवाड़ी में शिफ्ट करने और आरएसएसबी, परौर कॉम्प्लेक्स को बिना किसी देरी के खाली करने के लिए अधिसूचना में निर्देशित किया गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आज अभिभावकों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानाचार्या लखविंदर कौर अरोड़ा ने पीपीटी के माध्यम से अभिभावकों को विद्यालय में हो रही गतिविधियों तथा आने वाले दिनों में होने वाली गतिविधियों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विद्यालय की जिम्मेदारी है और उनका दिशा निर्देश करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की कि कक्षा प्री नर्सरी तथा नर्सरी के लिए इस वर्ष कोई भी वार्षिक शुल्क नहीं होगा। वहीं, दूसरी तरफ विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई रंगोली, बुलेटिन बोर्ड तथा कला और शिल्प के सामान की प्रदर्शनी भी लगाई गई। विद्यालयों की प्रबंधन कमेटी द्वारा अभिभावकों के लिए जल-पान तथा अध्यापकों के लिए प्रीतिभोज की व्यवस्था की गई।
मनीष ठाकुर। इंदाैरा ग्राम पंचायत ब्लॉक में तीन दिवसीय भागवत कथा वह हवन का पाठ करवाया जा रहा है, जिसकी जानकारी ग्राम पंचायत पलाख की प्रधान सुषमा देवी के पति स्वदेश सिंह ने दी व उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत पलाख में मठ मंदिर में तीन दिवसीय हवन करवाया जा रहा है, जिसकी पूर्णाहुति रविवार को होगी वैदिक प्रवक्ता आचार्य ने शास्त्रों से अपने मुख से ईश्वर की भक्ति व व्यवहारिक ज्ञान की गंगा बहा रहे हैं। इसके साथ और भी संत व विद्वान भी पधारे हैं। उन्होंने बताया कि आने-जाने वाले लोगों के लिए चाय पानी और लंगर का भी आयोजन किया है। यह संयोजन में मनमोहन कुमार, सुभाष, सोनू कुलदीप व समस्त ग्राम पंचायत पलाख के निवासियों के सहयोग से हो रहा है। यह जानकारी मठाधीश स्वामी संतोष ने दी।
राजेश कतनौरिय। जवाली विकास खंड फतेहपुर के तहत ग्राम पंचायत लाड़थ के गांव भंगोली के वार्ड-4 एवं 7 में रास्ते की हालत बहुत ज्यादा दयनीय है।लोगों के घरों का पानी सड़क पर जमा हो जाने से गंदगी फैली हुई है। आने जाने वाले लोगों को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में अशोक कुमार, संदीप कुमार, सुनीता, अंकुश धीमान, रविंद्र कुमार, जीवन लाल, राजकुमारी, सुरेंद्र कुमार व प्रदीप कुमार विपिन आदि का कहना है कि सड़क पर खड़ा गंदा पानी जमा होने से बदबू में निकलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पंचायत प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने पर भी आज दिन तक इस चीज का हल नहीं हुआ है। लोगों का कहना है की सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान के लिए कई तरह के जागरूकता कैंप लगाए जाते हैं। बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन इसकी सच्चाई हमारे रास्ते को देखकर लगती है की असलियत क्या है, लोग बदबूदार रास्ते पर चलने के लिए मजबूर हो चुके हैं। नर्क से भी बदतर जिंदगी हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब गर्मी के दिनों की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले समय में जहां पर मक्खी मच्छर आदि के बीच रहना, तो दूर चलना भी मुश्किल स हो चुका है और यही गंदा पानी कई बीमारियों को न्योता दे रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि हमारी इस समस्या का जो कि काफी लंबे समय से चलती आ रही है हल किया जाए। क्योंकि आज दिन तक हमें पंचायत की तरफ से झूठे वादों से टाल दिया जाता है। इस पर वार्ड पंच अनिता कुमारी का कहना है की हमने नालियों का प्रस्ताव डाल दिया है और जल्द ही इसका हल करवाने का प्रयास किया जा रहा है। जब इस मामले पर पंचायत प्रधान सुरेंद्र कुमार का कहना है कि हमने अपनी तरफ से दो बार नोटिस भी निकाला है की जिन घरों से पानी आता है, वह उसका फिलहाल के लिए कोई हल करें, लेकिन वह सुनवाई नहीं करते जिसके लिए एक बार फिर उन्हें पंचायत की तरफ से चेतावनी नोटिस दिया जाएगा और इस समस्या के लिए अब हमने सेप्टिक टैंक का प्रावधान रखा है और बहुत जल्द उस पर कार्य किया जाएगा। पंचायत प्रधान संजना ने कहा कि सारी पंचायत को छोड़कर एक सिर्फ इसी गली में लोगों को दिक्कत आ रही है, जिस पर पूरी सख्ती से संज्ञान लिया जाएगा और लोगों को आ रही इस समस्या से निजात दिलाई जाएगी।
मनीष ठाकुर। इंदाैरा पुलिस थाना डमटाल के अंतर्गत पड़ते रेलवे कॉलोनी का जोड़ी में देर रात्रि करीब 12:30 बजे रेलवे कर्मचारी बंटी कुमार की गाड़ी जलकर राख हो गई। आग की लपटों की आवाज को सुनकर जब बंटी व उसका परिवार आपको देखने अपने सरकारी क्वार्टर के बाहर निकला, तो उसकी गाड़ी में आग की लपटों करो धारण कर लिया था। आग की लपटें इतनी भयानक रूप में थे कि गाड़ी को चेक देर में जलकर राख में तबदील हो गई। इस बाबत बंटी कुमार ने पुलिस थाना डमटाल को गाड़ी में आग लगने की सूचना दी सूचना मिलते ही रात को पहुंचे दमदार पुलिस की टीम सब इंस्पेक्टर राज सिंह व की टीम ने मौके का जायजा लिया तथा शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। अभी गाड़ी में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन जारी कर दी है।


















































